NEET री-एग्जाम को लेकर आर्थिक अपराध इकाई अलर्ट: अफवाह फैलाई या पैसे ठगे तो होगी 10 साल की जेल, ₹1 करोड़ जुर्माना
सोशल मीडिया पर फर्जी प्रश्न-पत्र वायरल करने वालों और साइबर ठगों पर रहेगी पैनी नजर
पटना। बिहार में आगामी 21 जून 2026 को होने वाली NEET-2026 की लिखित पुनर्परीक्षा (Re-Exam) को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए बिहार पुलिस की राज्य स्तरीय नोडल संस्था आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। परीक्षा की शुचिता और अखंडता को बनाए रखने के लिए EOU ने आम जनता और अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
आर्थिक अपराध इकाई ने सचेत किया है कि कुछ असामाजिक तत्व और साइबर ठग सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप, एक्स) या फर्जी फोन कॉल के जरिए परीक्षा से संबंधित अफवाहें फैला सकते हैं या नौकरी दिलाने और प्रश्न-पत्र/उत्तर कुंजी उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी का प्रयास कर सकते हैं।
झांसे में न आएं, इन 5 बातों का रखें विशेष ध्यान
1- पैसे की मांग पर तुरंत एक्शन: यदि कोई व्यक्ति या परीक्षार्थी आपको फर्जी कॉल, सोशल मीडिया या ई-मेल के जरिए प्रश्न-पत्र देने का दावा करे और पैसे मांगे, तो तुरंत सतर्क हों और नजदीकी साइबर थाने को सूचित करें।
2- फॉरवर्ड न करें भ्रामक मैसेज: परीक्षा से संबंधित किसी भी अफवाह या भ्रम फैलाने वाले मैसेज को किसी दूसरे व्यक्ति या ग्रुप में फॉरवर्ड बिल्कुल न करें।
3- URL के साथ करें शिकायत: अगर सोशल मीडिया पर कोई प्रश्न-पत्र या उत्तर पत्र वायरल होने का दावा किया जाता है, तो पोस्ट करने वाले के अकाउंट और उसके URL की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
4- हेल्पलाइन नंबर पर दें सूचना: परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने से जुड़ी किसी भी पूर्व सूचना को आर्थिक अपराध इकाई, बिहार के मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर: 9031829067 या Email ID: [email protected] पर तुरंत साझा करें।
5- साइबर ठगी के लिए 1930: फर्जी कॉल के जरिए साइबर ठगी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
नए कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई: 10 साल की जेल और ₹1 करोड़ जुर्माना
आर्थिक अपराध इकाई ने साफ चेतावनी दी है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार का कदाचार (पेपर लीक या नकल) रोकने के लिए 'द पब्लिक एक्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024' के तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत भी बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार पुलिस ने सभी परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और परीक्षा को पारदर्शी बनाने में कानून का सहयोग करें।
