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                <title>Ravi Shankar Gupta - Amrit Vichar</title>
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                <description>Ravi Shankar Gupta RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>14 राज्यों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति, यूपी में क्यों नहीं ? यहां मिल रहे साल में 167 अवकाश, जानिए अब कैसे होगा काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ । </strong>प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था शुरू होते ही विरोध होने लगा तो मामला शासन तक पहुंचा, जिसके बाद इसे दो माह के लिए स्थागित कर दिया गया है। जबकि देश के 14 अन्य राज्यों में शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन हो रहीहै। इनमें गोवा, राजस्थान, झारखंड, त्रिपुरा, मेघालय, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना व असम शामिल हैं, जबकि यूपी में इसे स्थगित कर दिया गया है।</p>
<p>बता दें कि प्रदेश में शिक्षक पहले ही दिन से ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था के विरोध में सड़क पर उतर आये।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/480643/why-online-presence-of-teachers-in-14-states-is-not"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/v.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ । </strong>प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था शुरू होते ही विरोध होने लगा तो मामला शासन तक पहुंचा, जिसके बाद इसे दो माह के लिए स्थागित कर दिया गया है। जबकि देश के 14 अन्य राज्यों में शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन हो रहीहै। इनमें गोवा, राजस्थान, झारखंड, त्रिपुरा, मेघालय, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना व असम शामिल हैं, जबकि यूपी में इसे स्थगित कर दिया गया है।</p>
<p>बता दें कि प्रदेश में शिक्षक पहले ही दिन से ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था के विरोध में सड़क पर उतर आये। सवाल यह है कि जब देश के 14 राज्यों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति हो सकती है तो प्रदेश में क्यों नहीं? दरअसल, शिक्षा महानिदेशक ने शिक्षकों की समय से उपस्थिति के लिए 8 जुलाई से ऑनलाइन प्रक्रिया लागू की थी। इसके तहत 6.24 लाख सरकारी शिक्षकों में से पहले दिन 16,500 ने अपनी ऑनलाइन उपस्थिति भी दर्ज कराई। दूसरे दिन से ऑनलाइल उपस्थिति दर्ज कराने वालों की संख्या में कमी आती गई, अब यह संख्या सिमट कर 500 के करीब आ गई।</p>
<h6><strong>शिक्षक संघ बता रहे यह दिक्कत</strong></h6>
<p>शिक्षक संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन हाजिरी के बीच किसी की तबीयत बिगड़ती है या उसके किसी परिचित के साथ कोई ट्रेजडी हो जाती है तो उसका क्या होगा, क्योंकि ऐसी स्थिति में शिक्षकों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है, न ही कोई हाफ डे, न कोई ईएल के अवकाश की व्यवस्था है। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें एक वर्ष में सिर्फ 14 सीएल अवकाश ही मिलते हैं।</p>
<h6><strong>365 दिनों में मिलते हैं 167 अवकाश</strong></h6>
<p>सरकार ने एक वर्ष में 56 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए हैं। 52 रविवार या फिर किसी-किसी वर्ष में 53 रविवार भी होते हैं। 15 दिन सर्दी के मौसम में अवकाश, 30 दिन ग्रीष्मावकाश, इसके अलावा वर्ष में मिलने वाले 14 सीएल अवकाश भी होते हैं। इस तरह से कुल 167 दिन शिक्षकों को अवकाश मिलता है। वहीं, इनके मेडिकल अवकाश को आकस्मिक अवकाश की श्रेणी में रखा गया है। जबकि सत्र 220 दिनों से कम नहीं होना चाहिए।</p>
<h6><strong>शिक्षक नेता स्कूल न जाएं, ऐसी कोई नियमावली नहीं</strong></h6>
<p>प्रदेश में मौजूदा समय में करीब एक दर्जन शिक्षक संगठन सक्रिय हैं। इनकी मान्यता हो या न हो, लेकिन कहीं भी नियमावली में यह नहीं है कि कोई शिक्षक नेता स्कूल पढ़ाने नहीं जायेगा। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से जांच में पाया गया कि कोई शिक्षक नेता स्कूल पढ़ाने नहीं जाता है। तत्कालीन शिक्षा महानिदेशक द्वारा बीते वर्ष 10 जुलाई से 11 जुलाई के बीच इसकी जांच में भी यह स्पष्ट हो गया था।</p>
<h6><strong>महिला शिक्षकों को मिलते हैं ये अलग अवकाश</strong></h6>
<p>सरकारी स्कूलों में महिला शिक्षकों को करवाचौथ, हरियाली तीज, हरछठ, छठ पूजा पर अवकाश मिलता है, जबकि इसी विभाग में कार्यरत महिला (अधिकारी व बाबू) को ये छुट्टी नहीं मिलती हैं।</p>
<h6><strong>सरकार ने शिक्षकों के लिए किए कई कार्य</strong></h6>
<p>योगी सरकार ने शिक्षकों की सुविधा के लिए जो ऑनलाइन कार्य शुरू किए हैं, उनमें सीएल, सीसीएल, मेडिकल, एरियर भुगतान, शिक्षकों का मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन ब्योरा सहित कई ऐसे कार्य शामिल हैं, जिससे शिक्षकों को कोई परेशानी नहीं है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/478242/big-relief-to-the-students-of-up-board-session-2024-25#gsc.tab=0">UP Board Session 2024-25: के छात्रों को मिली बड़ी राहत, नये सचिव भगवती सिंह ने कहा निजी स्कूल नहीं वसूल सकते मनमाना शुल्क </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jul 2024 13:01:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षकों को मिली बड़ी राहत, ऑनलाइन उपस्थिति में हुआ बदलाव, जानिए अब कैसे होगा कार्य, महानिदेशक का आदेश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रविशंकर गुप्ता/ अमृत विचार लखनऊ।</strong> बेसिक शिक्षा परिषद के 1.33 लाख सरकारी स्कूलो में तैनात 6 लाख से अधिक शिक्षकों को बड़ी राहत मिल गई है। शिक्षा महानिदेशक ने बड़ा बदलाव करते हुए शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति में राहत प्रदान की है। शिक्षा महानिदेशक ने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि शिक्षक ही विद्यालयों को निपुण बना सकते हैं। शिक्षकों को आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए गये हैं। ऐसे में शिक्षक अब टैबलेट के माध्यम से विद्यालय समय अवधि में किसी भी समय हाजिरी लगा सकेंगे। </p>
<p>अमृत विचार से बातचीत में शिक्षा महानिदशेक ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/479796/big-relief-to-teachers-change-in-online-attendance-know-how"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/कंचन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रविशंकर गुप्ता/ अमृत विचार लखनऊ।</strong> बेसिक शिक्षा परिषद के 1.33 लाख सरकारी स्कूलो में तैनात 6 लाख से अधिक शिक्षकों को बड़ी राहत मिल गई है। शिक्षा महानिदेशक ने बड़ा बदलाव करते हुए शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति में राहत प्रदान की है। शिक्षा महानिदेशक ने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि शिक्षक ही विद्यालयों को निपुण बना सकते हैं। शिक्षकों को आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए गये हैं। ऐसे में शिक्षक अब टैबलेट के माध्यम से विद्यालय समय अवधि में किसी भी समय हाजिरी लगा सकेंगे। </p>
<p>अमृत विचार से बातचीत में शिक्षा महानिदशेक ने कहा कि समीक्षा में यह पाया गया है कि विद्यालयों में डिजिटाइज रजिस्टर के माध्यम से उपस्थिति भरने की प्रक्रिया वर्तमान में प्रातः 8:30 बजे तक ही अनुमन्य है। डिजिटाइज़ रजिस्टर के माध्यम से उपस्थिति भरने की प्रक्रिया ऐप द्वारा प्रातः 8:30 बजे के बाद सम्पादित नहीं की जाती है, जिससे प्रातः 8:30 बजे के बाद जिन विद्यालयों में समस्या संज्ञानित होती है उसका तकनीकी टीम द्वारा निदान संभव नहीं हो पा रहा है।</p>
<p>डीजी ने अमृत विचार से बातचीत में कहा कि अब यह निर्धारित हुआ है कि प्रक्रिया के स्थापित होने तक विद्यालय की पूर्ण अवधि में किसी भी समय डिजिटाइज रजिस्टर ऐप का प्रयोग किया जा सकेगा, जिससे कि विद्यालय अवधि में विद्या समीक्षा केन्द्र तथा विभागीय व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से राज्य स्तर तक संज्ञानित कराये गये प्रकरणों का निवारण विद्यालय कार्य अवधि में किया जा सकेगा।</p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/lyofcZJ4ipI" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<h6><strong>डीजी ने सभी अधिकारियों साथ कल की थी समीक्षा </strong></h6>
<p>पंजिकाओं के डिजिटाइजेशन के संबंध में जारी शासनादेश के क्रम में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा की अध्यक्षता में सभी एडी बेसिक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) एवं जिला समन्वयक (एम०आई०एस०) के साथ समीक्षा बैठक कल की गई थी। समीक्षा बैठक के उपरान्त सभी एडी बेसिक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) एवं जिला समन्वयक (एमआईएस) के साथ ऑनलाइन माध्यम से 12 डिजिटल पंजिकाओं के संबंध में विस्तृत अभिमुखीकरण किया गया तथा सभी 12 डिजिटल पंजिकाओं को लागू किये जाने के संबंध में सर्वसंबंधित को कार्रवाई निर्देशित की गई थी। </p>
