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                <title>Muskan Dixit - Amrit Vichar</title>
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                <description>Muskan Dixit RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Lausanne Diamond League 2026:लुसाने डायमंड लीग में फिर भाला लेकर उतरेंगे नीरज चोपड़ा, 21 अगस्त को होगा महामुकाबला</title>
                                    <description><![CDATA[2026 सीजन में तीसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता खेलेंगे नीरज, लुसाने में रुमेश पथिराज समेत कई दिग्गजों से होगी टक्कर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589828/neeraj-chopra-lausanne-diamond-league-2026-javelin-throw"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(27)9.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>नई दिल्ली/लुसाने:</strong> भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा अब 21 अगस्त को लुसाने डायमंड लीग 2026 में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में हिस्सा लेंगे। आयोजकों ने उनकी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। लुसाने में होने वाली एथलेटिसिमा प्रतियोगिता में नीरज की यह चौथी भागीदारी होगी। प्रतियोगिता के आधिकारिक कार्यक्रम में 21 अगस्त को पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा शामिल है।</p>
<h3><span><strong>लुसाने में नीरज का शानदार रिकॉर्ड</strong></span></h3>
<p>नीरज चोपड़ा ने 2022 में लुसाने डायमंड लीग में 89.08 मीटर के थ्रो के साथ खिताब जीता था। 2023 में उन्होंने 87.66 मीटर भाला फेंककर अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। 2024 में नीरज ने 89.49 मीटर का थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहे।</p>
<p>अब 2026 में उनकी नजर एक बार फिर लुसाने में खिताब जीतने पर होगी।</p>
<h3><span><strong>रुमेश पथिराज से फिर होगी सीधी टक्कर</strong></span></h3>
<p>लुसाने में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने की उम्मीद है। हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन बने और वर्ल्ड लीडर रुमेश पथिराज नीरज के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी होंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पथिराज ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था, जबकि नीरज 85.83 मीटर के सीजन-बेस्ट प्रदर्शन के साथ रजत पदक पर रहे।</p>
<p>इसके अलावा दो बार के विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स, पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम, जर्मनी के थॉमस रोहलर और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशोर्न वालकॉट जैसे बड़े नाम भी प्रतियोगिता में शामिल हैं।</p>
<h3><span><strong>2026 में नीरज का तीसरा बड़ा मुकाबला</strong></span></h3>
<p>चोट के कारण सीजन की शुरुआत में मैदान से दूर रहने के बाद नीरज ने वापसी की है। डायमंड लीग के आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार 2026 में दोहा में उनका सीजन-बेस्ट 85.69 मीटर है।</p>
<p>लुसाने डायमंड लीग उनके 2026 सीजन का तीसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक के बाद उनकी नजर अब लुसाने में बेहतर प्रदर्शन पर होगी।</p>
<h3><span><strong>खिताबी सूखा खत्म करने का मौका</strong></span></h3>
<p>लुसाने नीरज के लिए सिर्फ एक और प्रतियोगिता नहीं होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खिताब के इंतजार को खत्म करने का मौका भी होगी। ऐसे में नीरज और रुमेश पथिराज की अगली भिड़ंत पर दुनिया भर के एथलेटिक्स प्रशंसकों की नजर रहेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589820/badminton-new-scoring-system-gopichand-15-points-format">बैडमिंटन की स्कोरिंग बदलने से होगा बड़ा बदलाव! गोपीचंद बोले- कुछ खिलाड़ियों को फायदा, कुछ हो जाएंगे बाहर</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 17:22:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योगी सरकार के खिलाफ पोस्टर लहराने पर सपा विधायक सचिन यादव निलंबित, विधानसभा में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के नीचे दिया धरना</title>
                                    <description><![CDATA[पूरे सत्र के लिए निलंबन, सदन परिसर में प्रवेश और विधानसभा समितियों की कार्यवाही में शामिल होने पर रोक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589823/up-assembly-sp-mla-sachin-yadav-suspended-cm-yogi-poster"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/sachin-yadav.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को सपा विधायक<strong> </strong>सचिन यादव के खिलाफ कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ पोस्टर लहराने के मामले में उन्हें पूरे विधानसभा सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले सचिन यादव विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के नीचे धरने पर बैठे थे। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने निलंबन का आदेश जारी किया।</p>
