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                <title>देहरादून - Amrit Vichar</title>
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                <description>देहरादून RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> Uttarakhand:  पहली बार टिहरी पहुंचेंगे प्रधानमंत्री मोदी, 1000 मेगावाट परियोजना का करेंगे लोकार्पण </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली बार उत्तराखंड के टिहरी जिले के दौरे पर पहुंच सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह अथवा जून के प्रथम सप्ताह में प्रधानमंत्री टिहरी पहुंचकर देश की महत्वपूर्ण 1000 मेगावाट क्षमता वाली टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इस संभावित दौरे को लेकर शासन और प्रशासन स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक से अधिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों पर केंद्रित रहेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना को देश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में माना जा रहा है। यह परियोजना बिजली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581290/uttarakhand--prime-minister-modi-will-visit-tehri-for-the-first-time-and-inaugurate-the-1000-mw-project"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(27)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली बार उत्तराखंड के टिहरी जिले के दौरे पर पहुंच सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह अथवा जून के प्रथम सप्ताह में प्रधानमंत्री टिहरी पहुंचकर देश की महत्वपूर्ण 1000 मेगावाट क्षमता वाली टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इस संभावित दौरे को लेकर शासन और प्रशासन स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक से अधिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों पर केंद्रित रहेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना को देश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में माना जा रहा है। यह परियोजना बिजली उत्पादन के साथ-साथ ऊर्जा भंडारण और राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञ इसे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से "गेमचेंजर" मान रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा PM मोदी इस दौरान टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रख सकते हैं तथा क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई अन्य योजनाओं की घोषणाएं होने की भी संभावना है। इससे टिहरी सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले उत्तराखंड के कई महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों का दौरा कर चुके हैं, हालांकि टिहरी जिला अब तक प्रधानमंत्री के दौरे से अछूता रहा था। स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय ने शुक्रवार को बताया कि प्रारंभ में यह कार्यक्रम दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के उद्घाटन के साथ प्रस्तावित था।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन टिहरी परियोजना के ऐतिहासिक महत्व और स्थानीय लोगों की भावनाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री ने स्वयं टिहरी आने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि यह दौरा टिहरी के विकास को नई दिशा देने वाला साबित होगा। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने भी संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। पीएमओ की ओर से आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा का अब सभी को इंतजार है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"> यह भी पढ़ें:</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/581257/indian-ships-continue-to-sail-despite-west-asia-tensions--with-the-ministry-of-external-affairs-providing-the-latest-update"><span class="t-red">पश्चिम बंगाल का अगला सीएम कौन? </span>अमित शाह की मौजूदगी में आज लगेगी मुहर, विधायक दल की बैठक में फैसला</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:29:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Yogi Uttarakhand Visit: 3 दिवसीय दौरे पर पैतृक गांव पंचूर पहुंचेंगे सीएम योगी, उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रशासन हुआ सतर्क  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पौड़ी। </strong>उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ गुरुवार को उत्तराखंड में अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचेंगे। सूत्रों ने बताया कि योगी के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है। पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं तथा गांव और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। योगी अपने गृह जनपद पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गांव में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार वह करीब तीन दिनों तक गांव में प्रवास कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581198/yogi-uttarakhand-visit--cm-yogi-will-visit-his-ancestral-village-panchur-on-a-3-day-visit--the-administration-has-become-alert-regarding-the-uttarakhand-visit"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(30)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पौड़ी। </strong>उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ गुरुवार को उत्तराखंड में अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचेंगे। सूत्रों ने बताया कि योगी के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है। पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं तथा गांव और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। योगी अपने गृह जनपद पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गांव में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार वह करीब तीन दिनों तक गांव में प्रवास कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">योगी