<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/category/30873/%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%AD%E0%A5%80%E0%A4%A4" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>पीलीभीत - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/category/30873/rss</link>
                <description>पीलीभीत RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीलीभीत : तीन बीघा जमीन का झांसा देकर दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन का बनाया दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> तीन बीघा जमीन का लालच देकर एक युवक ने महिला को झांसे में लिया। इसके बाद अपने साथ लेकर किराए के कमरे में सात दिन में कई बार जबरन दुष्कर्म किया। मौका पाकर पीड़िता घर पहुंची और पति को पूरी बात बताई। जहानाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>थाना जहानाबाद में दी गई तहरीर में क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि ग्राम कुकरीखेड़ा का रहने वाला इरशाद अंसारी उर्फ नन्हे से उसकी मुलाकात हुई। उसने तीन बीघा जमीन दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद 22 अप्रैल को बरेली के नवाबगंज क्षेत्र स्थित एक मकान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580448/pilibhit-rape-on-the-pretext-of-three-bighas-of-land"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/244.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> तीन बीघा जमीन का लालच देकर एक युवक ने महिला को झांसे में लिया। इसके बाद अपने साथ लेकर किराए के कमरे में सात दिन में कई बार जबरन दुष्कर्म किया। मौका पाकर पीड़िता घर पहुंची और पति को पूरी बात बताई। जहानाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>थाना जहानाबाद में दी गई तहरीर में क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि ग्राम कुकरीखेड़ा का रहने वाला इरशाद अंसारी उर्फ नन्हे से उसकी मुलाकात हुई। उसने तीन बीघा जमीन दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद 22 अप्रैल को बरेली के नवाबगंज क्षेत्र स्थित एक मकान में ले गया। आरोप है कि वहां आरोपी ने पति से तलाक लेने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया। कहा कि ऐसा करने के बाद उससे निकाह कर लेगा। 22 अप्रैल से 28 अप्रैल तक आरोपी ने जबरन शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देता रहीा। फिर किसी तरह मौका पाकर आरोपी के चंगुल से निकली और घर पहुंचकर पति को पूरी जानकारी दी। कुछ समय बाद वह पति के साथ गई तो आरोपी कमरा बंद करके जा चुका था। मकान मालिक की मौजूदगी में ताला तुड़वाकर देखा गया तो पीड़िता के 25 हजार रुपये, गहने, बीमा बांड, मार्कशीट, आयुष्मान कार्ड, बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज गायब थे। उसने कहा कि पहले भी आरोपी शादी के नाम पर 50 हजार रुपये और जेवरात ले चुका है। जहानाबाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि जमील का लालच देकर महिला से धर्म परिवर्तन कर निकाह का दबाव बनाने के आरोप में महिला की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है।</p>
<p><strong>महिला से दुष्कर्म करने वाले पर पुलिस मेहरबान</strong><br />दिल्ली की तलाकशुदा महिला से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में एसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। पुलिस ने महिला के बयान कराने के साथ ही विवेचना शुरू कर दी। एक तरफ पुलिस तीन दिन बाद भी आरोपी राजदीप शर्मा को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जबकि चर्चा ये भी है कि वह फरार नहीं है। सुलह को लेकर भी चर्चाएं तेज हो चुकी है। हालांकि पुलिस के स्तर से सुलह की पुष्टि नहीं है। मगर अब तक आरोपी की गिरफ्तारी भी नहीं की जा सकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580448/pilibhit-rape-on-the-pretext-of-three-bighas-of-land</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/580448/pilibhit-rape-on-the-pretext-of-three-bighas-of-land</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 19:34:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/244.jpg"                         length="447058"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CISCE, ISC 2026 Result : 95.6 फीसदी अंक पाकर रिद्धिमा बनी पीलीभीत टॉपर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> काउंसिल आफ इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) बोर्ड कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम गुरुवार पूर्वान्ह घोषित कर दिया गया। जिले में सीआईएससीई बोर्ड द्वारा संचालित एकमात्र गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल की छात्रा रिद्धिमा अग्रवाल ने 95.6 प्रतिशत अंक पाकर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया। समस्त छात्र छात्राएं उत्तीर्ण हुए। बच्चों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। विद्यालय प्रबंधन ने मेधावियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।</p>
<p>सुबह से ही गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल में सुबह से ही छात्र छात्राएं पहुंचना शुरू हो गए। विद्यार्थियों की धड़कनें बड़ी हुई थी। शिक्षक-शिक्षिकाओं के चेहरे पर भी परिणाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580465/pilibhit-riddhima-became-district-topper-by-scoring-956-percent-marks"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/611.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> काउंसिल आफ इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) बोर्ड कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम गुरुवार पूर्वान्ह घोषित कर दिया गया। जिले में सीआईएससीई बोर्ड द्वारा संचालित एकमात्र गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल की छात्रा रिद्धिमा अग्रवाल ने 95.6 प्रतिशत अंक पाकर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया। समस्त छात्र छात्राएं उत्तीर्ण हुए। बच्चों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। विद्यालय प्रबंधन ने मेधावियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।</p>
