PRD जवान की मौत : मुरादाबाद में चिलचिलाती धूप में यातायात संभालते हुए बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में आसमान से बरसती आग और भीषण हीटवेव ने अब जान लेना शुरू कर दिया है। मुरादाबाद में रविवार को चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच ड्यूटी पर तैनात एक प्रांतीय रक्षा दल (पीआरडी) जवान की मौत हो गई।
प्रदेश भर में जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच महानगर की सड़कें भट्टी की तरह तप रही हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। प्राप्त विवरण के अनुसार, मुरादाबाद ब्लॉक निवासी 45 वर्षीय पीआरडी जवान किशन स्वरूप सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मधुबनी चौराहे पर सुबह 6 बजे से यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। दोपहर के समय प्रचंड गर्मी के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े।
उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां ईएमओ डॉ. जुनैद खान के नेतृत्व में चिकित्सकों ने सीपीआर देकर उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन जवान को बचाया नहीं जा सका। अस्पताल के ईएमओ डॉ. जुनैद खान ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबल मोहम्मद हसनैन गंभीर हालत में पीआरडी जवान किशन स्वरूप को अस्पताल लेकर आए थे।
डॉक्टरों ने तुरंत उनकी ईसीजी की और सीपीआर देकर पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी यानी उन्हें ब्रॉट डेड (मृत अवस्था) में लाया गया था। डॉ. जुनैद ने बताया कि जवान की मौत के वास्तविक कारणों का सटीक पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा, हालांकि प्रथम दृष्टया मामला भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
इस दुखद घटना ने पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां चिकित्सक बुजुर्गों, बच्चों और फील्ड में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, वहीं इस जानलेवा गर्मी के मौसम में सड़कों पर घंटों खड़े रहकर यातायात संभालने वाले पुलिस और पीआरडी जवानों की दुश्वारियां चरम पर हैं। भीषण लू के बीच लगातार ड्यूटी करने वाले इन फ्रंटलाइन कर्मियों के लिए धूप से बचने के पुख्ता इंतजाम और छांव व पानी की समुचित व्यवस्था न होना उन पर भारी पड़ रहा है।
