CSBC सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर आर्थिक अपराध इकाई की कड़ी चेतावनी: 'पेपर लीक' का झांसा देने वाले ठगों की खैर नहीं, सीधे जेल और 1 करोड़ जुर्माना
पटना: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और साफ-सुथरा बनाने के लिए राज्य पुलिस की नोडल एजेंसी 'आर्थिक अपराध इकाई' (EOU) एक्शन मोड में आ गई है। केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) द्वारा आयोजित होने वाली उत्पाद सिपाही, चलंत दस्ता सिपाही और जेल वार्डन के पदों की लिखित परीक्षा आगामी 14 जून 2026 और 17 जून 2026 को राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित होने जा रही है।
इस महत्वपूर्ण परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और अभ्यर्थियों को ठगी से बचाने के लिए EOU ने एक विशेष गाइडलाइन (एडवाइजरी) जारी की है।
फर्जी फोन कॉल्स और सोशल मीडिया के जाल से बचें
आर्थिक अपराध इकाई ने आगाह किया है कि कुछ असामाजिक तत्व, पेपर लीक माफिया और साइबर ठग परीक्षा को लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स (ट्वीटर) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी प्रश्नपत्र या उत्तर कुंजी (Answer Key) वायरल करने की अफवाहें फैला सकते हैं। ऐसे शातिर अपराधी सीधे अभ्यर्थियों या उनके अभिभावकों को फर्जी कॉल करके नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठने की कोशिश भी करते हैं। EOU ने ऐसे सभी दावों को पूरी तरह बकवास और अवैध बताया है।
EOU की परीक्षार्थियों को सलाह: इन 3 बातों का रखें ध्यान
पैसे की मांग करने वालों को बेनकाब करें: यदि कोई भी व्यक्ति परीक्षा का असली प्रश्नपत्र या उत्तर देने का दावा करते हुए आपसे पैसे मांगे, तो तुरंत सचेत हो जाएं। यह पूरी तरह ठगी का प्रयास है, जिसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर थाने को दें।
भ्रामक मैसेज फॉरवर्ड न करें: सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी संदिग्ध या अफवाह फैलाने वाले मैसेज को आगे (फॉरवर्ड) न बढ़ाएं। ऐसा करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
लिंक (URL) करें शेयर: यदि इंटरनेट पर कहीं भी फर्जी पेपर वायरल होने की बात सामने आती है, तो पोस्ट करने वाले की जानकारी और उस पेज का यूआरएल (URL) तुरंत पुलिस को सौंपें ताकि अपराधियों को तुरंत दबोचा जा सके।
सीधे यहाँ दर्ज कराएं अपनी शिकायत
यदि आपको इस परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी, धांधली या साइबर ठगी की गुप्त सूचना या शिकायत मिलती है, तो आप आर्थिक अपराध इकाई, पटना को इन नंबरों पर सीधे सूचित कर सकते हैं:
विशेष मोबाइल / व्हाट्सएप नंबर: 9031829067
आधिकारिक ईमेल आईडी: [email protected]
10 साल की कैद और भारी-भरकम जुर्माना
आर्थिक अपराध इकाई ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि परीक्षाओं में किसी भी तरह के अनुचित साधनों, नकल या धांधली को रोकने के लिए देश में 'द पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) एक्ट 2024' लागू है। इस कानून के तहत गड़बड़ी करने वालों को 10 साल तक की कठोर जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। इसके अलावा, नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत भी परीक्षा माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