के दौरे को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गांव में साफ-सफाई, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। मुख्यमंत्री के पैतृक गांव पहुंचने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">यह भी पढ़ें: </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/581187/up-begins-its-first-digital-census--cm-yogi-appeals-to-the-people-of-the-state-for-active-participation"><span class="t-red">यूपी में पहली डिजिटल जनगणना का आगाज, </span>सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से की सक्रिय भागीदारी की अपील</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 13:43:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:वसुंधरा झील को पायलट साइट के रूप में किया जाएगा विकसित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> वसुंधरा झील को एक पायलट साइट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम एवं मॉनिटरिंग मैकेनिज्म स्थापित किए जाएंगे। </p>
<p>वाडिया संस्थान के इस मॉडल को भविष्य में अन्य संवेदनशील ग्लेशियल झीलों पर भी लागू करने की योजना है, जिससे राज्य में ग्लेशियर झीलों से जोखिम प्रबंधन को वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया जा सके। यह जानकारी सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने शासन की एक बैठ में दी।</p>
<p>मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली, राष्ट्रीय भूकम्प जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580950/vasundhara-lake-will-be-developed-as-a-pilot-site"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/jheel.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> वसुंधरा झील को एक पायलट साइट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम एवं मॉनिटरिंग मैकेनिज्म स्थापित किए जाएंगे। </p>
<p>वाडिया संस्थान के इस मॉडल को भविष्य में अन्य संवेदनशील ग्लेशियल झीलों पर भी लागू करने की योजना है, जिससे राज्य में ग्लेशियर झीलों से जोखिम प्रबंधन को वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया जा सके। यह जानकारी सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने शासन की एक बैठ में दी।</p>
<p>मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली, राष्ट्रीय भूकम्प जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्लेशियर झील विस्फोट जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम और भूस्खलन न्यूनीकरण के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं पर कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों तथा संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580950/vasundhara-lake-will-be-developed-as-a-pilot-site</link>
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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 10:01:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माल, बाल और पटाल: अल्मोड़ा की अनुपम सांस्कृतिक विरासत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:center;"><span style="color:rgb(224,62,45);">समुद्र तल से लगभग 1,646 मीटर (5,400 फीट) की ऊंचाई पर स्थित पटाल बाजार में घूमते हुए रोमांच का अनुभव होना स्वाभाविक है, क्योंकि न केवल यह बाजार अल्मोड़ा शहर के केंद्र में एक लंबी पहाड़ी चोटी पर स्थित है, बल्कि यहां से हिमालय की शानदार सफेद दमकती चोटियां नजारे को अद्भुत कर देंती हैं। दरअसल, अल्मोड़ा का पटाल बाजार अपनी बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कुछ चुनिंदा बाजारों में गिना जाता है। इसकी तुलना अक्सर यूरोपीय देशों के ‘ओल्ड टाउन’ और मध्यकालीन बाजारों से की जाती है। उन अंतर्राष्ट्रीय बाजारों या</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580760/maal--baal-and-patal--the-unique-cultural-heritage-of-almora"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(7)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:center;"><span style="color:rgb(224,62,45);">समुद्र तल से लगभग 1,646 मीटर (5,400 फीट) की ऊंचाई पर स्थित पटाल बाजार में घूमते हुए रोमांच का अनुभव होना स्वाभाविक है, क्योंकि न केवल यह बाजार अल्मोड़ा शहर के केंद्र में एक लंबी पहाड़ी चोटी पर स्थित है, बल्कि यहां से हिमालय की शानदार सफेद दमकती चोटियां नजारे को अद्भुत कर देंती हैं। दरअसल, अल्मोड़ा का पटाल बाजार अपनी बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कुछ चुनिंदा बाजारों में गिना जाता है। इसकी तुलना अक्सर यूरोपीय देशों के ‘ओल्ड टाउन’ और मध्यकालीन बाजारों से की जाती है। उन अंतर्राष्ट्रीय बाजारों या शहरों के बारे में भी समझ लेते हैं, जहां से मुख्य रूप से पटाल बाजार की तुलना की जाती है। <strong>अजय दयाल, वरिष्ठ पत्रकार</strong></span></p>
<p>माल, बाल और पटाल। हां, इसी नाम से मशहूर है उत्तराखंड का अल्मोड़ा। माल का आशय माल रोड से है, बाल से मतलब बाल मिठाई से और पटाल यानी पटाल बाजार। यहां मैं चर्चा पटाल बाजार की करने जा रहा हूं। इस बाजार में कदम रखते ही दिल-दिमाग मानो तरोताजा हो जाते हों। माहौल इस कदर रोमांचकारी है कि आंखें नहीं झपकती… कि कहीं कुछ देखने को छूट न जाए। यह पारंपरिक कुमाऊंनी शैली के घरों (पटाल यानी पत्थरों की छत) से बना हुआ ऐसा ऐतिहासिक बाजार है जहां ‘सबकुछ’ मिलता है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(7)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (7)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>अब आप जानना चाहेंगे कि सबकुछ से क्या आशय है? किसी बाजार का वर्णन करते हुए अकसर हमने सुना हैं वहां सूई से लेकर अलमारी तक मिलती है। मतलब जीवनयापन की छोटी आवश्यकता से लेकर बड़ी जरुरतें तक पूरी होंती हैं। लेकिन पटाला बाजार के बारे में कहना चाहूंगा कि यहां जाखिया और बिच्छू घास से लेकर लेटेस्ट एआई गजेट्स तक मिलते हैं।</p>
