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                <title>एजुकेशन - Amrit Vichar</title>
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                <description>एजुकेशन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Good News : अग्निवीरों के लिए खुशखबरी... 25% नहीं अब 75% जवानों को मिल सकती है स्थायी नौकरी ! तीनों सेनाओं बना रही है भविष्य की योजना</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>डिजिटल डेस्क।</strong> वर्ष 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना (अग्निवीर योजना) में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब तक चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से केवल 25 फीसदी को ही स्थायी नियुक्ति (रिटेंशन) मिलती थी, लेकिन अब तीनों सेनाओं-थलसेना, नौसेना और वायुसेना-ने इस सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। रक्षा मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो बड़ी संख्या में अग्निवीरों को स्थायी सेवा का अवसर मिलेगा, जिससे सेना को प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों की उपलब्धता बढ़ेगी।</p>
<h5><strong>क्या है अग्निवीर योजना?</strong></h5>
<p>केंद्र सरकार ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586646/good-news--great-news-for-agniveers----now--75--of-the-soldiers-instead-of-25--will-get-permanent-jobs--find-out-the-plans-of-the-three-armed-forces"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/0113.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>डिजिटल डेस्क।</strong> वर्ष 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना (अग्निवीर योजना) में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब तक चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से केवल 25 फीसदी को ही स्थायी नियुक्ति (रिटेंशन) मिलती थी, लेकिन अब तीनों सेनाओं-थलसेना, नौसेना और वायुसेना-ने इस सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। रक्षा मंत्रालय इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो बड़ी संख्या में अग्निवीरों को स्थायी सेवा का अवसर मिलेगा, जिससे सेना को प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों की उपलब्धता बढ़ेगी।</p>
<h5><strong>क्या है अग्निवीर योजना?</strong></h5>
<p>केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत 17.5 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं की भर्ती थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार वर्ष के लिए की जाती है। इन युवाओं को 'अग्निवीर' कहा जाता है।</p>
<h5><strong>चार साल की सेवा पूरी होने के बाद मौजूदा व्यवस्था के अनुसार...</strong></h5>
<ul>
<li>केवल 25 फीसदी अग्निवीरों को मेरिट, मेडिकल फिटनेस और सेना की आवश्यकता के आधार पर स्थायी नियुक्ति मिलती है।</li>
<li>चयनित जवान आगे कम से कम 15 वर्ष तक सेना में सेवा देते हैं।</li>
<li>उनकी मासिक तनख्वाह लगभग 40 हजार से 60 हजार रुपये तक हो सकती है।</li>
<li>शेष 75 फीसदी अग्निवीरों को लगभग 11.71 लाख रुपये का 'सेवा निधि पैकेज' दिया जाता है, जिसमें सरकार और अग्निवीर दोनों का योगदान शामिल होता है।</li>
</ul>
<p>इस योजना का उद्देश्य सेना की औसत आयु कम करना, पेंशन पर होने वाला खर्च घटाना और आधुनिक हथियारों व तकनीक पर अधिक निवेश करना था।</p>
<h5><strong>अब क्या बदलाव प्रस्तावित है?</strong></h5>
<p>मौजूदा नियम के अनुसार प्रत्येक बैच में अधिकतम 25 फीसदी अग्निवीरों को ही स्थायी सेवा दी जा सकती है। अब तीनों सेनाओं ने अपनी-अपनी जरूरतों के अनुसार इस सीमा को बढ़ाने का सुझाव दिया है।</p>
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<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">सेना</th>
<th class="last:pe-10">प्रस्तावित रिटेंशन</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>नौसेना</td>
<td>75% तक</td>
</tr>
<tr>
<td>थलसेना</td>
<td>50% तक</td>
</tr>
<tr>
<td>वायुसेना</td>
<td>50% तक</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<p>हालांकि यह प्रस्ताव अभी अंतिम रूप में स्वीकृत नहीं हुआ है और रक्षा मंत्रालय स्तर पर विचार-विमर्श जारी है।</p>
<h5><strong>रिटेंशन बढ़ाने की मांग क्यों उठी?</strong></h5>
<h5><strong>1. चार साल में पूरी विशेषज्ञता हासिल करना मुश्किल</strong></h5>
<p>सेना का मानना है कि कई तकनीकी पदों पर किसी जवान को पूरी तरह दक्ष बनने में तीन से चार वर्ष या उससे अधिक समय लग जाता है। विशेष रूप से नौसेना में कई तकनीकी शाखाओं में प्रशिक्षण की अवधि लंबी होती है। ऐसे में चार साल बाद प्रशिक्षित जवानों का बाहर हो जाना प्रशिक्षण संसाधनों का पूरा लाभ नहीं मिलने जैसा है।</p>
<h5><strong>2. आधुनिक तकनीक और हथियारों की चुनौती</strong></h5>
<p>ऑपरेशन सिंदूर के बाद तीनों सेनाओं में नई तकनीकों, आधुनिक हथियारों और उन्नत प्लेटफॉर्म का तेजी से इस्तेमाल बढ़ा है। इन प्रणालियों पर दक्षता हासिल करने के लिए लंबी अवधि का प्रशिक्षण जरूरी माना जा रहा है। इसलिए सेना प्रशिक्षित अग्निवीरों को अधिक समय तक अपने साथ रखना चाहती है।</p>
<h5><strong>3. ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभव</strong></h5>
<p>ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अग्निवीरों के प्रदर्शन को सकारात्मक माना गया। साथ ही सेना ने यह भी महसूस किया कि लगातार फील्ड अनुभव और लंबे समय तक सेवा देने वाले जवान कठिन परिस्थितियों में अधिक प्रभावी साबित होते हैं। इसी अनुभव के आधार पर रिटेंशन बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई।</p>
<h5><strong>4. जवानों की कमी पूरी करने की जरूरत</strong></h5>
<p>सेना में हर वर्ष बड़ी संख्या में जवान सेवानिवृत्त होते हैं। वर्तमान में करीब 1.8 लाख जवानों की कमी बताई जा रही है, जिसे अगले दो वर्षों में पूरा करने की योजना है। ऐसे में अधिक प्रशिक्षित अग्निवीरों को स्थायी सेवा देना इस कमी को दूर करने में मददगार हो सकता है।</p>
