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                <title>धर्म संस्कृति - Amrit Vichar</title>
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                <description>धर्म संस्कृति RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Nag Panchami 2026 : सात साल बाद सोमवार को नागपंचमी, बन रहा खास संयोग; जानें पूजा विधि और उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[नागपंचमी इस बार 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। करीब सात साल बाद सोमवार को नागपंचमी पड़ने से इसे विशेष संयोग माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार कालसर्प और राहु-केतु से जुड़े दोषों की शांति के लिए नाग पूजा और शिव अभिषेक किया जा सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590972/raebareli-principal-beaten-for-demanding-10-lakh-loan-money"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/nagpanchmi-0-.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> सात साल के बाद सोमवार के संयोग से इस बार और भी फलदायिनी नागपंचमी होने जा रही है। प्रकृति में संतुलन और जीवन-शक्ति के संवर्धन के लिए भारतीय संस्कृति में नाग पूजा का पर्व नागपंचमी इस बार 17 अगस्त सोमवार को मनाई जाएगी।वर्ष 2026 से पहले सोमवार के दिन नाग पंचमी 5 अगस्त 2019 को पड़ी थी। उस दिन सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि होने के साथ-साथ सावन का तीसरा सोमवार भी था।</p>
<p>भगवान शिव के गले का हार नागों के पूजन का यह शास्त्रीय पर्व भगवान शिव के प्रिय दिवस सोमवार को पड़ने से इस बार और भी फलदायी माना जा रहा है। नाग पंचमी के दिन श्रद्धालु विशेष रूप से नाग देवता की पूजा करते हैं। इस दिन लोग अपने घरों में नाग की आकृति बनाते हैं और उन्हें दूध, मिठाई और अन्य भोग अर्पित करते हैं।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/0156.jpg" alt="01" width="189" height="220"></img>
<strong>ज्योतिषाचार्य पं.मनोज कुमार द्विवेदी</strong>

<p>ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष, राहु-केतु से जुड़े दोष हों, उनके लिए यह दिन विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और नाग पूजा के लिए शुभ माना जाता है। कालसर्प दोष को जीवन की रुकावटों, मानसिक तनाव और आर्थिक उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण माना जाता है। जब कुंडली में सभी सात ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब कालसर्प योग का निर्माण होता है। नाग पंचमी का दिन नाग देवताओं और राहु-केतु के प्रभावों को शांत करने के लिए वर्ष का सबसे शक्तिशाली अवसर माना गया है।</p>
<p>इसके अलावा इस दिन सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश आध्यात्मिक साधना, आत्मबल, नेतृत्व क्षमता और प्रतिष्ठा को मजबूत करने वाला शुभ संयोग है। ऐसे में यह शुभ अवसर एक ही दिन पड़ने से यह तिथि और भी खास मानी जा रही है। </p>
<h5><strong>नाग पंचमी पूजा-</strong></h5>
<p><strong>चांदी के नाग- </strong>नागिन का जोड़ा: चांदी या तांबे से बने नाग-नागिन के जोड़े का कच्चे दूध और गंगाजल से अभिषेक करें। पूजा के बाद इन्हें किसी पवित्र बहते जल में प्रवाहित कर दें। <br /><strong>शिवलिंग का विशेष अभिषेक:</strong> तांबे के लोटे में जल, थोड़ा कच्चा दूध, गंगाजल और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। <br /><strong>मंत्र जाप:</strong> अभिषेक करते समय लगातार "ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। </p>
<h6><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/590970/nag-panchami-2026-date-puja-shubh-muhurat-rahukaal-17-august">Nag Panchami 2026 : नाग पंचमी कल, बन रहा सावन सोमवार का खास संयोग; जानें पूजा मुहूर्त और राहुकाल</a></strong></h6>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 17:59:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nag Panchami 2026 : नाग पंचमी कल, बन रहा सावन सोमवार का खास संयोग; जानें पूजा मुहूर्त और राहुकाल</title>
                                    <description><![CDATA[Nag Panchami 2026: 17 अगस्त को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सावन सोमवार का भी संयोग बन रहा है। पंचमी तिथि शाम 5:01 बजे तक रहेगी। जानें नाग पंचमी पर पूजा के शुभ मुहूर्त और लखनऊ समेत प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590970/nag-panchami-2026-date-puja-shubh-muhurat-rahukaal-17-august"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/nagpanchmi.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल डेस्क, लखनऊ, अमृत विचार।</strong> हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। <strong>इस वर्ष 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।</strong> खास बात यह है कि इस दिन सावन सोमवार का भी संयोग बन रहा है। ऐसे में नाग देवता के साथ भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति आती है। वहीं भगवान शिव की आराधना से भी भक्तों को शुभ फल प्राप्त होते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">17 अगस्त 2026 का पंचांग</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>पंचमी तिथि:</strong> शाम 5:01 बजे तक</li>
<li><strong>शुभ योग:</strong> देर रात 3:30 बजे तक</li>
<li><strong>चित्रा नक्षत्र:</strong> अगले दिन भोर 4:59 बजे तक</li>
<li><strong>विशेष पर्व:</strong> नाग पंचमी</li>
<li><strong>सूर्य गोचर:</strong> सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करेंगे</li>
<li><strong>सूर्योदय:</strong> सुबह 5:50 बजे</li>
<li><strong>सूर्यास्त:</strong> शाम 6:59 बजे</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">नाग पंचमी पर पूजा के शुभ मुहूर्त</h2>
<p style="text-align:justify;">17 अगस्त को पूजा-पाठ के लिए कई शुभ मुहूर्त रहेंगे।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>ब्रह्म मुहूर्त:</strong> सुबह 4:50 से 5:35 बजे तक</li>
<li><strong>प्रातः संध्या:</strong> सुबह 5:13 से 6:20 बजे तक</li>
<li><strong>अभिजित मुहूर्त:</strong> दोपहर 12:17 से 1:08 बजे तक</li>
<li><strong>विजय मुहूर्त:</strong> दोपहर 2:50 से 3:41 बजे तक</li>
<li><strong>गोधूलि मुहूर्त:</strong> शाम 7:05 से 7:27 बजे तक</li>
<li><strong>सायाह्न संध्या:</strong> शाम 7:05 से 8:12 बजे तक</li>
<li><strong>अमृत काल:</strong> रात 10:16 से 11:57 बजे तक</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">अलग-अलग शहरों में कब रहेगा राहुकाल?</h2>
<p style="text-align:justify;">नाग पंचमी के दिन पूजा करते समय राहुकाल का ध्यान रखना भी शुभ माना जाता है। प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा....</p>
<div class="group TyagGW_tableContainer" style="text-align:justify;">
<div class="TyagGW_tableWrapper flex flex-col-reverse w-fit">
<table class="w-fit min-w-(--thread-content-width)">
