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                <title>Anuj Sharma - Amrit Vichar</title>
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                <description>Anuj Sharma RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> ₹71 लीटर का एथेनॉल: ,फिर भी पेट्रोल में क्यों मिलाया जा रहा? सरकार ने बताया पूरा गणित</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोल से महंगा होने के बावजूद सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग पर जोर क्यों दे रही है? जानिए एथेनॉल की कीमत, E20, किसानों को फायदा, ऊर्जा सुरक्षा और सरकार की पूरी रणनीति।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589370/ethanol-blending-explained-why-government-mixing-ethanol-with-petrol"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/ethanol--petrol.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, नई दिल्ली।</strong> पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा लगातार बढ़ाई जा रही है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि जब एथेनॉल की खरीद कीमत ही करीब 71 रुपये प्रति लीटर है, तो सरकार इसे पेट्रोल में मिलाने पर इतना जोर क्यों दे रही है? लोकसभा में भी यही सवाल उठा। इसके जवाब में केंद्र सरकार ने कहा कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम का उद्देश्य तेल कंपनियों को सस्ता ईंधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना, किसानों को बेहतर बाजार देना और विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना है।</p>
<p><strong>सवाल 1 : </strong>एथेनॉल आखिर कितने का खरीदा जा रहा है?</p>
<p>सरकार के अनुसार, मौजूदा एथेनॉल आपूर्ति वर्ष (नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026) में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां एथेनॉल करीब 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही हैं। इस कीमत में जीएसटी और परिवहन खर्च भी शामिल है।</p>
<p>इंडियन ऑयल : 71.18 रुपये प्रति लीटर<br />हिंदुस्तान पेट्रोलियम : 71.10 रुपये प्रति लीटर<br />भारत पेट्रोलियम : 71.21 रुपये प्रति लीटर</p>
<p>सरकार ने बताया कि गन्ने के रस, बी-हैवी और सी-हैवी शीरे, क्षतिग्रस्त खाद्यान्न, एफसीआई के अतिरिक्त चावल और मक्का जैसे विभिन्न स्रोतों से तैयार एथेनॉल की औसत एक्स-डिस्टिलरी कीमत 66.61 रुपये प्रति लीटर है, जिसमें जीएसटी और परिवहन लागत शामिल नहीं है।</p>
<p><strong>सवाल 2 : </strong>जब एथेनॉल सस्ता नहीं है, तो इसे पेट्रोल में क्यों मिलाया जा रहा है?</p>
<p>सरकार का कहना है कि इस योजना को केवल खरीद कीमत के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। एथेनॉल मिश्रण का उद्देश्य दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को साधना है। सरकार के मुताबिक इससे -कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटती है।  अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है।  देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होती है। किसानों को अपनी फसलों के लिए अतिरिक्त बाजार मिलता है। वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आती है। सरकार ने स्पष्ट किया कि एथेनॉल खरीद की व्यवस्था तेल कंपनियों का मुनाफा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और उत्पादकों को उचित मूल्य देने के लिए बनाई गई है।</p>
<p><strong>सवाल 3 : </strong>पश्चिम एशिया संकट के दौरान क्या फायदा मिला?</p>
<p>सरकार ने संसद में कहा कि हाल के पश्चिम एशिया संकट के दौरान जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 70 से 80 प्रतिशत तक उछाल आया, तब भी भारत में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग 7 से 8 प्रतिशत तक सीमित रही।  सरकार का कहना है कि जब भारतीय कच्चे तेल की कीमत करीब 135 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, तब बाजार के हिसाब से पेट्रोल लगभग 125 रुपये प्रति लीटर बिक सकता था। इसके बावजूद दिल्ली में उपभोक्ताओं को 94.77 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल उपलब्ध कराया गया। सरकार ने इसका एक कारण घरेलू स्तर पर उपलब्ध एथेनॉल को भी बताया। हालांकि इस अवधि में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल पर औसतन लगभग 11 रुपये प्रति लीटर का अंडर-रिकवरी नुकसान हुआ, जिसकी कुल राशि करीब 21,300 करोड़ रुपये रही।</p>
<p><strong>सवाल 4 :</strong> क्या E20 पेट्रोल से गाड़ी के इंजन को नुकसान होता है?</p>
<p>सरकार ने कहा कि अधिक एथेनॉल मिश्रण लागू करने से पहले ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), वाहन निर्माता कंपनियों, तेल विपणन कंपनियों और अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं ने व्यापक परीक्षण किए थे। सरकार के अनुसार, देश में 23 करोड़ से अधिक वाहन उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रहे हैं। इनमें 20 करोड़ से अधिक दोपहिया और लगभग 3 करोड़ पेट्रोल कारें शामिल हैं। अब तक एथेनॉल मिश्रण के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है। वाहन निर्माता कंपनियां E20 ईंधन का उपयोग करने वाले वाहनों की वारंटी भी जारी रखे हुए हैं।</p>
<p><strong>सवाल 5 : </strong>किसानों को इससे क्या फायदा होगा?</p>
<p>सरकार का मानना है कि एथेनॉल की मांग बढ़ने से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों के लिए नया बाजार तैयार होता है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने की संभावना रहती है।</p>
<p><strong>सवाल 6 : </strong>सरकार का बड़ा लक्ष्य क्या है?</p>
<p>सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण केवल ईंधन नीति नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसलिए इस योजना का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि एथेनॉल पेट्रोल से सस्ता है या महंगा।</p>
<p><strong>एक नजर में</strong></p>
<p>-एथेनॉल खरीद कीमत: करीब 71 रुपये प्रति लीटर<br />-उद्देश्य: ऊर्जा सुरक्षा और आयातित तेल पर निर्भरता कम करना<br />-किसानों को लाभ: कृषि उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना<br />-पर्यावरण: वाहनों से उत्सर्जन कम करने में मदद का दावा<br />-वाहन: 23 करोड़ से अधिक वाहन उच्च एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर रहे हैं<br />-सरकार का संदेश: यह योजना मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लागू की जा रही है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 20:19:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> UP Teacher Transfer : घर कब लौटेंगे? वर्षों से घर वापसी की राह देख रहे शिक्षकों ने चुनावी साल में फूंका आंदोलन का बिगुल, बोले- अब सिर्फ ज्ञापन नहीं, आर-पार की लड़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[UP Teacher Transfer : आठ साल... दस साल... और अब भी घर वापसी का इंतजार। लखीमपुर में जुटे शिक्षकों ने कहा- अब सिर्फ ज्ञापन नहीं, आंदोलन होगा। आखिर क्यों अटकी है वरिष्ठता आधारित तबादला नीति? पढ़िए अमृत विचार की रिपोर्ट।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589277/up-teacher-transfer-seniority-based-transfer-demand-lakhimpur-meeting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-29-at-11.01.03-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, लखनऊ ।</strong>  बुधावार की शाम के पांच बज रहे थे। काशीनगर स्थित प्राथमिक शिक्षक भवन में धीरे-धीरे शिक्षक जुटने लगे। बाहर सूरज ढलने की तैयारी में था और भीतर वर्षों से मन में दबा एक सवाल फिर सामने आ गया- घर कब लौटेंगे? बैठक शुरू हुई तो कमरे में दिन का उजाला था, लेकिन चर्चा इतनी लंबी चली कि बाहर अंधेरा हो गया और शिक्षक भवन की रोशनी बल्बों के भरोसे जल उठी। सूरज ढल गया, मगर उन शिक्षकों की उम्मीद नहीं ढली, जो वर्षों से अपने गृह जनपद लौटने का इंतजार कर रहे हैं। यह कोई औपचारिक बैठक भर नहीं थी। यहां पहुंचे अधिकांश शिक्षक एक ही दर्द लेकर आए थे। अंतर्जनपदीय सामान्य स्थानांतरण । उनका कहना था कि उन्होंने सरकारी सेवा का बड़ा हिस्सा अपने परिवार, माता-पिता, पत्नी, बच्चों और सामाजिक जीवन से दूर रहकर बिताया है। अब उन्हें लगने लगा है कि यदि इस बार भी आवाज बुलंद नहीं की गई तो शायद पूरी नौकरी अपने घर से दूर ही पूरी करनी पड़े।</p>
<h4><strong>बैठक में क्या तय हुआ?</strong></h4>
