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                <title>एजुकेशन - Amrit Vichar</title>
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                <description>एजुकेशन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बरेली : एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में वाहनों का प्रवेश बंद! गाड़ियां गेट पर छोड़कर पैदल गए प्रोफेसर-छात्र </title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमृत विचार, बरेली : पेट्रोल-डीजल के गराहाते संकट के बीच महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) में शुक्रवार को (नो व्हीकल डे) मनाया गया है। कैंपस के अंदर वाहनों की एंट्री बंद रही। इलेक्ट्रिक वाहन या ई-कार्ट के जरिये ही आवागमन हुआ। आमतौर पर जो अधिकारी या प्रोफेसर अपनी गाड़ियों से विभाग तक पहुंचते थे, वे पैदल आए। कैंपस के अंदर ई-कार्ट और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रवेश जारी रहा।  </p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को कैंपस में नो व्हीकल डे रखा था। प्रोफेसर और प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारियों ने खुद भी इस पर अमल किया। वह अपने वाहन छोड़कर, ई-रिक्शा या फिर दूसरे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582820/entry-of-vehicles-banned-at-mjpru--%E2%80%98no-vehicle-day%E2%80%99-observed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/एमजेपी-रुहेलखंड-विश्वविद्यालय।.jpg" alt=""></a><br /><p>अमृत विचार, बरेली : पेट्रोल-डीजल के गराहाते संकट के बीच महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) में शुक्रवार को (नो व्हीकल डे) मनाया गया है। कैंपस के अंदर वाहनों की एंट्री बंद रही। इलेक्ट्रिक वाहन या ई-कार्ट के जरिये ही आवागमन हुआ। आमतौर पर जो अधिकारी या प्रोफेसर अपनी गाड़ियों से विभाग तक पहुंचते थे, वे पैदल आए। कैंपस के अंदर ई-कार्ट और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रवेश जारी रहा।  </p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को कैंपस में नो व्हीकल डे रखा था। प्रोफेसर और प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारियों ने खुद भी इस पर अमल किया। वह अपने वाहन छोड़कर, ई-रिक्शा या फिर दूसरे इलेक्ट्रिक वाहन से कैंपस पहुंचे।</p>
<p>इसके अलावा जो छात्र या उनके परिजन या पुरातन छात्र कैंपस में अपने वाहनों से पहुंचे-उनके मुख्य गेट के पास ही रोक दिए गए। स्टैंड पर वाहन खड़े कराए और उन्हें ई-रिक्शा के जरिये कैंपस में भेजा गया। कुलसचिव हरीश चंद, परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह ने भी अपने वाहनों का उपयोग नहीं किया। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर रविंद्र सिंह, सुरक्षा प्रभारी सुधांशु कुमार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग का आह्वान करते रहे। </p>
<p><br />कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने कहा कि, यह केवल एक प्रयोग नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संकल्प है। आज के ‘नो व्हीकल डे’ ने साबित कर दिया कि जब समाज और विश्वविद्यालय परिवार संकल्पित हो, तो ऊर्जा बचत, जलवायु परिवर्तन तथा आत्मनिर्भर भारत के मार्ग को आसान बनाया जा सकता है। </p>
<p>कुलपति ने कहा कि हम सबको सप्ताह में एक दिन, सार्वजनिक वाहनों, कार-पूलिंग, रेल यात्रा, पैदल चलने और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने जैसे सुझावों को जीवन में उतारना चाहिए। इन छोटी कोशिशों से ही बड़े बदलाव आएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर, छात्र और कर्मचारियों से अपने घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने का आह्वान किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582820/entry-of-vehicles-banned-at-mjpru--%E2%80%98no-vehicle-day%E2%80%99-observed</link>
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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 15:33:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ateeq Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> यूपी की आयुष शिक्षा में डिजिटल क्रांति: 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी कॉलेजों में बनेंगे 51 स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक तकनीक से पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[-मुख्यमंत्री ने दी आयुष छात्रों को स्मार्ट क्लास की सौगात]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582805/digital-revolution-in-up-s-ayush-education--51-smart-classrooms-to-be-established-in-17-ayurveda-and-homeopathy-colleges--learning-powered-by-modern-technology"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(21)17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे। इन स्मार्ट क्लासों में डिजिटल तकनीकों और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का उपयोग किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक और इंटरएक्टिव शिक्षा का अनुभव मिल सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि आयुर्वेद और होम्योपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था का आधुनिक होना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्मार्ट क्लासरूम में इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल (आईएफपी), ऑडियो-वीडियो सिस्टम और डिजिटल लर्निंग टूल्स लगाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को रियल टाइम इंटरएक्शन, मल्टीमीडिया कंटेंट और ऑनलाइन अध्ययन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों से जोड़कर विद्यार्थियों को नई तकनीकी दक्षताओं से लैस करना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लखनऊ, बरेली, पीलीभीत समेत 8 जिलों के आयुर्वेदिक संस्थान भी शामिल</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के जिन संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे, उनमें