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                <title>कारोबार - Amrit Vichar</title>
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                <title>देश का आर्थिक विकास और नई चुनौतियां</title>
                                    <description><![CDATA[आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक विकास का सबसे बड़ा आधार भारत बन सकता है, लेकिन इसी समय बढ़ता सरकारी कर्ज, जलवायु परिवर्तन, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव जैसी कई चुनौतियां भी सामने खड़ी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586693/the-country-s-economic-development-and-new-challenges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/317.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/318.jpg" alt="3" width="156" height="139"></img>
रजत मेहरोत्रा, <br />वित्तीय एवं आर्थिक विशेषज्ञ

<p style="text-align:justify;">किसी भी परिवार की आय यदि लगातार कम होती जाए और खर्च बढ़ते जाएं, तो एक समय ऐसा आता है, जब उसे अपनी ज़रूरतें पूरी करने के लिए कर्ज लेना पड़ता है। शुरुआत में यह कर्ज राहत देता है, लेकिन यदि उससे कमाई बढ़ाने वाले काम न किए जाएं तो धीरे-धीरे वही कर्ज बोझ बन जाता है। यही बात किसी देश की अर्थव्यवस्था पर भी लागू होती है। कर्ज अपने आप में बुरा नहीं होता, लेकिन यदि उसका सही उपयोग न हो और साथ ही नई आर्थिक चुनौतियां सामने आ जाएं, तो भविष्य में वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। आज भारत के सामने भी कुछ ऐसे ही संकेत दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें समय रहते समझना बेहद जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। मजबूत घरेलू बाजार, डिजिटल क्रांति, तेजी से विकसित होता बुनियादी ढांचा, बढ़ता विनिर्माण और युवा आबादी भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। दुनिया की कई प्रमुख संस्थाएं मानती हैं कि आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक विकास का सबसे बड़ा आधार भारत बन सकता है, लेकिन इसी समय बढ़ता सरकारी कर्ज, जलवायु परिवर्तन, संभावित अल-नीनो, बढ़ती बिजली की मांग, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, निर्यात की अनिश्चितता और कृषि क्षेत्र की चुनौतियां भी हमारे सामने खड़ी हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">यह स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है कि भारत इस समय किसी कर्ज संकट में नहीं है। सरकार लगातार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने का प्रयास कर रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.3 प्रतिशत रखा गया है, जबकि पिछले वर्ष का संशोधित अनुमान 4.4 प्रतिशत था। यह दर्शाता है कि सरकार धीरे-धीरे वित्तीय संतुलन की दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी चिंता की बात यह है कि यदि भविष्य में आर्थिक विकास की गति धीमी पड़ती है और दूसरी ओर सरकारी कर्ज तथा उस पर ब्याज का बोझ लगातार बढ़ता रहता है, तो सरकार के पास विकास कार्यों पर खर्च करने की क्षमता सीमित हो सकती है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार भारत का कुल सार्वजनिक कर्ज देश की GDP के लगभग 83 प्रतिशत के बराबर है। यह स्तर अभी चिंता का कारण नहीं माना जाता, लेकिन यह जरूर बताता है कि उधार लिए गए धन का उपयोग बहुत सोच-समझकर करना होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">यदि कर्ज का उपयोग सड़क, रेलवे, बंदरगाह, सिंचाई, जल संरक्षण, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और उद्योग जैसे क्षेत्रों में किया जाता है, तो यही निवेश भविष्य में रोजगार और आय बढ़ाता है, लेकिन यदि उधार का बड़ा हिस्सा केवल सरकारी खर्च पूरे करने में लगने लगे, तो आने वाले वर्षों में विकास की गति प्रभावित हो सकती है। इस समय जलवायु परिवर्तन भी आर्थिक जोखिमों को बढ़ा रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी, अनियमित वर्षा, सूखा और बाढ़ जैसी घटनाएं खेती को प्रभावित कर सकती हैं। यदि मानसून सामान्य से कमजोर रहता है, तो फसल उत्पादन घट सकता है। इससे खाद्य पदार्थ महंगे होंगे, किसानों की आय कम होगी और ग्रामीण क्षेत्रों की खरीद क्षमता प्रभावित होगी। जब गांवों में मांग कम होती है, तो उसका असर शहरों के उद्योगों और व्यापार पर भी पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत आधार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग यानी एमएसएमई हैं। यह क्षेत्र देश की GDP में लगभग 30.1 प्रतिशत, विनिर्माण उत्पादन में 35.4 प्रतिशत और कुल निर्यात में लगभग 45.7 प्रतिशत का योगदान देता है। करोड़ों लोगों को रोजगार देने वाला यही क्षेत्र सबसे पहले महंगे कर्ज, कमजोर मांग, बढ़ती ऊर्जा लागत और भुगतान में देरी का असर झेलता है। यदि एमएसएमई कमजोर पड़ते हैं, तो इसका प्रभाव रोजगार, उत्पादन और बैंकिंग व्यवस्था तक पहुंचता है। </p>
<p style="text-align:justify;">ऊर्जा सुरक्षा भी आने वाले वर्षों की सबसे बड़ी चुनौती बनने जा रही है। एयर कंडीशनर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर, बिजली उत्पादन में अभी भी जीवाश्म ईंधनों की बड़ी हिस्सेदारी है। यदि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल या गैस की कीमतें बढ़ती हैं या पश्चिम एशिया में तनाव गहराता है, तो भारत का आयात बिल बढ़ेगा। इससे महंगाई बढ़ सकती है और आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही दुनिया में बढ़ते व्यापारिक तनाव और भू-राजनीतिक संघर्ष भारत के निर्यात पर भी असर डाल सकते हैं। यदि वैश्विक मांग कमजोर होती है, तो भारतीय उद्योगों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। मार्च 2026 तक भारत का बाहरी कर्ज लगभग 762.8 अरब अमेरिकी डॉलर था, हालांकि यह GDP का लगभग 20.8 प्रतिशत है और फिलहाल सुरक्षित स्तर पर माना जाता है, फिर भी बदलती वैश्विक परिस्थितियों में इस पर लगातार नजर रखना जरूरी है। यदि उद्योगों की आय घटती है और एमएसएमई कमजोर होते हैं, तो इसका असर बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर भी पड़ सकता है। ऋण चुकाने में कठिनाई बढ़ने से खराब ऋण (NPA) बढ़ सकते हैं और नए निवेश की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसका सीधा असर रोजगार और आर्थिक विकास पर दिखाई देगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इन चुनौतियों का समाधान भी हमारे पास है। सरकार को वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए पूंजीगत निवेश बढ़ाना होगा। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई व्यवस्था, अक्षय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, घरेलू विनिर्माण, अनुसंधान, कौशल विकास और निर्यात प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। साथ ही सरकारी खर्च की गुणवत्ता सुधारना और कर आधार को मजबूत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 06:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock market closed :  शेयर बाजारों में तेजी जारी, इन सेक्टरों में बिकवाली के बाद बाजार में बहार  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार चौथे दिन तेजी देखी गयी, हालांकि आईटी सेक्टर की कंपनियों और सार्वजनिक बैंकों में बिकवाली का जोर रहा। बीएसई का सेंसेक्स 521.16 अंक (0.67 प्रतिशत) चढ़कर 78,285.07 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 159.50 अंक यानी 0.66 प्रतिशत ऊपर 24,430.35 अंक पर बंद हुआ। वृहत बाजार में भी तेजी रही। </p>