<p><strong>ये भी पढ़े:<span style="color:rgb(224,62,45);">- <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/479667/education-department-team-has-entered-the-field-for-digital-attendance">1.33 लाख सरकारी स्कूलों में आज से डिजिटल हाजिरी के लिए मैदान में उतरी शिक्षा विभाग की टीम, जानिए क्या हैं इसके फायदें</a></span></strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/477256/these-government-teachers-of-lucknow-made-the-school-efficient-with#gsc.tab=0">लखनऊ की इन सरकारी शिक्षिकाओं ने अपने प्रयास से विद्यालय को बना दिया निपुण, मुख्यमंत्री ने मंच पर किया सम्मानित</a></span></strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/474717/pm-shree-schools-will-be-a-boon-for-poor-children#gsc.tab=0">गरीब बच्चों के लिए वरदान होंगे पीएमश्री स्कूल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए लखनऊ में तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरा, ये होंगी सुविधायें</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/479796/big-relief-to-teachers-change-in-online-attendance-know-how</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 19:21:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>1.33 लाख सरकारी स्कूलों में आज से डिजिटल हाजिरी के लिए मैदान में उतरी शिक्षा विभाग की टीम, जानिए क्या हैं इसके फायदे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>ऑनलाइन हाजिरी का प्रदेश भर में हो रहे विरोध को सहमति में बदलने के लिए आज शुक्रवार से शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम मैदान में उतर चुकी है। लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में अधिकारियों की ओर से इसके फायदे शिक्षकों को बताये जा रहे हैं। अधिकारी स्कूल पहुंचकर शिक्षकों को डिजिटल सुविधा के बारे में बता रहे हैं। साथ ही उनके भ्रम को भी दूर कर रहे हैं। ताकि डिजिटल व्यवथा को पटरी पर लाया जा सके। बता दें कि इस संबंध में शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने गुरुवार को जूम मीटिंग में स्पष्ट करते हुए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/479667/education-department-team-has-entered-the-field-for-digital-attendance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/jio.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>ऑनलाइन हाजिरी का प्रदेश भर में हो रहे विरोध को सहमति में बदलने के लिए आज शुक्रवार से शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम मैदान में उतर चुकी है। लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में अधिकारियों की ओर से इसके फायदे शिक्षकों को बताये जा रहे हैं। अधिकारी स्कूल पहुंचकर शिक्षकों को डिजिटल सुविधा के बारे में बता रहे हैं। साथ ही उनके भ्रम को भी दूर कर रहे हैं। ताकि डिजिटल व्यवथा को पटरी पर लाया जा सके। बता दें कि इस संबंध में शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने गुरुवार को जूम मीटिंग में स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों में हाजिरी सहित सभी कार्य आनलाइन ही होंगे।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/%E0%A4%AC.jpeg" alt="ब" width="1600" height="900"></img>
<strong>बीईओ मुख्यालय......... लखनऊ राजेश कुमार सिंह ने शिक्षकों को टैबलेट पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया</strong>

<p> </p>
<p>शिक्षकों में जो भी भ्रामक स्थिति है उसे हर हाल में दूर किया जाए। सभी को निर्देशित किया गया कि डिजिटल पंजिकाओं के संबंध में शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों से वार्ता की जाए तथा डिजिटल पंजिकाओं से होने वाले लाभ के संबंध में उन्हें अवगत कराया जाए। बैठक में प्रदेश भर के बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी मंडलों के मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक और खंड शिक्षा अधिकारी शामिल हुए।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/%E0%A4%B26.jpeg" alt="ल6" width="960" height="513"></img>
<strong>खंड शिक्षा अधिकारी नीरज श्रीवास्तव लखनऊ जोन चार शिक्षिका को टैबलेट के बारे में जानकारी देते हुए-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>तकनीकी दिक्कत का होगा त्वारित निदान</strong></h6>
<p>महानिदेशक ने बताया कि बीएसए व बीईओ की ओर से तकनीकी समस्याओं का यथासमय निदान करना होगा। यदि कोई दिक्कत है तो तत्काल विद्या समीक्षा केन्द्र (0522-3538777) और राज्य परियोजना कार्यालय स्तर पर गठित विभिन्न विभागीय व्हाट्सअप ग्रुप पर इसकी सूचना दी जाएगी ताकि समाधान किया जा सके।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/3.jpeg" alt="3" width="1280" height="960"></img>
<strong>लखनऊ में खंड शिक्षा अधिकारी माल बंशीधर श्रीवास्तव टैबलेट पर काम करने का तरीका बताते हुए</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>7:30 से 10:30 होगा नियमित निरीक्षण</strong></h6>
<p>एडी बेसिक, बीएसए, डीसी, एसआरजी व एआरपी की ओर से शुक्रवार से स्कूलों का नियमित निरीक्षण होगा। प्रातः 7:30 बजे से 10:30 बजे तक समय निरीक्षण के लिए निर्धारित किया गया है। इस दौरान शिक्षकों की दिक्कतों को भी हल किया जाएगा।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/kkk.jpeg" alt="kkk" width="1280" height="960"></img>
<strong>कानपुर के बिल्हौर ब्लाक में सरकारी विद्यालय पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को जानकारी देते हुए-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>करोड़ों का होगा फायदा, पेपर की होगी बचत, रजिस्टर खरीदने का झंझट होगा खत्म</strong></h6>
<p>सरकारी स्कूलों में डिजिटल व्यवस्था शुरू होने से करोड़ों का फायदा होगा। साथ ही कागज और समय की बचत भी होगी। मैनुअल रिकार्ड रखने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। पंजिकाओं के खो जाने व खराब होने का डर भी नहीं रहेगा।</p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/lyofcZJ4ipI" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<p>शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने बताया कि प्रवेश, कक्षावार छात्र उपस्थिति, एमडीएम रजिस्टर, समेकित निशुल्क सामग्री वितरण व स्टॉक रजिस्टर डिजिटाइज हो जायेंगे। साथही आय-व्यय व चेक जारी करने वाला रजिस्टर, बैठक, निरीक्षण, पत्र व्यवहार, बाल गणना, पुस्तकालय व खेलकूद रजिस्टर को भी डिजिटाइज किया जाएगा। इसके लिए मॉड्यूल विकसित कर दिया गया है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/kkk.jpeg" alt="kkk" width="1280" height="960"></img>
<strong>कानपुर बिल्हौर ब्लाक में पहुंचे खड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को टैबलेट के बारे में जानकारी देते हुए</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>शिक्षकों का विरोध जारी, 1.33 लाख स्कूलों में प्रभावित हो रही पढ़ाई</strong></h6>
<p>अमृत विचार, लखनऊ। शिक्षकों के विरोध चलते पिछले चार दिनों से 1.33 लाख प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। काफी शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनके संघ के पदाधिकारी अनुमति नहीं देंगे तब तक वह हाजिरी नहीं लगाएंगे। चौथे दिन शुक्रवार को करीब 10 हजार शिक्षकों ने आनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई। बता दें कि सरकारी विद्यालयों में करीब 1.65 करोड़ बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए 6 लाख से अधिक शिक्षकों की तैनाती है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े<span style="color:rgb(224,62,45);">:-</span></strong><strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/477252/cm-yogi-gave-free-books-to-akhilesh-and-said-son"> <span style="background-color:rgb(236,240,241);">सीएम योगी ने अखिलेश को निशुल्क किताबें देकर कहा रोज स्कूल जाना, शिक्षकों से कहा किसी को शिक्षित करना पुण्य का काम</span></a></span></strong></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/%E0%A4%9A.jpeg" alt="च" width="1600" height="1204"></img>
<strong>खंड शिक्षा अधिकारी चौबेपुर शिक्षकों को टैबलेट के बारे में जानकारी देते हुए</strong>

<p> </p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी: सरकारी स्कूलो में टैबलेट की जानकारी देने के लिए आज से सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंच रहे हैं। <br /><br />कानपुर BSA के निर्देश पर DC MDM विद्यालय पहुंचे और शिक्षिका को टैबलेट चलाने के के बारे में जानकारी देते हुए।<a href="https://twitter.com/hashtag/UttarPradesh?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UttarPradesh</a>… <a href="https://t.co/JU1P5txPvP">pic.twitter.com/JU1P5txPvP</a></p>
