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                <title>चमोली - Amrit Vichar</title>
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                <description>चमोली RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के निर्माण कार्य शुरू,  मौसम साफ होने के बाद युद्धस्तर पर चल रहा कार्य </title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। उ</strong>त्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम में निर्माण कार्य मंगलवार को मौसम साफ होने के बाद फिर शुरू हो गये। बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत चरण एक का कार्य लगभग पूरा हो चुका है जिसके बाद अब चरण दो का कार्य युद्धस्तर से किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वही धाम में सीवर लाइनो का कार्य एवं साकेत तिराहे से मंदिर जाने वाले मार्गो को कपाट खुलने से पूर्व तैयार किया जाना है जिससे धाम में यात्रा सुचारू रूप से चल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यदायी संस्था के परियोजना मैनेजर विनीत चौधरी ने आज बताया कि धाम में बर्फबारी</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576277/construction-work-for-the-badrinath-master-plan-has-commenced--operations-are-proceeding-on-a-war-footing-following-the-clearing-of-the-weather"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(17)14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। उ</strong>त्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम में निर्माण कार्य मंगलवार को मौसम साफ होने के बाद फिर शुरू हो गये। बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत चरण एक का कार्य लगभग पूरा हो चुका है जिसके बाद अब चरण दो का कार्य युद्धस्तर से किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वही धाम में सीवर लाइनो का कार्य एवं साकेत तिराहे से मंदिर जाने वाले मार्गो को कपाट खुलने से पूर्व तैयार किया जाना है जिससे धाम में यात्रा सुचारू रूप से चल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यदायी संस्था के परियोजना मैनेजर विनीत चौधरी ने आज बताया कि धाम में बर्फबारी के चलते मास्टर प्लान के कार्य रोक दिए गए थे। मौसम अनुकूल हुआ तो धाम में मास्टर प्लान के कार्यों को शुरू कर दिया गया है धाम में कुछ ऐसे कार्य है कि जो कपाट खुलने से पूर्व किए जाने हैं। उन सभी कार्य को लगभग 10-15 अप्रैल तक पूर्ण कर लिया जायेगा ताकि यात्रा सुचारू रूप से चल सके। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/576135/long-queues-of-devotees-at-temples-during-chaitra-navratri--massive-crowds-throng-haridwar-for--darshan--of-skandmata"><span class="t-red">चैत्र नवरात्रि पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें, </span>स्कंदमाता के दर्शनों के लिए हरिद्वार में उमड़ा सैलाब </a></h5>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 13:11:57 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
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            <item>
                <title> बदरीनाथ: करोड़ों हिंदुओं की आस्था का धाम, अंतिम चरण में संचालित मास्टर प्लान का कार्य</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चमोली।</strong> उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित करोड़ों हिंदुओं की आस्था के धाम बदरीनाथ धाम में संचालित मास्टर प्लान के कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। यहां धाम में यातायात, तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही, पथ प्रकाश, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुव्यवस्थित करने, नदी तटों की सुरक्षा, साथ ही धाम की सुरक्षा, पार्किंग सहित सभी यात्री सुविधाओं, सीवर निस्तारण के विकास के लिए 440 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। जिससे अब योजना के अनुसार बदरीनाथ धाम का दिव्य और भव्य स्वरुप आकार लेने लगा है। </p>
<p style="text-align:justify;">धाम के मास्टर प्लान का निर्माण कार्य करवा रही पीआईयू</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575651/badrinath--a-shrine-of-faith-for-millions-of-hindus--master-plan-works-enter-final-phase"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(42)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली।</strong> उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित करोड़ों हिंदुओं की आस्था के धाम बदरीनाथ धाम में संचालित मास्टर प्लान के कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गए हैं। यहां धाम में यातायात, तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही, पथ प्रकाश, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुव्यवस्थित करने, नदी तटों की सुरक्षा, साथ ही धाम की सुरक्षा, पार्किंग सहित सभी यात्री सुविधाओं, सीवर निस्तारण के विकास के लिए 440 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। जिससे अब योजना के अनुसार बदरीनाथ धाम का दिव्य और भव्य स्वरुप आकार लेने लगा है। </p>
<p style="text-align:justify;">धाम के मास्टर प्लान का निर्माण कार्य करवा रही पीआईयू (लोनिवि) के अधिकारियों के अनुसार बदरीनाथ धाम में सभी कार्यों को जल्द पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बदरीनाथ धाम को तीर्थयात्रियों की आवश्यकता के अनुरुप और यात्री सुविधाओं से लैस करने की मंशा से यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 440 करोड़ से मास्टर प्लान के निर्माण कार्य करवाये जा रहे हैं। धाम को व्यवस्थित और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए यहां निर्माण कार्यों को चरण एक और दो भागों में किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">जिनमें से वर्तमान तक चरण एक के तहत वन-वे लूप रोड, बीआरओ बाईपास रोड, सिविक एमेनिटी बिल्डिंग, शेषनेत्र लेक, बद्रीश लेक, आईएसबीटी भवन, टूरिस्ट मैनेजमेंट सेंटर बिल्डिंग एवं एराइवल प्लाजा के निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। जबकि हॉस्पिटल एक्सटेंशन बिल्डिंग का कार्य अंतिम चरण में है। मास्टर प्लान के तहत चरण एक में अलकनंदा नदी तटों पर सुरक्षा के लिए किए जा रहे रिवरफ्रंट के कार्य युद्ध स्तर पर गतिमान है। जिसमें रिवरफ्रंट-जी में फिनिशिंग का कार्य किया जा रहा है। रिवरफ्रंट-एफ का कार्य 75 फीसदी पूर्ण हो चुका है। </p>
