<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/category/34091/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>कारोबार - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/category/34091/rss</link>
                <description>कारोबार RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> Stock Market Closed :  निजी क्षेत्र के बैंकों, गैर बैंकिग वित्तीय कंपनियों के शेयरों को निवेशकों का समर्थन, सेंसेक्स-निफ्टी में हल्का सुधार </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>निजी क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय सेवा कंपनियों के शेयरों को निवेशकों के समर्थन तथा इंजीनियरिंग और अवसंरचना क्षेत्र से जुड़ी कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में लिवाली निकलने से स्थानीय शेयर बाजारों के प्रमुख शेयर सूचकांक शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती कारोबार में रुपये की विनिमय दर में सुधार के संकेतों से भी बाजार को समर्थन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">बंबई बाजार का सेंसेक्स 231.99 अंक या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 75,415.35 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 64.60 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 23,719.30 पर बंद हुआ। सेंसेक्स सुबह 75,260.39 पर खुलने के बाद ऊपर में 75,810.97 और नीचे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582843/stock-market-closed--investors-back-shares-of-private-sector-banks-and-nbfcs--sensex-and-nifty-witness-a-slight-recovery"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(43)11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>निजी क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय सेवा कंपनियों के शेयरों को निवेशकों के समर्थन तथा इंजीनियरिंग और अवसंरचना क्षेत्र से जुड़ी कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में लिवाली निकलने से स्थानीय शेयर बाजारों के प्रमुख शेयर सूचकांक शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती कारोबार में रुपये की विनिमय दर में सुधार के संकेतों से भी बाजार को समर्थन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">बंबई बाजार का सेंसेक्स 231.99 अंक या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 75,415.35 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 64.60 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 23,719.30 पर बंद हुआ। सेंसेक्स सुबह 75,260.39 पर खुलने के बाद ऊपर में 75,810.97 और नीचे में 75,230.75 अंक तक गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">कल बाजार 75,183.36 पर बंद हुआ था। इसी तरह निफ्टी50 सुबह 23,671.20 पर खुल कर ऊपर में 23,835.65 और नीचे में 23,671 तक गया था। बीएसई में आज साप्ताहिक कारोबार के आखिरी दिन 15 शेयर लाभ में और 15 हानि में रहे। लाभ में रहे प्रमुख शेयरों में ट्रेन्ट 3.01 प्रतिशत, एक्सिस 2.52 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 1.77 प्रतिशत, एशियन पेंट 1.56 प्रतिशत और हिंदुस्तान लीवर 1.06 प्रतिशत लाभ में रहा। </p>
<p style="text-align:justify;">एचडीएफसी बैंक, कोटक बैंक, बजाज फाइनेंस, अल्ट्रासीमेंट, बजाज फिनसर्व, इंडिगो ओर रिलायंस भी लाभ में रहे। सनफार्मा, आईटीसी, पावरग्रिड, भेल, भारती एयरटेल और इन्फोसिस जैसे कई प्रमुख शेयरों में 2.43 प्रतिशत से 0.61 प्रतिशत तक की गिरावट रही। सेंसेक्स में शामिल सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अन्य कंपनियों के शेयर भी गिरावट में बंद हुए। </p>
<p style="text-align:justify;">पूरे दिन कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। दोपहर बाद के कारोबार में भू-राजनीतिक अनिश्चिताओं की चिंता, वैश्विक बाजार में बांडों पर प्रतिफल बढ़ने और कच्चे तेल के दाम ऊंचे होने के कारण शेयरों में ऊंची कीमत पर लाभ काटने के लिए बिकवाली का दबाव बढ़ गया था। इससे बाजार में तेजी का वातावरण कुछ शांत हो गया। अलग-अलग खंडों में में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य रूप से निफ्टी प्राइवेट बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों को लेकर बजार का रुख सकारात्मक दिखा। इन शेयरों में लिवाले से बाजार को कुल मिला कर सहारा मिला। इसके विपरीत हेल्थकेयर, मीडिया और फार्मा शेयरों में कमजोरी देखी गयी, जिसने कुल मिला कर बाजार में सुधार सीमित हो गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स मामूली रूप से 0.14 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ, जो चुनिंदा खरीदारी के रुझान को दर्शाता है, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.15 प्रतिशत फिसल गया। विश्लेषकों के अनुसार यह व्यापक बाजार में सतर्क रुख को दर्शाता है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><br />ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582778/stock-market-today--markets-open-higher--sensex-surges--banking-stocks-rally"><span class="t-red">Stock Market Today : </span>बढ़त के साथ खुले शेयर बाजार, सेंसेक्स में जोरदार उछाल, बैंकिंग शेयरों में तेजी</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582843/stock-market-closed--investors-back-shares-of-private-sector-banks-and-nbfcs--sensex-and-nifty-witness-a-slight-recovery</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582843/stock-market-closed--investors-back-shares-of-private-sector-banks-and-nbfcs--sensex-and-nifty-witness-a-slight-recovery</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 18:06:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%2843%2911.jpg"                         length="95423"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Stock Market Today : बढ़त के साथ खुले शेयर बाजार, सेंसेक्स में जोरदार उछाल, बैंकिंग शेयरों में तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में तेजी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 77.03 अंक की बढ़त के साथ 75,260.39 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 399.70 अंक (0.53 प्रतिशत) की मजबूती के साथ 75,583.06 अंक पर था। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीद में दूसरे एशियाई बाजारों के साथ घरेलू शेयर बाजारों में भी निवेशक लिवाल रहे। रुपये में लगातार दूसरे दिन जारी तेजी से भी घरेलू स्तर पर निवेश धारणा मजबूत हुई है। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में निवेशक पैसा लगा रहे हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582778/stock-market-today--markets-open-higher--sensex-surges--banking-stocks-rally"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(3)17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में तेजी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 77.03 अंक की बढ़त के साथ 75,260.39 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 399.70 अंक (0.53 प्रतिशत) की मजबूती के साथ 75,583.06 अंक पर था। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीद में दूसरे एशियाई बाजारों के साथ घरेलू शेयर बाजारों में भी निवेशक लिवाल रहे। रुपये में लगातार दूसरे दिन जारी तेजी से भी घरेलू स्तर पर निवेश धारणा मजबूत हुई है। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में निवेशक पैसा लगा रहे हैं। साथ ही टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और ऑटो सेक्टर में भी लिवाली जारी है। </p>