— Amrit Vichar (@AmritVichar) <a href="https://twitter.com/AmritVichar/status/1811676346004766939?ref_src=twsrc%5Etfw">July 12, 2024</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<h6> </h6>
<h6><strong>शिक्षकों की प्रमुख मांगें</strong></h6>
<p>15 दिन की हाफ सीएल, 31 दिन का ईएल, कैशलेस इलाज, राज्य कर्मचारी का दर्जा, फल-दूध ख़रीदने से मुक्ति, पुरानी पेंशन, नेटवर्क की समस्या दूर करना और स्कूलों के रास्ते सही करना।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/j.jpeg" alt="j" width="1600" height="825"></img>
<strong>खंड शिक्षा अधिकारी बीकेटी लखनऊ प्रीति शुक्ल विद्यालय में टैबलेट पर जानकारी देने के बाद नव प्रवेशित बच्चों से बात करते हुए</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>क्या हैं शिक्षक संघ के पदाधिकारी</strong></h6>
<p>प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह कहते हैं कि अगर सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है तो हमको जांचने के लिए जो लोग बैठे हुए हैं, उनके पदों को खत्म कर दिया जाए। हम पर नजर रखने के लिए डीएम की पूरी सेल है, सीडीओ की सेल है, बीएसए ऑफिस की है मंडली है। सहायक शिक्षा निदेशक का स्टाफ है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े:<span style="background-color:rgb(236,240,241);">-</span><span style="background-color:rgb(236,240,241);color:rgb(224,62,45);"><a style="background-color:rgb(236,240,241);color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A5%80%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80%20%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A5%87%20%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F%20%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80%20%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%20%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88%20%E0%A4%A8%E0%A4%88%20%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE,%20%E0%A4%85%E0%A4%AC%20%E0%A4%87%E0%A4%B8%20%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%20%E0%A4%B8%E0%A5%87%20%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80%20%E0%A4%B6%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%95%20%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE">यूपी के सरकारी स्कूलों में पहली बार सुधार के लिए योगी सरकार लाई नई योजना, अब इस व्यवस्था से सुधरेगी शैक्षिक गुणवत्ता</a></span></strong></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%8F-1.jpeg" alt="बीएसए 1" width="1390" height="717"></img>
<strong>शिक्षकों को टैबलेट के बारे में जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी मैनपुरी दीपिका गुप्ता-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>शिक्षक नहीं माने तो होगी कार्रवाई</strong></h6>
<p>शिक्षा विभाग ने अधिकारियों ने बताया कि बरेली, कुशीनगर, उन्नाव देवरिया, बाराबंकी सहित कई जिलों में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। कुछ BSA ने सभी BEO को 10-10 स्कूलों का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। वहीं कुछ जिलों में BEO को पांच, SRG और ERP को दो-दो स्कूलों का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि समझाने के बाद भी शिक्षक हाजिरी नहीं लगाते हैं तो उन पर ऐक्शन भी लिया जाएगा। बता दें कि उपस्थिति पंजिका, प्रवेश पंजिका, कक्षावार छात्र उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका, स्टॉक पंजिका, निरीक्षण पंजिका, आय-व्यय व चेक इश्यू पंजिका, बैठक पंजिका का डिजिटाइजेशन भी कराया जा रहा है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/dku.jpeg" alt="dku" width="1280" height="963"></img>
<strong>शिक्षकों को टैबलेट के बारे में जानकारी देते हुए कानपुर नगर बीएसए सुरजीत कुमार -फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
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<p><strong>ये भी पढ़े<span style="color:rgb(224,62,45);">:-<span style="background-color:rgb(236,240,241);"> <a style="color:rgb(224,62,45);background-color:rgb(236,240,241);" href="https://www.amritvichar.com/article/474717/pm-shree-schools-will-be-a-boon-for-poor-children#gsc.tab=0">गरीब बच्चों के लिए वरदान होंगे पीएमश्री स्कूल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए लखनऊ में तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरा, ये होंगी सुविधायें </a></span></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/479667/education-department-team-has-entered-the-field-for-digital-attendance</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Jul 2024 13:52:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>LU Admission 2024-25: विदेशी छात्रों की बढ़ी संख्या, इस बार भी 76 देशों से 1800 आवेदन आये, विश्वविद्यालय देगा इन छात्रों को बेहतर सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार कार्यालय संवाददाता लखनऊ। </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शैक्षिक सत्र 2024-25 में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में इस बार भी  अलग-अलग 76 देशों से 1800 से विदेशी छात्रों ने यहां पर आवेदन किया है। इससे कहीं न कहीं लगता है कि विदेशों में भारतीय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर माना जाता है। लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपनी वैश्विक दृष्टि के साथ, कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय के मार्गदर्शन में इस शैक्षणिक सत्र में लगभग 1800 विदेशी छात्रों की रिकॉर्ड रुचि देखी है, जो अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। विश्वविद्यालय को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/478651/number-of-foreign-students-increased-this-time-also-1800-applications"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/lo.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार कार्यालय संवाददाता लखनऊ। </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शैक्षिक सत्र 2024-25 में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में इस बार भी  अलग-अलग 76 देशों से 1800 से विदेशी छात्रों ने यहां पर आवेदन किया है। इससे कहीं न कहीं लगता है कि विदेशों में भारतीय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर माना जाता है। लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपनी वैश्विक दृष्टि के साथ, कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय के मार्गदर्शन में इस शैक्षणिक सत्र में लगभग 1800 विदेशी छात्रों की रिकॉर्ड रुचि देखी है, जो अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। विश्वविद्यालय को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के माध्यम से 1768 आवेदन प्राप्त हुए हैं, और स्व-वित्तपोषित श्रेणी में 50 से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं।</p><h6><strong>साल दर साल बढ़ी विदेशी छात्रो की संख्या </strong></h6><p>विश्वविद्यालय को शैक्षणिक सत्र 2023-2024 में 1346 आवेदन और शैक्षणिक वर्ष 2022-2023 में 814 आवेदन प्राप्त हुए। शैक्षणिक सत्र 2021-2022 में आवेदनों की संख्या 637 थी। दुनिया भर के लगभग 76 देशों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, और छात्रों ने लगभग हर संकाय के पाठ्यक्रमों में अपनी रुचि व्यक्त की है।</p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/k.jpeg" alt="k" width="1170" height="610"></img><strong>लखनऊ विश्वविद्यालय में इस तरह से बढ़ती गई विदेशी छात्रों की संख्या- ग्राफिक अमृत विचार</strong><h6><br /></h6><h6><strong>छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग अंतर्राष्ट्रीय हॉस्टल की व्यवस्था </strong></h6><p>विश्वविद्यालय ने लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय हॉस्टल में विशेष व्यवस्था की है। आरामदायक रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा, ध्यान उन्हें एक ऐसे शैक्षिक प्रणाली में शामिल करने पर है जो शिक्षार्थी के समग्र विकास में निहित वैश्विक दृष्टिकोण को महत्व देती है। हम विदेशी नागरिकों को प्रवेश देने के लिए सरकारी मानदंडों के अनुसार आवेदकों की जांच की कड़ी प्रक्रिया रखते हैं," उन्होंने जोड़ा।</p><p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/329209/prof-alok-rai-created-history-became-vice-chancellor-of-102#gsc.tab=0">प्रो. आलोक राय ने रचा इतिहास, 102 साल पुराने लखनऊ विश्वविद्यालय के दूसरी बार बने कुलपति, जानिए पिछले कार्यकाल की उपलब्धियां</a></strong></p><p><em>"हमने अपनी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ढांचे में वैश्विक शिक्षा प्रदान करने की अपनी प्रणाली विकसित की है। पिछले 3-4 वर्षों के दौरान हमने अपने शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक संस्थानों के बराबर बदल दिया है, और यह वैश्विक शिक्षार्थियों के बीच संप्रेषित हो रहा है।