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                <title>ग्लैमवर्ल्ड - Amrit Vichar</title>
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                <description>ग्लैमवर्ल्ड RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>A Diamond is Forever.... क्या ‘डायमंड इज फॉरएवर’ का जादू अब खत्म हो रहा है</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">साल 1947 में एक विज्ञापन पंक्ति ने दुनिया की सोच बदल दी थी- “A Diamond is Forever”। यह केवल एक स्लोगन नहीं था, बल्कि एक ऐसा विचार था, जिसने प्रेम, विवाह और सामाजिक प्रतिष्ठा को एक छोटे से चमकदार पत्थर से जोड़ दिया। अमेरिकी कंपनी डी बीयर्स ने इस अभियान के जरिए हीरे को सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि ‘अनंत प्रेम का प्रतीक’ बना दिया। करीब आठ दशक बाद सवाल यह है कि क्या यह विचार आज भी उतना ही प्रभावी है, खासकर भारत की जेन-जी (Gen-Z) और युवा पीढ़ी के बीच?</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में विवाह और आभूषणों का संबंध सदियों पुराना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/587389/diamonds-are-forever----is-the-magic-of--diamonds-are-forever--fading"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/a-diamonds-are-forever.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">साल 1947 में एक विज्ञापन पंक्ति ने दुनिया की सोच बदल दी थी- “A Diamond is Forever”। यह केवल एक स्लोगन नहीं था, बल्कि एक ऐसा विचार था, जिसने प्रेम, विवाह और सामाजिक प्रतिष्ठा को एक छोटे से चमकदार पत्थर से जोड़ दिया। अमेरिकी कंपनी डी बीयर्स ने इस अभियान के जरिए हीरे को सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि ‘अनंत प्रेम का प्रतीक’ बना दिया। करीब आठ दशक बाद सवाल यह है कि क्या यह विचार आज भी उतना ही प्रभावी है, खासकर भारत की जेन-जी (Gen-Z) और युवा पीढ़ी के बीच?</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में विवाह और आभूषणों का संबंध सदियों पुराना है, लेकिन यहां सोने का महत्व केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं रहा। सोना भावनात्मक सुरक्षा, सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक निवेश तीनों का प्रतीक रहा है। यही कारण है कि जब किसी भारतीय परिवार में बेटी की शादी होती है, तो सोने के गहनों को भविष्य की सुरक्षा के रूप में भी देखा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज स्थिति दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। सोने की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। इसके साथ मेकिंग चार्ज और जीएसटी ने आभूषण खरीदना और महंगा बना दिया है। ऐसे में एक वर्ग मानता है कि हीरे की ओर रुझान बढ़ना चाहिए, लेकिन वास्तविकता इसके उलट दिखाई देती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/a-diamonds-are-forever-(1).jpg" alt="A Diamonds Are Forever (1)" width="1280" height="720"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;">क्यों बदल रही है युवाओं की पसंद</h4>
<p style="text-align:justify;">उत्तर भारत के शहरों- लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गुरुग्राम, देहरादून और चंडीगढ़ में रहने वाली नई पीढ़ी अपने माता-पिता से अलग सोच रखती है। उनके लिए महंगे गहनों से ज्यादा महत्व अनुभवों का है। वे विदेश यात्रा, नई कार, स्टार्टअप में निवेश, फिटनेस, गैजेट्स या डिजिटल संपत्तियों पर खर्च करना अधिक पसंद करते हैं। विवाह भी अब केवल सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पसंद और साझेदारी का विषय बनता जा रहा है। यही कारण है कि ‘दो महीने की सैलरी का हीरा’ जैसी अवधारणा, उन्हें आकर्षित नहीं करती।</p>
<h4 style="text-align:justify;">निवेश की कसौटी पर कमजोर पड़ता हीरा</h4>
<p style="text-align:justify;">सोने और हीरे के बीच सबसे बड़ा अंतर निवेश मूल्य का है। सोना खरीदते ही उसकी बाजार कीमत लगभग स्पष्ट रहती है और जरूरत पड़ने पर उसे आसानी से बेचा जा सकता है। दूसरी ओर हीरे का पुनर्विक्रय मूल्य (Resale Value) अक्सर खरीदार की अपेक्षाओं से काफी कम निकलता है। युवा उपभोक्ता इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में पहले से कहीं अधिक जागरूक हैं। वे यूट्यूब वीडियो देखते हैं, ऑनलाइन तुलना करते हैं और यह समझते हैं कि हीरा भावनात्मक संपत्ति तो हो सकता है, लेकिन वित्तीय निवेश नहीं। यही वजह है कि कई युवा अब प्राकृतिक हीरों के बजाय लैब-ग्रोउन डायमंड की ओर भी आकर्षित हो रहे हैं, जो दिखने में लगभग समान, लेकिन कीमत में काफी सस्ते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रिश्तों की नई परिभाषा</h4>
<p style="text-align:justify;">1947 की दुनिया और 2026 का भारत एक जैसे नहीं हैं। तब स्थायी नौकरी, स्थायी विवाह और स्थायी जीवनशैली का दौर था। आज करियर बदलते हैं, शहर बदलते हैं, जीवनशैली बदलती है और रिश्तों की परिभाषाएं भी बदल रही हैं। नई पीढ़ी प्रेम को किसी महंगे प्रतीक से नहीं, बल्कि साझा अनुभवों, सम्मान और समानता से जोड़कर देखती है। उनके लिए ‘फॉरएवर’ का अर्थ किसी अंगूठी से अधिक रिश्ते की गुणवत्ता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या सोना फिर बनेगा विजेता?</h4>
<p style="text-align:justify;">सोने की बढ़ती कीमतें निश्चित रूप से उपभोक्ताओं पर दबाव डाल रही हैं, लेकिन इसके बावजूद भारतीय मानसिकता में सोने का स्थान मजबूत बना हुआ है। ग्रामीण भारत से लेकर महानगरों तक, सोना अभी भी आर्थिक सुरक्षा का पर्याय है। संभव है कि आने वाले वर्षों में भारी और पारंपरिक गहनों की जगह हल्के डिजाइन, डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और लैब-ग्रोउन डायमंड जैसे विकल्प लोकप्रिय हों, लेकिन भावनात्मक और निवेश दोनों दृष्टि से सोने की चुनौती हीरे के लिए अभी भी बड़ी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">--- पार्थो कुनार, सीओओ,  अमृत विचार</h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>Fashion and Trends</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 13:05:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> समीक्षा : देशभक्ति की नई परिभाषा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">‘भारत भाग्य विधाता’ पारंपरिक मसाला फिल्मों से बिल्कुल अलग एक संवेदनशील और यथार्थवादी फिल्म है। निर्देशक मनोज तपड़िया ने देशभक्ति को बड़े-बड़े संवादों, अवास्तविक एक्शन और चकाचौंध से दूर रखते हुए वास्तविक नायकों की कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया है। यह फिल्म मनोरंजन से अधिक सोचने पर मजबूर करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म की कहानी 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले के उस पहलू पर केंद्रित है, जिस पर बहुत कम चर्चा हुई। जहां अधिकांश फिल्में ताज होटल और ओबेरॉय की घटनाओं तक सीमित रहती हैं, वहीं यह फिल्म कामा एंड अल्ब्लेस अस्पताल की भयावह रात को सामने लाती है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586054/review--new-definition-of-patriotism"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(23)18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">‘भारत