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                <title>लखनऊः जिला पंचायत अध्यक्ष के अधिकार सीज करने पर अंतरिम रोक, हाईकोर्ट में आज होगी दोबारा सुनवायी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जिला पंचायत अध्यक्ष आरती रावत के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। याची आरती रावत की याचिका पर रोक न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने लगाई है। रोक कल यानी शुक्रवार तक के लिए है, कल मामले में आगे की सुनवाई की जाएगी</p>
<p>आरती रावत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप नारायण माथुर ने दलील दी कि याची को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए बिना उसके अधिकारों को सीज किया गया है। जांच रिपोर्ट याची को नहीं दी गई, मनमाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/518142/interim-ban-on-seizing-the-rights-of-the-district-panchayat"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design-(49)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जिला पंचायत अध्यक्ष आरती रावत के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। याची आरती रावत की याचिका पर रोक न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने लगाई है। रोक कल यानी शुक्रवार तक के लिए है, कल मामले में आगे की सुनवाई की जाएगी</p>
<p>आरती रावत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप नारायण माथुर ने दलील दी कि याची को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए बिना उसके अधिकारों को सीज किया गया है। जांच रिपोर्ट याची को नहीं दी गई, मनमाने तरीके से वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया गया। अधिकारों को निलंबित करने से पहले अपनाई जानी वाली प्रकिया को नहीं अपनाया गया। याचिका का राज्य सरकार के अधिवक्ता ने विरोध किया। हालांकि उन्होंने निर्देश प्राप्त करने के लिए समय की भी मांग की।</p>
<p>दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि ऐसा लगता है कि जिलाधिकारी लखनऊ की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 19 नवंबर 2024 को रिपोर्ट देने के पश्चात याची को बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए उसके अधिकारों को सीज कर दिया। न्यायालय ने यह भी कहा कि 6 दिसम्बर 2024 के उक्त आदेशों में याची को नोटिस जारी करने का कोई जिक्र नहीं है। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने की थी। इसमें आरोपों की पुष्टि होने पर 6 दिसम्बर 2024 को वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों को निलंबित कर जिला पंचायत के संचालन के लिए तीन निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों की समिति बना दी गई थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/518139/dilarjan-installed-on-these-routes-including-hazratganj-alambagh-kaiserbagh-full">हजरतगंज, आलमबाग, बर्लिंगटन समेत इन रास्तों पर लगा डायलर्जन, 26 जनवरी के लिए होगी फुलड्रेस रिहर्सल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 10:26:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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                <title>Alia Bhatt और Bhansali को कोर्ट से मिली राहत, अदालत ने मानहानि की कार्यवाही पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। “गंगूबाई काठियावाड़ी” फिल्म के संबंध में दायर आपराधिक मानहानि की एक शिकायत के संबंध में अभिनेत्री आलिया भट्ट और फिल्मकार संजय लीला भंसाली के विरुद्ध एक स्थानीय अदालत द्वारा शुरू की गई कार्यवाही पर बंबई उच्च न्यायालय ने अंतरिम रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने 10 अगस्त को अपने आदेश में सुनवाई की …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/104925/alia-bhatt-and-bhansali-get-relief-from-court-court-stays-defamation-proceedings"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-08/gangubai-kathiawadi-alia-bhatt-sanjay.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> “गंगूबाई काठियावाड़ी” फिल्म के संबंध में दायर आपराधिक मानहानि की एक शिकायत के संबंध में अभिनेत्री आलिया भट्ट और फिल्मकार संजय लीला भंसाली के विरुद्ध एक स्थानीय अदालत द्वारा शुरू की गई कार्यवाही पर बंबई उच्च न्यायालय ने अंतरिम रोक लगा दी है।</p>
<p>उच्च न्यायालय ने 10 अगस्त को अपने आदेश में सुनवाई की अगली तारीख सात सितंबर तक अंतरिम रोक लगा दी। इस साल मार्च में एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने भट्ट, भंसाली और उनकी निर्माण कंपनी भंसाली प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध सम्मन जारी किये थे। फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी के जीवन पर आधारित है और खुद को काठियावाड़ी का दत्तक पुत्र होने का दावा करने वाले बाबूजी शाह नामक एक व्यक्ति ने मानहानि की शिकायत दायर की थी जिस पर सम्मन जारी किये गए थे।</p>
<p>फिल्म में आलिया भट्ट ने गंगूबाई की भूमिका निभाई है जो 1960 के दशक में मुंबई के ‘रेड लाइट’ क्षेत्र की सबसे ताकतवर और सम्मानित ‘मैडम’ थी। शाह का दावा है कि फिल्म ‘द माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ उपन्यास से प्रेरित है। शाह के अनुसार, उपन्यास के कुछ अंश आपत्तिजनक हैं जिसमें गंगूबाई काठियावाड़ी की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है और उनके जीवन की निजता का अतिक्रमण किया गया है।</p>
<p>भट्ट , भंसाली और उनकी कंपनी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील आबाद पोंडा ने दलील दी कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि शाह काठियावाड़ी के दत्तक पुत्र हैं। न्यायमूर्ति रेवती मोहित डेरे ने 10 अगस्त को शाह को एक नोटिस जारी किया और भट्ट तथा भंसाली के आवेदन को सात सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। इसी से संबंधित घटनाक्रम में उच्च न्यायालय की एक अन्य पीठ ने इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है।</p>
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                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Aug 2021 17:49:04 +0530</pubDate>
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