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                <title>Election - Amrit Vichar</title>
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                <description>Election RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गुजरात निकाय चुनाव: आज सुबह से मतदान शुरू, 4.19 करोड़ वोटर तय करेंगे 15 नगर निगमों और 84 नगरपालिकाओं का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अहमदाबाद: </strong>गुजरात में 15 नगर निगमों और 84 नगरपालिकाओं सहित कई स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए रविवार सुबह मतदान शुरू हो गया। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान प्रक्रिया सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक चलेगी। यह चुनाव अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट समेत 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए हो रहे हैं जो राज्य के सबसे बड़े चुनावी अभ्यासों में से एक है। कुल 9,992 उम्मीदवार मैदान में हैं और 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए पात्र हैं। </p>
<p>इस बार नौ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579981/gujarat-civic-polls--voting-begins-this-morning--4-19-crore-voters-will-decide-the-fate-of-15-municipal-corporations-and-84-municipalities"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/उप-चुनाव.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अहमदाबाद: </strong>गुजरात में 15 नगर निगमों और 84 नगरपालिकाओं सहित कई स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए रविवार सुबह मतदान शुरू हो गया। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान प्रक्रिया सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक चलेगी। यह चुनाव अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट समेत 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए हो रहे हैं जो राज्य के सबसे बड़े चुनावी अभ्यासों में से एक है। कुल 9,992 उम्मीदवार मैदान में हैं और 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए पात्र हैं। </p>
<p>इस बार नौ नवगठित नगर निगमों नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आणंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। </p>
<p>चुनाव संशोधित ओबीसी आरक्षण मानदंडों के तहत कराए जा रहे हैं, जिसके लिए कई जिलों में वार्डों का व्यापक परिसीमन और पुनर्गठन करना पड़ा। सुरक्षा के मोर्चे पर तीन स्तरीय बंदोबस्त किया गया है। सीसीटीवी निगरानी के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में विशेष दस्ते तैनात किए गए हैं। मतगणना 28 अप्रैल को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 11:01:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी पंचायत चुनाव: पांचवीं बार तारीख बढ़ने के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 जून को, राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया संशोधित कार्यक्रम </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है। अब यह सूची 10 जून 2026 को जारी की जाएगी। यह पांचवीं बार है, जब सूची के प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार, 21 अप्रैल से 28 मई तक मतदाता सूचियों का कंप्यूटरीकरण और डुप्लीकेशन हटाने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 29 मई से 9 जून तक मतदेय स्थलों की मैपिंग, वार्डों का क्रमांकन और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579247/up-panchayat-elections--after-the-fifth-extension--the-final-voter-list-will-be-published-on-june-10--the-state-election-commission-has-released-the-revised-schedule"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-12/पंचायत-चुनाव.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है। अब यह सूची 10 जून 2026 को जारी की जाएगी। यह पांचवीं बार है, जब सूची के प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार, 21 अप्रैल से 28 मई तक मतदाता सूचियों का कंप्यूटरीकरण और डुप्लीकेशन हटाने का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 29 मई से 9 जून तक मतदेय स्थलों की मैपिंग, वार्डों का क्रमांकन और फोटो प्रतियां तैयार की जाएंगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 10 जून को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पहले कई बार बढ़ चुकी है तारीख</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि प्रारंभिक रूप से मतदाता सूची का प्रकाशन 15 जनवरी को प्रस्तावित था। इसके बाद इसे क्रमशः 6 फरवरी, 28 मार्च, 15 अप्रैल और 22 अप्रैल तक बढ़ाया गया। अब पांचवीं बार तारीख बढ़ाकर 10 जून कर दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>40 लाख से अधिक बढ़े मतदाता</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आयोग की ओर से 23 दिसंबर 2025 को जारी अनंतिम सूची में प्रदेश में कुल 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए थे, जो पिछले चुनाव की तुलना में करीब 40.19 लाख अधिक