Bareilly : नसीब से मिला है रमजान का महीना, गुनाहों से तौबा करके इंसानियत की राह चलें
रमजान के पहले जुमे को फुल रहीं मस्जिदें, पांचों वक्त की नमाज में आम दिनों की अपेक्षा बढ़े नमाजी
बरेली, अमृत विचार। दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि अगर किसी शख्स को कोई गंभीर बीमारी है और रोजा रखने से बीमारी बढ़ने-सेहत को नुकसान का अंदेशा है-तो ऐसी सूरत में रोजा छोड़ सकते हैं। सेहत ठीक होने के बाद रोजों की कजा करना जरूरी है। रोजा हर मुसलमान पर फर्ज है। यह मुकद्दस महीना नसीब से मिला है। कसरत के साथ इबादत करें। गुनाहों से तौबा करें। दरगाह आला हजरत स्थित रजा मस्जिद में नमाज के दौरान अपनी तकरीर में सज्जादानशीन ने ये पैगाम दिया। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी के मुताबिक, दरगाह प्रमुख और खानदान के बुजुर्गों ने रजा मस्जिद में नमाज अदा की।
शुक्रवार को रमजान का पहला जुमा था। मस्जिदें नमाजियों से फुल रहीं। आम दिनों की अपेक्षा पांचों वक्त की नमाज में नमाजियों की संख्या बढ़ी है। बच्चे, बुजुर्ग और नौजवान-सब मस्जिदों का रुख कर रहे हैं। किला की शाही जामा मस्जिद में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने नमाज अदा कराई। तकरीर में रमजान की फजीलत बयान की। मुल्क और मिल्लत की खुशहाली की दुआ की। शहर की दूसरी मस्जिदों में भी इमामों ने रोजे और जकात पर रोशनी डाली।
रजा मस्जिद के इमाम मुफ्ती जईम रजा ने नमाज अदा कराई। दरगाह शाहदाना वली, दरगाह ताजुशशरिया, खानकाह-ए-नियाजिया, दरगाह शाह शराफ़त अली मियां, दरगाह वली मियां, दरगाह बशीर मियां, सिविल लाइंस की नौमहला मस्जिद, कचहरी वाली मस्जिद, आजम नगर की हरी मस्जिद, पुराना शहर की मिर्जाइ मस्जिद, नूरानी मस्जिद, छः मीनारा मस्जिद, हबीबिया मस्जिद, हकीम गौसिया मस्जिद, बिहारीपुर की बीबी जी मस्जिद, आला हजरत मस्जिद, चौकी चौराहा वाली मस्जिद, कैंट की हाथी खाना मस्जिद, रेलवे स्टेशन की नूरी मस्जिद, सुभाष नगर की साबरी मस्जिद, जखीरा की इमली वाली मस्जिद, मलूकपुर की मुफ्ती आजम मस्जिद समेत तमाम दूसरी मस्जिदों में नमाज अदा की गई।
इफ्तार के बाद सैलानी गुलजार
इफ्तार के वक्त सैलानी का बाजार गुलजार हो जा रहा है। शुक्रवार की शाम का नजारा देखने लायक था। सड़क किनारे खानपान की दुकानें सज रही हैं। गलियां भीड़ से खचाखच भरी रहीं। देररात तक यहां दुकानों पर भीड़ उमड़ती रही।