<p style="text-align:justify;">जबकि रिवरफ्रंट-ए का कार्य भी गतिमान है। रिवरफ्रंट ई1 एवं ई2 के अंतर्गत 60 मीटर स्पान के स्टील ट्रस सेतुओं का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें ई 1 सेतु के लॉन्चिंग का कार्य किया जा रहा है एवं ई 2 सेतु के एबेटमेंट का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। वहीं दूरदर्शन स्थल में भी फिनिशिंग का कार्य किया जा रहा है। मास्टर प्लान के चरण दो में पुरोहित आवास के चार ब्लॉक का निर्माण हुआ पूर्ण हो चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बदरीनाथ मास्टर प्लान के चरण दो के तहत यहां एडमिन बिल्डिंग एवं इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रिवरफ्रंट-एफ1, रिवरफ्रंट-जी1 एवं पैदल सेतु का निर्माण भी किया जा रहा है। जबकि धाम में तीर्थ पुरोहित आवासों का भी निर्माण तेजी से किया जा रहा है। योजना के तहत यहां 11 तीर्थ पुरोहित आवास ब्लॉकों का निर्माण जानाह है। जबकि वर्तमान तक 4 ब्लॉक का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">परियोजना अधिकारियों के अनुसार अन्य ब्लाक का निर्माण कार्य जुलाई माह से पूर्व पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं नई स्वीकृति के अंतर्गत 2 नये तीर्थ पुरोहित आवास ब्लॉकों का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा। बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान निर्माण ऐजेंसी आई पी यू लोक निर्माण के अधिशासी अभियन्ता योगेश मनराल ने बताया बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत किए जा रहे निर्माण कार्यों को योजनाबद्ध रूप से पूर्ण किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">यहां योजना के अनुसार चरण एक के अधिकतर कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है। जबकि रिवर फ्रंट के निर्माण कार्य भी तेजी से किए जा रहे है। इसके साथ धाम में फेज वन के निर्माण कार्य भी गतिमान हैं। धाम में पुरोहित आवास के तहत 4 ब्लाक का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जबकि 7 ब्लाक का निर्माण कार्य गतिमान है और 2 नए आवंटित ब्लॉक का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/575650/horrifying-scenes-from-the-delhi-fire-tragedy--neighbors-attempt-to-rescue-family-by-breaking-through-walls-and-windows--allegations-of-delayed-assistance"><span class="t-red">दिल्ली अग्निकांड की भयावह तस्वीर,</span> पड़ोसियों ने दीवार और खिड़की तोड़ परिवार को बचाने की कोशिश, मदद में देरी का आरोप </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575651/badrinath--a-shrine-of-faith-for-millions-of-hindus--master-plan-works-enter-final-phase</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 18:28:30 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Hemkund Sahib Yatra: 2 3 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब कपाट, मुख्य सचिव ने की तैयारियों पर चर्चा, मौसम स्थितियों के अनुसार लिया फैसला </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>उत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित सिखों के प्रसिद्ध और पवित्र हिमालयी तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे। गोविन्द घाट गुरुद्वारा के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन से आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों पर चर्चा करने के बाद आज बताया कि पवित्र गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खोले जायेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्हाेंने बताया हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष बिंद्रा ने मुख्य सचिव से आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575164/hemkund-sahib-yatra--gates-of-hemkund-sahib-to-open-on-may-23--chief-secretary-reviews-preparations--decision-taken-based-on-weather-conditions"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(20)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>उत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित सिखों के प्रसिद्ध और पवित्र हिमालयी तीर्थ हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे। गोविन्द घाट गुरुद्वारा के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन से आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों पर चर्चा करने के बाद आज बताया कि पवित्र गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खोले जायेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्हाेंने बताया हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष बिंद्रा ने मुख्य सचिव से आगामी तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद तथा वर्तमान मौसम स्थितियों का आकलन करने के पश्चात्, दोनों पक्षों ने पवित्र गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार, 23 मई को खोलने पर आपसी सहमति व्यक्त की है। </p>
<p style="text-align:justify;">हेमकुंड साहिब विश्व भर के श्रद्धालुओं, खास कर सिख धर्म में अत्यंत गहन आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह वह पवित्र स्थल है जहां दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने पूर्व जन्म में ध्यान किया था। जिसका वर्णन खुद गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने द्वारा रचित दशम ग्रंथ के विचित्र नाटक अध्याय में किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री बिन्द्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया पवित्र हेमकुंड साहिब हिमालय की मनोरम श्रृंखलाओं के बीच 15,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है। यह गुरुद्वारा शांति, चिंतन एवं ईश्वरीय अनुभूति की तलाश में आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य एवं शांत वातावरण प्रदान करता है। प्रत्येक वर्ष विश्व भर से हजारों श्रद्धालु इस यात्रा के लिए पहुंचते हैं।