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                <title>देहरादून - Amrit Vichar</title>
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                <description>देहरादून RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Weather Alert: आज 17 राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट, दिल्ली-UP से पहाड़ों तक बरसेगा मॉनसून</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भी तेज बारिश के आसार; दिल्ली-NCR में छाए रहेंगे बादल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589964/6-august-weather-alert-heavy-rain-delhi-up-uttarakhand-bihar-monsoon-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/आज-का-मौसम.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश के बड़े हिस्से में मॉनसून सक्रिय है और उत्तर भारत से लेकर पहाड़ी राज्यों तक बारिश का दौर जारी है। दिल्ली-NCR में जहां लगातार बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है, वहीं उत्तराखंड समेत कई पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केरल और असम सहित कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी हुई है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 अगस्त के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली-NCR में बारिश का दौर रहेगा जारी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिल्ली-NCR में इस सप्ताह की शुरुआत से बारिश का सिलसिला बना हुआ है। 6 अगस्त को भी बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदियों और बरसाती गधेरों के उफान पर आने के साथ पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने राज्य में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। 6 अगस्त को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>उत्तर प्रदेश में भी बरसेंगे बादल</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 6 अगस्त को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। IMD के हालिया पूर्वानुमान में उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बिहार में 6 से 8 अगस्त तक बारिश के आसार</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बिहार में भी मॉनसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 6 से 8 अगस्त के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानी की स्थिति बन सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इन राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 6 अगस्त को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश की संभावना है। इनमें हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे शामिल हैं। वहीं कोंकण और गोवा में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, झारखंड, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मॉनसून की सक्रियता के बीच पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। IMD लगातार बारिश और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए अपडेट जारी कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/589891/up-sant-kabir-textile-apparel-park-registration-fee-waived-land"><span class="t-red">यूपी सरकार का बड़ा फैसला:</span> संत कबीर टेक्सटाइल पार्क के लिए 251.805 एकड़ जमीन के हस्तांतरण पर रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
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                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589964/6-august-weather-alert-heavy-rain-delhi-up-uttarakhand-bihar-monsoon-2026</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 08:56:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CWG में ब्रॉन्ज़ जीतकर लौटीं उन्नति शर्मा का भव्य स्वागत, बोलीं- अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में गोल्ड</title>
                                    <description><![CDATA[कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में जूडो की 63 किग्रा स्पर्धा में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली उन्नति शर्मा का देहरादून में भव्य स्वागत हुआ। उन्नति ने कहा कि अब उनका लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589925/unnati-sharma-cwg-bronze-medal-grand-welcome-dehradun-asian-games-olympics-target"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/cats26.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>देहरादून, अमृत विचार। </strong>Commonwealth Games (CWG) की जूडो प्रतियोगिता में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली उत्तराखंड की होनहार खिलाड़ी उन्नति शर्मा का बुधवार को देहरादून में भव्य स्वागत किया गया। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों की 63 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर लौटीं उन्नति के स्वागत के लिए खेल प्रेमियों, जूडो संघ के पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान उन्नति ने कहा कि उनका सपना गोल्ड मेडल जीतना था, लेकिन अब अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।</p>
<h5><strong><span>दिल्ली से देहरादून पहुंचीं उन्नति, हुआ जोरदार स्वागत</span></strong></h5>
