Lakhimpur Kheri News : निघासन में स्वयं सहायता समूहों में करोड़ों का गबन, BDO से लेकर NRLM अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
टीएन अवस्थी/लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: विकासखंड निघासन के बेलरायां क्षेत्र में संचालित स्वयं सहायता समूहों और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (एलएफ) में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आने से हड़कंप मच हुआ है। समूह की पदाधिकारियों के साथ-साथ एनआरएलएम और विकासखंड स्तर के अधिकारियों पर भी मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के बेलरायां क्षेत्र के सीएलएफ से करीब 1200 ग्राम पंचायतों में महिला स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इन समूहों को स्वरोजगार के लिए सीएलएफ के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। हर महीने 8 और 23 तारीख को बैठकों के जरिए वित्तीय लेनदेन और योजनाओं की समीक्षा होती है। समूह से जुड़ी कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सीएलएफ के जरिए स्वयं सहायता समूहों में वर्ष 2023 से अब तक करीब 4 करोड़ रुपये का गबन किया गया है।
आरोप है कि सीएलएफ की अध्यक्ष सुनीता, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी श्रीवास्तव और सचिव सुकेता तिवारी आदि ने फर्जी दस्तावेजों और कागजी हेरफेर के जरिए धन निकाला और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया। जिस समूह सदस्य के नाम से धन निकाला गया। उसे इसकी जानकारी तक नहीं हैं। पीड़ित समूह सदस्य महिलाओं का कहना है कि कुछ पदाधिकारियों ने कथित तौर पर इस रुपये से आलीशान मकान बनवा लिए और लग्जरी वाहन तक खरीद लिए।
वहीं, जिन महिला सदस्यों ने विरोध किया, उन्हें समूह से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। एसडीएम निघासन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय को भेजे गए शिकायती पत्र में महिलाओं ने आरोप लगाया है कि आदर्श संकुल स्तरीय समिति बेलरायां ने फूल प्रेरणा ग्राम संगठन पचपेड़ा को 11 लाख रुपये सामान्य ऋण के रूप में दिए गए थे, लेकिन यह धन संबंधित ग्राम संगठन के वास्तविक समूहों तक नहीं पहुंची।
आरोप है कि यह रकम जीवन प्रेरणा स्वयं सहायता समूह कुशाही, दुर्गा प्रेरणा समूह और महक प्रेरणा समूह के खातों में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि यह समूह फूल प्रेरणा ग्राम संगठन से जुड़े ही नहीं थे। निघासन के प्रेरणा ग्राम संगठन पचपेड़ा के पदाधिकारियों के मुताबिक उनके ग्राम संगठन में जो कागजों पर दस्तखत करवाए गए हैं। वह दस्तखत और मोहर फर्जी है।
5 लाख रुपये जीवन प्रेरणा कुशाही (बेलरायां) को चेक संख्या 783729 से तीन लाख रुपया और दुर्गा प्रेरणा में दो लाख रुपये चेक संख्या 783730 से भुगतान किया गया है, जिसकी समूह सखी लक्ष्मी श्रीवास्तव हैं, जो सीएलएफ की कोषाध्यक्ष भी हैं। यह रुपये लक्ष्मी श्रीवास्तव ने ही लिए हैं, जबकि इनका फूल प्रेरणा संगठन की नहीं हैं। शिकायत करने पर उसे संगठन के पदाधिकारियों को डरा धमकाकर दबाने की कोशिश की गई।
इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसी तरह कृष्णा ग्राम संगठन शीतलापुर से मां लक्ष्मी प्रेरणा स्वयं सहायता समूह को वर्ष 2024 में दो लाख रुपये और 2026 में 1.5 लाख रुपये ट्रांसफर कराया गया, यह समूह भी कृष्णा ग्राम संगठन से नहीं जुड़ा है। शिकायत में मांग की गई है कि ग्राम संगठन और सीएलएफ की डिमांड एमसीपी, कैशबुक, ऋण पुस्तिका, सामान्य पावती और बचत खातों की जांच कराई जाए।
