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                <title>टेक्नोलॉजी - Amrit Vichar</title>
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                <description>टेक्नोलॉजी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>73 हजार के बजट में Bajaj की कौन-सी बाइक देगी सबसे ज्यादा फायदा? Platina 100, Platina 110 या CT 110, जानें पूरी Detail</title>
                                    <description><![CDATA[रोजाना ऑफिस, कॉलेज या शहर से गांव तक के सफर के लिए Bajaj की इन तीन कम्यूटर बाइक्स पर नजर; कीमत, इंजन, माइलेज और उपयोगिता के आधार पर जानें कौन-सा मॉडल आपके लिए बेहतर हो सकता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590974/bajaj-bikes-under-80000-platina-100-110-ct-110-mileage-price"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/bajaj-bikes-under-80000.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अगर आप रोजाना ऑफिस, कॉलेज या शहर में आने-जाने के लिए किफायती बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं और आपका बजट करीब ₹80 हजार है, तो बजाज के कुछ कम्यूटर मॉडल आपके लिए उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। प्लैटिना 100, प्लैटिना 110 और सीटी 110 को खासतौर पर रोजमर्रा के सफर, बेहतर माइलेज और आसान राइडिंग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इन बाइक्स की कीमत और इंजन क्षमता अलग-अलग है, इसलिए खरीदारी से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से तुलना करना जरूरी है। आइए जानते हैं इन तीनों मॉडल की कीमत, इंजन, माइलेज और प्रमुख खूबियों के बारे में।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><em>बजाज प्लैटिना 100</em></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कम बजट में बजाज प्लैटिना 100 एक किफायती कम्यूटर बाइक के तौर पर सामने आती है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹72,942 बताई गई है। इसमें 99.59cc का इंजन दिया गया है, जो 7.77 bhp की पावर और 8.3 Nm का टॉर्क जनरेट करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बाइक की टॉप स्पीड 90 km/h बताई गई है और इसका कर्ब वेट 117 किलोग्राम है। 200 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस इसे खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी उपयोगी बनाता है। अगर आपकी प्राथमिकता कम खर्च में रोजाना का सफर और अच्छा माइलेज है, तो प्लैटिना 100 पर विचार किया जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><em>प्लैटिना 110</em></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">प्लैटिना 110 लंबे समय से कम्यूटर सेगमेंट में अपनी जगह बनाए हुए है। शहर के ट्रैफिक में रोजाना इस्तेमाल के लिए इसका हल्का और आसान राइडिंग सेटअप उपयोगी हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें 115.06cc का इंजन मिलता है और कंपनी के अनुसार इसका माइलेज करीब 70 kmpl तक हो सकता है। बाइक की टॉप स्पीड 90 km/h बताई गई है, जबकि इसका कर्ब वेट 116 किलोग्राम है। 200 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस भी खराब सड़कों पर मदद करता है। इसकी शुरुआती कीमत ₹75,797 बताई गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><em>बजाज सीटी 110</em></strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">अगर आपका रोजाना का सफर शहर के साथ-साथ ग्रामीण या खराब सड़कों से भी होकर गुजरता है, तो बजाज सीटी 110 एक विकल्प हो सकती है। बाइक का डिजाइन और राइडिंग सेटअप रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें 115.45cc का इंजन दिया गया है और कंपनी के अनुसार यह करीब 70 kmpl तक का माइलेज दे सकती है। इसकी टॉप स्पीड 90 km/h बताई गई है। बाइक का कर्ब वेट 124 किलोग्राम और ग्राउंड क्लीयरेंस 170 mm है। इसकी कीमत ₹74,930 बताई गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><em><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">किसके लिए कौन-सी बाइक</span></strong></em></h5>
<p style="text-align:justify;">अगर आपका बजट सबसे कम है और आप किफायती कम्यूटर बाइक चाहते हैं, तो प्लैटिना 100 पर विचार कर सकते हैं। ज्यादा इंजन क्षमता और रोजाना शहर में इस्तेमाल के लिए प्लैटिना 110 बेहतर विकल्प हो सकती है। वहीं, खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर नियमित सफर करने वालों के लिए सीटी 110 उपयोगी साबित हो सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong>Platina 100 vs Platina 110 vs CT 110</strong></em></span></h5>
<table>
<thead>
<tr>
<th>बाइक</th>
<th align="right">कीमत*</th>
<th align="right">इंजन</th>
<th align="right">दावा किया गया माइलेज</th>
<th align="right">टॉप स्पीड</th>
<th align="right">कर्ब वेट</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>Platina 100</strong></td>
<td align="right">₹72,942</td>
<td align="right">99.59cc</td>
<td align="right">—</td>
<td align="right">90 km/h</td>
<td align="right">117 kg</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>Platina 110</strong></td>
<td align="right">₹75,797</td>
<td align="right">115.06cc</td>
<td align="right">70 kmpl तक</td>
<td align="right">90 km/h</td>
<td align="right">116 kg</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>CT 110</strong></td>
<td align="right">₹74,930</td>
<td align="right">115.45cc</td>
<td align="right">70 kmpl तक</td>
<td align="right">90 km/h</td>
<td align="right">124 kg</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>हालांकि बाइक खरीदने से पहले अपने नजदीकी डीलर से मौजूदा कीमत, उपलब्ध वेरिएंट और फीचर्स की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि कीमतें और मॉडल की उपलब्धता समय व स्थान के अनुसार बदल सकती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/590974/bajaj-bikes-under-80000-platina-100-110-ct-110-mileage-price</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 09:03:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Google का बड़ा दांव! 2027 तक चीन से पूरी तरह बाहर हो सकता है Pixel का उत्पादन</title>
                                    <description><![CDATA[वियतनाम और भारत में बढ़ाई जा रही मैन्युफैक्चरिंग क्षमता; Google का Pixel शिपमेंट 8-10% बढ़ाने का लक्ष्य, चीन से उत्पादन हटाने के पीछे सप्लाई चेन डायवर्सिफिकेशन और भू-राजनीतिक तनाव अहम कारण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591161/google-pixel-china-manufacturing-shift-india-vietnam-2027"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/google-pixel-india.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> अमेरिका और चीन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच Google अपने Pixel स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच और वायरलेस ईयरबड्स के उत्पादन को चीन से बाहर स्थानांतरित करने की तैयारी में है। Nikkei Asia की रिपोर्ट के मुताबिक, टेक दिग्गज का लक्ष्य 2027 तक Pixel डिवाइसेज का पूरा उत्पादन चीन से बाहर ले जाना है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि Google ने पिछले कुछ वर्षों में भारत और वियतनाम में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई है। कंपनी को अब भरोसा है कि वह 2027 तक Pixel डिवाइसेज के उत्पादन को पूरी तरह चीन से बाहर शिफ्ट कर सकती है। हालांकि फिलहाल Pixel का एक महत्वपूर्ण हिस्सा चीन में ही तैयार होता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वियतनाम में प्रीमियम Pixel का सफल उत्पादन बना बड़ा संकेत</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Google ने इस साल वियतनाम में अपने प्रीमियम Pixel स्मार्टफोन्स के विकास और उत्पादन में सफलता हासिल की है। इसके बाद कंपनी अब चीन से उत्पादन हटाने की दिशा में अगला कदम उठाने की तैयारी कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हाई-एंड स्मार्टफोन का निर्माण स्मार्टवॉच और वायरलेस ईयरबड्स की तुलना में अधिक जटिल माना जाता है। ऐसे में प्रीमियम Pixel स्मार्टफोन्स का सफलतापूर्वक उत्पादन दूसरे देश में करना Google की सप्लाई चेन रणनीति के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Samsung के बाद Google हो सकती है दूसरी बड़ी कंपनी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगर Google की