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                <title>उत्तराखंड - Amrit Vichar</title>
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                            <item>
                <title>मूसलाधार बारिश से थमी सरोवर नगरी की रफ्तार, सुनसान पड़े पर्यटन स्थल, जनजीवन प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार, नैनीताल </strong>: सरोवर नगरी में बीती रात से जबरदस्त बारिश हो रही है। सामान्य जनजीवन प्रभावित हो चला है। नाले उफान पर हैं और कई सड़कों पर जलभराव हुआ है। वही हल्द्वानी- अल्मोड़ा राजमार्ग पर बारिश के चलते भूस्खलन हो रहा है, बोल्डर व मलवा सड़कों पर आ रहा है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-09/%E0%A4%B8%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0.jpg" alt="सड़क पर बाइक सवार" width="171" height="210" />
भारी बोल्डरों के बीच से <br />रास्ता पार करता <br />स्कूटी सवार

<p style="text-align:justify;">मंगलवार को मानसून का जबरदस्त रूप देखने को मिला है। बीती रात से दोपहर दो बजे तक बारिश जारी है। पूरी रात हल्की से मध्यम बारिश होती रही तो सुबह से मूसलाधार बारिश जारी है। जिसका सामान्य जीवन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592371/nainital-heavy-rain-normal-life-affected-landslide-haldwani-almora-highway"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-09/नैनीताल.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार, नैनीताल </strong>: सरोवर नगरी में बीती रात से जबरदस्त बारिश हो रही है। सामान्य जनजीवन प्रभावित हो चला है। नाले उफान पर हैं और कई सड़कों पर जलभराव हुआ है। वही हल्द्वानी- अल्मोड़ा राजमार्ग पर बारिश के चलते भूस्खलन हो रहा है, बोल्डर व मलवा सड़कों पर आ रहा है।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-09/%E0%A4%B8%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0.jpg" alt="सड़क पर बाइक सवार" width="171" height="210"></img>
भारी बोल्डरों के बीच से <br />रास्ता पार करता <br />स्कूटी सवार

<p style="text-align:justify;">मंगलवार को मानसून का जबरदस्त रूप देखने को मिला है। बीती रात से दोपहर दो बजे तक बारिश जारी है। पूरी रात हल्की से मध्यम बारिश होती रही तो सुबह से मूसलाधार बारिश जारी है। जिसका सामान्य जीवन पर बुरा असर पड़ा है। रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हुए हैं, सबसे बुरी स्थिति दिहाड़ी मजदूरों की है, वह काम । लोअर मालरोड में जलभराव हुआ है। नाले पूरी तरह उफान पर है। झील का जलस्तर बढ़ने से जल निकासी शुरू कर दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">झील में कूड़ा कचरा जाने का क्रम जारी है। पर्यटन गतिविधियां ठप हैं । नगर सैर पर पहुंचे सैलानी होटलों में दुबकने को मजबूर हैं। पिछले 24 घंटे में 75 मिमी बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग की माने तो अगले दो दिन बारिश की संभावना बनी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-09/%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%A6%E0%A5%8B.jpg" alt="नैनीताल दो"></img>
उत्तराखंड: भवाली रोड पर वीरभट्टी पुल के पास मलबा आने से सड़क बंद

<p> </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/592366/sitapur-hindustan-plywood-factory-ed-gst-raid-tambaur#gsc.tab=0">सीतापुर में हिंदुस्तान प्लाईवुड फैक्ट्री पर केंद्रीय जांच टीम की छापेमारी, जांच से मचा हड़कंप</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 15:23:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्मोड़ा में मकान ढहने से तीन की मौत : हवालबाग के वडूय्या में दर्दनाक हादसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अल्मोड़ा,अमृत विचार : </strong>हवालबाग ब्लॉक के वडूय्या गांव में भारी बारिश कहर बनकर टूटी। मंगलवार तड़के लगातार बारिश से एक मकान भरभराकर ढह गया, जिसमें दो महिलाओं और एक बच्चे की मलबे में दबने से मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर एसडीआरएफ की टीम राहत बचाव कार्य में जुट गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि हादसे के समय सभी घर के अंदर सो रहे थे। अचानक हुए हादसे से गांव में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसडीआरएफ, राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592353/-almora-heavy-rain-house-collapse-three-dead-vaduyya-village"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-09/अल्मोड़ा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अल्मोड़ा,अमृत विचार : </strong>हवालबाग ब्लॉक के वडूय्या गांव में भारी बारिश कहर बनकर टूटी। मंगलवार तड़के लगातार बारिश से एक मकान भरभराकर ढह गया, जिसमें दो महिलाओं और एक बच्चे की मलबे में दबने से मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद मौके पर एसडीआरएफ की टीम राहत बचाव कार्य में जुट गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि हादसे के समय सभी घर के अंदर सो रहे थे। अचानक हुए हादसे से गांव में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसडीआरएफ, राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है। इधर, लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से एहतियात बरतने और असुरक्षित मकानों से दूर रहने की अपील की </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 12:38:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> राहुल गांधी पर मुकदमे के बाद गरमाई सियासत,  यशपाल आर्य समेत कांग्रेस नेताओं ने कोतवाली पहुंच जताया विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए शुद्धिकरण हवन और इसके बाद राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने से उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे और पुलिस कार्रवाई पर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने शुद्धिकरण कराने वालों व कथित फर्जी एआई वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मिलते ही पुलिस ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592293/politics-heated-up-after-the-case-against-rahul-gandhi-congress"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/उत्तराखंड-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुए शुद्धिकरण हवन और इसके बाद राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने से उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे और पुलिस कार्रवाई पर विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने शुद्धिकरण कराने वालों व कथित फर्जी एआई वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया, जबकि रामलीला मैदान में हवन-पूजन कर कथित तौर पर शुद्धिकरण करने और बाद में एआई से तैयार कथित भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के मामले में अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि पुलिस को दोनों मामलों में समान रूप से निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि एक मामले में पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर दिया, लेकिन जिस घटना को लेकर कांग्रेस लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है, उसमें अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है। आर्य ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है और प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पुलिस अधिकारियों से मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">नेताओं ने कथित शुद्धिकरण प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और कथित एआई वीडियो की तकनीकी जांच कराने की मांग रखी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ‘विजय शंखनाद रैली’ हुई थी। इसके बाद मैदान में हवन-पूजन कर शुद्धिकरण किए जाने का मामला सामने आया था। कांग्रेस ने इसे सामाजिक और जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए विरोध शुरू किया था। वहीं दूसरी ओर शुद्धिकरण कराने वाले पक्ष ने कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर आपत्ति जताई है। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>राहुल गांधी पर एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा</strong><br />शुद्धिकरण विवाद के बीच हल्द्वानी निवासी अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी पर मामले को जातिगत रंग देने और वाल्मीकि समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कांग्रेस ने आंदोलन करके का किया ऐलान</strong><br />कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमे और शुद्धिकरण प्रकरण में कथित दोहरे मापदंड के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी नेताओं के अनुसार 7 सितंबर को देहरादून में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि शुद्धिकरण कराने वालों और कथित फर्जी एआई वीडियो के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले भी युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया था और शुद्धिकरण व कथित फर्जी वीडियो के मामले में कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस ने इस मामले में पहले भी पुलिस को तहरीर देकर जांच और मुकदमे की मांग की थी।</p>
<h5><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/592291/payments-possible-without-internet-here-payments-phonepe-feature"><span class="t-red">अब बिना इंटरनेट के भी Payment Possible, </span>PhonePe के इस फीचर से ऐसे करें भुगतान; ऐसे करें रजिस्टर</a></strong></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 16:28:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्मोड़ा :  पीरियड्स के दौरान बाजार में नहीं मिला शौचालय, व्यवस्था के अभाव में घंटों भटकती रही युवती</title>
                                    <description><![CDATA[सोमेश्वर की युवती ने सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592257/almora-someshwar-market-girl-struggles-for-washroom-during-periods-viral-post"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/अल्मोड़ा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार:</strong> बाजार में महिलाओं और युवतियों के लिए शौचालय नहीं मिलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। सोमेश्वर बाजार में खरीदारी करने आई एक युवती को पीरियड्स शुरू होने पर शौचालय के लिए भटकना पड़ा। युवती के दोस्त ने आपबीती सोशल मीडिया पर साझा की है, जिसके बाद यह मामला चर्चा में बना है।<br /> <br />दरअसल, सोमेश्वर क्षेत्र की एक युवती की सोशियल मीडिया पोस्ट जमकर वायरल हो रही है। पोस्ट में युवती के अनुसार व और उसकी दोस्त सोमेश्वर बाजार में थी, तभी उसके दोस्त को पीरियड्स शुरू हो गए। आसपास शौचालय न होने पर वह पास के एक रेस्टोरेंट में गए और वॉशरूम इस्तेमाल करने की गुहार लगाई, लेकिन संचालक ने मना कर दिया। इसके बाद दोनों युवतियां लगभग 200 मीटर दूर तल्ली बाजार स्थित सार्वजनिक शौचालय तक पहुंची, लेकिन वहां शौचालय टूटा-फूटा और बदहाल स्थिति में मिला, जो उपयोग लायक नहीं था। काफी देर तक भटकने के बाद उसे परेशानी का सामना करना पड़ा। युवती की दोस्त ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह सिर्फ उसके दोस्त की ही नहीं, बल्कि हर महिला और युवती की समस्या है। बाजारों में महिला शौचालयों की कमी और दुकानदारों का असहयोग महिलाओं और युवतियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता है। मामले के सामने आने के बाद लोगों ने सोमेश्वर क्षेत्र में महिला शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त करने और सभी प्रतिष्ठानों को मानवता के आधार पर महिलाओं को शौचालय सुविधा देने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कोट-</strong><br />सोमेश्वर चौराहे से 200 मीटर की दूरी पर तल्ली बाजार स्थित महिला और पुरूषों के लिए सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। जिसको व्यापार मंडल संचालित करता है। सोमेश्वर में हाईटेक शौचालय बनाने के पर्यास किए जा रहे है।<br /><strong>-भुवन जोशी, विधायक प्रतिनिधि, सोमेश्वर।