राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला : टिन्नू यादव मास्टरमाइंड! मंदिर से बाहर निकलने पर होती थी हेराफेरी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

हाउसकीपिंग कर्मचारियों से कराई गई चढ़ावे की गणना

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच में एसबीआई के दो कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

विशाल तिवारी/अयोध्या, अमृत विचार : पुलिस की अब तक हुई जांच में चढ़ावे की रकम में हेराफेरी करने का मास्टरमाइंड रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को ही माना जा रहा है। वहीं जांच में बड़ी हेराफेरी चढ़ावे की रकम राम मंदिर से बाहर निकलने पर किये जाने के प्रमाण मिल रहे है। इसमें एसबीआई बैंक के दो कर्मचारी रत्नेश शुक्ला व रमनदीप की भूमिका सामने आ रही है क्योंकि इन्हीं के निगरानी में चढ़ावे की रकम बाहर लाई जाती थी। साथ ही सुरक्षाकर्मियों को इन पर शक भी नहीं होता था।

जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आ रहा है कि चढ़ावे की रकम बैंक तक पहुंचने में कहीं न कहीं गड़बड़ी जरूर हुई है। सूत्रों के अनुसार बैककर्मी रत्नेश शुक्ला व रमनदीप की मौजूदगी में गणनाकर्मी चढ़ावे की रकम गिनते थे, 12 से 13 गड्डियां बनती थीं। इन्हें कागजों में 10 ही गिना जाता था। सभी गड्डियों को बैग में रखा जाता था, इनमें कागज पर लिखी गई रकम से चार से पांच लाख रुपये ज्यादा होते थे।

यह भी बताया जाता है कि जिस दिन चोरी नहीं हो पाती थी, उस दिन भी दो से तीन लाख की रकम कम दिखायी जाती थी, उसे दूसरे दिन बैग में रखकर जमा करने के लिए ले जाया जाता था। अतिरिक्त रकम को बैंक में जमा करने के दौरान निकालकर अलग रख लिया जाता था। बताया जा रहा है कि इसके पीछे पूरी सेटिंग टिन्नू यादव की होती थी। इस हेराफेरी के अलावा भी कुछ गणनाकर्मी अपने कपड़ों में रुपये छिपा कर ले जाते थे। इन्हीं में एक को ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने पकड़ लिया था, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

सुभाष लगाते थे गणनाकर्मियों की ड्यूटी

मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ही गणना कर्मचारियों की ड्यूटी लगाते थे। ट्रस्ट की सिफारिश पर अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडे, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र व अविनाश शुक्ला को आउटसोर्सिंग कर्मचारी के रूप में चढ़ावा गिरने में लगाया गया था। अब गबन साबित होने के बाद इनके करीबी लोग व रिश्तेदारों के बैंक खाते, लॉकर आदि खंगाले जा रहे हैं। जिसमें 10 हजार से अधिक के लेनदेन को जांचा जा रहा है।

हाउस कीपिंग के लिए आए कर्मियों को लगाया गणना में

सूत्रों के अनुसार वाराणसी की एक सिक्योरिटी कंपनी ने एक बैंक अधिकारी के कहने पर 22 कर्मियों को हाउस कीपिंग के लिए भेजा गया था। जबकि इनमें से अधिकतर को चढ़ावे में मिले रकम की गणना के लिए लगा दिया गया था। बताया जा रहा है कि पकड़े गए आठ आरोपियों में छह इसी एजेंसी के हैं।

संबंधित समाचार