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                <title>Top News - Amrit Vichar</title>
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                <description>Top News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई... प्रदेशभर में चलेगा फायर सेफ्टी पर विशेष ऑडिट अभियान, लखनऊ अग्निकांड के बाद एक्शन मोड में CM योगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>अलीगंज अग्निकांड के बाद योगी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर स्पष्ट कर दिया कि फायर सेफ्टी मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रदेशभर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि लखनऊ की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585578/first-awareness--then-action----a-special-fire-safety-audit-campaign-will-be-conducted-across-the-state--cm-yogi-issued-directives-following-the-lucknow-fire-incident"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/cats476.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>अलीगंज अग्निकांड के बाद योगी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर स्पष्ट कर दिया कि फायर सेफ्टी मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रदेशभर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि लखनऊ की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में होगा और इसके तहत पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी नागरिक का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बैठक में मुख्यमंत्री ने भवन उपयोग को लेकर अपनाया कड़ा रुख</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बैठक में मुख्यमंत्री ने भवन उपयोग को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो भवन जिस गतिविधि के लिए स्वीकृत है, उसमें वही गतिविधि संचालित होनी चाहिए। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों और बेसमेंट में कोचिंग, नर्सिंग होम या अन्य व्यावसायिक संस्थानों का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही हो।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग की एनओसी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। साथ ही भवनों के विद्युत भार का आकलन कर मानकों के विपरीत पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 21:36:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BRICS Summit : PM मोदी बोले- सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और साझा चुनौतियों से निपटने में ब्रिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में सुरक्षा सहयोग को गहरा करने और आतंकवाद, साइबर सुरक्षा तथा उभरती प्रौद्योगिकियों जैसी साझा चुनौतियों से निपटने में ब्रिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने, 'ग्लोबल साउथ' की प्राथमिकताओं को समर्थन देने तथा अधिक सुरक्षित, संरक्षित और समावेशी विश्व के निर्माण में योगदान देने पर केंद्रित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">  'ग्लोबल साउथ' से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585575/brics-summit--pm-modi-says-brics-plays-a-crucial-role-in-enhancing-security-cooperation-and-tackling-shared-challenges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/cats501.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में सुरक्षा सहयोग को गहरा करने और आतंकवाद, साइबर सुरक्षा तथा उभरती प्रौद्योगिकियों जैसी साझा चुनौतियों से निपटने में ब्रिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने, 'ग्लोबल साउथ' की प्राथमिकताओं को समर्थन देने तथा अधिक सुरक्षित, संरक्षित और समावेशी विश्व के निर्माण में योगदान देने पर केंद्रित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"> 'ग्लोबल साउथ' से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं। मोदी ने यह टिप्पणी ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात के बाद की। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मिलकर प्रसन्नता हुई। बदलते वैश्विक परिदृश्य में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद, साइबर सुरक्षा से लेकर उभरती प्रौद्योगिकियों तक की साझा चुनौतियों से निपटने में ब्रिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका है।''</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी यहां ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में भाग लेने के लिए आए हैं। ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। इसका 2024 में विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 20:40:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : SIT की रिपोर्ट ने खोले दान प्रबंधन के राज, ट्रस्ट पर उठे गंभीर सवाल, चंपत राय भी निशाने पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने मंदिर की दान प्रबंधन प्रणाली और बैंकिंग व्यवस्था की कई कमजोर कड़ियों को उजागर कर दिया है। लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को अपनी 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट जैसे ही अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी, एक-एक सच्चाई बाहर आने लगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्र और निर्माण सहायक गोपाल राव समेत इनके हर एक गुर्गे का पूरा हिसाब दर्ज है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585560/ram-mandir-offering-controversy--sit-report-reveals-secrets-of-donation-management--serious-questions-raised-about-the-trust--champat-rai-also-under-scrutiny"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/cats493.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने मंदिर की दान प्रबंधन प्रणाली और बैंकिंग व्यवस्था की कई कमजोर कड़ियों को उजागर कर दिया है। लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को अपनी 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट जैसे ही अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी, एक-एक सच्चाई बाहर आने लगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्र और निर्माण सहायक गोपाल राव समेत इनके हर एक गुर्गे का पूरा हिसाब दर्ज है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी की घटना को केवल व्यक्तिगत गबन का मामला नहीं, बल्कि निगरानी और प्रबंधन प्रणाली की गंभीर चूक बताया गया है। एसआईटी ने चढ़ावे की गणना प्रक्रिया, दानपात्रों की सुरक्षा, कर्मचारियों की तैनाती और बैंकिंग समन्वय व्यवस्था में कई कमियों की ओर संकेत किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया है कि दानपात्रों की चाबियों के संचालन, नकदी के मिलान और रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्था अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं थी। कुछ मामलों में दस्तावेजी रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों के बयानों में भी अंतर पाया गया है। एसआईटी ने इस कारण जांच का दायरा और बढ़ाने की जरूरत बताई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आपराधिक