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                <title>छत्तीसगढ़ - Amrit Vichar</title>
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                <description>छत्तीसगढ़ RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[गंगाराम की मौत की खबर से पूरा गांव गमगीन हो गया। अंतिम विदाई के दौरान ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। जानिए गंगाराम की मौत से जुड़ी भावुक कहानी और गांव के लोगों की प्रतिक्रिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588778/chhattisgarh-entire-village-mourns-gangaram-s-death-homes-story-130-year-stay-pond-ncert-curriculum"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/untitled-design-(56)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार :</strong> यु तो आपने ढेरों ऐसी कहानिया सुनी होगी जहा इंसानों का जानवरो से प्यार देखने को मिलता है। और प्यार भी ऐसा जो किसी से छुपा नहीं है फिर चाहे वह कोई भी हो। और कई बार ऐसे भी कहानिया होती है जो सोच से परे होती है आज हम आपको एसी ही एक कहानी बताने वाले है जो न सिर्फ आपको प्रेरित करेगी बल्कि या आपको जीवन का सही मतलब और इंसानों और जानवरों के बीच अनोखे प्यार को भी दर्शाएगा। वैसे तो लोग घर में कुत्ता बिल्ली पालते है और ग्रामीण इलाकों में गाय पलने का चलन है। आज हम आपको पानी के एक ऐसे जीव की कहानी बताने वाले है जिसका इंसानों से बैर है और इसके हमले आये दिन सामने आते रहते है जी हां हम बात कर रहे है पानी में रहने वाले मगरमछ की जो न केवल पानी में रहता है बल्कि पानी में रहकर शिकार भी करता है ये एक ऐसा जानवर है जिसे विज्ञान की भाषा में जलचर कहा जाता है। </p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है गंगाराम की कहानी </h3>
<p style="text-align:justify;">हम बात कर रहे है छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बावा मोहतारा गांव के गंगाराम की जिसकी मौत पर पूरा गाँव रोया। जिसकी मौत के बाद किसी के घर खाना  तक नहीं बना। आमतौर पर मगरमछ के हमले इंसानों पर समाने आते है। अभी हाल ही में एक 12 साल के बच्चे को जिसे मगरमछ निगल रहा था यह वीडियो वायरल हुआ था, लेकिन इसके उलट 'गंगाराम' एक शांत स्वभाव वाला मगरमछ था। वह लगभग 130 सालों तक गांव के तालाब में रह रहा था। हालांकि यह किसी सरकारी दस्तावेजों में जिक्र नहीं है। वहा के ग्रामीणों ने ही इसे बताया था। गांगराम के इस शांत स्वाभाव को ग्रामीणों में अलग पहचान बनाई। वह लोगों में  काफी पॉपुलर होने लगा। गाँव में रहने वाली कई पीढ़िया इसकी गवाह बनी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गाँव वालों में काफी पॉपुलर रहा गंगाराम </h3>
<p style="text-align:justify;">सबसे ज्यादा चौकाने वाली बात यह थी कि कभी भी इतने समय तक लोगों के बीच रहकर गंगाराम ने कभी भी किसी पर हमला नहीं किया। गाँव में महिलाये पानी भरती, बच्चे खेलते और किसानों के पशु भी यहाँ आते थे लेकिन गंगाराम की मौजदूगी ने कभी भी किसी को डर का अहसास नहीं होने दिया। गाँव के लोगों  को एक अजीब सा विश्वास था। और सालों साल से यही रिश्ता मनुष्य और पशु के बीच कड़ी बनी रही। ये रिश्ता आपसी समझ और भरोसे का आधार पर ही रहा।     </p>
<h3 style="text-align:justify;">गंगाराम की कहानी लोगो को पसंद आई </h3>
<p style="text-align:justify;">बावा मोहतरा की ये कहानी गाँव से निकलकर दूर दराज के इलाकों और कई और शहरों तक वायरल होने लगी। इंसानों और एक मांसाहारी वन्यजीव के बीच इस अनोखे रिश्ते को देखने के लिए कई दूसरे शहरों में पहुंचने लगी।लेकिन साल 2019 को गंगाराम की मौत हो गई तो पूरे गाँव में मानो मातम सा छा गया। गाँव के लोगों ने मानों किसी अपने को ही खो दिया हो। और ग्रामीणों ने उसे किसी जंगली जानवर के तरह नहीं बल्कि किसी अपने खास सदस्य की तरह पूरे सम्मान से आखिरी विदाई दी इतना ही नहीं बल्कि पूरे गाँव में उस दिन किसी के घर में चूल्हा तक नहीं जला। गंगाराम की अंतिम विदाई की तस्वीर देशभर के चर्चा का विषय बनी थी। इस अनोखे रिश्ते को पूरे देश में भावुक होकर देखा गया था।   </p>
<h3 style="text-align:justify;">NCERT के नए पाठ्यक्रम में शामिल मनुष्य-वन्य जीव प्रेम की कहानी</h3>
<p style="text-align:justify;">शांत स्वभाव वाला मगरमछ 'गंगाराम', जो लगभग 130 सालों तक गांव के तालाब में रहा, किसी पर हमला नहीं किया। जिसकी मौत पर पूरा गांव रोया था। इस अनोखे मनुष्य-वन्य जीव प्रेम की प्रेरणादायक कहानी को अब NCERT के नए पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इस कहानी को अब स्कूली स्टूडेंट को क्लास में पढ़ाया जायेगा। बता दें कि NCERT ने इसे अपने नए सिलेबस में 'My India! A Bond Between Humans and Animals' के टाइटल से शामिल किया है। इस चैप्टर में ये बताया गया है कि किस तरह छत्तीसगढ़ के बावा मोहतरा गांव के लोगों और एक पानी में रहने वाले मगरमछ के बीच विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता का एक अनोखा रिश्ता बनाया था। जो आज के लोगों मे देखें को बहुत कम मिलता है हर कोई बस अपना फायदा देखें में लगा रहता है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/588753/ken-betwa-project-amit-bhatnagar-madhya-pradesh-18-day-hunger-strike-decision-mother-s-full-story"><span class="t-red">Ken-Betwa Project: </span>मध्य प्रदेश के अमित भटनागर ने खत्म किया 18 दिन बाद अपना अनशन, मां के कहने पर लिया फैसला; जानिए पूरा मामला</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पॉजिटिव स्टोरीज</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 13:27:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Teejan Bai Death : तीजन बाई के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, बोले- कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति</title>
