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                <title>व्हील्स - Amrit Vichar</title>
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                <title> ADAS की सीमाएं, भारतीय सड़कों पर रखें ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आजकल कार खरीदते समय लोग इंजन और माइलेज के साथ सेफ्टी फीचर्स पर भी ध्यान देते हैं। ADAS यानी Advanced Driver Assistance System इसी आधुनिक तकनीक का हिस्सा है। यह ड्राइवर को सड़क पर संभावित खतरे पहचानने, लेन में बने रहने और जरूरत पड़ने पर ब्रेकिंग जैसी स्थितियों में मदद करता है। हालांकि भारतीय सड़कों की परिस्थितियां कई बार इसकी क्षमता की परीक्षा लेती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">•लेन मार्किंग साफ न होने पर परेशानी</h3>
<p style="text-align:justify;">ADAS के कई फीचर्स कैमरे से सड़क की लेन पहचानते हैं।<br />भारत में कई जगह लेन मार्किंग घिसी या अस्पष्ट होती है।<br />ऐसी स्थिति में लेन डिपार्चर वार्निंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592306/limitations-ads--careful-indian-roads"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/limitations-of-adas.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आजकल कार खरीदते समय लोग इंजन और माइलेज के साथ सेफ्टी फीचर्स पर भी ध्यान देते हैं। ADAS यानी Advanced Driver Assistance System इसी आधुनिक तकनीक का हिस्सा है। यह ड्राइवर को सड़क पर संभावित खतरे पहचानने, लेन में बने रहने और जरूरत पड़ने पर ब्रेकिंग जैसी स्थितियों में मदद करता है। हालांकि भारतीय सड़कों की परिस्थितियां कई बार इसकी क्षमता की परीक्षा लेती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">•लेन मार्किंग साफ न होने पर परेशानी</h3>
<p style="text-align:justify;">ADAS के कई फीचर्स कैमरे से सड़क की लेन पहचानते हैं।<br />भारत में कई जगह लेन मार्किंग घिसी या अस्पष्ट होती है।<br />ऐसी स्थिति में लेन डिपार्चर वार्निंग और लेन कीप असिस्ट सही तरीके से काम नहीं कर सकते।</p>
<h3 style="text-align:justify;">•अचानक सामने आने वाली बाधाएं चुनौती</h3>
<p style="text-align:justify;">भारतीय सड़कों पर बाइक, ऑटो, साइकिल, पैदल यात्री और जानवर अचानक सामने आ सकते हैं।<br />ऐसे अनियमित ट्रैफिक पैटर्न को सिस्टम हर बार सही तरीके से समझ पाए, यह जरूरी नहीं।<br />ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग कभी-कभी जरूरत से पहले सक्रिय हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">•बारिश और कोहरे में घट सकती है क्षमता</h3>
<p style="text-align:justify;">तेज बारिश, धुंध, धूल और कीचड़ से कैमरा या सेंसर प्रभावित हो सकते हैं।<br />विजिबिलिटी कम होने पर ADAS की सटीकता भी घट सकती है।<br />ऐसी परिस्थितियों में ड्राइवर को सिस्टम के बजाय खुद सड़क पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">•सेंसर की सफाई जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">ADAS के कैमरे और सेंसर पर धूल या मिट्टी जमने से सिस्टम प्रभावित हो सकता है।<br />नियमित सर्विसिंग और सेंसर की जांच जरूरी है। किसी खराबी या चेतावनी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">• ADAS ड्राइवर का विकल्प नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;">ADAS एक सहायता प्रणाली है, ऑटो-पायलट नहीं।<br />स्टीयरिंग पर नियंत्रण और सड़क पर नजर बनाए रखना जरूरी है।<br />खराब मौसम, भीड़भाड़ और ग्रामीण सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/592306/limitations-ads--careful-indian-roads</link>
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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 09:17:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>517 किमी रेंज वाली MG की नई EV लॉन्च</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">SW MG Motor India ने भारतीय बाजार में अपनी नई इलेक्ट्रिक SUV Hector Tomahawk EV पेश कर दी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹19.49 लाख तय की गई है। खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक SUV को 5-सीटर और 7-सीटर दोनों विकल्पों में खरीदा जा सकता है। इसमें 69.2kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो एक बार चार्ज करने पर 517 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक SUV को Battery-as-a-Service यानी BaaS विकल्प के साथ भी बाजार में उतारा है। इस योजना के तहत इसकी शुरुआती कीमत ₹13.99 लाख हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/592305/mg-s-new-ev-with-a-517-km-range-launched"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/517-km-launched.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">SW MG Motor India ने भारतीय बाजार में अपनी नई इलेक्ट्रिक SUV Hector Tomahawk EV पेश कर दी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹19.49 लाख तय की गई है। खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक SUV को 5-सीटर और 7-सीटर दोनों विकल्पों में खरीदा जा सकता है। इसमें 69.2kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो एक बार चार्ज करने पर 517 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक SUV को Battery-as-a-Service यानी BaaS विकल्प के साथ भी बाजार में उतारा है। इस योजना के तहत इसकी शुरुआती कीमत ₹13.99 लाख हो जाती है। हालांकि बैटरी के इस्तेमाल के लिए अलग से ₹4.90 प्रति किलोमीटर का भुगतान करना होगा। Hector Tomahawk EV की एक और खासियत यह है कि यह MG का पहला मॉडल है, जिसे कंपनी के ADAPT (Advanced Drive Architecture Platform Technology) प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">SUV का डिजाइन और एक्सटीरियर</h3>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/517-km-range-launched.jpg" alt="517 km range launched" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Hector Tomahawk EV को पारंपरिक Hector से अलग इलेक्ट्रिक पहचान देने की कोशिश की गई है। इसके फ्रंट में LED प्रोजेक्टर हेडलैंप्स के साथ LED DRLs मिलते हैं। दोनों DRLs के बीच रोशन MG लोगो दिया गया है। इलेक्ट्रिक SUV में बंद डिजाइन वाला फ्रंट फेशिया भी देखने को मिलता है। इसके अलावा इसमें 18-इंच के डुअल-टोन अलॉय व्हील्स, रूफ रेल्स और ब्लैक बॉडी क्लैडिंग दी गई है। व्हील आर्च से लेकर दरवाजों के निचले हिस्से तक क्लैडिंग SUV को ज्यादा रफ एंड टफ लुक देती है। पीछे की ओर रैपअराउंड LED टेल-लैंप्स और नया डिजाइन किया गया रियर बंपर मिलता है। इसमें ऑटोमैटिक पावर्ड टेलगेट की सुविधा भी मौजूद है। आकार की बात करें, तो इसकी लंबाई 4,745mm, चौड़ाई 1,850mm और ऊंचाई 1,770mm है। SUV का व्हीलबेस 2,810mm और ग्राउंड क्लीयरेंस 230mm है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कितनी है कीमत?</h3>
<p style="text-align:justify;">MG Hector Tomahawk EV को अलग-अलग ट्रिम और सीटिंग कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है। इसके 7-सीटर मॉडल में तीन वेरिएंट उपलब्ध हैं, जबकि 5 सीटर संस्करण केवल Essence ट्रिम में आता है। Excite, 7-सीटर-₹19.49 लाख/ Exclusive, 7-सीटर-₹21.99 लाख/ Essence, 7-सीटर,₹23.49 लाख/ Essence 5-सीटर, ₹22.99 लाख इस तरह SUV की कीमत ₹19.49 लाख से शुरू होकर ₹23.49 लाख तक जाती है। BaaS स्कीम में शुरुआती कीमत ₹13.99 लाख है, जबकि बैटरी के लिए ₹4.90 प्रति किलोमीटर का शुल्क लागू होगा। कंपनी ने अभी अलग-अलग वेरिएंट के लिए BaaS की विस्तृत कीमतें साझा नहीं की हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">5 और 7 सीट का विकल्प</h3>
<p style="text-align:justify;">MG Hector Tomahawk EV को परिवार की जरूरत के अनुसार 5-सीटर और 7-सीटर कॉन्फिगरेशन में चुना जा सकता है। 5-सीटर मॉडल में 610 लीटर का बूट स्पेस मिलता है। पीछे की सीटें फोल्ड करने पर इसे 1,053 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। वहीं 7-सीटर मॉडल में तीनों रो इस्तेमाल करने पर 192 लीटर का बूट स्पेस मिलता है। तीसरी रो को फोल्ड करने के बाद सामान रखने की क्षमता बढ़कर 528 लीटर हो जाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अंदर से प्रीमियम है केबिन</h3>