<p>बिच्छू घास यानी कंडाली का साग एक पौष्टिक पत्तेदार सब्जी है, जिसे बिच्छू घास के पत्तों से बनाया जाता है। इसे उबालकर और स्थानीय मसालों का तड़का लगाकर तैयार किया जाता है। इन्हीं मसालों में से एक जाखिया है जो उत्तराखंड और भारत- नेपाल के तराई क्षेत्रों में पाया जाता है। यह एक तीखा और कुरकुरा मसाला है जिसका उपयोग कढ़ी, दालों और सब्जियों में तड़का लगाने के लिए किया जाता है।</p>
<p>समुद्र तल से लगभग 1,646 मीटर (लगभग 5,400 फीट) की ऊंचाई पर स्थित पटाल बाजार में घूमते हुए रोमांच का अनुभव होना स्वाभाविक है, क्योंकि न केवल यह बाजार अल्मोड़ा शहर के केंद्र में एक लंबी पहाड़ी चोटी पर स्थित है बल्कि यहां से हिमालय की शानदार सफेद दमकती चोटियां नजारे को अद्भुत कर देंती हैं।</p>
<p>दरअसल, अल्मोड़ा का पटाल बाजार अपनी बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण न केवल भारत, बल्कि दुनिया के कुछ चुनिंदा बाजारों में गिना जाता है। इसकी तुलना अक्सर यूरोपीय देशों के 'ओल्ड टाउन' और मध्यकालीन बाजारों से की जाती है। उन अंतरराष्ट्रीय बाजारों या शहरों के बारे में भी समझ लेते हैं जहां से मुख्य रूप से पटाल बाजार की तुलना की जाती है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(8)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (8)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>इनमें से एक स्कॉटलैंड स्थित एडिनबर्ग का रॉयल माइल है। पटाल बाजार और स्कॉटलैंड के इस बाजार में काफी समानताएं हैं। रॉयल माइल भी कोबलस्टोन (पत्थरों) से बनी एक लंबी सड़क है, जिसके दोनों ओर पुरानी इमारतें और छोटी-छोटी गलियां हैं। पटाल बाजार की तरह ही यहां का फर्श भी खास तरह के तराशे हुए पत्थरों (पटालों) से बना है।</p>
<p>दूसरा चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग का ओल्ड टाउन है। ओल्ड टाउन स्क्वायर की गलियों में भी पटाल बाजार जैसा अनुभव होता है। यहां की संकरी गलियां पत्थरों से पक्की की गई हैं। पटाल बाजार की तरह यहां भी कई पीढ़ियों पुरानी दुकानें हैं जो शहर की सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं।</p>
<p>इसी क्रम में ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग में गेट्राइडेगास है। गेट्राइडेगास एक मशहूर ऐतिहासिक शॉपिंग स्ट्रीट है। पटाल बाजार की तरह यहां भी पैदल चलने वालों के लिए अलग व्यवस्था है और दुकानों के बाहर लगे पुराने स्टाइल के साइनबोर्ड और वास्तुकला इसे अल्मोड़ा के पारंपरिक स्वरूप के नजदीक लाते हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(12)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (12)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>सच पूछिए तो पहाड़ी पत्थर (पटाल) से बनी पटाल बाजार की सड़क दुनिया की उन चुनिंदा सड़कों में से है जहां बारिश के बाद भी पानी नहीं रुकता और फिसलन कम होती है। देश-विदेश स्थित कई ऐतिहासिक बाजारों की तरह पटाल बाजार में भी गाड़ियों का प्रवेश वर्जित है, जिससे इसका शांत और प्राचीन स्वरूप स्थिर रहता है।</p>
<p>पटाल बाजार में विचरण करते हुए दुकानों से ऊपर बने घरों पर नजरें थम सी गई। यहां के पुराने घरों की खिड़कियों पर की गई नक्काशी यूरोप की विक्टोरियन या मध्यकालीन शैली की नक्काशी के समान जटिल और खूबसूरत हैं। दरअसल, पटाल बाजार का स्वरूप इसे यूरोप के मध्यकालीन 'स्ट्रीट मार्केट्स' की श्रेणी में खड़ा करता है, जहां आधुनिकता और इतिहास का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।</p>
<p>वैसे भी मध्य हिमालय के काषाण पर्वत की पीठ पर बसा प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगर अल्मोड़ा अपनी खूबियों के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों में खासा मशहूर है। इस शहर की विशिष्टताओं में एक है यहां की पटाल (पत्थर) संस्कृति। ऐसा माना जाता है कि कुमाऊं अंचल में इस कला की शुरआत कत्यूरघाटी से हुआ था, लेकिन अल्मोड़ा शहर ने इस कला को इस तरह स्वीकार किया कि यह शहर पटालों के नाम से मशहूर हो गया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(10)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (10)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>अल्मोड़ा की बाल मिठाई के साथ ही यहां का माल रोड और यहां की पटाल बाजार इस शहर की खास पहचानों में है। पटाल संस्कृति के इस अद्भुत शहर में आज भी जहां नजर पड़ेगी वहां पटाल संस्कृति की कोई ना कोई झलक देखने को मिल जाती है। यहीं कारण है कि अल्मोड़ा में देश-विदेश से लोग घूमने के लिए आते हैं।</p>
<p>इतिहास टटोलें तो पाते हैं कि लगभग बारह सौ साल पहले प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा में एक ऐसी शिल्पकारी जीवंत हुई जिसे हम आज पटाल संस्कृति के नाम से जानते हैं। उस दौर में मुख्य बाजार हो या मोहल्ले मकान की ढालू छत का निर्माण पटालों से किया गया। आंगन में पटाल, प्रवेश मार्ग में पटाल, मकान की खिड़कियों व दरवाजों के ऊपर पटाल, करीब हर जगह पटाल अपनी खूबसूरती बिखेरते थे। मकान और पैदल मार्ग ही नहीं बल्कि प्राचीन मंदिर भी इन पटालों से अछूते नहीं रहे। उस दौर में ही अल्मोड़ा नगर का डेढ़ किमी लंबा आवश्यक वस्तुओं का बाजार भी पटालों से ऐसा पटा कि पटाल बाजार के नाम से प्रसिद्ध हो गया।</p>
<h3><strong>कभी ब्रिटिश हुकूमत बनी गवाह</strong></h3>
<p>सदियों पुरानी पटाल बाजार ब्रिटिश हुकूमत की भी गवाह बनी। चंद राजाओं ने पटालों का भरपूर प्रयोग किया और इस संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया। यही कारण रहा कि पटाल यहां के जनजीवन का अभिन्न अंग बन गए। मकान, पैदल मार्ग, मंदिर, आंगन ही नहीं बल्कि उस दौर में प्राकृतिक जल स्रोतों और नौलों के निर्माण में भी पटालों का ही उपयोग किया जाता रहा।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(11)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (11)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>शनै: शनै: समय बदला और आधुनिकता के दौर में पटालों का स्थान ईंट सीमेंट, रेता, बजरी और सरिया ने ले लिया। फिर भी, अल्मोड़ा में पटाल संस्कृति का दीदार आज भी किया जा सकता है। पटाल संस्कृति की महत्ता इतनी है कि अगर जेहन में पटालों वाले किसी शहर का नाम आए तो वह अल्मोड़ा के अलावा और कोई नहीं हो सकता।</p>