<p>सुबह से ही गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल में सुबह से ही छात्र छात्राएं पहुंचना शुरू हो गए। विद्यार्थियों की धड़कनें बड़ी हुई थी। शिक्षक-शिक्षिकाओं के चेहरे पर भी परिणाम को लेकर चिंतन दिखाई दे रहा था। गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल में सीआईएससीई बोर्ड परीक्षा के लिये 66 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण किया था। सभी ने परीक्षा दी और उत्तीर्ण हुए हैं। रिजल्ट शत प्रतिशत रहा। जिसमें 27 छात्राएं और 39 छात्र थे। छात्रा रिद्धिमा अग्रवाल 95.6 प्रतिशत अंक पाकर जिला टॉपर रही। निर्भया 93.2 प्रतिशत अंक पाकर द्वितीय और खुशी चौधरी 92.4 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। अनुष्का ने 91 प्रतिशत अंक पाकर चौथा और आरूष भट्ट ने 90 प्रतिशत अंक के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ विद्यार्थी खुशी से झूम उठे। संरक्षिका डॉ. सोनिया गोस्वामी और प्रबंधक निशांत गोस्वामी ने बच्चों को बधाई दी।</p>
<p><strong>बेटियों का रहा दबदबा, टॉप-10 में आठ छात्राएं</strong><br />सीआईएससीई बोर्ड 10वीं का परीक्षा परिणाम भले शत प्रतिशत रहा हो। मगर इसमें बेटियों का दबदबा रहा। 66 बच्चों ने परीक्षा दी थी, जिसमें 27 छात्रा और 39 छात्र थे। छात्राओं की संख्या भले ही कुछ कम रही हो लेकिन परीक्षा का परिणाम आते ही बेटियों का दबदबा दिखा। टॉप -10 में शामिल दस में आठ छात्राएं रहीं। टॉप-3 में भी समस्त छात्राएं हैं। बच्चों ने रिजल्ट को लेकर उत्साह रहा। जिला टॉपर रिद्धिमा अग्रवाल शहर के मोहल्ला साहूकारा की रहने वाली है। उन्होंने सफलता के पीछे अभिभावक और गुरुजनों को श्रेय दिया। मेधावियों के घरों पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>सीआईएससीई बोर्ड 10 के मेधावी</strong></span></p>
<p><strong>नाम - <span style="color:rgb(224,62,45);">रिद्धिमा अग्रवाल।</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 95.6</strong><br /><strong>रैंक - 1</strong></p>
<p><strong>नाम - <span style="color:rgb(224,62,45);">निर्भया सागर।</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 93.2</strong><br /><strong>रैंक - 2</strong></p>
<p><strong>नाम - <span style="color:rgb(224,62,45);">खुशी चौधरी।</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 92.4</strong><br /><strong>रैंक - 3</strong></p>
<p><strong>नाम: <span style="color:rgb(224,62,45);">अनुष्का जौहरी</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 91</strong><br /><strong>रैंक - 4</strong></p>
<p><strong>नाम - <span style="color:rgb(224,62,45);">आरुष भट्ट</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 90</strong><br /><strong>रैंक - 5</strong></p>
<p><strong>नाम - <span style="color:rgb(224,62,45);">रम्या</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 89</strong><br /><strong>रैंक - 6</strong></p>
<p><strong>नाम - <span style="color:rgb(224,62,45);">फलक</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 88.4</strong><br /><strong>रैंक - 7</strong></p>
<p><strong>नाम : <span style="color:rgb(224,62,45);">आध्या अग्रवाल</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 84.2</strong><br /><strong>रैंक - 8</strong></p>
<p><strong>नाम : <span style="color:rgb(224,62,45);">मंतशा अंसारी</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 84.2</strong><br /><strong>रैंक -9</strong></p>
<p><strong>नाम - <span style="color:rgb(224,62,45);">अनिकेत सिंह</span></strong><br /><strong>प्रतिशत - 83.4</strong><br /><strong>रैंक - 10</strong></p>
<p>हमारे विद्यालय ने आईसीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में शत प्रतिशत परिणाम प्राप्त किया है। मात्र 66 बच्चों में से पांच बच्चे 90 प्रतिशत से ऊपर अंक लाए हैं, जोकि 7.5 प्रतिशत अच्छा आंकड़ा है। मेधावी विद्यार्थियों, समर्पित शिक्षकों और सहयोगी अभिभावकों को बधाई। यह सफलता हमें और बेहतर करने की प्रेरणा देती है। <strong>- डॉ. सोनिया गोस्वामी, संरक्षिका गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580465/pilibhit-riddhima-became-district-topper-by-scoring-956-percent-marks</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/580465/pilibhit-riddhima-became-district-topper-by-scoring-956-percent-marks</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 18:29:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/611.jpg"                         length="717472"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Pilibhit : मोती की खेती से आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रहे तराई के किसान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सौरभ सिंह पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> इरादे मजबूत हों, तो सीमित जमीन भी सोना उगल सकती है। इन पक्तियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत मिले प्रशिक्षण और प्रशासन के सहयोग के बाद तराई के किसानों ने साबित कर दिखाया है। छोटे से गांव, सीमित संसाधन और पारंपरिक खेती की बंदिशों से निकलकर वीरपाल से जिले में मोती की खेती की शुरुआत हुई। जिसके बाद दूसरे चरण में न्यूरिया हुसैनपुर के छह अन्य किसान भी मोती की खेती को अपना चुके हैं। मोती की खेती अब आय का मजबूत जरिया बनने जा रही है।</p>
<p>अमरिया ब्लॉक के गांव मिलक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580406/farmers-of-terai-are-writing-the-story-of-self-reliance-through"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/594.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सौरभ सिंह पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> इरादे मजबूत हों, तो सीमित जमीन भी सोना उगल सकती है। इन पक्तियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत मिले प्रशिक्षण और प्रशासन के सहयोग के बाद तराई के किसानों ने साबित कर दिखाया है। छोटे से गांव, सीमित संसाधन और पारंपरिक खेती की बंदिशों से निकलकर वीरपाल से जिले में मोती की खेती की शुरुआत हुई। जिसके बाद दूसरे चरण में न्यूरिया हुसैनपुर के छह अन्य किसान भी मोती की खेती को अपना चुके हैं। मोती की खेती अब आय का मजबूत जरिया बनने जा रही है।</p>