प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गाजीपुर, मुरादाबाद, आजमगढ़, गोरखपुर और अलीगढ़ के होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। वहीं आयुर्वेदिक संस्थानों में लखनऊ, पीलीभीत, बरेली, मुजफ्फरनगर, बांदा, झांसी, प्रयागराज और वाराणसी के कॉलेजों को शामिल किया गया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन को कार्यदायी संस्था नामित किया है। इन स्मार्ट क्लासों के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार, शोध क्षमता और पेशेवर दक्षता को बढ़ावा देने की योजना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा</h4>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) के जरिए सभी आयुष संस्थानों के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, ऑनलाइन लेक्चर और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थी किसी भी समय और कहीं से भी डिजिटल कंटेंट तक पहुंच सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे संस्थानों के बीच ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया मजबूत होगी और आयुष शिक्षा को रिसर्च एवं इनोवेशन से नई दिशा मिलेगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582798/the-trap-of-fake-notes-spread-from-nepal-border-to"><span class="t-red">नेपाल सीमा से पुराने लखनऊ तक फैला नकली नोटों का जाल, </span>वेब सीरीज देखकर सीख रहे छपाई; एजेंसियां अलर्ट</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582805/digital-revolution-in-up-s-ayush-education--51-smart-classrooms-to-be-established-in-17-ayurveda-and-homeopathy-colleges--learning-powered-by-modern-technology</link>
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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 13:45:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शांत दिमाग और स्मार्ट स्ट्रैटेजी दिलाएगी NEET में सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">NEET जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके लिए मानसिक संतुलन और स्मार्ट स्ट्रैटेजी भी बेहद जरूरी होती है। जब किसी कारणवश परीक्षा स्थगित या रद्द हो जाती है, तो छात्रों का आत्मविश्वास और पढ़ाई का रूटीन दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में दोबारा उसी ऊर्जा और फोकस के साथ तैयारी शुरू करना आसान नहीं होता। हर साल लाखों छात्र NEET में सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन वही विद्यार्थी आगे निकलते हैं, जो स्मार्ट स्टडी, नियमित अभ्यास और धैर्य के साथ तैयारी करते हैं। अगर आप भी NEET की तैयारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582678/a-calm-mind-and-smart-strategy-will-ensure-success-in-neet"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/इतिहास-और-विरासत-स्टीफंस-कॉलेज-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">NEET जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके लिए मानसिक संतुलन और स्मार्ट स्ट्रैटेजी भी बेहद जरूरी होती है। जब किसी कारणवश परीक्षा स्थगित या रद्द हो जाती है, तो छात्रों का आत्मविश्वास और पढ़ाई का रूटीन दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में दोबारा उसी ऊर्जा और फोकस के साथ तैयारी शुरू करना आसान नहीं होता। हर साल लाखों छात्र NEET में सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन वही विद्यार्थी आगे निकलते हैं, जो स्मार्ट स्टडी, नियमित अभ्यास और धैर्य के साथ तैयारी करते हैं। अगर आप भी NEET की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ आसान लेकिन असरदार टिप्स आपकी पढ़ाई को नई दिशा दे सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">टाइम टेबल बनाकर करें तैयारी की शुरुआत   </h4>
<p style="text-align:justify;">NEET की पढ़ाई बिना प्लानिंग के करना काफी कठिन हो सकता है। इसलिए सबसे पहले ऐसा टाइम टेबल तैयार करें, जिसे लंबे समय तक आसानी से फॉलो किया जा सके। हर विषय के लिए अलग समय निर्धारित करें और रोजाना बायोलॉजी, फिजिक्स और केमिस्ट्री तीनों को पढ़ने की आदत डालें। बहुत ज्यादा भारी शेड्यूल बनाने से तनाव और थकान बढ़ सकती है। पढ़ाई के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना भी जरूरी है, ताकि दिमाग तरोताजा बना रहे और पढ़ाई में मन लगा रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">NCERT किताबों को दे प्राथमिकता -   </h4>
<p style="text-align:justify;">NEET परीक्षा में खासतौर पर बायोलॉजी के अधिकतर प्रश्न NCERT से पूछे जाते हैं। इसलिए सबसे पहले NCERT की किताबों को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है। हर चैप्टर की लाइन, टेबल और डायग्राम पर ध्यान दें। कई छात्र शुरुआत में ही कठिन और बड़ी किताबों की ओर चले जाते हैं, जबकि मजबूत बेस बनाने के लिए NCERT सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। अगर आपकी बुनियाद मजबूत होगी, तो कठिन सवाल हल करना भी आसान हो जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रोजाना रिवीजन की डालें आदत -  </h4>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ नया पढ़ते रहना सफलता की गारंटी नहीं है। जो विषय पहले पढ़ चुके हैं, उनका नियमित रिवीजन करना भी उतना ही जरूरी होता है। रिवीजन न करने पर पुरानी चीजें धीरे-धीरे याददाश्त से निकलने लगती हैं। कोशिश करें कि हर सप्ताह एक दिन केवल Revision के लिए रखें। छोटे और आसान नोट्स बनाकर पढ़ाई करने से याद रखना सरल हो जाता है और परीक्षा के समय भी काफी मदद मिलती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मॉक टेस्ट और पुराने पेपर जरूर करें सॉल्व-   </h4>
<p style="text-align:justify;">मॉक टेस्ट NEET की तैयारी का सबसे अहम हिस्सा माने जाते हैं। इससे छात्रों को असली परीक्षा जैसा अनुभव मिलता है और टाइम मैनेजमेंट बेहतर होता है। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करने से परीक्षा के पैटर्न और जरूरी टॉपिक्स को समझने में मदद मिलती है। नियमित टेस्ट देने से स्पीड और एक्यूरेसी दोनों बढ़ती हैं, जिससे परीक्षा में अच्छा स्कोर करना आसान हो जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कमजोर विषयों पर ज्यादा फोकस-   </h4>