<p style="text-align:justify;">निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.45 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.75 प्रतिशत की बढ़त में रहा। ऑटो, धातु, रियल्टी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस, रसायन, निजी बैंक और फार्मा सेक्टरों में तेजी रही। आईटी, सार्वजनिक बैंक और मीडिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586642/stock-market-closed--stock-markets-continue-to-rise--markets-rebound-after-selling-in-these-sectors"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(26)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार चौथे दिन तेजी देखी गयी, हालांकि आईटी सेक्टर की कंपनियों और सार्वजनिक बैंकों में बिकवाली का जोर रहा। बीएसई का सेंसेक्स 521.16 अंक (0.67 प्रतिशत) चढ़कर 78,285.07 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 159.50 अंक यानी 0.66 प्रतिशत ऊपर 24,430.35 अंक पर बंद हुआ। वृहत बाजार में भी तेजी रही। </p>
<p style="text-align:justify;">निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.45 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.75 प्रतिशत की बढ़त में रहा। ऑटो, धातु, रियल्टी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस, रसायन, निजी बैंक और फार्मा सेक्टरों में तेजी रही। आईटी, सार्वजनिक बैंक और मीडिया सेक्टरों के सूचकांक गिरावट में रहे। सेंसेक्स की कंपनियों में एचडीएफसी बैंक का शेयर साढ़े तीन फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा का दो फीसदी मजबूत हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">बीईएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत तक चढ़े। भारती एयरटेल, इटरनल, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, टाइटन और एलएंडटी के शेयर भी हरे निशान में रहे। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर चार प्रतिशत के करीब लुढ़क गया। टीसीएस में डेढ़ी फीसदी से ज्यादा गिरावट रही। बजाज फिनसर्व, पावरग्रिड, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा और इंडिगो के शेयर भी नीचे बंद हुए।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/586298/stock-market-closed--stock-markets-closed-with-gains-for-the-second-consecutive-day--sensex-rose-579-points"><span class="t-red">Stock Market Closed :</span>लगातार दूसरे दिन बढ़त में बंद हुए शेयर बाजार, 579 अंक चढ़ा सेंसेक्स</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:55:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Today :  crude oil कीमतों में नरमी से बाजार चढ़ा, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी का हाल  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी रही। विदेशी निवेशकों की ताजा लिवाली ने भी घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुख को मजबूती दी। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 281.40 अंक चढ़कर 78,051.03 अंक पर, जबकि एनएसई निफ्टी 74.60 अंक की बढ़त के साथ 24,347.05 अंक पर रहा। </p>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल और एचसीएल टेक के शेयर सबसे अधिक बढ़त में रहे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड और आईटीसी के शेयर नुकसान में रहे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586608/stock-market-today--market-rose-due-to-softening-of-crude-oil-prices--know-the-condition-of-sensex-nifty"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(47)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी रही। विदेशी निवेशकों की ताजा लिवाली ने भी घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुख को मजबूती दी। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 281.40 अंक चढ़कर 78,051.03 अंक पर, जबकि एनएसई निफ्टी 74.60 अंक की बढ़त के साथ 24,347.05 अंक पर रहा। </p>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल और एचसीएल टेक के शेयर सबसे अधिक बढ़त में रहे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड और आईटीसी के शेयर नुकसान में रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहा जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की-225 गिरावट में रहे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,355.33 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स शुक्रवार को 261.79 अंक और निफ्टी 95.15 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/586328/stock-market-today--stock-market-buzzing-for-the-third-consecutive-day--sensex-rises-by-more-than-650-points"><span class="t-red">Stock Market Today : </span>लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार गुलजार, 650 अंक से ज्यादा उछला सेंसेक्स </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586608/stock-market-today--market-rose-due-to-softening-of-crude-oil-prices--know-the-condition-of-sensex-nifty</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 10:56:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इथेनॉल बनेगा भारत की नई ऊर्जा क्रांति? किसानों की आय, रोजगार और पर्यावरण के बीच भविष्य की बड़ी तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[गन्ने से बढ़ता इथेनॉल उत्पादन खोल रहा नए उद्योगों के द्वार, पेट्रोल पर निर्भरता घटाने की तैयारी; विशेषज्ञों ने भूजल दोहन और खाद्य सुरक्षा पर भी जताई चिंता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586557/ethanol-future-india-up-sugarcane-farmers-e20-flex-fuel-vehicles-opportunities"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/chatgpt-image-jul-5,-2026,-05_18_31-pm.png" alt=""></a><br /><p>प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए इथेनॉल भारी संभावनाएं लेकर उभर रहा है। चीनी मिलों में अब गन्ने के रस से चीनी उत्पादन ही नहीं, बल्कि इथेनॉल उत्पादन पर भी खासा जोर दिया जा रहा है। वजह यह है कि सस्ता होने के कारण इथेनॉल का उपयोग अब पेट्रोल के विकल्प के तौर पर सामने आया है। पेट्रोल में अभी 20 प्रतिशत इथेनॉल का इस्तेमाल हो रहा है। केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए इथेनॉल आधारित ईंधन ई-85 और फ्लेक्स फ्यूल वाहनों को लांच किया है। ऐसे में आने वाले समय में उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में इथेनॉल आधारित दुपहिया और चौपहिया वाहनों का बाजार बढ़ने की संभावना है। इथेनॉल के उपयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं किसानों की आय में खासी बढ़ोतरी भी हो सकेगी। इसके अलावा इथेनॉल उद्योग में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता में कमी आएगी। इसके साथ ही इसका एक स्याह पक्ष यह भी है कि गन्ने में ज्यादा भूगर्भ जल दोहन से भविष्य में जल के संकट पर भी सवाल भी खड़ा हो रहे हैं।</p>
<p>पारंपरिक तौर पर अभी प्रदेश के 75 जिलों में से 45 जिलों में प्रमुख तौर पर गन्ने का उत्पादन होता है। गन्ना उत्पादन ग्रामीण व्यवस्था के लिए रीढ़ है। इससे करीब 45 लाख किसानों को सीधे रोजगार मिला हुआ है, जो उनकी आजीविका का साधन है। सबसे ज्यादा गन्ने का उत्पादन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होता है, जबकि जिलों में सबसे अधिक उत्पादन मध्य क्षेत्र के लखीमपुर खीरी में हो रहा है।</p>