<p style="text-align:justify;">निलंबन आदेश के मुताबिक, सचिन यादव निलंबन की अवधि में विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा वह विधानसभा की समितियों की कार्यवाही में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे विधायक</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">सपा विधायक सचिन यादव विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के नीचे धरने पर बैठे। इसके बाद सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ पोस्टर लहराने का मामला सामने आया। इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>पूरे सत्र तक लागू रहेगा निलंबन</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा के प्रमुख सचिव की ओर से जारी आदेश के बाद सचिन यादव के सदन की कार्यवाही में शामिल होने पर रोक लग गई है। निलंबन अवधि के दौरान वह विधानसभा परिसर में प्रवेश करने के साथ ही सदन की समितियों की बैठकों में भी भाग नहीं ले सकेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>सदन में बढ़ सकता है सियासी टकराव</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">सपा विधायक के निलंबन से विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं। पोस्टर लहराने और धरने की कार्रवाई को लेकर सदन में विपक्ष की प्रतिक्रिया भी अहम मानी जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589814/up-13-senior-officers-transfer-commissioners-new-posting"><span class="t-red">UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : </span>13 वरिष्ठ IAS अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी, शम्भू कुमार बने बरेली के नए मंडलायुक्त</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 17:06:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैडमिंटन की स्कोरिंग बदलने से होगा बड़ा बदलाव! गोपीचंद बोले- कुछ खिलाड़ियों को फायदा, कुछ हो जाएंगे बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा परिसर में धरने के बाद सदन में पोस्टर लहराने का मामला, पूरे सत्र के लिए निलंबन; निलंबन अवधि में सदन परिसर और समितियों की कार्यवाही में प्रवेश पर रोक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589820/badminton-new-scoring-system-gopichand-15-points-format"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/badminton-news.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>नई दिल्ली।</strong> बैडमिंटन में अगले साल प्रस्तावित स्कोरिंग सिस्टम में बदलाव को लेकर भारतीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद ने अपनी राय जाहिर की है। उनका मानना है कि नए प्रारूप के लागू होने के बाद कुछ खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा, जबकि कुछ खिलाड़ियों के लिए नए सिस्टम के साथ तालमेल बैठाना मुश्किल हो सकता है।</p>
<p>फिलहाल बैडमिंटन 21 अंकों के तीन गेम के प्रारूप में खेला जाता है। अगले साल इसे बदलकर 15 अंकों के तीन गेम का प्रारूप किया जाएगा। विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) के मुताबिक, छोटा प्रारूप खिलाड़ियों के व्यस्त कार्यक्रम में उनके कार्यभार को बेहतर तरीके से संभालने में मदद कर सकता है।</p>
<h5><strong>स्कोरिंग में बदलाव का गोपीचंद के पास है पुराना अनुभव</strong></h5>
<p>पुलेला गोपीचंद खुद बैडमिंटन में स्कोरिंग सिस्टम में बदलाव के दौर से गुजर चुके हैं। उन्होंने याद किया कि जब उन्होंने 2001 में ऑल इंग्लैंड का खिताब जीता था, उस समय बैडमिंटन पारंपरिक 15 अंक के प्रारूप में खेला जाता था। इसके कुछ समय बाद सात अंकों के पांच गेम वाला प्रारूप लागू किया गया था।</p>
<p>गोपीचंद के मुताबिक, यह बदलाव उनके लिए आसान नहीं था क्योंकि उनकी खेल शैली स्ट्रोक आधारित थी और नए सिस्टम के साथ सामंजस्य बैठाने में उन्हें समय लगा। बाद में सात अंकों के पांच गेम वाला प्रयोग समाप्त कर दिया गया और पारंपरिक 15 अंक के प्रारूप की वापसी हुई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि स्कोरिंग सिस्टम में बार-बार बदलाव का खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ता है। उनके मुताबिक, नए प्रारूप से कुछ खिलाड़ियों को लाभ होगा, जबकि कुछ खिलाड़ी इससे प्रभावित होकर प्रतिस्पर्धा से बाहर हो सकते हैं।</p>
<h5><strong>छोटे प्रारूप में हर अंक होगा अहम</strong></h5>
<p>गोपीचंद ने खासतौर पर युगल खिलाड़ियों पर नए स्कोरिंग सिस्टम के ज्यादा प्रभाव की बात कही। उनका मानना है कि छोटे प्रारूप में मैच के हर चरण की अहमियत बढ़ जाएगी और खिलाड़ियों को शुरुआत से ही अधिक प्रभावी प्रदर्शन करना होगा।</p>
<p>उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि स्कोरिंग सिस्टम बदलने के बाद खिलाड़ी को अपनी रणनीति और खेल शैली के मुताबिक नए प्रारूप के साथ तालमेल बैठाना पड़ता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सात्विक-चिराग के बाद विकल्प की कमी पर भी बोले गोपीचंद</strong></h5>
<p>गोपीचंद ने सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के बाद भारतीय पुरुष युगल में विकल्पों की कमी को भी स्वीकार किया। उन्होंने माना कि यह एक जायज सवाल है कि शीर्ष खिलाड़ियों को साथ खेलने के लिए बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि करीब पांच साल पहले देश में पांच अकादमियां थीं, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 500 हो गई है। बड़ी संख्या में व्यक्तिगत खिलाड़ी और अलग-अलग सोच होने के कारण युगल में सही जोड़ी तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।</p>