<p><br />काशीनगर स्थित प्राथमिक शिक्षक भवन में आयोजित बैठक में प्रदेश संयोजक डॉ.धर्मेंद्र सिंह सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे। बैठक के दौरान अंतर्जनपदीय समिति के प्रदेश  अध्यक्ष  तीर्थमणि त्रिपाठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब केवल ज्ञापन सौंपने से काम नहीं चलेगा। संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में सक्रिय साथियों को जोड़ने, संगठन को मजबूत करने और व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने पर सहमति बनी। बैठक में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का समय नजदीक है। ऐसे में शिक्षकों की मांग को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाने का यह महत्वपूर्ण अवसर है।</p>
<h4><strong>अब हिम्मत दिखाने की जरूरत </strong></h4>
<p>वक्ताओं ने कहा कि यदि सभी शिक्षक एकजुट होकर प्रयास करें तो एक-महीने के भीतर सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद की जा सकती है। हमारी बात शासन तक पहुंच चुकी है, अब हिम्मत दिखाने की जरूरत है। बैठक में वक्ताओं ने शिक्षकों से भावनात्मक अपील भी की। उन्होंने कहा कि वर्षों से ज्ञापन दिए गए, मांगें उठाई गईं, लेकिन अब समय संगठन को और मजबूत बनाने का है। प्रत्येक जिले और प्रत्येक ब्लॉक में सक्रिय कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया गया। शिक्षकों से कहा गया कि उनकी एकता और संख्या ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। यदि सभी साथी तन, मन और धन से इस अभियान में जुड़ते हैं तो सरकार तक उनकी बात और प्रभावी ढंग से पहुंच सकती है।</p>
<p> </p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/RvX3QT-ES9I" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<p><a title="11 साल से तबादले की आस में शिक्षक, निदेशालय पर डाला डेरा" href="https://youtu.be/RvX3QT-ES9I?si=O1UCarDUMtbj-lbt">t</a></p>
<h4><strong>जिंदगी का सबसे कीमती समय घर से दूर गुजर गया</strong></h4>
<p>बैठक के दौरान कई शिक्षकों ने अपनी पीड़ा भी साझा की। किसी ने कहा कि माता-पिता बूढ़े हो गए, लेकिन उनके साथ रहने का अवसर नहीं मिला। किसी ने कहा कि बच्चों का बचपन नौकरी की मजबूरी में दूसरे जिले से ही गुजर गया। कुछ शिक्षकों ने कहा कि परिवार और समाज से दूर रहते-रहते जीवन का सबसे बहुमूल्य समय निकल गया। शिक्षकों का कहना था कि यह केवल तबादले का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह उनके पारिवारिक, सामाजिक और मानसिक जीवन से जुड़ा प्रश्न बन चुका है।</p>
<p><strong><a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/amritvichar.com/article/589106/-up-school-college-coaching-safety-rti-information-commission-notice-dios-moradabad">ये भी पढ़ें - आपके बच्चे का स्कूल कितना सुरक्षित?: जानकारी मांगने पर भी नहीं मिली, DIOS मुरादाबाद को सूचना आयोग का नोटिस</a></strong></p>
<h4><strong>PTR का </strong><strong>' </strong><strong>भूत ' फिर चर्चा के केंद्र में</strong></h4>
<p>बैठक में सबसे ज्यादा चिंता पीटीआर (Pupil Teacher Ratio) को लेकर जताई गई। शिक्षकों का कहना था कि यदि सरकार स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह पीटीआर के आधार पर ही लागू करती रही तो सामान्य अंतर्जनपदीय स्थानांतरण बेहद कठिन हो जाएगा। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में शिक्षक पूरी सेवा अपने गृह जनपद से दूर बिताने को विवश हो सकते हैं। बैठक में मौजूद शिक्षकों ने सरकार से आग्रह किया कि स्थानांतरण नीति पर पुनर्विचार किया जाए और वरिष्ठता को प्रमुख आधार बनाया जाए।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/lakhimpur-khiri-teacher.jpg" alt="lakhimpur khiri teacher" width="1600" height="719"></img>
लखीमपुर खीरी के काशीनगर स्थित प्राथमिक शिक्षक भवन में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में मौजूद शिक्षक।

<p> </p>
<h4><strong>शिक्षक संगठनों पर भी उठे सवाल</strong></h4>
<p>बैठक के दौरान केवल सरकार ही चर्चा के केंद्र में नहीं रही। कई शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा विभाग के विभिन्न शिक्षक संगठनों की भूमिका पर भी चिंता जताई। शिक्षकों का कहना था कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी संगठनों को एक मंच पर आना चाहिए। बैठक में जूनियर शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ और चर्चित शिक्षक नेता विवेकानंद से भी इस विषय पर सक्रिय पहल करने का अनुरोध किया गया। कुछ शिक्षकों ने अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करते हुए कहा कि कई शिक्षक नेता अब शिक्षकों की मूल समस्याओं पर पहले जैसी सक्रियता नहीं दिखा रहे। कुछ ने अधिकारियों से नजदीकी होने की आशंका भी जताई। </p>
<h4><strong>हर ब्लॉक से पहुंचे शिक्षक, संगठन ने जताया आभार</strong></h4>
<p><br />बैठक में दुर्गेश पांडेय, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राजेंद्र तिवारी, शिव प्रकाश, रवि यादव, विजय कुमार पांडेय, अविनाश तिवारी और नंदलाल सहित जिले के पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न ब्लॉकों से आए लगभग सैकड़ों शिक्षकों ने बैठक में भाग लिया। बैठक के अंत में सभी उपस्थित शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि आंदोलन की सफलता संख्या और संगठनात्मक मजबूती पर निर्भर करेगी। इसलिए प्रत्येक ब्लॉक में अधिक से अधिक शिक्षकों को सक्रिय करने का अभियान चलाया जाएगा।</p>
<h4><strong>तीन मांगें, जिन पर अड़े शिक्षक</strong></h4>
<p>-आकांक्षी और सामान्य जिलों के लिए लागू व्यवस्था की समीक्षा।<br />- वरिष्ठता आधारित अंतर्जनपदीय स्थानांतरण शुरू करने पर निर्णय।<br />- स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समान अवसर के सिद्धांत पर आधारित बनाया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 01:15:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> आपके बच्चे का स्कूल कितना सुरक्षित?: जानकारी मांगने पर भी नहीं मिली, DIOS मुरादाबाद को सूचना आयोग का नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा संबंधी RTI का समय पर जवाब नहीं देने पर मुरादाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को नोटिस जारी किया। आयोग ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के शिक्षण संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था जानने का पूरा अधिकार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589106/-up-school-college-coaching-safety-rti-information-commission-notice-dios-moradabad"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/rti.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>स्कूलों,कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में आग, भवन हादसों और अन्य सुरक्षा चूक की घटनाओं के बीच एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर अभिभावक अपने बच्चों के शिक्षण संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी कैसे हासिल करें? उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने इसी मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए मुरादाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को नोटिस जारी किया है।<br />मामला मुरादाबाद जिले के करीब 40 कोचिंग संस्थानों और एक दर्जन स्कूलों एवं कॉलेजों में सुरक्षा मानकों से जुड़ी जानकारी का है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं से संबंधित सूचनाएं मांगी गई थीं, लेकिन निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।</p>
<h4><strong>विभाग का दायित्व है समय पर सूचना उपलब्ध कराए</strong></h4>
<p>सुनवाई के दौरान  राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा आज हर अभिभावक की प्राथमिक चिंता है। यदि कोई नागरिक आरटीआई के माध्यम से ऐसी जानकारी मांगता है तो संबंधित विभाग का दायित्व है कि उसे समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए। इससे अभिभावकों को यह जानने का अधिकार मिलता है कि जिस संस्थान में उनका बच्चा पढ़ रहा है, वहां सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।</p>
<h4><strong>DIOS मुरादाबाद से जवाब तलब</strong></h4>
