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                <title>करियर  - Amrit Vichar</title>
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                            <item>
                <title>अब सुरक्षित माहौल में पढ़ेंगे नौनिहाल:  यूपी के 1.40 लाख से अधिक स्कूलों का होगा सेफ्टी ऑडिट, परखी जाएगी सुरक्षा व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में व्यापक सुरक्षा ऑडिट एवं जोखिम आकलन (रिस्क असेसमेंट) कराने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत राज्य के 1,40,555 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस अभियान में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, माध्यमिक विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को शामिल किया गया है। </p>
<h4 style="text-align:justify;">वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानकों के आधार पर निरीक्षण</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार का उद्देश्य लाखों विद्यार्थियों को अधिक सुरक्षित और संरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583426/children-will-now-study-in-a-safe-environment--safety-audits-to-be-conducted-in-over-140-000-schools-across-up--security-arrangements-to-be-thoroughly-assessed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(21)22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में व्यापक सुरक्षा ऑडिट एवं जोखिम आकलन (रिस्क असेसमेंट) कराने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत राज्य के 1,40,555 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस अभियान में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, माध्यमिक विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को शामिल किया गया है। </p>
<h4 style="text-align:justify;">वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानकों के आधार पर निरीक्षण</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार का उद्देश्य लाखों विद्यार्थियों को अधिक सुरक्षित और संरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है। योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में विद्यालयों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानकों के आधार पर निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान विद्यालय भवनों की संरचनात्मक स्थिति, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, आपदा प्रबंधन की तैयारी, स्वच्छता सुविधाएं, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था तथा परिसर की समग्र सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। साथ ही संभावित जोखिमों की पहचान कर उनके निवारण के लिए विस्तृत सुझाव भी तैयार किए जाएंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल के माध्यम से चयनित एजेंसी बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) के साथ समझौता किया। इस अवसर पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा सुरेंद्र कुमार तिवारी, निदेशक बेसिक शिक्षा प्रताप सिंह बघेल तथा बीसीसीएल के मुख्य व्यवसाय अधिकारी कुलदीप पाठक और मुख्य प्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रमुख बृजेश कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। </p>
<h4 style="text-align:justify;">सुरक्षा मानकों की समीक्षा तक सीमित नहीं</h4>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल सुरक्षा मानकों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यालयों में सुरक्षा जागरूकता और जोखिम प्रबंधन की दीर्घकालिक व्यवस्था विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों का विश्वास मजबूत होगा तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार होगा। </p>
<h4 style="text-align:justify;">विद्यालय में सुरक्षा के उच्चतम मानक स्थापित</h4>
<p style="text-align:justify;">सेवा प्रदाता एजेंसी प्रत्येक विद्यालय में सुरक्षा संबंधी जोखिमों की पहचान कर सुधारात्मक उपायों की अनुशंसा करेगी, जिससे भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और छात्रों के लिए सुरक्षित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालय में सुरक्षा के उच्चतम मानक स्थापित करना है। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को छात्र-केंद्रित एवं सुरक्षित स्कूली शिक्षा के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583424/storms-and-rain-wreak-havoc-across-up-districts---extremely-severe--alert-issued-for-gorakhpur--cyclonic-storm-hits-hamirpur--pilgrim-dies-after-pole-falls-in-mathura"><span class="t-red">यूपी के जिलों में आधी-बारिश बनी मुसीबत: </span>गोरखपुर में 'एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट; हमीरपुर में चक्रवाती तूफान, मथुरा में खंभा गिरने से श्रद्धालु की मौत </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583426/children-will-now-study-in-a-safe-environment--safety-audits-to-be-conducted-in-over-140-000-schools-across-up--security-arrangements-to-be-thoroughly-assessed</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/583426/children-will-now-study-in-a-safe-environment--safety-audits-to-be-conducted-in-over-140-000-schools-across-up--security-arrangements-to-be-thoroughly-assessed</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 16:48:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NTA CUET Exam Delay :  CUET परीक्षा में देरी, तकनीकी गड़बड़ी के कारण कुछ केंद्रों पर 3 की जगह शाम 4 बजे होगा एग्जाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने कहा है कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट सीयूईटी (यूजी) 2026 के दौरान आज कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा शुरू होने में देरी हुई। एनटीए ने कहा कि परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी टीसीएस ने अपने स्तर पर आई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनटीए ने आज सोशल मीडिया पर कहा कि समस्या का समाधान कर लिया गया है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी अभ्यर्थी को नुकसान न हो। इसके लिए प्रभावित केंद्रों पर परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए पूरा निर्धारित समय दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583417/nta-cuet-exam-delay--cuet-exam-delayed%E2%80%94due-to-technical-glitches--the-exam-will-be-held-at-4-00-pm-instead-of-3-00-pm-at-certain-centers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(11)21.