<thead>
<tr>
<th class="last:pe-10">शहर</th>
<th class="last:pe-10">राहुकाल</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>लखनऊ</strong></td>
<td>सुबह 7:17 से 8:55 बजे तक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>दिल्ली</strong></td>
<td>सुबह 7:30 से 9:08 बजे तक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>मुंबई</strong></td>
<td>सुबह 7:56 से 9:31 बजे तक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>चंडीगढ़</strong></td>
<td>सुबह 7:29 से 9:08 बजे तक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>भोपाल</strong></td>
<td>सुबह 7:34 से 9:10 बजे तक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>कोलकाता</strong></td>
<td>सुबह 6:51 से 8:27 बजे तक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>अहमदाबाद</strong></td>
<td>सुबह 7:53 से 9:30 बजे तक</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>चेन्नई</strong></td>
<td>सुबह 7:31 से 9:05 बजे तक</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
</div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नाग पंचमी पर नाग देवता और शिव की पूजा का महत्व</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्प भय से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। वहीं सावन सोमवार का संयोग होने के कारण इस दिन भगवान शिव की पूजा का महत्व भी बढ़ जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मान्यता है कि नाग देवता भगवान शिव के प्रिय हैं और उनके गले में नाग विराजमान रहते हैं। इसलिए नाग पंचमी पर शिवलिंग की पूजा और नाग देवता का स्मरण विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पूजा से कालसर्प दोष से राहत की कामना की जाती है और शिव आराधना से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>नाग पंचमी पर क्या करें?</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव और नाग देवता की पूजा कर सकते हैं। शिवलिंग पर जल अर्पित कर भगवान शिव का स्मरण करना और नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान धार्मिक परंपराओं और स्थानीय मान्यताओं का पालन करना चाहिए।</p>
<h5 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>जानिए क्या बोले ज्योतिषाचार्य</strong></h5>
<p><strong>ज्योतिषाचार्य के अनुसार</strong>, नाग पंचमी के दिन सावन सोमवार का संयोग होने से इस बार पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति और सुख-शांति की कामना की जाती है। श्रद्धालुओं को पंचमी तिथि के दौरान पूजा करनी चाहिए और राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। नाग देवता को दूध अर्पित करने की परंपरा कई स्थानों पर है, लेकिन जीवित सांपों को दूध पिलाने के बजाय मंदिर में प्रतीकात्मक रूप से पूजा करना उचित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/590970/nag-panchami-2026-date-puja-shubh-muhurat-rahukaal-17-august</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/590970/nag-panchami-2026-date-puja-shubh-muhurat-rahukaal-17-august</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 17:39:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाली तीज: प्रकृति की हरियाली, नारी शक्ति और शिव-पार्वती के प्रेम का उत्सव</title>
                                    <description><![CDATA[सावन की हरियाली से लेकर झूलों, मेहंदी और लोकगीतों तक—हरियाली तीज भारतीय परंपरा में प्रकृति, आस्था और नारी चेतना को जोड़ने वाला पर्व है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590862/hariyali-teej-prakriti-nari-chetna-shiv-parvati-mahatva"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/hariyali-teej.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत की सांस्कृतिक परंपराएं विविधता में एकता की मिसाल हैं। इन्हीं परंपराओं में विशेष स्थान रखता है हरियाली तीज का पर्व। हरियाली तीज भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अत्यंत मंगलकारी और आध्यात्मिक महत्व वाला पर्व है, जो श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पूरे भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। सावन मास में आने के कारण यह पर्व प्रकृति की हरियाली, वर्षा की स्फूर्ति और वातावरण की शुद्धता से गहराई से जुड़ा हुआ है। चारों ओर हरियाली की चादर बिछ जाती है और मनुष्य की चेतना भी प्रकृति के इस सौंदर्य से जुड़कर आध्यात्मिकता की ओर आकर्षित होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पर्व केवल प्राकृतिक हरियाली का उत्सव नहीं, बल्कि भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य पुनर्मिलन का पावन प्रतीक भी है। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए 107 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। श्रावण मास की शुक्ल तृतीया को व्रत रखकर उन्होंने शिव को प्रसन्न किया और अंततः भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। इसी आध्यात्मिक मिलन की स्मृति में हरियाली तीज मनाई जाती है। विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं तथा पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना करती हैं। कुंवारी कन्याएं भी योग्य वर की प्राप्ति और विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए यह व्रत करती हैं।<br />हरियाली तीज का नाम भी सावन की हरियाली से जुड़ा है। इस दिन महिलाएं हरे वस्त्र पहनती हैं, हरी चूड़ियां धारण करती हैं, मेंहदी रचाती हैं और विशेष श्रृंगार करती हैं। हरा रंग प्रकृति की ताजगी, नवीनता, उर्वरता, समृद्धि और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। श्रृंगार की यह परंपरा केवल शारीरिक सज्जा नहीं, बल्कि मन और आत्मा के उल्लास की भी प्रतीक है। </p>
<p style="text-align:justify;">हरियाली तीज का सामाजिक और पारिवारिक पक्ष भी अत्यंत गहरा है। <br />राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड सहित कई राज्यों में इसे धूमधाम से मनाया जाता है। लोकगीत, लोकनृत्य और झूले इस पर्व की प्रमुख पहचान हैं। महिलाएं वृक्षों की डालियों पर झूले डालकर सावन के गीत गाती हैं। मंदिरों में भी विशेष पूजा और झूलन उत्सव आयोजित किए जाते हैं। हरियाली तीज हमें प्रकृति संरक्षण का संदेश भी देती है। वटवृक्ष जैसे वृक्षों की पूजा यह दर्शाती है कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को देवत्व का स्थान प्राप्त है। </p>
<p style="text-align:justify;">आज जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संकट के दौर में यह पर्व हमें प्रकृति से प्रेम और उसके संरक्षण की प्रेरणा देता है। आधुनिक संदर्भ में भी हरियाली तीज की प्रासंगिकता बनी हुई है। आज की शिक्षित और आत्मनिर्भर स्त्री जब तीज व्रत करती है, तो वह अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़ती है। यह पर्व नारी के तप, प्रेम, सौंदर्य, श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-श्वेता गोयल, शिक्षिका </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>शब्द रंग</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 17:57:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>13 अगस्त 2026 राशिफल: इन राशियों के लिए आज का दिन रहेगा शानदार, जानें मेष से मीन तक का हाल</title>
