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                <title>एजुकेशन - Amrit Vichar</title>
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                <description>एजुकेशन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जॉब अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<h3 style="text-align:left;">रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड</h3>
<p style="text-align:left;">    पद के नाम- इंजीनियर, अधिकारी, सचिवीय अधिकारी, सहायक प्रबंधक, उप प्रबंधक, अतिरिक्त मुख्य प्रबंधक, मुख्य प्रबंधक, लेखा अधिकारी, मुख्य प्रबंधक (रसायन, यांत्रिक, विद्युत, सामग्री, परिवहन, मानव संसाधन, चिकित्सा, वित्त एवं लेखा और आईटी विषयों में)<br />    कुल रिक्तियां-40 (अस्थायी)<br />    एप्लिकेशन मोड-ऑनलाइन जमा करने के बाद डाक द्वारा हार्ड कॉपी जमा करनी होगी।<br />    पात्रता के लिए कट-ऑफ तिथि-31 जुलाई 2026<br />    आवेदन की अंतिम तिथि- 24 सितंबर 2026, शाम 5:00 बजे<br />    वेबसाइट-www.rfcl.co.in</p>
<h3 style="text-align:left;">उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी)</h3>
<p style="text-align:left;">    पद का नाम- पशु चिकित्सा अधिकारी<br />    कुल रिक्तियां-25<br />    नौकरी का स्थान-उत्तराखंड<br /></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592040/job-alert"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/job-alert.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:left;">रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड</h3>
<p style="text-align:left;">    पद के नाम- इंजीनियर, अधिकारी, सचिवीय अधिकारी, सहायक प्रबंधक, उप प्रबंधक, अतिरिक्त मुख्य प्रबंधक, मुख्य प्रबंधक, लेखा अधिकारी, मुख्य प्रबंधक (रसायन, यांत्रिक, विद्युत, सामग्री, परिवहन, मानव संसाधन, चिकित्सा, वित्त एवं लेखा और आईटी विषयों में)<br />    कुल रिक्तियां-40 (अस्थायी)<br />    एप्लिकेशन मोड-ऑनलाइन जमा करने के बाद डाक द्वारा हार्ड कॉपी जमा करनी होगी।<br />    पात्रता के लिए कट-ऑफ तिथि-31 जुलाई 2026<br />    आवेदन की अंतिम तिथि- 24 सितंबर 2026, शाम 5:00 बजे<br />    वेबसाइट-www.rfcl.co.in</p>
<h3 style="text-align:left;">उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी)</h3>
<p style="text-align:left;">    पद का नाम- पशु चिकित्सा अधिकारी<br />    कुल रिक्तियां-25<br />    नौकरी का स्थान-उत्तराखंड<br />    पोस्ट नेचर    -समूह ‘बी’, राजपत्रित, अस्थायी, अंशदायी पेंशन<br />    वेतन स्तर-लेवल-10 (₹56,100 – ₹1,77,500)<br />    एप्लिकेशन मोड-ऑनलाइन<br />    आवेदन की अंतिम तिथि-14 सितंबर 2026 (रात 11:59:59)<br />    चयन प्रक्रिया-लिखित परीक्षा<br />    वेबसाइट-    psc.uk.gov.in</p>
<h3 style="text-align:left;"><br />भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान</h3>
<p style="text-align:left;">    पद का नाम-वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता एवं युवा पेशेवर-I<br />    पदों की संख्या- 3<br />    वेतन-30000 रुपये-42000 रुपये<br />    योग्यता-आनुवंशिकी/पादप प्रजनन/आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन/जैव प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर डिग्री, कृषि विज्ञान में स्नातक डिग्री या कृषि विज्ञान/</p>
<h3 style="text-align:left;">जीवन विज्ञान में डिप्लोमा</h3>
<p style="text-align:left;">    बिना अपॉइंटमेंट के मुलाकात-22 सितंबर 2026<br />    आवेदन मोड-बिना नियोजित भेंट के चला आने वाला<br />नौकरी का प्रकार-संविदात्मक</p>
<p style="text-align:left;"> </p>
<h3 style="text-align:left;">एग्जाम जंक्शन</h3>
<h4 style="text-align:left;">नीट पीजी- 2026</h4>
<p style="text-align:left;">एग्जाम डेट- 30 अगस्त 2026<br />मोड- ऑफलाइन </p>
<h3 style="text-align:left;"><br />यूपीएसएसएसी स्टेनोग्राफर स्किल टेस्ट</h3>
<p style="text-align:left;">एग्जाम डेट- 1 सितंबर 2026<br />मोड- ऑफलाइन</p>
<h4 style="text-align:left;">यूपीसीआईएसबी (यूपी सहकारी बैंक)</h4>
<p style="text-align:left;">एग्जाम डेट- 7-8 सितंबर 2026<br />मोड- ऑनलाइन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 16:50:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> BA LLB : कोर्ट के बाहर भी हैं करियर के कई रास्ते</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बीए एलएलबी  को अक्सर ऐसी डिग्री माना जाता है, जिसका अंतिम पड़ाव अदालत और वकालत है। लॉ कॉलेज से निकलते ही छात्र के सामने काला कोट पहनकर कोर्ट में बहस करने की तस्वीर उभरती है। हालांकि बदलते कॉर्पोरेट माहौल, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कानूनों की बढ़ती जटिलता ने लॉ ग्रेजुएट्स के लिए करियर के विकल्प काफी व्यापक कर दिए हैं। आज बीए एलएलबी करने के बाद कोई कॉर्पोरेट लीगल टीम का हिस्सा बन सकता है, ज्यूडिशियरी की तैयारी कर सकता है, सरकारी संस्थानों में लीगल ऑफिसर बन सकता है या लीगल टेक्नोलॉजी और पत्रकारिता जैसे नए क्षेत्रों में भी कदम रख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592037/ba-llb-career-paths-beyond-courtroom"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/career-paths-beyond-the-courtroom.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बीए एलएलबी  को अक्सर ऐसी डिग्री माना जाता है, जिसका अंतिम पड़ाव अदालत और वकालत है। लॉ कॉलेज से निकलते ही छात्र के सामने काला कोट पहनकर कोर्ट में बहस करने की तस्वीर उभरती है। हालांकि बदलते कॉर्पोरेट माहौल, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कानूनों की बढ़ती जटिलता ने लॉ ग्रेजुएट्स के लिए करियर के विकल्प काफी व्यापक कर दिए हैं। आज बीए एलएलबी करने के बाद कोई कॉर्पोरेट लीगल टीम का हिस्सा बन सकता है, ज्यूडिशियरी की तैयारी कर सकता है, सरकारी संस्थानों में लीगल ऑफिसर बन सकता है या लीगल टेक्नोलॉजी और पत्रकारिता जैसे नए क्षेत्रों में भी कदम रख सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कॉर्पोरेट लॉ में बनाएं करियर</h4>
<p style="text-align:justify;">बड़ी कंपनियों के लिए कानून की समझ अब केवल मुकदमों तक सीमित नहीं है। कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट तैयार करने, बिजनेस एग्रीमेंट की समीक्षा, मर्जर एंड एक्विजिशन, बौद्धिक संपदा, श्रम कानून और रेगुलेटरी कंप्लायंस जैसे मामलों में विशेषज्ञों की जरूरत होती है। बीए एलएलबी  के बाद छात्र किसी कॉर्पोरेट लॉ फर्म या कंपनी की इन-हाउस लीगल टीम में काम कर सकते हैं। इस क्षेत्र में कोर्ट की तुलना में ऑफिस आधारित काम अधिक होता है। कानूनी दस्तावेजों का अध्ययन, क्लाइंट को सलाह देना और कंपनी को कानूनी जोखिमों से बचाना प्रमुख जिम्मेदारियां होती हैं। अंग्रेजी भाषा, ड्राफ्टिंग और कॉर्पोरेट कानून की मजबूत समझ इस क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ज्यूडिशियल सर्विसेज से बनें न्यायिक अधिकारी</h3>