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने कहा है कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट सीयूईटी (यूजी) 2026 के दौरान आज कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा शुरू होने में देरी हुई। एनटीए ने कहा कि परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी टीसीएस ने अपने स्तर पर आई तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">एनटीए ने आज सोशल मीडिया पर कहा कि समस्या का समाधान कर लिया गया है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी अभ्यर्थी को नुकसान न हो। इसके लिए प्रभावित केंद्रों पर परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए पूरा निर्धारित समय दिया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दोपहर सत्र के लिए संशोधित कार्यक्रम भी जारी किया है। नए कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थियों की रिपोर्टिंग और प्रवेश प्रक्रिया दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी, जबकि परीक्षा अब शाम 4:00 बजे शुरू होगी। पहले यह परीक्षा 3:00 बजे शुरू होनी थी। एनटीए ने स्पष्ट किया कि सुबह सत्र के अभ्यर्थियों को भी परीक्षा की पूरी अवधि उपलब्ध कराई गई है और उन्हें निर्धारित समय पूरा होने के बाद ही परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा किसी भी सहायता या जानकारी के लिए अभ्यर्थी एनटीए हेल्पलाइन 91-11-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं या cuet-ug@nta.ac.in पर ईमेल भेज सकते हैं। सीयूईटी(यूजी) से संबंधित नवीनतम जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583412/inauguration-of-%E2%80%98nausena-shaurya-vatika%E2%80%99--naval-gallantry-garden--in-lucknow--cm-yogi-and-defence-minister-rajnath-singh-officiate-the-opening"><span class="t-red">लखनऊ में ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का शुभांरभ, </span>सीएम योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583417/nta-cuet-exam-delay--cuet-exam-delayed%E2%80%94due-to-technical-glitches--the-exam-will-be-held-at-4-00-pm-instead-of-3-00-pm-at-certain-centers</link>
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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 13:24:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP B.Ed. Entrance Exam:  संत कबीर नगर में 31 मई को बीएड प्रवेश परीक्षा, 2318 अभ्यर्थी होंगे शामिल; जानें एग्जाम टाइमिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>संत कबीर नगर।</strong> उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में 31 मई को आयोजित होने वाली बीएड प्रवेश परीक्षा में कुल 2318 अभ्यर्थी सात परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा देंगे। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों तथा संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में परीक्षा की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सात परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583403/up-b-ed--entrance-exam--b-ed--entrance-exam-in-sant-kabir-nagar-on-may-31st--2-318-candidates-will-appear--learn-about-exam-timing-and-strict-security-arrangements"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design21.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संत कबीर नगर।</strong> उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में 31 मई को आयोजित होने वाली बीएड प्रवेश परीक्षा में कुल 2318 अभ्यर्थी सात परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा देंगे। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों तथा संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में परीक्षा की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सात परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। उन्होंने बताया कि दोनों पालियों के लिए अभ्यर्थियों का प्रवेश परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले प्रारंभ कर दिया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।</p>
<h4>42 हजार परीक्षार्थी 31 को देंगे बीएड प्रवेश परीक्षा</h4>
<p style="text-align:justify;">डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन ने 31 मई को होने वाली बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2026 को लेकर पूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अयोध्या मंडल के पांच जनपदों में कुल 92 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर लगभग 42,000 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षकों और केंद्राध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">नोडल अधिकारी व कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में यह परीक्षा पूरे प्रदेश में आयोजित हो रही है। प्रथम पाली सुबह 9 बजे से दोपहर12 बजे तक व द्वितीय पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक परीक्षा होगी। बैठक में नोडल समन्वयक प्रो. फर्रुख जमाल, केंद्र प्रतिनिधि, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन कुमार तिवारी, प्रो. नीलम पाठक, सीओ सिटी विकास राय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<h4>गौतमबुद्धनगर में  बीएड परीक्षा को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए तैयारियां </h4>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के जनपद गौतमबुद्धनगर में आगामी 31 मई को आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड-2026 को शांतिपूर्ण, नकलविहीन एवं पूर्ण सुचिता के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा स्थित सूरजपुर कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रियंका की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जहां उनके द्वारा जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि,बैठक में परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जनपद के 17 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग परीक्षा से पूर्व अपनी तैयारियां मानकों के अनुरूप पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि परीक्षा को नकलविहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी समय से अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर जिम्मेदारी का निर्वहन सुनिश्चित करें। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी देखा जाए कि परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से कार्य कर रहे हों। किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यवस्थागत समस्या पाए जाने पर तत्काल समाधान कराया जाए। एडीएम न्यायिक ने केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा से संबंधित गाइडलाइन का गहन अध्ययन करने के निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक स्वीकार नहीं की जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की जाए तथा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को परीक्षा केंद्र के अंदर न ले जाने दिया जाए। बैठक के दौरान बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से आए प्रोफेसरों द्वारा परीक्षा संचालन से संबंधित निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी अधिकारियों को प्रदान की गई। इस अवसर पर प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक दीपा भाटी, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, समस्त सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583400/weather-department-issues--red-alert--in-varanasi--storms-expected-at-60-km-h--heavy-rain-expected-for-48-hours"><span class="t-red">वाराणसी में मौसम विभाग 'रेड अलर्ट',</span> चलेगी 60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी, 48 घंटे भारी</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>संत कबीर नगर</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583403/up-b-ed--entrance-exam--b-ed--entrance-exam-in-sant-kabir-nagar-on-may-31st--2-318-candidates-will-appear--learn-about-exam-timing-and-strict-security-arrangements</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/583403/up-b-ed--entrance-exam--b-ed--entrance-exam-in-sant-kabir-nagar-on-may-31st--2-318-candidates-will-appear--learn-about-exam-timing-and-strict-security-arrangements</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 11:01:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>स्कूल की चौखट पर खड़ा बाजार, भीतर सिमटती शिक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों के अनुपालन का सवाल अब महज पाठ्य सामग्री का विवाद नहीं रहा, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था के चरित्र की परीक्षा बन चुका है। जब एक ओर कानून स्पष्ट दिशा देता हो और दूसरी ओर संस्थान स्वार्थवश उससे भटकें, तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि नैतिक विचलन का संकेत होता है। अप्रैल 2026 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा केंद्र, सीबीएसई और सभी राज्यों को जारी नोटिस ने इस विडंबना को उजागर किया है। यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या शिक्षा का अधिकार कानून केवल औपचारिक घोषणा बनकर रह गया है या उसे लागू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580424/the-market-standing-at-the-doorstep-of-the-school-education"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(21)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों के अनुपालन का सवाल अब महज पाठ्य सामग्री का विवाद नहीं रहा, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था के चरित्र की परीक्षा बन चुका है। जब एक ओर कानून स्पष्ट दिशा देता हो और दूसरी ओर संस्थान स्वार्थवश उससे भटकें, तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि नैतिक विचलन का संकेत होता है। अप्रैल 2026 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा केंद्र, सीबीएसई और सभी राज्यों को जारी नोटिस ने इस विडंबना को उजागर किया है। यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या शिक्षा का अधिकार कानून केवल औपचारिक घोषणा बनकर रह गया है या उसे लागू करने की प्रतिबद्धता ही क्षीण हो गई है। यह पूरा घटनाक्रम बताता है कि शिक्षा में समानता का मूल सिद्धांत निरंतर दबाव और उपेक्षा के बीच संघर्ष कर रहा है।-<strong>- प्रो. आरके जैन </strong>, शिक्षाविद्</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा का अधिकार कानून 2009 की धारा 29 ने स्पष्ट रूप से यह प्रावधान किया था कि प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8) में पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों का निर्धारण एनसीईआरटी या संबंधित एससीईआरटी द्वारा किया जाएगा। इसी सोच के तहत एनसीईआरटी और एससीईआरटी को पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों के निर्धारण का अधिकार सौंपा गया। इन संस्थाओं द्वारा तैयार पुस्तकें न केवल शैक्षणिक रूप से संतुलित और विश्वसनीय होती हैं, बल्कि आम परिवारों के लिए किफायती भी रहती हैं। इसके विपरीत, निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें इस मूल उद्देश्य को कमजोर करती हैं। जब एक ही कक्षा की पुस्तकों पर हजारों रुपये खर्च होने लगें, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या शिक्षा अब अधिकार से ज्यादा एक लाभकारी व्यापार में बदलती जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">निजी विद्यालयों में महंगी पुस्तकों को अनिवार्य बनाना कोई आकस्मिक भूल नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित आर्थिक तंत्र की ओर संकेत करता है। कई स्थानों पर स्कूल और प्रकाशक मिलकर ऐसा गठजोड़ रचते हैं, जिसमें शिक्षा का उद्देश्य पीछे छूट जाता है और मुनाफा केंद्र में आ जाता है। अभिभावकों को “उच्च गुणवत्ता” और “अधिक उपयोगी सामग्री” का हवाला देकर इन पुस्तकों को खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, जबकि इन दावों की ठोस पुष्टि प्रायः नहीं होती। इस पूरी प्रक्रिया में