<p>पूर्व जूडो कोच सतीश शर्मा ने बताया कि उन्नति शर्मा मंगलवार को ग्लासगो से दिल्ली पहुंचीं, जहां उन्होंने केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके बाद बुधवार दोपहर करीब 12:20 बजे वह जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचीं। एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिए उन्हें डिफेंस कॉलोनी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल ले जाया गया, जहां उनके सम्मान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।</p>
<h5><strong><span>खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने किया सम्मान</span></strong></h5>
<p>स्वागत समारोह में युवा खिलाड़ी, स्कूल के शिक्षक, खेल प्रेमी, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी और उत्तराखंड सरकार के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने उन्नति शर्मा की उपलब्धि को प्रदेश और देश के लिए गौरव का क्षण बताया। कार्यक्रम के बाद वह अपने आवास के लिए रवाना हुईं।</p>
<h5><strong><span>'गोल्ड का सपना अधूरा रहा, अब एशियन गेम्स और ओलंपिक पर फोकस'</span></strong></h5>
<p>ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद उन्नति शर्मा ने कहा कि उनका लक्ष्य भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना था, लेकिन सेमीफाइनल मुकाबले में मामूली चूक के कारण वह फाइनल में नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने कहा, "मेरी कोशिश थी कि मैं भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतूं, लेकिन सेमीफाइनल में थोड़ी सी चूक हो गई। इसके बाद मैंने तय कर लिया था कि ब्रॉन्ज़ मेडल लेकर ही लौटूंगी। अगली बार मेरा पूरा प्रयास गोल्ड जीतने का होगा। अब मेरा फोकस एशियन गेम्स और ओलंपिक की तैयारी पर रहेगा।"</p>
<h5><strong><span>उत्तराखंड के लिए गर्व का पल</span></strong></h5>
<p>उन्नति शर्मा की इस उपलब्धि से पूरे उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। खेल जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी सफलता राज्य के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589925/unnati-sharma-cwg-bronze-medal-grand-welcome-dehradun-asian-games-olympics-target</link>
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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 14:02:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kedarnath Yatra :   भूस्खलन से केदारनाथ पैदल मार्ग बंद, गौरीकुंड के पास रोकी गई यात्रियों की आवाजाही </title>
                                    <description><![CDATA[केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड के पास भारी भूस्खलन से पैदल रास्ता बंद हो गया है। प्रशासन ने यात्रियों की आवाजाही रोककर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589317/kedarnath-yatra-kedarnath-footpath-closed-due-to-landslide-movement-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/kedarnath-trek-route-closed-due-to-landslide.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रुद्रप्रयाग।</strong> उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। लगातार हो रही बारिश के बीच गौरीकुंड गेट से करीब 200 मीटर आगे भारी मलबा और बोल्डर गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल पैदल यात्रा रोक दी है। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मलबा हटाने का काम जारी</h3>
<p style="text-align:justify;">जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित विभागों और राहत-बचाव टीमों को मौके के लिए रवाना कर दिया गया। मार्ग से मलबा हटाने और रास्ता दोबारा खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बारिश के कारण राहत कार्य में परेशानी</h3>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है और पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा व पत्थर गिर रहे हैं। इसके चलते मार्ग बहाली के काम में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और बिना अनुमति के आगे बढ़ने की कोशिश न करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुरक्षा जांच के बाद ही शुरू होगी यात्रा</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने यात्रियों से पुलिस और जिला प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही केदारनाथ पैदल यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/589129/uttarakhand-normal-life-disrupted-uttarkashi-tehri-due-heavy-rains-several-roads-closed"><span class="t-red">Uttarakhand: </span>भारी बारिश से उत्तरकाशी और टिहरी में जनजीवन प्रभावित; कई सड़कें बंद</a></h5>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 13:37:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Jamarani Dam Project: 2026-27 के लक्ष्य से पीछे चल रहा जमरानी बांध प्रोजेक्ट, सीडीओ ने तेज काम के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना की समीक्षा में निर्माण कार्य धीमा मिला। सीडीओ ने मलबा निस्तारण, पुनर्वास और गुणवत्ता सुधार के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589311/jamarani-dam-project-lagging-behind-the-target-of-2026-27-cdo"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/jamarani-dam-project.