<p>गन्ना उत्पादन से जुड़े जानकारों का कहना है कि अब चीनी मिलें चीनी उत्पादन के साथ ही इथेनॉल उत्पादन पर भी फोकस कर रही हैं। इथेनॉल उत्पादन से किसानों के जीवन स्तर में सुधार हो सकेगा, क्योंकि उन्हें समय पर गन्ने के बकाये मूल्य भुगतान हो सकेगा। वर्तमान में चीनी मिलें गन्ना किसानों को समय पर भुगतान नहीं कर रही हैं। इसको लेकर सरकार स्तर पर सख्ती की जाती है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन उन्हें रिकवरी प्रमाण पत्र जारी करते हैं, तब जाकर भुगतान संभव हो पाता है। शासन की सख्ती के कारण अब तक बकाये का लगभग नब्बे प्रतिशत रकम 31,226 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जानकारों का कहना है कि भविष्य में इथेनॉल का उपयोग बढ़ेगा, तो चीनी मिलों को काफी लाभ होगा। ऐसे में चीनी मिलें किसानों को समय पर गन्ने के मूल्य का भुगतान कर सकेंगी।</p>
<h4><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">इथेनॉल का उत्पादन</span></strong></h4>
<p>वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 229 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन हुआ, जबकि चालू वर्ष में 15 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन हो चुका है। वर्ष 2016-17 में इथेनॉल का उत्पादन 42 करोड़ लीटर था। इससे साफ है कि चीनी मिलों में इथेनॉल उत्पादन तेजी से बढ़ता जा रहा है। जानकारों के अनुसार खेतों में अच्छी गुणवत्ता का गन्ना लगाने के कारण उसमें रस ज्यादा निकल रहा है। यह चीनी उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन दोनों के लिए बेहतर साबित हो रहा है। सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के कारण किसान अब अच्छी किस्म का गन्ने की बुवाई के लिए लगातार जागरूक हो रहे हैं। इससे उनकी आय बढ़ने की संभावना बढ़ती जा रही है।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>देश को होगी सालाना 1016 करोड़ लीटर इथेनॉल की जरूरत</strong></span></h4>
<p>केंद्र सरकार के इथेनॉल मिश्रण (ई-20) का लक्ष्य पूरा करने के लिए देश में सालाना 1016 करोड़ लीटर इथेनॉल की जरूरत होगी, क्योंकि नए उद्योग के लिए बड़ा बाजार तैयार हो रहा है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। इथेनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए सरकार सस्ते ब्याज दर पर ऋ ण व अन्य वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। भविष्य में इथेनॉल का उपयोग बायो-प्लास्टिक निर्माण में भी किया जाएगा, जिससे लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का विकल्प मिलेगा।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>टूटे चावल से भी बन रहा इथेनॉल</strong></span></h4>
<p>गन्ने के अलावा अब कृषि अवशेषों (पराली), मक्का, खराब और टूटे चावल आदि से भी एथेनॉल का उत्पादन हो रहा है। किसानों को उनके कचरे का भी दाम मिलना शुरू हो गया है। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए डिस्टिलरी प्लांट लगने भविष्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार द्वारा टूटे चावल से इथेनॉल बनाने की नीति पर बहस छिड़ गई है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बदलाव कर मुफ्त राशन में चावल की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी है। इथेनॉल उत्पादकों के लिए भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से रियायती दर पर टूटे चावल की नीलामी व खरीद की व्यवस्था की गई है। इससे मुफ्त में राशन पाने वाले गरीबों के खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम प्रभावित होने की आशंका खड़ी हो गई है।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>बेहतर किस्मों से बढ़ रहा रस, बढ़ रही कमाई </strong></span></h4>
<p>गन्ना विकास विभाग और कृषि वैज्ञानिकों के प्रयासों का असर अब खेतों में भी नजर आ रहा है। किसान अब अधिक उपज देने वाली और बेहतर रिकवरी वाली किस्मों को अपना रहे हैं। गन्ने की इन किस्मों में रस की मात्रा अधिक होती है, जिससे चीनी और इथेनॉल दोनों का उत्पादन बढ़ता है। गन्ने में मौजूद शर्करा ही इथेनॉल उत्पादन का आधार है। जितनी बेहतर गुणवत्ता का गन्ना होगा, उतनी ही अधिक मात्रा में इथेनॉल तैयार किया जा सकेगा। यही कारण है कि अब चीनी मिलें भी किसानों को उन्नत किस्मों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। प्रदेश में गन्ना उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र लखीमपुर-खीरी बना हुआ है, जहां पिछले पेराई सत्र में 316 लाख टन से अधिक गन्ने का उत्पादन हुआ। बिजनौर, सीतापुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और सहारनपुर भी शीर्ष उत्पादक जिलों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में नई डिस्टिलरी और इथेनॉल इकाइयों के विस्तार की योजनाएं चल रही हैं। यदि यह विस्तार गति पकड़ता है, तो गन्ना उत्पादक जिलों में कृषि आधारित उद्योगों का नया नेटवर्क विकसित हो सकता है।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>गांवों में रोजगार का नया अवसर</strong></span></h4>
<p>इथेनॉल उद्योग के विस्तार का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। नई डिस्टिलरी, भंडारण केंद्र, परिवहन और तकनीकी सेवाओं की जरूरत से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। राज्य सरकार के अफसरों का कहना है कि यदि गन्ना उत्पादक जिलों में इथेनॉल आधारित उद्योग विकसित होते हैं, तो बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार मिल सकेगा।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद </strong></span></h4>
<p>इथेनॉल को जैव ईंधन माना जाता है। पेट्रोल में इसके उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलती है। यह पूरी तरह प्रदूषण मुक्त ईंधन नहीं है, लेकिन पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ विकल्प माना जाता है। यही कारण है कि केंद्र सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।</p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>पेराई सत्र 2024-25</strong></span></h4>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/chatgpt-image-jul-5,-2026,-05_21_22-pm.png" alt="ChatGPT Image Jul 5, 2026, 05_21_22 PM" width="1536" height="1024"></img></p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>पिछले पांच सालों में गन्ने से चीनी का उत्पादन</strong></span><br /><br /> <img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/chatgpt-image-jul-5,-2026,-05_18_31-pm.png" alt="ChatGPT Image Jul 5, 2026, 05_18_31 PM" width="1536" height="1024"></img><br /><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>आटोमोबाइल प्रतिनिधि बोले</strong></span></h4>
<p>वर्तमान में बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई आदि में इथेनॉल से चलने वाले वाहन बाजार में आ गए हैं। पेट्रोल के बजाय इथेनॉल से चलने वाले इंजन अलग से लग रहे हैं। आने वाले महीनों में छोटे शहरों में भी ऐसे वाहन आने की संभावना बढ़ गई है, क्योंकि पेट्रोल महंगा होने के कारण अब लोग सस्ता ईंधन वाले वाहन पसंद कर रहे हैं।<br /><strong>- पंकज अग्रवाल, बांके बिहारी आटो प्राइवेट लिमिटेड, बरेली</strong></p>
<p>इथेनॉल से अभी आ रही वाहनों में दिक्कतें पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण से वाहनों में अभी दिक्कतें आ रही हैं। वाहनों के स्टार्ट होने में ‘मिसिंग’ हो रही है। पहले वाहनों में ‘कार्बोरेटर’ लगे होते थे। इस दौरान पेट्रोल में अगर कचरा होता था, तो वहीं रुक जाता था। वर्तमान में वाहनों में कार्बोरेटर न होने से ईंधन सीधे इंजन में चला जा रहा है। इससे वाहनों में दिक्कतें हो रही हैं। पर इथेनॉल के अनुकूल इंजन होने पर यह कारगर सिद्ध होगा।<br /><strong>-सद्दाम हुसैन, टीवीएस हिन्दुस्तान आटो सेल्स, बरेली</strong></p>
<h4><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">चीनी मिल प्रतिनिधियों की राय </span></strong></h4>