<p style="text-align:justify;">धातु, ऑटो, बैंकिंग, मीडिया और रियलटी सेक्टरों में ज्यादा तेजी रही। वहीं, आईटी, मीडिया, रियलटी और स्वास्थ्य सेक्टर दबाव में हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 16.50 अंक चढ़कर 23,671.20 अंक पर खुला।</p>
<p style="text-align:justify;">समय यह 96.90 अंक यानी 0.41 प्रतिशत ऊपर 23,751.60 अंक पर रहा। सेंसेक्स की कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर फिलहाल ऊपर हैं। पावरग्रिड आईटीसी, टीसीएस, टेक महिंद्रा, बीईएल और इंफोसिस के शेयर नीचे चल रहे हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582670/stock-market-today--strong-rally-in-domestic-equity-markets--sensex-jumps-over-300-points--nifty-crosses-23-750"><span class="t-red">Stock Market Today : </span>घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी, 300 से अधिक अंक उछला सेंसेक्स; निफ्टी 23,750 के पार</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582778/stock-market-today--markets-open-higher--sensex-surges--banking-stocks-rally</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582778/stock-market-today--markets-open-higher--sensex-surges--banking-stocks-rally</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 10:42:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%283%2917.jpg"                         length="122937"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुपया कमजोर होना गंभीर संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:right;"><em><strong>भारतीय रुपया हाल ही में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर (96 प्रति डॉलर के पार) पहुंच गया। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ एक आम आदमी की जेब पर भी पड़ता है।</strong></em></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/cats370.jpg" alt="cats" width="174" height="248" />
<strong>विवेक सक्सेना, अयोध्या</strong>

<p>  </p>
<p>भारतीय रुपया हाल ही में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर (96 प्रति डॉलर के पार) पहुंच गया है, जो एक नया रिकॉर्ड निचला स्तर है। फरवरी के अंत में ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद से रुपये में डॉलर के मुकाबले लगभग 5.2% की गिरावट आई है। ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। भू-राजनीतिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582761/weakening-rupee--a-serious-sign"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats369.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:right;"><em><strong>भारतीय रुपया हाल ही में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर (96 प्रति डॉलर के पार) पहुंच गया। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ एक आम आदमी की जेब पर भी पड़ता है।</strong></em></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/cats370.jpg" alt="cats" width="174" height="248"></img>
<strong>विवेक सक्सेना, अयोध्या</strong>

<p> </p>
<p>भारतीय रुपया हाल ही में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर (96 प्रति डॉलर के पार) पहुंच गया है, जो एक नया रिकॉर्ड निचला स्तर है। फरवरी के अंत में ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद से रुपये में डॉलर के मुकाबले लगभग 5.2% की गिरावट आई है। ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने आयात महंगा कर दिया है, जिससे घरेलू स्तर पर मुद्रास्फीति और आम जनता के बजट पर भारी दबाव पड़ रहा है। </p>
<p>गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने मंगलवार को भी चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत से घटकर 6.7 रहने का अनुमान जताते हुए कहा है कि मांग और आपूर्ति दोनों में सुस्ती और वैश्विक अनिश्चितताएं इसकी प्रमुख वजह होंगी। राहत की बात ये है कि इंडिया रेटिंग्स ने कहा है कि ईंधन कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बावजूद खुदरा मुद्रास्फीति 4.4 प्रतिशत रह सकती है, जो कि आरबीआई के लक्षित दायरे के भीतर ही है।</p>
<p>दुनिया के बाजार में डॉलर एक ऐसी करेंसी है, जिससे ज्यादातर व्यापार होता है। अगर डॉलर की मांग बढ़ जाए या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ें, तो रुपये की वैल्यू कम होने लगती है। जब हमें एक डॉलर खरीदने के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा रुपये देने पड़ते हैं, तो हम कहते हैं कि रुपया कमजोर हो गया है। रुपये की कमजोरी केवल एक मुद्रा का अवमूल्यन नहीं है, बल्कि यह व्यापक आर्थिक दबावों का दर्पण है। ग्लोबल मार्केट में जब भी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ एक आम आदमी की जेब पर भी पड़ता है। </p>
<p>खबर आती है कि डॉलर के मुकाबले रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर गिरा, तो बहुत से लोग इसे सिर्फ शेयर बाजार या बड़े कारोबारियों से जुड़ी खबर मानकर छोड़ देते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि रुपये की सेहत का सीधा असर आपकी रसोई, बच्चों की पढ़ाई और जेब पर पड़ता है। यही नहीं विदेश यात्रा करना, विदेशों में शिक्षा प्राप्त करना या विदेशी सॉफ्टवेयर व सेवाएं इस्तेमाल करना भारतीय नागरिकों के लिए अधिक महंगा हो जाता है।</p>
<p>भारत अपनी जरूरत का लगभग 80-85% कच्चा तेल आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है। मध्य पूर्व के तनाव ने तेल की कीमतों और आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब अगर रुपया कमजोर होगा, तो तेल कंपनियों को तेल खरीदने के लिए ज्यादा रुपये खर्च करने होंगे। जब तेल महंगा होगा, तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे। ऐसे में साफ है कि डीजल महंगा होने का मतलब है, माल ढुलाई महंगी होना। इससे सब्जी, फल और अनाज से लेकर हर छोटी-बड़ी चीज की कीमतें बढ़ जाएंगी। </p>