,जो विश्व स्तर पर श्रद्धा, एकता एवं आध्यात्मिक नवीनीकरण का प्रतीक बन चुकी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/575142/heavy-damage-in-nainital-due-to-severe-storm--power-supply-disrupted--tin-roofs-blown-off-several-houses"><span class="t-red">नैनीताल में तेज आंधी-तूफान से भारी नुकसान : </span>बिजली आपूर्ति ठप्प, कई घरों की उड़ गईं टिन की छतें</a></h5>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575164/hemkund-sahib-yatra--gates-of-hemkund-sahib-to-open-on-may-23--chief-secretary-reviews-preparations--decision-taken-based-on-weather-conditions</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 13:52:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> औली में विंटर कार्निवल का आगाज:  नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप का शुभारंभ, देशभर से स्कीइंग टीमें कर रही प्रतिभाग </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध औली में नेशनल स्कीइंग विंटर कार्निवल शुक्रवार को आगाज हुआ। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दीप प्रज्वलित कर स्कीइंग नेशनल चैम्पियनशिप का शुभारम्भ किया। सतपाल महाराज ने आज नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप कार्निवल का शुभारंभ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और स्पष्ट संकल्प के परिणामस्वरूप उत्तराखंड को विश्वस्तरीय शीतकालीन पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल संभव हो सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन मंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना और साहसिक भावनाओं का अद्वितीय संगम है।</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571132/auli-s-winter-carnival-kicks-off-with-a-grand-opening--national-skiing-championship-begins--with-skiing-teams-from-across-the-country-participating"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(46)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध औली में नेशनल स्कीइंग विंटर कार्निवल शुक्रवार को आगाज हुआ। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दीप प्रज्वलित कर स्कीइंग नेशनल चैम्पियनशिप का शुभारम्भ किया। सतपाल महाराज ने आज नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप कार्निवल का शुभारंभ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और स्पष्ट संकल्प के परिणामस्वरूप उत्तराखंड को विश्वस्तरीय शीतकालीन पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल संभव हो सकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन मंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना और साहसिक भावनाओं का अद्वितीय संगम है। उन्होंने कहा समुद्र तल से 2500 से 3050 मीटर की ऊँचाई पर स्थित औली, अपने विस्तृत प्राकृतिक ढलानों, ओक और देवदार के वनों तथा नंदा देवी, कामेट और माणा जैसे हिमालयी शिखरों के दिव्य दृश्यों के कारण भारत का प्रमुख विंटर गंतव्य बन चुका है। यहाँ की भौगोलिक संरचना और अनुकूल जलवायु इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए आदर्श स्थल बनाती है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज से शुरू होने वाली नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप कार्निवल 16 फरवरी तक चलेगी। सतपाल ने कहा इस अवधि में गतिविधियां संचालित होंगी। साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय लोककलाओं की प्रस्तुतियाँ भी इस आयोजन को एक अद्वितीय उत्सव बना रही है। उन्होने कहा मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार स्तंभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। शीतकालीन पर्यटन एवं साहसिक खेलों को बढ़ावा दिए जाने हेतु औली में विंटर कार्निवल का आयोजन किया जा रहा है जिसे प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल 2026 में भारतीय सेना के सथ सूर्य देवभूमि चैलेंज का आयोजन प्रस्तावित है जिसके अंतर्गत हेलंग से उग्गम, रूद्रनाथ, मंडल होते हुए उखीमठ तक कुल 91 किमी, ट्रेल का आयोजन किया जाएगा। आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन की सफलता के पश्चात चमोली की नीति घाटी में 31 मई को नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन का आयोजन किया जाना है जिसमें रिमखिम से नीति होकर मलारी तक कुल 75 किमी. अल्ट्रामैराथन एवं मलारी से नीति होकर मलारी तक कुल 42 किमी. मैराथन आयोजित होगी। कार्यक्रम में विदेशी प्रतिभागियों की उपर्थिति सुनिश्चित किए जाने हेतु भी प्रयास किए जा रहे है। </p>
<p style="text-align:justify;">जून में भारतीय सेना के साथ मिलकर बद्रीनाथ एवं माणा में देवभूमि कल्वरल फेस्टिवल के द्वितीय संस्करण का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि 80 के दशक में कुमाऊँ से गढ़वाल के मध्य होने वाली प्रसिद्ध हिमालयन कार रैली का वर्ष 2026 में पुनः आयोजन प्रस्तावित है। पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के प्रचार-प्रसार हेतु गत माह एक्रो फेस्टिवल का आयोजन किया गया है जिसे कैलेंडर इवेंट की तरह हर साल आयोजित किया जाएगा। पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत केदारनाथ और हेमकुण्ड रोपवे का निर्माण कार्य इस वर्ष से होना प्रस्तावित है। </p>
<p style="text-align:justify;">रोपवे के निर्माण इन दोनों धामों में आने वाले श्रद्वालुओं को सुविधा प्रदान होगी। उन्होंने कहा कि औली स्थित रोपवे की शीघ्र मरमत की जाएगी जिसके लिए तकनीकी टीम जोशीमठ पहुंच गई है। इस अवसर पर पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, नगर पालिका अध्यक्ष जोशीमठ देवेश्वरी शाह, जोशीमठ के ब्लाक प्रमुख अनूप नेगी भाजपा जिला अध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिलाधिकारी गौरव कुमार चमोली ,एमडी जीएमवीएन विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पवार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/570913/restoration-of-kosi-barrage-damaged-in-severe-flood-target-to"><span class="t-red">भीषण बाढ़ में क्षतिग्रस्त कोसी बैराज का जीर्णोद्धार : </span>बरसात से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य, युद्धस्तर पर जारी कार्य </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
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                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 17:17:30 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