                                    <description><![CDATA[नौकरी, कारोबार, धन, परिवार और सेहत के लिहाज से कैसा रहेगा 13 अगस्त का दिन? पढ़ें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590666/13-august-2026-rashifal-horoscope-today-in-hindi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/horoscope.png" alt=""></a><br /><h3 class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">♈ मेष</h3>
<p style="text-align:justify;">आज परिवार में सुख-शांति रहेगी। अनावश्यक कार्यों में धन बर्बाद हो सकते है। काम के तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♉ वृषभ</h3>
<p style="text-align:justify;">आज आपकी एकाग्रता में वृद्धि होगी। अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर सकते हैं। पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को लाभ मिलेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♊ मिथुन</h3>
<p style="text-align:justify;">आज नौकरी में आपका प्रदर्शन औसत रहेगा। अपनी गलतियों से सीखने की आदत विकसित करें। धन के लेन-देन में सावधानी रखें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♋ कर्क</h3>
<p style="text-align:justify;">आज आपके पास समय की काफी उपलब्धता रहेगी। किसी पर अंधविश्वास न करें। सहकर्मी आपका मजाक उड़ा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♌ सिंह</h3>
<p style="text-align:justify;">आज आप कुछ रचनात्मक करने की योजना बनाएंगे। जीवनसाथी आपका काफी सहयोग करेगा। राजनीतिक मुद्दों में आप रुचि लेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♍ कन्या</h3>
<p style="text-align:justify;">आज कारोबार में काम का दबाव बढ़ सकता है। छोटी-छोटी बातों को लेकर क्रोध न करें। भ्रामक विज्ञापनों के जाल में फंसने से बचें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♎ तुला</h3>
<p style="text-align:justify;">आज आपकी सलाह से लोग प्रभावित रहेंगे। विवादास्पद मामलों में छुटकारा मिलेगा। पेट दर्द की शिकायत हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♏ वृश्चिक</h3>
<p style="text-align:justify;">आज कार्यक्षेत्र की बाधा दूर हो सकती है। अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट रहेंगे। प्रत्येक मुद्दे पर लाभ-हानि देखने से बचें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♐ धनु</h3>
<p style="text-align:justify;">आज दूसरों की आर्थिक सहायता करने से बचें। लंबी दूरी की यात्रा हो सकती है। कुछ लोग आपके प्रति ईर्ष्या की भावना रख सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♑ मकर</h3>
<p style="text-align:justify;">आज जॉब में सहयोगियों का साथ मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। महिलाएं घर के कार्यों में व्यस्त रहेंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♒ कुंभ</h3>
<p style="text-align:justify;">आज आपको साझेदारी वाले व्यापार में धन लाभ हो सकता है। उच्च शिक्षा के लिए स्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">♓ मीन</h3>
<p style="text-align:justify;">आज आत्मविश्वास में कुछ कमी महसूस होगी। कारोबार की गति थोड़ी धीमी रहेगी। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 04:00:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>50 किमी की भव्य शोभायात्रा के बाद उन्नाव के महादेव चौक पर विराजे भोलेनाथ, हर-हर महादेव से गूंजा शहर</title>
                                    <description><![CDATA[परियर के बाबा बलखंडेश्वर मंदिर से शुरू हुई शिव शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु हुए शामिल; 300 वाहनों के साथ निकला काफिला उन्नाव पहुंचते-पहुंचते 500 वाहनों तक पहुंचा, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिव प्रतिमा की पुनर्स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590617/unnao-50-km-shiv-shobhayatra-mahadev-chowk-pran-pratishtha"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/unnao-shiv-shobhayatra.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>उन्नाव, अमृत विचार।</strong> शहर के ऐतिहासिक बड़ा चौराहा पर भगवान शिव की मूर्ति की पुनर्स्थापना के अवसर पर मंगलवार को 50 किलोमीटर लंबी भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सदर विधायक पंकज गुप्ता की अगुवाई में निकली यात्रा में हजारों श्रद्धालु गाजे-बाजे व भक्ति गीतों की धुन पर जमकर झूमे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/unnao-shiv-shobhayatra-(1).png" alt="Unnao Shiv Shobhayatra (1)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">शोभायात्रा की शुरुआत परियर स्थित बाबा बलखंडेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद यात्रा बहरौला, बसधना, हाजीपुर, फतेहपुर, देवारा कलां, बनी, पिंडोखा, सहजनी, शुक्लागंज व मगरवारा-मसवासी होते हुए देरशाम बड़ा चौराहा पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और प्रसाद बांटा। यात्रा में भगवान शिव-पार्वती, श्रीगणेश, हनुमान जी, मां दुर्गा व श्रीराम दरबार की मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। रथनुमा वाहन में सदर विधायक के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी व व्यापार संगठन अध्यक्ष अमित मिश्रा आदि मौजूद रहे। बड़ा चौराहा पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव की मूर्ति की पुनर्स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा हुई। विधायक ने बताया कि यह स्थल हमेशा से शिव आराधना का प्रमुख केंद्र रहा है। पुरानी मूर्ति के क्षतिग्रस्त होने से यहां का सुंदरीकरण कराकर नई मूर्ति स्थापित की गई है और इसे महादेव चौक नाम दिया गया। मौजूद लोगों में यह दृश्य अपने मोबाइलों में कैद किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/unnao-shiv-shobhayatra-(3).png" alt="Unnao Shiv Shobhayatra (3)" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>परियर में सभी ने लिया बाबा बलखंडेश्वर महादेव का आर्शीवाद</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">परियर स्थित स्थानीय बाबा बलखंडेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मंगलवार को भव्य शिव शोभायात्रा की शुरुआत हुई। इससे पूर्व सदर विधायक पंकज गुप्ता, नर सेवा नारायण के संस्थापक विमल द्विवेदी व प्रखर गुप्ता ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। फिर हर-हर महादेव के जयकारों के बीच 300 वाहनों के साथ यात्रा रवाना हुई। जो जिला मुख्यालय पहुंचते-पहुंचते 500 गाड़ियों के विशाल काफिले में बदल गई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। समारोह की अध्यक्षता बाबा बलखंडेश्वर महादेव सेवा समिति के अध्यक्ष रवि मिश्रा ने की। व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए सफीपुर कोतवाली प्रभारी संदीप मिश्रा, एसओ अचलगंज सुब्रत तिवारी व परियर चौकी प्रभारी अनिल राजपूत आदि मुस्तैद रहे।</p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/unnao-shiv-shobhayatra-(2).png" alt="Unnao Shiv Shobhayatra (2)" width="1280" height="720"></img>