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी। </strong>बहुप्रतीक्षित जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नैनीताल के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अरविंद कुमार पांडे ने बुधवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण किया तो निर्माण कार्यों में कई खामियां सामने आईं। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को संसाधन बढ़ाकर तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी प्रगति, मलबा निस्तारण, पुनर्वास, गुणवत्ता नियंत्रण और सामाजिक दायित्व से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि परियोजना वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले पीछे चल रही है, इसलिए कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मलबा निस्तारण व्यवस्था पर उठे सवाल</h3>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण में सामने आया कि मलबा निस्तारण के लिए तीन डंपिंग साइट चिन्हित की गई हैं, लेकिन फिलहाल केवल एक साइट का ही उपयोग किया जा रहा है। इस साइट पर भी वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से मलबा निस्तारण नहीं होने की बात सामने आई। सीडीओ ने बताया कि नदी किनारे डाला गया मलबा बारिश के दौरान नदी में बह रहा है, जो पर्यावरण के लिहाज से गंभीर मामला है। उन्होंने सभी डंपिंग साइटों को जल्द विकसित कर पर्यावरणीय मानकों के अनुसार मलबा निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">408 करोड़ रुपये के पुनर्वास पैकेज की समीक्षा</h3>
<p style="text-align:justify;">जमरानी परियोजना के तहत पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&amp;R) नीति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों को करीब 408 करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान है। अब तक अधिकांश मुआवजा वितरित किया जा चुका है, जबकि करीब 68 करोड़ रुपये का भुगतान अभी बाकी है। वहीं, लगभग 12 करोड़ रुपये से जुड़े 14 परिवारों के मामले मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) में लंबित हैं। सीडीओ ने इन मामलों का जल्द निस्तारण कर प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">थर्ड पार्टी जांच एजेंसी के निरीक्षण पर नाराजगी</h3>
<p style="text-align:justify;">परियोजना की निर्माण गुणवत्ता की निगरानी के लिए नियुक्त थर्ड पार्टी एजेंसी पिछले चार-पांच महीनों से साइट निरीक्षण नहीं कर रही थी। जबकि नियमों के अनुसार हर तीन महीने में निरीक्षण किया जाना जरूरी है। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मैनपावर और मशीनरी बढ़ाने के निर्देश</h3>
<p style="text-align:justify;">समीक्षा में यह भी सामने आया कि परियोजना स्थल पर आवश्यक क्षमता के अनुसार मैनपावर और मशीनरी उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सीडीओ ने अधिकारियों को संसाधन बढ़ाकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विस्थापित परिवारों और सामाजिक योजनाओं की भी समीक्षा</h3>
<p style="text-align:justify;">बैठक में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्राग फार्म में विकसित की जा रही कॉलोनी की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कॉरपोरेट पर्यावरणीय जिम्मेदारी (CSR) के तहत प्रभावित क्षेत्र के 19 गांवों में 13 करोड़ रुपये की लागत से 1,175 सोलर लाइटें लगाने की योजना की समीक्षा की गई। सीडीओ ने सोलर लाइट स्थापना कार्य जिला प्रशासन की निगरानी में कराने के निर्देश दिए। सामाजिक दायित्व के तहत शिक्षा, शौचालय, स्मार्ट क्लास समेत अन्य विकास कार्यों के लिए निर्धारित 13 करोड़ रुपये (पांच वर्ष) की राशि में अब तक केवल 40 लाख रुपये खर्च होने पर भी सीडीओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रभावित गांवों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। निरीक्षण के दौरान परियोजना प्रबंधक ललित कुमार, हिमांशु पंत समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, परियोजना के महाप्रबंधक के मौके पर उपस्थित नहीं होने पर सीडीओ ने नाराजगी व्यक्त की।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/589308/20-government-colleges-of-uttarakhand-state-will-become-autonomous-mbpg"><span class="t-red">Uttarakhand Education : </span>20 सरकारी कॉलेजों को मिलेगा ऑटोनॉमस दर्जा, MBPG कॉलेज हल्द्वानी भी शामिल</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589311/jamarani-dam-project-lagging-behind-the-target-of-2026-27-cdo</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 13:04:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  Education :  Uttarakhand के 20 सरकारी कॉलेज होंगे आजाद, खुद तैयार करेंगे पेपर और सिलेबस</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के 20 सरकारी कॉलेजों को ऑटोनॉमस दर्जा देने की तैयारी है। एमबीपीजी कॉलेज समेत कई संस्थान अपने सिलेबस, प्रश्नपत्र और परीक्षा प्रणाली तय कर सकेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589308/20-government-colleges-of-uttarakhand-state-will-become-autonomous-mbpg"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/20-government-colleges-in-the-state-to-become-autonomous.