<p>सूचना आयोग ने माना कि शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक हित का विषय है। ऐसी सूचनाएं देने में देरी या उन्हें रोके रखना आरटीआई कानून की भावना के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर DIOS मुरादाबाद से जवाब तलब किया गया है।<br />राज्य सूचना आयुक्त का यह फैसला दूरगामी असर वाला माना जा रहा है। प्रदेश के लाखों अभिभावकों के लिए यह आदेश महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे भी सूचना के अधिकार के तहत अपने जिले के स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था, भवन की सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी मांग सकते हैं। सूचना आयोग के इस रुख से शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
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                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589106/-up-school-college-coaching-safety-rti-information-commission-notice-dios-moradabad</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 20:50:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: बिहार के दो युवक गंभीर, मर्सिडीज में एक घंटे तक फंसे रहे</title>
                                    <description><![CDATA[<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/wa_1784602909827.jpeg" alt="WA_1784602909827" width="1200" height="695" />
सड़क हादसे में घायल मर्सिडीज़ सवारों को अस्पताल ले जाती पुलिस।

<p>  </p>
<p><strong>अमृत विचार, अमेठी</strong>। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर शाम हुए भीषण सड़क हादसे में बिहार के दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। गाजीपुर से लखनऊ जा रही उनकी तेज रफ्तार मर्सिडीज कार शुकुल बाजार थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 67.1 पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक कार में फंस गए और उन्हें बाहर निकालने के लिए यूपीडा की रेस्क्यू टीम को करीब एक घंटे तक अभियान चलाना पड़ा।</p>
<h4><strong>घायलों को</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588308/purvanchal-expressway-accident-bihar-two-youths-seriously-injured-mercedes-crash"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/wa_1784602909827.jpeg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/wa_1784602909827.jpeg" alt="WA_1784602909827" width="1600" height="695"></img>
सड़क हादसे में घायल मर्सिडीज़ सवारों को अस्पताल ले जाती पुलिस।

<p> </p>
<p><strong>अमृत विचार, अमेठी</strong>। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर शाम हुए भीषण सड़क हादसे में बिहार के दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। गाजीपुर से लखनऊ जा रही उनकी तेज रफ्तार मर्सिडीज कार शुकुल बाजार थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 67.1 पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक कार में फंस गए और उन्हें बाहर निकालने के लिए यूपीडा की रेस्क्यू टीम को करीब एक घंटे तक अभियान चलाना पड़ा।</p>
<h4><strong>घायलों को कार से सुरक्षित बाहर निकाला</strong></h4>
<p>हादसे में वैशाली (बिहार) निवासी शिरिष्ट कुमार यादव (40) और बारुपुर (बिहार) निवासी दीपक कुमार सिंह (24) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही यूपीडा की रेस्क्यू टीम और शुकुल बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों घायलों को कार से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद दोनों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बाजार शुकुल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।</p>
<h4><strong>दुर्घटनाग्रस्त मर्सिडीज को एक्सप्रेसवे से हटवाया </strong></h4>
<p>उधर, यूपीडा ने दुर्घटनाग्रस्त मर्सिडीज को एक्सप्रेसवे से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। शुकुल बाजार थाना अध्यक्ष विवेक वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार के कारण कार का अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराना सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Crime</category>
                                            <category>अमेठी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 08:35:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Parliament Monsoon Session:   : कॉकरोच जनता पार्टी के 'चलो संसद' मार्च पर दिल्ली हाई अलर्ट, संसद और जंतर-मंतर के चारों ओर सुरक्षा का कड़ा घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर है। जंतर-मंतर से संसद तक सुरक्षा बढ़ाई गई, बैरिकेडिंग और भारी पुलिस तैनाती के बीच प्रदर्शन की तैयारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588149/cockroach-janata-party-chalo-sansad-march-delhi-high-alert-parliament-monsoon-session"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/213.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/20071-pti07_20_2026_000286b.jpg" alt="20071-pti07_20_2026_000286b" width="4800" height="3181"></img>
नई दिल्ली: 'चलो संसद' मार्च से पहले जंतर-मंतर के निकट प्रदर्शनकारियों को हटाती दिल्ली पुलिस। संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। (फोटो: पीटीआई)

<p> </p>
<p><strong>डिजिटल डेस्क । </strong>संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च है। पार्टी ने NEET में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को संसद की ओर मार्च का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर संसद भवन, जंतर-मंतर, सेंट्रल विस्टा और नई दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।</p>
<h4><strong>दिल्ली पुलिस का साफ संदेश- मार्च की नहीं मिली अनुमति</strong></h4>
<p>दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने 'चलो संसद' मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली है। पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने कहा कि नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू है। ऐसे में बिना अनुमति जुलूस, प्रदर्शन या पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/213.jpg" alt="2" width="1280" height="807"></img>
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च से पहले जंतर-मंतर पर सड़क को बैरिकेड लगाकर बंद करते पुलिसकर्मी। शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। (फोटो: पीटीआई)

<p> </p>
<h4><strong>संसद से लेकर कनॉट प्लेस तक हाई सिक्योरिटी</strong></h4>
<p>पुलिस ने संसद मार्ग, जंतर-मंतर, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और अन्य संवेदनशील इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है, वाहनों की सघन जांच हो रही है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और रिजर्व फोर्स भी तैनात है।</p>
<h4><strong>NEET विवाद और सोनम वांगचुक के समर्थन से जुड़ा आंदोलन</strong></h4>
<p>कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि उसका प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर है। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को भूख हड़ताल के दौरान सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। अस्पताल से जारी संदेश में सोनम वांगचुक ने समर्थकों से बड़ी संख्या में 'चलो संसद' मार्च में शामिल होने की अपील की है।</p>
<h4><strong>दिल्ली पुलिस की अपील</strong></h4>
<p>दिल्ली पुलिस ने लोगों से किसी भी अनधिकृत प्रदर्शन का हिस्सा न बनने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि संसद सत्र के दौरान किसी भी हाल में सुरक्षा व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 09:07:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Spain vs Argentina, FIFA World Cup Final :   फेरान टोरेस के गोल से स्पेन विश्व चैंपियन, मेस्सी का आखिरी विश्व कप हार के साथ खत्म</title>
                                    <description><![CDATA[स्पेन ने फीफा विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद विश्व खिताब जीत लिया। अतिरिक्त समय में फेरान टोरेस ने विजयी गोल किया, जबकि लियोनेल मेस्सी का आखिरी विश्व कप निराशा के साथ समाप्त हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588148/spain-vs-argentina-world-cup-final-spain-beat-argentina-ferran-torres-goal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/20071-ap07_20_2026_000206b.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/20071-ap07_20_2026_000206b.jpg" alt="20071-ap07_20_2026_000206b" width="4800" height="3201"></img>
