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                <title>मथुरा - Amrit Vichar</title>
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                <description>मथुरा RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जन्माष्टमी पर सीएम योगी का बड़ा संदेश, बोले- भारत की एकता और आस्था को नुकसान पहुंचाने वालों को भुगतना होगा परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[मथुरा में जन्माष्टमी समारोह के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण के धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के संदेश का उल्लेख करते हुए राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक ताकतों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और आस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को परिणाम भुगतने होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592592/cm-yogi-janmashtami-mathura-message-anti-national-forces"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/सीएम-योगी-(6).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान कृष्ण के धर्म की रक्षा और बुराई के विनाश के संदेश का जिक्र करते हुए शुक्रवार को कहा कि समाज में नफरत पैदा करने या भारत की एकता, अखंडता और आस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाली राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक ताकतों को परिणाम भुगतने होंगे। जन्माष्टमी के अवसर पर अपनी मथुरा यात्रा के दूसरे दिन यहां एक सभा को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि लगभग 5,200 साल पहले इस स्थान पर प्रकट हुए भगवान कृष्ण की शिक्षाएं और संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा, "जहां भी अच्छाई की शक्तियां मौजूद हैं, उनकी हर परिस्थिति में रक्षा की जाएगी। लेकिन जहां भी राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक ताकतें अपना सिर उठाएंगी, समाज में नफरत पैदा करेंगी या भारत की एकता, अखंडता और आस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेंगी, भगवान कृष्ण ने 5,000 साल पहले ही बता दिया था कि उनका भाग्य क्या होगा।" </p>
<p>मुख्यमंत्री ने भगवद् गीता के श्लोक के अंश, "परित्राणाय साधुनाम, विनाशाय च दुष्कृतम्" (धर्मियों की सुरक्षा और बुराई के विनाश के लिए) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समाज का मार्गदर्शन करती रही है। आदित्यनाथ ने भगवान कृष्ण को भगवान विष्णु का 'पूर्ण अवतार' बताते हुए कहा कि आर्यावर्त में "धर्म, सत्य और न्याय" की स्थापना के लिए 5,200 साल पहले वह इस स्थान पर प्रकट हुए थे। </p>
<h5><strong>'सनातन आस्था को मिटाने में कोई सफल नहीं हुआ'</strong></h5>
<p>सीएम योगी कहा कि बार-बार आक्रमणों और विभिन्न समूहों द्वारा भारत पर अपनी आस्था थोपने की कोशिशों के बावजूद ब्रज क्षेत्र ने अपनी धार्मिक विरासत और भगवान कृष्ण की स्मृतियों को संरक्षित रखा है। उन्होंने कहा, ''कई आक्रमण हुए और कई लोगों ने भारत पर अपनी आस्था थोपने की कोशिश की, लेकिन कोई भी सनातन आस्था को मिटा नहीं सका।'' </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, "जिन्होंने सनातन आस्था को मिटाने का साहस किया, वे स्वयं धूल में मिल गए, लेकिन श्री कृष्ण और राधा रानी की यादें, न केवल ब्रज में, बल्कि पूरे भारत में, आज भी हमें प्रेरित करती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए उत्साहजनक वातावरण प्रदान करती हैं।" आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी के लिए मथुरा पहुंचे भक्तों का स्वागत किया और उत्तर प्रदेश के लोगों को भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार से ही जन्माष्टमी समारोह के लिए मथुरा में हैं और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। </p>
<h6><strong>ये भी पढ़ें :- </strong></h6>
<h6 class="post-title"><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/592499/shri-krishna-janmashtami-celebrated-tomorrow--janmashtami-puja-11-57-pm-12-43-am"><span class="t-red">आज देशभर में मनाया जाएगा जन्माष्टमी का त्यौहार, </span>रोहिणी नक्षत्र का बन रहा खास सयोंग; जानें पूजन का शुभ मुहूर्त</a></strong></h6>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>आगरा</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 11:56:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राधा नाम का जाप कैसे करें? प्रेमानंद महाराज ने बताया मन को स्थिर करने का सरल तरीका</title>
                                    <description><![CDATA[बोले- श्रद्धा और निरंतर अभ्यास से मजबूत होता है नाम-स्मरण, गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी की जा सकती है साधना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592529/premanand-maharaj-radha-naam-jap-man-ko-sthir-karne-ka-tarika"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-09/premanand-maharaj.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>वृंदावन के कथावाचक प्रेमानंद महाराज अपने सरल और सहज विचारों के लिए जाने जाते हैं। देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग उनके पास अपनी जीवन से जुड़ी समस्याओं और आध्यात्मिक सवालों के जवाब जानने पहुंचते हैं। कई बड़ी हस्तियां भी उनसे मुलाकात कर चुकी हैं। हाल ही में एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि राधा नाम का ध्यान किस तरह किया जाए?</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस सवाल के जवाब में महाराज जी ने नाम-स्मरण की निरंतरता, मन को एकाग्र करने और साधना में धैर्य के महत्व को समझाया। उनके अनुसार, यदि व्यक्ति श्रद्धा और नियमितता के साथ भगवान के नाम का अभ्यास करता है तो धीरे-धीरे मन स्थिर होने लगता है और भीतर आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव होने लगता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>लंबे अभ्यास से मजबूत होता है नाम-जप</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रेमानंद महाराज के अनुसार, यदि लंबे समय तक आदर और समर्पण के साथ नाम-जप किया जाए तो धीरे-धीरे यह अभ्यास मजबूत होने लगता है। इसके बाद आंखें खुली हों या बंद, साधक के सामने उसका लक्ष्य बना रहता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराज जी कहते हैं कि जब अभ्यास कमजोर होता है तो मन अपने स्वभाव के अनुसार भटकता रहता है। कभी वह बीती हुई बातों में उलझता है तो कभी भविष्य की चिंताओं में चला जाता है। इसके अलावा कई तरह के अनावश्यक विचार भी मन को विचलित करते रहते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लेकिन जब नाम-स्मरण का अभ्यास मजबूत हो जाता है तो मन के भटकने की प्रवृत्ति कम होने लगती है और उसका चिंतन भगवान के नाम में स्थिर होने लगता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>'राधा-राधा' जप के साथ निभाएं अपनी जिम्मेदारियां</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराज जी के अनुसार, व्यक्ति 'राधा-राधा' नाम का स्मरण करते हुए अपने सांसारिक कार्य भी पूरी कुशलता से कर सकता है। इसके लिए जरूरी नहीं कि वह अपने दैनिक जीवन और जिम्मेदारियों से अलग हो जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के गीता संदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान का स्मरण करते हुए अपने कर्तव्य का पालन किया जा सकता है। इसी तरह नाम-स्मरण के साथ व्यक्ति अपनी पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>राधा नाम जप की शुरुआत कैसे करें?