<h5><strong>अगर मंजूरी नहीं मिली तो क्या होगा?</strong></h5>
<p>यदि सरकार रिटेंशन की सीमा नहीं बढ़ाती है, तब भी सेना विशेष इकाइयों में अधिक अनुभवी अग्निवीरों को तैनात करने की रणनीति अपना सकती है। उदाहरण के तौर पर भैरव बटालियन जैसी विशेषीकृत यूनिटों में अधिक संख्या में रिटेन्ड अग्निवीर रखे जा सकते हैं, जबकि सामान्य इन्फैंट्री इकाइयों में नए अग्निवीरों की नियुक्ति जारी रह सकती है। इससे कुल रिटेंशन 25 फीसदी रहने के बावजूद महत्वपूर्ण इकाइयों में अनुभवी जवान उपलब्ध रहेंगे।</p>
<h5><strong>अग्निवीरों के लिए और क्या बदलाव संभव?</strong></h5>
<p>रिटेंशन बढ़ाने के अलावा सरकार दो अन्य प्रस्तावों पर भी विचार कर रही है—</p>
<ul>
<li>ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले अग्निवीरों के परिवारों को आजीवन आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना।</li>
<li>सेवा के दौरान दिव्यांग होने वाले अग्निवीरों को आजीवन मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करना।</li>
</ul>
<p>इन प्रस्तावों का उद्देश्य अग्निपथ योजना को लेकर उठाई गई प्रमुख चिंताओं का समाधान करना माना जा रहा है।</p>
<h5><strong>संभावित बदलाव का क्या होगा असर?</strong></h5>
<p>यदि रिटेंशन बढ़ाया जाता है तो इसके कई प्रभाव देखने को मिल सकते हैं—</p>
<ul>
<li>सेना को अधिक अनुभवी और प्रशिक्षित जवान मिलेंगे।</li>
<li>बड़ी संख्या में अग्निवीरों को स्थायी रोजगार और लंबी सेवा का अवसर मिलेगा।</li>
<li>अधिक स्थायी नियुक्तियों के कारण सरकार पर भविष्य में पेंशन का वित्तीय भार बढ़ सकता है।</li>
<li>स्थायी रिटेंशन बढ़ने से नई भर्ती के लिए उपलब्ध पदों की संख्या प्रभावित हो सकती है। हालांकि सेना अगले वर्ष लगभग 90 हजार नई भर्तियां करने की योजना पर काम कर रही है।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586646/good-news--great-news-for-agniveers----now--75--of-the-soldiers-instead-of-25--will-get-permanent-jobs--find-out-the-plans-of-the-three-armed-forces</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:21:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉलेज  का पहला दिन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">1995, 1997 में क्रमशः 10 वीं व 12 वीं में कड़ी मेहनत और स्क्रुटनी कराने के बाद भी फर्स्ट न आ पाया, तो मन नेतागिरी में लगा, जिसका फायदा ये मिला कि क्राइस्ट चर्च जैसे कॉलेज में बीकॉम में प्रवेश मिल गया। समाज और फैशन को देखते हुए माता जी ने स्वयं चलकर 3-4 जोड़ी नए कपड़े दिलाए, जिसमें से कॉलेज के पहले दिन ब्लू जींस - व्हाइट शर्ट पहन (अक्षय कुमार) बन के गया। कुछ ही दिनों में हमारी हीरोपंती से प्रभावित 4-5 मित्र (विपुल, गोपाल, सईद, नितिन, परवेज) खास बन गए और हम मित्रों ने ही मिलकर बड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586278/first-day-of-college"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/feature-page.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">1995, 1997 में क्रमशः 10 वीं व 12 वीं में कड़ी मेहनत और स्क्रुटनी कराने के बाद भी फर्स्ट न आ पाया, तो मन नेतागिरी में लगा, जिसका फायदा ये मिला कि क्राइस्ट चर्च जैसे कॉलेज में बीकॉम में प्रवेश मिल गया। समाज और फैशन को देखते हुए माता जी ने स्वयं चलकर 3-4 जोड़ी नए कपड़े दिलाए, जिसमें से कॉलेज के पहले दिन ब्लू जींस - व्हाइट शर्ट पहन (अक्षय कुमार) बन के गया। कुछ ही दिनों में हमारी हीरोपंती से प्रभावित 4-5 मित्र (विपुल, गोपाल, सईद, नितिन, परवेज) खास बन गए और हम मित्रों ने ही मिलकर बड़े भाई आशीष निगम और तत्कालीन अध्यक्ष स्व चंद्र प्रकाश (चंदू भैया) के सहयोग से स्वयं ही बीकॉम की फ्रेशर पार्टी का आयोजन कर डाला, जो 2nd व 3rd वर्ष के सीनियर देता थे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रिंसिपल आदरणीय जॉन पैटरसन के अनुसार ये पार्टी इसलिए भी एतिहासिक रही, क्योंकि विगत 7-8 वर्षों से कॉलेज में फ्रेशर पार्टी ही नहीं हुई थी। चूंकि नेतागिरी से प्रवेश मिला था तो छात्रहित के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे, इसलिए 40-50 लड़के हमेशा साथ रहते थे। भौकाल को देखते हुए स्वर्गीय जितेंद्र बहादुर सिंह जी ने छात्र सेना का नगर मंत्री मनोनीत कर दिया, अब शुरू हुई नेतागिरी, साथियों संग मिल तमाम कोचिंग बंद करा दी, जिसका संचालन कॉलेज के प्रोफेसर करते थे। हमारा मानना था क्लास में पढ़ाइए और कमाई के लिए कोचिंग युवाओं को पढ़ाने दीजिए।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे-तैसे 3 वर्षों में बिना कठिन मेहनत किए भी 2000 में 58% से स्नातक हो गए, फिर राजनीति में लगन को देखते हुए बड़े भाई चक्रेश अवस्थी ने डीएवी में एडमिशन करा दिया, लेकिन अचानक उनकी मौत और परिवार में राजनीतिक पृष्ठभूमि से किसी के न होने के कारण एम कॉम की पढ़ाई 1st ईयर में ही छोड़ दी और प्राइवेट बैंक में नौकरी ज्वाइन कर ली, लेकिन उस दौरान नौकरी में, कला में, व्यापार में सभी जगह देखा कि लोग छोटे और हुनरमंद लोगों को आगे बढ़ने का मौका नहीं देते, उनके आइडिया कॉन्सेप्ट को चुराकर स्वयं वही कार्य कर गलत तरीके से पैसा कमाते थे, जिसका मैं स्वयं भी कई बार शिकार हुआ, जिसकी वजह से मन बहुत आहत हुआ और इन बातों को मैंने बहुत गहराई से लिया और समय आने पर 2019 में गोल्डन डेज नाम से इवेंट कंपनी बनाई और 2020 में सामाजिक कार्य करने के उद्देश्य से गोल्डन क्लब की स्थापना की। उसी वर्ष कोरोना के दूसरे काल में क्लब के सदस्यों द्वारा उन शवों को कंधा देना और अंतिम संस्कार कराने का काम किया, जिनको उनके अपने हाथ भी नहीं लगा रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">शुरुआत से ही क्लब के माध्यम से लोगों को मनोरंजन, भारतीय संस्कृति, संयुक्त परिवार जीवनशैली, संस्कार, तनावमुक्त जीवन, राष्ट्रभक्ति और आपसी प्रेम - स्नेह को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए और इवेंट कंपनी गोल्डन डेज