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                <title>अल्मोड़ा - Amrit Vichar</title>
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                <description>अल्मोड़ा RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खराब मौसम ने डाला खलल: अल्मोड़ा में राहुल गांधी ने की वर्चुअल सभा, कहा-मोदी चला रहे उत्तराखंड और अमेरिका केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[ एसएसजे विवि के सिमकनी खेल मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित परिर्वतन का शंखनाद रैली स्थगित हो गई है। खराब मौसम के चलते लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रैली में शामिल नहीं हो पाए। इस दौरान उन्होंने रैली को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583869/rahul-gandhi-holds-virtual-rally-in-almora--says--%22modi-is-running-uttarakhand-while-sitting-in-delhi%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/sabha.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> एसएसजे विवि के सिमकनी खेल मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित परिर्वतन का शंखनाद रैली स्थगित हो गई है। खराब मौसम के चलते लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रैली में शामिल नहीं हो पाए। इस दौरान उन्होंने रैली को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने उत्तराखंड में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि उत्तराखंड में मोदी और केंद्र में सरकार अमेरिका चला रहा रहा है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/2062442648213070118?s=20">https://twitter.com/RahulGandhi/status/2062442648213070118?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<p><strong>अचानक मौसम बिगड़ने से बदला कार्यक्रम</strong><br />गुरुवार को अल्मोड़ा के सिमकनी खेल मैदान में राहुल गांधी की रैली को लेकर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी हुई थी। लेकिन इसी दौरान एकाएक मौसम खराब हो गया। मौसम की खराबी के चलते उनका हैली अल्मोड़ा तक नहीं पहुंच पाया और वापस पंतनगर लौटना पड़ा। इससे रैली में पहुंचे लोगों और कार्यकर्ताओं में निराशा हुई। हालांकि राहुल गांधी ने वर्चुअल माध्यम से लोगों को संबोधित किया। </p>
<p><strong>सरकार को नहीं आम जनता से सरोकार: राहुल</strong><br />उन्होंने कहा कि आज राज्य अपने हाथों से नहीं दिल्ली से चलाया जा रहा है। वहीं, यहां बाहर के लोग अपार संपदा का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत को रूस, ईरान से तेल लेने के बजाए अमेरिका के आदेश का इंतजार करना पड़ रहा है। केंद्र की सरकार ने देश के आर्थिक स्ट्रक्चर को तोड़कर रख दिया है। राज्य और केंद्र सरकार महज कुछ उद्योगपतियों के लिए कार्य कर रहे हैं। आम जनता से दोनों का कोई सरोकार नहीं रह गया है।</p>
<p><strong>पायलट ने उड़ान भरने से किया इनकार</strong><br />खराब मौसम के चलते रैली स्थगित होने पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर कहा कि वह पंतनगर पहुंच गए थे। वहां से हमें हेलिकॉप्टर द्वारा अल्मोड़ा में जनसभा के लिए जाना था, लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए पायलट ने उड़ान भरने से साफ इनकार कर दिया। वीडियों संदेश में कहा कि उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति पर, प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर, राज्य और आपके भविष्य पर, और उन चुनौतियों पर जिनका सामना आज उत्तराखंड कर रहा है। पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिकों के साथ भी एक महत्वपूर्ण मुलाकात और बैठक निर्धारित थी। साथ ही कोटद्वार में दीपक के जिम जाने का भी कार्यक्रम था। प्रकृति के आगे हम सभी विनम्र हैं और सहयात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कई बार परिस्थितियां हमारी इच्छा के अनुरूप नहीं होतीं, लेकिन इससे मिलने की इच्छा और आपसे जुड़ाव कम नहीं होता। इस दौरान उन्होंने बहुत जल्द दोबारा उत्तराखंड आने का वादा किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 16:29:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Uttrakhand: अल्मोड़ा में सेब-आम से भी महंगा बिक रहा काफल, 400 रुपये किलो तक पहुंचे दाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कमलेश कनवाल, अल्मोड़ा।</strong> गर्मी के मौसम में पहाड़ों का लोकप्रिय फल काफल इन दिनों अल्मोड़ा बाजार की रौनक बना हुआ है। करीब एक सप्ताह पहले बाजार में पहुंचे काफल के दाम इस समय सेब और आम से दोगुने से भी अधिक हैं। बावजूद इसके लोग इसका स्वाद लेने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं।</p>
<p>देवभूमि घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक भी रसीले और ताजे काफल का स्वाद चखे बिना वापस नहीं लौट रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों के ठंडे इलाकों में होने वाला यह स्वादिष्ट फल स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों की भी पहली पसंद बना हुआ है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582317/kaaphal-selling-for-more-than-apples-and-mangoes-in-almora--prices-reach-up-to-%E2%82%B9400-per-kilogram"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/op4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कमलेश कनवाल, अल्मोड़ा।</strong> गर्मी के मौसम में पहाड़ों का लोकप्रिय फल काफल इन दिनों अल्मोड़ा बाजार की रौनक बना हुआ है। करीब एक सप्ताह पहले बाजार में पहुंचे काफल के दाम इस समय सेब और आम से दोगुने से भी अधिक हैं। बावजूद इसके लोग इसका स्वाद लेने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं।</p>
<p>देवभूमि घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक भी रसीले और ताजे काफल का स्वाद चखे बिना वापस नहीं लौट रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों के ठंडे इलाकों में होने वाला यह स्वादिष्ट फल स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों की भी पहली पसंद बना हुआ है। आमतौर पर काफल अप्रैल मध्य तक बाजार में पहुंच जाता था, लेकिन इस बार यह मई के पहले सप्ताह में बाजार में आया। इन दिनों अल्मोड़ा बाजार में लमगड़ा, जैंती, स्याही देवी समेत कई क्षेत्रों से ग्रामीण काफल बिक्री के लिए ला रहे हैं। वर्तमान में बाजार में काफल 400 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। दाम अधिक होने के बावजूद इसकी मांग लगातार बनी हुई है।</p>