अर्जेंटीना पर 1-0 की जीत के साथ फीफा विश्व कप 2026 का खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी के साथ जश्न मनाती स्पेन की टीम। (फोटो : पीटीआई)

<p> </p>
<p><strong>डिजिटल डेस्क ( ईस्ट रदरफोर्ड) ।</strong> पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल गंवाने वाली स्पेन के अभेद्य रक्षण में लियोनेल मेस्सी भी सेंध नहीं लगा सके और लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का उनका सपना आखिरी तिलिस्म पर आकर टूट गया । फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में गोल करके स्पेन को 16 साल बाद विश्व चैम्पियन बना दिया । इस विश्व कप का उनका पहला गोल उनके जीवन का सबसे अनमोल गोल बन गया जिसने स्पेन को ट्रॉफी दी और इस खूबसूरत खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक मेस्सी को आंसुओं के साथ विदाई । टोरेस ने जीत के बाद स्पेन के लोगों का जिक्र करते हुए कहा ,'' यह गोल 47 मिलियन लोगों ने किया था ।'' टोरेस स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में यह गोल दागकर स्पेन को 1 . 0 से जीत दिलाई । उन्होंने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बायें पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके । यह 2010 के बाद स्पेन का दूसरा विश्व खिताब है । </p>
<h4><strong>स्पेन ने सबसे कम गोल गंवाने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया </strong></h4>
<p>टूर्नामेंट में आठ मैचों में सिर्फ एक गोल गंवाने वाली स्पेन ने चैम्पियन द्वारा सबसे कम गोल गंवाने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया । वहीं पूरे टूर्नामेंट में आखिरी मिनटों में चमत्कारिक वापसी करती आई अर्जेंटीना उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी । उपविजेता का पदक लेने के बाद मेस्सी अपने आंसू नहीं रोक सके और दर्शक दीर्घा में बैठे अर्जेंटीना के समर्थकों की ओर देखकर कहा ,'' मुझे दुख हो रहा है । लेकिन ईमानदारी से कहूं तो उन्होंने बेहतर खेला । हमने पूरी कोशिश की थी ।'' निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था । स्पेन की महिला फुटबॉल टीम ने भी 2023 में विश्व कप जीता था और स्पेन एक ही साथ महिला और पुरूष फुटबॉल विश्व कप जीतने वाला पहला देश बन गया । स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था । अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी । </p>
<h4><strong>स्पेन 38 मैचों से अपराजेय 29 मैच जीते </strong></h4>
<p>स्पेन अब पिछले 38 मैचों से अपराजेय है जिसमें उसने 29 मैच जीते और नौ ड्रॉ खेले । यह किसी यूरोपीय टीम का अपराजेय रहने का सबसे बड़ा सिलसिला है । इससे पहले इटली ने अक्टूबर 2018 से सितंबर 2021 के बीच 37 मैचों में हार का सामना नहीं किया था । मेस्सी ने कहा ,'' हम हार गए और हम इसे स्वीकार करते हैं । लेकिन इसके यह मायने नहीं है कि हमने अब तक जैसा खेला, उसे भूल जायेंगे । मैं अपने देशवासियों, अपने खिलाड़ियों और देश को धन्यवाद देता हूं । मैं उनसे कहना चाहता हूं कि हमने कोशिश की ।'' अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने पड़ा जब दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में उन्हें दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया । उन्हें स्पेन के डिफेंडर पाउ कुबारासी से खतरनाक ढंग से टकराने के कारण कार्ड मिला। स्पेन ने गोल पर 20 शॉट लगाये जबकि अर्जेंटीना ने पहला संजीदा प्रयास अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में दिखाया । स्पेन ने मैच की पहली दस कार्नर किक में से नौ हासिल की । अर्जेंटीना के लिये उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाये । </p>
<h4><strong>स्पेन के कोच लुईस डे ला फुऐंटे किसी टीम को खिताब दिलाने वाले सबसे उम्रदराज कोच बने </strong></h4>
<p>मेस्सी ने आखिरी सीटी बजने से चार मिनट पहले कॉर्नर किक ली और गेंद रिजर्व खिलाड़ी जियुलियानो सिमोन की ओर गई जिन्होंने इसे हवा में उछाला और वह क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई । टोरेस ने मैच के बाद कहा ,'' जब दूसरी टीम में मेस्सी हो तो आप नर्वस तो होंगे ही । लेकिन हमने एक टीम के रूप में अपना खेल दिखाया , जो हम हमेशा दिखाते आये हैं ।'' इसके साथ ही स्पेन के कोच लुईस डे ला फुऐंटे 65 वर्ष की उम्र में किसी टीम को खिताब दिलाने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए । अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा ,'' हम दुखी है लेकिन हमने पूरी कोशिश की । स्पेन की टीम बेहतर थी ।'' 39 वर्ष के मेस्सी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यह उनका आखिरी विश्व कप था । मेस्सी के दौर में फुटबॉलप्रेमियों ने मैदान पर चमत्कार होते देखे । मेस्सी ने 2022 विश्व कप, 2008 बीजिंग ओलंपिक स्वर्ण पदक, 2021 और 2024 कोपा अमेरिका खिताब के साथ 19 साल में 16 बार अर्जेंटीना के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता है । </p>
<h4><strong>मैच  देखने टॉम क्रूज, ब्रैड पिट, जेनिफर हडसन जैसे हॉलीवुड सितारे पहुंचे</strong></h4>
<p>अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की मेजबानी में 48 टीमों के इस सबसे बड़े विश्व कप का यह 104वां मैच था । इसे देखने के लिये टॉम क्रूज, ब्रैड पिट, जेनिफर हडसन, डेनियल क्रेग, जेनिफर कोनोली जैसे हॉलीवुड सितारे मौजूद थे जबकि काका, जिनेदीन जिदान, डेविड बैकहम, दिदियेर ड्रोग्बा, रोनाल्डो, रोनाल्डिन्हो जैसे दिग्गज पूर्व फुटबॉलर भी दर्शक दीर्घा में थे । मेटलाइफ स्टेडियम के भीतर 80000 दर्शकों के अलावा दुनिया भर में अरबों लोगों ने इसे देखा । और केप वर्दे से पहले ही मैच में गोलरहित ड्रॉ के बाद खिताब तक पहुंची स्पेन ने उन्हें निराश नहीं किया ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/588148/spain-vs-argentina-world-cup-final-spain-beat-argentina-ferran-torres-goal</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 08:19:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sonam Wangchuk News: नए दिल्ली पुलिस कमिश्नर का पहला एक्शन, मानसून सत्र से पहले अस्पताल भेजे गए वांगचुक; क्या हैं इसके राजनीतिक मायने ?</title>
                                    <description><![CDATA[वांगचुक को लेकर जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल तक की यह कार्रवाई अब केवल एक मेडिकल निर्णय नहीं, बल्कि मानसून सत्र की राजनीति, विपक्ष की रणनीति और दिल्ली पुलिस की नई कार्यशैली, तीनों के संदर्भ में देखी जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/587967/sonam-wangchuk-delhi-police-commissioner-anurag-kumar-first-action-monsoon-session"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/untitled-design-(10).jpg-(2).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/untitled-design-(10).jpg-(2).jpeg" alt="Untitled design (10).jpg (2)" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p><strong>अनुज शर्मा, लखनऊ।</strong><br />संसद का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले दिल्ली में हुआ एक घटनाक्रम राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। नए दिल्ली पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) अनुराग कुमार के कार्यभार संभालने के महज एक दिन बाद उनकी निगरानी में पहली बड़ी कार्रवाई हुई। शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। </p>
<p>इस कार्रवाई की टाइमिंग ने कई सवाल खड़े किए हैं। एक तरफ संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है,दूसरी तरफ विपक्ष के कई नेता और देश-विदेश की चर्चित हस्तियां सोनम वांगचुक के समर्थन में खुलकर सामने आ चुकी थीं। संसद सत्र शुरू होने से पहले संसद भवन तक प्रस्तावित मार्च को लेकर भी माहौल बन रहा था। ऐसे में वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को केवल स्वास्थ्य संबंधी फैसला नहीं, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।</p>
<h4><strong>नए पुलिस कमिश्नर का पहला बड़ा ऑपरेशन</strong></h4>
<p>1994 बैच के एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभाला था। कार्यभार ग्रहण करने के अगले ही दिन जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई उनके कार्यकाल की पहली बड़ी पुलिस कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनुराग कुमार ने सभी जिला और यूनिट प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजधानी में किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, "पुलिस आयुक्त ने साफ कहा है कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।"</p>