<p style="text-align:justify;">अक्सर छात्र अपने पसंदीदा विषयों पर ज्यादा ध्यान देते हैं और कठिन लगने वाले टॉपिक्स को नजरअंदाज कर देते हैं। यही गलती बाद में नुकसान पहुंचाती है। अगर आपको फिजिक्स मुश्किल लगती है या केमिस्ट्री के कुछ चैप्टर समझ नहीं आते, तो उन पर अतिरिक्त समय दें। कमजोर विषयों को मजबूत बनाने से आपका ओवरऑल स्कोर काफी बेहतर हो सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का रखें ध्यान-  </h4>
<p style="text-align:justify;">अच्छी तैयारी के लिए स्वस्थ शरीर और शांत दिमाग दोनों जरूरी हैं। कई छात्र पढ़ाई के दबाव में नींद और खानपान को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे तनाव और थकान बढ़ने लगती है। रोजाना कम से कम 6 से 7 घंटे की नींद जरूर लें। हल्की एक्सरसाइज या थोड़ी देर टहलने से तनाव कम होता है और मन भी शांत रहता है। जब आपका शरीर स्वस्थ रहेगा, तभी आप लंबे समय तक पूरी ऊर्जा के साथ पढ़ाई कर पाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:00:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> UPSC Exam Centers:  प्रीलिम्स परीक्षा के लिए यूपीएससी ने जोड़े 3 नए केंद्र; कानपुर, मेरठ और भुवनेश्वर में भीड़ होगी कम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।  </strong>संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है। आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी ने एक बयान में कहा, "लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582752/upsc-exam-centers--upsc-adds-3-new-centers-for-prelims-exam--crowding-to-decrease-in-kanpur--meerut--and-bhubaneswar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(43)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।  </strong>संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है। आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी ने एक बयान में कहा, "लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या में कमी आई है।" भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं में भर्ती के लिए यूपीएससी द्वारा हर साल तीन चरणों -- प्रारंभिक, मुख्य और व्यक्तित्व परीक्षण -- में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा रविवार को होने वाली है। </p>
<p style="text-align:justify;">आयोग ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अभ्यर्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाना है। कुमार ने कहा, "तीन नये केंद्र जोड़ने का मकसद भीड़भाड़ को कम करना और अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधा देना है।" उन्होंने बताया कि आयोग ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र मिलना भी सुनिश्चित किया है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582749/barabanki--arrangements-for-cold-drinking-water-and-sweets-at-nauchandi-fair--pilgrims-find-relief-amidst-scorching-heat"><span class="t-red">बाराबंकी : </span>नौचंदी मेले में शीतल पेयजल व मिष्ठान की व्यवस्था, भीषण गर्मी में जायरीनों को मिली राहत</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>मेरठ</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:19:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> यूपी के परिषदीय स्कूलों में विकसित होगा इनोवेशन कल्चर, बच्चों को रिसर्च और वैज्ञानिक सोच से जोड़ेगी योगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[-सरकारी स्कूलों के बच्चों को डीप टेक्नोलॉजी और रिसर्च से जोड़ने की तैयारी
-गांव और कस्बों के बच्चों तक पहुंचेगी आधुनिक और नवाचार आधारित शिक्षा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582681/innovation-culture-to-be-fostered-in-up-s-council-schools--yogi-government-to-connect-children-with-research-and-scientific-thinking"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(8)16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश सरकार अब परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) के बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उन्हें नवाचार, रिसर्च और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। भारत इनोवेट्स 2026 अभियान के माध्यम से पहली बार गांव और कस्बों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों तक डीप टेक्नोलॉजी और वैज्ञानिक सोच पहुंचाने की तैयारी की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्रालय, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश के सभी परिषदीय और केजीबीवी विद्यालयों में मई 2026 के दौरान विभिन्न नवाचार आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में “विकसित भारत के नवाचार परिदृश्य” विषय पर संगोष्ठी, “डीप टेक्नोलॉजी” विषय पर विशेष कक्षाएं, “भारत क्विज- भारत के नवाचार को कौन जानता है?” जैसी प्रतियोगिताएं और निबंध लेखन गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उनमें जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार का मानना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी वही आधुनिक सीखने का वातावरण मिलना चाहिए, जो अब तक बड़े शहरों और चुनिंदा संस्थानों तक सीमित रहा है। इसी सोच के तहत अब सरकारी विद्यालयों में भी तकनीक आधारित गतिविधियों और इनोवेशन कल्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चों को शुरुआती स्तर पर वैज्ञानिक सोच और तकनीकी समझ से जोड़ने से वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">स्वयंसेवी संस्थाओं का भी मिलेगा सहयोग</h4>
