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                <title>टिहरी गढ़वाल - Amrit Vichar</title>
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                <description>टिहरी गढ़वाल RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Tehri News : टिहरी में श्रमिकों के लिए बड़ी राहत! 18 जनसुविधा केंद्रों पर होगा पंजीकरण-नवीनीकरण, जानिए कब तक चलेगा अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[टिहरी जिले में श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए 18 सीएससी अधिकृत किए गए हैं। मनरेगा में 90 दिन काम का प्रमाणपत्र देने वाले श्रमिकों का पंजीकरण बीडीओ के माध्यम से होगा। चंबा में 27 अगस्त तक विशेष अभियान चलेगा और मोबाइल ऐप से भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/591479/tehri-workers-registration-renewal-18-csc-centres-august-27"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-08/raj.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी।</strong> उत्तराखंड के टिहरी में श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जिले में 18 जनसुविधा केंद्रों (सीएससी) को अधिकृत किया गया है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी आईशा खान ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि पात्र श्रमिक इन केंद्रों पर पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण एवं नवीनीकरण करा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले के विभिन्न विकासखंडों में अधिकृत किए गए केंद्रों में जाखणीधार के बडोनी सीएससी और बिष्ट सीएससी, थत्यूड़ के आरबी सीएससी एवं आरडी भट्ट सीएससी, हिण्डोलाखाल के रविन्द्र सीएससी, चंबा के शिवानन्द सीएससी, महिपाल सजवाण सीएससी एवं अमित कुमार डबराल सीएससी, घुत्तू-घनसाली के जितेन्द्र सीएससी, कीर्तिनगर के कैलाश पैन्यूली सीएससी, नरेन्द्रनगर के हरपाल सिंह सीएससी, प्रतापनगर के अनमोल सीएससी एवं आनन्द जोशी सीएससी, थौलधार के लसियाल सीएससी एवं नौटियाल सीएससी, भिलंगना के अमेन्द्र सिंह सीएससी तथा जौनपुर के दीपक अग्रवाल सीएससी शामिल हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>90 दिन मनरेगा काम का प्रमाणपत्र जरूरी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">श्रम विभाग के अनुसार मनरेगा में 90 दिनों के कार्य का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाले श्रमिकों का पंजीकरण अथवा नवीनीकरण संबंधित विकासखंड के खंड विकास अधिकारी के माध्यम से किया जाएगा। विभाग की ओर से श्रमिकों को पंजीकरण की प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी देने के लिए विकासखंड एवं न्याय पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>27 अगस्त तक चलेगा अभियान</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">वहीं विकासखंड चंबा में श्रमिकों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण का अभियान जारी है। यह अभियान 27 अगस्त तक विकासखंड के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा श्रमिक मोबाइल ऐप के माध्यम से भी स्वयं अपना पंजीकरण एवं नवीनीकरण कर सकते हैं। श्रम विभाग ने पात्र श्रमिकों से अपील की है कि वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर अपना पंजीकरण एवं नवीनीकरण कराकर विभागीय योजनाओं का लाभ उठाएं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/591476/pauri-20-25-point-program-review-d-category-items-reduced#gsc.tab=0">Pauri News : 11 से घटकर 3 हुईं डी श्रेणी की मदें, विकास योजनाओं की प्रगति में सुधार, जानिए क्या बोले सीडीओ</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/591479/tehri-workers-registration-renewal-18-csc-centres-august-27</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 13:30:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Char Dham Yatra 2026: भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, प्रशासन का बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में लगातार बारिश से कई यात्रा मार्ग प्रभावित, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आज और कल चारधाम यात्रा पर लगाई गई रोक; मौसम सामान्य होने के बाद होगा अगला निर्णय।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589140/char-dham-yatra-suspended-two-days-heavy-rain-landslide-uttarakhand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/भारी-बारिश-और-भूस्खलन-के-बीच-दो-दिन-के-लिए-रुकी-चारधाम-यात्रा-(2).png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>चमोली/टिहरी/रुद्रप्रयागः </strong>उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और विभिन्न स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने मंगलवार से दो दिनों के लिए चारधाम यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला गढ़वाल मंडल आयुक्त की ओर से लिया गया है।