<p style="text-align:justify;">Hector Tomahawk EV के केबिन में तकनीक और आराम दोनों पर जोर दिया गया है। इसमें 15.6 इंच का बड़ा इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन और 8.8 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto के अलावा वायरलेस फोन चार्जिंग की सुविधा भी मिलती है। SUV में जेस्चर कंट्रोल का विकल्प भी दिया गया है, जिसके जरिए एयर-कंडीशनिंग और ऑडियो सिस्टम जैसे कुछ फंक्शन्स को हाथ के इशारों से नियंत्रित किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फीचर्स की सूची में पैनोरमिक सनरूफ, फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, 256-कलर एम्बिएंट लाइटिंग और 10-स्पीकर Infinity साउंड सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा पावर्ड टेलगेट, रियर विंडो सनशेड्स और मेमोरी व ऑटो-रिट्रैक्ट फंक्शन वाली ड्राइवर सीट भी मिलती है। केबिन में Nap, Camp, Energise, Pro Pet, Valet और Quiet जैसे अलग-अलग मोड दिए गए हैं, जिन्हें जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">517 किमी की रेंज</h3>
<p style="text-align:justify;">Hector Tomahawk EV में 69.2kWh का बैटरी पैक लगाया गया है। इसमें एक इलेक्ट्रिक मोटर है, जो 204 PS की अधिकतम पावर और 320 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करती है। कंपनी के मुताबिक SUV महज 8.2 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस इलेक्ट्रिक SUV की सबसे बड़ी खूबियों में इसकी रेंज शामिल है। कंपनी के अनुसार यह MIDC Part 1 और Part 2 के आधार पर एक बार फुल चार्ज होने पर 517 किलोमीटर तक चल सकती है। चार्जिंग के लिए इसमें 90kW DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है। इसके जरिए बैटरी को 20 से 80 प्रतिशत तक चार्ज करने में करीब 35 मिनट का समय लगता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दूसरी EV को भी कर सकती है चार्ज</h3>
<p style="text-align:justify;">MG ने Hector Tomahawk EV में Vehicle-to-Load (V2L) और Vehicle-to-Vehicle (V2V) जैसे उपयोगी फीचर्स भी दिए हैं। V2L तकनीक के जरिए SUV की बैटरी से बाहरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दूसरे अप्लायंसेज चलाए जा सकते हैं। वहीं V2V फीचर की मदद से इस इलेक्ट्रिक SUV की बैटरी से किसी दूसरी इलेक्ट्रिक कार को भी चार्ज किया जा सकता है। कंपनी का दावा है कि Hector Tomahawk EV भारत की पहली V2H यानी Vehicle-to-Home क्षमता वाली कार है। इस तकनीक के जरिए कार की बैटरी को दोतरफा चार्जिंग सिस्टम के माध्यम से घर के उपकरणों को बिजली देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। कुल मिलाकर, MG Hector Tomahawk EV में लंबी रेंज, बड़ी बैटरी, 5 और 7-सीटर विकल्प, प्रीमियम फीचर्स और V2L, V2V व V2H जैसी तकनीकें इसे भारतीय इलेक्ट्रिक SUV बाजार में एक अलग विकल्प बनाती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 17:43:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून में कार चला रहे हैं?ये 8 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, बारिश में निकलने से पहले जरूर चेक करें ये चीजें</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश में फिसलन, जलभराव और कम विजिबिलिटी बढ़ा सकती है हादसे की आशंका; टायर से लेकर ब्रेक, वाइपर और बैटरी तक इन जरूरी चीजों की जांच आपको परेशानी से बचा सकती है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590976/monsoon-car-driving-safety-tips-tyre-brake-wiper-battery"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/monsoon-car-care-tips.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मानसून गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन वाहन चालकों के लिए यह मौसम कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आता है। बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कें, जलभराव, कम दृश्यता और अचानक वाहन खराब होने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में कार को मौसम के अनुकूल तैयार रखना और ड्राइविंग के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए हर बार महंगी सर्विसिंग की जरूरत नहीं होती। कुछ जरूरी जांच और नियमित रखरखाव से कार को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">- टायरों की जांच सबसे पहले- बारिश के दौरान सड़क पर कार की पकड़ काफी हद तक टायरों पर निर्भर करती है। घिसे हुए टायर पानी को पर्याप्त रूप से बाहर नहीं निकाल पाते, जिससे हाइड्रोप्लानिंग का खतरा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में टायर और सड़क के बीच पकड़ कम हो जाती है और वाहन अनियंत्रित हो सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए मानसून शुरू होने से पहले टायरों के ट्रेड की स्थिति जांचें। सभी टायरों के साथ स्टेपनी का एयर प्रेशर भी वाहन निर्माता द्वारा बताए गए स्तर पर रखें। टायरों में दरार, असामान्य घिसाव या क्षति दिखाई दे तो उन्हें नजरअंदाज न करें।</p>
<p style="text-align:justify;">- लाइटों की जांच भी जरूरी- मानसून में बादल, तेज बारिश और कम रोशनी के कारण दृश्यता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में हेडलाइट, टेल लाइट, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, रिवर्स लाइट और फॉग लाइट का सही तरीके से काम करना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि कोई बल्ब खराब है या हेडलाइट का कवर धुंधला हो गया है, तो समय रहते उसे ठीक कराएं। इससे न केवल आपको बेहतर दृश्यता मिलेगी, बल्कि दूसरे वाहन चालकों को भी आपकी कार आसानी से दिखाई देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">- ब्रेक और बैटरी को न करें नजरअंदाज- गीली सड़क पर ब्रेकिंग के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। यदि ब्रेक लगाते समय असामान्य आवाज आती है, कंपन महसूस होता है या वाहन सामान्य से अधिक दूरी में रुकता है, तो तुरंत ब्रेक सिस्टम की जांच कराएं।</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश में बैटरी और उसके कनेक्शन की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। बैटरी टर्मिनलों पर जंग, ढीले कनेक्शन या कमजोर बैटरी के कारण वाहन अचानक स्टार्ट होने से इंकार कर सकता है। पुरानी बैटरी की समय रहते जांच करा लेना बेहतर है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><em>जरूरी फ्लूइड्स और एसी की जांच करें</em></strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">इंजन ऑयल, कूलेंट, ब्रेक फ्लूइड और विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड का स्तर निर्धारित सीमा में होना चाहिए। किसी भी फ्लूइड की कमी वाहन के प्रदर्शन के साथ-साथ सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकती है।  बारिश के दौरान एसी का काम केवल केबिन को ठंडा रखना नहीं है। यह विंडशील्ड पर जमी धुंध हटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए एसी और डिफॉगर के ठीक से काम करने की जांच जरूर करें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><em><span style="color:rgb(224,62,45);">रबर सील और इमरजेंसी किट रखें तैयार</span></em></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">दरवाजों और खिड़कियों की रबर सील में खराबी होने पर बारिश का पानी कार के अंदर पहुंच सकता है। इससे नमी, दुर्गंध और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। रबर बीडिंग में दरार या गैप नजर आए तो उसे बदलवा दें।<br />कार में इमरजेंसी के लिए टॉर्च, जंपर केबल, टायर इनफ्लेटर, पंचर रिपेयर किट, टो रोप, फर्स्ट-एड किट, रिफ्लेक्टिव वार्निंग ट्रायंगल, मोबाइल चार्जर और छाता जैसी जरूरी चीजें रखना भी उपयोगी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><em><span style="color:rgb(224,62,45);">जलभराव वाली सड़क पर बरतें सावधानी</span></em></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मानसून में सबसे बड़ी गलती अक्सर जलभराव वाली सड़क पर वाहन निकालने की जल्दबाजी होती है। यदि पानी की गहराई का अनुमान नहीं है, तो ऐसे रास्ते पर कार ले जाने से बचें। अधिक गहरे पानी में जाने से इंजन, ट्रांसमिशन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।<br />बारिश में वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें, सामने वाले वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और अचानक ब्रेक लगाने या तेज मोड़ लेने से बचें। पानी से गुजरने के बाद हल्के ब्रेक लगाकर ब्रेक सिस्टम से नमी हटाने में मदद मिल सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><em><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा</span></strong></em></h5>
