Gonda Crime News: गन्ना सिंचाई करने गए किसान की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या, गांव के लोगों पर हत्या का आरोप
अमृत विचार: देहात कोतवाली क्षेत्र में गन्ना सिंचाई को लेकर हुए विवाद में एक किसान की पिटाई के बाद मौत हो गई। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने किसान को लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया और पुल के नीचे फेंककर फरार हो गए। इलाज के दौरान लखनऊ में किसान ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के सालपुर सेमरा गांव निवासी बाल गोविंद (43) रविवार शाम अपने खेत में गन्ने की सिंचाई करने गए थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों से उनका विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने बाल गोविंद को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और घायल अवस्था में खेत के पास पुल के नीचे छोड़कर फरार हो गए।
मजदूरी कर लौटे बेटे सुनील कुमार ने पिता को पुल के नीचे गंभीर हालत में पड़ा देखा। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने सोमवार को उन्हें लखनऊ के लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। सूचना पर देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी फुलेसरा ने गांव के ही कल्लू, विजय कुमार और शनि पर पति की पिटाई कर खेत में फेंकने का आरोप लगाया है।
उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर दी है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया है। देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में सालपुर चौकी पुलिस की लापरवाही
इस पूरे मामले में सालपुर चौकी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक किसान के परिजनों ने चौकी पुलिस पर समय से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना कि घटना वाले दिन ही पुलिस को सूचना दी गयी थी। चौकी के दो सिपाही जिला अस्पताल तक गए। वहां घायल बाल गोविंद का बयान भी रिकॉर्ड किया लेकर घटना की रिपोर्ट नहीं लिखी।
बुधवार की सुबह जब लखनऊ में बाल गोविंद की मौत हो गयी और परिवार के लोग शव लेकर गांव पहुंचे तब भी चौकी पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजने के बजाय मामले को सुलह समझौता कराने में जुटी रही। पुलिस की इस कार्यशाली से मृतक का शव उसके दरवाजे पर 10, बडे तक रखा रहा। बाद में घटना की जानकारी बड़े अधिकारियों को मिली तब जाकर पुलिस ने शव का पंचनामा भरा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।।