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-(1).png" alt="भारी बारिश और भूस्खलन के बीच दो दिन के लिए रुकी चारधाम यात्रा (1)"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>भूस्खलन से कई मार्ग हुए प्रभावित</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">गढ़वाल मंडल आयुक्त के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्ग के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़कें बाधित हो गई हैं। मार्गों पर मलबा आने और आवागमन प्रभावित होने के कारण यात्रा जारी रखना सुरक्षित नहीं माना गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>मौसम विभाग के अलर्ट के बाद लिया गया निर्णय</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने बताया कि मौसम विभाग ने भी आगामी समय के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आज और कल चारधाम यात्रा स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B6-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%B2%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%A6%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE.png" alt="भारी बारिश और भूस्खलन के बीच दो दिन के लिए रुकी चारधाम यात्रा"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>श्रद्धालुओं से की गई यह अपील</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे मौसम और यात्रा मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लिए बिना यात्रा पर रवाना न हों। साथ ही सभी यात्रियों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>सुरक्षित होने पर फिर शुरू होगी यात्रा</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही मौसम सामान्य होगा और यात्रा मार्गों को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया जाएगा, उसके बाद चारधाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589129/uttarakhand-normal-life-disrupted-uttarkashi-tehri-due-heavy-rains-several-roads-closed"><span class="t-red">Uttarakhand: </span>भारी बारिश से उत्तरकाशी और टिहरी में जनजीवन प्रभावित; कई सड़कें बंद</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>चमोली</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589140/char-dham-yatra-suspended-two-days-heavy-rain-landslide-uttarakhand</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 12:36:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttarakhand:  भारी बारिश से उत्तरकाशी और टिहरी में जनजीवन प्रभावित; कई सड़कें बंद</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में भूस्खलन और मलबा आने से कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे प्रभावित होने से चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589129/uttarakhand-normal-life-disrupted-uttarkashi-tehri-due-heavy-rains-several-roads-closed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/normal-life-disrupted-in-uttarkashi-and-tehri-due-to-heavy-rain-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>उत्तरकाशी/टिहरी। </strong>उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते कई इलाकों में भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा आने के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। इससे चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उत्तरकाशी में यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे कई जगह बंद</h3>
<p style="text-align:justify;">उत्तरकाशी जिले में सोमवार देर रात से जारी बारिश के कारण यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गए हैं। यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़, सिलाई बैंड, जंगलचट्टी, दुर्बिल और बढ़िया के पास भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, गंगोत्री हाईवे पर गंगानी-सुनगर और भटवाड़ी के चड़ेथी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण मार्ग बंद हो गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग मार्गों को खोलने के लिए मलबा हटाने के काम में जुटे हुए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यमुनोत्री पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त</h3>
<p style="text-align:justify;">भारी बारिश के कारण यमुनोत्री धाम जाने वाला पैदल मार्ग भी प्रभावित हुआ है। राम मंदिर के पास नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 25 से 30 मीटर लंबा रास्ता धंस गया है, जिसके बाद सुरक्षा को देखते हुए यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">टिहरी गढ़वाल में कई सड़कें बंद, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी</h3>
<p style="text-align:justify;">टिहरी गढ़वाल जिले में भी लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। कुमाल्डा क्षेत्र में कटुकिचैल के पास सड़क बंद होने से चंबा-सत्यों-रायपुर मार्ग प्रभावित हुआ है। इसके अलावा रानीचौरी-नकोट मार्ग, रानीचौरी-खंडकरी मार्ग भी बंद हैं। वहीं पहाड़ी से लगातार मलबा आने के खतरे को देखते हुए नरेंद्रनगर-गुजराड़ा-रानीपोखरी मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियां प्रभावित मार्गों को जल्द खोलने में जुटी हैं। पुलिस ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। लगातार बारिश को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/588872/pilgrimgujaratkedarnathyatrapassesawaydiesdehradunrescuedhelicopter"><span class="t-red">केदारनाथ यात्रा पर आए गुजरात के श्रद्धालु की मौत, </span>हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू के बाद देहरादून में तोड़ा दम</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589129/uttarakhand-normal-life-disrupted-uttarkashi-tehri-due-heavy-rains-several-roads-closed</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 11:23:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Tehri News: 1866 से चली आ रही ऐतिहासिक मौण मेला परंपरा का भव्य आयोजन, अगलाड़ नदी में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड के टिहरी में 1866 से आयोजित ऐतिहासिक मौण मेले में 114 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण शामिल हुए। अगलाड़ नदी में टिमरू की छाल से बनी प्राकृतिक मौण के साथ निभाई गई सदियों पुरानी सामूहिक मत्स्य आखेट की परंपरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585944/tehri-news--grand-celebration-of-the-historic--maun-mela--tradition-dating-back-to-1866--thousands-of-devotees-gather-with-faith-at-the-aglar-river"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/025.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>टिहरी।</strong> उत्तराखंड के जौनपुर क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, सामाजिक समरसता और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक ऐतिहासिक मौण मेला शनिवार को अगलाड़ नदी के तट पर पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। वर्ष 1866 से चली आ रही इस अनूठी परंपरा में मसूरी सहित 114 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीणों ने भाग लिया। ढोल-दमाऊ की गूंज, लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों से पूरा क्षेत्र सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर दिखाई दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मेले की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुई। ग्रामीणों ने टिमरू की छाल से तैयार औषधीय प्राकृतिक पाउडर 'मौण' को अगलाड़ नदी में प्रवाहित किया। इसके बाद हजारों लोग कृकुंडियाड़ा, फटियाड़ा, जाल और अन्य पारंपरिक उपकरणों के साथ नदी में उतरे और सामूहिक रूप से सदियों पुरानी मत्स्य आखेट की परंपरा का निर्वहन किया। पूरे आयोजन के दौरान नदी तट पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थानीय निवासी राजेश नौटियाल और सूरज सिंह रावत ने बताया कि इस वर्ष कांडी तल्ला, कांडी मल्ला, मेलेंगढ़, सड़ब तल्ला, सड़ब मल्ला, बेल और परोगी सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने मिलकर टिमरू की छाल से मौण तैयार किया। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल मछली पकड़ने का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत महापर्व है, जिसका पूरे क्षेत्र को सालभर इंतजार रहता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार मौण मेले की शुरुआत वर्ष 1866 में तत्कालीन टिहरी नरेश द्वारा कराई गई थी। तब से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है और आधुनिक दौर में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए हुए है। इस मेले की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक पदार्थ का उपयोग नहीं किया जाता। टिमरू की छाल से तैयार प्राकृतिक मौण कुछ समय के लिए मछलियों को अचेत कर देता है, जबकि शेष मछलियां थोड़ी देर बाद सामान्य होकर दोबारा नदी में तैरने लगती हैं। इसी कारण इस परंपरा को पर्यावरण और जलीय जीवन के अनुकूल माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">मेले के दौरान जौनपुर और जौनसार की लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुति दी, जबकि युवाओं ने ढोल-दमाऊ की थाप पर आकर्षक लोकनृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। शाम तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन के बाद ग्रामीण उत्साह और उल्लास के साथ अपने-अपने गांव लौट गए।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का मानना है कि बदलते समय में मौण मेला जैसी लोक परंपराएं नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 21:48:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Chandra Mani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Rashtriya Bal Puraskar 2026: अगर आपके बच्चे में है कोई अनोखा टैलेंट, तो जल्द करें रजिस्ट्रेशन; खुद पीएम मोदी करेंगे सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>टिहरी:</strong> उत्तराखंड में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी)-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किये हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह प्रतिष्ठित सम्मान 18 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा, उत्कृष्ट उपलब्धि और प्रेरणादायी कार्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र का गौरव बढ़ाया हो। </p>