<p>आज भारतीय मुद्रा पर दबाव बना हुआ है। वर्ष 2025 वह समय था, जब केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप में तेजी से वृद्धि हुई थी, जिससे रुपये का ‘कृत्रिम स्थिरीकरण’ हुआ था, हालांकि मुद्रा को एक निश्चित स्तर पर बनाए रखने के लिए किए गए बाजार हस्तक्षेप अर्थव्यवस्था में अंतर्निहित असंतुलन को ठीक करने के लिए आवश्यक समायोजन में देरी कर सकते हैं, लेकिन रुपये की समस्याएं कहीं अधिक गंभीर हैं।</p>
<p>मुद्रा की कमजोरी ऐसे समय में आई है, जब भारतीय अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत अच्छी गति से विकास कर रही है, मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटा दोनों ही कम हैं। वर्ष 2025 में, जब डॉलर सूचकांक 109 से गिरकर 98 पर आ गया, तो रुपया डॉलर के मुकाबले 4.7 प्रतिशत गिर गया। ये समस्याएं पूंजी और चालू खातों दोनों पर दबाव के कारण उत्पन्न हुई हैं। देश से पूंजी का प्रवाह बाहर हो रहा है और विदेशी और घरेलू निवेशक वैकल्पिक निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। </p>
<p>निवेशक पूर्वी एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की संभावनाओं को लेकर अधिक उत्साहित दिख रहे हैं। चालू खाते की बात करें तो, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि दबाव डाल रही है, जिससे वित्तपोषण चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।</p>
<p>यही वजह है कि बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश वासियों से पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने, सार्वजनिक वाहन का प्रयोग करने, कुछ समय के लिए विदेश यात्रा न करने और सोना न खरीदने की अपील की। एक सप्ताह के भीतर ही पेट्रोल के दाम दो बार बढ़ाए गए। हालात ये हैं कि वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश (जैसे डॉलर) की ओर भाग रहे हैं। </p>
<p>अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर लगातार हावी बना हुआ है, जिससे रुपया अन्य एशियाई मुद्राओं के साथ दबाव में है। कहना गलत न होगा कि अगर यही हालात बने रहे तो बढ़ती मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बनेगा, जिससे आम जनता के लोन की ईएमआई बढ़ सकती है, हालांकि आरबीआई लगातार बाजार में हस्तक्षेप करके अपने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर बेचकर रुपये को स्थिर करने का प्रयास कर रहा है। </p>
<p>भारत जैसे तरक्की कर रहे देश की मुद्रा में थोड़ी-बहुत गिरावट आना नॉर्मल है। हमारी अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ रहा है। खपत बढ़ रही है। निर्यात की तुलना में आयात अभी भी अधिक है। इससे समय के साथ रुपये पर दबाव बनना स्वाभाविक है। अगर आप डॉलर में खर्च करते हैं, तो जरूर इससे आपकी मुश्किल बढ़ेगी। अगर आप अपने बच्चे को मास्टर्स डिग्री के लिए अमेरिका भेजने की सोच रहे हैं, तो पिछले साल बनाया गया बजट अचानक कम लगने लगेगा, क्योंकि रुपये को डॉलर में बदलकर आपको खर्च करना होगा। यानी जिस व्यक्ति को विदेशी मुद्रा में खर्च करना पड़ता है, उसके लिए रुपये का कमजोर होना अच्छी खबर नहीं है।</p>
<p>वर्तमान में जो हालात हैं, उसमें देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैकल्पिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को तेजी से अपनाना होगा। फार्मा, इंजीनियरिंग और आईटी जैसे क्षेत्रों के निर्यात को प्रोत्साहित करके व्यापार घाटे को कम करना एक स्थायी समाधान है। यह स्थिति नीति निर्माताओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है। </p>
<p>अनुमान चेतावनी देते हैं कि यदि मुद्रा का मूल्य 95-96 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर से नीचे बना रहता है, तो भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने की समयसीमा वित्त वर्ष 2030 तक टल सकती है। यदि रुपये की गिरावट को रोकने के लिए त्वरित और दूरगामी कदम नहीं उठाए गए, तो यह देश के आर्थिक विकास और आम आदमी की क्रय शक्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।</p>
<p>केंद्रीय बैंक ने अतीत में कई बार बाजारों में हस्तक्षेप किया है, हालांकि दृष्टिकोण यह होना चाहिए कि मुद्रा को स्वतंत्र रूप से चलने दिया जाए। रुपये को एक शॉक एब्जॉर्बर के रूप में काम करना चाहिए। वर्तमान समय में, अर्थव्यवस्था की समस्याओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। विदेशी पूंजी आकर्षित करने, घरेलू प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और माल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है। विकास में संरचनात्मक बाधाओं को तत्काल दूर करने की आवश्यकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582761/weakening-rupee--a-serious-sign</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582761/weakening-rupee--a-serious-sign</guid>
                <pubDate>Fri, 22 May 2026 05:27:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/cats369.jpg"                         length="173214"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Stock market closed :  शुरुआती बढ़त गंवाकर लाल निशान पर बंद हुए दोनों मानक सूचकांक,135 अंक टूटा सेंसेक्स, जानें आज के टॉप लूजर्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को शुरुआती तेजी जाती रही दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली से बीएसई सेंसेक्स 135 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी में चार अंक की मामूली गिरावट आई। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 135.03 अंक यानी 0.18 प्रतिशत टूटकर 75,183.36 अंक पर बंद हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">कारोबार में दौरान यह ऊंचे में 75,945.79 अंक तक गया और नीचे में 74,996.78 अंक तक आया। यानी इसमें 949.01 अंक का उतार-चढ़ाव आया। पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 4.30 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582731/stock-market-closed--both-benchmark-indices-end-in-the-red-after-shedding-early-gains--sensex-tumbles-135-points%E2%80%94check-out-today-s-top-losers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(36)12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को शुरुआती तेजी जाती रही दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली से बीएसई सेंसेक्स 135 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी में चार अंक की मामूली गिरावट आई। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 135.03 अंक यानी 0.18 प्रतिशत टूटकर 75,183.36 अंक पर बंद हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">कारोबार में दौरान यह ऊंचे में 75,945.79 अंक तक गया और नीचे में 74,996.78 अंक तक आया। यानी इसमें 949.01 अंक का उतार-चढ़ाव आया। पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 4.30 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,654.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व और भारती एयरटेल के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। </p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अदाणी पोर्ट्स शामिल हैं। लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा, ''भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच वृहद आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता तथा उच्चस्तर पर मजबूत प्रतिरोध के कारण मानक सूचकांकों ने अपनी मजबूत शुरुआती बढ़त खो दी।'' </p>
