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                <title>heart disease - Amrit Vichar</title>
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                <description>heart disease RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>लखनऊ :  स्वस्थ समाज से ही बनेगा सशक्त भारत, दिल की बीमारी को महामारी में बदलने से रोकें-सीएम योगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ नागरिक और स्वस्थ समाज बनकर हम विकसित भारत की परिकल्पना साकार कर सकता हैं। उन्होंने कहा कि बीमारू नागरिक, समाज और देश, सशक्त नहीं हो सकता। दिल की बीमारी गंभीर है। हार्ट जब ब्लॉक होता है तो दूसरे लोक की यात्रा शुरू हो जाती है। इसलिए दिल के साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रखना है। इसमें डॉक्टरों की भूमिका काफी अहम है। सरकार तो अपने स्तर पर काम कर ही रही है। लेकिन एक आम नागरिक के बारे में सोचकर अपनी भूमिका के निर्वहन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578149/lucknow--an-empowered-india-can-only-be-built-upon-a-healthy-society--prevent-heart-disease-from-turning-into-an-epidemic-%E2%80%94-cm-yogi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(20)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ नागरिक और स्वस्थ समाज बनकर हम विकसित भारत की परिकल्पना साकार कर सकता हैं। उन्होंने कहा कि बीमारू नागरिक, समाज और देश, सशक्त नहीं हो सकता। दिल की बीमारी गंभीर है। हार्ट जब ब्लॉक होता है तो दूसरे लोक की यात्रा शुरू हो जाती है। इसलिए दिल के साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रखना है। इसमें डॉक्टरों की भूमिका काफी अहम है। सरकार तो अपने स्तर पर काम कर ही रही है। लेकिन एक आम नागरिक के बारे में सोचकर अपनी भूमिका के निर्वहन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का हम आह्वान करते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित NIC को संबोधित कर रहे थे। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क का काम तेजी के साथ चल रहा है। हमारी कोशिश ये है कि हर व्यक्ति को अच्छी और सस्ती दवाएं मिलें। इलाज सस्ता और आसान बने। </p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन इसी के साथ सीएम ने आम नागरिकों से अपने लाइफस्टाइल में बदलाव की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिनचर्या के लिए बड़े जागरुकता अभियान चलाए बिना दिल की बीमारी को महामारी में बदलने से नहीं रोका जा सकता। आखिर कितना उपचार करेंगे। प्राइवेट अस्पतालों तो ये संभव है। लेकिन सरकारी अस्पतालों की भीड़ देखिए। केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना 12 से 14 हजार मरीज आते हैं। इसी तरह एम्स दिल्ली में लगभग 16 हजार। </p>
<p style="text-align:justify;">इतनी भारी भीड़ को आखिर डॉक्टर कितना वक्त दे पाते होंगे। इसलिए जरूरी है कि हम स्वस्थ दिनचर्या को फॉलो करें। व्यायाम करें। मोबाइल स्क्रीन टाइम कम करें। ये सबसे बड़ी बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। आज लोग औसतम 4 से 6 घंटा मोबाइल को देते हैं। देर रात तक जागना और फिर सुबह में देर से उठना। ये सब शरीर को बीमारी की तरफ ले जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">सीएम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों पर भी चिंता जताने के साथ सख्ती का संदेश दिया है। एक जनपद का उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने वहां एक प्रतिष्ठान पर छापा डलवाया। वो प्रतिष्ठान रोजाना सैकड़ों कुंतल खोया और पनीर उपलब्ध कराने की क्षमता रखता था। तब, जब उसके पास कोई डेयरी नहीं थी। आखिर जांच में बड़ी मिलावट पकड़ी गई। </p>