के माध्यम से उनमें से चयनित, इच्छुक और हुनरमंद बच्चों और युवाओं को मंच/रोजगार दिया व उस मुकाम तक पहुंचाने में नि:स्वार्थ मदद की जिसके वो हकदार थे और ये सिलसिला आज भी और भविष्य में भी जारी रहेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">अनुज निगम, कानपुर</h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586278/first-day-of-college</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 12:00:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'जब पेड़ ने छुट्टी मांगी' : बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का अनमोल संदेश देती प्रेरक कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[पेड़ की कल्पनात्मक छुट्टी के जरिए बच्चों को समझाया गया है कि हरियाली, स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन के लिए वृक्षों की सुरक्षा कितनी जरूरी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586567/jab-ped-ne-chutti-mangi-tree-conservation-environment-awareness-story"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan-dixit-(58).png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">"जब पेड़ ने छुट्टी मांगी" एक संवेदनशील और प्रेरणादायक चित्रकथा है, जिसमें पेड़ को मानवीय रूप देकर उसकी भावनाओं को दर्शाया गया है। कहानी बताती है कि पेड़ बिना किसी स्वार्थ के हमें छाया, फल, ऑक्सीजन और स्वच्छ वातावरण देते हैं, लेकिन बदले में हम उनकी उचित देखभाल नहीं करते।</p>
<p style="text-align:justify;">जब पेड़ कल्पनात्मक रूप से छुट्टी पर चला जाता है, तो पूरा वातावरण बदल जाता है। पक्षी बेघर हो जाते हैं, बच्चे धूप में खेलने को मजबूर होते हैं और चारों ओर सूखा दिखाई देता है। इसके बाद बच्चों को अपनी गलती का एहसास होता है और वे पेड़ों की देखभाल तथा नए पौधे लगाने का संकल्प लेते हैं। अंत में पेड़ फिर से हरा-भरा हो जाता है और बच्चों का आभार व्यक्त करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/muskan-dixit-(58).png" alt="MUSKAN DIXIT (58)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/muskan-dixit-(59).png" alt="MUSKAN DIXIT (59)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/muskan-dixit-(60).png" alt="MUSKAN DIXIT (60)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/muskan-dixit-(61).png" alt="MUSKAN DIXIT (61)" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>फोटो गैलरी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586567/jab-ped-ne-chutti-mangi-tree-conservation-environment-awareness-story</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 18:13:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP School Calendar July 2026: पढ़ाई, यूनिट टेस्ट, बोर्ड तैयारी और करियर काउंसिलिंग पर रहेगा पूरा फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ: </strong>उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में जुलाई 2026 का महीना विद्यार्थियों के लिए बेहद व्यस्त रहने वाला है। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार इस महीने नियमित कक्षाओं के साथ बोर्ड परीक्षा की तैयारियों, यूनिट टेस्ट, करियर काउंसिलिंग, डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग के निर्देशों के मुताबिक कक्षा 9 से 12 तक नियमित शिक्षण कार्य जारी रहेगा। इसी दौरान नए प्रवेशों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा आवेदन पत्रों का सत्यापन किया जाएगा, जबकि कक्षा 11 के छात्रों का पंचम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586552/up-school-july-academic-calendar-2026-unit-test-board-preparation-career-counselling"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan-dixit-(44).png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ: </strong>उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में जुलाई 2026 का महीना विद्यार्थियों के लिए बेहद व्यस्त रहने वाला है। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार इस महीने नियमित कक्षाओं के साथ बोर्ड परीक्षा की तैयारियों, यूनिट टेस्ट, करियर काउंसिलिंग, डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग के निर्देशों के मुताबिक कक्षा 9 से 12 तक नियमित शिक्षण कार्य जारी रहेगा। इसी दौरान नए प्रवेशों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा आवेदन पत्रों का सत्यापन किया जाएगा, जबकि कक्षा 11 के छात्रों का पंचम पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा छात्रवृत्ति योजनाओं के आवेदन भी कराए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">जुलाई के दूसरे सप्ताह में कक्षा 9 से 12 तक प्रथम यूनिट टेस्ट आयोजित होगा। परीक्षा में अप्रैल से जुलाई के पहले सप्ताह तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के साथ मई माह में दिए गए गृहकार्य का भी मूल्यांकन किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का समय पर आकलन कर शिक्षण गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस महीने विद्यालयों में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान, वन महोत्सव, सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान और साइकोमेट्रिक टेस्ट आधारित करियर काउंसिलिंग जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' अभियान के तहत विद्यार्थियों को अरुणाचल प्रदेश और मेघालय की संस्कृति से परिचित कराया जाएगा। स्कूलों में स्काउट-गाइड, योग, खेलकूद और डिजिटल शिक्षण गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने कहा कि जुलाई का शैक्षणिक कैलेंडर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें पढ़ाई के साथ मूल्यांकन, डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यावरण संरक्षण और करियर मार्गदर्शन को समान महत्व दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/586547/lucknow-university-integrated-llb-admission-clat-2026-direct-entry"><span class="t-red">CLAT 2026 स्कोर पर लखनऊ विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला, </span>60 अंक पाने वाले छात्रों को इंटीग्रेटेड LLB में सीधे मिलेगा प्रवेश</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:06:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CLAT 2026 स्कोर पर लखनऊ विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला, 60 अंक पाने वाले छात्रों को इंटीग्रेटेड LLB में सीधे मिलेगा प्रवेश</title>