<p>अमरिया ब्लॉक के गांव मिलक सरैंदा पट्टी निवासी वीरपाल जिले में मोती की खेती करने वाले पहले किसान हैं। वह सीमित संसाधनों के बावजूद नई तकनीक अपनाकर न केवल अपनी आय का रास्ता बदल रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। करीब 15 वर्षों से पारंपरिक खेती कर रहे वीरपाल को पिछले वर्ष कृषि विभाग की एक संगोष्ठी ने नई दिशा दी। इस दौरान बाहर से आई कंपनी मणि एग्रो हब लखनऊ के विशेषज्ञों ने उन्हें मोती की खेती की बारीकियां समझाईं। यहीं से इस नई खेती की शुरुआत कर दी। वीरपाल ने एमए तक पढ़ाई की है। उन्होंने अपने तालाब में करीब 10 हजार सीप डाले हैं, जिनकी वह बच्चों की तरह देखभाल कर रहे हैं। एक सीप से दो मोती निकलेंगे। कंपनी द्वारा सीप की कीमत 62 रुपये तय की गई है, जबकि तैयार मोती को करीब 200 रुपये या उससे अधिक मूल्य पर वापस खरीदा जाएगा। बाजार में इन मोतियों की कीमत गुणवत्ता के अनुसार हजारों रुपये तक पहुंचती है। वीरपाल ने बताया कि 20 मीटर चौड़े और 22 मीटर लंबे तालाब में यह पूरी प्रक्रिया की जा रही है, जिसमें पानी का तापमान और गहराई बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। मोती तैयार होने में 12 से 18 माह का समय लगता है। इस दौरान नियमित देखभाल ही सफलता की कुंजी होती है। वीरपाल का मानना है कि एक बार मेहनत के बाद यह खेती किसानों के लिए स्थायी आय का मजबूत साधन बन सकती है। उन्होंने बताया कि 10 हजार सीप के लिए उनका खर्च 6.20 लाख और कुल मिलाकर साढ़े छह लाख खर्च आया। यही मोती तैयार होने के बाद 13.80 लाख का मुनाफा देंगे।</p>
<p><strong>दूसरे चरण में न्यूरिया हुसैनपुर के छह किसान जुड़े</strong><br />बता दें कि प्रथम चरण में ग्राम सरैंदा पट्टी में वीरपाल के तालाब में मोती की खेती शुरू हुई थी। इसके बाद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत कराई जा रही मोती की खेती के द्वितीय चरण में न्यूरिया हुसैनपुर के छह किसान परमिला मिस्त्री, चमेली वाछड़, नीलिमा अग्रवाल, कश्मीर कौर, कॉन्डेड जूलियन, मसूद हसन खान को खेती शुरू कराई गई। पूरे प्रोजेक्ट को लगाने एवं निर्देशित करने का कार्य निर्देशक मणि एग्रो हब लखनऊ ने किया था।</p>
<p><strong>इस तरह तैयार होता है तालाब में मोती</strong><br />मोती की खेती देखने में जितनी आकर्षक लगती है, उसकी प्रक्रिया उतनी ही वैज्ञानिक और सावधानीपूर्ण होती है। इसकी शुरुआत उपयुक्त स्थान और स्वच्छ पानी वाले तालाब के चयन से होती है, जिसकी गहराई सामान्यत 6 से 8 फिट और पानी का पीएच स्तर 7 से 8.5 के बीच रखा जाता है। इसके बाद 5 से 6 इंच लंबी स्वस्थ सीपियों का चयन कर उन्हें 1-2 दिन तक सादे पानी में रखकर ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाता है। सबसे अहम चरण ग्राफ्टिंग का होता है, जिसमें सीप के भीतर हल्का चीरा लगाकर उसमें 2-4 मिमी का न्यूक्लियस (बीड) और एक अन्य सीप का टिश्यू डाला जाता है। सर्जरी के बाद सीपों को 10 से 15 घंटे तक विशेष देखभाल में रखा जाता है, ताकि वे सामान्य स्थिति में आ सकें। इसके बाद इन्हें जालों में रखकर तालाब में निश्चित गहराई पर लटका दिया जाता है। पूरे पालन के दौरान सीपों की नियमित सफाई, तालाब में प्राकृतिक भोजन (प्लवक) की उपलब्धता और मृत सीपों को हटाना जरूरी होता है। करीब 15 से 18 महीने बाद सीप को खोलकर मोती निकाला जाता है। सही देखभाल और तकनीक के साथ इस प्रक्रिया में 80 से 90 प्रतिशत तक सफलता हासिल की जा सकती है, जो इसे किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बनाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580406/farmers-of-terai-are-writing-the-story-of-self-reliance-through</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/580406/farmers-of-terai-are-writing-the-story-of-self-reliance-through</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 14:04:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/594.jpg"                         length="684843"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP:नहर की झाल में उतराता मिला मादा तेंदुआ का शव, मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत/बरखेड़ा।</strong> जनपद में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा। बुधवार सुबह बरखेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत बीसलपुर ब्रांच नहर की झाल में एक मादा तेंदुआ का शव उतराता मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। तमाम ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे डिप्टी रेंजर ने शव को नहर से बाहर निकलवाया। तीन सदस्यीय पैनल द्वारा तेंदुआ का शव का पोस्टमार्टम किया गया। मगर, पोस्टमार्टम के बाद भी तेंदुआ की मौत की वजह पता नहीं चल सकी।</p>
<p>घटना पीलीभीत रेंज के अंतर्गत बरखेड़ा थाना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580346/carcass-of-female-leopard-found-floating-in-canal-sluice--causes-a-stir"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/twendia.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत/बरखेड़ा।</strong> जनपद में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा। बुधवार सुबह बरखेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत बीसलपुर ब्रांच नहर की झाल में एक मादा तेंदुआ का शव उतराता मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। तमाम ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे डिप्टी रेंजर ने शव को नहर से बाहर निकलवाया। तीन सदस्यीय पैनल द्वारा तेंदुआ का शव का पोस्टमार्टम किया गया। मगर, पोस्टमार्टम के बाद भी तेंदुआ की मौत की वजह पता नहीं चल सकी।</p>
<p>घटना पीलीभीत रेंज के अंतर्गत बरखेड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह की है। गांव जार कल्लिया से नरायनठेर जाने वाले मार्ग पर बीसलपुर ब्रांच नहर की पुलिया के पास ग्रामीणों ने पानी में एक भारी-भरकम शव तैरते देखा। इस पर ग्रामीणों ने नजदीक जाकर देखा तो वह तेंदुआ का शव निकला। तेंदुआ का शव मिलने की जानकारी आसपास गांवों तक जा पहुंचे। देखते ही देखते कुछ देर में ही घटना स्थल के आसपास ग्रामीणों की भीड़ जमा होने लगी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही सामाजिक वानिकी रेंज पीलीभीत के डिप्टी रेंजर शेर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। इसके बाद वन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुआ के शव को नहर के पानी से बाहर निकलवाया। तेंदुआ काफी समय से पानी में होने के कारण फूला हुआ प्रतीत हो रहा था। टीम शव को लेकर जिला मुख्यालय ले आई।</p>