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                <title>चमोली में बढ़ा भालू का आतंक,  युवक पर हमले के बाद से दहशत का माहौल, एयरलिफ्ट कर घायल को भेजा गया एम्स ऋषिकेश</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>उत्तराखंड के चमोली जनपद में भालू के आतंक से ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक दहशत का माहौल है। रात के अंधेरे से लेकर सुबह के उजाले तक अलग-अलग स्थानों पर भालू देखे जा रहे हैं, जिससे लोग भयभीत है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर शाम नंदानगर ब्लॉक के खुनाणा गांव में भालू ने केसर सिंह नामक व्यक्ति पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, केसर सिंह जंगल में बकरियां चरा रहे थे तभी अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने जिला</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565920/bear-terror-increases-in-chamoli--atmosphere-of-fear-after-attack-on-a-young-man--injured-man-airlifted-to-aiims-rishikesh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>उत्तराखंड के चमोली जनपद में भालू के आतंक से ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक दहशत का माहौल है। रात के अंधेरे से लेकर सुबह के उजाले तक अलग-अलग स्थानों पर भालू देखे जा रहे हैं, जिससे लोग भयभीत है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर शाम नंदानगर ब्लॉक के खुनाणा गांव में भालू ने केसर सिंह नामक व्यक्ति पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, केसर सिंह जंगल में बकरियां चरा रहे थे तभी अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग को अवगत कराया। ग्रामीणों की मदद से घायल केसर सिंह को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों की सलाह पर जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश से उन्हें देर रात एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया। जहां उनका उपचार चल रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">बद्रीनाथ प्रभागीय वन अधिकारी सर्वेश दुबे ने बताया कि भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल केसर सिंह के परिजनों को विभाग की ओर से तात्कालिक सहायता के रूप में 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई है। साथ ही घायल के उपचार से संबंधित समस्त खर्च भी वन विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में रोष और भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और भालू की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/565917/rebellion-in-bjp-over-ankita-bhandari-murder-case--youth-wing-district-minister-resigns-after-vip-name-surfaces"><span class="t-red">अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा में बगावत, </span>VIP नाम समाने आने के बाद युवा मोर्चा जिला मंत्री ने दिया इस्तीफा </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
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                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565920/bear-terror-increases-in-chamoli--atmosphere-of-fear-after-attack-on-a-young-man--injured-man-airlifted-to-aiims-rishikesh</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 11:42:31 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
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            <item>
                <title>उत्तराखंड में जल विद्युत परियोजना में बड़ा हादसा: आपस में टकराई लोको ट्रेन, 60 घायल</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीवीएम साइट पर मंगलवार शिफ्ट बदलते समय एक बढ़ा हादसा हुआ। आरंभिक जानकारी के अनुसार, टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई, जिससे काफ़ी संख्या में मजदूर घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और वहां भर्ती घायलों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। </p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने बुधवार को कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 100 लोगों</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565660/major-accident-at-a-hydropower-project-in-uttarakhand--loco-trains-collide--60-injured"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/untitled-design-(5)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीवीएम साइट पर मंगलवार शिफ्ट बदलते समय एक बढ़ा हादसा हुआ। आरंभिक जानकारी के अनुसार, टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई, जिससे काफ़ी संख्या में मजदूर घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और वहां भर्ती घायलों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। </p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने बुधवार को कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 100 लोगों में से लगभग 60 घायल होने की सूचना है। जिसमें 42 घायल मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में तथा 17 घायल मजदूरों का उपचार विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में किया जा रहा है अन्य की स्थिति सामान्य है। सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि घटना के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">जिला अधिकारी ने कहा हादसे में गंभीर रूप से घायल आठ लोगों का इलाज जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में किया जा रहा है। सभी की स्थिति खतरे से बाहर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल परियोजना में काम कर रहे अधिकांश श्रमिक और अलग अलग पदों पर कार्यरत आपरेटर जम्मू-कश्मीर, उडीसा, पंजाब और हिमाचल के हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली/चमोली। भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड के चमोली जिले में संचालित 'विष्णुगढ़ पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना' सुरंग निर्माण में हुए ट्रेन हादसे से उसका कोई संबंध नहीं है। रेलवे ने बुधवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में जानकारी देते हुए कहा है कि यह घटना स्थानीय स्तर पर माल परिवहन प्रबंधन में प्रयोग की जा रही ट्रॉली से सम्बंधित है। इसका भारतीय रेलवे से कोई सम्बन्ध नहीं है। </p>