शिव शोभायात्रा में झांकी प्रस्तुत करते कलाकार।

<h5 style="text-align:justify;"><strong>शुक्लागंज में पुष्पवर्षा कर हुआ यात्रा का स्वागत</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">परियर स्थित बलखंडेश्वर मंदिर से उन्नाव बड़ा चौराहा  तक शिव प्रतिमा की स्थापना को लेकर शिव शोभायात्रा निकाली गई। दोपहर बाद शुक्लागंज पहुंचने पर सहजनी, आजाद नगर, सर्वोदय नगर व राजमार्ग सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने यात्रा पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पूरे मार्ग में जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। इसमें केडी त्रिवेदी, नगर पालिकाध्यक्ष कौमुदी पांडे, मंडल अध्यक्ष सुरेश शुक्ला, संदीप पांडे, धीरज सिंह, अंकुर शुक्ला, अवनीश शुक्ला, विकास मिश्रा, विनय तिवारी, जैनेंद्र शुक्ला, सतीश शुक्ला, अमरेंद्र गुप्ता, अंजू गुप्ता, प्रत्यय गुप्ता, अजय मणि पांडेय, संदीप मिश्रा, कमल वर्मा, राजेश बाजपेई, आदित्य त्रिपाठी, अभिषेक शुक्ला, संजय तिवारी, विजय तिवारी, राजकुमार पाल, दीपक राजपूत आदि मौजूद रहे।  </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590532/sawan-shiv-puja-shmashan-vasi-mahadev-spiritual-mystery"><span class="t-red">Sawan 2026: </span>श्मशान में क्यों वास करते हैं महादेव? श्रावण में शिव पूजा से जुड़ा ये रहस्य जानकर बदल जाएगा नजरिया</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>उन्नाव</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/590617/unnao-50-km-shiv-shobhayatra-mahadev-chowk-pran-pratishtha</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:52:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sawan 2026: श्मशान में क्यों वास करते हैं महादेव? श्रावण में शिव पूजा से जुड़ा ये रहस्य जानकर बदल जाएगा नजरिया</title>
                                    <description><![CDATA[शिव के श्मशानवासी स्वरूप में छिपा है नश्वरता, वैराग्य और अंतिम सत्य का संदेश; जानिए श्रावण साधना में अघोर और मृत्युंजय स्वरूप का महत्व]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590532/sawan-shiv-puja-shmashan-vasi-mahadev-spiritual-mystery"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/mahadev-.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>भदोही:</strong> हिंदू धार्मिक परंपरा में श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व दिया गया है। इस महीने शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप के साथ महादेव के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव के श्मशानवासी स्वरूप और श्रावण मास की साधना के बीच गहरा आध्यात्मिक एवं दार्शनिक संबंध बताया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ज्योतिषाचार्य पंडित मिथिलेश उपाध्याय के अनुसार, पौराणिक परंपरा में औढ़रदानी भगवान शिव को ‘श्मशानवासी’ और ‘श्मशानाधिपति’ कहा गया है। शिव का यह स्वरूप केवल मृत्यु से जुड़ा प्रतीक नहीं है, बल्कि जीवन की नश्वरता, वैराग्य और अंतिम सत्य की ओर संकेत करता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>श्मशान से क्यों जुड़ा है भगवान शिव का स्वरूप?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्मशान मनुष्य को जीवन के सबसे बड़े सत्य यानी नश्वरता का बोध कराता है। यहां शिव की उपस्थिति इस बात का प्रतीक मानी जाती है कि भौतिक शरीर स्थायी नहीं है और सांसारिक मोह-माया का भी एक दिन अंत होना निश्चित है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी दर्शन को शिवलिंग पर भस्म लगाने की परंपरा से भी जोड़ा जाता है। भस्म इस विचार का प्रतीक मानी जाती है कि अंततः समस्त भौतिक अस्तित्व पंचतत्व में विलीन हो जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिव का श्मशानवासी स्वरूप मनुष्य को अहंकार, आसक्ति और मृत्यु के भय से ऊपर उठकर आत्मिक सत्य की ओर बढ़ने का संदेश देता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>श्रावण में अघोर स्वरूप की साधना का महत्व</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंडित मिथिलेश उपाध्याय ने बताया कि श्रावण मास में भगवान शिव के अघोर स्वरूप की साधना को भी धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व दिया जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मान्यता है कि शिव आराधना व्यक्ति के भीतर मौजूद अहंकार, मोह और नकारात्मक भावों के क्षय में सहायक हो सकती है। हालांकि, श्मशान में जाकर साधना करना सामान्य गृहस्थों के लिए आवश्यक धार्मिक अनुष्ठान नहीं माना जाता। इस तरह की साधनाएं विशिष्ट परंपराओं और साधकों से जुड़ी होती हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मृत्युंजय स्वरूप का क्या है रहस्य?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भगवान शिव के मृत्युंजय स्वरूप को भी मृत्यु और उसके भय से मुक्ति की आध्यात्मिक कामना से जोड़ा जाता है। धार्मिक परंपरा में मार्कण्डेय ऋषि की कथा इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसमें भगवान शिव की कृपा से मृत्यु पर विजय प्राप्त करने का उल्लेख मिलता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी परंपरा से महामृत्युंजय मंत्र की साधना को भी जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता में इसे भगवान शिव के मृत्युंजय स्वरूप की आराधना का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शिव पूजा का संदेश सिर्फ मनोकामना पूर्ति तक सीमित नहीं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">धार्मिक दृष्टि से श्रावण मास में शिव आराधना का उद्देश्य केवल मनोकामनाओं की पूर्ति तक सीमित नहीं माना जाता। इसे वैराग्य, त्याग, करुणा, आत्मचिंतन और जीवन की नश्वरता को स्वीकार करने से भी जोड़ा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भगवान शिव का श्मशानवासी स्वरूप इसी व्यापक दर्शन का प्रतीक माना जाता है कि जीवन और मृत्यु दोनों ही अस्तित्व के अभिन्न अंग हैं। शिव की आराधना व्यक्ति को बाहरी मोह से ऊपर उठकर अपने भीतर झांकने और जीवन के अंतिम सत्य को समझने की प्रेरणा देती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590523/surya-grahan-2026-12-august-india-sutak-kaal-timing"><span class="t-red">Solar Eclipse 2026: </span>हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण, जानें कब होगा शुरू और भारत में क्या पड़ेगा असर</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590447/lucknow-kashi-30-shivling-bada-shivala-sankata-mata-temple"><span class="t-red">लखनऊ की इस जगह को कहते हैं ‘काशी’, </span>30 शिवलिंगों के दर्शन से मिलता है सौभाग्य</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मिर्जापुर</category>
