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                <title>Ateeq Khan - Amrit Vichar</title>
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                <description>Ateeq Khan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बरेली की झुमका बासमती ने लंदन में बिखेरी सुगंध, यूपी के खाद्य उत्पादों में कई देशों ने दिखाई दिलचस्पी </title>
                                    <description><![CDATA[लंदन में अंतर्राष्ट्रीय खाद्य एवं पेय कार्यक्रम में यूपी के उत्पादकों की सराहना. यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, पोलैंड, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी दिखाई रुचि.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577214/bareillys-basmati-spreads-fragrance-in-london"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/अनिल-साहनी-.jpeg" alt=""></a><br /><p>अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के आधुनिक काश्तकारों का विजन खेतीबाड़ी की तस्वीर बदल रहा है। राज्य के खेतों में पैदा हुए ऑग्रेनिक उत्पाद देश-दुनिया के मंचों पर शोहरत पा रहे हैं। लंदन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय खाद्य एवं पेय कार्यक्रम (आईएफई) में उत्तर प्रदेश के कई उत्पाद छाए रहे। इन कृषि उत्पादों ने वैश्विक प्रदर्शन में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।</p>
<p>लंदन में 30 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित अंतराष्ट्रीय खाद्य मंच पर बरेली के गॉडसन ऑर्गेनिक फार्म का झुमका बासमती, हंसराज बासमती और तिलक चंदन जैसी पारंपरिक सुगंधित धान की किस्मों ने कई देशों का मन मोह लिया।</p>
<p>बरेली की प्रसिद्ध लाल मिर्च, येलो चिली के अलावा अन्य उच्च गुणवत्ता वाले मसालों पर विदेशी फिदा नजर आए। इन खाद्य उत्पादों पर यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, पोलैंड, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के खरीदारों ने विशेष रुचि दिखाई है। जाहिर है कि इससे निर्यात की संभावना बढ़ी है।</p>
<p>यूपी पवेलियन का उद्घाटन भारतीय उच्चायोग लंदन निधि मणि त्रिपाठी, आईएएस, मंत्री (आर्थिक) ने किया। नेतृत्व मंडी परिषद के सचिव/निदेशक इंद्र विक्रम सिंह ने किया। इस दौरान प्रदेश के पांच प्रमुख कृषि उत्पादकों ने चावल, शहद, मसाला, फल समेत अन्य उत्पादों का प्रदर्शन करके राज्य की समृद्ध कृषि परंपरा और गुणवत्ता का परिचय दिया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A5%80-.jpeg" alt="अनिल साहनी"></img></p>
<p>इसमें विभिन्न देशों के खरीदार, वितरक, खाद्य विशेषज्ञ और उद्यमियों ने गहरी रुचि दिखाई। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एम्ब्रोसिया ने अपना मेव उत्पाद लांच किया। इस अवसर पर हाई कमीशन ऑफ इंडिया, लंदन की निधि मणि त्रिपाठी, हमना मरियम खान, राकेश दहिया, डॉ. सुधांशु सचिव एपीडा उपस्थित रहे।</p>
<h4><br /><strong>''हनी विद लेमन'' जैसे नवाचारी उत्पाद की सराहना</strong></h4>
<p>स्टॉलों पर शहद, नीम हनी, जामुन हनी और वाइल्ड फॉरेस्ट हनी की शुद्धता एवं स्वास्थ्यवर्धक गुणों ने आगंतुकों को आकर्षित किया। इसके अतिरिक्त “हनी विद लेमन” जैसे नवाचारी उत्पाद की अवधारणा को भी सराहा गया। माधव उद्यान स्थित मेव ऑर्चर्ड एस्टेट में उगाए गए फलों और मसालों से निर्मित विशिष्ट उत्पाद अपने स्वाद और प्राकृतिक फ्लेवर के लिए सराहे गए। फॉर्च्यून राइस को यूरोप के खरीदारों से बासमती चावल एवं ताजे कृषि उत्पादों के लिए सकारात्मक व्यापारिक प्रस्ताव प्राप्त हुए। मोरक्को के एक प्रमुख आयातक के साथ संपर्क स्थापित होना कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 10:17:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ateeq Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली:  कृषि विज्ञान में 'वैभव फेलोशिप' पाने वाला देश का इकलौता राज्य विश्वविद्यालय बना