<p>बुधवार को विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार छह श्रेणियों बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में प्रदान किया जाता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584956/pm-rashtriya-bal-puraskar-2026-if-your-child-has-any"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/muskan-dixit-(21)4.png" alt=""></a><br /><p><strong>टिहरी:</strong> उत्तराखंड में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी)-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किये हैं। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह प्रतिष्ठित सम्मान 18 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा, उत्कृष्ट उपलब्धि और प्रेरणादायी कार्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र का गौरव बढ़ाया हो। </p>
<p>बुधवार को विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार छह श्रेणियों बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में प्रदान किया जाता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इसके लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी, संस्थान एवं संगठन 31 जुलाई तक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। </p>
<h4><strong>विभाग ने की लोगों से अपील</strong></h4>
<p>महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों तथा आमजन से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उनका नामांकन सुनिश्चित करें, जिन्होंने अपनी उपलब्धियों से समाज में प्रेरणा का कार्य किया हो। विभाग ने विशेष रूप से बालिकाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग, कमजोर वर्गों तथा दिव्यांग बच्चों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से उनके नामांकन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। </p>
<h4><strong>जानें कैसे कर सकते हैं आवेदन</strong></h4>
<p>अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य देशभर के मेधावी एवं प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। विभाग ने बताया कि नामांकन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे तथा आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। ऐसे में इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थान समय रहते पात्र बच्चों का नामांकन कर इस राष्ट्रीय सम्मान की दौड़ में शामिल करा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>ऋषिकेष</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:33:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Devprayag Accident : अलकनंदा में गिरी इनोवा, रेस्क्यू में जुटी स्थानीय पुलिस और SDRF</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी। </strong>उत्तराखंड के टिहरी में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को थाना देवप्रयाग क्षेत्र के चकासा स्थित गंगा होटल दर्शन के समीप एक इनोवा टैक्सी अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिर गयी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे वाहन अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया और सड़क से नीचे गहरी खाई में गिरते हुए अलकनंदा नदी में समा गया। </p>
<h4 style="text-align:justify;">नदी में गिरा वाहन एक इनोवा टैक्सी </h4>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद आसपास के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583674/major-accident-on-badrinath-highway--innova-falls-into-alaknanda-river--local-police-and-sdrf-engaged-in-rescue"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(14)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी। </strong>उत्तराखंड के टिहरी में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को थाना देवप्रयाग क्षेत्र के चकासा स्थित गंगा होटल दर्शन के समीप एक इनोवा टैक्सी अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिर गयी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आज सुबह करीब 10 बजे वाहन अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया और सड़क से नीचे गहरी खाई में गिरते हुए अलकनंदा नदी में समा गया। </p>
<h4 style="text-align:justify;">नदी में गिरा वाहन एक इनोवा टैक्सी </h4>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक नदी में गिरा वाहन एक इनोवा टैक्सी प्रतीत हो रहा है, हालांकि वाहन में सवार लोगों की संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन द्वारा वाहन और यात्रियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। </p>
<h4 style="text-align:justify;">अलकनंदा नदी के तेज बहाव के कारण बचाव अभियान में कठिनाई </h4>
<p style="text-align:justify;">हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमों ने तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। अलकनंदा नदी के तेज बहाव और दुर्गम भूभाग के कारण बचाव अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी टीमें लगातार वाहन और उसमें सवार लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि घटना से संबंधित अधिकृत जानकारी उपलब्ध होते ही साझा की जाएगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583564/cepa-agreement-between-india-and-oman-comes-into-force"><span class="t-red">India-Oman FTA: </span>भारत और ओमान के बीच CEPA समझौता लागू, दोनों देशों के बिजनेस को मिलेगी नई