<p style="text-align:justify;">वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.71 प्रतिशत टूटकर 104.3 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए। चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी बाजार बुधवार को काफी बढ़त के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 117.54 अंक चढ़कर 75,318.39 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 41 अंक बढ़कर 23,659 अंक पर रहा था। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582520/stock-market-closed--shares-turned-red-amid-global-crisis--major-indices-suffered-a-major-blow--find-out-the-status-of-sensex-and-nifty"><span class="t-red">Stock market closed :</span>वैश्विक संकट के बीच शेयर हुए लाल, प्रमुख सूचकांक को लगा तगड़ा झटका; जानिए सेंसेक्स-निफ्टी का हाल </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582731/stock-market-closed--both-benchmark-indices-end-in-the-red-after-shedding-early-gains--sensex-tumbles-135-points%E2%80%94check-out-today-s-top-losers</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582731/stock-market-closed--both-benchmark-indices-end-in-the-red-after-shedding-early-gains--sensex-tumbles-135-points%E2%80%94check-out-today-s-top-losers</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 17:16:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%2836%2912.jpg"                         length="122274"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> खाद्यान्न कीमतों में उछाल : अरहर, उड़द और छोला समेत तमाम दालों के थोक भाव में बढ़ोतरी </title>
                                    <description><![CDATA[-दाल और चावल की कमी के चलते हुई है रोजमर्रा की बढ़ोत्तरी
-व्यापारी बोले भाडे़ से तुलना की जाए तो दाल पर करीब एक रुपया और चावल में पचास पैसे की ही तेजी आएगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582707/surge-in-food-grain-prices--wholesale-rates-of-various-pulses%E2%80%94including-arhar--urad--and-chana%E2%80%94witness-an-increase"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(24)16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>अरहर, उड़द, छोला समेत तमाम दालों में करीब चार रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है। वहीं चावल के भाव में दो रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है। कारोबारियों का मानना है कि यह अंतर मुख्य तौर भाड़ा बढ़ने की वजह से नहीं हुआ है। रंगून, म्यामांर समेत अन्य जगहों से आने वाली दाल का इंपोर्ट न होने से चार रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं चावल के भाव में दो रुपये किलो का अंतर इस वजह से है कि बांग्लादेश आदि स्थानों पर चावल भेजा गया है। इससे मिलों के पास धान नहीं है। यही मुख्य वजह है। व्यापारियों का मानना है कि अगर इसे भाड़ा बढ़ने से जोड़ा जाए तो एक रुपये किलो दाल में और चावल में पचास पैसे प्रति किलो की तेजी मानी जा सकती है। भाड़े का तेजी पर असर नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ व्यापार मंडल के चेयरमैन एवं पांडेयगंज गल्ला मंडी के अध्यक्ष राजेन्द्र अग्रवाल और लखनऊ मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता के मुताबिक नागपुर से आने वाली अरहर की दाल का लखनऊ तक का किराया पहले 255 रुपये था अब नई बुकिंग 280 रुपये के आने की संभावना है। अभी आई नहीं है। यानी एक क्विटंल पर 25 रुपया। इसे प्रति किलो में बांटा जाएगा तो महज 25 पैसे प्रति किलो का अंतर आएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह मध्य प्रदेश कटनी से आने वाला खाद्यान्न के भाड़े को 145 से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है। इसको भी अगर आधार माना जाए तो मात्र 25 पैसे प्रति किलो का अंतर आएगा। ऐसे में भाड़ा बढ़ने को लेकर जो चर्चाएं बाजार में हैं। वह ठीक नहीं हैं। अंतर की वजह दाल और धान की बाजार में कमी है। इसी कारण से दो से चार रुपये की वृद्धि हुई है। जिसे रुटीन कहा जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">खाद्यान्न के थोक बाजार में आज के रेट रुपये प्रति क्विवंटल</h4>
<table style="border-collapse:collapse;width:100%;height:322px;" border="1"><colgroup><col style="width:50%;" /><col style="width:50%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr style="height:46px;">
<td style="height:46px;">अरहर दाल पुखराज</td>
<td style="height:46px;">12,600</td>
</tr>
<tr style="height:46px;">
<td style="height:46px;">सूरजमुखी</td>
<td style="height:46px;">11,100</td>
</tr>
<tr style="height:46px;">
<td style="height:46px;">डायमंड</td>
<td style="height:46px;">8,400</td>
</tr>
<tr style="height:46px;">
<td style="height:46px;">छोला छोटा सच्चा हीरा</td>
<td style="height:46px;">7,800</td>
</tr>
<tr style="height:46px;">
<td style="height:46px;">बड़ा छोला</td>
<td style="height:46px;">9,400</td>
</tr>
<tr style="height:46px;">
<td style="height:46px;">मंसूरी हरी पत्ती</td>
<td style="height:46px;">9,500</td>
</tr>
<tr style="height:46px;">
<td style="height:46px;">रेयान</td>
<td style="height:46px;">9,600</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<h5 style="text-align:justify;">नोट- फुटकर में इन खाद्यानों का भाव प्रति किलो दस से 12 प्रतिशत अधिक होगा।</h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582706/heatwave-wreaks-havoc-in-up--hospitals-crowded-with-dehydration-and-heatstroke-patients--alert-issued-regarding-seasonal-illnesses"><span class="t-red">यूपी में कहर बरपा रही गर्मी: </span>अस्पतालों में डिहाइड्रेशन-हीट स्ट्रोक के मरीजों की भीड़, मौसमी बीमारियों को लेकर अलर्ट </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582707/surge-in-food-grain-prices--wholesale-rates-of-various-pulses%E2%80%94including-arhar--urad--and-chana%E2%80%94witness-an-increase</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582707/surge-in-food-grain-prices--wholesale-rates-of-various-pulses%E2%80%94including-arhar--urad--and-chana%E2%80%94witness-an-increase</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 14:53:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%2824%2916.jpg"                         length="163707"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Today : घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी, 300 से अधिक अंक उछला सेंसेक्स; निफ्टी 23,750 के पार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई</strong>। पश्चिम एशिया संघर्ष के शीघ्र समाप्त होने की उम्मीदों के बीच तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों में आई तेजी के अनुरूप घरेलू शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 327.74 अंक चढ़कर 75,646.13 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 111.75 अंक की बढ़त के साथ 23,772.05 अंक पर पहुंच गया।</p>