<p>नए डिस्टिलरी प्लांट लगने से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार: इथेनॉल का पेट्रोल के तौर पर प्रयोग होने से इस क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ गई हैं। पिपराइच चीनी मिल में भी इथेनॉल उत्पादन लगाने के लिए प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इथेनॉल प्लांट लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर निश्चित तौर पर मिलेंगे। इससे किसानों को समय पर उनके गन्ना मूल्य का भुगतान हो सकेगा।<br /><strong>-जगत राजपूत, प्रधान प्रबंधक, पिपराइच चीनी मिल, गोरखपुर</strong></p>
<p>इथेनॉल पर भविष्य में व्यापक संभावनाएं:  प्रदेश में इथेनॉल को लेकर बाजार में व्यापक संभावनाएं हैं। पेट्रोल के तौर पर इस्तेमाल से इसकी मांग आगे बढ़ने की संभावना है। मांग बढ़ेगी तो इथेनॉल उद्योग का विकास होगा। इससे युवाओं को ज्यादा रोजगार मिल सकेंगे। किसानों को भी समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान हो सकेगा।<br /><strong>-जय प्रकाश, महाप्रबंधक, नानौता सहकारी चीनी मिल,सहारनपुर</strong></p>
<p>सरकार को और प्रयास करने की जरूरत: बजाज ग्रुप की चीनी मिलों में सबसे ज्यादा इथेनॉल का उत्पादन हो रहा है, पर अभी मांग ज्यादा नहीं है। सरकार अगर इथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा देने पर और प्रयास करे, तो भविष्य में इथेनॉल का कारोबार बढ़ जाएगा।<br /><strong>-पीएन सिंह, यूनिट हेड, बजाज चीनी मिल कुंदरखी, गोंडा</strong></p>
<p>इथेनॉल उद्योग में संभावनाएं बहुत: अभी वाहनों में 20 प्रतिशत इथेनॉल का प्रयोग हो रहा है। जैसे-जैसे तकनीक बढ़ेगी, इसका प्रतिशत बढ़ता जाएगा। ऐसे में इथेनॉल उद्योग बढ़ने की पूरी संभावनाएं हैं। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, किसानों को भी लाभ होगा।<br /><strong>- डॉ. एचके त्रिपाठी, डीसीएम श्रीराम चीनी मिल, लखीमपुर खीरी</strong></p>
<h4><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>भूमिगत जलदोहन होगी बड़ी समस्या</strong></span></h4>
<p>इथेनॉल उत्पादन देश की समृद्धि का एक बहुत अच्छा रास्ता बना है, क्योंकि इससे वर्ष भर चीनी मिलें इथेनॉल का उत्पादन कर सकती है, पर यह अपने साथ पर्यावरण और भूगर्भ जल को लेकर समस्या भी साथ लेकर चलता है। गन्ना अत्यधिक पानी की आवश्यकता वाली फसल है, जो चीनी उत्पादन के लिए उगाई जाती है, लेकिन इथेनॉल उत्पादन के कारण नए-नए क्षेत्रों में भी गन्ने की खेती का प्रचार-प्रसार बढ़ा है और आने वाले समय में और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। इस कारण  परिस्थितिक असंतुलन की आशंका है। ऐसे में इथेनॉल का उत्पादन केवल गन्ना आधारित फसलों पर ही न रखा जाए। इसके लिए मीठी मक्का और ज्वार को लेकर इथेनॉल उत्पादन किया जाए। मृदा जल संरक्षण और भूगर्भ जल दोहन को नियंत्रित करने के साथ-साथ गन्ना, मीठी ज्वार व मीठी मक्का केवल उन्हीं क्षेत्रों में उगाई जाने के प्रयास किए जाने चाहिए, जिन क्षेत्रों के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा ये फसलें अनुमोदित हैं। नए क्षेत्रों में इनका अधिक प्रचार करने के कारण भूमिगत जलदोहन बड़ी समस्या के साथ कृषि उत्पादन को प्रभावित करेगा।<br /><strong>-कुलदीप बिश्नोई, कृषि विशेषज्ञ बरेली</strong></p>
<p><strong>- रमेश चन्द्र, वरिष्ठ पत्रकार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>गोरखपुर</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>गोंडा</category>
                                            <category>सहारनपुर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586557/ethanol-future-india-up-sugarcane-farmers-e20-flex-fuel-vehicles-opportunities</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 07:00:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Outlook: वैश्विक संकेतों के बीच तय होगी शेयर बाजार की दिशा, TCS के नतीजों पर निवेशकों की नजर</title>
                                    <description><![CDATA[सेंसेक्स और निफ्टी ने पिछले सप्ताह दर्ज की मजबूत बढ़त। अब अमेरिका-ईरान वार्ता, विदेशी बाजारों की चाल, कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव और टीसीएस के तिमाही नतीजे निवेशकों के लिए अहम रहेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586507/stock-market-outlook-global-cues-tcs-q1-results-sensex-nifty-this-week"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan-dixit-(22)1.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह दर्ज हुई मजबूती के बाद अब निवेशकों की नजर आने वाले सप्ताह में वैश्विक घटनाक्रम और कॉरपोरेट नतीजों पर रहेगी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच जारी शांति वार्ता, वैश्विक शेयर बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और टीसीएस के पहली तिमाही (Q1) के नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सप्ताह के आखिर में लौटी बाजार में तेजी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बीते सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही और सोमवार तथा मंगलवार को बाजार में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इसके बाद लगातार तीन कारोबारी सत्रों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>बीएसई सेंसेक्स सप्ताह के दौरान 663.44 अंक (0.86%) की बढ़त के साथ 77,763 पर बंद हुआ।</li>
<li>एनएसई निफ्टी-50 214.85 अंक (0.89%) चढ़कर 24,270.85 के स्तर पर पहुंच गया।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">वहीं, व्यापक बाजार में भी तेजी देखने को मिली।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>निफ्टी मिडकैप-50 में 1.11% की बढ़त रही।</li>
<li>निफ्टी स्मॉलकैप-100 2.05% मजबूत होकर बंद हुआ।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इन शेयरों ने दिखाया दम</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 20 के शेयरों में साप्ताहिक तेजी दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे अधिक बढ़त वाले प्रमुख शेयर:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>इटरनल – 10.24%</li>
<li>बजाज फिनसर्व – 7.46%</li>
<li>बजाज फाइनेंस – 5.42%</li>
<li>मारुति सुजुकी – 4.53%</li>
<li>अडानी पोर्ट्स – 4.34%</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा टाइटन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, बीईएल, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, पावरग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील और इंफोसिस के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इन कंपनियों के शेयर रहे दबाव में</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एलएंडटी – 4.58%</li>
<li>कोटक महिंद्रा बैंक – 3.01%</li>
<li>एक्सिस बैंक – 2.47%</li>
<li>टेक महिंद्रा – 1.83%</li>
<li>महिंद्रा एंड महिंद्रा – 1.38%</li>
<li>रिलायंस इंडस्ट्रीज – 1.06%</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक, इंडिगो, टीसीएस और आईटीसी के शेयर भी सप्ताह के दौरान लाल निशान में बंद हुए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इस सप्ताह किन कारकों पर रहेगी नजर?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बाजार की अगली चाल मुख्य रूप से इन कारकों से प्रभावित हो सकती है—</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता।</li>
<li style="text-align:justify;">वैश्विक शेयर बाजारों का प्रदर्शन।</li>
<li style="text-align:justify;">कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव।</li>
<li style="text-align:justify;">9 जुलाई को आने वाले टीसीएस के पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजे।</li>