यह योजना सफल होती है तो वह Samsung के बाद दुनिया की दूसरी बड़ी स्मार्टफोन कंपनी बन सकती है, जिसने अपने स्मार्टफोन उत्पादन को पूरी तरह चीन से बाहर स्थानांतरित किया हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Google के लिए इस बदलाव का एक फायदा यह भी है कि कंपनी चीन में Pixel स्मार्टफोन नहीं बेचती। ऐसे में स्थानीय बाजार की मांग पूरी करने के लिए चीन में उत्पादन बनाए रखने की उसकी आवश्यकता कुछ अन्य वैश्विक स्मार्टफोन ब्रांडों की तुलना में कम है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Pixel की शिपमेंट 8-10% बढ़ाने का लक्ष्य</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उत्पादन स्थानांतरण के साथ Google Pixel की बिक्री बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अपने सप्लायर्स को संकेत दिया है कि वह इस साल Pixel की शिपमेंट में 8 से 10 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिछले साल Google ने करीब 1.2 करोड़ Pixel डिवाइसेज की शिपमेंट की थी। कंपनी इस साल बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Pixel सिर्फ फोन नहीं, Gemini AI का भी जरिया</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Google Pixel को केवल हार्डवेयर कारोबार के तौर पर नहीं देख रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इसे अपने Gemini AI इकोसिस्टम के विस्तार के एक अहम माध्यम के रूप में देखती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Google का मानना है कि Pixel यूजर्स की संख्या बढ़ने से उसके AI उत्पादों और सेवाओं का इस्तेमाल भी बढ़ सकता है। यही वजह है कि मेमोरी चिप जैसी कंपोनेंट लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी उत्पादन और बिक्री बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Micron, Samsung और SK Hynix से कीमत पर बातचीत</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बेहतर शिपमेंट वॉल्यूम Google को मेमोरी चिप सप्लायर्स के साथ कीमतों पर बातचीत में मजबूत स्थिति दे सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अपने क्लाउड कंप्यूटिंग और स्मार्टफोन कारोबार के लिए जरूरी चिप ऑर्डर को एक साथ जोड़कर Micron, Samsung और SK Hynix जैसे निर्माताओं से बातचीत कर रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Google के एक कंपोनेंट सप्लायर से जुड़े अधिकारी के अनुसार, कंपनी उन चुनिंदा स्मार्टफोन निर्माताओं में शामिल है, जिन्होंने इस साल अपने शिपमेंट लक्ष्य में कटौती नहीं की है। इसके बजाय Google बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>iPhone महंगा हुआ तो Pixel को मिल सकता है फायदा</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि Apple भविष्य में iPhone की कीमतों में बढ़ोतरी करता है तो Google को अमेरिका, जापान और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में Pixel की हिस्सेदारी बढ़ाने का अतिरिक्त मौका मिल सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">Google का चीन से उत्पादन हटाने का कदम ऐसे समय में आया है जब कई वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां अपनी सप्लाई चेन में विविधता लाने और चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भारत के लिए क्यों अहम है Google का प्लान?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत और वियतनाम में उत्पादन क्षमता बढ़ाना वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में बदलती तस्वीर को दिखाता है। Google की रणनीति सफल होने पर भारत को प्रीमियम स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट के क्षेत्र में अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Maximum Reach के लिए न्यूज एनालिसिस</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस खबर का सबसे मजबूत एंगल "Google Pixel China छोड़ने की तैयारी + भारत को फायदा + 2027 की डेडलाइन" है। Google, Pixel, China, India और 2027 जैसे हाई-सर्च शब्दों को हेडलाइन, सबहेड और शुरुआती पैराग्राफ में रखना SEO और Discover दोनों के लिए उपयोगी रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर "Google का चीन को बड़ा झटका", "Pixel की मैन्युफैक्चरिंग बदलेगी जगह" जैसे एंगल ज्यादा क्लिक आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन खबर में यह स्पष्ट रखना जरूरी है कि यह रिपोर्ट पर आधारित योजना है, घोषित अंतिम निर्णय नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/591141/bsnl-5g-launch-december-2026-4g-network-upgrade-1-rupee-offer"><span class="t-red">करोड़ों BSNL यूजर्स के लिए बड़ी खबर! </span>जानें कब तक लॉन्च होगा 5G, जानें किसे बदलना पड़ेगा SIM</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
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                                            <category>Tech Alert</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591161/google-pixel-china-manufacturing-shift-india-vietnam-2027</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 09:00:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Wi-Fi धीमा पड़ रहा है? घर में रखी एल्युमिनियम फॉयल से ऐसे बढ़ा सकते हैं सिग्नल की पहुंच</title>
                                    <description><![CDATA[नया राउटर खरीदने से पहले आजमाएं ये आसान उपाय; फॉयल रिफ्लेक्टर, राउटर की सही जगह और 2.4GHz-5GHz बैंड का सही चुनाव दे सकता है बेहतर कनेक्टिविटी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590843/aluminium-foil-wifi-signal-boost-router-tips"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/wifi-signal-boost.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज के डिजिटल दौर में घर का इंटरनेट केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है। पढ़ाई, ऑफिस मीटिंग, ऑनलाइन बैंकिंग, वीडियो कॉल, स्मार्ट टीवी और स्ट्रीमिंग जैसी कई जरूरी गतिविधियां अब स्थिर वाई-फाई कनेक्शन पर निर्भर हैं। इसके बावजूद घर के हर हिस्से में इंटरनेट की गति समान नहीं रहती। राउटर के पास सिग्नल मजबूत होता है, लेकिन दूसरे कमरे, गलियारे या बालकनी तक पहुंचते-पहुंचते इसकी क्षमता कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में नया महंगा राउटर खरीदने से पहले कुछ आसान घरेलू उपाय आजमाए जा सकते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>एल्युमिनियम फॉयल क्यों है उपयोगी?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">एल्युमिनियम फॉयल की धात्विक सतह रेडियो तरंगों को परावर्तित करने की क्षमता रखती है। इसी गुण का इस्तेमाल वाई-फाई सिग्नल को एक खास दिशा में केंद्रित करने के लिए किया जा सकता है। यदि फॉयल को राउटर के एंटीना के पीछे उचित घुमावदार आकार में लगाया जाए, तो सिग्नल को उस दिशा में अधिक प्रभावी ढंग से भेजने में मदद मिल सकती है, जहां कनेक्टिविटी कमजोर है। हालांकि इसका असर हर घर में समान नहीं होगा, क्योंकि दीवारों, फर्नीचर, राउटर की स्थिति और आसपास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी नेटवर्क पर प्रभाव पड़ता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पैराबोलिक रिफ्लेक्टर का प्रयोग</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">फॉयल से बनाया गया पैराबोलिक रिफ्लेक्टर रेडियो सिग्नल को सीमित दिशा में परावर्तित कर सकता है। डार्टमाउथ कॉलेज के WiPrint अध्ययन में ऐसे रिफ्लेक्टर के इस्तेमाल से कुछ परिस्थितियों में वायरलेस सिग्नल की शक्ति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया था। हालांकि इसे सार्वभौमिक समाधान नहीं माना जा सकता। इसका लाभ रूप से उस दिशा में मिल सकता है, जहां उपयोगकर्ता को बेहतर कवरेज चाहिए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कार्डबोर्ड और फॉयल से आसान उपाय</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">घर में उपलब्ध खाली टिश्यू या पेपर रोल से भी साधारण रिफ्लेक्टर तैयार किया जा सकता है। कार्डबोर्ड को एल्युमिनियम फॉयल से ढककर उसे एंटीना के पीछे इस तरह रखा जा सकता है कि परावर्तित तरंगें आवश्यक दिशा में जाएं। यह कम लागत वाला प्रयोग है, लेकिन इसे लगाते समय एंटीना और राउटर को नुकसान न पहुंचे, इसका ध्यान रखना जरूरी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सॉफ्ट ड्रिंक कैन भी विकल्प</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">खाली एल्युमिनियम कैन को सावधानी से काटकर अर्धवृत्ताकार रिफ्लेक्टर बनाया जा सकता है। इसे राउटर