<p>एक वक्त था जबकि अल्मोड़ा के द्वाराहाट, बल्ढोंटी, पेटशाल, सल्ट, गंगोली, क्वारब जैसे अनेक स्थानों पर जंगलों में काफी मात्रा में पटाल पाई जाती थी। वहां से इन्हें खास तकनीक के जरिए लंबी और चौड़ी स्लेटों के रूप में निकाला जाता था। फिर इन्हीं से हर प्रकार का निर्माण कार्य किया जाता था।</p>
<h3><strong>पटाल शिल्पियों का दौर ही निराला था</strong></h3>
<p>पटाल संस्कृति के अस्तित्व में आने के बाद से ही पर्वतीय क्षेत्रों के पटाल शिल्पियों को यहां रोजगार मिला। सदियों तक यहां पटाल शिल्पियों ने अपने हुनर को इन पटालों में तराशा और यहीं कार्य उनकी कई पुश्तों के लिए रोजी रोटी का माध्यम बना। आज भले की पटाल शिल्पियों को आधुनिक तकनीक के कारण अपने इस रोजगार से किनारा करना पड़ा हो लेकिन एक दौर वह भी था कि पटाल शिल्पियों के सामने कोई और टिक नहीं सकता था।</p>
<p>फिलवक्त भले ही क्यों ना निर्माण कार्यों की नई तकनीक सामने आ रही हों। लेकिन पटाल की विशेषताओं का आज भी कोई जवाब नहीं है। एक्सपर्टस बताते हैं कि पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में लकड़ी और पत्थर के मकान काफी उपयुक्त हैं, जिनमें पटाल का खास महत्व रहा है। क्योंकि, पटाल टिकाऊ और मजबूत होने के साथ ही हर मौसम में अनुकूल तासीर देने वाले भी होते हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(13)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (13)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3><strong>भूकंप जैसी आपदा में भी अटल हैं पटाल</strong></h3>
<p>इतना ही नहीं, स्वास्थ्य के लिए भी पटाल लाभकारी मानें गए हैं। टूटफूट होने पर पटालों को आसानी से बदला जा सकता है। इसके साथ ही पटाल जल संरक्षण के लिए भी अनुकूल होते हैं। पटालों के जोड़ों से बरसात का पानी पहले धरती में समाता है जिससे भूमि में वाटर-रिचार्ज होता है। पटाल की सबसे बड़ी खूबी यह भी है कि भूकंप जैसी आपदा में पटाल भवनों को मजबूती भी प्रदान करती है।</p>
<p>नगर के मल्ला जोशी खोला, चीनाखान, तल्ला जोशी खोला, पांडेखोला, दुगालखोला, तल्ला मल्ला दन्या, डुबकिया, चौंसार, कर्नाटकखोला, गुरुरानीखोला, बख्शीखोला आदि मोहल्लों में पुरानी शैली के पटाल के भवन इस संस्कृति को संजो कर रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।</p>
<p>बहरहाल, पहाड़ की अद्भुत पटाल संस्कृति इस कदर निराली है कि आज भी अल्मोड़ा कई क्षेत्रों में पटाल से बने ढाई सौ साल पुराने भवन तमाम संयुक्त परिवारों की एकजुटता के गवाह बने हुए हैं। भले ही नगर का अधिकांश इलाका कंक्रीट के जंगलों सा होता जा रहा हो लेकिन, पटान से बने भवनों का आकर्षण आज भी जस का तस है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(9)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (9)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3><strong>बाल मिठाई का इतिहास और विशेषताएं</strong></h3>
<p>अल्मोड़ा जिला अपनी खूबसूरत पहाड़ियों और ठंडी आबोहवा के लिए मशहूर है, लेकिन इन सबसे अलग है यहां की बाल मिठाई जिसने इसे पूरे भारत में पहचान दिलाई है। बाल मिठाई का उद्भव वर्ष 1856 में उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ माना जाता है, जिसे जोग लाल साह ने तैयार किया था। उस दौर में अल्मोड़ा ब्रिटिश शासन के अधीन था और यहां बड़ी संख्या में सैनिक तैनात रहते थे। माना जाता है कि इस मिठाई को शुरुआत में सैनिकों के लिए बनाया गया, क्योंकि पहाड़ों में उपलब्ध शुद्ध दूध से तैयार खोया लंबे समय तक सुरक्षित रह सकता था। धीरे-धीरे इसका अनोखा स्वाद लोगों को भाने लगा और यह आम जनमानस में भी लोकप्रिय हो गई। बाल मिठाई की सबसे प्रमुख विशेषता इसकी पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Tourism</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580760/maal--baal-and-patal--the-unique-cultural-heritage-of-almora</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 13:21:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:दो कुख्यात अपराधियों को 06 माह के लिए जिला बदर करने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>देहरादून में जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने 02 आदतन कुख्यात शातिर अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए 06 माह के लिए जिला बदर करने का आदेश दिया हैं। अभियुक्तो की सामान्य ख्याति एक दुस्साहसी एवं समाज के लिए खतरनाक व्यक्ति के रूप में है और आमजन में उसके प्रति भय व्याप्त है। कई मामलों में लोग उसके विरुद्ध शिकायत अथवा साक्ष्य प्रस्तुत करने से भी कतराते हैं।</p>
<p>पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त आसिफ पुत्र राशिद, निवासी मुस्लिम बस्ती के विरुद्ध कार्यवाही शुरु की गई थी। उक्त के विरुद्ध आयुध अधिनियम सहित भारतीय दण्ड संहिता एवं भारतीय न्याय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580778/order-issued-to-extern-two-notorious-criminals-from-the-district-for-six-months"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/jila.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>देहरादून में जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने 02 आदतन कुख्यात शातिर अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए 06 माह के लिए जिला बदर करने का आदेश दिया हैं। अभियुक्तो की सामान्य ख्याति एक दुस्साहसी एवं समाज के लिए खतरनाक व्यक्ति के रूप में है और आमजन में उसके प्रति भय व्याप्त है। कई मामलों में लोग उसके विरुद्ध शिकायत अथवा साक्ष्य प्रस्तुत करने से भी कतराते हैं।</p>
<p>पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त आसिफ पुत्र राशिद, निवासी मुस्लिम बस्ती के विरुद्ध कार्यवाही शुरु की गई थी। उक्त के विरुद्ध आयुध अधिनियम सहित भारतीय दण्ड संहिता एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में अनेक आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। इसी तरह राहुल कश्यप पुत्र गोपाल कश्यप, निवासी कश्यप मोहल्ला के विरुद्ध कार्यवाही प्रारम्भ की गई। उक्त के विरुद्ध चोरी, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कई आपराधिक मामले पंजीकृत हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580778/order-issued-to-extern-two-notorious-criminals-from-the-district-for-six-months</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 12:05:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:मानसून से पहले उत्तराखण्ड को सौगात, एलर्ट का सफल परीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में शनिवार को सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के जरिए एक मॉक ड्रिल अलर्ट (परीक्षण चेतावनी) जारी किया गया। यह अलर्ट राष्ट्रीय स्तर पर आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। प्रातः 11 बजकर 46 मिनट पर यह अलर्ट संदेश प्रसारित किया गया।</p>
