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                <title>कारोबार - Amrit Vichar</title>
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                            <item>
                <title>अब ट्रेन की सीट पर पहुंचेगा मनपसंद खाना! Swiggy ने 201 स्टेशनों तक बढ़ाई ‘Food on Train’ सेवा, लस्सी-मोजितो की बढ़ी डिमांड</title>
                                    <description><![CDATA[स्विगी की ‘फूड ऑन ट्रेन’ सेवा अब 201 रेलवे स्टेशनों तक पहुंच गई है। यात्री सीट पर खाना मंगा सकते हैं। थाली, मिठाई और पारंपरिक पेय की मांग बढ़ी है, जबकि जयपुर की प्याज कचौरी और लखनऊ का टुंडा कबाब यात्रियों की पसंद में शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592060/now-your-favorite-food-will-reach-your-train-seat-swiggy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/0314.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>खाद्य एवं पेय पदार्थों की आपूर्ति करने वाले ऑनलाइन मंच 'स्विगी' की 'फूड ऑन ट्रेन' सेवा का विस्तार अब 201 रेलवे स्टेशन तक हो गया है। वर्ष 2024 में ट्रेन में भोजन मंगाने की सुविधा 66 रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध थी। स्विगी ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस सेवा के नेटवर्क में कोल्हापुर, वर्धा, शहडोल, काकीनाडा, भरतपुर, चित्तूर, तंजावुर, रायगढ़, जामनगर, इंदौर और टूंडला समेत कई अन्य स्टेशन शामिल हो गए हैं। </p>
<p>स्विगी फूड मार्केटप्लेस के मुख्य कारोबार अधिकारी सिद्धार्थ भाकू ने कहा कि मार्च, 2024 में शुरुआत के बाद से 'फूड ऑन ट्रेन' सेवा में कई गुना वृद्धि हुई है और इसे 'जेन-जी' समेत अलग-अलग आयु वर्ग के यात्रियों ने अपनाया है। कंपनी को किफायती भोजन के विकल्पों में भी काफी संभावनाएं दिख रही हैं। कंपनी ने ट्रेन यात्रियों की बदलती खानपान की आदतों के बारे में भी जानकारी साझा की। </p>
<h5><strong>फास्ट फूड से हेल्दी ड्रिंक की ओर बढ़े यात्री</strong></h5>
<p>उसके अनुसार, एक साल से अधिक समय में यात्रियों की पसंद 'फास्ट फूड' और 'कार्बोनेटेड पेय' से हटकर स्वास्थ्यवर्धक और ताजगी देने वाले विकल्पों की ओर बढ़ी है। पिछले साल की तुलना में यात्री पारंपरिक और ताजगी देने वाले पेय अधिक पसंद कर रहे हैं। लस्सी के ऑर्डर में 60 प्रतिशत, छाछ में 40 प्रतिशत और मोजितो के ऑर्डर में 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।</p>
<h5><strong>ट्रेन में थाली की सबसे ज्यादा डिमांड</strong></h5>
<p>'फूड ऑन ट्रेन' सेवा में पारंपरिक और क्षेत्रीय भोजन की मांग भी बढ़ी है। थाली के ऑर्डर की हिस्सेदारी इसमें 65 प्रतिशत से अधिक हैं। मिठाइयों के ऑर्डर भी दोगुने से अधिक हो गए हैं, जिनमें रसगुल्ला सबसे आगे है। यात्री ट्रेन में अपनी सीट पर स्थानीय प्रसिद्ध व्यंजनों का भी ऑर्डर कर रहे हैं। जयपुर जंक्शन पर प्याज कचौरी सबसे अधिक बिकने वाला व्यंजन है, जबकि भोपाल में पोहा शीर्ष 10 नाश्ते के विकल्पों में शामिल है।</p>
<h5><strong>बिरयानी के साथ मशहूर 'टुंडा कबाब' की अच्छी बिक्री</strong></h5>
<p>कंपनी के अनुसार, दक्षिण और मध्य भारत के स्टेशनों पर स्थानीय बिरयानी की अलग-अलग किस्मों की मांग सबसे अधिक है। लखनऊ में भी बिरयानी के साथ मशहूर 'टुंडा कबाब' की बिक्री अच्छी है। स्विगी ने बताया कि नागपुर में हल्दीराम की थालियां सबसे अधिक पसंद की जा रही हैं, जबकि गोवा के मडगांव स्टेशन पर स्थानीय समुद्री भोजन वाली थालियां सबसे अधिक ऑर्डर किए जाने वाले व्यंजनों में शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 19:55:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Stock Market: रिलायंस और IT शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 183 अंक टूटा, निफ्टी भी गिरा</title>
                                    <description><![CDATA[शुरुआती तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली हावी, सेंसेक्स 77,473 और निफ्टी 24,208 के स्तर पर बंद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591963/reliance-it-stocks-selloff-sensex-nifty-fall-26-august-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/stock-market-close.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> रिलायंस इंडस्ट्रीज और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार बुधवार को शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाये और दोनों मानक सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 183 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 127 अंक के नुकसान में रहा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सेंसेक्स 183 अंक फिसला</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 183.15 अंक यानी 0.24 प्रतिशत टूटकर 77,472.94 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 77,986.84 अंक तक गया और नीचे में 77,472.94 अंक तक आया। यानी कारोबार के दौरान इसमें 513.9 अंक का उतार-चढ़ाव रहा। इसी प्रकार, 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 126.80 अंक यानी 0.52 प्रतिशत टूटकर 24,207.75 अंक पर बंद हुआ।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा बिकवाली</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इन्फोसिस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक और टाटा स्टील शामिल हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने की मुनाफावसूली</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ''भारतीय शेयर बाजार बुधवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। शुरुआती बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। सूचना प्रौद्योगिकी, एफएमसीजी (दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों), वाहन और टिकाऊ उपभोक्ता सामान कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुख से मिले समर्थन को बेअसर कर दिया।''