के पीछे रखने से रेडियो तरंगों को एक दिशा में परावर्तित करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि कैन के किनारे तेज हो सकते हैं, इसलिए सुरक्षा के लिए उन्हें खुला नहीं छोड़ना चाहिए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सिर्फ फॉयल पर न रहें निर्भर</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बेहतर वाई-फाई के लिए राउटर की सही जगह भी महत्वपूर्ण है। उसे घर के अपेक्षाकृत मध्य भाग में, खुली और ऊंची जगह पर रखना चाहिए। माइक्रोवेव, मोटी दीवारों, धातु की अलमारियों और बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखना उपयोगी होता है। जरूरत के अनुसार 5GHz बैंड का इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि ज्यादा दूरी के लिए 2.4GHz कई बार बेहतर कवरेज देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">नेटवर्क सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड और WPA2 या WPA3 एन्क्रिप्शन का उपयोग करें। राउटर का फर्मवेयर भी समय-समय पर अपडेट करते रहें। इस तरह राउटर की सही स्थिति, उपयुक्त बैंड और जरूरत के अनुसार एल्युमिनियम रिफ्लेक्टर का प्रयोग मिलकर घर के वाई-फाई अनुभव को बेहतर बना सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                            <category>Knowledge</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/590843/aluminium-foil-wifi-signal-boost-router-tips</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 06:59:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों को रील्स-शॉर्ट्स दिखाना पड़ सकता है भारी! बोलने की क्षमता और एकाग्रता पर पड़ रहा असर</title>
                                    <description><![CDATA[विशेषज्ञों के मुताबिक 2 से 5 साल के बच्चों का मनोरंजन के लिए स्क्रीन टाइम रोजाना एक घंटे से कम रखना बेहतर, लगातार मोबाइल देखने से माता-पिता के साथ बातचीत और इंटरैक्टिव खेल का समय घट रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591144/--kids-screen-time-reels-shorts-impact-on-speech-development"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/reels.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> मोबाइल फोन और टैबलेट पर लगातार वीडियो देखने की आदत छोटे बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खासकर 2 से 5 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए दिन में एक घंटे से अधिक मनोरंजन आधारित स्क्रीन टाइम उनके भाषा विकास और एकाग्रता पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। हाल के वर्षों में ऐसे बच्चों के मामले बढ़े हैं, जिन्हें बोलने में देरी की शिकायत के साथ अस्पताल लाया जा रहा है। कई मामलों में अत्यधिक स्क्रीन देखने और माता-पिता के साथ सीमित संवाद जैसी स्थितियां सामने आई हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>तेजी से बदलने वाले वीडियो से बढ़ रही चिंता</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रोहिणी स्थित डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल के वरिष्ठ रेजिडेंट बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल दराल के अनुसार, अत्यधिक स्क्रीन टाइम, खासकर 'रील्स' और 'शॉर्ट्स' जैसे तेजी से बदलने वाले वीडियो, छोटे बच्चों में बोलने की क्षमता के विकास और एकाग्रता को प्रभावित कर सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉ. दराल ने बताया कि ऐसे वीडियो में हर कुछ सेकेंड में नया कंटेंट सामने आता है। इससे बच्चे का मस्तिष्क लगातार उत्तेजक संकेतों का सामना करता है। नतीजतन किताब पढ़ने, पढ़ाई या ऐसी गतिविधियों में उनकी रुचि कम हो सकती है, जिनमें परिणाम धीरे-धीरे मिलता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, विशेषज्ञ ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों में ध्यान केंद्रित करने की कमी के लिए केवल रील्स या शॉर्ट्स को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि, पालन-पोषण का तरीका और घर का माहौल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ढाई साल का बच्चा रोज देखता था 6-7 घंटे मोबाइल</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">राष्ट्रीय राजधानी के एक सरकारी अस्पताल में ढाई वर्ष के एक बच्चे को बोलने में देरी की शिकायत के साथ लाया गया। बच्चा केवल "मम्मा", "पापा" और कुछ गिने-चुने शब्द ही बोल पाता था, जबकि उसकी उम्र के कई बच्चे छोटे-छोटे वाक्य बोलने लगे थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉक्टरों की जांच में बच्चे की सुनने की क्षमता, दृष्टि, तंत्रिका तंत्र और विकास से जुड़े अन्य पहलू सामान्य पाए गए। विस्तृत जानकारी लेने पर पता चला कि बच्चा रोजाना करीब छह से सात घंटे मोबाइल फोन पर कार्टून और छोटे वीडियो देखता था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यहां तक कि वह खाना भी मोबाइल देखते हुए खाता था। फोन हटाने पर वह चिड़चिड़ा हो जाता था। डॉक्टरों ने पाया कि उसके विकास में मुख्य रूप से बोलने की क्षमता अपेक्षाकृत धीमी थी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">माता-पिता ने बताया कि दोनों के कामकाजी होने के कारण बच्चे के साथ बातचीत और इंटरैक्टिव खेल का समय काफी सीमित हो गया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मोबाइल कम किया, बातचीत और खेल बढ़ाया तो हुआ सुधार</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विशेषज्ञों ने बच्चे के मनोरंजन के लिए स्क्रीन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने और भोजन के दौरान किसी भी तरह की स्क्रीन से दूरी बनाने की सलाह दी। इसके साथ माता-पिता को रोजाना कम से कम एक घंटे बच्चे के साथ इंटरैक्टिव खेल खेलने, चित्रों वाली किताबें पढ़कर सुनाने और रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान लगातार बातचीत करने के लिए कहा गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बच्चे के लिए स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी भी शुरू की गई। इन उपायों के बाद उसके विकास में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>'स्क्रीन छीनना' ही समाधान नहीं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉ. राहुल दराल के मुताबिक अत्यधिक स्क्रीन टाइम की वजह से आमने-सामने बातचीत, कहानी सुनाने, किताबें पढ़ने और खेलने जैसी गतिविधियों का समय कम हो जाता है। शुरुआती वर्षों में भाषा सीखने के लिए यही गतिविधियां बेहद महत्वपूर्ण होती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि लगातार स्क्रीन स्क्रॉल करने से मस्तिष्क का 'रिवॉर्ड सिस्टम' बार-बार सक्रिय होता है। इससे बच्चे तुरंत मिलने वाले रिवॉर्ड के अभ्यस्त हो सकते हैं और गृहकार्य, पढ़ाई, किताबें पढ़ने या संगीत का अभ्यास जैसी गतिविधियां उन्हें कम आकर्षक लग सकती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसलिए समस्या का समाधान सिर्फ बच्चे से मोबाइल छीन लेना नहीं है, बल्कि घर में स्वस्थ डिजिटल आदतें विकसित करना जरूरी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>छोटे बच्चों के लिए कितनी स्क्रीन?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>2 वर्ष से कम उम्र:</strong> मनोरंजन के लिए स्क्रीन से दूर रखना बेहतर है।</li>
<li><strong>2 से 5 वर्ष:</strong> मनोरंजन के लिए स्क्रीन टाइम आदर्श रूप से रोजाना एक घंटे से कम रखा जाए।</li>
