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                <title>ऋषिकेष - Amrit Vichar</title>
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                <description>ऋषिकेष RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गंगा का जलस्तर बढ़ा तो SDRF अलर्ट, ऋषिकेश में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई; घाटों पर कड़ी निगरानी</title>
                                    <description><![CDATA[कांवड़ मेला-2026 के बीच ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला के संवेदनशील घाटों पर SDRF की तैनाती, तेज बहाव और गहरे पानी में जाने से श्रद्धालुओं को रोका जा रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589757/rishikesh-kanwar-yatra-2026-sdrf-alert-ganga-water-level"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/ganga-water-level-rises;-sdrf-on-alert..png" alt=""></a><br /><p><strong>ऋषिकेश: </strong>उत्तराखंड में कांवड़ मेला-2026 के दौरान गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने ऋषिकेश क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी और मजबूत कर दी है। श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए SDRF की टीमें प्रमुख घाटों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार तैनात हैं।</p>
<p>ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले प्रमुख घाटों पर SDRF जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं। गंगा में तेज बहाव और गहरे पानी वाले हिस्सों में श्रद्धालुओं तथा कांवड़ यात्रियों को प्रवेश करने से रोका जा रहा है।</p>
<h5><strong>घाटों पर लगातार गश्त, लाउडहेलर से हो रही अपील</strong></h5>
<p>SDRF की टीमें घाटों पर नियमित गश्त कर रही हैं और लोगों को नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक कर रही हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम न लेने की सलाह दी जा रही है।</p>
<p>सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को लाउडहेलर के जरिए भी लगातार प्रसारित किया जा रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित घाटों पर ही स्नान करने और गहरे पानी तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।</p>
<h5><strong>SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल में समन्वय</strong></h5>
<p>कांवड़ मेले के दौरान SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा एवं बचाव व्यवस्था संभाल रहे हैं। संवेदनशील घाटों पर सभी एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि गंगा का जलस्तर और बहाव बढ़ने की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<h5><strong>कांवड़ यात्रियों से जोखिम न लेने की अपील</strong></h5>
<p>SDRF ने श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों से गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को गंभीरता से लेने की अपील की है। लोगों से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक जोखिम से बचने को कहा गया है।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धालुओं की सतर्कता और सहयोग से ही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589443/nainital-south-india-rajasthan-and-gujarati-tourists-increased-the-inflow"><span class="t-red">Uttarakhand News :</span> दक्षिण भारत, राजस्थान व गुजराती सैलानियों ने बढ़ाई पर्यटकों की आमद</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>पंतनगर</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 12:06:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kedarnath Yatra Update: केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन, गौरीकुंड के पास रास्ता बंद; यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया</title>
                                    <description><![CDATA[भारी बारिश के बीच छोड़ी के पास गिरा मलबा और पत्थर, प्रशासन ने शुरू कराया मार्ग बहाली का कार्य; NDRF-SDRF अलर्ट पर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588511/kedarnath-pedestrian-route-closed-after-landslide-near-gaurikund"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan--(27)8.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>रुद्रप्रयाग:</strong> उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच केदारनाथ पैदल मार्ग पर बुधवार सुबह भूस्खलन होने से यात्रा प्रभावित हो गई। गौरीकुंड से करीब एक किलोमीटर आगे छोड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण पैदल मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिसके चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भूस्खलन की सूचना मिलते ही सुरक्षा के मद्देनज़र यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने तक किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>मार्ग बहाल करने में जुटीं टीमें</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मलबा हटाकर मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने का कार्य जारी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>NDRF और SDRF अलर्ट मोड पर</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन बल, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और केवल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू कराई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588085/havoc-caused-by-heavy-rains-in-uttarakhand--two-killed-by-lightning--84-roads-closed--red-alert-issued-for-several-districts"><span class="t-red">उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर :</span> आकाशीय बिजली गिरने से दो की मौत, 84 सड़कें बंद; कई जिलों में रेड अलर्ट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 13:18:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Monsoon Live Updates: लखनऊ में मानसून का जोरदार आगाज... आधे शहर में जलभराव से आफत, तो खेतों में छाई रौनक</title>