</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.96 प्रतिशत टूटकर 85.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी ज्यादातर में दोपहर के कारोबार में बढ़त का रुख था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को लाभ के साथ बंद हुए थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>FII ने खरीदे 1,593 करोड़ रुपये के शेयर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 1,593.53 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। सेंसेक्स मंगलवार को 286.98 अंक बढ़कर 77,656.09 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 115.50 अंक की तेजी के साथ 24,334.55 अंक पर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591887/up-sugar-price-falls-300-rupees-per-quintal-yogi-government-action"><span class="t-red">UP Sugar Price:</span> यूपी में चीनी के दामों में बड़ी गिरावट, दो दिन में 300 रुपये प्रति क्विंटल तक सस्ती हुई; जानें वजह</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 17:47:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Share Market Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 285 अंक चढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक बाजारों के सकारात्मक संकेत और विदेशी निवेश से घरेलू बाजार को मिला सहारा; निफ्टी भी बढ़त के साथ खुला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591922/share-market-today-sensex-nifty-rise-crude-oil-price-fii-investment-august-26-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/lucknow-heat-risk-2026-(1).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 285 अंक उछलकर 77,944.02 अंक पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23.25 अंक की बढ़त के साथ 24,356.10 अंक पर रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">घरेलू बाजार को विदेशी पूंजी के प्रवाह से भी समर्थन मिला। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में 1,593.53 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ICICI Bank और SBI समेत इन शेयरों में तेजी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इटर्नल, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट्स के शेयर में सबसे अधिक तेजी रही। वहीं इन्फोसिस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर में गिरावट दर्ज की गई।</p>
<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>एशियाई बाजारों में भी तेजी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।</p>
<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>ब्रेंट क्रूड 2.66 फीसदी फिसला</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा भाव 2.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 86.22 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 1,593.53 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सेंसेक्स मंगलवार को 286.98 अंक और निफ्टी 115.50 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/591902/gaza-alternative-asset-management-share-ipo-listing-16-percent-gain"><span class="t-red">Share Market News: </span>गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट के शेयर की शानदार लिस्टिंग, 16% की बढ़त के साथ बाजार में शुरुआत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591922/share-market-today-sensex-nifty-rise-crude-oil-price-fii-investment-august-26-2026</link>
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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 14:40:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Share Market News: गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट के शेयर की शानदार लिस्टिंग, 16% की बढ़त के साथ बाजार में शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[160 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले BSE पर 185.20 और NSE पर 185 रुपये पर हुई शुरुआत; IPO को मिला था 31.33 गुना सब्सक्रिप्शन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591902/gaza-alternative-asset-management-share-ipo-listing-16-percent-gain"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/gaza-alternative-asset-management-ipo.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के शेयर ने बुधवार को शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। कंपनी का शेयर अपने 160 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले करीब 16 प्रतिशत की बढ़त के साथ सूचीबद्ध हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बीएसई पर कंपनी के शेयर ने 185.20 रुपये पर शुरुआत की, जो निर्गम मूल्य से 15.75 प्रतिशत अधिक है। वहीं, एनएसई पर शेयर 185 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ, यानी इसमें निर्गम मूल्य की तुलना में 15.62 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>2,481 करोड़ रुपये से अधिक हुआ बाजार मूल्यांकन</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शेयर बाजार में मजबूत लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार मूल्यांकन करीब 2,481.07 करोड़ रुपये रहा। निवेशकों की ओर से आईपीओ को मिले मजबूत रिस्पॉन्स के बाद लिस्टिंग पर भी कंपनी के शेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>550 करोड़ रुपये का था IPO</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट का आईपीओ कुल 550 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने इसके लिए 152 से 160 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आईपीओ के लिए बोली लगाने की अंतिम तारीख शुक्रवार थी। अंतिम दिन कंपनी के इश्यू को 31.33 गुना अभिदान मिला था। यानी उपलब्ध शेयरों की तुलना में निवेशकों ने 31 गुना