<li><strong>बड़े बच्चे:</strong> यह सुनिश्चित किया जाए कि स्क्रीन टाइम से उनकी नींद, पढ़ाई, शारीरिक गतिविधि और परिवार के साथ बिताया जाने वाला समय प्रभावित न हो।</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>माता-पिता अपनाएं ये डिजिटल नियम</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विशेषज्ञों ने बच्चों के लिए कुछ आसान आदतें अपनाने की सलाह दी है। भोजन के समय और शयनकक्ष को स्क्रीन-मुक्त रखा जाए। सोने से कम से कम एक घंटे पहले स्क्रीन बंद कर दी जाए। बच्चों को रोजाना कम से कम एक घंटे बाहर खेलने या किसी शारीरिक गतिविधि के लिए प्रोत्साहित किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, माता-पिता रोजाना बच्चे को कहानी सुनाने, किताब पढ़ने और उसके साथ बातचीत करने के लिए समय निकालें। सबसे अहम बात यह है कि माता-पिता खुद भी संतुलित स्क्रीन उपयोग का उदाहरण पेश करें, क्योंकि बच्चे अपने आसपास के लोगों को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 16:30:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आरोपी की पहचान ऑनलाइन उजागर करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र-राज्यों और Meta-X को नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट से आरोपी के चेहरे और पहचान उजागर करने वाली सामग्री हटाने की मांग, अमानवीय व्यवहार दिखाने वाले वीडियो-फोटो पर भी रोक की याचिका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591143/supreme-court-notice-on-online-disclosure-of-accused-identity"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/supreme-court-news.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> आरोपियों की पहचान उजागर करने वाली या उन्हें अमानवीय और अपमानजनक तरीके से पेश करने वाली ऑनलाइन सामग्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाया है। न्यायालय ने ऐसी सामग्री पोस्ट करने से पुलिस संगठनों को रोकने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta तथा X से जवाब मांगा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ता हेमेंद्र पटेल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन की दलीलों पर गौर करते हुए नोटिस जारी किए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट के लिए दिशा-निर्देश बनाने की मांग</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड श्रुतंजय भारद्वाज के माध्यम से दाखिल याचिका में राज्यों को अपने पुलिस संगठनों के सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी सामग्री तत्काल हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है, जिसमें किसी आरोपी का चेहरा या पहचान उजागर होती हो अथवा उसे अपमानजनक या अमानवीय स्थिति में दिखाया गया हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">याचिका में राज्यों को पुलिस के सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए उचित दिशा-निर्देश तैयार करने का निर्देश देने की मांग भी की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की सामग्री पोस्ट न की जा सके।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हथकड़ी से लेकर घसीटने तक की तस्वीरों का जिक्र</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">याचिका में ऐसी तस्वीरों और वीडियो का उल्लेख किया गया है, जिनमें आरोपियों को हथकड़ी पहने, रस्सियों से बंधे, डंडों से पीटे जाते, घुटनों के बल बैठाए जाते या सीढ़ियों से घसीटे जाते हुए दिखाया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह की सामग्री न केवल आरोपी की पहचान सार्वजनिक कर सकती है, बल्कि उसे अमानवीय, अपमानजनक और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली स्थिति में भी प्रदर्शित करती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>Meta और X के लिए भी नीति बनाने की मांग</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">याचिका में Meta Platforms Inc और X Corp को भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए उचित नीतियां और यूजर गाइडलाइंस बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें Facebook और Instagram सहित संबंधित प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री पोस्ट होने से रोकने की बात कही गई है, जिससे किसी अपराध के आरोपी की पहचान उजागर होती हो या उसके साथ अमानवीय, अपमानजनक अथवा हिंसक व्यवहार दिखाया जाता हो।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा, यदि ऐसी सामग्री पहले से पोस्ट हो चुकी है तो उपयोगकर्ता की शिकायत मिलने पर उसे तुरंत हटाने के लिए एक औपचारिक, पारदर्शी और व्यवस्थित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने की मांग की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी पक्षकार</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, Meta Platforms Inc और X Corp को प्रतिवादी बनाया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद केंद्र, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों का जवाब इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
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                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 15:52:16 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों BSNL यूजर्स के लिए बड़ी खबर! जानें कब तक लॉन्च होगा 5G, जानें किसे बदलना पड़ेगा SIM  </title>
                                    <description><![CDATA[BSNL ने 5G नेटवर्क की टेस्टिंग शुरू की; हजारों 4G टावरों को अपग्रेड करने की तैयारी, नए ग्राहकों के लिए ₹1 वाला खास ऑफर भी चर्चा में।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591141/bsnl-5g-launch-december-2026-4g-network-upgrade-1-rupee-offer"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/bsnl-5g.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>डिजिटल डेस्क।</strong> सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए 5G सर्विस शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी की ओर से मिले संकेतों के मुताबिक, भारत में BSNL 5G सर्विस दिसंबर 2026 तक लॉन्च की जा सकती है। खास बात यह है कि कंपनी अपने मौजूदा 4G नेटवर्क को ही 5G तकनीक के लिए अपग्रेड करने की तैयारी कर रही है।</p>
<p>BSNL केरल के चीफ जनरल मैनेजर आर. साजी कुमार के मुताबिक, मौजूदा 4G इकोसिस्टम को 5G के लिए अपग्रेड किया जा सकता है। इसके लिए बड़े पैमाने पर नए हार्डवेयर लगाने के बजाय मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर अपग्रेड की जरूरत होगी।</p>
<h5><strong>BSNL ने शुरू की 5G नेटवर्क की टेस्टिंग</strong></h5>
<p>कंपनी ने स्वदेशी तकनीक पर आधारित 5G नेटवर्क की टेस्टिंग शुरू कर दी है। हालांकि, BSNL के लिए 5G पर जाने से पहले मौजूदा 4G नेटवर्क को पूरी तरह स्थिर करना जरूरी है।</p>
<p>कंपनी के मुताबिक, जिन ग्राहकों के पास सामान्य 4G सिम है, उन्हें 5G सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए सिम बदलना पड़ सकता है। वहीं 5G-ready SIM इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को सिम बदलने की जरूरत नहीं होगी।</p>
<h5><strong>7,200 से ज्यादा टावरों को 5G के लिए किया जा सकता है अपग्रेड</strong></h5>
<p>BSNL के केरल सर्कल में करीब 7,200 4G मोबाइल टावर मौजूद हैं। कंपनी के अनुसार, इन टावरों को 5G नेटवर्क के लिए अपग्रेड किया जा सकता है।</p>
<p>इसके अलावा देशभर में लगाए जा रहे 26,300 नए 4G टावर भी BSNL के नेटवर्क को मजबूत करने में मदद करेंगे। कंपनी नेटवर्क विस्तार के साथ-साथ कम कवरेज वाले क्षेत्रों पर भी ध्यान दे रही है।</p>
<h5><strong>केरल में 323 और लक्षद्वीप में 37 नए टावर</strong></h5>
<p>BSNL केरल के कम सेवा वाले इलाकों में 323 नए टावर लगाने की योजना पर काम कर रहा है। वहीं लक्षद्वीप में भी 37 नए टावर लगाए जाने की तैयारी है।</p>
<p>कंपनी ने अपनी IMS क्षमता को भी बढ़ाया है। इससे नेटवर्क पर बढ़ने वाले ट्रैफिक को संभालने और भविष्य में अधिक ग्राहकों को बेहतर सेवा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।</p>
<h5><strong>नए ग्राहकों के लिए ₹1 वाला ऑफर</strong></h5>
<p>BSNL की 5G तैयारी के बीच कंपनी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नए ग्राहकों के लिए एक खास ऑफर भी दे रही है। इसके तहत नए यूजर्स को शुरुआती ₹1 में 24 दिनों तक रोजाना 1GB डेटा, 100 SMS और अनलिमिटेड वॉयस कॉल का लाभ मिलने की बात कही गई है। यह ऑफर सिर्फ नए ग्राहकों के लिए है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 15:16:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल भरवाते समय इंजन बंद क्यों कराते हैं? वजह जानेंगे तो अगली बार नहीं करेंगे ये गलती</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोल-डीजल भरवाते समय इंजन चालू रखना सिर्फ नियम तोड़ना नहीं, बल्कि ईंधन की वाष्प, चिंगारी और आग के संभावित खतरे को बढ़ा सकता है; जानें फ्यूलिंग के दौरान किन सावधानियों का रखें ध्यान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590973/petrol-pump-engine-off-while-refueling-safety-rules"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/petrol-pump-safety-rules.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पेट्रोल पंप पर वाहन में पेट्रोल या डीजल भरवाना रोजमर्रा की प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इंजन बंद करना महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आग और अन्य जोखिमों से बचाव का जरूरी उपाय है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>क्यों जरूरी है इंजन बंद रखना</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">-आग लगने का जोखिम: पेट्रोल अत्यधिक ज्वलनशील होता है। इंजन चालू रहने पर वाहन के गर्म हिस्सों और एग्जॉस्ट सिस्टम से निकलने वाली गर्मी के आसपास पेट्रोल की वाष्प मौजूद हो सकती है। किसी भी संभावित इग्निशन स्रोत से आग का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">-चिंगारी से बचाव: पेट्रोल पंप पर सबसे बड़ा खतरा ईंधन की वाष्प का होता है। वाहन के इलेक्ट्रिकल सिस्टम या किसी अन्य स्रोत से पैदा हुई चिंगारी इन वाष्पों को आग की चपेट में ला सकती है। इसलिए फ्यूल भरवाते समय इंजन बंद रखना बेहतर है।</p>