<li style="text-align:justify;">विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और वैश्विक निवेश धारणा।</li>
</ul>
<p><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">यह भी पढ़ेंः </span><a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/586471/government-clarifies-stance-on-e20-petrol--ethanol-blending-is-a-scientific-process--arai-and-siam-have-already-conducted-testing"><span style="color:rgb(186,55,42);">E20 पेट्रोल पर सरकार की सफाई : </span>वैज्ञानिक प्रक्रिया है एथेनॉल ब्लेंडिंग, ARAI-SIAM कर चुकीं टेस्टिंग</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586507/stock-market-outlook-global-cues-tcs-q1-results-sensex-nifty-this-week</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 11:54:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>E20 पेट्रोल पर सरकार की सफाई : वैज्ञानिक प्रक्रिया है एथेनॉल ब्लेंडिंग, ARAI-SIAM कर चुकीं टेस्टिंग</title>
                                    <description><![CDATA[ पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल (E20) मिलाने को लेकर देश में जारी विरोध के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षण और चरणबद्ध प्रक्रिया पर आधारित कार्यक्रम है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586471/government-clarifies-stance-on-e20-petrol--ethanol-blending-is-a-scientific-process--arai-and-siam-have-already-conducted-testing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/cats71.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span>नई दिल्ली। </span></strong>पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल (E20) मिलाने को लेकर देश में जारी विरोध के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षण और चरणबद्ध प्रक्रिया पर आधारित कार्यक्रम है। सरकार का दावा है कि यह वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही व्यवस्था है और इसकी व्यापक टेस्टिंग भी हो चुकी है।</p>
<p>दिल्ली में एथेनॉल ब्लेंडिंग पर आयोजित इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल विशेषज्ञ <strong>वर्तिका शुक्ला</strong> ने कहा कि वर्ष 2013-14 में देश में पेट्रोल में केवल <strong>1.5 फीसदी एथेनॉल</strong> मिलाया जाता था। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसकी मात्रा बढ़ाई गई और अब <strong>20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20)</strong> का लक्ष्य तय समय से पांच वर्ष पहले, दिसंबर 2025 तक हासिल कर लिया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) को सभी हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लागू किया गया। यह कार्यक्रम पूरी तरह वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित है और इसे ऑटोमोबाइल उद्योग का भी समर्थन प्राप्त है।</p>
<h5><span><strong>ARAI और SIAM कर चुकी हैं टेस्टिंग</strong></span></h5>
<p>वर्तिका शुक्ला ने बताया कि <strong>ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI)</strong> और <strong>सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM)</strong> जैसी प्रमुख संस्थाएं E20 ईंधन की बड़े स्तर पर टेस्टिंग कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग दुनिया भर में अपनाई जा रही 'ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस' के अनुरूप है और इसका उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना है।</p>
<h5><span><strong>E20 पेट्रोल का क्यों हो रहा विरोध?</strong></span></h5>
<p>देश में खासकर वर्ष 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक E20 पेट्रोल का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ रहा है और इंजन के कुछ पुर्जों पर असर पड़ रहा है। हालांकि, सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन इससे इंजन की कार्यक्षमता और वाहन का प्रदर्शन बेहतर होता है।</p>
<h5><span><strong>भूटान ने E20 पेट्रोल लेने से किया इनकार</strong></span></h5>
<p>इधर, भारत में E20 पेट्रोल को लेकर बहस के बीच पड़ोसी देश <strong>भूटान</strong> द्वारा भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) से E20 पेट्रोल नहीं लेने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 18:31:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>E20 Petrol Fact Check: 1 लीटर एथेनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी खर्च होने का दावा गलत, नितिन गड़करी ने किए 10 बड़े दावे</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>अमृत विचार डेस्क लखनऊः</strong>  देश में E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही भ्रामक जानकारियों के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा कि E20 कार्यक्रम को लेकर कई तरह के झूठे और भ्रामक दावे किए जा रहे हैं, जबकि यह पूरी योजना वैज्ञानिक शोध, वैश्विक अनुभव और नियामकीय सुरक्षा मानकों पर आधारित है।</p>
<p>मंत्रालय ने 10 प्रमुख बिंदुओं के जरिए E20 पेट्रोल से जुड़े वायरल दावों का जवाब दिया और बताया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया पूरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586412/e20-petrol-fact-check-government-clarification-ethanol-myths"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan-dixit-(39).png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>अमृत विचार डेस्क लखनऊः</strong> देश में E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही भ्रामक जानकारियों के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा कि E20 कार्यक्रम को लेकर कई तरह के झूठे और भ्रामक दावे किए जा रहे हैं, जबकि यह पूरी योजना वैज्ञानिक शोध, वैश्विक अनुभव और नियामकीय सुरक्षा मानकों पर आधारित है।</p>
<p>मंत्रालय ने 10 प्रमुख बिंदुओं के जरिए E20 पेट्रोल से जुड़े वायरल दावों का जवाब दिया और बताया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया पूरी तरह तय मानकों के अनुसार अपनाई जा रही है।</p>
<h4><span><strong>1 लीटर एथेनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी खर्च होने का दावा गलत</strong></span></h4>
<p>सरकार ने उस वायरल दावे को पूरी तरह खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि 1 लीटर एथेनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी खर्च होता है।</p>
<p>मंत्रालय के अनुसार, एथेनॉल उत्पादन में प्रति लीटर केवल लगभग 3 से 5 लीटर प्रसंस्कृत पानी का उपयोग होता है। आधुनिक डिस्टिलरी में 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' तकनीक अपनाई जा रही है, जिससे पानी का पुनर्चक्रण किया जाता है।</p>
<p>सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए केवल वही अतिरिक्त चावल उपयोग में लाया जाता है जो देश की खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद बचता है। साथ ही अब एथेनॉल उत्पादन में मक्का के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि इसकी खेती में धान की तुलना में कम पानी लगता है।</p>
<h4><span><strong>ARAI के ट्रायल में इंजन पर नहीं मिला बड़ा नकारात्मक असर</strong></span></h4>
<p>वाहनों पर E20 पेट्रोल के प्रभाव को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की।</p>
<p>मंत्रालय के मुताबिक भारतीय वाहन अनुसंधान संघ (ARAI) ने कारों पर लगभग 40,000 किलोमीटर और दोपहिया वाहनों पर करीब 20,000 किलोमीटर तक परीक्षण किए। इन परीक्षणों में वाहन के प्रदर्शन या इंजन पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया। हालांकि माइलेज में कुछ सीमित बदलाव जरूर दर्ज किए गए।</p>