से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल इन कामों में होगा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कंपनी के मुताबिक नए शेयर जारी कर जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कई कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा। इसमें कर्ज चुकाना, नए फंड में शुरुआती निवेश और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए धन का इस्तेमाल शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/591887/up-sugar-price-falls-300-rupees-per-quintal-yogi-government-action"><span class="t-red">UP Sugar Price:</span> यूपी में चीनी के दामों में बड़ी गिरावट, दो दिन में 300 रुपये प्रति क्विंटल तक सस्ती हुई; जानें वजह</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591902/gaza-alternative-asset-management-share-ipo-listing-16-percent-gain</link>
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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 12:55:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Sugar Price: यूपी में चीनी के दामों में बड़ी गिरावट, दो दिन में 300 रुपये प्रति क्विंटल तक सस्ती हुई; जानें वजह</title>
                                    <description><![CDATA[योगी सरकार की सख्ती और चीनी मिलों-स्टॉकिस्टों के यहां जांच का असर; 5100 रुपये से घटकर करीब 4800 रुपये प्रति क्विंटल हुआ थोक भाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591887/up-sugar-price-falls-300-rupees-per-quintal-yogi-government-action"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/up-sugar-price.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही चीनी की कीमतों के बीच उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। प्रदेश के थोक बाजार में चीनी के भाव पिछले दो दिनों में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक कम हुए हैं। यानी कीमत में करीब 2 से 3 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त अपील और चीनी मिलों व स्टॉकिस्टों के यहां शुरू हुए जांच अभियान के बाद बाजार में इसका असर दिखाई देने लगा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दो दिन में 200-300 रुपये प्रति क्विंटल की कमी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चीनी की कीमतों में पिछले दिनों तेजी के पीछे कम उत्पादन के साथ बढ़ती मांग और कथित कालाबाजारी को भी वजह माना जा रहा है। महाराष्ट्र में चीनी की कमी के बाद वहां के बड़े स्टॉकिस्टों और कोलकाता के कारोबारियों ने उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों से बड़े पैमाने पर खरीद शुरू कर दी थी। इससे अचानक मांग बढ़ी और बाजार में कीमतें ऊपर चली गईं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चीनी मिलों और स्टॉकिस्टों के यहां जांच शुरू की। इसके बाद थोक बाजार में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>5100 से घटकर 4800 रुपये प्रति क्विंटल हुआ भाव</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विभागीय सूत्रों के मुताबिक करीब एक महीने पहले महाराष्ट्र में चीनी की कमी के बाद वहां और कोलकाता के बड़े स्टॉकिस्टों व डीलरों ने यूपी की मिलों से खरीदारी बढ़ा दी थी। बड़े खरीदारों ने मिलों में 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद के टेंडर डाले।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मांग बढ़ने के साथ चीनी मिलों ने भी कीमतें बढ़ाईं। 22 अगस्त को करीब 5100 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही चीनी का भाव 23 अगस्त तक घटकर लगभग 4800 रुपये प्रति क्विंटल रह गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मिल से ग्राहक तक पहुंचते-पहुंचते बढ़ जाती है कीमत</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जानकारों के मुताबिक चीनी मिल से निकलने और ग्राहक तक पहुंचने के बीच सामान्य तौर पर करीब 5 से 6 रुपये प्रति किलो का अंतर रहता है। हालांकि, पिछले एक महीने में मिलों पर प्रति क्विंटल 600 से 700 रुपये तक अतिरिक्त कमाई करने की बात सामने आई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं, कुछ बिचौलियों पर भी अधिक मुनाफा कमाने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में बिचौलियों ने 1000 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक का मुनाफा कमाया। इसी को देखते हुए सरकार ने निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>यूपी में 180 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के अनुसार प्रदेश की चीनी मिलों के पास करीब 180 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक मौजूद है। यूपी में हर महीने लगभग 40 लाख क्विंटल चीनी की खपत होती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विभाग का कहना है कि नए पेराई सत्र के शुरू होने तक प्रदेश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों के सामान्य होने की उम्मीद है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सीएम योगी बोले- प्रदेश में चीनी की कमी नहीं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने की क्षमता रखता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री के मुताबिक यूपी में हर महीने करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होती है, जबकि प्रदेश में करीब 28 लाख टन चीनी उपलब्ध है। यह मात्रा लगभग सात महीने की जरूरत के बराबर बताई गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>15 अक्टूबर से शुरू होगा नया पेराई सत्र</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक चीनी मिलों में 15 अक्टूबर से नया पेराई सत्र शुरू होगा। इसके बाद करीब 90 लाख टन अतिरिक्त चीनी उत्पादन होने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार का कहना है कि मौजूदा स्टॉक और नए पेराई सत्र से होने वाले उत्पादन को देखते हुए प्रदेश में चीनी की कमी