जिम्मेदारी तय होने वाले मामलों में एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की गई है। साथ ही पिछले पांच वर्षों में प्राप्त चढ़ावे का विशेष ऑडिट कराने, दान राशि की गणना का नियमित परीक्षण और वित्तीय निगरानी प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने का सुझाव दिया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पांच आरोपितों की निशानदेही में मिले हैं 2 करोड़</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">अब तक की जांच में पांच आरोपितों की निशानदेही पर लगभग दो करोड़ रुपये की बरामदगी हो चुकी है। एसआईटी ने करीब 150 लोगों से पूछताछ करने और बड़ी संख्या में दस्तावेजों का परीक्षण करने की जानकारी भी अपनी रिपोर्ट में दी है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि मंदिर में चढ़ावे की गणना और जमा प्रक्रिया को अधिक पेशेवर बनाया जाए, सीसीटीवी डेटा का संरक्षण बढ़ाया जाए और दान प्रबंधन की पूरी व्यवस्था को तकनीक आधारित निगरानी से जोड़ा जाए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शासन स्तर से रिपोर्ट का परीक्षण शुरू</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने दो अन्य सदस्यों के साथ मंगलवार को अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी। शासन स्तर पर रिपोर्ट का परीक्षण शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और एसआईटी की जांच अभी जारी है। कई दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिकाओं की पड़ताल अभी बाकी है। अंतिम रिपोर्ट में कुछ और तथ्यों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अब दिल्ली की ओर टिकी निगाहें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में आगे की कार्रवाई को लेकर अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर टिकी हैं। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की जांच रिपोर्ट रविवार को दिल्ली भेज दी गई थी। चूंकि मामला केंद्र सरकार की ओर से गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए किसी भी बड़े फैसले से पहले केंद्र सरकार, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और संघ स्तर पर भी विस्तृत विचार-विमर्श की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। इसी कारण अंतिम निर्णय में कुछ समय लग सकता है। सूत्र यह भी बताते हैं कि केवल आपराधिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव, पेशेवर प्रबंधन प्रणाली लागू करने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:50:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों मिला सम्मान, तो खिल उठे चेहरे, ममूटी और अलका याग्निक समेत इन 65 दिग्गजों को मिला सम्मान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आयोजित एक भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में देश की विभिन्न जानी-मानी हस्तियों को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया। कला, सिनेमा, पत्रकारिता और न्याय के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान देने वाली विभूतियों को राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान मिला।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/2069384068953980945?s=20">https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/2069384068953980945?s=20</a></blockquote>
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//&gt;&lt;!--

//--&gt;&lt;!</p>
<h4 style="text-align:justify;">ममूटी और अलका याग्निक को मिला 'पद्म भूषण'</h4>
<p style="text-align:justify;">सिनेमा और संगीत की दुनिया में दशकों तक राज करने वाले दो बड़े नामों को राष्ट्रपति ने पद्म भूषण से नवाजा। मलयालम सिनेमा के दिग्गज और वरिष्ठ अभिनेता ममूटी को कला के क्षेत्र में उनके बेमिसाल योगदान के लिए यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585552/president-murmu-distributed-padma-awards--mammootty-and-alka-yagnik--among-65-eminent-personalities--received-the-honor"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(13)16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आयोजित एक भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में देश की विभिन्न जानी-मानी हस्तियों को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया। कला, सिनेमा, पत्रकारिता और न्याय के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान देने वाली विभूतियों को राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान मिला।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/2069384068953980945?s=20">https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/2069384068953980945?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<h4 style="text-align:justify;">ममूटी और अलका याग्निक को मिला 'पद्म भूषण'</h4>
<p style="text-align:justify;">सिनेमा और संगीत की दुनिया में दशकों तक राज करने वाले दो बड़े नामों को राष्ट्रपति ने पद्म भूषण से नवाजा। मलयालम सिनेमा के दिग्गज और वरिष्ठ अभिनेता ममूटी को कला के क्षेत्र में उनके बेमिसाल योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। वहीं, अपनी जादुई आवाज से करोड़ों दिलों को जीतने वाली देश की सुप्रसिद्ध पाशर्व गायिका अलका याग्निक को भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म भूषण से अलंकृत किया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पी नारायणन और पूर्व जस्टिस केटी थॉमस 'पद्म विभूषण' से सम्मानित</h4>
<p style="text-align:justify;">देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म विभूषण' की श्रेणी में दो प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ मलयालम पत्रकार पी नारायणन को पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं मूल्यवान योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">देश की न्याय व्यवस्था को नई दिशा देने वाले उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस को कानून और सार्वजनिक मामलों में उनकी अनुकरणीय सेवाओं के लिए पद्म विभूषण प्रदान किया गया। इस गरिमामयी समारोह में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक और वीवीआईपी (VVIPs) मौजूद रहे। सभी पुरस्कार विजेताओं को देश के विकास और समाज में उनके असाधारण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/585508/resignation-of-minister--union-minister-of-state-george-kurian-resigns--president-droupadi-murmu-accepts-resignation"><span class="t-red">Minister Resignation : </span>केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार किया</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/585552/president-murmu-distributed-padma-awards--mammootty-and-alka-yagnik--among-65-eminent-personalities--received-the-honor</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:10:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ अग्निकांड : बायोमेट्रिक लॉक बना जानलेवा, बिजली के तार के सहारे नीचे उतरकर आसिफ ने बचाई जान...  