भाग्य विधाता’ पारंपरिक मसाला फिल्मों से बिल्कुल अलग एक संवेदनशील और यथार्थवादी फिल्म है। निर्देशक मनोज तपड़िया ने देशभक्ति को बड़े-बड़े संवादों, अवास्तविक एक्शन और चकाचौंध से दूर रखते हुए वास्तविक नायकों की कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया है। यह फिल्म मनोरंजन से अधिक सोचने पर मजबूर करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म की कहानी 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमले के उस पहलू पर केंद्रित है, जिस पर बहुत कम चर्चा हुई। जहां अधिकांश फिल्में ताज होटल और ओबेरॉय की घटनाओं तक सीमित रहती हैं, वहीं यह फिल्म कामा एंड अल्ब्लेस अस्पताल की भयावह रात को सामने लाती है। आतंकियों के अस्पताल में घुसने के दौरान वहां मौजूद स्टाफ नर्स अंजलि कुलथे अपने साहस, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा से 20 गर्भवती महिलाओं की जान बचाने का प्रयास करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी और भावनात्मक प्रस्तुति है। इसमें किसी सुपरहीरो जैसी छवि या अतिरंजित देशभक्ति नहीं दिखाई गई, बल्कि यह संदेश दिया गया है कि असली वीरता अपने कर्तव्य को कठिन परिस्थितियों में भी निभाने में होती है। कलाकारों का अभिनय प्रभावशाली है और निर्देशन कहानी को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि आप केवल एक्शन, ग्लैमर और मसाला मनोरंजन की उम्मीद लेकर जाएंगे, तो यह फिल्म आपको अलग अनुभव देगी, लेकिन यदि आप सच्ची घटनाओं पर आधारित, भावनात्मक और प्रेरक सिनेमा पसंद करते हैं, तो ‘भारत भाग्य विधाता’ जरूर देखनी चाहिए। यह फिल्म उन गुमनाम नायकों को सम्मान देती है, जिनकी बहादुरी इतिहास के शोर में अक्सर दब जाती है। यही इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">समीक्षक- सौमिल तिवारी, मुंबई</h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 10:00:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिलाल जिनके गानों पर दीवाने हो रहे युवा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अगर काम में लगन व कड़ी मेहनत के साथ धैर्य बना रहे, तो हर हाल में मंजिल तक पहुंचने का रास्ता आसान हो ही जाता है। बॉलीवुड में प्रियंका चोपड़ा जैसी बड़ी कलाकार देने वाली ‘झुमका नगरी’ बरेली ऐसे जज्बा रखने वाले युवाओं को उनके मंजिल तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। इनमें संगीत के गायन क्षेत्र में अपना अलग मुकाम बनाने वाले बरेली के युवा गायक बिलाल खान भी शामिल हैं, जो मोहब्बत की मिठास भरे गीतों के जरिए युवाओं के दिलों पर काबिज हो रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा युवाओं के दिलों की धड़कन बनने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586052/bilal-whose-songs-the-youth-are-going-crazy-about"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(21)17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अगर काम में लगन व कड़ी मेहनत के साथ धैर्य बना रहे, तो हर हाल में मंजिल तक पहुंचने का रास्ता आसान हो ही जाता है। बॉलीवुड में प्रियंका चोपड़ा जैसी बड़ी कलाकार देने वाली ‘झुमका नगरी’ बरेली ऐसे जज्बा रखने वाले युवाओं को उनके मंजिल तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। इनमें संगीत के गायन क्षेत्र में अपना अलग मुकाम बनाने वाले बरेली के युवा गायक बिलाल खान भी शामिल हैं, जो मोहब्बत की मिठास भरे गीतों के जरिए युवाओं के दिलों पर काबिज हो रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा युवाओं के दिलों की धड़कन बनने के लिए उनका संघर्ष अभी भी जारी है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया के युग में अभी उन्हें वो सफलता नहीं मिली, जिसकी उन्हें चाहत है, पर भरोसा है कि गायकी के क्षेत्र में वह मुंबई तक सफर जरूर तय करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/untitled-design-(22)18.jpg" alt="Untitled design (22)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">बिलाल के लिए गायकी पेशा नहीं, बल्कि एक शौक है। पेशे के तौर पर वह राजमिस्त्री का कार्य करते हैं। इस काम के दौरान वह सप्ताह में एक बार गायन के अभ्यास के लिए समय जरूर निकाल लेते हैं। बरेली के बिहार कला कालोनी के रहने वाले 32 वर्षीय बिलाल ने आर्थिक तंगी के कारण हाईस्कूल तक की शिक्षा ग्रहण की और इसके बाद वह अपने पिता के साथ राजमिस्त्री का कार्य करने लगे थे। 23 साल की उम्र के दौरान वह मजदूरी करने पिथौरागढ़ गए थे। इसी दौरान यहां के एक प्रसिद्ध मंदिर पर मेले व संगीत कार्यक्रम के आयोजन में दोस्त के कहने पर उन्होंने अपना नाम गायन के लिए मंच पर भेज दिया, जब उन्होंने मंच पर गाना गाया, तो दोस्तों ने उनका हौसला बढ़ाया। यहीं से उन्हें गायक बनने की प्रेरणा मिली। बरेली लौटकर म्यूजिक डायरेक्टर जयसीन मंडल से मिलकर अपना गाना रिकार्ड कराया। रिस्पांस अच्छा रहा, पर एलबम बनाने के लिए कोई म्यूजिक कंपनी तैयार न थी। ऐसे में उन्होंने फेसबुक के जरिए बनाए गए दोस्त मुंबई के वीडियो डायरेक्टर जिमी खान से संपर्क साधा। जिमी खान गाने का वीडियो बनाने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने बिलाल को मुंबई भी बुलाया, पर आर्थिक तंगी के कारण वह वहां जा नहीं सके। पर सफलता की सीढ़ी पर चढ़ते गए और बरेली में ही म्यूजिक कंपनियों से मिलकर एलबम बनवाने लगे। </p>
<h4 style="text-align:justify;">अब तक मिल चुके हैं सौ से ज्यादा अवार्ड </h4>
<p style="text-align:justify;">बरेली की सोनू टैक कंपनी के साथ काम किया। बाद में डीके म्युजिक, अलफास सिद्दीकी की कंपनी, आरएवी मुंबई, वेब म्युजिक आदि के साथ काम करते रहे। अभी हाल ही मुंबई में सिंगर उदित नारायण की कंपनी ने बिलाल को ‘हिन्दुस्तान रत्न’ व मुंबई की अरबाज खान की म्यूजिक कंपनी से ‘बेस्ट सिंगर’ अवार्ड से सम्मानित किया है। अब तक इन्हें सौ से ज्यादा अवार्ड मिल चुके हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">फूहड़ गाने नहीं, रोमांटिक गानों से मिल रही सफलता</h4>
<p style="text-align:justify;">बिलाल बताते हैं कि संगीत के बाजार में फूहड़ता भरे गानों की मांग खूब है। उन्होंने भी शुरुआती दौर में ऐसे दो गाने गाए थे, पर उन्हें सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने रोमांटिक व दु:ख भरे गाने शुरू किए। पहला एलबम ‘कुड़ी तो कमाल लग दी’ तैयार की। नतीजा यह रहा कि युवाओं ने उनकी आवाज में गाए गाने पसंद किए। उनके ऐसे गाने खूब पसंद किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि युवाओं के बीच प्यार भरे गानों की भी मांग है, उसमें दिलों को छू जाने वाले बाेल जरूर होने चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">आने वाली फिल्मों में हैं कई गाने</h4>
<p style="text-align:justify;">बिलाल बताते हैं कि बाजार में दो नई फिल्में आने वाली हैं, जिनकी शूटिंग बरेली के साथ नैनीताल, रामपुर व दिल्ली में हुई है। इनमें एक सामाजिक फिल्म है, जिसकी थीम ‘बुरे काम का बुरा नतीजा है’। इस फिल्म में उन्होंने ‘मोटिवेशनल सांग’ के अलावा राेमांटिक, डांसिंग और आइटम सांग दिए हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गायन में हैं अपार संभावनाएं</h4>