<blockquote class="format1">
<p> </p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer">आज सुबह माननीय हाईकोर्ट के निर्देशों और नियमित दैनिक स्वास्थ्य जांच के तहत डॉक्टर सोनम वांगचुक के चिकित्सकीय परीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बाधा उत्पन्न की गई, जिसके कारण वहां कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति भी बनी। सोनम वांगचुक की नाजुक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए और डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें चिकित्सकीय जांच और आवश्यकता पड़ने पर आगे के उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।इसके बाद डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की जांच और मूल्यांकन किया। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक उपवास के कारण वह कमजोर हो गए हैं और उनमें डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के संकेत मिले हैं। फिलहाल उन्हें निगरानी में रखा गया है। उनके स्वास्थ्य की लगातार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जांच की जा रही है और आगे के आवश्यक परीक्षण भी किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>डीसीपी नयी दिल्ली का आधिकारिक बयान </strong></p>
</blockquote>
<h4><strong>हाईकोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह का हवाला</strong></h4>
<p>दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के आधार पर सोनम वांगचुक को बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के कारण आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे हल्की धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बनी। हालांकि पुलिस ने "अधिकतम संयम" बरतते हुए पूरी कार्रवाई सुरक्षित ढंग से पूरी की। साथ ही प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने की अपील भी की गई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/2078357226499215571?s=20">https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/2078357226499215571?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<h4><strong>21 दिन के अनशन से बिगड़ी सेहत</strong></h4>
<p>सोनम वांगचुक 28 जून से सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन पर थे। उनकी निगरानी कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, अनशन के दौरान उनका करीब 9.5 किलोग्राम वजन कम हो गया था। रक्तचाप और ब्लड शुगर पर लगातार नजर रखी जा रही थी।</p>
<h4><strong>केंद्र ने हाईकोर्ट में कहा था-जान बचाने के लिए जो जरूरी होगा करेंगे</strong></h4>
<p>गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक का रोजाना मेडिकल परीक्षण कराया जाए और जरूरत पड़ने पर इलाज सुनिश्चित किया जाए। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत से कहा था कि "सोनम वांगचुक की जान बचाने के लिए जो भी जरूरी होगा, सरकार वह करेगी।"</p>
<h4><strong>समर्थकों ने लगाए गंभीर आरोप</strong></h4>
<p>पुलिस कार्रवाई के बाद वांगचुक के समर्थकों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी और उनके परिवार की सहमति के बिना जबरन अस्पताल ले जाया गया। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में लिया। बाद में उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा भी की। वांगचुक के कई समर्थक उसी स्थान पर धरने पर बैठ गए, जहां वह अनशन कर रहे थे। पुलिस की अपील के बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से नहीं हटे।</p>
<h4><strong>तीन बड़े राजनीतिक संदेश </strong></h4>
<p>पूरे घटनाक्रम को तीन नजरियों से देखा जा रहा है। पहला, संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार किसी भी ऐसे घटनाक्रम से बचना चाहती थी, जिससे विपक्ष को बड़ा राजनीतिक मुद्दा मिल सके। दूसरा, दिल्ली हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश और केंद्र सरकार की अदालत में दी गई प्रतिबद्धता के बाद प्रशासन के पास चिकित्सकीय हस्तक्षेप का आधार मौजूद था। तीसरा, नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद हुई यह कार्रवाई उनकी प्राथमिकताओं का संकेत भी मानी जा रही है। करीब दो दशक तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में कश्मीर, वीआईपी सुरक्षा और वामपंथी उग्रवाद जैसे संवेदनशील मामलों को संभाल चुके अनुराग कुमार ने पहले ही दिन कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:30:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली में दिखा स्पाइन सर्जरी का भविष्य!  इलाज की दो नई तकनीकें लॉन्च, वायरलेस 4के सर्जिकल कैमरे से बढ़ीं उम्मीदें</title>
                                    <description><![CDATA[RMCH में एडवांस्ड स्पाइन सर्जरी कोर्स के दौरान दो नई तकनीकें लॉन्च हुईं। बेंगलुरु, पुणे और चेन्नई जैसे शहरों की तरह अब बरेली में भी मेडिकल इनोवेशन की दस्तक। स्पाइन सर्जरी की नई तकनीकों को विशेषज्ञों ने बताया गर्व का क्षण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/587924/bareilly-spine-surgery-innovation-sacranova-mivew-launch"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/gala-3.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/gala-3.jpg.jpeg" alt="gala 3.jpg" width="1280" height="720"></img>
बरेली के स्वर्ण फार्म्स में आयोजित गाला डिनर के दौरान स्पाइन सर्जरी की नई तकनीक को लांच करते आरएमसीएच के वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. वरुण अग्रवाल और अमेरिका के प्रसिद्ध स्पाइन सर्जन डॉ. हमीद अब्बासी आदि।

<p> </p>
<p><strong>अमृत विचार, बरेली।</strong> मेडिकल टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़े बदलाव अक्सर विदेशों से सामने आते हैं, लेकिन इस बार बरेली चर्चा में है। रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (RMCH) में आयोजित एडवांस्ड स्पाइन सर्जरी कोर्स (Advanced Spine Surgery Course) के दौरान रीढ़ की हड्डी की सर्जरी (Spine Surgery) से जुड़ी दो नई तकनीकों का अनावरण किया गया। इनमें से एक तकनीक को भारतीय बाजार में अपनी तरह के पहले वायरलेस 4के एंडोस्कोपिक सर्जिकल कैमरों (Wireless 4K Endoscopic Surgical Camera) में से एक माना जा रहा है।</p>
<p>आरएमसीएच में आयोजित एडवांस्ड स्पाइन सर्जरी कोर्स के पहले दिन स्वर्ण फार्म्स में हुए गाला डिनर (Gala Dinner) में इन दोनों नई तकनीकों को विशेषज्ञों के सामने पेश किया गया। कार्यक्रम में मौजूद डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने इन नवाचारों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।<br />इस अवसर पर बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (Bareilly International University) के चांसलर डॉ. केशव अग्रवाल और वाइस चांसलर डॉ. लता अग्रवाल मौजूद रहीं। कार्यक्रम में 300 से अधिक डॉक्टर, इंटर्न, डेलिगेट, फैकल्टी सदस्य और पोस्ट ग्रेजुएट छात्र शामिल हुए।</p>
<h4><strong>बरेली के डॉ. वरुण और अमेरिका के डॉ. हमीद कर रहे कोर्स का संचालन</strong></h4>
<p>इस एडवांस्ड कोर्स का संचालन आरएमसीएच के वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. वरुण अग्रवाल और अमेरिका के प्रसिद्ध स्पाइन सर्जन डॉ. हमीद अब्बासी कर रहे हैं। इस कोर्स का उद्देश्य देश-विदेश के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर स्पाइन सर्जरी की आधुनिक तकनीकों और इलाज की नई विधियों को आगे बढ़ाना है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/gala-2.jpg.jpeg" alt="gala 2.jpg" width="1280" height="720"></img>
जोश और उत्साह के माहौल में एडवांस्ड स्पाइन सर्जरी कोर्स के दौरान नई तकनीकों के अनावरण के साक्षी बने डॉक्टर और विशेषज्ञ।

<h4> </h4>
<h4><strong>सैक्रानोवा: एसआई जॉइंट फ्यूजन के लिए नया सिस्टम</strong></h4>
