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                <title>करियर  - Amrit Vichar</title>
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                <description>करियर  RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> UPSC Prelims 2026:  सिविल सेवा की परीक्षा में भी हार्मूज जलडमरुमध्य ने उलझाया, ड्रोन के सवालों पर भी घूमा अभ्यर्थियों का सिर</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ में बनाए गए 86 केंद्रों पर 37,686 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583070/upsc-prelims-2026-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%9C-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(24)19.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय प्रशासनिक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा-2026 में रविवार काे पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने हार्मूज जलडमरुमध्य और युद्ध में ड्रोन के संबंध में पूछे गए सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझा दिया। लखनऊ में बनाए गए 86 केंद्रों पर 37,686 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(20)19.jpg" alt="Untitled design (20)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ के 86 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा कराई गई। प्रारंभिक परीक्षा का प्रथम प्रश्नपत्र सुबह 9.30 से 11.30 तक हुआ। सामान्य अध्ययन के इस प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न में प्रत्येक प्रश्न के लिए दो अंक निर्धारित थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(21)19.jpg" alt="Untitled design (21)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा प्रश्नपत्र 2.30 बजे से 4.30 बजे तक हुआ। सीसैट (सिविल सर्विस एप्टीटयूट टेस्ट) में 80 प्रश्न थे, प्रत्येक प्रश्न 2.5 अंकों का था। सीसैट के प्रश्नपत्र को आयोग महज अर्हता के लिए लेता है जिसमें 33 प्रतिशत अंक आवश्यक है। मेरिट प्रथम प्रश्नपत्र के आधार पर तैयार की जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(22)18.jpg" alt="Untitled design (22)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया कि हार्मूज जलडमरुमध्य के किनारे कौन से देश स्थिति हैं। इसके अलावा सैन्य शिविर से थोड़ी दूर आतंकी हमला होता है और दो ड्रोन दो सेकेंड के अंतर पर हमले की तश्वीर शिविर को भेजते हैं, तो ड्रोन की गति क्या है। मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास के कथन से जमींदारी व्यवस्था और चराई भूमि के सवाल भी आए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">परीक्षा के आधे घंटे पहले गेट हुआ बंद</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पालियों में परीक्षा शुरु होने से आधे घंटे पहले ही गेट बंद कर दिया गया और किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं करने दिया गया। महाराजा बिजली पासी, सुभाष कॉलेज अलीगंज और लोक सेवा आयोग में देरी से पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश करने से रोक दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(23)19.jpg" alt="Untitled design (23)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">परीक्षा कक्ष में जाने से पूर्व अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। मोबाइल फोन के साथ ही किसी प्रकार का इलेक्ट्रानिक गजट चाहे स्मार्ट वॉच, ईयरफोन या बड, ब्लू टूथ, धूप के चश्मे, निर्धारित बॉल प्वाइंट पेन के अलावा अन्य कलम आदि को परीक्षा कक्ष में ले जाने से रोक दिया गया। अभ्यर्थी अपने साथ सिर्फ पारदर्शी पानी की बोतल और दवाएं ले जा सकते थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या कहते हैं अभ्यर्थी</h4>
<p style="text-align:justify;">-हिमांशु लखनऊ में रहकर ही सिविल सेवा की तैयारी करते हैं। उनका यह प्रथम प्रयास था लेकिन बताते हैं कि प्रश्नपत्र शानदार हुआ है। वह गणित के सवाल को कठिन मानते हैं लेकिन कहते हैं कि पिछले कुछ सालों के सवालों से तुलनात्मक मॉडरेट ही कहा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">-सौम्या वर्मा भी लखनऊ निवासी हैं और नेशनल पीजी कॉलेज पर परीक्षा देने आई थी। सौम्या का यह तीसरा प्रयास हैं। वह बताती है कि प्रथम प्रश्नपत्र सभी विषयों के समान प्रश्न नहीं थे। भारतीय राजव्यवस्था, भूगोल से प्रश्न गायब ही कर दिए गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">-शिवेंद्र कुमार लखीमपुर खीरी से परीक्षा देने आए थे। लेकिन निराश थे और बताया कि मेरे लिए प्रश्नपत्र कठिन था। मेरा यह पहला प्रयास था और प्रश्नों से अधिक मुझे विकल्प समझने और सही उत्तर खोजने में अधिक समय लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">-नगमा आजगमढ़ से लखनऊ परीक्षा देने आई हैं। उनका भी यह प्रथम प्रयास है। बताती है कि प्रश्नों को रटने की जगह अब कांसेप्ट आधारित पढ़ाई करनी होगी। प्रश्न इतने लंबे हैं, उसे पढ़ना और सही विकल्प तलाश करना कठिन है, क्यों कि विकल्पों को भी प्रश्नों की तरह ही काफी बड़ा रखा गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><br />ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583068/new-ayush-policy-to-transform-the-state-into-an-international-wellness-destination--cm-yogi-directs-speedy-implementation"><span class="t-red">नई आयुष नीति से प्रदेश बनेगा अंतरराष्ट्रीय वेलनेस डेस्टिनेशन,</span> सीएम योगी ने दिए जल्द लागू करने के निर्देश</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583070/upsc-prelims-2026-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%82%E0%A4%9C-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE--%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0</link>