<p style="text-align:justify;">मानसून में सुरक्षित ड्राइविंग केवल कार की तकनीकी स्थिति पर निर्भर नहीं करती, बल्कि चालक की समझदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। नियमित जांच, समय पर सर्विसिंग और सावधानीपूर्वक ड्राइविंग से न केवल वाहन के खराब होने की आशंका कम होती है, बल्कि बारिश के दौरान दुर्घटना का जोखिम भी काफी घटाया जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>वाइपर और विंडशील्ड को रखें साफ</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">तेज बारिश में सड़क साफ दिखाई देना सुरक्षित ड्राइविंग के लिए बेहद जरूरी है। यदि वाइपर कांच पर पानी की परत छोड़ रहे हैं, आवाज कर रहे हैं या ठीक से सफाई नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें बदल देना चाहिए। विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड भी पर्याप्त मात्रा में रखें। बारिश के दौरान सड़क से उछलने वाली मिट्टी और कीचड़ को साफ करने में यह काफी उपयोगी होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 08:59:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>73 हजार के बजट में Bajaj की कौन-सी बाइक देगी सबसे ज्यादा फायदा? Platina 100, Platina 110 या CT 110, जानें पूरी Detail</title>
                                    <description><![CDATA[रोजाना ऑफिस, कॉलेज या शहर से गांव तक के सफर के लिए Bajaj की इन तीन कम्यूटर बाइक्स पर नजर; कीमत, इंजन, माइलेज और उपयोगिता के आधार पर जानें कौन-सा मॉडल आपके लिए बेहतर हो सकता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590974/bajaj-bikes-under-80000-platina-100-110-ct-110-mileage-price"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/bajaj-bikes-under-80000.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अगर आप रोजाना ऑफिस, कॉलेज या शहर में आने-जाने के लिए किफायती बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं और आपका बजट करीब ₹80 हजार है, तो बजाज के कुछ कम्यूटर मॉडल आपके लिए उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। प्लैटिना 100, प्लैटिना 110 और सीटी 110 को खासतौर पर रोजमर्रा के सफर, बेहतर माइलेज और आसान राइडिंग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इन बाइक्स की कीमत और इंजन क्षमता अलग-अलग है, इसलिए खरीदारी से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से तुलना करना जरूरी है। आइए जानते हैं इन तीनों मॉडल की कीमत, इंजन, माइलेज और प्रमुख खूबियों के बारे में।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><em>बजाज प्लैटिना 100</em></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कम बजट में बजाज प्लैटिना 100 एक किफायती कम्यूटर बाइक के तौर पर सामने आती है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹72,942 बताई गई है। इसमें 99.59cc का इंजन दिया गया है, जो 7.77 bhp की पावर और 8.3 Nm का टॉर्क जनरेट करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बाइक की टॉप स्पीड 90 km/h बताई गई है और इसका कर्ब वेट 117 किलोग्राम है। 200 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस इसे खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी उपयोगी बनाता है। अगर आपकी प्राथमिकता कम खर्च में रोजाना का सफर और अच्छा माइलेज है, तो प्लैटिना 100 पर विचार किया जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><em>प्लैटिना 110</em></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">प्लैटिना 110 लंबे समय से कम्यूटर सेगमेंट में अपनी जगह बनाए हुए है। शहर के ट्रैफिक में रोजाना इस्तेमाल के लिए इसका हल्का और आसान राइडिंग सेटअप उपयोगी हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें 115.06cc का इंजन मिलता है और कंपनी के अनुसार इसका माइलेज करीब 70 kmpl तक हो सकता है। बाइक की टॉप स्पीड 90 km/h बताई गई है, जबकि इसका कर्ब वेट 116 किलोग्राम है। 200 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस भी खराब सड़कों पर मदद करता है। इसकी शुरुआती कीमत ₹75,797 बताई गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><em>बजाज सीटी 110</em></strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">अगर आपका रोजाना का सफर शहर के साथ-साथ ग्रामीण या खराब सड़कों से भी होकर गुजरता है, तो बजाज सीटी 110 एक विकल्प हो सकती है। बाइक का डिजाइन और राइडिंग सेटअप रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें 115.45cc का इंजन दिया गया है और कंपनी के अनुसार यह करीब 70 kmpl तक का माइलेज दे सकती है। इसकी टॉप स्पीड 90 km/h बताई गई है। बाइक का कर्ब वेट 124 किलोग्राम और ग्राउंड क्लीयरेंस 170 mm है। इसकी कीमत ₹74,930 बताई गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><em><strong><span style="color:rgb(224,62,45);">किसके लिए कौन-सी बाइक</span></strong></em></h5>
<p style="text-align:justify;">अगर आपका बजट सबसे कम है और आप किफायती कम्यूटर बाइक चाहते हैं, तो प्लैटिना 100 पर विचार कर सकते हैं। ज्यादा इंजन क्षमता और रोजाना शहर में इस्तेमाल के लिए प्लैटिना 110 बेहतर विकल्प हो सकती है। वहीं, खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर नियमित सफर करने वालों के लिए सीटी 110 उपयोगी साबित हो सकती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong>Platina 100 vs Platina 110 vs CT 110</strong></em></span></h5>
<table>
<thead>
<tr>
<th>बाइक</th>
<th align="right">कीमत*</th>
<th align="right">इंजन</th>
<th align="right">दावा किया गया माइलेज</th>
<th align="right">टॉप स्पीड</th>
<th align="right">कर्ब वेट</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>Platina 100</strong></td>
<td align="right">₹72,942</td>
<td align="right">99.59cc</td>
<td align="right">—</td>
<td align="right">90 km/h</td>
<td align="right">117 kg</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>Platina 110</strong></td>
<td align="right">₹75,797</td>
<td align="right">115.06cc</td>
<td align="right">70 kmpl तक</td>
<td align="right">90 km/h</td>
<td align="right">116 kg</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>CT 110</strong></td>
<td align="right">₹74,930</td>
<td align="right">115.45cc</td>
<td align="right">70 kmpl तक</td>
<td align="right">90 km/h</td>