<p>गोपीचंद के अनुसार, युगल में खिलाड़ियों की जोड़ी और उनके बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में शीर्ष खिलाड़ियों को साथ खेलने और बेहतर जोड़ी तैयार करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589803/up-sports-network-pm-shri-school-sports-club-mini-stadium-one-district-one-sport"><span class="t-red">गांव से स्टेडियम तक खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच,</span> यूपी में तैयार हो रहा स्पोर्ट्स का मजबूत नेटवर्क</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 16:53:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 13 वरिष्ठ IAS अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी, शम्भू कुमार बने बरेली के नए मंडलायुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[गोरखपुर, बस्ती, बरेली और प्रयागराज के मंडलायुक्त बदले; बिजली, कृषि, श्रम और औद्योगिक विकास विभागों में भी बदलाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589814/up-13-senior-officers-transfer-commissioners-new-posting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/transfer.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 13 वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। नई तैनाती सूची में मंडलायुक्त, सचिव, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। कुछ अधिकारियों को उनके मौजूदा पद के साथ अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।</p>
<h5><strong>अनिल ढींगरा को आवास आयुक्त की जिम्मेदारी</strong></h5>
<p>शासन के आदेश के अनुसार अनिल ढींगरा को मंडलायुक्त गोरखपुर के पद से हटाकर उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद का आवास आयुक्त बनाया गया है। इसके साथ उन्हें निदेशक, नगर भूमि सीमांकन, उत्तर प्रदेश तथा सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।</p>
<p>इन्द्र विक्रम सिंह, जो सचिव कृषि, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग तथा निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, को मंडलायुक्त गोरखपुर बनाया गया है।</p>
<p>वहीं रविंद्र, प्रमुख सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग को वर्तमान पद के साथ निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।</p>
<h5><strong>बस्ती और बरेली में भी बदले मंडलायुक्त</strong></h5>
<p>वैभव श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ को मंडलायुक्त बस्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं प्रकाश बिंदु, सचिव गृह एवं सतर्कता विभाग को प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ नियुक्त किया गया है।</p>
<p>भूपेंद्र एस. चौधरी, मंडलायुक्त बरेली को सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग बनाया गया है। उनके स्थान पर शंभू कुमार, प्रबंध निदेशक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को मंडलायुक्त बरेली की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<h5><strong>प्रयागराज मंडल में भी बदलाव</strong></h5>
<p>डॉ. लोकेश एम, सचिव लोक निर्माण विभाग को मंडलायुक्त प्रयागराज बनाया गया है। वहीं प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल को श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश के पद पर तैनाती दी गई है।</p>
<p>संदीप कुमार, सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद, प्रयागराज को प्रबंध निदेशक, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।</p>
<h5><strong>नोएडा और गन्ना विभाग में भी नई तैनाती</strong></h5>
<p>पुष्प राज सिंह, सचिव, गोरखपुर विकास प्राधिकरण को अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा बनाया गया है। वहीं नोएडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल को विशेष सचिव, गन्ना विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>इसके अलावा डॉ. बलकार सिंह, आवास आयुक्त, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, निदेशक नगर भूमि सीमांकन तथा सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण बनाया गया है।</p>
<h5><strong>किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर?</strong></h5>
<p>इस फेरबदल में गोरखपुर, बस्ती, बरेली और प्रयागराज मंडलों के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव हुआ है। इसके साथ ही कृषि, आवास एवं शहरी नियोजन, बिजली वितरण, लोक निर्माण, श्रम, गन्ना, पीसीडीएफ और औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।</p>
<h5><strong>प्रमुख तबादले एक नजर में</strong></h5>
<div class="TyagGW_tableContainer">
<div class="group TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)" style="height:584px;width:73.1613%;">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10" style="text-align:center;width:21.3178%;">अधिकारी</th>
