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                <title>ऋषिकेष - Amrit Vichar</title>
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                <description>ऋषिकेष RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Uttrakhand: राज्य में पहाड़ से मैदान तक बारिश और बर्फबारी...चार धाम यात्रा की तैयारियों में खलल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में अप्रैल के दौरान एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा है। मैदान में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी से तापमान नीचे आ गया। कई इलाकों में भूस्खलन से यातायत प्रभावित हुआ। मौसम विभाग की तरफ से गुरुवार को भी आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>
<p>दरअसल भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से अप्रैल में लौटी ठंड ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चला गया। टिहरी-चंबा मार्ग पर बगड़धार में भूस्खलन होने की वजह से यातायात प्रभावित रहा। बारिश और बर्फबारी की वजह से चारधाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577944/rain-and-snowfall-across-the-state%E2%80%94from-the-mountains-to-the-plains----disrupting-preparations-for-the-char-dham-yatra"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/barf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में अप्रैल के दौरान एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा है। मैदान में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी से तापमान नीचे आ गया। कई इलाकों में भूस्खलन से यातायत प्रभावित हुआ। मौसम विभाग की तरफ से गुरुवार को भी आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>
<p>दरअसल भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से अप्रैल में लौटी ठंड ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चला गया। टिहरी-चंबा मार्ग पर बगड़धार में भूस्खलन होने की वजह से यातायात प्रभावित रहा। बारिश और बर्फबारी की वजह से चारधाम यात्रा की तैयारियों में भी खलल पड़ा। रामनगर में रात से हो रही बारिश ने लोगों को दोबारा गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया तो गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान होने की बात कही जा रही है।</p>
<p><strong>नैनीताल आए पर्यटक होटलों में दुबके</strong><br />नैनीताल में देर रात से लगातार बारिश जारी थी। जिसकी वजह से जन जीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हुआ। पर्यटक स्थल वीरान दिखाई दिए। नैनीताल घूमने का मन बनाकर आए पर्यटकों को होटेलों में ही दुबके रहना पड़ा। हल्द्वानी में सुबह से जारी बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में 10 डिग्री गिरावट होने का अनुमान जताया गया है।</p>
<p><strong>अल्मोड़ा में सुबह से झमाझम बारिश</strong><br />अल्मोड़ा में बारिश ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया। सुबह से झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। जिसकी वजह से ठंड में भी इजाफा। हुआ जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी अनुसार अल्मोड़ा में अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रानीखेत के पास सबसे ऊंची पर्वतमाला भरतकोट के साथ ही पांडवखोली की चोटी पर बारिश के साथ सीजन का तीसरा हिमपात हुआ है। हालांकि बर्फ टिक नहीं रही है, लेकिन बर्फीली हवा से मौसम बेहद ठंडा हो गया है। वहीं, तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>पंतनगर</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                            <category>सितारगंज</category>
                                            <category>बागेश्वर</category>
                                            <category>टनकपुर</category>
                                            <category>लालकुआं</category>
                                            <category>कोटद्वार</category>
                                            <category>काशीपुर</category>
                                            <category>पिथौरागढ़</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                            <category>उधम सिंह नगर</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 14:02:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> उत्तराखंड :  मन की शांति के लिए विदेशियों को लुभाता ऋषिकेश; घरेलू पर्यटकों में साहसिक खेल लोकप्रिय </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>कोविड महामारी के बाद ऋषिकेश में जहां मन की शांति की खोज में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, तो वहीं 'रिवर राफ्टिंग' और 'बंजी जंपिंग' जैसे साहसिक खेलों में रुचि लेने वाले घरेलू सैलानियों की संख्या भी बढ़ रही है। योग की विश्व राजधानी कहा जाने वाला ऋषिकेश अब केवल आध्यात्मिकता का केंद्र भर नहीं रह गया है। यहां गंगा की लहरों पर रिवर राफ्टिंग का रोमांच है, बंजी जंपिंग की ऊंचाइयां हैं, 'जायंट स्विंग' की धड़कनें हैं और इनके बीच सेल्फी लेते, हंसते-खिलखिलाते पर्यटकों की भीड़ है। </p>