<p>सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो और इटर्नल के शेयर तेजी में रहे। वहीं ट्रेंट, इन्फोसिस, सन फार्मा और बजाज फिनसर्व के शेयर में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582670/stock-market-today--strong-rally-in-domestic-equity-markets--sensex-jumps-over-300-points--nifty-crosses-23-750"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(32)13.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई</strong>। पश्चिम एशिया संघर्ष के शीघ्र समाप्त होने की उम्मीदों के बीच तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों में आई तेजी के अनुरूप घरेलू शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 327.74 अंक चढ़कर 75,646.13 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 111.75 अंक की बढ़त के साथ 23,772.05 अंक पर पहुंच गया।</p>
<p>सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो और इटर्नल के शेयर तेजी में रहे। वहीं ट्रेंट, इन्फोसिस, सन फार्मा और बजाज फिनसर्व के शेयर में गिरावट दर्ज की गई। </p>
<p>एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट बढ़त में रहे जबकि हांगकांग का हैंग सेंग मामूली गिरावट में कारोबार कर रहा है। अमेरिकी बाजार बुधवार को काफी बढ़त के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 105.7 डॉलर प्रति बैरल रहा।</p>
<p>शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,597.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स बुधवार को 117.54 अंक और निफ्टी 41 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।</p>
<h5> ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582579/stock-market-today--domestic-stock-markets-crash-under-pressure-from-global-markets--with-sensex-and-nifty-falling-sharply"><span class="t-red">Stock Market Today : </span>ग्लोबल मार्केट के दबाव में घरेलू शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582670/stock-market-today--strong-rally-in-domestic-equity-markets--sensex-jumps-over-300-points--nifty-crosses-23-750</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582670/stock-market-today--strong-rally-in-domestic-equity-markets--sensex-jumps-over-300-points--nifty-crosses-23-750</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 10:27:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%2832%2913.jpg"                         length="108502"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Today : ग्लोबल मार्केट के दबाव में घरेलू शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>घरेलू शेयर बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी में बुधवार को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक बाजार में कमजोर रुख और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 517.11 अंक टूटकर 74,667.51 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 152.45 अंक फिसलकर 23,475.80 अंक पर पहुंच गया। </p>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, इटर्नल और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर नुकसान में रहे। वहीं इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टेक महिंद्रा के शेयर में तेजी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582579/stock-market-today--domestic-stock-markets-crash-under-pressure-from-global-markets--with-sensex-and-nifty-falling-sharply"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/market-crash.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>घरेलू शेयर बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी में बुधवार को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक बाजार में कमजोर रुख और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 517.11 अंक टूटकर 74,667.51 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 152.45 अंक फिसलकर 23,475.80 अंक पर पहुंच गया। </p>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, इटर्नल और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर नुकसान में रहे। वहीं इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टेक महिंद्रा के शेयर में तेजी दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 110.8 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,457.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स मंगलवार को 114.19 अंक और निफ्टी 31.95 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582454/stock-market-today--stock-markets-opened-in-the-green----sensex-and-nifty-started-strong--find-out-which-stocks-are-seeing-a-rise"><span class="t-red">Stock Market Today: </span>हरे निशान में खुले शेयर बाजार.... सेंसेक्स-निफ्टी की मजबूत शुरुआत, जानिए किन शेयरों में दिख रही है तेजी?</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582579/stock-market-today--domestic-stock-markets-crash-under-pressure-from-global-markets--with-sensex-and-nifty-falling-sharply</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582579/stock-market-today--domestic-stock-markets-crash-under-pressure-from-global-markets--with-sensex-and-nifty-falling-sharply</guid>
                <pubDate>Wed, 20 May 2026 11:10:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/market-crash.jpg"                         length="121694"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रसंगवश : बदलते बाजार में छोटे दुकानदार और अस्तित्व का संकट</title>
                                    <description><![CDATA[<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/sanjiv-mehrotra.jpg" alt="SANJIV MEHROTRA" width="136" height="127" />
<strong>संजीव मेहरोत्रा,</strong><br /><strong> रिटायर्ड बैंककर्मी</strong>