</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि साधना की शुरुआत में व्यक्ति को मन में बार-बार 'राधा' नाम लिखने का अभ्यास करना चाहिए। नियमित अभ्यास के साथ धीरे-धीरे यह नाम भीतर स्थापित होने लगता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनके अनुसार, लोगों से बातचीत करते समय भी व्यक्ति मन ही मन नाम का स्मरण कर सकता है। इसके लिए अपनी वाणी पर संयम रखना जरूरी है। व्यक्ति को कम बोलने, सत्य बोलने और ऐसे शब्दों से बचने का प्रयास करना चाहिए जिनसे किसी दूसरे व्यक्ति को ठेस पहुंचे।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराज जी के अनुसार झूठ, कटुता और अमंगलकारी वाणी से दूरी बनाकर भी नाम-स्मरण के अभ्यास को मजबूत किया जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>साधना के लिए गृहस्थ जीवन छोड़ना जरूरी नहीं</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रेमानंद महाराज का कहना है कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए गृहस्थ जीवन का त्याग करना आवश्यक नहीं है। परिवार के बीच रहते हुए भी व्यक्ति अच्छा साधक बन सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनके अनुसार नाम-जप से लोक और परलोक दोनों का कल्याण होता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति के भीतर ज्ञान, वैराग्य और भक्ति जागृत होने लगती है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराज जी ने इसे समझाने के लिए नींद का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति करीब 6 घंटे सोता है, तो सुबह शरीर और इंद्रियां नई ऊर्जा का अनुभव करती हैं। इसका एक कारण यह है कि नींद के दौरान कुछ समय के लिए संसार से जुड़ा चिंतन छूट जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनके अनुसार यदि जागते हुए भी मन संसार की चिंताओं से हटकर परमात्मा के चिंतन में लग जाए तो साधक को इससे कहीं अधिक आत्मिक शक्ति प्राप्त हो सकती है। ऐसा व्यक्ति स्वयं भी आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ता है और दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>शुद्ध आहार और आचरण पर भी जोर</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">महाराज जी के अनुसार सही निर्णय लेने के लिए बुद्धि का शुद्ध होना आवश्यक है। इसके लिए शुद्ध आहार और शुद्ध आचरण को महत्वपूर्ण माना गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">जब व्यक्ति नाम-जप के साथ अपने आचरण को भी बेहतर बनाने का प्रयास करता है तो उसके भीतर ज्ञान और विवेक का उदय होने लगता है। इससे जीवन में सकारात्मकता और मंगल की भावना मजबूत होती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>साधना में सबसे जरूरी है धैर्य</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रेमानंद महाराज के अनुसार साधना के मार्ग पर धैर्य सबसे महत्वपूर्ण है। शुरुआत में मन एक मिनट के लिए भी स्थिर नहीं रह पाता, लेकिन नियमित अभ्यास के साथ उसकी चंचलता धीरे-धीरे कम होने लगती है।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराज जी के अनुसार मन का धीरे-धीरे स्थिर होना इस बात का संकेत है कि साधक अपने मन पर नियंत्रण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसलिए साधना में जल्द परिणाम की अपेक्षा करने के बजाय श्रद्धा, निरंतरता और धैर्य के साथ अभ्यास करते रहना चाहिए।</p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer" style="text-align:justify;"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/N6ux2Tqb0CM" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/592483/krishna-janmashtami-2026-date-puja-muhurat-rohini-nakshatra"><span class="t-red">Janmashtami 2026: </span>जन्माष्टमी पर बन रहा खास संयोग, जानें कब होगा कान्हा का जन्मोत्सव और पूजा का शुभ मुहूर्त</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 09:02:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Janmashtami 2026 : जयपुर और दिल्ली में तैयार गुलाबी पोषक से बांके बिहारी जी का होगा श्रृंगार, कीमत जानकर आप भी रह जाएगें हैरान </title>
                                    <description><![CDATA[जन्माष्टमी पर बांके बिहारी जी का खास श्रृंगार किया जाएगा। जयपुर और दिल्ली में तैयार गुलाबी पोशाक से ठाकुर जी का श्रृंगार होगा। पोशाक की कीमत जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592562/janmashtami-2026-banke-bihari-ji-adorned-pink-outfit-crafted-jaipur-delhi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-09/janmashtami-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा।</strong> ब्रज धाम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। बांके बिहारी मंदिर में इस बार जन्माष्टमी पर्व 4 सितंबर को अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर के सेवायत मयंक गोस्वामी ने बताया कि इस पावन अवसर पर ठाकुर जी भक्तों को सखी श्रृंगार और ग्वाला रूप में दर्शन देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब 1.25 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही पोशाक जन्माष्टमी पर बांके बिहारी जी को धारण कराने के लिए जयपुर और दिल्ली के कारीगरों द्वारा विशेष अद्भुत पोशाक तैयार की जा रही है। पोशाक पर बारीक कढ़ाई के साथ गायों की आकृति उकेरी जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">पुजारी के अनुसार, इस विशेष गुलाबी पोशाक को तैयार कराने में लगभग 51 हजार से 1.25 लाख रुपये तक की लागत आ रही है। साल में सिर्फ एक बार होने वाली मंगला आरती जन्माष्टमी की रात ठीक 12 बजे गर्भगृह में गोस्वामी समाज द्वारा ठाकुर जी का महाअभिषेक संपन्न कराया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके ठीक एक घंटे बाद, रात 1:55 बजे वर्ष में केवल एक बार होने वाली प्रसिद्ध 'मंगला आरती' आयोजित की जाएगी। मंगला आरती के बाद पूरी रात मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुले रहेंगे। सुबह 6 बजे ठाकुर जी को विश्राम दिया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद सुबह 8 बजे पुनः कपाट खुलेंगे और नंदोत्सव की शुरुआत होगी। इस दौरान ठाकुर जी भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं को ब्रजमोहन रूप में दर्शन देंगे। इसके बाद शाम की सेवा में पुनः गर्भगृह से भक्तों को दर्शन प्राप्त होंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/592534/janmashtami-celebrations-haridwar-special-arrangements-crowd-management"><span class="t-red">हरिद्वार में जन्माष्टमी की धूम, </span>भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम; हर जगह बनाये गए चेकिंग पॉइंट </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/592562/janmashtami-2026-banke-bihari-ji-adorned-pink-outfit-crafted-jaipur-delhi</link>