<p><strong>पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं</strong><br />उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तीन सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा तेंदुआ के शव का पोस्टमार्टम किया गया। पैनल में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दक्ष गंगवार के अलावा दो अन्य पशु चिकित्सक शामिल रहे। फिलहाल पोस्टमार्टम के बाद भी तेंदुआ की मौत कैसे हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। सामाजिक वानिकी प्रशासन की ओर से बिसरा सैंपल आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। जहां विशेषज्ञों द्वारा सैंपल की जांच की जाएगी। संभवता जांच के बाद मौत की वजह पता चल सकेगी। वन अफसरों द्वारा मादा तेंदुआ की उम्र करीब 19 माह बताई गई है।</p>
<p>सामाजिक वानिकी प्रभाग डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि बीसलपुर रेंज के अंतर्गत तेंदुआ का शव मिला है। तीन सदस्यीय पैनल द्वारा तेंदुआ के शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम में तेंदुआ की मौत का कारण पता नहीं चल सका है। बिसरा सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। सैंपल जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580346/carcass-of-female-leopard-found-floating-in-canal-sluice--causes-a-stir</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/580346/carcass-of-female-leopard-found-floating-in-canal-sluice--causes-a-stir</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 18:31:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/twendia.jpg"                         length="179925"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीलीभीत: परीक्षा में फेल होने पर इंटरमीडिएट के छात्र ने की खुदकुशी, फंदे से लटका मिला शव..मचा कोहराम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बीसलपुर, अमृत विचार।</strong> जिले के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र से एक घटना सामने आई। यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद इंटरमीडिएट के छात्र को खुद के फेल होने की जानकारी मिली तो वह क्षुब्ध होकर घर से बिना बताए निकल गया। इसके बाद उसका शव एक खेत में यूकेलिप्टिस के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। शर्ट का फंदा बनाया गया था। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी की। इसमें परीक्षा में फेल होने से आहत होकर खुदकुशी करने की बात निकलकर आई। घटना के बाद परिवार वालों का रोकर बुरा हाल रहा।</p>
<p>क्षेत्र के ग्राम ग्राम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579668/pilibhit-intermediate-student-commits-suicide-after-failing-in-exam-dead"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/569.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीसलपुर, अमृत विचार।</strong> जिले के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र से एक घटना सामने आई। यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद इंटरमीडिएट के छात्र को खुद के फेल होने की जानकारी मिली तो वह क्षुब्ध होकर घर से बिना बताए निकल गया। इसके बाद उसका शव एक खेत में यूकेलिप्टिस के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। शर्ट का फंदा बनाया गया था। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी की। इसमें परीक्षा में फेल होने से आहत होकर खुदकुशी करने की बात निकलकर आई। घटना के बाद परिवार वालों का रोकर बुरा हाल रहा।</p>
<p>क्षेत्र के ग्राम ग्राम मुसेली के रहने वाले संजीव कुमार का पुत्र अनुज कुमार इंटरमीडिएट का छात्र था। गुरुवार शाम को यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित किया गया। अनुज ने जब अपना रिजल्ट देखा तो वह इतिहास विषय में फेल हो गया था। ये जानकारी होने के कुछ ही देर बाद वह अपने घर से निकल गया। देर रात तक जब वह वापस नहीं आया तो परिवार वाले चिंतित हो गए। उसकी काफी तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। दूसरे दिन शुक्रवार सुबह अनुज का शव बीसलपुर से अमरा कासिमपुर होते हुए ग्राम बन्हाई को जाने वाले मार्ग पर खेत में खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ पर शर्ट के फंदे से लटका मिला। ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी तो भीड़ जमा हो गई। इसकी सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर क्राइम राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के परिवार वाले भी आ गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जानकारी की और कार्रवाई में जुट गई। वहीं, परिजन का रोकर बुरा हाल रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579668/pilibhit-intermediate-student-commits-suicide-after-failing-in-exam-dead</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/579668/pilibhit-intermediate-student-commits-suicide-after-failing-in-exam-dead</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:33:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/569.jpg"                         length="831409"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly:अब महाराष्ट्र की प्राइमरी रेस्पांस टीम भी पीटीआर में सीखेगी वन्यजीव प्रबंधन के गुर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार। </strong>पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघ मित्र मॉड्यूल की गूंज देश भर में सुनाई दे रही है। बाघों के निगरानी समेत मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने में मुफीद साबित हो रहे इस मॉड्यूल समेत टाइगर रिजर्व के वन एवं वन्यजीव प्रबंधन का गुर सीखने के लिए महाराष्ट्र के तडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व की 10 सदस्यीय प्राइमरी रेस्पांस टीम 24 अप्रैल को यहां पहुंच रही है। यह टीम दो मई तक यहां प्रवास कर टाइगर रिजर्व में चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों का गहन अध्ययन करेगी।</p>
<p>तराई ही हरी-भरी वादियों के बीच 73 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579641/now--maharashtra-s-primary-response-team-will-also-learn-wildlife-management-techniques-at-the-ptr"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/tew.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार। </strong>पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघ मित्र मॉड्यूल की गूंज देश भर में सुनाई दे रही है। बाघों के निगरानी समेत मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने में मुफीद साबित हो रहे इस मॉड्यूल समेत टाइगर रिजर्व के वन एवं वन्यजीव प्रबंधन का गुर सीखने के लिए महाराष्ट्र के तडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व की 10 सदस्यीय प्राइमरी रेस्पांस टीम 24 अप्रैल को यहां पहुंच रही है। यह टीम दो मई तक यहां प्रवास कर टाइगर रिजर्व में चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों का गहन अध्ययन करेगी।</p>
