UP : प्रदेश में लापता हुए 20 हजार लोगों को तलाश नहीं पाई पुलिस
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में 20,350 लोग लापता चल रहे हैं, लेकिन पुलिस का भारी भरकम अमला उन्हें तलाश नहीं कर सका है। उधर डीजीपी राजीव कृष्ण ने लोगों को तलाश नहीं कर पाने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने एक कार्य योजना तैयार की है। साथ ही सभी पुलिस अफसरों से कहा है कि वह हर माह लापता लोगों और बच्चों को तलाशने के लिए विशेष अभियान चलाएं।
प्रदेश में एक जनवरी-2024 से 18 फरवरी-2026 यानी दो साल के भीतर 1,08,372 लोग लापता हो गए। हालांकि पुलिस ने 88,022 लोगों को तलाश भी कर उनके घरों तक पहुंचा दिया। अब 20,350 लोग ऐसे हैं, जो कि अपनों के पास नहीं पहुंच सके हैं। अब डीजीपी ने लापता लोगों को तलाशने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। उन्होंने कहा है कि प्रत्येक लापता व्यक्ति को तलाशना पुलिस की पहली प्राथमिकता है, लेकिन विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षित बरामदगी हर हाल में जरूरी है। जैसे ही लापता होने की सूचना मिले तो तुरंत ही समयबद्ध तरीके से विवेचनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाए। हर माह जिलों के एसएसपी और डीसीपी लापता व्यक्तियों एवं बच्चों की बरामदगी के लिये विशेष अभियान चलाएं। यदि गुमशुदगी के किसी मामले में आपराधिक गिरोह के संलिप्त होने की आशंका होने पर एक से अधिक विशेष टीमें गठित कर तत्परता से कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि विवेचना के दौरान मानव तस्करी के साक्ष्य मिलने पर प्रकरण एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने को भेज दिए जाए। इसके साथ ही केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के पोर्टल मिशन वात्सल्य और यक्ष एप लापता लोगों और बच्चों के फोटो अपलोड कर दिए जाएं।