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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 13:47:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UPSC Prelims 2026 : कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देशभर में यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा जारी, एग्जाम को लेकर उत्साहित नजर आए अभ्यर्थी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) रविवार को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSE Prelims) 2026 आयोजित कर रहा है। इस बार लगभग 8,19,372 उम्मीदवार 933 विभिन्न सिविल सेवा पदों के लिए परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में ऑफलाइन (OMR शीट) मोड में हो रही है। जनरल स्टडीज पेपर-I सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ, जबकि CSAT (पेपर-II) दोपहर में आयोजित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर ई-एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी और वैध फोटो आईडी साथ लाना अनिवार्य है। परीक्षा के निष्पक्ष और सुचारू आयोजन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582987/upsc-prelims-2026-exams-started-across-the-country-amidst-tight"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats453.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) रविवार को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSE Prelims) 2026 आयोजित कर रहा है। इस बार लगभग 8,19,372 उम्मीदवार 933 विभिन्न सिविल सेवा पदों के लिए परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में ऑफलाइन (OMR शीट) मोड में हो रही है। जनरल स्टडीज पेपर-I सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ, जबकि CSAT (पेपर-II) दोपहर में आयोजित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर ई-एडमिट कार्ड की प्रिंटेड कॉपी और वैध फोटो आईडी साथ लाना अनिवार्य है। परीक्षा के निष्पक्ष और सुचारू आयोजन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल जैमर और गहन चेकिंग के साथ बायोमेट्रिक व रेटिना स्कैन जैसी व्यवस्थाएं भी कई केंद्रों पर लागू हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली के पुष्प विहार स्थित केंद्रीय विद्यालय में परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी ने कहा, “मैं थोड़ा घबराया हुआ हूं, लेकिन तैयारी अच्छी की है। उम्मीद है कि अच्छा प्रदर्शन करूंगा।”  प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में एक अन्य उम्मीदवार ने बताया, “तैयारी की कोई तय सीमा नहीं होती, हम लगातार तैयारी करते रहते हैं। केंद्र पर सुरक्षा और व्यवस्थाएं बेहतर हैं।” </p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 21 परीक्षा केंद्रों पर करीब 6,652 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा केंद्र प्रभारी और एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि सभी केंद्रों पर आठ रूट इंचार्ज नियुक्त किए गए हैं, जो प्रश्न-पत्रों की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित कर रहे हैं। अभ्यर्थी परीक्षा को लेकर उत्साहित नजर आए और उन्होंने बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582987/upsc-prelims-2026-exams-started-across-the-country-amidst-tight</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582987/upsc-prelims-2026-exams-started-across-the-country-amidst-tight</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 14:49:22 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/cats453.jpg"                         length="201847"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करेंट अफेयर्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"> हाल ही में नरेंद्र मोदी को ओस्लो की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया, जो किसी विदेशी राष्ट्र से प्राप्त उनका 32 वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार, जिसकी स्थापना 1985 में राजा ओलाव पंचम द्वारा की गई थी, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और नॉर्वे से संबंधित सेवाओं में असाधारण योगदान को मान्यता देता है।   </p>
<p style="text-align:justify;"> हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नागालैंड में एक संपूर्ण स्पेशलिटी कॉफी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए 175 करोड़ रुपये की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582679/current-affairs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(6)17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> हाल ही में नरेंद्र मोदी को ओस्लो की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया, जो किसी विदेशी राष्ट्र से प्राप्त उनका 32 वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मान है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार, जिसकी स्थापना 1985 में राजा ओलाव पंचम द्वारा की गई थी, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और नॉर्वे से संबंधित सेवाओं में असाधारण योगदान को मान्यता देता है।   </p>
<p style="text-align:justify;"> हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नागालैंड में एक संपूर्ण स्पेशलिटी कॉफी इकोसिस्टम विकसित करने के लिए 175 करोड़ रुपये की “कॉफीज ऑफ नागालैंड” मिशन की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य राज्य को एक प्रीमियम घरेलू और वैश्विक कॉफी गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।</p>
<p style="text-align:justify;"> हाल ही में भारत ने अपने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के पहले प्रस्तावित डिजाइन का अनावरण किया, जो देश का पहला हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है। इस डिजाइन को नई दिल्ली में रेल मंत्रालय के भवन में प्रदर्शित किया गया। शुरुआती 8-कोच वाली संरचना के साथ 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने  की उम्मीद है। 