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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 18:22:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन्माष्टमी पर मथुरा को 1,051 करोड़ की CM योगी ने दी बड़ी सौगात, विरासत मॉडल और पर्यटन पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में 1,051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास, बोले- विरासत केवल स्मारक नहीं, हमारी भाषा, कला, ज्ञान और परंपराओं में भी बसी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592557/yogi-reached-mathura-before-janmashtami-and-gave-a-big-message"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/yogi5.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>मथुराः</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरूवार को कहा कि भारत अपनी समृद्ध विरासत से जुड़कर ही विकसित राष्ट्र बनने का सपना पूरा कर सकता है। मथुरा में आयोजित कार्यक्रम में  सीएम कहा कि विरासत केवल स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज की भाषा, साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, गणित, विज्ञान, चिकित्सा, कौशल, ज्ञान और लोक परंपराओं में भी जीवित है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक विकास को सड़क, बिजली, पानी, इमारतों और उद्योगों के नजरिये से देखा गया, लेकिन विरासत की अनदेखी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर विरासत का अपमान होता रहा और इतिहास के नायकों को देश की स्मृतियों से मिटाने के प्रयास किए गए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>‘दंगे और अशांति के बजाय अब पर्व-त्योहार मनाए जाते हैं’</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीएम योगी ने कहा कि भाजपा शासन में उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। अब प्रदेश में दंगों और अशांति के डर के बजाय लोग पर्व और त्योहार उत्साह के साथ मनाते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मथुरा के इतिहास और मंदिरों पर हुए कथित हमलों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि बार-बार हुए हमलों के बावजूद सनातन परंपराएं समाप्त नहीं हुईं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “विदेशी आक्रांताओं ने मंदिरों को नष्ट कर दिया लेकिन क्या वे श्रीकृष्ण की याद को मिटा पाए? क्या वे राधा रानी की याद को मिटा पाए? क्या जन्माष्टमी का उत्सव रुका? क्या वृंदावन में भक्ति रुकी? क्या बरसाना की होली रुकी? क्या गोवर्धन परिक्रमा रुकी? नहीं। यही हमारा सनातन है। यही ब्रज की ताकत है।”</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या का उदाहरण देकर राम मंदिर का किया जिक्र</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीएम योगी ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए राम मंदिर निर्माण को लंबे सभ्यतागत संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि परंपराएं लगातार आगे बढ़ती रहीं और सनातन की भावना ने संघर्ष के लिए नया उत्साह पैदा किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीएम ने कहा कि इसका परिणाम आज अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर के रूप में सामने है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>‘विरासत मंदिरों तक सीमित नहीं’</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विरासत का दायरा बहुत व्यापक है। उन्होंने कहा, “विरासत हमारे मंदिरों, हमारी भाषा, हमारे साहित्य, हमारे संगीत, हमारी कला, हमारे दर्शन, गणित, विज्ञान, चिकित्सा, कौशल और ज्ञान, हमारी लोक परंपराओं और हमारी ज्ञान परंपरा में बसी है।”</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में अपनी विरासत से जुड़ना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “भारत अपनी विरासत से जुड़कर ही विकसित राष्ट्र बनने का सपना पूरा करेगा।”</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>2025 में यूपी आए 156 करोड़ पर्यटक: योगी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए। उन्होंने इसे बेहतर संपर्क व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में सुधार का प्रमाण बताया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के साथ प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>1,051 करोड़ की 229 परियोजनाओं की सौगात</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री अपने दो दिवसीय दौरे पर कृष्ण नगरी मथुरा पहुंचे। जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर उन्होंने जिले में 1,051 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 7,240 लाभार्थियों समेत विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चाबी, चेक, स्वीकृति पत्र, नियुक्ति पत्र और टूलकिट आदि वितरित किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से मथुरा-वृंदावन सहित जिले के अन्य धार्मिक स्थलों पर धार्मिक पर्यटन, यात्री सुविधाओं, सड़क एवं प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/592551/up-tax-2026-noida-roadshow-lucknow-textile-conference-investment">UP Tax 2026 : वैश्विक टेक्सटाइल हब बनेगा यूपी, नोएडा में रोड शो; 8-9 सितंबर को लखनऊ में सम्मेलन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 18:16:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान में ढहाया गया 100 साल पुराना मंदिर, तो शंकराचार्य ने जताया रोष, कहा- हर धर्मस्थल की सुरक्षा जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज ने पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाओं पर रोष जताते हुए केंद्र सरकार से कूटनीतिक स्तर पर कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी देशों को अपने यहां मौजूद धर्मस्थलों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592545/pakistan-temples-damage-shankaracharya-reaction-religious-sites-security"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-09/pak-trmpl.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>मथुरा, अमृत विचार।