रफ्तार</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583674/major-accident-on-badrinath-highway--innova-falls-into-alaknanda-river--local-police-and-sdrf-engaged-in-rescue</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 11:58:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Uttarakhand:  पहली बार टिहरी पहुंचेंगे प्रधानमंत्री मोदी, 1000 मेगावाट परियोजना का करेंगे लोकार्पण </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली बार उत्तराखंड के टिहरी जिले के दौरे पर पहुंच सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह अथवा जून के प्रथम सप्ताह में प्रधानमंत्री टिहरी पहुंचकर देश की महत्वपूर्ण 1000 मेगावाट क्षमता वाली टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इस संभावित दौरे को लेकर शासन और प्रशासन स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक से अधिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों पर केंद्रित रहेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना को देश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में माना जा रहा है। यह परियोजना बिजली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581290/uttarakhand--prime-minister-modi-will-visit-tehri-for-the-first-time-and-inaugurate-the-1000-mw-project"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(27)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहली बार उत्तराखंड के टिहरी जिले के दौरे पर पहुंच सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह अथवा जून के प्रथम सप्ताह में प्रधानमंत्री टिहरी पहुंचकर देश की महत्वपूर्ण 1000 मेगावाट क्षमता वाली टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना का लोकार्पण करेंगे। इस संभावित दौरे को लेकर शासन और प्रशासन स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक से अधिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों पर केंद्रित रहेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">टिहरी पंप स्टोरेज परियोजना को देश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में माना जा रहा है। यह परियोजना बिजली उत्पादन के साथ-साथ ऊर्जा भंडारण और राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञ इसे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से "गेमचेंजर" मान रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा PM मोदी इस दौरान टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रख सकते हैं तथा क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई अन्य योजनाओं की घोषणाएं होने की भी संभावना है। इससे टिहरी सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले उत्तराखंड के कई महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों का दौरा कर चुके हैं, हालांकि टिहरी जिला अब तक प्रधानमंत्री के दौरे से अछूता रहा था। स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय ने शुक्रवार को बताया कि प्रारंभ में यह कार्यक्रम दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के उद्घाटन के साथ प्रस्तावित था।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन टिहरी परियोजना के ऐतिहासिक महत्व और स्थानीय लोगों की भावनाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री ने स्वयं टिहरी आने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि यह दौरा टिहरी के विकास को नई दिशा देने वाला साबित होगा। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने भी संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। पीएमओ की ओर से आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा का अब सभी को इंतजार है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"> यह भी पढ़ें:</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/581257/indian-ships-continue-to-sail-despite-west-asia-tensions--with-the-ministry-of-external-affairs-providing-the-latest-update"><span class="t-red">पश्चिम बंगाल का अगला सीएम कौन? </span>अमित शाह की मौजूदगी में आज लगेगी मुहर, विधायक दल की बैठक में फैसला</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581290/uttarakhand--prime-minister-modi-will-visit-tehri-for-the-first-time-and-inaugurate-the-1000-mw-project</link>
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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:29:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:मां, भाई और गर्भवती भाभी के कातिल की फांसी पर 20 मई को होगी सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर निर्ममता से हत्या करने के दोषी को निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा के मामले पर अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने 20 मई की तिथि नियत की है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि घटना के समय आरोपी किसी मानसिक रोग से ग्रसित तो नहीं था, उसकी क्या जांच हुई? जिस पर सरकार की तरफ से कहा गया कि वह किसी मानसिक रोग से ग्रसित नहीं था। पूर्व</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579426/hearing-on-the-death-sentence-of-the-killer-of-a-mother--brother--and-pregnant-sister-in-law-to-be-held-on-may-20"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/ad.