MJPRU</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार :</strong> महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (MJPRU) ने शोध के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एग्रीकल्चरल साइंसेसज (कृषि विज्ञान) के क्षेत्र में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग (डीएसटी) से 'वैभव फेलोशिप' पाने वाला पहला देश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बना है। डीएसटी की फेलोशिप सूची में देश के शीर्ष 21 शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं-जिनमें अधिकांश आईआईटी और एनआईटी हैं। राज्य विश्वविद्यालय के रूप में एकमात्र एमजेपीआरयू है। इसके अंतर्गत अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान, यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स के प्रोफेसर ओपी धनखड़ बरेली आकर शोध और अध्यापन में सहयोग करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">वैभव फेलोशिप भारत सरकार की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567594/bareilly--mjpru-becomes-the-only-state-university-in-the-country-to-receive--vaibhav-fellowship--in-agricultural-science"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/mjp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार :</strong> महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (MJPRU) ने शोध के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एग्रीकल्चरल साइंसेसज (कृषि विज्ञान) के क्षेत्र में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग (डीएसटी) से 'वैभव फेलोशिप' पाने वाला पहला देश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बना है। डीएसटी की फेलोशिप सूची में देश के शीर्ष 21 शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं-जिनमें अधिकांश आईआईटी और एनआईटी हैं। राज्य विश्वविद्यालय के रूप में एकमात्र एमजेपीआरयू है। इसके अंतर्गत अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान, यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स के प्रोफेसर ओपी धनखड़ बरेली आकर शोध और अध्यापन में सहयोग करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">वैभव फेलोशिप भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका मकसद, प्रवासी भारतीय वैज्ञानिकों को अपनी मिट्टी से जोड़कर, उसके लिए कुछ गुजरने का मौका देना है। इस फेलोशिप के लिए देशभर से 227 शैक्षिक संस्थानों ने आवेदन किया था। विश्वविद्यालय के प्लांट साइंस विभाग के प्रोफेसर उपेंद्र कुमार और प्रख्यात प्रवासी वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश धनखड़ के संयुक्त मार्गदर्शन में शोध कार्य चलेगा। कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने विश्वविद्यालय की टीम को बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से ये बड़ी उपलब्धि है। इससे यूनिवर्सिटी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध मानचित्र पर मजबूत पहचान मिलेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कम आर्सेनिक वाले चावल पर रिसर्च </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर उपेंद्र कुमार बताते हैं कि चावल की कुछ किस्मों में आर्सेनिक और हैवी मैटल की अत्याधिक मात्रा होती है। इस प्रोजेक्ट के जरिए कम आर्सेनिक और कम हैवी मैटल वाला चावल उत्पादन करना है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की मदद से इस पर शोध कार्य आगे बढ़ेगा। </p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>खाड़ी देशों से रिजेक्ट हो जाता चावल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />प्रोफेसर उपेंद्र कुमार के मुताबिक, अभी देखा जाता है कि भारत का बासमती चावल खाड़ी देशों से रिजेक्ट हो जाता है। वजह, वही आर्सेनिक और हैवी मैटल की निर्धारित मानकों से अधिकता...। हमारी रिसर्च इस पहलू पर आगे बढ़ेगी कि कैसे कम लो-आर्सेनिक वाला