                                    <description><![CDATA[9 जुलाई की प्रवेश परीक्षा से मिलेगी छूट, निर्धारित न्यूनतम CLAT स्कोर वाले अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर मिलेगा दाखिला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586547/lucknow-university-integrated-llb-admission-clat-2026-direct-entry"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/लखनऊ-विश्वविद्यालय.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>लखनऊ:</strong> लखनऊ विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 5 वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी (LLB) पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है और CLAT-2026 में निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे छात्रों को CLAT मेरिट के आधार पर सीधे प्रवेश दिया जाएगा।</p>
<p>विश्वविद्यालय के प्रवेश प्रकोष्ठ की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, 9 जुलाई को प्रस्तावित प्रवेश परीक्षा केवल उन्हीं अभ्यर्थियों के लिए होगी, जिन्होंने निर्धारित न्यूनतम CLAT स्कोर हासिल नहीं किया है।</p>
<p>प्रवेश समन्वयक प्रो. अनित्य गौरव ने बताया कि सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 60 अंक और ओबीसी, एससी, एसटी तथा दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 54 अंक न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिन उम्मीदवारों के CLAT-2026 में इससे कम अंक हैं, उनके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य रहेगा। वहीं, निर्धारित स्कोर हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की अलग प्रवेश परीक्षा से छूट मिलेगी और उनका चयन CLAT मेरिट के आधार पर किया जाएगा।</p>
<p>इस निर्णय का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के अनुरूप बनाना है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/586544/lucknow-152-dilapidated-government-schools-46-buildings-demolition"><span class="t-red">लखनऊ में 152 जर्जर स्कूलों पर रेड अलर्ट, </span>46 भवन होंगे ध्वस्त</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:52:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में 152 जर्जर स्कूलों पर रेड अलर्ट, 46 भवन होंगे ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, तकनीकी समिति ने 46 स्कूल भवनों को पूरी तरह अनुपयोगी घोषित किया; नए भवनों के निर्माण के लिए बजट की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586544/lucknow-152-dilapidated-government-schools-46-buildings-demolition"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan-dixit-(41).png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>लखनऊ:</strong> राजधानी में सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के 1600 से अधिक बेसिक शिक्षा परिषद विद्यालयों की समीक्षा के बाद 152 स्कूलों को जर्जर श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन भवनों पर लाल निशान लगाकर उन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया गया है और बच्चों व शिक्षकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।</p>
<p>तकनीकी समिति की जांच के बाद 46 विद्यालय भवन पूरी तरह अनुपयोगी पाए गए हैं। प्रशासन इन भवनों को जल्द ध्वस्त कराने की तैयारी में है। विभाग का कहना है कि पुराने भवन हटाने के बाद नए विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार से बजट की मांग की जाएगी और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।</p>
<p>जांच के दौरान ऐसे 29 विद्यालय भी मिले, जहां केवल एक-एक कमरा जर्जर अवस्था में है। इन कमरों की मरम्मत के लिए अलग से बजट प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें नगर क्षेत्र के आठ विद्यालय शामिल हैं, जबकि अन्य स्कूल माल, मलिहाबाद, काकोरी, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज और बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में स्थित हैं।</p>
<h4><span><strong>छंदौय्या स्कूल बना चुनौती का उदाहरण</strong></span></h4>
<p>विभाग नए भवनों और समायोजन की बात कर रहा है, लेकिन छंदौय्या का मामला अलग तस्वीर पेश करता है। यहां दो वर्ष पहले जर्जर भवन को ध्वस्त कर दिया गया था और विद्यार्थियों को बरावन कला विद्यालय में स्थानांतरित किया गया। दूरी अधिक होने के कारण कई बच्चों की नियमित उपस्थिति प्रभावित हुई। वहीं जिस विद्यालय में समायोजन किया गया, वहां की छत भी बारिश में टपकने की शिकायत है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।</p>
<h4><span><strong>बीएसए ने क्या कहा?</strong></span></h4>
<p>बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि पहले 152 विद्यालयों की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जिला प्रशासन और तकनीकी समिति की जांच में सभी भवन जर्जर नहीं पाए गए। समिति ने 46 विद्यालयों को पूरी तरह असुरक्षित घोषित किया है। इन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों का निकटवर्ती विद्यालयों में समायोजन कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586544/lucknow-152-dilapidated-government-schools-46-buildings-demolition</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:42:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AKTU Convocation 2026: 83 मेधावियों पर बरसेंगे 84 पदक, 62,537 छात्रों को मिलेगी डिग्री</title>
