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                <title>वाराणसी - Amrit Vichar</title>
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                <description>वाराणसी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Varanasi News :  दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी, गंगा का जलस्तर बढ़ने से 5वीं बार बदला आरती का स्थान </title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से दशाश्वमेध घाट पर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल पांचवीं बार बदलना पड़ा। अब गंगा सेवा निधि कार्यालय की छत पर आरती होगी। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल भी स्थानांतरित किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591123/varanasi-news-water-steps-dashashwamedh-ghat"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/famous-ganga-aarti.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी, अमृत विचार। </strong>वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों की स्थिति बदल गई है। बढ़ते जलस्तर के कारण दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल एक बार फिर बदलना पड़ा है। अब गंगा सेवा निधि कार्यालय की छत पर गंगा आरती कराई जा रही है।</p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/manikarnika.png" alt="Manikarnika" width="1280" height="720"></img></p><p style="text-align:justify;">इस वर्ष जलस्तर बढ़ने के कारण आरती का स्थल पांचवीं बार बदला गया है। वहीं, गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह स्थल भी स्थानांतरित कर दिए गए हैं। घाटों की सीढ़ियां पानी में डूबने से श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के लिए उपलब्ध जगह लगातार कम होती जा रही है।</p><h3 style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बदला आरती स्थल</h3><p style="text-align:justify;">गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। घाट की सीढ़ियां जलमग्न होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए जगह सीमित हो गई थी। वहीं, गंगा आरती में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोमवार शाम से गंगा सेवा निधि कार्यालय की छत पर आरती कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि बढ़ते जलस्तर के कारण इस वर्ष अब तक पांच बार आरती का स्थल बदला जा चुका है।</p><h3 style="text-align:justify;">65 मीटर के पार पहुंचा गंगा का जलस्तर</h3><p style="text-align:justify;">केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार को गंगा का जलस्तर 65 मीटर से ऊपर दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार वृद्धि से घाटों और आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ गई है। गंगा के साथ वरुणा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वरुणा तटवर्ती इलाकों में पानी अब घरों की ओर बढ़ने लगा है। सलारपुर क्षेत्र के कुछ मकानों तक बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।</p><h3 style="text-align:justify;">जल पुलिस ने नाव संचालन कराया बंद</h3><p style="text-align:justify;">गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद जल पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर नावों का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया है। घाटों पर स्थित और आसपास के कई मंदिर भी पानी में डूब गए हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण कई घाटों का आपसी संपर्क भी टूट गया है।</p><h3 style="text-align:justify;">घाटों पर बढ़ी निगरानी</h3><p style="text-align:justify;">गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को जलमग्न हिस्सों में जाने से रोका जा रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।</p><h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5><h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/591119/prayagraj-news-people-evacuated-by-boat-in-sangamnagari-kareli-submerged"><span class="t-red">Prayagraj News : </span>मूसलाधार बारिश से जलमग्न हुई संगमनगरी, करेली में नाव से निकाले गए लोग; जार्जटाउन थाना तीसरी बार डूबा</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 13:10:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में फिर आफत बनी बारिश! 25 शहरों में झमाझम, प्रयागराज में 4 फीट पानी; गंगायमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून ने एक बार फिर पूरे उत्तर प्रदेश को कवर कर लिया है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत 25 शहरों में सोमवार सुबह से रुकरुककर बारिश हो रही है। प्रयागराज की कॉलोनियों में चार फीट तक पानी भर गया है, जबकि कानपुरउन्नाव में गंगा किनारे के इलाकों में 500 से ज्यादा घरों में पानी घुसने की सूचना है। वाराणसी के घाटों पर भी बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591008/up-weather-rain-alert-prayagraj-flood-lucknow-kanpur-varanasi-rivers-rising"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/weather-alert.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल डेस्क लखनऊः </strong>उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज समेत करीब 25 शहरों में रुकरुककर बारिश हो रही है। कई इलाकों में आसमान में घने काले बादल छाए हैं, जिससे दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बना हुआ है।</p>
<div style="text-align:justify;">मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई शहरों में तेज बारिश के कारण सड़कों और गलियों में जलभराव की स्थिति बन गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज में बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, 4 फीट तक पानी</strong></h5>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज में देर रात से हो रही बारिश के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। करेली इलाके की कई कॉलोनियों और गलियों में करीब चार फीट तक पानी भर गया है। जलभराव इतना ज्यादा है कि सड़क पर खड़ी कारें और बाइकें पानी में डूब गई हैं। कई मकानों के ग्राउंड फ्लोर तक पानी पहुंच चुका है। हालात को देखते हुए लोगों को घरों की पहली मंजिल पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">करेली की जलमग्न गलियों में नावों की मदद से लोगों को निकाला जा रहा है। पुलिस और NDRF की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ में तेज बारिश से सड़कें बनीं तालाब</strong></h5>
<div style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ में सोमवार को सुबह से तेज बारिश जारी है। लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में सड़कें और गलियां जलमग्न हो गई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले रविवार को लखनऊ में इस सीजन की एक दिन में सबसे ज्यादा 40.9 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। लगातार दूसरे दिन बारिश होने से शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कानपुर-उन्नाव में गंगा का कहर, 500 से ज्यादा घरों में घुसा पानी</strong></h5>