</em><br /><strong><em>प्रोफेसर आलोक राय कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय </em></strong></p><p><strong><em><a href="https://www.amritvichar.com/article/478638/yogi-government-brought-a-new-scheme-for-the-first-improvement#gsc.tab=0"><span style="background-color:rgb(224,62,45);">ये भी पढ़े: </span>यूपी के सरकारी स्कूलों में पहली बार सुधार के लिए योगी सरकार लाई नई योजना, अब इस व्यवस्था से सुधरेगी शैक्षिक गुणवत्ता</a></em></strong></p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 12:46:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूपी के सरकारी स्कूलों में पहली बार सुधार के लिए योगी सरकार लाई नई योजना, अब इस व्यवस्था से सुधरेगी शैक्षिक गुणवत्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong> बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने लिए प्रदेश सरकार ने चैंपियन पुरस्कार योजना की नई पहल की है। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके इसलिए सरकार ने इस योजना को शैक्षिक सत्र 2024-25 से ही लागू कर दियाहै। इस योजना के तहत जो विद्यालय 100 प्रतिशत निपुण हो जायेगा उसके प्रधानाध्यापक को पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया और शिक्षा महानिदेश को निर्देशित किया इसे तत्काल प्रभाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/478638/yogi-government-brought-a-new-scheme-for-the-first-improvement"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/yogi.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong> बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने लिए प्रदेश सरकार ने चैंपियन पुरस्कार योजना की नई पहल की है। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके इसलिए सरकार ने इस योजना को शैक्षिक सत्र 2024-25 से ही लागू कर दियाहै। इस योजना के तहत जो विद्यालय 100 प्रतिशत निपुण हो जायेगा उसके प्रधानाध्यापक को पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव बेसिक डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया और शिक्षा महानिदेश को निर्देशित किया इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाये। आदेश में कहा गया कि कि शैक्षिक सत्र 2024-25, 2025-26 व 2026-27 में निपुण भारत मिशन के तहत तय मानकों के आधार पर निपुण चैंपियन पुरस्कार दिए जाएंगे।</p><h6><strong>सर्वश्रेष्ठ प्रधानाध्यापकों को मिलेगा सम्मान</strong></h6><p>निपुण लक्ष्य हासिल करने वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालय (कक्षा एक से पांच) को निपुण विद्यालय, प्रधानाध्यापक को निपुण चैंपियन हेड मास्टर ऑफ द डिस्ट्रक्ट घोषित किया जाएगा। निर्धारित मानकों के क्रम में सर्वश्रेष्ठ 400 चयनित प्रधानाध्यापकों को निपुण चैंपियन पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।</p><h6><strong>इस मद में हो सकेगा धनराशि का प्रयोग</strong></h6><p>निपुण विद्यालय को पुरस्कार स्वरूप मिलने वाली 25 हजार रुपये की धनराशि का उपयोग प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय स्तर पर खेलकूद सामग्री अथवा नवाचारी शैक्षणिक गतिविधियों में किया जाएगा। निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों को विभिन्न अवसरों जैसे राज्य, जिला व ब्लॉक स्तर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।</p><h6><strong>ये है उद्देश्य</strong></h6><ul><li>- अध्यापकों का मनोबल बढ़ेगा शिक्षा बेहतर होगी</li><li>- शिक्षक-विद्यार्थी आत्मीय संबंध के उत्कृष्ट रूप का प्रदर्शन दिखेगा</li><li>- शैक्षणिक गतिविधियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना एवं गुणवत्ता आयेगी।</li><li>- विद्यालयों के विकास को रफ्तार मिलेगी।</li><li>-पियर लर्निंग के लिए सकारात्मक वातावरण का सृजन होगा।</li><li>- नवाचारी टीचिंग लर्निंग मैटिरियल एवं उत्कृष्ट शैक्षिक प्रथाओं का बेहतर प्रयोग होगा।</li></ul><p><strong><em>कोट........</em></strong></p><p>विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नवाचार भी किए जा रहे हैं। इस योजना से विद्यालयों निश्चित तौर पर बदलाव देखने को मिलेंगे।<br /><strong>डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम प्रमुख सचिव बेसिक</strong></p><p><strong>ये भी पढ़े:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/478242/big-relief-to-the-students-of-up-board-session-2024-25">UP Board Session 2024-25: के छात्रों को मिली बड़ी राहत, नये सचिव भगवती सिंह ने कहा निजी स्कूल नहीं वसूल सकते मनमाना शुल्क </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 12:17:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> UP Board Session 2024-25: के छात्रों को मिली बड़ी राहत, नये सचिव भगवती सिंह ने कहा निजी स्कूल नहीं वसूल सकते मनमाना शुल्क </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ/प्रयागराज (रविशंकर गुप्ता)</strong>    निजी विद्यालय ने बोर्ड की ओर से निर्धारित से अधिक परीक्षा शुल्क से नहीं ले सकते। ऐसा करने पर उस विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल की मान्यता भी निरस्त की जा सकती है। यह बात माध्यमिक शिक्षा परिषद में सचिव का पदभार ग्रहण करने के बाद भगवती सिंह ने अमृत विचार से खास बातचीत में कही। उन्होंने कहा अभिभावकों से यदि ज्यादा शुल्क की मांग होती है तो वह सीधे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड की ओर से निर्धारित परीक्षा शुल्क का पूरा<a href="https://www.upmsp.edu.in">www.upmsp.edu.in</a></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/478242/big-relief-to-the-students-of-up-board-session-2024-25"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/up-board-2.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ/प्रयागराज (रविशंकर गुप्ता)</strong>  निजी विद्यालय ने बोर्ड की ओर से निर्धारित से अधिक परीक्षा शुल्क से नहीं ले सकते। ऐसा करने पर उस विद्यालय प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल की मान्यता भी निरस्त की जा सकती है। यह बात माध्यमिक शिक्षा परिषद में सचिव का पदभार ग्रहण करने के बाद भगवती सिंह ने अमृत विचार से खास बातचीत में कही। उन्होंने कहा अभिभावकों से यदि ज्यादा शुल्क की मांग होती है तो वह सीधे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड की ओर से निर्धारित परीक्षा शुल्क का पूरा विवरण बोर्ड की वेबसाइट <a href="https://www.upmsp.edu.in">www.upmsp.edu.in</a> पर अपलोड कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी ध्यान रखना होगा कि निजी स्कूल मनमानी न कर सकें।</p><h6><strong>500 का 5 हजार रुपये वसूलते हैं निजी स्कूल</strong></h6><p>निजी विद्यालय बोर्ड की ओर से निर्धारित शुल्क से 10 गुना अधिक परीक्षा शुल्क वसूलते हैं। सत्र 2024-25 में परीक्षा शुल्क हाईस्कूल के लिए 500 से 700 रुपये और इंटरमीडिएट के लिए 600 से 800 रुपये है।</p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/vigyapti-forexam2025-highschool&amp;-intermediate-form-(2)2-copy.jpg" alt="vigyapti forexam2025 highschool&amp; intermediate form (2)2 copy" width="2115" height="1454"></img><strong>यूपी बोर्ड ने 2024-25 के छात्रों के लिए इस तरह से निधिार्रित किया है परीक्षा शुल्क, इससे ऊपर कोई स्कूल वसूल रहा है तो होगी कार्रवाई</strong><h6><br /></h6><h6><strong>1500 रुपये तक वसूला जाता है टीसी शुल्क</strong></h6><p>निजी विद्यालय टीसी का शुल्क भी 1000 से 1500 रुपये तक वसूल रहे हैं। जबकि बोर्ड में टीसी का शुल्क 100 रुपये ही निर्धारित है। टीसी पर काउंटर हस्ताक्षर के नाम पर ये शुल्क वसूला जाता है।