<p style="text-align:justify;">दुर्घटनाग्रस्त लोकोमोटिव भारतीय रेलवे के नेटवर्क का हिस्सा नहीं हैं। यह सुरंग के भीतर परिवहन के लिए की गई एक स्थानीय ट्रॉली व्यवस्था थी, जिसका रेलवे की मुख्य परिचालन प्रणाली से कोई लेना-देना नहीं है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीवीएम साइट पर मंगलवार रात लगभग साढ़े नौ बजे शिफ्ट परिवर्तन के समय एक हादसा हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">आरंभिक जानकारी के अनुसार सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो ट्रॉलियों की आपस में टक्कर हो गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि इन ट्रॉलियों में 100 से अधिक श्रमिक सवार थे। इनमें लगभग 60 घायल होने की सूचना है। जिसमें 42 घायल मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में तथा 17 घायल मजदूरों का उपचार विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में किया जा रहा है। अन्य की स्थिति सामान्य है। </p>
<p style="text-align:justify;">सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। श्री कुमार ने बताया कि हादसे में नौ श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे में घायल हुए अधिकांश श्रमिक जम्मू कश्मीर, ओडिशा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से हैं। टिहरी हाइड्रो डेवलपवमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी ) के कार्यकारी निदेशक कुमार शरद ने बताया कि यह टक्कर रात करीब 9:30 बजे शिफ्ट बदलने के समय हुई। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने राहत जताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और कंपनी अपने प्रभावित कर्मचारियों के साथ खड़ी है। अलकनंदा नदी पर बन रही यह जलविद्युत परियोजना अगले वर्ष तक पूर्ण होने की संभावना है। इसके तहत हेलंग गांव के पास 65 मीटर ऊंचे बांध का निर्माण किया जा रहा है, जिससे प्रतिवर्ष 1,665 गीगावाट-घंटे बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े :  </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/565420/doon-university--governor-awarded-gold-medals-to-42-students-at-the-sixth-convocation"><span class="t-red">Doon University: </span>छठे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने प्रदान किए 42 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक  </a></h5>]]>
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                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565660/major-accident-at-a-hydropower-project-in-uttarakhand--loco-trains-collide--60-injured</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 12:11:12 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
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            <item>
                <title>Uttarakhand News: निर्माणाधीन विद्युत परियोजना की लोको ट्रेनों में टक्कर, 60 घायल </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>चमोली। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीवीएम साइट पर मंगलवार शिफ्ट बदलते समय एक बढ़ा हादसा हुआ। आरंभिक जानकारी के अनुसार, टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई, जिससे काफ़ी संख्या में मजदूर घायल हो गए।</p>
<p>हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और वहां भर्ती घायलों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बुधवार को कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 100 लोगों</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565659/uttarakhand-news--loco-trains-of-under-construction-power-project-collide--60-injured"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(45)15.png" alt=""></a><br /><p><strong>चमोली। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी जल विद्युत परियोजना की टीवीएम साइट पर मंगलवार शिफ्ट बदलते समय एक बढ़ा हादसा हुआ। आरंभिक जानकारी के अनुसार, टनल के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई, जिससे काफ़ी संख्या में मजदूर घायल हो गए।</p>
<p>हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे और वहां भर्ती घायलों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बुधवार को कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 100 लोगों में से लगभग 60 घायल होने की सूचना है। जिसमें 42 घायल मजदूरों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में तथा 17 घायल मजदूरों का उपचार विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में किया जा रहा है अन्य की स्थिति सामान्य है। सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि घटना के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं।</p>
<p>जिला अधिकारी ने कहा हादसे में गंभीर रूप से घायल आठ लोगों का इलाज जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में किया जा रहा है। सभी की स्थिति खतरे से बाहर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल परियोजना में काम कर रहे अधिकांश श्रमिक और अलग अलग पदों पर कार्यरत आपरेटर जम्मू-कश्मीर, उडीसा, पंजाब और हिमाचल के हैं।</p>]]>