508 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर साबरमती, वडोदरा, सूरत, वापी, ठाणे और मुंबई सहित प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /> हाल ही में ओम बिरला ने महिला सशक्तिकरण समिति का गठन किया है, जो भारत में महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण से संबंधित नीतियों और कल्याणकारी पहलों की समीक्षा के लिए जिम्मेदार एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति है। समिति में 28 सदस्य शामिल हैं, जिनमें लोकसभा की 18 महिला सांसद और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल हैं, जिससे संसद के दोनों सदनों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 10:00:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> यूपी की आयुष शिक्षा में डिजिटल क्रांति: 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी कॉलेजों में बनेंगे 51 स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक तकनीक से पढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[-मुख्यमंत्री ने दी आयुष छात्रों को स्मार्ट क्लास की सौगात]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582805/digital-revolution-in-up-s-ayush-education--51-smart-classrooms-to-be-established-in-17-ayurveda-and-homeopathy-colleges--learning-powered-by-modern-technology"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(21)17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे। इन स्मार्ट क्लासों में डिजिटल तकनीकों और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का उपयोग किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक और इंटरएक्टिव शिक्षा का अनुभव मिल सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि आयुर्वेद और होम्योपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था का आधुनिक होना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्मार्ट क्लासरूम में इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल (आईएफपी), ऑडियो-वीडियो सिस्टम और डिजिटल लर्निंग टूल्स लगाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को रियल टाइम इंटरएक्शन, मल्टीमीडिया कंटेंट और ऑनलाइन अध्ययन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों से जोड़कर विद्यार्थियों को नई तकनीकी दक्षताओं से लैस करना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लखनऊ, बरेली, पीलीभीत समेत 8 जिलों के आयुर्वेदिक संस्थान भी शामिल</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के जिन संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे, उनमें प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गाजीपुर, मुरादाबाद, आजमगढ़, गोरखपुर और अलीगढ़ के होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। वहीं आयुर्वेदिक संस्थानों में लखनऊ, पीलीभीत, बरेली, मुजफ्फरनगर, बांदा, झांसी, प्रयागराज और वाराणसी के कॉलेजों को शामिल किया गया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन को कार्यदायी संस्था नामित किया है। इन स्मार्ट क्लासों के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार, शोध क्षमता और पेशेवर दक्षता को बढ़ावा देने की योजना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा</h4>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) के जरिए सभी आयुष संस्थानों के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म पर अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, ऑनलाइन लेक्चर और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थी किसी भी समय और कहीं से भी डिजिटल कंटेंट तक पहुंच सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे संस्थानों के बीच ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया मजबूत होगी और आयुष शिक्षा को रिसर्च एवं इनोवेशन से नई दिशा मिलेगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582798/the-trap-of-fake-notes-spread-from-nepal-border-to"><span class="t-red">नेपाल सीमा से पुराने लखनऊ तक फैला नकली नोटों का जाल, </span>वेब सीरीज देखकर सीख रहे छपाई; एजेंसियां अलर्ट</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 13:45:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शांत दिमाग और स्मार्ट स्ट्रैटेजी दिलाएगी NEET में सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">NEET जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके लिए मानसिक संतुलन और स्मार्ट स्ट्रैटेजी भी बेहद जरूरी होती है। जब किसी कारणवश परीक्षा स्थगित या रद्द हो जाती है, तो छात्रों का आत्मविश्वास और पढ़ाई का रूटीन दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में दोबारा उसी ऊर्जा और फोकस के साथ तैयारी शुरू करना आसान नहीं होता। हर साल लाखों छात्र NEET में सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन वही विद्यार्थी आगे निकलते हैं, जो स्मार्ट स्टडी, नियमित अभ्यास और धैर्य के साथ तैयारी करते हैं। अगर आप भी NEET की तैयारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582678/a-calm-mind-and-smart-strategy-will-ensure-success-in-neet"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/इतिहास-और-विरासत-स्टीफंस-कॉलेज-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">NEET जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसके लिए मानसिक संतुलन और स्मार्ट स्ट्रैटेजी भी बेहद जरूरी होती है। जब किसी कारणवश परीक्षा स्थगित या रद्द हो जाती है, तो छात्रों का आत्मविश्वास और पढ़ाई का रूटीन दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे समय में दोबारा उसी ऊर्जा और फोकस के साथ तैयारी शुरू करना आसान नहीं होता। हर साल लाखों छात्र NEET में सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन वही विद्यार्थी आगे निकलते हैं, जो स्मार्ट स्टडी, नियमित अभ्यास और धैर्य के साथ तैयारी करते हैं। अगर आप भी NEET की तैयारी कर रहे हैं, तो कुछ आसान लेकिन असरदार टिप्स आपकी पढ़ाई को नई दिशा दे सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">टाइम टेबल बनाकर करें तैयारी की शुरुआत   </h4>
<p style="text-align:justify;">NEET की पढ़ाई बिना प्लानिंग के करना काफी कठिन हो सकता है। इसलिए सबसे पहले ऐसा टाइम टेबल तैयार करें, जिसे लंबे समय तक आसानी से फॉलो किया जा सके। हर विषय के लिए अलग समय निर्धारित करें और रोजाना बायोलॉजी, फिजिक्स और केमिस्ट्री तीनों को पढ़ने की आदत डालें। बहुत ज्यादा भारी शेड्यूल बनाने से तनाव और थकान बढ़ सकती है। पढ़ाई के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना भी जरूरी है, ताकि दिमाग तरोताजा बना रहे और पढ़ाई में मन लगा रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">NCERT किताबों को दे प्राथमिकता -   </h4>