</strong> पाकिस्तान में प्राचीन हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाओं पर शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज ने रोष जताया है। उन्होंने कहा कि मंदिर चाहे 100 साल पुराना हो या हाल में बनाया गया हो, वह ईश्वर का घर होता है। दुनिया के किसी भी हिस्से में किसी भी धर्मस्थल का अनादर निंदनीय है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मथुरा में संवाददाताओं से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि भारत सरकार इस मामले का संज्ञान ले रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि पाकिस्तान सरकार पर कूटनीतिक दबाव बनाया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर तत्काल रोक लग सके और वहां अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>धर्मस्थलों की सुरक्षा सभी देशों की जिम्मेदारी</strong></h5>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">शंकराचार्य ने वैश्विक सौहार्द और मानवीय व्यवस्था की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि किसी एक देश में धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने की प्रतिक्रिया में दूसरे देश में किसी अन्य धर्म के स्थल को निशाना बनाना सभ्य समाज की पहचान नहीं हो सकती।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाएंगे और उसके जवाब में भारत में मस्जिदों या किसी अन्य देश में चर्चों को नुकसान पहुंचाया जाएगा तो यह किसी भी सभ्य और मानवीय व्यवस्था का आधार नहीं हो सकता। उन्होंने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों और वैश्विक व्यवस्था का पालन करने की अपील की। शंकराचार्य ने कहा कि प्रत्येक देश को अपने यहां मौजूद सभी धर्मस्थलों का सम्मान करने के साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>धार्मिक भावनाओं का सम्मान जरूरी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">शंकराचार्य ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान और संरक्षण ही वास्तविक मानवीय व्यवस्था का आधार है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक मर्यादाएं सभी राष्ट्रों पर समान रूप से लागू होती हैं और इनका पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/592522/-shri-krishna-janmashtami-2026-date-shubh-muhurat-rohini-nakshatra-sanyog#gsc.tab=0">कानपुर : अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र के दुर्लभ संयोग में मनाया जायेगा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आगरा</category>
                                            <category>अलीगढ़</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 17:36:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन जाने की तैयारी? योगी सरकार ने किया बड़ा इंतजाम, बस अड्डों पर रहेगी कड़ी नजर</title>
                                    <description><![CDATA[जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन जाने वालों की राह होगी आसान, परिवहन निगम अलर्ट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592495/janmashtami-2026-mathura-vrindavan-bus-transport-security-alert"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-09/janmashtami-20261.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए योगी सरकार ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। चार सितंबर को मनाए जाने वाले जन्माष्टमी पर्व के मद्देनजर परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने इन धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाली बसों और बस स्टेशनों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि जन्माष्टमी के दौरान मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन आदि प्रमुख धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए बसों के संचालन के साथ बस स्टेशनों पर भी परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने सभी क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों को बस स्टेशनों, प्रमुख बस अड्डों और धार्मिक स्थलों को जाने वाले मार्गों पर संचालित बसों की निगरानी करने को कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि बसों और बस स्टेशनों पर संदिग्ध व्यक्तियों तथा वस्तुओं की प्रभावी निगरानी और चेकिंग की जाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचित किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/592483/krishna-janmashtami-2026-date-puja-muhurat-rohini-nakshatra"><span class="t-red">Janmashtami 2026: </span>जन्माष्टमी पर बन रहा खास संयोग, जानें कब होगा कान्हा का जन्मोत्सव और पूजा का शुभ मुहूर्त</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 11:28:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन्माष्टमी पर 500 ड्रोन दिखाएंगे कृष्ण लीला,  काशी से उपहार; मथुरा में आखिरी चरण में तैयारी </title>
                                    <description><![CDATA[जन्माष्टमी से पहले मथुरा और वृंदावन को भव्य सजावट व रोशनी से सजाया गया है। इस बार 500 ड्रोन शो के जरिए आसमान भी कृष्णमय नजर आएगा और उत्सव का आकर्षण बढ़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592451/500-drones-showcase--krishna-leela--janmashtami-gift-kashi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-09/500-drones-to-showcase-&#039;krishna-leela&#039;.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा। </strong>भगवान कृष्ण के जीवन और किंवदंतियों से जुड़े प्रमुख तीर्थस्थल मथुरा और वृंदावन को जन्माष्टमी समारोह से पहले विस्तृत सजावट एवं चमकदार रोशनी से सजाया गया है। वही इस बार जन्माष्टमी के उत्सव में इस बार आकाश भी कृष्णमय होगा। परिषद की ओर से बताया गया है कि पहली बार मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 4 सितम्बर की रात 9 से 10 बजे तक विशेष ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। किशोरी रमण बीएड कॉलेज से बॉटलैब डायनामिक्स के इस भव्य लाइट शो में 500 ड्रोन शामिल होंगे। आसमान में उड़ते ड्रोन कृष्ण लीला से जुड़ी विभिन्न आकृतियां बनाएंगे। </p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रमुख चौक चौराहों पर विशेष सजावट </h3>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यहां चौराहों और प्रमुख सड़कों पर विशेष सजावट की गई है, विशेषकर कृष्ण जन्मभूमि और अन्य प्रमुख मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कों पर, जो तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार ब्रज तीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 'श्रीकृष्ण जन्मोत्सव-2026' के तहत देश भर से 1,000 से अधिक कलाकार दो दर्जन से अधिक छोटे मंचों और लगभग आधा दर्जन प्रमुख मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। </p>
<h3 style="text-align:justify;">ढोल नगाड़ों के बीच स्वागत </h3>