<p><strong>सेहत के लिए भी फायदेमंद है काफल</strong><br />काफल केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि औषधीय गुणों के कारण भी बेहद खास माना जाता है। पहाड़ों में लोग इसे सेहत के लिए लाभकारी मानते हैं। यह पेट संबंधी समस्याओं में लाभदायक माना जाता है। साथ ही डायबिटीज और उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए भी उपयोगी बताया जाता है। काफल में कैल्शियम, जिंक, फास्फोरस, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।</p>
<p><strong>देश-विदेश में है खास पहचान</strong><br />काफल का वैज्ञानिक नाम ‘मिरिका एस्कुलेंटा’ है। यह फल हिमालय के निचले और ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। गर्मियों में मिलने वाला यह फल देश-विदेश में काफी प्रसिद्ध है। इसके पेड़ की छाल का उपयोग चर्मशोधन में भी किया जाता है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 10:03:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:साइबर ठगों के जाल में फंसे बुजुर्ग 20 दिन तक होते रहे टॉर्चर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार। </strong>राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भी अब लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे है। अल्मोड़ा जिले में ठग हर रोज बड़ी संख्या में लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे है। जबकि इस साल जिले में अब तक कई लोग ठगी का शिकार होकर अपनी जमा पूंजी गवा चुके है।</p>
<p>अल्मोड़ा के सैकड़ों लोग साल में आसानी से ठगों का शिकार बन रहे हैं और अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गवा रहे है। साइबर ठग युवा, बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के अलावा पढ़े-लिखे लोगों को झांसे में ले रहे हैं। सोशल मीडिया, फोन-पे, गूगल-पे,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581531/elderly-man-trapped-in-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bscammers--web-tortured-for-20-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cyber-crime.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार। </strong>राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भी अब लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे है। अल्मोड़ा जिले में ठग हर रोज बड़ी संख्या में लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे है। जबकि इस साल जिले में अब तक कई लोग ठगी का शिकार होकर अपनी जमा पूंजी गवा चुके है।</p>
<p>अल्मोड़ा के सैकड़ों लोग साल में आसानी से ठगों का शिकार बन रहे हैं और अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गवा रहे है। साइबर ठग युवा, बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के अलावा पढ़े-लिखे लोगों को झांसे में ले रहे हैं। सोशल मीडिया, फोन-पे, गूगल-पे, व्हाट्सअप आदि के जरिए लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर उनके खाते खंगाल रहे हैं। इधर, जिले के भतरौंजखान में ठगी मामले में साइबर ठगों के जाल में फंसे धारड़ गांव निवासी बुजुर्ग 20 दिन तक टॉर्चर होते रहे। इस दौरान वह हर एक घंटे में साइबर ठग को अपनी ही सुरक्षा का मैसेज करते रहे। उन्हें इस बात का एहसास कराया गया कि टीम आतंकवादियों को पकड़ने और उन्हें मामले से सुरक्षित निकालने में जुटे हुए हैं। साइबर ठगों ने उन्हें देश की सुरक्षा के नाम पर इतना भयभीत कर दिया कि वह इस बात को किसी से नहीं कह पाए और साइबर ठगों के शिकार बन गए।</p>
<p><strong>सतर्कता ही बचाव</strong><br />पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि कभी किसी अंजान नंबर से फोन कर किसी स्वजन के अपराध में फंसे होने, परेशानी में होने या कोई की बात करता हैं, तो सबसे पहले व्यक्ति को उससे संपर्क करना चाहिए, जो अंजान नंबर से काल कर नाम ले रहा है। इससे स्थिति साफ हो जाएगी कि स्वजन किसी परिस्थिति में फंसा है या नहीं। जिससे की साइबर ठगी से बचा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा साइबर ठग खुद को पुलिस अधिकारी बता कर फोन कर डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं, लेकिन डिजिटल अरेस्ट कुछ नहीं होता है। जागरूकता ठगों के जाल में आने से बचा जा सकता है।</p>
<p><strong>एसएसपी ने की जनमानस से अपील</strong><br />एसएसपी चंद्रशेखर घोड़के ने कहा कि पुलिस या किसी भी अन्य विभाग में डिजिटल अरेस्ट की कोई कानूनी प्रक्रिया नही है। सभी से अनुरोध है कि साइबर ठगों के झांसे में न आए। उन्होंने कहा कि यदि कभी भी किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो तत्काल उसकी शिकायत हेल्प लाईन नंबर 1930 में करें। जिससे हमारी साइबर टीम आपकी धनराशि को बचाने की आवश्यक कार्रवाई जल्द कर सके।</p>
<p>साइबर ठगी से बचाव के उपाय<br />-सशक्त पासवर्ड का उपयोग करें</p>
<p>-दो-चरणीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें<br />-संदिग्ध ईमेल और लिंक से सावधान रहें</p>
<p>-सॉफ्टवेयर और एंटीवायरस अपडेट रखें<br />-सार्वजनिक वाई-फाई का सावधानीपूर्वक उपयोग करें</p>
<p>-व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सतर्कता बरते<br />-ऑनलाइन लेनदेन में सतर्कता बरते</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 10:09:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:जनपद में तीन साल में 27 हादसे में 95 लोगों ने गंवाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार। </strong>जिले में सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें लोग असमय मौत का शिकार हो रहे हैं। जिले में बीते तीन साल में सड़क दुर्घटनाओं में 95 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि 104 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें अधिकांश हादसों की वजह ओवरस्पीड, झपकी और खस्ताहाल सड़कें रही हैं।</p>
<p>पर्वतीय क्षेत्रों में खस्ताहाल सड़कें और जल्दबाजी लगातार हादसों को दावत दे रही हैं। लोगों का कहना है कि तमाम हादसों के बाद भी शासन इन सड़कों को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581234/95-people-lost-their-lives-in-27-accidents-in-the-district-over-three-years"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/sadak.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार। </strong>जिले में सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें लोग असमय मौत का शिकार हो रहे हैं। जिले में बीते तीन साल में सड़क दुर्घटनाओं में 95 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि 104 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें अधिकांश हादसों की वजह ओवरस्पीड, झपकी और खस्ताहाल सड़कें रही हैं।</p>