<p style="text-align:justify;">तपोवन से लक्ष्मण झूला की ओर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572868/uttarakhand--rishikesh-attracts-foreigners-seeking-peace-of-mind--adventure-sports-popular-with-domestic-tourists"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(18)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>कोविड महामारी के बाद ऋषिकेश में जहां मन की शांति की खोज में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, तो वहीं 'रिवर राफ्टिंग' और 'बंजी जंपिंग' जैसे साहसिक खेलों में रुचि लेने वाले घरेलू सैलानियों की संख्या भी बढ़ रही है। योग की विश्व राजधानी कहा जाने वाला ऋषिकेश अब केवल आध्यात्मिकता का केंद्र भर नहीं रह गया है। यहां गंगा की लहरों पर रिवर राफ्टिंग का रोमांच है, बंजी जंपिंग की ऊंचाइयां हैं, 'जायंट स्विंग' की धड़कनें हैं और इनके बीच सेल्फी लेते, हंसते-खिलखिलाते पर्यटकों की भीड़ है। </p>
<p style="text-align:justify;">तपोवन से लक्ष्मण झूला की ओर जाती संकरी गलियों में विदेशी पर्यटकों की अच्छी-खासी मौजूदगी देखी जा सकती है। यहां स्थित कैफे 'मोक्तान', दक्षिण भारतीय भोजनालय 'अन्ना मेस' से आती डोसे की खुशबू और आसपास फैले योग एवं कल्याण केंद्र, योग और पर्यटन का अनूठा संगम दर्शाते हैं। मोक्तान कैफे में ऑस्ट्रेलियाई मूल की कैरोलीन बैठी थीं। उन्होंने भाषा के साथ बातचीत में कहा कि पिछले वर्ष सितंबर में यहां उन्होंने 500 घंटे का योग शिक्षक प्रशिक्षण पूरा किया और जनवरी में योग में स्नातकोत्तर किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था, ''ऋषिकेश इसलिए खास है क्योंकि यहां लोग सिर्फ आंतरिक विकास के लिए आते हैं। लोगों के चेहरों पर मुस्कान देखकर लगता है कि वे जो ढूंढ़ रहे थे, वो मिल भी रहा है।'' कैरोलीन अपनी नौकरी छोड़कर यहां आध्यात्मिकता और योग सीखने पहुंची थीं। जर्मनी की पर्यटक जोई ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह यहां योग सीखने के उद्देश्य से आई हैं। उन्होंने कहा, ''मेरी बहन ने योग करने का सुझाव दिया था। मुझे लगा कि योग सीखने की भारत से बेहतर जगह कोई नहीं है।" इन विदेशी साधकों में एक समानता स्पष्ट दिखती है-मन की शांति की खोज। </p>
<p style="text-align:justify;">ऋषिकेश में गंगा नदी के घाटों से कुछ दूरी पर बहुत से कैफे हैं जिनमें रात दस बजे तक उत्सव जैसा माहौल बना रहता है। लाइव म्यूजिक की धुनें, हंसी-ठहाकों की गूंज और अनजान चेहरों के बीच बनती नयी पहचानें मिलकर एक नए ऋषिकेश की तस्वीर पेश करती हैं। हालांकि इस भीड़ में विदेशी पर्यटक अपेक्षाकृत कम दिखाई देते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">अध्यात्म और योग की इस नगरी में गंगा शांत लय बहती है और सामने खड़े पर्वत ध्यानमग्न प्रतीत होते हैं। जोई ने अपने होटल की ऊपरी मंजिल पर स्थित कैफे से यह दृश्य देखते हुए कहा, ''ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे प्रकृति स्वयं साधना में लीन हो।'' कैरोलीन कहती हैं कि आध्यात्मिक खोज और आंतरिक शांति की तलाश में आने वालों को यह नगर आकर्षित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां के योगाश्रमों में साधक ध्यान, प्राणायाम और गहन अभ्यास में समय बिताते हैं। योग केंद्रों में भारतीयों की उपस्थिति तो है लेकिन विदेशियों की तुलना में वे अपेक्षाकृत कम नजर आते हैं। इसी तपोवन में 14 साल से आध्यात्मिक स्कूल चला रहे एक योग गुरु ने बताया कि कोविड-19 के बाद सरकार ने यहां पर्यटन पर खास ध्यान दिया है जिसके कारण पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि साहसिक खेलों और योग दोनों में ही पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है लेकिन तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो साहसिक खेलों के लिए लोग ज्यादा आते हैं। उन्होंने बताया कि यहां योग सीखने के लिए 25 से 60 व इससे ज्यादा की उम्र के लोग भी आते हैं। वहीं, एक अन्य योग गुरु ने बताया कि भारतीय पर्यटक योग को गंभीर साधना के रूप में नहीं लेते। उनका यह भी कहना था कि समय के साथ योग का व्यावसायीकरण भी बढ़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 से योग सिखा रहे प्रशिक्षक दीपक ने बताया कि भारतीयों और विदेशियों की संख्या स्थान के अनुसार बदलती रहती है। उनके अनुसार, बाजार या शहर के मुख्य इलाकों में आयोजित कक्षाओं में स्थानीय लोग और भारतीय पर्यटक अच्छी संख्या में भाग लेते हैं, जबकि तपोवन जैसे क्षेत्रों में विदेशी साधकों की भागीदारी अधिक रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था कि कोविड के बाद भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन उनमें से अधिकतर साहसिक खेलों के लिए आते हैं तथा योग उनकी प्राथमिकता नहीं होता। ऋषिकेश निवासी और योग प्रशिक्षक सूरज ने बताया कि भारतीय पर्यटकों में केवल 20 प्रतिशत लोग योग के लिए आते हैं, जबकि 80 प्रतिशत पर्यटक साहसिक खेलों, घूमने-फिरने और पार्टियों आदि के लिए ऋषिकेश को चुनते हैं। उनका कहना था कि राफ्टिंग जैसे खेलों में भी विदेशी पर्यटक तुलनात्मक रूप से कम होते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">ऋषिकेश पिछले चार-पांच साल में साहसिक खेलों के लिए तेजी से लोकप्रिय हुआ है जिनमें युवाओं के बीच व्हाइट रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, रिवर्स बंजी जंपिंग, फ्लाइंग फॉक्स और क्लिफ डाइविंग को लेकर काफी जुनून है। इन खेलों के लिए सबसे बेहतरीन समय मार्च से लेकर जून तक रहता है। सूरज ने बताया कि इस सीजन में साहसिक खेलों के लिए यहां घरेलू स्तर पर युवा पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। </p>
<p style="text-align:justify;">शाम के समय 'गुड टाइम्स कैफे' में बैठकर गंगा को समर्पित दीपकों की टिमटिमाती रोशनी को निहारती हरियाणा निवासी और यहां ध्यान मार्गदर्शक के रूप में कार्य करने वाली 27 वर्षीय रक्षिता ने बताया कि योग कक्षाओं में प्रतिभागियों की संख्या अच्छी रहती है, लेकिन उनमें लगभग 95 प्रतिशत विदेशी होते हैं। इसका कारण पूछने पर उन्होंने कहा, ''जो चीज हमें सहज रूप से उपलब्ध होती है, हम अक्सर उसकी उतनी कद्र नहीं कर पाते।'' रक्षिता के अनुसार, विदेशी साधक योग की बुनियादी बातों को सीखने के लिए भी काफी उत्साहित रहते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था कि विदेशी प्रतिभागियों के लिए भारत में योग प्रशिक्षण अपेक्षाकृत किफायती पड़ता है, जबकि भारतीयों को यह कुछ महंगा महसूस हो सकता है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कोविड के बाद से ऋषिकेश में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। साल 2021 में यहां कुल 2,92,806 पर्यटक आए थे, जिनमें विदेशी सैलानियों की संख्या 1,576 थी। </p>