<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">भारत की आर्थिक संरचना को यदि जमीनी स्तर पर समझना हो, तो इसके लिए किसी बड़े औद्योगिक घराने या शेयर बाजार के आंकड़ों को देखने की आवश्यकता नहीं, बल्कि देश के गांवों, कस्बों और शहरों की गलियों में मौजूद छोटी किराना दुकानों को देखना पर्याप्त है। दशकों से ये दुकानें भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रही हैं। सुबह की चाय से लेकर महीने भर के राशन तक, हर जरूरत के लिए आम नागरिक का पहला भरोसा स्थानीय किराना दुकानदार ही रहा है। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि विश्वास, सुविधा और सामाजिक संबंधों का ऐसा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582564/in-context--small-shopkeepers-and-the-crisis-of-survival-in-a-changing-market"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/0121.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/sanjiv-mehrotra.jpg" alt="SANJIV MEHROTRA" width="136" height="127"></img>
<strong>संजीव मेहरोत्रा,</strong><br /><strong> रिटायर्ड बैंककर्मी</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">भारत की आर्थिक संरचना को यदि जमीनी स्तर पर समझना हो, तो इसके लिए किसी बड़े औद्योगिक घराने या शेयर बाजार के आंकड़ों को देखने की आवश्यकता नहीं, बल्कि देश के गांवों, कस्बों और शहरों की गलियों में मौजूद छोटी किराना दुकानों को देखना पर्याप्त है। दशकों से ये दुकानें भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रही हैं। सुबह की चाय से लेकर महीने भर के राशन तक, हर जरूरत के लिए आम नागरिक का पहला भरोसा स्थानीय किराना दुकानदार ही रहा है। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि विश्वास, सुविधा और सामाजिक संबंधों का ऐसा तंत्र है, जिसने भारतीय खुदरा बाजार को मजबूत आधार दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब यह पारंपरिक व्यवस्था एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। डिजिटल तकनीक, ई-कॉमर्स और तेजी से उभरते क्विक-कॉमर्स मॉडल ने रिटेल बाजार की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। आज उपभोक्ता के हाथ में स्मार्टफोन है, इंटरनेट की पहुंच तेजी से बढ़ रही है और कुछ ही मिनटों में घर तक सामान पहुंचाने का वादा करने वाली कंपनियां ग्राहकों की खरीदारी की आदतों को बदल रही हैं। महानगरों में शुरू हुई यह प्रतिस्पर्धा अब छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंचने लगी है।</p>
<p style="text-align:justify;">Amazon, Flipkart और अन्य क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अब टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इसके पीछे कई आर्थिक कारण हैं— छोटे शहरों में अपेक्षाकृत कम किराया, सस्ती श्रम लागत, तेजी से बढ़ता डिजिटल भुगतान और इंटरनेट उपयोग। इन कंपनियों की रणनीति का केंद्र ‘डार्क स्टोर’ मॉडल है, जहां छोटे-छोटे वेयरहाउस बनाकर उपभोक्ताओं तक 10 से 20 मिनट में सामान पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है। यह मॉडल सुविधा और गति के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में आज भी करीब 1.3 करोड़ से अधिक किराना दुकानें मौजूद हैं, जो देश के खुदरा बाजार की रीढ़ मानी जाती हैं। करोड़ों परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस व्यापार से जुड़े हुए हैं। ऐसे में जब बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म तेजी से बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, तो स्वाभाविक रूप से छोटे व्यापारियों के सामने प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ रहा है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में पारंपरिक किराना दुकानों की हिस्सेदारी में धीरे-धीरे कमी आ सकती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां डिजिटल उपभोक्तावाद तेजी से बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मान लेना भी गलत होगा कि किराना दुकानों का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। भारत का सामाजिक और आर्थिक ढांचा अभी भी स्थानीय संबंधों और व्यक्तिगत भरोसे पर आधारित है। किराना दुकानदार अपने ग्राहकों की पसंद जानते हैं, जरूरत पड़ने पर उधार देते हैं, घर तक सामान पहुंचाते हैं और कई बार संकट की घड़ी में सामाजिक सहयोगी की भूमिका भी निभाते हैं। यह मानवीय संबंध किसी मोबाइल ऐप या एल्गोरिद्म से आसानी से प्रतिस्थापित नहीं किए जा सकते। यही छोटे व्यापार की सबसे बड़ी ताकत है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी बदलते समय के साथ बदलाव स्वीकार करना अब अनिवार्य हो गया है। यदि छोटे व्यापारी केवल पारंपरिक तरीके पर निर्भर रहेंगे, तो प्रतिस्पर्धा कठिन होती जाएगी। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन ऑर्डर, व्हाट्सऐप बुकिंग, लोकल होम डिलीवरी और स्टॉक प्रबंधन जैसी तकनीकों को अपनाकर वे अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ा सकते हैं। देश के कई हिस्सों में छोटे दुकानदार अब तकनीक को अपनाकर सफलतापूर्वक ग्राहकों को जोड़े हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां सरकार और वित्तीय संस्थानों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। छोटे व्यापारियों को सस्ती पूंजी, डिजिटल प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और कर व्यवस्था में सरलता उपलब्ध कराना समय की मांग है। यदि विकास का मॉडल केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित रह गया, तो असंगठित खुदरा क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है।<strong> (ये लेखक के निजी विचार हैं) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582564/in-context--small-shopkeepers-and-the-crisis-of-survival-in-a-changing-market</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582564/in-context--small-shopkeepers-and-the-crisis-of-survival-in-a-changing-market</guid>
                <pubDate>Wed, 20 May 2026 06:57:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/0121.jpg"                         length="309534"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock market closed :वैश्विक संकट के बीच शेयर हुए लाल, प्रमुख सूचकांक को लगा तगड़ा झटका; जानिए सेंसेक्स-निफ्टी का हाल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> दिग्गज कंपनियों में अंतिम समय में हुई बिकवाली से मंगलवार घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। आईटी कंपनियों में जबरदस्त तेजी रही जबकि बैंकिंग एवं वित्तीय कंपनियों ने बाजार पर दबाव बनाया। रसायन, सार्वजनिक बैंक, रियलटी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों में भी तेजी रही। ऑटो और फार्मा सेक्टरों से सूचकांक भी ऊपर बंद हुए। </p>