                                    <description><![CDATA[7 जुलाई को होगा AKTU का 24वां दीक्षांत समारोह, पहली बार मार्कशीट और डिग्री के साथ ट्रांसक्रिप्ट भी मिलेगी निःशुल्क]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586539/aktu-convocation-2026-84537-degrees-84-medals-lucknow"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/aktu.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में 7 जुलाई को आयोजित होने वाले 24वें दीक्षांत समारोह में कुल 83 मेधावियों को 84 पदक दिए जाएंगे। जिसमें 35 स्वर्ण, 23 रजत और 24 कांस्य पदक शामिल हैं। इस बार चांसलर मेडल अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज गाजियाबाद के बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की छात्रा अंशिका राणा को दिया जाएगा। जबकि कमल रानी वरूण स्मृति स्वर्ण पदक एससी वर्ग में केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम की छात्रा इशिका को दिए जाने के प्रस्ताव को संस्तुति प्रदान की गई। समारोह में 62537 छात्रों को डिग्री और 52 छात्रों को पीएचडी की डिग्री अवार्ड होगी। कुल पदक पाने वालों में 52 छात्राएं तो 31 छात्र शामिल हैं।</p>
<p>कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई विद्या परिषद की बैठक में विवि के 24वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को प्रदान किए जाने वाले पदकों, डिग्रियों का अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके अलावा छात्रों के हित में निर्णय लेते हुए विद्या परिषद ने मार्कशीट और डिग्री के साथ अब ट्रांसक्रिप्ट भी निःशुल्क देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मूक्स के ऑनर्स कोर्स को समाप्त करने के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया गया। चूंकि विश्वविद्यालय ऑनर्स और माइनर कोर्स चला रहा है इसलिए मूक्स के ऑनर्स कोर्स को खत्म करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. राजीव कुमार, कुलसचिव रीना सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया, आईईटी के कार्यवाहक और कैश के निदेशक प्रो. वीरेंद्र पाठक, एफओएपी की प्राचार्या प्रो. वंदना सहगल, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/586537/dsmnru-13th-convocation-c-sadanandan-master-chief-guest-lucknow"><span class="t-red">DSMNRU Convocation 2026:</span> डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह में सी. सदानंदन मास्टर होंगे मुख्य अतिथि</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586539/aktu-convocation-2026-84537-degrees-84-medals-lucknow</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:08:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>DSMNRU Convocation 2026: डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह में सी. सदानंदन मास्टर होंगे मुख्य अतिथि</title>
                                    <description><![CDATA[31 जुलाई को अटल प्रेक्षागृह में होगा दीक्षांत समारोह, राज्यपाल की मंजूरी के बाद सी. सदानंदन मास्टर के नाम पर लगी मुहर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586537/dsmnru-13th-convocation-c-sadanandan-master-chief-guest-lucknow"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan-dixit-(39)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का 13वां दीक्षांत समारोह 31 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में सी. सदानंदन मास्टर शामिल होंगे। उनके नाम को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्वीकृति प्रदान की है।</p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार दीक्षांत समारोह 31 जुलाई को अपराह्न तीन बजे शुरू होगा। मुख्य अतिथि के चयन के लिए राजभवन को तीन नाम भेजे गए थे, जिनमें से सी. सदानंदन मास्टर के नाम को अंतिम मंजूरी मिली।</p>
<h4><span><strong>शिक्षक से सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता तक का सफर</strong></span></h4>
<p>वर्ष 1964 में केरल के कन्नूर जिले में जन्मे सी. सदानंदन मास्टर ने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की। वे श्रीदुर्गा विलासम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से बी.कॉम तथा कालीकट विश्वविद्यालय से बी.एड की शिक्षा प्राप्त की। शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ-साथ वे राष्ट्रीय शिक्षक संघ (केरल) के उपाध्यक्ष और उसके प्रकाशन 'देशीय अध्यापक वार्ता' के संपादक भी रहे हैं। उनकी पत्नी वनिता रानी सदानंद भी शिक्षिका हैं।</p>
<h4><span><strong>राजनीति में भी निभा रहे सक्रिय भूमिका</strong></span></h4>
<p>सी. सदानंदन मास्टर को वर्ष 2025 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई के उपाध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।</p>
<h4><span><strong>कुलपति ने बताया प्रेरणादायी व्यक्तित्व</strong></span></h4>
<p>विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय सिंह ने कहा कि सी. सदानंदन मास्टर का जीवन संघर्ष, साहस और शिक्षा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/586523/soil-health-human-health-prof-himanshu-pathak-nbri-lucknow-agriculture-news"><span class="t-red">'मिट्टी स्वस्थ तो इंसान स्वस्थ': </span>प्रो. हिमांशु पाठक बोले- Soil Health बिगड़ी तो Nutrition और Health दोनों होंगे प्रभावित</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586537/dsmnru-13th-convocation-c-sadanandan-master-chief-guest-lucknow</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:05:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'मिट्टी स्वस्थ तो इंसान स्वस्थ': प्रो. हिमांशु पाठक बोले- Soil Health बिगड़ी तो Nutrition और Health दोनों होंगे प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[एनबीआरआई के प्रो. के.