सुनाई आपबीती</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे से बाल-बाल बचे मोहम्मद आसिफ ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए बताया कि कैसे बायोमेट्रिक सिस्टम के कारण दरवाजा नहीं खुला और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए बिजली के तार का सहारा लेकर नीचे उतरना पड़ा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>लंच के बाद अचानक मची अफरा-तफरी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आसिफ ने बताया कि लंच ब्रेक खत्म होने के बाद सभी कर्मचारी दोबारा काम शुरू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585538/lucknow-fire-tragedy--biometric-lock-proves-fatal--asif-saves-his-life-by-climbing-down-via-an-electric-wire----recounts-his-ordeal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/asif.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे से बाल-बाल बचे मोहम्मद आसिफ ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए बताया कि कैसे बायोमेट्रिक सिस्टम के कारण दरवाजा नहीं खुला और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए बिजली के तार का सहारा लेकर नीचे उतरना पड़ा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>लंच के बाद अचानक मची अफरा-तफरी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आसिफ ने बताया कि लंच ब्रेक खत्म होने के बाद सभी कर्मचारी दोबारा काम शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। तभी कुछ स्टाफ सदस्यों ने आकर सूचना दी कि शॉर्ट सर्किट जैसी घटना हुई है और बिल्डिंग में आग लग गई है। शुरुआत में लोगों ने सामान्य तरीके से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही हालात बेकाबू हो गए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बायोमेट्रिक सिस्टम फेल होने से फंसे कर्मचारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आसिफ के अनुसार, जब कर्मचारी बाहर निकलने के लिए एंट्री गेट तक पहुंचे तो बिजली जा चुकी थी। गेट बायोमेट्रिक सिस्टम से संचालित था और फिंगरप्रिंट मशीन काम नहीं कर रही थी। इसके चलते दरवाजा नहीं खुल सका और कई लोग अंदर फंस गए। उन्होंने बताया कि किसी तरह वे दूसरे कमरे तक पहुंचे और एक वैकल्पिक रास्ते से बाहर निकलने का प्रयास किया। तब तक सीढ़ियों में घना धुआं भर चुका था, जिससे बाहर निकलना और मुश्किल हो गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बिजली के तार के सहारे नीचे उतरे</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आसिफ ने बताया कि धुएं से बचने के लिए उन्होंने मुंह पर तौलिया बांधा और सुरक्षित रास्ता तलाशने लगे। इसी दौरान उन्हें एक छोटी खिड़की के पास से गुजरता बिजली का तार दिखाई दिया। उन्होंने और उनके साथ मौजूद चार-पांच लोगों ने उसी तार के सहारे नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने दम घुटने से बचने के लिए खुद को वॉशरूम में बंद कर लिया था, लेकिन वे बाहर नहीं निकल सके।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>खिड़की तोड़कर कूदे कर्मचारी, गंभीर रूप से घायल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हादसे के दौरान आसिफ के साथी जयंत गुप्ता ने कांच की खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। हालांकि, वह नीचे लगी लोहे की रेलिंग पर गिर गए, जिससे उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई। आसिफ के मुताबिक, जयंत करीब आधे घंटे तक सड़क पर पड़े रहे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>फायर अलार्म और बचाव व्यवस्था पर उठे सवाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आसिफ ने दावा किया कि बिल्डिंग में लगा फायर अलार्म काम नहीं कर रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मदद मिलने में लगभग एक घंटा लग गया। बाहर मौजूद लोग लगातार चिल्लाकर अंदर फंसे लोगों को आग की गंभीरता के बारे में बता रहे थे, लेकिन अंदर सिर्फ धुआं दिखाई दे रहा था, इसलिए स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग पाया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई दर्दनाक कहानी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">घटना की प्रत्यक्षदर्शी माला निगम ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसी के लिए भी बिल्डिंग के अंदर जाकर लोगों को बचाना संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद एक पेट शॉप से लोगों ने कुत्तों, बिल्लियों और अन्य पालतू जानवरों को बचाने की भरसक कोशिश की। माला के अनुसार, कुछ बच्चे ऊपरी मंजिलों से कूदकर घायल हो गए, लेकिन इसके बाद आग इतनी तेजी से फैली कि बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>छत का रास्ता भी था बंद</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">माला निगम ने बताया कि यदि दमकलकर्मी समय रहते छत तक पहुंच जाते तो शायद कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उनका कहना है कि छत का दरवाजा शटर से बंद था, जिसके कारण कई बच्चे और अन्य लोग ऊपर फंस गए। घबराए बच्चे अपने माता-पिता को फोन कर रहे थे और कुछ ने खुद को वॉशरूम में बंद कर लिया था। लखनऊ के इस भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और बायोमेट्रिक लॉक सिस्टम की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:35:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ अग्निकांड में बड़ा खुलासा :  इमारत में फायर सेफ्टी इंतजाम थे न ही इमरजेंसी एग्जिट, एक ही रास्ते से होता था आवागमन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुई भीषण अग्निकांड की घटना में बड़ा खुलासा हुआ है। 15 लोगों की मौत के मामले में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि जिस तीन मंजिला इमारत में आग लगी थी, वहां आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) और धुआं निकालने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बावजूद इमारत का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<h5><strong>फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी बनी हादसे की वजह</strong></h5>
<p>पुलिस के मुताबिक, अलीगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585533/major-revelation-in-lucknow-fire-incident--allegations-of-a-lack-of-fire-safety-measures-and-emergency-exits--four-arrested-so-far"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/cats470.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुई भीषण अग्निकांड की घटना में बड़ा खुलासा हुआ है। 15 लोगों की मौत के मामले में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि जिस तीन मंजिला इमारत में आग लगी थी, वहां आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) और धुआं निकालने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बावजूद इमारत का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<h5><strong>फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी बनी हादसे की वजह</strong></h5>