चावल उत्पादित किया जाए। प्रोजेक्ट के अंतर्गत 60 लाख रुपये की ग्रांट मिली है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कृषि छात्रों को शानदार मौका </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स के प्रोफेसर ओम प्रकाश धनखड़ तीन साल तक, प्रति वर्ष-दो महीने रुहेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में रहकर अध्यापन और शोध कार्य में सहयोग करेंगे। बीएससी और एमएससी के छात्रों के लिए ये शानदार अवसर होगा। वे, विश्व विख्यात प्रोफेसर के अधीन शोध कार्य और आधुनिक तकनीक सीखकर क्षेत्र के विकास में योगदान दे पाएंगे। </p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>यूनिवर्सिटी में संचालित कोर्स </strong></h4>
<p style="text-align:justify;">रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर और एमएससी एग्रीकल्चर कोर्स संचालित हैं। कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह के नेतृत्व में कैंपस में ये कोर्स प्रारंभ किए गए हैं। रुहेलखंड परिक्षेत्र जहां कृषि का कोई महाविद्यालय नहीं था, वहां इतनी बड़ी उपलब्धि निश्चित रूप से कृषि क्षेत्र के विकास के लिए काफी अहम मानी जा रही है। </p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आईआईटी कानपुर के बाद एमजेपी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वैभव फेलोशिप आवेदन के लिए पहली शर्त ये है कि संस्थान के पास नैक में A++ ग्रेड होनी चाहिए। यूपी से इस फेलोशिप के लिए दो संस्थान चयनित हुए। पहला-आईआईटी कानपुर है और दूसरा रुहेलखंड विश्वविद्यालय।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 16:45:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ateeq Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंद्रशेखर आजाद के रूप में क्या यूपी को मिल गया दलित-मुस्लिम पॉलिटिक्स का नया 'नगीना' </title>
                                    <description><![CDATA[नगीना लोकसभा सीट पर भाजपा, बसपा और इंडिया गठबंधन के एड़ी-चोटी का दम लगाने के बाद भी 1.51 लाख वोटों से जीते चंद्रशेखर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471981/has-up-got-a-new-hero-of-dalit-muslim-politics-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/cb.jpg" alt=""></a><br /><p>अमृत विचार : चंद्रशेखर आज़ाद रावण (Chandra Shekhar Azad) क्या उत्तर प्रदेश की दलित-मुस्लिम पॉलिटिक्स (Dalit Muslim Politics) के नए 'नग़ीना' बनकर सामने आए हैं। बिजनौर की नगीना लोकसभा (Nagina Loksabha) सीट, जहां सपा, बसपा और भाजपा, तीनों पार्टियों के एड़ी-चोटी का दम लगाने के बावजूद चंद्रखेशर आज़ाद भारी मतों से जीत गए। चंद्रशेखर ने अपनी जीत के लिए दलित, मुस्लिम और समाज के कमज़ोर वर्ग का आभार व्यक्त जताया। यूपी में चंद्रशेखर आज़ाद की जीत के मायने काफी बड़े हैं। राज्य में एंटी इंकम्बेंसी का शिकार भाजपा से असंतुष्ट लोगों ने जहां एक तरफ समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन को 43 सीटें दे दीं। वहीं,  नगीना लोकसभा के वोटरों ने इंडिया गठबंधन को खारिज कर, आज़ाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आज़ाद को अपना नेता चुना है। </p>
<p>यूपी में राजनीतिक विमर्श इस बात पर छिड़ा है कि आखिर नगीना के मतदाताओं ने चंद्रशेखर को क्यों चुना और भाजपा के साथ इंडिया गठबंधन को क्यों खारिज कर दिया। इसका जवाब चंद्रशेखर आज़ाद का संघर्ष, दलित-पिछड़े, अल्पसंख्यक और कमज़ोर वर्ग की लड़ाई है, जहां हर मोर्च और संकट पर वह मज़बूती के साथ खड़े नजर आते रहे हैं। </p>
<p>यही एक कारण माना जा रहा है कि चंद्रशेखर ने नगीना से भाजपा नेता ओम कुमार को 1.51 लाख वोटों से हराया है। समाजवादी पार्टी-इंडिया गठबंधन ने यहां अपना प्रत्याशी उतारा था। बसपा ने भी अपना कैंडिडेट लड़ाया। बसपा के कोऑर्डिनेटर रहे आकाश आनंद ने तो नगीना में रावण पर बड़ा हमला बोला था। कहा जा रहा है कि इससे भी चंद्रशेखर को बड़ा फायदा मिला। दलित समाज, विशेषकर कमजोर वर्ग आकाश की टिप्पणी के बाद चंद्रशेखर के साथ खड़ा हो गया। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/azad-photo.jpg" alt="azad photo" width="1198" height="911"></img></p>