<h4><span><strong>कई देशों में पहले से इस्तेमाल हो रहा है E20 और एथेनॉल मिश्रित ईंधन</strong></span></h4>
<p>सरकार ने बताया कि अमेरिका, ब्राजील, कनाडा, जापान और कई यूरोपीय देशों में लंबे समय से एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग किया जा रहा है।</p>
<p>इंजन खराब होने, वारंटी समाप्त होने या बीमा अमान्य होने जैसे दावों को भी मंत्रालय ने गलत बताया। सरकार के अनुसार, E20 के अनुरूप तैयार किए गए वाहनों की वारंटी और बीमा पूरी तरह वैध रहते हैं।</p>
<h4><span><strong>इंजन खराब होने और जंग लगने के दावों पर भी सरकार का जवाब</strong></span></h4>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल उन पोस्टों को भी सरकार ने भ्रामक बताया, जिनमें कहा गया था कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब हो जाता है या वाहन के पुर्जों में जंग लगने लगती है।</p>
<p>मंत्रालय ने बताया कि ARAI ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम और सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के साथ मिलकर विस्तृत अध्ययन किया है, जिसमें ऐसे दावों की पुष्टि नहीं हुई।</p>
<h4><span><strong>फ्यूल टैंक में पानी जाने और गन्ने का रस मिलाने वाले दावे भी निकले फर्जी</strong></span></h4>
<p>सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल से वाहन के फ्यूल टैंक में पानी जाने का दावा पूरी तरह निराधार है।</p>
<p>इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल उन वीडियो को भी मनगढ़ंत बताया गया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि पेट्रोल में सीधे गन्ने का रस मिलाया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि ईंधन में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल औद्योगिक प्रक्रियाओं के जरिए तैयार किया जाता है।</p>
<h4><span><strong>सुप्रीम कोर्ट में E20 नीति नहीं, अनुबंध संबंधी मामला था</strong></span></h4>
<p>मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल में उच्चतम न्यायालय में हुई सुनवाई E20 कार्यक्रम की वैज्ञानिक उपयोगिता पर नहीं थी, बल्कि एथेनॉल आपूर्ति और अनुबंध से जुड़े मामलों से संबंधित थी। इसलिए इसे E20 नीति पर सवाल के रूप में पेश करना गलत है।</p>
<p>केंद्र सरकार का कहना है कि E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल कई दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करें तथा भ्रामक संदेशों से बचें।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>यह भी पढ़ेंः </strong></span><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/586352/e-rickshaws-were-being-stopped-remotely-through-chinese-app--bat-bms---central-government-is-strict--2-apps-removed-from-play-store"><span class="t-red">चीनी ऐप 'Bat-BMS' से रिमोटली बंद हो रहे थे ई-रिक्शा, </span>केंद्र सरकार सख्त; प्ले स्टोर से हटाए गए 2 ऐप</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 10:36:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Today :  लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार गुलजार, 650 अंक से ज्यादा उछला सेंसेक्स </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 650 अंक से अधिक उछल गया। सेंसेक्स 650.22 अंक की बढ़त में 78,152.34 अंक पर खुला। 440.86 अंक (0.57 प्रतिशत) ऊपर 77,942.98 अंक पर था। आईटी, धातु, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य समूहों में ज्यादा लिवाली देखी जा रही है। </p><p style="text-align:justify;">वहीं सार्वजनिक बैंक और ऑटो कंपनियों के सूचकांक लाल निशान में हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 199.95 अंक चढ़कर 24,375.65 अंक पर खुला। यह 146.05 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,320.98 अंक पर रहा। सेंसेक्स की कंपनियों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586328/stock-market-today--stock-market-buzzing-for-the-third-consecutive-day--sensex-rises-by-more-than-650-points"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(14)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 650 अंक से अधिक उछल गया। सेंसेक्स 650.22 अंक की बढ़त में 78,152.34 अंक पर खुला। 440.86 अंक (0.57 प्रतिशत) ऊपर 77,942.98 अंक पर था। आईटी, धातु, फार्मा, रियल्टी और स्वास्थ्य समूहों में ज्यादा लिवाली देखी जा रही है। </p><p style="text-align:justify;">वहीं सार्वजनिक बैंक और ऑटो कंपनियों के सूचकांक लाल निशान में हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 199.95 अंक चढ़कर 24,375.65 अंक पर खुला। यह 146.05 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,320.98 अंक पर रहा। सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर चार प्रतिशत से अधिक ऊपर है। </p><p style="text-align:justify;">टाटा स्टील में तीन प्रतिशत और टेक महिंद्रा तथा बजाज फिनसर्व में दो प्रतिशत से अधिक तेजी है। बीईएल, सन फार्मा, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, टीसीएस, ट्रेंट और एयरटेल के शेयर भी बढ़त में हैं। महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक फिलहाल नीचे चल रहे हैं।</p><p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की-225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को मिला-जुला रुख रहा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.14 प्रतिशत चढ़ा जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.80 प्रतिशत गिर गया। वहीं एसएंडपी 500 सपाट बंद हुआ।</p><p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72.25 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 311.82 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 579.48 अंक और निफ्टी 169.85 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था। </p><h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5><h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/586242/stock-market-today--stock-market-swings-due-to-huge-fall-in-crude-oil--it-and-aviation-stocks-are-bright"><span class="t-red">Stock Market Today : </span>कच्चे तेल में भारी गिरावट से झूमा शेयर बाजार, IT और एविएशन शेयरों में रौनक</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586328/stock-market-today--stock-market-buzzing-for-the-third-consecutive-day--sensex-rises-by-more-than-650-points</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:51:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  Stock Market Closed :लगातार दूसरे दिन बढ़त में बंद हुए शेयर बाजार, 579 अंक चढ़ा सेंसेक्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन तेजी जारी रही और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। कच्चे तेल के दाम में गिरावट, वैश्विक स्तर पर सकारात्मक घटनाक्रम और आईटी कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बीएसई सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 170 अंक की तेजी रही। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 अंक पर बंद हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">कारोबार के दौरान, एक समय यह 656.29 अंक चढ़कर 77,578.93 अंक पर पहुंच गया था। एनएसई निफ्टी 169.85 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,175.70 अंक पर बंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586298/stock-market-closed--stock-markets-closed-with-gains-for-the-second-consecutive-day--sensex-rose-579-points"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(44)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन तेजी जारी रही और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। कच्चे तेल के दाम में गिरावट, वैश्विक स्तर पर सकारात्मक घटनाक्रम और आईटी कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बीएसई सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 170 अंक की तेजी रही। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 अंक पर बंद हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">कारोबार के दौरान, एक समय यह 656.29 अंक चढ़कर 77,578.93 अंक पर पहुंच गया था। एनएसई निफ्टी 169.85 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,175.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस 5.64 प्रतिशत चढ़ा। इसके बाद क्रमश: टेक महिंद्रा (4.32 प्रतिशत), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (4.28 प्रतिशत) और एचसीएल टेक (4.12 प्रतिशत) का स्थान रहा। </p>