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हल्द्वानी।</strong> उत्तराखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 20 सरकारी कॉलेजों को ऑटोनॉमस (स्वायत्त) दर्जा देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित सूची में हल्द्वानी का एमबीपीजी कॉलेज समेत कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई प्रमुख कॉलेज शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विभागीय अधिकारियों के अनुसार, संबंधित कॉलेजों की ओर से विश्वविद्यालयों को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने और यूजीसी के मानकों को पूरा करने के बाद इन कॉलेजों को ऑटोनॉमस का दर्जा दिया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कॉलेजों को मिलेंगे ये अधिकार</h3>
<p style="text-align:justify;">ऑटोनॉमस दर्जा मिलने के बाद कॉलेज अपने स्तर पर पाठ्यक्रम (सिलेबस) तैयार कर सकेंगे, प्रश्नपत्र बनाने की व्यवस्था कर सकेंगे, परीक्षा प्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया तय कर सकेंगे। हालांकि, छात्रों को मिलने वाली डिग्री संबंधित विश्वविद्यालय के नाम से ही जारी होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई शिक्षा नीति के अनुरूप होगा बदलाव</h3>
<p style="text-align:justify;">ऑटोनॉमस व्यवस्था लागू होने से कॉलेज स्थानीय जरूरतों और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखते हुए नए पाठ्यक्रम शुरू कर सकेंगे। इससे नई शिक्षा नीति-2020 के तहत कौशल आधारित और नवाचार से जुड़े कोर्स लागू करने में भी मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ऑटोनॉमस दर्जा पाने के लिए कॉलेजों को यूजीसी के निर्धारित मानकों, बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता, नैक (NAAC) मान्यता, पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था जैसी शर्तों को पूरा करना होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया में आएगी तेजी</h3>
<p style="text-align:justify;">विभाग का मानना है कि स्वायत्त व्यवस्था लागू होने के बाद परीक्षाओं और परिणामों की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही रोजगारपरक और नए प्रयोगों पर आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने का रास्ता भी आसान होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. एएस उनियाल ने बताया कि कई कॉलेजों ने ऑटोनॉमस दर्जा दिए जाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कॉलेजों की ओर से संबंधित विश्वविद्यालयों से अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। यूजीसी के मानकों को पूरा करने और आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद कॉलेजों को स्वायत्त दर्जा मिल सकेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इन 20 कॉलेजों को ऑटोनॉमस बनाने की तैयारी</h3>
<p style="text-align:justify;">एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी<br />रामनगर कॉलेज<br />खटीमा कॉलेज<br />कोटद्वार कॉलेज<br />लोहाघाट कॉलेज<br />उत्तरकाशी कॉलेज<br />डोईवाला कॉलेज<br />कर्णप्रयाग कॉलेज<br />रानीखेत कॉलेज<br />डाकपत्थर, विकासनगर (देहरादून)<br />हल्दूचौड़ कॉलेज<br />तलवाड़ी, चमोली<br />बेरीनाग कॉलेज<br />कपकोट कॉलेज<br />पुरोला, उत्तरकाशी<br />नई टिहरी कॉलेज<br />रुद्रपुर कॉलेज<br />काशीपुर राधेहरि कॉलेज<br />सोमेश्वर कॉलेज<br />थलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल कॉलेज</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/589265/weather-heavy-rain-forecast-several-indian-states-august-3-alert-issued-thunderstorms--strong-winds--and-lightning-strikes"><span class="t-red">Weather : </span>3 अगस्त तक भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, गरज चमक के साथ तेज हवा-बिजली गिरने का अलर्ट</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589308/20-government-colleges-of-uttarakhand-state-will-become-autonomous-mbpg</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:58:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Weather :   3 अगस्त तक भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, गरज चमक के साथ तेज हवा-बिजली गिरने का अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर-पश्चिम भारत में 3 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589265/weather-heavy-rain-forecast-several-indian-states-august-3-alert-issued-thunderstorms--strong-winds--and-lightning-strikes"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/heavy-rain-forecast-for-several-indian-states-until-august-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पंचकूला।</strong> भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में तीन अगस्त तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। यह स्थिति अगस्त के पहले सप्ताह तक रह सकती है। </p>
<p style="text-align:justify;">आईएमडी के बुधवार सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तर आंतरिक ओडिशा और दक्षिण झारखंड-छत्तीसगढ़ से लगे क्षेत्रों में बना गहरा दबाव पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में इसके उत्तर आंतरिक ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 29 से 31 जुलाई और दो से तीन अगस्त को व्यापक बारिश होने का अनुमान है। </p>