</p><p><span style="background-color:rgb(241,196,15);"><strong>ये भी पढ़े:- <a style="background-color:rgb(241,196,15);" href="https://www.amritvichar.com/article/477252/cm-yogi-gave-free-books-to-akhilesh-and-said-son#gsc.tab=0">सीएम योगी ने अखिलेश को निशुल्क किताबें देकर कहा बेटा रोज स्कूल जाना, शिक्षकों से कहा किसी को शिक्षित करना पुण्य का काम</a></strong></span></p><h6><strong>10वीं का परीक्षा शुल्क</strong></h6><ul><li>संस्थागत 500.75 रुपये</li><li>क्रेडिट सिस्टम 200.70 रुपये</li><li>व्यक्तिगत 706 रुपये</li><li>क्रेडिट सिस्टम 306 रुपये</li><li>अतिरिक्त विषय 206 रुपये</li></ul><h6><strong>12वीं का परीक्षा शुल्क</strong></h6><ul><li>संस्थागत 600.75 रुपये</li><li>व्यावसायिक 600.75 रुपये</li><li>व्यावसायिक अनुत्तीर्ण 806 रुपये</li><li>अतिरिक्त विषय 206 रुपये</li></ul><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/up-board-21.jpeg" alt="up board 2" width="1031" height="524"></img><strong>यूपी बोर्ड माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव का चार्ज संभालते हुए भगवती सिंह और साथ में पूर्व सचिव दिब्यकांत शुक्ला- फोटो अमृत विचार</strong><p><br /></p><h6><strong>अपने हिसाब से निजी स्कूल तय करते हैं मासिक फीस</strong><br /></h6><p>बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि निजी विद्यालय हर माह ली जाने वाली बच्चे की फीस अपने हिसाब से तय करते हैं। वह उनकी व्यवस्था है। शिक्षकों का वेतन है और भी मूलभूत सुविधाओं में खर्च करना पड़ता है। लेकिन बोर्ड के नाम पर अधिक परीक्षा शुल्क नहीं वसूला जा सकता है। अभिभावकों से यदि इस तरह से शुल्क वसूल किया जा रहा है तो इसकी शिकायत अपने जिले के डीआईओएस कार्यलय पर करें। यदि वहां नहीं सुनवाई होती है सीधे बोर्ड को भी शिकायत की जा सकती है हर हाल में कार्रवाई की जायेगी। <br /></p><p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%20%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%20%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%9A%E0%A4%B0%20%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%20%E0%A4%A4%E0%A5%8B%20%E0%A4%96%E0%A5%88%E0%A4%B0%20%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82,%20%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%80%20%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%20%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B9%20%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82%20%E0%A4%95%E0%A5%8B%20%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B8%20%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%20%E0%A4%95%E0%A4%B0%20%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87%20%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%95,%20%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80%20%E0%A4%A8%E0%A5%87%20%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE%20%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE%20%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8">सरकारी स्कूलों में प्रॉक्सी टीचर मिला तो खैर नहीं, पहली बार लापरवाह शिक्षकों को नोटिस जारी कर सकेंगे प्रधानाध्यापक, डीजी ने कहा होगा एक्शन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 11:37:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल पहुंचे बच्चे, मनाया गया प्रवेशत्सव, अपर मुख्य सचिव बेसिक व शिक्षा महानिदेशक ने गेट पर किया बच्चों का स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>राजधानी सहित प्रदेश भर में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में आज 1 जुलाई से बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई है। स्कूल चलो अभियान की शुरूआत भी हो चुकी है। इसी क्रम में लखनऊ के प्राथमिक विद्यालय चिनहट प्रथम से स्कूल चलो अभियान की शुरूआत प्रमुख सचिव बेसिक डॉ एमके शनमुगा सुंदरम और शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने की।</p>
<p>दोनो ही अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचे बच्चों का गेट पर स्वागत किया और उनको तिलक लगाया। इस दौरान उन्होंने ने अपने हाथों से बच्चों को चाकलेट और टाफी भी वितरित की।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/477525/children-reached-school-entry-festival-was-celebrated-additional-chief-secretary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/s.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>राजधानी सहित प्रदेश भर में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में आज 1 जुलाई से बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई है। स्कूल चलो अभियान की शुरूआत भी हो चुकी है। इसी क्रम में लखनऊ के प्राथमिक विद्यालय चिनहट प्रथम से स्कूल चलो अभियान की शुरूआत प्रमुख सचिव बेसिक डॉ एमके शनमुगा सुंदरम और शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने की।</p>
<p>दोनो ही अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचे बच्चों का गेट पर स्वागत किया और उनको तिलक लगाया। इस दौरान उन्होंने ने अपने हाथों से बच्चों को चाकलेट और टाफी भी वितरित की। बच्चे जब क्लास में पहुंचे तो उनको निशुल्क किताबो के सेट दिए गये। इस दौरान प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार तमाम तरह की सुविधायें विद्यालयों में दे रही है लेकिन बच्चे पढ़लिखकर निपुण बनें ये जिम्मेदारी शिक्षकों की है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/kk.jpeg" alt="kk" width="1600" height="1200"></img>
<strong>स्कूल में लगे नियमित पढ़ाने की समय सारिणी को देखते हुए प्रमुख सचिव बेसिक डॉ एमके शनमुगा सुंदरम-फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<p>स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में शिक्षकों का अहम रोल है। इस मौके पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक श्याम किशोर तिवारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी लखनऊ राम प्रवेश, खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र कटियार सहित सभी शिक्षक व बच्चे उपस्थिति रहे। </p>
<h6><strong>बच्चों को बताया शिक्षा का महत्व</strong></h6>
<p>प्रमुख सचिव व शिक्षा महानिदशेक ने इस दौरान बच्चों से नियमित स्कूल आने की अपील की और शिक्षा का महत्व भी बताया। इस मौके पर शिक्षकों कहा गया कि एक भी बच्चा नामांकन से  छूटने आये और सभी बच्चे नियमित पढ़ाई करें इसका विशेष ध्यान रखा जाये। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-07/j4.jpeg" alt="j4" width="1600" height="1200"></img>
<strong>स्वागत के बाद नई किताबों के निशुल्क सेट और टॉफी चौकलेट पाकर खुश हुए बच्चे और इस दौरान मौजूद रहे शिक्षक-फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>विद्यालय में बने शैक्षिक माहौल</strong></h6>
<p>प्रमुख सचिव बेसिक ने कहा कि विद्यालय में एक शैक्षिक माहौल बहुत जरूरी है। बच्चों को जब एक बेहतर माहौल मिलता है तो उनका रोज विद्यालय आने का मन करता है। उन्होंने कहा कि हम जो पढ़ा रहे हैं वह बच्चों को समझ में आना चाहिए ये हमारी मुख्य जिम्मेदारी है। </p>
<h6><strong>गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन के देने निर्देश</strong></h6>
<p>शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि बच्चों को भोजन नियमित मेन्यू के अनुसार ही दिया जाये। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। </p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/477258/had-not-thought-that-such-a-big-honor-will-be">मुख्यमंत्री के मंच से यूपी बोर्ड के मेधावी सम्मानित, अमृत विचार से बातचीत में कहा सोचा नहीं था इतना बड़ा सम्मान उन्हें मिलेगा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/477525/children-reached-school-entry-festival-was-celebrated-additional-chief-secretary</link>
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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 12:29:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री के मंच से यूपी बोर्ड के मेधावी सम्मानित, अमृत विचार से बातचीत में कहा सोचा नहीं था इतना बड़ा सम्मान उन्हें मिलेगा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के इस संयुक्त कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड परीक्षा के मेधावियों को भी सम्मानित किया। सम्मान पाकर खुश हुए मेधावियों ने अमृत विचार से भी अपनी बातो को साझा किया और विजन के बारे में भी बताया। मेधावियों को सम्मानित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में जो टॉपर बने हैं, उनकी संख्या 170 है। उन्होंने कहा कि हमें यह बताते हुए खुशी है कि इनमें 112 छात्राएं हैं, जबकि 58 छात्र हैं।</p>
<p>अक्सर यह देखा जाता है कि अभिभावक ज्यादा ध्यान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/477258/had-not-thought-that-such-a-big-honor-will-be"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/5.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ। </strong>बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के इस संयुक्त कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड परीक्षा के मेधावियों को भी सम्मानित किया। सम्मान पाकर खुश हुए मेधावियों ने अमृत विचार से भी अपनी बातो को साझा किया और विजन के बारे में भी बताया। मेधावियों को सम्मानित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में जो टॉपर बने हैं, उनकी संख्या 170 है। उन्होंने कहा कि हमें यह बताते हुए खुशी है कि इनमें 112 छात्राएं हैं, जबकि 58 छात्र हैं।</p>
<p>अक्सर यह देखा जाता है कि अभिभावक ज्यादा ध्यान छात्रों पर देते हैं, छात्राओं पर नहीं। लेकिन सफलता बताती है की बेटियों ने ज्यादा लंबी छलांग मारी है। बेटी पर ज्यादा ध्यान देने की  जरूरत है। मेरिट में 112 छात्राएं आई हैं और छात्रों की संख्या मात्र 58 है। इस मौके पर कई  मेधावियों के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सम्मानित किया। </p>