                                            <category>भदोही</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/590532/sawan-shiv-puja-shmashan-vasi-mahadev-spiritual-mystery</link>
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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:13:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Solar Eclipse 2026: हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण, जानें कब होगा शुरू और भारत में क्या पड़ेगा असर</title>
                                    <description><![CDATA[12 अगस्त को रात 9:04 बजे शुरू होगा सूर्य ग्रहण, 13 अगस्त को देर रात 1:27 बजे होगा समाप्त; भारत में दृश्यता नहीं होने से धार्मिक मान्यता के अनुसार सूतक काल मान्य नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590523/surya-grahan-2026-12-august-india-sutak-kaal-timing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/hariyali-amavasya-(1).png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>कानपुर:</strong> हरियाली अमावस्या के दिन 12 अगस्त 2026, बुधवार को साल का एक प्रमुख सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। भारतीय समय के अनुसार यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और इसका समापन 13 अगस्त की देर रात 1 बजकर 27 मिनट पर होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, भारत में इस सूर्य ग्रहण की दृश्यता नहीं होगी। ऐसे में प्रचलित धार्मिक मान्यता के अनुसार भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार, 12 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यता के मुताबिक जिन स्थानों पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल लागू नहीं माना जाता।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी वजह से भारत में इस ग्रहण के दौरान सामान्य रूप से भोजन बनाने, मंदिर जाने, पूजा-पाठ करने या शुभ कार्यों को रोकने की आवश्यकता नहीं होगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गर्भवती महिलाओं के लिए भी विशेष प्रतिबंध नहीं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ज्योतिषाचार्य के अनुसार, भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने की स्थिति में गर्भवती महिलाओं के लिए भी इस ग्रहण को लेकर किसी विशेष धार्मिक प्रतिबंध की आवश्यकता नहीं है। सामान्य स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां पर्याप्त हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने लोगों से ग्रहण को लेकर फैले भय या अप्रमाणित बातों पर भरोसा नहीं करने की अपील की।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>15 दिन के भीतर दो ग्रहण का संयोग</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अगस्त 2026 में एक ही पखवाड़े के भीतर दो बड़े ग्रहण पड़ने जा रहे हैं। पहला ग्रहण 12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण के रूप में होगा, जबकि दूसरा 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पूर्णिमा के अवसर पर आंशिक चंद्र ग्रहण होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस तरह करीब 15 दिनों के अंतराल में सूर्य और चंद्र ग्रहण का यह संयोग बन रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/hariyali-amavasya.png" alt="Hariyali Amavasya" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भारत में नहीं दिखेंगे दोनों ग्रहण</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिए गए विवरण के अनुसार, अगस्त में होने वाले दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। इसलिए यहां इनका सूतक काल मान्य नहीं होगा और रक्षाबंधन के त्योहार पर भी ग्रहण के कारण किसी धार्मिक व्यवधान की बात नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने लोगों से ग्रहण से संबंधित धार्मिक मान्यताओं को समझते हुए अनावश्यक भय और अप्रमाणित दावों से बचने की सलाह दी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590447/lucknow-kashi-30-shivling-bada-shivala-sankata-mata-temple"><span class="t-red">लखनऊ की इस जगह को कहते हैं ‘काशी’, </span>30 शिवलिंगों के दर्शन से मिलता है सौभाग्य</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590365/saptahik-rashifal-12-rashiyon-ka-horoscope-mesh-se-meen-tak"><span class="t-red">साप्ताहिक राशिफल:</span> मेष को करियर में शुभ समाचार, वृश्चिक को मिलेगी सफलता; जानें सभी 12 राशियों का हाल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/590523/surya-grahan-2026-12-august-india-sutak-kaal-timing</link>
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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 11:09:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11 अगस्त 2026 का राशिफल :  मेष से मीन तक जानें आज का राशिफल, करियर से लेकर सेहत तक कैसा रहेगा दिन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Aaj Ka Rashifal 11 August 2026। </strong>मंगलवार, 11 अगस्त 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आएगा। किसी राशि के जातकों को करियर और कारोबार में लाभ मिल सकता है तो कुछ लोगों को खर्च और रिश्तों को लेकर सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का आज का राशिफल।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मेष राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">आज आपको काम के सिलसिले में अधिक भागदौड़ करनी पड़ सकती है। रियल एस्टेट में निवेश करते समय पूरी सावधानी बरतें। पुराने दोस्तों से मुलाकात होने की संभावना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">वृषभ राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">जीवनशैली में नया बदलाव देखने को मिलेगा। सेल्स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590494/horoscope-for-august-11-2026-know-todays-horoscope-from-aries"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/राशिफल2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Aaj Ka Rashifal 11 August 2026। </strong>मंगलवार, 11 अगस्त 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आएगा। किसी राशि के जातकों को करियर और कारोबार में लाभ मिल सकता है तो कुछ लोगों को खर्च और रिश्तों को लेकर सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का आज का राशिफल।