की स्थिति नहीं बनेगी। साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने से बाजार में कीमतों पर और दबाव आने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591880/up-roadways-yatri-rahat-yojana-bus-accident-compensation"><span class="t-red">बस हादसों के पीड़ितों का सहारा बनी ‘यात्री राहत योजना’, </span>9 साल में 17.33 करोड़ से ज्यादा की सहायता</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 12:03:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Share Market Today: कच्चा तेल सस्ता होते ही शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 287 अंक चढ़ा; निफ्टी भी 115 अंक मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[दिनभर दबाव में रहने के बाद आखिरी दौर की खरीदारी से बाजार ने बदली चाल; सेंसेक्स 77,656 और निफ्टी 24,334 के स्तर पर बंद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591827/share-market-today-sensex-nifty-rise-crude-oil-price-25-august-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/share-market-today.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>मुंबईः</strong> घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को कारोबार के आखिरी चरण में हुई जोरदार खरीदारी से तेजी लौट आई। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3 फीसदी की गिरावट और निवेशकों की लिवाली के दम पर बीएसई सेंसेक्स 286.98 अंक यानी 0.37 प्रतिशत बढ़कर 77,656.09 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 115.50 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,334.55 अंक पर पहुंच गया।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, बाजार में ज्यादातर समय कमजोरी बनी रही। सेंसेक्स कारोबार के दौरान 77,125.91 अंक के निचले स्तर तक गया, जबकि ऊपरी स्तर पर यह 77,666.39 अंक तक पहुंचा। यानी दिन के दौरान सूचकांक में 243.2 अंक का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>आखिरी घंटे की खरीदारी ने बदला बाजार का रुख</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में थे, लेकिन कारोबार समाप्त होने से पहले निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में खरीदारी बढ़ा दी। इसके चलते दोनों प्रमुख सूचकांकों ने निचले स्तरों से शानदार वापसी की।</p>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स की 30 कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, अदाणी पोर्ट्स, इन्फोसिस, ट्रेंट, टाइटन और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर प्रमुख लाभ में रहे। दूसरी ओर इटर्नल, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड और बजाज फिनसर्व के शेयरों में गिरावट रही।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>ब्रेंट क्रूड करीब 3 फीसदी टूटा</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बाजार को सबसे बड़ा सहारा कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से मिला। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड करीब 3 प्रतिशत गिरकर 89.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक, ईरान पर अमेरिका की अपेक्षित पाबंदियां बाजार की आशंका के मुकाबले कड़ी नहीं रहीं। इससे कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में हालिया ऊंचाई से नरमी आई।</p>
<p style="text-align:justify;">ऊर्जा लागत में राहत से बाजार की धारणा को भी सहारा मिला और मासिक वायदा एवं विकल्प सौदों की समाप्ति के दिन प्रमुख सूचकांक सकारात्मक स्तर पर बंद होने में सफल रहे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">एशिया के प्रमुख बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग मामूली गिरावट में रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान तेजी का रुख देखने को मिला। इससे पहले अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>एफआईआई ने की 1,181 करोड़ रुपये की खरीदारी</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए सकारात्मक रहीं। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 1,181.66 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 171.72 अंक गिरकर 77,369.11 अंक पर और निफ्टी 32.95 अंक की गिरावट के साथ 24,219.05 अंक पर बंद हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591755/sugar-price-hike-modi-government-changes-raw-sugar-import-trq-rules"><span class="t-red">चीनी की कीमतों में उछाल के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, </span>कच्ची चीनी के इम्पोर्ट के नियम बदले</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591827/share-market-today-sensex-nifty-rise-crude-oil-price-25-august-2026</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 16:50:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Share Market Today: कच्चे तेल की महंगाई और अमेरिका-ईरान तनाव का असर, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[मंगलवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 30 अंक और निफ्टी 38.80 अंक नीचे खुले। बाद में सेंसेक्स की गिरावट बढ़कर करीब 140 अंक और निफ्टी की 67 अंक तक पहुंच गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591790/share-market-today-sensex-nifty-fall-crude-oil-us-iran-tension"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/share-market.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की धारणा प्रभावित की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में रहे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सेंसेक्स 77,336 और निफ्टी 24,179 पर खुला</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 30 अंक टूटकर 77,336.32 अंक पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 38.80 अंक की गिरावट के साथ 24,179.50 अंक पर कारोबार करता नजर आया।</p>