<p style="text-align:justify;">NEET परीक्षा में खासतौर पर बायोलॉजी के अधिकतर प्रश्न NCERT से पूछे जाते हैं। इसलिए सबसे पहले NCERT की किताबों को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है। हर चैप्टर की लाइन, टेबल और डायग्राम पर ध्यान दें। कई छात्र शुरुआत में ही कठिन और बड़ी किताबों की ओर चले जाते हैं, जबकि मजबूत बेस बनाने के लिए NCERT सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। अगर आपकी बुनियाद मजबूत होगी, तो कठिन सवाल हल करना भी आसान हो जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रोजाना रिवीजन की डालें आदत -  </h4>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ नया पढ़ते रहना सफलता की गारंटी नहीं है। जो विषय पहले पढ़ चुके हैं, उनका नियमित रिवीजन करना भी उतना ही जरूरी होता है। रिवीजन न करने पर पुरानी चीजें धीरे-धीरे याददाश्त से निकलने लगती हैं। कोशिश करें कि हर सप्ताह एक दिन केवल Revision के लिए रखें। छोटे और आसान नोट्स बनाकर पढ़ाई करने से याद रखना सरल हो जाता है और परीक्षा के समय भी काफी मदद मिलती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मॉक टेस्ट और पुराने पेपर जरूर करें सॉल्व-   </h4>
<p style="text-align:justify;">मॉक टेस्ट NEET की तैयारी का सबसे अहम हिस्सा माने जाते हैं। इससे छात्रों को असली परीक्षा जैसा अनुभव मिलता है और टाइम मैनेजमेंट बेहतर होता है। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करने से परीक्षा के पैटर्न और जरूरी टॉपिक्स को समझने में मदद मिलती है। नियमित टेस्ट देने से स्पीड और एक्यूरेसी दोनों बढ़ती हैं, जिससे परीक्षा में अच्छा स्कोर करना आसान हो जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कमजोर विषयों पर ज्यादा फोकस-   </h4>
<p style="text-align:justify;">अक्सर छात्र अपने पसंदीदा विषयों पर ज्यादा ध्यान देते हैं और कठिन लगने वाले टॉपिक्स को नजरअंदाज कर देते हैं। यही गलती बाद में नुकसान पहुंचाती है। अगर आपको फिजिक्स मुश्किल लगती है या केमिस्ट्री के कुछ चैप्टर समझ नहीं आते, तो उन पर अतिरिक्त समय दें। कमजोर विषयों को मजबूत बनाने से आपका ओवरऑल स्कोर काफी बेहतर हो सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन का रखें ध्यान-  </h4>
<p style="text-align:justify;">अच्छी तैयारी के लिए स्वस्थ शरीर और शांत दिमाग दोनों जरूरी हैं। कई छात्र पढ़ाई के दबाव में नींद और खानपान को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे तनाव और थकान बढ़ने लगती है। रोजाना कम से कम 6 से 7 घंटे की नींद जरूर लें। हल्की एक्सरसाइज या थोड़ी देर टहलने से तनाव कम होता है और मन भी शांत रहता है। जब आपका शरीर स्वस्थ रहेगा, तभी आप लंबे समय तक पूरी ऊर्जा के साथ पढ़ाई कर पाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 12:00:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> UPSC Exam Centers:  प्रीलिम्स परीक्षा के लिए यूपीएससी ने जोड़े 3 नए केंद्र; कानपुर, मेरठ और भुवनेश्वर में भीड़ होगी कम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।  </strong>संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है। आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी ने एक बयान में कहा, "लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582752/upsc-exam-centers--upsc-adds-3-new-centers-for-prelims-exam--crowding-to-decrease-in-kanpur--meerut--and-bhubaneswar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(43)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।  </strong>संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है। आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">यूपीएससी ने एक बयान में कहा, "लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या में कमी आई है।" भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं में भर्ती के लिए यूपीएससी द्वारा हर साल तीन चरणों -- प्रारंभिक, मुख्य और व्यक्तित्व परीक्षण -- में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा रविवार को होने वाली है। </p>
<p style="text-align:justify;">आयोग ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अभ्यर्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाना है। कुमार ने कहा, "तीन नये केंद्र जोड़ने का मकसद भीड़भाड़ को कम करना और अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधा देना है।" उन्होंने बताया कि आयोग ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र मिलना भी सुनिश्चित किया है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582749/barabanki--arrangements-for-cold-drinking-water-and-sweets-at-nauchandi-fair--pilgrims-find-relief-amidst-scorching-heat"><span class="t-red">बाराबंकी : </span>नौचंदी मेले में शीतल पेयजल व मिष्ठान की व्यवस्था, भीषण गर्मी में जायरीनों को मिली राहत</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>मेरठ</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582752/upsc-exam-centers--upsc-adds-3-new-centers-for-prelims-exam--crowding-to-decrease-in-kanpur--meerut--and-bhubaneswar</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:19:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> यूपी के परिषदीय स्कूलों में विकसित होगा इनोवेशन कल्चर, बच्चों को रिसर्च और वैज्ञानिक सोच से जोड़ेगी योगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[-सरकारी स्कूलों के बच्चों को डीप टेक्नोलॉजी और रिसर्च से जोड़ने की तैयारी