<p style="text-align:justify;">परिषद के पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि कान्हा के जन्मोत्सव का उल्लास अब ब्रजभूमि में परवान चढ़ने लगा है। भक्तों का स्वागत बीन की मधुर धुनों वाले प्रदर्शनों से किया जा रहा है, जबकि ढोल और नगाड़ों की थाप एवं जीवंत लोक नृत्य उत्सव के माहौल में चार चांद लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मथुरा-वृन्दावन की गलियां, चौराहे और प्रमुख सांस्कृतिक स्थल एक बार फिर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उपाध्यक्ष ने कहा कि परिषद की ओर से व्यापक सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि ब्रज की समृद्ध लोक परंपरा, संगीत और कला को श्रद्धालुओं के सामने जीवंत करना भी है। उन्होंने बताया कि यही नहीं, डैम्पीयर नगर में बने विशाल प्रेक्षागृह (पांचजन्य) में बुधवार से त्रिदिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव प्रारंभ हो गया है जिसमें कन्हैया मित्तल जैसे अनेक प्रसिद्ध कलाकार अगले तीन दिन तक कृष्ण भक्ति और ब्रज संस्कृति की झलक से जुड़ी प्रस्तुतियां देंगे। </p>
<h3 style="text-align:justify;">सांस्कृतिक कला से सजेगा मथुरा </h3>
<p style="text-align:justify;">नागप्पन के अनुसार इनके अलावा प्रमुख मार्गों और चौराहों पर 'स्ट्रीट परफॉर्मर' भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब 350 कलाकार बीन, ढोल, नगाड़े, ढपली, शहनाई, बेला-तबला आदि वाद्ययंत्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को रिझा रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शिव की नगरी से आया खास उपहार </h3>
<p style="text-align:justify;">श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान श्री लड्डू गोपाल के लिए विशेष उपहार सामग्री श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा को प्रेषित की गई। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व से पूर्व श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान श्री विश्वेश्वर महादेव के समक्ष विशेष उपहार सामग्री का विधि-विधान से पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद सामग्री को भगवान श्री विश्वेश्वर को समर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। इसके बाद इसे श्रद्धापूर्वक श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा के लिए भेजा गया। </p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2024 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू की गई इस पहल के तहत श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान श्री विश्वेश्वर की ओर से श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा में विराजमान श्री लड्डू गोपाल के लिए उपहार सामग्री भेजी गई थी। इसी क्रम में रंगभरी एकादशी के अवसर पर भी काशी और मथुरा के बीच भेंट एवं श्रद्धा-संदेशों के आदान-प्रदान की परंपरा को आगे बढ़ाया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">अब तक करीब 15 देशों के 100 से अधिक देवालयों से शुभकामना संदेश प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें उपहार सामग्री के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान न्यास को भेजा जा रहा है। न्यास के अनुसार वर्ष 2024 में शुरू की गई इस अभिनव परंपरा को देश-विदेश के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक संस्थाओं से सराहना मिली है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक संस्थानों से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास को शुभकामना एवं बधाई संदेश भी प्राप्त हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य कार्यपालक अधिकारी स्वयं मथुरा में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होंगे और श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होने वाले आयोजन में सहभागिता कर काशी विश्वनाथ धाम और श्रीकृष्ण जन्मस्थान के बीच स्थापित इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने देशवासियों और श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण और बाबा विश्वनाथ से विश्व के कल्याण, सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/592363/janmashtami-planning-mathura--advisory-first--major-changes-shri-krishna-janmotsav-celebrations"><span class="t-red">Janmashtami : </span>मथुरा जाने का बना रहे प्लान तो पढ़ लें एडवाइजरी, श्री कृष्ण जन्मोत्सव से पहले किये गए ये बदलाव </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 17:24:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Janmashtami :  मथुरा जाने का बना रहे प्लान तो पढ़ लें एडवाइजरी, श्री कृष्ण जन्मोत्सव से पहले किये गए ये बदलाव </title>
                                    <description><![CDATA[मथुरा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। जन्मोत्सव से पहले ही बड़े आयोजन शुरू हो जाते हैं और पूरा शहर जश्न में डूब जाता है। देशभर से श्रद्धालु कृष्ण जन्मोत्सव मनाने मथुरा पहुंचते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592363/janmashtami-planning-mathura--advisory-first--major-changes-shri-krishna-janmotsav-celebrations"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-09/janmashtami.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा। </strong>श्री कृष्ण जन्माष्टमी मथुरा में बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती है इसके लिए पहले दिन से ही यहाँ बड़े बड़े आयोजन किया जाता है और पूरे शहर में जश्न जैसा माहौल बनने लगता है इतना ही नहीं शहर में दूर दर्ज से कई लोग यहाँ कृष्णा का जन्मोत्सव मनाने के लिए पहुंचते है। समारोह और श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तीन से पांच सितंबर तक मथुरा में कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए हैं। </p>
<h3 style="text-align:justify;">अगले आदेश तक भारी वाहनों पर रहेगा प्रतिबन्ध </h3>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस संबंध में जारी एक बयान के अनुसार, तीन सितंबर सुबह आठ बजे से पांच सितंबर सुबह नौ बजे तक श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर जाने वाले मार्गों पर वाणिज्यिक और भारी वाहनों, सिटी बसों, चार पहिया वाहनों, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। शहर में द्वारकाधीश मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी यातायात नियंत्रित किया जाएगा। </p>
<h3 style="text-align:justify;">पार्किग व्यवस्था के खास इंतजाम </h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़भाड़ से बचने के लिए विभिन्न स्थानों पर पार्किंग की विस्तृत व्यवस्था की है। मथुरा-वृंदावन के बीच यातायात प्रबंधन के तहत छटीकरा-वृंदावन मार्ग पर निर्धारित बहुस्तरीय पार्किंग से आगे किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने कहा कि एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों सहित आपातकालीन सेवाओं को यातायात प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है। </p>
<h3 style="text-align:justify;">अफवाह फैलाने वालों ओर होगी कार्रवाई </h3>