<h6><strong>अमृत विचार से बातचीत में बोले मेधावी</strong></h6>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/9.jpeg" alt="9" width="850" height="580"></img>
<strong>96.8 प्रतिशत अंकों के साथ यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर चुके रक्षित तिवारी ने कहा मुख्यमंत्री के मंच पर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा मंत्री के हाथों सम्मान पाना मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो सम्मान राशि मिली है वह अब आगे की पढ़ाई पर खर्च करेंगे और टैबलेट के माध्यम से उनकी पढ़ाई भी आसान हो जायेगी। - फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/10.jpeg" alt="10" width="850" height="629"></img>
<strong>96.6 प्रतिशत अंको साथ 12वीं की परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहे राजधानी के कौशल राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मंच पर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा मंत्री के हाथों सम्मान पाकर कौशल राजपूत ने कहा कि यह सम्मान उनको जीवन भर याद रहेगा। कभी नहीं सोचा था उनको इस तरह से सम्मानित किया जायेगा। फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/6.jpeg" alt="6" width="850" height="561"></img>
<strong>96.6 प्रतिशत के साथ यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा मे दूसरे स्थान पर रही श्वेवता प्रजापति ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं मुख्यमंत्री के मंच पर सम्मान पाकर। उन्हों जो राशि मिली है उससे वह आगे पढ़ाई पर खर्च करेंगी। वहीं टैबलेट की पढ़ाई में बहुत काम आयेगा। - फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/51.jpeg" alt="5" width="900" height="536"></img>
<strong>96.67 प्रतिशत अंकों के 10वीं की परीक्षा में सिटी टॉपर रही राजधानी की आस्था मौर्या ने कहा पहली बार लोकभवन में प्रवेश पाकर बड़ा अच्छा लगा। और मुख्यमंत्री योगी को भी बहुत करीब से देख पाई। आस्था ने कहा ये सम्मान से उनका और मनोबल ऊंचा हुआ है। - फोटो अमृत विचार</strong>

<p><span style="background-color:rgb(255,255,255);color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़े:-<a style="background-color:rgb(255,255,255);color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/477252/cm-yogi-gave-free-books-to-akhilesh-and-said-son#goog_rewarded&amp;gsc.tab=0"> सीएम योगी ने अखिलेश को निशुल्क किताबें देकर कहा बेटा रोज स्कूल जाना, शिक्षकों से कहा किसी को शिक्षित करना पुण्य का काम</a></strong></span></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/7.jpeg" alt="7" width="850" height="559"></img>
<strong>96.67 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं की परीक्षा पास कर चुके आदर्श वर्मा ने कहा मुझे बहुत खुशी हुई सम्मान पाकर। उन्होंने ये कहा भी लोकभवन इतना  इतना बड़ा है मैने इसको अक्सर बाहर से देखा था। आदर्श ने कहा कि ये सम्मान हमारे परिवार का भी सम्मान है।- फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/56.jpeg" alt="56" width="850" height="587"></img>
<strong>96.33 प्रतिशत अंकों के साथ 10वी की परीक्षा पास चुके राजधानी में दूसरे स्थान पर रहे आदर्श तिवारी ने कहा कि आज मन बहुत खुश हुआ सम्मान पाकर। अब वह आगे की पढ़ाई और ज्यादा मन से करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि मुख्यमंत्री के हाथों अब उन्हें इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद भी सम्मान मिले। - फोटो अमृत विचार</strong>

<p><br />96.33 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे शिवम गोस्वामी ने कहा कि सम्मान पाकर बहुत खुश हूं। अब इंटरमीडिएट में इससे भी कड़ी मेहनत करेंगें। शिवम ने कहा कि वह नियमित अपनी पढ़ाई का समय भी बढ़ायेंगे। आगे चलकर वह कम्प्यूटर सांइस से पढ़कर इंजीनियर बनकर देश का नाम रोशन करेंगे। </p>
<p><strong>ये भी  पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/%E0%A4%B2%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A4%8A%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%87%E0%A4%A8%20%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%20%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82%20%E0%A4%A8%E0%A5%87%20%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%87%20%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8%20%E0%A4%B8%E0%A5%87%20%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF%20%E0%A4%95%E0%A5%8B%20%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%20%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%20%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%A3,%20%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%20%E0%A4%A8%E0%A5%87%20%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9A%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%20%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4">लखनऊ की इन सरकारी शिक्षिकाओं ने अपने प्रयास से विद्यालय को बना दिया निपुण, मुख्यमंत्री ने मंच पर किया सम्मानित</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Jun 2024 09:35:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ की इन सरकारी शिक्षिकाओं ने अपने प्रयास से विद्यालय को बना दिया निपुण, मुख्यमंत्री ने मंच पर किया सम्मानित </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> राजधानी के दो सरकारी विद्यालयों की शिक्षिका मधु यादव और स्वर्णलता ने अपने व अपने पूरे स्टाफ के प्रयास से विद्यालय को 100 प्रतिशत निपुण बना दिया। इन दोनो शिक्षिकाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में आयोजित बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में मंच से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने वाली गोसाईगंज के प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर की प्रधानाध्यापक मुध यादव ने अमृत विचार से कहा कि वह और उनका पूरा शिक्षक स्टाफ रेगुलर समयसे स्कूल जाता साथ ही एक-एक बच्चे पर ध्यान दिया जाता है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/072.jpg" alt="07" width="900" height="591" />
<strong>गोसाईगंज के प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर</strong>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/477256/these-government-teachers-of-lucknow-made-the-school-efficient-with"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/062.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> राजधानी के दो सरकारी विद्यालयों की शिक्षिका मधु यादव और स्वर्णलता ने अपने व अपने पूरे स्टाफ के प्रयास से विद्यालय को 100 प्रतिशत निपुण बना दिया। इन दोनो शिक्षिकाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में आयोजित बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में मंच से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने वाली गोसाईगंज के प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर की प्रधानाध्यापक मुध यादव ने अमृत विचार से कहा कि वह और उनका पूरा शिक्षक स्टाफ रेगुलर समयसे स्कूल जाता साथ ही एक-एक बच्चे पर ध्यान दिया जाता है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/072.jpg" alt="07" width="900" height="591"></img>
<strong>गोसाईगंज के प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर की प्रधानाध्यापक मुध यादव ने अमृत विचार से कहा कि वह और उनका पूरा शिक्षक स्टाफ रेगुलर समय से स्कूल जाता साथ ही एक-एक बच्चे पर ध्यान दिया जाता है- फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<p>मधु यादव ने बताया कि उनके विद्यालय में 192 बच्चे पढ़ते हैं। वहीं मोहनलालगंज के प्राथमिक विद्यालय खुजौली की प्रधानाध्यापक स्वर्ण लता ने बताया कि 100% प्रतिशत बच्चों को निपुण बनाने के लिए उनके साथ पूरे स्टाफ ने कड़ी मेहनत की जिसके चलते उनको मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा सरकार ने हमें क्या संशाधन दिया है क्या नहीं दिया है वह अलग बात है जरूरी ये है हमारे लिए हमें जा संशाधन मिले हैं उसमें हम कितना बेहतर कर पाते हैं उसके लिए हमने पूरा प्रयास किया है। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/063.jpg" alt="06" width="900" height="595"></img>
<strong>मोहनलालगंज के प्राथमिक विद्यालय खुजौली की प्रधानाध्यापक स्वर्ण लता ने बताया कि 100% प्रतिशत बच्चों को निपुण बनाने के लिए उनके साथ पूरे स्टाफ ने कड़ी मेहनत की जिसके चलते उनको मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। - फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा- समाज के उत्थान के लिए शिक्षा जरूरी</strong></h6>