-गांव और कस्बों के बच्चों तक पहुंचेगी आधुनिक और नवाचार आधारित शिक्षा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582681/innovation-culture-to-be-fostered-in-up-s-council-schools--yogi-government-to-connect-children-with-research-and-scientific-thinking"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(8)16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश सरकार अब परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) के बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उन्हें नवाचार, रिसर्च और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। भारत इनोवेट्स 2026 अभियान के माध्यम से पहली बार गांव और कस्बों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों तक डीप टेक्नोलॉजी और वैज्ञानिक सोच पहुंचाने की तैयारी की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्रालय, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश के सभी परिषदीय और केजीबीवी विद्यालयों में मई 2026 के दौरान विभिन्न नवाचार आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में “विकसित भारत के नवाचार परिदृश्य” विषय पर संगोष्ठी, “डीप टेक्नोलॉजी” विषय पर विशेष कक्षाएं, “भारत क्विज- भारत के नवाचार को कौन जानता है?” जैसी प्रतियोगिताएं और निबंध लेखन गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उनमें जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार का मानना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी वही आधुनिक सीखने का वातावरण मिलना चाहिए, जो अब तक बड़े शहरों और चुनिंदा संस्थानों तक सीमित रहा है। इसी सोच के तहत अब सरकारी विद्यालयों में भी तकनीक आधारित गतिविधियों और इनोवेशन कल्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चों को शुरुआती स्तर पर वैज्ञानिक सोच और तकनीकी समझ से जोड़ने से वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">स्वयंसेवी संस्थाओं का भी मिलेगा सहयोग</h4>
<p style="text-align:justify;">विद्यालयों में कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं और विषय विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया जाएगा। शासन ने निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम अधिक सहभागितापूर्ण हों ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इसमें जुड़ सकें। साथ ही गतिविधियों की फोटो, वीडियो और नवाचार संबंधी जानकारियों का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">आधुनिक शिक्षा मॉडल की ओर बढ़ता यूपी</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार पहले ही निपुण भारत मिशन, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग और स्कूल कायाकल्प जैसे अभियानों के जरिए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने पर काम कर रही है। भारत इनोवेट्स 2026 को उसी व्यापक विजन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी भविष्य की तकनीक और नवाचार संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582681/innovation-culture-to-be-fostered-in-up-s-council-schools--yogi-government-to-connect-children-with-research-and-scientific-thinking</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:38:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जॉब अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<h4 style="text-align:justify;">रेलवे भर्ती बोर्ड (RRBs)</h4>
<p style="text-align:justify;">    पद का नाम-टेक्नीशियन ग्रेड- 1, सिग्नल और टेक्नीशियन ग्रेड -3<br />    पदों की संख्या-6,565 (संभावित)<br />    नौकरी का प्रकार- रेलवे नौकरियां / केंद्र सरकार की नौकरियां<br />    वेतन स्तर (7 वां CPC)-टेक्नीशियन ग्रेड-3 सिग्नल - स्तर 5, टेक्नीशियन ग्रेड-3, स्तर 2<br />    आयु सीमा-18–36 वर्ष (Tech. Grade-I सिग्नल-l), 18–33 वर्ष (Tech. Grade -III)<br />    आवेदन शुरू होने की तिथि-30-06-2026<br />    आवेदन की अंतिम तिथि-29-07-2026<br />    वेबसाइट-<a href="https://www.rrbcdg.gov.in">www.rrbcdg.gov.in</a><br />  </p>
<h4 style="text-align:justify;">भारतीय स्टेट बैंक (SBI) मुंबई </h4>
<p style="text-align:justify;"><br />    पद का नाम-अपरेंटिस (अप्रेंटिस अधिनियम, 1961 के तहत)<br />    कुल प्रशिक्षण सीटें-7,150<br />    योग्यता- स्नातक<br />    वजीफा-Rs. 15,000/- प्रति माह<br />    प्रशिक्षण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582680/job-alert"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(7)17.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">रेलवे भर्ती बोर्ड (RRBs)</h4>
<p style="text-align:justify;">    पद का नाम-टेक्नीशियन ग्रेड- 1, सिग्नल और टेक्नीशियन ग्रेड -3<br />    पदों की संख्या-6,565 (संभावित)<br />    नौकरी का प्रकार- रेलवे नौकरियां / केंद्र सरकार की नौकरियां<br />    वेतन स्तर (7 वां CPC)-टेक्नीशियन ग्रेड-3 सिग्नल - स्तर 5, टेक्नीशियन ग्रेड-3, स्तर 2<br />    आयु सीमा-18–36 वर्ष (Tech. Grade-I सिग्नल-l), 18–33 वर्ष (Tech. Grade -III)<br />    आवेदन शुरू होने की तिथि-30-06-2026<br />    आवेदन की अंतिम तिथि-29-07-2026<br />    वेबसाइट-<a href="https://www.rrbcdg.gov.in">www.rrbcdg.gov.in</a><br /> </p>
<h4 style="text-align:justify;">भारतीय स्टेट बैंक (SBI) मुंबई </h4>
<p style="text-align:justify;"><br />    पद का नाम-अपरेंटिस (अप्रेंटिस अधिनियम, 1961 के तहत)<br />    कुल प्रशिक्षण सीटें-7,150<br />    योग्यता- स्नातक<br />    वजीफा-Rs. 15,000/- प्रति माह<br />    प्रशिक्षण की अवधि-1 वर्ष (कार्यस्थल पर प्रशिक्षण)<br />    चयन का तरीका-ऑनलाइन लिखित परीक्षा + स्थानीय भाषा की परीक्षा + चिकित्सा परीक्षण<br />अनिवार्य आवश्यकता NAPS<br />    वेबसाइट- <a href="https://www.sbi.co.in/careers">www.sbi.co.in/careers</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">बैंक ऑफ बड़ौदा</h4>
<p style="text-align:justify;">पद का नाम-अप्रेंटिस<br />    योग्यता- स्नातक<br />    कुल प्रशिक्षण सीटें-5000 (35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में, जिसमें PwBD सीटें भी शामिल हैं)<br />    चयन का तरीका- ऑनलाइन परीक्षा + दस्तावेज सत्यापन + स्थानीय भाषा परीक्षण<br />अनिवार्य आवश्यकता<br /> वेबसाइट- <a href="https://www.amritvichar.com/admin/post/post/bankofbaroda.bank.in">bankofbaroda.bank.in</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड</h4>