<p style="text-align:justify;">हीं साल 2022 में पर्यटकों की कुल संख्या बढ़कर 7,58,081 हो गई, जिसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या 1,817 दर्ज की गई। वर्ष 2024 में ऋषिकेश में कुल 9,68,893 पर्यटक पहुंचे, जिनमें 4,857 विदेशी थे। विदेशी पर्यटकों की संख्या में कोविड के बाद सुधार देखा गया है, फिर भी यह 2019 के पूर्व-कोविड स्तर से कम है। ऋषिकेश में 2019 में 8088 विदेशी पर्यटक आए थे। आंकड़े बताते हैं कि संख्या के लिहाज से घरेलू पर्यटकों का वर्चस्व है, लेकिन योग और आध्यात्मिक साधना के प्रति गंभीर आकर्षण अब भी विदेशियों में अधिक दिखाई देता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 16:43:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टाइगर रिजर्व के 'कोर जोन' में फंसे हरियाणा के 5 शिव भक्त, पुलिस और वन विभाग ने किया रेस्क्यू </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में ऋषिकेश के कोतवाली लक्ष्मणझूला क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के जंगल में रास्ता भटक गए पांच श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। सभी श्रद्धालु नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर लौटते समय घने जंगल में भटक गए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार डायल-112 पर सूचना मिली कि दर्शन कर लौट रहे कुछ लोग रास्ता भटक गए हैं और चारों ओर जंगल होने से घबराए हुए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">फोन संपर्क और लोकेशन ट्रैक करने पर उनकी स्थिति राजाजी नेशनल पार्क के कोर एरिया टाइगर जोन में विंध्यवासिनी मंदिर से करीब छह किलोमीटर दूर महादेव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571236/five-shiv-devotees-from-haryana-trapped-in-the--core-zone--of-the-tiger-reserve--rescued-by-police-and-forest-department"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(4)7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में ऋषिकेश के कोतवाली लक्ष्मणझूला क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के जंगल में रास्ता भटक गए पांच श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। सभी श्रद्धालु नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर लौटते समय घने जंगल में भटक गए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार डायल-112 पर सूचना मिली कि दर्शन कर लौट रहे कुछ लोग रास्ता भटक गए हैं और चारों ओर जंगल होने से घबराए हुए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">फोन संपर्क और लोकेशन ट्रैक करने पर उनकी स्थिति राजाजी नेशनल पार्क के कोर एरिया टाइगर जोन में विंध्यवासिनी मंदिर से करीब छह किलोमीटर दूर महादेव पानी क्षेत्र में पाई गई। लोकेशन मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कठिन परिस्थितियों में तलाश एवं बचाव अभियान चलाया। अथक प्रयासों के बाद सूचना देने वाले व्यक्ति सहित उसके चार अन्य साथियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">जंगल से सुरक्षित बाहर निकाले गए सभी युवक पानीपत जिले के जुरासी खालसा गांव के निवासी बताए गए हैं, जो हरियाणा से उत्तराखंड दर्शन के लिए आए थे। बचाव अभियान में पुलिस टीम के साथ वन विभाग के कर्मचारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सभी श्रद्धालुओं को सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 10:58:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम ऋषिकेश की अनूठी पहल: 'रिपेयर मेला' से कचरा घटेगा, स्वच्छ वायु को मिलेगा बल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में नगर निगम ऋषिकेश द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की जा रही है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत नगर निगम द्वारा शीघ्र ही "रिपेयर मेला" आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम कार्यालय में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।</p><p>नगर निगम आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रिपेयर मेले का उद्देश्य नागरिकों को उपयोग की गई वस्तुओं को फेंकने के बजाय उनकी मरम्मत के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570597/municipal-corporation-rishikeshs-unique-initiative-repair-fair-will-reduce-garbage"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/305.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में नगर निगम ऋषिकेश द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की जा रही है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत नगर निगम द्वारा शीघ्र ही "रिपेयर मेला" आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम कार्यालय में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।