अभिभावकों की विवशता का व्यवस्थित दोहन होता है और वे विरोध करने में असहाय महसूस करते हैं। ऐसी प्रवृत्ति शिक्षा के नैतिक आधार को कमजोर करती है और संस्थागत विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे चिंताजनक परिणाम एक तेजी से गहराते शिक्षा-विभाजन के रूप में सामने आता है। जहां सरकारी विद्यालयों के बच्चे सस्ती, मानकीकृत और समान पुस्तकों से पढ़ते हैं, वहीं निजी स्कूलों के छात्र महंगी और अलग सामग्री पर निर्भर होते हैं, जिससे उनके ज्ञान का आधार ही भिन्न बन जाता है। यही अंतर आगे चलकर अवसरों की खाई को और चौड़ा कर देता है। मध्यम और निम्न वर्गीय परिवार पहले से ही शिक्षा पर बढ़ते खर्चों का दबाव झेल रहे हैं, ऐसे में किताबों का अतिरिक्त आर्थिक बोझ उनके लिए बेहद असहनीय हो जाता है। यह स्थिति केवल आर्थिक असमानता को नहीं बढ़ाती, बल्कि समाज में गहराते असंतुलन और विभाजन को भी और मजबूत करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की पहल एक महत्वपूर्ण और समयोचित हस्तक्षेप के रूप में सामने आती है, जिसने शिक्षा के अधिकार को मानवाधिकार के व्यापक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता को और स्पष्ट किया है। अनावश्यक तथा भारी-भरकम पुस्तकों का बढ़ता बोझ बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, जो राष्ट्रीय स्कूल बैग पॉलिसी-2020 की मूल भावना के विपरीत है। यदि राज्य सरकारें और संबंधित संस्थाएं अब भी इस मुद्दे पर उदासीन बनी रहती हैं, तो यह केवल प्रशासनिक अक्षमता नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्वों की स्पष्ट उपेक्षा मानी जाएगी। इसलिए इस विषय को अब सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">समान पाठ्य सामग्री सिर्फ शैक्षणिक जरूरत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और अवसर की समानता का एक अहम स्तंभ है। अब सरकार और समाज—दोनों के सामने यह स्पष्ट विकल्प है कि शिक्षा को बराबरी का सेतु बनाया जाए या उसे विभाजन की खाई में बदलने दिया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 08:00:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी के युवाओं में  स्पोर्ट्स कॉलेजों के लिए जबरदस्त क्रेज, 518 सीटों पर 2600 आवेदन; जानिए कब और कहा होगी प्रवेश परीक्षा  </title>
                                    <description><![CDATA[-518 सीटों पर 2600 दावेदार, खेलों को करियर के रूप में देख रहे युवा
-फिजिकल, स्किल टेस्ट और जैविक आयु जांच के बाद मिलेगा प्रवेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583344/uttar-pradesh-youth-are-crazy-about-sports-colleges--with-2-600-applications-for-518-seats--find-out-when-and-where-the-entrance-exam-will-be-held"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(6)22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>योगी सरकार की खेल नीति और आधुनिक सुविधाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश के पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों में सत्र 2026-27 के प्रवेश के लिए रिकॉर्ड आवेदन आए हैं। 518 सीटों के लिए करीब 2600 छात्रों ने आवेदन किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ा उछाल माना जा रहा है। इससे साफ है कि युवा अब खेलों को केवल शौक नहीं, बल्कि करियर के रूप में अपनाने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, सहारनपुर और फतेहपुर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 6, 9 और 11 में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे गए थे। पिछले वर्ष जहां करीब 1800 आवेदन आए थे, वहीं इस बार संख्या बढ़कर लगभग 2600 पहुंच गई। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह मेरिट और प्रदर्शन आधारित रखा गया है। प्रारंभिक चयन परीक्षा 100 अंकों की है, जिसमें 50 अंक फिजिकल टेस्ट और 50 अंक स्किल व गेम टेस्ट के निर्धारित किए गए थे। दोनों में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब मुख्य चयन परीक्षा में शामिल किया जाएगा। खेलवार और कॉलेजवार मुख्य चयन परीक्षा 3-4 जून तथा 5-6 जून को आयोजित होगी। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। मुख्य चयन परीक्षा के बाद श्रेष्ठता सूची जारी होगी और चयनित अभ्यर्थियों की जैविक आयु जांच कराई जाएगी। इसके बाद काउंसलिंग, प्रमाणपत्र सत्यापन और कॉलेज वरीयता के आधार पर अंतिम प्रवेश दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के प्रधानाचार्य दीपेंद्र यादव ने बताया कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करना और अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">3 से 6 जून तक होगी मुख्य परीक्षा</h4>
<p style="text-align:justify;">मुख्य चयन परीक्षा में फिजिकल टेस्ट के 50 और स्किल व गेम टेस्ट के 50 अंक निर्धारित किए गए हैं। स्किल टेस्ट के लिए 30 और गेम टेस्ट के लिए 20 अंक तय हैं। खेल विशेषज्ञ मैदान पर खिलाड़ियों की प्रतिभा का मूल्यांकन करेंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
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<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 13:57:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CUET-UG 2026 : बकरीद की वजह से स्थगित परीक्षाएं अब 31 मई से, NTA ने जारी किए एडमिट कार्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 की संशोधित तारीखें और प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। ये परीक्षाएं ईद उल-अजहा के कारण 28 मई को स्थगित कर दी गई थीं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार अब ये परीक्षाएं 31 मई, छह जून और सात जून को आयोजित की जाएंगी। </p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी ने बताया कि 31 मई को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं और उन्हें आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। छह और सात जून के लिए प्रवेश पत्र</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583280/cuet-ug-2026--exams-postponed-due-to-bakrid-to-now-begin-on-may-31--nta-releases-admit-cards"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats523.