<p style="text-align:justify;">हालात ये हैं कि आप जो खाद्य पदार्थ इस्तेमाल कर रहे हैं-उसमें कितनी मिलावट है, आप भी नहीं जानते होंगे। तो हम सबका सामूहिक प्रयास ये होना चाहिए कि हम समाज के बारे में सोचें। अच्छा और स्वस्थ समाज बनाएं। बीमारियों से बचें। डॉक्टर इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। अपने स्तर पर लोगों को दिनचर्या बदलने के लिए प्रेरित करें।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578146/questions-raised-over-school-vehicle-inspection-system-in-up--increased-workload-on-bureaucrats-during-technical-checks"><span class="t-red">यूपी में स्कूली वाहन निरीक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल, </span>टेक्निकल जांच में बाबुओं पर बढ़ा बोझ</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578149/lucknow--an-empowered-india-can-only-be-built-upon-a-healthy-society--prevent-heart-disease-from-turning-into-an-epidemic-%E2%80%94-cm-yogi</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:10:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वस्थ जीवनशैली ही हृदय रोग से बचाव की सबसे बड़ी दवा : प्रो. आरके. धीमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के निदेशक प्रो. आर.के. धीमान ने कहा है कि हृदय रोग की रोकथाम में जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव सबसे प्रभावी और स्थायी उपाय है। उन्होंने कहा कि वजन, रक्तचाप, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और शारीरिक निष्क्रियता पर नियंत्रण कर हृदय संबंधी बीमारियों के बड़े हिस्से को रोका जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, प्रज्ञा, गोमतीनगर में आयोजित हृदय स्वास्थ्य जागरूकता एवं सीपीआर प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रो. धीमान ने कहा कि भारत में हृदय रोग का बढ़ता बोझ गंभीर चिंता का विषय है। इसे कम करने के लिए रोकथाम की शुरुआत कम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569188/a-healthy-lifestyle-is-the-best-medicine-to-prevent-heart-disease--prof--r-k--dhiman"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/prof.-rk.-dhiman.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के निदेशक प्रो. आर.के. धीमान ने कहा है कि हृदय रोग की रोकथाम में जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव सबसे प्रभावी और स्थायी उपाय है। उन्होंने कहा कि वजन, रक्तचाप, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और शारीरिक निष्क्रियता पर नियंत्रण कर हृदय संबंधी बीमारियों के बड़े हिस्से को रोका जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, प्रज्ञा, गोमतीनगर में आयोजित हृदय स्वास्थ्य जागरूकता एवं सीपीआर प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रो. धीमान ने कहा कि भारत में हृदय रोग का बढ़ता बोझ गंभीर चिंता का विषय है। इसे कम करने के लिए रोकथाम की शुरुआत कम उम्र से होनी चाहिए और यह प्रयास जीवनभर जारी रहना चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वस्थ जीवनशैली न केवल बीमारी से बचाव करती है, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य और बेहतर जीवन गुणवत्ता का आधार भी बनती है। यह कार्यशाला एनएडीटी आरसी लखनऊ द्वारा "अच्छे स्वास्थ्य" विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुई। कार्यक्रम का नेतृत्व आईआरएस के अपर महानिदेशक डॉ. नील जैन ने किया, जबकि समन्वय संयुक्त निदेशक अन्विका शर्मा ने किया। </p>
<p style="text-align:justify;">एसजीपीजीआईएमएस के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. आदित्य कपूर ने सीपीआर को चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं बल्कि जीवन रक्षक कौशल बताते हुए कहा कि इसे कोई भी सीख सकता है और किसी की जान बचा सकता है। उन्होंने युवाओं में बढ़ते कोरोनरी धमनी रोग, उच्च रक्तचाप और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं पर चिंता जताई तथा कहा कि अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में पहले कुछ मिनट अत्यंत निर्णायक होते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सीपीआर में प्रत्येक मिनट की देरी से जीवन बचने की संभावना लगभग 10 प्रतिशत कम हो जाती है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अचानक हृदय गति रुकने की पहचान, सीपीआर की सही तकनीक और स्वचालित बाह्य डिफिब्रिलेटर (एईडी) के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षण सत्र का संचालन प्रो. आदित्य कपूर और एसजीपीजीआईएमएस के कैथ लैब प्रभारी नर्स शिवदयाल ने किया। वक्ताओं ने कार्यस्थलों, विद्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में व्यापक सीपीआर प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रशिक्षित समाज ही आपात स्थितियों में जीवन रक्षा सुनिश्चित कर सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 19:13:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: ठंड में दिल का रखें ख्याल, सुबह की सैर से करें परहेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>ठंड के मौसम में हृदय संबंधित परेशानियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। बुजुर्ग ही नहीं युवा भी दिल की समस्या लेकर रोज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार सर्दी के मौसम में तापमान कम होने से खून के थक्के जमने लगते हैं।</p>
<p>जिला अस्पताल में चेस्ट फिजिशियन डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि सर्दी का सबसे ज्यादा असर हृदय के रोगियों पर पड़ता है। हृदय रोगियों के लिए सुबह चार बजे से लेकर 10 बजे तक का समय अधिक संवेदनशील होता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक का खतरा रहता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565852/take-care-of-your-heart-in-the-cold-weather--and-avoid-morning-walks"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/thand.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>ठंड के मौसम में हृदय संबंधित परेशानियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। बुजुर्ग ही नहीं युवा भी दिल की समस्या लेकर रोज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार सर्दी के मौसम में तापमान कम होने से खून के थक्के जमने लगते हैं।</p>
<p>जिला अस्पताल में चेस्ट फिजिशियन डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि सर्दी का सबसे ज्यादा असर हृदय के रोगियों पर पड़ता है। हृदय रोगियों के लिए सुबह चार बजे से लेकर 10 बजे तक का समय अधिक संवेदनशील होता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक का खतरा रहता है। जिला अस्पताल में रोजाना हृदय से संबंधी परेशानी लेकर 20-25 मरीज पहुंच रहे हैं।</p>
<p>जनरल फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह ने बताया कि दिल से संबंधित रोगियों में प्रारंभिक जांच में ब्लड प्रेशर, शुगर, पॉलीस्ट्राल, ईसीजी और जरूरत पड़ने पर टीएमटी व ईको टेस्ट कराया जाता है। सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं। क्योंकि, सर्दी में शारीरिक गतिविधि कम होने से कोलेस्ट्रोल बढ़ने की संभावना रहती है। डाइट अधिक लेने से धमनियों में क्लाटिंग हो जाती है। जो हार्ट अटैक या डिसीज की संभावना को अधिक कर देती है। ठंड में दिल को मजबूत रखने के लिए पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। अपने आहार में हरी सब्जियां, ड्राई फ्रूट, दूध को शामिल करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565852/take-care-of-your-heart-in-the-cold-weather--and-avoid-morning-walks</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 09:04:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: गलन भरी ठंड ने दिल और दमा रोगियों की मुश्किलें बढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> सर्दी बढ़ने के साथ ही बीते कुछ दिनों से हृदय और अस्थमा के रोगियों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। इससे पहले इमरजेंसी में दो-चार मरीज ही पहुंचते थे, लेकिन शीतलहर के चलते संख्या बढ़कर 25 से 30 हो गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी के साथ निजी अस्पतालों में भी रोगियों की कतार लग रही है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सांस से संबंधित सौ से अधिक रोगी पहुंचे।</p>