<th class="last:pe-10" style="text-align:center;width:78.6822%;">नई जिम्मेदारी</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">अनिल ढींगरा</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">आवास आयुक्त, उप्र आवास एवं विकास परिषद; अन्य अतिरिक्त प्रभार</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">इन्द्र विक्रम सिंह</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">मंडलायुक्त, गोरखपुर</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">रविंद्र</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद का अतिरिक्त प्रभार</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">वैभव श्रीवास्तव</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">मंडलायुक्त, बस्ती</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">प्रकाश बिंदु</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">भूपेंद्र एस. चौधरी</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">शंभू कुमार</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">मंडलायुक्त, बरेली</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">डॉ. लोकेश एम</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">मंडलायुक्त, प्रयागराज</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">सौम्या अग्रवाल</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">संदीप कुमार</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">प्रबंध निदेशक, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">पुष्प राज सिंह</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">सतीश पाल</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">विशेष सचिव, गन्ना विभाग</td>
</tr>
<tr>
<td style="text-align:center;width:21.3178%;">डॉ. बलकार सिंह</td>
<td style="text-align:center;width:78.6822%;">मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/589813/up-teacher-vacancy-2026-60958-assistant-teacher-posts-vacant-assembly-reply"><span class="t-red">UP Teacher Vacancy :</span> यूपी के स्कूलों में 60,958 शिक्षक पद खाली, विधानसभा में सरकार ने दिए आंकड़े, बताया कब होगी नई भर्ती!</a></strong></p>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>गौतम बुद्ध नगर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589814/up-13-senior-officers-transfer-commissioners-new-posting</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 15:55:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवोदय स्कूल में खाने में मिले कीड़े... छात्रों का ABVP ने दिया साथ;  डीएम के आश्वासन पर 15 घंटे बाद खत्म हुआ आंदोलन</title>
                                    <description><![CDATA[भोजन की गुणवत्ता के साथ हॉस्टल, पानी और साफ-सफाई को लेकर भी छात्रों ने उठाए सवाल, खाद्य सुरक्षा विभाग करेगा जांच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589805/shravasti-navodaya-school-students-protest-food-quality-abvp-dm-assurance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/navodaya-students--strike.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रावस्ती, अमृत विचार: </strong>पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय संभारपूरवा के छात्र भोजन की गुणवत्ता को लेकर सोमवार देर शाम विद्यालय में धरने पर बैठे है। मंगलवार पहुँची डीएम के मनाने व जांच करने के आश्वासन के माने छात्रों ने 15 घंटे बाद धरना समाप्त कर दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%9F-.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय संभारपूरवा के छात्रों ने मेस से मिलने वाले खाने में कीड़ा होने व शिक्षकों के कार्य व्यवहार से नाराज होकर सोमवार शाम मेस के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। इसके बाद नाराज छात्र-छात्राओं ने सोमवार विद्यालय परिसर में ही नारेबाजी करते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/shrawasti-students-strike-11.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि हॉस्टल, पेयजल, साफ-सफाई और विद्यालय की कई अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से शिकायत की जा रही थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वही मंगलवार छात्रों के इस आंदोलन को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी समर्थन किया।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%9F-1.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">वही एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रज्वल मिश्रा के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ धरना शुरू कर दिया। छात्र एसडीएम आशीष भारद्वाज, सीओ व पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने। इसके बाद मौके पर पहुंची डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर भेजकर जांच कराने व टीम गठित कर छात्रों को शिकायतों की जांच का आश्वासन देकर छात्रों को शांत कराया। इसके बाद छात्रों ने अपना आन्दोलन खत्म कर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%9F-2.