                                    <description><![CDATA[देश की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्भुत कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका निधन भारतीय कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586548/pm-modi-condoles-teejan-bai-death-pandavani-singer-passes-away"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/cats100.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्भुत कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका निधन भारतीय कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।</p>
<blockquote class="format2">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर शोक संदेश साझा करते हुए लिखा, <em>"सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोककला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।"</em></blockquote>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तीजन बाई के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपनी सशक्त गायकी से लोककलाओं के क्षेत्र में अमिट पहचान बनाने वाली तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने शोक संतप्त परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गौरतलब है कि तीजन बाई पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं। 70 वर्ष की आयु में उन्होंने रायपुर स्थित एम्स में अंतिम सांस ली। साल 1956 में छत्तीसगढ़ के भिलाई के निकट गनियारी गांव में जन्मीं तीजन बाई ने पंडवानी लोककला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। पंडवानी महाभारत की कथाओं पर आधारित एक पारंपरिक लोकगायन शैली है, जिसमें गायन और अभिनय के माध्यम से कथाओं का जीवंत मंचन किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय लोककला के संरक्षण और संवर्धन में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्म भूषण और 2019 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा गया।</p>
<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><span><strong>तीजन बाई को मिले प्रमुख सम्मान</strong></span></h5>
<ul>
<li><strong>जन्म:</strong> वर्ष 1956, गनियारी गांव (भिलाई, छत्तीसगढ़)</li>
<li><strong>लोककला:</strong> पंडवानी गायन</li>
<li><strong>1988:</strong> पद्मश्री से सम्मानित</li>
<li><strong>2003:</strong> पद्म भूषण से सम्मानित</li>
<li><strong>2019:</strong> पद्म विभूषण से सम्मानित</li>
<li><strong>अन्य सम्मान:</strong> संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान</li>
<li><strong>निधन:</strong> 70 वर्ष की आयु में रायपुर एम्स में हुआ</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 13:54:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईपीएल के नाम पर चल रहा था करोड़ों का अवैध सट्टा कारोबार, हवाला और दुबई आधारित नेटवर्क का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रायगढ़ः</strong> छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए गोवा में बड़ी कार्रवाई की है। यह नेटवर्क आईपीएल क्रिकेट मैचों के नाम पर करोड़ों रुपये का अवैध सट्टा संचालित कर रहा था और इसका दायरा रायगढ़, रायपुर, नागपुर से लेकर गोवा और दुबई तक फैला हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित एक किराए के विला में दबिश देकर छह सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582190/illegal-betting-business-worth-crores-was-being-run-in-the-name-of-ipl--hawala-and-dubai-based-network-exposed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(3)11.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रायगढ़ः</strong> छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए गोवा में बड़ी कार्रवाई की है। यह नेटवर्क आईपीएल क्रिकेट मैचों के नाम पर करोड़ों रुपये का अवैध सट्टा संचालित कर रहा था और इसका दायरा रायगढ़, रायपुर, नागपुर से लेकर गोवा और दुबई तक फैला हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर टीम ने गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित एक किराए के विला में दबिश देकर छह सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू और सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह "अभिनंदन बुक" और "लाइन" नामक प्लेटफॉर्म के माध्यम से आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी एपीके बेस्ड एप्लीकेशन के जरिए सट्टे के भाव एजेंटों और प्लेयर्स तक पहुंचाते थे। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि लाइव टीवी फीड के तकनीकी लाभ का उपयोग करते हुए लगभग 7 सेकंड पहले मिलने वाली जानकारी के आधार पर सट्टा कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था। यह पूरा नेटवर्क महादेव सट्टा ऐप की तर्ज पर विकसित किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क दुबई से प्राप्त बेटिंग आईडी के माध्यम से संचालित होता था और रायपुर, नागपुर सहित मध्य भारत के कई शहरों में एजेंटों के जरिए इसका विस्तार किया गया था। हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन आधारित प्रणाली से यह गिरोह काम कर रहा था। छापेमारी के दौरान आरोपी साक्ष्य मिटाने की कोशिश में जुटे थे, हालांकि पुलिस ने मौके से 10 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में हवाला नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत भी मिले हैं। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट के अन्य राज्यों और शहरों में फैले नेटवर्क की जांच में जुटी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Crime</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582190/illegal-betting-business-worth-crores-was-being-run-in-the-name-of-ipl--hawala-and-dubai-based-network-exposed</link>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:44:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जांजगीर में सनसनीखेज वारदात : संपत्ति विवाद में खूनी खेल, दंपती समेत एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जांजगीर।</strong> छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में संपत्ति विवाद को लेकर दो रिश्तेदारों ने कथित तौर पर एक बुजुर्ग दंपति और उनके दो पोते-पोतियों की हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के शिवरीनारायण पुलिस थाना क्षेत्र के भंवतरा गांव में निर्माणाधीन मकान के भीतर पुलिस ने आज चार शव बरामद किए। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारी ने बताया कि आज सुबह जब मजदूर काम के लिए वहां पहुंचे तब उन्होंने शवों को देखा और अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने मृतक दंपति के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581926/sensational-crime-in-janjgir--bloody-rampage-over-property-dispute--four-members-of-the-same-family%E2%80%94including-a-couple%E2%80%94murdered"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(8)14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जांजगीर।</strong> छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में संपत्ति विवाद को लेकर दो रिश्तेदारों ने कथित तौर पर एक बुजुर्ग दंपति और उनके दो पोते-पोतियों की हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिले के शिवरीनारायण पुलिस थाना क्षेत्र के भंवतरा गांव में निर्माणाधीन मकान के भीतर पुलिस ने आज चार शव बरामद किए। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारी ने बताया कि आज सुबह जब मजदूर काम के लिए वहां पहुंचे तब उन्होंने शवों को देखा और अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने मृतक दंपति के बेटे सोनसाय और उसके पुत्र डाकेश्वर को हिरासत में लिया है। अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान मेदनी प्रसाद कश्यप (70), उनकी पत्नी कांति बाई (65), और उनके पोते-पोतियों पीतांबर कश्यप (17) तथा मोगरा (25) के रूप में हुई है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार, मेदनी प्रसाद के तीन बेटे थे, जिनमें सोनसाय भी शामिल है। अधिकारी के अनुसार सोनसाय ने पहले अपने एक भाई की हत्या कर दी थी और उस मामले में 15 साल की जेल की सजा काटी थी, जबकि दूसरे बेटे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। अधिकारी ने बताया कि सोनसाय ने अपने बेटे डाकेश्वर उर्फ गोलू के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने माता-पिता और अपने दो मृत भाइयों के बच्चों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी, जब वे निर्माणाधीन मकान में सो रहे थे। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि पीतांबर अपने दिवंगत पिता का इकलौता बेटा था, जबकि मोगरा अपने पिता की इकलौती बेटी थी। अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह मजदूरों ने चारपाई पर शव देखे, जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर पारिवारिक संपत्ति पर अपना एकाधिकार चाहता था और संदेह है कि उसने अन्य दावेदारों को रास्ते से हटाने के लिए यह अपराध किया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:55:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ : कांकेर में आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से तीन जवान शहीद, एक अन्य घायल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कांकेर।