<p style="text-align:justify;">जिन विद्यार्थियों की रुचि कानून की गहराई से पढ़ाई और न्याय व्यवस्था में है, उनके लिए न्यायिक सेवा परीक्षा बेहतर विकल्प हो सकती है। अलग-अलग राज्यों में न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षाओं के माध्यम से योग्य लॉ ग्रेजुएट्स को न्यायिक पदों पर नियुक्त किया जाता है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू जैसे चरण शामिल हो सकते हैं। इस करियर में कानून की पढ़ाई के साथ सामान्य ज्ञान, संविधान, स्थानीय कानूनों और भाषा पर पकड़ भी महत्वपूर्ण होती है। मेहनत और नियमित तैयारी के साथ यह क्षेत्र प्रतिष्ठा, जिम्मेदारी और सरकारी सेवा का अवसर प्रदान करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सरकारी संस्थानों में लीगल ऑफिसर</h4>
<p style="text-align:justify;">बीए एलएलबी  के बाद सरकारी क्षेत्र में भी कई संभावनाएं खुलती हैं। बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां, बीमा संस्थान, सरकारी विभाग और विभिन्न नियामक संस्थाएं समय-समय पर कानूनी पदों के लिए भर्ती करती हैं। यहां काम करने वाले अधिकारी कानूनी मामलों, नोटिस, अनुबंध, मुकदमों और संस्थान से जुड़े नियम-कायदों पर सलाह देते हैं। इस क्षेत्र की तैयारी करते समय संबंधित भर्ती परीक्षा की पात्रता, अनुभव और चयन प्रक्रिया को ध्यान से समझना जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग संस्थानों में नियम अलग हो सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लीगल जर्नलिज्म और कंटेंट राइटिंग</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर कानून के साथ लिखने और घटनाओं को सरल भाषा में समझाने में रुचि है तो लीगल जर्नलिज्म एक अलग पहचान बनाने वाला क्षेत्र हो सकता है। अदालत के महत्वपूर्ण फैसले, नए कानून, संवैधानिक मुद्दे और कानूनी विवाद आम पाठकों के लिए सरल भाषा में प्रस्तुत करने वाले विशेषज्ञों की जरूरत बढ़ी है। डिजिटल मीडिया, न्यूज पोर्टल, लीगल वेबसाइट और प्रकाशन संस्थानों में ऐसे प्रोफेशनल्स के लिए अवसर मौजूद हैं। कानून की जानकारी के साथ रिसर्च, लेखन और फैक्ट-चेकिंग की क्षमता इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लीगल टेक्नोलॉजी में नई संभावनाएं</h4>
<p style="text-align:justify;">टेक्नोलॉजी ने कानूनी पेशे को भी बदल दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रिसर्च टूल्स, डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट, डेटा प्राइवेसी, साइबर कानून और ऑनलाइन डिस्प्यूट जैसे क्षेत्रों के विस्तार से लॉ ग्रेजुएट्स के लिए नए अवसर सामने आए हैं। तकनीक में रुचि रखने वाले विद्यार्थी साइबर लॉ, डेटा प्रोटेक्शन और लीगल टेक से जुड़े स्पेशलाइजेशन पर ध्यान दे सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लॉ फर्म और लीगल कंसल्टिंग</h3>
<p style="text-align:justify;">पारंपरिक वकालत के अलावा लॉ फर्म में एसोसिएट के रूप में काम करना भी विकल्प है। यहां विद्यार्थी अलग-अलग क्लाइंट्स और कानूनी मामलों पर काम करते हुए व्यावहारिक अनुभव हासिल करते हैं। टैक्सेशन, आईपीआर, साइबर लॉ, कॉर्पोरेट लॉ, इनसॉल्वेंसी और इंटरनेशनल बिजनेस लॉ जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करने से करियर की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आगे की पढ़ाई भी है विकल्प</h3>
<p style="text-align:justify;">बीए एलएलबी  के बाद पढ़ाई जारी रखने वाले विद्यार्थी LLM, विशेषीकृत डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। किसी खास कानून में विशेषज्ञता हासिल करने से अकादमिक, रिसर्च और विशेषज्ञ सलाहकार के रूप में अवसर बढ़ सकते हैं। कुछ विद्यार्थी आगे चलकर शिक्षण और कानूनी शोध के क्षेत्र में भी जाते हैं। इस तरह बीए एलएलबी  केवल अदालत में वकालत तक सीमित डिग्री नहीं है। यह कानून, प्रशासन, कारोबार, मीडिया और तकनीक—कई क्षेत्रों में प्रवेश का रास्ता खोलती है। सही विशेषज्ञता, मजबूत कम्युनिकेशन स्किल, कानूनी रिसर्च और बदलते नियमों की समझ विकसित करके लॉ ग्रेजुएट अपने लिए ऐसा करियर चुन सकते हैं, जो उनकी रुचि और क्षमता दोनों के अनुकूल हो।</p>
<h5 style="text-align:justify;">–फीचर डेस्क</h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 16:42:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IICT-Netflix Scholarship: 100 छात्रों को मिलेगी 80% तक स्कॉलरशिप, जानें किन कोर्सेज में मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[IICT और Netflix की पहल, AVGC सेक्टर में करियर बनाने वालों को मिलेगा आर्थिक सहयोग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591957/iict-netflix-scholarship-2026-100-students-80-percent-financial-aid"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/iict-netflix-scholarship.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) और नेटफ्लिक्स ने भारतीय कहानीकारों और रचनात्मक प्रतिभाओं की अगली पीढ़ी को तैयार करने के लिए 100 छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की घोषणा की है। इस पहल के तहत छह प्रोफेशनल कार्यक्रमों में छात्रों को 80 प्रतिशत तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस स्कॉलरशिप का लाभ देशभर के छात्र और कामकाजी पेशेवर उठा सकेंगे। योजना में दो एक वर्षीय डिप्लोमा और चार छह महीने के सर्टिफिकेट कार्यक्रम शामिल हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इन छह कार्यक्रमों में मिलेगी स्कॉलरशिप</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">स्कॉलरशिप के दायरे में इंटरैक्टिव कॉमिक्स एंड सीक्वेंशियल आर्ट्स तथा विजुअल इफेक्ट्स मास्टरी में डिप्लोमा कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा वर्चुअल आर्ट डिपार्टमेंट कंटेंट क्रिएटिविटी, मीडिया टेक वर्कफ़्लो, आर्ट ऑफ कैरेक्टर एनिमेशन और ई-स्पोर्ट्स एंड गेमिंग मैनेजमेंट में छह-महीने के सर्टिफिकेट कोर्स भी इस योजना का हिस्सा हैं। ये स्कॉलरशिप देशभर के छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के लिए उपलब्ध होंगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पीएम मोदी और नेटफ्लिक्स के सह-सीईओ की बैठक के बाद पहल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेटफ्लिक्स के सह-सीईओ टेड सारंडोस के बीच गत पांच अगस्त को हुई बैठक के बाद सामने आयी है। इस दौरान भारत की समृद्ध कहानी कहने की परंपरा और रचनात्मक प्रतिभा को वैश्विक कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया था। इसी दिशा में 'नेटफ्लिक्स इंडिया स्टोरीटेलिंग इनिशिएटिव' शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र में नयी प्रतिभाओं को उद्योग के अनुरूप कौशल प्रदान करना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>'रचनात्मक अर्थव्यवस्था निर्णायक दौर में'</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव और आईआईसीटी बोर्ड के अध्यक्ष चंचल कुमार ने कहा कि भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था निर्णायक दौर में है। उन्होंने कहा कि तकनीक के साथ कहानी कहने के तरीके बदल रहे हैं और उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए संस्थानों और वैश्विक कंपनियों के बीच सहयोग जरूरी है। आईआईसीटी के सीईओ डॉ. विश्वास देवस्कर ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि ये कौशल उद्योग के विकास के अनुरूप प्रासंगिक बने रहें। उन्होंने कहा कि नेटफ्लिक्स के साथ सहयोग के जरिए उद्योग के दृष्टिकोण को पाठ्यक्रम, पेशेवर कार्यप्रणाली और छात्रों से अपेक्षित मानकों में शामिल किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591811/nsg-first-women-commando-conversion-course-mccc-manesar-training"><span class="t-red">‘जो हिम्मत करती है, वही नेतृत्व करती है’, </span>NSG ने शुरू किया पहला महिला कमांडो कोर्स</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591957/iict-netflix-scholarship-2026-100-students-80-percent-financial-aid</link>