<p>इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि किसी भी समाज के उत्थान और नागरिक विकास में शिक्षा मील का पत्थर साबित होता है। बिना शिक्षा के विकसित समाज की कल्पना करना संभव नहीं है। इसीलिए हमने सर्व समाज के लिए, हर वर्ग के लिए, बेहतर शिक्षा की व्यवस्था बनाई। हमारी सरकार ने बहुत ही तेजी से काम किया है। हम सब सर्व समाज को शिक्षित बनाने के लिए पिछले 7 वर्षों से काम कर रहे हैं। हर विद्यालय तक अपनी योजनाओं के माध्यम से पहुंचने में सफल हुए हैं।</p>
<p><span style="background-color:rgb(236,240,241);"><strong>ये भी पढ़े:-<span style="background-color:rgb(224,62,45);"><a style="background-color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/477252/cm-yogi-gave-free-books-to-akhilesh-and-said-son#goog_rewarded">सीएम योगी ने अखिलेश को निशुल्क किताबें देकर कहा बेटा रोज स्कूल जाना, शिक्षकों की दी सलाह कहा किसी को शिक्षित करना पुण्य का काम</a></span></strong></span></p>
<h6><strong>18 हजार से अधिक स्कूलों में समार्ट क्लास की स्थापना</strong></h6>
<p> 2017 में हमारे परिषदीय विद्यालयों की जो स्थिति थी, उसकी तुलना आज विद्यालयों से की जाए तो अंतर साफ दिखाई देगा। हमने 880 आईसी लैब स्थापित की है और 18381 परिषदीय उच्च विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस की स्थापना की जा चुकी है। आज पहले चरण में 88 लाख से अधिक छात्रों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए  1200 रुपये ट्रांसफर किया गया है।</p>
<p><em>कोट........</em><br /><em>"विद्यालयों को निपुण बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका है। सम्मान पाने वाली शिक्षिकायें अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। आगे पूरा प्रयास रहेगा कि 2025 तक सभी विद्यालयों को निपुण बनाया जा सके "</em><br /><strong>राम प्रवेश यादव बीएसए लखनऊ</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/477256/these-government-teachers-of-lucknow-made-the-school-efficient-with</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Jun 2024 09:34:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सीएम योगी ने अखिलेश को निशुल्क किताबें देकर कहा बेटा रोज स्कूल जाना, शिक्षकों से कहा किसी को शिक्षित करना पुण्य का काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश को निशुल्क किताबें और बैग अपने हाथों से शनिवार को दिया और कहा बेटा नियमित स्कूल पढ़ने के लिए जाना। तो अखिलेश ने भी सीएम योगी से कुछ बात की और किताबे लेकर आगे चल दिया। दरअसल येअखिलेश कोई और नहीं बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित सरकारी विद्यालय में कक्षा दो के छात्र हैं। मुख्यमंत्री ने जब छात्र का नाम पूछा तो इस दौरान कई लोग मुस्कराने लगे।</p>
<p>अखिलेश मौजूदा समय में राजधानी के बख्शी का तालाब ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बेहटा में कक्षा दो का छात्र हैं। लोकभवन में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/477252/cm-yogi-gave-free-books-to-akhilesh-and-said-son"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/j8.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश को निशुल्क किताबें और बैग अपने हाथों से शनिवार को दिया और कहा बेटा नियमित स्कूल पढ़ने के लिए जाना। तो अखिलेश ने भी सीएम योगी से कुछ बात की और किताबे लेकर आगे चल दिया। दरअसल येअखिलेश कोई और नहीं बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित सरकारी विद्यालय में कक्षा दो के छात्र हैं। मुख्यमंत्री ने जब छात्र का नाम पूछा तो इस दौरान कई लोग मुस्कराने लगे।</p>
<p>अखिलेश मौजूदा समय में राजधानी के बख्शी का तालाब ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बेहटा में कक्षा दो का छात्र हैं। लोकभवन में शनिवार को आयोजित हुए बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त कार्यक्रम दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग सरकारी विद्यालयों के 25 बच्चों को किताबें और बैग देकर रोजाना स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/89.jpeg" alt="89" width="1280" height="963"></img>
<strong>कक्षा दो के छात्र अखिलेश को किताबों का सेट और स्कूल बैग देते हुए मुख्यमंत्री योगी और साथ में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, प्रमुख सचिव बेसिक डॉ एमके शनमुगा सुंदरम, शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा - फोटो अमृत विचार</strong>

<p> </p>
<p>इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मैं सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्य से कहूंगा कि स्कूल चलो अभियान शुरू हो रहा है। कोई भी बच्चा छूटने नहीं पाए। स्कूलों में उनका नामांकन करवाइए और आपका प्रयास होना चाहिए की 15 दिन से एक महीने के भीतर उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से पैसा चला जाए। हम लोगों ने विद्यालयों में परिवर्तन करने का काम किया है, उसी का परिणाम है कि छात्रों की संख्या बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बढ़ी है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/bu.jpeg" alt="bu" width="793" height="655"></img>
<strong>राजधानी के सरकारी स्कूलों के इन बच्चों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से स्कूल बैग और किताबों के सेट दिए- फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>इन स्कूलों के बच्चों को मुख्यमंत्री ने दी किताबे और बैग</strong></h6>
<p>बीकेटी के प्राथमिक विद्यालय दसौली में पढ़ने वाली छात्रा लक्ष्मी, राजवीर, आयु, लक्ष्मी, रचना को किताबें और बैग दिया गया। प्राथमिक विद्यालय बेहटा से शगुफ्ता, रेयान, फरजीन, मो. सादिक, प्रज्ञा, अनीबा, अखिलेश, शिवांगी गुप्ता को स्कूल बैग व किताबों दी गई। वहीं प्राथमिक विद्यालय मिश्रपुर की सुमन यादव, आकाश, अंश, राजा बाबू, यंश, अरफ कुमार, रितिका और सपना को किताबें वितरित की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा आप सभी लोग रेगुलर स्कूल जाना। </p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/477256/these-government-teachers-of-lucknow-made-the-school-efficient-with#gsc.tab=0">लखनऊ की इन सरकारी शिक्षिकाओं ने अपने प्रयास से विद्यालय को बना दिया निपुण, मुख्यमंत्री ने मंच पर किया सम्मानित</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/477252/cm-yogi-gave-free-books-to-akhilesh-and-said-son</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Jun 2024 09:33:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ विश्वविद्यालय में अब  कार व जहाज के उपकरण डिजाइन कर सकेंगे छात्र, स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए नया कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ । </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय में स्किल डेवलपमेंट और छात्रों के ज्ञान को बढ़ावा देने लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संकाय में  नेशनल एक्रडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीस (एनएबीएल) से मान्यता प्राप्त एडवांस इलेक्ट्रॉनिकी डिज़ाइन लैब एवं कंप्यूटर एडेड डिज़ाइन ड्राफ्टिंग लैब की शुरूआत हुई है। इन दोनो लैबों से छात्रों को प्रैक्टिकल अब काफी आसानी हो जायेगी। कुलपति ने इन लैबों की शुरूआत शुक्रवार को कर दी है। इस मौके पर इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. मनुका खन्ना, कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, कार्य अधीक्षक प्रोफेसर डीके सिंह, निदेशक द्वितीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/476916/now-students-will-be-able-to-design-car-and-ship"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/ky.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ । </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय में स्किल डेवलपमेंट और छात्रों के ज्ञान को बढ़ावा देने लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संकाय में  नेशनल एक्रडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीस (एनएबीएल) से मान्यता प्राप्त एडवांस इलेक्ट्रॉनिकी डिज़ाइन लैब एवं कंप्यूटर एडेड डिज़ाइन ड्राफ्टिंग लैब की शुरूआत हुई है। इन दोनो लैबों से छात्रों को प्रैक्टिकल अब काफी आसानी हो जायेगी। कुलपति ने इन लैबों की शुरूआत शुक्रवार को कर दी है। इस मौके पर इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. मनुका खन्ना, कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, कार्य अधीक्षक प्रोफेसर डीके सिंह, निदेशक द्वितीय परिसर प्रो. आरके सिंह के साथ अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संकाय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे। </p>
<h6><strong>इलेक्ट्रानिकी डिजाइन लैब से ये होगा फायदा</strong></h6>