थे। इस पर प्रदेशभर से दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई थीं, जिनकी सुनवाई पूरी कर ली गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अंतिम आंकड़ों का इंतजार</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अब शेष तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। अंतिम सूची जारी होने के बाद ही प्रदेश में मतदाताओं की वास्तविक संख्या और बढ़ोतरी का स्पष्ट आंकड़ा सामने आएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 09:58:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SIR जांच में चौंकाने वाला खुलासा: अयोध्या में 55,414 मृतक मतदाता, 1.47 लाख शिफ्टेड, मतदाता संख्या घटी 2.57 लाख</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>एसआईआर ने विधानसभा निर्वाचक नामावली में बड़ी संख्या में शामिल मृतक, अनुपस्थित और शिफ्टेड मतदाताओं के नाम का खुलासा किया। जांच में यह नाम पकड़ में आए, इन्हें सूची से हटा दिया गया। इसीलिए एसआईआर के बाद नई सूची की तस्वीर बदल गई। मतदाताओं का आंकड़ा लगभग 2.57 लाख गिर गया। अब जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या अब 16,50,655 हैं। पहले ये संख्या 19,07,800 थी।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी को अनुमान भी नहीं रहा होगा कि जिस मतदाता सूची से अभी 2024 में लोकसभा के चुनाव कराए गए। उनमें बड़ी संख्या में मृतक, अनुपस्थित मतदाताओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578633/sir-investigation-reveals-shocking-findings--55-414-deceased-voters-in-ayodhya--1-47-lakh-shifted--voter-count-reduced-to-2-57-lakh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/sir3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>एसआईआर ने विधानसभा निर्वाचक नामावली में बड़ी संख्या में शामिल मृतक, अनुपस्थित और शिफ्टेड मतदाताओं के नाम का खुलासा किया। जांच में यह नाम पकड़ में आए, इन्हें सूची से हटा दिया गया। इसीलिए एसआईआर के बाद नई सूची की तस्वीर बदल गई। मतदाताओं का आंकड़ा लगभग 2.57 लाख गिर गया। अब जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या अब 16,50,655 हैं। पहले ये संख्या 19,07,800 थी।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी को अनुमान भी नहीं रहा होगा कि जिस मतदाता सूची से अभी 2024 में लोकसभा के चुनाव कराए गए। उनमें बड़ी संख्या में मृतक, अनुपस्थित मतदाताओं के नाम शामिल होंगे। एसआईआर के आंकड़ों पर गौर करें तो जिस सूची से चुनाव कराए गए उनमें 55,414 मृतक मतदाता शामिल थे। हालांकि यह नहीं कहा जा सकता कि इनके वोट पड़े, लेकिन यह बड़ी संख्या हैं। केवल सवा साल में जिले में इतने मतदाताओं की मौत नहीं हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसआईआर की जांच में कई अन्य बड़े खुलासे भी हुए। जांच के दौरान जिले में लगभग एक लाख मतदाता अपने स्थान से अनुपस्थित पाए गए। यह संख्या भी कुल मतदाताओं की लगभग 5.27 फीसदी रही। इतनी बड़ी संख्या में मतदाता सवा साल में अपने स्थान से अनुपस्थित भी नहीं हो सकते हैं। संभव है कि इन मतदाताओं के नाम एक से ज्यादा स्थानों पर सूची में शामिल रहे हों। लोकसभा चुनाव के दौरान लगभग 1.5 लाख ऐसे मतदाता कहे जा सकते हैं जिनका वजूद नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा भी 1,47,535 मतदाता ऐसे चिंहित किए गए जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए। हालांकि इसको लेकर जानकार कहते हैं कि एसआईआर के समय शहरी क्षेत्र के बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने गांवों को प्राथमिकता दी और उन्होंने वहां की मतदाता सूची में अपना नाम डलवाया। साथ ही इनके लिए भी कहा जा सकता है कि इनके नाम भी सूची में एक से ज्यादा स्थान पर दर्ज थे और एसआईआर में एक को छोड़ अन्य स्थानों से हटा दिए गए। यह संख्या लगभग 7.73 फीसदी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले की सभी पांच विधानसभा क्षेत्र में 23,952 मतदाता ऐसे मिले जिनका नाम सूची में पहले से एनरोल्ड था। मतलब यह नाम डुप्लीकेट की श्रेणी में हो सकते हैं। यह संख्या 1.26 फीसदी रही। इसके अलावा अन्य की श्रेणी में 10,098 मतदाता मिले। इसके बाद पुनरीक्षण में फॉर्म छह से 77,265 नए मतदाता जोड़े गए। फॉर्म सात और आठ का निस्तारण किया गया। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी उदयराज पांडेय ने बताया कि एसआईआर में जांच के बाद नई मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इसमें मृतक, शिफ्टेड या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम नहीं हैं।<br /><br />अयोध्या में थे सर्वाधिक मृतक मतदाता</p>
<p style="text-align:justify;">जिले के 55,414 मृतक मतदाताओं में सबसे ज्यादा संख्या 12,997 अयोध्या विधान सभा क्षेत्र में थी। रुदौली में 10,930, मिल्कीपुर में 8,194, बीकापुर में 12,618 और गोसाईगंज में 10,675 मतदाता थे।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्वाधिक अनुपस्थित और स्थायी शिफ्टेड भी अयोध्या में</p>