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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 17:17:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPPSC LT Grade Main Exam 2025 : 30 अगस्त को 11,808 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, 56 मजिस्ट्रेट संभालेंगे मोर्चा; इन चीजों के प्रवेश पर बैन</title>
                                    <description><![CDATA[UPPSC LT ग्रेड मुख्य भर्ती परीक्षा-2025 का आयोजन 30 अगस्त को प्रयागराज के 28 केंद्रों पर होगा। परीक्षा में 11,808 अभ्यर्थी शामिल होंगे। सुरक्षा के लिए 56 मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे, जबकि सॉल्वर गैंग और फर्जी परीक्षार्थियों पर थंब इम्प्रेशन व फेशियल रिकॉग्निशन से नजर रखी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591942/uppsc-lt-grade-main-exam-2025-11808-candidates-will-take"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/परीक्षा-(3).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की एलटी ग्रेड मुख्य भर्ती परीक्षा-2025 का आयोजन 30 अगस्त को प्रयागराज में किया जाएगा। जिले के 28 परीक्षा केंद्रों पर होने वाली परीक्षा में कुल 11,808 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। </p>
<p>जिले में कुल 15 विषयों की परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। एडीएम सिटी सत्यम मिश्र ने बताया कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुल 56 मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। </p>
<p>प्रशासन ने तय किया है कि पहली पाली में ड्यूटी करने वाले मजिस्ट्रेटों को दूसरी पाली में तैनाती नहीं दी जाएगी। दोनों पालियों के लिए अलग-अलग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। परीक्षा केंद्रों के मुख्य प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। </p>
<p>फर्जी परीक्षार्थियों और सॉल्वर गैंग पर नजर रखने के लिए थंब इम्प्रेशन और फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्टवॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/591875/cs-exam-result-2026-kanpur-26-students-success-icsi-result#gsc.tab=0">CS Exam Result 2026 : कानपुर के 26 छात्रों ने मारी बाजी, प्रोफेशनल में 93 और एग्जीक्यूटिव में 102 अभ्यर्थी पास</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 16:00:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश से लेकर विदेश तक छाया योगी सरकार का निपुण मॉडल, गाजियाबाद पहुंचे पांच देशों के प्रतिनिधि</title>
                                    <description><![CDATA[केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल के करीब 70 प्रतिनिधियों ने गाजियाबाद के 11 परिषदीय स्कूलों का किया दौरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591849/yogi-government-nipun-model-five-countries-delegation-ghaziabad"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/yogi-government&#039;s-nipun-model--(1).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा और बच्चों की सीखने की क्षमता मजबूत करने के प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अध्ययन का विषय बन रहे हैं। निपुण भारत मिशन के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) सुधारों को समझने के लिए केन्या, ब्राजील, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और सेनेगल के करीब 70 वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों का दल गाजियाबाद पहुंचा।</p>
<p style="text-align:justify;">23 से 27 अगस्त तक चल रहे पीयर-लर्निंग इमर्शन कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधिमंडल ने गाजियाबाद के नगर, राजापुर, लोनी और मुरादनगर ब्लॉकों के 11 परिषदीय विद्यालयों का दौरा किया। प्रतिनिधियों ने कक्षाओं में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, अकादमिक रिसोर्स पर्सन्स (एआरपी) और राज्य संसाधन समूह के अधिकारियों से संवाद कर जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों को समझा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नीति से कक्षा तक की प्रक्रिया देखी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">विद्यालय भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने जाना कि निपुण भारत मिशन के तहत तैयार नीतियों और एफएलएन सुधारों को कक्षा स्तर पर किस तरह लागू किया जा रहा है। शिक्षण सामग्री, शिक्षक सहयोग, बच्चों के आकलन और सीखने के परिणामों पर भी जानकारी ली गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शिक्षा विभाग के साथ तकनीकी चर्चा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">विद्यालयों के दौरे के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ तकनीकी चर्चा हुई। इसमें गाजियाबाद के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और राज्य संसाधन समूह के सदस्य शामिल हुए। चर्चा में पाठ्यक्रम, अध्ययन उद्देश्यों, संरचित शिक्षण-अधिगम सामग्री, शिक्षक मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग, आकलन और आंकड़ों के उपयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। सुधारों को बड़े स्तर पर लागू करने में मिडिल टीयर की भूमिका पर भी चर्चा की गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अंतरराष्ट्रीय साझा सीख का मंच बना दौरा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम का उद्देश्य निपुण भारत मिशन के तहत एफएलएन सुधारों को समझना और विभिन्न देशों के अनुभव साझा करना है। प्रतिनिधियों ने कक्षा शिक्षण का प्रत्यक्ष अवलोकन कर भारत के अनुभवों को समझा।</p>