<p style="text-align:justify;">गायन क्षेत्र में करियर पर उनका कहना है कि उनके गाने पचास हजार से लेकर छह लाख रुपये तक में बिक चुके हैं। छह लाख में उनका ‘सरदारी’ सांग म्युजिक कंपनी ने लिया है। इसे मशहूर सिने अभिनेता राहुल राय पर फिल्माया गया। अब तक ‘मैदान’, ‘उड़ान’, ‘एक तस्वीर’, ‘अंजाम’ समेत 20 से ज्यादा एलबम बाजार में आ चुके हैं। आगे एक रॉक बैंड कंपनी बनाने की तैयारी चल रही है। ऐसे में गायन के क्षेत्र में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। बस सोशल मीडिया के जरिए युवाओं और अन्य कद्रदानों तक पहुंचने की जरूरत है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">– रमेश चन्द्र, वरिष्ठ पत्रकार</h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 10:00:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्राइडल ग्लो में चमकीं अंशुला कपूर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">फिल्म निर्माता बोनी कपूर की बड़ी बेटी अंशुला कपूर जल्द ही अपने जीवन की नई पारी शुरू करने जा रही हैं। अंशुला 6 जुलाई को अपने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड रोहन ठक्कर के साथ विवाह बंधन में बंधने वाली हैं। शादी से पहले कपूर परिवार में उत्सव का माहौल बन चुका है और इसकी झलक हाल ही में आयोजित माता की चौकी में देखने को मिली। इस धार्मिक आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">माता की चौकी के दौरान अंशुला कपूर का पारंपरिक अंदाज सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा था। उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586050/anshula-kapoor-shines-with-a-bridal-glow"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(18)18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">फिल्म निर्माता बोनी कपूर की बड़ी बेटी अंशुला कपूर जल्द ही अपने जीवन की नई पारी शुरू करने जा रही हैं। अंशुला 6 जुलाई को अपने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड रोहन ठक्कर के साथ विवाह बंधन में बंधने वाली हैं। शादी से पहले कपूर परिवार में उत्सव का माहौल बन चुका है और इसकी झलक हाल ही में आयोजित माता की चौकी में देखने को मिली। इस धार्मिक आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">माता की चौकी के दौरान अंशुला कपूर का पारंपरिक अंदाज सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा था। उन्होंने सुनहरे और सिल्वर शेड्स वाले खूबसूरत लहंगे के साथ रंग-बिरंगा फुलकारी दुपट्टा ओढ़ा, जिसने उनके पूरे लुक को अलग पहचान दी। हैवी ज्वेलरी, मांग टीका और सादगी से भरा मेकअप उनके व्यक्तित्व को और भी आकर्षक बना रहा था। उनके चेहरे पर शादी की खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">अंशुला ने अपने इस विशेष परिधान के पीछे की भावना भी साझा की। उन्होंने बताया कि वह एक पंजाबी परिवार से हैं और शादी गुजराती परिवार में होने जा रही है। ऐसे में वह अपने विवाह समारोह की शुरुआत अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ करना चाहती थीं। इसी सोच के चलते उन्होंने माता की चौकी में फुलकारी दुपट्टा चुना, जो पंजाबी संस्कृति में प्रेम, शुभकामनाओं और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक परिधान नहीं बल्कि अपनी जड़ों और परिवार से जुड़े रहने का भावनात्मक माध्यम था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अपने डिजाइनर्स और स्टाइलिंग टीम का भी आभार व्यक्त किया। अंशुला ने कहा कि उनका आउटफिट उनकी कल्पना से भी अधिक सुंदर बना और उसे पहनकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह अपने बचपन, परिवार और संस्कृति का एक हिस्सा अपने नए जीवन में साथ लेकर जा रही हों। धार्मिक आयोजन में अंशुला और रोहन ठक्कर ने माता रानी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। दोनों भक्ति के रंग में रंगे नजर आए और परिवार के सदस्यों के साथ इस खास मौके का भरपूर आनंद उठाया। समारोह में भजन-कीर्तन के साथ नृत्य और पारिवारिक उत्सव का माहौल भी देखने को मिला। </p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर कपूर परिवार के कई सदस्य, रिश्तेदार और करीबी मित्र भी मौजूद रहे। पूरे परिवार ने मिलकर अंशुला की नई शुरुआत की खुशियों का जश्न मनाया। अब सभी की निगाहें 6 जुलाई पर टिकी हैं, जब अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर आधिकारिक रूप से विवाह के बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत करेंगे। फिलहाल शादी से पहले की रस्मों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किए जा रहे हैं और अंशुला का पारंपरिक ब्राइडल लुक लोगों का दिल जीत रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>Fashion and Trends</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 10:02:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फुटबॉल संस्कृति बनी फैशन की नई जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">फुटबॉल का महाकुंभ, फीफा विश्व कप अपने हर आयोजन के साथ नया फैशन ट्रेंड भी लाता है, जिसकी झलक इस समय दुनिया भर के बाजारों के साथ फुटबॉल प्रेमियों के बीच देखी जा रही है। भारत भले ही इस टूर्नामेंट का हिस्सा न हो, लेकिन देश के लगभग हर शहर में बड़े ब्रांडों के साथ फुटपाथ पर बिकने वाली टी-शर्ट, जर्सी और स्पोर्ट्स वियर में पसंदीदा खिलाड़ियों या टीमों के लोगो वाले परिधानों की जबर्दस्त मांग है। इसकी एक वजह फीफा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या के मामले में दुनिया में भारत का दूसरे स्थान पर होना है। मेसी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/586049/football-culture-becomes-the-new-soul-of-fashion"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(15)20.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">फुटबॉल का महाकुंभ, फीफा विश्व कप अपने हर आयोजन के साथ नया फैशन ट्रेंड भी लाता है, जिसकी झलक इस समय दुनिया भर के बाजारों के साथ फुटबॉल प्रेमियों के बीच देखी जा रही है। भारत भले ही इस टूर्नामेंट का हिस्सा न हो, लेकिन देश के लगभग हर शहर में बड़े ब्रांडों के साथ फुटपाथ पर बिकने वाली टी-शर्ट, जर्सी और स्पोर्ट्स वियर में पसंदीदा खिलाड़ियों या टीमों के लोगो वाले परिधानों की जबर्दस्त मांग है। इसकी एक वजह फीफा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या के मामले में दुनिया में भारत का दूसरे स्थान पर होना है। मेसी और रोनाल्डो जैसे खिलाड़ियों के तो देश में करोड़ों प्रशंसक हैं। वैसे भी विश्व कप में खेल रही 48 टीमों में शामिल युवा और अनुभवी मिलाकर दो दर्जन से ज्यादा फुटबॉलर सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि बड़ा ब्रांड और स्टाइल आइकन भी है। ऐसे में बाजार में इसका भी सीधा असर देखा जा रहा है। आधिकारिक नाइकी, एडिडास और प्यूमा जर्सियों की भारी मांग के साथ स्थानीय स्तर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार में किफायती टी शर्ट और जर्सियां हाथों-हाथ बिक रही हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">प्रमुख टीमों की जर्सी बन गई फैशन की बड़ी उड़ान</h4>