<p>करीब 50 फीसदी मुस्लिम बहुल आबादी वाली नगीना सीट पर 15 लाख मतदाता हैं। मुस्लिम समुदाय के बाद यहां दलितों की भी अच्छी संख्या है। चंद्रशेखर आज़ाद के साथ मुस्लिम समाज यूं भी उनके साथ खड़ा हो गया कि वह अल्पसंख्यकों के मुद़्दों पर मुखरता से बोलते रहे हैं। दिल्ली के शाहीन बाग़ में सीएए-एनआरसी आंदोलन के दौरान, शाही जामा मस्जिद में उनका पहुंचना, बड़ा राजनीतिक मूवमेंट था। जहां से उन्होंने समाज के बीच अपनी जगह बनाई। इसके बाद भी हर मामले पर चंद्रशेखर आज़ाद मुखर रहे हैं। </p>
<p>दूसरी बात, वह वंचित समाज से आकर संघर्ष कर रहे हैं। एक बड़ी आबादी, जो दो वक़्त की रोजी-रोटी के लिए दिन-रात जूझती है। उसने चंद्रशेखर में अपना नया मसीहा देखा, जो उन्हीं की तरह जीता है। रहन-सहन, खान-पान भी लगभग उनके जैसा ही है। शायद इसलिए नगीना ने बड़ी पार्टियों के धनवान नेताओं को नकारकर चंद्रशेखर आज़ाद को चुना है। चंद्रशेखर आज़ाद ने अपनी जीत के बाद कहा कि, आज की राजनीति में कौन चाहता है कि किसी गरीब का बेटा आगे बढ़े। जनता के बीच से उनकी दिल छूने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। ठीक वैसे ही जैसे बिहार के पूर्णियां से निर्दलीय सांसद चुने गए पप्पू यादव की। </p>
<p><br />बरेली कॉलेज के पॉलिटकल साइंस डिपार्टमेंट में प्रोफेसर नीलम गुप्ता कहती हैं कि वर्ष 2014 में भाजपा ने जातियों के बंधन तोड़ दिए थे। तब, जातीय राजनीति करने वाली अधिकांश पार्टियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। एक तरह से ऐसा भी माना जाने लगा था कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने भारत की कास्ट पॉलिटिक्स पर ब्रेक लगा दिया है। लेकिन इस बार 2024 के चुनाव में जातीय समीकरण के साथ स्थानीय मुद्दे हावी रहे। यूपी में भाजपा को इसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। नगीना में भी काफी हद तक यही रहा। वहां, लोग भाजपा से तो नाराज़ हुए, लेकिन विपक्ष को नहीं चुना। बल्कि अपना नया विकल्प बनाया है। </p>
<p>बहरहाल, देश की 18वीं लोकसभा में चंद्रशेखर आज़ाद की तरह की कई नौजवान संसद का अंग बने हैं। जिनसे उम्मीद है कि वे सदन में देश के मूल मुद्दों को मज़बूती के साथ उठाएंगे।</p>
<h5><strong>ये भी पढ़ें:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/471977/kanpur-sp-mla-irfan-solanki-will-snatch-the-mla-from#gsc.tab=0"><span style="color:rgb(224,62,45);">चार बार से लगातार सपा विधायक इरफान सोलंकी की छिनेगी विधायकी...सीसामऊ में उप चुनाव के आसार</span></a></strong></h5>
<h1 class="tag_h1 node_title"> </h1>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>बिजनौर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 13:19:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ateeq Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Badaun News  : मरीजों की जान से खिलवाड़, तीन चिकित्सक समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, बिसौली :</strong> बदायूं के बिसौली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि मरीजों के बेड तक सप्लाई होने वाली ऑक्सीजन की पाइप लाइन काटने की कोशिश की गई। अस्पताल के स्टॉफ ने एक आरोपी युवक को पकड़ा है। अस्पताल प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने पांच चिकित्सकों के खिलाफ षड्यंत्र रचने, छेड़छाड़, धमकाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>गुरुवार को कस्बा बिसौली के सोमवार बाजर स्थित माहेश्वरी अस्पताल में भर्ती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471897/badaun-news-report-filed-against-five-including-three-doctors-for"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/capture19.