<p style="text-align:justify;">-स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी का खतरा: वाहन और व्यक्ति दोनों में स्थैतिक विद्युत उत्पन्न हो सकती है। यदि इससे चिंगारी पैदा हो जाए और वह पेट्रोल की वाष्प के संपर्क में आ जाए, तो आग लगने की आशंका रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">-फ्यूल सिस्टम की सुरक्षा: आधुनिक वाहनों में फ्यूल पंप, सेंसर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होते हैं। ईंधन भरते समय इंजन बंद रखने से फ्यूलिंग प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी होती है और अनावश्यक इलेक्ट्रिकल गतिविधि से बचा जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/petrol-pump-safety-rules-(1).png" alt="Petrol Pump Safety Rules (1)" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>पेट्रोल पंप पर इन बातों का रखें ध्यान</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">-फ्यूल भरवाने से पहले इंजन पूरी तरह बंद करें।<br />-पेट्रोल पंप पर धूम्रपान या किसी भी तरह की खुली आग से दूर रहें।<br />-ईंधन भरते समय वाहन में अनावश्यक रूप से इलेक्ट्रिकल <br />उपकरणों का इस्तेमाल न करें।<br />-कोशिश करें कि वाहन से उतरकर निर्धारित सुरक्षित स्थान <br />पर खड़े रहें।<br />-टैंक को जरूरत से ज्यादा भरवाने से बचें और पंप कर्मचारी के <br />निर्देशों का पालन करें।<br />-ईंधन गिर जाए तो वाहन स्टार्ट करने से पहले उसे साफ होने दें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>छोटी सावधानी, बड़ा बचाव</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">पेट्रोल पंप पर कुछ सेकंड के लिए इंजन बंद करना असुविधा नहीं, बल्कि आपकी और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानी है। इसलिए हर बार फ्यूल भरवाते समय इस नियम का पालन करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 07:00:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब चप्पल भी ढूंढेगा ChatGPT! महाकाल मंदिर में युवक ने आजमाया AI का गजब जुगाड़</title>
                                    <description><![CDATA[चप्पलों के ढेर में अपनी जोड़ी तलाशना हुआ मुश्किल तो युवक ने AI को बनाया ‘डिटेक्टिव’, फोटो देखकर ChatGPT ने बताया चप्पल कहां पड़ी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591060/chatgpt-found-lost-slipper-mahakal-temple-ujjain-viral-video"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/mahakal-temple-viral-video.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल डेस्कः</strong> AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या जानकारी जुटाने तक सीमित नहीं रह गया है। रोजमर्रा की छोटी-बड़ी समस्याओं में भी लोग इसका इस्तेमाल करने लगे हैं। लेकिन उज्जैन के महाकाल मंदिर से सामने आया एक मामला सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर रहा है। एक युवक ने मंदिर के बाहर खोई अपनी चप्पल ढूंढने के लिए ChatGPT की मदद ली और दावा है कि AI ने उसे चप्पल तक पहुंचने में मदद कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो से सामने आया है, जिसे देखने के बाद लोग AI के इस्तेमाल के इस अनोखे तरीके पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>महाकाल के दर्शन के बाद गायब मिली चप्पल</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">गोवा के रहने वाले शुभांग बोरकर उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद जब वह मंदिर से बाहर निकले तो उन्हें पता चला कि उनकी चप्पल वहां नहीं थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने चप्पलों के बड़े ढेर में काफी देर तक अपनी चप्पल तलाशने की कोशिश की। लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी जब चप्पल नहीं मिली तो उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/stripathi56/status/2088625809972146202?s=20">https://twitter.com/stripathi56/status/2088625809972146202?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>फोन में मौजूद फोटो बना AI का सुराग</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शुभांग के फोन में उनकी चप्पल की पहले से तस्वीर मौजूद थी। उन्होंने वही फोटो ChatGPT पर अपलोड की और अपनी चप्पल की पहचान से जुड़ी जानकारी भी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया गया कि उन्होंने AI को<strong> </strong>चप्पल का रंग, डिजाइन, स्टाइल और साइज जैसी जानकारियां दीं। इसके बाद उन्होंने चप्पलों के ढेर की तस्वीरें ChatGPT को भेजकर अपनी चप्पल पहचानने में मदद मांगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>ChatGPT ने अलग-अलग एंगल से फोटो मांगी</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">बताई गई जानकारी के मुताबिक, ChatGPT ने चप्पलों के ढेर की अलग-अलग एंगल से तस्वीरें देखने को कहा। इन तस्वीरों को देखने के बाद AI ने चप्पल की संभावित स्थिति के बारे में शुभांग को गाइड किया।</p>
<p style="text-align:justify;">AI ने कथित तौर पर बताया कि चप्पल किस तरफ और किस हिस्से में, किन दूसरी चप्पलों के बीच दिखाई दे रही है। इसके बाद शुभांग ने बताए गए स्थान पर तलाश की और अपनी चप्पल ढूंढने में सफल रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">यानी जिस काम के लिए आमतौर पर व्यक्ति को पूरे चप्पलों के ढेर को बार-बार खंगालना पड़ता, उसमें युवक ने AI की विजुअल क्षमता का इस्तेमाल किया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने लिए मजे</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूजर्स ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने ChatGPT को लेकर मजाक किया तो किसी ने युवक के आइडिया की तारीफ की।</p>
<p style="text-align:justify;">एक यूजर ने मजेदार अंदाज में कहा कि अब ChatGPT सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देता, बल्कि चप्पल भी ढूंढने लगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं एक अन्य यूजर ने पूछा कि यह ChatGPT का कौन-सा एडवांस मॉडल है। कुछ लोगों ने शुभांग की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने AI का काफी क्रिएटिव इस्तेमाल किया।</p>
<p style="text-align:justify;">एक यूजर ने भविष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि आने वाले समय में AI बड़े सवालों के जवाब देने के साथ-साथ ऐसे रोजमर्रा के कामों में भी मदद करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, कुछ यूजर्स ने इसे लेकर मजाक भी किया और कहा कि Gen-Z अब चप्पल ढूंढने जैसे काम भी ChatGPT से करवा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>AI का ये इस्तेमाल क्यों है खास?</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">इस घटना की खासियत यह है कि यहां AI का इस्तेमाल किसी जटिल तकनीकी या प्रोफेशनल काम के लिए नहीं, बल्कि एक बेहद सामान्य रोजमर्रा की परेशानी को हल करने के लिए किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">फोटो को समझने और उसमें मौजूद वस्तुओं की पहचान करने वाली AI क्षमताएं लगातार बेहतर हो रही हैं। ऐसे में किसी तस्वीर में खास वस्तु तलाशने, उसकी संभावित जगह बताने या विजुअल जानकारी को व्यवस्थित करने जैसे कामों में AI मददगार साबित हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, तस्वीर की क्वालिटी, रोशनी, एंगल और वस्तुओं के एक-दूसरे से ढके होने जैसी चीजों के कारण AI की पहचान हमेशा सही हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए ऐसे मामलों में AI के सुझाव को मदद के तौर पर लेना चाहिए, अंतिम प्रमाण के तौर पर नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/591056/airtel-iphone-offer-2026-croma-35000-discount-exchange-bonus"><span class="t-red">Airtel यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! </span>iPhone खरीदने पर 35 हजार तक की बचत, ऐसे मिलेगा ऑफर का फायदा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591060/chatgpt-found-lost-slipper-mahakal-temple-ujjain-viral-video</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 17:23:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Airtel यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! iPhone खरीदने पर 35 हजार तक की बचत, ऐसे मिलेगा ऑफर का फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[नया iPhone लेने की तैयारी कर रहे हैं तो Airtel का यह ऑफर आपके काम का हो सकता है। चुनिंदा iPhone मॉडल पर ₹23,000 तक की छूट और पुराने फोन के एक्सचेंज पर ₹12,000 तक का बोनस मिल सकता है। हालांकि, पूरी बचत मॉडल, एक्सचेंज डिवाइस और ऑफर की पात्रता पर निर्भर करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591056/airtel-iphone-offer-2026-croma-35000-discount-exchange-bonus"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/airtel-iphone-offer-2026.