<p style="text-align:justify;">बजाज फिनसर्व, अदाणी पोर्ट्स, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक में प्रमुख रूप से तेजी रही। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में लार्सन एंड टुब्रो, मारुति सुजुकी इंडिया, एक्सिस बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.45 प्रतिशत टूटकर 70.53 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। भारत और जापान ने बृहस्पतिवार को आर्थिक साझेदारी रूपरेखा और सैन्य उपकरणों को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिए रक्षा समझौते समेत कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद इन कदमों की घोषणा की गई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए जिनमें आर्थिक सुरक्षा पर घोषणा, कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक संयुक्त वक्तव्य और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में सहयोग को मजबूत करने को लेकर समझौता शामिल है। </p>
<p style="text-align:justify;">ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, ''वैश्विक बाजार में दबाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा...। ऊर्जा की कीमतों में कमी और एआई, रक्षा प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-जापान के नए समझौतों ने घरेलू बाजार में उत्साह बनाए रखने में मदद की।'' उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों की बिकवाली तेज रही। </p>
<p style="text-align:justify;">इसका कारण पूरे एशिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। एआई को लेकर चिंता से दक्षिण कोरियाई शेयरों में आठ प्रतिशत की गिरावट आई। यह आशंका फिर से पैदा हुई है कि इस साल एआई शेयरों में आई बड़ी तेजी शायद बहुत अधिक और बहुत जल्दी हुई है। इस बीच, देश में यात्रियों गाड़ियों की बिक्री जून में लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर करीब चार लाख इकाई होने का अनुमान है। </p>
<p style="text-align:justify;">वाहन बिक्री के मामले में मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स पीवी और महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे आगे रहीं। एशियाई के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट सूचकांक नुकसान में रहे जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। बुधवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ''भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें नीचे आईं। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख की उदार टिप्पणियों ने महंगाई कम होने और वैश्विक नीतिगत दर का माहौल अनुकूल रहने की उम्मीदों को मजबूत किया है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,140.50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स बुधवार को 443.97 अंक चढ़कर 76,922.64 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 140.10 अंक की तेजी के साथ 24,005.85 अंक पर रहा था। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/586126/stock-market-closed--turmoil-in-the-local-stock-market-for-the-second-consecutive-day--sensex-drops-another-250-points--nifty-also-slips"><span class="t-red">Stock Market Closed : </span>लगातार दूसरे दिन स्थानीय शेयर बाजार में हाहाकार, 250 अंक और टूटा सेंसेक्स; निफ्टी भी फिसला</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586298/stock-market-closed--stock-markets-closed-with-gains-for-the-second-consecutive-day--sensex-rose-579-points</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:53:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Today :  कच्चे तेल में भारी गिरावट से झूमा शेयर बाजार, IT और एविएशन शेयरों में रौनक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सेंसेक्स और निफ्टी में बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में तेजी रही। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 377.40 अंक चढ़कर 77,269.54 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 106.70 अंक की बढ़त के साथ 24,113.25 अंक पर रहा। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, इटरनल और इंटरग्लोब एविएशन के शेयर सबसे अधिक बढ़त में रहे। </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर नुकसान में रहे। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी चार प्रतिशत से अधिक, जापान का निक्की 225 एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586242/stock-market-today--stock-market-swings-due-to-huge-fall-in-crude-oil--it-and-aviation-stocks-are-bright"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(9)22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई। </strong>कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सेंसेक्स और निफ्टी में बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में तेजी रही। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 377.40 अंक चढ़कर 77,269.54 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 106.70 अंक की बढ़त के साथ 24,113.25 अंक पर रहा। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, इटरनल और इंटरग्लोब एविएशन के शेयर सबसे अधिक बढ़त में रहे। </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर नुकसान में रहे। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी चार प्रतिशत से अधिक, जापान का निक्की 225 एक प्रतिशत से अधिक और चीन का एसएसई कम्पोजिट 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त में रहा। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 70.79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,140.50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 443.97 अंक और एनएसई निफ्टी 140.10 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।</p>
<h6 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h6>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/586156/stock-market-today--there-was-a-brake-on-the-decline--the-stock-market-returned-again-today--know-which-stocks-are-making-the-highest-profits"><span class="t-red">Stock Market Today : </span>गिरावट पर लगा ब्रेक, शेयर बाजार में आज फिर लौटी तेजी, जानें किन शेयरों में हो रहा है सबसे ज्यादा मुनाफा?</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 10:33:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>GST Collection June 2026: जून में जीएसटी संग्रह 13.9% बढ़कर 1.94 लाख करोड़ रुपये, आयात से बढ़ी कमाई</title>