</strong> छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक आईईडी विस्फोट में 'जिला रिजर्व गार्ड' (डीआरजी) के एक अधिकारी समेत तीन जवानों की मौत हो गई तथा एक अन्य जवान घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। राज्य को 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित किए जाने के बाद नक्सल गतिविधियों से जुड़ी विस्फोट की यह पहली घटना है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार छोटेबेठिया थानाक्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर जिले की सीमा के पास सुरक्षाबलों को बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने और गश्त के लिए भेजा गया था। उन्होंने बताया कि बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने के अभियान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580688/chhattisgarh--three-soldiers-martyred--one-injured-in-ied-blast-in-kanker"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats26.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कांकेर।</strong> छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक आईईडी विस्फोट में 'जिला रिजर्व गार्ड' (डीआरजी) के एक अधिकारी समेत तीन जवानों की मौत हो गई तथा एक अन्य जवान घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। राज्य को 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित किए जाने के बाद नक्सल गतिविधियों से जुड़ी विस्फोट की यह पहली घटना है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार छोटेबेठिया थानाक्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर जिले की सीमा के पास सुरक्षाबलों को बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने और गश्त के लिए भेजा गया था। उन्होंने बताया कि बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने के अभियान के दौरान दुर्घटनावश विस्फोट हो जाने से कांकेर डीआरजी के चार जवान घायल हो गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि घायल जवानों में तीन- निरीक्षक सुखराम वट्टी, आरक्षक कृष्णा कोमरा और आरक्षक संजय गढपाले की बाद में मौत हो गई तथा परमानंद कोमरा का इलाज चल रहा है। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी कैडरों से प्राप्त जानकारी तथा अन्य सूचना के आधार पर बस्तर क्षेत्र में माओवादियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए सैकड़ों आईईडी को पुलिस और सुरक्षाबलों ने बरामद कर निष्क्रिय कर दिये हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सुंदरराज ने बताया कि आज जब कांकेर जिला पुलिस दल आईईडी को निष्क्रिय कर रहा था, तभी उसमें अचानक विस्फोट हो गया, जिसके कारण तीन जवानों की मृत्यु हो गई तथा एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि मामले में और जानकारी जुटाई जा रही है। छत्तीसगढ़ में 31 मार्च को नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा के बाद बारूदी सुरंग विस्फोट में जवानों की मौत और घायल होने की यह पहली घटना है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, खासकर बस्तर क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने पूर्व में बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, जो अब भी वहां तैनात सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षाबल के जवान क्षेत्र में लगातार बारूदी सुरंगों की तलाश और उन्हें निष्क्रिय करने की कार्रवाई में जुटे हुए हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 16:08:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में सिद्दी समुदाय के पहलवानों ने किया कमाल, जीते तीन स्वर्ण और एक रजत पदक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अंबिकापुर (छत्तीसगढ़):</strong> प्रतिभा को किसी परिचय की जरूरत नहीं होती की कहावत को चरितार्थ करते हुए 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' में कर्नाटक के 'सिद्दी समुदाय' के पहलवानों ने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ मैट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। अफ्रीकी मूल के भारत में लगभग 50,000 सिद्दी लोग रहते हैं, जिनमें से एक-तिहाई कर्नाटक में निवास करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में कर्नाटक के नौ पहलवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इन चार पहलवानों में से तीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि एक को रजत पदक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577494/wrestlers-from-the-siddi-community-performed-brilliantly-at-the-khelo-india-tribal-games--winning-three-gold-and-one-silver-medals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(57).