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                <title>एजुकेशन - Amrit Vichar</title>
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                <description>एजुकेशन RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ऑनलाइन हाजिरी में फिसड्डी जिलों में अयोध्या भी शामिलः महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने दिए कड़े निर्देश, नहीं सुधार तो बीएसए पर कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अयोध्या, </span>अमृत विचार :</strong> परिषदीय विद्यालयों में ऑन लाइन हाजिरी को लेकर शासन की ओर से की गई समीक्षा में प्रदेश के 20 फिसड्डी जिलों में अयोध्या का नाम भी दर्ज हो गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने गुरुवार को गहरा आक्रोश जताते हुए सुधार के लिए चेतावनी दी है। यदि अगले माह सुधार नहीं हुआ तो बेसिक शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">महानिदेशक ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति प्रतिदिन डिजिटल पंजिका के माध्यम से प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। इसके बावजूद लापरवाही हो रही है। सभी बीएसए को खंड</span></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580503/ayodhya-is-among-the-districts-lagging-behind-in-online-attendance--director-general-of-school-education-issued-strict-instructions--action-against-bsa-if-no-improvement-is-required"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(6).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अयोध्या, </span>अमृत विचार :</strong> परिषदीय विद्यालयों में ऑन लाइन हाजिरी को लेकर शासन की ओर से की गई समीक्षा में प्रदेश के 20 फिसड्डी जिलों में अयोध्या का नाम भी दर्ज हो गया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने गुरुवार को गहरा आक्रोश जताते हुए सुधार के लिए चेतावनी दी है। यदि अगले माह सुधार नहीं हुआ तो बेसिक शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">महानिदेशक ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति प्रतिदिन डिजिटल पंजिका के माध्यम से प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। इसके बावजूद लापरवाही हो रही है। सभी बीएसए को खंड शिक्षा अधिकारियों को बैठक कर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी लालचंद ने बताया कि निर्देश मिला है खंड शिक्षा अधिकारियों को कहा गया है। सभी प्रधानाध्यापकों को अलग से नोटिस जारी की जा रही है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:21:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जॉब अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<h4 style="text-align:left;">भारतीय रिजर्व बैंक सेवा बोर्ड</h4>
<p style="text-align:left;">    पद का नाम-ग्रेड ‘B’ (DR) में अधिकारी (परिवीक्षा पर) – सामान्य / DEPR / DSIM कैडर<br />    सेवा-सामान्य कैडर / DEPR कैडर / DSIM कैडर<br />    कुल रिक्तियां-60 (PwBD पदों सहित)<br />    वेतनमान    -शुरुआती मूल वेतन ₹78,450/- प्रति माह, ₹78450-4050(9)-114900-EB-4050(2)-123000-4650(4)-141600 (16 वर्ष) के वेतनमान में,  सकल परिलब्धियां लगभग ₹1,54,936/- प्रति माह (HRA के बिना)<br />    वेबसाइट -<a href="https://www.rbi.org.in">www.rbi.org.in </a></p>
<h4 style="text-align:left;">LIC Housing Finance Limited</h4>
<p style="text-align:left;">    पद का नाम-जूनियर असिस्टेंट<br />    कुल रिक्तियां-180 पद<br />    रोजगार का प्रकार-नियमित / स्थायी<br />राष्ट्रीयता    भारतीय<br />    आवेदन की अंतिम तिथि-30 अप्रैल 2026<br />    वेबसाइट-www.lichousing.com</p>
<h4 style="text-align:left;">यूनियन बैंक ऑफ इंडिया</h4>
<p style="text-align:left;">    पद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580432/job-alert"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(25)8.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:left;">भारतीय रिजर्व बैंक सेवा बोर्ड</h4>
<p style="text-align:left;">    पद का नाम-ग्रेड ‘B’ (DR) में अधिकारी (परिवीक्षा पर) – सामान्य / DEPR / DSIM कैडर<br />    सेवा-सामान्य कैडर / DEPR कैडर / DSIM कैडर<br />    कुल रिक्तियां-60 (PwBD पदों सहित)<br />    वेतनमान    -शुरुआती मूल वेतन ₹78,450/- प्रति माह, ₹78450-4050(9)-114900-EB-4050(2)-123000-4650(4)-141600 (16 वर्ष) के वेतनमान में,  सकल परिलब्धियां लगभग ₹1,54,936/- प्रति माह (HRA के बिना)<br />    वेबसाइट -<a href="https://www.rbi.org.in">www.rbi.org.in </a></p>
<h4 style="text-align:left;">LIC Housing Finance Limited</h4>
<p style="text-align:left;">    पद का नाम-जूनियर असिस्टेंट<br />    कुल रिक्तियां-180 पद<br />    रोजगार का प्रकार-नियमित / स्थायी<br />राष्ट्रीयता    भारतीय<br />    आवेदन की अंतिम तिथि-30 अप्रैल 2026<br />    वेबसाइट-www.lichousing.com</p>
<h4 style="text-align:left;">यूनियन बैंक ऑफ इंडिया</h4>
<p style="text-align:left;">    पद का नाम- अपरेंटिस (अपरेंटिस अधिनियम, 1961 के तहत नियुक्ति) विभाग मानव संसाधन वर्टिकल, जनशक्ति नियोजन और भर्ती प्रभाग<br />    कुल पद-1865 (जिसमें 98 PWD शामिल हैं)<br />वजीफा    Rs. 15,000/- (ग्रामीण/अर्ध-शहरी) | Rs. 18,000/- (शहरी) | Rs. 20,000/- (मेट्रो) प्रति माह<br />    प्रशिक्षण की अवधि-अनुबंध की तारीख से एक वर्ष<br />    आवेदन का तरीका- केवल ऑनलाइन (BFSI SSC पोर्टल के माध्यम से)<br />    चयन का तरीका- ऑनलाइन परीक्षा (100 अंक, 60 मिनट) + स्थानीय भाषा की प्रवीणता परीक्षा<br />    वेबसाइट- <a href="https://www.unionbankofindia.co.in">www.unionbankofindia.co.in</a></p>
<h4 style="text-align:left;">PGIMER चंडीगढ़</h4>