<p>पर्वतीय क्षेत्रों में खस्ताहाल सड़कें और जल्दबाजी लगातार हादसों को दावत दे रही हैं। लोगों का कहना है कि तमाम हादसों के बाद भी शासन इन सड़कों को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। सड़क सुरक्षा के लाख दावे किए जाएं, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद भयावह है। सड़कों की हालत बेहद खराब है और जर्जर सड़कें दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं।</p>
<p>जिले की बात करें तो हर विकासखंड में अधिकांश ग्रामीण सड़कों की हालत खस्ताहाल बनी हुई है, जिससे यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। इधर, गुरुवार को भिकियासैंण के रापड़-गगोडा-चमड़खान-सोनी रानीखेत मोटर मार्ग पर हुई भीषण दुर्घटना का कारण जर्जर सड़क और चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। इस हादसे में वाहन में सवार तीन लोगों की मौत हो चुकी है।</p>
<p><strong>जिले में 56 डेंजर जोन चिह्नित</strong><br />अल्मोड़ा जिले में अलग-अलग स्थानों पर 56 डेंजर जोन चिह्नित किए गए हैं। इनमें सोमेश्वर में 9, लमगड़ा में 3, द्वाराहाट में 2, भतरौंजखान में 3, सल्ट में 2, अल्मोड़ा में 28, लोनिवि के 7 और एनएच के 3 स्थानों पर डेंजर जोन चिह्नित हैं। इन स्थानों पर अब तक हुए हादसों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।</p>
<p><strong>ओवरस्पीड बन रही हादसों का कारण</strong><br />अधिकांश सड़क हादसों की बड़ी वजह ओवरस्पीड, ओवरटेक, नशे में वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, झपकी आना और खस्ताहाल सड़कें हैं। पुलिस जांच में कई वाहन दुर्घटनाओं के मामलों में ओवरटेक के दौरान तेज रफ्तार को हादसों का प्रमुख कारण पाया गया है।</p>
<p><br /><strong>तीन साल में सड़क दुर्घटनाओं में मृतक और घायलों की सूची</strong><br />दुर्घटना स्थल                         घायल                मृतक</p>
<p>शंकरपुर चैक पोस्ट के पास        17                   03</p>
<p>डोटियाल गांव ताकुला               01                   01</p>
<p>डोल आश्रम तिराहे के पास         01                   01</p>
<p>क्वारब पुल के पास                     02                  00</p>
<p>बिल्लेख                                  01                   00</p>
<p>भिकियासैंण                            01                   00</p>
<p>शहरफाटक                            00                   01</p>
<p>चौघानपाटा                            01                    00</p>
<p>पांडेखोला पेट्रोल पंप               02                    01</p>
<p>धौलछीना                              03                    04</p>
<p>गोली महर लमगड़ा                00                    02</p>
<p>सांगड़ साहू और दुबरौली लमगड़ा 02              03</p>
<p>रानीखेत-कौसानी मोटर मार्ग   04                    01                                    </p>
<p>कुपी सल्ट                             15                    38</p>
<p>द्वाराहाट नौबाड़ा                    03                    01</p>
<p>सिरकोट                               01                    00</p>
<p>जैंती                                     01                    01</p>
<p>तिमली पिपुड़ा                       04                     00</p>
<p>दन्या                                     05                   00</p>
<p>पेटशाल                                 07                   00</p>
<p>पिपली                                   01                  02</p>
<p>असगोली-पैठानी                    00                  01</p>
<p>सीलापाली                             12                  07</p>
<p>कसाणबैंड                             01                  02</p>
<p>कूपी बैंड                               00                   01</p>
<p>नौबाड़ा                                 03                    01</p>
<p>चिंतोली                                02                    02</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581234/95-people-lost-their-lives-in-27-accidents-in-the-district-over-three-years</link>
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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 11:05:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: भिकियासैंण में भीषण हादसा...बेकाबू कार खाई में गिरने से तीन की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> भिकियासैंण में गुरुवार को दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जिसमें सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद राहत बचाव कार्य शुरू कर शवों को खाई से निकाला गया।</p>
<p>घटना गुरुवार सुबह रापड़-गगोडा-चमडखान-सोनी रानीखेत मोटर मार्ग पर हुई। कार सवार लोग रानी खेत की तरफ जा रहे थे। तभी बेकाबू होकर खाई में गिरी कार के परखच्चे उड़ गए।  हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581166/horrific-accident-in-bhikiyasain--three-dead-after-out-of-control-car-plunges-into-gorge"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/hadsa2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> भिकियासैंण में गुरुवार को दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जिसमें सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद राहत बचाव कार्य शुरू कर शवों को खाई से निकाला गया।</p>
<p>घटना गुरुवार सुबह रापड़-गगोडा-चमडखान-सोनी रानीखेत मोटर मार्ग पर हुई। कार सवार लोग रानी खेत की तरफ जा रहे थे। तभी बेकाबू होकर खाई में गिरी कार के परखच्चे उड़ गए।  हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। ग्रामीणों की मदद से शवों को खाई से बाहर निकाला। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 11:11:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: देहोली में बेकाबू कार मकान की छत पर गिरी, चालक की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रानीखेत, अमृत विचार।</strong> बुधवार तड़के देहोली गांव के पास एक अनियंत्रित वैगनआर कार सड़क से करीब 15-20 मीटर नीचे स्थित मकान की छत पर जा गिरी। हादसे में कार चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।</p>
<p>पुलिस के अनुसार सुबह करीब 3:15 बजे वैगनआर कार (संख्या यूके02-टीए-3159) चौबटिया मार्ग पर जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गई और लाल सिंह के मकान की छत पर जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि चालक की मौके पर ही मौत हो गई। </p>