<p style="text-align:justify;">यह फीफा का फीवर है कि युवा स्पोर्ट्स जर्सी को स्टाइलिश स्ट्रीट वियर में बदल रहे हैं। इससे स्पोर्ट्स जर्सी फैशन का नया ट्रेंड बन गई है, जिसे स्ट्रीट फैशन के तहत स्टाइलिश वियर के रूप में पहना जा रहा है। वैसे भी अधिकतर युवा ऐसे कपड़े पहनना चाहते हैं जो उनके आसपास की घटनाओं को दर्शाते हों। इसके चलते ही फुटबॉल के खेल के साथ उसकी ऊर्जा स्वाभाविक रूप से इस समय फैशन में नजर आ रही है, और जो जर्सी कभी टीम के प्रति वफादारी का प्रतीक हुआ करती थी, वह अब फैशन की सबसे बड़ी उड़ान बन गई है। यह जर्सी स्टेडियम से आगे निकलकर फैशन वीक, संगीत समारोहों और यहां तक कि शाम की पार्टियों में भी नजर आने लगी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ग्राफिक टी-शर्ट्स और ट्रेंडी कैजुअल वियर बना स्टाइल</h4>
<p style="text-align:justify;">फीफा और फैशन के संगम से युवा वर्ग और जेन-जी के बीच 'एथलीजर' और 'ब्लोक कोर'  फैशन की लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ी है कि आधिकारिक जर्सी, ट्रेंडी कैजुअल वियर, और फुटबॉल से प्रेरित ग्राफिक टी-शर्ट्स दैनिक स्टाइल का हिस्सा बन गए हैं। इससे देश में भी फीफा की थीम पर फैशन और ट्रेंड्स बाजार में लाइफस्टाइल और हाई-स्ट्रीट फैशन के रूप में उतर चुका है। एडिडास इंडिया  देश में अपने प्रशंसकों के लिए अर्जेंटीना, जर्मनी और स्पेन जैसी लोकप्रिय टीमों की आधिकारिक मैचडे जर्सी बेच रहा है। रिलायंस रिटेल के ‘यूस्ता’ फैशन ब्रांड्स ने 'फन विद फीफा' रेंज लॉन्च की है। इसमें जर्सी, को-ऑर्ड सेट और ग्राफिक टी-शर्ट शामिल हैं। इंडिगो ब्रांड्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी फुटबॉल प्रशंसकों के लिए लगातार ग्राफिक्स और स्पोर्ट-कल्चर परिधान पेश कर रहे हैं, तो जारा इंडिया पर भी 'फीफा क्लासिक्स' कलेक्शन उपलब्ध है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">यूस्ता लाया फुटबॉल, फैशन और पॉप कल्चर का मिश्रण</h4>
<p style="text-align:justify;">रिलायंस रिटेल के यूथ फैशन ब्रांड यूस्ता ने फीफा कलेक्शन  उन युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया है, जो खेल से जुड़ाव को अपने रोजमर्रा के स्टाइल में दिखाना चाहते हैं। यह कलेक्शन फुटबॉल, फैशन और पॉप कल्चर को एक साथ लाता है। कंपनी के मुताबिक इस नए कलेक्शन में पुरुषों, महिलाओं, बच्चों समेत पूरे परिवार के लिए फीफा अपैरल शामिल हैं। इस कलेक्शन में फुटबॉल की लोकप्रिय टीमों से प्रेरित कंट्री जर्सी, ट्रेंडी कैजुअलवियर, को-ऑर्ड सेट्स, ग्राफिक टी-शर्ट, स्पोर्ट्स-इंस्पायर्ड डेनिम और कई कैरेक्टर-बेस्ड डिजाइन शामिल हैं। कलेक्शन में “फन विथ फीफा” रेंज फुटबॉल से प्रेरित स्पोर्ट्सवियर को ज्यादा रंगीन और फैशन-फ्रेंडली अंदाज में पेश करती है। इसमें टी-शर्ट और शॉर्ट्स के को-ऑर्ड सेट्स, रिब्ड टैंक्स और स्पोर्ट्स स्टाइल डेनिम शामिल हैं। टमाटर जैसे रेड और ब्राइट ग्रीन जैसे चटख रंग ने इसे युवाओं के लिए और आकर्षक बनाया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ब्लोक कोर फैशन ट्रेंड का जलवा बरकरार</h4>
<p style="text-align:justify;">ब्लोक कोर फैशन ट्रेंड 90 और 2000 के दशक में ब्रिटेन और यूरोप के फुटबॉल प्रशंसकों के रोजमर्रा के कैजुअल पहनावे के लिए जाना जाता है। इस फैशन का मूल मंत्र आराम, नॉस्टेल्जिया (पुरानी यादें) और फुटबॉल के प्रति प्यार को सामान्य फैशन के साथ जोड़ना है। इसमें मुख्य रूप से ढीली-ढाली जर्सी, बैगी जींस या कार्गो पैंट के साथ रेट्रो स्नीकर्स को कैजुअल तरीके से एक साथ पहना जाता है। बकेट हैट और विंटेज सनग्लासेस इस ट्रेंड को आकर्षक लुक प्रदान करते हैं। हालांकि यह स्टाइल पुरुषों से शुरू हुआ था, लेकिन अब महिलाओं के बीच भी खासा लोकप्रिय हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/untitled-design-(16)18.jpg" alt="Untitled design (16)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">महिलाएं इसमें फुटबॉल जर्सी के साथ प्लीटेड स्कर्ट, लेग वार्मर और फेमिनिन एक्सेसरीज का मिक्स एंड मैच करके अपने लिए बेहतरीन और स्टाइलिश लुक तैयार करती हैं। वैसे ब्लोक-कोर ट्रेंड में इस समय लड़कियां बड़ी जर्सी को शॉर्ट्स ड्रेस की तरह पहनकर साथ में डिजाइनर हैंडबैग, चंकी शूज और सनग्लासेस के साथ भी स्टाइल कर रही हैं। इसी तरह तमाम लड़कियों ने ओवरसाइज्ड  टॉप को जींस और घुटने तक ऊंचे बूट के साथ मिलाकर पहनने या उन्हें शॉर्ट्स और छोटी स्कर्ट के साथ पेयर करने का भी स्टाइल अपनाया है।</p>
<h4>खिलाड़ियों के गुलाबी जूते भी बन गए फैशन स्टेटमेंट</h4>
<p>फीफा विश्व कप में मैदान पर खिलाड़ियों के 'पिंक बूट्स' (गुलाबी जूते) लगातार चर्चा का विषय हैं। नाइकी और एडिडास जैसे ब्रांड्स ने इस बार खिलाड़ियों को मैदान पर अधिक आकर्षक दिखाने के लिए चमकदार गुलाबी जूते पहनाए हैं, इससे यह जूते टूर्नामेंट के सबसे बड़े फैशन स्टेटमेंट में से एक बन गए हैं।</p>
<h4>खूब पसंद की जा रही हैं ओवरसाइज्ड टी शर्ट</h4>
<p>इस साल ब्रांड्स ने स्टाइल और रंगों में कई विविधताओं के साथ टी-शर्ट के कई डिजाइन पेश किए हैं। 1990 के दशक की झलक देने वाली बेसिक ओवरसाइज्ड टी-शर्ट सबसे लोकप्रिय हैं, इसके बाद क्रॉप और फिटेड टी-शर्ट्स को भी पसंद किया जा रहा है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><br /> </p>
<p style="text-align:justify;"><br /> </p>
<h5 style="text-align:justify;">वैभव त्रिवेदी ‘बॉबी’, लखनऊ</h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 17:29:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Rohit Shetty को फिर मिली जान से मारने की धमकी, 20 करोड़ की फिरौती मांगी; मुंबई पुलिस जांच में जुटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई। </strong>बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है। शनिवार सुबह उनके स्टाफ को एक ऑडियो क्लिप प्राप्त हुई, जिसमें कथित तौर पर 20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई। ऑडियो में चेतावनी दी गई है कि यदि रकम नहीं दी गई तो इस बार निशाना उनके घर की बजाय सीधे रोहित शेट्टी होंगे।</p>
<p>घटना सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल धमकी देने वाले की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585982/rohit-shetty-threat-20-crore-extortion-audio-clip-mumbai-police-investigation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/muskan-dixit-(34)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई। </strong>बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली है। शनिवार सुबह उनके स्टाफ को एक ऑडियो क्लिप प्राप्त हुई, जिसमें कथित तौर पर 20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई। ऑडियो में चेतावनी दी गई है कि यदि रकम नहीं दी गई तो इस बार निशाना उनके घर की बजाय सीधे रोहित शेट्टी होंगे।</p>
<p>घटना सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल धमकी देने वाले की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे किसका हाथ है।</p>
<h4><strong>20 करोड़ की रंगदारी मांगने वाला ऑडियो क्लिप मिला</strong></h4>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रोहित शेट्टी के स्टाफ को शनिवार सुबह करीब 90 सेकेंड की एक ऑडियो क्लिप मिली। इसमें 20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग करते हुए रकम न मिलने पर जान से मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और ऑडियो क्लिप की जांच शुरू कर दी है।</p>