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589804/prayagraj-shahganj-triple-murder-three-family-members-killed"><span class="t-red">Prayagraj Triple Murder :</span> प्रयागराज में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या, धारदार हथियार से वारदात</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>श्रावस्ती</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 14:38:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांव से स्टेडियम तक खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, यूपी में तैयार हो रहा स्पोर्ट्स का मजबूत नेटवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[PM श्री स्कूलों में स्पोर्ट्स क्लब से लेकर हर तहसील में मिनी स्टेडियम तक फोकस, लखनऊ के दो बड़े स्टेडियमों के आधुनिकीकरण पर आठ करोड़ रुपये खर्च]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589803/up-sports-network-pm-shri-school-sports-club-mini-stadium-one-district-one-sport"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-08/sports.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>केडी सिंह बाबू स्टेडियम का बैडमिंटन हॉल और चौक स्टेडियम के बैडमिंटन हॉल, बास्केटबॉल कोर्ट व जिम का संवारा जाएगा। केडी सिंह के बैडमिंटन हॉल के नवीनीकरण के लिए 1.85 करोड़ रुपये और चौक स्टेडियम के लिए छह करोड़ रुपये की परियोजना में तीन करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खेल सचिव एलवाई सुहास ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में ''खेलें भी, खिलें भी'' अभियान के तहत स्पोर्ट्स क्लब बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक तहसील में मिनी स्टेडियम और प्रत्येक जिले में ''एक जनपद-एक खेल'' योजना के जरिए स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 1,565 पीएमश्री परिषदीय विद्यालयों को खेल सामग्री खरीदने के लिए 7.82 करोड़ रुपये जारी किए हैं। प्रत्येक विद्यालय को 50-50 हजार रुपये दिए गए हैं। इससे क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, टेबल टेनिस, कैरम और शतरंज समेत खेलों की सामग्री खरीदी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">माध्यमिक शिक्षा विभाग ''स्पोर्ट्स फॉर स्कूल'' कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को नियमित खेल गतिविधियों से जोड़ने, प्रशिक्षकों की उपलब्धता, छात्रवृत्ति और बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने पर काम कर रहा है। प्रदेश की नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कॉलेजों में सीधे प्रशिक्षक बनने का अवसर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की तर्ज पर उत्तर प्रदेश राज्य खेल प्राधिकरण का गठन किया गया है। प्राथमिकता वाले खेलों के लिए चरणबद्ध तरीके से पांच हाई-परफॉर्मेंस सेंटर और पीपीपी मॉडल पर 14 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं, जहां वैज्ञानिक प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589790/sub-junior-up-basketball-championship-lucknow-team-2026"><span class="t-red">सब-जूनियर यूपी बास्केटबॉल चैंपियनशिप के लिए लखनऊ की टीमें घोषित,</span> 24 खिलाड़ियों पर दांव</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589803/up-sports-network-pm-shri-school-sports-club-mini-stadium-one-district-one-sport</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 14:28:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ के दफ्तरों में लेक्टेशन रूम के नाम पर खानापूर्ति! कहीं ताला, कहीं शौचालय में बना दिया कमरा</title>
                                    <description><![CDATA[बस अड्डों से सरकारी दफ्तरों तक महिलाओं को परेशानी, बच्चे को दूध पिलाने के लिए सार्वजनिक जगहों पर ढकना पड़ता है आंचल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589802/lucknow-lactation-room-facility-women-offices-bus-stands"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/maaa.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>मां बनने का अहसास हर महिला के लिए खास होता है। लेकिन सार्वजनिक जगहों पर बच्चे को दूध पिलाना उनके लिए किसी सजा से कम नहीं है। सरकार और कोर्ट के सख्त आदेश हैं। इसके बावजूद लखनऊ के दफ्तरों और सार्वजनिक जगहों से लेक्टेशन रूम गायब हैं। महिलाए अपने बच्चे की भूख मिटाने के लिए सार्वजिनक जगहों पर आपने आंचल में बच्चे को छुपाकर दुध पिलाने को मजबूर है।</p>
<p>चारबाग और आलमबाग बस अड्डों पर रोजाना हजारों महिलाएं आती हैं। यहां महिलाओं के लिए अलग से कोई फीडिंग रूम नहीं बना है। जहां एकाध जगह बने भी हैं, वहां ताला लटका रहता है। मजबूरी में महिलाओं को प्लेटफॉर्म पर दुपट्टा ढककर या गंदे शौचालयों में जाकर बच्चे को दूध पिलाना पड़ता है। वहीं कैसर बाग में एक लेक्टेशन रुम बना भी है तो उसमें सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है आसपास पुरुषों का जमावड़ा बना रहता है।</p>
