UP Mahotsav : बेंगलुरु में गूंजा यूपी का गौरव, आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र में UP महोत्सव का भव्य समापन

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Published By Monis Khan
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चार दिनों तक बिखरे पूर्वांचल के रंग, लोक संगीत, कथक, बनारसी संस्कृति और ओडीओपी उत्पादों ने जीता दिल

बेंगलुरु, अमृत विचार। मैं पिछले दस वर्षों से बेंगलुरु में काम कर रहा हूं, लेकिन इस महोत्सव ने मुझे फिर से मेरी जड़ों से जोड़ दिया। अपने राज्य, अपने संगीत, अपने भोजन और अपनी भक्ति पर गर्व का एहसास फिर जाग उठा। उत्तर प्रदेश नहीं, यह सचमुच उत्तम प्रदेश है।” यह भावुक शब्द उत्तर प्रदेश से आए एक अभियंता के थे, जो बेंगलुरु स्थित The Art of Living Foundation के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित उत्तर प्रदेश महोत्सव में शामिल हुए थे।

चार दिन तक चलने वाले यूपी महोत्सव का समापन को हो गया। ये महोत्सव उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के सहयोग आर्ट ऑफ लिविंग के बेंगलुरु स्थित अंतरराष्ट्रीय केंद्र में किया जा रहा था। जिसमें उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति की बानगी देखने को मिली। महोत्सव में आए लोगों को यूपी के लोक संगीत, वेशभूषा और खानपान के बारे में जानने का मौका मिला। 

ART

मनाया सांस्कृतिक विविधता का उत्सव
महोत्सव में वैश्विक आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर खास तौर से शामिल होने पहुंचे। उन्होंने बताया कि महोत्सव का मकसद संस्कृतियों को एक धागे में पिरोकर देश की सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाना है। इसके अलावा अपने वजूद की लड़ाई लड़ रही लोक कलाओं, वस्त्रों और लोक संगीत को एक मंच प्रदान किया गया। चार दिन तक चले महोत्सव ने आर्ट ऑफ लिविंग के आश्रम को पूरी तरह यूपी के रंग में रंग दिया।  लोग प्रदेश की शाश्वत आध्यात्मिकता, कलात्मक धरोहर, भावपूर्ण संगीत, स्वादिष्ट व्यंजनों, शानदार शिल्पकला से रूबरू हुए। 

ODOP

ओडीओपी स्टॉल बना आकर्षण
आश्रम में यूपी सरकार की योजना एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) आकर्षण का केंद्र रही। पूरे महोत्सव में स्टॉल पर लगे उत्पादों को लोगों ने सराहा। खास तौर से युवाओं की दिलचस्पी यूपी के एक जिला एक उत्पाद स्टॉल पर रही।  श्री श्री खुद इस स्टॉल को देखने पहुंचे। उन्होंने स्टॉल पर लगे उत्पादों की जमकर तारीफ करते हुए शिल्पकारों का हौसला बढ़ाया। लखनऊ की चिकनकारी से लेकर बनारस की शानदार साड़ियों ने लोगों का मन मोह लिया। वहीं भदोही के हाथ से बने कालीन, कन्नौज का इत्र खूब पसंद किया गया।

UI

नृत्य और संगीत से सराबोर महोत्सव
महोत्सव का आगाज पद्मश्री से सम्मानित उर्मिला श्रीवास्तव की संगीतमय संध्या के साथ हुआ। मिट्टी की सौंधी सुगंध से सराबोर उनकी लोक धुनों ने पूर्वांचल के रस को बेंगलुरु में जीवंत कर दिया। संगीत संध्या में आए लोग उनकी लोक धुने सुनकर पुरानी यादों में जाने को मजबूर हो गए। इसके अलावा पद्म भूषण पंडित साजन मिश्र ने समा बांध दिया तो वहीं मशहूर कथक नृत्यांगना आरती नाटू ने ग्रुप के साथ प्रस्तुति दी। 

GURU

जीवन में पहली बार की रेल यात्रा
महोत्सव में शामिल होने के लिए हजारों की तादाद में लोग बेंगलुरू पहुंचे थे। खास बात ये कि कई लोग ऐसे भी थे जिन्होंने यहां आने के लिए जीवन में पहली बार रेल यात्रा की। गोरखपुर से आईं आर्ट ऑफ लिविंग की स्वयंसेविका सुशीला ने कहा कि जीवन में पहली बार उन्होंने रेल का टिकट खरीदा। उत्तर प्रदेश महोत्सव के मौके पर 31 वेद विद्यार्थियों फर्रुखाबाद गुरुकुल से कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे।  

 

 

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