</p><p>नगर निगम आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रिपेयर मेले का उद्देश्य नागरिकों को उपयोग की गई वस्तुओं को फेंकने के बजाय उनकी मरम्मत के लिए प्रेरित करना है। मेले में नगर के सभी नागरिक अपने पुराने या फटे कपड़े, टूटे हुए बर्तन तथा खराब जूते-चप्पल लेकर आ सकते हैं। नगर निगम के इस अनूठे प्रयास के माध्यम से इन सभी वस्तुओं की मरम्मत कर उन्हें दोबारा उपयोग योग्य बनाया जाएगा। आयुक्त बिनवाल ने कहा कि रिपेयर मेला न केवल कचरे के बढ़ते ढेर पर नियंत्रण लगाने में सहायक होगा, बल्कि संसाधनों की बचत के साथ-साथ स्वच्छ वायु की दिशा में भी एक सार्थक कदम सिद्ध होगा। उन्होंने नागरिकों से इस पहल में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील करते हुए कहा कि छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर बड़े पर्यावरणीय बदलाव ला सकती हैं। नगर निगम का यह प्रयास शहर में "रिड्यूस, रियूज और रिपेयर" की सोच को मजबूती देने के साथ-साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ ऋषिकेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570597/municipal-corporation-rishikeshs-unique-initiative-repair-fair-will-reduce-garbage</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 14:43:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Char Dham Yatra 2026 : यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी करने के निर्देश, ट्रांजिट कैंप की समीक्षा बैठक में बोले बड़े अधिकारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शनिवार को गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को यहां चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय में तैयारियों को लेकर प्रथम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को 31 मार्च तक पूर्ण रूप से चाक-चौबंद करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">गढ़वाल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने हेतु यात्रा मार्गों की सड़कों का सुधारीकरण, पार्किंग क्षमता में वृद्धि, पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, हेली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568090/char-dham-yatra-2026--instructions-given-to-complete-preparations-for-the-pilgrimage--senior-officials-speak-at-the-transit-camp-review-meeting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(17)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शनिवार को गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को यहां चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय में तैयारियों को लेकर प्रथम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को 31 मार्च तक पूर्ण रूप से चाक-चौबंद करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">गढ़वाल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने हेतु यात्रा मार्गों की सड़कों का सुधारीकरण, पार्किंग क्षमता में वृद्धि, पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, हेली सेवा, विद्युत, पेयजल, दूरसंचार एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। बैठक में रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा को लेकर एक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान पैदल मार्ग पर यात्रियों एवं घोड़े-खच्चरों की अधिक आवाजाही के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। इस समस्या के समाधान हेतु पुराने मार्ग से लगभग पांच किलोमीटर कम दूरी वाला एक नया वैकल्पिक पैदल मार्ग तैयार किया गया है। नए मार्ग पर बिजली, पानी एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को शीघ्र विकसित किया जाना है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस पर गढ़वाल कमिश्नर ने जिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर सभी तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसके पश्चात इस नए मार्ग को यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। नए मार्ग के खुलने से पुराने पैदल मार्ग पर यात्रियों का दबाव कम होने की संभावना है। बैठक में अवगत कराया गया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर सभी धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित की जाएंगी, जिसके साथ ही चारधाम यात्रा प्रारम्भ हो जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके मद्देनजर यात्रा पंजीकरण, सुरक्षा, यातायात एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण व्यवस्था होगी और अधिक सुगम तीर्थपुरोहित समाज, मंदिर समितियों एवं रोटेशन व्यवस्था समिति से प्राप्त सुझावों के आधार पर यात्रियों की सुविधा हेतु ऋषिकेश एवं हरिद्वार के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी पंजीकरण काउंटर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन विभाग को ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था शीघ्र प्रारंभ करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय लेकर तत्काल क्रियान्वयन का आश्वासन दिया गया। चारधाम यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व सभी धामों एवं यात्रा मार्गों पर पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, खाद्यान्न, पुलिस, सफाई, विद्युत, दूरसंचार, हेली सेवा एवं आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को दिए गए। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/567847/haridwar-ardh-kumbh-2027--demand-for-banning-entry-of-non-hindus-intensifies--what-is-the-controversy"><span class="t-red">हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027, </span>गैर हिंदुओं की एंट्री बैन की मांग तेज, क्या है विवाद जानें </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568090/char-dham-yatra-2026--instructions-given-to-complete-preparations-for-the-pilgrimage--senior-officials-speak-at-the-transit-camp-review-meeting</link>