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अंबिकापुर (छत्तीसगढ़):</strong> प्रतिभा को किसी परिचय की जरूरत नहीं होती की कहावत को चरितार्थ करते हुए 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' में कर्नाटक के 'सिद्दी समुदाय' के पहलवानों ने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ मैट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। अफ्रीकी मूल के भारत में लगभग 50,000 सिद्दी लोग रहते हैं, जिनमें से एक-तिहाई कर्नाटक में निवास करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में कर्नाटक के नौ पहलवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इन चार पहलवानों में से तीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि एक को रजत पदक मिला। स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवानों में मनीषा जुआवा सिद्दी (76 किग्रा), रोहन एम डोड़ामणि (ग्रीको रोमन 60 किग्रा) और प्रिंसिता पेदरू फर्नांडिस सिद्दी (68 किग्रा) शामिल हैं जबकि शालिना सेयर सिद्दी (57 किग्रा) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इन पहलवानों की सफलता न सिर्फ उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी कहती है, बल्कि कुश्ती जैसे खेलो में सिद्दी समुदाय के बढ़ते वर्चस्व को भी दिखाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">कर्नाटक के इन चारों पहलवानों का दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल हुआ था और वहां भी ये पहले नंबर पर रहे थे। सिद्दी समुदाय के प्रदर्शन से कर्नाटक कुश्ती टीम की कोच ममता बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">ममता ने कहा, ''जैसे हमारे देश में कुश्ती में हरियाणा का दबदबा है तो ठीक वैसे ही हमारे राज्य में अहलियाल क्षेत्र का कुश्ती में वर्चस्व रहता है। राज्य में डिपार्टमेंट ऑफ यूथ एंड डेवलपमेंट एंड सेंटर मुख्य रूप से इन्हीं सिद्दी समुदाय के लिए है। इनके बच्चे यहीं पर ट्रेनिंग करते हैं। पिछले कुछ समय से इन समुदाय के लोगों के अंदर कुश्ती का क्रेज बढ़ा है और वे अब अपने बच्चों को कुश्ती में भेजने लगे हैं।" </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तरी कर्नाटक के धारवाड़ जिले से आने वाले पुरुष पहलवान रोहन एम. डोड़ामणि भी इसी समुदाय से आते हैं। डोड़ामणि की मां सरकारी स्कूल में खानी पकाती हैं जबकि पिता का छह साल पहले ही देहांत हो चुका है। रोहन ने कहा, "सिद्दी समुदाय के अंदर हर समय-समय छोटे दंगल होते रहते हैं और जो इनमें जितता है, उन्हें ज्यादा से ज्यादा पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाता है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में स्वर्ण जीतने से पहले मैं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, नेशनल गेम्स और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी भाग ले चुका हूं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">साई के टैलेंट डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य महा सिंह राव कहते हैं, '' साई और खेल मंत्रालय की तरफ से हम कम उम्र के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करते हैं ताकि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है कि 2036 ओलंपिक खेल भारत में हो, उस सपने को साकार करने के लिए ये सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री के अलावा खेल मंत्री, साई और हम इस सपने को साकार करने में लगे हुए हैं कि आगे आने वाले ओलंपिक खेलों में हम ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से आने वाली शालिना सेयर सिद्दी ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के बाद कहा, '' हमारे समुदाय में कुश्ती को लेकर अब लोग दिलचस्पी लेने लगे हैं। मैंने अपने अंकल के कहने पर कुश्ती शुरू की थी और शुरू से ही वह मुझे ट्रेनिंग देते आ रहे हैं। मैंने इस प्रतियोगिता के लिए मेहनत तो पूरी की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और मैं स्वर्ण जीतने से चूक गई।'' </p>
<p style="text-align:justify;">कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से ही आने वाली प्रिंसिता सिद्दी ने कहा, ''शुरुआत में मुझे कुश्ती में दिलचस्पी नहीं थी और मैं बहुत रोई थी। लेकिन फिर धीरे-धीरे जब हमारे समुदाय के बच्चे इसमें भाग लेने लगे तो उन्हें देखकर मैं भी प्रैक्टिस करने लगी। यहां तक पहुंचने के लिए मैं शाम-सुबह दो-दो घंटे प्रैक्टिस करती हूं। मुझे इंटरनेशनल लेवल पर मेडल लाना है और इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।'' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 14:05:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: मिजोरम की जोसांगज़ुआली ने भारोत्तोलन में जीता स्वर्ण </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रायपुरः </strong>छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत महिला 86प्लस किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 70 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 83 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 140 किलोग्राम के साथ प्रथम स्थान हासिल किया।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता में असम की पिंकी बोरो ने कुल 125 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 55 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 70 किलोग्राम का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576870/khelo-india-tribal-games-2026--zosangzuali-of-mizoram-wins-gold-in-weightlifting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(70)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रायपुरः </strong>छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत महिला 86प्लस किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 70 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 83 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 140 किलोग्राम के साथ प्रथम स्थान हासिल किया।