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल डेस्कः</strong> अगर आप लंबे समय से iPhone खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, लेकिन कीमत देखकर हर बार बजट का हिसाब बिगड़ जाता है, तो Airtel यूजर्स के लिए यह ऑफर दिलचस्प हो सकता है। Airtel और Croma के ऑफर के तहत चुनिंदा iPhone मॉडल पर कुल 35,000 तक की संभावित बचत का मौका मिल रहा है। इसमें 23,000 तक की सीधी छूट के साथ पुराने स्मार्टफोन पर 12,000 तक का अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, यहां एक बात साफ समझना जरूरी है कि 35,000 तक की बचत अधिकतम संभावित लाभ है। हर ग्राहक को इतनी छूट मिले, यह जरूरी नहीं है। वास्तविक फायदा आपके चुने हुए iPhone मॉडल, पुराने फोन की स्थिति और उस पर लागू ऑफर की शर्तों के आधार पर तय होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>इन iPhone मॉडल पर मिल सकता है ऑफर का फायदा</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऑफर में कई iPhone मॉडल शामिल बताए गए हैं। इनमें:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>iPhone 15</li>
<li>iPhone 16</li>
<li>iPhone Air</li>
<li>iPhone 17</li>
<li>iPhone 17 Pro</li>
<li>iPhone 17 Pro Max</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनिंदा मॉडल पर 23,000 तक की सीधी छूट मिल सकती है। इसके अलावा कुछ खरीदारी पर Flexible EMI का विकल्प भी उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, छूट की वास्तविक रकम हर मॉडल के हिसाब से अलग हो सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>पुराना फोन एक्सचेंज किया तो बढ़ जाएगी बचत</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">अगर आपके पास पुराना स्मार्टफोन है और आप उसे एक्सचेंज करने की सोच रहे हैं, तो यह ऑफर आपके लिए और फायदेमंद हो सकता है। ऑफर के तहत पुराने फोन पर 12,000 तक का एक्सचेंज बोनस मिलने की बात कही गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन इस लाभ से जुड़ी अहम शर्त भी है। एक्सचेंज बोनस का फायदा केवल Croma के ऑफलाइन स्टोर पर मिल सकता है। यानी ऑनलाइन iPhone खरीदने वाले ग्राहकों को इस अतिरिक्त एक्सचेंज बोनस का लाभ नहीं मिलने की संभावना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>Airtel Thanks ऐप में ऐसे चेक करें ऑफर</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">ऑफर का फायदा उठाने से पहले Airtel Thanks ऐप में अपनी पात्रता जरूर जांच लें। इसके लिए:</p>
<ol style="text-align:justify;">
<li>Airtel Thanks ऐप ओपन करें।</li>
<li>अपने प्रोफाइल या Rewards सेक्शन में जाएं।</li>
<li>Rewards &amp; OTT या संबंधित Rewards सेक्शन खोलें।</li>
<li>Check What's New विकल्प पर जाएं।</li>
<li>यहां iPhone/Croma से जुड़ा ऑफर दिखाई देने पर उसे खोलें।</li>
<li>उपलब्ध कूपन या ऑफर को Claim/Redeem करें।</li>
<li>इसके बाद ऑफर की शर्तों के मुताबिक Croma की वेबसाइट या अधिकृत ऑफलाइन स्टोर से खरीदारी करें।</li>
</ol>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>35 हजार की बचत को सीधे डिस्काउंट न समझें</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">यहां सबसे जरूरी बात यह है कि 35,000 का आंकड़ा iPhone की कीमत पर मिलने वाली सीधी छूट नहीं है। यह अलग-अलग ऑफर्स और एक्सचेंज लाभों को मिलाकर मिलने वाली अधिकतम संभावित बचत है।</p>
<p style="text-align:justify;">आपके पुराने फोन की एक्सचेंज वैल्यू उसके मॉडल, कंडीशन और अन्य मानकों पर निर्भर करेगी। इसी तरह चुने गए iPhone मॉडल के आधार पर डिस्काउंट और दूसरे फायदे भी बदल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए खरीदारी से पहले iPhone की कीमत, लागू डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, बैंक ऑफर और अंतिम भुगतान राशि जरूर जांच लें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>5 सितंबर तक क्लेम करने का मौका</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, Airtel का यह ऑफर 5 सितंबर 2026 तक क्लेम किया जा सकता है। अगर आप नया iPhone खरीदने का मन बना रहे हैं, तो समय सीमा खत्म होने से पहले Airtel Thanks ऐप में ऑफर की उपलब्धता और अपनी पात्रता चेक कर लेना बेहतर होगा।</p>
<blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>जरूरी बात:</strong> ऑफर की शर्तें समय के साथ बदल सकती हैं। हर iPhone मॉडल और हर ग्राहक को समान लाभ मिलना जरूरी नहीं है। खरीदारी से पहले Airtel Thanks ऐप और Croma पर दिखाई जा रही मौजूदा ऑफर शर्तों को ही अंतिम मानें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः  <a href="https://www.amritvichar.com/article/590971/nissan-tekton-launched-price-features-bncap-adas-engine"><span class="t-red">Nissan ने लॉन्च की नई SUV, </span>कीमत 10.49 लाख से शुरू; Safety से लेकर फीचर्स तक देगी बड़ी SUVs को टक्कर!</a></strong></p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 16:56:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nissan ने लॉन्च की नई SUV, कीमत 10.49 लाख से शुरू; Safety से लेकर फीचर्स तक देगी बड़ी SUVs को टक्कर!</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली में नई Nissan Tekton पेश; दमदार SUV डिजाइन, 6 एयरबैग, Google Built-in, दो टर्बो-पेट्रोल इंजन और 18.59 लाख रुपये तक की कीमत के साथ बाजार में एंट्री]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590971/nissan-tekton-launched-price-features-bncap-adas-engine"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/nissan-tekton.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में मुकाबला और कड़ा करने के लिए निसान ने अपनी नई एसयूवी टेकटन को बरेली में पेश कर दिया है। नाथ निसान शोरूम में हुई लॉन्चिंग के साथ कंपनी ने इसे दमदार डिजाइन, आधुनिक तकनीक, आराम और सुरक्षा के बेहतर पैकेज के तौर पर उतारा है। एसयूवी का डिजाइन निसान की चर्चित पेट्रोल एसयूवी से प्रेरित है, जो इसे सड़क पर मजबूत और प्रीमियम लुक देता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><em>अट्रैक्टिव डिजाइन</em></strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">निसान टेकटन का एक्सटीरियर आधुनिक एसयूवी खरीदारों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका फ्रंट लुक कंपनी की फ्लैगशिप एसयूवी निसान पेट्रोल से प्रेरित है। बड़ी फ्रंट ग्रिल, शार्प एलईडी हेडलाइट्स, वर्टिकल एलईडी डीआरएल और रोशन निसान लोगो इसे प्रीमियम पहचान देते हैं। बोनट पर उभरी हुई मस्कुलर लाइनों के साथ बड़े अक्षरों में उकेरा गया टेकटन बैज इसकी अलग पहचान बनाता है। चौड़े व्हील आर्च, रूफ रेल, ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस और बॉक्सी सिल्हूट इसे मजबूत रोड प्रेजेंस प्रदान करते हैं। पीछे की ओर कनेक्टेड एलईडी टेललाइट्स और स्पोर्टी बंपर इसकी स्टाइलिंग को और आकर्षक बनाते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(22,145,121);"><strong><em>सुरक्षा में कोई समझौता नहीं</em></strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">निसान ने टेकटन को सुरक्षा के लिहाज से भी मजबूत बनाने की कोशिश की है। सभी वेरिएंट में छह एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), हिल स्टार्ट असिस्ट, ट्रैक्शन कंट्रोल, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर तथा सभी सीटों के लिए तीन-पॉइंट सीट बेल्ट स्टैंडर्ड रूप से दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">टॉप वेरिएंट Tekna+ में लेवल-2 ADAS तकनीक भी उपलब्ध है। इसमें अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग और फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां शामिल हैं, जो लंबी यात्रा और हाईवे ड्राइविंग को अधिक सुरक्षित बनाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/nissan-tekton-(1).png" alt="Nissan Tekton (1)" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong>BNCAP टेस्ट में बच्चों की सुरक्षा का भी मिला भरोसा</strong></em></span></h5>