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                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 12:07:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Muskan Dixit]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>बंड महोत्सव समापन: विकास संबंधित घोषणा कर बोले सीएम धामी, स्थानीय उत्पादों-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चमोली</strong>। उत्तराखंड के चमोली जिले में बंड महोत्सव के समापन अवसर पर शुक्रवार को पहुंचे राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि लोक मेले स्थानीय उत्पादों को मंच प्रदान करते हैं और इनमें लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी स्मृति-चिह्न एवं भेंट अब स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को बल मिल रहा है। उन्होंने इस दौरान क्षेत्रीय विकास संबंधित अनेक घोषणा भी की। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने सेमलडाला खेल मैदान के विस्तारीकरण, नंदा</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565034/bund-festival-concludes--cm-dhami-makes-development-related-announcements--says-government-committed-to-promoting-local-products-and-tourism"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/untitled-design-(41)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली</strong>। उत्तराखंड के चमोली जिले में बंड महोत्सव के समापन अवसर पर शुक्रवार को पहुंचे राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि लोक मेले स्थानीय उत्पादों को मंच प्रदान करते हैं और इनमें लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी स्मृति-चिह्न एवं भेंट अब स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को बल मिल रहा है। उन्होंने इस दौरान क्षेत्रीय विकास संबंधित अनेक घोषणा भी की। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने सेमलडाला खेल मैदान के विस्तारीकरण, नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग में पेयजल सहित आधारभूत सुविधाओं का विकास किए जाने, ग्वालदम से तपोवन लॉर्ड कर्जन मार्ग का नाम बदलकर नंदा-सुनंदा मार्ग रखे जाने तथा राजराजेश्वरी मंदिर कुरुड़ का सौंदर्यीकरण एवं अनसूया देवी मंदिर मंडल में यात्री विश्राम गृह की घोषणा की। उन्होंने "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" कार्यक्रम के अंतर्गत, प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान का आह्वान करते हुए आमजन से इसमें सक्रिय सहभागिता की अपील की। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, किसानों एवं मेले से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल, वोकल फॉर लोकल और मेड इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के लिए जो संदेश दिया है, राज्य सरकार उसके प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। केदारनाथ एवं बद्री विशाल के प्रांगण में मास्टर प्लान के अंतर्गत कार्य किए जा रहे हैं तथा रोपवे निर्माण एवं रेल परियोजनाओं से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन तथा होमस्टे योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में 800 से अधिक होमस्टे संचालित हैं और उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है तथा देवभूमि की विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और विकास का केंद्र बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की मिसाल बना मक्कू मठ का होम-स्टे मॉडल </h5>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड के जनपद रुद्रप्रयाग में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाए जा रहे प्रभावी कदम और सरकार की विभिन्न योजनाओं के ज़मीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन से महिलाओं को मजबूत आर्थिकी से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में मक्कू मठ क्षेत्र में महिलाओं द्वारा संचालित "अपणु घर" (होम-स्टे) वर्तमान में आत्मनिर्भरता की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इनका संचालन पूरी तरह से स्थानीय महिलाओं के हाथों में है। जहाँ छह महिलाएँ स्वयं ही प्रबंधन, अतिथि सत्कार, साफ़-सफाई एवं दैनिक संचालन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। खंड विकास अधिकारी, ऊखीमठ, अनुष्का के अनुसार ये सभी महिलाएँ अब आत्मनिर्भर हैं। इन होम-स्टे को ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ा गया है। यहाँ ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से दूर-दराज़ से लोग यहाँ घूमने आते हैं, जिससे इन महिलाओं की अच्छी आमदनी भी हो रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस प्रकार की योजनाओं का लाभ अन्य गाँवों में भी तलाशा जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। उन्होंने बताया कि इन होम-स्टे के निर्माण एवं विकास के लिए बाल विकास विभाग, हिमोत्थान सोसायटी तथा मनरेगा के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे महिलाओं को स्वरोजगार का एक स्थायी माध्यम मिला। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिली है। सुश्री अनुष्का के अनुसार, मक्कू मठ के ये होम-स्टे स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक आतिथ्य और महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है और प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/564866/cm-dhami-participated-in-the-kedarkantha-winter-festival-in-sankri--flagged-off-the-tourist-group">सांकरी में केदारकांठा शीतकालीन महोत्सव में शामिल हुए CM धामी, पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना </a></h5>]]>
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                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 18:07:47 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>बदरीनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद, अब योग बदरी पांडुकेश्वर में होगी शीतकालीन पूजा </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>विश्व प्रसिद्ध और भारत के चार धामों में एक उत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट विधि विधान के साथ मंगलवार को अपराह्न दो बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिया गया। अब योग बदरी पांडुकेश्वर में शीतकालीन पूजा होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु दिव्य अनुष्ठान के साक्षी बने। भक्ति मय माहौल और शास्त्रीय विधि विधान के साथ भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम में बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद हुये। देश के अलग अलग राज्यों से 25 हजार से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ कपाट बंद होने के अनुष्ठान के साक्षी बने।</p>