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता में असम की पिंकी बोरो ने कुल 125 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 55 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 70 किलोग्राम का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल 86 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्नैच में 39 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 47 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता में त्रिपुरा की ट्विस्मु जमातिया कुल 77 किलोग्राम वजन के साथ चौथे स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता के दौरान सभी खिलाड़ियों ने कम उम्र में उत्कृष्ट तकनीक, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का प्रदर्शन किया। मुकाबले बेहद रोमांचक रहे, जहां प्रत्येक खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया। दर्शकों के उत्साह ने आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576870/khelo-india-tribal-games-2026--zosangzuali-of-mizoram-wins-gold-in-weightlifting</link>
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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 15:59:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्तीसगढ़ में जारी येलो अलर्ट, कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रायपुरः</strong> छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की है। जारी चेतावनी के अनुसार, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के सभी जिलों के साथ ही राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा, रायपुर, बलौदाबाजार, नारायणपुर और सुकमा जिलों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है।</p><p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने बताया कि इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575425/yellow-alert-issued-in-chhattisgarh-warning-of-thunderstorm-and-lightning"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/मौसम.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रायपुरः</strong> छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की है। जारी चेतावनी के अनुसार, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के सभी जिलों के साथ ही राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा, रायपुर, बलौदाबाजार, नारायणपुर और सुकमा जिलों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है।</p><p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने बताया कि इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचें, पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 13:01:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप: तीन माह बाद भी समाधान नहीं, हितग्राही भटकने को मजबूर </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गरियाबंदः </strong>छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित नगर पंचायत कोपरा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अज़ब-गजब गड़बड़ी होने का मामला तीन माह बाद भी सुलझ नहीं पाया है। एक तरफ जहां पात्र होने के बावजूद 12 हितग्राही आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को पत्र लिखने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का ढिंढोरा पीट रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, नगर पंचायत कोपरा के कई हितग्राहियों के नाम प्रधानमंत्री आवास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574577/allegations-of-irregularities-in-the-prime-minister-s-housing-scheme--three-months-later--no-solution-remains--forcing-beneficiaries-to-wander"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(27)4.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गरियाबंदः </strong>छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित नगर पंचायत कोपरा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अज़ब-गजब गड़बड़ी होने का मामला तीन माह बाद भी सुलझ नहीं पाया है। एक तरफ जहां पात्र होने के बावजूद 12 हितग्राही आज भी योजना के लाभ से वंचित हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन समस्या के समाधान के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को पत्र लिखने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का ढिंढोरा पीट रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, नगर पंचायत कोपरा के कई हितग्राहियों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में पहले से लाभ प्राप्त हितग्राही के रूप में दर्ज कर दिए गए हैं। शासन के अभिलेखों में उनके नाम पर पक्का मकान बन जाने और राशि जारी होने का उल्लेख है, जबकि वास्तविकता यह है कि इन लोगों को आज तक आवास नहीं मिला है। पीड़ित हितग्राहियों ने पिछले साल नौ दिसंबर को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत के बाद हुई जांच में