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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 17:42:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा में बगावत,  VIP नाम समाने आने के बाद युवा मोर्चा जिला मंत्री ने दिया इस्तीफा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इसी कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता भगतराम कोठारी के बाद अब ऋषिकेश से भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस्तीफे के साथ श्री बहुखंडी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए लिखा कि जिस तरह इस मामले में वीआईपी लोगों के नाम सामने आ रहे हैं और पार्टी से जुड़े लोग चुप्पी साधे हुए हैं, उसे देखकर उन्हें शर्म महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565917/rebellion-in-bjp-over-ankita-bhandari-murder-case--youth-wing-district-minister-resigns-after-vip-name-surfaces"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इसी कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता भगतराम कोठारी के बाद अब ऋषिकेश से भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस्तीफे के साथ श्री बहुखंडी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए लिखा कि जिस तरह इस मामले में वीआईपी लोगों के नाम सामने आ रहे हैं और पार्टी से जुड़े लोग चुप्पी साधे हुए हैं, उसे देखकर उन्हें शर्म महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई न होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। </p>
<p style="text-align:justify;">बहुखंडी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वह इस पूरे प्रकरण से आहत हैं और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद पर बने रहना उचित नहीं समझते। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर समय रहते निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जनता का विश्वास डगमगा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेशभर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मामले को लेकर भाजपा से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा पहले भी इस्तीफे दिए जा चुके हैं। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। प्रदेश की राजनीति में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इसके और राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/565915/tragic-road-accident-in-dhanauri-uttarakhand-car-collides-with-a"><span class="t-red">उत्तराखंड के धनौरी में सड़क हादसा:</span> पेड़ से टकराई कार, बीजेपी नेता की दर्दनाक मौत </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565917/rebellion-in-bjp-over-ankita-bhandari-murder-case--youth-wing-district-minister-resigns-after-vip-name-surfaces</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 11:25:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरिद्वार गोलीकांड : हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की ऋषिकेश एम्स में मौत, इलाके में अलर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान मौत हो गई है। बीते दिनों वह हरिद्वार में पेशी के लिए ले जाए जा रहा था, तभी रास्ते में बदमाशों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">गोलीबारी की घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे तत्काल एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। यंहा चिकित्स्कों की गहन निगरानी मे त्यागी को रखा गया था। लेकिन शनिवार की सुबह उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। कोतवाल चंद्र शेखर भट्ट ने बताया कि फिलहाल पुलिस अग्रिम कार्रवाई मे जुटी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565129/haridwar-shooting-incident--history-sheeter-vinay-tyagi-dies-at-aiims-rishikesh--alert-issued-in-the-area"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/889.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान मौत हो गई है। बीते दिनों वह हरिद्वार में पेशी के लिए ले जाए जा रहा था, तभी रास्ते में बदमाशों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">गोलीबारी की घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे तत्काल एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। यंहा चिकित्स्कों की गहन निगरानी मे त्यागी को रखा गया था। लेकिन शनिवार की सुबह उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। कोतवाल चंद्र शेखर भट्ट ने बताया कि फिलहाल पुलिस अग्रिम कार्रवाई मे जुटी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि विनय त्यागी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह हिस्ट्रीशीटर के रूप में चिन्हित था। उसकी मौत के बाद क्षेत्र में किसी भी संभावित तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565129/haridwar-shooting-incident--history-sheeter-vinay-tyagi-dies-at-aiims-rishikesh--alert-issued-in-the-area</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 14:16:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठंड में भी धधके उत्तराखंड के जंगल,  आग से वन सम्पदा को भारी क्षति </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>उत्तराखंड के टिहरी गजा क्षेत्र के अंतर्गत माणदा तोली डांडा से दुवाकोटी सड़क के ऊपर बीते कई दिनों से जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। सर्दियों के मौसम में जंगलों का इस तरह जलना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। देर रात आग की चपेट में आकर बांज सहित अन्य प्रजातियों के पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए हैं, वहीं कई वन्य जीव-जन्तुओं के भी झुलसने