<p>पुलिस के मुताबिक, अलीगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 110 (गैर-इरादतन हत्या की कोशिश), 125 (लापरवाही से जान को खतरे में डालना) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p>एफआईआर में इमारत के मालिकों और वहां संचालित व्यवसायों के संचालकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने सोमवार को राम कृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया था। इनमें उपाध्याय, शुक्ला और जायसवाल इमारत के संयुक्त मालिक बताए गए हैं।</p>
<h5><strong>एक ही रास्ते से होता था आवागमन</strong></h5>
<p>जांच में सामने आया है कि सेक्टर-डी स्थित इस तीन मंजिला भवन के भूतल और पहली मंजिल पर पालतू जानवरों की देखभाल से जुड़ा क्लिनिक व दुकान संचालित थी। दूसरी मंजिल पर वीडियो गेमिंग जोन और 3डी एनिमेशन सेंटर जबकि तीसरी मंजिल पर आईटी नेटवर्किंग कार्यालय चल रहा था।</p>
<p>एफआईआर के अनुसार, भवन में आने-जाने के लिए केवल एक मुख्य मार्ग था। न तो कोई वैकल्पिक निकास था और न ही आपातकालीन दरवाजा। इसके अलावा धुएं की निकासी के लिए कोई सिस्टम नहीं लगाया गया था। बिजली के उपकरण और एयर कंडीशनर की आउटडोर यूनिट भी असुरक्षित तरीके से स्थापित थीं।</p>
<h5><strong>दीवारें काटकर अंदर पहुंची थीं रेस्क्यू टीमें</strong></h5>
<p>शिकायत में कहा गया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस को इमारत के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए दीवारें काटनी पड़ीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि भवन मालिकों और संचालकों को संभावित खतरे की जानकारी होने के बावजूद आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।</p>
<h5><strong>दम घुटने और झुलसने से गई 15 लोगों की जान</strong></h5>
<p>22 जून को दोपहर करीब 2:30 बजे पालतू जानवरों से जुड़े क्लिनिक में आग लगने के बाद पूरी इमारत धुएं और आग की चपेट में आ गई थी। हादसे में 15 लोगों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई, जबकि नौ घायल अभी भी किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन हैं।</p>
<h5><strong>सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगी एसआईटी</strong></h5>
<p>घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रवीण कुमार के अनुसार, एसआईटी ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी है और उसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/585533/major-revelation-in-lucknow-fire-incident--allegations-of-a-lack-of-fire-safety-measures-and-emergency-exits--four-arrested-so-far</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 16:04:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ अग्निकांड : कानपुर के दो थ्रीडी आर्टिस्ट दोस्तों की भी गई जान, संयम विज और सूरजभान के घर पसरा मातम</title>
                                    <description><![CDATA[ लखनऊ की एक व्यवसायिक इमारत में सोमवार को आग लगने की घटना में जान गंवाने वाले 15 लोगों में दो व्यक्ति कानपुर के थे जो एक एनिमेशन स्टूडियो में बतौर थ्रीडी आर्टिस्ट काम करते थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585532/lucknow-fire-tragedy--two-3d-artist-friends-from-kanpur-also-lost-their-lives--grief-engulfs-the-homes-of-sanyam-vij-and-surajbhan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/add-a-heading-(10).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> लखनऊ की एक व्यवसायिक इमारत में सोमवार को आग लगने की घटना में जान गंवाने वाले 15 लोगों में दो व्यक्ति कानपुर के थे जो एक एनिमेशन स्टूडियो में बतौर थ्रीडी आर्टिस्ट काम करते थे। अधिकारियों के अनुसार उनकी पहचान गोविंद नगर निवासी संयम विज (28) और बर्रा निवासी सूरजभान सिंह (24) के रूप में हुई है। </p>
<p style="text-align:justify;">एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संयम और सूरजभान उसी इमारत में स्थित एक थ्रीडी एनिमेशन स्टूडियो में काम करते थे। दोनों सहकर्मी और करीबी दोस्त थे। दोनों ने वर्षों पहले अपने पिता को खो दिया था। दोनों मित्र अपने-अपने परिवार का मुख्य सहारा थे। संयम के पिता पुष्पराज सिंह का करीब 15 साल पहले निधन हुआ था, वहीं सूरजभान के पिता शिवराज सिंह का भी निधन हो चुका है। रिश्तेदारों ने बताया कि संयम पिछले तीन साल से लखनऊ में था और साप्ताहिक अवकाश पर कानपुर आता था। मंगलवार को उसे दादी के श्राद्ध कार्यक्रम के लिए घर आना था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>रविवार शाम को ही सूरजभान लौटे थे लखनऊ</strong> </h5>
<p style="text-align:justify;">सूरजभान के भाई सुधीर रविवार शाम को ही लखनऊ लौटा था। उन्होंने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी आखिरी यात्रा होगी। घटना के समय उसकी मां मीरा और भाई सम्राट ऋषिकेश में थे। यह खबर मिलने के बाद वे लौट आए। मंगलवार सुबह दोनों शवों को कानपुर लाया गया। कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि वह लगातार लखनऊ पुलिस आयुक्त के संपर्क में रहे। मृतकों की पहचान होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को पीड़ित परिवारों के घर भेजा गया। उन्होंने कहा कि "कानपुर पुलिस शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।" </p>
<p style="text-align:justify;">संयम का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह कर दिया गया। सूरजभान का अंतिम संस्कार बाद में किया जाएगा। लाल ने बताया कि हादसे के बाद अवैध इमारतों, बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में चल रहे कोचिंग सेंटर, होटल, अस्पताल, जिम के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है, जहां आपातकालीन निकास नहीं हैं। पुलिस, अग्निशमन विभाग, कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर नगर निगम और जिला प्रशासन की उच्च-स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है ताकि लखनऊ जैसी त्रासदी दोबारा न हो।  </p>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/585513/lucknow-coaching-centre-fire--bulldozer-to-raze-the--illegal--aliganj-building-where-the-massive-blaze-broke-out"><span class="t-red">लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: </span>अलीगंज की उस 'अवैध' बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर, जहां भड़की थी भीषण आग</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/585532/lucknow-fire-tragedy--two-3d-artist-friends-from-kanpur-also-lost-their-lives--grief-engulfs-the-homes-of-sanyam-vij-and-surajbhan</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:47:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ अग्निकांड :  मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला, 1 करोड़ मुआवजा और बड़े अफसर पर एफआईआर की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>लखनऊ कोचिंग अग्निकांड की एसआईटी जांच के बीच अब ये मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीकांत सिंह ने छात्रों की मौत के मामले में पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग उठाई है। इसके साथ ही लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के वीसी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सनद रहे कि अग्निकांड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई का सिलसिला जारी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/585513/lucknow-coaching-centre-fire--bulldozer-to-raze-the--illegal--aliganj-building-where-the-massive-blaze-broke-out"><span class="t-red">लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: </span>अलीगंज की उस 'अवैध' बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर, जहां भड़की थी भीषण आग</a></h5>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585515/lucknow-fire-incident--matter-reaches-human-rights-commission--demand-for-%E2%82%B91-crore-compensation-and-an-fir-against-a-senior-official"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/add-a-heading-(16).