भी यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। इसके बावजूद तीन माह बीत जाने के बाद भी विभागीय अभिलेखों से उनके नाम नहीं हटाए गए हैं। नगर पंचायत कोपरा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत अन्य लोगों को आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। वहीं सर्वे सूची में पहले स्थान पर होने के बावजूद ये पात्र हितग्राही योजना से वंचित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हितग्राहियों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और तकनीकी त्रुटि के कारण उन्हें लगातार परेशान होना पड़ रहा है। शासन के दस्तावेजों में इन हितग्राहियों के नाम पर पक्का मकान बन जाने और राशि जारी होने का उल्लेख है लेकिन यह मकान कहां बना और किसके द्वारा राशि निकाली गई, इसकी जानकारी तक हितग्राहियों को नहीं है। बताया जाता है कि जनपद पंचायत फिंगेश्वर में दर्ज अभिलेखों के अनुसार कुछ हितग्राहियों के नाम पर योजना की राशि भी जारी की जा चुकी है। जब हितग्राहियों ने इस संबंध में जानकारी मांगी तो अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि राशि किसने निकाली और किस खाते में स्थानांतरित की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">शासन के अभिलेखों में होरीलाल चक्रधारी, कमलराम साहू, सुदर्शनलाल, महेंद्र कुमार साहू, दुश्यंत साहू, अशोक कुमार पटेल, धनीराम साहू, गोपाल साहू, प्रकाश निषाद, रामसाय निषाद, मिथलेश कुमार, जीवनलाल साहू और नीरज यादव के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दर्ज है। झोपड़ी में रहने को मजबूर पीड़ितों का कहना है कि वे आज भी झोपड़ी और खपरैल के कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका आरोप है कि विभागीय त्रुटि या किसी गड़बड़ी के कारण उन्हें योजना से वंचित कर दिया गया है। इस मामले में प्रशासन का कहना है कि पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के कारण समस्या आई है और इसके समाधान के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को पत्र लिखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि हितग्राहियों का कहना है कि केवल पत्राचार से समस्या का समाधान नहीं होगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हितग्राहियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 12:57:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्तर अब माओवादी हिंसा नहीं, विकास एवं आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है: PM मोदी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए मंगलवार को कहा कि कभी माओवादी हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला यह इलाका अब विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास की पहचान बन रहा है। प्रधानमंत्री ने सात से नौ फरवरी के बीच आयोजित 'बस्तर पंडुम' के विशेष उत्सव की भी सराहना की। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा।'' उन्होंने कहा, ''इस प्रयास से जुड़े सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570668/bastar-is-no-longer-known-for-maoist-violence--but-for-development-and-self-confidence--pm-modi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(78).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए मंगलवार को कहा कि कभी माओवादी हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला यह इलाका अब विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास की पहचान बन रहा है। प्रधानमंत्री ने सात से नौ फरवरी के बीच आयोजित 'बस्तर पंडुम' के विशेष उत्सव की भी सराहना की। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा।'' उन्होंने कहा, ''इस प्रयास से जुड़े सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।'' </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/narendramodi/status/2021068621745987960?s=20">https://twitter.com/narendramodi/status/2021068621745987960?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा, ''पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।'' उन्होंने कहा, ''आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।'' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 12:24:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Maharashtra Encounter: गढ़चिरौली मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली प्रभाकर समेत मारे गए सात माओवादी, एक जवान शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गढ़चिरौली।</strong> पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली प्रभाकर समेत सात माओवादी मारे गए जबकि पहली मुठभेड़ के दौरान घायल हुए एक जवान ने दम तोड़ दिया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि ये अभियान तीन दिन से जारी था। अधिकारियों ने बताया कि प्रभाकर उर्फ लोकेती चंद्र राव तेलंगाना के कामारेड्डी का रहने वाला था और उस पर 25 लाख रुपये का इनाम था। </p>