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, बिसौली :</strong> बदायूं के बिसौली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि मरीजों के बेड तक सप्लाई होने वाली ऑक्सीजन की पाइप लाइन काटने की कोशिश की गई। अस्पताल के स्टॉफ ने एक आरोपी युवक को पकड़ा है। अस्पताल प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने पांच चिकित्सकों के खिलाफ षड्यंत्र रचने, छेड़छाड़, धमकाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>गुरुवार को कस्बा बिसौली के सोमवार बाजर स्थित माहेश्वरी अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान से खिलवाड़ किया गया। उन्हें सप्लाई करने वाली ऑक्सीजन की पाइप लाइन काटने की कोशिश हुई। अस्पताल के प्रबंधक रामप्रताप ने तहरीर देकर बताया कि वह गुरुवार दोपहर लगभग दो बजे अस्पताल के ऊपरी मंजिल पर रहे डॉ. मनोज माहेश्वरी के आवास पर जा रहे थे। अस्पताल में एक युवक दिखा। जिसके हाथ में प्लास, गैस का लाइटर था। वह चाकू से ऑक्सीजन की पाइप लाइन काट रहा था। अस्पताल में आग लगाना चाहता था। रामप्रताप ने उसे आवाज लगाई तो वह अस्पताल में नीचे की ओर धमकी देता हुआ भाग कि हट जाओ वर्ना जान से मार दूंगा। </p>
<p>अस्पताल के स्टाफ ने युवक को पकड़ लिया। उसके हाथ से चाकू छीना। इसी दौरान अस्पताल की एक महिला सफाईकर्मी आ गई। उसने बताया कि युवक ने कुछ देर पहले उससे नाम और जाति पूछी। उसने अपनी जाति हरिजन बताई और कहा कि वह अस्पताल में काम करती है। तो युवक ने महिला सफाईकर्मी से अभद्र व्यवहार और अश्लीलता की। उसका हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचा। महिला ने उससे हाथ छुड़ाया तो युवक अस्पताल में ऊपर की ओर भागा। पूछने पर युवक ने अपना नाम कस्बा सहसवान के मोहल्ला चौधरी निवासी मोहम्मद तारिक पुत्र मोहम्मद आसिफ बताया। कहा कि वह सहसवान के डॉ. रामनिवास गुप्ता अस्पताल में इलेक्ट्रीशियन का काम करता है।</p>
<p>उसे डॉ. रामनिवास और उनके बेटे डॉ. आदित्य गुप्ता, डॉ. अभिनव गुप्ता और कासिम पुत्र नासिर ने भेजा था। माहेश्वरी अस्पताल जाकर फोटो खींचने, वीडियो बनाने और पाइप लाइन काटकर आग लगाने को कहा था। जिससे अस्पताल में भर्ती मरीज और बच्चे जलकर मर जाएं। रामप्रताप ने बताया कि उसके साथ एक और युवक था जो भाग गया। सूचना पर पुलिस पहुंची।</p>
<p>आरोपी मोहम्मद तारिक को पकड़कर ले गई। रामप्रताप की तहरीर पर डॉ. रामनिवास गुप्ता, डॉ. आदित्य गुप्ता, डॉ. अभिनव गुप्ता, कासिम और मोहम्मद तारिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। बिसौली कोतवाल सुनील अहलावत ने बताया कि तहरीर प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई है। आगे की जांच की जा रही है।</p>
<p><strong> ये भी  पढ़ें- </strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/471862/the-culprit-of-badaun-murder-and-murderous-attack-was-sentenced">बदायूं: हत्या और कातिलाना हमले के दोषी को उम्रकैद, 30 हजार लगा जुर्माना</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बदायूं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 21:27:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ateeq Khan]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के बाद इस मस्जिद में इमामत करके दूसरी बार संसद पहुंचे ये मौलाना</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में संसद भवन के पास एक मस्जिद है। मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने यहां नमाज़ पढ़ाई है। अब यहां नमाज़ पढ़ाने वाले सपा के इस नेता को संसद जाने का मौका मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/471481/after-maulana-abul-kalam-azad-this-maulana-reached-parliament-stree-masjid"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/parliament-masjid.jpg" alt=""></a><br /><p>अमृत विचार : दिल्ली में संसद भवन के पास एक मस्जिद है, जिसे पार्लियामेंट स्ट्रीट मस्जिद (Parliament Street