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                <title>मणिपुर में नई सरकार के गठन के महज 24 घंटे बाद फिर भड़की हिंसा, कुकी समुदाय में भारी रोष</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>मणिपुरः </strong>मणिपुर में लंबे समय से चली आ रही जातीय अशांति के बीच राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार बनने के तुरंत बाद राज्य में एक बार फिर तनाव और हिंसा की लहर दौड़ गई है। बुधवार को युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के शपथ ग्रहण के महज एक दिन बाद गुरुवार को कुकी-ज़ो बहुल चुराचांदपुर जिले में भारी विरोध प्रदर्शन हुए, जो हिंसक झड़पों में बदल गए।</p>
<h3><strong>क्या है विवाद की जड़?</strong></h3>
<p>नई सरकार में कुकी-ज़ो समुदाय की भाजपा विधायक नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने से उनके अपने समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570216/just-24-hours-after-the-formation-of-the-new-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(39)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>मणिपुरः </strong>मणिपुर में लंबे समय से चली आ रही जातीय अशांति के बीच राष्ट्रपति शासन हटने और नई सरकार बनने के तुरंत बाद राज्य में एक बार फिर तनाव और हिंसा की लहर दौड़ गई है। बुधवार को युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के शपथ ग्रहण के महज एक दिन बाद गुरुवार को कुकी-ज़ो बहुल चुराचांदपुर जिले में भारी विरोध प्रदर्शन हुए, जो हिंसक झड़पों में बदल गए।</p>
<h3><strong>क्या है विवाद की जड़?</strong></h3>
<p>नई सरकार में कुकी-ज़ो समुदाय की भाजपा विधायक नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने से उनके अपने समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया है। नेमचा किपगेन ने नई दिल्ली के मणिपुर भवन से वर्चुअल रूप से शपथ ली, जबकि अन्य कुकी-ज़ो विधायकों ने इंफाल में शपथ समारोह में हिस्सा लिया। कई कुकी संगठनों ने इसे 'गद्दारी' करार देते हुए अपने विधायकों को सरकार में शामिल न होने की चेतावनी दी थी। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि जातीय हिंसा और विस्थापन की पीड़ा के बीच राजनीतिक भागीदारी उनके हितों के खिलाफ है।</p>
<h3><strong>चुराचांदपुर में क्या हुआ?</strong></h3>
<p>तुइबोंग इलाके में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर टायर जलाए, नारेबाजी की और नेमचा किपगेन के खिलाफ नारे लगाए। सुरक्षा बलों ने स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। पथराव के जवाब में भीड़ ने सुरक्षा बलों पर हमला किया, जिससे दो लोग मामूली रूप से घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है, लेकिन इलाका पूरे दिन तनावपूर्ण रहा।</p>
<h3><strong>बंद और आगे के आह्वान</strong></h3>
<p>कुकी-ज़ो संगठनों के जॉइंट फोरम ऑफ सेवन (JF7) ने कुकी-ज़ो बहुल क्षेत्रों में 12 घंटे के 'पूर्ण बंद' का आह्वान किया है। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं, और समुदाय के कुछ संगठनों ने विधायकों को कड़ी चेतावनी दी है।</p>
<p>मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी हिंसा ने सैकड़ों लोगों की जान ली है और हजारों को बेघर किया है। राष्ट्रपति शासन के बाद नई सरकार को शांति बहाल करने की उम्मीद थी, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि जातीय तनाव अभी भी गहरा है और राजनीतिक कदमों से स्थिति और जटिल हो सकती है।</p>]]>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 08:38:24 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Muskan Dixit]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> काशी पहुंचे सीएम योगी..देव दीपावली में होंगे शामिल, पीएम के प्रस्तावित वाराणसी दौरे को लेकर की बैठक </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>वाराणसी। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंच गए। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हेलिकॉप्टर द्वारा वे पुलिस लाइन पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग द्वारा सर्किट हाउस पहुंचे। आलाधिकारियों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों, मंत्रियों तथा पदाधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे।</p>
<p>उसके बाद मुख्यमंत्री योगी नमो घाट पर देव दीपावली का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करेंगे। आयोजित होने वाली विशेष गंगा आरती में शामिल होंगे। क्रूज पर सवार होकर वे काशी के दीपोत्सव को देखेंगे। चेतसिंह घाट पर होने वाले</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558715/cm-yogi-arrives-in-kashi--will-participate-in-dev-deepawali--meeting-held-regarding-pm-s-proposed-varanasi-visit"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design---2025-11-05t174923.096.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाराणसी। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंच गए। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हेलिकॉप्टर द्वारा वे पुलिस लाइन पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग द्वारा सर्किट हाउस पहुंचे। आलाधिकारियों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों, मंत्रियों तथा पदाधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे।</p>
<p>उसके बाद मुख्यमंत्री योगी नमो घाट पर देव दीपावली का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करेंगे। आयोजित होने वाली विशेष गंगा आरती में शामिल होंगे। क्रूज पर सवार होकर वे काशी के दीपोत्सव को देखेंगे। चेतसिंह घाट पर होने वाले थ्री डी शो को भी देखेंगे। </p>
<p>साथ ही गंगा उस पार रेत में होने वाले आतिशबाजी के मनमोहक दृश्य को भी निहारेंगे। रात्रि में सर्किट हाउस में विश्राम करेंगे। अगले दिन गुरुवार को काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री के काशी आगमन को लेकर बनारस रेलवे स्टेशन और बरेका पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करेंगे।</p>
<h5>ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/558706/kashi-is-all-set----the-city-will-witness-millions-of-lamps--and-fireworks-will-be-seen-on-the-sands-of-the-ganges"><span class="t-red">सज कर तैयार हैं काशी... </span>लाखों दीपों का गवाह बनेगी नगरी, गंगा की रेत पर दिखेगा आतिशबाजी का नजारा </a></h5>]]>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>लाइव कवरेज</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 17:51:57 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>  23 अक्टूबर का इतिहास : एप्पल ने बाजार में उतारा आईपॉड </title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>स्टीव जॉब्स द्वारा वर्ष 1976 में स्थापित की गई कंपनी एप्पल को संचार क्रांति के अगुवा के तौर पर पहचाना जाता है। कंप्यूटर, मोबाइल, आईपॉड समेत ढेरों उत्पाद तैयार करने वाली एप्पल के उत्पाद गुणवत्ता में बाकी सबसे बेहतर माने जाते हैं। एप्पल ने ही 2001 में 23 अक्टूबर के दिन आईपॉड को बाजार में पेश किया। छोटे से आईपॉड ने हजारों गीतों को श्रोताओं की जेब तक पहुंचाने का काम किया और इसे उस समय दुनिया का सबसे सफल तथा क्रांतिकारी उत्पाद माना गया। इसी तारीख में अपनी आर्म बॉल से लेकर फ्लाइट लेती गेंदों से दुनियाभर के</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556906/history-of-october-23--apple-launches-ipod"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(35)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>स्टीव जॉब्स द्वारा वर्ष 1976 में स्थापित की गई कंपनी एप्पल को संचार क्रांति के अगुवा के तौर पर पहचाना जाता है। कंप्यूटर, मोबाइल, आईपॉड समेत ढेरों उत्पाद तैयार करने वाली एप्पल के उत्पाद गुणवत्ता में बाकी सबसे बेहतर माने जाते हैं। एप्पल ने ही 2001 में 23 अक्टूबर के दिन आईपॉड को बाजार में पेश किया। छोटे से आईपॉड ने हजारों गीतों को श्रोताओं की जेब तक पहुंचाने का काम किया और इसे उस समय दुनिया का सबसे सफल तथा क्रांतिकारी उत्पाद माना गया। इसी तारीख में अपनी आर्म बॉल से लेकर फ्लाइट लेती गेंदों से दुनियाभर के बल्लेबाजों को चकमा देने वाले बिशन सिंह बेदी ने 23 अक्टूबर 2023 को अंतिम सांस ली। भारतीय स्पिन चौकड़ी की उस अबूझ पहेली ने कई दशक तक भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दिया था। </p>