<p>सूचना मिलते ही चौबटिया चौकी प्रभारी राजकुमार और उपनिरीक्षक फिरोज खान पुलिस टीम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581105/uncontrollable-car-crashes-onto-house-roof-in-deholi--driver-dies"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/hadsa11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रानीखेत, अमृत विचार।</strong> बुधवार तड़के देहोली गांव के पास एक अनियंत्रित वैगनआर कार सड़क से करीब 15-20 मीटर नीचे स्थित मकान की छत पर जा गिरी। हादसे में कार चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।</p>
<p>पुलिस के अनुसार सुबह करीब 3:15 बजे वैगनआर कार (संख्या यूके02-टीए-3159) चौबटिया मार्ग पर जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गई और लाल सिंह के मकान की छत पर जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि चालक की मौके पर ही मौत हो गई। </p>
<p>सूचना मिलते ही चौबटिया चौकी प्रभारी राजकुमार और उपनिरीक्षक फिरोज खान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए गोविंद सिंह माहरा नागरिक चिकित्सालय, रानीखेत भेज दिया है। </p>
<p>मृतक की पहचान भुवन प्रसाद (32 वर्ष), पुत्र गोपाल राम, निवासी ग्राम मटेला काफलीगैर, जिला बागेश्वर के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581105/uncontrollable-car-crashes-onto-house-roof-in-deholi--driver-dies</link>
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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 16:39:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:आंधी-तूफान ने अल्मोड़ा में ढाया कहर, बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> अल्मोड़ा से जुड़े क्षेत्रों में लोगों को रविवार को बिजली का संकट झेलना पड़ा। दोपहर बाद अचानक बदले मौमस और तेज अंधड़ के चलते कई जगहों पर बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके चलते देर शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।</p>
<p>अल्मोड़ा नगर में दोपहर के समय मौसम बिगड़ने से लाइन में फॉल्ट आ गया और नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इस दौरान करीब चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, इलेक्ट्रोनिक उपकरण भी शो-पीस बने रहे। </p>
<p>गर्मी के बीच बिजली गुल होने से लोगों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580789/storm-wreaks-havoc-in-almora--residents-troubled-as-power-supply-snaps"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/almoda.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> अल्मोड़ा से जुड़े क्षेत्रों में लोगों को रविवार को बिजली का संकट झेलना पड़ा। दोपहर बाद अचानक बदले मौमस और तेज अंधड़ के चलते कई जगहों पर बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके चलते देर शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।</p>
<p>अल्मोड़ा नगर में दोपहर के समय मौसम बिगड़ने से लाइन में फॉल्ट आ गया और नगर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इस दौरान करीब चार घंटे बिजली आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, इलेक्ट्रोनिक उपकरण भी शो-पीस बने रहे। </p>
<p>गर्मी के बीच बिजली गुल होने से लोगों को परेशानियां उठानी पड़ी। लोग दिन भर बिजली की आंख-मिचौली से परेशान रहे। इधर, ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बताया कि बिजली लाइन में जगह-जगह पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित रही थी। बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580789/storm-wreaks-havoc-in-almora--residents-troubled-as-power-supply-snaps</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:24:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माल, बाल और पटाल: अल्मोड़ा की अनुपम सांस्कृतिक विरासत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:center;"><span style="color:rgb(224,62,45);">समुद्र तल से लगभग 1,646 मीटर (5,400 फीट) की ऊंचाई पर स्थित पटाल बाजार में घूमते हुए रोमांच का अनुभव होना स्वाभाविक है, क्योंकि न केवल यह बाजार अल्मोड़ा शहर के केंद्र में एक लंबी पहाड़ी चोटी पर स्थित है, बल्कि यहां से हिमालय की शानदार सफेद दमकती चोटियां नजारे को अद्भुत कर देंती हैं। दरअसल, अल्मोड़ा का पटाल बाजार अपनी बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कुछ चुनिंदा बाजारों में गिना जाता है। इसकी तुलना अक्सर यूरोपीय देशों के ‘ओल्ड टाउन’ और मध्यकालीन बाजारों से की जाती है। उन अंतर्राष्ट्रीय बाजारों या</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580760/maal--baal-and-patal--the-unique-cultural-heritage-of-almora"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(7)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:center;"><span style="color:rgb(224,62,45);">समुद्र तल से लगभग 1,646 मीटर (5,400 फीट) की ऊंचाई पर स्थित पटाल बाजार में घूमते हुए रोमांच का अनुभव होना स्वाभाविक है, क्योंकि न केवल यह बाजार अल्मोड़ा शहर के केंद्र में एक लंबी पहाड़ी चोटी पर स्थित है, बल्कि यहां से हिमालय की शानदार सफेद दमकती चोटियां नजारे को अद्भुत कर देंती हैं। दरअसल, अल्मोड़ा का पटाल बाजार अपनी बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कुछ चुनिंदा बाजारों में गिना जाता है। इसकी तुलना अक्सर यूरोपीय देशों के ‘ओल्ड टाउन’ और मध्यकालीन बाजारों से की जाती है। उन अंतर्राष्ट्रीय बाजारों या शहरों के बारे में भी समझ लेते हैं, जहां से मुख्य रूप से पटाल बाजार की तुलना की जाती है। <strong>अजय दयाल, वरिष्ठ पत्रकार</strong></span></p>
<p>माल, बाल और पटाल। हां, इसी नाम से मशहूर है उत्तराखंड का अल्मोड़ा। माल का आशय माल रोड से है, बाल से मतलब बाल मिठाई से और पटाल यानी पटाल बाजार। यहां मैं चर्चा पटाल बाजार की करने जा रहा हूं। इस बाजार में कदम रखते ही दिल-दिमाग मानो तरोताजा हो जाते हों। माहौल इस कदर रोमांचकारी है कि आंखें नहीं झपकती… कि कहीं कुछ देखने को छूट न जाए। यह पारंपरिक कुमाऊंनी शैली के घरों (पटाल यानी पत्थरों की छत) से बना हुआ ऐसा ऐतिहासिक बाजार है जहां ‘सबकुछ’ मिलता है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(7)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (7)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>अब आप जानना चाहेंगे कि सबकुछ से क्या आशय है? किसी बाजार का वर्णन करते हुए अकसर हमने सुना हैं वहां सूई से लेकर अलमारी तक मिलती है। मतलब जीवनयापन की छोटी आवश्यकता से लेकर बड़ी जरुरतें तक पूरी होंती हैं। लेकिन पटाला बाजार के बारे में कहना चाहूंगा कि यहां जाखिया और बिच्छू घास से लेकर लेटेस्ट एआई गजेट्स तक मिलते हैं।</p>