<p>इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड ने लगातार इस आधुनिक तकनीक को जल्द से जल्द लागू किए जाने के लिए केंद्र सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रभावी पैरवी की थी। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580776/a-gift-for-uttarakhand-ahead-of-the-monsoon--successful-testing-of-the-alert-system"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/doon.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में शनिवार को सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के जरिए एक मॉक ड्रिल अलर्ट (परीक्षण चेतावनी) जारी किया गया। यह अलर्ट राष्ट्रीय स्तर पर आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा। प्रातः 11 बजकर 46 मिनट पर यह अलर्ट संदेश प्रसारित किया गया।</p>
<p>इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड ने लगातार इस आधुनिक तकनीक को जल्द से जल्द लागू किए जाने के लिए केंद्र सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रभावी पैरवी की थी। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।</p>
<p>इस सफल परीक्षण के साथ ही राज्य में आपदाओं के दौरान आम जनमानस तक त्वरित एवं लक्षित चेतावनी संदेश पहुंचाने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो गया है। इस तकनीक के माध्यम से अब उत्तराखण्ड में किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में स्थित मोबाइल उपभोक्ताओं को एक साथ अलर्ट भेजे जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं वरदान सिद्ध होगी।</p>
<p> विशेष रूप से चारधाम यात्रा एवं आगामी मानसून सीजन के दौरान इस प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को समय रहते सटीक एवं प्रभावी चेतावनी उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर यह प्रयास किया गया कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व यह तकनीक राज्य को उपलब्ध हो, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति जनमानस को समय रहते सचेत किया जा सके।</p>
<p><strong>आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर</strong><br />आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने इस पहल को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक समय पर चेतावनी पहुंचाना अब संभव हो सकेगा, जिससे आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी और जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।</p>
<p><strong>प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को ही मिलेगा संदेश</strong><br />सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में, प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय सभी मोबाइल टावरों की सीमा में आने वाले उपभोक्ताओं को सेल ब्राडकास्टिंग तकनीक के माध्यम से स्वतः अलर्ट प्राप्त होगा। यह प्रणाली स्थान- विशिष्ट चेतावनी प्रसारण को सक्षम बनाती है, जिससे केवल प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को ही संदेश प्राप्त होता है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580776/a-gift-for-uttarakhand-ahead-of-the-monsoon--successful-testing-of-the-alert-system</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 07:03:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:आपके फोन में आएगा आपातकालीन सूचना का अलर्ट, घबराएं नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> राज्य में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से शनिवार को एक परीक्षण अलर्ट जारी किया जाएगा। इस परीक्षण का उद्देश्य राज्य में स्थापित आपातकालीन सूचना प्रसारण प्रणाली की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना तथा यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में चेतावनी संदेश समयबद्ध एवं व्यापक रूप से प्रसारित हो सकें। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे इस परीक्षण अलर्ट को परीक्षण अलर्ट ही समझे। इस अलर्ट से किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि भविष्य में किसी भी प्रकार के आपदा के सम्भावना होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580693/you-will-receive-an-emergency-alert-on-your-phone%E2%80%94do-not-panic"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/msg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> राज्य में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से शनिवार को एक परीक्षण अलर्ट जारी किया जाएगा। इस परीक्षण का उद्देश्य राज्य में स्थापित आपातकालीन सूचना प्रसारण प्रणाली की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना तथा यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में चेतावनी संदेश समयबद्ध एवं व्यापक रूप से प्रसारित हो सकें। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे इस परीक्षण अलर्ट को परीक्षण अलर्ट ही समझे। इस अलर्ट से किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि भविष्य में किसी भी प्रकार के आपदा के सम्भावना होने पर वास्तविक अलर्ट जारी किया जायेगा। ऐसे अलर्ट को गंभीरता से लिया जाना होगा।</p>