<p style="text-align:justify;">    पद का नाम- उप प्रबंधक (E2), प्रबंधक (E3), वरिष्ठ प्रबंधक (E4)<br />कुल रिक्तियां-70 (05 PwBD पदों सहित)<br />आवेदन का तरीका- केवल ऑनलाइन (HCL वेबसाइट के करियर अनुभाग के माध्यम से)<br />चयन का तरीका- व्यक्तिगत साक्षात्कार (100 प्रतिशत वेटेज)<br />अनिवार्य आवश्यकता- भारतीय नागरिक, 18 वर्ष और उससे अधिक, संबंधित पद-योग्यता अनुभव<br />वेबसाइट-<a href="https://www.hindustancopper.com">www.hindustancopper.com</a></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582680/job-alert</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:34:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास और विरासत स्टीफंस कॉलेज  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">दिल्ली के चांदनी चौक के किनारी बाजार में 1 फरवरी 1881 जब सेंट स्टीफंस कॉलेज की नींव रखी गई, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यह छोटा सा संस्थान भारत का सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज बन जाएगा। उस दिन सैमुअल स्कॉट एलनट (Samuel Scott Allnutt) इसके पहले प्रिंसिपल बने। एक साधारण शुरुआत के साथ चला यह सफर आज 147 वर्ष पूरे कर चुका है। इस लंबे अंतराल में कॉलेज को पहली बार एक महिला प्रिंसिपल मिली है। इनका नाम है सुजैन एलियास। सेंट स्टीफंस कॉलेज  न केवल संस्थान के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि भारतीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582677/history-and-heritage--st--stephen-s-college"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/इतिहास-और-विरासत-स्टीफंस-कॉलेज.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली के चांदनी चौक के किनारी बाजार में 1 फरवरी 1881 जब सेंट स्टीफंस कॉलेज की नींव रखी गई, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यह छोटा सा संस्थान भारत का सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज बन जाएगा। उस दिन सैमुअल स्कॉट एलनट (Samuel Scott Allnutt) इसके पहले प्रिंसिपल बने। एक साधारण शुरुआत के साथ चला यह सफर आज 147 वर्ष पूरे कर चुका है। इस लंबे अंतराल में कॉलेज को पहली बार एक महिला प्रिंसिपल मिली है। इनका नाम है सुजैन एलियास। सेंट स्टीफंस कॉलेज  न केवल संस्थान के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।– विवेक शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार </p>
<p style="text-align:justify;">सेंट स्टीफंस कॉलेज ने हमेशा दूरदर्शी, मेहनती और समर्पित प्रिंसिपलों का नेतृत्व पाया है। इनके मार्गदर्शन में कॉलेज ने न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल की, बल्कि राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जिया-उल-हक जैसे राष्ट्राध्यक्षों सहित देश-विदेश के हर क्षेत्र में प्रभावशाली व्यक्तित्व तैयार किए। कॉलेज की यह विरासत आज भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">छात्रों के समग्र विकास का पक्षधर</h4>
<p style="text-align:justify;">19 वीं शताब्दी के अंत में दिल्ली उच्च शिक्षा के लिए उपेक्षित शहर था। एलनट ने दो किराए के कमरों में कॉलेज की शुरुआत की। शुरू में मात्र पांच छात्र और तीन शिक्षक थे, लेकिन एलनट की दूरदृष्टि अद्भुत थी। उन्होंने सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि गरीब, कमजोर और पिछड़े वर्ग के छात्रों को शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। कॉलेज को पंजाब विश्वविद्यालय से जोड़ा गया, जिससे इसका शैक्षणिक आधार मजबूत हुआ। एलनट का योगदान केवल प्रशासनिक नहीं था। वे छात्रों के समग्र विकास के पक्षधर थे। उनकी मेहनत से छात्र संख्या तेजी से बढ़ी और संस्थान की नींव पक्की हुई। 1898 में उन्होंने प्रिंसिपल पद छोड़ दिया, लेकिन उनका प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है। हर वर्ष 7 दिसंबर को उनके निधन दिवस को ‘फाउंडर्स डे’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन कॉलेज समुदाय उनके योगदान को याद करता है और नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पुराण पुरुष</h4>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-(5)17.jpg" alt="Untitled design (5)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">सेंट स्टीफंस कॉलेज के इतिहास में सुशील कुमार रुद्रा एक पुराण पुरुष के समान हैं। 1906 से 1923 तक वे कॉलेज के प्रिंसिपल रहे और पहले भारतीय प्रिंसिपल बने। उस दौर में जब स्टाफ में अधिकांश अंग्रेज थे, एक भारतीय को इस पद पर नियुक्त करना स्वयं में एक क्रांतिकारी कदम था।</p>
<p style="text-align:justify;">रुद्रा महात्मा गांधी और दीनबंधु सी.एफ. एंड्रयूज के घनिष्ठ मित्र थे। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का खुलकर समर्थन किया। 13 अप्रैल 1915 को गांधी जी पहली बार दिल्ली आए, तो रुद्रा के निमंत्रण पर ही। गांधी दंपति उस समय कश्मीरी गेट स्थित रुद्रा के घर में ठहरे थे। आज उस इमारत में दिल्ली चुनाव आयोग का कार्यालय है। रुद्रा छात्रों के बीच ‘बारासाहिब’ के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने कॉलेज में नाइट स्कूल शुरू किया ताकि कर्मचारियों के बच्चे भी शिक्षा से वंचित न रहें।</p>
<p style="text-align:justify;">वे खेलों के प्रेमी भी थे। दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के संस्थापकों में शामिल रुद्रा ने खेल को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाया। 1923 में रिटायरमेंट के बाद 1925 में उनका निधन हो गया। उनकी स्मृति में हर वर्ष 12 फरवरी को ‘रुद्रा डिनर’ का आयोजन किया जाता है। दिल्ली ब्रदरहुड सोसायटी (DBS) के प्रभारी ब्रदर सोलोमन जॉर्ज के अनुसार, 1877 में स्थापित ब्रदरहुड ऑफ द एसेंशन ऑफ क्राइस्ट (जिसका बाद में नाम दिल्ली ब्रदरहुड सोसायटी पड़ा) आज भी कॉलेज का संचालन करती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">शरणार्थियों के हमदर्द</h4>
<p style="text-align:justify;">देश के बंटवारे के बाद दिल्ली लाखों शरणार्थियों की आमद की गवाह बनी। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में स्थित दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस के आसपास शरणार्थी परिवार बसने लगे थे। एक दिन सेंट स्टीफंस के प्रिंसिपल प्रो. डगलस राजाराम और उनकी पत्नी नॉर्थ कैंपस के बाहर खड़े थे। उन्होंने कुछ बच्चे गमले तोड़ते देखे। पूछने पर बच्चों ने कहा, “यहां स्कूल है ही नहीं।”</p>
<p style="text-align:justify;">यह जवाब राजाराम को झकझोर गया। डीयू  में उनकी अच्छी पहुंच का फायदा उठाते हुए उन्होंने तुरंत मौरिस नगर में एक छोटी जगह पर स्कूल शुरू कराया। वह स्कूल पिछले वर्ष अपनी 75 वीं वर्षगांठ मना चुका है और अब बड़े कैंपस में संचालित हो रहा है। राजाराम स्वयं सेंट स्टीफंस के छात्र रह चुके थे। वे 1945 से 1960 तक कॉलेज के प्रिंसिपल रहे। उनके नेतृत्व में कॉलेज ने विभाजन के बाद की चुनौतियों का सामना किया और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">विरासत को आगे बढ़ाना</h4>