<p style="text-align:justify;">जन्माष्टमी के मद्देनजर पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने जिला पुलिस प्रमुखों को सतर्क रहने और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है। </p>
<h3 style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर रहेगी खास नजर </h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस को सोशल मीडिया मंचों पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री पर नजर रखने और ऐसी सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। जुलूसों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा सभी समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/592199/firozabads-krishna-dham-will-shine-on-janmashtami-tourism-will-get"><span class="t-red">जन्माष्टमी पर चमकेंगे फिरोजाबाद के कृष्ण धाम, </span>7.26 करोड़ से मिलेगी पर्यटन को नई पहचान</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 13:53:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृन्दावन में तैयारी तेज, आधी रात मनाया जायेगा श्री कृष्ण का जन्मोत्सव; जानें पूजा का शुभ मुहूर्त </title>
                                    <description><![CDATA[जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृंदावन में तैयारियां तेज हो गई हैं। आधी रात श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जानें जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और खास तैयारियां]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592206/janmashtami-mathura-vrindavan-lord-krishna-s-birth-anniversary-celebrated-midnight"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/_janmashtami-intensify-in-mathura-vrindavan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा।</strong> मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर स्थित भागवत भवन सहित सभी मंदिरों में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी चार सितंबर को मध्यरात्रि में मनाया जाएगा। इस वर्ष महापर्व का आयोजन 'गौरक्षा-राष्ट्र रक्षा' के संकल्प सूत्र के साथ किया जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा तथा सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि जन्मोत्सव के अवसर पर महाभिषेक के बाद ठाकुरजी भागवत भवन स्थित राधाकृष्ण मंदिर में कलहंस पुष्प बंगले में 'पंचरत्नी' पोशाक धारण कर विराजेंगे। </p><p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को भव्य बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा, ''श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विशाल मंदिर परिसर को और अधिक मनोहारी एवं चित्ताकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है। मंदिर के बाहरी हिस्से में आकर्षक सजावट और रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। प्रकाश शिखर और पूरा परिसर भी भव्य रूप में दिखाई देगा।'' </p><p style="text-align:justify;">श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि ठाकुरजी रत्न-जड़ित मुकुट, बांसुरी, नवरत्न-जड़ित कंठा सहित विभिन्न शृंगार सामग्री धारण करेंगे। भगवती योगमायाजी विशिष्ट दिव्य स्वर्ण मुकुट धारण करेंगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में विराजमान ठाकुर केशवदेव, मां योगमाया, गर्भगृह और ठाकुर राधाकृष्ण युगल सरकार मंदिर में विशिष्ट पूजन, सहस्रार्चन, जन्माभिषेक और आरती के दिव्य दर्शन होंगे। मंदिर की साज-सज्जा और व्यवस्थाएं इस बार नयनाभिराम एवं अभूतपूर्व होंगी। </p><p style="text-align:justify;">शर्मा ने कहा, ''ठाकुरजी 'पंचरत्नी' पोशाक धारण करेंगे जिस पर पंचरत्नों के रूप में कामधेनु गाय, पांचजन्य शंख, अमृत कलश, समुद्र मंथन से प्राप्त ऐरावत हाथी और कल्पवृक्ष को विशेष रूप से उकेरा गया है। जरी, रेशम और रत्नों की प्रतिकृतियों का प्रयोग कर तैयार की गई इस पोशाक के दर्शन भक्तों को अभिभूत करेंगे।'' जन्माष्टमी के अवसर पर ठाकुरजी को धारण कराई जाने वाली यह पोशाक तीन सितंबर को शाम साढ़े पांच बजे भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा के साथ जन्मस्थान परिसर में प्रवेश करेगी। </p><h3 style="text-align:justify;">काशी, अयोध्या के प्रसाद और उपहार से सजेगा श्री कृष्णा का धाम </h3><p style="text-align:justify;">इस अवसर पर पोशाक के साथ काशी विश्वनाथ धाम से प्राप्त प्रसाद और सुगंधित द्रव्य आदि तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम से प्राप्त उपहार एवं अभिषेक सामग्री भी प्रदर्शित की जाएगी।उन्होंने कहा, ''अयोध्या, मथुरा और काशी जैसी तीनों पवित्र पुरियों के इस अद्भुत समन्वय से अलौकिक दृश्य त्रिवेणी संगम जैसा भाव प्रस्तुत करेगा। करोड़ों सनातनियों के आस्था केंद्र और कंस के कारागार के रूप में भक्तों के हृदय में विराजमान गर्भगृह को भी विशेष रूप से सजाया जा रहा है।'' </p><h3 style="text-align:justify;">200 किलोग्राम चांदी का इस्तेमाल</h3><p style="text-align:justify;">शर्मा ने कहा, ''करीब 200 किलोग्राम चांदी का इस्तेमाल कर गर्भगृह के चबूतरे और दीवारों को सुंदर स्वरूप दिया गया है। इस वर्ष नवनिर्मित रजत-कमल में विराजमान श्रीगोपालजी का जन्माभिषेक भक्तों को निश्चित रूप से अभिभूत करेगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान समिति के सदस्यों ने कहा, ''भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, शिव और अनेक देवताओं के प्राकट्य की साक्षी रही भारत की पवित्र भूमि पर सनातन की आत्मा मानी जाने वाली गौमाता पर हो रहे अत्याचार से प्रत्येक सनातनी और कृष्णभक्त व्यथित है।'' </p><h3 style="text-align:justify;">गौमाता की रक्षा का संकल्प </h3><p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''गौमाता की रक्षा और सम्मान के लिए गोपाल की जन्मभूमि, लीलाभूमि और ब्रजभूमि से करोड़ों कृष्णभक्तों को उसकी रक्षा का संकल्प दिलाया जाएगा।'' भगवान के जन्मोत्सव की शुरुआत चार सितंबर को सुबह साढ़े पांच बजे शहनाई की सुमधुर धुन और नगाड़ों के वादन के साथ मंगला आरती से होगा। इसके बाद सुबह आठ बजे भगवान का दिव्य पंचामृत अभिषेक पवित्र स्तोत्रों के पाठ और पुष्पार्चन के साथ संपन्न होगा। </p><h4 style="text-align:justify;">1008 कमल-पुष्पों से ठाकुरजी का सहस्रार्चन</h4><p style="text-align:justify;">मंगलाचरण और वेदमंत्रों के सस्वर उच्चारण के बीच भगवान का पुष्पार्चन किया जाएगा। इस अवसर पर ब्रज के उत्कृष्ट गायक ठाकुरजी के समक्ष दिव्य भजन-गायन की प्रस्तुति देंगे। जन्म महाभिषेक का मुख्य कार्यक्रम रात दस बजे श्रीगणेश-नवग्रह पूजन से शुरू होगा। इसके बाद 1008 कमल-पुष्पों से ठाकुरजी का सहस्रार्चन करते हुए उनका आह्वान किया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान समिति ने सदस्यों ने कहा कि मध्यरात्रि ठीक 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ पूरा मंदिर परिसर ढोल-नगाड़ों, झांझ-मंजीरों और मृदंग की ध्वनि से गूंज उठेगा। </p><h3 style="text-align:justify;">श्री कृष्ण की महाआरती </h3><p style="text-align:justify;">इसी समय भगवान के जन्म की महाआरती शुरू होगी, जो रात 12:10 बजे तक चलेगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद केसर आदि सुगंधित द्रव्यों से अभिषिक्त भगवान श्रीकृष्ण के चल विग्रह 'रजत सूप' में विराजमान होकर अभिषेक स्थल पर पधारेंगे। इसके बाद कामधेनु स्वरूपा स्वर्णमंडित रजत गो अपने पयोधर से भगवान के श्रीविग्रह का प्रथम अभिषेक करेंगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद ठाकुरजी का श्रीविग्रह अभिषेक स्थल पर रजत कमल में विराजमान होगा। </p><h3 style="text-align:justify;">आधी रात होगा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव</h3><p style="text-align:justify;">जन्माभिषेक के बाद रात 12 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक ठाकुरजी की शृंगार आरती होगी। जन्माष्टमी के दिन सभी श्रद्धालुओं का प्रवेश पूर्व की भांति उत्तरी द्वार (गोविंद नगर की ओर) से होगा, जबकि निकासी पूर्व दिशा में स्थित दक्षिणी द्वार (मुख्य द्वार) से होगी। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर स्थित लीलामंच पर शाम सात बजे से रात नौ बजे तक एक सितंबर से पांच सितंबर तक विभिन्न लीलाओं का मंचन किया जाएगा। इनमें 'माखन चोर गोपाल लीला', 'मीरा बाई चरित्र लीला', 'श्यामा-श्याम मिलन लीला', 'श्रीकृष्ण जन्म लीला' तथा 'गिरिराज पूजा व छप्पनभोग दर्शन' प्रमुख हैं।<br /></p><h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5><h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/592196/janmashtami-2026-bus-operations-courteous-behavior-passengers--instructions-dayashankar-singh"><span class="t-red">Janmashtami 2026: </span>बसों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करें, यात्रियों से करें मृदुल व्यवहार; दयाशंकर सिंह के निर्देश</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/592206/janmashtami-mathura-vrindavan-lord-krishna-s-birth-anniversary-celebrated-midnight</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 12:15:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई जिम्मेदारी मिलते ही गोवर्धन पहुंचे BJP महासचिव बिप्लव देब, पत्नी संग किया रुद्राभिषेक; शंकराचार्य से बंद कमरे में हुई लंबी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब पत्नी त्रिवेणी राव देब के साथ गोवर्धन स्थित शंकराचार्य आश्रम पहुंचे। उन्होंने रुद्राभिषेक किया और शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज से आशीर्वाद लिया। दोनों के बीच बंद कमरे में लंबी चर्चा भी हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591949/as-soon-as-he-got-the-new-responsibility-govardhan-reached"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/062.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>मथुरा, अमृत विचार। </strong>भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब बुधवार को अपनी पत्नी व अभिनेत्री त्रिवेणी राव देब के साथ गोवर्धन पहुंचे। राष्ट्रीय महासचिव की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अपने पहले दौरे पर पहुंचे बिप्लव देब ने शंकराचार्य आश्रम में वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और रुद्राभिषेक किया।</p>
<h5><strong>पत्नी संग किया रुद्राभिषेक</strong></h5>
<p>आश्रम पहुंचने के बाद बिप्लव कुमार देब और उनकी पत्नी ने वैदिक रीति-रिवाज से धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। उन्होंने विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ रुद्राभिषेक किया और भगवान का आशीर्वाद लिया।</p>
<h5><strong>शंकराचार्य से लिया आशीर्वाद</strong></h5>
<p>अनुष्ठान के बाद बिप्लव देब ने शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज का माल्यार्पण कर पूजन किया। इसके बाद उन्होंने शंकराचार्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों के बीच बंद कमरे में काफी देर तक एकांत में बातचीत भी हुई। शंकराचार्य ने बिप्लव देब को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक मूल्यों को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।</p>
<h5><strong>दो माह के प्रवास पर हैं शंकराचार्य</strong></h5>
<p>गौरतलब है कि गोवर्धन स्थित शंकराचार्य आश्रम में स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज इन दिनों दो माह के प्रवास पर हैं। उनके प्रवास के दौरान आश्रम में लगातार धार्मिक अनुष्ठान और रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है।इन धार्मिक आयोजनों में देश की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों और गणमान्य लोगों के पहुंचने का सिलसिला भी जारी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/591880/up-roadways-yatri-rahat-yojana-bus-accident-compensation"><span class="t-red">बस हादसों के पीड़ितों का सहारा बनी ‘यात्री राहत योजना’, </span>9 साल में 17.33 करोड़ से ज्यादा की सहायता</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आगरा</category>
                                            <category>अलीगढ़</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 16:38:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आगरा की नक्काशी देख वाह ताज बोले जापानी,  ब्रज ने मोहा मन; अब लखनऊ के नवाबी खानपान को चखेगा डेलिगेशन</title>
                                    <description><![CDATA[आगरा दौरे पर पहुंचे जापानी प्रतिनिधिमंडल ने यूपी की कला, संस्कृति और पारंपरिक कारीगरी को करीब से जाना। नक्काशी और स्थानीय हुनर ने प्रतिनिधिमंडल का खासा ध्यान खींचा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591366/japanese-visitors-%22wah-taj%22-agra-s-braj-region"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/japanese-visitors-marvel-at-agra&#039;s-intricate.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>आगरा/लखनऊ, अमृत विचार : </strong>ब्रज की परंपरागत संस्कृति, आत्मीय स्वागत और ताजमहल की भव्यता के बीच जापान के यामानाशी प्रांत के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की पर्यटन यात्रा शुरू की। मोर नृत्य और बम रसिया की प्रस्तुतियों ने जापानी मेहमानों को ब्रज की संस्कृति से परिचित कराया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने ताजमहल का दीदार किया और उसकी स्थापत्य कला व बारीक कारीगरी की सराहना की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ताज की कारीगरी ने किया प्रभावित</h3>