<p style="text-align:justify;">क्रैश टेस्ट में टेकटन ने बच्चों की सुरक्षा के मामले में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (BNCAP) के चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन टेस्ट में 18 महीने और तीन वर्ष के बच्चों का प्रतिनिधित्व करने वाली रियरवर्ड-फेसिंग डमी का इस्तेमाल किया गया। फ्रंटल और साइड इम्पैक्ट टेस्ट में दोनों आयु वर्गों के लिए इस एसयूवी को 24 में से पूरे 24 अंक मिले। चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम (CRS) की प्रभावशीलता के लिए भी इसे 12 में से 12 अंक प्राप्त हुए। व्हीकल असेसमेंट श्रेणी में 13 में से 9 अंक मिलने के बावजूद कुल मिलाकर टेकटन ने 49 में से 45 अंक हासिल किए। यह स्कोर बताता है कि परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने इस मॉडल को विकसित किया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(22,145,121);"><em><strong>कार में ही गूगल की दुनिया</strong></em></span></h5>
<p style="text-align:justify;">टेकटन की सबसे खास खूबियों में इसकी कनेक्टेड तकनीक शामिल है। टॉप वेरिएंट में गूगल बिल्ट-इन दिया गया है। इसकी मदद से गूगल मैप्स, गूगल असिस्टेंट समेत 200 से ज्यादा ऐप का इस्तेमाल सीधे कार की इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर किया जा सकता है। इसके अलावा 10.1 इंच की एचडी टचस्क्रीन, 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले भी मिलते हैं। मायनिसान कनेक्टेड कार तकनीक और थ्रीडी अराउंड व्यू मॉनिटर ड्राइविंग अनुभव को और बेहतर बनाते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><em><span style="color:rgb(224,62,45);">इंटीरियर में मिलेगा प्रीमियम अनुभव</span></em></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">केबिन में प्रवेश करते ही टेकटन आधुनिक तकनीक और आराम का एहसास कराती है। इसमें डुअल डिजिटल डिस्प्ले सेटअप दिया गया है, जिसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम शामिल है। वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले, वायरलेस चार्जर, पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, मल्टी-फंक्शन स्टीयरिंग व्हील और प्रीमियम ऑडियो सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे तकनीक के लिहाज से काफी आधुनिक बनाती हैं। कनेक्टेड कार फीचर की मदद से वाहन से जुड़ी कई जानकारियां मोबाइल ऐप पर भी देखी जा सकती हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><em><span style="color:rgb(22,145,121);"><strong>दो टर्बो-पेट्रोल इंजन का विकल्प</strong></span></em></h5>
<p style="text-align:justify;">टेकटन में ग्राहकों को दो इंजन विकल्प मिलते हैं। पहला 1.0 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन है, जो लगभग 100 पीएस की पावर और 160 एनएम का टॉर्क देता है। दूसरा 1.3 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन है, जिसकी अधिकतम क्षमता 163 पीएस की पावर और 280 एनएम टॉर्क तक पहुंचती है। इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक (DCT) गियरबॉक्स का विकल्प उपलब्ध है। कंपनी भविष्य में इसका स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल भी बाजार में उतारने की योजना बना रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong>कीमत  </strong></em></span></h5>
<p style="text-align:justify;">निसान टेकटन की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 10.49 लाख रुपये रखी गई है, जबकि टॉप वेरिएंट की कीमत 18.59 लाख रुपये तक जाती है।  अलग-अलग राज्यों में टैक्स और अन्य शुल्क के कारण ऑन-रोड कीमत में अंतर हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590743/railone-app-4-76-crore-downloads-daily-10-lakh-ticket-booking"><span class="t-red">RailOne ने मचाया धमाल! </span>4.76 करोड़ डाउनलोड के पार, रोज बुक हो रहे 10 लाख रेल टिकट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 07:02:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>क्या वैज्ञानिक शोध का भविष्य भारत और चीन में है? बदलता वैश्विक विज्ञान दे रहा नई दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और यूरोप की वैज्ञानिक बादशाहत के बीच भारत-चीन तेजी से उभरते शोध केंद्र; प्रतिभा, निवेश, संस्थागत क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता बन रहे निर्णायक कारक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590840/future-of-scientific-research-india-china-global-science"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/india-china,-global-science-(1).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अब वे दिन गए जब यह कहा जाता था कि मॉडर्न साइंटिफिक रिसर्च की जन्मभूमि अमेरिका है और अमेरिका का साइंटिफिक रिसर्च बेस यूरोपियन वैज्ञानिकों की देन है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में वैज्ञानिक शोध का केंद्र धीरे-धीरे अमेरिका से आगे बढ़कर भारत और चीन जैसे देशों की ओर भी देख रहा है। इसके पीछे वैज्ञानिक प्रतिभा, संस्थागत क्षमता, सरकारी निवेश और तकनीकी आत्मनिर्भरता जैसे कई कारण हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मिजाज और उनकी नीतियों ने अमेरिकी साइंटिफिक कम्युनिटी के एक बड़े हिस्से को नाराज किया है। अमेरिका के अनेक संस्थानों और विश्वविद्यालयों में बाहरी देशों के वैज्ञानिक बड़ी संख्या में काम करते हैं। इनमें से अनेक को अमेरिकी नागरिकता भी प्राप्त है। इसके बावजूद इन वैज्ञानिकों पर अमेरिकी जासूसी संस्थाओं और फेडरल पुलिस की निगरानी रहती है, खासतौर से रूस, उत्तर कोरिया और चीन से उनके संबंधों तथा विदेशी यात्राओं को लेकर।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित उमर याघी ने अमेरिका छोड़कर चीन में बसने का इरादा जताया है। अमेरिका में चीनी मूल के बड़ी संख्या में वैज्ञानिक और शोधार्थी हैं। इनमें से कुछ को बाहर का रास्ता दिखाया गया और कुछ को वैज्ञानिक सामग्री चीन भेजने या ले जाने के आरोप में मुकदमों का सामना करना पड़ा। विश्व की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाएं ऐसी खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करती रही हैं। कुछ समय के लिए हलचल मचती है और फिर मामला शांत हो जाता है। लेकिन उमर याघी का चीन जाने का निर्णय ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका में विज्ञान के लिए फंडिंग में कटौती की चर्चा है और चीन दुनिया भर के बेहतरीन वैज्ञानिक टैलेंट को अपने यहां आकर्षित करने में जुटा है। याघी ने बीजिंग की सिंघुआ यूनिवर्सिटी में रिसर्चर के रूप में फुल-टाइम नौकरी स्वीकार की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/india-china,-global-science.png" alt="India China, Global Science" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">चीन इस समय वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में एक अग्रणी देश बन चुका है। वहां की सरकार रेयर अर्थ मैटेरियल्स, अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर तकनीक और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में जबरदस्त निवेश कर रही है। इसके लिए उसे हजारों वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की आवश्यकता है। उमर याघी जैसे वैज्ञानिक इस प्रक्रिया की शुरुआत का संकेत हो सकते हैं। यदि यह सिलसिला जारी रहता है तो अमेरिका की प्रशासनिक नीति क्या होगी, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन उच्च स्तर की प्रतिभा का ऐसा पलायन किसी भी देश के लिए चिंता का विषय तो है ही।</p>