<p>संकायाध्यक्ष प्रो. एके सिंह ने संकाय में स्थापित की गई इन अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के बारे में बताया कि एडवांस इलेक्ट्रानिकी डिजाइन लैब में सर्किट सिमुलेशन  के लिए विशिष्ट ओरकैड  डिजाइन साफ्टवेयर, डिजिटल सर्किट सिमुलेशन के लिए विवडो साफ्टवेयर एवं एफ. पीजीए हार्डवेयर बोर्ड से छात्रों को इंडस्ट्री -4.0 में प्रयोग होने वाले तकनीकी को सीखाया जा सकेगा।  एनएबी एल मान्यता प्राप्त डिजिटल ऑस्कल्लोंस्कोप, आर्बिट्रेरी फंक्शन जेनरेटर, मल्टी आउटपुट पावर सप्लाई, बेंच टॉप मल्टीमीटर, एलसीआर मीटर से छात्रों को जानकारी मिलेगी। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/ly1.jpeg" alt="ly1" width="1600" height="900"></img>
<strong>एडवांस इलेक्ट्रॉनिकी डिज़ाइन लैब एवं कंप्यूटर एडेड डिज़ाइन ड्राफ्टिंग लैब की शुरूआत हुई है। इन दोनो लैबों से छात्रों को प्रैक्टिकल अब काफी आसानी हो जायेगी- फोटो अमृत विचार</strong>

<h6> </h6>
<h6><strong>ड्राफ्टिंग लैब से ये होगा फायदा</strong></h6>
<p>मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की कम्प्यूटर एडेड डिजाइन एंड ड्राफ्टिंग लैब में ड्रोन, कार, समुद्री जहाज, राकेट एवं दिन-प्रतिदिन उपयोग होने वाले उपकरणों को भविष्य के अनुरूप अत्याधुनिक डिजाइन कर सकेंगे। इससे छात्र अपनी स्किल  को इंडस्ट्री के अनुरूप कर सकेगें, जिससे विनिर्माण करने वाली बहुराष्ट्रीय कम्पनीओं में छात्रो को डिजाइन स्किल के आधार पर प्लेसमेंट सरलता पूर्वक मिल सकेगी । </p>
<p><em>कोट...........</em><br /><em>"इन प्रयोगशालाओं से  छात्र- छात्राएं ऑप्टिकल  कम्युनिकेशन व डिजाइन सिमुलेशन  की अलग-अलग आधुनिक तकनीकी को सीख सकेगें। इससे न केवल लखनऊ विश्वविद्यालय बल्कि आस-पास के संस्थानो के छात्र भी लाभान्वित होंगे "</em><br /><strong>प्रो. आलोक राय कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय </strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/476538/see-the-condition-of-engineering-colleges-in-up-it-is#gsc.tab=0">यूपी में इंजीनियरिंग कॉलेजों का हाल देखिए, एडमिशन से पहले फैकेल्टी किस स्तर की, आसान नहीं जानकारी, शैक्षिक गुणवत्ता भी चौपट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/476916/now-students-will-be-able-to-design-car-and-ship</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 18:02:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ravi Shankar Gupta]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सरकारी स्कूलों में प्रॉक्सी टीचर मिला तो खैर नहीं, पहली बार लापरवाह शिक्षकों को नोटिस जारी कर सकेंगे प्रधानाध्यापक, डीजी ने कहा होगा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालय में प्रॉक्सी टीचरों की तैनाती मिली तो जिम्मेदार मूल अध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इसके अलावा बिना अवकाश के स्वीकृति के कोई शिक्षक अनुपस्थित मिलता तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कार्रवाई का विवरण सर्विस बुक पर चढ़ाया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में पढ़ाई 1 जुलाई से शुरू होगी उससे पहले ही शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा की ओर से विद्यालयों में पढ़ाई शुरू होने से पहले ही गुरूवार को 32 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/476764/if-proxy-teacher-is-found-in-government-schools-then-it"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/hj1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार लखनऊ।</strong> बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालय में प्रॉक्सी टीचरों की तैनाती मिली तो जिम्मेदार मूल अध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इसके अलावा बिना अवकाश के स्वीकृति के कोई शिक्षक अनुपस्थित मिलता तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कार्रवाई का विवरण सर्विस बुक पर चढ़ाया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में पढ़ाई 1 जुलाई से शुरू होगी उससे पहले ही शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा की ओर से विद्यालयों में पढ़ाई शुरू होने से पहले ही गुरूवार को 32 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की गई है।</p>
<p>जिसमें स्पष्ट किया गया कि विद्यालय अवधि में किसी भी विभाग से संबंधित हायस होल्ड सर्वे शिक्षक नहीं करेंगे। यदि किसी शिक्षक की ड्यूटी लगती है तो वह कार्य विद्यालय अवधि के बाद किया जायेगा। इसके अलावा रैली व विशेष कार्यक्रम के कारण कार्यक्रम स्थल संबंधित विद्यालय के अतिरिक्त अन्य विद्यालय को नहीं प्रभावित किया जायेगा। </p>
<h6><strong>15 मिनट पूर्व होगी प्रार्थना सभा, देनी होगी फोटो</strong></h6>
<p> विद्यालय खुलने के समय से 15 मिनट पूर्व विद्यालय में प्रार्थना सभा का आयोजन कराया जायेगा इसकी फोटो खंड शिक्षा अधिकारी को भेजनी होगी। प्रतिदिन निर्धारित प्रार्थनायें करायी जायेंगी। राष्ट्रगान के अलावा 5 से 7 मिनट का ध्यान (मेडिटेशन) अनिवार्य रूप से कराना होगा। इस मौके पर सभी शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। एक कलांश में 40 मिनट की पढ़ाई अनिवार्य है। </p>
<h6><strong>ये सभी कार्य करने होंगे आनलाइन </strong></h6>
<p>किसी भी प्रकार की बैठक में शामिल होना, सभी प्रकार की पंजिकाओं यथा-शिक्षक डायरी, उपस्थिति पंजिका, प्रवेश पंजिका, कक्षावार छात्र उपस्थिति पंजिका, एमडीएमपंजिका, समेकित निःशुल्क सामग्री वितरण पंजिका, स्टॉक पंजिका, आय-व्यय पंजिका, चेक इश्यू पंजिका (बजटवार), बैठक पंजिका, निरीक्षण पंजिका, पत्र व्यवहार पंजिका बाल गणना पंजिका तथा पुस्तकालय व खेलकूद पंजिकाओं का रख-रखाव का कार्य प्रधानाध्यापक व शिक्षक मिलकर करेंगे। लेकिन ये कार्य शिक्षण कार्य के बाद ही करने होंगे। इसके साथ ही शिक्षकों संगठनों द्वारा आयोजित किसी गतिविधि में विद्यालय अवधि में प्रतिभाग नहीं करेंगे। </p>
<h6><strong>पाठ्यक्रम समय पर पूरा होना जरूरी </strong></h6>
<p>विद्यालय में सिक्षण कार्य को सुचारू रूप से संचालित कराने एवं निर्धारित पाठ्‌यक्रम को समय से पूर्ण कराने का दायित्व प्रधानाध्यापक, शिक्षकों है। इस दौरान प्रधानाध्यापक स्वयं को सम्मिलित करते हुए विद्यालय में उपलब्ध शिक्षकों की संख्या के आधार पर कक्षावार अथया शिक्षक-शिक्षिकावार पाठ्यकम का विभाजन किया जायेगा। इसके साथ ही प्रधानाध्यापक की ओर से पाठ्यक्रम विभाजन के अनुसार समय से पठन-पाठन कराना होगा।</p>
<h6><strong>पहली बार प्रधानाध्यापक शिक्षकों को दे सकेंगे नोटिस</strong></h6>
<p>विद्यालय में यदि कोई शिक्षक-शिक्षिका विलम्ब से आते है या बिना सूचना अनुपस्थित रहते या उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर बनाकर विद्यालय से अनुपस्थित हो जाते है, तो प्रधानाध्यापक नोटिस दे सकेंगे। बिना सूचना के अनुपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं को उपस्थिति पंजिका पर अनुपस्थित अंकित किया जायेगा। नोटिस का एक अवसर दिये जाने के बावजूद भी यदि शिक्षक-शिक्षिकाये समय से विद्यालय में उपस्थित नहीं होते है और अपने आचरण में सकारत्मक बदलाव नहीं लाते है तो सम्बन्धित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की विभागीय कार्रवाई होगी। </p>
<h6><strong>बच्चों की होगी काउंसिलिंग</strong></h6>
<p>बच्चों को समाचार पत्र पत्रिकायें पढ़ने के लिए प्रेरित किया जायेगा, सम-सामयिकी, सामान्य ज्ञान भी बताया जायेगा। बच्चों को आधुनिक टेक्नोलॉजी एवं कम्यूनिकेशन के विविध आयाम जैसे-इंटरनेट, ईमेल, कम्प्यूटर के साथ उनके अन्दर वैज्ञानिक व नवाचारी मनोवृत्ति का विकास करना होगा। </p>
<h6><strong>शिक्षण अवधि में इन कार्यों पर प्रतिबंध </strong></h6>
<p>शिक्षक विद्यालय से संबंधित विभिन्न कार्यों यथा-पासबुक में एंट्री, अपडेशन, ग्राम प्रधान से वार्ता, चेक पर हस्ताक्षर, एमडीएम सम्बंधी, आवश्कताओं एवं समन्वय के लिए शिक्षण अवधि में विद्यालय परिसर से बाहर नहीं जायेंगे। यदि कार्यों के कारण निरीक्षण अथवा सपोर्टिव सुपरविजन में कोई शिक्षक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाया जाता है तो उस दिन की वेतन कटौती की जायेगी।</p>
<p><em>कोट.......</em><br /><em>"विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं। ऐसे में जो दिशा निर्देश हैं उसका शिक्षकों को पालन करना होगा "</em><br /><strong><em>कंचन वर्मा शिक्षा महानिदेशक </em></strong></p>
<p><strong><em>ये भी पढ़े:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/476307/60-thousand-teachers-of-up-will-get-old-pension-but#gsc.tab=0">यूपी के 60 हजार शिक्षकों को मिलेगी पुरानी पेंशन, लेकिन जानिए अभी कितना करना होगा इंतजार और क्या कहते हैं शिक्षक नेता</a></em></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/476764/if-proxy-teacher-is-found-in-government-schools-then-it</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 11:48:13 +0530</pubDate>
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