                                    <description><![CDATA[देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, तेज हवाओं और जलभराव ने जनजीवन प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों में पूरे देश में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586919/monsoon-alert-today-delhi-rain-imd-heavy-rain-maharashtra-up-bihar-weather-update"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan-dixit-(4)2.png" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>डिजिटल डेस्क। </strong>देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और जलभराव ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, यातायात प्रभावित है और नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 2 से 3 दिनों में पूरे देश में मानसून के पहुंचने की संभावना जताते हुए कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देशभर में बारिश, बाढ़, मौसम अलर्ट और उससे जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए इस Monsoon Live Updates ब्लॉग से जुड़े.... </p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ की कुछ तस्वीरें</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/muskan-dixit-(5)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (5)" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/muskan-dixit-(6)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (6)" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/muskan-dixit-(7)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (7)" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>फोटो- प्रमोद कुमार शर्मा, लखनऊ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>पंतनगर</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                            <category>सितारगंज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:44:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Rashtriya Bal Puraskar 2026: अगर आपके बच्चे में है कोई अनोखा टैलेंट, तो जल्द करें रजिस्ट्रेशन; खुद पीएम मोदी करेंगे सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>टिहरी:</strong> उत्तराखंड में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी)-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किये हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह प्रतिष्ठित सम्मान 18 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा, उत्कृष्ट उपलब्धि और प्रेरणादायी कार्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र का गौरव बढ़ाया हो। </p>
<p>बुधवार को विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार छह श्रेणियों बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में प्रदान किया जाता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584956/pm-rashtriya-bal-puraskar-2026-if-your-child-has-any"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/muskan-dixit-(21)4.png" alt=""></a><br /><p><strong>टिहरी:</strong> उत्तराखंड में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी)-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किये हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह प्रतिष्ठित सम्मान 18 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा, उत्कृष्ट उपलब्धि और प्रेरणादायी कार्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र का गौरव बढ़ाया हो। </p>
<p>बुधवार को विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार छह श्रेणियों बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में प्रदान किया जाता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इसके लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी, संस्थान एवं संगठन 31 जुलाई तक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। </p>
<h4><strong>विभाग ने की लोगों से अपील</strong></h4>
<p>महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों तथा आमजन से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उनका नामांकन सुनिश्चित करें, जिन्होंने अपनी उपलब्धियों से समाज में प्रेरणा का कार्य किया हो। विभाग ने विशेष रूप से बालिकाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग, कमजोर वर्गों तथा दिव्यांग बच्चों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से उनके नामांकन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। </p>