<p>सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों का हाल भी खराब है। कलेक्ट्रेट, विकास भवन और तमाम बड़े महकमों में महिला कर्मचारियों के लिए कोई अलग से कमरा नहीं है। यही हाल गोमती नगर और विभूति खंड के ज्यादातर प्राइवेट दफ्तरों का है। नियम कहता है कि 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाले हर दफ्तर में यह सुविधा होनी चाहिए। लेकिन इस नियम का कोई पालन नहीं कर रहा है। शहर के पोस्ट ऑफिसों में शौचालयों को ही लेक्टेशन रूम बना दिया गया है। वहीं जीपीओ में एक क्रज है लेकिन वह भी न के बराबर है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट साफ कह चुका है कि बच्चे को दूध पिलाना महिला का मौलिक अधिकार है। किसी भी दफ्तर या बस अड्डे के अधिकारी पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कागजों में योजनाएं पूरी हैं, लेकिन ज़मीन पर महिलाएं आज भी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रही हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589792/cow-dung-bioplastic-bbau-scientist-ravi-gupta"><span class="t-red">गाय के गोबर से बनेगा प्लास्टिक का पर्यावरण अनुकूल विकल्प, </span>BBAU वैज्ञानिक ने विकसित किया बायोप्लास्टिक</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589802/lucknow-lactation-room-facility-women-offices-bus-stands</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 14:20:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP में 6,252 प्रशिक्षु लेखपालों का रिजल्ट मंजूर, जल्द होगी नियमित तैनाती; जिलों को भेजे जाएंगे अंकपत्र</title>
                                    <description><![CDATA[विभागीय अर्हकारी परीक्षा-2025 का परिणाम अनुमोदित, प्रशिक्षण पूरा करने वाले लेखपालों की सेवा संबंधी प्रक्रिया होगी तेज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589801/up-lekhpal-result-2025-6252-trainee-lekhpal-posting-soon"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/_lekhpals-.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> राजस्व परिषद ने सीधी भर्ती से नियुक्त 6,252 प्रशिक्षु लेखपालों की विभागीय अर्हकारी परीक्षा-2025 का परिणाम अनुमोदित कर दिया है। इसके साथ ही इनकी नियमित तैनाती की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इन प्रशिक्षु लेखपालों को लखनऊ, आजमगढ़, मऊ, गोरखपुर, महोबा, प्रयागराज, बिजनौर, बरेली और फिरोजाबाद स्थित मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण विद्यालयों में प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद आयोजित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजस्व परिषद ने प्रशिक्षण विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि अंकपत्र जिलाधिकारियों के माध्यम से संबंधित लेखपालों को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि सेवा संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">परिषद के अनुसार, नए लेखपालों की तैनाती से भूमि अभिलेख, नामांतरण, सीमांकन, विरासत और अन्य राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी। राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने नवचयनित लेखपालों को शुभकामनाएं देते हुए पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/589800/utrathia-station-parcel-booking-lucknow-10-september"><span class="t-red">Utrathia Railway Station: </span>उतरेठिया स्टेशन पर शुरू हुई पार्सल बुकिंग, 10 सितंबर तक मिलेगी सुविधा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 14:16:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Utrathia Railway Station: उतरेठिया स्टेशन पर शुरू हुई पार्सल बुकिंग, 10 सितंबर तक मिलेगी सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिणी लखनऊ के लोगों को बड़ी राहत, अब पार्सल भेजने-मंगाने के लिए चारबाग जाने की जरूरत नहीं; आसपास के कारोबारियों को भी फायदा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589800/utrathia-station-parcel-booking-lucknow-10-september"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/utrathia-railway-station.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ:</strong> दक्षिणी लखनऊ के लोगों और कारोबारियों के लिए रेलवे ने बड़ी सुविधा शुरू की है। उत्तर रेलवे ने उतरेठिया रेलवे स्टेशन (UTR) पर पार्सल यातायात के लदान और उतार की सुविधा तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी है। रेलवे के मुताबिक यह सुविधा 10 सितंबर तक उपलब्ध रहेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि इस पहल का सबसे ज्यादा फायदा उतरेठिया के साथ पीजीआई, तेलीबाग, रायबरेली रोड, वृंदावन योजना, आशियाना, एल्डिको, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अब पार्सल के लिए चारबाग जाने की जरूरत नहीं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई सुविधा शुरू होने से इन इलाकों के लोगों को पार्सल बुक कराने या अपना पार्सल मंगाने के लिए चारबाग रेलवे स्टेशन जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे स्थानीय यात्रियों और व्यापारियों के समय और आने-जाने की परेशानी में कमी आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रेलवे की इस व्यवस्था से दक्षिणी लखनऊ में रहने वाले लोगों को अपने नजदीकी स्टेशन से ही पार्सल संबंधी काम कराने का विकल्प मिल गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>छोटे