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                <title>education news - Amrit Vichar</title>
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                <description>education news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई पर फिलहाल रोक, 12 दिन बाद छात्रों का धरना खत्म; अजय राय बोले- यह विद्यार्थियों की जीत</title>
                                    <description><![CDATA[मुरादाबाद मंडल आयुक्त की अदालत ने अगले आदेश तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाई। फैसले के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय विश्वविद्यालय पहुंचे और छात्रों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589170/jauhar-university-bulldozer-action-stay-ajay-rai-rampur-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/अजय-राय.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>रामपुर:</strong> उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर फिलहाल अंतरिम रोक लगने के बाद पिछले करीब 12 दिनों से चल रहा छात्रों का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को समाप्त हो गया। मुरादाबाद मंडल आयुक्त की अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दाखिल आवेदन स्वीकार करते हुए अगले आदेश तक किसी भी प्रकार की बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगा दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">फैसले के बाद सोमवार देर शाम उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पार्टी के प्रांतीय प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मुलाकात की, मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी और इस फैसले को विद्यार्थियों की जीत बताया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>15 जुलाई को जारी हुआ था ध्वस्तीकरण आदेश</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने 15 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर की 40 में से 38 इमारतों को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित बताते हुए उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। इसके विरोध में विश्वविद्यालय के छात्र लगातार धरने पर बैठे हुए थे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>छात्र बोले- स्थायी राहत मिलने तक चिंता बनी रहेगी</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">धरने में शामिल छात्र कलीम तुर्क ने कहा कि अदालत के फैसले से छात्रों में राहत और खुशी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल केवल अंतरिम रोक लगी है। यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी तरह निरस्त हो जाए तो छात्र निश्चिंत होकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>अजय राय ने सरकार पर साधा निशाना</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि विश्वविद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगना छात्रों की जीत है। उन्होंने दावा किया कि हाल के छात्र आंदोलनों के बाद देशभर के युवाओं में नया उत्साह है और सरकार दबाव महसूस कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि किसी राजनीतिक विवाद की वजह से किसी शिक्षण संस्थान को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उनके अनुसार विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र होता है और ऐसे संस्थानों को निशाना बनाया जाना उचित नहीं है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>तजीन फातिमा से भी की मुलाकात</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">रामपुर दौरे के दौरान अजय राय ने विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा से भी मुलाकात की। इस दौरान विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मामलों पर चर्चा हुई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>अदालत ने सुनवाई टालते हुए दी अंतरिम राहत</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">मुरादाबाद मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि एक अधिवक्ता के निधन के कारण मंगलवार को शोकसभा के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। विश्वविद्यालय की ओर से दाखिल आवेदन स्वीकार करते हुए अगले आदेश तक परिसर में किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/589142/rampur-dr-tajin-said-that-he-will-fight-till-his"><span class="t-red">Rampur News :</span> डॉ. तजीन बोलीं, जौहर विवि के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 17:05:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Barabanki News: स्कूल में सर्पदंश से मासूम की मौत, लापरवाही के आरोप पर फूटा गुस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने गए सात वर्षीय छात्र की संदिग्ध सर्पदंश से मौत, परिजनों ने शिक्षामित्र पर शिकायत अनसुनी करने का लगाया आरोप; प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589162/barabanki-school-snake-bite-student-death-investigation-committee"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/barabanki-news-स्कूल-में-सर्पदंश-से-मासूम-की-मौत.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>बाराबंकी:</strong> जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र में एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले सात वर्षीय छात्र की कथित सर्पदंश से मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, कोतवाली क्षेत्र के बढ़ईका पुरवा निवासी अशोक राजपूत का सात वर्षीय पुत्र अंशू त्रिवेदीगंज ब्लॉक के देवगरपुर सहावर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था। सोमवार को वह रोज की तरह स्कूल पहुंचा था। आरोप है कि खेलते समय विद्यालय परिसर में मौजूद झाड़ियों के बीच किसी जहरीले सांप या विषैले जीव ने उसे काट लिया।</p>