<p style="text-align:justify;">सेना की भक्तिमय</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561133/the-doors-of-badrinath-temple-are-closed-for-the-winter-season--now-the-winter-puja-will-be-held-at-yoga-badri-pandukeshwar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/830.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली। </strong>विश्व प्रसिद्ध और भारत के चार धामों में एक उत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट विधि विधान के साथ मंगलवार को अपराह्न दो बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिया गया। अब योग बदरी पांडुकेश्वर में शीतकालीन पूजा होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु दिव्य अनुष्ठान के साक्षी बने। भक्ति मय माहौल और शास्त्रीय विधि विधान के साथ भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम में बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद हुये। देश के अलग अलग राज्यों से 25 हजार से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ कपाट बंद होने के अनुष्ठान के साक्षी बने।</p>
<p style="text-align:justify;">सेना की भक्तिमय बैंड धुनों और श्रद्धालुओं की आस्था की सामूहिक जय घोष और बदरी विशाल लाल की जय के बीच मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस दौरान स्थानीय कलाकारों वह महिला मंगल दल बामणी, माणा की महिलाओं ने सामूहिक लोक नृत्य प्रस्तुत किया और बदरी विशाल के जागर लगे। बदरीनाथ के कपाट बंद होने से पूर्व अपराह्न एक बजे से प्रक्रिया शुरू हुई।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2025-11/cezq--guab6si2qq.mp4" controls=""></video>
<p style="text-align:justify;">रावल अमरनाथ नंबूदरी धर्म अधिकारी और वेदपाठी रविंद्र भट्ट तथा आचार्य ने कपाट बंद की प्रक्रिया पूरी की । जिसके बाद उद्धव और कुबेर जी के विग्रह को मंदिर परिसर में लाया गया। इसके बाद रावल अमरनाथ नंबूदरी ने स्त्री वेश धारण कर मां लक्ष्मी को मंदिर से बदरीनाथ मंदिर के गर्भ ग्रह में भगवान बदरी विशाल के सानिध्य में विराजमान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसके बाद माणा गांव की अविवाहित बालिकाओं द्वारा बुनकर तैयार किया गया भगवान बदरी विशाल को घृत कंबल ओढ़ाया गया। इसके बाद रावल अमरनाथ नंबूदरी द्वारा नियत समय पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों, कर्मचारी धर्मअधिकारी वेद पाठियों की उपस्थिति में मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए।</p>]]>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/561133/the-doors-of-badrinath-temple-are-closed-for-the-winter-season--now-the-winter-puja-will-be-held-at-yoga-badri-pandukeshwar</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 16:31:18 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Deepak Mishra]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बदरीनाथ धाम के पास टूटा कुबेर भंडार ग्लेशियर... हिमस्खलन से कोई नुकसान नहीं, कंचनगंगा नदी के ऊपरी इलाके तक पंहुचा मलबा  </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोपेश्वर। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ के समीप कुबेर भंडार ग्लेशियर से शुक्रवार सुबह हिमस्खलन हुआ, जो कंचनगंगा नदी के ऊपरी इलाके तक पहुंच गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। हालांकि, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि यह हिमस्खलन बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से कई 100 मी ऊपर ही खत्म हो गया और इससे किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि यह इस इलाके में होने वाली एक सामान्य प्राकृतिक घटना है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुबेर भंडार ग्लेशियर से एक हिस्सा जोर की आवाज के साथ नीचे</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556529/kuber-bhandar-glacier-broke-near-badrinath-dham----no-damage-from-avalanche--debris-reached-the-upper-reaches-of-the-kanchenjunga-river"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(2)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोपेश्वर। </strong>उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ के समीप कुबेर भंडार ग्लेशियर से शुक्रवार सुबह हिमस्खलन हुआ, जो कंचनगंगा नदी के ऊपरी इलाके तक पहुंच गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। हालांकि, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि यह हिमस्खलन बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से कई 100 मी ऊपर ही खत्म हो गया और इससे किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि यह इस इलाके में होने वाली एक सामान्य प्राकृतिक घटना है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुबेर भंडार ग्लेशियर से एक हिस्सा जोर की आवाज के साथ नीचे आया। उन्होंने बताया कि तेज आवाज और ग्लेशियर के बहने के दृश्य से वहां मौजूद श्रद्धालु भी रोमांचित हो उठे। </p>
<p style="text-align:justify;">माणा गांव के पूर्व प्रधान पिताम्बर सिंह मोल्फा ने कहा कि ऊपरी हिमालय क्षेत्र में बर्फीली चोटियों से हिमस्खलन एक सामान्य बात है। मोल्फा ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर के पिघल कर टूटने की घटनाएं होती रहती हैं और तीर्थयात्री भी इनके साक्षी बनते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>
<h6 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/556517/major-accident-in-rishikesh--young-man-missing-in-the-ganges-after-the-glass-floor-of-bajrang-bridge-broke--sdrf-investigation-underway"><span class="t-red">ऋषिकेश में बड़ा हादसा:</span> बजरंग पुल का कांच का फर्श टूटने से गंगा में लापता हुआ युवक, SDRF की छानबीन जारी</a></h6>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>बदरीनाथ</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556529/kuber-bhandar-glacier-broke-near-badrinath-dham----no-damage-from-avalanche--debris-reached-the-upper-reaches-of-the-kanchenjunga-river</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Oct 2025 16:39:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