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>लखनऊ कोचिंग अग्निकांड की एसआईटी जांच के बीच अब ये मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मीकांत सिंह ने छात्रों की मौत के मामले में पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग उठाई है। इसके साथ ही लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के वीसी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। सनद रहे कि अग्निकांड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई का सिलसिला जारी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/585513/lucknow-coaching-centre-fire--bulldozer-to-raze-the--illegal--aliganj-building-where-the-massive-blaze-broke-out"><span class="t-red">लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: </span>अलीगंज की उस 'अवैध' बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर, जहां भड़की थी भीषण आग</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 13:09:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ कोचिंग अग्निकांड:  अलीगंज की उस 'अवैध' बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर, जहां भड़की थी भीषण आग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ</strong>: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अलीगंज की उस अवैध व्यावसायिक इमारत को गिराने का नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें सोमवार दोपहर लगी भीषण आग के कारण 15 लोगों की मौत हो गई थी। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने यह जानकारी साझा की है। इसके साथ ही, एलडीए ने इस रिहायशी इमारत को व्यावसायिक तौर पर गैर-कानूनी तरीके से संचालित करने के मामले में अपने ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">2016 में भी आया था गिराने का आदेश, दो महीने में हुआ था वापस</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585513/lucknow-coaching-centre-fire--bulldozer-to-raze-the--illegal--aliganj-building-where-the-massive-blaze-broke-out"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/add-a-heading-(14).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ</strong>: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अलीगंज की उस अवैध व्यावसायिक इमारत को गिराने का नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें सोमवार दोपहर लगी भीषण आग के कारण 15 लोगों की मौत हो गई थी। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने यह जानकारी साझा की है। इसके साथ ही, एलडीए ने इस रिहायशी इमारत को व्यावसायिक तौर पर गैर-कानूनी तरीके से संचालित करने के मामले में अपने ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">2016 में भी आया था गिराने का आदेश, दो महीने में हुआ था वापस</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस तीन मंजिला इमारत को साल 2016 में भी गैर-कानूनी निर्माण के चलते गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन महज दो महीने से भी कम समय के भीतर उस आदेश को संदिग्ध परिस्थितियों में वापस ले लिया गया था। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया, "हमने अलीगंज की उस इमारत को निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन को लेकर एक बार फिर गिराने का नोटिस जारी किया है, जहां सोमवार को आग लगी थी।" उन्होंने आगे कहा, "हमने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" फिलहाल ऐसे अधिकारियों की पहचान करने और पिछले सालों में उनकी भूमिका व जिम्मेदारियों का पता लगाने की प्रक्रिया चल रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हादसे में 15 की मौत, SIT जांच</h4>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, सोमवार दोपहर अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित ऊषा मेहता मार्ग पर बनी इस तीन मंजिला बिल्डिंग में आग लग गई थी, जिसमें एक एनिमेशन सेंटर भी संचालित हो रहा था। इस हादसे में 15 लोगों की झुलसकर मौत हो गई, जिनमें से ज्यादातर छात्र थे, जबकि नौ अन्य लोग घायल हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस भीषण घटना की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) लखनऊ जोन, प्रवीण तिवारी की अगुवाई में दो सदस्यीय एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मामले में अब तक की बड़ी कार्रवाई</h4>
<p style="text-align:justify;">पुलिस और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कानूनी कार्रवाई की है:</p>
<h4 style="text-align:justify;">4 गिरफ्तारियां </h4>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, सोमवार को इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान रामकृष्ण उपाध्याय (43 वर्ष), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62 वर्ष), तुषार कृष्ण जायसवाल (31 वर्ष) और सुरेश कुमार साहू के रूप में हुई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">4 अधिकारी निलंबित </h4>
<p style="text-align:justify;">लापरवाही बरतने के आरोप में बिजली विभाग, अग्निशमन (फायर) विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/585499/lucknow-coaching-fire-sit-constituted-on-the-instructions-of-cm"><span class="t-red">लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: </span>जांच के लिए पहुंची SIT की टीम, अवैध इमारत पर चल सकता है बुलडोजर</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/585513/lucknow-coaching-centre-fire--bulldozer-to-raze-the--illegal--aliganj-building-where-the-massive-blaze-broke-out</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 12:40:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: जांच के लिए पहुंची SIT की टीम, अवैध इमारत पर चल सकता है बुलडोजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर को एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को दहला दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी शोक व्यक्त करते हुए मंगलवार के अपने संगठनात्मक कार्यक्रम स्थगित कर दिए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अलीगंज अग्निकांड की जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे घटनास्थल पर पहुंची। टीम का नेतृत्व निदेशक आदर्श कुमार कर रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585499/lucknow-coaching-fire-sit-constituted-on-the-instructions-of-cm"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/add-a-heading-(4).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर को एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को दहला दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी शोक व्यक्त करते हुए मंगलवार के अपने संगठनात्मक कार्यक्रम स्थगित कर दिए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अलीगंज अग्निकांड की जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे घटनास्थल पर पहुंची। टीम का नेतृत्व निदेशक आदर्श कुमार कर रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/add-a-heading-(5).jpg" alt="Lucknow Coaching Fire Incident" width="1280" height="720"></img>