<p>हृदय रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी जा रही है। चेस्ट फिजिशियन डॉ.प्रदीप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563975/the-biting-cold-has-increased-the-difficulties-for-heart-and-asthma-patients"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/dama.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> सर्दी बढ़ने के साथ ही बीते कुछ दिनों से हृदय और अस्थमा के रोगियों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। इससे पहले इमरजेंसी में दो-चार मरीज ही पहुंचते थे, लेकिन शीतलहर के चलते संख्या बढ़कर 25 से 30 हो गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी के साथ निजी अस्पतालों में भी रोगियों की कतार लग रही है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सांस से संबंधित सौ से अधिक रोगी पहुंचे।</p>
<p>हृदय रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी जा रही है। चेस्ट फिजिशियन डॉ.प्रदीप वार्ष्णेय का कहना है कि सर्दी में अस्थमा और हृदय के रोगियों को एहतियात बरतनी चाहिए। जिला अस्पताल में दिल का कोई विशेषज्ञ नहीं है। यहां प्रथम उपचार ही दिया जा सकता है। सांस के रोगियों का भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। बोले, इन दिनों सांस लेने में दिक्कत वाले मरीज अचानक बढ़ गए हैं। इसके लिए इमरजेंसी में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। </p>
<p>ताकि मरीजों का सही से उपचार हो सके। सर्दियों के सीजन में सांस संबंधी समस्या वाले रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इन दिनों गर्म पानी के सेवन के साथ पूरे शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखना चाहिए। ठंड में ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जनरल फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह ने बताया कि शरीर का तापमान सामान्य रखें। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें। नियमित चेक कराते रहें। चिकित्सक द्वारा जो दवा लिखी गई हैं उस दवा की डोज को संशोधित करा लें। इसके अलावा जब सुबह को सोकर उठें तो तुरंत बाहर न निकलें। सांस व अस्थमा के मरीजों को शीतलहर में काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।</p>
<p><strong>ये बरतें सावधानी</strong><br />- बाहर जाते समय स्कार्फ या मास्क पहनें।<br />- प्रदूषण का स्तर अधिक हो तो जरूरी होने पर ही बाहर निकलें।</p>
<p>- ठंडी हवा के साथ-साथ ठंडे पेय या खाद्य पदार्थों से भी बचें।<br />- डॉक्टर की बताई गई दवाएं और इनहेलर हमेशा साथ रखें।</p>
<p>- सिर ढककर निकलें बीपी रखें नियंत्रित।</p>
<p><br /><strong>ऐसे करें बचाव</strong></p>
<p>- अस्थमा, हृदय के मरीज ठंड के साथ ही धुएं से दूरी बनाएं।<br />- सोने से दो से ढाई घंटे पहले पौष्टिक सुपाच्य भोजन कर लें।</p>
<p>- पानी हल्का गुनगुना करके पिएं, शरीर में पानी की कमी न होने दें।<br />- हरी सब्जियों के साथ फलों का भी करें सेवन।</p>
<p>- धूल और धुएं से रहें दूर।<br />- नियमित रूप से घर की सफाई करें। चादरों को नियमित धोएं।</p>
<p>- नम हवा वायुमार्ग को बेहतर रखने में मदद कर सकती है इसलिए यूमिडिफायर का उपयोग करें।<br />- अगर संभव हो तो घर के अंदर ही व्यायाम करें ताकि ठंडी हवा में जाने से बचा जा सके।</p>
<p>- धूम्रपान और सिगरेट, अंगीठी, स्टोव के धुएं से दूर रहें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563975/the-biting-cold-has-increased-the-difficulties-for-heart-and-asthma-patients</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 09:06:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : हृदय रोग संस्थान में बनेगी सबसे बड़ी हार्ट ट्रांसप्लांट यूनिट, हाइब्रिड ओटी और कैथ लैब की सुविधा भी जल्द ही मिलेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कार्डियोलाजी सोसाइटी की ओर से जारी रिपोर्ट में हृदय रोग के इलाज में प्रदेश में स्थान मिला है, जबकि केजीएमयू के कार्डियोलॉजी को पहला स्थान प्राप्त हुआ है। लखनऊ के लोहिया इंस्टीट्यूट और एसजीपीजीआई को चौथा स्थान मिला है। लखनऊ के जही एक निजी अस्पताल को पांचवीं रैंकिंग मिली है।</p>