<h4><strong>ऑडियो क्लिप के तार शुभम लोणकर से जुड़े होने की आशंका</strong></h4>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑडियो क्लिप में सुनाई देने वाली आवाज कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी शुभम लोणकर की बताई जा रही है। शुभम लोणकर वर्ष 2024 में बाबा सिद्दीकी की हत्या और इस वर्ष की शुरुआत में रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में वांछित है। हालांकि, आवाज की पुष्टि के लिए ऑडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।</p>
<h4><strong>फरवरी में भी रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई थी फायरिंग</strong></h4>
<p>इससे पहले 1 फरवरी की देर रात रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर पांच राउंड फायरिंग हुई थी। उस घटना के बाद हमले की जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग ने ली थी। मामले में पुलिस ने आगरा से दीपक शर्मा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से बिश्नोई गैंग से प्रभावित हुआ था और उसी के प्रभाव में उसने फायरिंग की थी।</p>
<h4><strong>'खतरों के खिलाड़ी 15' को लेकर भी चर्चा में हैं रोहित शेट्टी</strong></h4>
<p>वर्क फ्रंट की बात करें तो रोहित शेट्टी इन दिनों अपने स्टंट आधारित रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' को लेकर सुर्खियों में हैं। शो 25 जुलाई से हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे कलर्स टीवी और जियो हॉटस्टार पर प्रसारित होगा। इस सीजन में फरहाना भट्ट, ओरी, गौरव खन्ना, रुबीना दिलैक, करण वाही, अविनाश मिश्रा, जैस्मिन भसीन, ऋत्विक धनजानी, अविका गौर, हर्ष गुजराल, शगुन शर्मा और विशाल आदित्य सिंह सहित कई सेलिब्रिटी नजर आएंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/585974/tyrese-gibson-india-visit-shiv-temple-fast-and-furious-viral-photos"><span class="t-red">भारत पहुंचे 'Fast &amp; Furious' स्टार टायरेस गिब्सन, </span>मंदिर में की आरती और शिवलिंग पर चढ़ाया दूध; बोले- 'इस यात्रा ने जिंदगी बदल दी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 16:23:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Karappu:  इंसाफ की जंग </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">तमिल सुपरस्टार सूर्या की फिल्म करप्पू अब अमेजन प्राइम वीडियो पर हिंदी डब में उपलब्ध है। यह सूर्या के करियर की अब तक की सबसे अधिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (लगभग 306 करोड़ रुपये) करने वाली फिल्मों में शामिल हो चुकी है। फिल्म का लेखन और निर्देशन आरजे बालाजी ने किया है, जिन्होंने इसमें बेबी कन्नन नामक एक प्रभावशाली और चालाक वकील का किरदार भी निभाया है। फिल्म की कहानी तमिल लोकदेवता करुपस्वामी की लोककथा से प्रेरित है।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्देशक ने पौराणिक आस्था को आधुनिक समाज की समस्याओं, विशेषकर न्याय व्यवस्था की खामियों के साथ प्रभावी ढंग से जोड़ा है। कहानी दिखाती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584820/karappu--the-fight-for-justice"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(69).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तमिल सुपरस्टार सूर्या की फिल्म करप्पू अब अमेजन प्राइम वीडियो पर हिंदी डब में उपलब्ध है। यह सूर्या के करियर की अब तक की सबसे अधिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (लगभग 306 करोड़ रुपये) करने वाली फिल्मों में शामिल हो चुकी है। फिल्म का लेखन और निर्देशन आरजे बालाजी ने किया है, जिन्होंने इसमें बेबी कन्नन नामक एक प्रभावशाली और चालाक वकील का किरदार भी निभाया है। फिल्म की कहानी तमिल लोकदेवता करुपस्वामी की लोककथा से प्रेरित है।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्देशक ने पौराणिक आस्था को आधुनिक समाज की समस्याओं, विशेषकर न्याय व्यवस्था की खामियों के साथ प्रभावी ढंग से जोड़ा है। कहानी दिखाती है कि किस प्रकार गरीब और जरूरतमंद लोग न्याय की उम्मीद लेकर अदालतों के चक्कर लगाते हैं, लेकिन अक्सर निराश होकर लौटते हैं। जब एक पीड़ित व्यक्ति के पास कोई रास्ता और उम्मीद नहीं बचती, तो वह भगवान करुपस्वामी से प्रार्थना करता है। उसकी पुकार सुनकर करुपस्वामी वकील सरवनन (सूर्या) के रूप में अवतरित होते हैं और अन्याय के खिलाफ स्वयं न्याय की लड़ाई लड़ने का निर्णय लेते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म का पहला भाग भावनात्मक रूप से बेहद मजबूत है। एक पिता और बेटी के रिश्ते को बड़ी संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। पिता की भूमिका निभाने वाले मलयालम अभिनेता इंद्रंस ने शानदार अभिनय किया है और कई दृश्यों में गहरी छाप छोड़ते हैं। सूर्या ने भी अपने किरदार में भरपूर ऊर्जा, गंभीरता और प्रभाव दिखाया है, जो फिल्म को मजबूती प्रदान करता है। फिल्म के एक्शन दृश्य बेहतरीन ढंग से फिल्माए गए हैं और उनकी कोरियोग्राफी दर्शकों को बांधे रखती है। संगीतकार साई अभ्यंकर की यह पहली फिल्म है, लेकिन उनका बैकग्राउंड स्कोर बेहद प्रभावशाली है। कई महत्वपूर्ण दृश्यों में उनका संगीत भावनात्मक और नाटकीय प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है। कुल मिलाकर, करप्पू आस्था, न्याय, भावनाओं और दमदार मनोरंजन का शानदार मिश्रण है। मजबूत कहानी, प्रभावशाली अभिनय, शानदार एक्शन और बेहतरीन संगीत इसे एक यादगार अनुभव बनाते हैं। यदि आप सामाजिक संदेश के साथ मनोरंजक और प्रभावशाली सिनेमा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म निश्चित रूप से आपकी वॉचलिस्ट में होनी चाहिए।                     <br /> <br /><br /></p>
<h4 style="text-align:justify;">समीक्षक-शिवकांत पालवे</h4>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 10:00:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओटीटी  :  मैं वापस आऊंगा </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">इम्तियाज अली की मैं वापस आऊंगा प्रेम, बिछड़न, उम्मीद और मानवीय रिश्तों की ताकत पर आधारित एक संवेदनशील एवं भावनात्मक फिल्म है। इसकी कहानी दो अलग-अलग समय-कालों में चलती है और एक ऐसे वादे के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिसका प्रभाव वर्षों बाद भी लोगों के जीवन में बना रहता है। विभाजन की त्रासदी, सीमाओं के पार बिछड़े रिश्ते और अपनों तक पहुंचने की चाह को फिल्म बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करती है। यह केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि यादों, पहचान, अपनत्व और मानवीय संबंधों की गहरी पड़ताल है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ लेती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिल्म</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584814/ott--i-will-return"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(65).