<p style="text-align:justify;">बाद में बाजार की गिरावट और बढ़ गई। सेंसेक्स 139.96 अंक टूटकर 77,235.23 अंक पर, जबकि निफ्टी 66.75 अंक की गिरावट के साथ 24,162.50 अंक पर कारोबार कर रहा था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स की 30 कंपनियों में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, मारुति, एनटीपीसी, पावर ग्रिड और बजाज फाइनेंस के शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर, ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में भी मंगलवार को दबाव देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में कारोबार कर रहे थे। वहीं जापान का निक्की 225 बढ़त में रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को भी गिरावट के साथ बंद हुए थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>92 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.35 प्रतिशत बढ़कर 92.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात लागत और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>विदेशी निवेशकों ने खरीदे 1,181 करोड़ रुपये के शेयर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 1,181.66 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 171.72 अंक और निफ्टी 32.95 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/591765/rupee-falls-four-paise-to-95-74-against-dollar-crude-oil-prices-importers-demand"><span class="t-red">Rupee vs Dollar:</span> डॉलर के मुकाबले रुपया फिर कमजोर, 95.74 पर खुला; कच्चे तेल और आयातकों की डॉलर मांग से दबाव</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591790/share-market-today-sensex-nifty-fall-crude-oil-us-iran-tension</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 13:17:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपया फिर कमजोर, 95.74 पर खुला; कच्चे तेल और आयातकों की डॉलर मांग से दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चार पैसे फिसला। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और डॉलर की मांग के बीच आरबीआई के हस्तक्षेप ने गिरावट को सीमित रखने में मदद की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591765/rupee-falls-four-paise-to-95-74-against-dollar-crude-oil-prices-importers-demand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/rupee-vs-dollar3.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चार पैसे कमजोर होकर 95.74 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। घरेलू मुद्रा पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ती मांग का दबाव रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, सरकारी बैंकों के जरिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लगातार हस्तक्षेप ने रुपये की गिरावट को सीमित रखने में मदद की। एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी और ईरान से जुड़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने के बावजूद रुपया सीमित दायरे में कारोबार करता रहा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सोमवार को 95.70 पर बंद हुआ था रुपया</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.74 प्रति डॉलर पर खुला। इससे पहले सोमवार को घरेलू मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.70 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मंगलवार के शुरुआती कारोबार में रुपये की चाल पर वैश्विक बाजारों के संकेतों और डॉलर की मांग का असर देखने को मिला।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>डॉलर इंडेक्स में भी मामूली तेजी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.04 प्रतिशत बढ़कर 99.04 पर पहुंच गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों में बढ़ोतरी के बाद निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी, जिससे डॉलर को समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की पुनर्खरीद की उम्मीदों के कारण डॉलर पर कुछ दबाव भी बना हुआ है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर के पार</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी रही। ब्रेंट क्रूड ऑयल वायदा 0.30 प्रतिशत बढ़कर 92.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से डॉलर की मांग बढ़ सकती है, जिसका असर रुपये की कीमत पर पड़ता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सेंसेक्स और निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में कमजोर</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू शेयर बाजार में भी मंगलवार को शुरुआती कारोबार में कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स 30 अंक गिरकर 77,336.32 अंक पर आ गया, जबकि निफ्टी 38.80 अंक की गिरावट के साथ 24,179.50 अंक पर कारोबार कर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी जारी रही। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 1,181.66 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591760/upi-10-years-24161-crore-transactions-314-lakh-crore-digital-payment-india"><span class="t-red">UPI के 10 साल: </span>1.78 करोड़ से 24 हजार करोड़ पार हुआ ट्रांजैक्शन, भारत के डिजिटल पेमेंट की बदल गई तस्वीर</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591765/rupee-falls-four-paise-to-95-74-against-dollar-crude-oil-prices-importers-demand</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 11:28:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीनी की कीमतों में उछाल के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, कच्ची चीनी के इम्पोर्ट के नियम बदले</title>