<p style="text-align:justify;">एलनट ने नींव रखी, रुद्रा ने भारतीय स्वरूप दिया और राजाराम ने इसे मजबूत किया। इन तीन प्रिंसिपलों को सेंट स्टीफंस की आत्मा कहा जा सकता है। इनके अलावा भी अनेक प्रिंसिपलों ने कॉलेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आज जब पहली महिला प्रिंसिपल कॉलेज की बागडोर संभाल रही हैं, तो यह विरासत को नई दिशा देने का अवसर है।</p>
<p style="text-align:justify;">नई प्रिंसिपल सुजैन एलियास से अपेक्षा की जाती है कि वे शैक्षणिक उत्कृष्टता, समावेशिता और सामाजिक जिम्मेदारी को और मजबूत करें। कॉलेज की 145 वर्ष से अधिक की यात्रा साबित करती है कि शिक्षा सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज सेंट स्टीफंस न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश का गौरव है। यहां पढ़ने वाले छात्र न सिर्फ ज्ञान प्राप्त करते हैं, बल्कि मूल्यों, नैतिकता और नेतृत्व कौशल से लैस होकर बाहर निकलते हैं। पहली महिला प्रिंसिपल के नेतृत्व में कॉलेज नई पीढ़ी को प्रेरित करते हुए अपनी शताब्दी की विरासत को और समृद्ध करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बदलाव सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि सोच का भी है। 1881 की उस साधारण शुरुआत से लेकर आज की आधुनिक शिक्षा व्यवस्था तक का सफर दिखाता है कि समर्पण, दूरदृष्टि और निरंतरता से कोई भी संस्थान ऊंचाइयों को छू सकता है। सेंट स्टीफंस की नई प्रिंसिपल से पूरे देश को उम्मीद है कि वे इस गौरवशाली परंपरा को नई ऊर्जा और समावेशी दृष्टिकोण के साथ आगे ले जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582677/history-and-heritage--st--stephen-s-college</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:15:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जौनपुर में 21 परीक्षा केंद्रों पर होगी लेखपाल परीक्षा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जौनपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में लेखपाल परीक्षा 21 मई को कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच 21 परीक्षा केंद्रो पर सम्पन्न करायी जायेगी। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने इस मामले मे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार की देर शाम आगामी लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 की तैयारियों के संबंध में बैठक सम्पन्न हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में परीक्षा को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन संपन्न कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिले में 21 परीक्षा केंद्रों पर नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जानकारी दी गई कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582531/lekhpal-exam-to-be-held-at-21-centers-in-jaunpur--strict-security-arrangements-in-place"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/परीक्षा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जौनपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में लेखपाल परीक्षा 21 मई को कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच 21 परीक्षा केंद्रो पर सम्पन्न करायी जायेगी। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने इस मामले मे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार की देर शाम आगामी लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 की तैयारियों के संबंध में बैठक सम्पन्न हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में परीक्षा को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन संपन्न कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिले में 21 परीक्षा केंद्रों पर नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जानकारी दी गई कि लेखपाल मुख्य परीक्षा 21 मई 2026 को एक पाली में प्रातः 10:00 बजे से मध्याह्न 12:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जनपद में परीक्षा हेतु कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के सफल संचालन हेतु 21 जोनल मजिस्ट्रेट, 21 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं 05 आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त 21 स्टैटिक मजिस्ट्रेट एवं 10 आरक्षित स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी नामित किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 9696 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाएं तथा सुरक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की लाही न बरती जाए। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ सम्पन्न कराया जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सतर्क निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा से संबंधित उपलब्ध कराई गई बुकलेट का सभी अधिकारी गहन अध्ययन कर लें तथा उसमें दिए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी स्टैटिक मजिस्ट्रेट अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का भ्रमण अवश्य कर लें तथा वहां पेयजल, शौचालय, सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पुलिस की सतर्कता अत्यंत आवश्यक है तथा सभी अधिकारी शासन की गाइडलाइन का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए परीक्षा को पारदर्शी एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराएं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी निर्धारित समय के भीतर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना सुनिश्चित करें। यातायात निरीक्षक को निर्देशित किया कि परीक्षा के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था सुगमता से संचालित हो। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, केंद्राध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>जौनपुर</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                            <category>परीक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:58:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly News:  4 हजार की नौकरी के लिए लगी लंबी कतार, PHD डिग्रीधारक भी शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बेरोजगारी के इस दौर में एक अदद नौकरी की चाहत युवाओं से क्या कुछ नहीं कराती, इसकी एक बानगी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में देखने को मिल रही है। इस भर्ती प्रक्रिया में अधिकारियों के सामने आवेदकों की फाइलें आईं, तो वे हैरान रह गए। महज चार हजार रुपये प्रति माह के मानदेय वाले इस पद के लिए फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे कठिन विषयों से एमएससी पास और पीएचडी की उच्च डिग्री हासिल कर चुकी महिलाओं ने भी दावेदारी की है।</p>