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 21:26:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> कांग्रेस की 'विजय शंखनाद रैली' के बाद सियासत कानूनी विवाद में उलझी, शुद्धिकरण करने वाले ने राहुल गांधी के खिलाफ दी तहरीर</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'विजय शंखनाद रैली' के बाद हुए शुद्धिकरण का मामला अब कानूनी विवाद में बदल गया है। रैली के बाद मैदान की सफाई और हवन करने वाली 'श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा समिति' के सदस्य अमित कुमार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी है। शिकायतकर्ता (जो स्वयं अनुसूचित जाति से हैं) का आरोप है कि राहुल गांधी ने इस शुद्धीकरण और सफाई अभियान को जानबूझकर जातिवाद और छुआछूत से जोड़कर पेश किया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और सुरक्षा प्रभावित हुई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, 11 अगस्त को स्थानीय लोगों ने रैली के बाद फैले कूड़े-कचरे और आपत्तिजनक सामग्री से आहत होकर केवल मैदान की धार्मिक गरिमा और सफाई के लिए यह हवन कराया था, जिसका किसी जाति विशेष से कोई संबंध नहीं था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592256/rahul-gandhi-booked-complaint-haldwani-police-shuddhikaran-controversy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/हल्द्धानी,-राहुल-फोटो.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार : </strong>शहर में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद हुआ शुद्धिकरण हवन अब सियासी विवाद से आगे बढ़कर कानूनी डगर तक पहुंच चुका है। शुद्धिकरण में शामिल श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा समिति के एक सदस्य ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुद्धिकरण और सफाई की कार्रवाई को राहुल गांधी ने जातिगत और छुआछूत से जोड़कर पेश किया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सुरक्षा प्रभावित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जवाहर नगर कॉलोनी निवासी अमित कुमार के अनुसार आठ अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली आयोजित हुई थी। उनके मुताबिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मैदान में बड़ी मात्रा में कूड़ा-कचरा और कुछ आपत्तिजनक सामग्री पड़ी मिली थी। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। अमित कुमार ने तहरीर में बताया कि 11 अगस्त को उन्होंने अनुसूचित जाति के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर रामलीला मैदान की सफाई की और हवन के माध्यम से शुद्धिकरण कराया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य मैदान की सफाई और धार्मिक रूप से शुद्धिकरण करना था। इसका किसी जाति विशेष से कोई संबंध नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान देने का आरोप</strong></p>
<p style="text-align:justify;">तहरीर के मुताबिक 29 अगस्त को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुए शुद्धीकरण के मुद्दे का उल्लेख करते हुए इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़ दिया। अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से शुद्धिकरण में शामिल लोगों की छवि दलित विरोधी और छुआछूत करने वालों के रूप में प्रस्तुत हुई। शिकायतकर्ता ने कहा है कि वह स्वयं अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। ऐसे में सफाई और हवन की कार्रवाई को जातिगत भेदभाव से जोड़ना उनकी समझ से परे है। उनका दावा है कि राहुल गांधी के बयान से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और सामाजिक स्तर पर उनके खिलाफ गलत धारणा बनने की स्थिति पैदा हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अमित कुमार ने पुलिस से राहुल गांधी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में यह भी कहा गया है कि शुद्धीकरण में शामिल लोगों को लेकर दिए गए कथित बयान से सामाजिक तनाव और उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा हुई है। हालांकि हल्द्वानी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता ने इस मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं की है।</p>
<div class="otQkpb"><strong class="rQesXe MPyX">क्या कहती है पुलिस?</strong></div>
<p style="text-align:justify;"><span class="iNqyIf">मामले पर जानकारी देते हुए एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया है कि</span> तहरीर मिली हैं, जिसकी जाँच की जा रही हैं। जिसके बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/592253/hindu-yuva-vahini-leader-dhirendra-pratap-singh-found-dead-lucknow-canal-crime#gsc.tab=0">गनर छुट्टी पर, फॉर्च्यूनर में कत्ल : सुरक्षा मिलने के बावजूद कैसे हुई धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या?</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 21:02:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देवभूमि की ‘अछूत राजनीति’ में कौन लगा रहा शुद्धिकरण का तड़का?  हल्द्वानी के रामलीला मैदान से निकला 2027 का सियासी संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[आठ अगस्त को खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया। इसके दो दिन बाद श्री राम सेवा/धर्मार्थ न्यास से जुड़े लोगों ने वहां हवन-पूजन और गंगाजल छिड़ककर कथित शुद्धिकरण किया। कांग्रेस ने इसे महज दलित सम्मान और सामाजिक बराबरी से जोड़ कर राजनीतिक चाल चल दी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592227/haldwani-ramlila-maidan-controversy-kharge-rally-uttarakhand-politics-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/फोटो-उत्तराखंड.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी से अजय दयाल। </strong><br /><strong>अमृत विचार: </strong>उत्तराखंड की राजनीति में हल्द्वानी का रामलीला मैदान अब सिर्फ रैली और धार्मिक आयोजनों का स्थल नहीं रह गया है। आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा और उसके दो दिन बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ ने ऐसा सियासी विवाद खड़ा किया है, जिसकी गूंज देहरादून से दिल्ली और सड़क से संसद तक सुनाई दे रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले यह घटनाक्रम भाजपा और कांग्रेस के बीच बदलती राजनीतिक रणनीति का बड़ा संकेत बनकर उभरा है।