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मेष राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">आज आपको काम के सिलसिले में अधिक भागदौड़ करनी पड़ सकती है। रियल एस्टेट में निवेश करते समय पूरी सावधानी बरतें। पुराने दोस्तों से मुलाकात होने की संभावना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">वृषभ राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">जीवनशैली में नया बदलाव देखने को मिलेगा। सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े काम में लाभ मिल सकता है। दांपत्य जीवन में सुखद अनुभव रहेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मिथुन राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">स्वार्थी प्रवृत्ति के लोगों से परेशानी हो सकती है। बातचीत में कड़वे शब्दों के इस्तेमाल से बचें। परिवार के सदस्यों की सेहत का विशेष ध्यान रखें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कर्क राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">आज आपके व्यवहार में शालीनता बनी रहेगी। किसी रिश्तेदार को आर्थिक मदद या धन उधार देना पड़ सकता है। अपने काम का आनंद लेने का मौका मिलेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सिंह राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं। हालांकि पेपरवर्क से जुड़ी परेशानियां सामने आ सकती हैं। कारोबार के विस्तार में कुछ अड़चनें आ सकती हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कन्या राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">नई संपत्ति में निवेश करने का विचार बन सकता है। रोजगार के नए विकल्प मिलने से उत्साह बढ़ेगा। बच्चों की गलत आदतों को नजरअंदाज न करें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तुला राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">करियर के लिहाज से आज का दिन अच्छा रहेगा। लंबे समय से फंसा धन वापस मिल सकता है। किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">वृश्चिक राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">आज आपका मन नई चीजों के अध्ययन और शोध में लग सकता है। सामाजिक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ेगा। गैर-जरूरी कामों में धन खर्च करने से बचें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">धनु राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">जीवनसाथी आपके व्यवहार से नाराज हो सकता है। प्रेम संबंधों में तनाव की स्थिति बन सकती है। अति आत्मविश्वास में कोई निर्णय लेने से बचें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मकर राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">धर्म-कर्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी। अपनी बातों से दूसरों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। सुख-सुविधाओं पर जरूरत से ज्यादा खर्च हो सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कुंभ राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऑनलाइन लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतें। काम का दबाव कुछ कम होने से राहत महसूस करेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मीन राशि</h4>
<p style="text-align:justify;">आज बातचीत में सरल और सहज भाषा का इस्तेमाल करें। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। बच्चों की गलत आदतों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते ध्यान दें।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 06:00:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ की इस जगह को कहते हैं ‘काशी’, 30 शिवलिंगों के दर्शन से मिलता है सौभाग्य</title>
                                    <description><![CDATA[चौपटिया के रानी कटरा स्थित संकटा माता मंदिर में बड़े, मंझले और छोटे शिवाला के दर्शन; बड़े शिवाला के अरघे में बने हैं 108 शिवलिंग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590447/lucknow-kashi-30-shivling-bada-shivala-sankata-mata-temple"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/lucknow-sawan-news.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ:</strong> नवाबी शहर लखनऊ अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, लेकिन शहर में एक ऐसा धार्मिक स्थल भी है जिसे स्थानीय स्तर पर <strong>‘</strong>काशी’ कहा जाता है। मान्यता है कि यहां एक ही क्षेत्र में करीब 30 छोटे-बड़े शिवालय मौजूद हैं, जहां भगवान शिव के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन किए जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस धार्मिक क्षेत्र की खासियत यह है कि यहां बड़ा शिवाला, मंझला शिवाला और छोटा शिवाला जैसे प्राचीन शिव मंदिर भी बताए जाते हैं। श्रद्धालुओं के बीच इस स्थान को लेकर विशेष आस्था है और यहां दर्शन को सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>एक ही क्षेत्र में करीब 30 शिवालय</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार, इस पूरे इलाके में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 30 शिवालय हैं। इसी वजह से इसे लखनऊ की ‘काशी’ कहे जाने का उल्लेख मिलता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इनमें तीन प्रमुख शिवालयों के नाम बड़ा शिवाला, मंझला शिवाला और छोटा शिवाला बताए जाते हैं। सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की विशेष आवाजाही रहती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/lucknow-news.mp4" controls=""></video>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बड़े शिवाला की खासियत है 108 शिवलिंग</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इन शिवालयों में बड़ा शिवाला अपने आकार और धार्मिक संरचना के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां मान्यता है कि शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाने से 108 शिवलिंगों पर जल अर्पित हो जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके पीछे मंदिर की संरचना को कारण बताया जाता है। जानकारी के अनुसार, शिवलिंग के अरघे में कुल 108 शिवलिंग बने हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बड़ा शिवाला खीर भवानी मंदिर प्रांगण स्थित संकटा माता मंदिर में बताया जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>चौपटिया के रानी कटरा से पहुंच सकते हैं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस धार्मिक स्थल तक पहुंचने के लिए चौपटिया स्थित रानी कटरा जाना होता है। यहां स्थित संकटा माता मंदिर में श्रद्धालुओं को बड़ा शिवाला, मंझला शिवाला और छोटा शिवाला के दर्शन प्राप्त होते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लखनऊ के इस धार्मिक क्षेत्र की विशेषता एक ही जगह पर कई शिवालयों की मौजूदगी है, जिसके कारण यह शिवभक्तों के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सावन में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की आस्था</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में लखनऊ के इस क्षेत्र में भी शिवभक्तों की आस्था और धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">30 शिवालयों की मौजूदगी और बड़े शिवाला से जुड़ी 108 शिवलिंगों की मान्यता इस स्थान को लखनऊ के अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 14:21:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावन के दूसरे सोमवार पर हरदोई के शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘बम भोले’ के जयघोष से गूंजा जिला</title>