<p>शहर में लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान(कार्डियोलाजी) में हृदय रोगियों को अच्छा इलाज मिल रहा है। यूं कहें तो तमाम बड़े संस्थान जो हृदय रोगियों के सर्वोत्त्म इलाज का दावा करते हैं उनका दावा इस रैंकिंग में फेल हो गया है। हृदय रोग संस्थान ने तो लखनऊ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/554766/kanpur--the-institute-of-cardiology-will-soon-have-the-largest-heart-transplant-unit--hybrid-ot-and-cath-lab-facilities-will-also-be-available"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/हृदय-रोग.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> कार्डियोलाजी सोसाइटी की ओर से जारी रिपोर्ट में हृदय रोग के इलाज में प्रदेश में स्थान मिला है, जबकि केजीएमयू के कार्डियोलॉजी को पहला स्थान प्राप्त हुआ है। लखनऊ के लोहिया इंस्टीट्यूट और एसजीपीजीआई को चौथा स्थान मिला है। लखनऊ के जही एक निजी अस्पताल को पांचवीं रैंकिंग मिली है।</p>
<p>शहर में लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान(कार्डियोलाजी) में हृदय रोगियों को अच्छा इलाज मिल रहा है। यूं कहें तो तमाम बड़े संस्थान जो हृदय रोगियों के सर्वोत्त्म इलाज का दावा करते हैं उनका दावा इस रैंकिंग में फेल हो गया है। हृदय रोग संस्थान ने तो लखनऊ के एसजीपीजीआई को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। संस्थान में एक साल में साढ़े चार लाख मरीजों का ओपीडी में ही परीक्षण किया गया।</p>
<p>इसमें 37,600 से ज्यादा मरीजों की हृदय की सर्जरी की गई। अब इस संस्थान को इंस्टीट्यूट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने की तैयारी है। यहां एंजियोप्लास्टी, बाईपास सहित सभी प्रकार की हार्ट सर्जरी होती है। सूबे की सबसे बड़ी हार्ट ट्रांसप्लांट यूनिट बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इस पर सहमति बन गई है। जल्द ही मंजूरी की घोषणा हो जाएगी।</p>
<p>साथ ही संस्थान में हार्ट ट्रांसप्लांट के लाइसेंस की स्वीकृति की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। हाइब्रिड ओटी और कैथ लैब की सुविधा भी जल्द ही मिल जाएगी, क्योंकि उनके निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। आयुष्मान कार्डधारकों को ट्रीटमेंट देने के मामले में इंस्टीट्यूट प्रदेश में पहले स्थान पर है। संस्थान में बड़े पैमाने पर आयुष्मान कार्ड धारकों की मुफ्ते में सर्जरी और इलाज हो रहा है।</p>
<p>मरीज का आयुष्मान कार्ड देखकर पहले इलाज शुरू होता है, बाकि प्रक्रिया बाद में की जाती है। संस्थान के निदेशक प्रो. राकेश वर्मा ने बताया कि संस्थान में बेहतर सुविधाओं के लिए जो भी कदम उठाए जाने हैं हम सब उठा रहे हैं। हाइब्रिड ओटी, कैथ लैब का काम चल रहा है। हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए लाइसेंस भी जल्द ही स्वीकृत हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/554766/kanpur--the-institute-of-cardiology-will-soon-have-the-largest-heart-transplant-unit--hybrid-ot-and-cath-lab-facilities-will-also-be-available</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 22:15:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसजीपीजीआई: दिल की गंभीर बीमारी से ग्रसित युवती को दिया नया जीवन, ब्रेन स्ट्रोक ने कर दी थी हालत नाजुक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के चिकित्सकों ने दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही गोरखपुर की युवती की जान बचाने में कामयाबी हासिल की है। युवती में खून के थक्के बनने की वजह से पैर काटने की स्थिति बन गई थी। इलाज के दौरान ब्रेन स्ट्रोक ने स्थिति और नाजुक कर दी, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास से उसकी जान बच गई है। स्वस्थ होने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">संस्थान में रेडियोडायग्नोसिस विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि गोरखपुर निवासी 29 वर्षीय युवती को गंभीर हालत में पीजीआई में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/527861/sgpgi-gave-a-new-life-to-a-young-woman-suffering"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/sgpgi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के चिकित्सकों ने दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रही गोरखपुर की युवती की जान बचाने में कामयाबी हासिल की है। युवती में खून के थक्के बनने की वजह से पैर काटने की स्थिति बन गई थी। इलाज के दौरान ब्रेन स्ट्रोक ने स्थिति और नाजुक