Masjid) के नाम से जाना जाता है। करीब 15 साल से इस मस्जिद में इमामत करने वाले एक मौलाना ने ये शायद ख़्वाब में भी ये नहीं सोचा होगा कि एक दिन वह इसी मस्जिद से निकलकर, चंद दूरी पर स्थित भारत की संसद में पहुंच जाएंगे। संभव है कि जब यहां नेता या सांसद नमाज़ अदा करने आते हों तो, मौलाना के दिल में भी ये हसरत जागती हो। बरहाहल, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (Maulana Abul Kalam Azad ) के बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट मस्जिद में इमामत करने वाले मौलाना मोहिबुल्ला नदवी (Maulana Mohibullah Nadvi) उन्हीं मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, जोकि भारत के पहले शिक्षामंत्री रहे हैं। उनकी सीट, रामपुर से संसद पहुंच गए हैं। भारत के पहले आम चुनाव 1952 में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद रामपुर से ही सांसद चुनकर संसद पहुंचे थे। </p>
<p>अब दूसरी बार ये करिश्मा 18वीं लोकसभा के चुनाव में हुआ है। समाजवादी पार्टी के लिए सबसे सुरक्षित सीटों में शुमार रामपुर से मौलाना मोहिबुल्ला नदवी ने 87,434 वोटों से भाजपा के सांसद घनश्याम लोधी को हराया है।</p>
<p>रामपुर, समाजवदी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान (Azam Khan Rampur) का अवैध क़िला है। साल 2019 के चुनाव में आज़म ख़ान यहां से सांसद चुने गए थे। 2022 के चुनाव में आज़म ख़ान लोकसभा से इस्तीफ़ा देकर विधायक का चुनाव लड़े। उप-चुनाव में भाजपा के घनश्याम लोधी ने यहां जीत दर्ज की थी। लेकिन एक बार फिर सपा ने भाजपा से ये सीट छीन ली है। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-06/maulana-news.jpg" alt="maulana news" width="1600" height="900"></img></p>
<p>वापस फिर बात करते हैं मौलाना मोहिबुल्ला नदवी की। मौलाना मोहिबुल्ला नदवी मूलरूप से रामपुर की स्वार विधानसभा क्षेत्र के रज़ानगर के रहने वाले हैं। उन्होंने रामपुर गंज के फुरकानिया मदरसे से शुरुआती शिक्षा हासिल की। मदरसा अंजुमन माविलन इस्लाम से आलिम की डिग्री ली और लखनऊ के नदवातुल उलूम से मौलवियत की। मौलाना ने दिल्ली की प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से भी तालीम प्राप्त की है। </p>
<p>मौलाना मोहिबुल्ला पिछले 15 सालों से दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट की मस्जिद में इमामत कर रहे हैं। यहां ज्यादतर राजनीतिक लोग ही नमाज़ के लिए आते हैं। इस बार आज़म ख़ान चुनाव के दरम्यान जेल में रहे। इसलिए समाजवादी पार्टी से रामपुर सीट पर किसे उतारा जाए? इस कशमकश के बीच अखिलेश यादव ने मौलाना मोहिबुल्ला नदवी को मैदान में उतारकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया। शुरुआत में उनका विरोध भी सामने आया लेकिन बाद में रामपुर की समाजवादी पार्टी ने पूरी दम के साथ उन्हें चुनाव लड़ाया और जिताया भी। </p>
<p>इस तरह मौलाना मोहिबुल्ला, पार्लियामेंट स्ट्रीट मस्जिद से निकलकर देश की संसद में पहुंच गए हैं। दिलचस्प बात ये है कि एक वक्त में देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने भी पार्लियामेंट स्ट्रीट वाली मस्जिद में इमामत की भूमिका अदा की है। ये अलग बात कि वे यहां फुल टाइम इमामत नहीं करते थे, लेकिन उन्हें जब भी मौका मिला तो उन्होंने इमाम की भूमिका निभाते हुए नमाज़ अदा कराई।</p>
<p>और अब मौलाना मोहिबुल्ला नदवी यहां इमामत करने के साथ संसद पहुंच गए हैं। संसद में वह देश के मूल मुद्दों पर कितनी ताक़त के साथ अपनी बात रखेंगे ये वक्त तय करेगा। फिलहाल मौलाना मोहिबुल्ला सिर्फ इमामत तक सीमित नहीं है। वह उच्च शिक्षित हैं। देश की राजनीति और समज को भी गहराई से समझते हैं।  तो माना जाता है कि वह राजनीतिक मसलों पर भी मज़बूती के साथ जनता का प्रतिनिधित्व करेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>रामपुर</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 11:44:33 +0530</pubDate>
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