<p>सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से राज्य में आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मौसम पूर्वानुमान एवं आपदा संबंधी सूचनाओं को आम जनमानस तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुँचाना है, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति लोगों को पहले से सचेत किया जा सके और जन-धन की हानि को न्यून किया जा सके।<br />यह परीक्षण विभिन्न मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे यह आकलन किया जा सके कि अलर्ट संदेशों का प्रसारण कितनी प्रभावशीलता से हो रहा है तथा किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। साथ ही, विभिन्न परिस्थितियों में संदेशों की त्वरितता एवं सटीकता का भी परीक्षण किया जाएगा।</p>
<p><strong>यह संदेश आएगा</strong><br />देहरादून। भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए अपने नागरिकों के लिए त्वरित आपदा चेतावनी सेवा के लिए सेल ब्रॉडकास्ट की शुरुआत की जा रही है। इस संदेश की प्राप्ति पर जनता से किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया अपेक्षित नहीं है। यह एक परीक्षण संदेश है। सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र- गृह मंत्रालय से जारी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 07:05:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केदारनाथ के धाम पहुंचे उद्योगपति गौतम अदाणी, 40वीं वर्षगांठ पर किये बाबा के दर्शन-पूजन  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून/श्री केदारनाथ धाम।</strong> देश के जाने माने उद्योगपति गौतम अदाणी ने शुक्रवार को अपने विवाह की चालीसवीं वर्षगांठ उत्तराखंड में भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना कर मनाई। उन्होंने यहां पहुंचने के बाद एक्स पर लिखा, "आज का दिन मेरे लिए विशेष है, एक ओर विश्व श्रमिक दिवस है और दूसरी ओर मेरे विवाह की 40वीं वर्षगांठ"। अदाणी ने लिखा, "इस पावन अवसर की शुरुआत मैंने अपनी जीवनसंगिनी प्रीति के साथ केदारनाथ धाम में भगवान महादेव के दर्शन और आशीर्वाद से की। </p>
<p style="text-align:justify;">चार दशकों की इस यात्रा में, प्रीति का साथ मेरे लिए केवल जीवन का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580538/industrialist-gautam-adani-visited-kedarnath-shrine-and-offered-prayers-to-baba-on-his-40th-birthday"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(23).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून/श्री केदारनाथ धाम।</strong> देश के जाने माने उद्योगपति गौतम अदाणी ने शुक्रवार को अपने विवाह की चालीसवीं वर्षगांठ उत्तराखंड में भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना कर मनाई। उन्होंने यहां पहुंचने के बाद एक्स पर लिखा, "आज का दिन मेरे लिए विशेष है, एक ओर विश्व श्रमिक दिवस है और दूसरी ओर मेरे विवाह की 40वीं वर्षगांठ"। अदाणी ने लिखा, "इस पावन अवसर की शुरुआत मैंने अपनी जीवनसंगिनी प्रीति के साथ केदारनाथ धाम में भगवान महादेव के दर्शन और आशीर्वाद से की। </p>
<p style="text-align:justify;">चार दशकों की इस यात्रा में, प्रीति का साथ मेरे लिए केवल जीवन का संबल नहीं, बल्कि हर चुनौती में एक शांत शक्ति और हर सफलता में एक विनम्र आधार रहा है, इसके लिए मैं हृदय से उनका आभारी हूं। हमने महादेव से प्रार्थना की कि वह हमारे देश को निरंतर प्रगति, समृद्धि और शक्ति प्रदान करें, और हम सभी को राष्ट्र निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान देने की प्रेरणा दें।" </p>
<p style="text-align:justify;">उद्योगपति ने आगे लिखा, "आज, विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर, मैं अदाणी परिवार के अपने चार लाख से अधिक साथियों से जुड़ने के लिए एक नई पहल, 'अपनी बात, अपनों के साथ' की शुरुआत कर रहा हूं। यह मेरे लिए केवल एक औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि अदाणी परिवार में सभी से दिल से जुड़ने का एक प्रयास है। इस पहल के माध्यम से, मैं समय-समय पर अपने विचार, अपने अनुभव और अपनी सीख साझा करूँगा और उतनी ही विनम्रता से सीखने का प्रयास भी करूँगा। </p>
<p style="text-align:justify;">मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब अदाणी परिवार के लाखों सदस्य एक-दूसरे के सहयोगी बनकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ेंगे, तब हम सिर्फ परियोजनाएँ ही नहीं बनाएंगे, बल्कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में अपना विनम्र योगदान भी दे सकेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">आप सभी का विश्वास और साथ ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। जय श्रमशक्ति, जय राष्ट्रशक्ति।" उल्लेखनीय है कि श्री अदाणी आज सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे। इसके बाद वह निजी हेलिकॉप्टर से केदारनाथ पहुंचे। यहां धाम पहुंचकर उन्होंने बाबा केदार की विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद रही। वीआईपी आगमन को देखते हुए केदारनाथ धाम क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने अलर्ट रहा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/580505/buddha-purnima-2026--buddha-purnima-bathing-continues-in-haridwar--crowds-gather-at-har-ki-pauri"><span class="t-red">Buddha Purnima 2026: </span>हरिद्वार में बुद्ध पूर्णिमा स्नान जारी, हर की पैड़ी पर उमड़ा जनसैलाब </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 13:54:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> CharDham Yatra :  बाबा केदार के दर्शन को पहुंचे कैलाश खेर, दिव्य दर्शन प्राप्त कर की विशेष पूजा-अर्चना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> श्री केदारनाथ धाम 30 अप्रैल (वार्ता) प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने गुरुवार को उत्तराखंड में ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दिव्य दर्शन प्राप्त कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के बावजूद यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संचालित हो रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यहां अपने लोकप्रिय भक्ति गीत ''जय जय केदारा'' प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालु भी भावविभोर होकर शामिल हुए। श्री खेर के मंदिर परिसर में पहुंचने पर जिला