<p style="text-align:justify;">विद्यालयों में कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं और विषय विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया जाएगा। शासन ने निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम अधिक सहभागितापूर्ण हों ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इसमें जुड़ सकें। साथ ही गतिविधियों की फोटो, वीडियो और नवाचार संबंधी जानकारियों का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">आधुनिक शिक्षा मॉडल की ओर बढ़ता यूपी</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार पहले ही निपुण भारत मिशन, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग और स्कूल कायाकल्प जैसे अभियानों के जरिए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने पर काम कर रही है। भारत इनोवेट्स 2026 को उसी व्यापक विजन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी भविष्य की तकनीक और नवाचार संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582681/innovation-culture-to-be-fostered-in-up-s-council-schools--yogi-government-to-connect-children-with-research-and-scientific-thinking</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582681/innovation-culture-to-be-fostered-in-up-s-council-schools--yogi-government-to-connect-children-with-research-and-scientific-thinking</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जॉब अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<h4 style="text-align:justify;">रेलवे भर्ती बोर्ड (RRBs)</h4>
<p style="text-align:justify;">    पद का नाम-टेक्नीशियन ग्रेड- 1, सिग्नल और टेक्नीशियन ग्रेड -3<br />    पदों की संख्या-6,565 (संभावित)<br />    नौकरी का प्रकार- रेलवे नौकरियां / केंद्र सरकार की नौकरियां<br />    वेतन स्तर (7 वां CPC)-टेक्नीशियन ग्रेड-3 सिग्नल - स्तर 5, टेक्नीशियन ग्रेड-3, स्तर 2<br />    आयु सीमा-18–36 वर्ष (Tech. Grade-I सिग्नल-l), 18–33 वर्ष (Tech. Grade -III)<br />    आवेदन शुरू होने की तिथि-30-06-2026<br />    आवेदन की अंतिम तिथि-29-07-2026<br />    वेबसाइट-<a href="https://www.rrbcdg.gov.in">www.rrbcdg.gov.in</a><br />  </p>
<h4 style="text-align:justify;">भारतीय स्टेट बैंक (SBI) मुंबई </h4>
<p style="text-align:justify;"><br />    पद का नाम-अपरेंटिस (अप्रेंटिस अधिनियम, 1961 के तहत)<br />    कुल प्रशिक्षण सीटें-7,150<br />    योग्यता- स्नातक<br />    वजीफा-Rs. 15,000/- प्रति माह<br />    प्रशिक्षण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582680/job-alert"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(7)17.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">रेलवे भर्ती बोर्ड (RRBs)</h4>
<p style="text-align:justify;">    पद का नाम-टेक्नीशियन ग्रेड- 1, सिग्नल और टेक्नीशियन ग्रेड -3<br />    पदों की संख्या-6,565 (संभावित)<br />    नौकरी का प्रकार- रेलवे नौकरियां / केंद्र सरकार की नौकरियां<br />    वेतन स्तर (7 वां CPC)-टेक्नीशियन ग्रेड-3 सिग्नल - स्तर 5, टेक्नीशियन ग्रेड-3, स्तर 2<br />    आयु सीमा-18–36 वर्ष (Tech. Grade-I सिग्नल-l), 18–33 वर्ष (Tech. Grade -III)<br />    आवेदन शुरू होने की तिथि-30-06-2026<br />    आवेदन की अंतिम तिथि-29-07-2026<br />    वेबसाइट-<a href="https://www.rrbcdg.gov.in">www.rrbcdg.gov.in</a><br /> </p>
<h4 style="text-align:justify;">भारतीय स्टेट बैंक (SBI) मुंबई </h4>
<p style="text-align:justify;"><br />    पद का नाम-अपरेंटिस (अप्रेंटिस अधिनियम, 1961 के तहत)<br />    कुल प्रशिक्षण सीटें-7,150<br />    योग्यता- स्नातक<br />    वजीफा-Rs. 15,000/- प्रति माह<br />    प्रशिक्षण की अवधि-1 वर्ष (कार्यस्थल पर प्रशिक्षण)<br />    चयन का तरीका-ऑनलाइन लिखित परीक्षा + स्थानीय भाषा की परीक्षा + चिकित्सा परीक्षण<br />अनिवार्य आवश्यकता NAPS<br />    वेबसाइट- <a href="https://www.sbi.co.in/careers">www.sbi.co.in/careers</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">बैंक ऑफ बड़ौदा</h4>
<p style="text-align:justify;">पद का नाम-अप्रेंटिस<br />    योग्यता- स्नातक<br />    कुल प्रशिक्षण सीटें-5000 (35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में, जिसमें PwBD सीटें भी शामिल हैं)<br />    चयन का तरीका- ऑनलाइन परीक्षा + दस्तावेज सत्यापन + स्थानीय भाषा परीक्षण<br />अनिवार्य आवश्यकता<br /> वेबसाइट- <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/bankofbaroda.bank.in">bankofbaroda.bank.in</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड</h4>
<p style="text-align:justify;">    पद का नाम- उप प्रबंधक (E2), प्रबंधक (E3), वरिष्ठ प्रबंधक (E4)<br />कुल रिक्तियां-70 (05 PwBD पदों सहित)<br />आवेदन का तरीका- केवल ऑनलाइन (HCL वेबसाइट के करियर अनुभाग के माध्यम से)<br />चयन का तरीका- व्यक्तिगत साक्षात्कार (100 प्रतिशत वेटेज)<br />अनिवार्य आवश्यकता- भारतीय नागरिक, 18 वर्ष और उससे अधिक, संबंधित पद-योग्यता अनुभव<br />वेबसाइट-<a href="https://www.hindustancopper.com">www.hindustancopper.com</a></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582680/job-alert</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582680/job-alert</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:34:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास और विरासत स्टीफंस कॉलेज  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">दिल्ली के चांदनी चौक के किनारी बाजार में 1 फरवरी 1881 जब सेंट स्टीफंस कॉलेज की नींव रखी गई, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यह छोटा सा संस्थान भारत का सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज बन जाएगा। उस दिन सैमुअल स्कॉट एलनट (Samuel Scott Allnutt) इसके पहले प्रिंसिपल बने। एक साधारण शुरुआत के साथ चला यह सफर आज 147 वर्ष पूरे कर चुका है। इस लंबे अंतराल में कॉलेज को पहली बार एक महिला प्रिंसिपल मिली है। इनका नाम है सुजैन एलियास। सेंट स्टीफंस कॉलेज  न केवल संस्थान के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि भारतीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582677/history-and-heritage--st--stephen-s-college"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/इतिहास-और-विरासत-स्टीफंस-कॉलेज.