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर निर्ममता से हत्या करने के दोषी को निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा के मामले पर अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने 20 मई की तिथि नियत की है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि घटना के समय आरोपी किसी मानसिक रोग से ग्रसित तो नहीं था, उसकी क्या जांच हुई? जिस पर सरकार की तरफ से कहा गया कि वह किसी मानसिक रोग से ग्रसित नहीं था। पूर्व में आरोपी के कथित तौर पर मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के सम्बन्ध में सुनवाई नहीं हुई थी इसलिए हाईकोर्ट ने इस मामले में दोबारा से सुनवाई करने के आदेश दिए थे। जिस पर निचली अदालत ने दोबारा ने सुनवाई करते हुए उसकी फांसी की सजा को बरकरार रखा। </p>
<p>फिर से अपने आदेश की पुष्टि के लिए निचली अदालत ने सोमवार को हाईकोर्ट को रिफरेंस आदेश भेजा था। मामले के अनुसार, टिहरी गढ़वाल के गुमाल गांव निवासी संजय सिंह ने 13 दिसम्बर 2014 को मामूली बात पर अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर हत्या कर दी थी। दोषी संजय को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत ने अगस्त 2021 में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। जिसे आरोपी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579426/hearing-on-the-death-sentence-of-the-killer-of-a-mother--brother--and-pregnant-sister-in-law-to-be-held-on-may-20</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 10:05:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Uttarakhand Lake Festival: टिहरी में चार दिवसीय 'लेक फेस्टिवल' शुरू, सीएम धामी ने किया शुभारंभ, देशभर से जुटेगें युवा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी।</strong> उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि टिहरी झील महज एक पर्यटन स्थल के रूप में ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर साहसिक खेलों के केंद्र के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। धामी ने यहां चार दिवसीय टिहरी लेक फेस्टिवल 'हिमालयन ओ-टू' का उद्घाटन करने के बाद कहा,'' टिहरी झील जल क्रीड़ा और साहसिक खेलों का वैश्विक गंतव्य बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीते एक साल में टिहरी झील में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई साहसिक खेल प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक आयोजित की गयी हैं।'' उन्होंने कहा कि वर्तमान में टिहरी झील में नौकायन, जेट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574080/uttarakhand-lake-festival--four-day--lake-festival--begins-in-tehri--inaugurated-by-cm-dhami--youth-from-across-the-country-will-gather"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(24).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी।</strong> उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि टिहरी झील महज एक पर्यटन स्थल के रूप में ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर साहसिक खेलों के केंद्र के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। धामी ने यहां चार दिवसीय टिहरी लेक फेस्टिवल 'हिमालयन ओ-टू' का उद्घाटन करने के बाद कहा,'' टिहरी झील जल क्रीड़ा और साहसिक खेलों का वैश्विक गंतव्य बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीते एक साल में टिहरी झील में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई साहसिक खेल प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक आयोजित की गयी हैं।'' उन्होंने कहा कि वर्तमान में टिहरी झील में नौकायन, जेट स्की, कयाकिंग, कैनोइंग, स्कूबा डाइविंग, पैरासेलिंग, क्रूज जैसी गतिविधियां आयोजित कराई जा रही हैं जबकि 400 से अधिक खिलाड़ियों को पैराग्लाडिंग समेत कई अन्य साहसिक खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी में पर्यटन के अलावा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और बड़े आयोजन की भी अपार संभावनाएं हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से टिहरी झील और आस-पास के क्षेत्र में 1,300 करोड़ रुपये की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस मौके पर टिहरी झील रिंग रोड फेज-दो का शिलान्यास भी किया और कहा कि रिंग रोड बनने से यहां के पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने नयी टिहरी शहर को टिहरी झील से जोड़ने के लिए कोटी-कालोनी से नयी टिहरी तक रोपवे बनाने की घोषणा भी की।