<p style="text-align:justify;">लाइटहाउस इंडिया इमर्शन कार्यक्रम की मेजबानी सेंट्रल स्क्वेयर फाउंडेशन कर रहा है। सेंट्रो लेमन और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन सहयोगी हैं, जबकि ग्लोबल स्कूल फोरम, ऑप्टिमा और गेट्स फाउंडेशन इसका वित्तपोषण कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591817/up-government-jobs-2026-yogi-1-lakh-more-appointments"><span class="t-red">UP में 1 लाख सरकारी नौकरियों का बड़ा ऐलान,</span> CM योगी बोले- अगले 6 महीने में मिलेंगे नियुक्ति-पत्र</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मेरठ</category>
                                            <category>गाजियाबाद</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591849/yogi-government-nipun-model-five-countries-delegation-ghaziabad</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 18:11:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Avadh University: तीन साल में 22 छात्रों की परीक्षा नहीं करा पाया अवध विश्वविद्यालय, 8 ने छोड़ा संस्थान</title>
                                    <description><![CDATA[एमए सिंधी भाषा के विद्यार्थियों का मामला, परीक्षा में देरी से छात्रों का साल खराब; नेट-जेआरएफ जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी असर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591845/avadh-university-ma-sindhi-exam-delayed-22-students"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-11/अवध-विश्वविद्यालय.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>सत्र नियमन और समय पर पारदर्शी परीक्षा का दावा करने वाला डाॅ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय एमए सिंधी भाषा की परीक्षा को लेकर सवालों से घिर गया है। तीन सत्र बीत जाने के बाद भी अवध विश्वविद्यालय प्रशासन इस विषय के महज 22 विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं करा पाया है। इस लेटलतीफी के कारण एमए सिंधी भाषा के आठ विधार्थी अब तक विवि से पलायन भी कर चुके हैं। इसे लेकर सिंधी समाज में गहरा आक्रोश है।</span></p>
<p style="text-align:justify;">अवध विश्वविद्यालय में स्थापित सिंधी अध्ययन केंद्र को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। न्यूनतम बजट में संचालित अध्ययन केंद्र में जहां एक दो गतिविधियां करा कर कोरम पूरा किया जा रहा है। वहीं एमए सिंधी का अध्ययन कर रहे छात्र अब तक बिना परीक्षा के पढ़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के एमए सिंधी भाषा के महज 22 विद्यार्थियों की परीक्षा ही नहीं कराई गई है। जबकि अन्य विषयों की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दीक्षांत समारोह भी निपटा दिया गया। इतना ही नहीं परीक्षाएं न होने से छात्रों का साल भी खराब हो गया है। यह छात्र नेट, जेआरएफ आदि की प्रतियोगी परीक्षा तक नहीं दे पा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">बताया जा रहा है कि जिन आठ सिंधी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय से पलायन किया उनको अन्य विश्वविद्यालय में पुनः एमए में प्रवेश लेकर परीक्षा देनीं पड़ी। सूत्र बताते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने आज तक परीक्षा प्रश्न पत्र बनाने तक की प्रक्रिया नहीं शुरु की है। ऐसे में वर्तमान सत्र की परीक्षा भी संभव नहीं दिखती है। परीक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार सिंधी भाषा के प्रश्न पत्र बनाने वाले विशेषज्ञ ही नहीं मिल रहे हैं। इसीलिए तीन वर्षों से परीक्षा लटक रही है। इसे लेकर प्रधानमंत्री युवा लेखन सम्मान से सम्मानित लक्ष्य टेकचंदानी ने राष्ट्रपति और कुलाधिपति राज्यपाल को एक पत्र भी भेजा है। पत्र के माध्यम से सिंधी एमए विद्यार्थियों की परीक्षा यथाशीघ्र कराए जाने की मांग की है।</span></p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य प्रतिनिधि रहे विश्व प्रकाश रूपन ने बताया कि अनेक बार विभाग व विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों से बात करने पर भी परीक्षाएं नहीं कराए जाने को लेकर स्पष्ट रूप से कारण नहीं बताया जा रहा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>एमए सिंधी भाषा की परीक्षा न होना दुर्भाग्यपूर्ण : सिंधी पंचायत</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">इस प्रकरण को लेकर सिंधी सेंट्रल पंचायत के नगर मुखिया पवन जीवानी और रामनगरी मुखिया ओंम प्रकाश अंदानी का कहना है कि अवध विश्वविद्यालय द्वारा अब तक एमए सिंधी भाषा की परीक्षा न कराना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह एक तरह से सिंधी भाषा का अपमान है। यदि विश्वविद्यालय शीघ्र परीक्षा नहीं कराता तो सिंधी सेंट्रल पंचायत अगला कदम उठाने के लिए बाध्य होगी। इस संबंध में कुलपति और परीक्षा नियंत्रक से भी वार्ता की जाएगी। राज्यपाल को एक पत्र भेजा जाएगा।</span></p>
<p style="text-align:justify;">एमए सिंधी भाषा की परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है, लेकिन शीघ्र कराने का प्रयास किया जा रहा है। कतिपय कारणों से विलम्ब हुआ। दो चार दिन में परीक्षा तिथि घोषित की जा सकती है। <strong>-अनूप कुमार,निदेशक, सिंधी अध्ययन केंद्र, अवध विवि</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591811/nsg-first-women-commando-conversion-course-mccc-manesar-training"><span class="t-red">‘जो हिम्मत करती है, वही नेतृत्व करती है’, </span>NSG ने शुरू किया पहला महिला कमांडो कोर्स</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591845/avadh-university-ma-sindhi-exam-delayed-22-students</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 17:54:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘जो हिम्मत करती है, वही नेतृत्व करती है’, NSG ने शुरू किया पहला महिला कमांडो कोर्स</title>
                                    <description><![CDATA[मानेसर स्थित NSG ट्रेनिंग अकादमी में शुरू हुए पहले महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स में राज्य पुलिस और CAPF की महिला कर्मियों को आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591811/nsg-first-women-commando-conversion-course-mccc-manesar-training"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/nsg-course.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>भारत के आतंकवाद-रोधी सुरक्षा ढांचे में महिला कर्मियों की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने की दिशा में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने नई पहल शुरू की है। मानेसर स्थित एनएसजी ट्रेनिंग अकादमी ने राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की महिला कर्मियों के लिए पहला ‘महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स’ (MCCC) शुरू किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएसजी ने इस पहल को ‘नारी शक्ति’ के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर बताया है। 12 सप्ताह के इस सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कर्मियों को आतंकवाद-रोधी अभियानों में चुनौतीपूर्ण और विशेष ऑपरेशनल जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>12 हफ्ते की ट्रेनिंग में क्या सिखाया जाएगा?