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली के चांदनी चौक के किनारी बाजार में 1 फरवरी 1881 जब सेंट स्टीफंस कॉलेज की नींव रखी गई, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यह छोटा सा संस्थान भारत का सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज बन जाएगा। उस दिन सैमुअल स्कॉट एलनट (Samuel Scott Allnutt) इसके पहले प्रिंसिपल बने। एक साधारण शुरुआत के साथ चला यह सफर आज 147 वर्ष पूरे कर चुका है। इस लंबे अंतराल में कॉलेज को पहली बार एक महिला प्रिंसिपल मिली है। इनका नाम है सुजैन एलियास। सेंट स्टीफंस कॉलेज  न केवल संस्थान के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।– विवेक शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार </p>
<p style="text-align:justify;">सेंट स्टीफंस कॉलेज ने हमेशा दूरदर्शी, मेहनती और समर्पित प्रिंसिपलों का नेतृत्व पाया है। इनके मार्गदर्शन में कॉलेज ने न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल की, बल्कि राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जिया-उल-हक जैसे राष्ट्राध्यक्षों सहित देश-विदेश के हर क्षेत्र में प्रभावशाली व्यक्तित्व तैयार किए। कॉलेज की यह विरासत आज भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">छात्रों के समग्र विकास का पक्षधर</h4>
<p style="text-align:justify;">19 वीं शताब्दी के अंत में दिल्ली उच्च शिक्षा के लिए उपेक्षित शहर था। एलनट ने दो किराए के कमरों में कॉलेज की शुरुआत की। शुरू में मात्र पांच छात्र और तीन शिक्षक थे, लेकिन एलनट की दूरदृष्टि अद्भुत थी। उन्होंने सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि गरीब, कमजोर और पिछड़े वर्ग के छात्रों को शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। कॉलेज को पंजाब विश्वविद्यालय से जोड़ा गया, जिससे इसका शैक्षणिक आधार मजबूत हुआ। एलनट का योगदान केवल प्रशासनिक नहीं था। वे छात्रों के समग्र विकास के पक्षधर थे। उनकी मेहनत से छात्र संख्या तेजी से बढ़ी और संस्थान की नींव पक्की हुई। 1898 में उन्होंने प्रिंसिपल पद छोड़ दिया, लेकिन उनका प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है। हर वर्ष 7 दिसंबर को उनके निधन दिवस को ‘फाउंडर्स डे’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन कॉलेज समुदाय उनके योगदान को याद करता है और नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पुराण पुरुष</h4>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(5)17.jpg" alt="Untitled design (5)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">सेंट स्टीफंस कॉलेज के इतिहास में सुशील कुमार रुद्रा एक पुराण पुरुष के समान हैं। 1906 से 1923 तक वे कॉलेज के प्रिंसिपल रहे और पहले भारतीय प्रिंसिपल बने। उस दौर में जब स्टाफ में अधिकांश अंग्रेज थे, एक भारतीय को इस पद पर नियुक्त करना स्वयं में एक क्रांतिकारी कदम था।</p>
<p style="text-align:justify;">रुद्रा महात्मा गांधी और दीनबंधु सी.एफ. एंड्रयूज के घनिष्ठ मित्र थे। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का खुलकर समर्थन किया। 13 अप्रैल 1915 को गांधी जी पहली बार दिल्ली आए, तो रुद्रा के निमंत्रण पर ही। गांधी दंपति उस समय कश्मीरी गेट स्थित रुद्रा के घर में ठहरे थे। आज उस इमारत में दिल्ली चुनाव आयोग का कार्यालय है। रुद्रा छात्रों के बीच ‘बारासाहिब’ के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने कॉलेज में नाइट स्कूल शुरू किया ताकि कर्मचारियों के बच्चे भी शिक्षा से वंचित न रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">वे खेलों के प्रेमी भी थे। दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के संस्थापकों में शामिल रुद्रा ने खेल को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाया। 1923 में रिटायरमेंट के बाद 1925 में उनका निधन हो गया। उनकी स्मृति में हर वर्ष 12 फरवरी को ‘रुद्रा डिनर’ का आयोजन किया जाता है। दिल्ली ब्रदरहुड सोसायटी (DBS) के प्रभारी ब्रदर सोलोमन जॉर्ज के अनुसार, 1877 में स्थापित ब्रदरहुड ऑफ द एसेंशन ऑफ क्राइस्ट (जिसका बाद में नाम दिल्ली ब्रदरहुड सोसायटी पड़ा) आज भी कॉलेज का संचालन करती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शरणार्थियों के हमदर्द</h4>
<p style="text-align:justify;">देश के बंटवारे के बाद दिल्ली लाखों शरणार्थियों की आमद की गवाह बनी। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में स्थित दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस के आसपास शरणार्थी परिवार बसने लगे थे। एक दिन सेंट स्टीफंस के प्रिंसिपल प्रो. डगलस राजाराम और उनकी पत्नी नॉर्थ कैंपस के बाहर खड़े थे। उन्होंने कुछ बच्चे गमले तोड़ते देखे। पूछने पर बच्चों ने कहा, “यहां स्कूल है ही नहीं।”</p>
<p style="text-align:justify;">यह जवाब राजाराम को झकझोर गया। डीयू  में उनकी अच्छी पहुंच का फायदा उठाते हुए उन्होंने तुरंत मौरिस नगर में एक छोटी जगह पर स्कूल शुरू कराया। वह स्कूल पिछले वर्ष अपनी 75 वीं वर्षगांठ मना चुका है और अब बड़े कैंपस में संचालित हो रहा है। राजाराम स्वयं सेंट स्टीफंस के छात्र रह चुके थे। वे 1945 से 1960 तक कॉलेज के प्रिंसिपल रहे। उनके नेतृत्व में कॉलेज ने विभाजन के बाद की चुनौतियों का सामना किया और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">विरासत को आगे बढ़ाना</h4>
<p style="text-align:justify;">एलनट ने नींव रखी, रुद्रा ने भारतीय स्वरूप दिया और राजाराम ने इसे मजबूत किया। इन तीन प्रिंसिपलों को सेंट स्टीफंस की आत्मा कहा जा सकता है। इनके अलावा भी अनेक प्रिंसिपलों ने कॉलेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आज जब पहली महिला प्रिंसिपल कॉलेज की बागडोर संभाल रही हैं, तो यह विरासत को नई दिशा देने का अवसर है।</p>