<div style="text-align:justify;">यूपी में गंगायमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर बताई जा रही हैं। कानपुर और उन्नाव में गंगा किनारे बसे इलाकों पर बाढ़ का असर बढ़ गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच चुका है। 500 से ज्यादा घरों में पानी घुसने की सूचना है। सड़कों और गलियों में पानी भरने के बाद कुछ जगहों पर नावों की मदद ली जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>चित्रकूट में मंदाकिनीबरदहा नदी का जलस्तर बढ़ा</strong></h5>
<div style="text-align:justify;">चित्रकूट में भी बारिश और बढ़ते जलस्तर का असर दिखाई देने लगा है। मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। रामघाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">नदी के आसपास रहने वाले लोगों में बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी के घाटों पर बाढ़ का असर, मंदिरों में घुसा पानी</strong></h5>
<div style="text-align:justify;">वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ घाटों पर बने छोटे मंदिर भी पानी की चपेट में आ गए हैं। घाट किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिरों में पानी घुसने की सूचना है। रत्नेश्वर महादेव और ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं। दोनों मंदिरों के करीब 70 फीसदी हिस्से के डूबने की जानकारी सामने आई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों और आसपास के निचले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>संभल में अस्पताल के बाहर भरा पानी</strong></h4>
<div style="text-align:justify;">बारिश का असर संभल में भी देखने को मिला। यहां सरकारी अस्पताल के बाहर करीब एक फीट पानी भर गया। इससे अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सीतापुर और रायबरेली में स्कूलों की छुट्टी</strong></h5>
<div style="text-align:justify;">लगातार बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए सीतापुर और रायबरेली में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। प्रशासन की ओर से मौसम और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>यूपी में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता</strong></h5>
<div style="text-align:justify;">लगातार बारिश के साथ प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। गंगा और यमुना के अलावा कई अन्य नदियां उफान पर हैं। नदी किनारे बसे इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बारिश के साथ नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव टीमों को अलर्ट रखा गया है।</div>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><strong><strong>यह भी पढ़ेंः </strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/590999/imd-weather-alert-17-18-august-heavy-rain-haryana-punjab-himachal-jammu-kashmir"><span class="t-red">17-18 अगस्त को मौसम का बड़ा अलर्ट! </span>हरियाणा-पंजाब से हिमाचल तक भारी बारिश, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                            <category>उन्नाव</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>सीतापुर</category>
                                            <category>चित्रकूट</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 11:41:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नागपंचमी पर काशी में आस्था का सैलाब,  बारिश के बीच बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[नागपंचमी और सावन सोमवार पर काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बाबा विश्वनाथ धाम में भक्तों का पुष्पवर्षा से स्वागत हुआ, जबकि बढ़ते गंगा जलस्तर के चलते नावों का संचालन बंद कर दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591003/surge-kashi-nag-panchami-crowds-devotees-throng-court-baba-vishwanath"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/nag-panchami.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी। </strong>सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पावन पर्व पर सोमवार को धर्मनगरी काशी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। रुक-रुककर हो रही बारिश भी भक्तों की आस्था को नहीं डिगा सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से धाम में पुष्पवर्षा की गई। मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट दर्शन के लिए खोले गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नागकूप में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़</h3>
<p style="text-align:justify;">नागपंचमी के अवसर पर जैतपुरा स्थित प्राचीन नागकूप में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने विधि-विधान से नागदेवता का पूजन-अर्चन किया और दूध व लावा अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक मान्यता है कि नागपंचमी के दिन नागकूप में पूजा करने से विभिन्न प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बढ़ते गंगा जलस्तर से घाटों पर बढ़ी चिंता</h3>
<p style="text-align:justify;">उधर, गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण काशी के कई घाटों का संपर्क टूट गया है। घाटों पर स्थित कई मंदिर जलमग्न हो चुके हैं, जबकि शीतला मंदिर के द्वार तक गंगा का पानी पहुंच गया है। सुरक्षा के मद्देनजर गंगा में नावों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जल पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें श्रद्धालुओं से लगातार अपील कर रही हैं कि वे गहरे पानी में स्नान न करें और केवल चिन्हित व सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें।</p>
<p style="text-align:justify;">सावन के सोमवार और नागपंचमी के एक साथ पड़ने से काशी में धार्मिक उत्साह चरम पर रहा, वहीं गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/590496/the-young-generation-should-embrace-the-divine-knowledge-and-science">चातुर्मास के दिव्य ज्ञान-विज्ञान को हृदयंगम करे युवा पीढ़ी</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591003/surge-kashi-nag-panchami-crowds-devotees-throng-court-baba-vishwanath</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 11:04:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Varanasi Airport Firing: वाराणसी एयरपोर्ट अचानक गोली चलने से अफरातफरी, महिला कर्मचारी समेत दो घायल, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान आजमगढ़ निवासी यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल से अचानक गोली चल गई। हादसे में महिला कर्मचारी समेत दो लोग घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590943/varanasi-airport-licensed-pistol-firing-two-injured"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/0153.