<p style="text-align:justify;">उमर याघी यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में केमिस्ट्री के प्रोफेसर हैं। उन्हें मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स पर उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए 2025 का केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया गया। वे बर्कले ग्लोबल साइंस इंस्टीट्यूट के फाउंडिंग डायरेक्टर भी हैं। उनका उद्देश्य विकासशील देशों में रिसर्च सेंटर स्थापित करना है। इसके अलावा वे कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों से भी जुड़े रहे हैं। ऐसे वैज्ञानिक का अपना भविष्य चीन में तलाशना अमेरिका के लिए सामान्य घटना नहीं मानी जा सकती।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत के संदर्भ में देखें तो 1960 से लेकर 2000 के बीच प्रतिभा पलायन में संख्यात्मक इजाफा हुआ था और सरकार चिंतित हुई थी। तब यह तर्क भी दिया जाता था कि ‘ब्रेन ड्रेन इज बेटर दैन ब्रेन इन द ड्रेन।’ राष्ट्रवादी सोच के लिए यह कथन भले ही अवमाननापूर्ण था, लेकिन सच्चाई यह थी कि हम अपनी प्रतिभाओं को रोकने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक संस्थागत इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने में नाकाम रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">1985 तक भी हमारे वैज्ञानिक उच्च स्तर की इंस्ट्रूमेंटेशन और आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों की स्वदेशी उपलब्धता के लिए संघर्ष कर रहे थे। इसके बावजूद सैकड़ों प्रतिभाशाली वैज्ञानिक भारत में रहकर और जरूरत पड़ने पर विदेशी संस्थानों में कुछ समय के लिए प्रशिक्षण लेकर देश लौटना चाहते थे। वे केमिस्ट्री, फिजिक्स, एस्ट्रोनॉमी एवं एस्ट्रोफिजिक्स और बायोलॉजिकल साइंसेज में उन्नत शोध करना चाहते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">1985 के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलने लगीं। सरकारी निवेश बढ़ा और अनेक नए वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना हुई। वरिष्ठ और उभरते वैज्ञानिकों को देश में शोधकार्य बढ़ाने तथा उन्नत तकनीक विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई। निजी क्षेत्र में भी प्रतिभाशाली लोगों ने औद्योगिक संस्थान खड़े किए, जो आज अग्रणी उद्योग बन चुके हैं। इन प्रयासों से भारत में प्रतिभा पलायन काफी हद तक रुका, लेकिन चिंता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में साइंटिफिक मैनपावर के नियमन की प्रारंभिक नीतियां काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च से शुरू हुईं और बाद में डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी तथा प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण हुई। उच्च अध्ययन के लिए विदेश जाने पर कोई रोक नहीं है, बल्कि भारत ने अनेक देशों के साथ वैज्ञानिक सहयोग के समझौते किए हैं। उद्देश्य यही है कि भारतीय वैज्ञानिक वैश्विक ज्ञान से जुड़ें और उनकी विशेषज्ञता का लाभ देश को भी मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">साइंटिफिक रिसर्च को टेक्नोलॉजी और एप्लीकेशन्स तक पहुंचाने में बीस-तीस वर्ष का समय, मानवीय प्रतिभा और अपार धनराशि लगती है। इसके परिणाम तत्काल नहीं मिलते और लगातार राजनीतिक एवं संस्थागत समर्थन की जरूरत होती है। भारत ने उपग्रह, रॉकेट, परमाणु ऊर्जा, रक्षा तकनीक और पनडुब्बियों से लेकर अनेक आधुनिक क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमता विकसित की है। अब शायद ही कोई ऐसा प्रमुख क्षेत्र बचा हो, जिसमें भारतीय संस्थान वैश्विक संस्थानों के साथ प्रतिस्पर्धा की स्थिति में न हों।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए आने वाला समय केवल अमेरिका या यूरोप का वैज्ञानिक समय नहीं है। चीन ने प्रतिभा और निवेश के बल पर अपनी स्थिति मजबूत की है, जबकि भारत के पास विशाल युवा वैज्ञानिक शक्ति, बढ़ता संस्थागत आधार और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में स्पष्ट प्रयास हैं। यदि दोनों देश प्रतिभाओं को बेहतर शोध वातावरण, स्वतंत्रता, संसाधन और सम्मान दे सके, तो भविष्य के वैज्ञानिक शोध का बड़ा हिस्सा निश्चित रूप से भारत और चीन में आकार ले सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-रणबीर सिंह, विज्ञान लेखक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 07:10:27 +0530</pubDate>
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                <title>RailOne ने मचाया धमाल! 4.76 करोड़ डाउनलोड के पार, रोज बुक हो रहे 10 लाख रेल टिकट</title>
                                    <description><![CDATA[एक ही ऐप में रिजर्वेशन, अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट से लेकर PNR, ट्रेन स्टेटस और फूड ऑर्डर तक की सुविधा; रेलवे के मुताबिक 2 अगस्त 2026 तक रोजाना 10 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590743/railone-app-4-76-crore-downloads-daily-10-lakh-ticket-booking"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/railone.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय रेलवे की डिजिटल सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने वाला RailOne ऐप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पिछले साल जुलाई में लॉन्च हुए इस इंटीग्रेटेड रेलवे ऐप ने डाउनलोड के मामले में 4.76 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। रेलवे के मुताबिक, 2 अगस्त 2026 तक RailOne के जरिए रोजाना करीब 10 लाख ऑनलाइन टिकट बुक किए जा रहे थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>रोजाना 10 लाख टिकटों की बुकिंग</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रेल मंत्रालय की ओर से 12 अगस्त को जारी जानकारी के अनुसार, RailOne के जरिए प्रतिदिन बुक होने वाले टिकटों में करीब 2.9 लाख रिजर्व्ड टिकट और 7.24 लाख अनरिजर्व्ड टिकट शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐप की खासियत यह है कि यात्रियों को रेलवे की अलग-अलग सेवाओं के लिए कई ऐप का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें सिंगल साइन-ऑन सुविधा दी गई है, जिससे कई रेलवे सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से एक्सेस किया जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>रिजर्वेशन से प्लेटफॉर्म टिकट तक, एक ऐप में कई सुविधाएं</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">RailOne के जरिए यात्री ऑनलाइन रिजर्व्ड टिकट, UTS अनरिजर्व्ड टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा ऐप में PNR स्टेटस, ट्रेन रनिंग स्टेटस, RailMadad और यात्रा के दौरान फूड ऑर्डर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यात्री इसमें Rail Wallet भी जोड़ सकते हैं। इससे टिकट बुकिंग के दौरान भुगतान की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने में मदद मिलती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ऑनलाइन टिकट बुकिंग का बढ़ा चलन</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन रिजर्व टिकट बुकिंग में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। 2013-14 में करीब 49 फीसदी रिजर्व टिकट ऑनलाइन बुक होते थे, जबकि अब यह आंकड़ा करीब 89 फीसदी पहुंच गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अनरिजर्व्ड टिकटों की बुकिंग में भी मोबाइल ऐप का इस्तेमाल बढ़ा है। रेलवे के अनुसार, वर्तमान में करीब 39 फीसदी अनरिजर्व्ड टिकट ऐप के जरिए बुक किए जा रहे हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>RailOne के 4.76 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रेल मंत्रालय के मुताबिक, RailOne ऐप को अब तक 4.76 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। लॉन्च के करीब एक साल के भीतर यह आंकड़ा ऐप की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नई IRCTC वेबसाइट भी जल्द होगी लॉन्च</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रेलवे टिकट बुकिंग को और सुविधाजनक बनाने की दिशा में नई IRCTC वेबसाइट का बीटा वर्जन पिछले महीने लॉन्च किया गया है। इसका फाइनल और स्टेबल वर्जन जल्द जारी किए जाने की तैयारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">नई वेबसाइट के यूजर इंटरफेस में बदलाव किया गया है। साथ ही रेलवे अपनी बैंडविड्थ बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, ताकि पीक टाइम में एक साथ बड़ी संख्या में यात्री टिकट बुक कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590439/-epfo-alert-fake-link-uan-aadhaar-bank-account-safety-tips"><span class="t-red">EPFO Alert: </span>एक फर्जी लिंक खाली कर सकता है बैंक अकाउंट! UAN-Aadhaar बचाने के लिए अपनाएं ये 6 तरीके</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
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                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:30:55 +0530</pubDate>
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