<p style="text-align:justify;">नई प्रिंसिपल सुजैन एलियास से अपेक्षा की जाती है कि वे शैक्षणिक उत्कृष्टता, समावेशिता और सामाजिक जिम्मेदारी को और मजबूत करें। कॉलेज की 145 वर्ष से अधिक की यात्रा साबित करती है कि शिक्षा सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज सेंट स्टीफंस न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश का गौरव है। यहां पढ़ने वाले छात्र न सिर्फ ज्ञान प्राप्त करते हैं, बल्कि मूल्यों, नैतिकता और नेतृत्व कौशल से लैस होकर बाहर निकलते हैं। पहली महिला प्रिंसिपल के नेतृत्व में कॉलेज नई पीढ़ी को प्रेरित करते हुए अपनी शताब्दी की विरासत को और समृद्ध करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बदलाव सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि सोच का भी है। 1881 की उस साधारण शुरुआत से लेकर आज की आधुनिक शिक्षा व्यवस्था तक का सफर दिखाता है कि समर्पण, दूरदृष्टि और निरंतरता से कोई भी संस्थान ऊंचाइयों को छू सकता है। सेंट स्टीफंस की नई प्रिंसिपल से पूरे देश को उम्मीद है कि वे इस गौरवशाली परंपरा को नई ऊर्जा और समावेशी दृष्टिकोण के साथ आगे ले जाएंगी।</p>
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                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:15:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोशालाओं में IIT कानपुर की तकनीक, गांवों की तस्वीर बदलेगी! गोबर-गोमूत्र से बनेगा ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार:</strong> योगी सरकार गो संरक्षण को अब केवल धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण तक सीमित न रखकर वैज्ञानिक कृषि, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। सरकार संरक्षित गोमाता आधारित माइक्रो-आंत्रप्रेन्योरशिप मॉडल के जरिए प्रदेश में नई कृषि क्रांति की तैयारी कर रही है, जिसमें आईआईटी कानपुर की उन्नत तकनीक अहम भूमिका निभाएगी।</span></p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश की गोशालाओं को अब केवल पशु संरक्षण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि जैविक कृषि और ग्रामीण विकास की नई ताकत के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर और गोमूत्र आधारित हाई-क्वालिटी जैविक उर्वरक तैयार करने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582541/iit-kanpur-s-technology-in-cow-shelters-will-transform-villages--organic-fertilizer-will-be-made-from-cow-dung-and-urine"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(35)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार:</strong> योगी सरकार गो संरक्षण को अब केवल धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण तक सीमित न रखकर वैज्ञानिक कृषि, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। सरकार संरक्षित गोमाता आधारित माइक्रो-आंत्रप्रेन्योरशिप मॉडल के जरिए प्रदेश में नई कृषि क्रांति की तैयारी कर रही है, जिसमें आईआईटी कानपुर की उन्नत तकनीक अहम भूमिका निभाएगी।</span></p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश की गोशालाओं को अब केवल पशु संरक्षण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि जैविक कृषि और ग्रामीण विकास की नई ताकत के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर और गोमूत्र आधारित हाई-क्वालिटी जैविक उर्वरक तैयार करने की आधुनिक तकनीक आईआईटी कानपुर में विकसित की गई है, जिससे खेती को अधिक प्राकृतिक, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आईआईटी कानपुर ने विकसित की उन्नत तकनीक</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">आईआईटी कानपुर के बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग के पीएचडी स्कॉलर अक्षय श्रीवास्तव ने यह तकनीक विकसित की है। इस शोध का नेतृत्व अमिताभ बंध्योपाध्य कर रहे हैं। तकनीक के जरिए गोबर और गोमूत्र से वैज्ञानिक तरीके से उच्च गुणवत्ता वाला ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर तैयार किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी, खेती की लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।</span></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">माइक्रो-आंत्रप्रेन्योरशिप मॉडल से गांवों को नई ताकत</span></strong></h4>
<p style="text-align:justify;">योगी सरकार इस तकनीक को माइक्रो-आंत्रप्रेन्योरशिप मॉडल से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके तहत ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और किसानों को छोटे स्तर की फर्टिलाइजर यूनिट्स से जोड़ा जाएगा। इससे गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार की योजना है कि गोशालाओं में तैयार जैविक उत्पाद सीधे किसानों तक पहुंचें और गांव स्तर पर ही उत्पादन, बिक्री और आय का मजबूत आर्थिक चक्र तैयार हो। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गोशालाओं से जुड़ेगा नया आर्थिक मॉडल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">प्रदेश की गोशालाओं को जैविक कृषि, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण विकास के नए मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यदि यह मॉडल बड़े स्तर पर सफल हुआ तो उत्तर प्रदेश देश में गो आधारित वैज्ञानिक खेती और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार गो संरक्षण को वैज्ञानिक कृषि और रोजगार से जोड़कर ऐसा मॉडल विकसित कर रही है, जो भविष्य में पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकता है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 09:04:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि विश्वविद्यालय में प्रत्येक मंगलवार को घोषित हुआ ''नो व्हीकल-डे''... ई-रिक्शा और साइकिल से कार्यालय पहुंचे कुलपति, वैज्ञानिक और कर्मचारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान के बाद से आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में भी प्रत्येक मंगलवार को ''नो व्हीकल-डे'' घोषित कर दिया गया है। कुलपति डॉ. पीएस प्रमाणिक की पहल पर निदेशक प्रशासन डॉ. सुशांत श्रीवास्तव की ओर से पत्र जारी कर प्रत्येक मंगलवार को ''वाहन मुक्त दिवस'' घोषित किया गया है। पत्र के माध्यम से विवि परिवार के सभी सदस्यों से यह अपील की गई है कि विवि परिसर, बाह्य महाविद्यालयों एवं केंद्रों पर पेट्रोल, डीजल चालित वाहन का उपयोग यथासंभव नहीं करें।</p>