कर दी, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास से उसकी जान बच गई है। स्वस्थ होने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">संस्थान में रेडियोडायग्नोसिस विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि गोरखपुर निवासी 29 वर्षीय युवती को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया गया था। वह रूमेटिक हृदय रोग (आरएचडी) से पीड़ित थी। इसकी वजह से उसे एक्यूट लिम्ब इस्केमिया हुआ था। इस बीमारी में दोनों पैरों में दर्द और ठंड लग रही थी। हृदय में थक्के बनने की वजह से हालत नाजुक थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निचले अंगों में रक्त प्रवाह को बहाल करने के लिए आपातकालीन एंडोवैस्कुलर प्रक्रिया करने का फैसला किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये आई जटिलता</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रोफेसर डॉ. अर्चना गुप्ता के मुताबिक एंडोवैस्कुलर प्रक्रिया में मामूली कट लगाकर थक्के को हटा दिया जाता है। प्रक्रिया शुरू करते ही अचानक उसे न्यूरोलॉजिकल समस्याएं होने लगीं, जिसमें दाईं ओर कमजोरी और बोलने में कठिनाई शामिल थी। जांच करने पर पता चला कि हृदय के थक्के अब बाईं ओर की प्रमुख मस्तिष्क धमनियों में चले गए हैं। इसकी वजह से उसके शरीर का दाहिना हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया। तुरंत मस्तिष्क की एमआरआई की गई, जिसमें पता चला कि बाएं मध्य मस्तिष्क धमनी (एमसीए) में तीव्र अवरोध है। इसको देखते हुए मस्तिष्क से थक्का हटाने के लिए यांत्रिक थ्रोम्बेक्टोमी करने का फैसला किया गया। इसमें कमर में एक छोटे से निशान के माध्यम से, एक माइक्रोकैथेटर और माइक्रोवायर का उपयोग करके थक्के को पार किया गया। यह प्रक्रिया सफल रही और कुछ घंटों में न्यूरोलॉजिकल सुधार दिखाई देने लगे। उसके अंगों का संचार स्थिर रहा और उसके स्ट्रोक के लक्षण धीरे-धीरे ठीक हो गए। धीरे-धीरे वह अपनी दैनिक गतिविधियां और सामान्य बातचीत करने लगी। स्वस्थ होने पर उसे छुट्टी दे दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>इनकी रही अहम भूमिका</strong></p>
<p style="text-align:justify;">युवती को ठीक करने में कार्डियोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अंकित साहू, इंटरवेंशन रेडियोलॉजिस्ट प्रोफेसर रजनीकांत आर यादव, डॉ. प्रांजल, एनेस्थीसिया टीम- डॉ. प्रोफेसर देवेंद्र गुप्ता और डॉ. तपस कुमार सिंह और रेडियोडायग्नोसिस विभाग की प्रमुख डॉ. प्रोफेसर अर्चना गुप्ता का विशेष योगदान रहा। सफलता मिलने पर सभी ने खुशी जाहिर की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/527861/sgpgi-gave-a-new-life-to-a-young-woman-suffering</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 23:19:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>World Obesity Day : मोटापे से मधुमेह, हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारियों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Kanpur, Amrit Vichar :</strong> भाजपा कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र कार्यालय में मंगलवार को विश्व मोटापा दिवस पर जागरूकता अभियान पर संगोष्ठी हुई। क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल एवं महापौर प्रमिला पांडे ने कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रकाश पाल ने कहा कि मोटापे से गठिया, फैटी लीवर, मधुमेह, हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारियां सहित अनेक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने 119वें 'मन की बात' संस्करण में मोटापे पर चिंता व्यक्त की थी।</p>
<p>इसी के तहत भाजपा ने इसे अभियान के रूप में लिया। अब यह क्षेत्र के बूथ स्तर तक चलाया जाएगा। बीजेपी कार्यकर्ता 10 लोगों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/525907/world-obesity-day-obesity-diabetes-heart-disease-risk-of-respiratory"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/मोटापा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Kanpur, Amrit Vichar :</strong> भाजपा कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र कार्यालय में मंगलवार को विश्व मोटापा दिवस पर जागरूकता अभियान पर संगोष्ठी हुई। क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल एवं महापौर प्रमिला पांडे ने कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रकाश पाल ने कहा कि मोटापे से गठिया, फैटी लीवर, मधुमेह, हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारियां सहित अनेक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने 119वें 'मन की बात' संस्करण में मोटापे पर चिंता व्यक्त की थी।</p>