<p style="text-align:left;">    पद-सीनियर रेजिडेंट, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, सीनियर/जूनियर डेमोंस्ट्रेटर<br />    कुल पद-134 पद (PGIMER में 119 + संगरूर में 15)<br />    आवेदन करने की अंतिम तारीख-11 मई 2026<br />    CBT की तारीख-22 मई 2026<br />    वेबसाइट-<a href="https://www.pgimer.edu.in">www.pgimer.edu.in</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 15:40:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्रिएटिव युवाओं के लिए सुनहरा भविष्य फैशन स्टाइलिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आज के दौर में फैशन केवल कपड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक तेजी से बढ़ती हुई क्रिएटिव इंडस्ट्री बन चुका है, जहां स्टाइल, पर्सनॉलिटी और प्रेजेंटेशन का खास महत्व है। सोशल मीडिया, फिल्म इंडस्ट्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव ने फैशन स्टाइलिंग को एक ग्लैमरस और डिमांडिंग करियर बना दिया है। अगर आपको नए-नए लुक्स एक्सपेरिमेंट करना, ट्रेंड्स को समझना और लोगों की पर्सनैलिटी को बेहतर बनाना पसंद है, तो फैशन स्टाइलिंग कोर्स आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है।– प्रियंका शुक्ला, फैशन एक्सपर्ट</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है फैशन स्टाइलिंग</h4>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/untitled-design-(20)8.jpg" alt="Untitled design (20)" width="1200" height="720" /></p>
<p style="text-align:justify;">फैशन स्टाइलिंग एक ऐसी कला है, जिसमें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580419/fashion-styling-holds-a-bright-future-for-creative-youth"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(19)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज के दौर में फैशन केवल कपड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक तेजी से बढ़ती हुई क्रिएटिव इंडस्ट्री बन चुका है, जहां स्टाइल, पर्सनॉलिटी और प्रेजेंटेशन का खास महत्व है। सोशल मीडिया, फिल्म इंडस्ट्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव ने फैशन स्टाइलिंग को एक ग्लैमरस और डिमांडिंग करियर बना दिया है। अगर आपको नए-नए लुक्स एक्सपेरिमेंट करना, ट्रेंड्स को समझना और लोगों की पर्सनैलिटी को बेहतर बनाना पसंद है, तो फैशन स्टाइलिंग कोर्स आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है।– प्रियंका शुक्ला, फैशन एक्सपर्ट</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है फैशन स्टाइलिंग</h4>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/untitled-design-(20)8.jpg" alt="Untitled design (20)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">फैशन स्टाइलिंग एक ऐसी कला है, जिसमें किसी व्यक्ति, मॉडल, सेलिब्रिटी या ब्रांड के लिए परफेक्ट लुक तैयार किया जाता है। इसमें कपड़ों के साथ-साथ एक्सेसरीज, फुटवियर, हेयरस्टाइल और मेकअप का सही संयोजन शामिल होता है। एक स्टाइलिस्ट को यह समझना होता है कि किसी खास मौके, थीम या इवेंट के अनुसार कौन-सा लुक सबसे बेहतर रहेगा। आज के समय में फैशन स्टाइलिंग का उपयोग फिल्मों, टीवी शो, वेब सीरीज, फोटोशूट, फैशन शो और सोशल मीडिया कंटेंट में बड़े स्तर पर किया जाता है। यही कारण है कि इस फील्ड में प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्या-क्या सिखाया जाता है कोर्स में फैशन स्टाइलिंग कोर्स सिर्फ कपड़े चुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यक्ति की पूरी पर्सनैलिटी को निखारने पर आधारित होता है। इस कोर्स में आपको कई महत्वपूर्ण स्किल्स सिखाई जाती हैं, जैसे-</p>
<p style="text-align:left;">-    लेटेस्ट फैशन ट्रेंड्स और फोरकास्टिंग की समझ<br />-    कलर थ्योरी और सही कलर कॉम्बिनेशन<br />-    बॉडी टाइप और स्किन टोन के अनुसार स्टाइलिंग<br />-    फोटोशूट, एड शूट और रैंप के लिए स्टाइलिंग टेक्निक्स<br />-    एक्सेसरीज और लेयरिंग का सही उपयोग<br />-    बेसिक मेकअप और हेयर स्टाइलिंग<br />-    वार्डरोब मैनेजमेंट और ब्रांड स्टाइलिंग</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, कई इंस्टीट्यूट्स में इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप और लाइव प्रोजेक्ट्स भी करवाए जाते हैं, जिससे छात्रों को रियल वर्ल्ड का अनुभव मिलता है। भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT), पर्ल एकेडमी और अन्य फैशन स्कूल्स इस कोर्स को प्रोफेशनल तरीके से सिखाते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">करियर ऑप्शन </h4>
<p style="text-align:justify;">फैशन स्टाइलिंग कोर्स करने के बाद आपके सामने करियर के कई रास्ते खुल जाते हैं। आप अपनी रुचि और स्किल्स के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर सकते हैं-</p>
<p style="text-align:justify;">-    पर्सनल स्टाइलिस्ट (सेलिब्रिटी या क्लाइंट के लिए)<br />-    फैशन कंसल्टेंट<br />-    फोटोशूट या एड फिल्म स्टाइलिस्ट<br />-    टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में कॉस्ट्यूम स्टाइलिस्ट<br />-    ई-कॉमर्स या ब्रांड्स के लिए स्टाइलिंग एक्सपर्ट<br />-    फैशन ब्लॉगर, कंटेंट क्रिएटर या इन्फ्लुएंसर</p>
<p style="text-align:justify;">आज इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स ने भी इस फील्ड में नए अवसर पैदा किए हैं, जहां आप अपनी पहचान खुद बना सकते हैं।<br />जरूरी स्किल्स</p>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ कोर्स करना ही काफी नहीं होता, बल्कि इस इंडस्ट्री में सफल होने के लिए कुछ जरूरी स्किल्स भी चाहिए-</p>
<p style="text-align:left;">-    क्रिएटिविटी और यूनिक सोच<br />-    ट्रेंड्स को समझने और अपनाने की क्षमता<br />-    कम्युनिकेशन और नेटवर्किंग स्किल्स<br />-    टाइम मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट हैंडलिंग<br />-    डिटेल्स पर ध्यान देने की आदत</p>
<h4 style="text-align:justify;">सैलरी  </h4>
<p style="text-align:justify;">फैशन स्टाइलिंग में शुरुआती सैलरी आमतौर पर 15,000 से 30,000 रुपये प्रति माह तक हो सकती है। जैसे-जैसे आपका अनुभव और पोर्टफोलियो मजबूत होता जाता है, आपकी कमाई भी तेजी से बढ़ती है। कुछ अनुभवी स्टाइलिस्ट्स लाखों रुपये तक कमा लेते हैं। फ्रीलांसिंग इस फील्ड का सबसे आकर्षक हिस्सा है, जहां आप एक प्रोजेक्ट के लिए हजारों से लेकर लाखों रुपये तक चार्ज कर सकते हैं। खासकर जब आप बड़े ब्रांड्स, इन्फ्लुएंसर्स या सेलिब्रिटीज के साथ काम करते हैं, तो आपकी कमाई कई गुना बढ़ सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">फैशन स्टाइलिंग एक ऐसा करियर है, जो न सिर्फ क्रिएटिव संतुष्टि देता है, बल्कि आपको ग्लैमर और पहचान भी दिलाता है। अगर आपके अंदर फैशन के प्रति जुनून, नई चीजें सीखने की इच्छा और लोगों को स्टाइलिश बनाने का टैलेंट है, तो यह फील्ड आपके लिए बेहतरीन अवसरों से भरा हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 15:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में बच्चों को बेहतर सुविधा देने में जुटी योगी सरकार,  स्कूलों में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘अलंकार’  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>प्रदेश सरकार स्कूलों में बच्चों को बेहतर और सुविधायुक्त माहौल देने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। इस क्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्कूलों में कमियां चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं का अभाव स्वीकार्य नहीं होगा। ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत शेष कमियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और गैप एनालिसिस के जरिए हर स्कूल की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580289/yogi-government-committed-to-providing-better-facilities-for-children-in-up--%E2%80%98operation-kayakalp%E2%80%99-and-%E2%80%98alankar%E2%80%99-underway-in-schools"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(7)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>प्रदेश सरकार स्कूलों में बच्चों को बेहतर और सुविधायुक्त माहौल देने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। इस क्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्कूलों में कमियां चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं का अभाव स्वीकार्य नहीं होगा। ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत शेष कमियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और गैप एनालिसिस के जरिए हर स्कूल की जरूरतों का आकलन किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के माध्यम से अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। संसाधनों की कमी होने पर सीएसआर और अन्य विभागों के सहयोग से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही सभी स्कूलों को विद्यांजलि पोर्टल से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरतों को ऑनलाइन दर्ज कर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/580288/outrage-among-smart-prepaid-meter-consumers-in-lucknow--power-cuts-and-billing-issues-escalate-hardships--consumer-council-demands-answers"><span class="t-red">लखनऊ में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं में उबाल: </span>बिजली कटौती और बिलों से बढ़ी परेशानी, उपभोक्ता परिषद ने मांगे जवाब</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580289/yogi-government-committed-to-providing-better-facilities-for-children-in-up--%E2%80%98operation-kayakalp%E2%80%99-and-%E2%80%98alankar%E2%80%99-underway-in-schools</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 11:35:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लविवि :  परास्नातक के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ, समर्थ पोर्टल के माध्यम से होगा प्रवेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय में परास्नातक प्रवेश 2026-27 पाठ्यक्रमों और परास्नातक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ हो गया है आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्वविद्यालय की केंद्रीय प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत समर्थ पोर्टल के माध्यम से सत्र 2026 - 27 के पंजीकरण लर्न व परास्नातक पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन प्रवेश आवेदन फार्म का प्रारम्भ 27 अप्रैल को कर दिया गया है। विश्वविद्यालय व सम्बद्ध, सहयुक्त महाविद्यालयों में जिन विद्यार्थियों को किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना है वे अपना पंजीकरण करा लें। </p>
<p style="text-align:justify;">पंजीकरण शुल्क</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580204/lu--online-applications-for-postgraduate-programs-begin--admissions-to-be-conducted-via-the-samarth-portal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(25)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>लखनऊ विश्वविद्यालय में परास्नातक प्रवेश 2026-27 पाठ्यक्रमों और परास्नातक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ हो गया है आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्वविद्यालय की केंद्रीय प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत समर्थ पोर्टल के माध्यम से सत्र 2026 - 27 के पंजीकरण लर्न व परास्नातक पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन प्रवेश आवेदन फार्म का प्रारम्भ 27 अप्रैल को कर दिया गया है। विश्वविद्यालय व सम्बद्ध, सहयुक्त महाविद्यालयों में जिन विद्यार्थियों को किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना है वे अपना पंजीकरण करा लें। </p>
<p style="text-align:justify;">पंजीकरण शुल्क पूर्व की भांति रुपये 100 रुपए है जो बाद में प्रवेश शुल्क में समायोजित किया जाएगा। लखनऊ विश्विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/lkouniv.ac.in">lkouniv.ac.in</a> पर जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">वेबसाइट के पॉप अप अथवा एडमिशन पेज के दिए हुए लिंक लर्न पर क्लिक करें <a href="https://lkounivadm.samarth.edu.in">https://lkounivadm.samarth.edu.in</a> रजिस्ट्रेशन के पेज पर दाहिने अंकित न्यू रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करके अपना लॉगिन आइडी बनाएं। इसके लिए अभ्यर्थी अपना एक वैध ईमेल आइडी पहले से अनिवार्य रूप से बना कर रखें क्योंकि ओटीपी उसी ईमेल पर भेजा जाएगा जिसको दर्ज करके ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/580178/emphasis-on-child-safety-in-up-schools--yogi-government-formulates-plan--schools-to-be-linked-with-healthcare-facilities-and-doctors"><span class="t-red">यूपी में गर्मी से बच्चों को बचाएगी योगी सरकार : </span>स्वास्थ्य सुविधाओं और डॉक्टरों से कनेक्ट होंगे स्कूल</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                            <category>रिजल्ट्स</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580204/lu--online-applications-for-postgraduate-programs-begin--admissions-to-be-conducted-via-the-samarth-portal</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 