<td align="right">124 kg</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>हालांकि बाइक खरीदने से पहले अपने नजदीकी डीलर से मौजूदा कीमत, उपलब्ध वेरिएंट और फीचर्स की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि कीमतें और मॉडल की उपलब्धता समय व स्थान के अनुसार बदल सकती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/590974/bajaj-bikes-under-80000-platina-100-110-ct-110-mileage-price</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 09:03:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल भरवाते समय इंजन बंद क्यों कराते हैं? वजह जानेंगे तो अगली बार नहीं करेंगे ये गलती</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोल-डीजल भरवाते समय इंजन चालू रखना सिर्फ नियम तोड़ना नहीं, बल्कि ईंधन की वाष्प, चिंगारी और आग के संभावित खतरे को बढ़ा सकता है; जानें फ्यूलिंग के दौरान किन सावधानियों का रखें ध्यान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590973/petrol-pump-engine-off-while-refueling-safety-rules"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/petrol-pump-safety-rules.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पेट्रोल पंप पर वाहन में पेट्रोल या डीजल भरवाना रोजमर्रा की प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इंजन बंद करना महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आग और अन्य जोखिमों से बचाव का जरूरी उपाय है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>क्यों जरूरी है इंजन बंद रखना</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">-आग लगने का जोखिम: पेट्रोल अत्यधिक ज्वलनशील होता है। इंजन चालू रहने पर वाहन के गर्म हिस्सों और एग्जॉस्ट सिस्टम से निकलने वाली गर्मी के आसपास पेट्रोल की वाष्प मौजूद हो सकती है। किसी भी संभावित इग्निशन स्रोत से आग का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">-चिंगारी से बचाव: पेट्रोल पंप पर सबसे बड़ा खतरा ईंधन की वाष्प का होता है। वाहन के इलेक्ट्रिकल सिस्टम या किसी अन्य स्रोत से पैदा हुई चिंगारी इन वाष्पों को आग की चपेट में ला सकती है। इसलिए फ्यूल भरवाते समय इंजन बंद रखना बेहतर है।</p>
<p style="text-align:justify;">-स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी का खतरा: वाहन और व्यक्ति दोनों में स्थैतिक विद्युत उत्पन्न हो सकती है। यदि इससे चिंगारी पैदा हो जाए और वह पेट्रोल की वाष्प के संपर्क में आ जाए, तो आग लगने की आशंका रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">-फ्यूल सिस्टम की सुरक्षा: आधुनिक वाहनों में फ्यूल पंप, सेंसर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होते हैं। ईंधन भरते समय इंजन बंद रखने से फ्यूलिंग प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी होती है और अनावश्यक इलेक्ट्रिकल गतिविधि से बचा जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/petrol-pump-safety-rules-(1).png" alt="Petrol Pump Safety Rules (1)" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>पेट्रोल पंप पर इन बातों का रखें ध्यान</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">-फ्यूल भरवाने से पहले इंजन पूरी तरह बंद करें।<br />-पेट्रोल पंप पर धूम्रपान या किसी भी तरह की खुली आग से दूर रहें।<br />-ईंधन भरते समय वाहन में अनावश्यक रूप से इलेक्ट्रिकल <br />उपकरणों का इस्तेमाल न करें।<br />-कोशिश करें कि वाहन से उतरकर निर्धारित सुरक्षित स्थान <br />पर खड़े रहें।<br />-टैंक को जरूरत से ज्यादा भरवाने से बचें और पंप कर्मचारी के <br />निर्देशों का पालन करें।<br />-ईंधन गिर जाए तो वाहन स्टार्ट करने से पहले उसे साफ होने दें।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>छोटी सावधानी, बड़ा बचाव</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">पेट्रोल पंप पर कुछ सेकंड के लिए इंजन बंद करना असुविधा नहीं, बल्कि आपकी और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानी है। इसलिए हर बार फ्यूल भरवाते समय इस नियम का पालन करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/590973/petrol-pump-engine-off-while-refueling-safety-rules</link>
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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 07:00:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Nissan ने लॉन्च की नई SUV, कीमत 10.49 लाख से शुरू; Safety से लेकर फीचर्स तक देगी बड़ी SUVs को टक्कर!</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली में नई Nissan Tekton पेश; दमदार SUV डिजाइन, 6 एयरबैग, Google Built-in, दो टर्बो-पेट्रोल इंजन और 18.59 लाख रुपये तक की कीमत के साथ बाजार में एंट्री]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/590971/nissan-tekton-launched-price-features-bncap-adas-engine"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/nissan-tekton.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में मुकाबला और कड़ा करने के लिए निसान ने अपनी नई एसयूवी टेकटन को बरेली में पेश कर दिया है। नाथ निसान शोरूम में हुई लॉन्चिंग के साथ कंपनी ने इसे दमदार डिजाइन, आधुनिक तकनीक, आराम और सुरक्षा के बेहतर पैकेज के तौर पर उतारा है। एसयूवी का डिजाइन निसान की चर्चित पेट्रोल एसयूवी से प्रेरित है, जो इसे सड़क पर मजबूत और प्रीमियम लुक देता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><em>अट्रैक्टिव डिजाइन</em></strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">निसान टेकटन का एक्सटीरियर आधुनिक एसयूवी खरीदारों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका फ्रंट लुक कंपनी की फ्लैगशिप एसयूवी निसान पेट्रोल से प्रेरित है। बड़ी फ्रंट ग्रिल, शार्प एलईडी हेडलाइट्स, वर्टिकल एलईडी डीआरएल और रोशन निसान लोगो इसे प्रीमियम पहचान देते हैं। बोनट पर उभरी हुई मस्कुलर लाइनों के साथ बड़े अक्षरों में उकेरा गया टेकटन बैज इसकी अलग पहचान बनाता है। चौड़े व्हील आर्च, रूफ रेल, ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस और बॉक्सी सिल्हूट इसे मजबूत रोड प्रेजेंस प्रदान करते हैं। पीछे की ओर कनेक्टेड एलईडी टेललाइट्स और स्पोर्टी बंपर इसकी स्टाइलिंग को और आकर्षक बनाते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(22,145,121);"><strong><em>सुरक्षा में कोई समझौता नहीं</em></strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">निसान ने टेकटन को सुरक्षा के लिहाज से भी मजबूत बनाने की कोशिश की है। सभी वेरिएंट में छह एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), हिल स्टार्ट असिस्ट, ट्रैक्शन कंट्रोल, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर तथा सभी सीटों के लिए तीन-पॉइंट सीट बेल्ट स्टैंडर्ड रूप से दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">टॉप वेरिएंट Tekna+ में लेवल-2 ADAS तकनीक भी उपलब्ध है। इसमें अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग और फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां शामिल हैं, जो लंबी यात्रा और हाईवे ड्राइविंग को अधिक सुरक्षित बनाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/nissan-tekton-(1).png" alt="Nissan Tekton (1)" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong>BNCAP टेस्ट में बच्चों की सुरक्षा का भी मिला भरोसा</strong></em></span></h5>
<p style="text-align:justify;">क्रैश टेस्ट में टेकटन ने बच्चों की सुरक्षा के मामले में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (BNCAP) के चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन टेस्ट में 18 महीने और तीन वर्ष के बच्चों का प्रतिनिधित्व करने वाली रियरवर्ड-फेसिंग डमी का इस्तेमाल किया गया। फ्रंटल और साइड इम्पैक्ट टेस्ट में दोनों आयु वर्गों के लिए इस एसयूवी को 24 में से पूरे 24 अंक मिले। चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम (CRS) की प्रभावशीलता के लिए भी इसे 12 में से 12 अंक प्राप्त हुए। व्हीकल असेसमेंट श्रेणी में 13 में से 9 अंक मिलने के बावजूद कुल मिलाकर टेकटन ने 49 में से 45 अंक हासिल किए। यह स्कोर बताता है कि परिवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने इस मॉडल को विकसित किया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(22,145,121);"><em><strong>कार में ही गूगल की दुनिया</strong></em></span></h5>