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन में रविवार सुबह सुरक्षा जांच के दौरान अचानक लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चल गई। हादसे में जांच कर रही एक महिला कर्मचारी और पास खड़ा एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। दोनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मुंबई जाने के लिए पत्नी के साथ पहुंचे थे यात्री</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक, आजमगढ़ निवासी कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान पकड़ने के लिए वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल थी। सुरक्षा जांच के दौरान पिस्तौल की जांच की जा रही थी और उसमें मौजूद कारतूसों की गिनती की जा रही थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कारतूस की गिनती के दौरान अचानक चली गोली</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी दौरान अचानक पिस्तौल से गोली चल गई। गोली लगने से जांच कर रही महिला कर्मचारी के पैर में चोट आई, जबकि पास खड़ा एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गया। घटना से एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे, शुरू हुई जांच</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/590909/hardoi-pachdevra-bhavar-woman-dies-after-drowning-in-pond">Hardoi News : तालाब में डूबने से महिला की मौत, दो बेटियों के सिर से उठा मां का साया</a></strong></h6>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 13:53:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काशी दर्शन की अंतिम इच्छा... फिर एक साथ उठीं पति-पत्नी और बेटे की अर्थियां, अपनों ने भी शव लेने से किया इनकार, जानें मामला</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र से काशी दर्शन के लिए आए परिवार के मुखिया विशाल मुखर्जी की बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद पत्नी और बेटे ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। रिश्तेदारों ने तीनों के शव लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद समाजसेवी अमन कबीर ने हरिश्चंद्र घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार कराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590892/varanasi-news-the-last-wish-of-kashi-darshan-was-raised"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/kashi-deepak.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी, अमृत विचार।</strong> काशी में एक परिवार की दर्दनाक कहानी ने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महाराष्ट्र से बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी आए एक परिवार का कुछ ही दिनों में ऐसा दुखद अंत हुआ कि पति, पत्नी और बेटे के शव लेने के लिए भी कोई अपना आगे नहीं आया। आखिरकार पुलिस ने समाजसेवी अमन कबीर की मदद से शुक्रवार शाम हरिश्चंद्र घाट पर तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार कराया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बाबा विश्वनाथ के दर्शन की थी अंतिम इच्छा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के रहने वाले व्यापारी <strong>विशाल मुखर्जी (56)</strong> अपनी पत्नी <strong>जया मुखर्जी (51)</strong> और बेटे <strong>ईशान मुखर्जी (25)</strong> के साथ पांच अगस्त को काशी आए थे। परिवार ने श्री काशी विश्वनाथ धाम समेत प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किया और गंगा आरती में भी शामिल हुआ। बताया जा रहा है कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे विशाल मुखर्जी की सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने की अंतिम इच्छा थी। परिवार ने उनकी यह इच्छा पूरी भी की, लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद हालात ने भयावह मोड़ ले लिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ट्रॉमा सेंटर में हुई विशाल की मौत</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">रविवार को बीमारी के चलते विशाल मुखर्जी की ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। पति की मौत का सदमा पत्नी जया और बेटे ईशान को इतना गहरा लगा कि वे इसे सहन नहीं कर सके। पुलिस के मुताबिक, दोनों विशाल का शव ट्रॉमा सेंटर में छोड़कर लक्सा क्षेत्र स्थित होम स्टे लौट गए। रविवार-मध्यरात्रि से सोमवार के बीच दोनों ने जहरीला पदार्थ खाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कर्ज के बोझ में दबा था परिवार</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विशाल मुखर्जी और उनके बेटे ईशान पर काफी कर्ज था। पुलिस का मानना है कि बीमारी, पिता की मौत और आर्थिक-मानसिक तनाव ने परिवार को इस बेहद दुखद स्थिति तक पहुंचाने में भूमिका निभाई हो सकती है। मामले की जांच जारी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अपनों ने भी शव लेने से कर दिया इनकार</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद पुलिस ने प्रयागराज समेत अन्य स्थानों पर रहने वाले परिजनों और रिश्तेदारों से कई बार संपर्क किया। हालांकि, किसी ने भी शव लेने की सहमति नहीं दी। पुलिस के अनुसार, कुछ रिश्तेदारों ने फोन पर यह तक कह दिया कि <strong>उनका इस परिवार से अब कोई संबंध नहीं है।</strong> ऐसे में तीनों शवों के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी पुलिस के सामने चुनौती बन गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>समाजसेवी अमन कबीर ने दी तीनों को मुखाग्नि</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार शाम पुलिस ने समाजसेवी <strong>अमन कबीर</strong> की मदद से हरिश्चंद्र घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार कराया। अमन कबीर ने स्वयं पति, पत्नी और बेटे को मुखाग्नि दी। अमन कबीर ने बताया कि वह अक्सर लावारिस या आर्थिक रूप से असमर्थ लोगों के अंतिम संस्कार में सहयोग करते हैं, लेकिन यह पहला मौका था जब उन्हें एक ही परिवार के तीन सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार करना पड़ा। उन्होंने कहा, "जीवनभर साथ निभाने वाले अपने लोग मृत्यु के बाद इस तरह मुंह मोड़ लेंगे, इसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी।"</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>रिश्तों की संवेदनाओं पर छोड़ गई बड़ा सवाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">काशी में सामने आई यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है। यह बदलते सामाजिक रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं पर भी गंभीर सवाल छोड़ गई है। जिस परिवार ने साथ मिलकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए, उसका कुछ ही दिनों में इस तरह बिखर जाना और अंतिम समय में अपनों का साथ न मिलना बेहद मार्मिक है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/590890/barabanki-lucknow-sultanpur-highway-tractor-trolley-accident-four-labourers-dead">Lucknow Accident : ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, बाराबंकी के चार मजदूरों की दर्दनाक मौत; जानें कैसे हुआ हादसा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 13:35:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैश्विक मंच पर चमका सारनाथ, UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल होकर बढ़ाया भारत का गौरव</title>
                                    <description><![CDATA[करीब 28 साल के इंतजार के बाद सारनाथ को मिली वैश्विक पहचान; भारत का 45वां और उत्तर प्रदेश का चौथा UNESCO विश्व धरोहर स्थल बनने का दावा, बौद्ध दर्शन के सार्वभौमिक संदेश को मिली नई पहचान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590654/sarnath-unesco-world-heritage-india-buddha-cultural-heritage"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/sarnath-unesco-world-heritage.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत के ऐतिहासिक स्थल वस्तुतः ईंट व पत्थर से निर्मित भवन अथवा इमारत मात्र ही नहीं हैं, अपितु वे एक ऐसी अक्षुण्ण एवं जीवंत सांस्कृतिक विरासत के दीप्यमान प्रतीक हैं, जिसे वैश्विक पटल पर स्वीकार्यता प्राप्त हो रही है। सारनाथ भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर का एक ऐसा ही जीता जागता प्रतिबिंब है। यही वह धरा है, जहां राजवैभव का परित्याग कर ज्ञान प्राप्त करने वाले सिद्धार्थ ने बुद्धत्व प्राप्त करने के उपरांत अपना प्रथम धर्मोपदेश दिया और मानव इतिहास में करुणा, मध्यम मार्ग तथा अहिंसा के नए अध्याय का उद्घाटन किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल में यूनेस्को के द्वारा दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित विश्व धरोहर समिति के 48 वें सत्र में सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित किया जाना महज एक पुरातात्विक स्थल का सम्मान नहीं, अपितु उन सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों की वैश्विक स्वीकृति है, जिनकी आज संपूर्ण विश्व को पहले की अपेक्षा कहीं अधिक आवश्यकता है। लगभग अट्ठाईस वर्षों की प्रतीक्षा के बाद प्राप्त यह मान्यता भारत के सांस्कृतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही सारनाथ भारत का 45 वां तथा उत्तर प्रदेश का चौथा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैश्विक धरोहर का दर्जा किसी स्थल को केवल अंतर्राष्ट्रीय पहचान ही नहीं देता, बल्कि उसके संरक्षण, संवर्धन, सांस्कृतिक पुनर्जीवन और सतत विकास हेतु नई संभावनाओं के द्वार भी खोल देता है। गौतम बुद्ध  के ‘धर्मचक्रप्रवर्तन’ के साथ ऐसे जीवन दर्शन एवं मूल्यों का प्रादुर्भाव हुआ, जिन्होंने एशिया के विशाल भूभाग की संस्कृति, कला, साहित्य, स्थापत्य और जीवन-दर्शन को गहराई से प्रभावित किया। चीन, जापान, कोरिया, थाईलैंड, श्रीलंका, म्यांमार, वियतनाम, मंगोलिया और अनेक अन्य देशों में आज भी सारनाथ श्रद्धा और प्रेरणा का केंद्र है। दूसरे शब्दों में कहें, तो सारनाथ केवल भारत की धरोहर ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में व्याप्त मानवता की एक साझा विरासत है। बौद्ध परंपरा में इस स्थल को अलग-अलग नामों- ऋ षिपत्तन, इषिपत्तन, मृगदाव इत्यादि से जाना जाता है। ये सभी नाम उसी पवित्र स्थान की ओर इशारा करते हैं, जहां छठी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध आए थे और उन्होंने अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे ‘धर्म के पहिये का घूमना’ (धर्मचक्र प्रवर्तन) कहा जाता है। इसी घटना से बौद्ध संघ की शुरुआत हुई और अष्टांगिक मार्ग के सिद्धांतों की स्थापना हुई। </p>
<p style="text-align:justify;">आज विश्व जब युद्ध, आतंकवाद, धार्मिक असहिष्णुता, जलवायु संकट और सामाजिक विभाजन जैसी अनेक गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, तब सारनाथ का संदेश नितांत प्रासंगिक हो उठता है। ज्ञात हो कि बुद्ध ने न तो किसी साम्राज्य की स्थापना की और न ही किसी शक्ति प्रदर्शन के मार्ग को अपनाया। उन्होंने मनुष्य के भीतर की अशांति को पहचानने और उसे दूर करने का उपाय पूरे विश्व को बताया। सारनाथ प्रतिशोध के स्थान पर करुणा, कट्टरता के स्थान पर विवेक और अतिवाद के स्थान पर मध्यम मार्ग का संदेश देकर मानवता को सह-अस्तित्व, शांति और आत्मबोध की राह दिखाता है। गौरतलब है कि यह दर्शन किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि सार्वभौमिक मानवीय चेतना का आधार है। </p>
<p style="text-align:justify;">यूनेस्को द्वारा सारनाथ को दिया गया सम्मान वस्तुतः इन मनावताकेंद्रित मूल्यों की वैश्विक पुनर्पुष्टि है। निस्संदेह विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के बाद सारनाथ धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के एक आकर्षक वैश्विक केंद्र के रूप में पहचान प्राप्त करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>- शिशिर शुक्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>रंगोली</category>
                                            <category>Knowledge</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 07:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> UP News :  यूपी के 8 शहरों के युवाओं के लिए बड़ी पहल, लखनऊ से बरेली-वाराणसी तक खुलेगा रोजगार का नया रास्ता</title>
                                    <description><![CDATA[IIA और UPSDM के बीच 4 बड़े समझौतों से बदलेगा कौशल विकास का मॉडलउत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को आइआइए के औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ा जाए।आइटीआइ और कौशल विकास मिशन के युवाओं को अप्रेंटिसशिप, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की तैयारी, गांव-कस्बों के युवाओं के लिए भी बढ़ेंगे मौके]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590789/itis-and-industries-partnership-in-uttar-pradesh--new-employment-opportunities-for-youth"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/76.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;"> </span></strong><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong><span><strong> </strong> </span>उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरी और कौशल विकास को लेकर एक अहम पहल हुई है। खास बात यह है कि इसका पहला चरण सीधे लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर और बरेली से शुरू होगा। यहां कौशल प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को उद्योगों से जोड़ने की तैयारी है। मतलब साफ है। युवा प्रशिक्षण लेगा, उद्योगों का अनुभव हासिल करेगा, अप्रेंटिसशिप करेगा और फिर रोजगार के लिए तैयार होगा। इसी कड़ी को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आइआइए) के बीच समझौता हुआ है। यह समझौता आइआइए की 218वीं केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में हुए चार महत्वपूर्ण समझौतों में से एक है। बैठक लखनऊ स्थित आइआइए भवन में हुई, जिसमें 100 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।