</p><p style="text-align:justify;">आठ अगस्त को खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया। इसके दो दिन बाद श्री राम सेवा/धर्मार्थ न्यास से जुड़े लोगों ने वहां हवन-पूजन और गंगाजल छिड़ककर कथित शुद्धिकरण किया। आयोजकों की ओर से तर्क दिया गया कि रैली के दौरान कथित आपत्तिजनक नारे लगे थे और मैदान की धार्मिक गरिमा प्रभावित हुई थी। </p><p style="text-align:justify;">लेकिन कांग्रेस ने इसे महज धार्मिक अनुष्ठान मानने से इनकार कर दिया। पार्टी ने इसे दलित सम्मान और सामाजिक बराबरी से जोड़ दिया। मामला इतना बढ़ा कि 13 अगस्त को राज्यसभा में खरगे ने खुद इसका उल्लेख किया। जवाब में भाजपा के  पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए जांच की बात कही और स्पष्ट किया कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। </p><p style="text-align:justify;">यहीं से हल्द्वानी का विवाद स्थानीय घटना से निकलकर राष्ट्रीय राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा बन गया। कांग्रेस के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि खरगे अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं। पार्टी इसे संविधान, सामाजिक न्याय और दलित सम्मान के बड़े विमर्श से जोड़ रही है।</p><h4 style="text-align:justify;">भाजपा का आरोप , कांग्रेस  सामान्य घटना को जातीय रंग दे रही </h4><p style="text-align:justify;">हाल ही में विवाद ने फिर जोर पकड़ा। राहुल गांधी ने दिल्ली में बकायदा मीउिया को संबोधित करते हुए कहा कि खरगे के लिए न्याय होना चाहिए और शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग भी उठाई। राहुल ने इस घटना को व्यापक वैचारिक संघर्ष- संविधान बनाम संघ-भाजपा की विचारधारा- के रूप में पेश किया।  राहुल के हमले के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मोर्चा संभाला। धामी ने कहा कि शुद्धिकरण में भाजपा का कोई नेता या कार्यकर्ता शामिल नहीं था और उत्तराखंड में लोगों को खरगे की जाति तक मालूम नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर मुद्दाविहीन होने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं, धामी सरकार के मंत्री खजान दास ने भी भाजपा का घटना से कोई संबंध होने से इनकार किया। </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>हवन का राजनीतिक और सामाजिक अर्थ निकाला जा रहा</strong></h4><p style="text-align:justify;">भाजपा की ओर से अब यह तर्क भी सामने आ रहा है कि शुद्धिकरण करने वालों में दलित समुदाय के लोग भी शामिल थे और पूरे घटनाक्रम को जातिगत भेदभाव के रूप में पेश करना सही नहीं है। दूसरी तरफ कांग्रेस इसे प्रतीकात्मक छुआछूत और सामाजिक अपमान का सवाल बता रही है। यानी विवाद का केंद्र अब यह नहीं रह गया कि मैदान में हवन क्यों हुआ, बल्कि यह बन गया है कि उस हवन का राजनीतिक और सामाजिक अर्थ क्या निकाला जाए। </p><p style="text-align:justify;">दिलचस्प बात यह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों इस विवाद को अपने-अपने बड़े नैरेटिव से जोड़ रहे हैं। कांग्रेस जहां दलित सम्मान, संविधान और सामाजिक न्याय को 2027 की लड़ाई का आधार बनाना चाहती दिख रही है, वहीं भाजपा राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, धार्मिक आस्था और कांग्रेस की कथित तुष्टिकरण की राजनीति के सवाल को आगे कर रही है।</p><p style="text-align:justify;"><br /></p><h4 style="text-align:justify;"><strong>कांग्रेस के बेरोजगारी, पेपर लीक मुद्दों की काट में भाजपा का वंदे मातरम पर दांव </strong></h4><p style="text-align:justify;">इसी कड़ी में कांग्रेस की ‘छात्रों की गूंज’ जैसी पहलें बेरोजगारी, भर्ती, पेपर लीक और युवाओं के सवालों को केंद्र में ला रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा वंदे मातरम्, सेना के सम्मान और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों के जरिए अपना वैचारिक आधार मजबूत करने में जुटी है। </p><p style="text-align:justify;">इस पूरी कथित सियासी कवायद का असली लक्ष्य 2027 है। कांग्रेस के सामने चुनौती सत्ता विरोधी भावनाओं को सामाजिक और राजनीतिक गठजोड़ में बदलने की है, जबकि भाजपा लगातार दो विधानसभा चुनावों में मिली सफलता के बाद अपनी पकड़ कायम रखना चाहती है। ऐसे में हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण विवाद’ आने वाले दिनों में कितना बड़ा चुनावी मुद्दा बनता है, यह देखना दिलचस्प होगा।</p><p style="text-align:justify;">फिलहाल इतना जरूर साफ है कि देवभूमि की सियासत में ‘शुद्धिकरण’ का यह तड़का सिर्फ एक मैदान तक सीमित नहीं रहने वाला। यह विवाद जाति, धर्म, संविधान, राष्ट्रवाद और सामाजिक न्याय के उन सवालों को फिर सामने ला रहा है, जिनके इर्द-गिर्द 2027 की उत्तराखंड चुनावी पटकथा लिखी जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 16:02:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Uttarakhand : टिहरी के जंगलों में भालू का अटैक, चारे के लिए घास काट रही महिला को किया लहूलुहान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में टिहरी जिले के धनोल्टी क्षेत्र में घास काट रही महिला पर भालू ने हमला कर दिया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने जानकारी दी। SEOC के मुताबिक, घटना शनिवार शाम हुई जहां दबाली गांव की रहने वाली सुलैना देवी निकटवर्ती जंगल में पास जंगल में घास काट रही थी। तभी अचानक भालू ने सुलैना देवी पर हमला कर घायल कर दिया। महिला को उपचार के लिए देहरादून के सरकारी दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। </p>
<h3 style="text-align:justify;">चारा काटते समय भालू का हमला </h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि  सुलैना देवी अपनी 4 साथियों के साथ जंगल गई थीं। चारा काटते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592223/uttarakhand-bear-attacks-tehri-forests-woman-bleeding-cutting-grass"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/bear-attack-in-the-forests-of-tehri.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में टिहरी जिले के धनोल्टी क्षेत्र में घास काट रही महिला पर भालू ने हमला कर दिया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने जानकारी दी। SEOC के मुताबिक, घटना शनिवार शाम हुई जहां दबाली गांव की रहने वाली सुलैना देवी निकटवर्ती जंगल में पास जंगल में घास काट रही थी। तभी अचानक भालू ने सुलैना देवी पर हमला कर घायल कर दिया। महिला को उपचार के लिए देहरादून के सरकारी दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। </p>
