Lucknow Gang Rape : सुशांत गोल्फ सिटी में UPSC की तैयारी कर रही छात्रा से हैवानियत, परिचित ने साथियों संग मिलकर 3 दिन तक किया गैंगरेप

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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 लखनऊ। लखनऊ में एक महिला से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म करके उसे तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से भेजी गई 'जीरो एफआईआर' के आधार पर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है। 

पुलिस के अनुसार, दिल्ली के आनंद विहार जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) थाने से 22 मई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में दर्ज जीरो एफआईआर प्राप्त हुई थी। लखनऊ के अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) रल्लापल्ली भीमेश्वर राव ने बताया, "शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जौनपुर जिले के रहने वाले शिवम यादव और सनी यादव और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति ने उससे दुष्कर्म किया।" 

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान पता चला कि घटना सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में हुई, जिसके बाद औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू की गई। अधिकारी ने कहा, "आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीम गठित की गई हैं। साक्ष्य जुटाने व अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।" 

जौनपुर की निवासी पीड़िता ने बताया कि वह 15 मई को अपने गृहनगर से दिल्ली जाने के लिए सुहेलदेव एक्सप्रेस से रवाना हुई थी और सफर के दौरान उसने व्हाट्सएप के जरिए अपने परिचित शिवम यादव से संपर्क किया। शिकायतकर्ता के अनुसार ट्रेन जब चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची तो शिवम वहां मिला और उसे सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में किराए के कमरे में चलने के लिए कहा। 

शिकायत के मुताबिक, स्टेशन पर शिवम के साथ सनी यादव भी मौजूद था और तीनों कैब से किराए के कमरे में पहुंचे। पीड़िता का आरोप है कि वहां कॉफी पीने के बाद उसे चक्कर और नींद आने लगी, जिसके बाद शिवम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने आरोप लगाया कि अगले दिन शिवम के कमरे से बाहर जाने पर सनी यादव ने भी उससे दुष्कर्म किया। 17 मई को एक अन्य अज्ञात व्यक्ति भी दोनों आरोपियों के साथ शामिल हो गया और तीनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। 

उसने पुलिस को दिए बयान में कहा कि हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे चारबाग रेलवे स्टेशन ले गए और सुहेलदेव एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास का टिकट दिलाकर दिल्ली भेज दिया। शिकायतकर्ता ने कहा कि ट्रेन में उसने फोन पर अपने पिता को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन ने रेलवे हेल्पलाइन से मदद मांगी। 

पुलिस ने बताया कि जीआरपी ने दिल्ली में अधिकारियों से समन्वय किया, जहां महिला का बयान दर्ज करके जीरो एफआईआर लिखी गई। इसके बाद मामला आगे की जांच के लिए लखनऊ ट्रांसफर कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता और मुख्य आरोपी पिछले चार-पांच साल से एक-दूसरे को जानते हैं और दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। 

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