<p>तराई ही हरी-भरी वादियों के बीच 73 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैला पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी विशिष्ट जैव विविधता के चलते देश-दुनिया में मशहूर हो रहा है। बाघों की सुरक्षा एवं निगरानी समेत मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में पीलीभीत टाइगर रिजर्व का बाघ मित्र मॉड्यूल भी खासा मुफीद साबित हो रहा है। बाघ मित्र माड्यूल को कारगर होता देख इसे अब अमानगढ़ टाइगर रिजर्व समेत अन्य पांच वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में लागू किया जा चुका है। वहीं टाइगर रिजर्व प्रशासन भी सीमित संसाधनों के दम पर वन एवं वन्यजीव प्रबंधन में एक मिसाल कायम कर रहा है। तमाम टाइगर रिजर्व के वन अफसर एवं वनकर्मी पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आकर यहां के वन एवं वन्यजीव प्रबंधन समेत अन्य कार्यक्रमों का बारीकी से अध्ययन कर चुके हैं। इसी कड़ी में अब महराष्ट्र के ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत सामुदायिक क्षेत्र में कार्य करने वाली प्राइमरी रेस्पांस टीम का एक 10 सदस्यीय दल 24 अप्रैल को पीलीभीत टाइगर रिजर्व आ रहा है।</p>
<p><strong>बाघ मित्र समेत वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट का करेंगे गहन अध्ययन</strong><br />विश्व प्रकृति निधि के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि तडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व का 10 सदस्यीय दल यहां बाघ मित्र मॉड्यूल के अलावा पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट, वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन, पर्यटन संबंधी गतिविधियों एवं सामुदायिक क्षेत्रों में आजीविका सृजन समेत अन्य कार्यक्रमों का गहन अध्ययन करेगा। उन्होंने बताया कि यह दल 02 मई को ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के लिए रवाना हो जाएगा। बता दें कि गत वर्ष पीलीभीत टाइगर रिजर्व के 20 बाघ मित्रों का दल तडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व गया था। बाघ मित्रों ने तडोबा टाइगर रिजर्व के जंगल वॉलंटियर्स को अपने कामकाज के तौर-तरीकों से रूबरू कराया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579641/now--maharashtra-s-primary-response-team-will-also-learn-wildlife-management-techniques-at-the-ptr</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/579641/now--maharashtra-s-primary-response-team-will-also-learn-wildlife-management-techniques-at-the-ptr</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 08:02:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/tew.jpg"                         length="322735"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP:पीटीआर-नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क के बीच साझा हुए संरक्षण के गुर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भारत और नेपाल के बीच जैव विविधता संरक्षण को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क से आए 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चल रहे वन्यजीव संरक्षण कार्यों और प्रबंधन प्रणाली का बारीकी से अध्ययन किया और अनुभवों को भी साझा किया।</p>
<p>पीलीभीत टाइगर रिजर्व के चूका बीच पर सोमवार को हुई गोष्ठी में नेपाल से आए दल का नेतृत्व हेमंत आचार्य ने किया। जिसमें बफर ज़ोन मैनेजमेंट काउंसिल के चेयरमैन, उपभोक्ता समितियों के अध्यक्ष, पार्क रेंजर और लेखाधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579430/ptr-nepal-s-bardia-national-park-shares-conservation-tips"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/ptr3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भारत और नेपाल के बीच जैव विविधता संरक्षण को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क से आए 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चल रहे वन्यजीव संरक्षण कार्यों और प्रबंधन प्रणाली का बारीकी से अध्ययन किया और अनुभवों को भी साझा किया।</p>
<p>पीलीभीत टाइगर रिजर्व के चूका बीच पर सोमवार को हुई गोष्ठी में नेपाल से आए दल का नेतृत्व हेमंत आचार्य ने किया। जिसमें बफर ज़ोन मैनेजमेंट काउंसिल के चेयरमैन, उपभोक्ता समितियों के अध्यक्ष, पार्क रेंजर और लेखाधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में संचालित बाघ मित्र कार्यक्रम और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों के बारे में जाना। </p>
<p>बाघ मित्र समिति के अध्यक्ष अतुल सिंह ने दल को बताया कि कैसे स्थानीय ग्रामीण बाघों के संरक्षण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। वहीं ईको विकास समिति के अध्यक्ष देवव्रत सिकदर और अजमत खान ने स्थानीय समुदायों की भागीदारी और उससे होने वाले सामाजिक एवं आर्थिक बदलावों पर प्रकाश डाला। गोष्ठी के दौरान पीलीभीत टाइगर रिजर्व की ओर से समुदाय आधारित ईको टूरिज्म मॉडल और मुआवजा वितरण प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया।</p>
<p> वहीं नेपाल के प्रतिनिधियों ने अपने यहां संचालित हाथी मित्र कार्यक्रम और सामुदायिक वन प्रबंधन योजनाओं के अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम का संचालन टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी अरुण मोहन श्रीवास्तव और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579430/ptr-nepal-s-bardia-national-park-shares-conservation-tips</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/579430/ptr-nepal-s-bardia-national-park-shares-conservation-tips</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 08:07:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/ptr3.jpg"                         length="334867"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: ट्रांस शारदा में वाहन की टक्कर से तेंदुआ की मौत, नहर किनारे मिला शव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार। </strong>ट्रांस शारदा क्षेत्र में बीती रात अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुआ की मौत हो गई। सड़क पर तेंदुआ का शव पड़े होने की जानकारी लगते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची संपूर्णानगर रेंज की टीम ने तेंदुआ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।</p>