कारोबारियों को भी मिलेगा फायदा</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उतरेठिया स्टेशन पर पार्सल सुविधा शुरू होने से छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। दवा, कपड़ा, कृषि उत्पाद, मशीनों के पुर्जे और अन्य सामान रेल के जरिए भेजने वाले कारोबारी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रेल परिवहन के जरिए सामान भेजने वाले कारोबारियों के लिए नजदीकी पार्सल केंद्र उपलब्ध होने से लॉजिस्टिक प्रक्रिया आसान हो सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>चारबाग स्टेशन का दबाव भी घटेगा</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रेलवे की इस पहल का एक अहम उद्देश्य चारबाग स्टेशन पर पार्सल कार्य का दबाव कम करना भी है। दक्षिणी लखनऊ से आने वाले लोगों के लिए उतरेठिया में ही पार्सल सुविधा उपलब्ध होने से चारबाग पर निर्भरता कम होने की संभावना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अच्छी प्रतिक्रिया मिली तो बढ़ सकती है सुविधा</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्तर रेलवे के मुताबिक फिलहाल उतरेठिया स्टेशन पर पार्सल लदान और उतार की सुविधा<strong> </strong>10 सितंबर तक जारी रहेगी। रेलवे ने संकेत दिया है कि यदि व्यापारियों और यात्रियों की ओर से सुविधा को अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है, तो भविष्य में इसे आगे भी जारी रखने पर विचार किया जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>किन इलाकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?</strong></h5>
<ul style="text-align:justify;">
<li>उतरेठिया</li>
<li>पीजीआई</li>
<li>तेलीबाग</li>
<li>रायबरेली रोड</li>
<li>वृंदावन योजना</li>
<li>आशियाना</li>
<li>एल्डिको</li>
<li>सरोजनीनगर</li>
<li>मोहनलालगंज</li>
<li>गोसाईंगंज</li>
<li>आसपास के क्षेत्र</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/589776/rrb-group-d-exam-special-train-mau-bareilly-lucknow"><span class="t-red">RRB Group-D Exam: </span>अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत, मऊ से बरेली के बीच चलेगी 16 फेरे वाली स्पेशल ट्रेन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 14:09:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Monsoon Session: विधानसभा में विपक्ष पर सीएम योगी का पलटवार, विपक्ष ने शिक्षक भर्ती से NEET तक के मुद्दों पर सरकार को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[यूपी विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करेगी सरकार, 50 से 70 हजार करोड़ रुपये तक हो सकता है आकार; ग्रामीण विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर अतिरिक्त खर्च का फोकस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589741/up-monsoon-session-2026-opposition-protest-supplementary-budget"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/up-monsoon-session-(1).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ: </strong>उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र में मंगलवार को राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी विधायकों की तख्तियों पर शिक्षक भर्ती, आरक्षण और NEET पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों से जुड़े नारे लिखे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच राज्य सरकार विधानसभा के दोनों सदनों में वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करने जा रही है। प्रस्तावित अनुपूरक बजट का आकार 50 से 70 हजार करोड़ रुपये के बीच रहने की संभावना है। सरकार का फोकस विकास योजनाओं को गति देने के साथ पहले से स्वीकृत लेकिन अधूरी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने पर रहने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 14:03:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPSSSC Exam Calendar 2026: यूपीएसएसएससी ने जारी किया परीक्षा कैलेंडर, अगस्त से शुरू होंगी भर्तियों की मुख्य परीक्षाएं</title>
                                    <description><![CDATA[दिसंबर तक चलेगा भर्ती परीक्षाओं का सिलसिला, अक्टूबर में प्रस्तावित PET-2026; आयोग ने कहा- विशेष परिस्थितियों में बदल सकती हैं तारीखें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589796/upsssc-exam-calendar-2026-pet-main-exam-dates"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/upsssc-exam-calendar-2026.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाली विभिन्न मुख्य परीक्षाओं, टंकण परीक्षाओं और साक्षात्कार का परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। आयोग के इस कदम से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अपनी रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में परीक्षा और साक्षात्कार की तिथियों में बदलाव किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जारी कैलेंडर के अनुसार, सबसे पहले 9 अगस्त को प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 23 अगस्त को सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) मुख्य परीक्षा होगी। अगस्त में ही अनुदेशक फिटर, ड्राफ्ट्समैन (मैकेनिकल) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम मेंटिनेंस पदों के साक्षात्कार प्रस्तावित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">1 सितंबर को आशुलिपिक भर्ती की हिंदी आशुलेखन एवं टंकण परीक्षा होगी। 