<h4><strong>जानें कैसे कर सकते हैं आवेदन</strong></h4>
<p>अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य देशभर के मेधावी एवं प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। विभाग ने बताया कि नामांकन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे तथा आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। ऐसे में इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थान समय रहते पात्र बच्चों का नामांकन कर इस राष्ट्रीय सम्मान की दौड़ में शामिल करा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:33:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kedarnath Yatra Helicopter Service: IRCTC पर कैसे करें टिकट बुक? जानें किराया और रूट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गुप्तकाशी/देहरादून।</strong> चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलने जा रहे हैं। ऐसे में केदारनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है — हेलीकॉप्टर सेवा की टिकट बुकिंग आज (11 अप्रैल) दोपहर 12 बजे से शुरू हो रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बुकिंग कब तक और कैसे करें?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">हेलीकॉप्टर टिकट केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in पर ही उपलब्ध होगी। यह बुकिंग 22 अप्रैल से 15 जून 2026 तक की यात्राओं के लिए मान्य रहेगी।  </p>
<p style="text-align:justify;">टिकट बुक करने से पहले श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578298/kedarnath-yatra-helicopter-service--how-to-book-tickets-on-irctc--know-fare-and-route"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(48)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गुप्तकाशी/देहरादून।</strong> चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलने जा रहे हैं। ऐसे में केदारनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है — हेलीकॉप्टर सेवा की टिकट बुकिंग आज (11 अप्रैल) दोपहर 12 बजे से शुरू हो रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बुकिंग कब तक और कैसे करें?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">हेलीकॉप्टर टिकट केवल IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in पर ही उपलब्ध होगी। यह बुकिंग 22 अप्रैल से 15 जून 2026 तक की यात्राओं के लिए मान्य रहेगी।  </p>
<p style="text-align:justify;">टिकट बुक करने से पहले श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के बाद ही IRCTC पोर्टल पर लॉगिन करके हेलीकॉप्टर स्लॉट बुक किया जा सकता है। ध्यान रहे, एक आईडी से अधिकतम 6 टिकट ही बुक किए जा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>किराया कितना लगेगा?  </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा तीन जगहों से उपलब्ध है:</p>
<p style="text-align:justify;">- गुप्तकाशी से केदारनाथ (दोनों तरफ) : ₹12,762  <br />- फाटा से केदारनाथ (दोनों तरफ) : ₹10,164  <br />- सिरसी से केदारनाथ (दोनों तरफ) : ₹6,390  </p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से सावधान रहने की चेतावनी दी है। केवल आधिकारिक वेबसाइट के अलावा किसी भी फर्जी वेबसाइट, व्हाट्सएप नंबर या सोशल मीडिया ऑफर पर भरोसा न करें। पहले भी कई ठगी के मामले सामने आ चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि टिकट बुकिंग के समय सही जानकारी भरें और आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें ताकि कोई परेशानी न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">चारधाम यात्रा के दौरान सुविधाजनक और समय बचाने वाली हेलीकॉप्टर सेवा के लिए यह बुकिंग बहुत महत्वपूर्ण है। इच्छुक श्रद्धालु आज दोपहर 12 बजे से वेबसाइट पर लॉगिन कर अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं। प्रक्रिया शुरू हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 12:55:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: राज्य में पहाड़ से मैदान तक बारिश और बर्फबारी...चार धाम यात्रा की तैयारियों में खलल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में अप्रैल के दौरान एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा है। मैदान में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी से तापमान नीचे आ गया। कई इलाकों में भूस्खलन से यातायत प्रभावित हुआ। मौसम विभाग की तरफ से गुरुवार को भी आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>
<p>दरअसल भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से अप्रैल में लौटी ठंड ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चला गया। टिहरी-चंबा मार्ग पर बगड़धार में भूस्खलन होने की वजह से यातायात प्रभावित रहा। बारिश और बर्फबारी की वजह से चारधाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577944/rain-and-snowfall-across-the-state%E2%80%94from-the-mountains-to-the-plains----disrupting-preparations-for-the-char-dham-yatra"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/barf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में अप्रैल के दौरान एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा है। मैदान में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी से तापमान नीचे आ गया। कई इलाकों में भूस्खलन से यातायत प्रभावित हुआ। मौसम विभाग की तरफ से गुरुवार को भी आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>