<p style="text-align:justify;">यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी और उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल गलगोटियास विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद आगरा पहुंचा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और पर्यटन विभाग की महानिदेशक डॉ. वेदपति मिश्र ने जयपी पैलेस में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद जापानी मेहमान ताजमहल पहुंचे। ताजमहल देखने के बाद गवर्नर कोटारो नागासाकी ने कहा कि उन्होंने ताजमहल को इस बार करीब से देखा, इसकी बारीक कारीगरी को महसूस करना अलग अनुभव रहा। उन्होंने ताज की भव्यता और स्थापत्य की बारीकियों की प्रशंसा की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्थानीय संस्कृति से हुई यात्रा की शुरुआत</h3>
<p style="text-align:justify;">यामानाशी के उप-राज्यपाल जुनिची इशिदेरा ने कहा कि ब्रज यात्रा की शुरुआत सीधे किसी पर्यटन स्थल से न होकर स्थानीय संस्कृति के अनुभव से होना खास रहा। यामानाशी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष काजुहिको नाकामुरा ने भी यात्रा की व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और स्थलों को समझने पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आगरा से लखनऊ और पूर्वांचल तक सफर</h3>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आगरा जापानी प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश यात्रा का पहला पड़ाव है। ताजमहल के बाद प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में अवधी संस्कृति, खानपान और आतिथ्य से परिचित होगा। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में वाराणसी समेत महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेगा, जहां प्रदेश की बौद्ध और आध्यात्मिक विरासत से मेहमानों को रूबरू कराया जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/591361/rising-demand-rakhis--rural-women"><span class="t-red">देशभर में यूपी की राखियों की धूम,</span> ग्रामीण महिलाओं की बनाई राखियों की हाई डिमांड</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>आगरा</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591366/japanese-visitors-%22wah-taj%22-agra-s-braj-region</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 14:09:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mathura Krishna Janmabhoomi Case : फिर टूटी समझौते की आस, तीसरी बार भी नहीं पहुंचा मुस्लिम पक्ष, कोर्ट ने निस्तारित की मध्यस्थता पत्रावली</title>
                                    <description><![CDATA[मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में मुस्लिम पक्ष के उपस्थित नहीं होने से मंगलवार को समझौता वार्ता का तीसरा प्रयास भी विफल हो गया। विशेष लोक अदालत ने मध्यस्थता की पत्रावली निस्तारित कर दी। अब मामले की आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में होने की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591168/mathura-krishna-janmabhoomi-shahi-idgah-mediation-fails-muslim-side-absent"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/mathura-krishna-janmabhoomi-case.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>मथुरा, अमृत विचार। </strong>श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में समझौते की कोशिश एक बार फिर बेनतीजा रही। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार यादव (द्वितीय) की विशेष लोक अदालत में मध्यस्थता प्रक्रिया का तीसरा प्रयास किया गया, लेकिन मुस्लिम पक्ष के उपस्थित नहीं होने से वार्ता आगे नहीं बढ़ सकी।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">इसके बाद अदालत ने समझौता वार्ता से संबंधित पत्रावली निस्तारित कर दी।मध्यस्थता प्रक्रिया खत्म होने के बाद हिंदू पक्ष ने मुस्लिम पक्ष की गैरहाजिरी पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मामले को जानबूझकर लंबा खींचने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>ढाई एकड़ जमीन को लेकर है विवाद</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हिंदू पक्षकार एवं अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विवादित करीब ढाई एकड़ भूमि को हिंदू पक्ष भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मानता है। उनका कहना है कि जन्मभूमि की जमीन के बदले किसी दूसरे स्थान पर भूमि स्वीकार करने का कोई सवाल नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने शाही ईदगाह मस्जिद को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकार करने से इनकार किया। हिंदू पक्ष का कहना है कि जिस भूमि को वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मानता है, उसके बदले दूसरी जगह जमीन देना विवाद का समाधान नहीं हो सकता।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मुस्लिम पक्ष की गैरहाजिरी पर उठे सवाल</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान मुस्लिम पक्ष के मौजूद नहीं रहने पर हिंदू पक्ष ने आपत्ति जताई। हिंदू पक्षकारों का आरोप है कि इस तरह की गैरहाजिरी से विवाद के समाधान की प्रक्रिया लंबी खिंच रही है। मध्यस्थता प्रक्रिया के निस्तारित होने के बाद अब मामले की आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में होने की संभावना है। हिंदू पक्ष के अनुसार अगली सुनवाई या समझौता वार्ता के लिए 21, 22 या 23 अगस्त की तारीखें प्रस्तावित हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>हिंदू पक्ष ने रखा ऐतिहासिक घटनाक्रम का दावा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">हिंदू पक्ष ने विवाद के ऐतिहासिक घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उनका दावा है कि वर्ष 1670 में औरंगजेब के शासनकाल में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को क्षति पहुंचाई गई और वहां ईदगाह का निर्माण कराया गया था। हालांकि, ये हिंदू पक्ष के दावे हैं और विवाद का अंतिम न्यायिक निर्धारण संबंधित अदालतों की कार्यवाही में होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अदालत परिसर में मौजूद रहे हिंदू पक्षकार</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को अदालत परिसर में महेंद्र प्रताप सिंह के अलावा दिनेश शर्मा, अजय प्रताप सिंह, दिनेश फलाहारी, महेश खंडेलवाल समेत कई हिंदू पक्षकार और अधिवक्ता मौजूद रहे।</p>
<h6><strong>ये भी पढ़े : </strong></h6>
<h6 class="post-title"><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/591164/shahjahanpur-news-applications-open-state-hajj-inspector"><span class="t-red">Shahjahanpur News: </span>राज्य हज इंस्पेक्टर की तैनाती के लिए आवेदन शुरू, 27 अगस्त तक ऑनलाइन भरें फॉर्म</a></strong></h6>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आगरा</category>
                                            <category>अलीगढ़</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591168/mathura-krishna-janmabhoomi-shahi-idgah-mediation-fails-muslim-side-absent</link>
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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 18:04:10 +0530</pubDate>
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