<p style="text-align:justify;">1 अगस्त को बारिश में कुछ कमी आ सकती है। विभाग ने 30 जुलाई से तीन अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश और 29 जुलाई को कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई से तीन अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड में 29 जुलाई से तीन अगस्त तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। विभाग ने पहाड़ी इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 29 जुलाई से तीन अगस्त तक व्यापक बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अनुमान है, जो 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। यहां 29 जुलाई और 31 जुलाई से तीन अगस्त के बीच भारी बारिश, जबकि 30 जुलाई को अतिवृष्टि का अनुमान जताया है। </p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने निचले और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि तेज बारिश के कारण स्थानीय जलभराव, यातायात में बाधा, अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/589241/uproar-lok-sabha-exam-revisions-kiren-rijiju-leader-of-opposition-rahul-gandhi-s-statement"><span class="t-red">Parliament Monsoon Session:</span> परीक्षा संशोधन मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा, सदन की कार्यवाही ढाई बजे तक स्थगित</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589265/weather-heavy-rain-forecast-several-indian-states-august-3-alert-issued-thunderstorms--strong-winds--and-lightning-strikes</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 16:48:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Char Dham Yatra 2026: भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, प्रशासन का बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में लगातार बारिश से कई यात्रा मार्ग प्रभावित, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आज और कल चारधाम यात्रा पर लगाई गई रोक; मौसम सामान्य होने के बाद होगा अगला निर्णय।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589140/char-dham-yatra-suspended-two-days-heavy-rain-landslide-uttarakhand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/भारी-बारिश-और-भूस्खलन-के-बीच-दो-दिन-के-लिए-रुकी-चारधाम-यात्रा-(1).png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>चमोली/टिहरी/रुद्रप्रयागः </strong>उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और विभिन्न स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने मंगलवार से दो दिनों के लिए चारधाम यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला गढ़वाल मंडल आयुक्त की ओर से लिया गया है।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-(1).png" alt="भारी बारिश और भूस्खलन के बीच दो दिन के लिए रुकी चारधाम यात्रा (1)"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>भूस्खलन से कई मार्ग हुए प्रभावित</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">गढ़वाल मंडल आयुक्त के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्ग के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़कें बाधित हो गई हैं। मार्गों पर मलबा आने और आवागमन प्रभावित होने के कारण यात्रा जारी रखना सुरक्षित नहीं माना गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>मौसम विभाग के अलर्ट के बाद लिया गया निर्णय</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने बताया कि मौसम विभाग ने भी आगामी समय के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आज और कल चारधाम यात्रा स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE.png" alt="भारी बारिश और भूस्खलन के बीच दो दिन के लिए रुकी चारधाम यात्रा"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>श्रद्धालुओं से की गई यह अपील</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे मौसम और यात्रा मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लिए बिना यात्रा पर रवाना न हों। साथ ही सभी यात्रियों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>सुरक्षित होने पर फिर शुरू होगी यात्रा</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही मौसम सामान्य होगा और यात्रा मार्गों को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया जाएगा, उसके बाद चारधाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589129/uttarakhand-normal-life-disrupted-uttarkashi-tehri-due-heavy-rains-several-roads-closed"><span class="t-red">Uttarakhand: </span>भारी बारिश से उत्तरकाशी और टिहरी में जनजीवन प्रभावित; कई सड़कें बंद</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589140/char-dham-yatra-suspended-two-days-heavy-rain-landslide-uttarakhand</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 12:36:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttarakhand:  भारी बारिश से उत्तरकाशी और टिहरी में जनजीवन प्रभावित; कई सड़कें बंद</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में