                                    <description><![CDATA[देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में जून 2026 के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जून में सकल जीएसटी संग्रह 13.9 प्रतिशत बढ़कर 1,94,812 करोड़ रुपये पर पहुंच गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586181/gst-collection-june-2026--gst-collection-rose-13-9--to-%E2%82%B91-94-lakh-crore-in-june--revenue-from-imports-increased"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/gst.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में जून 2026 के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जून में सकल जीएसटी संग्रह 13.9 प्रतिशत बढ़कर 1,94,812 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 1.71 लाख करोड़ रुपये के आसपास था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार के अनुसार, इस बढ़ोतरी में महंगे आयात (इंपोर्ट) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मूल्य के आधार पर आयात बढ़ने से आयात पर प्राप्त जीएसटी राजस्व 34.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 60,038 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, घरेलू लेन-देन से प्राप्त जीएसटी राजस्व 1,34,774 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल जून की तुलना में 6.5 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि जून के दौरान कुल 32,436 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड जारी किया गया। इसके बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह 11.2 प्रतिशत बढ़कर 1,62,377 करोड़ रुपये रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू कारोबारियों को जून में 17,767 करोड़ रुपये का रिफंड दिया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42.9 प्रतिशत अधिक है। वहीं, आयातकों को जारी किया गया रिफंड 15.6 प्रतिशत बढ़कर 14,669 करोड़ रुपये पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सकल जीएसटी संग्रह 6,31,699 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.4 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में सरकार ने कुल 91,482 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया, जिसमें सालाना आधार पर 16.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रिफंड समायोजित करने के बाद पहली तिमाही का शुद्ध जीएसटी संग्रह 5,40,218 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.1 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आयात, बेहतर कर अनुपालन और आर्थिक गतिविधियों में तेजी के चलते जीएसटी संग्रह में लगातार मजबूती बनी हुई है।</p>
<h5 class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>जून 2026 में जीएसटी संग्रह की प्रमुख बातें</strong></h5>
<ul>
<li class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सकल जीएसटी संग्रह: 1,94,812 करोड़ रुपये (13.9% की सालाना वृद्धि)</li>
<li class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शुद्ध जीएसटी संग्रह: 1,62,377 करोड़ रुपये (11.2% की बढ़ोतरी)</li>
<li class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आयात पर जीएसटी संग्रह: 60,038 करोड़ रुपये (34.6% की वृद्धि)</li>
<li class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू लेन-देन से जीएसटी: 1,34,774 करोड़ रुपये (6.5% अधिक)</li>
<li class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कुल जीएसटी रिफंड: 32,436 करोड़ रुपये</li>
<li class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">घरेलू कारोबारियों को रिफंड: 17,767 करोड़ रुपये</li>
<li class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आयातकों को रिफंड: 14,669 करोड़ रुपये</li>
<li class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अप्रैल-जून 2026 तिमाही का सकल जीएसटी संग्रह: 6,31,699 करोड़ रुपये (8.4% की वृद्धि)</li>
<li class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पहली तिमाही का शुद्ध जीएसटी संग्रह: 5,40,218 करोड़ रुपये (7.1% अधिक)</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/586181/gst-collection-june-2026--gst-collection-rose-13-9--to-%E2%82%B91-94-lakh-crore-in-june--revenue-from-imports-increased</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:53:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Today :  गिरावट पर लगा ब्रेक, शेयर बाजार में आज फिर लौटी तेजी, जानें किन शेयरों में हो रहा है सबसे ज्यादा मुनाफा?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख के अनुरूप घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेजी लौटी। इसके साथ ही लगातार दो कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 182.42 अंक चढ़कर 76,661.36 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 49.90 अंक की बढ़त के साथ 23,916.85 अंक पर रहा।   </p>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी इंडिया, टाइटन, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स के शेयर सबसे अधिक बढ़त में रहे। वहीं, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और एनटीपीसी के शेयर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586156/stock-market-today--there-was-a-brake-on-the-decline--the-stock-market-returned-again-today--know-which-stocks-are-making-the-highest-profits"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(64)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख के अनुरूप घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेजी लौटी। इसके साथ ही लगातार दो कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 182.42 अंक चढ़कर 76,661.36 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 49.90 अंक की बढ़त के साथ 23,916.85 अंक पर रहा।   </p>
<p style="text-align:justify;">सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी इंडिया, टाइटन, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स के शेयर सबसे अधिक बढ़त में रहे। वहीं, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और एनटीपीसी के शेयर में गिरावट दर्ज की गई।   </p>
<p style="text-align:justify;">एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225 और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट बढ़त में, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। हांगकांग का बाजार बंद है। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73.24 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।   </p>
<p style="text-align:justify;">शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,556.75 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 249.70 अंक और एनएसई निफ्टी 80.50 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/586079/stock-market-today--stock-markets-opened-lower--sensex-and-nifty-suffered-losses--it-and-auto-sectors-under-pressure-due-to-selling"><span class="t-red">Stock Market Today :</span> गिरावट के साथ खुले शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी को हुआ नुकसान; बिकवाली से आईटी, ऑटो सेक्टर पर दबाव</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 11:25:32 +0530</pubDate>
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