एन. कौल स्मृति व्याख्यान में कृषि वैज्ञानिक प्रो. हिमांशु पाठक ने कहा- 1950 के खाद्यान्न संकट से निकलकर भारत 2010 में खाद्यान्न निर्यातक बना, 75 वर्षों में कृषि उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586523/soil-health-human-health-prof-himanshu-pathak-nbri-lucknow-agriculture-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan-dixit-(33)1.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>लखनऊ, अमृत विचारः</strong> मिट्टी की गुणवत्ता केवल खेती और उत्पादन का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध मानव स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है। यदि मिट्टी की उर्वरता और गुणवत्ता प्रभावित होती है तो उससे पैदा होने वाले अन्न, फल और सब्जियों की पोषण गुणवत्ता भी प्रभावित होगी, जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। यह बात अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) के महानिदेशक एवं वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रो. हिमांशु पाठक ने कही।</p>
<p>वे सीएसआईआर–राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) में आयोजित प्रो. के.एन. कौल स्मृति व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उनका व्याख्यान "फूड टू न्यूट्रिशन, इनकम एंड एनवायरनमेंट सिक्योरिटी: नेक्स्ट-जेनरेशन एग्रीकल्चर" विषय पर आधारित था।</p>
<h4><span><strong>1950 के खाद्यान्न संकट से निकलकर भारत बना निर्यातक देश</strong></span></h4>
<p>प्रो. हिमांशु पाठक ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में भारतीय कृषि ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 1950 के दशक में देश खाद्यान्न संकट से जूझ रहा था, लेकिन वर्ष 2000 तक भारत खाद्य आत्मनिर्भरता हासिल करने में सफल रहा और 2010 तक खाद्यान्न अधिशेष एवं निर्यातक राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनाई।</p>
<p>उन्होंने बताया कि सात दशकों के दौरान कृषि योग्य भूमि में सीमित वृद्धि के बावजूद खाद्यान्न उत्पादन लगभग सात गुना बढ़ा है। साथ ही दुग्ध, मत्स्य, फल और सब्जी उत्पादन में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है, जिससे भारत कई कृषि उत्पादों में आयातक से निर्यातक देश बन चुका है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/muskan-dixit-(33)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (33)" width="1280" height="720"></img></p>
<h4><span><strong>75 वर्षों में कई कृषि उत्पादों का उत्पादन कई गुना बढ़ा</strong></span></h4>
<p>प्रो. पाठक के अनुसार वर्ष 1950 की तुलना में 2024-25 तक अन्न, दाल, तिलहन, कपास, गन्ना, बागवानी, दूध, मछली, अंडे और मांस उत्पादन में 3 से 154 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि हॉर्टिकल्चर उत्पादन 1950-51 में जहां 25 मिलियन टन था, वहीं 2022-23 में बढ़कर 367 मिलियन टन से अधिक हो गया है।</p>
<h4><span><strong>एनबीआरआई में आयोजित हुआ स्मृति व्याख्यान</strong></span></h4>
<p>कार्यक्रम में सीएसआईआर–एनबीआरआई के निदेशक डॉ. ए.के. शासनी ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का समापन वैज्ञानिक <strong>डॉ. पूनम सी. सिंह</strong> के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।</p>
<h4><span><strong>भारत की कृषि यात्रा: प्रमुख पड़ाव</strong></span></h4>
<ul>
<li><strong>1950:</strong> खाद्यान्न की अत्यंत कमी</li>
<li><strong>1970:</strong> खाद्यान्न का अभाव</li>
<li><strong>2000:</strong> खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता</li>
<li><strong>2010:</strong> खाद्यान्न सुरक्षा एवं अधिशेष उत्पादन के साथ निर्यातक देश</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/586501/vaibhav-suryavanshi-first-instagram-post-after-india-england-t20-debut"><span class="t-red">डेब्यू के बाद वैभव सूर्यवंशी का पहला पोस्ट वायरल, </span>कहा- 'जिस सपने को देखा था, आज उसे जी रहा हूं'</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 14:33:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एआई क्रांति:  रोजगार का अंत या नए अवसरों की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां मशीनें केवल आदेशों का पालन ही नहीं कर रहीं, बल्कि सीख भी रही हैं, निर्णय भी ले रही हैं और कई मामलों में मनुष्यों से अधिक तेजी और सटीकता से कार्य कर रही हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, कृषि, उद्योग, परिवहन और संचार जैसे लगभग हर क्षेत्र में AI का प्रभाव दिखाई दे रहा है। ऐसे में एक प्रश्न बार-बार उठता है क्या AI रोजगार का अंत कर देगा, या फिर यह नए अवसरों का द्वार खोलेगा?</p>
<p style="text-align:justify;">AI ने निस्संदेह कार्यक्षमता और उत्पादकता में अभूतपूर्व वृद्धि की है। आज कई ऐसे कार्य,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586276/ai-revolution--end-of-jobs-or-beginning-of-new-opportunities"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/cam.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां मशीनें केवल आदेशों का पालन ही नहीं कर रहीं, बल्कि सीख भी रही हैं, निर्णय भी ले रही हैं और कई मामलों में मनुष्यों से अधिक तेजी और सटीकता से कार्य कर रही हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, कृषि, उद्योग, परिवहन और संचार जैसे लगभग हर क्षेत्र में AI का प्रभाव दिखाई दे रहा है। ऐसे में एक प्रश्न बार-बार उठता है क्या AI रोजगार का अंत कर देगा, या फिर यह नए अवसरों का द्वार खोलेगा?</p>