<p>कार्यक्रम में सबसे पहले सैक्रानोवा (Sacranova) का अनावरण किया गया। यह सैक्रोइलिएक (Sacroiliac) जॉइंट फ्यूजन के लिए तैयार किया गया इम्प्लांट और विशेष सर्जिकल उपकरणों (Specialized Instrumentation) का एक पूरा सिस्टम है। सैक्रानोवा सिस्टम को अमेरिका के सहयोग से विकसित किया गया है। इसके मूल आविष्कारक अमेरिका के प्रसिद्ध स्पाइन सर्जन डॉ. हमीद अब्बासी हैं। भारतीय टीम और मेडिकल डिवाइस निर्माता मेडार्ट के सहयोग से इस तकनीक को विकसित कर वास्तविक रूप दिया गया है। इसमें नया इम्प्लांट डिजाइनऔर फिक्सेशन मैकेनिज्म शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य सैक्रोइलिएक जॉइंट से जुड़ी समस्याओं के इलाज को और बेहतर बनाना है। इस परियोजना में डॉ. वरुण अग्रवाल, डॉ. हमीद अब्बासी, डॉ. अंकित मदारिया और मेडार्ट के दिलीप सुतारिया ने मिलकर काम किया।</p>
<p> </p>
<h4><strong>भारत में अपने प्रोजेक्ट्स को आकार लेते देख गर्व हो रहा</strong></h4>
<p>कार्यक्रम में डॉ. हमीद अब्बासी ने भारतीय टीम और निर्माण सहयोगी मेडार्ट की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई वर्षों की मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता के बाद यह नवाचार संभव हो सका है। उन्होंने विशेष रूप से मेडार्ट के दिलीप सुतारिया और डॉ. अंकित मदारिया को बधाई दी। डॉ. अब्बासी ने कहा कि उन्हें यह देखकर गर्व हो रहा है कि उनके कुछ प्रोजेक्ट अब भारत में वास्तविक रूप ले रहे हैं।</p>
<h4><strong>डॉ. वरुण अग्रवाल ने विकसित किया वायरलेस एंडोस्कोपिक कैमरा</strong></h4>
<p><br />कार्यक्रम में शाम का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण अनावरण मिव्यू (Mivew) का रहा। यह मिवेसिव (Mivasive) का वायरलेस एंडोस्कोपिक कैमरा है, जिसे डॉ. वरुण अग्रवाल ने विकसित किया है। इसे भारतीय बाजार में पेश किए गए अपनी तरह के पहले वायरलेस 4के एंडोस्कोपिक सर्जिकल कैमरों (Wireless 4K Endoscopic Surgical Camera) में से एक माना जा रहा है। मिव्यू में 4के एचडी (4K HD) पिक्चर क्वालिटी, लगातार चार घंटे तक चलने वाली बैटरी और पूरी तरह वायरलेस तकनीक उपलब्ध है। इससे ऑपरेशन थिएटर में सर्जनों को बिना तारों की परेशानी के काम करने की अधिक स्वतंत्रता मिलती है और तस्वीर की गुणवत्ता (Image Quality) से कोई समझौता नहीं करना पड़ता। मिव्यू में मल्टीपल स्क्रीन स्ट्रीमिंग (Multiple Screen Streaming) की सुविधा भी है। यह वजन में हल्का है और इसमें इनबिल्ट इंटेलिजेंस (Built-in Intelligence) तकनीक भी मौजूद है।</p>
<h4><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-17-at-7.17.44-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-07-17 at 7.17.44 PM" width="1280" height="720"></img></strong></h4>
<h4><strong>दस साल की मेहनत का नतीजा</strong></h4>
<p>आरएमसीएच के वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. वरुण अग्रवाल ने कहा कि पिछले करीब एक दशक से उनका प्रयास तकनीकी नवाचार के जरिए मरीजों और डॉक्टरों के अनुभव को बेहतर बनाने का रहा है। उन्होंने बताया कि मिव्यू उनका एकमात्र प्रोडक्ट नहीं है। उनके कई अन्य मेडिकल डिवाइस भी विकास के अलग-अलग चरणों में हैं और कई नए उत्पादों के पेटेंट (Patent) अभी लंबित हैं। गाला डिनर में मौजूद डॉक्टरों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने दोनों नई तकनीकों का जोरदार स्वागत किया। इन तकनीकों को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में भारत में तैयार हो रहे मेडिकल डिवाइस इनोवेशन (Medical Device Innovation) को बढ़ावा मिल रहा है। यदि ये तकनीकें बड़े स्तर पर सफल होती हैं तो बरेली में शुरू हुई यह पहल सिर्फ दो नए उत्पादों के लॉन्च तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत को स्पाइन सर्जरी की आधुनिक तकनीकों और मेडिकल डिवाइस निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मदद कर सकती है।</p>
<h4><strong>इलाज के लिए दूर जाने की मजबूरी कम होगी</strong></h4>
<p><br />बरेली में स्पाइन सर्जरी की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। रीढ़ से जुड़ी गंभीर बीमारियों में विशेषज्ञ डॉक्टर और बेहतर तकनीक नजदीक उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर इलाज मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे इलाज में होने वाली देरी कम हो सकती है। दूसरे शहरों में इलाज कराने के दौरान सफर, रहने और बार-बार अस्पताल आने-जाने में होने वाले अतिरिक्त खर्च से मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिल सकती है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 20:12:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Exclusive:  रामजन्मभूमि सुरक्षा पर बड़ा फैसला, यूपीएसएसएफ के 1155 पद हुए स्थायी</title>
                                    <description><![CDATA[रामजन्मभूमि सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला हुआ है। यूपीएसएसएफ की छठी वाहिनी के 1155 पद अब स्थायी हो गए हैं, जिससे अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।2022 में जो व्यवस्था अस्थायी जरूरत के रूप में शुरू हुई थी, वह अब राज्य की नियमित सुरक्षा संरचना का हिस्सा बन गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/587512/ram-janmabhoomi-security-upssf-1155-posts-permanent-ayodhya-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-14-at-3.06.40-pm.jpeg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-14-at-3.06.40-pm.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-07-14 at 3.06.40 PM" width="1600" height="900"></img>
प्रतीकात्मक ।

<p> </p>
<p><strong>अनुज शर्मा, लखनऊ </strong>।अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा अब अस्थायी व्यवस्था के भरोसे नहीं रहेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीरामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) की छठी वाहिनी के 1155 अस्थायी पदों को स्थायी कर दिया है।  सरकार ने अपर पुलिस महानिदेशक ( पुलिस मुख्यालय) को  7 जुलाई 2026 को इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वर्ष 2022 में श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा के लिए जिन पदों को अस्थायी रूप से सृजित किया गया था, उन्हें करीब चार साल बाद स्थायी दर्जा दे दिया गया है। इससे अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को पहली बार स्थायी प्रशासनिक ढांचा मिल गया है।</p>
<h3><strong>चंदा चोरी और सीओओ की नियुक्ति की चर्चाओं के बीच आया आदेश</strong></h3>
<p>यह आदेश ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर देश में राजनीतिक और कानूनी चर्चाएं जारी हैं। हालांकि शासनादेश में इसका कोई उल्लेख नहीं है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी स्वरूप देने के इस निर्णय को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। </p>
<h4><strong>2022 में बनी थी छठी वाहिनी, अब मिली स्थायी पहचान</strong></h4>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले यूपीएसएसएफ की पांच वाहिनियों के गठन का निर्णय लिया था। बाद में श्रीरामजन्मभूमि परिसर की संवेदनशीलता और स्थायी सुरक्षा आवश्यकता को देखते हुए अयोध्या के लिए छठी वाहिनी गठित की गई। इसके लिए 2022 में कुल 1155 पद अस्थायी रूप से स्वीकृत किए गए थे।<br />इन पदों की अवधि समय-समय पर बढ़ाई जाती रही। अंतिम बार 14 अक्टूबर 2025 के शासनादेश के जरिए इन्हें 28 फरवरी 2026 तक जारी रखने की अनुमति दी गई थी। अब 9 जुलाई 2026 के नए आदेश के बाद ये सभी पद स्थायी हो गए हैं और पूर्व का अस्थायी आदेश स्वतः संशोधित माना जाएगा।</p>
<h4><strong>किन पदों को किया गया स्थायी</strong></h4>
<p>शासनादेश के अनुसार निम्न पदों को स्थायी किया गया है—</p>
<p>सेनानायक – 1<br />उप सेनानायक – 1<br />सहायक सेनानायक – 5<br />शिविरपाल/दलनायक – 33<br />उपनिरीक्षक (प्लाटून कमांडर) – 66<br />मुख्य आरक्षी – 174<br />आरक्षी (आर्मोरर एवं बिगुलर सहित) – 761<br />चालक आरक्षी – 72</p>
<p>इसके अलावा मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, प्रधान लिपिक, रेडियो निरीक्षक, प्रधान परिचालक, कार्यशाला सहायक, सहायक परिचालक और रेडियो अनुरक्षण सहित अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक पद भी स्थायी किए गए हैं।</p>
<h4><strong>क्या बदलेगा?</strong></h4>
<p>इस फैसले के बाद श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा में तैनात बल अब अस्थायी पदों पर निर्भर नहीं रहेगा। सुरक्षा बल की तैनाती, प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को स्थायी आधार मिलेगा। कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और सेवा संबंधी व्यवस्थाएं भी नियमित ढांचे के तहत संचालित होंगी।</p>