<p>बिच्छू घास यानी कंडाली का साग एक पौष्टिक पत्तेदार सब्जी है, जिसे बिच्छू घास के पत्तों से बनाया जाता है। इसे उबालकर और स्थानीय मसालों का तड़का लगाकर तैयार किया जाता है। इन्हीं मसालों में से एक जाखिया है जो उत्तराखंड और भारत- नेपाल के तराई क्षेत्रों में पाया जाता है। यह एक तीखा और कुरकुरा मसाला है जिसका उपयोग कढ़ी, दालों और सब्जियों में तड़का लगाने के लिए किया जाता है।</p>
<p>समुद्र तल से लगभग 1,646 मीटर (लगभग 5,400 फीट) की ऊंचाई पर स्थित पटाल बाजार में घूमते हुए रोमांच का अनुभव होना स्वाभाविक है, क्योंकि न केवल यह बाजार अल्मोड़ा शहर के केंद्र में एक लंबी पहाड़ी चोटी पर स्थित है बल्कि यहां से हिमालय की शानदार सफेद दमकती चोटियां नजारे को अद्भुत कर देंती हैं।</p>
<p>दरअसल, अल्मोड़ा का पटाल बाजार अपनी बनावट और ऐतिहासिक महत्व के कारण न केवल भारत, बल्कि दुनिया के कुछ चुनिंदा बाजारों में गिना जाता है। इसकी तुलना अक्सर यूरोपीय देशों के 'ओल्ड टाउन' और मध्यकालीन बाजारों से की जाती है। उन अंतरराष्ट्रीय बाजारों या शहरों के बारे में भी समझ लेते हैं जहां से मुख्य रूप से पटाल बाजार की तुलना की जाती है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(8)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (8)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>इनमें से एक स्कॉटलैंड स्थित एडिनबर्ग का रॉयल माइल है। पटाल बाजार और स्कॉटलैंड के इस बाजार में काफी समानताएं हैं। रॉयल माइल भी कोबलस्टोन (पत्थरों) से बनी एक लंबी सड़क है, जिसके दोनों ओर पुरानी इमारतें और छोटी-छोटी गलियां हैं। पटाल बाजार की तरह ही यहां का फर्श भी खास तरह के तराशे हुए पत्थरों (पटालों) से बना है।</p>
<p>दूसरा चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग का ओल्ड टाउन है। ओल्ड टाउन स्क्वायर की गलियों में भी पटाल बाजार जैसा अनुभव होता है। यहां की संकरी गलियां पत्थरों से पक्की की गई हैं। पटाल बाजार की तरह यहां भी कई पीढ़ियों पुरानी दुकानें हैं जो शहर की सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं।</p>
<p>इसी क्रम में ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग में गेट्राइडेगास है। गेट्राइडेगास एक मशहूर ऐतिहासिक शॉपिंग स्ट्रीट है। पटाल बाजार की तरह यहां भी पैदल चलने वालों के लिए अलग व्यवस्था है और दुकानों के बाहर लगे पुराने स्टाइल के साइनबोर्ड और वास्तुकला इसे अल्मोड़ा के पारंपरिक स्वरूप के नजदीक लाते हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(12)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (12)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>सच पूछिए तो पहाड़ी पत्थर (पटाल) से बनी पटाल बाजार की सड़क दुनिया की उन चुनिंदा सड़कों में से है जहां बारिश के बाद भी पानी नहीं रुकता और फिसलन कम होती है। देश-विदेश स्थित कई ऐतिहासिक बाजारों की तरह पटाल बाजार में भी गाड़ियों का प्रवेश वर्जित है, जिससे इसका शांत और प्राचीन स्वरूप स्थिर रहता है।</p>
<p>पटाल बाजार में विचरण करते हुए दुकानों से ऊपर बने घरों पर नजरें थम सी गई। यहां के पुराने घरों की खिड़कियों पर की गई नक्काशी यूरोप की विक्टोरियन या मध्यकालीन शैली की नक्काशी के समान जटिल और खूबसूरत हैं। दरअसल, पटाल बाजार का स्वरूप इसे यूरोप के मध्यकालीन 'स्ट्रीट मार्केट्स' की श्रेणी में खड़ा करता है, जहां आधुनिकता और इतिहास का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।</p>
<p>वैसे भी मध्य हिमालय के काषाण पर्वत की पीठ पर बसा प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगर अल्मोड़ा अपनी खूबियों के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों में खासा मशहूर है। इस शहर की विशिष्टताओं में एक है यहां की पटाल (पत्थर) संस्कृति। ऐसा माना जाता है कि कुमाऊं अंचल में इस कला की शुरआत कत्यूरघाटी से हुआ था, लेकिन अल्मोड़ा शहर ने इस कला को इस तरह स्वीकार किया कि यह शहर पटालों के नाम से मशहूर हो गया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(10)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (10)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>अल्मोड़ा की बाल मिठाई के साथ ही यहां का माल रोड और यहां की पटाल बाजार इस शहर की खास पहचानों में है। पटाल संस्कृति के इस अद्भुत शहर में आज भी जहां नजर पड़ेगी वहां पटाल संस्कृति की कोई ना कोई झलक देखने को मिल जाती है। यहीं कारण है कि अल्मोड़ा में देश-विदेश से लोग घूमने के लिए आते हैं।</p>
<p>इतिहास टटोलें तो पाते हैं कि लगभग बारह सौ साल पहले प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा में एक ऐसी शिल्पकारी जीवंत हुई जिसे हम आज पटाल संस्कृति के नाम से जानते हैं। उस दौर में मुख्य बाजार हो या मोहल्ले मकान की ढालू छत का निर्माण पटालों से किया गया। आंगन में पटाल, प्रवेश मार्ग में पटाल, मकान की खिड़कियों व दरवाजों के ऊपर पटाल, करीब हर जगह पटाल अपनी खूबसूरती बिखेरते थे। मकान और पैदल मार्ग ही नहीं बल्कि प्राचीन मंदिर भी इन पटालों से अछूते नहीं रहे। उस दौर में ही अल्मोड़ा नगर का डेढ़ किमी लंबा आवश्यक वस्तुओं का बाजार भी पटालों से ऐसा पटा कि पटाल बाजार के नाम से प्रसिद्ध हो गया।</p>
<h3><strong>कभी ब्रिटिश हुकूमत बनी गवाह</strong></h3>
<p>सदियों पुरानी पटाल बाजार ब्रिटिश हुकूमत की भी गवाह बनी। चंद राजाओं ने पटालों का भरपूर प्रयोग किया और इस संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया। यही कारण रहा कि पटाल यहां के जनजीवन का अभिन्न अंग बन गए। मकान, पैदल मार्ग, मंदिर, आंगन ही नहीं बल्कि उस दौर में प्राकृतिक जल स्रोतों और नौलों के निर्माण में भी पटालों का ही उपयोग किया जाता रहा।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(11)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (11)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>शनै: शनै: समय बदला और आधुनिकता के दौर में पटालों का स्थान ईंट सीमेंट, रेता, बजरी और सरिया ने ले लिया। फिर भी, अल्मोड़ा में पटाल संस्कृति का दीदार आज भी किया जा सकता है। पटाल संस्कृति की महत्ता इतनी है कि अगर जेहन में पटालों वाले किसी शहर का नाम आए तो वह अल्मोड़ा के अलावा और कोई नहीं हो सकता।</p>
<p>एक वक्त था जबकि अल्मोड़ा के द्वाराहाट, बल्ढोंटी, पेटशाल, सल्ट, गंगोली, क्वारब जैसे अनेक स्थानों पर जंगलों में काफी मात्रा में पटाल पाई जाती थी। वहां से इन्हें खास तकनीक के जरिए लंबी और चौड़ी स्लेटों के रूप में निकाला जाता था। फिर इन्हीं से हर प्रकार का निर्माण कार्य किया जाता था।</p>