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">इम्तियाज अली की मैं वापस आऊंगा प्रेम, बिछड़न, उम्मीद और मानवीय रिश्तों की ताकत पर आधारित एक संवेदनशील एवं भावनात्मक फिल्म है। इसकी कहानी दो अलग-अलग समय-कालों में चलती है और एक ऐसे वादे के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिसका प्रभाव वर्षों बाद भी लोगों के जीवन में बना रहता है। विभाजन की त्रासदी, सीमाओं के पार बिछड़े रिश्ते और अपनों तक पहुंचने की चाह को फिल्म बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करती है। यह केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि यादों, पहचान, अपनत्व और मानवीय संबंधों की गहरी पड़ताल है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ लेती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिल्म की सबसे बड़ी ताकत नसीरुद्दीन शाह का शानदार अभिनय है। उन्होंने अपने किरदार में दर्द, प्रेम, पछतावा और जीवन के अनुभवों को इतनी सहजता से समाहित किया है कि उनका हर दृश्य वास्तविक प्रतीत होता है। उनके संवाद और भावनात्मक अभिव्यक्तियां लंबे समय तक याद रहती हैं। दिलजीत दोसांझ ने भी संयमित और परिपक्व अभिनय किया है तथा कहानी को मजबूती प्रदान की है। वहीं शरवरी और वेदांग अपनी मासूमियत, आकर्षण और भावनात्मक गहराई से दर्शकों का दिल जीत लेते हैं। चारों कलाकारों का अभिनय फिल्म की आत्मा बनकर उभरता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निर्देशक इम्तियाज अली एक बार फिर साबित करते हैं कि मानवीय भावनाओं को पर्दे पर जीवंत करने में उनका कोई सानी नहीं है। फिल्म का लेखन, संवाद और भावनात्मक दृश्यों की प्रस्तुति प्रभावशाली है। विभाजन से जुड़े प्रसंग, सीमा पर घटित घटनाएं, पारिवारिक पुनर्मिलन के क्षण तथा दिलजीत और नसीरुद्दीन शाह के बीच के संवाद विशेष रूप से प्रभावित करते हैं। हालांकि शुरुआती हिस्से में कहानी की पृष्ठभूमि स्थापित करने में थोड़ा समय लगता है और बार-बार आने वाले टाइम जंप्स कभी-कभी इसकी गति को धीमा कर देते हैं।  संगीत फिल्म की भावनात्मक शक्ति को कई गुना बढ़ा देता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एआर रहमान का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर कहानी के साथ पूरी तरह घुल-मिल जाता है। गीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बनते, बल्कि पात्रों की भावनाओं और उनके सफर को और अधिक गहराई प्रदान करते हैं। रहमान का पृष्ठ संगीत कई दृश्यों को असाधारण ऊंचाई देता है और फिल्म के प्रभाव को और सशक्त बनाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुल मिलाकर, मैं वापस आऊंगा एक भावनात्मक, परिपक्व और दिल को छू लेने वाली फिल्म है, जो प्रेम, इंतजार, अपनापन और मानवीय संबंधों की शक्ति का उत्सव मनाती है। यह उन दुर्लभ फिल्मों में से है, जिन्हें केवल देखा नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है। दमदार अभिनय, संवेदनशील निर्देशन और आत्मा को स्पर्श करने वाले संगीत के बल पर यह फिल्म लंबे समय तक दर्शकों के मन में बनी रहती है। आज के समय में, जब दुनिया पहले से अधिक विभाजित दिखाई देती है, मैं वापस आऊंगा यह संदेश देती है कि प्रेम और मानवीय जुड़ाव हर सीमा और हर दूरी से बड़ा होता है।</div>
<div style="text-align:justify;">    </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h5 style="text-align:justify;"> समीक्षक-प्रदीप शर्मा –</h5>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 10:00:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिता-पुत्री के भावनात्मक रिश्ते को पर्दे पर लाएंगे रवि तेजा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">तेलुगु सिनेमा में अपनी ऊर्जा, एक्शन और मनोरंजक भूमिकाओं के लिए पहचान रखने वाले अभिनेता रवि तेजा अब एक अलग अंदाज में दर्शकों के सामने आने वाले हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘इरुमुडी’ की पहली झलक जारी कर दी गई है, जिसमें अभिनेता एक संवेदनशील और भावनात्मक किरदार निभाते नजर आ रहे हैं। निर्देशक शिवा निर्वाणा के निर्देशन और मैत्री मूवी मेकर्स के बैनर तले बनी यह फिल्म एक पिता और उसकी बेटी के रिश्ते पर आधारित है। लगभग एक मिनट 24 सेकंड के वीडियो में दोनों के शांत और खुशहाल जीवन की झलक दिखाई गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि परिस्थितियां अचानक बदल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584803/ravi-teja-to-bring-the-emotional-father-daughter-bond-to-the-screen"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(58).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तेलुगु सिनेमा में अपनी ऊर्जा, एक्शन और मनोरंजक भूमिकाओं के लिए पहचान रखने वाले अभिनेता रवि तेजा अब एक अलग अंदाज में दर्शकों के सामने आने वाले हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘इरुमुडी’ की पहली झलक जारी कर दी गई है, जिसमें अभिनेता एक संवेदनशील और भावनात्मक किरदार निभाते नजर आ रहे हैं। निर्देशक शिवा निर्वाणा के निर्देशन और मैत्री मूवी मेकर्स के बैनर तले बनी यह फिल्म एक पिता और उसकी बेटी के रिश्ते पर आधारित है। लगभग एक मिनट 24 सेकंड के वीडियो में दोनों के शांत और खुशहाल जीवन की झलक दिखाई गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि परिस्थितियां अचानक बदल जाती हैं और पिता गहरे दु:ख तथा शराब की लत के शिकार हो जाते हैं। कहानी में मोड़ तब आता है, जब उनकी छोटी बेटी उन्हें इस अंधेरे दौर से बाहर निकलने की प्रेरणा देती है। बेटी की बात मानते हुए पिता शराब छोड़ने का संकल्प लेते हैं और अय्यप्पा दीक्षा धारण करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही उनका आत्मपरिवर्तन केवल व्यक्तिगत संघर्ष नहीं रह जाता, बल्कि आस्था और पारिवारिक प्रेम का प्रतीक बन जाता है। फिल्म की पहली झलक में किसी प्रकार के बड़े एक्शन दृश्य, चुटीले संवाद या व्यावसायिक मसालेदार तत्वों को प्रमुखता नहीं दी गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बजाय पूरी कहानी का केंद्र पिता-पुत्री का भावनात्मक संबंध और आध्यात्मिक यात्रा दिखाई देती है। यही पहलू फिल्म को रवि तेजा की अब तक की फिल्मों से अलग बनाता है। फिल्म का शीर्षक ‘इरुमुडी’ भी विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यह भगवान अय्यप्पा की तीर्थयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा ले जाए जाने वाले पवित्र पूजन-सामग्री के गठ्ठर को संदर्भित करता है। इसी कारण फिल्म में आध्यात्मिकता और जीवन मूल्यों की गहरी छाप देखने को मिल सकती है। फिल्म की घोषणा के समय रवि तेजा ने कहा था कि यह कहानी उन्हें सही समय पर मिली और इसका हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उनके अनुसार, आस्था और मानवीय भावनाओं से जुड़ी ऐसी कहानी में काम करना उनके करियर का एक विशेष अनुभव रहा है। ‘इरुमुडी’ की पहली झलक से संकेत मिलता है कि यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान करेगी। दर्शकों को अब इसके ट्रेलर और रिलीज का इंतजार है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 10:00:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी में सनग्लासेस से आंखों की सुरक्षा के साथ पाएं चार्मिंग लुक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">गर्मी का मौसम आते ही फैशन की