<p style="text-align:left;">देश-दुनिया के इतिहास में 23 अक्टूबर की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- <strong>1764 : </strong>बक्सर की लड़ाई में मीर कासिम की हार। <br /><strong>1850 : </strong>महिलाओं के अधिकारों को लेकर अमेरिका में पहली बार राष्ट्रीय महिला अधिकार सम्मेलन शुरू हुआ। <br /><strong>1940 :</strong> ‘फुटबॉल के जादूगर’ कहे जाने वाले पेले का जन्म। कहने को तो पेले का नाम दुनिया का बच्चा-बच्चा जानता है, लेकिन यह बहुत कम लोगों को मालूम है कि उनका पूरा नाम एडसन अरांतस डो नासिमेंतो है। ब्राजील का यह बेहतरीन खिलाड़ी अपने देश के लिए तीन बार विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहा। <br /><strong>1943 : </strong>नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आजाद हिंद फौज की रानी झांसी ब्रिगेड ने सिंगापुर में प्रशिक्षण शुरू किया। <strong>1956 :</strong> बुडापेस्ट में व्यापक प्रदर्शन के साथ हंगरी की क्रांति का सूत्रपात। सोवियत शासन के खात्मे की मांग को लेकर हंगरी के लाखों लोग सड़कों पर उतर आए। <br /><strong>1956 :</strong> विश्व शांति के लिए परमाणु ऊर्जा का योगदान बढ़ाने के उद्देश्य से अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी। <br /><strong>1983 : </strong>आत्मघाती हमलावरों ने बेरूत में अमेरिका और फ्रांस की सेना की बैरकों पर विस्फोटक से भरा ट्रक चढ़ा दिया, जिससे अमेरिका के 241 और फ्रांस के 56 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई। <br /><strong>2001 : </strong>एप्पल ने आईपॉड बाजार में पेश किया। नयी शताब्दी के शुरुआती वर्षों में इस उत्पाद ने संगीत के क्षेत्र में क्रांति लाने का काम किया। <br /><strong>2002 : </strong>मॉस्को में चेचन विद्रोहियों ने एक सांस्कृतिक केन्द्र पर हमला किया और थिएटर देखने आए लगभग 700 लोगों को बंधक बना लिया। <br />2004: जापान में भूकंप से 85 हजार लोग बेघर। <br /><strong>2011:</strong> तुर्की (अब तुर्किये) में भीषण भूकंप से लगभग 582 लोगों की मौत। <br /><strong>2020 : </strong>ब्रेक्जिट के बाद एक बड़े कदम के तहत जापान और ब्रिटेन ने एक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। <br /><strong>2022: </strong>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सबसे भारी रॉकेट ‘एलवीएम3-एम2’ ने अपने पहले वाणिज्यिक मिशन के तहत ब्रिटेन की कंपनी के 36 ब्रॉडबैंड संचार उपग्रहों को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षाओं में स्थापित करके इतिहास रच दिया। <br /><strong>2023 : </strong>भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान और महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी का निधन। उन्होंने एक पारी में 14 बार पांच विकेट और मैच में एक बार 10 विकेट चटकाए थे। 2024: हिजबुल्ला ने इजराइली हमले में अपने शीर्ष सदस्य हाशिम सैफीद्दीन के मारे जाने की पुष्टि की।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556906/history-of-october-23--apple-launches-ipod</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 08:00:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पर्यटन का बड़ा केंद्र बना यूपी, CM योगी ने कहा-अयोध्या का दीपोत्सव, ब्रज का रंगोत्सव कर रहा विरासत को समृद्ध </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बन गया है जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अमृतकाल है। योगी ने एक्स पर लिखा "आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में नया उत्तर प्रदेश आज देश के लिए पर्यटन से ट्रांसफारमेशन की प्रेरणा बन गया है। अयोध्या धाम का दीपोत्सव, ब्रज का रंगोत्सव और काशी की देव दीपावली जैसे उत्सव हमारी विरासत को समृद्धि और संस्कृति को शक्ति में बदल रहे हैं। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/1977547401205366913">https://twitter.com/myogiadityanath/status/1977547401205366913</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">
//&gt;&lt;!--

//--&gt;&lt;!</p>
<p style="text-align:justify;">इसी का परिणाम है कि 2016 में जहां 21.5 करोड़</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555997/up-has-become-a-major-tourist-destination--with-cm-yogi-stating-that-ayodhya-s-deepotsav-and-braj-s-rangotsav-are-enriching-the-heritage"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(8)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बन गया है जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अमृतकाल है। योगी ने एक्स पर लिखा "आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में नया उत्तर प्रदेश आज देश के लिए पर्यटन से ट्रांसफारमेशन की प्रेरणा बन गया है। अयोध्या धाम का दीपोत्सव, ब्रज का रंगोत्सव और काशी की देव दीपावली जैसे उत्सव हमारी विरासत को समृद्धि और संस्कृति को शक्ति में बदल रहे हैं। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/1977547401205366913">https://twitter.com/myogiadityanath/status/1977547401205366913</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">इसी का परिणाम है कि 2016 में जहां 21.5 करोड़ पर्यटक आए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 64.9 करोड़ तक पहुंच गई। राष्ट्रीय पर्यटन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी वर्ष 2016 में 13.1 फीसदी थी, जो 2023 में बढ़कर 18.9 फीसदी तक पहुंच गई। यही है सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अमृतकाल, जो विरासत से विश्वास, विश्वास से विकास और विकास से विश्वगुरु भारत का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>
<h6 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/555994/a-man-with-a-reward-of-50-000-rupees-arrested-under-the-pocso-act----up-stf-arrested-him-from-indira-nagar--a-case-was-registered-in-gonda-for-kidnapping-a-minor"><span class="t-red">पॉक्सो एक्ट में 50 हजार का इनामी गिरफ्तार.. </span>UP STF ने इंदिरा नगर से किया अरेस्ट, गोंडा में नाबालिग को भगाने केस था दर्ज</a></h6>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/555997/up-has-become-a-major-tourist-destination--with-cm-yogi-stating-that-ayodhya-s-deepotsav-and-braj-s-rangotsav-are-enriching-the-heritage</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 12:26:49 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> होटल बुक..कमरे फुल, त्योहारों पर पर्यटन में जबरजस्त उछाल, दिवाली से पहले लोग लौट रहे अपने घर </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>दिवाली के लंबे सप्ताहांत से पहले इस त्योहारी मौसम में आतिथ्य और यात्रा सेवा प्रदाताओं की मांग में जबर्दस्त वृद्धि देखी जा रही है। शहरी और मनोरंजन स्थलों के लिए अच्छी बुकिंग दर्ज की गई है, और इंटरसिटी बस सेवाओं में बुकिंग का स्तर 95-100 प्रतिशत तक पहुंच गया है। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार मध्यम स्तर के होटल और मध्यम बाजार के घरेलू ग्राहकों के लिए एक प्रमुख प्रेरक के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे यात्रियों के लिए कम प्रसिद्ध स्थलों की खोज करना आसान हो गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) के अध्यक्ष</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555885/hotels-booked---rooms-full--tourism-boomed-during-the-holidays--and-people-returned-home-before-diwali"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(11)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>दिवाली के लंबे सप्ताहांत से पहले इस त्योहारी मौसम में आतिथ्य और यात्रा सेवा प्रदाताओं की मांग में जबर्दस्त वृद्धि देखी जा रही है। शहरी और मनोरंजन स्थलों के लिए अच्छी बुकिंग दर्ज की गई है, और इंटरसिटी बस सेवाओं में बुकिंग का स्तर 95-100 प्रतिशत तक पहुंच गया है। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार मध्यम स्तर के होटल और मध्यम बाजार के घरेलू ग्राहकों के लिए एक प्रमुख प्रेरक के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे यात्रियों के लिए कम प्रसिद्ध स्थलों की खोज करना आसान हो गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) के अध्यक्ष के बी काचरू ने कहा कि शुरुआती रुझानों से पता चलता है कि होटल में बुकिंग बढ़ी है। यह परिवार, दोस्तों के साथ छुट्टियां बिताने और त्योहार मनाने के लिए यात्रियों के उत्साह को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘इस सीजन में बुकिंग का तरीका दर्शाता है कि यात्री सुविधा, लचीलेपन और चुनिंदा अनुभवों को प्राथमिकता देते हैं। काचरू, जो रेडिसन होटल समूह के दक्षिण एशिया के चेयरमैन भी हैं, ने आगे कहा कि दूसरी श्रेणी के शहरों और उभरते गंतव्यों में मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, क्योंकि यात्री विरासत स्थलों, स्थानीय संस्कृति और अनोखे अनुभवों की तलाश में हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘यह यात्रा विकल्पों में व्यापक विविधता को दर्शाता है, क्योंकि घरेलू पर्यटक पारंपरिक महानगरों से आगे बढ़कर अधिक सार्थक और यादगार यात्राओं की ओर रुख कर रहे हैं।’’ एबिक्स ट्रैवल्स, डेल्फी वर्ल्ड मनी लिमिटेड के मुख्य रणनीति अधिकारी, विक्रम धवन ने कहा, ‘‘इस साल दिवाली के साथ लंबा सप्ताहांत होने के कारण, हम देख रहे हैं कि यात्री छुट्टियों के अनुभव को अधिकतम करने के लिए अपनी यात्राओं की योजना पहले से ही बना रहे हैं।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इंटरसिटी बस मार्ग लगभग पूरी क्षमता से चल रहे हैं, जिनमें यात्रियों की संख्या 95-100 प्रतिशत तक पहुंच रही है और किराये में सामान्य से 1.5 से तीन गुना वृद्धि हो रही है, जो इस अवधि के दौरान मजबूत मांग को दर्शाता है। धवन ने कहा, ‘‘... दिलचस्प बात यह है कि विकास की गति दूसरी और तीसरी श्रेणी के ‘कॉरिडोर’ द्वारा संचालित हो रही है, जो अब कुल बुकिंग का लगभग 62 प्रतिशत हिस्सा है क्योंकि लोग त्योहारों के लिए अपने गृह नगर लौटते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">न्होंने कहा, ‘‘विमानन क्षेत्र में भी, यात्रा तरीके में बदलाव स्पष्ट है, जहां नियमित अवधि की तुलना में पारिवारिक और अवकाश यात्राओं की संख्या लगभग 65-70 प्रतिशत है। यह उछाल ठहरने के स्थल के मामले में भी दिखाई देता है, जहां हम बुकिंग में सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत की वृद्धि देख रहे हैं। बड़े परिवारों द्वारा होमस्टे और विला को अधिक पसंद किया जा रहा है।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह, मेकमाईट्रिप के सह-संस्थापक और समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजेश मागो ने कहा कि दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने जाना त्योहारी सीजन की यात्रा का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है, क्योंकि कई भारतीय दिवाली मनाने के लिए अपने गृह नगर लौटते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सबसे अधिक बुक किए गए शीर्ष 10 गंतव्यों में से पांच महानगर हैं - दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई। </p>
<p style="text-align:justify;">मागो ने कहा, ‘‘इस साल, त्योहार सप्ताह के शुरुआत में पड़ने के कारण, कई यात्री लंबे समय तक उत्सव का आनंद लेने के लिए उससे पहले वाले शुक्रवार से ही अपनी यात्राएं बुक कर रहे हैं।’’ उन्होंने आगे कहा कि तीर्थ स्थलों की मांग में भी वृद्धि देखी जा रही है, जो दर्शाता है कि कैसे परिवार त्योहारों को आध्यात्मिक यात्राओं के साथ जोड़ रहे हैं। शीर्ष 10 उच्च विकास वाले शहरों में से पांच - पुरी, हरिद्वार, अयोध्या, ऋषिकेश और वाराणसी - धार्मिक केंद्र हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>
<h6 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/555877/afghanistan-s-foreign-minister-will-not-visit-agra----the-visit-was-canceled--as-he-was-scheduled-to-visit-the-taj-mahal"><span class="t-red">आगरा नहीं जाएंगे अफगानिस्तान के विदेश मंत्री...</span> दौरा रद्द, ताजमहल के दीदार का था कार्यक्रम </a></h6>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Tourism</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/555885/hotels-booked---rooms-full--tourism-boomed-during-the-holidays--and-people-returned-home-before-diwali</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Oct 2025 13:01:44 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बॉलीवुड नई फिल्मों के साथ नए फैशन मूवमेंट का लॉन्च पैड </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>बॉलीवुड केवल फिल्में ही नहीं बनाता है, फैशन और लाइफ स्टाइल भी तय करता है। लोगों के पहनावे और रहन-सहन को प्रभावित करता है। रेखा की  कांजीवरम साड़ियां हों या दीपिका के डिजाइनर लहंगे अथवा सलमान खान का रफ डेनिम लुक, बॉलीवुड पारंपरिक पहनावे से लेकर वेस्टर्न स्ट्रीट स्टाइल तक, हर परिधान को अक्सर नया आकार देता है। चाहे पारंपरिक पहनावा हो या समकालीन स्ट्रीट स्टाइल, बॉलीवुड हस्तियां अपने ऑन स्क्रीन और ऑफ स्क्रीन  विकल्पों से फैशन का ट्रेंड सेट करती हैं। यही वजह है, फिल्मों में कलाकारों द्वारा पहने जाने वाले परिधान जल्दी ही फैशन ट्रेंड बन जाते हैं।</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551744/bollywood-is-the-launch-pad-of-new-fashion-movements-with-new-movies"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(18)17.png" alt=""></a><br /><p>बॉलीवुड केवल फिल्में ही नहीं बनाता है, फैशन और लाइफ स्टाइल भी तय करता है। लोगों के पहनावे और रहन-सहन को प्रभावित करता है। रेखा की  कांजीवरम साड़ियां हों या दीपिका के डिजाइनर लहंगे अथवा सलमान खान का रफ डेनिम लुक, बॉलीवुड पारंपरिक पहनावे से लेकर वेस्टर्न स्ट्रीट स्टाइल तक, हर परिधान को अक्सर नया आकार देता है। चाहे पारंपरिक पहनावा हो या समकालीन स्ट्रीट स्टाइल, बॉलीवुड हस्तियां अपने ऑन स्क्रीन और ऑफ स्क्रीन  विकल्पों से फैशन का ट्रेंड सेट करती हैं। यही वजह है, फिल्मों में कलाकारों द्वारा पहने जाने वाले परिधान जल्दी ही फैशन ट्रेंड बन जाते हैं। फिल्में डिजाइनरों को अपनी कृतियों को बड़े पैमाने पर प्रदर्शित करने और व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करती हैं। इसके लिए कई फैशन डिजाइनर नए स्टाइल पेश करने के लिए बॉलीवुड सितारों के साथ मिलकर काम करते हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-08/muskan-dixit-(19)16.png" alt="MUSKAN DIXIT (19)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>मनीष मल्होत्रा, सब्यसाची मुखर्जी और अनीता डोंगरे जैसे प्रमुख डिजाइनर बॉलीवुड के साथ अपने संबंधों के कारण घर-घर में पहुंच चुके हैं। उन्होंने फिल्म प्रमोशन, शादियों और रेड कार्पेट इवेंट्स के लिए तमाम बड़े सितारों को तैयार किया है।</p>
<h4><strong>सेलिब्रिटी की नकल करता है फास्ट फैशन</strong></h4>
<p>किसी डिजाइनर आउटफिट में किसी स्टार की एक झलक पूरे देश में एक ट्रेंड को जन्म दे सकती है, चाहे वह एथनिक चिक लुक हो या मॉडर्न मिनिमलिज्म। सोशल मीडिया के कारण फैशन पर बॉलीवुड का प्रभाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। प्रशंसकों की अब सेलिब्रिटीज के लुक्स पर सीधी पहुंच है, और इसी वजह से फास्ट फैशन का उदय हुआ है, जहां सेलिब्रिटीज द्वारा पहने जाने वाले डिजाइनर कपड़ों की किफायती प्रतिकृतियां झटपट तैयार होकर लोगों के लिए उपलब्ध हो जाती हैं। हाई स्ट्रीट ब्रांड बॉलीवुड हस्तियों द्वारा पहने जाने वाले डिजाइनर परिधानों के किफायती संस्करण जल्द तैयार कर लेते हैं, जिससे विशिष्ट फैशन जनता के लिए सुलभ हो जाता है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-08/muskan-dixit-(20)17.png" alt="MUSKAN DIXIT (20)" width="1280" height="720"></img></p>
<h4><strong>सोशल मीडिया ने फैशन संस्कृति को दी नई उड़ान</strong></h4>
<p>कई इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अब बॉलीवुड लुक्स को रीक्रिएट करते हैं, जिससे वे आम लोगों के लिए और भी ज्यादा सुलभ हो जाते हैं। इन्फ्लुएंसर, बॉलीवुड सितारों से प्रेरित आउटफिट्स को स्टाइल करके, अक्सर ऐसे ट्रेंड सेट करते हैं जो तेजी से वायरल हो जाते हैं।</p>
<h4><strong>सितारों ने अपना फैशन सीधे बाजार में उतारा</strong></h4>
<p>आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण की तरह कई नए सितारों ने अपनी  स्टाइल को सीधे बाजार में उतारा है। इससे प्रशंसकों को पसंदीदा सितारों द्वारा डिज़ाइन किए गए और क्यूरेट किए गए कपड़े खरीदने का मौका मिलता है। इससे बॉलीवुड की पहुंच स्क्रीन से आगे बढ़कर रिटेल तक पहुंच गई है। दीया मिर्जा और भूमि पेडनेकर जैसी अभिनेत्रियां पर्यावरण-अनुकूल ब्रांडों का प्रचार कर रही हैं, जबकि सोनम कपूर और अनुष्का शर्मा नैतिक फैशन लेबल का समर्थन कर रही हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-08/muskan-dixit-(21)15.png" alt="MUSKAN DIXIT (21)" width="1280" height="720"></img></p>
<h4><strong>पुनर्जीवित हुए पारंपरिक परिधान</strong></h4>