<p>दरअसल भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से अप्रैल में लौटी ठंड ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चला गया। टिहरी-चंबा मार्ग पर बगड़धार में भूस्खलन होने की वजह से यातायात प्रभावित रहा। बारिश और बर्फबारी की वजह से चारधाम यात्रा की तैयारियों में भी खलल पड़ा। रामनगर में रात से हो रही बारिश ने लोगों को दोबारा गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया तो गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान होने की बात कही जा रही है।</p>
<p><strong>नैनीताल आए पर्यटक होटलों में दुबके</strong><br />नैनीताल में देर रात से लगातार बारिश जारी थी। जिसकी वजह से जन जीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हुआ। पर्यटक स्थल वीरान दिखाई दिए। नैनीताल घूमने का मन बनाकर आए पर्यटकों को होटेलों में ही दुबके रहना पड़ा। हल्द्वानी में सुबह से जारी बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में 10 डिग्री गिरावट होने का अनुमान जताया गया है।</p>
<p><strong>अल्मोड़ा में सुबह से झमाझम बारिश</strong><br />अल्मोड़ा में बारिश ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया। सुबह से झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। जिसकी वजह से ठंड में भी इजाफा। हुआ जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी अनुसार अल्मोड़ा में अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रानीखेत के पास सबसे ऊंची पर्वतमाला भरतकोट के साथ ही पांडवखोली की चोटी पर बारिश के साथ सीजन का तीसरा हिमपात हुआ है। हालांकि बर्फ टिक नहीं रही है, लेकिन बर्फीली हवा से मौसम बेहद ठंडा हो गया है। वहीं, तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>पंतनगर</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                            <category>सितारगंज</category>
                                            <category>बागेश्वर</category>
                                            <category>टनकपुर</category>
                                            <category>लालकुआं</category>
                                            <category>कोटद्वार</category>
                                            <category>काशीपुर</category>
                                            <category>पिथौरागढ़</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                            <category>उधम सिंह नगर</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 14:02:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> उत्तराखंड :  मन की शांति के लिए विदेशियों को लुभाता ऋषिकेश; घरेलू पर्यटकों में साहसिक खेल लोकप्रिय </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>कोविड महामारी के बाद ऋषिकेश में जहां मन की शांति की खोज में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, तो वहीं 'रिवर राफ्टिंग' और 'बंजी जंपिंग' जैसे साहसिक खेलों में रुचि लेने वाले घरेलू सैलानियों की संख्या भी बढ़ रही है। योग की विश्व राजधानी कहा जाने वाला ऋषिकेश अब केवल आध्यात्मिकता का केंद्र भर नहीं रह गया है। यहां गंगा की लहरों पर रिवर राफ्टिंग का रोमांच है, बंजी जंपिंग की ऊंचाइयां हैं, 'जायंट स्विंग' की धड़कनें हैं और इनके बीच सेल्फी लेते, हंसते-खिलखिलाते पर्यटकों की भीड़ है। </p>
<p style="text-align:justify;">तपोवन से लक्ष्मण झूला की ओर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572868/uttarakhand--rishikesh-attracts-foreigners-seeking-peace-of-mind--adventure-sports-popular-with-domestic-tourists"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(18)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश। </strong>कोविड महामारी के बाद ऋषिकेश में जहां मन की शांति की खोज में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, तो वहीं 'रिवर राफ्टिंग' और 'बंजी जंपिंग' जैसे साहसिक खेलों में रुचि लेने वाले घरेलू सैलानियों की संख्या भी बढ़ रही है। योग की विश्व राजधानी कहा जाने वाला ऋषिकेश अब केवल आध्यात्मिकता का केंद्र भर नहीं रह गया है। यहां गंगा की लहरों पर रिवर राफ्टिंग का रोमांच है, बंजी जंपिंग की ऊंचाइयां हैं, 'जायंट स्विंग' की धड़कनें हैं और इनके बीच सेल्फी लेते, हंसते-खिलखिलाते पर्यटकों की भीड़ है। </p>
<p style="text-align:justify;">तपोवन से लक्ष्मण झूला की ओर जाती संकरी गलियों में विदेशी पर्यटकों की अच्छी-खासी मौजूदगी देखी जा सकती है। यहां स्थित कैफे 'मोक्तान', दक्षिण भारतीय भोजनालय 'अन्ना मेस' से आती डोसे की खुशबू और आसपास फैले योग एवं कल्याण केंद्र, योग और पर्यटन का अनूठा संगम दर्शाते हैं। मोक्तान कैफे में ऑस्ट्रेलियाई मूल की कैरोलीन बैठी थीं। उन्होंने भाषा के साथ बातचीत में कहा कि पिछले वर्ष सितंबर में यहां उन्होंने 500 घंटे का योग शिक्षक प्रशिक्षण पूरा किया और जनवरी में योग में स्नातकोत्तर किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था, ''ऋषिकेश इसलिए खास है क्योंकि यहां लोग सिर्फ आंतरिक विकास के लिए आते हैं। लोगों के चेहरों पर मुस्कान देखकर लगता है कि वे जो ढूंढ़ रहे थे, वो मिल भी रहा है।'' कैरोलीन अपनी नौकरी छोड़कर यहां आध्यात्मिकता और योग सीखने पहुंची थीं। जर्मनी की पर्यटक जोई ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह यहां योग सीखने के उद्देश्य से आई हैं। उन्होंने कहा, ''मेरी बहन ने योग करने का सुझाव दिया था। मुझे लगा कि योग सीखने की भारत से बेहतर जगह कोई नहीं है।" इन विदेशी साधकों में एक समानता स्पष्ट दिखती है-मन की शांति की खोज। </p>