भूस्खलन और मलबा आने से कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे प्रभावित होने से चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589129/uttarakhand-normal-life-disrupted-uttarkashi-tehri-due-heavy-rains-several-roads-closed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/normal-life-disrupted-in-uttarkashi-and-tehri-due-to-heavy-rain-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>उत्तरकाशी/टिहरी। </strong>उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते कई इलाकों में भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा आने के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। इससे चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उत्तरकाशी में यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे कई जगह बंद</h3>
<p style="text-align:justify;">उत्तरकाशी जिले में सोमवार देर रात से जारी बारिश के कारण यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गए हैं। यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़, सिलाई बैंड, जंगलचट्टी, दुर्बिल और बढ़िया के पास भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, गंगोत्री हाईवे पर गंगानी-सुनगर और भटवाड़ी के चड़ेथी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण मार्ग बंद हो गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग मार्गों को खोलने के लिए मलबा हटाने के काम में जुटे हुए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यमुनोत्री पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त</h3>
<p style="text-align:justify;">भारी बारिश के कारण यमुनोत्री धाम जाने वाला पैदल मार्ग भी प्रभावित हुआ है। राम मंदिर के पास नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 25 से 30 मीटर लंबा रास्ता धंस गया है, जिसके बाद सुरक्षा को देखते हुए यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">टिहरी गढ़वाल में कई सड़कें बंद, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी</h3>
<p style="text-align:justify;">टिहरी गढ़वाल जिले में भी लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। कुमाल्डा क्षेत्र में कटुकिचैल के पास सड़क बंद होने से चंबा-सत्यों-रायपुर मार्ग प्रभावित हुआ है। इसके अलावा रानीचौरी-नकोट मार्ग, रानीचौरी-खंडकरी मार्ग भी बंद हैं। वहीं पहाड़ी से लगातार मलबा आने के खतरे को देखते हुए नरेंद्रनगर-गुजराड़ा-रानीपोखरी मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियां प्रभावित मार्गों को जल्द खोलने में जुटी हैं। पुलिस ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। लगातार बारिश को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/588872/pilgrimgujaratkedarnathyatrapassesawaydiesdehradunrescuedhelicopter"><span class="t-red">केदारनाथ यात्रा पर आए गुजरात के श्रद्धालु की मौत, </span>हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू के बाद देहरादून में तोड़ा दम</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589129/uttarakhand-normal-life-disrupted-uttarkashi-tehri-due-heavy-rains-several-roads-closed</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 11:23:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से छंटेगा भ्रम और साजिश का कुहासा', बोले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट</title>
                                    <description><![CDATA[पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने शनिवार को कहा कि इस इस्तीफे से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर साजिशन फैलाए जा रहे झूठ, भ्रम और नकारात्मकता के बादल अब पूरी तरह छंट जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588921/-dharmendra-pradhan-s-resignation-confusion-conspiracy---bjp-state-president-mahendra-bhatt"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/dharmendra-pradhan&#039;s-resignation-will-clear-the-fog-of-conspiracy-and-confusion-mahendra-bhatt.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफे को राष्ट्र और छात्र हित में लिया गया एक 'नैतिक और सर्वोत्कृष्ट निर्णय' बताया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने शनिवार को कहा कि इस इस्तीफे से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर साजिशन फैलाए जा रहे झूठ, भ्रम और नकारात्मकता के बादल अब पूरी तरह छंट जाएंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">'देश प्रथम' की भावना से दिया गया इस्तीफा</h3>
<p style="text-align:justify;">देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का संपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक जीवन निष्कलंक रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान, "नीट (NEET) परीक्षा को लेकर जिस तरह अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने और छात्रों को भड़काने की कोशिश की जा रही थी, उस पर विराम लगाने के लिए उन्होंने 'देश प्रथम' की भावना से इस्तीफा दिया है। यह फैसला छात्रों को राष्ट्रविरोधी और विपक्षी ताकतों के बहकावे में आने से रोकेगा।"</p>