<p style="text-align:justify;">AI ने निस्संदेह कार्यक्षमता और उत्पादकता में अभूतपूर्व वृद्धि की है। आज कई ऐसे कार्य, जिन्हें करने में मनुष्यों को घंटों या दिनों का समय लगता था, AI कुछ ही मिनटों में पूरा कर देता है। बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहक सेवाएं चैटबॉट्स के माध्यम से दी जा रही हैं। उद्योगों में स्वचालित मशीनें उत्पादन बढ़ा रही हैं। अस्पतालों में AI रोगों की पहचान और उपचार योजनाओं में सहायता कर रहा है। इससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है तथा कार्य की गुणवत्ता भी बेहतर हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन AI के बढ़ते उपयोग ने रोजगार को लेकर चिंताएं भी पैदा की हैं। विशेष रूप से वे नौकरियां जो बार-बार दोहराए जाने वाले कार्यों पर आधारित हैं, उनके प्रभावित होने की संभावना अधिक है। डेटा एंट्री, बेसिक अकाउंटिंग, ग्राहक सहायता और कुछ प्रशासनिक कार्य अब धीरे-धीरे स्वचालित होते जा रहे हैं। इससे कई लोगों के मन में यह डर उत्पन्न हो रहा है कि भविष्य में मशीनें मनुष्यों की जगह ले लेंगी और बेरोजगारी बढ़ जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इतिहास हमें कुछ और ही सिखाता है। जब औद्योगिक क्रांति आई थी, तब भी लोगों को डर था कि मशीनें रोजगार समाप्त कर देंगी। लेकिन हुआ इसके विपरीत। कई पुराने कार्य समाप्त हुए, परंतु उनसे कहीं अधिक नए रोजगार पैदा हुए। कंप्यूटर और इंटरनेट के आगमन के समय भी ऐसी ही आशंकाएं व्यक्त की गई थीं, लेकिन उन्होंने लाखों नए अवसरों को जन्म दिया। AI के साथ भी यही संभावना दिखाई देती है।</p>
<p style="text-align:justify;">वास्तव में AI केवल कुछ नौकरियों को समाप्त नहीं कर रहा, बल्कि नए प्रकार के रोजगार भी पैदा कर रहा है। AI इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग विशेषज्ञ, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, AI एथिक्स कंसल्टेंट, डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ और कंटेंट रणनीतिकार जैसे अनेक नए पेशे तेजी से उभर रहे हैं। आने वाले वर्षों में ऐसे रोजगारों की मांग और अधिक बढ़ने की संभावना है। विश्व आर्थिक मंच  सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं मानती हैं कि AI कुछ पारंपरिक नौकरियों को प्रभावित करेगा, लेकिन उससे अधिक नए अवसरों का सृजन भी करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">AI की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मनुष्य की रचनात्मकता, संवेदनशीलता और नैतिक निर्णय क्षमता का पूर्ण विकल्प नहीं बन सकता। मशीनें डेटा का विश्लेषण कर सकती हैं, लेकिन सहानुभूति, मानवीय संबंध, नेतृत्व, नैतिक विवेक और रचनात्मक सोच अभी भी मनुष्य की विशिष्ट शक्तियां हैं। इसलिए भविष्य में सफलता उन्हीं लोगों को मिलेगी जो तकनीक के साथ अपनी मानवीय क्षमताओं को भी विकसित करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बदलते परिदृश्य में नए कौशल सीखना  और मौजूदा कौशलों का विकास अत्यंत आवश्यक हो गए हैं। अब केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। नई तकनीकों को सीखना, डिजिटल साक्षरता विकसित करना, समस्या समाधान की क्षमता बढ़ाना और निरंतर ज्ञान अर्जित करना समय की मांग है। जो व्यक्ति सीखना बंद कर देगा, उसके लिए भविष्य की प्रतिस्पर्धा में टिके रहना कठिन होगा। वहीं जो व्यक्ति नई तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार रहेगा, उसके लिए अवसरों की कोई कमी नहीं होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा संस्थानों की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालयों और विश्वविद्यालयों को ऐसे पाठ्यक्रम विकसित करने होंगे जो विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर सकें। केवल सैद्धांतिक ज्ञान के बजाय व्यावहारिक कौशल, नवाचार, आलोचनात्मक चिंतन और तकनीकी दक्षता पर अधिक बल देना होगा। सरकार और उद्योग जगत को भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यबल को नए कौशल प्रदान करने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत जैसे युवा देश के लिए AI एक सुनहरा अवसर सिद्ध हो सकता है। यदि हमारे युवा समय रहते AI और डिजिटल तकनीकों में दक्षता प्राप्त कर लें, तो भारत वैश्विक स्तर पर तकनीकी नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है। स्टार्टअप संस्कृति, डिजिटल इंडिया अभियान और बढ़ती तकनीकी जागरूकता इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अंततः यह कहना उचित होगा कि AI को केवल रोजगार समाप्त करने वाली तकनीक के रूप में देखना एक अधूरा दृष्टिकोण है। हर परिवर्तन अपने साथ चुनौतियां लाता है, लेकिन वही परिवर्तन नए अवसर भी पैदा करता है। AI भी इसी सिद्धांत का अनुसरण करता है। यह उन लोगों के लिए चुनौती है जो बदलाव से दूर रहना चाहते हैं, लेकिन उन लोगों के लिए अवसरों का महासागर है जो सीखने, अनुकूलन करने और आगे बढ़ने का साहस रखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">AI क्रांति का वास्तविक संदेश यही है कि भविष्य मशीनों का नहीं, बल्कि उन मनुष्यों का होगा जो मशीनों के साथ मिलकर काम करना सीख जाएंगे। इसलिए प्रश्न यह नहीं है कि AI रोजगार समाप्त करेगा या नहीं, बल्कि यह है कि क्या हम स्वयं को उस भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं जो हमारे दरवाजे पर दस्तक दे चुका है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">डॉ. अर्चना श्रीवास्तव (लखनऊ)</h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 10:00:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ यूनिवर्सिटी में UG entrance exam के प्रवेश पत्र जारी, वेबसाइट से करें डाउनलोड</title>
                                    <description><![CDATA[6 से 12 जुलाई के बीच आयोजित होगी प्रवेश परीक्षा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586419/admit-card-for-ug-entrance-exam-released-in-lucknow-university--download-from-website"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/untitled-design3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 प्रवेश प्रक्रिया के तहत स्नातक और यूजी प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। छह से 12 जुलाई के बीच आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी शुक्रवार से विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। विश्वविद्याल के प्रवेश प्रकोष्ठ की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रवेश समन्वयक प्रो. अनित्य गौरव का कहना है कि जिन पाठ्यक्रमों के प्रवेश पत्र जारी हुए हैं, उनमें बीवीए या बीएफए, बीवोक रिन्यूएबल एनर्जी, बीजेएमसी, बीकॉम ऑनर्स व एनईपी, बीसीए, बीबीए, बीए एनईपी, बीएससी कृषि, बायोलॉजी व मैथ्स, डीफार्मा और बीएलएड शामिल हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर अंकित सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश जारी</h4>