<h3><strong>पटाल शिल्पियों का दौर ही निराला था</strong></h3>
<p>पटाल संस्कृति के अस्तित्व में आने के बाद से ही पर्वतीय क्षेत्रों के पटाल शिल्पियों को यहां रोजगार मिला। सदियों तक यहां पटाल शिल्पियों ने अपने हुनर को इन पटालों में तराशा और यहीं कार्य उनकी कई पुश्तों के लिए रोजी रोटी का माध्यम बना। आज भले की पटाल शिल्पियों को आधुनिक तकनीक के कारण अपने इस रोजगार से किनारा करना पड़ा हो लेकिन एक दौर वह भी था कि पटाल शिल्पियों के सामने कोई और टिक नहीं सकता था।</p>
<p>फिलवक्त भले ही क्यों ना निर्माण कार्यों की नई तकनीक सामने आ रही हों। लेकिन पटाल की विशेषताओं का आज भी कोई जवाब नहीं है। एक्सपर्टस बताते हैं कि पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में लकड़ी और पत्थर के मकान काफी उपयुक्त हैं, जिनमें पटाल का खास महत्व रहा है। क्योंकि, पटाल टिकाऊ और मजबूत होने के साथ ही हर मौसम में अनुकूल तासीर देने वाले भी होते हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(13)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (13)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3><strong>भूकंप जैसी आपदा में भी अटल हैं पटाल</strong></h3>
<p>इतना ही नहीं, स्वास्थ्य के लिए भी पटाल लाभकारी मानें गए हैं। टूटफूट होने पर पटालों को आसानी से बदला जा सकता है। इसके साथ ही पटाल जल संरक्षण के लिए भी अनुकूल होते हैं। पटालों के जोड़ों से बरसात का पानी पहले धरती में समाता है जिससे भूमि में वाटर-रिचार्ज होता है। पटाल की सबसे बड़ी खूबी यह भी है कि भूकंप जैसी आपदा में पटाल भवनों को मजबूती भी प्रदान करती है।</p>
<p>नगर के मल्ला जोशी खोला, चीनाखान, तल्ला जोशी खोला, पांडेखोला, दुगालखोला, तल्ला मल्ला दन्या, डुबकिया, चौंसार, कर्नाटकखोला, गुरुरानीखोला, बख्शीखोला आदि मोहल्लों में पुरानी शैली के पटाल के भवन इस संस्कृति को संजो कर रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।</p>
<p>बहरहाल, पहाड़ की अद्भुत पटाल संस्कृति इस कदर निराली है कि आज भी अल्मोड़ा कई क्षेत्रों में पटाल से बने ढाई सौ साल पुराने भवन तमाम संयुक्त परिवारों की एकजुटता के गवाह बने हुए हैं। भले ही नगर का अधिकांश इलाका कंक्रीट के जंगलों सा होता जा रहा हो लेकिन, पटान से बने भवनों का आकर्षण आज भी जस का तस है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-(9)1.png" alt="MUSKAN DIXIT (9)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3><strong>बाल मिठाई का इतिहास और विशेषताएं</strong></h3>
<p>अल्मोड़ा जिला अपनी खूबसूरत पहाड़ियों और ठंडी आबोहवा के लिए मशहूर है, लेकिन इन सबसे अलग है यहां की बाल मिठाई जिसने इसे पूरे भारत में पहचान दिलाई है। बाल मिठाई का उद्भव वर्ष 1856 में उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ माना जाता है, जिसे जोग लाल साह ने तैयार किया था। उस दौर में अल्मोड़ा ब्रिटिश शासन के अधीन था और यहां बड़ी संख्या में सैनिक तैनात रहते थे। माना जाता है कि इस मिठाई को शुरुआत में सैनिकों के लिए बनाया गया, क्योंकि पहाड़ों में उपलब्ध शुद्ध दूध से तैयार खोया लंबे समय तक सुरक्षित रह सकता था। धीरे-धीरे इसका अनोखा स्वाद लोगों को भाने लगा और यह आम जनमानस में भी लोकप्रिय हो गई। बाल मिठाई की सबसे प्रमुख विशेषता इसकी पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Tourism</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580760/maal--baal-and-patal--the-unique-cultural-heritage-of-almora</link>
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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 13:21:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:आईएएस अफसर बन देश सेवा करना चाहते है टॉपर वेदांत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> इंटर बोर्ड परीक्षा में जिले में पहला स्थान बनाने वाले और राज्य की मेरिट सूची में छठा स्थान पर रहे टॉपर वेदांत पपनोई आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहते है। उन्होंने इंटर बोर्ड परीक्षा में 96.20 फीसदी अंक हासिल कर जिले में टॉप स्थान पर रहे।</p>
<p>आर्य इंटर कॉलेज देघाट अल्मोड़ा के छात्र वेदांत पपनोई ने ‘अमृत विचार’ अखबार से वार्ता कर अपनी प्रमुखता बताई। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से पढ़ाई कर इस मुकाम तक पहुंचे है। उन्होंने कहा कि वह किसी तरह की कोचिंग नहीं ली और नियमित पांच से छह घंटे पढ़ाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579934/topper-vedant-aspires-to-serve-the-nation-by-becoming-an-ias-officer"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/yu4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> इंटर बोर्ड परीक्षा में जिले में पहला स्थान बनाने वाले और राज्य की मेरिट सूची में छठा स्थान पर रहे टॉपर वेदांत पपनोई आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहते है। उन्होंने इंटर बोर्ड परीक्षा में 96.20 फीसदी अंक हासिल कर जिले में टॉप स्थान पर रहे।</p>
<p>आर्य इंटर कॉलेज देघाट अल्मोड़ा के छात्र वेदांत पपनोई ने ‘अमृत विचार’ अखबार से वार्ता कर अपनी प्रमुखता बताई। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से पढ़ाई कर इस मुकाम तक पहुंचे है। उन्होंने कहा कि वह किसी तरह की कोचिंग नहीं ली और नियमित पांच से छह घंटे पढ़ाई की। </p>
<p>अच्छे अंक लाने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बना ली। बचपन से ही मेधावी रहे वेदांत ने हाईस्कूल में भी 91.4 फीसदी अंकों के साथ विद्यालय में सर्वोच्च स्थान पर रहे थे। उनके पिता संदीप पपनोई समाजिक कार्यकर्ता है। जबकि माता रंजनी पपनोई ग्राम पंचायत बसनल की ग्राम प्रधान है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेण माता पिता और गुरुजनों को दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579934/topper-vedant-aspires-to-serve-the-nation-by-becoming-an-ias-officer</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 16:27:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट : हाईस्कूल में सौरभ और इंटर में वेदांत बने जिला टॉपर, अल्मोड़ा के मेधावियों का रहा शानदार प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार: </strong>उत्तराखंड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में अल्मोड़ा के मेधावियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। हाईस्कूल में नव प्रभात बसभीड़ा चौखुटिया सौरभ कुमार ने 96 फीसदी लाकर प्रदेश में आठंवा और जिले में सर्वोच्च स्थान पर रहे। वहीं, इंटरमीडिएट में आर्य इंटर कॉलेज देघाट के वेदांत पपनै 96.20 फीसदी अंक लाकर प्रदेश में छठा स्थान और जिले में पहला स्थान बनाया है।</p>