</span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">सबसे पहले इन 8 जगहों के युवाओं को जोड़ने की तैयारी</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">यूपीएसडीएम और आइआइए के बीच हुए समझौते के तहत पहले चरण में लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर और बरेली को शामिल किया गया है। यहां यूपीएसडीएम से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को आइआइए के औद्योगिक नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। उन्हें अप्रेंटिसशिप, रोजगार, उद्योगों में काम का अनुभव, रोजगार मेले और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। यानी जिस युवा के पास हुनर है, उसे उद्योगों तक पहुंचाने की कोशिश होगी। </span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">आइटीआइ के युवाओं के लिए भी खुलेंगे रास्ते</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग और आइआइए के बीच भी समझौता हुआ। इसके तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) को आइआइए के चैप्टर नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप, रोजगार, उद्योग भ्रमण, व्यावहारिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञों के व्याख्यान और मार्गदर्शन के अवसर मिलेंगे। आइआइए के रोजगार सेवा पोर्टल के माध्यम से आइटीआइ से प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को सदस्य उद्योगों में रोजगार के अवसरों से जोड़ने की भी व्यवस्था की जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;"> </span><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">नौकरी ही नहीं,अपना काम शुरू करने का रास्ता भी</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">बैठक में रोजगार के साथ युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। तीसरे समझौते के तहत नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क और वाधवानी फाउंडेशन के एक्सेलेरेट कार्यक्रम के साथ आइआइए का सहयोग आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्यमिता प्रशिक्षण और नए कारोबार को प्रोत्साहित करना है। वहीं, एएफपीओ डेवलपमेंट काउंसिल और आइआइए के बीच हुए चौथे समझौते के तहत उद्यमिता, ग्रामीण औद्योगिकीकरण, निवेश, नवाचार, किसान उत्पादक संगठनों, कौशल विकास, रोजगार और एमएसएमई विकास को बढ़ावा देने पर काम होगा। इसमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के क्रियान्वयन में भी सहयोग किया जाएगा।</span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;"> </span><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">प्रमुख सचिव हरिओम बोले- उद्योगों की जरूरत के मुताबिक हो प्रशिक्षण</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;"> </span><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">मुख्य अतिथि हरिओम, आइएएस, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में कौशल विकास के लिए बजट, प्रशिक्षण सुविधाओं और संस्थागत ढांचे को लगातार मजबूत किया है। अब प्राथमिकता कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़कर युवाओं के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रोजगार सुनिश्चित करना है। उन्होंने एमएसएमई से आइटीआइ विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसर देने का आह्वान किया। साथ ही प्रशिक्षण के वित्तीय पक्ष में आवश्यक सरकारी सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों की साझेदारी युवाओं को वास्तविक रोजगार से जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।</span></p>
<blockquote class="format2">
<blockquote class="format1">उत्तर प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल बनाने और उन्हें रोजगार व अप्रेंटिसशिप के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है। इसके तहत युवाओं को उद्योगों से सीधे जोड़ने के साथ अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। समझौते के तहत रीजनल DPMU और IIA चैप्टर्स के बीच मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा। युवाओं के लिए मेंटोरशिप, गेस्ट लेक्चर और सॉफ्ट स्किल्स से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि वे तकनीकी प्रशिक्षण के साथ उद्योगों की कार्यप्रणाली और रोजगार की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकें। इस पहल की शुरुआत पहले चरण में लखनऊ, बाराबंकी, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमेठी, वाराणसी, एनसीआर और बरेली से की जाएगी।     </blockquote>
<blockquote class="format1">      <strong>मिशन निदेशक पुलकित खरे , यूपीएसडीएम </strong></blockquote>
</blockquote>
<p> </p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">हुनर और उद्योग का जुड़ना जरूरी : आइआइए अध्यक्ष</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">आइआइए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने उत्तर प्रदेश सरकार की कौशल विकास पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास एमएसएमई को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने और प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण हैं। </span><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका है। आइआइए सरकार के साथ मिलकर कौशल विकास को उद्योगों की मांग, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप और रोजगार से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। दिनेश गोयल ने चारों समझौतों को सरकार, उद्योग और कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की साझेदारी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का व्यावहारिक रोडमैप बताया।</span></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/75.jpg" alt="75" width="1280" height="720"></img>
आइआइए के अनेक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव, उपाध्यक्ष, चैप्टर चेयरमैन और वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया। अंत में आइआइए महिला शाखा की चेयरपर्सन आनंदी अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। 

<p> </p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">यूपी के युवाओं के लिए इस पहल की सबसे बड़ी बात यह है कि कौशल प्रशिक्षण को सीधे उद्योग और रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पहले चरण में शामिल आठ क्षेत्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद युवाओं को इस व्यवस्था से जोड़ने का आधार बन सकते हैं।</span></p>