Lucknow Coaching Fire Incident

<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें उनके शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया है। वही इस हादसे को लेकर SIT ने भी जांच शुरू कर दी है </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनाई गई एसआईटी में अपर मुख्‍य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रवीण कुमार शामिल हैं। घटनास्थल पर प्रवीण कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ''हम यहां घटना के सभी पहलुओं की जांच करेंगे। हम तय समय में जांच पूरी करेंगे और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।'' </p>
<h4 style="text-align:justify;">SIT ने संभाली कमान, खंगाले जा रहे कागजात</h4>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/add-a-heading-(6).jpg" alt="जांच की टीम घटनास्थल पर" width="1280" height="720"></img>
जांच की टीम घटनास्थल पर

<p style="text-align:justify;">इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसआईटी टीम के पहुंचने से पहले, सुबह फॉरेंसिक प्रयोगशाला के विशेषज्ञों की छह सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। इस जांच का मकसद आग लगने की वजह, संभावित चूक का पता लगाना है। अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर अलीगंज स्थित तीन मंजिला इमारत में आग लग गई थी, जिसमें एक एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित हो रहा था। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र थे और नौ अन्य घायल हुए। </p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के एक दिन बाद मंगलवार को अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित उषा मेहता मार्ग पर मौजूद जली हुई इमारत के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आवाजाही पर रोक लगा दी। इस बीच, रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई। स्थानीय निवासी हेमंत श्रीवास्तव ने कहा, ''यह एक टाइम बम की तरह है। नियमों की अनदेखी कर रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिसके परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं।'' कई लोगों ने आसपास की इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/add-a-heading-(7).jpg" alt="Add a heading (7)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">एसआईटी की टीम ने सबसे पहले इस बहुमंजिला इमारत के मालिकाना हक, एलडीए (LDA) और फायर विभाग से जुड़ी एनओसी (NOC) सहित तमाम तकनीकी व कानूनी कागजात खंगालना शुरू कर दिए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/add-a-heading-(8).jpg" alt="Add a heading (8)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जांच टीम कुछ ही देर में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने पहुंची, ताकि आग लगने के सही कारणों और सुरक्षा मानकों में हुई लापरवाही का पता लगाया जा सके। </p>
<p style="text-align:justify;">आग लगने की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अलीगढ़ में अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर लखनऊ लौट आए थे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। इसमें अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और एडीजी, लखनऊ जोन, प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। एसआईटी को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार को गिरफ्तार किए गए लोगों में रामकृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। इसके अलावा बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण के चार अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/585515/lucknow-fire-incident--matter-reaches-human-rights-commission--demand-for-%E2%82%B91-crore-compensation-and-an-fir-against-a-senior-official"><span class="t-red">लखनऊ अग्निकांड : </span>मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला, 1 करोड़ मुआवजा और बड़े अफसर पर एफआईआर की मांग </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/585499/lucknow-coaching-fire-sit-constituted-on-the-instructions-of-cm</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 11:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ अग्निकांड : बुझ गए घरों के चिराग, जिंदगी बनाने निकले 15 छात्र हार गए जिंदगी! कलेजा चीर रहीं खौफनाक तस्वीरें </title>
                                    <description><![CDATA[ जवान बच्चों की लाशों पर मां-बाप तड़प रहे हैं। उनके घरों के चिराग बुझ गए। घटनास्थल अलीगंज से लेकर केजीएमयू अस्पताल तक मातमी सन्नाटा है। घरवाले सिसक रहे हैं। गम, गुस्सा और बेबसी के बीच कई सवाल हैं। सवाल ये भी कि क्या पिछले हादसों के बाद हमने कोई सबक लिया? बहरहाल, देश-प्रदेश को झकझोर देने वाले इस अग्निकांड पर मुख्यमंत्री योगी ने कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585497/-lucknow-fire-tragedy--lights-extinguished-in-homes--15-students-who-set-out-to-build-their-futures-lost-their-lives--heart-wrenching-images"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/lucknow-fire-.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, लखनऊ :</strong> यूपी की राजधानी लखनऊ खौफनाक अग्निकांड से सिहर गई। जिंदगी संवारने निकले 15 छात्र जिंदगी हार गए। आग की लपटों से घिरे छात्रों की चीखें कलेजा चीर रही हैं। जवान बच्चों की लाशों पर मां-बाप तड़प रहे हैं। उनके घरों के चिराग बुझ गए। घटनास्थल अलीगंज से लेकर केजीएमयू अस्पताल तक मातमी सन्नाटा है। घरवाले सिसक रहे हैं। गम, गुस्सा और बेबसी के बीच कई सवाल हैं। सवाल ये भी कि क्या पिछले हादसों के बाद हमने कोई सबक लिया? बहरहाल, देश-प्रदेश को झकझोर देने वाले इस अग्निकांड पर मुख्यमंत्री योगी ने कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया है। कार्रवाई शुरू भी हो गई। बिल्डिंग मालिक, कोचिंग संचालक, पेट शॉप मालिक समेत चार गिरफ्तार हो गए हैं। चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। एसआईटी जांच में जुटी है।</p>
<p> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/lucknow-fire-incident-news-.jpg" alt="Lucknow Fire Incident News" width="1280" height="720"></img>