<h3 style="text-align:justify;">विपक्षी और राष्ट्रविरोधी ताकतों की साजिश का आरोप</h3>
<p style="text-align:justify;">भट्ट ने आंदोलन के पीछे विपक्षी और राष्ट्रविरोधी ताकतों का हाथ होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि जिस नीट परीक्षा को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा किया गया, उसके तो पुनः परीक्षा (Re-test) के परिणाम भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद छात्रों को गुमराह किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार देश के हर एक छात्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझती है और पेपर लीक व नकल की समस्या के स्थायी समाधान पर काम कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">'पीएम मोदी के रहते छात्रों को चिंता करने की जरूरत नहीं'</h3>
<p style="text-align:justify;">महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हमेशा जनभावनाओं का सम्मान करती है और कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटती। उन्होंने आंदोलनरत और अन्य सभी छात्रों से अपील करते हुए कहा, कड़ा कानून और NTA में बदलाव: सरकार ने नकल रोकने के लिए कानून को और सख्त बनाया है, मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने का फैसला लिया है और परीक्षा एजेंसी एनटीए (NTA) में समूल सुधार के कदम उठाए हैं। छात्र सुरक्षा और मुआवजा: पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सभी छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिया गया है। उन्होंने छात्रों से किसी के बहकावे में न आने और पूरी निष्ठा के साथ अपनी परीक्षाओं की तैयारी में जुटने का आग्रह किया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h6 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/588919/abhijit-deepke-s-family-breathes-dharmendra-pradhan-s-resignation"><span class="t-red">अभिजीत दीपके के परिवार ने ली राहत की सांस, </span>मां बोलीं- 'घर लौटे तो कसकर गले लगाऊंगी और आरती उतारूंगी'</a></h6>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/588921/-dharmendra-pradhan-s-resignation-confusion-conspiracy---bjp-state-president-mahendra-bhatt</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/588921/-dharmendra-pradhan-s-resignation-confusion-conspiracy---bjp-state-president-mahendra-bhatt</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 17:39:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> केदारनाथ यात्रा पर आए गुजरात के श्रद्धालु की मौत, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू के बाद देहरादून में तोड़ा दम</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा पर आए गुजरात के एक श्रद्धालु की उपचार के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को रुद्रप्रयाग जिले के कालीशिला क्षेत्र में हृदयाघात के कारण श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें दुर्गम परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू कर हेलीकॉप्टर से देहरादून भेजा गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588872/pilgrimgujaratkedarnathyatrapassesawaydiesdehradunrescuedhelicopter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/केदारनाथ-यात्रा-पर-आए-गुजरात-के-श्रद्धालु-की-मौत.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा पर आए गुजरात के एक श्रद्धालु की उपचार के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को रुद्रप्रयाग जिले के कालीशिला क्षेत्र में हृदयाघात के कारण श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें दुर्गम परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू कर हेलीकॉप्टर से देहरादून भेजा गया था।</p><p style="text-align:justify;"> आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गुजरात निवासी पर्वत भाई (44) कालीशिला क्षेत्र में अचानक अचेत हो गए थे। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन, यूकाडा, डीडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।</p><h3 style="text-align:justify;">प्रतिकूल मौसम के बीच किया गया रेस्क्यू</h3><p style="text-align:justify;">कालीशिला क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम के बावजूद रेस्क्यू टीम ने श्रद्धालु को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हेलीकॉप्टर की मदद से उन्हें एयरलिफ्ट कर देहरादून लाया गया और मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने देर रात जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। </p><p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, कालीशिला जैसे दुर्गम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग और मरीज को समय पर बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन रेस्क्यू टीम के समन्वित प्रयास से यह संभव हो सका। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार सतर्क है और आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।<br /></p><h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5><h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/588557/pilgrimage-disrupted-on-the-kedarnath-trek-route-due-to-debris--work-to-clear-the-path-is-underway-on-a-war-footing">केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा आने से यात्रा बाधित, मार्ग खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/588872/pilgrimgujaratkedarnathyatrapassesawaydiesdehradunrescuedhelicopter</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 13:17:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा आने से यात्रा बाधित, मार्ग खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी</title>