<p>परिजनों का आरोप है कि अंशू ने तबीयत बिगड़ने पर विद्यालय में मौजूद शिक्षामित्र को इसकी जानकारी दी, लेकिन उसकी बात पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया। कुछ देर बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई तथा उसके मुंह से झाग निकलने लगा। इसके बावजूद समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए। बाद में छात्र बेहोश हो गया।</p>
<p>सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चे को तत्काल हैदरगढ़ अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक तौर पर सर्पदंश की आशंका जताई।</p>
<p>घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर एसडीएम, सीओ सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच व आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए।</p>
<p>घटना के संबंध में यह भी आरोप लगाया गया कि हादसे के समय विद्यालय में प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षक मौजूद नहीं थे। वहीं, परिजनों का कहना है कि घटना के बाद विद्यालय परिसर में उगी झाड़ियों और घास को जल्दबाजी में हटाया गया।</p>
<p>जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/589155/who-is-mohammad-junaid-neet-ug-protest-cjp-ghaziabad-police"><span class="t-red">Mohammad Junaid कौन हैं? </span>NEET-UG छात्र आंदोलन में चर्चा में आए वालंटियर की क्यों बढ़ी परेशानी, लगे गंभीर आरोप</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 15:15:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Gen-Z के बाद अब Alpha एक्टिव मोड में... फतेहपुर में बिजली-पानी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, सर्वोदय इंटर कॉलेज के बाहर की नारेबाजी</title>
                                    <description><![CDATA[फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों ने बिजली, शुद्ध पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589152/fatehpur-sarvodaya-inter-college-students-protest-electricity-water-facilities"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/आनंदेश्वर-महादेव-मंदिर--(4).jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>फतेहपुरः </strong>उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर के बाहर एकत्र होकर बिजली, शुद्ध पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बाबा भीमराव अंबेडकर की तस्वीर हाथ में लेकर नारेबाजी भी की।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसे हाल के छात्र आंदोलनों के संदर्भ में "Gen-Z के बाद Alpha Generation" से जोड़कर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, यह सोशल मीडिया पर चल रही प्रतिक्रिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/cgvsxjerv1wzdihu.mp4" controls=""></video>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>बिजली और पेयजल की कमी का लगाया आरोप</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से बिजली की नियमित व्यवस्था और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उनका कहना है कि इससे पढ़ाई के साथ-साथ दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">छात्रों ने विद्यालय प्रशासन से बिजली आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को जल्द उपलब्ध कराने की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/dbdo6psp_o4c6drt.mp4" controls=""></video>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विद्यालय परिसर में अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल समाधान की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/diwv8cbs1vgp-hq3.mp4" controls=""></video>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>छात्राओं ने बेहतर शैक्षणिक माहौल की मांग उठाई</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शन में शामिल छात्राओं का कहना था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी संभव है, जब विद्यालय में बिजली, स्वच्छ पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। उनका कहना है कि इन सुविधाओं की कमी से पढ़ाई प्रभावित होती है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>सोशल मीडिया पर 'Gen-Z' और 'Alpha' की चर्चा</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर छात्र आंदोलनों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हुई हैं। फतेहपुर के इस प्रदर्शन का वीडियो सामने आने के बाद कुछ यूजर्स इसे "Gen-Z के बाद Alpha Generation की आवाज" जैसे संदर्भों में साझा कर रहे हैं। हालांकि, यह सोशल मीडिया पर व्यक्त की जा रही राय है और इसे आधिकारिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/589147/rae-bareli-salon-wife-arrested-husband-murder-case-stick-recovered">Rae Bareli Murder Case: शराबी पति से झगड़े के बाद पत्नी ने उतारा मौत के घाट, 17 दिन बाद गिरफ्तार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>फतेहपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589152/fatehpur-sarvodaya-inter-college-students-protest-electricity-water-facilities</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 13:59:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक का मायावती ने किया स्वागत, बोलीं- शिक्षा संस्थानों को नियमित करने की नीति अपनाए सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण पर अंतिम सुनवाई तक रोक के फैसले को बताया उचित; अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी बुलडोजर की बजाय नियमों के अनुरूप नियमितीकरण की दी सलाह।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589119/mayawati-welcomes-stay-on-johar-university-demolition-rampur-azam-khan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/जौहर-विश्वविद्यालय-पर-बुलडोजर-कार्रवाई-पर-रोक-का-मायावती-ने-किया-स्वागत.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong>बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर अंतिम सुनवाई तक रोक लगाए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इस निर्णय को उचित बताते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों के मामलों में सरकार को ध्वस्तीकरण की जगह नियमों के अनुरूप नियमितीकरण की नीति अपनानी चाहिए।