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 की संशोधित तारीखें और प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। ये परीक्षाएं ईद उल-अजहा के कारण 28 मई को स्थगित कर दी गई थीं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार अब ये परीक्षाएं 31 मई, छह जून और सात जून को आयोजित की जाएंगी। </p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी ने बताया कि 31 मई को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं और उन्हें आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। छह और सात जून के लिए प्रवेश पत्र जल्द जारी किए जाएंगे। एजेंसी ने कहा, ''नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।''  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 May 2026 12:18:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> UPSC Prelims 2026:  सिविल सेवा की परीक्षा में भी हार्मूज जलडमरुमध्य ने उलझाया, ड्रोन के सवालों पर भी घूमा अभ्यर्थियों का सिर</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ में बनाए गए 86 केंद्रों पर 37,686 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583070/upsc-prelims-2026-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%9C-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(24)19.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा-2026 में रविवार काे पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने हार्मूज जलडमरुमध्य और युद्ध में ड्रोन के संबंध में पूछे गए सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझा दिया। लखनऊ में बनाए गए 86 केंद्रों पर 37,686 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(20)19.jpg" alt="Untitled design (20)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ के 86 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा कराई गई। प्रारंभिक परीक्षा का प्रथम प्रश्नपत्र सुबह 9.30 से 11.30 तक हुआ। सामान्य अध्ययन के इस प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न में प्रत्येक प्रश्न के लिए दो अंक निर्धारित थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(21)19.jpg" alt="Untitled design (21)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा प्रश्नपत्र 2.30 बजे से 4.30 बजे तक हुआ। सीसैट (सिविल सर्विस एप्टीटयूट टेस्ट) में 80 प्रश्न थे, प्रत्येक प्रश्न 2.5 अंकों का था। सीसैट के प्रश्नपत्र को आयोग महज अर्हता के लिए लेता है जिसमें 33 प्रतिशत अंक आवश्यक है। मेरिट प्रथम प्रश्नपत्र के आधार पर तैयार की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(22)18.jpg" alt="Untitled design (22)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया कि हार्मूज जलडमरुमध्य के किनारे कौन से देश स्थिति हैं। इसके अलावा सैन्य शिविर से थोड़ी दूर आतंकी हमला होता है और दो ड्रोन दो सेकेंड के अंतर पर हमले की तश्वीर शिविर को भेजते हैं, तो ड्रोन की गति क्या है। मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास के कथन से जमींदारी व्यवस्था और चराई भूमि के सवाल भी आए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">परीक्षा के आधे घंटे पहले गेट हुआ बंद</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पालियों में परीक्षा शुरु होने से आधे घंटे पहले ही गेट बंद कर दिया गया और किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं करने दिया गया। महाराजा बिजली पासी, सुभाष कॉलेज अलीगंज और लोक सेवा आयोग में देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश करने से रोक दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(23)19.jpg" alt="Untitled design (23)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">परीक्षा कक्ष में जाने से पूर्व अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। मोबाइल फोन के साथ ही किसी प्रकार का इलेक्ट्रानिक गजट चाहे स्मार्ट वॉच, ईयरफोन या बड, ब्लू टूथ, धूप के चश्मे, निर्धारित बॉल प्वाइंट पेन के अलावा अन्य कलम आदि को परीक्षा कक्ष में ले जाने से रोक दिया गया। अभ्यर्थी अपने साथ सिर्फ पारदर्शी पानी की बोतल और दवाएं ले जा सकते थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या कहते हैं अभ्यर्थी</h4>
<p style="text-align:justify;">-हिमांशु लखनऊ में रहकर ही सिविल सेवा की तैयारी करते हैं। उनका यह प्रथम प्रयास था लेकिन बताते हैं कि प्रश्नपत्र शानदार हुआ है। वह गणित के सवाल को कठिन मानते हैं लेकिन कहते हैं कि पिछले कुछ सालों के सवालों से तुलनात्मक मॉडरेट ही कहा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">-सौम्या वर्मा भी लखनऊ निवासी हैं और नेशनल पीजी कॉलेज पर परीक्षा देने आई थी। सौम्या का यह तीसरा प्रयास हैं। वह बताती है कि प्रथम प्रश्नपत्र सभी विषयों के समान प्रश्न नहीं थे। भारतीय राजव्यवस्था, भूगोल से प्रश्न गायब ही कर दिए गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">-शिवेंद्र कुमार लखीमपुर खीरी से परीक्षा देने आए थे। लेकिन निराश थे और बताया कि मेरे लिए प्रश्नपत्र कठिन था। मेरा यह पहला प्रयास था और प्रश्नों से अधिक मुझे विकल्प समझने और सही उत्तर खोजने में अधिक समय लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">-नगमा आजगमढ़ से लखनऊ परीक्षा देने आई हैं। उनका भी यह प्रथम प्रयास है। बताती है कि प्रश्नों को रटने की जगह अब कांसेप्ट आधारित पढ़ाई करनी होगी। प्रश्न इतने लंबे हैं, उसे पढ़ना और सही विकल्प तलाश करना कठिन है, क्यों कि विकल्पों को भी प्रश्नों की तरह ही काफी बड़ा रखा गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><br />ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583068/new-ayush-policy-to-transform-the-state-into-an-international-wellness-destination--cm-yogi-directs-speedy-implementation"><span class="t-red">नई आयुष नीति से प्रदेश बनेगा अंतरराष्ट्रीय वेलनेस डेस्टिनेशन,</span> सीएम योगी ने दिए जल्द लागू करने के निर्देश</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583070/upsc-prelims-2026-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%9C-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/583070/upsc-prelims-2026-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%9C-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0</guid>
