SSC ऑनलाइन परीक्षा में बड़ी धांधली: प्रॉक्सी सर्वर से नकल, 7 गिरफ्तार, प्रति छात्र 4 लाख की वसूली
लखनऊ, अमृत विचारः कमर्चारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा आयोजित ऑनलाइन परीक्षा (सीएपीएफ और एसएसएफ) में कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) और असम रायफल्स में रायफलमैन परीक्षा 2026 में धांधली करने वाले मुख्य अभियुक्त प्रदीप चौहान सहित सात अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में यूपी एसटीएफ ने सफलता पाई है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में प्रदीप चौहान के अलावा अरुण कुमार निवासी मथुरा, संदीप भाटी निवासी बुलंदशहर, निशांत राघव निवासी बुलंदशहर, अमित राणा निवासी बागपत, शाकिर मलिक निवासी बागपत, विवेक कुमार निवासी बुलंदशहर शामिल हैं। सातों आरोपियों को बालाजी डिजिटल जोन नॉलेज पार्क ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा एवं असम रायफल्स की परीक्षा में प्राक्सी सर्वर लगाकर अपना अभ्यर्थी बैठाकर नकल कराई जा रही है। इस दौरान मौके पर पहुंची एसटीएफ ने प्रदीप चौहान सहित सात को गिरफ्तार कर लिया।
प्रदीप चौहान के बारे में जानकारी मिली कि उसकी उम्र 38 वर्ष की है और उसने मेरठ कॉलेज से बीकाॅम किया है। वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा एजुकिटी कंपनी द्वारा उक्त बालाजी डिजिटल सेंटर पर कराई जा रहा है। इसके द्वारा ऑनलाइन परीक्षा में धांधली बहुत पहले से की जा रही है। इसी सिलसिले में प्रदीप की मुलाकात बागपत के अमित राणा से हुई थी और अमित राणा द्वारा उपरोक्त परीक्षा केंद्र में लगे कंपनी के सर्वर को बाइपास करके प्रॉक्सी सर्वर बनाकर स्क्री शेयरिंग व्यूअर अप्लीकेशन का प्रयोग करके परीक्षा केंद्र के बाहर से ही साल्वर के माध्यम से पेपर साल्व करने का तरीका निकाला था। अरुण लगभग ढाई साल पहले इसी परीक्षा में परीक्षक बनकर आया था और तभी से अभियुक्त प्रदीप चौहान के संपर्क में था और फिर इसी सेंटर में आईटी हेड की नौकरी करने लगा। सभी से पूछताछ के दौरान पता चला कि वह प्रति अभ्यर्थी चार लाख रुपये लेते थे, जिसमें 50 हजार रुपये अभ्यर्थी को लाने वाला व्यक्ति लेता था।