14:06:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में गर्मी से बच्चों को बचाएगी योगी सरकार : स्वास्थ्य सुविधाओं और डॉक्टरों से कनेक्ट होंगे स्कूल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>आसमान से बरस रही आग के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में हीटवेव से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों को केवल शिक्षा केंद्र ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने मध्याह्न भोजन (एमडीएम) को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ते हुए इसे हीटवेव से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया है। स्कूलों में समयबद्ध गतिविधियां, छायादार स्थान, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश लागू कर दिए गए हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580178/emphasis-on-child-safety-in-up-schools--yogi-government-formulates-plan--schools-to-be-linked-with-healthcare-facilities-and-doctors"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(7)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>आसमान से बरस रही आग के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में हीटवेव से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों को केवल शिक्षा केंद्र ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्वास्थ्य के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने मध्याह्न भोजन (एमडीएम) को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ते हुए इसे हीटवेव से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया है। स्कूलों में समयबद्ध गतिविधियां, छायादार स्थान, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश लागू कर दिए गए हैं। गर्मी के दौरान एमडीएम योजना को केवल भोजन तक सीमित न रखकर बच्चों की सेहत मजबूत करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। पौष्टिक आहार के जरिए बच्चों को हीटवेव के प्रभाव से बचाने की रणनीति अपनाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचते तापमान को देखते हुए सरकार ने पहले से ही डेटा आधारित रणनीति लागू की है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत सभी जिलों में लगातार मॉनिटरिंग और समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भीषण गर्मी के इस दौर में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर स्तर पर तैयारियों को मजबूत किया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">दवाओं की उपलब्धता पर खास ध्यान</h5>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग को ओआरएस, ग्लूकोज, इलेक्ट्रोलाइट्स और प्राथमिक उपचार किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को आयरन की पिंक गोलियां और कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को नीली गोलियां देने की व्यवस्था की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">स्कूलों में लागू किए गए प्रमुख निर्देश</h5>
<p style="text-align:justify;">• दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहरी गतिविधियों पर रोक</p>
<p style="text-align:justify;">• बच्चों के लिए पर्याप्त पानी और छायादार स्थान की व्यवस्था</p>
<p style="text-align:justify;">• हल्के और सूती कपड़े पहनने की सलाह</p>
<p style="text-align:justify;">• धूप में खेलकूद से परहेज</p>
<p style="text-align:justify;">• चक्कर, कमजोरी या उल्टी के लक्षण पर तुरंत चिकित्सीय मदद</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/580177/yogi-government-cracks-down-on-sale-of-old-vehicles--rules-governing-transactions-revised"><span class="t-red">पुराने वाहनों की बिक्री पर सख्त योगी सरकार, </span>खरीद-फरोख्त को लेकर बदले नियम</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580178/emphasis-on-child-safety-in-up-schools--yogi-government-formulates-plan--schools-to-be-linked-with-healthcare-facilities-and-doctors</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/580178/emphasis-on-child-safety-in-up-schools--yogi-government-formulates-plan--schools-to-be-linked-with-healthcare-facilities-and-doctors</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:50:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैंपस का पहला दिन:  अजनबी माहौल से अपनेपन तक का सफर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">कैंपस का पहला दिन सचमुच किसी नई दुनिया में कदम रखने जैसा होता है-उत्साह, डर, जिज्ञासा और अनगिनत आशंकाओं से भरा हुआ। इंटरमीडिएट के बाद जब मैंने डिग्री कॉलेज में प्रवेश लिया, तो मन में कई तरह के विचार उमड़-घुमड़ रहे थे। मैं स्वभाव से थोड़ा शर्मीला और संकोची रहा हूं, इसलिए नए माहौल में खुद को ढालना मेरे लिए आसान नहीं था। पहले दिन जब कॉलेज पहुंचा, तो ऐसा लगा जैसे मेरे कदम मेरा साथ नहीं दे रहे हों। सब कुछ आंखों के सामने होते हुए भी धुंधला-सा लग रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">कैंपस के बारे में पहले से सुनी बातें-यूनियनबाजी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579703/first-day-on-campus--the-journey-from-an-unfamiliar-environment-to-a-sense-of-belonging"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(71).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कैंपस का पहला दिन सचमुच किसी नई दुनिया में कदम रखने जैसा होता है-उत्साह, डर, जिज्ञासा और अनगिनत आशंकाओं से भरा हुआ। इंटरमीडिएट के बाद जब मैंने डिग्री कॉलेज में प्रवेश लिया, तो मन में कई तरह के विचार उमड़-घुमड़ रहे थे। मैं स्वभाव से थोड़ा शर्मीला और संकोची रहा हूं, इसलिए नए माहौल में खुद को ढालना मेरे लिए आसान नहीं था। पहले दिन जब कॉलेज पहुंचा, तो ऐसा लगा जैसे मेरे कदम मेरा साथ नहीं दे रहे हों। सब कुछ आंखों के सामने होते हुए भी धुंधला-सा लग रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">कैंपस के बारे में पहले से सुनी बातें-यूनियनबाजी, गुटबंदी और झगड़े-मन में डर पैदा कर रही थीं। क्लास में जाने का साहस ही नहीं जुटा पा रहा था। तभी मैदान में कुछ सीनियर्स ने रोक लिया और वहीं मेरी ‘क्लास’ लग गई। किसी ने मेरे चश्मे और बालों में तेल देखकर मजाक उड़ाते हुए ‘चम्पू’ कह दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उस क्षण मैं बेहद असहज और छोटा महसूस करने लगा। आत्मसम्मान को ठेस पहुंची और मन भीतर तक आहत हो गया। उस दिन मैं बिना कुछ किए ही घर लौट आया और बिस्तर पर औंधे मुंह लेटकर देर तक रोता रहा। लगा जैसे यह दुनिया मेरे लिए नहीं बनी है। लेकिन अगले ही दिन हालात बदलने लगे। </p>