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>एक्स पर पोस्ट कर फैसले को बताया स्वागत योग्य</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को स्वीकृत नक्शे के अभाव में गिराने की रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने का फैसला उचित और स्वागत योग्य है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/Mayawati/status/2081932657370468782?s=20">https://twitter.com/Mayawati/status/2081932657370468782?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी दी नीति बनाने की सलाह</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">बसपा प्रमुख ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में अन्य ऐसे शिक्षण संस्थान भी हैं, जहां निर्माण संबंधी सरकारी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं हो पाया है, तो सरकार को बुलडोजर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें नियमों के अनुरूप नियमित और व्यवस्थित कराने की नीति अपनानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई से वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। मायावती ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी इस जनहित से जुड़ी सलाह पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>मंडलायुक्त की अदालत से मिली अंतरिम राहत</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">मायावती की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले मुरादाबाद के मंडलायुक्त की अदालत ने जौहर विश्वविद्यालय को अंतरिम राहत प्रदान की थी। अदालत ने मामले में अंतिम सुनवाई होने तक विश्वविद्यालय की 38 इमारतों के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने का आदेश दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/589100/big-relief-to-rampur-azam-khans-johar-university-commissioners-stay"><span class="t-red">Rampur News :</span> आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत, आरडीए के ध्वस्तीकरण आदेश पर कमिश्नर की रोक </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589119/mayawati-welcomes-stay-on-johar-university-demolition-rampur-azam-khan</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 10:24:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> आपके बच्चे का स्कूल कितना सुरक्षित?: जानकारी मांगने पर भी नहीं मिली, DIOS मुरादाबाद को सूचना आयोग का नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा संबंधी RTI का समय पर जवाब नहीं देने पर मुरादाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को नोटिस जारी किया। आयोग ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के शिक्षण संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था जानने का पूरा अधिकार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589106/-up-school-college-coaching-safety-rti-information-commission-notice-dios-moradabad"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/rti.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>स्कूलों,कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में आग, भवन हादसों और अन्य सुरक्षा चूक की घटनाओं के बीच एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर अभिभावक अपने बच्चों के शिक्षण संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी कैसे हासिल करें? उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने इसी मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए मुरादाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को नोटिस जारी किया है।<br />मामला मुरादाबाद जिले के करीब 40 कोचिंग संस्थानों और एक दर्जन स्कूलों एवं कॉलेजों में सुरक्षा मानकों से जुड़ी जानकारी का है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं से संबंधित सूचनाएं मांगी गई थीं, लेकिन निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।</p>
<h4><strong>विभाग का दायित्व है समय पर सूचना उपलब्ध कराए</strong></h4>
<p>सुनवाई के दौरान  राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा आज हर अभिभावक की प्राथमिक चिंता है। यदि कोई नागरिक आरटीआई के माध्यम से ऐसी जानकारी मांगता है तो संबंधित विभाग का दायित्व है कि उसे समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाए। इससे अभिभावकों को यह जानने का अधिकार मिलता है कि जिस संस्थान में उनका बच्चा पढ़ रहा है, वहां सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।</p>
<h4><strong>DIOS मुरादाबाद से जवाब तलब</strong></h4>
<p>सूचना आयोग ने माना कि शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक हित का विषय है। ऐसी सूचनाएं देने में देरी या उन्हें रोके रखना आरटीआई कानून की भावना के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर DIOS मुरादाबाद से जवाब तलब किया गया है।<br />राज्य सूचना आयुक्त का यह फैसला दूरगामी असर वाला माना जा रहा है। प्रदेश के लाखों अभिभावकों के लिए यह आदेश महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे भी सूचना के अधिकार के तहत अपने जिले के स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था, भवन की सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी मांग सकते हैं। सूचना आयोग के इस रुख से शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 20:50:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anuj Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> Lucknow University में पेपर लीक को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस से धक्का-मुक्की, गैर भाजपा सरकारों के शिक्षा मंत्रियों से मांगा इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[पेपर लीक विवाद पर तेज हुई सियासत, छात्रों ने गैर-एनडीए राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग उठाई, विश्वविद्यालय गेट पर बढ़ा तनाव।।