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">एनएसजी के मुताबिक, कोर्स को महिला कर्मियों को शारीरिक रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से दक्ष और ऑपरेशनल परिस्थितियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षण में शारीरिक कंडीशनिंग, हथियार संचालन और निशानेबाजी, टैक्टिकल इंटरवेंशन, बंधक बचाव तथा आतंकवाद-रोधी अभियानों से जुड़े अन्य विशेष पहलू शामिल हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/nsgblackcats/status/2091897874867257679?s=20">https://twitter.com/nsgblackcats/status/2091897874867257679?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अलग-अलग सुरक्षा बलों के बीच बढ़ेगा तालमेल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">एनएसजी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सिर्फ महिला कर्मियों के व्यक्तिगत कौशल को विकसित करना नहीं है। इसके जरिए एनएसजी की आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञता को राज्य पुलिस और विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की महिला कर्मियों तक पहुंचाने की भी कोशिश की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे प्रशिक्षित ऑपरेशनल कर्मियों का व्यापक समूह तैयार करने, समान पेशेवर मानकों को बढ़ावा देने और विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी आपसी तालमेल मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अपनी-अपनी फोर्स में वापस ले जाएंगी प्रशिक्षण</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कोर्स पूरा करने के बाद महिला कर्मी अपनी बेहतर ऑपरेशनल स्किल और प्रशिक्षण से मिली जानकारी को अपने संबंधित सुरक्षा बलों में लेकर जाएंगी। एनएसजी के मुताबिक, इससे संबंधित बलों की संस्थागत तैयारी मजबूत होगी और देश में आतंकवाद-रोधी क्षमताओं का दायरा बढ़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">एनएसजी ने कहा कि पहला एमसीसीसी सुरक्षा अभियानों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ-साथ ऑपरेशनल क्षमता के जरिए महिला सशक्तीकरण को भी दर्शाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>NSG ने कहा- ‘जो हिम्मत करती है, वही नेतृत्व करती है’</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">एनएसजी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस पहल की जानकारी साझा करते हुए इसे भारत के सुरक्षा ढांचे में महिलाओं के लिए अहम पड़ाव बताया। पोस्ट में कहा गया कि “जो हिम्मत करती है, वही नेतृत्व करती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">एनएसजी के मुताबिक, बदलती आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के बीच महिला कर्मियों को जटिल और विशेष ऑपरेशनल जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591783/bcci-invites-applications-for-five-junior-mens-selection-committee-posts"><span class="t-red">BCCI ने जूनियर चयन समिति में 5 पदों के लिए मांगे आवेदन, </span>जानें कौन कर सकता है अप्लाई</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591811/nsg-first-women-commando-conversion-course-mccc-manesar-training</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 15:43:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>College Students के लिए Google का बड़ा ऐलान, एक साल मुफ्त AI Plus और YouTube Premium पर भारी बचत</title>
                                    <description><![CDATA[पात्र भारतीय कॉलेज विद्यार्थियों को पढ़ाई, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट के लिए एक साल तक Google AI Plus की सुविधाएं बिना शुल्क मिलेंगी। ऑफर के साथ AI टूल्स, क्लाउड स्टोरेज और नए स्टडी फीचर्स का भी लाभ मिलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591696/google-ai-plus-free-subscription-indian-college-students-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/google-ai-plus-offer.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Google ने भारत के कॉलेज छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने पात्र विद्यार्थियों को एक साल के लिए मुफ्त Google AI Plus सब्सक्रिप्शन देने की घोषणा की है। इस पहल का मकसद छात्रों को पढ़ाई, शोध और कौशल विकास के लिए एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">Google के मुताबिक, इस ऑफर के तहत पात्र छात्रों को Gemini Omni समेत कई AI सुविधाओं का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा सामान्य उपयोगकर्ताओं के मुकाबले दोगुनी उपयोग सीमा, 400GB क्लाउड स्टोरेज और अन्य अतिरिक्त AI सुविधाएं एक साल तक बिना शुल्क उपलब्ध होंगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Google AI Plus के साथ मिलेगा YouTube Premium का फायदा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">Google ने छात्रों के लिए AI सदस्यता के अलावा Google AI Pro और YouTube Premium का विशेष रियायती पैकेज भी पेश किया है। कंपनी के अनुसार, इस पैकेज के जरिए विद्यार्थी विज्ञापन-मुक्त म्यूजिक और वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाओं का लाभ लेते हुए करीब 70 फीसदी तक की बचत कर सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पढ़ाई के लिए मिलेगा खास Student Hub</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कंपनी ने Gemini और Google Search में नए शैक्षणिक टूल्स भी जोड़े हैं। छात्रों के लिए Student Hub उपलब्ध कराया जाएगा, जहां वे अपनी पढ़ाई को व्यवस्थित करने के साथ Gemini की शैक्षणिक सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा Google ने Study Notebook नाम का नया फीचर भी पेश किया है। यह छात्रों को व्यक्तिगत अध्ययन सहायता देने के लिए डिजाइन किया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Diagnostic Quiz से पता चलेगी पढ़ाई में कमजोरी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">Study Notebook सिस्टम डायग्नोस्टिक क्विज के जरिए विद्यार्थियों की विषयगत समझ का आकलन करेगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि छात्र किन विषयों या अवधारणाओं में मजबूत हैं और किन क्षेत्रों में उन्हें अधिक तैयारी की जरूरत है। इसके आधार पर छात्रों की जरूरत और लक्ष्य के मुताबिक छोटे-छोटे अध्ययन कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Gemini Live से चलते-फिरते कर सकेंगे रिसर्च</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">Google ने Gemini Live को भी बेहतर बनाने की जानकारी दी है। अब विद्यार्थी आवाज के जरिए चलते-फिरते डीप रिसर्च रिपोर्ट मंगा सकेंगे और उनके बारे में बातचीत कर सकेंगे। इससे जटिल विषयों को समझने और शोध से जुड़ी जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Google Search और Lens में भी नए फीचर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">Google