<p style="text-align:justify;">कुछ पुराने दोस्त घर आए, जिन्होंने उसी कॉलेज में दाखिला लिया था। उनसे खुलकर बात करने पर मन हल्का हुआ और भीतर कहीं हिम्मत जागी। उनके साथ कॉलेज जाना शुरू किया तो सब कुछ धीरे-धीरे आसान लगने लगा। साथ में क्लास करना, लंच शेयर करना और कैंपस में घूमना-इन छोटी-छोटी बातों ने मेरे अंदर आत्मविश्वास भर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">समय के साथ मैंने समझा कि हर नई जगह शुरू में कठिन लगती है, लेकिन धैर्य और सही साथ से सब सरल हो जाता है। कॉलेज की आजादी का अपना अलग ही आनंद है। यहां न सिर्फ पढ़ाई, बल्कि व्यक्तित्व विकास के भी कई अवसर मिलते हैं। मैंने धीरे-धीरे नए लोगों से बातचीत शुरू की, शिक्षकों से जुड़ाव बनाया और गतिविधियों में हिस्सा लेना भी शुरू किया। इससे मेरा आत्मविश्वास और बढ़ा। </p>
<p style="text-align:justify;">आज जब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो एहसास होता है कि वही डरावना पहला दिन मेरे जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ था। अगर दोस्तों का साथ और उनका हौसला न मिलता, तो शायद मैं खुद को कभी इस माहौल में ढाल नहीं पाता। सच तो यह है कि अच्छे दोस्त न सिर्फ मुश्किल समय में सहारा बनते हैं, बल्कि जीवन के सफर को खूबसूरत और यादगार भी बना देते हैं। कॉलेज की यह यात्रा मेरे लिए सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, दोस्ती और जीवन को समझने का एक अनमोल अनुभव बन गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579703/first-day-on-campus--the-journey-from-an-unfamiliar-environment-to-a-sense-of-belonging</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/579703/first-day-on-campus--the-journey-from-an-unfamiliar-environment-to-a-sense-of-belonging</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:00:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असफलता से घबराओ मत! सीएम योगी का विद्यार्थियों को पावरफुल मैसेज – 'चलते रहो, चलते रहो' </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए विद्यार्थियों को पत्र लिखकर प्रेरित किया और कहा कि ''चलते रहो-चलते रहो'' का सूत्र वाक्य हमें निरंतर परिश्रम, प्रगति और जीवन में न रुकने का संदेश देता है। इस पत्र को 'एक्स' पर साझा कर योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, ''उत्तर प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं। इस वर्ष का परीक्षा परिणाम अत्यंत उत्साहजनक है। अनेक विद्यार्थियों ने लगन और कठिन परिश्रम से पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। मेरी ओर से सभी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580069/%22don-t-be-afraid-of-failure--cm-yogi-s-powerful-message-to-students-%E2%80%93--keep-going--keep-going"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(31)9.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए विद्यार्थियों को पत्र लिखकर प्रेरित किया और कहा कि ''चलते रहो-चलते रहो'' का सूत्र वाक्य हमें निरंतर परिश्रम, प्रगति और जीवन में न रुकने का संदेश देता है। इस पत्र को 'एक्स' पर साझा कर योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, ''उत्तर प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं। इस वर्ष का परीक्षा परिणाम अत्यंत उत्साहजनक है। अनेक विद्यार्थियों ने लगन और कठिन परिश्रम से पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। मेरी ओर से सभी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों बधाइयां और आशीर्वाद।'' </p>
<p style="text-align:justify;">पत्र में उन्होंने कहा, ''मेरी यह पाती विशेषकर उन विद्यार्थियों के लिए है, जो किन्हीं कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाए। सफलता और असफलता जीवन के अंग हैं। सफलता हमें उत्साहित करती है, लेकिन असफलता से निराशा घर कर सकती है।'' योगी ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, ''हमें इस निराशा को दूर कर 'चरैवेति-चरैवेति' के मंत्र पर आगे बढ़ना है। 'चलते रहो, चलते रहो' का यह सूत्र वाक्य हमें निरंतर परिश्रम, प्रगति और जीवन में न रुकने का संदेश देता है।'' उन्होंने सजग करते हुए कहा, ''याद रखिए एक असफलता, भविष्य की असीमित सफलताओं और संभावनाओं की जननी हो सकती है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, ''कोई भी परिणाम जीवन का पहला और अंतिम नहीं होता, बल्कि एक नए आरंभ का अवसर होता है। सोना तपकर ही कुंदन बनता है।'' योगी ने उदाहरण देते हुए कहा, ''महान आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन ने बल्ब के आविष्कार के लिए हजारों प्रयोग किए। हर प्रयोग नाकाम रहा, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा। आखिरकार मेहनत रंग लाई और उन्होंने बल्ब का आविष्कार कर पूरी दुनिया को आलोकित किया।'' उन्होंने कहा, ''विश्व के महान गणितज्ञों में से एक श्रीनिवास रामानुजन सहित कई ऐसी विभूतियां हुई हैं, जिन्होंने बाधाओं और असफलताओं से हार नहीं मानी, बल्कि अपने-अपने क्षेत्र में शिखर पर पहुंचे।'' <br />मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी कहा, ''बच्चे देश का भविष्य हैं। यदि वे किसी कारणवश अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाए हैं, तो निराश होने के बजाय उनका हौसला बढ़ाएं। उनकी रुचि किस विषय में है, इसे समझने का प्रयास करें।'' उन्होंने कहा, ''ऐसे अनेक क्षेत्र हैं, जहां करियर निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। इन अवसरों को पहचानने में बच्चों की मदद करें और उनकी प्रतिभा को खिलने दें।'' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 10:09:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोटिस बोर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा कार्यक्रम जारी</span></h5>