<p style="text-align:justify;">टेकटन की सबसे खास खूबियों में इसकी कनेक्टेड तकनीक शामिल है। टॉप वेरिएंट में गूगल बिल्ट-इन दिया गया है। इसकी मदद से गूगल मैप्स, गूगल असिस्टेंट समेत 200 से ज्यादा ऐप का इस्तेमाल सीधे कार की इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर किया जा सकता है। इसके अलावा 10.1 इंच की एचडी टचस्क्रीन, 10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले भी मिलते हैं। मायनिसान कनेक्टेड कार तकनीक और थ्रीडी अराउंड व्यू मॉनिटर ड्राइविंग अनुभव को और बेहतर बनाते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><em><span style="color:rgb(224,62,45);">इंटीरियर में मिलेगा प्रीमियम अनुभव</span></em></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">केबिन में प्रवेश करते ही टेकटन आधुनिक तकनीक और आराम का एहसास कराती है। इसमें डुअल डिजिटल डिस्प्ले सेटअप दिया गया है, जिसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम शामिल है। वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले, वायरलेस चार्जर, पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, मल्टी-फंक्शन स्टीयरिंग व्हील और प्रीमियम ऑडियो सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे तकनीक के लिहाज से काफी आधुनिक बनाती हैं। कनेक्टेड कार फीचर की मदद से वाहन से जुड़ी कई जानकारियां मोबाइल ऐप पर भी देखी जा सकती हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><em><span style="color:rgb(22,145,121);"><strong>दो टर्बो-पेट्रोल इंजन का विकल्प</strong></span></em></h5>
<p style="text-align:justify;">टेकटन में ग्राहकों को दो इंजन विकल्प मिलते हैं। पहला 1.0 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन है, जो लगभग 100 पीएस की पावर और 160 एनएम का टॉर्क देता है। दूसरा 1.3 लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन है, जिसकी अधिकतम क्षमता 163 पीएस की पावर और 280 एनएम टॉर्क तक पहुंचती है। इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक (DCT) गियरबॉक्स का विकल्प उपलब्ध है। कंपनी भविष्य में इसका स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल भी बाजार में उतारने की योजना बना रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><em><strong>कीमत  </strong></em></span></h5>
<p style="text-align:justify;">निसान टेकटन की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 10.49 लाख रुपये रखी गई है, जबकि टॉप वेरिएंट की कीमत 18.59 लाख रुपये तक जाती है।  अलग-अलग राज्यों में टैक्स और अन्य शुल्क के कारण ऑन-रोड कीमत में अंतर हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/590743/railone-app-4-76-crore-downloads-daily-10-lakh-ticket-booking"><span class="t-red">RailOne ने मचाया धमाल! </span>4.76 करोड़ डाउनलोड के पार, रोज बुक हो रहे 10 लाख रेल टिकट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>Tech News</category>
                                            <category>Tech Alert</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/590971/nissan-tekton-launched-price-features-bncap-adas-engine</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 07:02:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दमदार और स्पोर्टी लुक में नई  Apache RTR 200 4V</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारतीय युवाओं के बीच लोकप्रिय परफॉर्मेंस मोटरसाइकिलों में शामिल TVS Apache RTR 200 4V अब नए अवतार में बाजार में उतर चुकी है। Apache ब्रांड की 20 वीं वर्षगांठ के अवसर पर TVS Motor Company ने इस बाइक को नए डिजाइन, आधुनिक तकनीक और बेहतर राइडिंग अनुभव के साथ पेश किया है। कंपनी का दावा है कि नई Apache RTR 200 4V न केवल पहले से अधिक स्पोर्टी दिखती है, बल्कि इसकी राइड क्वालिटी और फीचर्स भी इसे अपने सेगमेंट की मजबूत दावेदार बनाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<h3 style="text-align:justify;">पहले से ज्यादा आकर्षक हुआ लुक</h3>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नई Apache RTR 200 4V का डिजाइन पहले की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589754/the-new-apache-rtr-200-4v-with-a-bold-and-sporty-look"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/_-apache-rtr-200-4v.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारतीय युवाओं के बीच लोकप्रिय परफॉर्मेंस मोटरसाइकिलों में शामिल TVS Apache RTR 200 4V अब नए अवतार में बाजार में उतर चुकी है। Apache ब्रांड की 20 वीं वर्षगांठ के अवसर पर TVS Motor Company ने इस बाइक को नए डिजाइन, आधुनिक तकनीक और बेहतर राइडिंग अनुभव के साथ पेश किया है। कंपनी का दावा है कि नई Apache RTR 200 4V न केवल पहले से अधिक स्पोर्टी दिखती है, बल्कि इसकी राइड क्वालिटी और फीचर्स भी इसे अपने सेगमेंट की मजबूत दावेदार बनाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;">पहले से ज्यादा आकर्षक हुआ लुक</h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नई Apache RTR 200 4V का डिजाइन पहले की तुलना में अधिक प्रीमियम और आक्रामक बनाया गया है। इसे ग्लॉसी ब्लैक, मैट ब्लैक और ग्रेनाइट ग्रे जैसे तीन नए रंगों में लॉन्च किया गया है। सभी वेरिएंट में आगे की ओर रेड अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो इसकी स्पोर्टी पहचान को और मजबूत बनाते हैं। नई ग्राफिक्स, शार्प बॉडी लाइन्स और मस्कुलर स्टाइलिंग बाइक को सड़क पर अलग पहचान देती हैं। युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया इसका डिजाइन पहली नजर में आकर्षित करता है।</div>
<h3 style="text-align:justify;"> </h3>
<h3 style="text-align:justify;">दमदार इंजन, बेहतरीन प्रदर्शन</h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नई Apache RTR 200 4V में 197.5 सीसी का सिंगल-सिलेंडर ऑयल-कूल्ड इंजन मिलता है। यह इंजन 20.5 हॉर्सपावर की अधिकतम शक्ति और 17.25 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करता है। इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिपर क्लच से जोड़ा गया है, जिससे तेज गति में डाउनशिफ्टिंग के दौरान बाइक अधिक संतुलित रहती है। इसके अलावा इंजन अब OBD-2B उत्सर्जन मानकों के अनुरूप है, जिससे यह पर्यावरण के लिहाज से भी अधिक बेहतर बन गई है।</div>
<h3 style="text-align:justify;"> </h3>
<h3 style="text-align:justify;">सस्पेंशन और हैंडलिंग  में बड़ा बदलाव</h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बार कंपनी ने केवल बाहरी लुक पर ही नहीं, बल्कि राइडिंग अनुभव को बेहतर बनाने पर भी खास ध्यान दिया है। बाइक में 37 मिमी गोल्डन यूएसडी (Upside Down) फ्रंट फोर्क दिया गया है, जिससे तेज रफ्तार और कॉर्नरिंग के दौरान बेहतर स्थिरता मिलती है। इसके साथ ही नया हाइड्रोफॉर्म्ड हैंडलबार लगाया गया है, जो लंबी दूरी की यात्रा और शहर के ट्रैफिक दोनों परिस्थितियों में बेहतर नियंत्रण और आराम प्रदान करता है।</div>
<h3 style="text-align:justify;"> </h3>
<h3 style="text-align:justify;">फीचर्स में भी नहीं छोड़ी कोई कमी</h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">TVS ने इस बाइक को कई आधुनिक तकनीकों से लैस किया है। इसमें डुअल-चैनल एबीएस के साथ अर्बन, स्पोर्ट और रेन जैसे तीन राइडिंग मोड दिए गए हैं, जिन्हें सड़क और मौसम के अनुसार चुना जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;">सस्पेंशन और हैंडलिंग में बड़ा बदलाव</h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बार कंपनी ने केवल बाहरी लुक पर ही नहीं, बल्कि राइडिंग अनुभव को बेहतर बनाने पर भी खास ध्यान दिया है। बाइक में 37 मिमी गोल्डन यूएसडी (Upside Down) फ्रंट फोर्क दिया गया है, जिससे तेज रफ्तार और कॉर्नरिंग के दौरान बेहतर स्थिरता मिलती है। इसके साथ ही नया हाइड्रोफॉर्म्ड हैंडलबार लगाया गया है, जो लंबी दूरी की यात्रा और शहर के ट्रैफिक दोनों परिस्थितियों में बेहतर नियंत्रण और आराम प्रदान करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;">कीमत और मुकाबला</h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नई TVS Apache RTR 200 4V की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग 1.50 लाख रुपये रखी गई है। इस कीमत पर इसका मुकाबला Bajaj Pulsar NS200, Hero Xtreme 250R और Honda NX200 जैसी मोटरसाइकिलों से होगा। स्पोर्टी डिजाइन, दमदार इंजन और आधुनिक फीचर्स के कारण Apache RTR 200 4V इस प्रतिस्पर्धी सेगमेंट में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने की क्षमता रखती है।</div>
<h3 style="text-align:justify;"> </h3>