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589091/lucknow-university-paper-leak-protest-dimple-yadav-akhilesh-rahul-kejriwal-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/students-protest-at-lucknow-university-over-the-paper-leak-issue-(2).png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> पेपर लीक के मुद्दे पर सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय का माहौल उस समय गर्मा गया, जब प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया, जिसके चलते हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;">​प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद डिंपल यादव और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विपक्ष पेपर लीक के मुद्दे पर केवल चुनिंदा राज्यों में ही आवाज उठाता है, जबकि गैर-एनडीए सरकारों वाले राज्यों में सामने आए मामलों पर चुप्पी साध लेता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/students-protest-at-lucknow-university-over-the-paper-leak-issue.png" alt="Students protest at Lucknow University over the paper leak issue" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>जंतर-मंतर के बाद बदला सियासी नैरेटिव</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन समाप्त होने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बाद अब पेपर लीक का मुद्दा नई राजनीतिक दिशा में बढ़ता दिख रहा है। इसी क्रम में छात्रों के समूह ने गैर-भाजपा शासित राज्यों में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर विपक्ष को घेरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पंजाब, कर्नाटक और भी कई सारे राज्य हैं जहां पेपर लीक हो रहा है, तो अब वहां भी इस्तीफे होने चाहिए क्योंकि तभी न्याय होगा; नहीं तो विपक्ष न्याय की बात करना छोड़ दे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>गेट नंबर-1 पर जुटे छात्र, पुलिस ने रोका</strong></span></h5>
<p dir="ltr">दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 (आजाद द्वार) पर एकत्र हुए और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ प्रदर्शनकारी परिसर से बाहर निकलकर मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पहले से तैनात पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया।</p>
<p dir="ltr">​इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की भी कोशिश की, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ही रोक दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/students-protest-at-lucknow-university-over-the-paper-leak-issue-(3).png" alt="Students protest at Lucknow University over the paper leak issue (3)" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>गैर-एनडीए राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग</strong></span></h5>
<p dir="ltr">​प्रदर्शन में शामिल छात्र आलोक मिश्रा ने कहा कि जिन राज्यों में कथित तौर पर पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, वहां के शिक्षा मंत्रियों को भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि विपक्ष यदि छात्रों के हितों की बात करता है तो उसे सभी राज्यों के मामलों पर समान रूप से आवाज उठानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/students-protest-at-lucknow-university-over-the-paper-leak-issue-(4).png" alt="Students protest at Lucknow University over the paper leak issue (4)" width="1280" height="720"></img></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>'सभी राज्यों के लिए एक जैसा रवैया अपनाएं'</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">​छात्र जतिन शुक्ला ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीतिक दलों का रुख निष्पक्ष होना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी राज्य में ऐसी घटना होती है तो उस पर समान रूप से प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">​वहीं छात्र अनुरान ने भी कहा कि विपक्ष को गैर-एनडीए शासित राज्यों में सामने आने वाले पेपर लीक मामलों पर भी उतनी ही गंभीरता दिखानी चाहिए, जितनी अन्य राज्यों के मामलों में दिखाई जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/589088/upsssc-forensic-lab-vacancy-2026-scientific-assistant-lab-assistant-208-posts"><span class="t-red">UPSSSC Recruitment 2026:</span> यूपी फॉरेंसिक लैब में निकली बंपर नौकरियां, 1.12 लाख तक मिलेगी सैलरी; आज से आवेदन शुरू</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589091/lucknow-university-paper-leak-protest-dimple-yadav-akhilesh-rahul-kejriwal-news</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 18:00:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NEET Online Exam: सुप्रीम कोर्ट की नजर नीलेकणी टास्क फोर्स की सिफारिशों पर, ऑनलाइन परीक्षा को लेकर मांगे नए सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाले उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल की सिफारिशों पर नजर रखेगा। अदालत ने ऑनलाइन परीक्षा के लिए साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589026/neet-online-exam-supreme-court-nandan-nilekani-task-force-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/सुप्रीम-कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 से जुड़े पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह केंद्र सरकार द्वारा गठित नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाले उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल की सिफारिशों पर नजर रखेगा। अदालत ने कहा कि यदि भविष्य में नीट परीक्षा को पारंपरिक ऑफलाइन प्रणाली के बजाय ऑनलाइन आयोजित करने पर विचार किया जाता है, तो इसके लिए नए और प्रभावी सुझावों की आवश्यकता होगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा पर अदालत का जोर</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति<strong> </strong>पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली अपनाने की स्थिति में साइबर सुरक्षा और डेटाबेस सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जरूरी होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने टिप्पणी की कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए पारंपरिक व्यवस्था से अलग सोच और आधुनिक समाधान अपनाने की आवश्यकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>पेपर लीक के बाद दायर हुई थी याचिका</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट राजद सांसद सुधाकर सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। यह याचिका 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराए जाने की घोषणा के बाद दायर की गई थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>केंद्र ने बताया, मामला गंभीरता से लिया गया</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी कर रहे हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>कार्यबल में शामिल हैं ये विशेषज्ञ</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">सरकार के अनुसार, इस उच्चस्तरीय कार्यबल में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इनमें—</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>नंदन नीलेकणी (अध्यक्ष)</li>
<li>इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ</li>
<li>आईबी के पूर्व निदेशक तपन डेका</li>
<li>आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामाकोटी</li>
<li>पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल</li>
<li>लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>3 अगस्त को होगी अगली सुनवाई</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त के लिए निर्धारित की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले 1 जून को शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता की उस मांग पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था, जिसमें 21 जून को आयोजित पुनः परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में कराने का अनुरोध किया गया था।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 12 मई को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588998/paper-leak-bill-2026-lok-sabha-public-examinations-act-amendment"><span class="t-red">पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन! </span>लोकसभा में आज पेश होगा सख्त विधेयक, 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ जुर्माने का प्रस्ताव</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 13:08:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Lucknow News: डॉ. अंबेडकर सामाजिक एकता मंच ने 27 मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित, समाजसेवियों और पत्रकारों को भी मिला 'लोक शक्ति सम्मान'</title>
                                    <description><![CDATA[हजरतगंज के मार्टिन पुरवा में डॉ. अंबेडकर सामाजिक एकता मंच के 7वें स्थापना दिवस पर मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 27 छात्र-छात्राओं के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589009/lucknow-medhavi-vidyarthi-samman-dr-ambedkar-samajik-ekta-manch-hazratganj"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/डॉ.-अंबेडकर-सामाजिक-एकता-मंच.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ:</strong> राजधानी के हजरतगंज स्थित मार्टिन पुरवा में डॉ. अंबेडकर सामाजिक एकता मंच के 7वें स्थापना दिवस के अवसर पर 'मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह में बोर्ड परीक्षा (10वीं एवं 12वीं) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 27 मेधावी छात्र-छात्राओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>पत्रकारों, शिक्षकों और समाजसेवियों को मिला 'लोक शक्ति सम्मान'</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और समाजसेवियों को 'लोक शक्ति सम्मान' से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, सामाजिक एकता और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों की सराहना की गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने रखे विचार</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">समारोह में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के पूर्व उप महाप्रबंधक जे.पी. शास्त्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं राष्ट्रीय पत्रकार सेवा संघ (भारत) के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण सिंह और प्रदेश महामंत्री रंजीत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व, सामाजिक समरसता और युवाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><span><strong>इन मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान</strong></span></h4>
<p style="text-align:justify;">सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में निष्ठा यादव, मोहनी, हीना बनो, तनु यादव, यास्मीन बानो, संस्कृति, विमलेश, अक्सा, अंतिमा, राजा यादव, मनीष कुमार, फैज़ान अली, मुजीब अहमद, यश चांदूरा, रवि यादव और शिवम यादव सहित कुल 27 मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल रहे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>बड़ी संख्या में पहुंचे गणमान्य नागरिक</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री सूरज कुमार गौतम, कोषाध्यक्ष मनीष कुमार, संघमित्रा रावत, पत्रकार सुनील रैदास, सुनील यादव, सुमित रावत, मो. अबरार, मो. अंसार, अनिल चौधरी, वैभव गौतम, सुरेंद्र कुमार, संजीता, मीरा देवी, सरोज देवी, अभिनव चौधरी, निहारिका, हिना बानो, यासमीन बानो और ख्याति रावत सहित सैकड़ों स्थानीय नागरिक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और समाज के विकास में योगदान देने के संदेश के साथ हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588962/nta-explained-neet-paper-leak-controversy-history-reforms-hindi"><span