प्रशासन, केदार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580392/char-dham-yatra--kailash-kher-visited-baba-kedarnath-for-darshan--performed-special-prayers-after-receiving-divine-darshan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(10)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> श्री केदारनाथ धाम 30 अप्रैल (वार्ता) प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने गुरुवार को उत्तराखंड में ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दिव्य दर्शन प्राप्त कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के बावजूद यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संचालित हो रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यहां अपने लोकप्रिय भक्ति गीत ''जय जय केदारा'' प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालु भी भावविभोर होकर शामिल हुए। श्री खेर के मंदिर परिसर में पहुंचने पर जिला प्रशासन, केदार सभा के सदस्यों तथा मंदिर समिति के सदस्यो ने स्वागत किया वहीं श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में श्री केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, तीर्थ पुरोहितों, मंदिर समिति, केदार सभा से सदस्यों से मुलाकात कर यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा यात्रा के लिए की गई बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इतनी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के बावजूद व्यवस्था बनाए रखना प्रशंसनीय है।</p>
<p style="text-align:justify;">गायक कैलाश खेर ने उच्च हिमालयी क्षेत्र की विषम परिस्थितियों के बीच भी श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन एवं पुलिस की तत्परता की सराहना की। उन्होंने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा सहित जनपद की समस्त प्रशासनिक टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बाबा केदार की नगरी में पहुंचकर मन को अद्भुत शांति और ऊर्जा मिलती है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/580334/the-magic-of-films-like--raja-babu--and--partner--is-set-to-return--david-dhawan-s-hit-movies-are-poised-to-create-a-sensation-in-pvr-theaters"><span class="t-red">फिर चलेगा Raja Babu, Partner जैसी फिल्मों का जादू, </span>पीवीआर थिएटर में डेविड धवन की हिट मूवीज मचाएगी धमाल </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>बदरीनाथ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580392/char-dham-yatra--kailash-kher-visited-baba-kedarnath-for-darshan--performed-special-prayers-after-receiving-divine-darshan</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 11:47:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand :होमस्टे पर डीएम का चाबुक, 17 के पंजीकरण निरस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> डीएम सविन बंसल का चाबुक इस बार नियम-कानूनों को धता बताकर चलाए जा रहे होमस्टे पर चला है। जांच में मानकों का उल्लंघन मिलने पर जिला प्रशासन ने 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। इन होमस्टे के नाम पर्यटन विभाग की वेबसाइट से भी हटाए जा रहे हैं।</p>
<p>जिला प्रशासन के अनुसार, शहर में आपराधिक घटनाओं के साथ ही नशे एवं ओवरस्पीड में वाहन चलाने आदि की घटनाओं की जांच में इनमें एक बड़ा कारण ऐसे कथित होमस्टे में रात भर नियम विरुद्ध बार संचालन आदि निकलकर सामने आए। लाउड डीजे, नशा और अय्याशी के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580341/dm-cracks-down-on-homestays--17-registrations-cancelled"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/home1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> डीएम सविन बंसल का चाबुक इस बार नियम-कानूनों को धता बताकर चलाए जा रहे होमस्टे पर चला है। जांच में मानकों का उल्लंघन मिलने पर जिला प्रशासन ने 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। इन होमस्टे के नाम पर्यटन विभाग की वेबसाइट से भी हटाए जा रहे हैं।</p>
<p>जिला प्रशासन के अनुसार, शहर में आपराधिक घटनाओं के साथ ही नशे एवं ओवरस्पीड में वाहन चलाने आदि की घटनाओं की जांच में इनमें एक बड़ा कारण ऐसे कथित होमस्टे में रात भर नियम विरुद्ध बार संचालन आदि निकलकर सामने आए। लाउड डीजे, नशा और अय्याशी के अड्डे बनते जा रहे इन तथाकथित होमस्टे में उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के ठहरने से आमजन की जान को खतरा पैदा हो गया। होटल का रूप ले चुके कई होमस्टे में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग ठहराए जा रहे थे।</p>
<p>डीएम के निर्देश पर सहसपुर व रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच को क्षेत्रवार समितियों ने निरीक्षण के बाद 17 होमस्टे ऐसे मिले जो उत्तराखंड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे। इन सभी के पंजीकरण निरस्त करने की प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।</p>
<p>डीएम बंसल ने बताया कि, होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, किंतु निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया, जिससे अव्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।</p>
<p><strong>ये मिलीं निरीक्षण में खामियां</strong><br />कहीं रसोई तो अग्निशमन उपकरण नहीं। कहने को होमस्टे लेकिन यहां शादी हो रही है। स्वामी का अता-पता नहीं है तो होमस्टे लीज या किराए या व्यवसायिक तौर पर चल रहा है। कहीं विदेशी नागरिक के ठहरने की सूचना नियमानुसार उपलब्ध नहीं कराई गई। कहीं निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन तो कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580341/dm-cracks-down-on-homestays--17-registrations-cancelled</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 11:11:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजधानी देहरादून में लूटपाट के बाद एनकाउंटर, बदमाश ढेर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमित शर्मा, देहरादून।</strong></p>