<p style="text-align:justify;">बीएसई का सेंसेक्स 114.19 अंक (0.15 प्रतिशत) गिरकर 75,200.85 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 31.95 अंक यानी 0.14 प्रतिशत उतरकर 23,618 अंक पर रहा। सेंसेक्स सुबह बढ़त में खुला था और लगभग पूरे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582520/stock-market-closed--shares-turned-red-amid-global-crisis--major-indices-suffered-a-major-blow--find-out-the-status-of-sensex-and-nifty"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(24)14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> दिग्गज कंपनियों में अंतिम समय में हुई बिकवाली से मंगलवार घरेलू शेयर बाजारों में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। आईटी कंपनियों में जबरदस्त तेजी रही जबकि बैंकिंग एवं वित्तीय कंपनियों ने बाजार पर दबाव बनाया। रसायन, सार्वजनिक बैंक, रियलटी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों में भी तेजी रही। ऑटो और फार्मा सेक्टरों से सूचकांक भी ऊपर बंद हुए। </p>
<p style="text-align:justify;">बीएसई का सेंसेक्स 114.19 अंक (0.15 प्रतिशत) गिरकर 75,200.85 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 31.95 अंक यानी 0.14 प्रतिशत उतरकर 23,618 अंक पर रहा। सेंसेक्स सुबह बढ़त में खुला था और लगभग पूरे दिन हरे निशान में रहा। आखिरी एक घंटे में दिग्गज कंपनियों में बिकवाली से अंत में यह लाल निशान में बंद हुआ। वृहत बाजार में तेजी रही। </p>
<p style="text-align:justify;">निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.88 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.17 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इंफोसिस का शेयर पौने पांच प्रतिशत और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का पौने तीन प्रतिशत चढ़ा। टेक महिंद्रा और इटरनल में भी करीब ढाई प्रतिशत की तेजी रही। टीसीएस का शेयर दो प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। भारतीय स्टेट बैंक, ट्रेंट, पावर ग्रिड और एनटीपीसी के शेयर भी मजबूत रहे। </p>
<p style="text-align:justify;">कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर ढाई प्रतिशत टूट गया। अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, सन फार्मा, इंडिगो और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयर एक से दो प्रतिशत के बीच गिर गये। रिलायंस इंडस्ट्रीज, बीईएल, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी में भी गिरावट रही।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582397/stock-markets-closed-in-the-green--with-major-indices-rising-on-buying-in-major-companies"><span class="t-red">Stock markets closed : </span>हरे निशान में बंद हुए शेयर बाजार, दिग्गज कंपनियों में लिवाली से चढ़े प्रमुख सूचकांक </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582520/stock-market-closed--shares-turned-red-amid-global-crisis--major-indices-suffered-a-major-blow--find-out-the-status-of-sensex-and-nifty</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582520/stock-market-closed--shares-turned-red-amid-global-crisis--major-indices-suffered-a-major-blow--find-out-the-status-of-sensex-and-nifty</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:23:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%2824%2914.jpg"                         length="95051"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट का असर! घटा भारत का आर्थिक वृद्धि दर, ICRA ने जारी किया FY26-27 का GDP अनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> रेटिंग एजेंसी इक्रा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने पहले इसके 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए वृद्धि दर के अनुमान घटाया गया है। इक्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.5 प्रतिशत लगाया है, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के दूसरे अग्रिम अनुमान 7.6 प्रतिशत से मामूली कम है।</p>
<p style="text-align:justify;">इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ''पश्चिम एशिया में जारी गतिरोध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582515/impact-of-the-west-asian-crisis--india-s-economic-growth-rate-has-decreased--icra-has-released-gdp-estimates-for-fy26-27"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(27)4.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> रेटिंग एजेंसी इक्रा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने पहले इसके 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए वृद्धि दर के अनुमान घटाया गया है। इक्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.5 प्रतिशत लगाया है, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के दूसरे अग्रिम अनुमान 7.6 प्रतिशत से मामूली कम है।</p>
<p style="text-align:justify;">इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ''पश्चिम एशिया में जारी गतिरोध के कारण कीमतों में अस्थिरता को देखते हुए, अब वित्त वर्ष 2026-27 में कच्चे तेल की औसत कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जबकि हमारा पिछला अनुमान 85 डॉलर प्रति बैरल था। परिणामस्वरूप, हमने वित्त वर्ष 2026-27 के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि के अपने अनुमान (2022-23 की स्थिर कीमतों पर) को घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है जो पहले 6.5 प्रतिशत था। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि 2025-26 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर तीन तिमाहियों के निचले स्तर 7.0 प्रतिशत पर आने का अनुमान है। तीसरी तिमाही में यह 7.8 प्रतिशत रही थी। औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में धीमी वृद्धि के कारण जीडीपी वृद्धि में कमी आने का अनुमान है। हालांकि, कृषि क्षेत्र के प्रदर्शन में मामूली सुधार की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">नायर ने कहा, ''हालांकि, विनिर्माण मात्रा में धीमी वृद्धि, निर्यात में गिरावट और पश्चिम एशिया संकट के कारण मार्जिन पर दबाव के शुरुआती संकेतों को देखते हुए तिमाही में औद्योगिक सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) वृद्धि पर असर पड़ा है। परिणामस्वरूप, हमारा अनुमान है कि जीडीपी वृद्धि दर 2025-26 की चौथी तिमाही में तीन तिमाहियों के निचले स्तर सात प्रतिशत पर आ जाएगी, जो कि एनएसओ के तिमाही के लिए 7.3 प्रतिशत के अनुमान से कम है।''</p>