<p>शनिवार को जारी बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस बार जिले के 24 होनहारों ने प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान बनाकर जिले का नाम रोशन किया है। हाईस्कूल में सौरभ कुमार के अलावा विवेकानंद विद्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579916/uttarakhand-board-results--saurabh-tops-high-school-and-vedant-tops-intermediate--stellar-performance-by-almorah-s-meritorious-students"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cats211.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार: </strong>उत्तराखंड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में अल्मोड़ा के मेधावियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। हाईस्कूल में नव प्रभात बसभीड़ा चौखुटिया सौरभ कुमार ने 96 फीसदी लाकर प्रदेश में आठंवा और जिले में सर्वोच्च स्थान पर रहे। वहीं, इंटरमीडिएट में आर्य इंटर कॉलेज देघाट के वेदांत पपनै 96.20 फीसदी अंक लाकर प्रदेश में छठा स्थान और जिले में पहला स्थान बनाया है।</p>
<p>शनिवार को जारी बोर्ड परीक्षा परिणाम में इस बार जिले के 24 होनहारों ने प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान बनाकर जिले का नाम रोशन किया है। हाईस्कूल में सौरभ कुमार के अलावा विवेकानंद विद्या मंदिर रानीधारा अल्मोड़ा की आरुषी बनौला ने 95.40 फीसदी अंको के साथ दूसरे स्थान पर रही। जबकि सरस्वती विविआईसी ताड़ीखेत के नीरज पपनै ने 94.20 फीसदी अंकों के साथ राज्य की मेरिट सूची में 17 वां और जिले में तीसरा स्थान बनाया।</p>
<p>वहीं, इंटर में वेदांत के अलावा विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधारा अल्मोड़ा के प्रियांशु पाठक ने 95.40 फीसदी अंकों के साथ राज्य की मेरिट सूची में 10 वां और जिले में दूसरा स्थान बनाया। जबकि इसी विद्यायल के राहुल रौतेला ने 94.80 फीसदी अंकों के साथ जिले में तीसरा और राज्य में 13 वां स्थान प्राप्त किया है। छात्रों के इस शानदार प्रदर्शन पर शिक्षकों और अभिभावकों ने खुशी जताई। दूरस्थ क्षेत्रों के भी विद्यार्थियों ने श्रेष्ठता सूची में नाम दर्ज  करवाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।</p>
<h5><strong>राइंका कमलेश्वर का शानदार रहा परीक्षा फल</strong></h5>
<p><strong>अल्मोड़ा। </strong>राजकीय इंटर कॉलेज कमलेश्वर का बोर्ड परीक्षा परिणाम शानदार रहा। हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में विद्यालय के ​मनीष स्यूनरी ने 426 और इंटर में ​अर्चना आर्या ने 389 अंक हासिल कर विद्यालय में सर्वोच्च स्थान बनाया। वहीं, हाईस्कूल में तुषार डंगवाल ने 423 अंको के साथ दूसरा, हिमानी ने 353 अंकों के साथ तीसरा स्थान बनाया। जबकि इंटर में ​जिया मेहता ने 360 और पलक डंगवाल 357 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।</p>
<p>छात्रों की इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य खजान चंद्र कांडपाल, पूर्व प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह बिष्ट, विपिन चन्द्र पंत, आनन्द सिंह डंगवाल, एस गीता भाकुनी, हरीश राम, संगीता पंत, रेणुका जोशी, सवित जनौटी, गणेश जोशी, प्रीतिका भटनागर, डॉ इन्द्रा बिष्ट, डॉ चन्द्र प्रकाश बिष्ट, मोहन चन्द्र भट्ट आदि ने खुशी जताई। </p>
<p><strong>हाईस्कूल टॉपर</strong></p>
<p><strong>मेरिट में रैंक         नाम                       स्कूल                             प्रतिशत अंक</strong><br />   08            सौरभ कुमार        नव प्रभात बसभीड़ा चौखुटिया              96       <br />   11           आरुषी बनौला     विवेकानंद विद्या मंदिर रानीधारा            95.40     <br />   17            नीरज पपनै        सरस्वती विविआईसी ताड़ीखेत             94.20     <br />   18               दीपा              जीआईसी जौरासी चौखुटिया               94.00     <br />   18               नेहा                शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज दन्या         94.00     <br />   19           उमंग बिष्ट          विवेकानंद विद्या मंदिर रानीधारा            93.80     <br />   20          दीपांशु गैलाकोटी      जीआईसी आलासल्पड़                   93.60     <br />   22          तनुज तिवारी        विवेकानंद विद्या मंदिर रानीधारा            93.20     <br />   23         कनिका जोशी          विजडम कॉन्वेंट चौखुटिया                93.00    <br />   25         निखिल गुरुरानी     विवेकानंद विद्या मंदिर रानीधारा             92.60     <br />   25         लक्ष्य रावत            सिटी मॉन्टेसरी रानीखेत                     92.60     <br />   25         हिमानी पपनै         बाल विकास विमं भाटकोट                  92.60    </p>
<p><strong>इंटरमीडिएट टॉपर</strong><br /><br /><strong>मेरिट में रैंक         नाम                       स्कूल                             प्रतिशत अंक</strong><br />   06             वेदांत पपनै           आर्य इंटर कॉलेज देघाट                 96.20    <br />   10             प्रियांशु पाठक        विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधारा      95.40     <br />   13             राहुल रौतेला         विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधारा      94.80     <br />   17             गार्गी बिष्ट            आर्या इंटर कॉलेज देघाट                94.00     <br />   18             सानिया बिष्ट         बालिका विद्या मंदिर जीवनधाम       93.80    <br />   18             भावना जोशी         जीआईसी खेती अल्मोड़ा              93.80    <br />   20            आयुष अधिकारी     विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधारा     93.40   <br />   20            धनंजय भट्ट           विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधारा     93.40    <br />   21            पिंकी आर्या           जीआईसी बेरगांव अल्मोड़ा            93.20  <br />   22            प्रियांशु गैड़ा           विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधारा     93.00    <br />   24            साहिल आर्या        जीआईसी लोधिया अल्मोड़ा           92.60   <br />   25           गौतम कनवाल       विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधारा      92.40 </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579916/uttarakhand-board-results--saurabh-tops-high-school-and-vedant-tops-intermediate--stellar-performance-by-almorah-s-meritorious-students</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 14:10:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: अल्मोड़ा में किराए के मकान में बीएस की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> नगर के जौहरी बाजार में एक युवती ने अपने कमरे में फांसी का फंदा लगा जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना पर मौके पर पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। घटना से परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है।</p>