                <pubDate>Mon, 25 May 2026 13:47:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPSC Prelims 2026 : कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देशभर में यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा जारी, एग्जाम को लेकर उत्साहित नजर आए अभ्यर्थी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) रविवार को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSE Prelims) 2026 आयोजित कर रहा है। इस बार लगभग 8,19,372 उम्मीदवार 933 विभिन्न सिविल सेवा पदों के लिए परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में ऑफलाइन (OMR शीट) मोड में हो रही है। जनरल स्टडीज पेपर-I सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ, जबकि CSAT (पेपर-II) दोपहर में आयोजित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर ई-एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी और वैध फोटो आईडी साथ लाना अनिवार्य है। परीक्षा के निष्पक्ष और सुचारू आयोजन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582987/upsc-prelims-2026-exams-started-across-the-country-amidst-tight"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats453.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) रविवार को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSE Prelims) 2026 आयोजित कर रहा है। इस बार लगभग 8,19,372 उम्मीदवार 933 विभिन्न सिविल सेवा पदों के लिए परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में ऑफलाइन (OMR शीट) मोड में हो रही है। जनरल स्टडीज पेपर-I सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ, जबकि CSAT (पेपर-II) दोपहर में आयोजित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर ई-एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी और वैध फोटो आईडी साथ लाना अनिवार्य है। परीक्षा के निष्पक्ष और सुचारू आयोजन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल जैमर और गहन चेकिंग के साथ बायोमेट्रिक व रेटिना स्कैन जैसी व्यवस्थाएं भी कई केंद्रों पर लागू हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली के पुष्प विहार स्थित केंद्रीय विद्यालय में परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी ने कहा, “मैं थोड़ा घबराया हुआ हूं, लेकिन तैयारी अच्छी की है। उम्मीद है कि अच्छा प्रदर्शन करूंगा।”  प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में एक अन्य उम्मीदवार ने बताया, “तैयारी की कोई तय सीमा नहीं होती, हम लगातार तैयारी करते रहते हैं। केंद्र पर सुरक्षा और व्यवस्थाएं बेहतर हैं।” </p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 21 परीक्षा केंद्रों पर करीब 6,652 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा केंद्र प्रभारी और एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि सभी केंद्रों पर आठ रूट इंचार्ज नियुक्त किए गए हैं, जो प्रश्न-पत्रों की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित कर रहे हैं। अभ्यर्थी परीक्षा को लेकर उत्साहित नजर आए और उन्होंने बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582987/upsc-prelims-2026-exams-started-across-the-country-amidst-tight</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582987/upsc-prelims-2026-exams-started-across-the-country-amidst-tight</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 14:49:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करेंट अफेयर्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"> हाल ही में नरेंद्र मोदी को ओस्लो की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया, जो किसी विदेशी राष्ट्र से प्राप्त उनका 32 वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार, जिसकी स्थापना 1985 में राजा ओलाव पंचम द्वारा की गई थी, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और नॉर्वे से संबंधित सेवाओं में असाधारण योगदान को मान्यता देता है।   </p>
<p style="text-align:justify;"> हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नागालैंड में एक संपूर्ण स्पेशलिटी कॉफी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए 175 करोड़ रुपये की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582679/current-affairs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(6)17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> हाल ही में नरेंद्र मोदी को ओस्लो की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया, जो किसी विदेशी राष्ट्र से प्राप्त उनका 32 वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार, जिसकी स्थापना 1985 में राजा ओलाव पंचम द्वारा की गई थी, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और नॉर्वे से संबंधित सेवाओं में असाधारण योगदान को मान्यता देता है।   </p>
<p style="text-align:justify;"> हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नागालैंड में एक संपूर्ण स्पेशलिटी कॉफी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए 175 करोड़ रुपये की “कॉफीज ऑफ नागालैंड” मिशन की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य राज्य को एक प्रीमियम घरेलू और वैश्विक कॉफी गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।</p>
<p style="text-align:justify;"> हाल ही में भारत ने अपने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के पहले प्रस्तावित डिजाइन का अनावरण किया, जो देश का पहला हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है। इस डिजाइन को नई दिल्ली में रेल मंत्रालय के भवन में प्रदर्शित किया गया। शुरुआती 8-कोच वाली संरचना के साथ 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने  की उम्मीद है। 