                                    <description><![CDATA[सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में सुबह 3 बजे से लगी भक्तों की कतार, सुनासीर नाथ समेत प्रमुख शिवालयों में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590425/hardoi-sawan-second-monday-siddheshwar-nath-temple-devotees"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/sawan-somwar-(1).png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>हरदोई:</strong> सावन के दूसरे सोमवार पर हरदोई जिले में भगवान शिव की भक्ति का रंग देखने को मिला। भोर होते ही जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। “हर-हर महादेव” और “बम भोले” के जयघोष से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में कांवड़ियों के जत्थे भी शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंचे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/sawan-somwar-(2).png" alt="Sawan Somwar (2)" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में तड़के 3 बजे से लगी कतार</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भरखनी के विवियापुर धानी नगला स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। करीब तीन बजे से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दिनभर मंदिर परिसर में शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही और हर-हर महादेव के जयकारों से माहौल गूंजता रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/hardoi-sawan-somwar.mp4" controls=""></video>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>पांचाल घाट से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़िए</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पांचाल घाट, फर्रुखाबाद से गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर पहुंचे। भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पूरे इलाके में धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/sawan-somwar.mp4" controls=""></video>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात, CCTV से निगरानी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। पुलिस बल की तैनाती के साथ मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रशासन का प्रयास रहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/sawan-somwar-(3).png" alt="Sawan Somwar (3)" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सुनासीर नाथ और अन्य शिवालयों में भी भक्तों का तांता</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सावन के दूसरे सोमवार पर हरदोई जिले के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। सुनासीर नाथ मंदिर, संकट हरण सकाहा और नीलकंठ महाराज मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रविवार शाम से ही कांवड़ियों की टोलियां पवित्र नदियों से जल लेने के लिए निकल पड़ी थीं। सोमवार को कांवड़िए गंगाजल लेकर विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचते रहे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/sawan-somwar.png" alt="Sawan Somwar" width="1280" height="720"></img></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जगह-जगह भंडारे, घरों में भी हुआ रुद्रा</strong><strong>भिषेक</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सावन के दूसरे सोमवार पर जिले में जगह-जगह भंडारों का आयोजन भी किया गया। मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शिवालयों में उमड़ी भीड़ ने सावन के दूसरे सोमवार पर भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/hardoi-sawan.mp4" controls=""></video>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सुनासीर नाथ मंदिर पहुंचे DM और SP</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सावन माह के आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के दृष्टिगत जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक हरदोई ने थाना मल्लावां क्षेत्र के सुनासीर नाथ मंदिर का भ्रमण किया।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन और पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590415/on-the-second-monday-of-sawan-a-flood-of-faith"><span class="t-red">सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा विभूतिनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, </span>विशेष श्रृंगार से सजे भोलेनाथ</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>हरदोई</category>
                                            <category>फोटो गैलरी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 12:21:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा विभूतिनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, विशेष श्रृंगार से सजे भोलेनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[पांडवकालीन शिव मंदिर में भोर से लगी भक्तों की कतार, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590415/on-the-second-monday-of-sawan-a-flood-of-faith"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/baba-vibhutinath-temple1.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>सिरसिया (श्रावस्ती):</strong> सावन के दूसरे सोमवार पर सिरसिया स्थित प्रसिद्ध बाबा विभूतिनाथ मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पांडवकालीन इस शिव मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मंदिर के कपाट सुबह चार बजे खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर से बाहर तक श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/baba-vibhutinath-temple-14.mp4" controls=""></video>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बाबा विभूतिनाथ का हुआ विशेष श्रृंगार</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर बाबा विभूतिनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे शिवभक्तों ने विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं ने बाबा को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मंदिर परिसर में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। श्रावस्ती के अलावा आसपास के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/baba-vibhutinath-temple.mp4" controls=""></video>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा अलर्ट</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क रहा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से दर्शन कराने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>श्रद्धालुओं के लिए की गईं विशेष व्यवस्थाएं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590365/saptahik-rashifal-12-rashiyon-ka-horoscope-mesh-se-meen-tak"><span class="t-red">साप्ताहिक राशिफल:</span> मेष को करियर में शुभ समाचार, वृश्चिक को मिलेगी सफलता; जानें सभी 12 राशियों का हाल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>श्रावस्ती</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 11:25:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साप्ताहिक राशिफल: मेष को करियर में शुभ समाचार, वृश्चिक को मिलेगी सफलता; जानें सभी 12 राशियों का हाल</title>