<p>बॉलीवुड ने पारंपरिक भारतीय फैशन को भी जीवित और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रेखा की सदाबहार कांजीवरम साड़ियां आज भी हर पीढ़ी की महिलाओं को प्रेरित करती हैं, तो  प्रियंका चोपड़ा ने शिफॉन साड़ियों में आधुनिक और पारंपरिक दोनों शैलियों का मिश्रण करके नया ट्रेंड सेट किया था। इसी तरह आलिया भट्ट के लहंगों ने शादी के फैशन के नए ट्रेंड स्थापित किए थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/551738/social-media-shown-the-same-to-the-brides-mind">Trending Fashion Trends: सोशल मीडिया जो दिखाए, दुल्हन के मन को वही भाए</a></strong></p>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Fashion and Trends</category>
                                            <category>ग्लैमवर्ल्ड</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551744/bollywood-is-the-launch-pad-of-new-fashion-movements-with-new-movies</link>
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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 11:25:11 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Muskan Dixit]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kannauj: सुंगध की यात्रा में छिपी है विरासत की महक</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>कन्नौज: </strong>कन्नौज का पौराणिक नाम कन्याकुब्ज था। मिहिर भोज के समय में इसे महोदया नाम से भी जाना जाता था। कन्नौज कभी प्रमुख ऐतिहासिक नगर था, जिसे  इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है। गंगा नदी के तट पर स्थित यह नगर पुरातात्विक दृष्टि से प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है। यह नगर इतना संपन्न था कि इसे राजा हर्ष, नागभट्ट द्वितीय जैसे राजाओं ने राजधानी बनाया। राजा हर्ष के बाद यहां कई राजाओं ने राज किया। वर्ष 554 में यह मौखरी वंश की राजधानी बना। छठी सदी में सम्राट हर्ष ने राजधानी बनाया। 647 में इसकी संपन्नता को धक्का लगा। लेकिन 715</p>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549038/kannauj--the-fragrance-of-heritage-is-hidden-in-the-journey-of-fragrance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(36)4.png" alt=""></a><br /><p><strong>कन्नौज: </strong>कन्नौज का पौराणिक नाम कन्याकुब्ज था। मिहिर भोज के समय में इसे महोदया नाम से भी जाना जाता था। कन्नौज कभी प्रमुख ऐतिहासिक नगर था, जिसे  इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है। गंगा नदी के तट पर स्थित यह नगर पुरातात्विक दृष्टि से प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है। यह नगर इतना संपन्न था कि इसे राजा हर्ष, नागभट्ट द्वितीय जैसे राजाओं ने राजधानी बनाया। राजा हर्ष के बाद यहां कई राजाओं ने राज किया। वर्ष 554 में यह मौखरी वंश की राजधानी बना। छठी सदी में सम्राट हर्ष ने राजधानी बनाया। 647 में इसकी संपन्नता को धक्का लगा। लेकिन 715 ई. में यशोवर्मन काल में फिर से कन्नौज में संपन्नता का सूरज चमका। 815 में गुर्जर-प्रतिहारों ने इसे संवारा। 1080 गहरवारों के शासन में इसकी समृद्धि बढ़ी। मगर 1194 ई. में यहां के वीर राजा जयचंद्र की पराजय के बाद इसकी समृद्धि का सूरज अस्त हो गया। जयचंद्र के समय कन्नौज में धर्म-संस्कृति कैसी थी, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि बंगाल के राजा को धर्म और सभयता के प्रचार-प्रसार के लिए कन्नौज से ब्राह्मणों को बुलाना पड़ा था।</p>
<h4><strong>राजा जयचंद</strong><strong> की मौत के बाद, अस्त हो गया समृद्धि का सूरज</strong></h4>
<p>जयचंद की मौत के बाद कन्नौज गुलाम वंश के अधीन हो गया। तेहरवीं शताब्दी में मोहम्मद तुगलक ने कन्नौज को उजाड़ दिया। लुटेरों का बोलबाला हो गया। मंदिरों को नष्ट कर दिया गया। कांस्य युग के समय के कई पूर्व ऐतिहासिक हथियार और उपकरण यहां मिले हैं। पुराणों में कन्नौज का अश्वतीर्थ के रूप में वर्णन किया गया है। वर्तमान में कन्नौज अपने परफ्यूम उद्योग के लिए जाना जाता है। कन्नौज में टैराकोटा से बनी चीजें और प्राचीन सिक्कों का मिलना बहुत आम बात है। यहां मौर्य और गुप्त वंश के समय की चीजों को भी देखा जा सकता है।</p>
<h4><strong>राजा वेणु की सात पुत्रियां, देवी के रूप में स्थापित </strong></h4>
<p>रामायण काल में कन्नौज के तेजस्वी व महापराक्रमी राजा वेणु हुए, जिनकी सात पुत्रियां थीं। इन सभी सातों पुत्रियों ने कठिन तप किया और वह देवी स्वरूप में परिवर्तित हो गईं। कन्नौज के अलग-अलग क्षेत्रों में इन सभी देवियों माता फूलमती, माता क्षेमकली, संदोहनी देवी, गोवर्धनी देवी, शीतला देवी, सिंह वाहिनी देवी और मौरारी देवी के  मंदिर स्थापित हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/549037/nainital-s-theatre-is-filled-with-the-natural-beauty-of-nature">प्रकृति की नैसर्गिक छटा से भरपूर नैनीताल का रंगमंच</a></strong></p>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>कन्नौज</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 16:08:44 +0530</pubDate>
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                <title>प्रकृति की नैसर्गिक छटा से भरपूर नैनीताल का रंगमंच </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>उत्तराखंड, अमृत विचारः</strong> नैनीताल का रंगमंच कुमाऊनी संस्कृति और सभ्यता का आईना, और भारतीय अतीत के साहित्य व सामाजिक जीवन का अदभुत रूप है। नैसर्गिक पर्वतीय क्षेत्र का आकर्षण 141 वर्ष पहले कला प्रेमी बंगाली कलाकारों को यहां खींचकर लाया था, जिन्होंने वर्ष 1884 में नाट्य मंचन का शुभारंभ किया। इसी के बाद वर्ष 1900 में इंडियन क्लब की स्थापना हुई और स्थानीय लोग भी नाट्य मंचन में हिस्सा लेने लगे। 1900 में ही इंडियन एमेच्योर क्लब और 1910 में फ्रेंड्स एमेच्योर ड्रामेटिक क्लब खुला। इस दौर में ज्यादातर धार्मिक नाटकों का मंचन हुआ करता था। आजादी के काफी बाद</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549037/nainital-s-theatre-is-filled-with-the-natural-beauty-of-nature"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(35)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>उत्तराखंड, अमृत विचारः</strong> नैनीताल का रंगमंच कुमाऊनी संस्कृति और सभ्यता का आईना, और भारतीय अतीत के साहित्य व सामाजिक जीवन का अदभुत रूप है। नैसर्गिक पर्वतीय क्षेत्र का आकर्षण 141 वर्ष पहले कला प्रेमी बंगाली कलाकारों को यहां खींचकर लाया था, जिन्होंने वर्ष 1884 में नाट्य मंचन का शुभारंभ किया। इसी के बाद वर्ष 1900 में इंडियन क्लब की स्थापना हुई और स्थानीय लोग भी नाट्य मंचन में हिस्सा लेने लगे। 1900 में ही इंडियन एमेच्योर क्लब और 1910 में फ्रेंड्स एमेच्योर ड्रामेटिक क्लब खुला। इस दौर में ज्यादातर धार्मिक नाटकों का मंचन हुआ करता था। आजादी के काफी बाद 1980 के दशक में युगमंच की स्थापना हुई। नैनीताल का प्रसिद्ध यह रंगमंच समूह उत्तराखंड के सांस्कृतिक इतिहास, भूगोल और नाट्य आंदोलन में योगदान दे रहा है।<br /><br />नैनीताल का रंगमंच, सांस्कृतिक गतिविधियों का  महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसने क्षेत्र की कलात्मक विरासत को समृद्ध किया है। कई स्थानीय कलाकारों को अलग पहचान दिलाई है। इनमें ललित तिवारी को जहां बॉलीवुड की राह मिली, वहीं निर्मल पांडे ने बैंडिट क्वीन<br />में विक्रम मल्लाह का शानदार किरदार निभाया।  ज्ञान प्रकाश भी रंगमंच से टीवी धारावाहिक और बॉलीवुड में सक्रिय हैं, जबकि इदरीस मलिक रंगमंच के जरिए युवाओं की प्रतिभा निखार रहे हैं। मशहूर रंगकर्मी मिथिलेश पांडे कहते हैं कि नैनीताल के रंगमंच ने अभिनय ही नहीं बल्कि निर्देशन के साथ फिल्म मेकिंग और कला की अनेक वर्गों में प्रतिभाओं को स्थापित किया है। </p>
<p><strong>लेखक - अभिनेता ललित तिवारी</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/549014/delhi--pm-narendra-modi-inaugurated-kartavya-bhavan--know-which-ministries-will-be-shifted">दिल्ली: PM नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य भवन का किया उद्घाटन, जानें कौन-कौन से मंत्रालय होंगे शिफ्ट</a></strong></p>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 15:46:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>यहीं से शुरू हुई दुनिया और लिखी गई रामायण... पुराणों में कानपुर के पास स्थित ब्रह्मावर्त की महिमा </title>
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                        <![CDATA[<p><strong> कानपुरः </strong>कानपुर शहर से 20 किमी की दूरी पर स्थित है, धार्मिक-पौराणिक और ऐतिहासिक स्थल ब्रह्मावर्त, जिसकी महिमा पुराणों में वर्णित है। इसे बिठूर के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह क्षेत्र सृष्टि का केंद्र है, क्योंकि जल प्लावन के बाद सबसे पहले जल से प्रकट होने वाला भू-भाग यही था। पौराणिक साक्ष्यों के अनुसार ब्रह्मा ने यहीं सृष्टि रचना पूर्ण करने के उपरान्त ब्रह्मेश्वर शिवलिंग स्थापित कर अश्वमेद्य यज्ञ किया और अश्वनाल को कीलित कर स्थापित किया।  </p>