शिकायती पत्र में पिछले वर्ष जिला कार्यालय से सीएलएफ के बचत खाते में आए 67 लाख रुपये के सीआईएफ ऋण पर भी सवाल उठाए गए हैं। महिलाओं ने पूछा कि यह धन किन समूहों को वितरित किया गया और उसका कहां उपयोग किया गया। पूरे मामले की मजिस्ट्रेट की अगुवाई में उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
गबन मामले ने तूल पकड़ा तो रंगदारी की झूठी शिकायत
समूह से जुड़ी कुछ महिलाओं का कहना है कि उन्होंने जब आरोप है कि शिकायत बीओ, एनआरएलएम कार्यालय और अन्य अधिकारियों से शिकायत की तो मामले को दबा दिया गया। मामले के तूल पकड़ने पर 23 मई को आरोपी पक्ष की आरोपी लक्ष्मी श्रीवास्तव, सुकेता तिवारी आदि तमाम महिलाएं कोतवाली पहुंचीं और कुछ लोगों पर रंगदारी मांगने तथा झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। हालांकि पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ किए जाने के बाद रंगदारी मांगने, धमकाने जैसी शिकायत झूठी निकली। साथ ही मामला और अधिक चर्चा में आ गया
सीएलएफ अध्यक्ष की सफाई
सीएलएफ अध्यक्ष सुनीता ने बताया कि करीब 1200 से अधिक समूह सीएलएफ से जुड़े हैं। करीब 95 बीओ जुड़े हैं और कुछ नए बने हैं। वह अभी जुड़े नहीं है। एक समूह में कम से कम 5 और अधिक 10 महिला सदस्य होती हैं। दीपक ग्राम संगठन बेलरायां में पहले दस लाख दस हजार रुपये आया था। इसी तरह से आदर्श प्रेरणा संकुल को भी लाखों रुपये दिया गया है। बाकी जानकारी वह बिना कागजों को देखे नहीं दे पाएंगी।
वहीं आरोपी सीएलएफ कोषाध्यक्ष लक्ष्मी श्रीवास्तव और सचिव सुकेता से जब आरोपों के बारे में पूछा गया तो दोनों भड़क गईँ और कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। एनआरएलएम के उच्च अधिकारियों के मुताबिक सीएलएफ, सीआईएफ और समूंह संगठन बकरी पालन, लघु उद्धोग आदि स्वरोजगार के लिए समूह की महिलाओं को बहुत ही कम ब्याज की दर पर धन देती है।
सूत्र बताते हैं कि बेलरायां के दोनों समूहों को मिलाकर वर्ष 2023 से करीब 4 करोड़ से अधिक की राशि आ चुकी हैं, लेकिन आरोप है कि अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और सचिव ने अपने चलाए जा रहे सिंडीकेट के जरिए करोड़ो रुपये का घोटाला कर लिया।
वर्जन
मामले की जानकारी है। फर्जी दस्तखत और मोहर लगाकर सरकारी धन गबन करने का आरोप लगा है। इसकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। ज्ञान शुक्ला, ब्लॉक मिशन मैनेजर निघासन
कोतवाली में प्रदर्शन कर पीड़ित महिलाओं ने सौंपा ज्ञापन
तिकुनिया: आरोपों से घिरी सीएलएफ की महिलाओं के तहरीर देने के बाद पुलिस के बुलावे पर दूसरे दिन रविवार को पीड़ित समूह की करीब 60 महिलाएं कोतवाली तिकुनिया पहुंची। वह हाथों में एनआरएलएम में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग के हाथों में पोस्टर पकड़े थीं। महिलाओं ने प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय दिलाओ के नारे लगाए।
पीड़ित महिलाओं ने करोड़ों को गबन करने और नियम विरुद्ध तरीके से मनमाने ढंग से समूह चलाने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय और एसडीएम निघासन को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
पीड़ित महिलाओं ने कहा कि यदि प्रशासन ने ढिलाई बरती और प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच न कराई गई तो वह डीएम कार्यालय का भी घेराव करेंगी। ज्ञापन पर गीता देवी, सुधा देवी, रामदेवी, शांती देवी, विनीता देवी, संगीता, सुमन यादव, नूरजहां, लक्ष्मी देवी, रीता देवी, जगदेई देवी समेत करीब 35 महिलाओं के हस्ताक्षर हैं।
