Nautapa 2026: कल से शुरू हो रहा नौतपा, 47 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचार : इस बार नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा। मान्यता है कि नौतपा के दिनों में सूर्य अपनी सबसे तीव्र ऊर्जा के साथ पृथ्वी पर प्रभाव डालते हैं, जिससे गर्मी चरम पर पहुंच जाती है। जिस तरह मई में ही भीषण गर्मी और लू से लोगों का बुरा हाल है, उसे देखते हुए इस बार गर्मी का रिकार्ड टूटने की संभावना है। मई 2025 में पारा 45.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। जबकि इससे पहले मई 1995 में अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। नौतपा के दौरान अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस पार कर सकता है।

43 डिग्री के पास पारा बरकरार

एक हफ्ते से अधिकतम तापमान 40 से अधिक और 43 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बना हुआ है। शनिवार को भी सुबह से तेज धूप निकली, जिससे भीषण गर्मी और लू ने लोगों को परेशान किया। हालांकि दोपहर में अचानक मौसम ने करवट ली और बादल छा गए। करीब 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं बादलों को अपने साथ उड़ा ले गईं। इसके बाद भी लू और गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिली। अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

आज 45 डिग्री पहुंच सकता है पारा, लू की चेतावनी

राजधानी में रविवार को पारा 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है। लू चलने की संभावना है, जिससे रात में भी अत्यधिक गर्मी हो सकती है।इसके अलावा 25-35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लू का अलर्ट जारी करते हुए यह संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को लू से बचाव के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

इस बार Super El Niño और नौतपा 2026 का कनेक्शन

इस बार नौतपा 25 मई से 2 जून 2026 तक रहेगा। इन नौ दिनों में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, जिससे उत्तर भारत में सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं और गर्मी चरम पर पहुंच जाती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, Super El Niño का सीधा असर इस नौतपा पर पड़ रहा है। प्रशांत महासागर का पानी असामान्य रूप से गर्म होने (Super El Niño) से भारत की ओर आने वाली ठंडी हवाएं कमजोर हो गई हैं। नतीजा नौतपा के दौरान तापमान 45-48°C तक पहुंच सकता है, लू और हीटवेव और खतरनाक हो जाएगी। परंपरा के अनुसार, नौतपा जितनी तेज गर्मी पड़ेगी, मानसून उतना ही अच्छा होगा, लेकिन Super El Niño के कारण इस बार मानसून में अनियमितता और कुछ क्षेत्रों में सूखे का खतरा भी बढ़ गया है।

संबंधित समाचार