<h4 class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;"> </span><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">बैठक में कौन-कौन मौजूद रहा</span></strong></h4>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:'Nirmala Text', sans-serif;">बैठक में मुख्य अतिथि हरिओम, आइएएस, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार और पुलकित खरे, आइएएस, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मौजूद रहे। आइआइए की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल, महासचिव दीपक बजाज, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश के. अग्रवाल और इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट नीरज सिंघल उपस्थित रहे। इसके अलावा आइआइए के अनेक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव, उपाध्यक्ष, चैप्टर चेयरमैन और वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया। अंत में आइआइए महिला शाखा की चेयरपर्सन आनंदी अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 21:15:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Health Transfer: यूपी में 8 चिकित्साधिकारियों के तबादले, वाराणसी से अयोध्या और लखनऊ तक बदले CMS</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया तबादला आदेश; वरिष्ठ परामर्शदाताओं को मिली मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी, लोकबंधु अस्पताल लखनऊ को भी मिला नया CMS]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590540/up-health-department-8-doctors-transfer-cms-posting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/doctor-transfer.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करते हुए आठ चिकित्साधिकारियों के तबादले किए हैं। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार कई सरकारी अस्पतालों में तैनात वरिष्ठ परामर्शदाताओं को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नई तैनाती में वाराणसी, अयोध्या, शामली, गोंडा, उन्नाव, हरदोई और लखनऊ के प्रमुख सरकारी अस्पताल शामिल हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी में दो अस्पतालों को मिले नए CMS</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आदेश के अनुसार डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र को पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय, वाराणसी का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वह अभी तक इसी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर कार्यरत थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं डॉ. प्रवीण रंजन मिश्र को लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय, रामनगर, वाराणसी का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बनाया गया है। वह इससे पहले इसी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शामली और अयोध्या में भी बदली कमान</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉ. मनोज कुमार अखौरी को जिला संयुक्त चिकित्सालय, शामली का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वह अब तक इसी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी तरह डॉ. अजय मोहन भास्कर को श्रीराम चिकित्सालय, अयोध्या का नया मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बनाया गया है। वह वर्तमान में इसी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर तैनात थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>गोंडा और उन्नाव में भी नई तैनाती</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शासन के आदेश के मुताबिक डॉ. शम्भू दयाल को जिला महिला चिकित्सालय, गोंडा का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बनाया गया है। वह पहले इसी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर कार्यरत थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं डॉ. प्रमोद कुमार दोहरे को 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, बीघापुर, उन्नाव का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वह भी इसी चिकित्सालय में वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में तैनात थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हरदोई के 100 शैय्या अस्पताल को भी मिला नया CMS</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डॉ. अनिल कुमार शुक्ला को 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, हरदोई का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बनाया गया है। वह इससे पहले इसी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>लोकबंधु अस्पताल लखनऊ की जिम्मेदारी डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव को</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">आदेश में डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव की भी नई तैनाती की गई है। वह अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, लखनऊ के पद पर स्थानांतरणाधीन थे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अब उन्हें लोकबन्धु श्री राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय, लखनऊ का मुख्य चिकित्सा अधीक्षक नियुक्त किया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सभी अधिकारियों को तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शासन ने तबादला आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित चिकित्साधिकारियों को उनकी नई तैनाती वाले स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन तबादलों के बाद प्रदेश के कई प्रमुख राजकीय चिकित्सालयों में प्रशासनिक स्तर पर नई कमान संभाली जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590419/ayodhya-medical-college-dialysis-tender-irregularities-inquiry"><span class="t-red">अयोध्या मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस टेंडर पर उठे सवाल,</span> नियमों की अनदेखी के आरोप; जांच के आदेश</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>वाराणसी</category>
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                                            <category>सहारनपुर</category>
                                            <category>हरदोई</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:56:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूटकेस में पत्नी का शव छिपाकर फरार हुआ पति, दो महीने बाद वाराणसी में हुआ गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[सिलवासा में वारदात के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा, मंडुआडीह के चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में छिपकर कर रहा था काम; STF और सिलवासा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590534/varanasi-wife-murder-suitcase-case-silvassa-accused-arrested"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/varanasi-crime-news.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसीः </strong>दादरा एवं नागर हवेली के सिलवासा में पत्नी की हत्या कर शव सूटकेस में छिपाकर फरार हुए आरोपी पति को लगभग दो माह बाद विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की वाराणसी इकाई और सिलवासा पुलिस ने संयुक्त अभियान में सोमवार को मंडुआडीह क्षेत्र के चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी यहां एक फैक्ट्री में नाम बदलकर नौकरी कर रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों ने बताया कि बिहार के नवादा जिले का निवासी ऋषभ कुमार सिंह अपनी पत्नी छोटी उपाध्याय के साथ सिलवासा में किराए के मकान में रहता था। दोनों एक ही गांव के निवासी थे और परिजनों की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह कर साथ रहने लगे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया गया कि छोटी उपाध्याय अक्सर ऋषभ पर अपने घर चलने का दबाव बनाती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था। इसी विवाद के चलते नौ जून को ऋषभ ने किराए के मकान में छोटी उपाध्याय की हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को प्लास्टिक में लपेटकर एक बड़े सूटकेस में बंद कर दिया और वहां से फरार हो गया। करीब दो माह तक कमरे में ताला बंद रहने के बाद मकान मालिक किसी अन्य व्यक्ति को कमरा दिखाने पहुंचे। दरवाजा खोलते ही तेज दुर्गंध आने पर उन्होंने इसकी सूचना सिलवासा पुलिस को दी।</p>