<p>घटना ट्रांस शारदा क्षेत्र में नेहरू नगर से भुरजनिया जाने वाले मार्ग पर शुक्रवार रात हुई। मार्ग से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने सड़क पर एक मादा तेंदुआ का शव पड़ा देखा। शव के पास ही खून भी पड़ा था। तेंदुआ का शव और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579222/leopard-dies-after-being-hit-by-vehicle-in-trans-sharda--body-found-along-canal-bank"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/lep.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार। </strong>ट्रांस शारदा क्षेत्र में बीती रात अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुआ की मौत हो गई। सड़क पर तेंदुआ का शव पड़े होने की जानकारी लगते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची संपूर्णानगर रेंज की टीम ने तेंदुआ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।</p>
<p>घटना ट्रांस शारदा क्षेत्र में नेहरू नगर से भुरजनिया जाने वाले मार्ग पर शुक्रवार रात हुई। मार्ग से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने सड़क पर एक मादा तेंदुआ का शव पड़ा देखा। शव के पास ही खून भी पड़ा था। तेंदुआ का शव और पास में पड़े खून को देखकर सनसनी फैल गई। जानकारी लगते ही मौके पर आसपास गांवों के ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। तेंदुआ की मौत सड़क से गुजर रहे वाहन की टक्कर लगने से होने की बात सामने आई। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनकर्मियों को दी। </p>
<p>सूचना के कुछ देर बाद ही संपूर्णानगर रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी ललित कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल के आसपास जांच पड़ताल की। इसके बाद टीम ने तेंदुआ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। इस मामले में क्षेत्रीय वनाधिकारी ललित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मादा तेंदुआ की मौत वाहन की टक्कर से होना पाया गया है। जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बता दें कि पिछले कुछ माह से ट्रांस शारदा क्षेत्र में तेंदुआ और बाघों की खासी मौजूदगी देखी जा रही है। दो दिन पूर्व चंदनगर में तेंदुआ गांव निवासी विजय के घर से एक बकरी भी उठा ले गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579222/leopard-dies-after-being-hit-by-vehicle-in-trans-sharda--body-found-along-canal-bank</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/579222/leopard-dies-after-being-hit-by-vehicle-in-trans-sharda--body-found-along-canal-bank</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 07:08:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/lep.jpg"                         length="172318"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीटीआर:सिर चढ़कर बोला छुट्टी का खुमार, बाघ-भालू देख रोमांचित हुए सैलानी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> पीलीभीत टाइगर रिजर्व  में रविवार की छुट्टी का खुमार सैलानियों के सिर चढ़कर बोला। जंगल सफारी के लिए पहुंचे सैलानियों का रोमांच उस समय चरम पर पहुंच गया, जब उन्हें बाघ, भालू समेत कई अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के एक-एक कर  दीदार हुए। वहीं दो से अधिक बाघों को एक साथ देख तो सैलानी खुशी से ही झूम उठे। फिलहाल होली के बाद से टाइगर रिजर्व में सैलानियों की संख्या में खासी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।</p>
<p>पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल और महोफ रेंज स्थित इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच खूबसूरती की मिसाल है। पूरे पर्यटन सत्र</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578498/holiday-fever-takes-hold--tourists-thrilled-to-spot-tigers-and-bears"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/ptr2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> पीलीभीत टाइगर रिजर्व  में रविवार की छुट्टी का खुमार सैलानियों के सिर चढ़कर बोला। जंगल सफारी के लिए पहुंचे सैलानियों का रोमांच उस समय चरम पर पहुंच गया, जब उन्हें बाघ, भालू समेत कई अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के एक-एक कर  दीदार हुए। वहीं दो से अधिक बाघों को एक साथ देख तो सैलानी खुशी से ही झूम उठे। फिलहाल होली के बाद से टाइगर रिजर्व में सैलानियों की संख्या में खासी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।</p>
<p>पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल और महोफ रेंज स्थित इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच खूबसूरती की मिसाल है। पूरे पर्यटन सत्र के दौरान जनपद के अलावा दूर-दराज के राज्यों से सैलानियों की आमद रहती है। इधर रविवार को छुट्टी के चलते पीलीभीत टाइगर रिजर्व के टूरिस्ट प्वाइंटों पर पूरे दिन सैलानियों का जमावाड़ा लगा रहा। मुस्तफाबाद, महोफ समेत बराही पर्यटन गेट पर सुबह से ही सैलानियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मुस्तफाबाद बुकिंग केंद्र पर सैलानियों की खासी भीड़ देखी गई।</p>