<p style="text-align:justify;">अनुपस्थित एक लाख में सबसे ज्यादा संख्या अयोध्या विधान सभा क्षेत्र में 43,717 थी। रुदौली में 12,645, मिल्कीपर में 6,611, बीकापुर में 16,726 और गोसाईगंज में 20,844 रही। इसी तरह 14,7,535 में स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं में अयोध्या में 42,137, रुदौली में 26,402, मिल्कीपुर 22,737, बीकापुर में 27,607 और गोसाईगंज में 28,652 रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 08:58:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में संजय सिंह ने वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल, कहा- प्रदेश में 2.5 प्रतिशत महिला मतदाता कहां चली गईं </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रदेश की मतदाता सूची पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनसंख्या में लगभग हर 100 लोगों में 52 पुरुष और 48 महिलाएं हैं, लेकिन मतदाता सूची में पुरुषों की हिस्सेदारी 54.54 से 55 प्रतिशत के बीच और महिलाओं की मात्र 45 से 45.64 प्रतिशत है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह लगभग ढाई से तीन प्रतिशत महिला मतदाता कहां चली गईं।</p>
<p>आप सांसद ने यह भी पूछा कि क्या यह अंतर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से आने वाली महिलाओं से जुड़ा हुआ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578536/sanjay-singh-raised-questions-about-the-voter-list-in-up--asking-where-did-the-2-5-percent-female-voters-in-the-state-go"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(8)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रदेश की मतदाता सूची पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनसंख्या में लगभग हर 100 लोगों में 52 पुरुष और 48 महिलाएं हैं, लेकिन मतदाता सूची में पुरुषों की हिस्सेदारी 54.54 से 55 प्रतिशत के बीच और महिलाओं की मात्र 45 से 45.64 प्रतिशत है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह लगभग ढाई से तीन प्रतिशत महिला मतदाता कहां चली गईं।</p>
<p>आप सांसद ने यह भी पूछा कि क्या यह अंतर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से आने वाली महिलाओं से जुड़ा हुआ है और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किन महिलाओं के वोट काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के अनुपात और मतदाता सूची के आंकड़ों के बीच यह अंतर बेहद चिंताजनक है और यह लोकतंत्र के लिए खतरे का संकेत है। यदि महिलाओं की इतनी बड़ी संख्या मतदाता सूची से गायब है तो यह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।</p>
<p>मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अंतर को उजागर करते हुए संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में योगी सरकार के कर्मचारियों ने दो अलग-अलग सूचियां तैयार कीं। नगर पालिका और नगर निगम के लिए एक सूची तथा ग्राम पंचायत के चुनाव के लिए दूसरी सूची बनाई गई। दिसंबर में जारी सूची में कुल मतदाता 17 करोड़ 2 लाख थे, जबकि जनवरी में विधानसभा की सूची जारी होने पर यह संख्या घटकर 12 करोड़ 55 लाख रह गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:58:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Panchayat Elections:मतदाता सूची जारी करने की तारीख बढ़ी, चुनाव टलने के भी संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है, जिससे चुनाव टलने के संकेत मिल रहे हैं। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, 22 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि पहले इसे 15 अप्रैल को जारी किया जाना था।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जानकारी दी गई है कि मतदाता सूची के कंप्यूटरीकरण, मतदेय स्थलों की मैपिंग, वार्डों के क्रमांकन और फोटो प्रतियों की तैयारी का कार्य 21 अप्रैल तक पूरा किया जाएगा। तारीख बढ़ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578528/up-panchayat-elections--voter-list-release-date-extended--election-likely-to-be-postponed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(5)5.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है, जिससे चुनाव टलने के संकेत मिल रहे हैं। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, 22 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि पहले इसे 15 अप्रैल को जारी किया जाना था।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जानकारी दी गई है कि मतदाता सूची के कंप्यूटरीकरण, मतदेय स्थलों की मैपिंग, वार्डों के क्रमांकन और फोटो प्रतियों की तैयारी का कार्य 21 अप्रैल तक पूरा किया जाएगा। तारीख बढ़ने के साथ ही पंचायत चुनाव समय पर कराना मुश्किल माना जा रहा है। 