<p style="text-align:justify;">मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान सूटकेस खोला, जिसमें छोटी उपाध्याय का शव बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि हत्या के बाद आरोपी विभिन्न स्थानों पर छिपता रहा और बाद में वाराणसी के मंडुआडीह स्थित चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में नाम बदलकर नौकरी करने लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सूचना पर सिलवासा पुलिस और एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की वारदात के संबंध में पुलिस को जानकारी दी। गिरफ्तारी के बाद उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सिलवासा पुलिस उसे अपने साथ ले गई। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि छोटी उपाध्याय का पूर्व में भी विवाह हो चुका था। मामले की विस्तृत जांच जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590521/sitapur-hardoi-border-dead-body-hathiya-bridge-naimisharanya"><span class="t-red">Sitapur News:</span> सीतापुर-हरदोई बॉर्डर पर कपड़े में लिपटी लाश मिलने से हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Crime</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 12:24:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Varanasi Flood : गंगा का जलस्तर बढ़ा, घाटों पर आवाजाही बाधित; 33 गांवों पर बाढ़ का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के बीच आवाजाही प्रभावित हुई है। नाव संचालन भी बंद हो रहा है। फर्रुखाबाद में 33 गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590267/varanasi-ganga-water-level-rises-flood-threat-33-villages"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/cats122.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से वाराणसी में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। कई घाटों के बीच आवाजाही बाधित हो गई है। इसका असर श्रद्धालुओं और पर्यटकों पर भी पड़ा है। जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम भी बढ़ा दिए हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जलस्तर बढ़ने से रुद्राभिषेक और पूजा में परेशानी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सावन के महीने में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में पंडित विवेकानंद पांडे ने बताया कि पहले जलस्तर कम होने पर मंदिरों में रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना आसानी से हो जाती थी, लेकिन अब पानी बढ़ने के कारण कई जगहों पर पूजा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि घाटों के बीच आने-जाने का रास्ता बाधित होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में रास्ते में पड़ने वाले छोटे शिवलिंगों पर ही पूजा-अर्चना करनी पड़ सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हर घंटे ऊपर करनी पड़ रही चौकियां</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पंडित विवेकानंद पांडे के मुताबिक गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि हर घंटे चौकियों को ऊंचे स्थान पर ले जाना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि एक दिन में करीब 20 से 25 फीट तक पानी बढ़ चुका है।बढ़ते जलस्तर का असर नाव संचालन पर भी पड़ा है। नाविकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नावों का संचालन धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है, जबकि गंगा के दूसरे किनारे नाव संचालन पूरी तरह बंद होने की बात कही जा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>फर्रुखाबाद में भी बाढ़ से बिगड़े हालात</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर फर्रुखाबाद में भी दिखाई दे रहा है। यहां कई गांवों में बाढ़ का संकट पैदा हो गया है। सड़कों पर पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। राहत सामग्री लेकर घर लौट रहे तौसीम ने बताया कि कई सड़कें पानी में डूब गई हैं। वहीं, एक ग्रामीण ने बताया कि गांवों में पानी भर गया है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जलस्तर और कितना बढ़ेगा। आसपास के इलाकों में कटान की समस्या भी बढ़ गई है। ग्रामीणों को कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद आवागमन के साधन मिल पा रहे हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>33 गांवों पर बढ़ा बाढ़ का खतरा</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जिलाधिकारी अंकुर लाठर के मुताबिक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंच गया है। इससे जिले के 33 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। एक गांव में पानी प्रवेश कर चुका है। प्रशासन ने प्रभावित गांव के करीब 300 लोगों को शरणालय/राहत शिविर में पहुंचाया है। शरणालय में लोगों के साथ पशुओं के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 17:09:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, 17 जिलों में भारी वर्षा के आसार; IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[मानसूनी सिस्टम मजबूत होने से अगले 4-5 दिन प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना, निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की चेतावनी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590076/up-weather-orange-alert-heavy-rain-next-24-hours-districts"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/आज-का-मौसम.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी प्रणाली के मजबूत होने के कारण अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के करीब बनी हुई है। यह फिरोजपुर, रोहतक, कानपुर, डाल्टनगंज और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। इसके अलावा प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण गंगा के मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी प्रवाह मजबूत हुआ है। इसी वजह से व्यापक वर्षा के साथ अगले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">छह अगस्त के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन और हमीरपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">वहीं बांदा, चित्रकूट, वाराणसी, जौनपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, झांसी और ललितपुर समेत कई अन्य जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>7 से 10 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सात और आठ अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। नौ अगस्त को प्रदेश के दोनों हिस्सों में कुछ जगहों पर भारी वर्षा की संभावना है। वहीं 10 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>यूपी में अब तक सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बारिश का दौर तेज होने के बावजूद प्रदेश में अब तक मौसमी वर्षा सामान्य से कम है। छह अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 314.