508 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर साबरमती, वडोदरा, सूरत, वापी, ठाणे और मुंबई सहित प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /> हाल ही में ओम बिरला ने महिला सशक्तिकरण समिति का गठन किया है, जो भारत में महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण से संबंधित नीतियों और कल्याणकारी पहलों की समीक्षा के लिए जिम्मेदार एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति है। समिति में 28 सदस्य शामिल हैं, जिनमें लोकसभा की 18 महिला सांसद और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल हैं, जिससे संसद के दोनों सदनों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582679/current-affairs</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582679/current-affairs</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 10:00:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> यूपी की आयुष शिक्षा में डिजिटल क्रांति: 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी कॉलेजों में बनेंगे 51 स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक तकनीक से पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[-मुख्यमंत्री ने दी आयुष छात्रों को स्मार्ट क्लास की सौगात]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582805/digital-revolution-in-up-s-ayush-education--51-smart-classrooms-to-be-established-in-17-ayurveda-and-homeopathy-colleges--learning-powered-by-modern-technology"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(21)17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे। इन स्मार्ट क्लासों में डिजिटल तकनीकों और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का उपयोग किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक और इंटरएक्टिव शिक्षा का अनुभव मिल सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि आयुर्वेद और होम्योपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था का आधुनिक होना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्मार्ट क्लासरूम में इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल (आईएफपी), ऑडियो-वीडियो सिस्टम और डिजिटल लर्निंग टूल्स लगाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को रियल टाइम इंटरएक्शन, मल्टीमीडिया कंटेंट और ऑनलाइन अध्ययन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों से जोड़कर विद्यार्थियों को नई तकनीकी दक्षताओं से लैस करना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लखनऊ, बरेली, पीलीभीत समेत 8 जिलों के आयुर्वेदिक संस्थान भी शामिल</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के जिन संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे, उनमें प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गाजीपुर, मुरादाबाद, आजमगढ़, गोरखपुर और अलीगढ़ के होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। वहीं आयुर्वेदिक संस्थानों में लखनऊ, पीलीभीत, बरेली, मुजफ्फरनगर, बांदा, झांसी, प्रयागराज और वाराणसी के कॉलेजों को शामिल किया गया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन को कार्यदायी संस्था नामित किया है। इन स्मार्ट क्लासों के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार, शोध क्षमता और पेशेवर दक्षता को बढ़ावा देने की योजना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा</h4>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) के जरिए सभी आयुष संस्थानों के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, ऑनलाइन लेक्चर और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थी किसी भी समय और कहीं से भी डिजिटल कंटेंट तक पहुंच सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे संस्थानों के बीच ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया मजबूत होगी और आयुष शिक्षा को रिसर्च एवं इनोवेशन से नई दिशा मिलेगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582798/the-trap-of-fake-notes-spread-from-nepal-border-to"><span class="t-red">नेपाल सीमा से पुराने लखनऊ तक फैला नकली नोटों का जाल, </span>वेब सीरीज देखकर सीख रहे छपाई; एजेंसियां अलर्ट</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
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<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582805/digital-revolution-in-up-s-ayush-education--51-smart-classrooms-to-be-established-in-17-ayurveda-and-homeopathy-colleges--learning-powered-by-modern-technology</link>
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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 13:45:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शांत दिमाग और स्मार्ट स्ट्रैटेजी दिलाएगी NEET में सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">NEET जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके लिए मानसिक संतुलन और स्मार्ट स्ट्रैटेजी भी बेहद जरूरी होती है। जब किसी कारणवश परीक्षा स्थगित या रद्द हो जाती है, तो छात्रों का आत्मविश्वास और पढ़ाई का रूटीन दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में दोबारा उसी ऊर्जा और फोकस के साथ तैयारी शुरू करना आसान नहीं होता। हर साल लाखों छात्र NEET में सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन वही विद्यार्थी आगे निकलते हैं, जो स्मार्ट स्टडी, नियमित अभ्यास और धैर्य के साथ तैयारी करते हैं। अगर आप भी NEET की तैयारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582678/a-calm-mind-and-smart-strategy-will-ensure-success-in-neet"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/इतिहास-और-विरासत-स्टीफंस-कॉलेज-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">NEET जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके लिए मानसिक संतुलन और स्मार्ट स्ट्रैटेजी भी बेहद जरूरी होती है। जब किसी कारणवश परीक्षा स्थगित या रद्द हो जाती है, तो छात्रों का आत्मविश्वास और पढ़ाई का रूटीन दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में दोबारा उसी ऊर्जा और फोकस के साथ तैयारी शुरू करना आसान नहीं होता। हर साल लाखों छात्र NEET में सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन वही विद्यार्थी आगे निकलते हैं, जो स्मार्ट स्टडी, नियमित अभ्यास और धैर्य के साथ तैयारी करते हैं। अगर आप भी NEET की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ आसान लेकिन असरदार टिप्स आपकी पढ़ाई को नई दिशा दे सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">टाइम टेबल बनाकर करें तैयारी की शुरुआत   </h4>