<p>कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को इसका खासा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582535/every-tuesday-is-declared-%22no-vehicle-day%22-at-the-agricultural-university----the-vice-chancellor--scientists-and-staff-arrive-at-the-office-by-e-rickshaw-and-bicycle"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(32)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान के बाद से आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में भी प्रत्येक मंगलवार को ''नो व्हीकल-डे'' घोषित कर दिया गया है। कुलपति डॉ. पीएस प्रमाणिक की पहल पर निदेशक प्रशासन डॉ. सुशांत श्रीवास्तव की ओर से पत्र जारी कर प्रत्येक मंगलवार को ''वाहन मुक्त दिवस'' घोषित किया गया है। पत्र के माध्यम से विवि परिवार के सभी सदस्यों से यह अपील की गई है कि विवि परिसर, बाह्य महाविद्यालयों एवं केंद्रों पर पेट्रोल, डीजल चालित वाहन का उपयोग यथासंभव नहीं करें।</p>
<p>कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को इसका खासा असर देखने को मिला। सड़क पर पेट्रोल और डीजल चालित वाहन नहीं देखने को मिले। कुलपति डॉ. पीएस प्रमाणिक सुबह नौ बजे अपने आवास से ई-रिक्शा से प्रशासनिक भवन स्थित कुलपति कार्यालय पहुंचे। कुलपति का सरकारी वाहन उनके आवास पर खड़ा रहा। कुलपति के सचिव डॉ. जसवंत सिंह साइकिल से प्रशासनिक भवन पहुंचे। कृषि अधिष्ठाता डॉ. प्रतिभा सिंह एवं वानिकी महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता डॉ. भानु प्रताप सहित कई विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रिक वाहनों से आरएसी की मीटिंग में पहुंचे।</p>
<p>सुरक्षा अधिकारी डॉ. रमेश प्रताप सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राएं भीषण गर्मी में छाता लेकर क्लास करने के लिए पहुंचे तो कई शिक्षक और कर्मचारियों ने ई-रिक्शा और साइकिल का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि विवि परिसर में शिक्षक, वैज्ञानिक और कर्मचारी मिलाकर लगभग 1500 लोग निवास कर रहे हैं। जो रोज कार्यालय आने-जाने में वाहनों का प्रयोग करते हैं। भीषण गर्मी में किसी को परेशानी नहीं हो इसके लिए छह अतिरिक्त ई-रिक्शा चालकों को पास निर्गत किया गया है। ये छात्रों और विवि के शिक्षकों एवं वैज्ञानिकों को कार्यस्थल तक पहुंचाने में मदद करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582535/every-tuesday-is-declared-%22no-vehicle-day%22-at-the-agricultural-university----the-vice-chancellor--scientists-and-staff-arrive-at-the-office-by-e-rickshaw-and-bicycle</link>
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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 17:20:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जौनपुर में 21 परीक्षा केंद्रों पर होगी लेखपाल परीक्षा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जौनपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में लेखपाल परीक्षा 21 मई को कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच 21 परीक्षा केंद्रो पर सम्पन्न करायी जायेगी। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने इस मामले मे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार की देर शाम आगामी लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 की तैयारियों के संबंध में बैठक सम्पन्न हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में परीक्षा को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन संपन्न कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिले में 21 परीक्षा केंद्रों पर नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जानकारी दी गई कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582531/lekhpal-exam-to-be-held-at-21-centers-in-jaunpur--strict-security-arrangements-in-place"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/परीक्षा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जौनपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में लेखपाल परीक्षा 21 मई को कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच 21 परीक्षा केंद्रो पर सम्पन्न करायी जायेगी। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने इस मामले मे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार की देर शाम आगामी लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 की तैयारियों के संबंध में बैठक सम्पन्न हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में परीक्षा को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन संपन्न कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिले में 21 परीक्षा केंद्रों पर नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जानकारी दी गई कि लेखपाल मुख्य परीक्षा 21 मई 2026 को एक पाली में प्रातः 10:00 बजे से मध्याह्न 12:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जनपद में परीक्षा हेतु कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के सफल संचालन हेतु 21 जोनल मजिस्ट्रेट, 21 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं 05 आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त 21 स्टैटिक मजिस्ट्रेट एवं 10 आरक्षित स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी नामित किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 9696 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाएं तथा सुरक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की लाही न बरती जाए। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सम्पन्न कराया जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सतर्क निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा से संबंधित उपलब्ध कराई गई बुकलेट का सभी अधिकारी गहन अध्ययन कर लें तथा उसमें दिए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का भ्रमण अवश्य कर लें तथा वहां पेयजल, शौचालय, सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पुलिस की सतर्कता अत्यंत आवश्यक है तथा सभी अधिकारी शासन की गाइडलाइन का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए परीक्षा को पारदर्शी एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराएं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी निर्धारित समय के भीतर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना सुनिश्चित करें। यातायात निरीक्षक को निर्देशित किया कि परीक्षा के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था सुगमता से संचालित हो। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, केंद्राध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>जौनपुर</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:58:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>LU में बीसीए-बीकॉम एडमिशन के लिए नई योग्यता जारी, जानें क्या है नया नियम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीसीए और बीकॉम एनईपी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम पात्रता निर्धारित कर दी है। इस संबंध में प्रवेश प्रकोष्ठ की ओर से जारी अधिसूचना में दोनों पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग योग्यता मानक तय किए गए हैं। प्रवेश समन्वयक प्रोफेसर अनित्य गौरव ने बताया कि बीसीए पाठ्यक्रम में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी को इंटरमीडिएट या समकक्ष परीक्षा विज्ञान वर्ग या कंप्यूटर से संबंधित विषयों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अभ्यर्थी के पास कंप्यूटर या इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, इंफॉर्मेशन प्रैक्टिसेज, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी एंड मेंटेनेंस, आईटीईएस, एआई या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582486/lu-releases-new-eligibility-criteria-for-bca-bcom-admissions--learn-about-the-new-rules"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-02/एलयू1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीसीए और बीकॉम एनईपी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम पात्रता निर्धारित कर दी है। इस संबंध में प्रवेश प्रकोष्ठ की ओर से जारी अधिसूचना में दोनों पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग योग्यता मानक तय किए गए हैं। प्रवेश समन्वयक प्रोफेसर अनित्य गौरव ने बताया कि बीसीए पाठ्यक्रम में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी को इंटरमीडिएट या समकक्ष परीक्षा विज्ञान वर्ग या कंप्यूटर से संबंधित विषयों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अभ्यर्थी के पास कंप्यूटर या इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, इंफॉर्मेशन प्रैक्टिसेज, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी एंड मेंटेनेंस, आईटीईएस, एआई या रोबोटिक्स जैसे विषयों में से कम से कम एक विषय होना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सामान्य और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक और एससी-एसटी वर्ग के लिए 45 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं, बीकॉम एनईपी पाठ्यक्रम के लिए इंटरमीडिएट किसी भी विषय से उत्तीर्ण अभ्यर्थी प्रवेश के लिए पात्र होंगे। इसमें सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत और एससी एसटी एवं दिव्यांग वर्ग के लिए 36 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 13:04:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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                <title>IT College Admission 2026: आईटी कॉलेज में लाइब्रेरी साइंस के लिए आवेदन शुरू, पढ़े पूरी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़े इसाबेला थोबर्न कॉलेज ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">महाविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार प्रवेश आवेदन पत्र ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक कॉलेज काउंटर से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन पत्र एवं प्रॉस्पेक्टस की शुल्क राशि 900 रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582483/it-college-admission-2026--applications-for-library-science-in-it-colleges-open--read-full-details"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(19)7.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़े इसाबेला थोबर्न कॉलेज ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">महाविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार प्रवेश आवेदन पत्र ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक कॉलेज काउंटर से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन पत्र एवं प्रॉस्पेक्टस की शुल्क राशि 900 रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था भी की गई है। विद्यार्थी कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन पत्र और प्रॉस्पेक्टस के लिए भी 900 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">कॉलेज की ओर से जारी नोटिस के अनुसार बीलिबआईएससी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का स्नातक में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582483/it-college-admission-2026--applications-for-library-science-in-it-colleges-open--read-full-details</link>
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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:52:48 +0530</pubDate>
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