<p style="text-align:justify;">कुलानुशासक कार्यालय ने प्रवेश परीक्षा के दौरान सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी ने बताया कि अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षार्थी केवल निर्धारित प्रवेश द्वारों से ही परिसर में प्रवेश करेंगे। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर रोक रहेगी। परीक्षा अवधि में अनाधिकृत व्यक्तियों और वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। अभिभावकों से भी परीक्षा के दौरान परिसर के बाहर रहने की अपील की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/586274/get-your-career-off-to-a-flying-start-by-becoming-a-fragrance-expert">फ्रेगरेंस एक्सपर्ट बन दें अपने करियर को उड़ान </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586419/admit-card-for-ug-entrance-exam-released-in-lucknow-university--download-from-website</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:28:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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                <title>UP Skill Development: 936 ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स तैयार, 1 अगस्त से 1 लाख से ज्यादा युवाओं को मिलेगा AI आधारित स्किल प्रशिक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य कौशल विकास निधि (SSDF) योजना के दूसरे चरण का लक्ष्य जारी। 'AI for All' मॉड्यूल होगा अनिवार्य, सीसीटीवी निगरानी, 90 दिन में प्लेसमेंट और 365 दिन तक युवाओं की ट्रैकिंग की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586344/up-skill-development-ssdf-ai-for-all-training-1-lakh-youth-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan-dixit-(36).png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगारपरक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए राज्य कौशल विकास निधि (एसएसडीएफ) योजना के दूसरे चरण का लक्ष्य आवंटन जारी कर दिया है। इस चरण में 936 प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित प्रशिक्षण संस्थानों में कक्षाएं 1 अगस्त 2026 से शुरू होंगी।</p>
<p>व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से प्रत्येक प्रशिक्षण बैच में चार घंटे का <strong>'AI for All'</strong> मॉड्यूल और सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण की अधिकतम अवधि 900 घंटे निर्धारित की गई है। वहीं आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में प्रतिदिन कम से कम आठ घंटे की कक्षाएं संचालित होंगी।</p>
<h4><strong>सीसीटीवी निगरानी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई</strong></h4>
<p>सरकार ने सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया है। इन केंद्रों की निगरानी सीधे मुख्यालय से की जाएगी।</p>
<p>यदि किसी संस्थान ने समय पर प्रशिक्षण शुरू नहीं किया या उसके खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई, तो उसके विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h4><strong>'कौशल दर्पण' AI डैशबोर्ड से हुआ लक्ष्य आवंटन</strong></h4>
<p>इस बार प्रशिक्षण लक्ष्य का आवंटन <strong>'कौशल दर्पण' AI डैशबोर्ड</strong> के माध्यम से किया गया है। प्रशिक्षण संस्थानों को मिशन के साथ लिखित अनुबंध और बैच स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रशिक्षण प्रारंभ करने की अनुमति होगी।</p>
<p>सरकार के अनुसार न्यू-एज प्रशिक्षण प्रदाता केवल भविष्य की मांग वाले जॉब रोल में ही प्रशिक्षण उपलब्ध कराएंगे।</p>
<h4><strong>936 प्रशिक्षण संस्थानों को मिला लक्ष्य</strong></h4>
<p>मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि कुल 936 प्रशिक्षण प्रदाताओं को एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>इनमें 831 निजी, राजकीय और स्टार्टअप प्रशिक्षण संस्थानों को 91,425 युवाओं तथा 105 औद्योगिक एवं न्यू-एज प्रशिक्षण प्रदाताओं को 14,650 युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य आवंटित किया गया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पहले चरण में 957 प्रशिक्षण प्रदाताओं को 99 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य दिया गया था।</p>
<h4><strong>रोजगार मेले और प्लेसमेंट पर रहेगा फोकस</strong></h4>
<p>एसएसडीएफ योजना के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले और 70 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति दर्ज करने वाले युवाओं को ही रोजगार मेलों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>इसके अलावा प्रशिक्षण परिणाम घोषित होने के 90 दिनों के भीतर प्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाएगा। नौकरी मिलने के बाद युवाओं की 365 दिनों तक ट्रैकिंग भी की जाएगी, ताकि रोजगार की स्थिति का नियमित आकलन किया जा सके।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/586342/up-sta-meeting-6-july-2026-vehicle-permit-transport-news"><span class="t-red">UP Transport News:</span> 6 जुलाई को होगी राज्य परिवहन प्राधिकरण की अहम बैठक, परमिट और निलंबन से जुड़े मामलों पर होगा फैसला</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586344/up-skill-development-ssdf-ai-for-all-training-1-lakh-youth-2026</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 12:59:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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