<h4><strong>क्या कहता है शासनादेश</strong></h4>
<p><br />गृह (पुलिस) अनुभाग-6 के सचिव जगदीश की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यूपीएसएसएफ की छठी वाहिनी के अंतर्गत श्रीरामजन्मभूमि सुरक्षा व्यवस्था हेतु स्वीकृत 1155 अस्थायी पदों को 9 जुलाई 2026 से स्थायी पदों में परिवर्तित किया जाता है। इन पदों पर नियमानुसार वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य अनुमन्य भत्ते देय होंगे।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/screenshot-2026-07-14-143212.png" alt="Screenshot 2026-07-14 143212" width="762" height="738"></img>
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एडीजी मुख्यालय को जारी किया गया पत्र।

<h4><strong>एक नजर में</strong></h4>
<p>-1155 पद हुए स्थायी<br />-9 जुलाई 2026 को जारी हुआ शासनादेश<br />- 2022 में अस्थायी रूप से बनाई गई थी छठी वाहिनी<br />- श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा के लिए लिया गया फैसला<br />- सेनानायक से लेकर आरक्षी और तकनीकी स्टाफ तक सभी पद शामिल</p>
<h4><br /><strong>अमृत विचार विश्लेषण</strong></h4>
<p>यह आदेश केवल कर्मचारियों के पद स्थायी करने तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक संदेश यह है कि श्रीरामजन्मभूमि की सुरक्षा व्यवस्था को अब सरकार ने स्थायी संस्थागत ढांचे में बदल दिया है। 2022 में जो व्यवस्था अस्थायी जरूरत के रूप में शुरू हुई थी, वह अब राज्य की नियमित सुरक्षा संरचना का हिस्सा बन गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>राम मंदिर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 15:17:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RERA Rules: बिल्डर ने ज्यादा GST वसूली है तो वापस मिलेगा पैसा, घर खरीदार ऐसे करें रिफंड क्लेम</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आपने फ्लैट या मकान खरीदते समय बिल्डर को तय दर से ज्यादा GST चुकाई है तो राहत की खबर है। RERA ने स्पष्ट किया है कि पात्र घर खरीदार अतिरिक्त वसूली गई GST राशि का रिफंड क्लेम कर सकते हैं। जानिए किन मामलों में मिलेगा पैसा और क्या है पूरी प्रक्रिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/587431/home-buyers-gst-refund-rera-rules-how-to-claim"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/up-rera.jpg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ, अमृत विचार। <strong>उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (Real Estate Regulatory Authority-RERA)</strong> ने कहा है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में जीएसटी की वसूली केवल केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित दरों के अनुसार ही की जानी चाहिए।  हालांकि, रेरा के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें परियोजनाओं के आवंटियों से निर्धारित दर से अधिक जीएसटी वसूली गई। रेरा के अनुसार, ऐसे घर खरीदारों को राहत देने के लिए राज्य कर विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से पात्र आवंटी अतिरिक्त भुगतान की गई जीएसटी राशि वापस पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।</p>
<h4><strong>किन मामलों में मिलेगा जीएसटी रिफंड?</strong></h4>
<p>रेरा के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति ने फ्लैट खरीदा हो या भवन निर्माण के दौरान जीएसटी का भुगतान किया हो, लेकिन बाद में परियोजना निरस्त हो जाए, आवंटन रद्द हो जाए या अनुबंध समाप्त हो जाए और उस समय तक प्रमोटर के लिए क्रेडिट नोट जारी करने की वैधानिक समय-सीमा खत्म हो चुकी हो, तो ऐसी स्थिति में आवंटी सीधे जीएसटी विभाग से रिफंड का दावा कर सकता है। </p>
<h4><strong>रिफंड के लिए क्या है समय-सीमा?</strong></h4>
<p>रिफंड का दावा अनुबंध निरस्त होने या समाप्त होने की तारीख से दो वर्ष के भीतर करना होगा। हालांकि, 1,000 रुपये से कम जीएसटी राशि के मामलों में रिफंड का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। रेरा ने दोहराया है कि बिल्डर या प्रमोटर केवल केंद्र सरकार द्वारा तय जीएसटी दरों के अनुसार ही कर की वसूली कर सकते हैं। यदि किसी आवंटी से इससे अधिक जीएसटी वसूली गई है और वह निर्धारित शर्तों को पूरा करता है, तो उसे अतिरिक्त राशि वापस पाने का अधिकार है।</p>
<h4><strong>ऐसे करें रिफंड के लिए आवेदन</strong></h4>
<p>रेरा के अनुसार, अपंजीकृत आवंटी को सबसे पहले अपने पैन कार्ड के आधार पर जीएसटी पोर्टल पर अस्थायी पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद 'Refund for Unregistered Person' श्रेणी के तहत फॉर्म GST RFD में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ जीएसटी भुगतान का</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/up-rera.jpg" alt="UP RERA" width="3000" height="1616"></img>
सांकेतिक तस्वीर।

<p>प्रमाण, आवश्यक दस्तावेज और प्रमोटर द्वारा जारी आवश्यक प्रमाण-पत्र भी संलग्न करने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सक्षम अधिकारी लागू जीएसटी प्रावधानों के अनुसार पात्रता के आधार पर रिफंड मंजूर करेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 19:15:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PK की चुनौती के बीच बांकीपुर में BJP का बड़ा खेल! नामांकन के बाद बंटी ने छोड़ा मैदान, नितिन नबीन के गढ़ में नीरज सिन्हा की एंट्री</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने अभिषेक बंटी की जगह नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाया है। सूत्र बताते हैं कि पटना स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एक दिन पहले हुई संगठनात्मक बैठक के बाद पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार में बदलाव का फैसला लिया। जानिए नीरज सिन्हा की राजनीतिक यात्रा और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से जुड़ी सीट का सियासी समीकरण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/587129/bankipur-by-election-2026-abhishek-bunty-replaced-neeraj-kumar-sinha-bjp-candidate"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/0124.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अनुज शर्मा, लखनऊ। </strong> बिहार की हाई प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले सियासी समीकरण बदल गए हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद बीजेपी के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक बंटी चुनावी मैदान से पीछे हट गए, जिसके बाद पार्टी ने नया दांव खेलते हुए नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाया है। नितिन नबीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई इस सीट को बीजेपी अपने मजबूत गढ़ के तौर पर देखती है। हालांकि इस बार मुकाबला आसान नहीं माना जा रहा है, क्योंकि जन सुराज के प्रशांत किशोर बांकीपुर में बीजेपी को कड़ी चुनौती देने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में नीरज सिन्हा की एंट्री के बाद इस सीट का चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस सीट पर अपनी पुरानी पकड़ को बरकरार रखने की है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/bjp-.jpg" alt="BJP" width="1109" height="720"></img>
उम्मीदवार बदलाव से एक दिन पहले BJP की हाई प्रोफाइल बैठक हुई, जिसमें बिहार प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद बांकीपुर सीट पर अभिषेक बंटी की जगह नीरज सिन्हा को उतारने का फैसला हुआ।

<p> </p>
<h4><strong>संगठनात्मक बैठक के बाद बीजेपी ने बदला उम्मीदवार</strong></h4>
<p>सूत्र बताते हैं कि पटना स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एक दिन पहले हुई संगठनात्मक बैठक के बाद पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार में बदलाव का फैसला लिया। बैठक में बिहार प्रभारी और राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े तथा प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया के मार्गदर्शन में संगठन की आगामी रणनीति, जनसंपर्क अभियान और चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक में मंत्री कुमार शैलेन्द्र, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, संजय सिंह टाइगर, नीतीश मिश्रा, विधायक संजय कुमार गुप्ता और विधायक एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष त्रिविक्रम नारायण सिंह समेत कई प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद पार्टी ने बांकीपुर सीट पर पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक बंटी के स्थान पर नीरज कुमार सिन्हा को प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया। बीजेपी ने संगठन से जुड़े नीरज सिन्हा पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है।</p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/MQC-NediMbc" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<h4> </h4>