<p>सुबह और शाम दोनों शिफ्टों में टाइगर रिजर्व पहुंचे सैलानियों ने चूका बीच समेत अन्य पर्यटन स्थलों की सैर की। इस दौरान सैलानियों ने प्रकृति को करीब से देखने के साथ ही बाघ, भालू समेत कई अन्य दुल्रभ वन्यजीवों के दीदार किए। इसके साथ ही कुछ सैलानियों को  तो दो से अधिक बाघ भी एक साथ दिखे।  सेल्फी प्वाइंट समेत चूका बीच समेत अन्य खूबसूरत स्थानों पर सैलानी परिवार के साथ सेल्फी भी लेते नजर आए। रविवार को जनपद के सीतापुर, लखीमपुर, बरेली आदि से बड़ी संख्या सैलानी यहां पहुंचे। क्षेत्रीय वनाधिकारी सहेंद्र यादव ने बताया कि रविवार को 500  से अधिक सैलानी टाइगर रिजर्व पहुंचे। बीते कुछ समय से सैलानियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सैलानियों की सुविधाओं के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी पर भी नजर रखी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578498/holiday-fever-takes-hold--tourists-thrilled-to-spot-tigers-and-bears</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/578498/holiday-fever-takes-hold--tourists-thrilled-to-spot-tigers-and-bears</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:22:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/ptr2.jpg"                         length="326115"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: पोते की मौत का सदमा झेल नहीं सकी दादी...फांसी लगाकर दी जान, परिवार में मचा कोहराम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बीसलपुर, अमृत विचार। </strong>सप्ताह भर पहले सड़क हादसे में पौत्र की मौत हुई। इस अवसाद में दादी ने भी आत्मघाती कदम उठाते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी। कुछ ही दूरी पर स्थित अपने खाली पड़े दूसरे मकान में जाकर फंदे से लटककर जान दे दी। परिवार वाले तलाशते हुए दूसरे मकान में पहुंचे तो फंदे से लटकता शव देख होश उड़ गए।  सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जानकारी की। जिसमें परिजन ने पौत्र की मौत के बाद अवसाद में आकर खुदकुशी करने की आशंका जताई। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराने से परिवार ने इनकार कर दिया। घटना के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578482/grandmother-unable-to-bear-the-shock-of-her-grandson-s-death----hangs-herself--plunging-the-family-into-turmoil"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/su1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीसलपुर, अमृत विचार। </strong>सप्ताह भर पहले सड़क हादसे में पौत्र की मौत हुई। इस अवसाद में दादी ने भी आत्मघाती कदम उठाते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी। कुछ ही दूरी पर स्थित अपने खाली पड़े दूसरे मकान में जाकर फंदे से लटककर जान दे दी। परिवार वाले तलाशते हुए दूसरे मकान में पहुंचे तो फंदे से लटकता शव देख होश उड़ गए।  सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जानकारी की। जिसमें परिजन ने पौत्र की मौत के बाद अवसाद में आकर खुदकुशी करने की आशंका जताई। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराने से परिवार ने इनकार कर दिया। घटना के बाद चीख पुकार मची रही।</p>
<p>घटना बीसलपुर क्षेत्र के मोहल्ला दुबे की है। यहां की रहने वाली 58 वर्षीय श्यामकली पत्नी शालिगराम के 18 वर्षीय पौत्र हर्षित राठौर पुत्र सुनील पांच अप्रैल को घरेलू काम से अपने मित्र हर्ष के साथ पीलीभीत गया था। वहां से वापस आते वक्त ग्राम जिरौनिया के नजदीक पहुंचते ही अज्ञात वाहन की टक्कर से हर्षित की मौत हो गई थी, जबकि उसका मित्र हर्ष घायल हो गया था। पौत्र की मौत के बाद से ही बताते हैं कि दादी श्यामकली अवसाद में थी। वह पौत्र हर्षित को याद कर रोती रहती थी। इसी बीच रविवार को उन्होंने खुद की जीवनलीला समाप्त करने की ठान ली। </p>
<p>बताते हैं कि दोपहर करीब 12 बजे श्यामकली 58 पड़ोस में खाली पड़े दूसरे मकान में चली गई।  इसके बाद वहीं, कुंडे के सहारे रस्सी के बने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। उनका पुत्र सुनील घर पहुंचा और जब मां श्यामकली कहीं दिखाई नहीं दी तो उनके बारे में अन्य परिवार के सदस्यों से जानकारी की। इस पर परिवार वाले उनको तलाशने में जुट गए। जब परिजन पड़ोस में मौजूद दूसरे मकान में पहुंचते तो वृद्धा का फंदे से लटका शव देख होश उड़ गए। चीख पुकार मच गई। </p>
<p>इस पर आसपास के तमाम लोग भी जमा हो गए।  इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी की।  शव को फंदे से उतारा गया। पौत्र की मौत के अवसाद में ही दादी के खुदकुशी करने की आशंका जताई गई।  पुलिस ने मौका मुआयना कर जानकारी की। कोतवाल संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि परिजन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। ऐसे में पंचनामा भरकर शव उनके सुपुर्द कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578482/grandmother-unable-to-bear-the-shock-of-her-grandson-s-death----hangs-herself--plunging-the-family-into-turmoil</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/578482/grandmother-unable-to-bear-the-shock-of-her-grandson-s-death----hangs-herself--plunging-the-family-into-turmoil</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 18:17:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/su1.jpg"                         length="338275"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीलीभीत: स्मार्ट मीटर का पोर्टल बदहाल...नहीं खुल रहे  बिल,उपभोक्ता परेशान, दफ्तरों में लगी कतार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> पावर कारपोरेशन की ओर से शुरु की गई स्मार्ट मीटर की कवायद उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। पहले तो अधिकतर उपभोक्ताओं की बिना सहमति के समार्ट मीटर लगा दिए गए। मीटर लगने के बाद अब उपभोक्ताओं के बिल जमा न होने पर कनेक्शन काट दिए गए हैं। जब उपभोक्ता बिल जमा करने के लिए कार्यालय पहुंच रहे तो वहां पोर्टल पर बिल परदर्शित नहीं हो रहे हैं। जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।</p>
<p>शुक्रवार को एसडीओ कार्यालय से लेकर एक्सईन कार्यालय तक उपभोक्ताओं की बिल की समस्या को लेकर लाइन लगी दिखी। जहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578211/pilibhit-smart-meter-portal-is-in-bad-shape-bills-are"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/533.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> पावर कारपोरेशन की ओर से शुरु की गई स्मार्ट मीटर की कवायद उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। पहले तो अधिकतर उपभोक्ताओं की बिना सहमति के समार्ट मीटर लगा दिए गए। मीटर लगने के बाद अब उपभोक्ताओं के बिल जमा न होने पर कनेक्शन काट दिए गए हैं। जब उपभोक्ता बिल जमा करने के लिए कार्यालय पहुंच रहे तो वहां पोर्टल पर बिल परदर्शित नहीं हो रहे हैं। जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।</p>