26 मई को वर्तमान ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ऐसे में चुनाव समय पर न होने की स्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>लाखों आपत्तियों के कारण देरी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अनंतिम सूची में करीब 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जिस पर पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में दावे और आपत्तियां प्राप्त हुईं। इनके निस्तारण में समय लगने के कारण अंतिम सूची जारी करने में देरी हो रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>प्रधानों ने उठाई मांग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इधर, प्रधान संगठनों ने समय पर चुनाव कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि चुनाव संभव नहीं है तो वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए या उन्हें ही प्रशासक बनाया जाए। कुल मिलाकर, पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है और अब नजर 22 अप्रैल को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची पर टिकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:36:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jaunpur Voters: मतदाता वृद्धि में जौनपुर प्रदेश में पांचवें स्थान पर, कुल 32.18 लाख मतदाता </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जौनपुरः</strong> उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले ने मतदाता वृद्धि के मामले में प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि जिले में कुल मतदाताओं की संख्या अब 32 लाख 18 हजार 897 हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) से पूर्व जिले में कुल 35 लाख 70 हजार 851 मतदाता थे, जिनमें 18 लाख 59 हजार 013 पुरुष, 17 लाख 11 हजार 692 महिला और 146 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578288/jaunpur-ranks-fifth-in-the-state-in-voter-growth--with-a-total-of-32-18-lakh-voters"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design-(23)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जौनपुरः</strong> उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले ने मतदाता वृद्धि के मामले में प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि जिले में कुल मतदाताओं की संख्या अब 32 लाख 18 हजार 897 हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) से पूर्व जिले में कुल 35 लाख 70 हजार 851 मतदाता थे, जिनमें 18 लाख 59 हजार 013 पुरुष, 17 लाख 11 हजार 692 महिला और 146 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल थे। अंतिम प्रकाशित सूची के अनुसार अब जिले में 17 लाख 32 हजार 222 पुरुष, 14 लाख 86 हजार 556 महिला तथा 119 तृतीय लिंग के मतदाता हैं, जिससे कुल संख्या 32 लाख 18 हजार 897 हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. चंद्र ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान 2,89,452 मतदाता ऐसे पाए गए जिन्होंने मिलान (नो मैपिंग) नहीं कराया, जबकि 5,63,263 मतदाताओं में तार्किक विसंगतियां पाई गईं। कुल 8,52,715 नोटिस जारी किए गए, जिनमें से 27 मार्च 2026 तक 8,40,821 मतदाता सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि विशेष पुनरीक्षण के बाद मृतक, स्थानांतरित (शिफ्टेड) एवं डुप्लीकेट नामों के कारण 3,51,954 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>जौनपुर</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 12:25:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP SIR: मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, सपा ने सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उप्र. को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में व्यापक त्रुटियों का आरोप लगाया है। मांग की है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें 10 से 25 अप्रैल तक जिलाधिकारी स्तर पर अपील का अवसर दिया जाए और इसके लिए स्पष्ट एसओपी जारी की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश अध्यक्ष द्वारा शुक्रवार को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के 1,77,516 पोलिंग बूथों की अंतिम मतदाता सूची में ‘लॉजिकल एरर’ और ‘नो-मैपिंग’ के आधार पर बड़ी संख्या में नाम हटाए गए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578257/up-sir--allegations-of-irregularities-in-voter-list--sp-submitted-memorandum"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(30)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उप्र. को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में व्यापक त्रुटियों का आरोप लगाया है। मांग की है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें 10 से 25 अप्रैल तक जिलाधिकारी स्तर पर अपील का अवसर दिया जाए और इसके लिए स्पष्ट एसओपी जारी की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश अध्यक्ष द्वारा शुक्रवार को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के 1,77,516 पोलिंग बूथों की अंतिम मतदाता सूची में ‘लॉजिकल एरर’ और ‘नो-मैपिंग’ के आधार पर बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जबकि कई नए नाम जोड़े और संशोधित किए गए हैं। पार्टी ने मांग की है कि विधानसभा और बूथवार डिलीटेड, जोड़े गए और संशोधित नामों की सूची सभी राजनीतिक दलों को तत्काल उपलब्ध कराई जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञापन में कुछ उदाहरण भी दिए गए हैं, जिनमें प्रयागराज और गाजीपुर के बूथों पर नाम, फोटो और डुप्लीकेट प्रविष्टियों में गड़बड़ी का उल्लेख है। पार्टी ने घर-घर सत्यापन कर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की मांग की है।</p>