<p>बिठूर के ब्रह्मेश्वर घाट में इसकी आज भी ब्रह्मा की खूंटी के रूप में पूजा-अर्चना होती है।</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549035/the-world-started-from-here-and-ramayana-was-written----the-glory-of-brahmavarta-located-near-kanpur-in-the-puranas"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(32)2.png" alt=""></a><br /><p><strong> कानपुरः </strong>कानपुर शहर से 20 किमी की दूरी पर स्थित है, धार्मिक-पौराणिक और ऐतिहासिक स्थल ब्रह्मावर्त, जिसकी महिमा पुराणों में वर्णित है। इसे बिठूर के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह क्षेत्र सृष्टि का केंद्र है, क्योंकि जल प्लावन के बाद सबसे पहले जल से प्रकट होने वाला भू-भाग यही था। पौराणिक साक्ष्यों के अनुसार ब्रह्मा ने यहीं सृष्टि रचना पूर्ण करने के उपरान्त ब्रह्मेश्वर शिवलिंग स्थापित कर अश्वमेद्य यज्ञ किया और अश्वनाल को कीलित कर स्थापित किया।  </p>
<p>बिठूर के ब्रह्मेश्वर घाट में इसकी आज भी ब्रह्मा की खूंटी के रूप में पूजा-अर्चना होती है। बिठूर में ही महर्षि वाल्मीकि का आश्रम है। जहां बैठकर उन्होंने रामायण की रचना की थी। इसी आश्रम में श्रीराम द्वारा परित्याग किए जाने के बाद माता सीता ने निवास किया और लव और कुश नामक दो पुत्रों को जन्म दिया था। आश्रम में तीन मंदिर हैं। इनमें से एक मंदिर महर्षि वाल्मीकि का है, जिसमें उनकी पद्मासन मुद्रा में बैठे और दाएं हाथ में लेखनी लिए प्रतिमा स्थापित है। उनके पास ही भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-08/muskan-dixit-(33)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (33)" width="1280" height="720"></img></p>
<p> बिठूर में वाल्मीकि आश्रम ऊंचाई पर बना है। इसलिए यहां तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं। इन सीढ़ियों को स्वर्ग की सीढ़ी कहा जाता है। आश्रम में माता सीता की रसोई के पास यह सीढ़ियां बनी हैं।  यहां श्रीराम तथा उनकी सेना के साथ लव-कुश के युद्ध के प्रमाणों के साथ घटनास्थलों के नाम भी उस कालखंड की पुष्टि करते हैं, जैसे सीता परित्याग स्थल परियर, सेना के साथ रणभूमि में मिलन रणमेल या रमेल तथा महारण झील अथवा महान झील है। यह क्षेत्र आदि काल से ही मुनियों की तपस्थली तथा यज्ञ भूमि के रूप में विख्यात रहा है। ब्रह्मा जी और मित्रसह के अश्वमेघ यज्ञ तथा पृथु द्वारा मनु महाराज से अश्वमेध यज्ञ की दीक्षा प्राप्त करने के साथ ही दुष्यंत पुत्र राजा भरत द्वारा गंगा तट पर 55 अश्वमेघ यज्ञ करने का उल्लेख श्रीमद्भागवत् के नवम् स्कन्ध में मिलता है। इससे प्रमाणित होता है कि ब्रह्मावर्त यज्ञ दीक्षा एवं यज्ञ करने का अति महत्वपूर्ण स्थान था।</p>
<p>बिठूर का इतिहास आजादी की लड़ाई से भी प्रमुखता के साथ जुड़ा है। 1817 में पूना के पेशवा बाजीराव पेशवा द्वितीय को अंग्रेजों से हुए समझौते के कारण पेंशन लेकर बिठूर में निवास करना पड़ा। इसके बाद तमाम मराठी परिवार यहां बस गए। बाजीराव ने बिठूर में महल तथा कई इमारतें बनवाईं। 1851 में बाजीराव की मृत्यु के उपरान्त उनके दत्तक पुत्र धूढू पन्त नाना साहब के रूप में विख्यात हुए। लेकिन अंग्रेजों ने नानाराव को पेंशन देने से मना कर दिया। अंग्रेज सरकार के इस रवैये के खिलाफ नाना साहब ने भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराने की योजना बनाई। नाना साहब के नेतृत्व में बिठूर को केन्द्र बनाकर प्रथम स्वतंत्रता संग्राम लड़ा गया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-08/muskan-dixit-(34)2.png" alt="MUSKAN DIXIT (34)" width="1280" height="720"></img></p>
<h4><strong>इन तथ्यों और अवशेषों से मिले प्रमाण</strong></h4>
<p>वाल्मीकि रामायण में उत्तरकाण्ड के पैंसठवें सर्ग के श्लोक 1 तथा 2 में उल्लिखित है कि श्रीराम के भाई शत्रुघ्न ने अयोध्या से लवणासुर को मारने के लिए सेना भेजने के बाद अकेले ही प्रस्थान किया और दो दिन यात्रा के उपरान्त तीसरे दिन वाल्मीकि आश्रम पहुंचे। अयोध्या से बिठूर तक उस समय में घोड़े या अश्वरथ से 2 दिन का समय लगना पूर्णतः विश्वसनीय है। यही समयावधि सीता परित्याग की घटना में वर्णित है।</p>
<p>-    श्रीमद्भागवत् के चतुर्थ स्कन्ध के 19वें अध्याय में राजा पृथु द्वारा मनु महाराज से ब्रह्मावर्त में अश्वमेध यज्ञ दीक्षा लेने का उल्लेख है।<br />-    महाकवि विद्यापति द्वारा 13 वीं सदी में रचित भू परिक्रमा में बिठूर में बलराम जी के तीर्थ यात्रा में आने का उल्लेख मिलता है।<br />-    भारत में सर्वप्रथम ताम्र निधियों की प्राप्ति बिठूर में ही हुई। इनका कालखण्ड 4000 वर्ष  ईसा पूर्व तक आंका गया है।<br />-    यहां रामायण काल के अस्त्र - शस्त्र भी मिले हैं, जिनमें से कुछ  रामजानकी मंदिर में संग्रहीत हैं।<br />-    महाराज मनु की संतान राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव की तपस्थली के स्मृति स्वरूप यहां ध्रुव टीला आज भी विद्यमान है, जिससे  प्रागैतिहासिक काल तक के अवशेष प्राप्त हुए हैं।</p>
<p><strong>लेखक- धर्म प्रकाश गुप्त, संयोजक सचिव, कानपुर पंचायत</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/549014/delhi--pm-narendra-modi-inaugurated-kartavya-bhavan--know-which-ministries-will-be-shifted">दिल्ली: PM नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य भवन का किया उद्घाटन, जानें कौन-कौन से मंत्रालय होंगे शिफ्ट </a></strong></p>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/549035/the-world-started-from-here-and-ramayana-was-written----the-glory-of-brahmavarta-located-near-kanpur-in-the-puranas</link>
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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 15:33:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>संत प्रेमानंद जी महाराज का विवादित बयान वायरल, महिलाओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी पर यूपी के मंत्री ने कही ये बात </title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार। </strong>उत्तर प्रदेश में इन दिनों महिलाओं को लेकर विवादित बयान बाजी जारी हैं। अभी कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयान को लेकर विवाद थमा नहीं था कि अब मथुरा के प्रसिद्ध हिंदू संत प्रेमानंद महाराज का एक बयान विवाद का विषय बना गया है। बता दें कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने लड़कियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।</p><p style="text-align:justify;">वायरल वीडियो में प्रेमानंद जी महाराज ने कहा, "आज के समय में 100 में से केवल 2-4 लड़कियां ही पवित्र बची हैं।" उनके इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548054/saint-premanand-ji-maharaj-s-controversial-statement-goes-viral--up-minister-says-this-on-his-derogatory-comments-against-women"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/untitled-design-(23)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार। </strong>उत्तर प्रदेश में इन दिनों महिलाओं को लेकर विवादित बयान बाजी जारी हैं। अभी कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयान को लेकर विवाद थमा नहीं था कि अब मथुरा के प्रसिद्ध हिंदू संत प्रेमानंद महाराज का एक बयान विवाद का विषय बना गया है। बता दें कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने लड़कियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।</p><p style="text-align:justify;">वायरल वीडियो में प्रेमानंद जी महाराज ने कहा, "आज के समय में 100 में से केवल 2-4 लड़कियां ही पवित्र बची हैं।" उनके इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया जा रहा है।  </p><p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि मथुरा के संत महाराज काफी फेमस हैं उनके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी फॉलो भी किये जाते हैं। इतना ही नहीं भारतीय क्रिकेटर विराट और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी उनसे मिलने पहुंचे थे। प्रेमानंद महाराज आज की युवा पीढ़ी के चरित्र पर प्रश्नचिन्ह लगाए हैं। प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि अगर कोई युवक 4 लड़कियों से संबंध बनाता है, तो वह अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रह पाएगा, क्योंकि उसे व्यभिचार की आदत लग चुकी होती है। महाराज आगे कहते हैं कि 100 में से मुश्किल से दो-चार कन्याएं ही ऐसी होती हैं जो पवित्र जीवन जीकर किसी एक पुरुष को समर्पित होती हैं। उनके इस बयान से सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। </p><h5 style="text-align:justify;">यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दी अपनी प्रतिक्रिया</h5><p style="text-align:justify;">अब उनके इस बयान पर यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के बयान को सिरे से नाकारा हैं। उनका कहना हैं कि 'हम उनकी बातों से सहमत नहीं है क्योकि आज आधी आबादी महिलाओं की हैं इतना ही नहीं भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बैठी हैं। राजभर आगे कहते हैं कि भारत की प्रधानमंत्री दिवगंत इंदिरा गाँधी रही थी और तो और मायावती जो कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही थी।  </p><p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/548044/cm-yogi-held-a-meeting-with-public-representatives-of-prayagraj-and-vindhyachal-division--reviewed-the-proposal-action-plan">प्रयागराज और विन्ध्यांचल मण्डल जनप्रतिनिधियों के साथ सीएम योगी ने की बैठक, प्रस्ताव-कार्य योजना की समीक्षा </a></strong></p>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/548054/saint-premanand-ji-maharaj-s-controversial-statement-goes-viral--up-minister-says-this-on-his-derogatory-comments-against-women</link>
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                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 17:58:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
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                <title>अभियान के तहत राजधानी में 38 लाख पौधें लगाकर रचा इतिहास, स्कूल कॉलेज समेत अस्पताल परिसराें ने बनाया रिकॉर्ड  </title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>राजधानी की धरा को हरा भरा करने के लिए बुधवार को एक पेड़ मां के नाम के अभियान चलाया गया। इसके तहत सभी विभागों, शिक्षण संस्थाओं और संगठनों के लोगों ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। नगर निगम, एलडीए के पार्कों, मैदानों, स्कूल-कॉलेज प्रांगणाें, सरकारी कार्यालय परिसरों, अस्पताल परिसराें समेत 38 लाख से अधिक पौधे लगाए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अभियान में स्कूल, अस्पताल, पार्क, वाटिकाएं सहित 26 विभिन्न विभागों के लोगो ने पौधारोपण किया । शहर में जिला वृक्षारोपण समिति की देखरेख में चले कार्यक्रम में सामजिक संगठनों से लेकर सरकारी गैर- सरकारी क्षेत्रों मे काम</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/545580/under-the-campaign--history-was-created-by-planting-38-lakh-saplings-in-the-capital--a-record-was-made-in-school--college-and-hospital-premises"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/वृक्षारोपण-करते-पूर्व-माध्यमिक-विद्यालय-टिकरी-की-शिक्षिका-नेहा-सिंह-व-बच्चे-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>राजधानी की धरा को हरा भरा करने के लिए बुधवार को एक पेड़ मां के नाम के अभियान चलाया गया। इसके तहत सभी विभागों, शिक्षण संस्थाओं और संगठनों के लोगों ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। नगर निगम, एलडीए के पार्कों, मैदानों, स्कूल-कॉलेज प्रांगणाें, सरकारी कार्यालय परिसरों, अस्पताल परिसराें समेत 38 लाख से अधिक पौधे लगाए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अभियान में स्कूल, अस्पताल, पार्क, वाटिकाएं सहित 26 विभिन्न विभागों के लोगो ने पौधारोपण किया । शहर में जिला वृक्षारोपण समिति की देखरेख में चले कार्यक्रम में सामजिक संगठनों से लेकर सरकारी गैर- सरकारी क्षेत्रों मे काम करने वालों ने अभियान में उत्साह के साथ हिस्सा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">डीएफओ सितांशु पाण्डेय ने बताया कि 26 विभिन्न विभागों के लोगो ने पौधारोपण अभियान में सहभागिता और सहयोग किया। वन विभाग की ओर से साढ़े तेरह लाख से अधिक पौधे लगाए गए। ग्राम विकास की ओर से 12 लाख 50 हजार से अधिक पौधों लगवाने का का काम किया गया। सबसे अधिक 4700 पौधे त्रिवेणी वाटिका कुकैरल में लगाए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">मोहनलालगंज और मलिहाबाद में भी पौधे लगाए गए। एक पेड़ मां के नाम विषय पर चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं भी कराई गई। इसमें विजेताओं को सहजन के पौधे वितरित किए गए। नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में निदेशक अदिति शर्मा और उप निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने पौधे लगाए। पर्यटकों से भी पौधरोपण कराया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">लखनऊ नगर निगम ने एक दिन में 1,37,312 पौधे रोपे</h5>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ नगर निगम ने “एक पेड़ मां के नाम - 2.0” अभियान के तहत एक दिन में 1,37,312 पौधे लगावाए। आम्रपाली योजना दुबग्गा में मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नोएडा के विधायक पंकज सिंह ने लाल चंदन का पौधा लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महापौर सुषमा खर्कवाल ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">आम्रपाली योजना में प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह ने लगाया लाल चंदन का पौधा</h5>
<p style="text-align:justify;">उप नेता पार्षद दल सुशील तिवारी ''पम्मी'', पूर्व जिला अध्यक्ष श्रीकृष्णा लोधी, पार्षद रोशनी रावत, कमलेश पटेल, अनुराग मिश्रा अन्नू, धर्मेंद्र सिंह, सीबी. सिंह, अजय दीक्षित और गीता देवी सहित नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, नम्रता सिंह, अरुण कुमार गुप्त, डॉ अरविंद कुमार राव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह, मुख्य अभियंता महेश वर्मा, मुख्य अभियंता आरआर मनोज प्रभात, समस्त जोनल अधिकारी, उद्यान अधीक्षक ने भी पौधे लगाए।</p>
<h5 style="text-align:justify;">होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में रोपे गए 108 पौधे</h5>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/cm-yogi-(21)1.jpg" alt="CM YOGI (21)" width="1920" height="1080"></img></p>
<p style="text-align:justify;">गोमतीनगर स्थित राजकीय नेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में 108 औषधीय एवं छायादार पौधे लगाए गए। निदेशक होम्योपैथी प्रो अरविंद कुमार वर्मा, प्राचार्य प्रो. विजय कुमार पुष्कर,प्रो. वीपी वर्मा, प्रो. अमित नायक, प्रो.अशोक कुमार सिंह, डॉ. राजकुमार कश्यप, प्रो. विश्वजीत गुप्ता, डॉ. विनय शंकर तिवारी, डॉ. मानसी, डॉ. जितेन्द्र, डॉ. अंजनी और बैंक ऑफ बड़ौदा से जनरल मैनेजर शैलेंद्र कुमार और उनका स्टाफ मौजूद रहा। बीकेटी के रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय में सीएमएस डॉ. वीके शर्मा और अस्पताल का स्टाफ ने पौधे लगाए। लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सौमित्र वन में प्रमुख सचिव ने रोपा</h4>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/cm-yogi-(20)1.jpg" alt="CM YOGI (20)" width="1920" height="1080"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अयोध्या रोड स्थित सौमित्र वन में नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य पारसार्थी सेन शर्मा ने पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने विकसित सौमित्र वन की सराहना की। एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से सौमित्र वन, गोमती रिवर फ्रंट, हैदर कैनाल, शहीद पथ, सीजी सिटी स्थित नंदन वन, बसंतकुंज योजना में मैंगो पार्क एवं आयुर्वेद पार्क में पौधे लगाए गए। विभिन्न योजनाओं में स्थित ग्रीन बेल्ट/पार्कों में पौधरोपण किया गया। अपार्टमेंट, कॉलोनी व स्थानीय लोगों ने पौधे लगाए। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, अपर सचिव सीपी त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता संजीव कुमार, सहायक उद्यान अधिकारी कर्ण सिंह और कर्मचारियों ने एक-एक पौधा लगाया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">संगीत नाटक अकादमी में लगाया गया एक पेड़ मां के नाम</h5>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/cm-yogi-(19).jpg" alt="CM YOGI (19)" width="1920" height="1080"></img></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी में एक पेड़ मां के नाम-2 का आयोजन किया। जिसमें अकादमी, कथक केन्द्र और रेडियो जयघोष के अधिकारियों व कर्मचारियों ने अकादमी परिसर में पौधारोपण किया। संस्कृति विभाग के वित्त नियंत्रक कृष्ण कुमार पाण्डेय, अकादमी के कोषाध्यक्ष अमित अग्निहोत्री, निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर और अन्य ने शीशम, कटहल, आम, अमरूद तथा नींबू के पौधे लगाए। निदेशक ने कृष्ण कुमार पाण्डेय तथा अमित अग्निहोत्री को तरू एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">अपर श्रमायुक्त ने लगाया नीम का पौधा</h5>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/cm-yogi-(22)1.jpg" alt="CM YOGI (22)" width="1920" height="1080"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अटल आवासीय विद्यालय में अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने नीम का पौधा लगाया। शिक्षकों, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी शक्ति राय, प्रधानाचार्य सुखवीर सिंह भी रहे।</p>