<h3 style="text-align:justify;">चारा काटते समय भालू का हमला </h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि  सुलैना देवी अपनी 4 साथियों के साथ जंगल गई थीं। चारा काटते समय अचानक भालू ने हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनकी चीख सुनकर साथी महिलाएं मौके पर पहुंचीं और शोर मचाकर दरांती की मदद से भालू को वहां से भगाया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल </h3>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने महिला को जंगल से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। पहले स्थानीय अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है और वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की गई है। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में भालू को भगाने की मांग की।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h6 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/592051/nepal-floods-pain-dharali-remains-fresh">Nepal floods : आज भी ताजा है धराली का दर्द, नेपाल त्रासदी में उत्तराखंड के लिए क्या है सबक</a></h6>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/592223/uttarakhand-bear-attacks-tehri-forests-woman-bleeding-cutting-grass</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 15:18:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nepal floods : आज भी ताजा है धराली का दर्द, नेपाल त्रासदी में उत्तराखंड के लिए क्या है सबक </title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने उत्तराखंड की पुरानी आपदाओं की भयावह यादें ताजा कर दी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बाढ़ और आपदा का खतरा फिर चर्चा में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592051/nepal-floods-pain-dharali-remains-fresh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/pain-of-dharali-remains-fresh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून। </strong>नेपाल में भीषण बाढ़ से हुई तबाही ने उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षो में ऋषिगंगा और धराली में आई आपदाओं की भयावहें यादें ताजा कर दी हैं। फरवरी 2021 में चमोली जिले में ऋषिगंगा आपदा और अगस्त 2025 को उत्तरकाशी जिले की धराली आपदाओं में न केवल जानमाल की जबरदस्त हानि हुई बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी को भी प्रभावित किया जिससे वे आज तक नहीं उबर पाए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सात फरवरी 2021 को बाढ़ से हुए विनाश का मंजर नजदीक से देखने वाले लोगों को याद है कि उस दिन नेपाल की तरह ही रेणी-तपोवन‌ के इलाके में भी आसमान साफ था और धूप खिली थी लेकिन अचानक ऋषिगंगा नदी के उपरी इलाके में रौठीगाड़ से हिमनद के साथ आए मिट्टी, पत्थर और पानी ने उसके प्रवाह को कुछ देर के लिए रोक दिया। </p>
<h3 style="text-align:justify;">उत्तराखंड भी झेल चुका है त्रासदी का दंश </h3>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद वहां से बहा मलबा और पानी भीषण बाढ़ के रूप में निचली घाटी के लिए ''काल'' बन गया। आसपास के इलाकों को चपेट में लेते हुए यह बाढ़ पहले ऋषिगंगा के मुहाने पर बनी जल विद्युत परियोजना को अपने साथ बहाकर ले गयी और उसके बाद धौलीगंगा नदी के साथ मिलकर तपोवन में कहर बरपाते हुए एनटीपीसी की पन बिजली परियोजना के एक बड़े हिस्से को मिनटों में तबाह कर गयी। हादसे के दिन तपोवन में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता ओ.पी. डोभाल ने बताया कि पांच साल बीतने के बावजूद उस आपदा के जख्म अब तक नहीं भरे हैं और उस सुबह को याद करके लोग अब भी सिहर उठते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पांच साल बाद भी बदली नहीं स्थिति </h3>
<p style="text-align:justify;">इस आपदा में 200 से अधिक स्थानीय लोग और श्रमिक मारे गए तथा लोगों के मकानों और खेतों के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुक़सान हुआ था। बाढ़ में तपोवन के सामने भंग्यूल गांव समेत कई गांवों के आवागमन के पुल और रास्ते बह गए थे और पांच साल बाद भी स्थिति बदली नहीं है। विष्णुप्रयाग-जोशीमठ के पैदल रास्ते पर बना पुल आज तक नहीं बन पाया जबकि विष्णुप्रयाग से मारवाणी के बीच बाढ़ से नदी तट पर हुए कटाव से जोशीमठ नगर में भू-धंसाव बढ़ गया। पिछले साल अगस्त में धराली में आयी आपदा की यादें भी धुंधली नहीं पड़ी हैं। </p>
<h3 style="text-align:justify;">आज भी धराली को ताकते है गांव वाले </h3>
<p style="text-align:justify;">आज भी हर सुबह चक्रधर सेमवाल मुखबा गांव में अपने घर के बाहर बैठकर भागीरथी नदी के उस पार स्थित धराली को ताकते रहते हैं। आज वहां सब कुछ शांत दिखाई देता है जहां नदी अपनी सामान्य रफ्तार से बह रही है और तीर्थयात्री गंगोत्री की ओर जा रहे हैं। हालांकि, 68 वर्षीय सेवानिवृत्त तहसीलदार सेमवाल के लिए पहाड़ों की यह शांति उस भयावह मंजर की यादों को कभी मिटा नहीं सकती, जो ठीक एक साल पहले उनकी आंखों के सामने घटा था। पांच अगस्त, 2025 को सेमवाल इसी जगह बैठे थे, जब अचानक उनकी नजर बरसाती नदी खीरगाड़ पर पड़ी। </p>
<h3 style="text-align:justify;">धराली का दर्द </h3>
<p style="text-align:justify;">भागीरथी की इस सहायक नदी से भारी मात्रा में पानी, विशाल पत्थर और मलबा तेजी से नीचे की ओर आता दिखाई दिया। कुछ ही क्षणों में मलबे से उफनती जलधारा ने धराली को अपनी आगोश में ले लिया और उत्तराखंड के सबसे खूबसूरत हिमालयी कस्बों में शुमार धराली देखते ही देखते मलबे के पहाड़ में तब्दील हो गया। उस दिन को याद करते हुए सेमवाल ने कहा, ''मुझे समझ आ गया था कि कुछ बहुत भयानक होने वाला है, लेकिन तबाही इतनी ज्यादा होगी, मैंने कभी नहीं सोचा था।'' </p>