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 27 फीसदी कम है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 317.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 13 फीसदी कम है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पूरे उत्तर प्रदेश में अब तक 315.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 21 फीसदी कम है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>इटावा में 126 मिमी बारिश, लखनऊ में भी जमकर बरसे बादल</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">पिछले 24 घंटों में इटावा के बढ़पुरा क्षेत्र में 126 मिमी और चकरनगर में 120 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। दोनों स्थानों पर बारिश 'बहुत भारी वर्षा' की श्रेणी में रही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसके अलावा बहराइच के कैसरगंज में 95 मिमी, मिर्जापुर के चुनार में 90 मिमी, वाराणसी बीएचयू में 85.6 मिमी और लखनऊ में 78.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>भारी बारिश में इन परेशानियों का खतरा</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदियों और जलाशयों के जलस्तर में बढ़ोतरी, कच्चे और जर्जर मकानों को नुकसान तथा सड़क और रेल यातायात में बाधा जैसी स्थिति बन सकती है। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लोगों को जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और नदियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। जलमग्न सड़कों को पार करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील भी की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान उर्वरकों और रसायनों का प्रयोग नहीं करने को कहा गया है। धान, मक्का, अरहर, मूंगफली और सब्जी की फसलों में जलभराव रोकने के साथ केला और पपीता जैसी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है, ताकि बारिश से फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590062/cm-yogi-heavy-rain-orange-alert-up-relief-instructions"><span class="t-red">UP Weather Alert :</span> यूपी में बारिश से जन-धन की हानि पर CM योगी गंभीर, 24 घंटे में राहत राशि देने के निर्देश</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>अमरोहा</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>रामपुर</category>
                                            <category>आजमगढ़</category>
                                            <category>इटावा</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                            <category>गोरखपुर</category>
                                            <category>बिजनौर</category>
                                            <category>संभल</category>
                                            <category>शाहजहाँपुर</category>
                                            <category>मेरठ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                            <category>उन्नाव</category>
                                            <category>आगरा</category>
                                            <category>गाजियाबाद</category>
                                            <category>सिद्धार्थ नगर</category>
                                            <category>रायबरेली</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>झांसी</category>
                                            <category>फिरोजाबाद</category>
                                            <category>औरैया</category>
                                            <category>जालौन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 09:00:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जौनपुर में बारिश का कहर: खुले गड्ढे में भरे पानी में डूबे दो मासूम, 6 और 5 साल के बच्चों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[बरसठी के गारोपुर में सबमर्सिबल पंप के लिए खोदे गए गड्ढे में भरा था बारिश का पानी; खेलते समय गिरे शिवम और आरव, परिवारों को मिलेगा चार-चार लाख रुपये मुआवजा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589996/jaunpur-rain-water-pit-two-children-died-barsathi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/jaunpur-news.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जौनपुरः </strong>जौनपुर जिले के बरसठी क्षेत्र में 'सबमर्सिबल पंप' लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में डूबने से दो बच्चों की बुधवार शाम मौत हो गयी। मड़ियाहूं के उपजिलाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि बरसठी थाना क्षेत्र के गारोपुर निवासी अच्छेलाल उर्फ पप्पू गौतम ने 'सबमर्सिबल पंप' लगाने के लिए मंगलवार को बोरवेल खुदवाया था। </p>
<p style="text-align:justify;">कुमार ने बताया कि इसके लिए खोदे गए गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया था और उसमें बारिश का पानी भर गया था। 'सबमर्सिबल पंप' ऐसा विद्युत चालित पंप होता है जिसे पानी के अंदर डालकर चलाया जाता है। यह आमतौर पर बोरवेल या गहरे कुएं में लगाया जाता है और नीचे से पानी खींचकर पाइप के जरिए ऊपर पहुंचाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि गांव के छह वर्षीय शिवम और पांच वर्षीय आरव बुधवार शाम करीब पांच बजे खेलते समय गड्ढे में गिरकर डूब गए। कुमार ने बताया कि जब काफी देर तक दोनों बच्चे घर नहीं पहुंचे तो उनके परिजनों एवं ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की और उन्हें घर से लगभग 100 मीटर दूर स्थित गड्ढे में दोनों बच्चे पानी और कीचड़ में फंसे मिले। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि ग्रामीण उन्हें उपचार के लिए तत्काल कटवार बाजार स्थित एक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां से उन्हें सुरियावां के एक अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। <br />कुमार ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589991/pratapgarh-house-collapse-rain-six-dead-mahuli-ward"><span class="t-red">प्रतापगढ़ में बारिश का कहर: </span>100 साल पुराना मकान भरभराकर गिरा, दंपती और दो मासूम बच्चों समेत 6 की मौत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>जौनपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589996/jaunpur-rain-water-pit-two-children-died-barsathi</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 10:51:37 +0530</pubDate>
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