class="t-red">Explainer: </span>NTA आखिर है क्या? जिस एजेंसी पर उठे सबसे बड़े सवाल, जानिए कैसे करती है काम और क्यों बार-बार विवादों में आई</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 10:53:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन! लोकसभा में आज पेश होगा सख्त विधेयक, 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ जुर्माने का प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन के लिए सरकार सोमवार को लोकसभा में विधेयक पेश करेगी। प्रस्तावित बदलावों में पेपर लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराधों पर कड़ी सजा, त्वरित जांच और फास्ट-ट्रैक ट्रायल का प्रावधान शामिल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588998/paper-leak-bill-2026-lok-sabha-public-examinations-act-amendment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/anti-paper-leak-bill-2026.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अनुचित साधनों के मामलों पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार सोमवार को लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन से संबंधित विधेयक पेश करने की तैयारी में है।</p>
<p style="text-align:justify;">सदन की कार्यवाही के लिए सूचीबद्ध इस विधेयक का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक जैसे अपराधों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>पेपर लीक पर 10 साल तक की जेल का प्रस्ताव</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">सदस्यों को वितरित विधेयक की प्रति के अनुसार, परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले दोषियों के लिए कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके साथ ही ऐसे मामलों में 50 लाख रुपये तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>संगठित अपराध पर और सख्त होगी कार्रवाई</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">यदि पेपर लीक या परीक्षा से जुड़े अपराध संगठित तरीके से किए जाते हैं, तो प्रस्तावित संशोधनों के तहत कम से कम सात साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>दो महीने में जांच, तीन महीने में ट्रायल पूरा करने का प्रस्ताव</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">प्रस्तावित संशोधनों में यह भी व्यवस्था की गई है कि ऐसे मामलों की सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें (फास्ट-ट्रैक कोर्ट) स्थापित करने का निर्देश देने का प्रस्ताव है। इन अदालतों में आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करने की व्यवस्था की गई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><span><strong>NEET पेपर लीक विवाद के बाद आया विधेयक</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;">यह विधेयक ऐसे समय में लाया जा रहा है जब NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति गठित करने की घोषणा भी की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि यह संशोधन विधेयक संसद से पारित होता है, तो परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और संगठित नकल गिरोहों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पहले की तुलना में और अधिक सख्त हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/588982/apj-abdul-kalam-11th-death-anniversary-inspirational-quotes-missile-man-of-india"><span class="t-red">डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की 11वीं पुण्यतिथि:</span> 'मिसाइल मैन' के 10 प्रेरणादायक विचार, जो हर युवा को देते हैं नई उड़ान</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 10:16:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी में 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ, शिक्षकों को मिले कैशलेस कार्ड; एमएलसी बोले- निश्चिंत होकर करें राष्ट्र निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[लोक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में चयनित शिक्षकों को प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड वितरित किए गए। योजना के तहत पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588977/cm-teacher-cashless-medical-scheme-launched-barabanki-teachers-received-cashless-cards"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/barabanki-cm-yogi-uttar-pradesh-teacher-cashless-medical-scheme.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार: </strong>प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ रविवार को लोक सभागार, बाराबंकी में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। शिक्षक निश्चिंत भाव से श्रेष्ठ एवं संस्कारवान विद्यार्थियों का निर्माण कर सकें, इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री द्वारा यह योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी समान रूप से लाभान्वित करेगी।</p><p style="text-align:justify;">कार्यक्रम का शुभारंभ एमएलसी अंगद कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती अमिता सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए राकेश कुमार सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. सुधा तथा राजकीय महाविद्यालय हंसौर के प्राचार्य एवं नोडल उच्च शिक्षा प्रो. राणा इंद्रजीत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।</p><p style="text-align:justify;">अपने स्वागत संबोधन में जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती अमिता सिंह ने एमएलसी सहित उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत और सुरक्षा का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं, इसलिए उन्हें स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त रखना आवश्यक है और यह योजना उस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p><p style="text-align:justify;">क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. सुधा ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल शिक्षकों के हित में ऐतिहासिक कदम है। इससे अब शिक्षक गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्त होकर बेहतर उपचार प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।