<p style="text-align:justify;">सेमवाल ने कहा कि बाढ़ का वेग बढ़ता जा रहा था तो उन्होंने सीटी बजाकर और चिल्लाते हुए नदी के पार लोगों को वहां से जल्दी भागने और ऊपर के स्थानों में चढ़ने की चेतावनी देना शुरू कर दिया। इसी दौरान उन्होंने अपने मोबाइल फोन से इस भयावह दृश्य को रिकॉर्ड भी किया और मलबे और पत्थरों से भरी बाढ़ के धराली की ओर बढ़ने का वह वीडियो देखते ही देखते देश-दुनिया में फैल गया। </p>
<p style="text-align:justify;">सेमवाल ने कहा, ''मैं आज भी उसी जगह बैठा हूं, जहां एक साल पहले बैठा था। मैंने जो देखा, उसे बयान करने के लिए आज भी मेरे पास शब्द नहीं हैं। वह मेरी जिंदगी का सबसे खौफनाक मंजर था।'' आपदा ने धराली की पहचान से जुड़ी लगभग हर चीज को निगल लिया। होटल, होमस्टे, मकान, दुकानें, सेब के बाग और लोगों की आजीविका सहित सब कुछ करीब 50 से 60 फीट मलबे के नीचे दब गया। कस्बे की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक पवित्र कल्प केदार मंदिर भी मलबे में दब गया। </p>
<h3 style="text-align:justify;">नेपाल बाढ़ से सबक लें </h3>
<p style="text-align:justify;">प्रसिद्ध वैज्ञानिक पीयूष रौतेला ने कहा, ''वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रभावी नीतियों और पारंपरिक ज्ञान को एकीकृत करने वाली सक्रिय और दूरदर्शी कार्ययोजना लागू करके हम राज्य को निरंतर बनी रहने वाली असुरक्षा की स्थिति से निकालकर वास्तविक और स्थायी तौर पर आपदा से निपटने वाले भविष्य की ओर ले जा सकते हैं।'' प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं पद्मभूषण चंडी प्रसाद भट्ट (93) ने भी नेपाल बाढ़ से सबक लेते हुए हिमालय के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत जतायी। उन्होंने आज से दो दशक पहले राष्ट्रीय स्तर पर हिमालय के संरक्षण और विकास के लिए एस स्वामीनाथन समिति द्वारा सुझाए गए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाले हिमालयी विकास आयोग के गठन की भी वकालत की। </p>
<h3 style="text-align:justify;">हिमालय पर पड़ रहा ग्लोबल वॉर्मिंग का असर   </h3>
<p style="text-align:justify;">भट्ट ने कहा कि हिमालय में होने वाली गड़बड़ियों का असर पूरे देश पर पड़ता है क्योंकि हिमालय से निकलने वाली नदियां न केवल पर्वतीय क्षेत्रों अपितु पूरे देश को जीवन प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा, ''हिमालय दुनिया की सबसे संवेदनशील पर्वत मालाओं में से एक है। मौसमी बदलाव के कारण उच्च हिमालय की संवेदनशीलता और बढ़ गयी है। ऐसे में उसका संरक्षण हमारी प्राथमिकता होना चाहिए।'' </p>
<p style="text-align:justify;">भट्ट ने हिमालय से जुड़े देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी एक मंच पर आकर इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा एक संयुक्त मंच विकसित करने की पहल करने का आह्वान किया। पर्यावरणविद् ने कहा कि चीन, नेपाल, भूटान और भारत को इस प्रकार की आपदाओं की रोकथाम के लिए एक मंच बनाना चाहिए। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/592024/300-indians-missing-nepal-tragedy-karnataka-releases-google-form"><span class="t-red">नेपाल त्रासदी में 300 भारतीय लापता, </span>कर्नाटक ने जारी किया Google Form, केरल सरकार नागरिकों से कर रही संपर्क</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/592051/nepal-floods-pain-dharali-remains-fresh</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 12:25:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Firozabad News : नीम करौली बाबा के पैतृक आवास पर छिड़ा विवाद! जानिए पोतियों ने किस ट्रस्ट पर लगाया कब्जे का आरोप, DM ने दिए जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[नीम करौली बाबा के फिरोजाबाद स्थित पैतृक मकान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बाबा की छह पोतियों ने श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट पर कब्जे का आरोप लगाकर डीएम से शिकायत की है। ट्रस्ट ने आरोपों से इनकार करते हुए संपत्ति दान में मिलने का दावा किया है। डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592013/neem-karoli-baba-ancestral-house-firozabad-hanuman-trust-property-dispute"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/nim-karoli.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>डिजिटल डेस्क, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम से जुड़े संत नीम करौली बाबा के पैतृक घर को लेकर विवाद सामने आया है। फिरोजाबाद जिले की टूंडला तहसील के अकबरपुर गांव स्थित पैतृक मकान पर बाबा की छह पोतियों ने श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। पोतियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को शिकायती पत्र देकर मकान और पूजा स्थल को ट्रस्ट के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।</p>
<h5><strong>पैतृक मकान में बनी है बाबा की पूजा स्थली</strong></h5>
<p>अकबरपुर गांव स्थित यह मकान नीम करौली बाबा की जन्मस्थली बताया जाता है। परिजनों के मुताबिक बाबा इसी मकान में रहते थे। मकान के दो कमरों में बाबा और उनकी पत्नी की पूजा स्थली बनी हुई है, जबकि अन्य कमरों में पुजारियों के रहने की व्यवस्था है।</p>
<h5><strong>छह पोतियों ने लगाया जबरन कब्जे का आरोप</strong></h5>
<p>नीम करौली बाबा के छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों ने आरोप लगाया है कि उनके पैतृक मकान पर श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट ने जबरन कब्जा कर रखा है। उन्होंने प्रशासन से मकान को ट्रस्ट के कब्जे से मुक्त कराने और इसे ट्रस्ट से बाहर रखने की मांग की है। पोतियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे मामले को लेकर अदालत का रुख करेंगी।</p>
<h5><strong>बाबा के परिवार में दो बेटों की संतान</strong></h5>
<p>बताया गया है कि नीम करौली बाबा के दो बेटे थे। बड़े बेटे अनेक सिंह शर्मा के एक बेटा और एक बेटी हैं, जबकि छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां हैं। इन्हीं छह पोतियों ने अब पैतृक संपत्ति को लेकर प्रशासन से शिकायत की है।</p>
<h5><strong>ट्रस्ट ने आरोपों को बताया गलत</strong></h5>
<p>वहीं श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट ने मकान पर कब्जा करने के आरोपों से इनकार किया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल का कहना है कि बाबा का मकान, मंदिर और डाक बंगलिया ट्रस्ट को दान में दिए गए थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि संपत्ति ट्रस्ट को नहीं मिली होती तो इतने वर्षों से ट्रस्ट इसकी देखरेख क्यों करता।</p>