                                    <description><![CDATA[चीनी के बढ़ते दामों के बीच केंद्र ने 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर के TRQ आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब आयातित कच्ची चीनी को हर खेप के लिए तय समयसीमा में रिफाइंड कर घरेलू बाजार में बेचना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591755/sugar-price-hike-modi-government-changes-raw-sugar-import-trq-rules"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/sugar-price-today.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> देशभर में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर के TRQ (टैरिफ रेट कोटा) आयात के लिए बिक्री की समयसीमा में बदलाव किया है। अब आयातकों को पहले से तय किसी एक अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि हर खेप के लिए अलग समयसीमा लागू होगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>क्या है सरकार का नया नियम?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकारी आदेश के अनुसार, TRQ के तहत आयात की गई कच्ची चीनी को आयातक को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने के भीतर रिफाइंड करके सफेद चीनी के रूप में घरेलू बाजार में बेचाना होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पहले आयातित कच्ची चीनी को बेचने के लिए 31 अक्टूबर 2026 की एक समान अंतिम तारीख निर्धारित थी। नए नियम में इस व्यवस्था को बदलते हुए हर खेप के लिए अलग-अलग दो महीने की समयसीमा तय की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>एक महीने में 7.52 रुपये किलो महंगी हुई चीनी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 20 जुलाई 2026 को चीनी की खुदरा कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी। 20 अगस्त तक इसकी कीमत बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो पहुंच गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस तरह एक महीने में चीनी की कीमत में 7.52 रुपये प्रति किलो, यानी करीब 15.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कीमतों में इस तेज उछाल का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भारत में कितना है चीनी का स्टॉक?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">चीनी की बढ़ती कीमतों और उत्पादन में कमी को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने चिंता जताई है। उनके मुताबिक, गन्ने की फसल पर अल नीनो की परिस्थितियों का असर पड़ा है। इसका प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में कृषि उत्पादन, खासकर चीनी उत्पादन पर भी असर पड़ा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत में सालाना चीनी की जरूरत करीब 280 लाख टन है, जबकि देश के पास 20-25 लाख टन से अधिक अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>क्यों अहम है सरकार का यह फैसला?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">चीनी की खुदरा कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच आयातित कच्ची चीनी को जल्दी रिफाइंड कर घरेलू बाजार में उपलब्ध कराने की व्यवस्था का मकसद बाजार में आपूर्ति बनाए रखना है। हर खेप के लिए दो महीने की समयसीमा तय होने से आयातित कच्ची चीनी को लंबे समय तक रोककर रखने की गुंजाइश कम होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591730/itr-filing-last-date-31-august-2026-income-tax-department-alert"><span class="t-red">31 अगस्त से पहले ITR दाखिल करें: </span>आयकर विभाग ने गैर-ऑडिट करदाताओं को किया अलर्ट, जानें कौन-सा फॉर्म आपके लिए</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 10:17:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>31 अगस्त से पहले ITR दाखिल करें: आयकर विभाग ने गैर-ऑडिट करदाताओं को किया अलर्ट, जानें कौन-सा फॉर्म आपके लिए</title>
                                    <description><![CDATA[AY 2026-27 के लिए कारोबार और पेशे से आय वाले गैर-ऑडिट करदाताओं की ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 अगस्त; 20 अगस्त तक 6.5 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591730/itr-filing-last-date-31-august-2026-income-tax-department-alert"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/itr-filing-deadline.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>आयकर विभाग ने कारोबार या पेशे से आय अर्जित करने वाले और ऑडिट के दायरे में नहीं आने वाले करदाताओं से आकलन वर्ष 2026-27 का आयकर रिटर्न 31 अगस्त तक दाखिल करने की अपील की है। विभाग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए करदाताओं को समयसीमा से पहले रिटर्न दाखिल करने की याद दिलाई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आयकर विभाग के मुताबिक, ई-फाइलिंग पोर्टल पर 20 अगस्त तक दो करोड़ से अधिक ITR-3 और ITR-4 दाखिल किए जा चुके थे। इसके साथ ही आकलन वर्ष 2026-27 के लिए दाखिल कुल आयकर रिटर्न की संख्या 6.5 करोड़ से अधिक हो गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस आंकड़े में 5.9 करोड़ से ज्यादा ITR-1 और ITR-2 भी शामिल हैं, जिन्हें 31 जुलाई की निर्धारित समयसीमा तक दाखिल किया गया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए 31 अगस्त आखिरी तारीख</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">आयकर विभाग ने कहा कि जिन करदाताओं की आय कारोबार या पेशे से होती है और जिनके खातों का अनिवार्य ऑडिट नहीं होना है, उनके लिए आकलन वर्ष 2026-27 का ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है।</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग ने करदाताओं से समय पर रिटर्न दाखिल करने की अपील करते हुए उन्हें ‘टैक्स हीरो’ बनने का संदेश दिया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>किसे कौन-सा ITR फॉर्म भरना होगा?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">गैर-ऑडिट श्रेणी के करदाताओं के लिए उनकी आय और स्थिति के अनुसार अलग-अलग ITR फॉर्म लागू हो सकते हैं।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>ITR-3: ऐसे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), जिनकी आय कारोबार या पेशे से होती है।</li>