लखनऊ के अलीगंज कोचिंग हादसे में मृतक छात्र का शव निकालकर ले जाती रेस्क्यू टीम।

<p> </p>
<p><br />अलीगंज के सेक्टर-डी में एक बिल्डिंग है। शुरुआती जांच में ये बिल्डिंग अवैध पाई गई है। नक्शा जरूर एलडीए से पास था, लेकिन निर्माण मनमर्जी से कराया गया। इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप है। पहली मंजिल पर वेयरहाउस। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनिमिशेन कोचिंग सेंटर और गेमजिंग जोन था। 12वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक के स्टूडेंट्स अपना भविष्य संवारने आते थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यहां ज्ञान नहीं बल्कि मौत मिलेगी? </p>
<p> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/lucknow-fire-news-.jpg" alt="Lucknow Fire News" width="1280" height="720"></img>
लखनऊ अग्निकांड में घटनास्थल पर सीएम योगी। दूसरी तस्वीर में जलकर खाक हुई बिल्डिंग।

<p> </p>
<p>पुलिस के मुताबिक सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे के आसपास बिल्डिंग में आग लग गई। कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। पलभर में पूरी बिल्डिंग धधक उठी। दूसरी मंजिल पर कोचिंग में पढ़ाई कर रहे छात्र घिर गए। आग नीचे से लगी थी तो उतरने का कोई रास्ता नहीं था। </p>
<p>चीख-पुकार और अफरातफरी के बीच कुछ छात्रों ने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। कोचिंग में धुआं भरने लगा। छात्र गश खाकर गिरने लगे। फायर ब्रिगेड को खबर दी गई, लेकिन हमेशा की तरह वह अपनी सुस्ती पर कायम रहा। फायर ब्रिगेड की टीम घटना के करीब 45 मिनट बाद पहुंची।</p>
<p> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/rajnath-singh-in-lucknow-incident-.jpg" alt="Rajnath singh in Lucknow incident" width="1280" height="720"></img>
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में घटनास्थल पर पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।

<p> </p>
<p>इस बीच स्थानीय लोगों के साथ पुलिस तड़पते छात्रों को बाहर निकलाने के लिए छटपटाती रही। भयंकर आग के बीच कोई रास्ता नहीं सूझा तो कुछ पुलिसवाले हथौड़ा लेकर दीवार तोड़ने में जुट गए। जिंदगियां बचाने की इस जद्दोजहद में उन्हें कामयाबी भी मिली। </p>
<p> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/lucknow-fire-incident-1.jpg" alt="Lucknow Fire incident" width="1280" height="720"></img>
लखनऊ अग्निकांड : कोचिंग सेंटर की दीवार तोड़ते पुलिसकर्मी।

<p> </p>
<p>दीवार तोड़कर कई छात्रों को बाहर निकाला गया। कुछ हिम्मत करके कैबिल के सहारे छत से नीचे उतर आए। दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर हर कोई थर्रा गया। इसके बाद अफसरों की दौड़ शुरू हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना के वक्त अलीगढ़ में थे। जनसभा छोड़कर लखनऊ लौटे। इससे पहले डीजीपी राजीव कृष्णा और एसीएस संजय प्रसाद को घटनास्थल पर भेजा। उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी पहुंच गए। अधिकारियों के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। </p>
<p>अग्निशमन विभाग के आग पर काबू पाने के बाद अंदर का मंजर कलेजा चीर गया। छात्रों के शव देखकर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक फफककर रोने लगे। बड़ी जनहानि देखते हुए अधिकारियों ने पूरा इलाका सील कर दिया। करीब 22 एंबुलेंस लगाकर घायल और मृतकों को निकालकर अस्पताल भेजा गया। </p>
<p> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/lucknow-coaching-1.jpg" alt="Lucknow Coaching" width="1280" height="720"></img>
लखनऊ अग्निकांड के बाद बिलखते छात्रों के परिजन। बदहवास माएं। बहनों की चीखें कलेजा चीर रही थीं।

<h4> </h4>
<h4><strong>मुख्यमंत्री पहुंचे घटनास्थल </strong></h4>
<p><br />अलीगढ़ से लौटकर सीएम योगी सीधे घटनास्थल अलीगंज पहुंचे। हालात का जायजा लिया। उसके बाद घायलों से मिलने केजीएमयू अस्पताल गए। परिजनों को सांत्वाना दी। डॉक्टरों को अच्छे से अच्छा इलाज करने का निर्देश। देररात को सीएम ने उच्चस्तरीय बैठक की। दो सदस्यीय एसआईटी के गठन का निर्देश दिया। एसआईटी ने रात में ही काम शुरू कर दिया। अलीगंज थाने में छह लोगों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज कराई। रात में ही बिल्डिंग मालिक, कोचिंग संचालक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पहली नजर में अवैध बिल्डिंग निर्माण में दोषी चार अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया। एसआईटी सात दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट देगी। </p>
<p> </p>
<h4><strong>हादसे में इन 15 छात्रों ने गंवाई जान </strong></h4>
<p><strong>सुखमनी (24), लखनऊ</strong><br /><strong>नीलेश (27), निवासी हजरतगंज, लखनऊ</strong><br /><strong>अब्दुल रहमान (24), बिसवां, सीतापुर</strong><br /><strong>आदित्य श्रीवास्तव (24), बिसवां, सीतापुर</strong><br /><strong>मोहम्मद अम्मार (24) लेखपड़ा बाग, बाराबंकी</strong><br /><strong>संयम विज (27) कानपुर</strong><br /><strong>सागर (28), लखनऊ </strong><br /><strong>ज्योति (26), निवासी ज्ञान विहार कॉलोनी कमता लखनऊ </strong><br /><strong>शहजान सिद्दीकी (18) बीकेटी, लखनऊ</strong><br /><strong>अनुक्षा (24), अवध शिल्पग्राम शांतिनगर</strong><br /><strong>जैनिल (26), अनूपपुर भालुमुड़ा मध्य प्रदेश </strong><br /><strong>सूरज सिंह (27), निवासी गोविंद नगर कानपुर </strong><br /><strong>अनामिका</strong><br /><strong>सौमाल्या (24), निवासी द्वारिका नगर नमखाना साउथ </strong><br /><strong>भविष्य (23), निवासी अलीगंज </strong></p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:55:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ateeq Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ कोचिंग अग्निकांड:  बिना फायर एनओसी और मानकों के चल रहे व्यावसायिक भवन, नहीं हैं जान बचाने के इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[- बेसमेंट में खुले शिक्षण संस्थान, गलियों में होटल, नर्सिंगहोम, अपार्टमेंट व कॉम्पलेक्स
- एलडीए ने जुलाई 2024 में 107 संस्थानों जांच कर की थी कार्रवाई
-लेकिन सुधार धरातल पर दिख नहीं रहा
-घने बाजारों में ताने जाते कांप्लेक्स]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585496/lucknow-fire-incident--commercial-buildings-operating-without-fire-nocs-or-adherence-to-safety-standards--lack-of-life-saving-measures"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/add-a-heading.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>शहर में लाखों की आबादी के बीच गलियों और सड़कों में अपार्टमेंट, होटल, नर्सिंगहोम, शिक्षण संस्थान, कॉम्पलेक्स आदि भवन सुरक्षित नहीं है। चाहे आग लगे या फिर बिल्डिंग गिरे घटना के समय जिम्मेदारों पर सवाल खड़े हो जाते हैं। ऐसे भवनों में न आग बुझाने के इंतजाम न ही भागने के। घटना के समय अभियान चलता है और कार्रवाई सीलिंग व नोटिस में सिमट कर खत्म हो जाती है। शायद इसी वजह से मानकों को दरकिनार करके इमारतें तनती जा रहीं है, सोमवार को अलीगंज में हुई आग की घटना ने फिर जिम्मेदारों पर सवाल खड़े कर दिए। जहां छात्रों व अन्य लोगों ने कूदकर और तार के सहारे नीचे उतरकर जान बचाई।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बाजारों का हाल और खराब</h4>