<p>पुलिस ने बताया कि भागमरागड के एसडीपीओ के नेतृत्व में गढ़चिरौली पुलिस की एक विशेष नक्सल-रोधी टीम 'सी-60' की 14 इकाइयों को शामिल करते हुए यह अभियान मंगलवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570271/an-encounter-took-place-between-police-and-maoists-in-gadchiroli--maharashtra--3-have-been-killed-so-far"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/323.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गढ़चिरौली।</strong> पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली प्रभाकर समेत सात माओवादी मारे गए जबकि पहली मुठभेड़ के दौरान घायल हुए एक जवान ने दम तोड़ दिया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि ये अभियान तीन दिन से जारी था। अधिकारियों ने बताया कि प्रभाकर उर्फ लोकेती चंद्र राव तेलंगाना के कामारेड्डी का रहने वाला था और उस पर 25 लाख रुपये का इनाम था। </p>
<p>पुलिस ने बताया कि भागमरागड के एसडीपीओ के नेतृत्व में गढ़चिरौली पुलिस की एक विशेष नक्सल-रोधी टीम 'सी-60' की 14 इकाइयों को शामिल करते हुए यह अभियान मंगलवार को गढ़चिरौली-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) सीमा पर फोडेवाड़ा गांव के पास माओवादियों की कंपनी नंबर 10 के नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद शुरू किया गया। पुलिस ने बुधवार को दो नक्सली शिविरों का भंडाफोड़ किया था और बृहस्पतिवार सुबह सी-60 की चार और इकाई तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की क्यूएटी की एक इकाई तैनात की गई।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात को तीन नक्सलियों के शव बरामद हुए, जबकि शुक्रवार को इलाके से चार और शव बरामद किए गए। मारे गए नक्सलियों में चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि तीन एके-47 राइफल और एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर) बरामद की गई। उसने बताया कि प्रभाकर के अलावा, मारे गए दूसरे माओवादियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।</p>
<p>इस बीच, पुलिस ने बताया कि नक्सल रोधी अभियान में घायल होने के बाद 'सी-60' के जवान दीपक चिन्ना मदावी (38) की इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी। उन्हें पहले इलाज के लिए हवाई मार्ग से भामरागड ले जाया गया था। उसने बताया कि मदावी का अंतिम संस्कार शनिवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा। एक अन्य घायल जवान जोगा मदावी को भी हवाई मार्ग से भामरागड ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि वह खतरे से बाहर हैं और उन्हें जल्द ही गढ़चिरौली लाया जाएगा।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 21:41:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजापुर में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी, दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बीजापुर।</strong> छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में गुरुवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। जानकारी के मुताबिक, सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने एक सर्च अभियान शुरू किया था, अभियान जारी है। </p>
<p style="text-align:justify;">जारी अभियान के दौरान दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, हालांकि इन नक्सलियों के मौतों की पुष्टि पुलिस के द्वारा नहीं की गई है। इसी अभियान के दौरान, दक्षिण बीजापुर के जंगलों में आज सुबह लगभग 7 बजे से डीआरजी की टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569359/an-encounter-is-underway-between-security-forces-and-maoists-in-bijapur--with-reports-of-two-maoists-killed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/नक्सली-ढेर.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बीजापुर।</strong> छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में गुरुवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। जानकारी के मुताबिक, सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने एक सर्च अभियान शुरू किया था, अभियान जारी है। </p>
<p style="text-align:justify;">जारी अभियान के दौरान दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, हालांकि इन नक्सलियों के मौतों की पुष्टि पुलिस के द्वारा नहीं की गई है। इसी अभियान के दौरान, दक्षिण बीजापुर के जंगलों में आज सुबह लगभग 7 बजे से डीआरजी की टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग और मुठभेड़ हो रही है। अभी तक झड़प का क्षेत्र व घटनास्थल की सटीक जानकारी साझा नहीं की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से नक्सली गतिविधियों की आशंका जताई जा रही थी। इसी को देखते हुए डीआरजी की टीम को विशेष सर्च ऑपरेशन पर लगाया गया था। झड़प अभी भी जारी है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर पहुंचाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी ऑपरेशन चल रहा है और किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अभियान पूर्ण होने के बाद ही घटना के विवरण और किसी भी तरह के नुकसान या बरामदगी के बारे में विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>छत्तीसगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 14:11:38 +0530</pubDate>
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