<li>ITR-4: छोटे और मध्यम करदाताओं के लिए सरल ITR फॉर्म।</li>
<li>ITR-5: फर्म, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) और सहकारी समितियों आदि के लिए।</li>
<li>ITR-7: ट्रस्ट और परमार्थ संस्थाओं सहित निर्धारित श्रेणी के करदाताओं के लिए।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">विभाग ने करदाताओं को अपनी आय और लागू नियमों के अनुसार सही ITR फॉर्म चुनकर समयसीमा के भीतर रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ITR फाइलिंग में देरी से बचें</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">31 अगस्त की समयसीमा नजदीक होने के कारण कारोबार और पेशे से आय अर्जित करने वाले गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए समय रहते रिटर्न दाखिल करना महत्वपूर्ण है। आयकर विभाग लगातार ई-फाइलिंग के आंकड़े साझा कर करदाताओं को समय पर रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591683/new-sim-rules-now-the-government-has-fixed-the-new"><span class="t-red">New SIM Rules: </span>एक व्यक्ति के नाम पर अब कितने SIM? सरकार ने तय की नई लिमिट, जानें पूरा नियम</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 08:32:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Onion Price : चीनी के बाद अब प्याज ने रुलाया! करीब 59% उछले दाम, सरकार की ‘कांदा एक्सप्रेस’ से कीमतों पर लगेगी लगाम</title>
                                    <description><![CDATA[प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए बफर स्टॉक बड़े शहरों में भेजना शुरू किया है। पांच प्रमुख शहरों में पहले आपूर्ति होगी और NCCF-NAFED के जरिए 35 रुपये किलो प्याज बेचने की तैयारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591739/onion-price-kanda-express-nashik-buffer-stock-35-rupees-per-kg-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/onion-price.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्याज की बढ़ती कीमतों से राहत दिलाने और बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र के नासिक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज का बफर स्टॉक देश के बड़े खपत केंद्रों तक भेजा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आपूर्ति बढ़ाकर प्याज की कीमतों में मौसमी तेजी पर अंकुश लगाना है।उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने सोमवार को बताया कि रेलवे रैक पर प्याज लोड किया जा रहा है और इसके बुधवार तक निर्धारित खपत केंद्रों पर पहुंचने की उम्मीद है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>43.53 रुपये किलो पहुंचा औसत खुदरा भाव</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 24 अगस्त को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत सालाना आधार पर 59 प्रतिशत बढ़कर 43.53 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। एक साल पहले इसी अवधि में यह 27.37 रुपये प्रति किलो थी। वहीं प्याज की औसत थोक कीमत भी करीब 68 प्रतिशत बढ़कर 35.58 रुपये प्रति किलो हो गई, जबकि पिछले साल यह 21.23 रुपये प्रति किलो थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली में 55, चेन्नई में 60 रुपये किलो</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रमुख शहरों में भी प्याज की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। सोमवार को चेन्नई में प्याज 60 रुपये प्रति किलो, दिल्ली में 55 रुपये और कोलकाता में 53 रुपये प्रति किलो तक बिका।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इन पांच शहरों में पहले पहुंचेगा प्याज</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">निधि खरे के मुताबिक शुरुआती चरण में प्याज की आपूर्ति चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी में की जाएगी। इसके बाद बाजार की जरूरत के मुताबिक अन्य शहरों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। नासिक में रखे गए प्याज के बफर स्टॉक को रेल रैक के जरिए बड़ी मात्रा में इन केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। यहां थोक और खुदरा दोनों बाजारों में स्टॉक उतारा जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>35 रुपये किलो में प्याज बेचने की तैयारी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सरकार की ओर से एनसीसीएफ और नाफेड जैसी एजेंसियों के माध्यम से खुदरा बाजार में प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचने की योजना है। सरकार कीमतों और बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। निधि खरे ने कहा कि नासिक में मंडी की कीमतें दिल्ली से अधिक होना सामान्य स्थिति नहीं है। उन्होंने कीमतों में इस अंतर को लेकर बाजार में गुटबाजी और सट्टेबाजी की आशंका भी जताई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सरकार के पास 1.21 लाख टन का बफर स्टॉक</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार के पास चालू वर्ष के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि यह घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और आने वाले महीनों में प्याज की उपलब्धता संतोषजनक रहने की उम्मीद है। प्याज का बफर स्टॉक आपूर्ति में कमी या कीमतों में अचानक तेजी के समय बाजार को राहत देने के लिए रखा जाता है। इसे नाफेड और एनसीसीएफ जैसी एजेंसियों के जरिए खरीदा जाता है और जरूरत के अनुसार बाजार में नियंत्रित तरीके से उतारा जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>‘कांदा एक्सप्रेस’ से बढ़ी प्याज ढुलाई</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बड़े पैमाने पर प्याज की ढुलाई के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल वर्ष 2024-25 में