दुनिया में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। इस दौरान लोग ऐसे कपड़े, फुटवियर और एक्सेसरीज चुनना पसंद करते हैं, जो आरामदेह होने के साथ-साथ आकर्षक भी हों। गर्मियों में धूप से बचाव के लिए सनग्लासेस सबसे जरूरी फैशन एक्सेसरीज में से एक माने जाते हैं। यह न केवल आंखों को तेज धूप, धूल और हानिकारक किरणों से बचाते हैं, बल्कि आपके पूरे व्यक्तित्व को भी नया और स्टाइलिश लुक देते हैं। सही फ्रेम और डिजाइन वाला चश्मा आपके चेहरे की खूबसूरती को और निखार सकता है। यदि आप भी इस समर सीजन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584774/get-a-charming-look-while-protecting-your-eyes-with-sunglasses-this-summer"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(37)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गर्मी का मौसम आते ही फैशन की दुनिया में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। इस दौरान लोग ऐसे कपड़े, फुटवियर और एक्सेसरीज चुनना पसंद करते हैं, जो आरामदेह होने के साथ-साथ आकर्षक भी हों। गर्मियों में धूप से बचाव के लिए सनग्लासेस सबसे जरूरी फैशन एक्सेसरीज में से एक माने जाते हैं। यह न केवल आंखों को तेज धूप, धूल और हानिकारक किरणों से बचाते हैं, बल्कि आपके पूरे व्यक्तित्व को भी नया और स्टाइलिश लुक देते हैं। सही फ्रेम और डिजाइन वाला चश्मा आपके चेहरे की खूबसूरती को और निखार सकता है। यदि आप भी इस समर सीजन में अपने लुक में नया आकर्षण जोड़ना चाहती हैं, तो अलग-अलग डिजाइन के ट्रेंडी सनग्लासेस आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/untitled-design-(38)4.jpg" alt="Untitled design (38)" width="1280" height="720"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;">राउंड शेप फ्रेम</h4>
<p style="text-align:justify;">गोल आकार वाले सनग्लासेस गर्मियों में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले विकल्पों में शामिल हैं। इनका क्लासिक और सॉफ्ट लुक लगभग हर फेस शेप पर अच्छा दिखाई देता है। कैजुअल आउटफिट हो या वेस्टर्न ड्रेस, राउंड फ्रेम हर स्टाइल के साथ आसानी से मैच हो जाते हैं। यही वजह है कि ये युवतियों के बीच हमेशा ट्रेंड में बने रहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/untitled-design-(39)3.jpg" alt="Untitled design (39)" width="1280" height="720"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;">ओवल फ्रेम</h4>
<p style="text-align:justify;">ओवल फ्रेम वाले सनग्लासेस अपने एलिगेंट और रेट्रो लुक के लिए जाने जाते हैं। यह डिजाइन चेहरे को संतुलित और आकर्षक दिखाने में मदद करता है। यदि आप विंटेज फैशन पसंद करती हैं, तो ओवल फ्रेम आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है। यह सिंपल होने के बावजूद बेहद स्टाइलिश नजर आता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ओवरसाइज फ्रेम</h4>
<p style="text-align:justify;">ओवरसाइज सनग्लासेस लंबे समय से फैशन इंडस्ट्री का हिस्सा रहे हैं। बड़े आकार के ये चश्मे चेहरे को अधिक कवरेज देते हैं, जिससे आंखों के साथ-साथ चेहरे का एक बड़ा हिस्सा भी धूप से सुरक्षित रहता है। इसके अलावा इनका ग्लैमरस लुक किसी भी साधारण आउटफिट को स्टाइलिश बना सकता है। ट्रैवलिंग और आउटडोर एक्टिविटीज के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कैट आई फ्रेम</h4>
<p style="text-align:justify;">कैट आई फ्रेम वाले सनग्लासेस अपनी खास डिजाइन के कारण हमेशा चर्चा में रहते हैं। इनका आकार बिल्ली की आंखों जैसा होता है, जो चेहरे को बोल्ड और फैशनेबल लुक प्रदान करता है। यह फ्रेम विशेष रूप से उन लड़कियों के लिए उपयुक्त है, जो अपने फैशन में आत्मविश्वास और ग्लैमर का तड़का लगाना चाहती हैं। पार्टी, आउटिंग या कैजुअल डे आउट-हर मौके पर यह शानदार लगता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ज्योमैट्रिक फ्रेम</h4>
<p style="text-align:justify;">फैशन में कुछ ट्रेंड ऐसे होते हैं, जो कभी पुराने नहीं पड़ते और ज्योमैट्रिक फ्रेम उन्हीं में से एक हैं। अलग-अलग आकार और डिजाइन में उपलब्ध ये सनग्लासेस मॉडर्न और यूनिक लुक देते हैं। खासकर गोल चेहरे वाली लड़कियों पर यह फ्रेम बेहद आकर्षक दिखाई देता है। यदि आप अपने स्टाइल में कुछ नया और अलग जोड़ना चाहती हैं, तो यह डिजाइन जरूर ट्राई कर सकती हैं। </p>
<h4 style="text-align:justify;">स्क्वायर फ्रेम</h4>
<p style="text-align:justify;">स्क्वायर फ्रेम वाले सनग्लासेस भी काफी लोकप्रिय हैं। इनका चौकोर आकार चेहरे को एक मजबूत और संतुलित लुक देता है। खासकर ओवल और गोल चेहरे वाले लोगों पर यह फ्रेम बेहद आकर्षक दिखाई देता है। गर्मियों में स्टाइल और आराम दोनों पाने के लिए स्क्वायर फ्रेम एक बेहतरीन विकल्प माना जा सकता है। गर्मी के मौसम में सनग्लासेस केवल फैशन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आंखों की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी हैं। इसलिए अपने चेहरे के आकार और पसंद के अनुसार सही फ्रेम चुनकर आप इस समर सीजन को और अधिक स्टाइलिश बना सकती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                            <category>Fashion and Trends</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 10:31:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कम बजट में भी दिखें क्लासी और आकर्षक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आज के दौर में फैशन केवल महंगे ब्रांड्स तक सीमित नहीं रह गया है। अब लोग कम बजट में भी ऐसा स्टाइल चाहते हैं, जो उन्हें क्लासी, स्मार्ट और आकर्षक दिखाए। कई बार हम देखते हैं कि साधारण कपड़े पहनने वाला व्यक्ति भी बेहद प्रभावशाली लगता है, जबकि महंगे आउटफिट पहनने वाले लोग भी खास असर नहीं छोड़ पाते। इसकी सबसे बड़ी वजह कपड़ों की कीमत नहीं, बल्कि उन्हें पहनने और कैरी करने का तरीका होता है। सही फिटिंग, संतुलित रंग, साफ-सुथरा पहनावा और आत्मविश्वास किसी भी व्यक्ति के लुक को शानदार बना सकते हैं। अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583542/look-classy-and-attractive-even-on-a-low-budget"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज के दौर में फैशन केवल महंगे ब्रांड्स तक सीमित नहीं रह गया है। अब लोग कम बजट में भी ऐसा स्टाइल चाहते हैं, जो उन्हें क्लासी, स्मार्ट और आकर्षक दिखाए। कई बार हम देखते हैं कि साधारण कपड़े पहनने वाला व्यक्ति भी बेहद प्रभावशाली लगता है, जबकि महंगे आउटफिट पहनने वाले लोग भी खास असर नहीं छोड़ पाते। इसकी सबसे बड़ी वजह कपड़ों की कीमत नहीं, बल्कि उन्हें पहनने और कैरी करने का तरीका होता है। सही फिटिंग, संतुलित रंग, साफ-सुथरा पहनावा और आत्मविश्वास किसी भी व्यक्ति के लुक को शानदार बना सकते हैं। अगर कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो कम कीमत के कपड़ों में भी आसानी से Designer Look पाया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हर व्यक्ति चाहता है कि उसका पहनावा ऐसा हो जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचे। जब हम अच्छे कपड़े पहनते हैं और उनमें सहज महसूस करते हैं, तो हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है। यही आत्मविश्वास हमारे व्यक्तित्व को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। हालांकि अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि स्टाइलिश दिखने के लिए महंगे कपड़े खरीदना जरूरी है, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। फैशन का असली मतलब महंगे ब्रांड्स नहीं, बल्कि स्मार्ट तरीके से खुद को प्रस्तुत करना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कपड़ों की फिटिंग</h4>