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><br />ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/573837/herbal-colors-are-being-prepared-in-rudraprayag-colors-of-holi"><span class="t-red">रुद्रप्रयाग में हर्बल रंग तैयार हो रहे होली के रंग, </span>'Vocal for Local' अभियान से सशक्त हो रही महिलाएं </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574080/uttarakhand-lake-festival--four-day--lake-festival--begins-in-tehri--inaugurated-by-cm-dhami--youth-from-across-the-country-will-gather</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/574080/uttarakhand-lake-festival--four-day--lake-festival--begins-in-tehri--inaugurated-by-cm-dhami--youth-from-across-the-country-will-gather</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 18:41:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Rishikesh: गंगा में राफ्टिंग कर रहा पर्यटक डूबा, सीपीआर देकर ट्रेनर ने बचाई जान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी। </strong>गुड़गांव निवासी एक पर्यटक गहरे पानी में डूबने से बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद राफ्टिंग गाइडों की तत्परता और ट्रेनर विपिन शर्मा की सूझबूझ से समय रहते पर्यटक की जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, गुड़गांव निवासी अविनाश 26 जनवरी को अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए शिवपुरी आया था।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी दोस्त युसूफ बीच पर गंगा स्नान कर रहे थे, तभी अचानक अविनाश का पैर फिसल गया और वह गंगा की तेज धार में डूबने लगा। साथी पर्यटकों के शोर मचाने पर पास ही गाइडों को ट्रेनिंग दे रहे राफ्टिंग ट्रेनर विपिन शर्मा तुरंत मदद के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569125/rishikesh--tourist-drowns-while-rafting-in-the-ganges--trainer-saves-his-life-with-cpr"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(9)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी। </strong>गुड़गांव निवासी एक पर्यटक गहरे पानी में डूबने से बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद राफ्टिंग गाइडों की तत्परता और ट्रेनर विपिन शर्मा की सूझबूझ से समय रहते पर्यटक की जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, गुड़गांव निवासी अविनाश 26 जनवरी को अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए शिवपुरी आया था।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी दोस्त युसूफ बीच पर गंगा स्नान कर रहे थे, तभी अचानक अविनाश का पैर फिसल गया और वह गंगा की तेज धार में डूबने लगा। साथी पर्यटकों के शोर मचाने पर पास ही गाइडों को ट्रेनिंग दे रहे राफ्टिंग ट्रेनर विपिन शर्मा तुरंत मदद के लिए दौड़े। </p>
<p style="text-align:justify;">एक राफ्टिंग गाइड ने बिना देर किए गंगा में छलांग लगाई जबकि विपिन शर्मा ने रस्सी फेंककर किसी तरह बेहोशी की हालत में पर्यटक को बाहर निकाला। कुछ ही देर में अन्य गाइड भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर गंगा तट पर पर्यटक को सीपीआर दिया, जिससे उसकी सांसें वापस लौटीं और जान बच सकी। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो राफ्टिंग गाइड के हेलमेट में लगे गोप्रो कैमरे में कैद हो गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">घटना के दौरान पर्यटक के साथी रोते-बिलखते नजर आए। होश में आने के बाद पर्यटकों ने गाइडों और ट्रेनर का आभार जताया। शिवपुरी चौकी इंचार्ज विनोद शर्मा ने मंगलवार को जानकारी देते हुए कहा कि गंगा में डूब रहे युवक को राफ्टिंग ट्रेनिंग दे रहे गाइडों ने समय रहते बाहर निकालकर बचाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को 108 के माध्यम से अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/568948/republic-day--tight-security-in-haridwar--ssp-directs-special-vigilance-in-sensitive-areas--adequate-police-force-deployed"><span class="t-red">गणतंत्र दिवस : </span>हरिद्वार में कड़ी सुरक्षा, SSP के निर्देश संवेदनशील इलाकों में विशेष नजर, पर्याप्त पुलिस बल तैनात </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569125/rishikesh--tourist-drowns-while-rafting-in-the-ganges--trainer-saves-his-life-with-cpr</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/569125/rishikesh--tourist-drowns-while-rafting-in-the-ganges--trainer-saves-his-life-with-cpr</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 12:47:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित: SDRF का रेस्क्यू जारी, फंसे 8 लोग सुरक्षित </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी</strong>। उत्तराखंड के टिहरी क्षेत्र में हो रही लगातार बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी कड़ी में देर रात मयाली रोड पर बडियार गांव के पास बर्फ में फंसे आठ लोगों को एसडीआरएफ पोस्ट घनसाली की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बचा कर घनसाली पहुँचाया।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी लोग एक विवाह समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे कि तभी सड़क पर जमी मोटी बर्फ के कारण उनका वाहन आगे नहीं बढ़ सका और वह रास्ते में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुँची और कठिन मौसम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568930/snowfall-disrupts-life--sdrf-rescue-operation-continues--8-people-rescued"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(19)5.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी</strong>। उत्तराखंड के टिहरी क्षेत्र में हो रही लगातार बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी कड़ी में देर रात मयाली रोड पर बडियार गांव के पास बर्फ में फंसे आठ लोगों को एसडीआरएफ पोस्ट घनसाली की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बचा कर घनसाली पहुँचाया।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी लोग एक विवाह समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे कि तभी सड़क पर जमी मोटी बर्फ के कारण उनका वाहन आगे नहीं बढ़ सका और वह रास्ते में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुँची और कठिन मौसम एवं फिसलन भरे मार्ग के बावजूद सावधानीपूर्वक राहत एवं बचाव कार्य किया।</p>