<p style="text-align:justify;">NEET की पढ़ाई बिना प्लानिंग के करना काफी कठिन हो सकता है। इसलिए सबसे पहले ऐसा टाइम टेबल तैयार करें, जिसे लंबे समय तक आसानी से फॉलो किया जा सके। हर विषय के लिए अलग समय निर्धारित करें और रोजाना बायोलॉजी, फिजिक्स और केमिस्ट्री तीनों को पढ़ने की आदत डालें। बहुत ज्यादा भारी शेड्यूल बनाने से तनाव और थकान बढ़ सकती है। पढ़ाई के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना भी जरूरी है, ताकि दिमाग तरोताजा बना रहे और पढ़ाई में मन लगा रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">NCERT किताबों को दे प्राथमिकता -   </h4>
<p style="text-align:justify;">NEET परीक्षा में खासतौर पर बायोलॉजी के अधिकतर प्रश्न NCERT से पूछे जाते हैं। इसलिए सबसे पहले NCERT की किताबों को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है। हर चैप्टर की लाइन, टेबल और डायग्राम पर ध्यान दें। कई छात्र शुरुआत में ही कठिन और बड़ी किताबों की ओर चले जाते हैं, जबकि मजबूत बेस बनाने के लिए NCERT सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। अगर आपकी बुनियाद मजबूत होगी, तो कठिन सवाल हल करना भी आसान हो जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रोजाना रिवीजन की डालें आदत -  </h4>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ नया पढ़ते रहना सफलता की गारंटी नहीं है। जो विषय पहले पढ़ चुके हैं, उनका नियमित रिवीजन करना भी उतना ही जरूरी होता है। रिवीजन न करने पर पुरानी चीजें धीरे-धीरे याददाश्त से निकलने लगती हैं। कोशिश करें कि हर सप्ताह एक दिन केवल Revision के लिए रखें। छोटे और आसान नोट्स बनाकर पढ़ाई करने से याद रखना सरल हो जाता है और परीक्षा के समय भी काफी मदद मिलती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मॉक टेस्ट और पुराने पेपर जरूर करें सॉल्व-   </h4>
<p style="text-align:justify;">मॉक टेस्ट NEET की तैयारी का सबसे अहम हिस्सा माने जाते हैं। इससे छात्रों को असली परीक्षा जैसा अनुभव मिलता है और टाइम मैनेजमेंट बेहतर होता है। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करने से परीक्षा के पैटर्न और जरूरी टॉपिक्स को समझने में मदद मिलती है। नियमित टेस्ट देने से स्पीड और एक्यूरेसी दोनों बढ़ती हैं, जिससे परीक्षा में अच्छा स्कोर करना आसान हो जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कमजोर विषयों पर ज्यादा फोकस-   </h4>
<p style="text-align:justify;">अक्सर छात्र अपने पसंदीदा विषयों पर ज्यादा ध्यान देते हैं और कठिन लगने वाले टॉपिक्स को नजरअंदाज कर देते हैं। यही गलती बाद में नुकसान पहुंचाती है। अगर आपको फिजिक्स मुश्किल लगती है या केमिस्ट्री के कुछ चैप्टर समझ नहीं आते, तो उन पर अतिरिक्त समय दें। कमजोर विषयों को मजबूत बनाने से आपका ओवरऑल स्कोर काफी बेहतर हो सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का रखें ध्यान-  </h4>
<p style="text-align:justify;">अच्छी तैयारी के लिए स्वस्थ शरीर और शांत दिमाग दोनों जरूरी हैं। कई छात्र पढ़ाई के दबाव में नींद और खानपान को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे तनाव और थकान बढ़ने लगती है। रोजाना कम से कम 6 से 7 घंटे की नींद जरूर लें। हल्की एक्सरसाइज या थोड़ी देर टहलने से तनाव कम होता है और मन भी शांत रहता है। जब आपका शरीर स्वस्थ रहेगा, तभी आप लंबे समय तक पूरी ऊर्जा के साथ पढ़ाई कर पाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
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<p style="text-align:justify;"> </p>
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<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:00:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> UPSC Exam Centers:  प्रीलिम्स परीक्षा के लिए यूपीएससी ने जोड़े 3 नए केंद्र; कानपुर, मेरठ और भुवनेश्वर में भीड़ होगी कम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।  </strong>संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है। आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी ने एक बयान में कहा, "लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582752/upsc-exam-centers--upsc-adds-3-new-centers-for-prelims-exam--crowding-to-decrease-in-kanpur--meerut--and-bhubaneswar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(43)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।  </strong>संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है। आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी ने एक बयान में कहा, "लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या में कमी आई है।" भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं में भर्ती के लिए यूपीएससी द्वारा हर साल तीन चरणों -- प्रारंभिक, मुख्य और व्यक्तित्व परीक्षण -- में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा रविवार को होने वाली है। </p>
<p style="text-align:justify;">आयोग ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अभ्यर्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाना है। कुमार ने कहा, "तीन नये केंद्र जोड़ने का मकसद भीड़भाड़ को कम करना और अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधा देना है।" उन्होंने बताया कि आयोग ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र मिलना भी सुनिश्चित किया है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582749/barabanki--arrangements-for-cold-drinking-water-and-sweets-at-nauchandi-fair--pilgrims-find-relief-amidst-scorching-heat"><span class="t-red">बाराबंकी : </span>नौचंदी मेले में शीतल पेयजल व मिष्ठान की व्यवस्था, भीषण गर्मी में जायरीनों को मिली राहत</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>मेरठ</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582752/upsc-exam-centers--upsc-adds-3-new-centers-for-prelims-exam--crowding-to-decrease-in-kanpur--meerut--and-bhubaneswar</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582752/upsc-exam-centers--upsc-adds-3-new-centers-for-prelims-exam--crowding-to-decrease-in-kanpur--meerut--and-bhubaneswar</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:19:11 +0530</pubDate>
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