<h3 style="text-align:justify;">अन्य प्रमुख फीचर्स</h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">TVS SmartXonnect के साथ ब्लूटूथ</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कनेक्टिविटी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वॉयस असिस्ट</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फुली डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एडजस्टेबल क्लच और ब्रेक लीवर</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एलईडी हेडलैंप और डेटाइम रनिंग लाइट्स (DRL)</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ये सभी सुविधाएं बाइक को तकनीक और सुविधा के मामले में अपने सेगमेंट की आधुनिक मोटरसाइकिलों की श्रेणी में खड़ा करती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589754/the-new-apache-rtr-200-4v-with-a-bold-and-sporty-look</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 10:00:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्स्ट राइड:स्टीयरिंग से दोस्ती</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">कार चलाना सीखने का मेरा पहला दिन आज भी स्मृतियों में ताजा है। सुबह ड्राइविंग स्कूल के प्रशिक्षक मुझे खाली मैदान में ले गए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "घबराइए मत, कार आपकी दोस्त है।" मैंने हल्के कांपते हाथों से स्टीयरिंग पकड़ा। क्लच, ब्रेक और एक्सीलेरेटर को समझने की कोशिश कर ही रहा था कि पहली बार कार स्टार्ट की। उत्साह में क्लच जल्दी छोड़ दिया और कार झटके के साथ बंद हो गई। प्रशिक्षक मुस्कुरा दिए, लेकिन मेरे चेहरे पर घबराहट साफ दिखाई दे रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी कोशिश में मैंने धीरे-धीरे क्लच छोड़ा। इस बार कार धीरे-धीरे आगे बढ़ी। जैसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589751/first-ride--getting-comfortable-with-the-steering"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/first-ride.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कार चलाना सीखने का मेरा पहला दिन आज भी स्मृतियों में ताजा है। सुबह ड्राइविंग स्कूल के प्रशिक्षक मुझे खाली मैदान में ले गए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "घबराइए मत, कार आपकी दोस्त है।" मैंने हल्के कांपते हाथों से स्टीयरिंग पकड़ा। क्लच, ब्रेक और एक्सीलेरेटर को समझने की कोशिश कर ही रहा था कि पहली बार कार स्टार्ट की। उत्साह में क्लच जल्दी छोड़ दिया और कार झटके के साथ बंद हो गई। प्रशिक्षक मुस्कुरा दिए, लेकिन मेरे चेहरे पर घबराहट साफ दिखाई दे रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी कोशिश में मैंने धीरे-धीरे क्लच छोड़ा। इस बार कार धीरे-धीरे आगे बढ़ी। जैसे ही पहिए घूमे, मेरे भीतर भी आत्मविश्वास का एक नया पहिया घूमने लगा। कुछ मीटर चलने के बाद स्टीयरिंग संभालना, गियर बदलना और ब्रेक लगाना पहले से आसान लगने लगा। हर छोटी सफलता मेरे चेहरे पर मुस्कान ला रही थी। जब पहली बार मैंने बिना इंजन बंद किए एक पूरा चक्कर लगाया, तो ऐसा लगा जैसे कोई बड़ी मंजिल हासिल कर ली हो। उस दिन महसूस हुआ कि कार चलाना केवल मशीन को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि अपने डर पर विजय पाना भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">घर लौटते समय मन में एक अलग ही खुशी थी। पहली ड्राइव ने मुझे सिखाया कि शुरुआत में हर काम कठिन लगता है, लेकिन धैर्य, अभ्यास और सही मार्गदर्शन से वही काम सहज हो जाता है। आज भी जब स्टीयरिंग थामता हूं, तो पहली ड्राइव का वह रोमांच, घबराहट और आत्मविश्वास से भरा पल अनायास ही याद आ जाता है। वही अनुभव हर नई यात्रा के लिए प्रेरणा बन जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 10:00:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेल्फ-स्टार्ट बाइक बंद हो जाए तो क्या करें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आज की अधिकांश मोटरसाइकिलों में किक-स्टार्टर की जगह सेल्फ-स्टार्ट सिस्टम आ गया है। यदि बाइक स्टार्ट न हो, तो घबराने के बजाय सबसे पहले कुछ जरूरी बातें जांच लें।</p>
<h4>पहले यह जांचें</h4>
<p>किल स्विच RUN मोड में हो।</p>
<p>बाइक न्यूट्रल में हो।</p>
<p>क्लच पूरी तरह दबा हो।</p>
<p>हेडलाइट, हॉर्न और मीटर कंसोल काम कर रहे हों।</p>
<p>सेल्फ-स्टार्ट फेल होने के कारण</p>
<p>बैटरी कमजोर या डिस्चार्ज।</p>
<p>किल स्विच OFF।</p>
<p>क्लच या गियर की गलत स्थिति।</p>
<h4>कब करें पुश-स्टार्ट</h4>
<p>केवल मैन्युअल गियर वाली बाइक में।</p>
<p>FI बाइक में मीटर कंसोल पूरी तरह बंद हो तो पुश-स्टार्ट काम नहीं करेगा।</p>
<h4>बैटरी खराब  होने</h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589750/what-to-do-if-a-self-start-bike-stalls"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/elf-start-bike-stalls.jpg" alt=""></a><br /><p>आज की अधिकांश मोटरसाइकिलों में किक-स्टार्टर की जगह सेल्फ-स्टार्ट सिस्टम आ गया है। यदि बाइक स्टार्ट न हो, तो घबराने के बजाय सबसे पहले कुछ जरूरी बातें जांच लें।</p>
<h4>पहले यह जांचें</h4>
<p>किल स्विच RUN मोड में हो।</p>
<p>बाइक न्यूट्रल में हो।</p>
<p>क्लच पूरी तरह दबा हो।</p>
<p>हेडलाइट, हॉर्न और मीटर कंसोल काम कर रहे हों।</p>
<p>सेल्फ-स्टार्ट फेल होने के कारण</p>
<p>बैटरी कमजोर या डिस्चार्ज।</p>
<p>किल स्विच OFF।</p>
<p>क्लच या गियर की गलत स्थिति।</p>
<h4>कब करें पुश-स्टार्ट</h4>
<p>केवल मैन्युअल गियर वाली बाइक में।</p>
<p>FI बाइक में मीटर कंसोल पूरी तरह बंद हो तो पुश-स्टार्ट काम नहीं करेगा।</p>
<h4>बैटरी खराब  होने के संकेत</h4>
<p>स्टार्ट धीमा होना।</p>
<p>हेडलाइट डिम पड़ना।</p>
<p>हॉर्न कमजोर बजना।</p>
<h4>याद रखें</h4>
<p>बैटरी की उम्र सामान्यतः 3-4 वर्ष होती है। नियमित जांच और समय पर बैटरी बदलने से अधिकांश सेल्फ-स्टार्ट समस्याओं से बचा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 11:49:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सॉफ्टवेयर बनेगा सबसे बड़ी ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में वाहन उद्योग में सॉफ्टवेयर की भूमिका में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां पांच वर्ष पहले किसी कार की कुल वैल्यू में सॉफ्टवेयर का योगदान लगभग 10 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। भविष्य की कारें लगातार डेटा एकत्र करेंगी। उसका विश्लेषण करेंगी और इंटरनेट के माध्यम से नियमित रूप से अपडेट होती रहेंगी। इसी कारण सॉफ्टवेयर आधारित वाहनों के लिए एम्बेडेड सिस्टम, व्हीकल कनेक्टिविटी, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ेगी। आने वाले वर्षों में ऑटोमोबाइल उद्योग में मल्टी-डिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग टीमों का महत्व और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589571/software-will-become-the-greatest-strength"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/software.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में वाहन उद्योग में सॉफ्टवेयर की भूमिका में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां पांच वर्ष पहले किसी कार की कुल वैल्यू में सॉफ्टवेयर का योगदान लगभग 10 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। भविष्य की कारें लगातार डेटा एकत्र करेंगी। उसका विश्लेषण करेंगी और इंटरनेट के माध्यम से नियमित रूप से अपडेट होती रहेंगी। इसी कारण सॉफ्टवेयर आधारित वाहनों के लिए एम्बेडेड सिस्टम, व्हीकल कनेक्टिविटी, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ेगी। आने वाले वर्षों में ऑटोमोबाइल उद्योग में मल्टी-डिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग टीमों का महत्व और अधिक बढ़ जाएगा।