की आशंका जताई जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि आग बुझाने के लिए वन विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जंगलों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564630/uttarakhand-forests-ablaze-even-in-the-cold--causing-heavy-damage-to-forest-resources"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/untitled-design-(2)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>उत्तराखंड के टिहरी गजा क्षेत्र के अंतर्गत माणदा तोली डांडा से दुवाकोटी सड़क के ऊपर बीते कई दिनों से जंगलों में भीषण आग लगी हुई है। सर्दियों के मौसम में जंगलों का इस तरह जलना गंभीर चिंता का विषय बन गया है। देर रात आग की चपेट में आकर बांज सहित अन्य प्रजातियों के पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए हैं, वहीं कई वन्य जीव-जन्तुओं के भी झुलसने की आशंका जताई जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि आग बुझाने के लिए वन विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जंगलों के नीचे कई महत्वपूर्ण प्राकृतिक जल स्रोत स्थित हैं, जिनसे नगर पंचायत गजा को पेयजल आपूर्ति होती है। इसके साथ ही सड़क किनारे मौजूद पेयजल स्रोतों पर भी आग का प्रतिकूल असर पड़ रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">सेवानिवृत्त प्रवक्ता बचन सिंह खडवाल ने बताया कि वनाग्नि से छोटे पौधे, पेड़ों के बीज और जीव-जन्तु नष्ट हो जाते हैं, जिससे जंगलों का प्राकृतिक पुनर्जीवन रुक जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आग की घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो आने वाले वर्षों में पहाड़ नंगे हो सकते हैं, जो जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से अत्यंत घातक होगा। आग के कारण जंगली जानवरों का रुख आबादी की ओर होने लगा है। </p>
<p style="text-align:justify;">ग्राम दुवाकोटी निवासी यशपाल सिंह चौहान और सोबत सिंह चौहान ने बताया कि उनके गांव के समीप दोपहर के समय भालू दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सूत्रों के अनुसार माणदा तोली डांडा से दुवाकोटी सड़क के ऊपर तक का पूरा वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है। सर्दियों में भी जंगलों में लग रही आग ने वन संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे की ओर संकेत किया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/564569/intolerance-towards-foreign-cultural-events----hindu-organizations-protest-against-christmas-celebrations-in-haridwar"><span class="t-red">बर्दाश्त नहीं विदेशी संस्कृति के आयोजन...</span> हरिद्वार में क्रिसमस सेलिब्रेशन पर हिन्दू संगठनों का विरोध </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 11:30:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीर्थनगरी ऋषिकेश में यूट्यूबर तनु रावत का उत्तेजक वीडियो वायरल, हिंदू संगठन ने जताई कड़ी नाराजगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>तीर्थनगरी ऋषिकेश में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तनु रावत के उत्तेजक डांस वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बताया जा रहा है कि श्री जयराम योग आश्रम परिसर में देर रात अर्धनग्न वस्त्रों में शूट किया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई।</p>
<p style="text-align:justify;">संगठन के लोग देर रात आश्रम प्रबंधन के पास पहुंचे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघव भटनागर ने कहा कि यह कृत्य ऋषिकेश और श्री जयराम आश्रम जैसी पवित्र भूमि की संस्कृति के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि जहां संत परंपरा और साधना की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557961/youtuber-tanu-rawat-s-provocative-video-goes-viral-in-the-pilgrimage-town-of-rishikesh--prompting-strong-displeasure-from-hindu-groups"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/cats514.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>तीर्थनगरी ऋषिकेश में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तनु रावत के उत्तेजक डांस वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बताया जा रहा है कि श्री जयराम योग आश्रम परिसर में देर रात अर्धनग्न वस्त्रों में शूट किया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई।</p>
<p style="text-align:justify;">संगठन के लोग देर रात आश्रम प्रबंधन के पास पहुंचे। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघव भटनागर ने कहा कि यह कृत्य ऋषिकेश और श्री जयराम आश्रम जैसी पवित्र भूमि की संस्कृति के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि जहां संत परंपरा और साधना की सुगंध हो, वहां इस तरह के अशोभनीय दृश्य किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री जयराम योग आश्रम परिसर में तनु रावत अपने कुछ साथियों के साथ वीडियो शूट कर रही थीं। वीडियो के वायरल होने के बाद संगठन के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और आश्रम प्रबंधन से जवाब तलब किया। इसी दौरान तनु रावत, उसकी सहेली और मां भी पहुंचीं, जिनसे संगठन के प्रतिनिधियों ने शालीनता से बातचीत करते हुए वीडियो दिखाया। </p>
<p style="text-align:justify;">तनु रावत और उनकी मां ने इस पर अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह उनका निजी जीवन है और किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करने का उद्देश्य नहीं था। वहीं, लायंस क्लब रॉयल के अध्यक्ष पंकज चंदानी और शहर के व्यापारी ललित मोहन मिश्र ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।</p>