                                    <description><![CDATA[सप्ताह की शुरुआत कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आएगी, जबकि कुछ जातकों को सेहत, संपत्ति, रिश्तों और कामकाज के मोर्चे पर सावधानी बरतनी होगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590365/saptahik-rashifal-12-rashiyon-ka-horoscope-mesh-se-meen-tak"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/weekly-horoscope.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">ज्योतिषीय गणना के अनुसार आने वाला सप्ताह सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आएगा। कुछ जातकों को करियर और कारोबार में सकारात्मक समाचार मिल सकता है तो कुछ को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी। कहीं संपत्ति से जुड़ी चिंता रहेगी, तो कहीं रिश्तों और स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा यह सप्ताह।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मेष राशि</strong> के जातक यदि इस सप्ताह अपने लक्ष्य की ओर पूरे मनोयोग से प्रयास करते हैं तो निश्चित तौर पर उन्हें वो हासिल हो सकता है, जिसकी उन्हें लंबे समय से तलाश थी। बीते हफ्ते के मुकाबले यह सप्ताह आपके लिए अधिक सुखदायी और फलदायी साबित होगा। हालांकि कुछ चीजों को लेकर आपको सावधानी भी अपेक्षित है। सप्ताह की शुरुआत में आपको करियर-कारोबार से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>वृषभ राशि </strong>के जातकों के लिए यह सप्ताह मिलाजुला रहने वाला है। इस सप्ताह आपको जीवन के किसी भी क्षेत्र में बहुत सोच-समझकर कदम आगे बढ़ाने की जरूरत रहेगी। साथ ही साथ आप उन लोगों से खूब सावधान रहें जो आपको समझाने की बजाय उलझाने की कोशिश करते हैं। सप्ताह की शुरुआत में आपको भूमि-भवन या फिर कहें पैतृक संपत्ति को लेकर चिंता बनी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मिथुन राशि</strong> के जातकों के लिए यह सप्ताह जरा ज्यादा ही भागदौड़ रहने वाला है। इस सप्ताह आपके मनोरथ पूरे तो होंगे लेकिन उसमें बड़ी दिक्कतें भी आएंगी। हालांकि आप अपने विवेक एवं बुद्धिबल से सभी समस्याओं से अंतत: पार पाने में कामयाब रहेंगे। सप्ताह के प्रारंभ में आपको शारीरिक एवं मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कर्क राशि </strong>के जातकों के लिए यह सप्ताह अनुकूल रहने वाला है। सप्ताह की शुरुआत से ही जीवन में मिलने वाली सफलता से आपका पराक्रम बढ़ा-चढ़ा रहेगा। हांलाकि आपको इस पूरे सप्ताह अति उत्साह से बचने की आवश्यकता भी रहेगी। सप्ताह की शुरुआत में आपको किसी धार्मिक-मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्राप्त होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सिंह राशि </strong>के जातकों के लिए यह सप्ताह शुभता और सौभाग्य लिए है। बीते कुछ हफ्तों से आप जिस चिंता को लिए इधर-उधर परेशान होकर भटक रहे थे, इस सप्ताह किसी प्रभावी व्यक्ति अथवा शुभचिंतक की मदद से उसे दूर करने में अंतत: कामयाब हो जाएंगे। सप्ताह के पूर्वार्ध में किसी मामले में आपको बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कन्या राशि</strong> के जातकों के लिए यह सप्ताह मिलाजुला रहने वाला है। इस सप्ताह आपको अपने काम को कल पर टालने से बचना होगा। इसी प्रकार आपको दूसरों के कामकाज या व्यवहार की आलोचना करने की बजाय अपने लक्ष्य पर फोकस करते हुए उसे हासिल करने का प्रयास करना चाहिए। इस सप्ताह पढ़ने-लिखने वाले छात्रों का मन पढ़ाई-लिखाई से उचट सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तुला राशि </strong>के जातकों के लिए यह सप्ताह मिश्रित फलदायक रहने वाला है। सप्ताह की शुरुआत आपके लिए बीते हफ्ते के मुकाबले थोड़ी अधिक अनुकूल लग सकती है, लेकिन आपको अभी अपने कामकाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या आलस्य करने से बचना चाहिए। सप्ताह का पूर्वार्ध आपकी सेहत और संबंध की दृष्टि से शुभ परिणाम लिए रहने वाला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>वृश्चिक राशि </strong>के जातकों के लिए यह सप्ताह अत्यंत ही शुभ रहने वाला है। इस सप्ताह आपको कदम-कदम पर मनचाही सफलता और स्वजनों का सहयोग मिलता नजर आएगा। सप्ताह की शुरुआत में किसी कार्य विशेष के समय पर पूरे हो जाने पर आपको हर्ष का अनुभव होगा। इस दौरान आपको कोर्ट-कचहरी के मुकदमें में विजय मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>धनु राशि </strong>के जातकों को इस सप्ताह अपने सोचे हुए कार्यो को पूरा करने के लिए बहुत ज्यादा ही परिश्रम और प्रयास करना पड़ सकता है। यदि आप चाहते हैं कि आपको मनचाही सफलता और लाभ मिले तो आपको अपनी ऊर्जा, समय और धन का प्रबंधन करके चलना होगा। सप्ताह की शुरुआत बड़ी आपाधापी भरी रह सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मकर राशि</strong> के जातकों के लिए यह सप्ताह मिश्रित फलदायक रहना चाहिए। इस सप्ताह भी आपके करियर-कारोबार में पूर्व के सप्ताह की भांति हालात बने रह सकते हैं और आपको मनचाही प्रगति एवं लाभ के लिए अधिक प्रयास और परिश्रम की आवश्यकता रहेगी। सप्ताह की शुरुआत में घर-परिवार से जुड़े कुछेक मामलों को लेकर आपका मन चिंतित रह सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुंभ राशि </strong>के जातकों के लिए यह सप्ताह सामान्य रहने वाला है। इस सप्ताह आपके कार्यक्षेत्र में अनुकूलता बनी रहेगी और आपको सीनियर और जूनियर दोनों का सहयोग और समर्थन मिलेगा। यदि आप किसी विशेष स्थान पर तबादले अथवा जिम्मेदारी को पाने के लिए प्रयासरत थे तो आपको सप्ताह के उत्तरार्ध तक उससे जुड़ी शुभ सूचना मिल सकती है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मीन राशि </strong>के जातकों को इस सप्ताह अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखने की बहुत ज्यादा आवश्यकता रहेगी क्योंकि आपकी बात से ही बात बनेगी और बात से ही बात बिगड़ेगी भी। ऐसे में किसी भी कठिन परिस्थिति में क्रोध करने एवं प्रतिक्रिया देने से बचें। सप्ताह की शुरुआत का समय आपकी सेहत और संबंध दोनों की दृष्टि से थोड़ा कठिन साबित हो सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>- पं.मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य कानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>राशिफल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 17:02:24 +0530</pubDate>
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