<p><strong>अब पहुंचे 5 हजार आवेदन</strong><br />अधिकारी बताते हैं कि विभाग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582474/earned-a-phd-but-found-no-employment--joined-the-queue-for-a-job-paying-four-thousand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/vichar.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बेरोजगारी के इस दौर में एक अदद नौकरी की चाहत युवाओं से क्या कुछ नहीं कराती, इसकी एक बानगी बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में देखने को मिल रही है। इस भर्ती प्रक्रिया में अधिकारियों के सामने आवेदकों की फाइलें आईं, तो वे हैरान रह गए। महज चार हजार रुपये प्रति माह के मानदेय वाले इस पद के लिए फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे कठिन विषयों से एमएससी पास और पीएचडी की उच्च डिग्री हासिल कर चुकी महिलाओं ने भी दावेदारी की है।</p>
<p><strong>अब पहुंचे 5 हजार आवेदन</strong><br />अधिकारी बताते हैं कि विभाग की ओर से इस पद के लिए निर्धारित की गई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता केवल इंटरमीडिएट है। अंतिम चयन चूंकि परास्नातक तक के अंकों की मेरिट के आधार पर होना है, इसलिए उच्च डिग्रीधारी महिलाओं ने भी आवेदन किया है। जिले में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 705 पदों को भरने के लिए करीब पांच हजार आवेदन आ चुके हैं, जिनकी छंटनी में अधिकारी जुटे हैं। कॅरियर काउंसलर नवनीत शुक्ला कहते हैं कि इतनी बड़ी डिग्रियों के बाद भी महज चार हजार रुपये प्रति माह के पद पर आवेदन करना, रोजगार के गंभीर संकट को बयां करता है। प्राइवेट सेक्टर में छंटनी का लगातार बना रहने वाला डर और तय समय से ज्यादा काम के बदले कम वेतन मिलना भी इसके पीछे की मुख्य वजह है।</p>
<p><strong>इस बार फूंक-फूंक कर रखे जा रहे कदम</strong><br />आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विवादों से मुक्त रखने के लिए सीडीओ देवयानी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। पिछली भर्ती में सामने आईं अनियमितताओं और गड़बड़ियों को देखते हुए इस बार आवेदनों और शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच करने के लिए तीन कमेटियों का गठन किया गया है। कमेटियों की निगरानी में एक-एक दस्तावेज को परखा जा रहा है, ताकि मेरिट सूची निष्पक्ष बने और किसी भी प्रकार की मैन्युअल गड़बड़ी या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।</p>
<p><strong>उच्च शिक्षित महिलाओं की संख्या ज्यादा</strong><br />जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती के आवेदन पत्रों की जांच में उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाओं की बड़ी संख्या सामने आई है। चूंकि अंतिम चयन सूची इंटरमीडिएट से परास्नातक तक के शैक्षणिक अंकों की मेरिट के आधार पर तैयार होनी है, इसलिए स्क्रूटनी प्रक्रिया में हर एक दस्तावेज को बेहद बारीकी से परखा जा रहा है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>करियर </category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:19:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ड स्मिथ : Examination शब्द की उत्पत्ति</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">‘Examination’ शब्द आज पढ़ाई, परीक्षा और जांच के अर्थ में पूरी दुनिया में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी जड़ें हजारों साल पुरानी लैटिन भाषा में छिपी हैं। यह शब्द लैटिन के ‘Examinare’ से बना है। पुराने समय में ‘Examen’ का अर्थ होता था तराजू की सूई या संतुलन जांचने वाला उपकरण। जब किसी वस्तु का सही वजन पता करना होता था, तो उसे तराजू पर तौला जाता था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रक्रिया को ‘Examinare’ कहा जाने लगा यानी किसी चीज को ध्यान से परखना या जांचना। मध्यकालीन यूरोप में जब विद्यालयों और विश्वविद्यालयों का विकास हुआ, तब छात्रों की योग्यता जांचने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581878/word-smith--origin-of-the-word-examination"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(37)7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">‘Examination’ शब्द आज पढ़ाई, परीक्षा और जांच के अर्थ में पूरी दुनिया में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी जड़ें हजारों साल पुरानी लैटिन भाषा में छिपी हैं। यह शब्द लैटिन के ‘Examinare’ से बना है। पुराने समय में ‘Examen’ का अर्थ होता था तराजू की सूई या संतुलन जांचने वाला उपकरण। जब किसी वस्तु का सही वजन पता करना होता था, तो उसे तराजू पर तौला जाता था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रक्रिया को ‘Examinare’ कहा जाने लगा यानी किसी चीज को ध्यान से परखना या जांचना। मध्यकालीन यूरोप में जब विद्यालयों और विश्वविद्यालयों का विकास हुआ, तब छात्रों की योग्यता जांचने की प्रक्रिया को ‘Examination’ कहा जाने लगा। अंग्रेजी भाषा में यह शब्द लगभग 14वीं शताब्दी के आसपास प्रचलित हुआ। धीरे-धीरे इसका अर्थ किसी व्यक्ति के ज्ञान, क्षमता, स्वास्थ्य या तथ्यों की जांच से जुड़ गया। आज स्कूल की परीक्षा से आदि में ‘Examination’ शब्द का उपयोग होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581878/word-smith--origin-of-the-word-examination</link>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 10:00:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>

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