</p><h3 style="text-align:justify;">बदल जाएगी सर्विसिंग की पूरी व्यवस्था</h3><p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-08/software-(1).jpg" alt="Software (1)" width="1280" height="720"></img></p><p style="text-align:justify;">सॉफ्टवेयर आधारित वाहनों के बढ़ते उपयोग के साथ वाहन मरम्मत की पारंपरिक व्यवस्था भी बदलने वाली है। भविष्य की कारों में अधिकांश खराबियों का पता कंप्यूटर आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम लगाएंगे। ऐसे वाहनों में अनधिकृत मरम्मत या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से छेड़छाड़ न केवल सॉफ्टवेयर को प्रभावित कर सकती है, बल्कि उसे दोबारा प्रोग्राम करना भी महंगा साबित हो सकता है। इसी कारण अधिकृत सर्विस सेंटर, प्रशिक्षित तकनीशियन और डिजिटल डायग्नोस्टिक उपकरण भविष्य में वाहन रखरखाव का अनिवार्य हिस्सा बन जाएंगे।</p><h3 style="text-align:justify;">नई पीढ़ी की बैटरियां बदलेंगी तस्वीर</h3><p style="text-align:justify;">इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य केवल लिथियम-आयन बैटरियों तक सीमित नहीं रहेगा। दुनिया भर में सॉलिड-स्टेट, सोडियम-आयन और सिलिकॉन-एनोड बैटरी तकनीकों पर तेजी से काम हो रहा है। इनका उद्देश्य बैटरी की ऊर्जा क्षमता बढ़ाना, चार्जिंग समय कम करना और सुरक्षा को बेहतर बनाना है।</p><p style="text-align:justify;">सॉलिड-स्टेट बैटरियां पारंपरिक लिक्विड इलेक्ट्रोलाइट की जगह ठोस पदार्थ का उपयोग करती हैं, जिससे आग लगने का खतरा काफी कम हो जाता है और ऊर्जा घनत्व 30 से 80 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। वहीं सोडियम-आयन बैटरियां कम लागत वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए बेहतर विकल्प मानी जा रही हैं क्योंकि इनमें महंगे और सीमित लिथियम की आवश्यकता नहीं होती। सिलिकॉन-एनोड तकनीक भी कम समय में अधिक चार्जिंग और लंबी ड्राइविंग रेंज देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है।</p><h3 style="text-align:justify;">एआई आधारित सुरक्षा होगी भविष्य की पहचान</h3><p style="text-align:justify;">भविष्य के इलेक्ट्रिक वाहनों में सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बैटरी थर्मल रनअवे, हाई-वोल्टेज सिस्टम और दुर्घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा होगा। आधुनिक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम एआई की मदद से बैटरी में होने वाली सूक्ष्म गड़बड़ियों का पहले ही पता लगा सकेंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। दुर्घटना की स्थिति में पायरोटेक्निक बैटरी डिस्कनेक्ट सिस्टम तुरंत हाई-वोल्टेज सर्किट को अलग कर देंगे ताकि यात्रियों और बचाव दल को बिजली के झटके का खतरा न रहे। साथ ही हाई-वोल्टेज केबलों की स्पष्ट पहचान, मानकीकृत आपातकालीन दिशानिर्देश और प्रशिक्षित रेस्क्यू सिस्टम भविष्य की ईवी सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।</p><h3 style="text-align:justify;">भविष्य की राह</h3><p style="text-align:justify;">ऑटोमोबाइल उद्योग एक ऐसे दौर में प्रवेश कर चुका है जहां सफलता केवल बेहतर इंजन बनाने से नहीं मिलेगी, बल्कि सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई और डिजिटल इंजीनियरिंग के प्रभावी समन्वय पर निर्भर करेगी। आने वाले वर्षों में वाहन केवल परिवहन का साधन नहीं रहेंगे, बल्कि वे चलते-फिरते स्मार्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म बन जाएंगे। इसलिए उद्योग, शिक्षा संस्थानों और इंजीनियरिंग प्रतिभाओं को भी इसी बदलाव के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा।</p><p style="text-align:justify;"><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 09:00:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून में टू-व्हीलर चलाते समय बरतें सावधानियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मानसून अपने साथ ठंडी फुहारें और गर्मी से राहत जरूर लाता है, लेकिन दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मौसम कई चुनौतियां भी लेकर आता है। बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, गड्ढों में पानी भर जाता है और विजिबिलिटी भी कम हो जाती है। ऐसे में जरा-सी लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है। हालांकि, यदि वाहन की सही देखभाल की जाए और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाई जाएं, तो बारिश में भी सुरक्षित और आरामदायक सफर किया जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सफर से पहले बाइक की अच्छी तरह जांच करें</h4>
<p style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में सबसे पहले अपनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588269/precautions-to-take-while-riding-a-two-wheeler-during-the-monsoon"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/untitled-design-(24)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मानसून अपने साथ ठंडी फुहारें और गर्मी से राहत जरूर लाता है, लेकिन दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मौसम कई चुनौतियां भी लेकर आता है। बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, गड्ढों में पानी भर जाता है और विजिबिलिटी भी कम हो जाती है। ऐसे में जरा-सी लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है। हालांकि, यदि वाहन की सही देखभाल की जाए और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाई जाएं, तो बारिश में भी सुरक्षित और आरामदायक सफर किया जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सफर से पहले बाइक की अच्छी तरह जांच करें</h4>
<p style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में सबसे पहले अपनी बाइक या स्कूटर की तकनीकी स्थिति पर ध्यान दें। सबसे महत्वपूर्ण हैं टायर। यदि टायर ज्यादा घिस चुके हैं, तो उनका सड़क पर पकड़ बनाना मुश्किल हो जाता है और फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए टायरों की ट्रेड डेप्थ और हवा का दबाव नियमित रूप से जांचें तथा कंपनी द्वारा सुझाए गए स्तर पर ही रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रेक सिस्टम की जांच भी बेहद जरूरी है। गीली सड़क पर वाहन को रोकने में सामान्य से अधिक दूरी लगती है। इसलिए ब्रेक पैड, ब्रेक शू और केबल की समय-समय पर जांच कराएं। यदि आपकी बाइक में एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) है, तो उसके सेंसर और वायरिंग भी सही स्थिति में होने चाहिए। इसके अलावा हेडलाइट, टेललाइट, इंडिकेटर और ब्रेक लाइट पूरी तरह कार्यरत हों। बारिश में कम रोशनी और धुंध के कारण इनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सही राइडिंग गियर पहनना भी जरूरी</h4>
<p style="text-align:justify;">मानसून में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि राइडर की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अच्छी गुणवत्ता वाला वॉटरप्रूफ रेनकोट या रेन सूट पहनें ताकि भीगने के कारण आपका ध्यान ड्राइविंग से न भटके। हमेशा ISI प्रमाणित फुल-फेस हेलमेट का उपयोग करें। यदि हेलमेट में एंटी-फॉग वाइजर हो, तो बारिश और सांस की भाप के कारण शीशे पर धुंध नहीं जमेगी और सामने का दृश्य साफ दिखाई देगा। साथ ही वॉटरप्रूफ ग्लव्स और अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें, ताकि हैंडल और फुटरेस्ट पर पकड़ मजबूत बनी रहे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बारिश में बदलें अपनी ड्राइविंग शैली</h4>
<p style="text-align:justify;">मानसून के दौरान तेज रफ्तार सबसे बड़ा जोखिम बन सकती है। इसलिए हमेशा नियंत्रित गति से वाहन चलाएं और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। इससे अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है। ब्रेक लगाते समय झटके से ब्रेक दबाने के बजाय आगे और पीछे दोनों ब्रेक का संतुलित उपयोग करें। अचानक एक्सीलेटर देने या तेज मोड़ काटने से भी बचें, क्योंकि इससे बाइक का संतुलन बिगड़ सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पानी भरी सड़कों पर रखें विशेष सावधानी</h4>
<p style="text-align:justify;">जहां सड़क पर पानी जमा हो, वहां वाहन की गति और कम कर दें। कई बार पानी के नीचे गहरे गड्ढे या टूटी सड़क छिपी होती है, जो हादसे का कारण बन सकती है। यदि पानी का बहाव तेज हो, तो ऐसे रास्ते से गुजरने के बजाय वैकल्पिक मार्ग चुनना अधिक सुरक्षित होता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रोशनी और विजिबिलिटी का रखें ध्यान</h4>