<h5>जिले के परिषदीय स्कूलों में चला वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम</h5>
<p>लखनऊ में सभी परिषदीय विद्यालयों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के दिशा निर्देशन में पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ जन अभियान 2025 के अंतर्गत व्यापक जन सहभागिता के साथ वृक्षारोपण आयोजित किया गया। जिसमें सरकारी स्कूल के शिक्षकों व बच्चों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष पौधों का रोपण कराया गया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9-%E0%A4%B5-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%87.jpg" alt="वृक्षारोपण करते पूर्व माध्यमिक विद्यालय टिकरी की शिक्षिका नेहा सिंह व बच्चे"></img></p>
<p>विकासखंड मलिहाबाद में खंड शिक्षा अधिकारी पदमशेखर मौर्य, विकासखंड सरोजिनी नगर में खंड शिक्षा अधिकारी रुद्र प्रताप यादव, विकासखंड माल में खंड शिक्षा अधिकारी बंशीधर श्रीवास्तव मोहनलालगंज खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार, गोसाईगंज में खंड शिक्षा अधिकारी रामराज, खंड शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कटियार आदि के नेतृत्व में सभी विद्यालयों के शिक्षकों व बच्चों ने वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया।</p>
<h5>सतीश महाना ने लगाया विधानभवन में चंपा का पौधा</h5>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9-%E0%A4%B5-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%87-(1).jpg" alt="वृक्षारोपण करते पूर्व माध्यमिक विद्यालय टिकरी की शिक्षिका नेहा सिंह व बच्चे (1)"></img></p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बुधवार को विधानभवन परिसर में पौधरोपण महाअभियान के अंतर्गत चंपा के पौधे का रोपण किया। इस मौके पर महाना ने कहा कि अगर हम सभी सामूहिक रूप से इस महाअभियान में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, तो इसके सकारात्मक परिणाम अवश्य दिखाई देंगे। इस अवसर पर विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक पौधरोपण में भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।</p>
<h5>भाजपा ने बूथ स्तर पर वृक्षारोपण किया</h5>
<p>भारतीय जनता पार्टी ने ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत बुधवार को प्रदेश में बूथ स्तर पर वृक्षारोपण किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने हरदोई के संडीला में वृक्षारोपण किया। जबकि प्रदेश सरकार के मंत्री, पार्टी के प्रदेश, क्षेत्र, जिला, मंडल, शक्ति केन्द्र तथा बूथ के पदाधिकारी, सांसद, विधायक, नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, आयोग, निगम बोर्ड के अध्यक्ष व सदस्य, जिला पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, ब्लाक प्रमुख समेत सभी जनप्रतिनिधि एवं पार्टी के कार्यकर्ता पौधारोपण करने के लिए बूथ पर पहुंचे।</p>
<h5>कौशल विकास मिशन परिसर में पौधरोपण</h5>
<p>उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के परिसर में वृक्षारोपण महाभियान-2025 के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने पौधा रोपित कर अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान मिशन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।</p>
<h5>कालीमिर्च, हींग आदि के मसालेदार पौधे लगाए</h5>
<p>अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल. मीणा के नेतृत्व में राजकीय उद्यान आलमबाग, मंत्री उद्यान, राजकीय अलंकृत उद्यान, उपनिदेशक लखनऊ कार्यालय शीतगृह परिसर सहित उद्यान निदेशालय में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत अधिकारियों, कार्मिकों ने भी वृक्षारोपण किया। इसके तहत पारिजात, सहजन, इलायची, जायफल, काली मिर्च, हींग, तेजपत्ता, आम, अमरूद, चीकू, हरसिंगार, पुत्तनजीवा, आंवला आदि के पौधे उद्यान विभाग के विभिन्न संस्थानों में 5000 से अधिक रोपे गये।</p>
<h5 style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश ने लक्ष्य से 21 लाख ज्यादा पौधे लगाकर रचा इतिहास</h5>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बुधवार को 37,21,40,925 करोड़ पौधे लगाकर एक नया इतिहास रचा है। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत इस बार लक्ष्य 37 करोड़ पौध लगाने का था जिसके सापेक्ष 21,40,925 लाख अधिक पौधे ज्यादा लगे जिससे बीते वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया। मुख्यमंत्री ने वन मंत्री अरूण सक्सेना के साथ बुधवार को अयोध्या से इस अभियान की शुरुआत की जहां उन्होंने रामपुर हलवारा में सरयू नदी के किनारे त्रिवेणी वाटिका में बरगद, नीम और पीपल के पौधे रोपकर इसे भगवान श्रीराम, धरती माता और जन्मदायिनी माता को समर्पित किया। योगी ने अयोध्या, आजमगढ़ और गोरखपुर में पौधा रोपा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर अयोध्या में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 204 करोड़ पौधों का रोपण किया गया, जिनमें से 75 प्रतिशत पौधे जीवित हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य में 5 लाख एकड़ क्षेत्र में वनाच्छादन बढ़ा है। योगी ने कहा कि हमने हीटवेव को ग्रीनवेव में बदला है। उन्होंने वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का उल्लेख करते हुए कहा कि पेड़ों में भी जीवन है और ये छाया, फल, मृदा संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">योगी ने इस अभियान को धरती और जन्मदायिनी मां के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बताया। उन्होंने वैदिक उद्घोष माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः का उल्लेख करते हुए कहा कि एक सच्चा पुत्र वही है जो अपनी मां की सेवा और रक्षा करता है। इस अभियान के तहत प्रदेशवासियों ने सुबह 7 बजे से ही उत्साह के साथ पौधरोपण शुरू किया। योगी ने कहा कि यह अभियान वर्तमान को संवारने और भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है। पेड़ हमें प्रदूषण, सांस की बीमारियों और कार्बन उत्सर्जन के दुष्प्रभावों से बचाएंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">टेक्सास की बाढ़ में सैकड़ों बच्चों के लापता हो जाने का दिया हवाला</h5>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन को वैश्विक चुनौती बताते हुए कहा कि अतिवृष्टि, अनावृष्टि और बादल फटने जैसी घटनाएं अनियोजित विकास का परिणाम हैं। उन्होंने अमेरिका के टेक्सास में हाल ही में हुई एक घटना का जिक्र किया, जहां अचानक आई बाढ़ में सैकड़ों बच्चे लापता हो गए। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि नियोजित और वैज्ञानिक प्रयासों से विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन स्थापित किया जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">60 लाख वां पौधा लगाकर योगी ने किया आजमगढ़ के लक्ष्य को पूरा</h5>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेसवे के किनारे आजमगढ़ के सठियांव ब्लॉक के केरमा गांव में हरिशंकरी वाटिका की स्थापना की। आजमगढ़ को 60लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था। योगी ने यहां 60 लाख वां पौधा लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से इस विराट अभियान का हिस्सा बनने के लिए आजमगढ़ व प्रदेशवासियों का आभार प्रकट किया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने पौध देकर किया सम्मानित</h5>