<p style="text-align:justify;">ऋषिकेश में गंगा नदी के घाटों से कुछ दूरी पर बहुत से कैफे हैं जिनमें रात दस बजे तक उत्सव जैसा माहौल बना रहता है। लाइव म्यूजिक की धुनें, हंसी-ठहाकों की गूंज और अनजान चेहरों के बीच बनती नयी पहचानें मिलकर एक नए ऋषिकेश की तस्वीर पेश करती हैं। हालांकि इस भीड़ में विदेशी पर्यटक अपेक्षाकृत कम दिखाई देते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">अध्यात्म और योग की इस नगरी में गंगा शांत लय बहती है और सामने खड़े पर्वत ध्यानमग्न प्रतीत होते हैं। जोई ने अपने होटल की ऊपरी मंजिल पर स्थित कैफे से यह दृश्य देखते हुए कहा, ''ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे प्रकृति स्वयं साधना में लीन हो।'' कैरोलीन कहती हैं कि आध्यात्मिक खोज और आंतरिक शांति की तलाश में आने वालों को यह नगर आकर्षित करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां के योगाश्रमों में साधक ध्यान, प्राणायाम और गहन अभ्यास में समय बिताते हैं। योग केंद्रों में भारतीयों की उपस्थिति तो है लेकिन विदेशियों की तुलना में वे अपेक्षाकृत कम नजर आते हैं। इसी तपोवन में 14 साल से आध्यात्मिक स्कूल चला रहे एक योग गुरु ने बताया कि कोविड-19 के बाद सरकार ने यहां पर्यटन पर खास ध्यान दिया है जिसके कारण पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि साहसिक खेलों और योग दोनों में ही पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है लेकिन तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो साहसिक खेलों के लिए लोग ज्यादा आते हैं। उन्होंने बताया कि यहां योग सीखने के लिए 25 से 60 व इससे ज्यादा की उम्र के लोग भी आते हैं। वहीं, एक अन्य योग गुरु ने बताया कि भारतीय पर्यटक योग को गंभीर साधना के रूप में नहीं लेते। उनका यह भी कहना था कि समय के साथ योग का व्यावसायीकरण भी बढ़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 से योग सिखा रहे प्रशिक्षक दीपक ने बताया कि भारतीयों और विदेशियों की संख्या स्थान के अनुसार बदलती रहती है। उनके अनुसार, बाजार या शहर के मुख्य इलाकों में आयोजित कक्षाओं में स्थानीय लोग और भारतीय पर्यटक अच्छी संख्या में भाग लेते हैं, जबकि तपोवन जैसे क्षेत्रों में विदेशी साधकों की भागीदारी अधिक रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था कि कोविड के बाद भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन उनमें से अधिकतर साहसिक खेलों के लिए आते हैं तथा योग उनकी प्राथमिकता नहीं होता। ऋषिकेश निवासी और योग प्रशिक्षक सूरज ने बताया कि भारतीय पर्यटकों में केवल 20 प्रतिशत लोग योग के लिए आते हैं, जबकि 80 प्रतिशत पर्यटक साहसिक खेलों, घूमने-फिरने और पार्टियों आदि के लिए ऋषिकेश को चुनते हैं। उनका कहना था कि राफ्टिंग जैसे खेलों में भी विदेशी पर्यटक तुलनात्मक रूप से कम होते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">ऋषिकेश पिछले चार-पांच साल में साहसिक खेलों के लिए तेजी से लोकप्रिय हुआ है जिनमें युवाओं के बीच व्हाइट रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, रिवर्स बंजी जंपिंग, फ्लाइंग फॉक्स और क्लिफ डाइविंग को लेकर काफी जुनून है। इन खेलों के लिए सबसे बेहतरीन समय मार्च से लेकर जून तक रहता है। सूरज ने बताया कि इस सीजन में साहसिक खेलों के लिए यहां घरेलू स्तर पर युवा पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। </p>
<p style="text-align:justify;">शाम के समय 'गुड टाइम्स कैफे' में बैठकर गंगा को समर्पित दीपकों की टिमटिमाती रोशनी को निहारती हरियाणा निवासी और यहां ध्यान मार्गदर्शक के रूप में कार्य करने वाली 27 वर्षीय रक्षिता ने बताया कि योग कक्षाओं में प्रतिभागियों की संख्या अच्छी रहती है, लेकिन उनमें लगभग 95 प्रतिशत विदेशी होते हैं। इसका कारण पूछने पर उन्होंने कहा, ''जो चीज हमें सहज रूप से उपलब्ध होती है, हम अक्सर उसकी उतनी कद्र नहीं कर पाते।'' रक्षिता के अनुसार, विदेशी साधक योग की बुनियादी बातों को सीखने के लिए भी काफी उत्साहित रहते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था कि विदेशी प्रतिभागियों के लिए भारत में योग प्रशिक्षण अपेक्षाकृत किफायती पड़ता है, जबकि भारतीयों को यह कुछ महंगा महसूस हो सकता है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कोविड के बाद से ऋषिकेश में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। साल 2021 में यहां कुल 2,92,806 पर्यटक आए थे, जिनमें विदेशी सैलानियों की संख्या 1,576 थी। </p>