<p style="text-align:justify;">और तो और शहर के घने बाजारों का हाल और खराब है। गलियों में कई मंजिलें कांप्लेक्स हैं... और भी बन रहे हैं। यहियागंज, नादान महल समेत कई इलाकों में गलियों में कारोबार हो रहा है। हाल यह है कि यहियागंज क्षेत्र की तंग और संकरी गलियों में एक तिपहिया वाहन तक निकलना मुश्किल है। दमकल गाड़ी तक पहुंचना मुश्किल है लेकिन कांप्लेक्स बनाए जा रहे हैं। जिम्मेदारों के नाक के नीचे बहुमंजिला बाजार लगातार बढ़ता जा रहा है। बेसमेंट तक मानक के विरुद्ध हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बिना मानक के आवासीय और व्यवसायिक भवन</h4>
<p style="text-align:justify;">शहर में ज्यादातर आवासीय व व्यवसायिक भवन बिना मानक हैं। आवासीय में नर्सिंगहोम, होटल, शिक्षण संस्थान, दुकान आदि कारोबार होते हैं। एलडीए से मानचित्र स्वीकृत नहीं है। जो स्वीकृत है तो निर्माण विपरीत कर रखा है। बिल्डर हो या भवन स्वामी न सेटबैक छोड़ा न पार्किंग न ही आग से बचाव के इंतजाम कर रखे हैं। पूर्व की घटनाओं पर भी जिम्मेदार नहीं चेते हैं। आयेदिन अवैध निर्माण सील व ध्वस्तीकरण का असर नहीं है। एलडीए ने वर्ष 2024 में दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में हादसे का संज्ञान लेकर 107 शिक्षण संस्थान चिह्नित करके सील व नोटिस चस्पा किए थे। इनमें ज्यादातर कोचिंग, लाइब्रेरी व इंस्ट्टियूट अलीगंज क्षेत्र में बेसमेंट व बिना मानक भवनों में मिले थे। मई 2026 में दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में आग की घटना को लेकर अभियान चलाया गया। इस दौरान ज्यादातर होटलों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हाल व लॉन के मानचित्र तक नहीं मिले थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मानचित्र तो स्वीकृत लेकिन नियमों का पालन नहीं</h4>
<p style="text-align:justify;">कार्रवाई से बचने के लिए बिल्डर या फिर भवन स्वामी आवासीय व व्यवसायिक भवनों का एलडीए से मानचित्र स्वीकृत कराता है तो नियमों के तहत निर्माण नहीं कराते हैं। भवन में सेटबैग तक नहीं छोड़ते हैं न ही पार्किंग बनाते हैं। बेसमेंट को भी आवासीय व व्यवसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल करते हैं। वर्ष 2025 में नए बिल्डिंग बायलॉज में छूट मिली तो और हौसले बुलंद हो गए। नये बायलॉज में जो नियम दिए गए उसका पालन नहीं हो रहा है। इसका फायदा उठाकर सकरी गलियों में व्यवसायिक भवन बनते जा रहे हैं और पुरानों पर कार्रवाई नहीं होती है।</p>
<h4>2016 में घरेलू से कमर्शियल हुआ था कनेक्शन</h4>
<p>पुरनिया के सेक्टर-डी स्थित ऐनिमेशन सेंटर में सोमवार दोपहर लगी आग के बाद लेसा की कार्यप्रणाली और कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आग की घटना के बाद चर्चा यह कि उस सेंटर को बिजली कनेक्शन देते समय विभाग की ओर से एनओसी समेत सभी जरूरी नियमों और मानकों का पालन किया गया था या नहीं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, संबंधित बिजली कनेक्शन वर्ष 2012 से पहले का है और शुरुआत में यह घरेलू श्रेणी का कनेक्शन था। बाद में वर्ष 2016 के बाद इसे घरेलू से व्यावसायिक (कॉमर्शियल) श्रेणी में परिवर्तित किया गया था। </p>
<p>हालांकि, विभाग के जिम्मेदार अधिकारी यह साफ रूप से नहीं बता पा रहे हैं कि कनेक्शन जारी करने और श्रेणी परिवर्तन के दौरान आवश्यक एनओसी और अन्य औपचारिकताएं पूरी की गई थीं या नहीं। इससे विभागीय रिकॉर्ड और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। ट्रांसगोमती के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। </p>
<h4> एनओसी के दावों पर लेसा के पास नहीं कोई जवाब</h4>
<p>उन्होंने कहा कि विभाग के पास फिलहाल ऐसे कोई पुख्ता दस्तावेज अभी उपलब्ध नहीं हैं, जिनके आधार पर यह निश्चित तौर पर कहा जा सके कि एनओसी सहित सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं। हालांकि, उनका मानना है कि घरेलू से व्यावसायिक कनेक्शन में परिवर्तन के समय आवश्यक एनओसी विभाग की ओर से जरूर ली गई होगी। मुख्य अभियंता के अनुसार, पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आग की घटना के बाद सेंटर की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय प्रक्रियाओं की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"> </h4>
<h4 style="text-align:justify;"> </h4>
<h4 style="text-align:justify;">इन वर्षों में हुई ये मुख्य घटनाएं</h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2019 में चारबाग में होटल विराट और एसएसजी में अग्निकांड</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2022 में हजरतगंज क्षेत्र में होटल लेवाना में आग</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2023 में हजरतगंज क्षेत्र में अलावा अपार्टमेंट गिरा</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2024 में ट्रांसपोर्ट नगर में तीन मंजिला बिल्डिंग गिरी</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2025 में चारबाग क्षेत्र में होटल मोहन में आग लगी</p>
<h4 style="text-align:justify;">ऊंची इमारतों में इन मानकों का नहीं होता पालन</h4>
<p style="text-align:justify;">- मानचित्र के अनुसार भवन का निर्माण</p>
<p style="text-align:justify;">- रेन वाटर सिस्टर व पार्किंग की जगह</p>
<p style="text-align:justify;">- हाइट के हिसाब से फायर गाड़ी जाने को सेटबैक</p>
<p style="text-align:justify;">- फायर के प्वाइंट, स्मोक फायर अलार्म</p>
<p style="text-align:justify;">- परिसर में आग बुझाने के हाईड्रेंट प्वाइंट</p>
<p style="text-align:justify;">- निकास द्वार, जीना, फायर स्टेयरकेस</p>
<p style="text-align:justify;">- फायर व ज्वलनशील पदार्थ रखने की एनओसी</p>
<p style="text-align:justify;">- आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र व समय उसकी रीफिलिंग</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/585473/lucknow-fire-tragedy--cm-yogi-cuts-short-aligarh-visit-and-returns--pm-modi-expresses-grief--compensation-announced"><span class="t-red">Lucknow Fire Tragedy : </span>अलीगढ़ दौरा छोड़ लौटे सीएम योगी, पीएम मोदी ने जताया दुःख; 2-2 लाख मुआवजे का ऐलान</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/585471/the-harrowing-tale-of-the-lucknow-coaching-center-fire--14-fire-tenders--raging-flames--and-a-desperate-struggle-to-save-lives"><span class="t-red">पापा मुझे बचा लो...</span>लखनऊ कोचिंग सेंटर आग की डरावनी कहानी, 14 दमकल गाड़ियां, आग की लपटें और जान बचाने की जद्दोजहद</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/585496/lucknow-fire-incident--commercial-buildings-operating-without-fire-nocs-or-adherence-to-safety-standards--lack-of-life-saving-measures</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 10:52:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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