<p class="BriefBoxmatter" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ</span>. <span lang="hi" xml:lang="hi">राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने चालू शिक्षा सत्र की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं</span> 5 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई से</span> 5 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून तक आयोजित होंगी। परीक्षा प्रतिदिन तीन पालियों सुबह</span> 8:30-10:30, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं वर्णनात्मक</span> (<span lang="hi" xml:lang="hi">डिस्क्रिप्टिव</span>) <span lang="hi" xml:lang="hi">होंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अन्य स्नातक एवं परास्नातक की सेमेस्टर परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्न पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। परीक्षा का कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।</span></p>
<h5 class="BriefBoxHead" style="text-align:justify;">29 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल से परीक्षाएं</span></h5>
<p class="BriefBoxmatter" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली ने सेमेस्टर परीक्षा हेतु परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं</span> 29 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल से</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579702/notice-board"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(70).jpg" alt=""></a><br /><h5 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षा कार्यक्रम जारी</span></h5>
<p class="BriefBoxmatter" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डॉ</span>. <span lang="hi" xml:lang="hi">राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने चालू शिक्षा सत्र की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं</span> 5 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई से</span> 5 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून तक आयोजित होंगी। परीक्षा प्रतिदिन तीन पालियों सुबह</span> 8:30-10:30, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं वर्णनात्मक</span> (<span lang="hi" xml:lang="hi">डिस्क्रिप्टिव</span>) <span lang="hi" xml:lang="hi">होंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अन्य स्नातक एवं परास्नातक की सेमेस्टर परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्न पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। परीक्षा का कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।</span></p>
<h5 class="BriefBoxHead" style="text-align:justify;">29 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल से परीक्षाएं</span></h5>
<p class="BriefBoxmatter" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली ने सेमेस्टर परीक्षा हेतु परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं</span> 29 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल से</span> 26 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई तक होंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं</span> 29 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल से</span> 13 <span lang="hi" xml:lang="hi">जून तक निर्धारित हैं। द्वितीय सेमेस्टर की डेटशीट बाद में जारी की जाएगी। </span></p>
<p class="BriefBoxmatter" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं दोपहर</span> 3 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे से शाम</span> 5 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे तक एक निश्चित समय स्लॉट में होंगी।</span> 29 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल को शुरुआती दिन ही संगीत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोरियोग्राफी और पर्शियन जैसे कौशल</span>-<span lang="hi" xml:lang="hi">आधारित विषयों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अतिरिक्त</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बायोटेक्नोलॉजी और पर्यावरण विज्ञान जैसे व्यावसायिक विषयों को भी पहले चरण में शामिल किया गया है। विवि की वेबसाइट से छात्र परीक्षा कार्यक्रम जारी कर सकते हैं।</span><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                            <category>रिजल्ट्स</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 10:00:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Polytechnic Admission 2026: पॉलीटेक्निक में आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रैल, हेल्पलाइन नंबर से प्राप्त करें सारी details</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र. में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)–2026 के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के अनुसार, आवेदन 15 जनवरी से शुरू हो चुके हैं और इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थी प्रथम वर्ष के साथ-साथ द्वितीय वर्ष (लेटरल एंट्री) में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपये प्रति ग्रुप तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580033/polytechnic-admission-2026--last-date-to-apply-for-polytechnic-is-april-30--get-all-the-details-from-the-helpline-number"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(28)9.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र. में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (पॉलीटेक्निक)–2026 के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के अनुसार, आवेदन 15 जनवरी से शुरू हो चुके हैं और इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभ्यर्थी प्रथम वर्ष के साथ-साथ द्वितीय वर्ष (लेटरल एंट्री) में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपये प्रति ग्रुप तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 200 रुपये प्रति ग्रुप निर्धारित किया गया है। एक अभ्यर्थी अधिकतम तीन ग्रुप में आवेदन कर सकता है। अभ्यर्थियों की सहायता के लिए प्रदेशभर के राजकीय, अनुदानित, पीपीपी एवं निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों में हेल्प सेंटर स्थापित किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 0522-2630106, 2630695, 2630667 और 2636589 पर संपर्क कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 16:31:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुबह का गुस्सा बिगाड़ सकता है... बच्चों का आत्मविश्वास</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">सुबह का समय केवल दिन की शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भावनात्मक माहौल की नींव भी होता है। अगर दिन की शुरुआत हड़बड़ी, चिड़चिड़ापन और बच्चों पर ऊंची आवाज में डांट से होती है, तो इसका असर सिर्फ उस पल तक सीमित नहीं रहता- यह बच्चों के आत्मविश्वास, व्यवहार और सीखने की क्षमता तक पहुंचता है। अक्सर हम बच्चों की शरारत को कारण मान लेते हैं, जबकि असल वजह हमारे भीतर का तनाव, अधूरी नींद या दबाव हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी भावनाओं को समझें और सुबह को शांत, संतुलित और सकारात्मक बनाने की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580028/morning-anger-can-ruin----children-s-self-confidence"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(24)10.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">सुबह का समय केवल दिन की शुरुआत नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भावनात्मक माहौल की नींव भी होता है। अगर दिन की शुरुआत हड़बड़ी, चिड़चिड़ापन और बच्चों पर ऊंची आवाज में डांट से होती है, तो इसका असर सिर्फ उस पल तक सीमित नहीं रहता- यह बच्चों के आत्मविश्वास, व्यवहार और सीखने की क्षमता तक पहुंचता है। अक्सर हम बच्चों की शरारत को कारण मान लेते हैं, जबकि असल वजह हमारे भीतर का तनाव, अधूरी नींद या दबाव हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी भावनाओं को समझें और सुबह को शांत, संतुलित और सकारात्मक बनाने की दिशा में छोटे-छोटे बदलाव करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सुबह की चिड़चिड़ाहट  </strong></h3>
<div style="text-align:justify;">अक्सर माता-पिता यह मान लेते हैं कि बच्चे की गलती के कारण ही उन्हें गुस्सा आता है, लेकिन हकीकत इससे अलग होती है। सुबह की भागदौड़, काम का दबाव, समय की कमी और अधूरी नींद मिलकर मन को पहले से ही तनावग्रस्त बना देती हैं। ऐसे में बच्चों की सामान्य शरारत भी बड़ी समस्या लगने लगती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सुबह का गुस्सा दरअसल अंदरूनी तनाव का बाहरी रूप होता है, जिसे हम अनजाने में बच्चों पर उतार देते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बच्चों के मन पर पड़ता है असर</strong></h3>
<div style="text-align:justify;">बच्चे बेहद संवेदनशील होते हैं। सुबह-सुबह डांट या चिल्लाहट उनके मन में असुरक्षा और डर पैदा कर सकती है। वे स्कूल जाते समय उसी भावनात्मक स्थिति को साथ लेकर जाते हैं, जिससे उनका ध्यान पढ़ाई या गतिविधियों में कम लगता है। कई बार बच्चे दिनभर उसी घटना के बारे में सोचते रहते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता और सामाजिक व्यवहार प्रभावित होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/muskan-dixit-(24)10.png" alt="MUSKAN DIXIT (24)" width="1280" height="720"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आत्मविश्वास पर पड़ता है प्रभाव</strong></h3>
<div style="text-align:justify;">बार-बार डांट खाने वाले बच्चे धीरे-धीरे खुद को कमतर समझने लगते हैं। वे अपनी बात रखने से डरते हैं और हर काम में गलती का डर बना रहता है। इससे उनका आत्मविश्वास कमजोर होता है और वे नई चीजें सीखने या कोशिश करने से भी कतराने लगते हैं। लंबे समय में यह उनके व्यक्तित्व विकास को प्रभावित कर सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या कहता है बच्चों का व्यवहार</strong></h3>
<div style="text-align:justify;">बच्चों का सुबह का व्यवहार अक्सर उनकी जरूरतों का संकेत होता है। अगर बच्चा चिड़चिड़ा है, तो हो सकता है उसे नींद पूरी न मिली हो या वह किसी बात से परेशान हो। ऐसे में डांटने के बजाय उसकी बात समझने की कोशिश ज्यादा असरदार होती है। संवाद और धैर्य, अनुशासन से ज्यादा प्रभावी होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>माता-पिता के लिए आत्म-देखभाल जरूरी</strong></h3>
<div style="text-align:justify;">कई बार माता-पिता खुद को पूरी तरह जिम्मेदारियों में झोंक देते हैं और अपनी भावनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मानसिक शांति बनाए रखने के लिए आत्म-देखभाल बेहद जरूरी है। थोड़ा व्यायाम, ध्यान या कुछ समय खुद के लिए निकालना तनाव को कम कर सकता है, जिससे सुबह की शुरुआत भी बेहतर होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सकारात्मक शुरुआत का असर</strong></h3>
<div style="text-align:justify;">अगर दिन की शुरुआत मुस्कान और स्नेह से होती है, तो इसका प्रभाव पूरे दिन के व्यवहार पर पड़ता है। बच्चे ज्यादा आत्मविश्वासी, खुश और सहयोगी बनते हैं। एक सकारात्मक सुबह उन्हें भावनात्मक सुरक्षा देती है, जो उनके सीखने और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ऐसे करें सुबह की शुरुआत</strong></h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">• सुबह को शांत बनाने के आसान उपाय</div>
<div style="text-align:justify;">• रात में ही बच्चों और अपना सामान तैयार कर लें।</div>
<div style="text-align:justify;">• सुबह 10-15 मिनट पहले उठकर खुद के लिए समय निकालें।</div>
<div style="text-align:justify;">• बच्चों से नरम और स्पष्ट भाषा में </div>
<div style="text-align:justify;">बात करें।</div>
<div style="text-align:justify;">• छोटी-छोटी बातों पर प्रतिक्रिया देने से पहले 5 सेकंड रुकें।</div>
<div style="text-align:justify;">• जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्यों से मदद लें।</div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/muskan-dixit-(26)8.png" alt="MUSKAN DIXIT (26)" width="1280" height="720"></img></div>