<p><strong>अमृत विचार:</strong> राजधानी देहरादून में बुधवार देर रात कार सवार बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मारकर दो लाख रूपये लूट लिए। सूचना पर पहुंची पुलिस पर भी बदमाशों ने फायरिंग कर दी जिससे गोली लगने से प्रभारी निरीक्षक थाना प्रेमनगर भी घायल हो गए। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली से एक बदमाश घायल हो गया, जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। <strong>एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोबाल </strong>के अनुसार, थाना प्रेमनगर पर कंट्रोलरूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि, अज्ञात बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मारकर लूट की घटना की है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580381/encounter-criminal-dies-after-looting-in-the-capital"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/1fade91e-c62e-425b-9be7-10cd50dc294b.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमित शर्मा, देहरादून।</strong></p>
<p><strong>अमृत विचार:</strong> राजधानी देहरादून में बुधवार देर रात कार सवार बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मारकर दो लाख रूपये लूट लिए। सूचना पर पहुंची पुलिस पर भी बदमाशों ने फायरिंग कर दी जिससे गोली लगने से प्रभारी निरीक्षक थाना प्रेमनगर भी घायल हो गए। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली से एक बदमाश घायल हो गया, जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। <strong>एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोबाल </strong>के अनुसार, थाना प्रेमनगर पर कंट्रोलरूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि, अज्ञात बदमाशों ने एक व्यक्ति को गोली मारकर लूट की घटना की है। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक प्रेम नगर नरेश राठौड़ फोर्स के मौके पर पहुंचे तो उक्त घटना का पीड़ित घायल अवस्था में मिला। उसने अपना नाम देवराज बताते हुए जानकारी दी कि अभी-अभी कुछ बदमाशों द्वारा जो काले रंग की गुजरात नंबर की कार में सवार थे, लूटपाट की घटना कर मुझे गोली मार कर विश्रांति की तरफ भागे हैं। घायल ने पुलिस को बताया कि मेरे से छीने नीले रंग के बैग में मेरे दो लाख रुपए व एक मोबाइल, एक हिसाब किताब की डायरी व मेरी आईडी व अन्य कागजात थे, वो भी लूट लिए गए हैं। </p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/whatsapp-video-2026-04-30-at-10.29.32-am-(1).mp4" controls=""></video>
<p>एसएसपी ने बताया कि, घायल को प्राथमिक उपचार देकर अपने साथ लेकर बताए गए रास्ते की तरफ जब बदमाशों का पीछा किया गया तो कुछ दूर जंगल मे काले रंग की गाड़ी जाती दिखाई दी। पीछा करने पर कार सवार लोग पुलिस पर फायर करते हुए गाड़ी छोड़कर जंगल की तरफ भागे। पीछा करने पर बदमाशों ने दोबारा पुलिस पर गोली चलाईं। इस दौरान इंस्पेक्टर प्रेमनगर नरेश राठौड़ गोली लगने से घायल हो गए जबकि आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा फायरिंग में एक बदमाश भी गोली लगने से घायल हो गया जबकि अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में भाग गए। मृत बदमाश की अभी पहचान नहीं हो सकी है।     </p>
<p> </p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/whatsapp-video-2026-04-30-at-10.29.31-am.mp4" controls=""></video>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 10:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चारधाम यात्रा :दस दिन में चार लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>देवभूमि में उत्तराखंड चारधाम यात्रा-2026 में अपने आराध्य के दर्शन करने आने श्रद्धालुओं का आंकड़ा 10 दिन चार लाख पार कर गया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि, प्रदेश में चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर सुरक्षित एवं सुगम रूप से दर्शन कर सकें।</p>
<p>चार धाम यात्रा के दौरान यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चारधाम यात्रा मार्गों सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580340/crossed-the-400-000-devotee-mark-in-ten-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/yatra1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>देवभूमि में उत्तराखंड चारधाम यात्रा-2026 में अपने आराध्य के दर्शन करने आने श्रद्धालुओं का आंकड़ा 10 दिन चार लाख पार कर गया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि, प्रदेश में चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर सुरक्षित एवं सुगम रूप से दर्शन कर सकें।</p>
<p>चार धाम यात्रा के दौरान यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चारधाम यात्रा मार्गों सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया गया है। वहीं, राज्य सरकार ने यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों तथा गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा की पवित्रता एवं व्यवस्थाएं बनी रहें।</p>
<p>राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चारधाम कपाट खुलने से 28 अप्रैल की शाम 7:00 बजे तक मात्र दस दिनों में 4 लाख 8 हजार 401 श्रद्धालु चारधाम में दर्शन हेतु पहुंचे चुके थे। इसके अतिरिक्त गौमुख में अब तक 440 यात्री पहुंचे हैं। वर्तमान यात्रा सीजन में अब तक कुल 64,115 वाहन यात्रियों को लेकर चारधाम पहुंचे हैं। शासन के अधिकारियों का कहना है कि, राज्य सरकार द्वारा सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>कहां कितने श्रद्धालु पहुंचे</strong><br />श्री बद्रीनाथ धाम:<br />कपाट उद्घाटन के छह दिनों में 84,942 श्रद्धालु पहुंचे<br />श्री केदारनाथ धाम:<br />सात दिनों में 2,07,452 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए</p>
<p><strong>यमुनोत्री धाम:</strong></p>
<p>दस दिनों में 57,794 श्रद्धालु पहुंचे<br />गंगोत्री धाम:<br />दस दिनों में 57,863 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580340/crossed-the-400-000-devotee-mark-in-ten-days</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 10:03:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
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