<p style="text-align:justify;">किसी भी आउटफिट का सबसे अहम हिस्सा उसकी फिटिंग होती है। अगर कपड़े शरीर के अनुसार सही फिट हों, तो साधारण कपड़े भी बेहद आकर्षक दिखाई देते हैं। वहीं बहुत ज्यादा ढीले या जरूरत से अधिक टाइट कपड़े पूरे लुक को खराब कर देते हैं। इसलिए कपड़े खरीदते समय उनकी फिटिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर हल्का-फुल्का अल्टर करवाना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कलर कॉम्बिनेशन</h4>
<p style="text-align:justify;">फैशन में रंगों का चयन भी काफी मायने रखता है। सही कलर कॉम्बिनेशन व्यक्ति के लुक को प्रीमियम बना सकता है। काला, सफेद, नेवी ब्लू, बेज और पेस्टल जैसे रंग हमेशा क्लासी माने जाते हैं। ये रंग न केवल सादगी दिखाते हैं, बल्कि व्यक्तित्व में एक अलग निखार भी लाते हैं। इसके विपरीत बहुत ज्यादा चमकीले या भड़कीले रंग कई बार लुक को असंतुलित बना देते हैं। इसलिए कपड़ों के रंगों का चुनाव सोच-समझकर करना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">एक्सेसरीज</h4>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा एक्सेसरीज भी किसी व्यक्ति के स्टाइल को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। एक अच्छी घड़ी, साफ फुटवियर, सिंपल बैग या हल्की ज्वैलरी पूरे आउटफिट को नया रूप दे सकती है। हालांकि एक्सेसरीज का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि जरूरत से ज्यादा चीजें लुक को ओवर बना सकती हैं। सादगी में ही असली आकर्षण छिपा होता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कपड़ों की क्लीनिंग</h4>
<p style="text-align:justify;">कपड़ों की साफ-सफाई भी बेहद जरूरी है। कई बार लोग जल्दबाजी में बिना प्रेस किए हुए या हल्के गंदे कपड़े पहन लेते हैं, जिससे उनका पूरा लुक प्रभावित हो जाता है। अच्छे और महंगे कपड़े भी अगर सिकुड़े हुए हों, तो उनका प्रभाव कम हो जाता है। इसलिए हमेशा साफ और अच्छी तरह प्रेस किए हुए कपड़े पहनने चाहिए। यह छोटी-सी आदत आपके व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव ला सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">फुटवियर</h4>
<p style="text-align:justify;">फुटवियर को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जूते या सैंडल्स आपके पूरे फैशन स्टाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। अगर फुटवियर साफ, सिंपल और आउटफिट के अनुसार हो, तो आपका लुक और भी आकर्षक दिखाई देता है। वहीं गंदे या पुराने फुटवियर अच्छे कपड़ों के प्रभाव को भी कम कर देते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सबसे बड़ा फैशनआत्मविश्वास </h4>
<p style="text-align:justify;">सबसे जरूरी चीज है आत्मविश्वास। आप जो भी पहनें, अगर उसे पूरे आत्मविश्वास और सहजता के साथ कैरी करते हैं, तो आपका व्यक्तित्व अपने आप निखरकर सामने आता है। चेहरे की मुस्कान और सकारात्मक रवैया किसी भी फैशन से ज्यादा प्रभावशाली होता है। यही वजह है कि फैशन केवल कपड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आपके व्यवहार, सोच और प्रस्तुति का भी हिस्सा है। कम बजट में भी स्टाइलिश और क्लासी दिखना पूरी तरह संभव है, बस जरूरत है सही समझ और स्मार्ट स्टाइलिंग की।</p>
<h5 style="text-align:justify;">– प्रियंका शुक्ला, फैशन एक्सपर्ट</h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 10:00:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑब्सेशन  (2026)</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">ऑब्सेशन 2026 में बनी एक अमेरिकी अलौकिक मनोवैज्ञानिक हॉरर फिल्म है। हॉरर फिल्मों के शौकीनों के लिए ऑब्सेशन (2026) एक ऐसा अनुभव है, जो सिर्फ डराता नहीं, बल्कि लंबे समय तक मन और दिमाग पर अपनी छाप छोड़ जाता है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल जंप-स्केयर के सहारे दर्शकों को चौंकाने की कोशिश नहीं करती, बल्कि धीरे-धीरे एक ऐसा माहौल तैयार करती है, जो लगातार बेचैनी और तनाव पैदा करता है। हर दृश्य के साथ रहस्य गहराता जाता है और दर्शक यह समझने की कोशिश करता रहता है कि आखिर सच क्या है और भ्रम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583541/obsession--2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ऑब्सेशन 2026 में बनी एक अमेरिकी अलौकिक मनोवैज्ञानिक हॉरर फिल्म है। हॉरर फिल्मों के शौकीनों के लिए ऑब्सेशन (2026) एक ऐसा अनुभव है, जो सिर्फ डराता नहीं, बल्कि लंबे समय तक मन और दिमाग पर अपनी छाप छोड़ जाता है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल जंप-स्केयर के सहारे दर्शकों को चौंकाने की कोशिश नहीं करती, बल्कि धीरे-धीरे एक ऐसा माहौल तैयार करती है, जो लगातार बेचैनी और तनाव पैदा करता है। हर दृश्य के साथ रहस्य गहराता जाता है और दर्शक यह समझने की कोशिश करता रहता है कि आखिर सच क्या है और भ्रम क्या।</p>
<p style="text-align:justify;">कहानी शुरुआत में एक साधारण मनोवैज्ञानिक हॉरर फिल्म जैसी लगती है, लेकिन जैसे-जैसे इसके रहस्य खुलते हैं, यह कहीं अधिक अंधेरी, जटिल और प्रभावशाली बनती जाती है। फिल्म में कई अप्रत्याशित मोड़ हैं, जो दर्शकों की दिलचस्पी अंत तक बनाए रखते हैं। डर के साथ-साथ इसमें भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक गहराई भी है, जो इसे सामान्य हॉरर फिल्मों से अलग पहचान देती है। </p>
<p style="text-align:justify;">अभिनय की बात करें, तो निक्की के किरदार में इंडे नवारेटे का प्रदर्शन फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। उनके चेहरे के भाव, आवाज और स्क्रीन प्रेजेंस कई दृश्यों को बेहद प्रभावशाली और भयावह बना देते हैं। वहीं माइकल ने भी अपने किरदार को ईमानदारी से निभाया है और भावनात्मक दृश्यों में अच्छा प्रभाव छोड़ा है। </p>
<p style="text-align:justify;">फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और ध्वनि प्रभाव इसकी भयावहता को कई गुना बढ़ा देते हैं। कई बार केवल संगीत और सन्नाटा ही दर्शकों के भीतर सिहरन पैदा कर देते हैं। सिनेमैटोग्राफी, लाइटिंग और कैमरा एंगल्स भी शानदार हैं, जो हर फ्रेम में रहस्य और खतरे का एहसास बनाए रखते हैं। कुल मिलाकर, ऑब्सेशन  (2026) एक डरावनी, तनावपूर्ण और यादगार हॉरर फिल्म है, जो शुरुआत से अंत तक दर्शकों को अपनी गिरफ्त में रखती है। सच्चे हॉरर प्रेमियों के लिए यह फिल्म निश्चित रूप से देखने लायक है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">समीक्षक- प्रदीप शर्मा</h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583541/obsession--2026</link>
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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 11:38:08 +0530</pubDate>
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