Search में जोड़ी गई नई सुविधाओं की मदद से छात्र कठिन अवधारणाओं को समझने के लिए इंटरैक्टिव विजुअल सामग्री तैयार कर सकेंगे। इसके साथ ही अलग-अलग विषयों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े प्रैक्टिस क्विज भी हल किए जा सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, Google Lens के जरिए विद्यार्थियों को किसी विषय या सवाल को चरणबद्ध तरीके से समझने में मदद मिलेगी। छात्र अपने शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स को व्यवस्थित करने के लिए नोटबुक बना सकेंगे और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए अनुकूलित फाइलें भी तैयार कर पाएंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>31 दिसंबर 2026 तक मिलेगा ऑफर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">Google का कहना है कि Search, Gemini और YouTube पर उपलब्ध शैक्षणिक टूल्स को सुरक्षा को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इनका डिजाइन शिक्षण विज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित है और उद्देश्य छात्रों के व्यक्तिगत सीखने के अनुभव को बेहतर बनाना है, जबकि शिक्षकों की भूमिका को केंद्र में रखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी के अनुसार, यह छात्र ऑफर उन 140 से अधिक देशों और बाजारों में उपलब्ध है, जहां Google AI Plus सेवा संचालित होती है। भारत में पात्र विद्यार्थी 31 दिसंबर 2026 तक इस मुफ्त ऑफर का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया और अन्य लागू शर्तों को पूरा करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591683/new-sim-rules-now-the-government-has-fixed-the-new"><span class="t-red">New SIM Rules: </span>एक व्यक्ति के नाम पर अब कितने SIM? सरकार ने तय की नई लिमिट, जानें पूरा नियम</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:45:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Shravasti News: बच्चों ने ली शपथ- नदी, तालाब और पोखर के पास अकेले नहीं जाएंगे, स्कूलों में चला जागरूकता अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के कारण जलस्रोतों में बढ़े जलस्तर और डूबने की घटनाओं को देखते हुए डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने जिले के सभी बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में जागरूकता सप्ताह मनाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों ने प्रार्थना सभा में बच्चों को डूबने से बचाव के उपाय बताए और सुरक्षा की शपथ दिलाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591686/shravasti-school-drowning-awareness-week-children-river-pond-safety"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/shravasti-news-(1)6.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रावस्ती, अमृत विचार: </strong>जिले मे डूबकर हो रही मृत्यु की घटनाओं व वर्षा के कारण तालाबों पोखरों और नदियों मे बढ़े जलस्तर को देखते हुए डीएम ने सभी स्कूलों में डूबकर हो रही मृत्यु के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए जागरूकता सप्ताह मनाने के निर्देश दिये हैं। इसके तहत जिले के सभी बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों मे प्रार्थना सभा के दौरान शिक्षक बच्चों को डूबकर होने वाली मृत्यु आपदा के प्रति जागरूक कर रहे हैं और बच्चों को बचाव आधारित शपथ भी दिला रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/shravasti-news-(2)3.png" alt="Shravasti News (2)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया कि जिले मे जल राशियों जैसे नदी, तालाब, पोखर में डूबकर सबसे ज्यादा मृत्यु होती है। वहीं मृतकों मे सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की होती है। बच्चों की कम हाइट, वजन और अनुभवहीनता के चलते वह इस आपदा का सबसे जल्दी शिकार हो जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/shrawasti-.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">इसलिए जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी विद्यालयों मे बच्चों को इस जानलेवा आबादी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही बच्चों को शपथ भी दिलायी जा रही है जिससे बच्चे मनोवैज्ञानिक रूप से इस आपदा से लड़ने के लिए तैयार हो सके हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/shravasti-news-(3)3.png" alt="Shravasti News (3)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जिला आपदा विशेषज्ञ आरुण कुमार मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों मे जागरूकता सप्ताह मनाने के निर्देश दिये हैं। इससे जिले के सभी पढने वाले बच्चे इस आपदा के प्रति जागरूक होंगे। बच्चों को यह भी सिखाया जा रहा है कि अगर किसी डूब रहे व्यक्ति या बच्चे पर उनकी निगाह पड़े तो स्वयं बचाने का प्रयास न कर किसी बड़े को मदद के लिए पुकारें । इस प्रकार वह प्रथम प्रतिक्रिया दाता की भी भूमिका निभा सकेंगे। स्कूलों के बाद बाढ़ प्रभावित गांवों मे भी जागरूकता कार्यक्रम कर पूरे जिले को जागरूक करने का प्रयास किया जायेगा। डूबकर होने वाली मृत्यु लगभग पूरी तरह मानवीय लापरवाही है अगर आम जन सहयोग करें तो इस आपदा से मृत्यु को शून्य करने के मिशन मे सफलता मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/shrawasti-.mp4" controls=""></video><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/shravasti-news10.png" alt="Shravasti News" width="1280" height="720"></img>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/591670/iit-kanpur-rakesh-gangwal-300-crore-matching-grant-medical-school"><span class="t-red">IIT Kanpur:</span> राकेश गंगवाल ने फिर खोला खजाना, मेडिकल स्कूल के लिए देंगे 300 करोड़ की मैचिंग ग्रांट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>श्रावस्ती</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 13:40:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jaunpur News: जौनपुर में पांच स्कूल जमीन पर नहीं, फिर भी यू-डायस पोर्टल पर संचालित! संजय सिंह ने दिया 1 लाख इनाम का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने जौनपुर के पांच सरकारी विद्यालयों के जमीन पर मौजूद नहीं होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि ये स्कूल UDISE+ पोर्टल पर संचालित दिख रहे हैं। संजय सिंह ने इनमें से किसी एक विद्यालय को खोजकर दिखाने वाले को अपनी तनख्वाह से ₹1 लाख देने की घोषणा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591672/jaunpur-five-government-schools-missing-udise-sanjay-singh-claim"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/aap-mp-sanjay-singh.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जौनपुर में पांच ऐसे विद्यालयों के संचालित होने का दावा किया, जिनका जमीन पर कोई अस्तित्व नहीं है, लेकिन यू-डायस पोर्टल पर वे संचालित दिख रहे हैं। उन्होंने इन पांच में से किसी एक विद्यालय को खोजकर दिखाने वाले को अपनी तनख्वाह से एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की।</p>