</p><p style="text-align:justify;">नोडल उच्च शिक्षा एवं राजकीय महाविद्यालय हंसौर के प्राचार्य प्रो. राणा इंद्रजीत सिंह ने योजना से लाभान्वित होने वाले प्राध्यापकों को बधाई देते हुए इसे राज्य सरकार का दूरदर्शी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना शिक्षकों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच को और मजबूत करेगी।</p><p style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमएलसी अंगद कुमार सिंह ने शिक्षा और शिक्षक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षकों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। यही कारण है कि उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शिक्षक ही बेहतर समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।</p><p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से मुख्यमंत्री के उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी देखा गया।</p><p style="text-align:justify;">इस अवसर पर एमएलसी अंगद कुमार सिंह ने योजना के अंतर्गत चयनित शिक्षकों को प्रतीक स्वरूप कैशलेस कार्ड (डमी) वितरित किए। कार्ड प्राप्त करने वालों में विजय कुमार वर्मा, सुनीता यादव, अनिल कुमार विश्वकर्मा, हेमंत कुमार सिंह, अनीता सिंह, ऋषिकेश कुमार तिवारी, राहुल यादव, आशुतोष सिंह, रीना सिंह, रचना, अनुराग कृष्ण यादव, अज़ीज़ रज़ा, अनिल कुमार श्रीवास्तव, भावेन्द्र कुमार गुप्ता, अभिषेक मौर्य, नेहा सिंह, किरण सिंह, अश्वनी कुमार गुप्ता, वीर विक्रम सिंह, हृषिकेश मिश्रा, अमर जीत सिंह, शैलजा दीक्षित, सुनीत कुमार सिंह, विश्वेश कुमार मिश्रा एवं अखिलेश कुमार वर्मा शामिल रहे।</p><p style="text-align:justify;">इसके साथ ही माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों शैलेन्द्र कुमार, जमशेद अहमद, रमेश चंद्र ओझा तथा श्याम नारायण को भी प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन नेशनल इंटर कॉलेज, फतेहपुर के प्रवक्ता आशीष पाठक ने किया।</p><p style="text-align:justify;">इस अवसर पर सह नोडल उच्च शिक्षा एवं प्राचार्य सीताराम सिंह, रामनगर पीजी कॉलेज के प्राचार्य कौशलेन्द्र विक्रम मिश्र, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य नंदिता सिंह, उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री एवं किसान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इस्माइलपुर के प्रधानाचार्य अशोक त्रिपाठी, प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र पाण्डेय, नेशनल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. रामू मौर्य, विनोद कुमार सिंह, संजय श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, डॉ. नन्हे सिंह, कमलेश सिंह सहित लगभग 150 शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।</p><p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588972/yogi-adityanath-teachers-national-awareness-cashless-medical-scheme-agra"><span class="t-red">योगी का शिक्षकों से आह्वान: </span>भारत विरोधी षड्यंत्रों के खिलाफ बनें जागरूकता की ताकत, छात्रों में जगाएं राष्ट्रभाव</a></strong></p><p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588965/rae-bareli-teachers-cashless-medical-card-distribution-yogi-scheme"><span class="t-red">रायबरेली में शिक्षकों को मिला कैशलेस हेल्थ कार्ड, </span>अब 5 लाख तक इलाज की सुविधा; जानिए किस योजना का मिला लाभ</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 16:27:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>योगी का शिक्षकों से आह्वान: भारत विरोधी षड्यंत्रों के खिलाफ बनें जागरूकता की ताकत, छात्रों में जगाएं राष्ट्रभाव</title>
                                    <description><![CDATA[आगरा में 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से समाज और युवाओं को दुष्प्रचार से बचाने, राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और नई शिक्षा नीति के तहत एआई कौशल अपनाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588972/yogi-adityanath-teachers-national-awareness-cashless-medical-scheme-agra"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/cm-yogi-uttar-pradesh-teacher-cashless-medical-scheme-(1).png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>आगरा: </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों और उच्च शिक्षण संस्थानों से राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि देश के भीतर कुछ ताकतें षड्यंत्र रचकर समाज में भ्रम और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करें, तो शिक्षक समाज को उनके खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा विभाग की 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह योजना प्रदेश के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/cm-yogi-uttar-pradesh-teacher-cashless-medical-scheme-(1).png" alt="CM Yogi Uttar Pradesh Teacher Cashless Medical Scheme (1)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान हमेशा सर्वोच्च रहा है। चाहे गुरुकुल परंपरा हो या आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक समाज को दिशा देने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बिना किसी संगठन या व्यक्ति का नाम लिए कहा कि कुछ शक्तियां भारत की प्रगति से असहज हैं और आधुनिक तकनीक तथा बाहरी संसाधनों का उपयोग कर समाज में भ्रम और विद्वेष फैलाने का प्रयास करती हैं। ऐसे समय में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/cm-yogi-uttar-pradesh-teacher-cashless-medical-scheme-(2).png" alt="CM Yogi Uttar Pradesh Teacher Cashless Medical Scheme (2)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज दुष्प्रचार का शिकार होता है तो उसमें नकारात्मकता बढ़ती है और अंततः समाज अपने