<h3><strong>एसआईआर प्रक्रिया गैरकानूनी, लोकतंत्र के साथ धोखा: अजय राय</strong></h3>
<p>उप्र. कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने प्रदेश में कराई गई एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को गैरकानूनी बताते हुए इसे लोकतंत्र के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने अंतिम मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया जनता के मतदान अधिकारों का हनन है।</p>
<p>कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज द्वारा मांगी गई जानकारी में चुनाव आयोग के पास एसआईआर से संबंधित कोई स्पष्ट आदेश या पत्रावली उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दबाव में कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान बीएलओ पर दबाव बनाया गया, जिसके कारण कई कर्मियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। साथ ही उन्होंने मतदाता संख्या में भारी कमी पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, पहले जहां मतदाता संख्या 15 करोड़ से अधिक थी, वह अब घटकर करीब 13.69 करोड़ रह गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएं, ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 11:03:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP By-elections 2026: घोसी, दुद्धी और फरीदपुर में ‘2027 के सेमीफाइनल’ की तैयारी शुरू, देखें किसका पलड़ा भारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> यूपी की घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी भी समय चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। इन तीनों सीटों के उपचुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है, जिसमें भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर तय है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, 15 मार्च को चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावों की घोषणा की थी, लेकिन यूपी उप-चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। इससे अटकलें लगीं कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577436/up-by-elections-2026--preparations-begin-for-the--2027-semi-finals--in-ghosi--duddhi-and-faridpur--see-who-has-the-upper-hand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(35).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> यूपी की घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी भी समय चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। इन तीनों सीटों के उपचुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है, जिसमें भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर तय है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, 15 मार्च को चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावों की घोषणा की थी, लेकिन यूपी उप-चुनाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। इससे अटकलें लगीं कि चुनाव टल सकते हैं, हालांकि अब संकेत हैं कि अप्रैल माह में कार्यक्रम घोषित हो सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">तीनों सीटों पर राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। भाजपा जहां संगठनात्मक मजबूती और सरकारी योजनाओं के आधार पर चुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है, वहीं सपा सामाजिक समीकरण और सहानुभूति कार्ड के सहारे मुकाबला करने की तैयारी में है। सपा इन उपचुनावों को जल्दी कराने के पक्ष में है ताकि माहौल अपने पक्ष में बनाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">घोसी सीट सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद खाली हुई है। यहां सपा ने उनके बेटे सुजीत सिंह को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है, जबकि भाजपा अभी प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। दुद्धी सीट पर भी सपा विधायक विजय सिंह गोंड के निधन के बाद उपचुनाव हो रहा है। यहां सपा परिवार के सदस्य को टिकट देने की तैयारी में है, जबकि भाजपा श्रवण कुमार को मैदान में उतार सकती है, जो पिछले चुनाव में हार चुके थे।</p>
<p style="text-align:justify;">फरीदपुर सीट भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल के निधन के कारण खाली हुई है। यहां भाजपा सहानुभूति के आधार पर उनके परिवार के किसी सदस्य को टिकट दे सकती है। उनके बेटे ईशान ग्वाल और अन्य दावेदार भी सक्रिय हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं सपा पूर्व विधायक विजय पाल सिंह को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। बसपा फिलहाल इन सीटों पर सक्रिय नजर नहीं आ रही है, लेकिन अगर वह उम्मीदवार उतारती है तो मुकाबले के समीकरण बदल सकते हैं और इसका असर खासतौर पर सपा के वोट बैंक पर पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही इन उपचुनावों का सीधा असर 2027 के विधानसभा चुनाव पर न पड़े, लेकिन यह चुनाव माहौल बनाने और बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। यही कारण है कि भाजपा और सपा दोनों इन सीटों पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 10:01:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>त्रिपुरा के धर्मनगर उपचुनाव में 46,143 मतदाता नौ अप्रैल को करेंगे मतदान, छह उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अगरतला: </strong>त्रिपुरा के धर्मनगर उपचुनाव में कुल 46,143 मतदाता नौ अप्रैल को छह उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव आयोग के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 46,143 मतदाता हैं, जिनमें 23,763 महिलाएं शामिल हैं। बूथ प्रबंधन को सुचारू बनाने के लिए आयोग ने 42 अलग-अलग जगहों पर 55 मतदान केंद्र स्थापित किये हैं। जिलाधिकारी चांदनी चंद्रन ने बताया कि मतदान की प्रक्रिया की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए कम से कम आठ पुलिस क्षेत्राधिकारियों और उतने ही नागरिक क्षेत्राधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इनमें से प्रत्येक अधिकारी के पास सात-आठ मतदान केंद्रों के लिए जिम्मेदारी होगी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577435/46-143-voters-will-cast-their-votes-in-the-dharmanagar-by-election-in-tripura-on-april-9--deciding-the-fate-of-six-candidates"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/उपचुनाव-(5).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अगरतला: </strong>त्रिपुरा के धर्मनगर उपचुनाव में कुल 46,143 मतदाता नौ अप्रैल को छह उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव आयोग के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 46,143 मतदाता हैं, जिनमें 23,763 महिलाएं शामिल हैं। बूथ प्रबंधन को सुचारू बनाने के लिए आयोग ने 42 अलग-अलग जगहों पर 55 मतदान केंद्र स्थापित किये हैं। जिलाधिकारी चांदनी चंद्रन ने बताया कि मतदान की प्रक्रिया की निगरानी को बेहतर बनाने के लिए कम से कम आठ पुलिस क्षेत्राधिकारियों और उतने ही नागरिक क्षेत्राधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इनमें से प्रत्येक अधिकारी के पास सात-आठ मतदान केंद्रों के लिए जिम्मेदारी होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, 12 नागरिक क्षेत्राधिकारी और 11 पुलिस क्षेत्राधिकारी (रिजर्व सहित) भी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। आयोग के अनुसार मतदाताओं में 85 वर्ष से अधिक आयु के 181 व्यक्ति और दिव्यांगजन शामिल हैं, जबकि इस उपचुनाव के लिए 930 नये मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है। मतदान की प्रक्रिया नौ अप्रैल को सुबह सात बजे शुरू होगी और शाम पांच बजे तक जारी रहेगी। मतगणना चार मई को होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">समावेशी चुनावी भागीदारी को बढ़ावा देने के एक सराहनीय प्रयास के तहत आयोग ने निर्णय लिया है कि 20 प्रतिशत मतदान केंद्रों (11 केंद्रों) का प्रबंधन महिलाएं करेंगी। इसके अतिरिक्त, चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 09:48:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगाल में 47.4 लाख आपत्तियों का निपटारा! ममता सरकार की चिंता पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- न्यायाधिकरण को काम करने दें, 6 अप्रैल को अगली सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 31 मार्च यानी मंगलवार तक कुल 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47.4 लाख का निपटारा किए जाने पर बुधवार को गौर किया और इस प्रक्रिया में हुई प्रगति पर संतोष जताया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची एवं न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने इस प्रक्रिया की प्रगति के बारे में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मिले दो पत्रों का संज्ञान लिया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''हम इन तथ्यों एवं आंकड़ों से काफी खुश हैं और बहुत आशावादी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577182/4-74-million-objections-resolved-in-bengal--addressing-the-mamata-banerjee-government-s-concerns--the-supreme-court-said--%22let-the-tribunal-continue-its-work--next-hearing-on-april-6th"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(29).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 31 मार्च यानी मंगलवार तक कुल 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47.4 लाख का निपटारा किए जाने पर बुधवार को गौर किया और इस प्रक्रिया में हुई प्रगति पर संतोष जताया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची एवं न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने इस प्रक्रिया की प्रगति के बारे में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मिले दो पत्रों का संज्ञान लिया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''हम इन तथ्यों एवं आंकड़ों से काफी खुश हैं और बहुत आशावादी हैं।''