<h4><strong>नितिन नबीन से जुड़ी रही बांकीपुर की राजनीतिक विरासत</strong></h4>
<p>बांकीपुर विधानसभा सीट पर नितिन नबीन का लंबा राजनीतिक प्रभाव रहा है। वह इस सीट से लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं। इससे पहले उनके पिता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए नितिन नवीन ने बांकीपुर में बीजेपी की मजबूत पकड़ कायम रखी। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद अब बीजेपी ने ऐसे चेहरे पर भरोसा जताया है, जो संगठन की जमीन से जुड़ा हुआ है और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहा है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/cats184.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<h4><strong>कौन हैं नीरज कुमार सिन्हा?</strong></h4>
<p>बीजेपी के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पटना के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1994 को पटना में हुआ। वह मीठापुर बी एरिया, पोस्ट ऑफिस के पास, पटना के निवासी हैं। उन्होंने स्नातक (B.A.) तक शिक्षा प्राप्त की है। वह अविवाहित हैं। नीरज कुमार सिन्हा लंबे समय से बीजेपी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी में उनकी राजनीतिक यात्रा बूथ स्तर से शुरू हुई और धीरे-धीरे संगठन की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक पहुंची।</p>
<h4><strong>संगठन में संभालीं ये जिम्मेदारियां</strong></h4>
<p>- वर्ष 2006 में बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।<br />- बूथ अध्यक्ष के रूप में संगठन का काम किया।<br />- नरेंद्र भारती मंडल में मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी संभाली।<br />- बीजेपी जिला उपाध्यक्ष रहे।<br />- भाजयुमो मंडल अध्यक्ष के रूप में दो बार जिम्मेदारी निभाई।<br />- वर्तमान में नरेंद्र भारती मंडल के मंडल अध्यक्ष हैं।<br />- जनसंघ की विरासत से जुड़ा परिवार</p>
<p>नीरज कुमार सिन्हा की राजनीतिक पहचान के पीछे उनके परिवार की पुरानी संगठनात्मक पृष्ठभूमि भी अहम मानी जा रही है। उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ काल के कार्यकर्ता थे। वर्ष 1984 में उनके निधन के बाद उनके सम्मान में मंडल का नाम नरेंद्र भारती मंडल रखा गया। बीजेपी में इसे संगठन और विचारधारा से जुड़े परिवार की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/0127.jpg" alt="01" width="1280" height="720"></img>
अभिषेक कुमार ने नामांकन के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को पत्र सौंपकर चुनाव न लड़ने की घोषणा की ।

<h4> </h4>
<h4><strong>पहले अभिषेक बंटी थे बीजेपी उम्मीदवार</strong></h4>
<p>बांकीपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी ने 7 जुलाई को अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक बंटी के नाम की घोषणा की थी। लेकिन बाद में अभिषेक बंटी ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई और पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति ने उम्मीदवार बदलते हुए नीरज कुमार सिन्हा के नाम पर मुहर लगा दी।</p>
<h4><strong>प्रशांत किशोर की चुनौती के बीच बीजेपी का संगठन कार्ड</strong></h4>
<p>बांकीपुर उपचुनाव इस बार इसलिए भी खास हो गया है क्योंकि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा तेज है। प्रशांत किशोर पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगर उनके चुनाव लड़ने से बीजेपी की मजबूत मानी जाने वाली सीट पर मुकाबला बदल सकता है तो वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं। ऐसे में बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा जैसे संगठन से जुड़े कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाकर एक संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अपने पुराने कैडर और जमीनी नेटवर्क के भरोसे चुनावी मैदान में उतर रही है।</p>
<h4><strong>नीरज सिन्हा के सामने नितिन नबीन की सीट बचाने की चुनौती</strong></h4>
<p>अब नीरज कुमार सिन्हा के सामने सबसे बड़ी परीक्षा बांकीपुर की उस राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की होगी, जिसे नितिन नवीन ने वर्षों में मजबूत बनाया है। बीजेपी के लिए यह चुनाव सिर्फ एक सीट का मुकाबला नहीं, बल्कि अपने पुराने गढ़ को बचाने की लड़ाई भी है। वहीं, प्रशांत किशोर और अन्य राजनीतिक दलों की सक्रियता ने इस उपचुनाव को बिहार की सबसे हाईप्रोफाइल चुनावी लड़ाइयों में शामिल कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 20:02:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Operation CyVajra: कानपुर में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, फर्जी बैंक खातों से देशभर में करते थे ठगी; 4 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[Operation CyVajra के तहत कानपुर साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी बैंक खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मोबाइल फोन, चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/587107/kanpur-cyber-crime-operation-cyvajra-fake-bank-account-gang-arrested"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/cyber-crime.webp" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/cyber-crime.webp" alt="cyber crime" width="733" height="410"></img>
सांकेतिक तस्वीर।

<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>उत्तर प्रदेश पुलिस के Operation CyVajra के तहत कानपुर कमिश्नरेट साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। साइबर अपराधियों के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।  डीजीपी उत्तर प्रदेश राजीव कृष्णा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में यह कानपुर साइबर क्राइम पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से साइबर अपराध से जुड़े डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य भी बरामद किए हैं।</p>
<h4><strong>फर्जी बैंक खातों से देशभर में पहुंचती थी ठगी की रकम</strong></h4>
<p>पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह कॉर्पोरेट संस्थानों और फर्मों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर साइबर ठगी से हासिल रकम का ट्रांजैक्शन कराता था। आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली ऑनलाइन ठगी की रकम को इधर-उधर किया जाता था।</p>
<h4><strong>छह मोबाइल, चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद</strong></h4>
<p>कानपुर साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाल से लेकर कार तक बरामद की है।पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन की जांच में बैंकिंग डिटेल, चेकबुक, पासवर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर गिरोह के नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।</p>
<p><strong>यह सामान किया बरामद</strong></p>
<p>06 मोबाइल फोन<br />06 चेकबुक<br />04 पासबुक<br />04 एटीएम कार्ड<br />01 टैक्स इनवॉइस बुक<br />09 लेटरहेड<br />01 फर्म की मोहर<br />01 कार</p>
<h4><strong>आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज</strong></h4>
<p>साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया और देशभर में कितने साइबर अपराधों से इसके तार जुड़े हैं।</p>
<h4><strong>साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए ऑपरेशन CyVajra</strong></h4>
<p>उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए Operation CyVajra अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत साइबर अपराधियों, उनके सहयोगियों और ठगी की रकम के नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है। कानपुर साइबर पुलिस की इस कार्रवाई को इसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:38:03 +0530</pubDate>
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