<p style="text-align:justify;">हीं साल 2022 में पर्यटकों की कुल संख्या बढ़कर 7,58,081 हो गई, जिसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या 1,817 दर्ज की गई। वर्ष 2024 में ऋषिकेश में कुल 9,68,893 पर्यटक पहुंचे, जिनमें 4,857 विदेशी थे। विदेशी पर्यटकों की संख्या में कोविड के बाद सुधार देखा गया है, फिर भी यह 2019 के पूर्व-कोविड स्तर से कम है। ऋषिकेश में 2019 में 8088 विदेशी पर्यटक आए थे। आंकड़े बताते हैं कि संख्या के लिहाज से घरेलू पर्यटकों का वर्चस्व है, लेकिन योग और आध्यात्मिक साधना के प्रति गंभीर आकर्षण अब भी विदेशियों में अधिक दिखाई देता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/572868/uttarakhand--rishikesh-attracts-foreigners-seeking-peace-of-mind--adventure-sports-popular-with-domestic-tourists</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 16:43:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टाइगर रिजर्व के 'कोर जोन' में फंसे हरियाणा के 5 शिव भक्त, पुलिस और वन विभाग ने किया रेस्क्यू </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में ऋषिकेश के कोतवाली लक्ष्मणझूला क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के जंगल में रास्ता भटक गए पांच श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। सभी श्रद्धालु नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर लौटते समय घने जंगल में भटक गए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार डायल-112 पर सूचना मिली कि दर्शन कर लौट रहे कुछ लोग रास्ता भटक गए हैं और चारों ओर जंगल होने से घबराए हुए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">फोन संपर्क और लोकेशन ट्रैक करने पर उनकी स्थिति राजाजी नेशनल पार्क के कोर एरिया टाइगर जोन में विंध्यवासिनी मंदिर से करीब छह किलोमीटर दूर महादेव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571236/five-shiv-devotees-from-haryana-trapped-in-the--core-zone--of-the-tiger-reserve--rescued-by-police-and-forest-department"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(4)7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में ऋषिकेश के कोतवाली लक्ष्मणझूला क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के जंगल में रास्ता भटक गए पांच श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया। सभी श्रद्धालु नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर लौटते समय घने जंगल में भटक गए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार डायल-112 पर सूचना मिली कि दर्शन कर लौट रहे कुछ लोग रास्ता भटक गए हैं और चारों ओर जंगल होने से घबराए हुए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">फोन संपर्क और लोकेशन ट्रैक करने पर उनकी स्थिति राजाजी नेशनल पार्क के कोर एरिया टाइगर जोन में विंध्यवासिनी मंदिर से करीब छह किलोमीटर दूर महादेव पानी क्षेत्र में पाई गई। लोकेशन मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कठिन परिस्थितियों में तलाश एवं बचाव अभियान चलाया। अथक प्रयासों के बाद सूचना देने वाले व्यक्ति सहित उसके चार अन्य साथियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">जंगल से सुरक्षित बाहर निकाले गए सभी युवक पानीपत जिले के जुरासी खालसा गांव के निवासी बताए गए हैं, जो हरियाणा से उत्तराखंड दर्शन के लिए आए थे। बचाव अभियान में पुलिस टीम के साथ वन विभाग के कर्मचारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सभी श्रद्धालुओं को सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/571236/five-shiv-devotees-from-haryana-trapped-in-the--core-zone--of-the-tiger-reserve--rescued-by-police-and-forest-department</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 10:58:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम ऋषिकेश की अनूठी पहल: 'रिपेयर मेला' से कचरा घटेगा, स्वच्छ वायु को मिलेगा बल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में नगर निगम ऋषिकेश द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की जा रही है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत नगर निगम द्वारा शीघ्र ही "रिपेयर मेला" आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम कार्यालय में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।</p><p>नगर निगम आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रिपेयर मेले का उद्देश्य नागरिकों को उपयोग की गई वस्तुओं को फेंकने के बजाय उनकी मरम्मत के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570597/municipal-corporation-rishikeshs-unique-initiative-repair-fair-will-reduce-garbage"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/305.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में नगर निगम ऋषिकेश द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की जा रही है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत नगर निगम द्वारा शीघ्र ही "रिपेयर मेला" आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम कार्यालय में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।