<p>शुक्रवार को एसडीओ कार्यालय से लेकर एक्सईन कार्यालय तक उपभोक्ताओं की बिल की समस्या को लेकर लाइन लगी दिखी। जहां अधिकतर बिजली कटने के बाद अपना बिल जमा करने के लिए आए हुए थे तो वहीं कई उपभोक्ता एक्सईन आशीष यादव के चैंबर में अपने बिल को सही कराने के लिए खड़े दिखाई दिए। शहर की रहने वाली रेनू का कहना है कि उनके बिना मर्जी के स्मार्ट मीटर लगा दिया गया। बिल भी अपलोड नहीं हो रहा है। कार्यालय के तीन दिन से चक्कर काट रहे है, मगर बिजली का बिल जमा नहीं हो रहा है। यहां तक की कोई यह भी नहीं बता पा रहा है कि उनका कितना बिल बकाया है। इधर, बकाया के चलते बिजली भी कट  गई। जिससे समस्या बनी हुई। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपनी खेतीबाड़ी छोड़कर बिजली बिल जमा करने के लिए केंद्रों और उपकेंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। कई गांवों से आए लोगों ने बताया कि सुबह से लाइन में लगने के बावजूद शाम तक उनका बिल जमा नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में उन्हें अगले दिन फिर से वही प्रक्रिया दोहरानी पड़ रही है। शहरी क्षेत्रों की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। नौकरीपेशा और व्यापारियों को अपने कामकाज से समय निकालकर बिल जमा करने पहुंचना पड़ रहा है, लेकिन पोर्टल की खराबी के कारण उन्हें भी निराशा हाथ लग रही है। इसके बावजूद बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जिससे घरों में अंधेरा छा रहा है और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।  कई लोगों ने यह भी बताया कि उनके मीटर की रीडिंग और पोर्टल पर दिख रहे डेटा में भी अंतर है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लाइनमैन और स्थानीय कर्मचारी भी इस अव्यवस्था से परेशान नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन सर्वर और पोर्टल की समस्या उनके स्तर से हल नहीं हो पा रही। उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। वहीं, पावर कॉरपोरेशन के जिम्मेदार अधिकारी तकनीकी दिक्कत का हवाला देकर समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।</p>
<p>- स्मार्ट मीटर को लेकर थोड़ी समस्या आ रही है। कुछ दिन से पोर्टल में तकनीकी समस्या चल रही है। इसको लेकर उच्चधिकारियों से वार्ता की गई है। जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा। विंडो से बिल जमा कराए जा रहे हैं। अगर किसी की समस्या है तो समाधान कराया जा रहा है। <strong>- आशीष यादव, एक्सईन पावर कारपोरेशन।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578211/pilibhit-smart-meter-portal-is-in-bad-shape-bills-are</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/578211/pilibhit-smart-meter-portal-is-in-bad-shape-bills-are</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:42:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/533.jpg"                         length="984446"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीलीभीत: कनिष्ठ लिपिक की मौत मामले में FIR, पत्नी और दो साले नामजद, मां ने लगाए संगीन आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> विकास विभाग के कनिष्ठ लिपिक संजय सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। मृतक की मां ने पुत्रवधू और उसके दो भाईयों पर नौकरी हथियाने और रुपये के लालच में हत्या करने का आरोप लगाया है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>कोतवाली में दर्ज की गई रिपोर्ट में सुनगढ़ी क्षेत्र के मोहल्ला खुशीमल की रहने वाली 60 वर्षीय मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय रामगोपाल ने बताया कि उसके पुत्र संजय सैनी (48) की शादी 2002 में शीतल सैनी पुत्री मदनलाल से हुई थी। संजय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578201/in-the-death-of-pilibhit-junior-clerk-the-mother-made"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/532.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार।</strong> विकास विभाग के कनिष्ठ लिपिक संजय सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। मृतक की मां ने पुत्रवधू और उसके दो भाईयों पर नौकरी हथियाने और रुपये के लालच में हत्या करने का आरोप लगाया है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>कोतवाली में दर्ज की गई रिपोर्ट में सुनगढ़ी क्षेत्र के मोहल्ला खुशीमल की रहने वाली 60 वर्षीय मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय रामगोपाल ने बताया कि उसके पुत्र संजय सैनी (48) की शादी 2002 में शीतल सैनी पुत्री मदनलाल से हुई थी। संजय सैनी बीसलपुर ब्लॉक में कनिष्ठ लिपिक विकास विभाग पद पर तैनात था। पुत्र और पुत्रवधू अलग कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला फैजुल्लाह खां में रहते थे। आरोप है कि पत्नी आए दिन संजय सैनी के साथ मारपीट करती थी। उसकी तनख्वाह अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर लेती। बीते साल पंद्रह अगस्त के संजय सैनी ने घर आकर बताया था कि उसकी जान को खतरा है। उसकी पत्नी शीतल उसकी हत्या कर स्वयं नौकरी लनेने की योजना बना रही है। ये भी कहा था कि अगले माह से वह मां के साथ आकर रहेगा।</p>
<p>22 अगस्त 2025 को सुबह छह बजे अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर बतया कि संजय सैनी की लाश उसके घर में पड़ी है। इस पर वह अपने चचेरे देवर के पुत्र मनोज सैनी व अन्य लोगों के साथ वहां पर पहुंची। वहां पुत्रवधू शीतल सैनी के आंवला बरेली के मोहल्ला किला निवासी  भाई पंकज और विनय मौजूद थे। जब उनसे संजय के बारे में पूछा तो बताया कि शरीर ठंडा पड़ चुका है। ये श्राी बताया कि डॉक्टर को नहीं दिखाया हे। इस पर वह परिवार के सदस्यों संग जिला अस्पताल लेकर पहुंची लेकिन वहां मृत घोषित कर दिया गया। आरोप है कि पत्नी पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर शव को प्राइवेट वाहन से जबरन घर ले गई। इसके बाद उसी वक्त कोतवाली जाकर सूचना दी और फिर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के बीच और रीढ़ के पास चोट निकली। आरोप लगाया कि नौकरी व रुपये के लालच में पुत्रवधू ने अपने भाईयों संग मिलकर पुत्र की हत्या कर दी है। पूर्व में कोतवाली पुलिस और एसपी को शिकायत पत्र दिया गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब कोतवाली पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578201/in-the-death-of-pilibhit-junior-clerk-the-mother-made</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/578201/in-the-death-of-pilibhit-junior-clerk-the-mother-made</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:40:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/532.jpg"                         length="416915"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        