                                    <description><![CDATA[गौरीकुंड के पास पत्थर और मलबा गिरने से रास्ता बंद, यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588557/pilgrimage-disrupted-on-the-kedarnath-trek-route-due-to-debris--work-to-clear-the-path-is-underway-on-a-war-footing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/untitled-design-(5)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रुद्रप्रयाग। </strong>उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित श्री केदारनाथ धाम की यात्रा एक बार फिर प्रभावित हुई है। बुधवार सुबह पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग अस्थायी रूप से बंद हो गया। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है और मार्ग को जल्द खोलने के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। जिला आपदा परिचालन केंद्र के प्रभारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 6:01 बजे सूचना मिली कि गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छोड़ी क्षेत्र के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी मात्रा में पत्थर और मलबा आने से रास्ता अवरुद्ध हो गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मौके पर पहुंचीं टीमें, मलबा हटाने का काम जारी</h4>
<p style="text-align:justify;">घटना की जानकारी मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र ने गौरीकुंड के सेक्टर अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मार्ग से मलबा हटाने के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रशासन के अनुसार, मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सुरक्षा के लिए यात्रियों को रोका गया</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही आवाजाही शुरू की जाएगी। मौके पर जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ), वाईएमएफ, आपदा मित्र, एमपीएफ और पुलिस की टीमें तैनात हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने, जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही आगे की यात्रा की अनुमति दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 16:11:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kedarnath Yatra Update: केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन, गौरीकुंड के पास रास्ता बंद; यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया</title>
                                    <description><![CDATA[भारी बारिश के बीच छोड़ी के पास गिरा मलबा और पत्थर, प्रशासन ने शुरू कराया मार्ग बहाली का कार्य; NDRF-SDRF अलर्ट पर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588511/kedarnath-pedestrian-route-closed-after-landslide-near-gaurikund"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan--(27)8.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>रुद्रप्रयाग:</strong> उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच केदारनाथ पैदल मार्ग पर बुधवार सुबह भूस्खलन होने से यात्रा प्रभावित हो गई। गौरीकुंड से करीब एक किलोमीटर आगे छोड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण पैदल मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिसके चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भूस्खलन की सूचना मिलते ही सुरक्षा के मद्देनज़र यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने तक किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>मार्ग बहाल करने में जुटीं टीमें</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मलबा हटाकर मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने का कार्य जारी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>NDRF और SDRF अलर्ट मोड पर</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन बल, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और केवल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू कराई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588085/havoc-caused-by-heavy-rains-in-uttarakhand--two-killed-by-lightning--84-roads-closed--red-alert-issued-for-several-districts"><span class="t-red">उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर :</span> आकाशीय बिजली गिरने से दो की मौत, 84 सड़कें बंद; कई जिलों में रेड अलर्ट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/588511/kedarnath-pedestrian-route-closed-after-landslide-near-gaurikund</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 13:18:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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