<p style="text-align:justify;">संजय सिंह के मुताबिक, इनमें प्राथमिक विद्यालय ढालगर टोला, प्राथमिक विद्यालय मिसिरपुर कन्या, कंपोजिट विद्यालय गदन अर्जनी, प्राथमिक विद्यालय उर्दू बाजार और प्राथमिक विद्यालय बाग हासिम शामिल हैं। उन्होंने नगर शिक्षा अधिकारी की चिट्ठी दिखाते हुए दावा किया कि इन विद्यालयों की इमारतों का पता नहीं है और जमीन पर कब्जा हो चुका है। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर स्कूल संचालित हैं, लेकिन मौके पर न शिक्षक हैं, न बच्चे और न भवन।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>स्कूलों की बदहाली का आरोप</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">संजय सिंह ने ‘‘स्कूल ठीक करो’’ अभियान के तहत प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, बरेली, बदायूं, बिजनौर, आगरा, फिरोजाबाद और हाथरस के सरकारी स्कूलों की बदहाली का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में भवन और शौचालय जर्जर हैं, जबकि शिक्षकों की भी भारी कमी है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 90 हजार से अधिक सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। साथ ही जनता से बदहाल स्कूलों के वीडियो 8382928009 पर व्हाट्सऐप करने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591665/cm-yogi-janta-darshan-punam-devi-cow-illegal-land-encroachment"><span class="t-red">जनता दर्शन में सीएम योगी का बड़ा फैसला:</span> सीतापुर की महिला को मिलेगी निराश्रित गाय, दिव्यांग की जमीन से हटेगा अवैध कब्जा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>जौनपुर</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591672/jaunpur-five-government-schools-missing-udise-sanjay-singh-claim</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 12:32:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IIT Kanpur: राकेश गंगवाल ने फिर खोला खजाना, मेडिकल स्कूल के लिए देंगे 300 करोड़ की मैचिंग ग्रांट</title>
                                    <description><![CDATA[इंडिगो के सह-संस्थापक और IIT कानपुर के विशिष्ट पूर्व छात्र राकेश गंगवाल ने गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के विकास के लिए अतिरिक्त ₹300 करोड़ देने की घोषणा की है। 2022 में दिए गए ₹100 करोड़ को मिलाकर उनका कुल योगदान ₹400 करोड़ हो जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591670/iit-kanpur-rakesh-gangwal-300-crore-matching-grant-medical-school"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/iit-kanpur-medical-school.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>कानपुर:</strong> भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी को बड़ा आर्थिक सहयोग मिलने जा रहा है। संस्थान के विशिष्ट पूर्व छात्र और इंडिगो के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल ने स्कूल के विकास के लिए अतिरिक्त ₹300 करोड़ देने की घोषणा की है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राकेश गंगवाल इससे पहले 2022 में IIT कानपुर को ₹100 करोड़ का योगदान दे चुके हैं। उस सहयोग से संस्थान में मेडिकल स्कूल स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिली थी। नए योगदान के बाद गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के लिए राकेश गंगवाल का कुल योगदान ₹400 करोड़ हो जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>क्या है 300 करोड़ की मैचिंग ग्रांट?</strong></span></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई घोषणा के तहत राकेश गंगवाल स्कूल के विकास के लिए दूसरे सहयोगियों से मिलने वाले योगदान के बराबर राशि अधिकतम ₹300 करोड़ तक देंगे। इस पहल का उद्देश्य IIT कानपुर के मेडिकल शिक्षा, शोध, क्लिनिकल इनोवेशन और मेडटेक के क्षेत्र में विस्तार के लिए अन्य पूर्व छात्रों, समाजसेवियों और शुभचिंतकों को भी सहयोग के लिए प्रेरित करना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यानी स्कूल के लिए अन्य सहयोगियों से जितना पात्र योगदान प्राप्त होगा, उसके अनुरूप राकेश गंगवाल भी उतनी राशि देंगे, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 करोड़ तय की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">500 बेड का सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की योजना</span></strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गंगवाल स्कूल की विकास योजना में IIT कानपुर परिसर में 500 बेड वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना शामिल है। इसके अलावा 200 बेड वाले प्रस्तावित कैंसर केयर एवं रिसर्च सेंटर की योजना भी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इन स्वास्थ्य सुविधाओं का लक्ष्य मेडिकल शिक्षा, क्लिनिकल रिसर्च और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना है। इसके साथ डॉक्टरों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साथ लाकर भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए नए समाधान विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस को साथ लाने पर जोर</strong></span></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी का उद्देश्य मेडिकल साइंस को IIT कानपुर की इंजीनियरिंग, विज्ञान और तकनीक से जुड़ी विशेषज्ञता के साथ जोड़ना है। स्कूल उन्नत शैक्षणिक कार्यक्रमों, बहुविषयक शोध, फ्यूचरिस्टिक मेडिसिन और मेडटेक इनोवेशन पर केंद्रित रहेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">IIT कानपुर ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और इंजीनियरिंग-टेक्नोलॉजी के साथ चिकित्सा क्षेत्र में शोध एवं नवाचार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 2021 में मेडिकल स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">निदेशक मणीन्द्र अग्रवाल ने जताया आभार</span></strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने राकेश गंगवाल के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि 2022 में मिले ₹100 करोड़ के सहयोग से मेडिकल स्कूल की दिशा में शुरुआत करने में मदद मिली थी। अब अतिरिक्त ₹300 करोड़ के सहयोग से संस्थान का यह लक्ष्य और तेजी से आगे बढ़ सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने इस सहयोग को IIT कानपुर के प्रति राकेश गंगवाल के विश्वास और प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">डीन प्रो. अनिल के. लालवानी ने बताया ऐतिहासिक योगदान</span></strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाल ही में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के डीन नियुक्त हुए प्रो. अनिल के. लालवानी ने राकेश गंगवाल के योगदान को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह इस बात का उदाहरण है कि एक व्यक्ति भी बड़े बदलाव की शुरुआत कर सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनके मुताबिक चिकित्सा, तकनीक और नवाचार को समाज की सेवा के लिए एक साथ लाने का स्कूल का विजन IIT कानपुर से आगे तक प्रभाव डाल सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">राकेश गंगवाल बोले- संस्था का हिस्सा बनना गर्व की बात</span></strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">IIT कानपुर के विशिष्ट पूर्व छात्र राकेश गंगवाल ने कहा कि इस अभिनव और अपनी तरह की पहली मेडिकल संस्था का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान और गर्व की बात है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गंगवाल स्कूल की परिकल्पना चिकित्सा विज्ञान को इंजीनियरिंग, विज्ञान और तकनीक के साथ जोड़कर भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों के लिए नए समाधान विकसित करने की है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>IIT कानपुर: 1959 में हुई थी स्थापना</strong></span></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">IIT कानपुर की स्थापना 1959 में हुई थी और इसे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है। संस्थान विज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा के साथ अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">IIT कानपुर का परिसर 1,050 एकड़ में फैला है। संस्थान में 21 विभाग, तीन अंतर्विषयी कार्यक्रम, 27 केंद्र और तीन विशेष स्कूल हैं। यहां 590 से अधिक पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्र हैं। इंजीनियरिंग, विज्ञान, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन समेत विभिन्न क्षेत्रों में संस्थान शैक्षणिक और शोध गतिविधियां संचालित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591654/up-ias-transfer-2026-17-officers-transferred-aligarh-moradabad-commissioner"><span class="t-red">यूपी में 17 IAS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल,</span> अलीगढ़-मुरादाबाद मंडलायुक्त बदले; कई विभागों में नई जिम्मेदारियां</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 12:25:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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                <title>करंट अफेयर्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">    हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर चिड़ियाघर में भारत के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का शुभारंभ किया गया। चिड़ियाघर में 14-डी सिनेमा थिएटर और वर्चुअल जंगल सफारी का भी उद्घाटन किया गया। इस परियोजना को लगभग ₹4.5 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया गया है। 14-डी सिनेमा दर्शकों को अधिक उन्नत एवं गहन फिल्म देखने का अनुभव प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">    हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने 19 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को कैंसर को ‘अधिसूचित बीमारी’ घोषित करने का निर्देश दिया, ताकि शीघ्र पहचान, रोग निगरानी में सुधार तथा रोगियों की उचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591381/current-affairs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/current-affairs.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">    हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर चिड़ियाघर में भारत के पहले वर्चुअल चिड़ियाघर का शुभारंभ किया गया। चिड़ियाघर में 14-डी सिनेमा थिएटर और वर्चुअल जंगल सफारी का भी उद्घाटन किया गया। इस परियोजना को लगभग ₹4.5 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया गया है। 14-डी सिनेमा दर्शकों को अधिक उन्नत एवं गहन फिल्म देखने का अनुभव प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">    हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने 19 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को कैंसर को ‘अधिसूचित बीमारी’ घोषित करने का निर्देश दिया, ताकि शीघ्र पहचान, रोग निगरानी में सुधार तथा रोगियों की उचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके। केंद्र सरकार ने न्यायालय को बताया कि स्वास्थ्य राज्य सूची का विषय है और यह भी बताया कि 17 राज्यों ने पहले ही कैंसर को अधिसूचित बीमारी घोषित कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">    हाल ही में भारत ने मंगोलिया के उलानबटार में मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCCD) के पक्षकारों के सम्मेलन के 17 वें सत्र (COP-17) में भारत की घासभूमियों एवं अन्य खुले प्राकृतिक पारितंत्रों (ONEs) पर पहली मार्गदर्शिका जारी की। यह मार्गदर्शिका भारत की घासभूमियों, सवाना, मरुस्थलों तथा अन्य खुले प्राकृतिक पारितंत्रों का पहला व्यापक अवलोकन प्रस्तुत करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">    हाल ही में भारतीय थल सेना की एक टुकड़ी भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’ में भाग लेने के लिए थाईलैंड रवाना गई हुई है। यह भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ का 15 वां संस्करण है। इसका आयोजन 18 से 31 अगस्त, 2026 तक थाईलैंड में हो रहा है। अभ्यास का उद्देश्य भारत एवं थाईलैंड के बीच सैन्य सहयोग एवं अंतर-संचालनीयता को मजबूत करना है। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">    हाल ही में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में चयनित 15 पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार, 2026 प्रदान किए। पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्र निर्माण एवं लोक प्रशासन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उनके योगदान में पासपोर्ट सेवा केंद्र, प्रशासनिक प्रौद्योगिकी को अपनाना, नियमों में सुधार तथा लेखांकन सुधार शामिल रहे। अनुभव प्लेटफॉर्म से सेवानिवृत्त एवं सेवानिवृत्त होने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारी अपने अनुभव एवं सुझाव साझा कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों एवं केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के कर्मचारियों को भी शामिल करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> हाल ही में केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने आरटीआई अपीलों एवं शिकायतों की डिजिटल प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए अपने उन्नत अपील एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली (AppCoMS 2.0) पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने तथा उनकी शुरुआत से अंत तक डिजिटल प्रक्रिया की सुविधा प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 09:00:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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