</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस बात पर गौर किया कि रोजाना करीब 1.75 लाख से दो लाख आपत्तियों का निपटारा किया जा रहा है। न्यायालय को बताया गया कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने या हटाए जाने के खिलाफ अपीलों की सुनवाई के लिए 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों के गठन की अधिसूचना जारी की है। इनकी अध्यक्षता उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधान न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि न्यायाधिकरणों को निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड तक पूरी पहुंच दी जाए जिसमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के 700 न्यायिक अधिकारियों की ओर से दर्ज किए गए कारण भी शामिल होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पक्षकारों को भी ये कारण उपलब्ध कराए जाएं। न्यायालय ने यह भी कहा कि न्यायाधिकरण प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप अपनी प्रक्रिया तय कर सकते हैं, लेकिन उन्हें दस्तावेजों की सत्यता की जांच किए बिना नए दस्तावेज स्वीकार करने से बचना चाहिए। न्यायालय ने निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि न्यायिक अधिकारियों, न्यायाधिकरणों के सदस्यों और कर्मचारियों को मानदेय एवं अन्य खर्चों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उसने निर्वाचन आयोग से कहा कि या तो न्यायाधिकरणों के मौजूदा परिसर की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया जाए या संबंधित पक्षकारों से विचार-विमर्श कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने आदेश में कहा, ''अब तक कुल 47 लाख से अधिक (दावों एवं आपत्तियों का) निस्तारण हो चुका है और निर्वाचन आयोग ने राज्य में 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इनकी अध्यक्षता उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश/न्यायाधीश कर रहे हैं।'' पीठ ने कहा कि अपीलीय न्यायाधिकरण उन लोगों की अपीलों पर फैसला करेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। साथ ही निर्वाचन आयोग के अधिकारी भी कथित रूप से गलत तरीके से नाम शामिल किए जाने के खिलाफ अपील कर सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने कहा, ''अपीलीय न्यायाधिकरण प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप अपनी प्रक्रिया विकसित कर सकते हैं।'' उसने निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह निर्देश भी दिया कि ''सिफारिशों के अनुरूप न्यायिक अधिकारियों, न्यायाधिकरणों के सदस्यों और अन्य संबद्ध कर्मचारियों, यदि कोई हों, को आवश्यक भुगतान जारी किया जाए।'' पीठ ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की इस सूचना का भी संज्ञान लिया कि सभी लंबित आपत्तियों पर संभवतः सात अप्रैल तक फैसला कर दिया जाएगा। प्रधान न्यायाधीश ने इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका सहित संबंधित याचिकाओं पर आगे की सुनवाई के लिए छह अप्रैल की तारीख तय की। मुख्यमंत्री की ओर से पेश वकीलों समेत याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने नाम हटाए जाने की दर बहुत अधिक ''करीब 45 प्रतिशत'' होने पर चिंता जताई।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने नए आवेदन दाखिल किए जाने और कथित प्रक्रियागत अनियमितताओं के मुद्दे भी उठाए। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''न्यायाधिकरणों को काम करने दें और मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने या हटाए जाने के मामलों का निपटारा करने दें।'' हालांकि, पीठ ने कुछ आशंकाओं को ''अत्यधिक तकनीकी'' करार दिया और पक्षकारों को सलाह दी कि वे अपनी विशिष्ट शिकायतें अपीलीय न्यायाधिकरणों के समक्ष रखें। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''आखिरकार ऐसा नहीं है कि आपके पास कोई उपाय ही नहीं है।'' शीर्ष न्यायालय पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रहा है। <span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 16:47:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव से पहले संगठन को धार देने में जुटी भाजपा, नए चेहरों और जातीय संतुलन पर फोकस, 17 जिलों में अभी फंसा पेंच</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा संगठन को मजबूत करने में जुटी है और जिला इकाइयों के गठन को लेकर तेजी से मंथन चल रहा है। पार्टी नए चेहरों को अवसर देने के साथ जातीय समीकरण साधने पर विशेष ध्यान दे रही है, लेकिन कई जिलों में मतभेदों के कारण अंतिम सहमति बनने में देरी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश मुख्यालय पर पिछले दो दिनों में विभिन्न क्षेत्रों की जिला टीमों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। शनिवार को कानपुर और काशी क्षेत्र, जबकि रविवार को अवध क्षेत्र के जिलों पर विचार-विमर्श किया गया। अब तक पांच क्षेत्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576107/bjp-is-busy-in-sharpening-the-organization-before-the-elections"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(14)9.