<p style="text-align:justify;">वैश्विक वृद्धि में नरमी और पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न पोत परिवहन को लेकर समस्याओं का असर 2025-26 की मार्च तिमाही में भारत के वस्तु निर्यात पर पड़ा है और सालाना आधार पर यह 2.8 प्रतिशत घटा है। दिसंबर तिमाही में इसमें मामूली 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582515/impact-of-the-west-asian-crisis--india-s-economic-growth-rate-has-decreased--icra-has-released-gdp-estimates-for-fy26-27</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582515/impact-of-the-west-asian-crisis--india-s-economic-growth-rate-has-decreased--icra-has-released-gdp-estimates-for-fy26-27</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:05:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%2827%294.png"                         length="673722"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदाणी पर अमेरिकी आरोप वापस, USISPF CEO बोले- भारत-अमेरिका साझेदारी को मिला नया बल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वॉशिंगटनः</strong> अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मुकेश अघी ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज से जुड़े मामले में अमेरिकी न्याय मंत्रालय के समाधान से कानूनी विवाद समाप्त हो गया है जो अन्यथा मजबूत भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी में एक व्यवधान बना हुआ था। उन्होंने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज का 10 अरब डॉलर निवेश करने का संकल्प, राजदूत सर्जियो गोर की हालिया घोषणा पर आधारित है। गोर ने कहा था कि भारतीय कंपनियां अमेरिका में विभिन्न क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना बना रही हैं।</p>
<p>अघी ने कहा, ''यूएसआईएसपीएफ में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582494/us-withdraws-charges-against-adani--usispf-ceo-says-india-us-partnership-gains-new-strength"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(23)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>वॉशिंगटनः</strong> अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मुकेश अघी ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज से जुड़े मामले में अमेरिकी न्याय मंत्रालय के समाधान से कानूनी विवाद समाप्त हो गया है जो अन्यथा मजबूत भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी में एक व्यवधान बना हुआ था। उन्होंने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज का 10 अरब डॉलर निवेश करने का संकल्प, राजदूत सर्जियो गोर की हालिया घोषणा पर आधारित है। गोर ने कहा था कि भारतीय कंपनियां अमेरिका में विभिन्न क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना बना रही हैं।</p>
<p>अघी ने कहा, ''यूएसआईएसपीएफ में हमारा मानना है कि ये निवेश अमेरिका में मजबूत भागीदार बनने की भारतीय कंपनियों की इच्छा को दर्शाते हैं। इससे मौजूदा सहयोग को बल मिलेगा, रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और दीर्घकालिक द्विपक्षीय आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।'' </p>
<p>अदाणी समूह ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोपों के निपटारे के लिए 27.5 करोड़ डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने कहा कि जांच में भारतीय समूह ने ''व्यापक सहयोग किया और सक्रिय रूप से जानकारी साझा की।'' </p>
<p>अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से वापस ले लिए हैं। इससे न्यूयॉर्क में चल रहा प्रतिभूति और 'वायर' धोखाधड़ी का चर्चित मामला पूरी तरह समाप्त हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582494/us-withdraws-charges-against-adani--usispf-ceo-says-india-us-partnership-gains-new-strength</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582494/us-withdraws-charges-against-adani--usispf-ceo-says-india-us-partnership-gains-new-strength</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 13:41:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%2823%295.png"                         length="803516"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई के सुझाव पर योगी सरकार का बड़ा वित्तीय फैसला,  बाजार ऋण अब समय से पहले चुकाने की मंजूरी मिली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>विकास कार्यों के लिए वित्तीय संस्थाओं से लिए गए कर्ज के बढ़ते ब्याज बोझ को कम करने के लिए योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य सरकार तय अवधि पूरी होने से पहले भी बाजार ऋण की पूरी धनराशि वापस कर सकेगी। इससे ब्याज भुगतान पर होने वाले बड़े खर्च में कमी आएगी। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई।</p>
<p>अब तक व्यवस्था यह थी कि सरकार ऋण की निर्धारित अवधि पूरी होने तक ब्याज का भुगतान करती थी और अवधि समाप्त होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582458/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%86%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8B%E0%A4%A3-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(9)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>विकास कार्यों के लिए वित्तीय संस्थाओं से लिए गए कर्ज के बढ़ते ब्याज बोझ को कम करने के लिए योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य सरकार तय अवधि पूरी होने से पहले भी बाजार ऋण की पूरी धनराशि वापस कर सकेगी। इससे ब्याज भुगतान पर होने वाले बड़े खर्च में कमी आएगी। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दे दी गई।</p>
<p>अब तक व्यवस्था यह थी कि सरकार ऋण की निर्धारित अवधि पूरी होने तक ब्याज का भुगतान करती थी और अवधि समाप्त होने पर मूलधन वापस किया जाता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकार आवश्यकतानुसार पहले ही ऋण का भुगतान कर सकेगी। वित्त विभाग ने जुलाई 2007 में राज्य सरकार की प्रतिभूतियों से संबंधित जारी जनरल नोटिफिकेशन में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा था। यह संशोधन भारतीय रिजर्व बैंक के सुझावों के आधार पर तैयार किए गए हैं। संशोधन में वित्तीय संस्थाओं से लिए जाने वाले बाजार ऋण जारी करने की प्रक्रिया, ब्याज दर निर्धारण, ब्याज अदायगी और मूलधन भुगतान संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इस निर्णय से राज्य सरकार को दीर्घकालिक रूप से ब्याज भुगतान के बड़े बोझ से राहत मिलने की संभावना है। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में सरकार ने ऋणों के ब्याज भुगतान पर 68,921.02 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582458/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%86%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8B%E0%A4%A3-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582458/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%86%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A4%BE--%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%8B%E0%A4%A3-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 11:19:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%289%298.png"                         length="1121262"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        