<h5><strong>अब प्रशासन की जांच पर टिकी नजर</strong></h5>
<p>पैतृक मकान पर मालिकाना हक और ट्रस्ट को संपत्ति दिए जाने के दावे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। फिलहाल डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अब जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि संपत्ति पर अधिकार किसका है और ट्रस्ट को यह संपत्ति किस आधार पर मिली थी।</p>
<h6><strong>ये भी पढ़ें : </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/592004/kanpur-news-grp-s--operation-muskaan--rakshabandhan"><span class="t-red">Kanpur News: </span>रक्षाबंधन पर GRP का ‘ऑपरेशन मुस्कान’, 611 यात्रियों को लौटाए गुम मोबाइल</a></strong></h6>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>फिरोजाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/592013/neem-karoli-baba-ancestral-house-firozabad-hanuman-trust-property-dispute</link>
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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 13:24:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरिद्वार में दो सगी बहनों की हत्या से सनसनी! भाई निकला कातिल, तमंचा-कारतूस और बाइक बरामद; जीजा भी घायल</title>
                                    <description><![CDATA[हरिद्वार के गणेशपुर में दो सगी बहनों की गोली मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मृतक महिलाओं के भाई विवेक उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया है। उसके पास से तमंचा, छह खोखे और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591967/in-the-murder-of-two-real-sisters-in-haridwar-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/crime-news2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हरिद्वार। </strong>उत्तराखंड में हरिद्वार के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के गणेशपुर में दो सगी बहनों की गोली मारकर हत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया। पुलिस ने वारदात के कथित आरोपी मृतक महिलाओं के भाई विवेक उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, छह खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। फायरिंग के दौरान महिलाओं का जीजा भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसका उपचार चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात गणेशपुर निवासी अर्जुन सिंह ने गंगनहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसके मामा विवेक उर्फ विक्की ने फायरिंग कर उसकी मां और मौसी की हत्या कर दी। इसी दौरान उसके मौसा को भी गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>चुड़ियाला से आरोपी गिरफ्तार</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस को मिले अहम इनपुट के आधार पर आरोपी विवेक उर्फ विक्की को चुड़ामणि मंदिर चौक के पास चुड़ियाला, भगवानपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, छह खोखा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गयी मोटरसाइकिल बरामद की।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>संपत्ति विवाद और चरित्र पर शक की आशंका</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"> शुरुआती जांच में पुलिस को संपत्ति विवाद और चरित्र पर शक हत्याकांड की वजह नजर आ रही है। हालांकि वारदात के पीछे की पूरी कहानी और अन्य संभावित कारणों को लेकर आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विवेक उर्फ विक्की पुत्र जयपाल चुड़ियाला, थाना भगवानपुर का निवासी है। उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है।  </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/591887/up-sugar-price-falls-300-rupees-per-quintal-yogi-government-action#gsc.tab=0">UP Sugar Price: यूपी में चीनी के दामों में बड़ी गिरावट, दो दिन में 300 रुपये प्रति क्विंटल तक सस्ती हुई; जानें वजह</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591967/in-the-murder-of-two-real-sisters-in-haridwar-the</link>
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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 17:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षकों के तबादले पर हाईकोर्ट सख्त! दूरस्थ स्कूल खाली हुए तो कैसे चलेगी पढ़ाई? सरकार से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों के मध्य सत्र में सुगम क्षेत्रों में तबादले के मामले में राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अदालत ने सरकार को समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर तय की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591844/uttarakhand-high-court-teacher-transfer-remote-areas-mid-session-government-response"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नैनीताल। </strong>उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने वार्षिक तबादला के नाम पर मध्य सत्र में दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के सुगम क्षेत्रों में प्रस्तावित तबादलों के मामले में राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए है। मामले की अगली सुनवाई आगामी सात सितंबर को होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले को अल्मोड़ा के सल्ट तहसील के डाभर गांव निवासी जीवन सिंह की ओर से चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने इस प्रकरण पर सोमवार को सुनवाई की लेकिन आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध हुई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वार्षिक तबादला अधिनियम का दिया हवाला</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता का कहना था कि बड़ी संख्या में दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों ने सुगम क्षेत्रों में स्थानांतरण के लिए अपने विकल्प प्रस्तुत किए हैं। अदालत के पूर्व आदेश के तहत विभाग को उत्तराखंड वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम, 2017 की धारा 17(1)(बी) के तहत शिक्षकों के अनुरोध के आधार पर तबादले करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सरकार ने मांगा समय, 7 सितंबर को फिर होगी सुनवाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि यदि दूरस्थ क्षेत्रों से शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाता है और उनके स्थान पर रिक्त पदों को भरने के लिए पारस्परिक अथवा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तो इन क्षेत्रों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। राज्य सरकार की ओर से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए खंडपीठ से समय मांगा गया। खंडपीठ ने मांग को स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई के लिए आगामी सात सितंबर की तय कर दी। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591772/sitapur-married-woman-death-postmortem-head-injury-murder-allegation">सीतापुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत का खुला राज! पोस्टमार्टम में सिर की गंभीर चोट से मौत की पुष्टि</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591844/uttarakhand-high-court-teacher-transfer-remote-areas-mid-session-government-response</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 17:51:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
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                <title>त्योहारों से पहले उत्तराखंड में मिलावटखोरों पर धामी सरकार का शिकंजा, चीनी की जमाखोरी से लेकर घरेलू LPG के कमर्शियल इस्तेमाल तक होगी सख्त जांच</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में त्योहारों से पहले मुख्यमंत्री के निर्देश पर मिलावटखोरों और जमाखोरों के खिलाफ सप्ताहभर का विशेष अभियान शुरू किया गया है। प्रदेशभर में छापेमारी, सैंपलिंग और जांच के साथ चीनी की जमाखोरी तथा घरेलू एलपीजी के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591809/span-classt-red-before-the-festivals-dhami-government-clamps-down-on"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/धामी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून। </strong>उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को आने वाले त्योहारों को देखते हुए मिलावटखोरों और जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर जांच और प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों को सभी जिलों में हफ्तेभर अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। डिविजनल कमिश्नरों को इस अभियान की निगरानी करने और खाने-पीने की चीजों में मिलावट, जमाखोरी और दूसरे नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूरे उत्तराखंड में खाने-पीने की दुकानों और प्रतिष्ठानों पर छापे मारे जा रहे हैं, जांच की जा रही है और सैंपल लिए जा रहे हैं। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे एक्सपायर हो चुके, खराब और घटिया क्वालिटी के खाने-पीने के सामान को मौके पर ही नष्ट कर दें। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, और कई मामलों में कोर्ट में केस भी शुरू किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी जरूरी चीजों, खासकर चीनी की जमाखोरी और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के कमर्शियल इस्तेमाल पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं। देहरादून में सोमवार को खाने-पीने की चीजों के 11 सैंपल लिए गए। 1 अगस्त से अब तक अधिकारियों ने जिले में 70 प्रतिष्ठानों की जांच की है और टेस्टिंग के लिए 48 सैंपल लिए हैं। हरिद्वार में 47 प्रतिष्ठानों की जांच की गई और 27 सैंपल लिए गए। नैनीताल में 10 दुकानों की जांच की गई और छह सैंपल लिए गए, जबकि 10 किलो घटिया क्वालिटी की मिठाइयां नष्ट कर दी गईं। पौड़ी में दस, बागेश्वर में तीन, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में दो-दो, टिहरी में छह और उत्तरकाशी में चार सैंपल लिए गए। चंपावत में 21 जगहों की जांच की गई और 10 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>त्योहारों से पहले मिलावट पर जीरो टॉलरेंस</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सरकार की ओर से यह अभियान रक्षा बंधन, कृष्ण जन्माष्टमी, नवरात्रि और दिवाली जैसे कई बड़े त्योहारों से पहले चलाया जा रहा है। एफएसएसआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) राज्य के अधिकारियों के साथ मिलकर खाने-पीने की चीजों में मिलावट को रोकने के लिए सख्त जांच, मोबाइल टेस्टिंग लैब और भारी कानूनी जुर्माने के जरिए पूरे देश में जीरो-टॉलरेंस वाला सिस्टम लागू करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">एफएसएसआई, रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम (आरबीआईएस) के जरिए ऑडिट और रैंडम सैंपलिंग को प्राथमिकता देता है, जिसमें डेयरी, मसाले और खाने के तेल जैसी ज्यादा रिस्क वाली कैटेगरी पर ध्यान दिया जाता है। मौके पर ही तुरंत जांच के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 305 से ज्यादा मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी (एमएफटीएल) काम कर रही हैं, जिन्हें 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' (एफएसडब्ल्यू) के नाम से जाना जाता है। नियामक कार्रवाई के कारण जहरीले विकल्प या सिंथेटिक उत्पाद बांटने वाले दोषियों पर हजारों की संख्या में जुर्माना लगाया गया है, उनके लाइसेंस रद्द किए गए हैं और उन्हें सजा सुनाई गई है। प्रस्तावित नियमों में गंभीर उल्लंघन के लिए 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और उम्रकैद की सजा का भी प्रावधान है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/591791/span-classt-redup-sugar-stock-span-sugar-prices-increased-tension-then#gsc.tab=0">UP Sugar Stock : चीनी की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन तो CM योगी ने दिया भरोसा, बोले- UP में 7 महीने का पर्याप्त स्टॉक</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 15:32:25 +0530</pubDate>
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