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                <title>उत्तराखंड में 5 सितंबर तक रोकी गई चारधाम-हेमकुंड साहिब यात्रा, भारी बारिश और भूस्खलन के चलते लिया फैसला </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चमोली।</strong> उत्तराखंड सरकार ने राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री तथा यमुनोत्री के साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा को पांच सितंबर तक स्थगित कर दिया है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि प्रदेश में कई जगह भारी बारिश के कारण भूस्खलन या मलबा आने से यात्रा मार्ग बाधित हो रहे हैं। हालांकि सरकार इन सभी मार्गों को प्राथमिकता पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए, फिलहाल चारों धाम की यात्रा के साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा को पांच सितम्बर तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551891/chardham-hemkund-sahib-yatra-postponed-till-september-5-in-uttarakhand--decision-taken-due-to-heavy-rains-and-landslides"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/untitled-design-(20).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चमोली।</strong> उत्तराखंड सरकार ने राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री तथा यमुनोत्री के साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा को पांच सितंबर तक स्थगित कर दिया है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि प्रदेश में कई जगह भारी बारिश के कारण भूस्खलन या मलबा आने से यात्रा मार्ग बाधित हो रहे हैं। हालांकि सरकार इन सभी मार्गों को प्राथमिकता पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए, फिलहाल चारों धाम की यात्रा के साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा को पांच सितम्बर तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यात्रियों से प्रतिकूल मौसम को देखते हुए फिलहाल यात्रा रोकने की अपील करते हुए प्रशासन के परामर्श का पालन करने का आग्रह किया है। मौसम सामान्य होने एवं मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने पर यात्रा मार्ग को खोल दिया जाएगा। गढ़वाल कमिश्नर ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क मार्गों की निगरानी, सफाई तथा यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यात्रियों से धैर्य एवं संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यात्रा संबंधी पूरी जानकारी के लिए प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क किया जा सकता है। इससे पहले चमोली के जिलाधिकारी डा संदीप तिवारी ने बताया कि भारी वर्षा के कारण चमोली जिले में बदरीनाथ हाइवे पर कमेडा़ नंदप्रयाग, पागलनाला, भनेरपानी में मार्ग बाधित होने और यात्रा के दौरान खतरा बढ़ने की आशंका बनी रहती है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस स्थिति के मद्देनजर लोगों तथा यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पांच सितंबर तक बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जाती है। जिलाधिकारी ने बताया कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों से अपील है कि वे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/551072/uttarakhand--relief-work-continues-on-war-footing-in-disaster-hit-tharali--cm-dhami-inspected--listened-to-problems">उत्तराखंड: आपदाग्रस्त थराली में राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी, सीएम धामी ने किया निरीक्षण, सुनीं समस्याएं</a></strong></p>]]>
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                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>बदरीनाथ</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 17:23:48 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
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                <title>Cloud Burst: रुद्रप्रयाग, चमोली जनपदों में बादल फटने से फंसे कई लोग, CM धामी ने जताया दुख </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि में जनपद रुद्रप्रयाग और जनपद चमोली के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने (अतिवृष्टि) की घटना हुई जिसमें कुछ परिवार फंसने की खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन घटनाओं पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना की है। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/pushkardhami/status/1961246341809819902">https://twitter.com/pushkardhami/status/1961246341809819902</a></blockquote>
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<p>मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार सुबह एक्स पर लिखा, "जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551533/cloud-burst--many-people-stranded-due-to-cloudburst-in-rudraprayag--chamoli-districts--cm-dhami-expressed-grief"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(3)18.png" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून।</strong> उत्तराखंड में गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि में जनपद रुद्रप्रयाग और जनपद चमोली के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने (अतिवृष्टि) की घटना हुई जिसमें कुछ परिवार फंसने की खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन घटनाओं पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना की है। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/pushkardhami/status/1961246341809819902">https://twitter.com/pushkardhami/status/1961246341809819902</a></blockquote>
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<p>मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार सुबह एक्स पर लिखा, "जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और इस संबंध में निरंतर अधिकारियों से संपर्क में हूं। आपदा सचिव और जिलाधिकारियों से बात कर बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।" विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/551531/pm-modi-japan-visit--prime-minister-narendra-modi-arrived-in-japan--received-a-warm-welcome">PM Modi Japan Visit: जापान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, हुआ जोरदार स्वागत</a></strong></p>]]>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Aug 2025 09:24:42 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Muskan Dixit]]>
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