<p style="text-align:justify;">आजमगढ़ में मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी के लाभार्थी अमरजीत, रिंकू देवी, सोनमती देवी, बुद्धिराम, अनीता देवी को सहजन का पौधा दिया। मुख्यमंत्री ने कक्षा सात के छात्र दीपक चौहान, अमृता यादव तथा कक्षा-8 की श्वेता मौर्या, शकीना, मोहिनी राजभऱ को भी पौध व चॉकलेट दिया। इस दौरान योगी ने कहा कि सहजन प्रोटीन व विटामिन से भरपूर है। उसकी पत्ती, साग,फली भी पौष्टिक है। कुपोषित व्यक्ति भी इसका सूप-साग खाए और लंबे समय तक सेवन करे तो स्वस्थ रहेगा। गाय को सहजन खिलाते हैं, जिससे दूध बढ़ेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">हिंदु बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करता था जल्लाद: योगी</h5>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री आजमगढ़ में समाज विरोधी व राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि बलरामपुर में एक जल्लाद को हम लोगों ने गिरफ्तार किया है। वह जल्लाद हिंदु बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करता था। पैसे में सौदेबाजी करता था, लेकिन अब ऐसे तत्वों के साथ सख्ती की जा रही है। हम समाज को टूटने भी नहीं देंगे और राष्ट्रविरोधी-समाजविरोधी तत्वों को भी चकनाचूर करके रहेंगे। हम धऱती मां के स्वास्थ्य की भी रक्षा करेंगे और मां की स्मृतियों को भी जीवंत बनाएंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">राज्यपाल ने बाराबंकी तो उपमुख्यमंत्रियों ने मेरठ व लखनऊ में लगाए पौधे</h5>
<p style="text-align:justify;">राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बाराबंकी में पौध लगाया। राज्यपाल ने यहां त्रिवेणी (पीपल, बरगद व नीम) का रोपण किया। उन्होंने लघु फिल्म लॉन्च की, आंगनबाड़ी किट, पोषण पोटली व प्रमाण पत्र वितरित किए। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मेरठ तथा ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में पौधरोपण किया। वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना अयोध्या-गोरखपुर तथा वन राज्यमंत्री कृष्णपाल मलिक आजमगढ़-गोरखपुर के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों ने भी अलग अलग जिलों में पौधे रोपित किये।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/545566/up-government-will-bear-the-expenses-of-devotees-coming-to-religious-fairs--sop-issued">धार्मिक मेलों में आने वाले श्रद्धालुओं का खर्च उठाएगी यूपी सरकार, SOP जारी</a></strong></p>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/545580/under-the-campaign--history-was-created-by-planting-38-lakh-saplings-in-the-capital--a-record-was-made-in-school--college-and-hospital-premises</link>
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                <pubDate>Thu, 10 Jul 2025 13:43:21 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Singh]]>
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                <title>अयोध्या राम मंदिर से यूपी में बढ़ा पर्यटन, WTTC की रिपोर्ट में आया सामने, देशभर के पर्यटन में जबरदस्त उछाल</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>वर्ल्ड ट्रेवल्स एंड टूरिज्म कौंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) की रिपोर्ट में राम मंदिर के पक्ष में फैसला के बाद शुरू हुए भव्य एवं दिव्य मंदिर निर्माण के साथ देशभर के पर्यटन सेवाओं में जबरदस्त उछाल आया है। राष्ट्रीय पर्यटन आंकड़े बताते हैं कि 2019 में अगले पांच साल के लिए किए गए पूर्वानुमान के सभी मानक काफी पीछे रह गए। अब वर्ष 2030 के पूर्वानुमान में भी यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र में ज्यादा संभावनाएं जताई गई है, इसमें यूपी के धार्मिक पर्यटन सबसे आगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ल्ड ट्रेवल्स एंड टूरिज्म कौंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के सहयोग से हर पांच साल</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/542073/ayodhya-ram-mandir-increased-tourism-in-up--wttc-report-revealed--huge-jump-in-tourism-across-the-country"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/news-post--(6)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>वर्ल्ड ट्रेवल्स एंड टूरिज्म कौंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) की रिपोर्ट में राम मंदिर के पक्ष में फैसला के बाद शुरू हुए भव्य एवं दिव्य मंदिर निर्माण के साथ देशभर के पर्यटन सेवाओं में जबरदस्त उछाल आया है। राष्ट्रीय पर्यटन आंकड़े बताते हैं कि 2019 में अगले पांच साल के लिए किए गए पूर्वानुमान के सभी मानक काफी पीछे रह गए। अब वर्ष 2030 के पूर्वानुमान में भी यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र में ज्यादा संभावनाएं जताई गई है, इसमें यूपी के धार्मिक पर्यटन सबसे आगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ल्ड ट्रेवल्स एंड टूरिज्म कौंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के सहयोग से हर पांच साल पर दुनिया भर के 184 देशों की अर्थव्यवस्थाओं और 28 भौगोलिक-आर्थिक क्षेत्रों के लिए यात्रा और पर्यटन के आर्थिक और रोजगार प्रभाव पर रिपोर्ट तैयार करता है। वर्ष 2030 तक के पूर्वानुमान खासा संभावनाओं वाले हैं। श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या, राधाकृष्ण की जन्मभूमि और कर्मस्थली ब्रजभूमि, तीरथराज प्रयाग, शिव की काशी, दुनिया को शांति और अहिंसा के संदेश से प्रकाशित करने वाले भगवान बुद्ध से जुड़े सभी प्रमुख स्थल कुशीनगर, सारनाथ, कपिलवस्तु की वजह से पर्यटन में यूपी की संभावनाएं ज्यादा हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूटीटीसी के अनुसार देश के लिए पर्यटन के लिहाज से साल 2025 रिकॉर्ड ब्रेकिंग हो सकता है। इसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर का योगदान 22 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। रोजगार पाने वालों की संख्या 48 मिलियन से अधिक हो सकती है। संस्था की ओर से भारत देश के लिए साल 2030 के पूर्वानुमान के अनुसार पर्यटन से अर्थव्यवस्था को मिलने वाला योगदान 42 लाख करोड़ और रोजगार बढ़कर 64 मिलियन हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>वर्ष 2025 के आंकड़े बना रहे नया लैंड मार्क</strong></p>
<p style="text-align:justify;">साल 2023 और 2024 के आंकड़े भी यही बताते हैं। आंकड़ों को मुताबिक 2023 में अयोध्या आने वाले पर्यटकों की संख्या 5.76 करोड़ थी जो 2024 में बढ़कर 16.44 करोड़ तक पहुंच गई। इसी दौरान काशी में यह वृद्धि 10.18 करोड़ से 11 करोड़, मथुरा में 7.79 करोड़ से 9 करोड़ हुई। प्रयागराज में 5.06 करोड़ की तुलना में 5.12 करोड़ पर्यटक आए। 2025 में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ, उलट प्रवाह के क्रम में यहां से अयोध्या, काशी, ब्रज क्षेत्र के तीर्थों और शक्तिपीठों पर जाने वाले श्रद्धालुओं की वजह से आंकड़े एक नया लैंड मार्क बनाएंगे। महाकुंभ में ही कुल 66.30 करोड़ पर्यटक, श्रद्धालु आए थे। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए योगी सरकार सबसे आगे</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कॉरिडोर, विकास परिषद एवं सर्किट बनाकर योगी सरकार प्रमुख तीर्थ स्थलों समेत टूरिज्म के लिहाज से महत्वपूर्ण अन्य स्थानों का भी विकास करा रही है। 4560 करोड़ रुपये की लागत से धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 272 मार्गों का विकास करा रही है। कई जगह हेलीपोर्ट सेवा शुरू हो चुकी है। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद, श्री देवीपाटन तीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, श्री विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद, श्री चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद, नैमिषारण्य धाम तीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश श्री शुक्र तीर्थ विकास परिषद बनाकर नए कीर्तिमान बन रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बने सर्किट</strong></p>
<p style="text-align:justify;">नियोजित विकास के लिए योगी सरकार ने अलग-अलग पर्यटन स्थलों के लिए सर्किट बनाएं हैं। इनमें रामायण, महाभारत बौद्ध, शक्तिपीठ, जैन, आध्यात्मिक, कृष्ण ब्रज, सूफी कबीर धार्मिक लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा हाल के वर्षों में लोगों की पसंद बने एडवेंचर, इको टूरिज्म के लिए बुंदेलखंड एवं वाइल्ड लाइफ इको टूरिज्म सर्किट भी हैं। प्रदेश की बेहद संपन्न परंपरा को टूरिज्म के जरिये बढ़ावा देने के लिए शिल्प सर्किट भी है। प्रमुख मेलों का आकर्षण बढ़ाने के लिए उनका प्रांतीयकरण किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Tourism</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 11:42:32 +0530</pubDate>
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