<div style="text-align:justify;">बच्चों को सुधारने से पहले खुद को समझना ज्यादा जरूरी है। हर सुबह एक नया अवसर है-अपने व्यवहार को बेहतर बनाने का और बच्चों के साथ मजबूत रिश्ता बनाने का। थोड़े से धैर्य, समझ और सही दिनचर्या के साथ आप न सिर्फ अपने बच्चे का विकास बेहतर कर सकती हैं, बल्कि खुद भी एक संतुलित और सुकून भरी जिंदगी जी सकती हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 15:55:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उड़ाओ-उड़ाओ कुछ तो उड़ाओ! आजकल हर कोई उड़ाने में माहिर हो गया है</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आजकल हवा में एक अजीब सी ‘उड़ान’ है। राजनीति से लेकर मोहल्ले की गलियों तक, हर कोई कुछ न कुछ उड़ाने में व्यस्त है। मेरा तो मानना है कि दुनिया में जीवित रहने के लिए ‘उड़ाने’ की कला में माहिर होना बहुत जरूरी है। अगर आप कुछ नहीं उड़ा रहे, तो समझिए आप जीवन की दौड़ में ‘ग्राउंडेड’ हो चुके हैं। उड़ाना ही प्रगति का लक्षण है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक दौर था, जब राजनीति बड़ी शालीन और ‘सॉफ्ट’ थी। हमारे पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी शांति के नाम पर सफेद कबूतर उड़ाते थे। तब देश को लगता था कि उड़ाने का मतलब सिर्फ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580024/fly--fly--fly-something--everyone-s-an-expert-at-flying-these-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(20)9.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आजकल हवा में एक अजीब सी ‘उड़ान’ है। राजनीति से लेकर मोहल्ले की गलियों तक, हर कोई कुछ न कुछ उड़ाने में व्यस्त है। मेरा तो मानना है कि दुनिया में जीवित रहने के लिए ‘उड़ाने’ की कला में माहिर होना बहुत जरूरी है। अगर आप कुछ नहीं उड़ा रहे, तो समझिए आप जीवन की दौड़ में ‘ग्राउंडेड’ हो चुके हैं। उड़ाना ही प्रगति का लक्षण है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक दौर था, जब राजनीति बड़ी शालीन और ‘सॉफ्ट’ थी। हमारे पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी शांति के नाम पर सफेद कबूतर उड़ाते थे। तब देश को लगता था कि उड़ाने का मतलब सिर्फ शांति संदेश भेजना है। पर भाई साहब, अब जमाना ‘अपडेट’ हो गया है। अब अगर आप इतने सक्षम नहीं हैं कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कबूतर उड़ा सकें, तो निराश न हों। अपने घर की मुंडेर पर बैठिए और कौवे ही उड़ाइए। आखिर कौवे उड़ाना भी एक पूर्णकालिक रोजगार है। कम से कम यह अहसास तो रहता है कि आपके हाथ हिलाने से किसी की उड़ान में खलल पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">‘उड़ाने’ की यह कला हमारे मोहल्ले की रग-रग में बसी है। हमारे पड़ोस का ‘पिंटू’ इस कला का असली उस्ताद निकला। वह बरसों से छत पर चढ़कर पतंग उड़ाता था। हम समझते थे कि लड़का हवा का रुख पहचान रहा है, पर वह तो पड़ोस वाली छत का ‘सिग्नल’ नाप रहा था। एक दिन उसकी पतंग क्या कटी, पिंटू ने उस छत से लड़की ही उड़ा दी। इसे कहते हैं- ‘सावधानी हटी, और कन्या उड़ी’। अब पिंटू फरार है और मोहल्ले की शांति उड़ी हुई है।<br />आजकल के युवाओं का जुनून तो देखिए। शादी में जाएंगे तो ऐसे टूटेंगे जैसे बरसों के भूखे हों, देखते ही देखते प्लेटों से रसगुल्ले ऐसे उड़ाते हैं, जैसे कोई जादुई शो चल रहा हो। बाहर निकलते ही अपनी बाइक को हवाई जहाज समझकर उड़ाने लगते हैं। यमराज भी कन्फ्यूज हैं कि इन्हें ‘ओवरस्पीडिंग’ का चालान भेजें या सीधे ऊपर का टिकट। रईसी का आलम यह है कि शादियों में लोग नोट ऐसे उड़ाते हैं, जैसे रिजर्व बैंक उनके ससुर जी का हो। और पानी? पानी तो हम ऐसे उड़ाते हैं जैसे अगले जन्म में हम सब मछली बनकर ही पैदा होने वाले हों।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी अप्रैल का महीना चल रहा है, जिसमें अक्लमंदों की भी ‘बुद्धि’ उड़ जाती है। एक ‘अप्रैल फूल’ बोलकर किसी के भी होश उड़ाना यहां का राष्ट्रीय खेल है। रही-सही कसर होली पूरी कर देती है, जहां हम रंग और गुलाल के साथ-साथ अक्सर अपनी ‘मर्यादा’ भी हवा में उड़ा देते हैं। और अगर आपके पास उड़ाने के लिए नोट या गुलाल नहीं है, तो सबसे सस्ता उपाय है-अफवाह उड़ाना। एक छोटी सी अफवाह उड़ा दीजिए कि “कल से नमक मिलना बंद हो जाएगा,” और फिर पूरे शहर की नींद उड़ते देखिए। उड़ाने में क्या जाता है? बस याद रखिएगा, जब आपकी उड़ाई हुई अफवाह से शहर का माहौल उड़ेगा, तो पुलिस भी ‘उड़ती’ हुई आएगी। फिर वह आपको ऐसे उड़ाएगी कि आपको अपनी ‘लैंडिंग’ का पता भी नहीं चलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दुनिया के मंच पर ट्रंप बाबू को देखिए। वे तो ‘उड़ाने’ के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं। वे रोजाना सुबह उठकर कुछ न कुछ उड़ा देते हैं-कभी कोई समझौता, कभी कोई ट्वीट और कभी-कभी तो अपने विरोधियों के होश। उनकी डिक्शनरी में ‘शांति’ का मतलब अपनी ही धुन में सब कुछ उड़ा देना है। उड़ाने के इस खेल में दलाल पथ कैसे पीछे रह सकता है?</p>
<p style="text-align:justify;">यहां तो उड़ान का सीधा संबंध ट्रंप बाबू के एक ट्वीट या उनके ‘मूड’ से है। ट्रंप बाबू सोशल मीडिया पर अपनी उंगलियां घुमाते हैं और इधर सेंसेक्स रॉकेट बनकर उड़ने लगता है। खुशी में निवेशक अपनी टोपी उड़ाने लगते हैं, लेकिन अगले ही पल, जब ट्रंप बाबू का इरादा बदलता है, तो बाजार ऐसा गोता लगाता है कि शेयर नहीं, सीधे शेयर धारक ही उड़ जाते हैं। बेचारा छोटा निवेशक समझ ही नहीं पाता कि वह ‘बुल’ की सवारी कर रहा है या उसकी खुद की बलि (कटाक्ष) दी जा रही है। यहां ‘मुनाफा’ उड़े न उड़े, मिडिल क्लास की ‘बचत’ जरूर हवा में उड़ जाती है।<br />‘उड़ाने’ का असली मजा तो तब आता है, जब निशाना सही हो। सीमा पार बैठे कुछ आतंकी बरसों से हमारी शांति को बम से उड़ाने का ख्वाब देख रहे थे। उन्हें लगता था कि भारत सिर्फ ‘कड़ी निंदा’ के कागज उड़ाएगा, लेकिन जब उन्होंने पहलगाम में जरा सी हरकत की, तो हमारी सेना ने पाकिस्तान में घुसकर उनके ठिकानों की ऐसी धज्जियां उड़ाईं कि उन्हें पता ही नहीं चला कि वे जमीन पर हैं या जन्नत में! अब वहां आतंकी नहीं, बल्कि उनके आकाओं के होश उड़ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जब पूरा देश उड़ाने पर आमादा हैं, तो वैज्ञानिक क्यों पीछे रहें? भारत ने तो अब चांद तक रॉकेट उड़ा दिया है। दुनिया देखती रह गई और हम तिरंगा लेकर सीधे अंतरिक्ष में उड़ गए। तो प्यारे, खाली मत बैठिए। उड़ाने की कला में निपुण बनिए। कुछ भी उड़ाइए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/muskan-dixit-(21)9.png" alt="MUSKAN DIXIT (21)" width="1280" height="720"></img></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/muskan-dixit-(21)9.png" alt="ममता सिंघल, कहानीकार" width="1280" height="720"></img>
ममता सिंघल, कहानीकार
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 15:32:55 +0530</pubDate>
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