</p><p>नगर निगम आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रिपेयर मेले का उद्देश्य नागरिकों को उपयोग की गई वस्तुओं को फेंकने के बजाय उनकी मरम्मत के लिए प्रेरित करना है। मेले में नगर के सभी नागरिक अपने पुराने या फटे कपड़े, टूटे हुए बर्तन तथा खराब जूते-चप्पल लेकर आ सकते हैं। नगर निगम के इस अनूठे प्रयास के माध्यम से इन सभी वस्तुओं की मरम्मत कर उन्हें दोबारा उपयोग योग्य बनाया जाएगा। आयुक्त बिनवाल ने कहा कि रिपेयर मेला न केवल कचरे के बढ़ते ढेर पर नियंत्रण लगाने में सहायक होगा, बल्कि संसाधनों की बचत के साथ-साथ स्वच्छ वायु की दिशा में भी एक सार्थक कदम सिद्ध होगा। उन्होंने नागरिकों से इस पहल में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील करते हुए कहा कि छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर बड़े पर्यावरणीय बदलाव ला सकती हैं। नगर निगम का यह प्रयास शहर में "रिड्यूस, रियूज और रिपेयर" की सोच को मजबूती देने के साथ-साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ ऋषिकेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570597/municipal-corporation-rishikeshs-unique-initiative-repair-fair-will-reduce-garbage</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 14:43:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Char Dham Yatra 2026 : यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी करने के निर्देश, ट्रांजिट कैंप की समीक्षा बैठक में बोले बड़े अधिकारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शनिवार को गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को यहां चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय में तैयारियों को लेकर प्रथम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को 31 मार्च तक पूर्ण रूप से चाक-चौबंद करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">गढ़वाल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने हेतु यात्रा मार्गों की सड़कों का सुधारीकरण, पार्किंग क्षमता में वृद्धि, पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, हेली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568090/char-dham-yatra-2026--instructions-given-to-complete-preparations-for-the-pilgrimage--senior-officials-speak-at-the-transit-camp-review-meeting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(17)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शनिवार को गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को यहां चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय में तैयारियों को लेकर प्रथम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को 31 मार्च तक पूर्ण रूप से चाक-चौबंद करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">गढ़वाल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने हेतु यात्रा मार्गों की सड़कों का सुधारीकरण, पार्किंग क्षमता में वृद्धि, पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, हेली सेवा, विद्युत, पेयजल, दूरसंचार एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। बैठक में रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा को लेकर एक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान पैदल मार्ग पर यात्रियों एवं घोड़े-खच्चरों की अधिक आवाजाही के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। इस समस्या के समाधान हेतु पुराने मार्ग से लगभग पांच किलोमीटर कम दूरी वाला एक नया वैकल्पिक पैदल मार्ग तैयार किया गया है। नए मार्ग पर बिजली, पानी एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को शीघ्र विकसित किया जाना है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस पर गढ़वाल कमिश्नर ने जिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर सभी तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसके पश्चात इस नए मार्ग को यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। नए मार्ग के खुलने से पुराने पैदल मार्ग पर यात्रियों का दबाव कम होने की संभावना है। बैठक में अवगत कराया गया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर सभी धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित की जाएंगी, जिसके साथ ही चारधाम यात्रा प्रारम्भ हो जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके मद्देनजर यात्रा पंजीकरण, सुरक्षा, यातायात एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण व्यवस्था होगी और अधिक सुगम तीर्थपुरोहित समाज, मंदिर समितियों एवं रोटेशन व्यवस्था समिति से प्राप्त सुझावों के आधार पर यात्रियों की सुविधा हेतु ऋषिकेश एवं हरिद्वार के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी पंजीकरण काउंटर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन विभाग को ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था शीघ्र प्रारंभ करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय लेकर तत्काल क्रियान्वयन का आश्वासन दिया गया। चारधाम यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व सभी धामों एवं यात्रा मार्गों पर पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, खाद्यान्न, पुलिस, सफाई, विद्युत, दूरसंचार, हेली सेवा एवं आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को दिए गए। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/567847/haridwar-ardh-kumbh-2027--demand-for-banning-entry-of-non-hindus-intensifies--what-is-the-controversy"><span class="t-red">हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027, </span>गैर हिंदुओं की एंट्री बैन की मांग तेज, क्या है विवाद जानें </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568090/char-dham-yatra-2026--instructions-given-to-complete-preparations-for-the-pilgrimage--senior-officials-speak-at-the-transit-camp-review-meeting</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/568090/char-dham-yatra-2026--instructions-given-to-complete-preparations-for-the-pilgrimage--senior-officials-speak-at-the-transit-camp-review-meeting</guid>