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा संगठन को मजबूत करने में जुटी है और जिला इकाइयों के गठन को लेकर तेजी से मंथन चल रहा है। पार्टी नए चेहरों को अवसर देने के साथ जातीय समीकरण साधने पर विशेष ध्यान दे रही है, लेकिन कई जिलों में मतभेदों के कारण अंतिम सहमति बनने में देरी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश मुख्यालय पर पिछले दो दिनों में विभिन्न क्षेत्रों की जिला टीमों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। शनिवार को कानपुर और काशी क्षेत्र, जबकि रविवार को अवध क्षेत्र के जिलों पर विचार-विमर्श किया गया। अब तक पांच क्षेत्रों के 82 संगठनात्मक जिलों पर चर्चा पूरी हो चुकी है, लेकिन 17 जिलों में अभी भी पेंच फंसा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, जिन जिलों में नए जिलाध्यक्ष बनाए जाने हैं, वहां संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद सामने आए हैं। पश्चिम क्षेत्र में बागपत, मेरठ, मुरादाबाद और अमरोहा, जबकि ब्रज क्षेत्र में अलीगढ़, आगरा, शाहजहांपुर, हाथरस और मैनपुरी में सहमति नहीं बन सकी है। काशी क्षेत्र में जौनपुर, वाराणसी महानगर, वाराणसी जिला और चंदौली, वहीं अवध क्षेत्र में अंबेडकरनगर, रायबरेली और लखीमपुर में भी प्रक्रिया अटकी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि कानपुर क्षेत्र के सभी 17 जिलों में सहमति बन चुकी है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि मार्च के भीतर सभी जिला इकाइयों का गठन कर लिया जाएगा, ताकि संगठन चुनावी मोड में पूरी तरह सक्रिय हो सके। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि मजबूत जिला संगठन ही विधानसभा स्तर तक चुनावी जमीन तैयार करेगा और पार्टी के अभियानों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 11:18:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में SIR के लंबित दावों की 99.70 फीसदी सुनवाई पूरी, 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी अंतिम मतदाता सूची</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> प्रदेश भर में मतदाता सूची को लेकर एसआईआर के तहत 99.70 फीसदी दावों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। शेष जो भी दावे बचे हैं, उनके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया है कि वह 27 मार्च तक सुनवाई कर उनका निस्तारण कर दें। 10 अप्रैल को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, यदि किसी कारणवश नाम मतदाता सूची में छूट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर स्वयं को मतदाता के रूप में पंजीकृत करा सकते हैं। 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575916/99-70--of-pending-sir-claims-in-the-state-have-been-heard--the-final-voter-list-will-be-published-on-april-10"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(27)8.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> प्रदेश भर में मतदाता सूची को लेकर एसआईआर के तहत 99.70 फीसदी दावों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। शेष जो भी दावे बचे हैं, उनके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया है कि वह 27 मार्च तक सुनवाई कर उनका निस्तारण कर दें। 10 अप्रैल को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, यदि किसी कारणवश नाम मतदाता सूची में छूट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर स्वयं को मतदाता के रूप में पंजीकृत करा सकते हैं। 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद सभी लोग अपना नाम अवश्य जांच लें। मतदाता सूची अब डिजिटल माध्यमों पर आसानी से उपलब्ध है, जिसे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से देखा जा सकता है। यदि किसी मतदाता के नाम, आयु, फोटो या अन्य विवरण में त्रुटि हो, तो उसे फॉर्म-8 के माध्यम से ठीक कराया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पहचान पत्र मिलेगा 15 दिनों के अंदर</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">निर्वाचन आयोग के मुताबिक, अब नए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल होने के 15 दिनों के भीतर ही मतदाता पहचान पत्र डाक के माध्यम से उनके पते पर भेज दिए जाएंगे। नागरिकों से कहा गया है कि आवेदन करते समय अपना नाम हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों में सही दर्ज करें तथा पूरा पता व पिन कोड स्पष्ट रूप से भरें, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि या विलंब न हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>छह मार्च के बाद मिले आवेदन भी जुड़ेंगे सूची में</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मतदाता सूची को लेकर एसआईआर का कार्य 6 मार्च तक ही होना था। लेकिन मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जो लोग छह मार्च तक नाम बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दे पाए हैं, वह परेशान न हों। 6 मार्च के बाद जो भी आवेदन प्राप्त होंगे, उनके नामों को भी परीक्षण के बाद मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 11:25:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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