शुरू की गई थी। इसके बाद रेल के जरिए प्याज पहुंचाने की व्यवस्था को लगातार विस्तार दिया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 12 हजार टन प्याज लेकर 14 रेल रैक पांच शहरों में भेजे गए थे। वित्त वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 86 रेल रैक हो गई, जिनके जरिए देश के 16 बड़े शहरों में करीब 88 हजार टन प्याज पहुंचाया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>त्योहारी सीजन में बढ़ती है कीमत</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय के अनुसार अगस्त-सितंबर से प्याज की कीमतों में आमतौर पर मौसमी तेजी देखने को मिलती है। इसके पीछे त्योहारी मांग, मौसम संबंधी व्यवधान, आपूर्ति श्रृंखला और मांग में बदलाव जैसे कारण रहते हैं। सरकार कीमतों और बाजार की स्थिति की लगातार निगरानी कर बफर स्टॉक को बड़ी मंडियों और चुनिंदा खपत केंद्रों तक भेजने का फैसला करती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/591734/lucknow-district-court-lawyers-chamber-demolition-supreme-court-hearing#gsc.tab=0">लखनऊ कोर्ट परिसर अतिक्रमण मामला : चैंबर ध्वस्तीकरण के खिलाफ दायर अर्जी पर कोर्ट करेगा सुनवाई</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 19:22:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
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                <title>Wheat Export: आटा-मैदा-सूजी के निर्यात से हटा प्रतिबंध, सरकार ने बदले नियम</title>
                                    <description><![CDATA[डीजीएफटी ने गेहूं और उससे जुड़े कई उत्पादों की निर्यात नीति में बदलाव किया। आटा, मैदा, सूजी, होलमील आटा और मिश्रित गेहूं के आटे को प्रतिबंधित से मुक्त श्रेणी में किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591705/india-wheat-export-policy-dgft-atta-maida-suji-export-ban-removed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/wheat-export.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>केंद्र सरकार ने गेहूं से बने कई उत्पादों के निर्यात नियमों में बड़ा बदलाव किया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, गेहूं या मेस्लिन आटा, मैदा, सूजी, होलमील आटा और मिश्रित गेहूं के आटे को अब प्रतिबंधित श्रेणी से निकालकर मुक्त श्रेणी में कर दिया गया है। यानी इन उत्पादों के निर्यात पर अब पहले जैसी पाबंदी नहीं रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और गेहूं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए वर्ष 2022 में गेहूं और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>2022 में गेहूं के निर्यात पर लगा था प्रतिबंध</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने 13 मई 2022 को गेहूं की निर्यात नीति को मुक्त श्रेणी से प्रतिबंधित श्रेणी में कर दिया था। इसके बाद उसी वर्ष अगस्त में गेहूं के आटे के निर्यात पर भी प्रतिबंध लागू किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">यह फैसला रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद वैश्विक स्तर पर गेहूं की आपूर्ति प्रभावित होने के बीच लिया गया था। उस समय भारतीय गेहूं की विदेशी मांग बढ़ने के साथ घरेलू बाजार में कीमतों पर भी दबाव बढ़ रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने तब कहा था कि देश की करीब 1.4 अरब आबादी की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और गेहूं व गेहूं के आटे की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए निर्यात प्रतिबंध जरूरी हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>किन उत्पादों का निर्यात अब मुक्त हुआ?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">संशोधित नीति के तहत इन उत्पादों को मुक्त श्रेणी में रखा गया है:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>गेहूं या मेस्लिन आटा</li>
<li>मैदा</li>
<li>सूजी</li>
<li>होलमील आटा</li>
<li>मिश्रित गेहूं का आटा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, प्रतिबंधों के दौरान भी गेहूं से बने कुछ विशेष उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी जाती रही थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>फरवरी में भी सरकार ने दी थी निर्यात की अनुमति</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस साल फरवरी में सरकार ने बेहतर स्टॉक उपलब्धता का हवाला देते हुए 25 लाख मीट्रिक टन (LMT) गेहूं और अतिरिक्त 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अब गेहूं से बने प्रमुख उत्पादों को मुक्त निर्यात श्रेणी में डालने का फैसला घरेलू उत्पादन और उपलब्धता में सुधार के बीच आया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा खाद्यान्न उत्पादन</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मई में जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन 2025-26 में 5.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 37.6563 करोड़ टन रहने का अनुमान है। 2024-25 में यह आंकड़ा 35.7732 करोड़ टन था।</p>
<p style="text-align:justify;">फसलवार आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में चावल का उत्पादन 15.4024 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 15.0184 करोड़ टन से 38.4 लाख टन अधिक है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, गेहूं का उत्पादन 12.0657 करोड़ टन रहने का अनुमान है। यह 2024-25 के 11.7945 करोड़ टन के मुकाबले 27.12 लाख टन अधिक है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591683/new-sim-rules-now-the-government-has-fixed-the-new"><span class="t-red">New SIM Rules: </span>एक व्यक्ति के नाम पर अब कितने SIM? सरकार ने तय की नई लिमिट, जानें पूरा नियम</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 16:19:35 +0530</pubDate>
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