ही हितों को नुकसान पहुंचाने लगता है। इसलिए शिक्षकों को विद्यार्थियों में सही सोच, जागरूकता और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आग्रह किया कि वे राष्ट्रनिर्माण और सकारात्मक विचारों के केंद्र बनें। विश्वविद्यालयों के प्रकाशन केंद्रों में समाज की उपलब्धियों, सफलताओं और प्रेरणादायक उदाहरणों को स्थान दिया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/cm-yogi-uttar-pradesh-teacher-cashless-medical-scheme-(3).png" alt="CM Yogi Uttar Pradesh Teacher Cashless Medical Scheme (3)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">योगी ने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि छात्रों के लिए प्रेरणा बनें। ऐसा करने पर वर्तमान और आने वाली पीढ़ियां उन्हें सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जब-जब विकास और समृद्धि की ओर बढ़ा, तब-तब उसे प्रत्यक्ष और परोक्ष चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यदि भविष्य में भी देश के खिलाफ किसी प्रकार का षड्यंत्र रचा जाता है तो शिक्षक समाज को युवाओं को जागरूक कर राष्ट्रहित में आगे आना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/cm-yogi-uttar-pradesh-teacher-cashless-medical-scheme-(4).png" alt="CM Yogi Uttar Pradesh Teacher Cashless Medical Scheme (4)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि यदि कक्षाएं नीरस हो जाएं तो विद्यार्थियों की रुचि कम हो जाती है। इसलिए हर शिक्षक को विद्यार्थियों के दृष्टिकोण से भी स्वयं का मूल्यांकन करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा अपने स्मार्टफोन के जरिए जानकारी प्राप्त करते हैं और कई बार बिना सत्यापन के सोशल मीडिया की बातों को सही मान लेते हैं। इसलिए शिक्षकों को विद्यार्थियों में तथ्य और अफवाह के बीच अंतर समझाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-07/cm-yogi-uttar-pradesh-teacher-cashless-medical-scheme-(5).png" alt="CM Yogi Uttar Pradesh Teacher Cashless Medical Scheme (5)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह नीति शिक्षकों और छात्रों के लिए नए अवसर लेकर आई है। उन्होंने प्रत्येक शिक्षक और विद्यार्थी को कृत्रिम मेधा (Artificial Intelligence - AI) के क्षेत्र में दक्ष बनने का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा होती है, लेकिन उसे पहचानने और विकसित करने का कार्य शिक्षक ही कर सकता है। भारतीय परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान इसी कारण दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588958/up-teacher-cashless-medical-scheme-5-lakh-health-cover-yogi-government"><span class="t-red">यूपी के 1.28 लाख शिक्षकों को बड़ा तोहफाः </span>अब 5 लाख तक कैशलेस इलाज, साथ में 3 करोड़ तक का बीमा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>आगरा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 15:32:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>धर्मेंद्र प्रधान के बाद शिक्षा मंत्रालय की कमान प्रह्लाद जोशी के पास? जानिए नए शिक्षा मंत्री का पूरा राजनीतिक सफर</title>
                                    <description><![CDATA[धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा। जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588971/pralhad-joshi-new-education-minister-after-dharmendra-pradhan-resignation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/pralhad-joshi-education-minister.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके बाद प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पदभार ग्रहण करने के बाद प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर वे विनम्रता और कर्तव्य भावना के साथ इस दायित्व का निर्वहन करेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है, जिससे उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>कौन हैं प्रह्लाद जोशी?</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ था। छात्र जीवन से ही वे सामाजिक गतिविधियों और जनहित के मुद्दों में सक्रिय रहे। उन्होंने संगठनात्मक राजनीति के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी में अपनी पहचान बनाई।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>ऐसा रहा राजनीतिक सफर</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रह्लाद जोशी ने वर्ष 1995 में सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। वर्ष 1995 से 1998 तक वे धारवाड़ में भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे, जबकि 1998 से 2003 तक जिला महासचिव के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर कांग्रेस उम्मीदवार बी.एस. पाटिल को हराया और पहली बार सांसद बने। इसके बाद वे लगातार पांच बार धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर चुके हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><span><strong>कब बने केंद्रीय मंत्री?</strong></span></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में 30 मई 2019 को प्रह्लाद जोशी पहली बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए। उन्हें संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया और बाद में कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मिली। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के साथ उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588961/amit-shah-brajesh-pathak-reaction-on-dharmendra-pradhan-resignation"><span class="t-red">धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह और ब्रजेश पाठक का रिएक्शन,</span> युवाओं और छात्रों को लेकर कही ये बड़ी बात</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/588971/pralhad-joshi-new-education-minister-after-dharmendra-pradhan-resignation</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 15:02:57 +0530</pubDate>
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