<p style="text-align:justify;">संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघव भटनागर ने कहा कि रात के समय आश्रम परिसर में वीडियो शूट होना और प्रबंधन व सुरक्षा कर्मियों को इसकी जानकारी न होना अत्यंत चिंताजनक है। यह न केवल आश्रम की गरिमा पर प्रश्नचिह्न है बल्कि तीर्थनगरी की मर्यादा से भी खिलवाड़ है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/557961/youtuber-tanu-rawat-s-provocative-video-goes-viral-in-the-pilgrimage-town-of-rishikesh--prompting-strong-displeasure-from-hindu-groups</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/557961/youtuber-tanu-rawat-s-provocative-video-goes-viral-in-the-pilgrimage-town-of-rishikesh--prompting-strong-displeasure-from-hindu-groups</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 13:46:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chhath Puja Festival :  तैयारियों में जुटा नगर निगम...महापौर और नगर आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश, श्रद्धालुओं की भीड़ न बने जाम </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>उत्तराखंड के ऋषिकेश में आगामी 26, 27 और 28 अक्टूबर को होने वाले छठ पूजा महोत्सव की तैयारियों को लेकर नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। मंगलवार को महापौर शंभू पासवान और नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने त्रिवेणी घाट पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान महापौर और नगर आयुक्त ने पुलिस विभाग को ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ में जाम की स्थिति न बने। </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, सिंचाई विभाग को पोकलेन मशीन की मदद से जलधारा को घाट की ओर मोड़ने और टूटे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556887/chhath-puja-festival--the-municipal-corporation-is-busy-with-preparations----the-mayor-and-municipal-commissioner-have-issued-strict-instructions-to-ensure-that-the-crowd-of-devotees-does-not-create-traffic-jams"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(21)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>उत्तराखंड के ऋषिकेश में आगामी 26, 27 और 28 अक्टूबर को होने वाले छठ पूजा महोत्सव की तैयारियों को लेकर नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। मंगलवार को महापौर शंभू पासवान और नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने त्रिवेणी घाट पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान महापौर और नगर आयुक्त ने पुलिस विभाग को ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ में जाम की स्थिति न बने। </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, सिंचाई विभाग को पोकलेन मशीन की मदद से जलधारा को घाट की ओर मोड़ने और टूटे पोल व चैनों की मरम्मत कराने को कहा गया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता को घाट पर पर्याप्त लाइटिंग, रेत हटाकर समतलीकरण और अन्य आवश्यक कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश मिले। </p>
<p style="text-align:justify;">सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट को घाट की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और आस्था पथ की ओर जाने वाले मार्ग पर मोटरसाइकिल रोकने हेतु चैन लगाने को कहा गया। साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन को पर्याप्त बल तैनात करने और राजस्व विभाग को एक मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को 25 अक्टूबर तक सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। निरीक्षण के दौरान राजपाल ठाकुर, ललित मोहन मिश्रा, रामकृपाल गौतम, दीनदयाल राजभर, राजाराम, नागेंद्र सिंह, त्रिलोकीनाथ तिवारी, नायब तहसीलदार, सिंचाई विभाग के एसडीओ, त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/556879/chardham-yatra--the-doors-of-the-gangotri-temple-closed-with-the-chanting-of-vedic-mantras--darshan-will-now-be-available-for-six-months"><span class="t-red">Chardham Yatra: </span>वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बंद हुए गंगोत्री मंदिर के कपाट, अब छह माह तक यहां होंगे दर्शन</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556887/chhath-puja-festival--the-municipal-corporation-is-busy-with-preparations----the-mayor-and-municipal-commissioner-have-issued-strict-instructions-to-ensure-that-the-crowd-of-devotees-does-not-create-traffic-jams</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/556887/chhath-puja-festival--the-municipal-corporation-is-busy-with-preparations----the-mayor-and-municipal-commissioner-have-issued-strict-instructions-to-ensure-that-the-crowd-of-devotees-does-not-create-traffic-jams</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 14:33:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऋषिकेश में बड़ा हादसा: बजरंग पुल का कांच का फर्श टूटने से गंगा में लापता हुआ युवक, SDRF की छानबीन जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>ऋषिकेश में प्राचीन लक्ष्मण झूला पुल के समानांतर बनाए जा रहे पारदर्शी कांच के फर्श वाले बजरंग सेतु से  दिल्ली का रहने वाला एक युवक गंगा नदी में गिरकर लापता हो गया। यहां राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) के प्रभारी निरीक्षक कवींद्र सजवाण ने शुक्रवार को बताया कि दुर्घटना बृहस्पतिवार सवा दस बजे हुई जब हौज खास निवासी 31 वर्षीय हेमंत सोनी निर्माणाधीान पुल से गंगा नदी में जा गिरा। </p>