<p>पुलिस से मिली जानकारी अनुसार ग्राम नौला, शीतलाखेत निवासी संजना आर्या पुत्री नरेंद्र कुमार, नगर के जौहरी बाजार स्थित अपने भाई के साथ किराये के कमरे में रहती थी। संजना एसएसजे परिसर में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। रविवार देर शाम जब संजना का भाई लाइब्रेरी गया हुआ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578641/bs-student-commits-suicide-by-hanging-herself-in-a-rented-house-in-almora"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/fansi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> नगर के जौहरी बाजार में एक युवती ने अपने कमरे में फांसी का फंदा लगा जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना पर मौके पर पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। घटना से परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है।</p>
<p>पुलिस से मिली जानकारी अनुसार ग्राम नौला, शीतलाखेत निवासी संजना आर्या पुत्री नरेंद्र कुमार, नगर के जौहरी बाजार स्थित अपने भाई के साथ किराये के कमरे में रहती थी। संजना एसएसजे परिसर में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। रविवार देर शाम जब संजना का भाई लाइब्रेरी गया हुआ था, तब संजना कमरे में अकेली थी। भाई जब वापस लौटा तो उसने दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी देर तक कुंडा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो अनहोनी की आशंका हुई। </p>
<p>खिड़की या दरवाजे से झांकने पर देखा गया कि संजना का शव फंदे से लटका हुआ था। इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। कोतवाली योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा। उन्होंने बताया की मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:51:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: राज्य में पहाड़ से मैदान तक बारिश और बर्फबारी...चार धाम यात्रा की तैयारियों में खलल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में अप्रैल के दौरान एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा है। मैदान में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी से तापमान नीचे आ गया। कई इलाकों में भूस्खलन से यातायत प्रभावित हुआ। मौसम विभाग की तरफ से गुरुवार को भी आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>
<p>दरअसल भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से अप्रैल में लौटी ठंड ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चला गया। टिहरी-चंबा मार्ग पर बगड़धार में भूस्खलन होने की वजह से यातायात प्रभावित रहा। बारिश और बर्फबारी की वजह से चारधाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577944/rain-and-snowfall-across-the-state%E2%80%94from-the-mountains-to-the-plains----disrupting-preparations-for-the-char-dham-yatra"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/barf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>उत्तराखंड में अप्रैल के दौरान एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा है। मैदान में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी से तापमान नीचे आ गया। कई इलाकों में भूस्खलन से यातायत प्रभावित हुआ। मौसम विभाग की तरफ से गुरुवार को भी आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।</p>
<p>दरअसल भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से अप्रैल में लौटी ठंड ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे चला गया। टिहरी-चंबा मार्ग पर बगड़धार में भूस्खलन होने की वजह से यातायात प्रभावित रहा। बारिश और बर्फबारी की वजह से चारधाम यात्रा की तैयारियों में भी खलल पड़ा। रामनगर में रात से हो रही बारिश ने लोगों को दोबारा गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया तो गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान होने की बात कही जा रही है।</p>
<p><strong>नैनीताल आए पर्यटक होटलों में दुबके</strong><br />नैनीताल में देर रात से लगातार बारिश जारी थी। जिसकी वजह से जन जीवन बुरी तरह अस्त व्यस्त हुआ। पर्यटक स्थल वीरान दिखाई दिए। नैनीताल घूमने का मन बनाकर आए पर्यटकों को होटेलों में ही दुबके रहना पड़ा। हल्द्वानी में सुबह से जारी बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में 10 डिग्री गिरावट होने का अनुमान जताया गया है।</p>
<p><strong>अल्मोड़ा में सुबह से झमाझम बारिश</strong><br />अल्मोड़ा में बारिश ने मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया। सुबह से झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। जिसकी वजह से ठंड में भी इजाफा। हुआ जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी अनुसार अल्मोड़ा में अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रानीखेत के पास सबसे ऊंची पर्वतमाला भरतकोट के साथ ही पांडवखोली की चोटी पर बारिश के साथ सीजन का तीसरा हिमपात हुआ है। हालांकि बर्फ टिक नहीं रही है, लेकिन बर्फीली हवा से मौसम बेहद ठंडा हो गया है। वहीं, तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>पंतनगर</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                            <category>सितारगंज</category>
                                            <category>बागेश्वर</category>
                                            <category>टनकपुर</category>
                                            <category>लालकुआं</category>
                                            <category>कोटद्वार</category>
                                            <category>काशीपुर</category>
                                            <category>पिथौरागढ़</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                            <category>उधम सिंह नगर</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 14:02:15 +0530</pubDate>
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