20 सितंबर को आबकारी सिपाही मुख्य परीक्षा और भेषजिक (आयुर्वेदिक) मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं, 27 सितंबर को वन रक्षक एवं वन्य जीव रक्षक मुख्य परीक्षा तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला (संयुक्त वर्ग) मुख्य परीक्षा प्रस्तावित है। सितंबर में अनुदेशक मैकेनिक (डीजल इंजन) और टर्नर पदों के साक्षात्कार भी होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोग ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी-2026) अक्टूबर में कराने का कार्यक्रम तय किया है। नवंबर में प्लाटून कमांडर/ब्लॉक ऑर्गेनाइजर, हवलदार प्रशिक्षक, गन्ना पर्यवेक्षक और मोहर्रिर पदों की मुख्य परीक्षाएं होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">दिसंबर में लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार, विधान भवन रक्षक और अग्निरक्षक पदों की मुख्य परीक्षाओं के साथ कनिष्ठ सहायक की टंकण परीक्षा प्रस्तावित है।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोग ने अभ्यर्थियों से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तैयारी करने और परीक्षा संबंधी नवीनतम सूचनाओं के लिए समय-समय पर जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589792/cow-dung-bioplastic-bbau-scientist-ravi-gupta"><span class="t-red">गाय के गोबर से बनेगा प्लास्टिक का पर्यावरण अनुकूल विकल्प, </span>BBAU वैज्ञानिक ने विकसित किया बायोप्लास्टिक</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589796/upsssc-exam-calendar-2026-pet-main-exam-dates</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 14:01:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाय के गोबर से बनेगा प्लास्टिक का पर्यावरण अनुकूल विकल्प, BBAU वैज्ञानिक ने विकसित किया बायोप्लास्टिक</title>
                                    <description><![CDATA[गन्ना, मक्का, गेहूं, चावल और केले के छिलकों से भी तैयार होगा बायोप्लास्टिक; वैज्ञानिक डॉ. रवि गुप्ता को मिला 20 साल का पेटेंट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589792/cow-dung-bioplastic-bbau-scientist-ravi-gupta"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/babasaheb-bhimrao-ambedkar-university.png" alt=""></a><br /><p><strong>मार्कण्डेय पाण्डेय, लखनऊ, अमृत विचार:</strong> दुनिया भर में पर्यावरण के लिए खतरा बने प्लास्टिक का विकल्प बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक ने ढूंढ लिया है। वैज्ञानिक डॉ. रवि गुप्ता बैक्टीरिया और गाय के गोबर से ऐसे बायोप्लास्टिक का निर्माण किया है जो 40-50 वर्ष में नष्ट होकर प्रकृति के साथ घुलमिल जाएगी, जबकि प्लास्टिक हजारों वर्ष तक नष्ट नहीं होती है। हालत ये है कि महासागरों में खड़े हो रहे प्लास्टिक के मल्टीलेयर पैच जलीय जीवों को नष्ट कर रहे हैं। इस प्लास्टिक के निर्माण की प्रक्रिया ग्लोबल वार्मिंग को भी बढ़ावा दे रही है। बायोप्लास्टिक के लिए बीबीएयू के इस वैज्ञानिक को 20 वर्षो का पेटेंट भी मिल गया है।</p>
<p>डॉ. रवि गुप्ता ने बताया कि प्लास्टिक जैसे गुणों वाले बायोडिग्रेडेबल पदार्थ गन्ना, मक्का, गेहूं, चावल और केले के छिलके आदि बायोमास से तैयार किया गया है। ऐसे गुण सूक्ष्मजीवों द्वारा संश्लेषित पॉलीहाइड्रॉक्सी ब्यूटिरेट में भी मौजूद हैं। बैक्टीरिया और गाय के गोबर का उपयोग करके कम लागत वाले बायोप्लास्टिक का निर्माण किया गया है। इससे प्लास्टिक की वस्तुओं, बोतल, पॉलीबैग आदि किसी भी सामान का निर्माण किया जा सकता है। पीएचबी उत्पादन को सस्ता करने के लिए गाय के गोबर से बैक्टीरिया विकसित किया गया है। इस विधि से बायोप्लास्टिक उत्पादन की लागत को व्यावसायिक रूप से उपलब्ध पीएचबी की तुलना में लगभग 200 गुना कम कर दिया है। बायोडिग्रेडेबल का उपयोग गैर विषाक्त घाव भरने वाले ड्रेसिंग पैच, तेजी से ऊतक और हड्डी के उत्थान और विभिन्न पशु संक्रमण मॉडल में दवा यौगिकों की नैनो-डिलीवरी के विकास के लिए पीएचबी की नैनोशीट भी बना रहे हैं।</p>
<h5><strong>पेट्रोलियम प्लास्टिक से बनता है प्लास्टिक</strong></h5>
<p>पेट्रोलियम आधारित सिंथेटिक प्लास्टिक आजकल हर चीज में उपयोग होने लगा है। जिसके कारण गैर अपघटनीय अपशिष्ट पदार्थ जमा हो जाते हैं जो हजारों वर्षों तक पर्यावरण में रहते हैं। पृथ्वी पर कई प्रजातियां प्लास्टिक प्रदूषण से पीड़ित हैं और यह ग्लोबल वार्मिंग के प्रमुख कारणों में से एक है।</p>
<h5><strong>घरेलू सामग्री से बन जाएगी बायोप्लास्टिक</strong></h5>
<p>प्लास्टिक कचरा हजारों वर्ष तक नष्ट नहीं होता और जलाने पर रासायनिक जहरीली गैसें वातावरण को जहरीला बनाती है। बायोमास से बनाए गए पदार्थो में वांछनीय गुण सूक्ष्मजीवों द्वारा संश्लेषित पॉलीहाइड्रॉक्सी ब्यूटिरेट (पीएचबी) में भी मौजूद हैं।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 13:55:36 +0530</pubDate>
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