<p style="text-align:justify;">सजवाण ने बताया कि सोनी के दो साथियों अमित सोनी और अक्षत सेठ ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी जिसके बाद रात में ही लापता की खोजबीन का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556517/major-accident-in-rishikesh--young-man-missing-in-the-ganges-after-the-glass-floor-of-bajrang-bridge-broke--sdrf-investigation-underway"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(78).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>ऋषिकेश में प्राचीन लक्ष्मण झूला पुल के समानांतर बनाए जा रहे पारदर्शी कांच के फर्श वाले बजरंग सेतु से  दिल्ली का रहने वाला एक युवक गंगा नदी में गिरकर लापता हो गया। यहां राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) के प्रभारी निरीक्षक कवींद्र सजवाण ने शुक्रवार को बताया कि दुर्घटना बृहस्पतिवार सवा दस बजे हुई जब हौज खास निवासी 31 वर्षीय हेमंत सोनी निर्माणाधीान पुल से गंगा नदी में जा गिरा। </p>
<p style="text-align:justify;">सजवाण ने बताया कि सोनी के दो साथियों अमित सोनी और अक्षत सेठ ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी जिसके बाद रात में ही लापता की खोजबीन का काम शुरु कर दिया गया। हांलांकि, उन्होंने कहा कि अभी तक हेमंत सोनी का पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जनसुरक्षा की दृष्टि से पुल के दोनों छोरों पर आवागमन बंद रखने की उचित व्यवस्था थी लेकिन ये तीनों लोग उसे लांघ कर पुल पर चले गए। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि पुल के फर्श पर पारदर्शी कांच की प्लेटें बिछाए जाने का काम चल रहा था और रात में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि अगले कदम के बाद कांच की पारदर्शी प्लेट बिछी हुई हैं या नहीं। सजवाण ने कहा कि संभवतः हेमंत सोनी से रात में यही चूक हो गई होगी और जहां फर्श पर पारदर्शी कांच की प्लेट नहीं लगी थी, उसी जगह से गंगा में गिरने से वह हादसे का शिकार हो गया होगा ।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/556047/dhami-cabinet--dhami-government-s-gift-to-anganwadi-workers-on-diwali--now-50-percent-can-become-direct-supervisors"><span class="t-red">Dhami Cabinet :</span> दिवाली पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को धामी सरकार का तोहफा, अब 50 फीसदी बन सकेंगी सीधे सुपरवाइजर</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556517/major-accident-in-rishikesh--young-man-missing-in-the-ganges-after-the-glass-floor-of-bajrang-bridge-broke--sdrf-investigation-underway</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/556517/major-accident-in-rishikesh--young-man-missing-in-the-ganges-after-the-glass-floor-of-bajrang-bridge-broke--sdrf-investigation-underway</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 14:57:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-10/untitled-design-%2878%29.jpg"                         length="207568"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी के तेज बहाव में डूबे पति-पत्नी: सर्च ऑपरशन जारी, नदी पार करते समय बिगड़ा संतुलन  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा की सहायक नदी चंद्रभागा को पार कर रहे दंपति तेज प्रवाह में बह गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। त्रिवेणी घाट पुलिस चौकी के प्रभारी विनेश कुमार ने ‘न्यूज़ एजेंसी’ को बताया कि चंद्रेश्वर नगर निवासी पिंटू (26) और उनकी पत्नी लक्ष्मी (25) मायाकुंड से नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे कि तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नदी की तेज धाराओं में बह गए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि यह घटना शुक्रवार शाम करीब सात बजे हुई। घटना के तुरंत बाद जल पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/550164/husband-and-wife-drowned-in-the-strong-current-of-chandrabhaga-river-in-rishikesh--search-operation-continues--lost-balance-while-crossing-the-river"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(14)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा की सहायक नदी चंद्रभागा को पार कर रहे दंपति तेज प्रवाह में बह गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। त्रिवेणी घाट पुलिस चौकी के प्रभारी विनेश कुमार ने ‘न्यूज़ एजेंसी’ को बताया कि चंद्रेश्वर नगर निवासी पिंटू (26) और उनकी पत्नी लक्ष्मी (25) मायाकुंड से नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे कि तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नदी की तेज धाराओं में बह गए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि यह घटना शुक्रवार शाम करीब सात बजे हुई। घटना के तुरंत बाद जल पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों द्वारा तलाश अभियान शुरू किया गया, लेकिन शाम को इसे रोकना पड़ा। हालांकि, शनिवार सुबह इसे फिर से शुरू किया गया, लेकिन दंपति का अभी तक पता नहीं चल पाया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/550029/high-order-of-high-court-on-nainital-district-panchayat-president">नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव रद्द, हाईकोर्ट ने दिए ये निर्देश</a></strong></p>
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<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Aug 2025 14:36:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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