<p style="text-align:justify;">कड़ी मशक्कत के बाद वाहन सहित सभी आठों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाये गये सभी लोग सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई। एसडीआरएफ की समय पर की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम और बर्फबारी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/568849/unique-tradition-in-badrinath-dham--the-date-for-the-opening-of-the-temple-gates-is-still-decided-and-announced-in-the-maharaja-s-court-today"><span class="t-red">बदरीनाथ धाम में अनोखी परंपरा, </span>आज भी महाराजा के दरबार में निश्चित होती है कपाट खुलने की तिथि घोषित </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568930/snowfall-disrupts-life--sdrf-rescue-operation-continues--8-people-rescued</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/568930/snowfall-disrupts-life--sdrf-rescue-operation-continues--8-people-rescued</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 13:37:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड :  बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय...बसंत पंचमी पर होगी घोषणा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी।</strong> उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक माने जाने वाले बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने का निर्णय बसंत पंचमी के पावन अवसर पर 23 जनवरी को लिया जाएगा। कपाट खुलने की तिथि का निर्धारण नरेंद्रनगर स्थित ऐतिहासिक टिहरी राज दरबार में पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए आयोजित होने वाला यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूर्वाह्न 10:30 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में टिहरी राज परिवार के प्रतिनिधि, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारी, राजपुरोहित, धर्माचार्य एवं पंचांग गणना करने वाले विद्वान शामिल होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वैदिक मंत्रोच्चार और पंचांग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568334/uttarakhand--date-for-opening-of-badrinath-dham-gates-decided----announcement-to-be-made-on-basant-panchami"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(36).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टिहरी।</strong> उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक माने जाने वाले बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने का निर्णय बसंत पंचमी के पावन अवसर पर 23 जनवरी को लिया जाएगा। कपाट खुलने की तिथि का निर्धारण नरेंद्रनगर स्थित ऐतिहासिक टिहरी राज दरबार में पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए आयोजित होने वाला यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूर्वाह्न 10:30 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में टिहरी राज परिवार के प्रतिनिधि, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारी, राजपुरोहित, धर्माचार्य एवं पंचांग गणना करने वाले विद्वान शामिल होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वैदिक मंत्रोच्चार और पंचांग के आधार पर शुभ तिथि और समय की घोषणा की जाएगी। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। इसके साथ ही प्रशासन, मंदिर समिति और पर्यटन विभाग की तैयारियां भी तेज हो जाती हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से भगवान बदरीविशाल के दर्शन के लिए बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं, ऐसे में कपाट खुलने की तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि परंपरा के अनुसार बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल में बंद रहते हैं और बसंत पंचमी पर शुभ मुहूर्त तय कर ग्रीष्मकालीन यात्रा का मार्ग प्रशस्त किया जाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/568326/nainital--mother-pashan-devi-s-birth-anniversary-is-being-celebrated-with-devotion-and-grandeur--a-grand-community-feast-will-be-held-on-january-21st"><span class="t-red">नैनीताल : </span>श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा माँ पाषण देवी जन्मोत्सव, 21 जनवरी को विशाल भंडारा </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टिहरी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 18:32:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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