                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 17:42:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा में बगावत,  VIP नाम समाने आने के बाद युवा मोर्चा जिला मंत्री ने दिया इस्तीफा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इसी कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता भगतराम कोठारी के बाद अब ऋषिकेश से भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस्तीफे के साथ श्री बहुखंडी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए लिखा कि जिस तरह इस मामले में वीआईपी लोगों के नाम सामने आ रहे हैं और पार्टी से जुड़े लोग चुप्पी साधे हुए हैं, उसे देखकर उन्हें शर्म महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565917/rebellion-in-bjp-over-ankita-bhandari-murder-case--youth-wing-district-minister-resigns-after-vip-name-surfaces"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। इसी कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता भगतराम कोठारी के बाद अब ऋषिकेश से भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस्तीफे के साथ श्री बहुखंडी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए लिखा कि जिस तरह इस मामले में वीआईपी लोगों के नाम सामने आ रहे हैं और पार्टी से जुड़े लोग चुप्पी साधे हुए हैं, उसे देखकर उन्हें शर्म महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई न होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। </p>
<p style="text-align:justify;">बहुखंडी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वह इस पूरे प्रकरण से आहत हैं और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद पर बने रहना उचित नहीं समझते। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर समय रहते निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जनता का विश्वास डगमगा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेशभर में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मामले को लेकर भाजपा से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा पहले भी इस्तीफे दिए जा चुके हैं। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। प्रदेश की राजनीति में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इसके और राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/565915/tragic-road-accident-in-dhanauri-uttarakhand-car-collides-with-a"><span class="t-red">उत्तराखंड के धनौरी में सड़क हादसा:</span> पेड़ से टकराई कार, बीजेपी नेता की दर्दनाक मौत </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 11:25:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरिद्वार गोलीकांड : हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की ऋषिकेश एम्स में मौत, इलाके में अलर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान मौत हो गई है। बीते दिनों वह हरिद्वार में पेशी के लिए ले जाए जा रहा था, तभी रास्ते में बदमाशों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">गोलीबारी की घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे तत्काल एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। यंहा चिकित्स्कों की गहन निगरानी मे त्यागी को रखा गया था। लेकिन शनिवार की सुबह उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। कोतवाल चंद्र शेखर भट्ट ने बताया कि फिलहाल पुलिस अग्रिम कार्रवाई मे जुटी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565129/haridwar-shooting-incident--history-sheeter-vinay-tyagi-dies-at-aiims-rishikesh--alert-issued-in-the-area"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/889.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ऋषिकेश।</strong> उत्तराखंड में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान मौत हो गई है। बीते दिनों वह हरिद्वार में पेशी के लिए ले जाए जा रहा था, तभी रास्ते में बदमाशों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">गोलीबारी की घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे तत्काल एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। यंहा चिकित्स्कों की गहन निगरानी मे त्यागी को रखा गया था। लेकिन शनिवार की सुबह उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। कोतवाल चंद्र शेखर भट्ट ने बताया कि फिलहाल पुलिस अग्रिम कार्रवाई मे जुटी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि विनय त्यागी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह हिस्ट्रीशीटर के रूप में चिन्हित था। उसकी मौत के बाद क्षेत्र में किसी भी संभावित तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565129/haridwar-shooting-incident--history-sheeter-vinay-tyagi-dies-at-aiims-rishikesh--alert-issued-in-the-area</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 14:16:38 +0530</pubDate>
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                            </item>

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