<p style="text-align:justify;">भारी बारिश में हमेशा हेडलाइट को लो-बीम पर रखें। हाई-बीम की रोशनी बारिश की बूंदों से परावर्तित होकर सामने देखने में बाधा पैदा करती है। जरूरत पड़ने पर इंडिकेटर का समय पर उपयोग करें और दूसरे वाहनों को अपनी मौजूदगी का संकेत देते रहें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सुरक्षित सफर का मूल मंत्र</h4>
<p style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में सुरक्षित सफर का सबसे आसान तरीका है- वाहन की नियमित देखभाल, सुरक्षात्मक राइडिंग गियर का उपयोग और धैर्य के साथ वाहन चलाना। कुछ अतिरिक्त सावधानियां अपनाकर न केवल दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है, बल्कि मानसून की खूबसूरती का आनंद भी सुरक्षित तरीके से लिया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 10:00:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सेफ ड्राइविंग:  सेंसर ट्रैक पर अब वाहन चालकों की परीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सड़क हादसों में होने वालीं राष्ट्रीय चिंता का विषय हैं। यूपी में ही हर महीने बड़ी संख्या में लोग रोड एक्सीडेंट में जान गंवा रहे हैं या लंबा समय अस्पतालों में बिताने के बाद भी पूरी तरह ठीक नहीं हो पा रहे । सच ये भी है कि हादसों की सबसे बड़ी वजह ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और ओवरस्पीड वाहन बन रहे हैं। सभी वाहन चालक नियमों को सही से समझें और उनका पालन भी करें, इसके लिए परिवहन विभाग खास इंतजाम करने में तजुटा है। </p>
<p style="text-align:justify;">बरेली आरटीओ ने ड्राइवरों की परीक्षा के लिए परसाखेड़ा में आटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588268/safe-driving--motorists-to-be-tested-on-sensor-tracks-now"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/untitled-design-(23)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सड़क हादसों में होने वालीं राष्ट्रीय चिंता का विषय हैं। यूपी में ही हर महीने बड़ी संख्या में लोग रोड एक्सीडेंट में जान गंवा रहे हैं या लंबा समय अस्पतालों में बिताने के बाद भी पूरी तरह ठीक नहीं हो पा रहे । सच ये भी है कि हादसों की सबसे बड़ी वजह ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और ओवरस्पीड वाहन बन रहे हैं। सभी वाहन चालक नियमों को सही से समझें और उनका पालन भी करें, इसके लिए परिवहन विभाग खास इंतजाम करने में तजुटा है। </p>
<p style="text-align:justify;">बरेली आरटीओ ने ड्राइवरों की परीक्षा के लिए परसाखेड़ा में आटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पांच हजार वर्ग मीटर में बनाया गया है। पारदर्शी व्यवस्था में केवल दक्ष चालक का ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकें, इसके लिए बनाए गए ट्रैक पर कुल 250 सेंसर व सीसीटवी कैमरों को लगाया गया। संचालन की जिम्मेदारी मेसर्स राईज टैक साफ्टवेयर प्रा. लि. न्यू लुक स्टेनलेस प्रा. लि. राजस्थान को दी गई है। सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर ट्रैक पर चालकों की परीक्षा ली जाती है। जिसमें टेस्ट देते समय जरा सी चूक भी आवेदक को फेल कर देती है।</p>
<p style="text-align:justify;">परसाखेड़ा में संचलित आटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर एच, ऑफ एस, पार्किंग, यू टर्न, 8, जेब्रा क्रॉसिंग प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल बनाए गए हैं। सभी सिग्नल पर सेंसर लगा हुआ है। जो कि कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया गया है। ड्राइविंग के वक्त गाड़ी ट्रैक के किनारे पर टच होती है तो सेंसर गलती पकड़कर आगे कम्प्यूटर को पास कर देगा। टेस्ट के समय दूसरा ड्राइविंग न करे या कोई मदद न करे, इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और पूरे प्रोसेस की वीडियो रिकॉर्डिंग होती है। टेस्ट पास करने के लिए तय टाइम भी होगा यानी उतने वक्त में गाड़ी का इन-आउट होना जरुरी है। गाड़ी ट्रैक से बाहर आते ही कम्प्यूटर से फेल या पास की स्लिप जारी करता है। जिसके आधार पर आवेदक को ड्राइविंग लाइसेंस जारी होता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट देने से पहले बरतें ये सावधानियां </h4>
<p style="text-align:justify;">ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देने जा रहे आवेदकों को कुछ जरूरी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सेंसर और कैमरों से लैस इस हाईटेक ट्रैक पर हर गतिविधि खुद रिकॉर्ड होती है, इसलिए छोटी-सी गलती भी टेस्ट में असफलता का कारण बन सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">टेस्ट से पहले रखें इन बातों का ध्यान </h4>
<p style="text-align:justify;">-    निर्धारित समय से पहले टेस्टिंग सेंटर पहुंचें।<br />-    सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें।<br />-    वाहन चलाने से पहले सीट बेल्ट अवश्य लगाएं। दोपहिया वाहन के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है।<br />-     ट्रैक पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें।<br />-    लेन से बाहर न जाएं और कोन  या बैरियर को न छुएं।<br />-     स्टॉप लाइन, जेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक संकेतों का सही ढंग से पालन करें।<br />-    यू-टर्न, एच-ट्रैक, एस-ट्रैक और पार्किंग टेस्ट के दौरान जल्दबाजी न करें।<br />-    वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें।<br />-    घबराने के बजाय शांत रहें और आत्मविश्वास के साथ वाहन चलाएं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सुरक्षित ड्राइविंग के लिए इन बातों का हमेशा ध्यान रखें</h4>
<p style="text-align:justify;">-    हमेशा सीट बेल्ट पहनें और दोपहिया वाहन चलाते समय आईएसआई मार्क वाला हेलमेट अवश्य लगाएं।<br />-    निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सड़क व मौसम के अनुसार वाहन की रफ्तार नियंत्रित रखें।<br />-    मोबाइल फोन का उपयोग न करें। कॉल या मैसेज की आवश्यकता हो तो वाहन सुरक्षित स्थान पर रोकें।<br />-    नशे की हालत में कभी वाहन न चलाएं।<br />-    अन्य वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि अचानक ब्रेक लगने पर दुर्घटना से बचा जा सके।<br />-    ट्रैफिक संकेतों और नियमों का पालन करें और रेड लाइट, जेब्रा क्रॉसिंग और लेन अनुशासन का सम्मान करें।<br />-    ओवरटेक सोच-समझकर करें और केवल सुरक्षित स्थान पर ही करें।<br />-    वाहन की नियमित जांच कराएं, जैसे ब्रेक, टायर, लाइट, इंडिकेटर और इंजन की स्थिति।<br />-    बारिश, कोहरे या रात में अतिरिक्त सावधानी बरतें और हेडलाइट का सही उपयोग करें।<br />-    धैर्य रखें और आक्रामक ड्राइविंग से बचें, क्योंकि संयमित ड्राइविंग ही सुरक्षित ड्राइविंग की पहचान है। </p>
<h4 style="text-align:justify;">प्रदेश का दूसरा आटोमेटिक ट्रैक</h4>
<p style="text-align:justify;">पांच हजार वर्गमीटर में बना बरेली का सेंसर तकनीक वाला आटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक प्रदेश में कानपुर के बाद दूसरा है। टेस्ट के समय होने वाली गड़बड़ियों को सेंसर रीड करेंगे और सीसीटीवी कैमरे से उसकी नजर रखी जाएगी। गलती पर खुद प्वाइंट कटेंगे। तय प्वाइंट पर पास या फेल कंप्यूटर से ही तय हो जाएगा। हालंकि अब प्रदेश के अन्य जिलो में भी सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाए जा रहे है। </p>
<p style="text-align:justify;">आटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर सेंसर और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में आवेदकों को टेस्ट कराए जाते है। सभी वाहन चालकों से अपील है कि वह ट्रैफिक संकेतों और नियमों का पालन करें और रेड लाइट, जेब्रा क्रॉसिंग और लेन अनुशासन का सम्मान करे। ओवरटेक सोच-समझकर करें और केवल सुरक्षित स्थान पर ही करें। -पंकज सिंह, आरटीओ प्रशासन,बरेली</p>
<h5 style="text-align:justify;"><br />आसिफ अंसारी, बरेली</h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>व्हील्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 10:00:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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