<p>इसी के तहत भाजपा ने इसे अभियान के रूप में लिया। अब यह क्षेत्र के बूथ स्तर तक चलाया जाएगा। बीजेपी कार्यकर्ता 10 लोगों को जागरूक करेगा। मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. बृज मोहन ने कहा कि 22 जुलाई 2024 को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत में महिलाओं में मोटापा पुरुषों की तुलना में अधिक है। जहां पुरुषों में मोटापा 20 प्रतिशत है, वहीं महिलाओं में यह 30 प्रतिशत तक देखा गया है।  हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद अहमद ने कहा कि मोटापे के कारण हृदय रोगियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसे नियंत्रित करने के लिए रिफाइंड तेल का प्रयोग बंद करना आवश्यक है।  पोषण विशेषज्ञ डॉ. शिप्रा माथुर ने कहा कि लोगों को अपनी खान-पान की आदतों में बदलाव करना होगा।</p>
<p>आहार विशेषज्ञ डॉ. निशि शर्मा ने मोटापे को नियंत्रित करने के लिए चीनी का सेवन प्रतिदिन 5-5 ग्राम की तीन मात्राओं तक सीमित रखें। नमक का सेवन पूरे दिन में 5 ग्राम से अधिक न करें।  योगाचार्य डॉ. ओम प्रकाश आनंद ने मोटापे को कम करने के लिए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। बैठक में जिलाध्यक्ष दीपू पांडेय, मंत्री बालचंद मिश्रा, पूर्व विधायक अजय कपूर, केके सचान, डॉ. मनमीत सिंह, श्याम लाल मूलचंदानी, संजीव पाठक, अनूप अवस्थी आदि रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/525905/kanpur-news-mayor-reached-the-spot-on-the-complaint-of#gsc.tab=0">Kanpur News : बाबूपुरवा में मन्दिर, नाले व फुटपाथ पर अतिक्रमण ढहाया, नशेबाजी की शिकायत पर महापौर ने दी चेतावनी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/525907/world-obesity-day-obesity-diabetes-heart-disease-risk-of-respiratory</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 20:43:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vinay Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कासगंज : हृदय रोगियों के लिए जानलेवा बना मौसम, बरतनी होगी सावधानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कासगंज, अमृत विचार।</strong> सर्दी का मौसम है ऐसे में हृदय रोगियों के लिए खतरा है। चिकित्सकों के अनुसार सर्द मौसम में हृदयाघात का खतरा बढ़ जाता है। यह दिल का मामला है और सर्दियों में धमनियों के सिकुडऩे के साथ दिल के दौरे का खतरा बढ़ा रहता है। अब तक कई लोग हृदयाघात से अपनी जान गवा चुके हैं, लेकिन जिले में हृदय रोगियों के इलाज के कोई इंतजाम नहीं हैं।</p>
<p>हृदयाघात आम तौर पर दिल के दौरे के रूप में जाना जाता है। इसमें दिल के कुछ भाग में रक्तसंचार में बाधा होती है। हृदयाघात के बाद तीन घंटे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/515822/kasganj-weather-becomes-deadly-for-heart-patients-caution-has-to"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/165.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कासगंज, अमृत विचार।</strong> सर्दी का मौसम है ऐसे में हृदय रोगियों के लिए खतरा है। चिकित्सकों के अनुसार सर्द मौसम में हृदयाघात का खतरा बढ़ जाता है। यह दिल का मामला है और सर्दियों में धमनियों के सिकुडऩे के साथ दिल के दौरे का खतरा बढ़ा रहता है। अब तक कई लोग हृदयाघात से अपनी जान गवा चुके हैं, लेकिन जिले में हृदय रोगियों के इलाज के कोई इंतजाम नहीं हैं।</p>
<p>हृदयाघात आम तौर पर दिल के दौरे के रूप में जाना जाता है। इसमें दिल के कुछ भाग में रक्तसंचार में बाधा होती है। हृदयाघात के बाद तीन घंटे उपचार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन जिले में हृदय रोग के उपचार के इंतजाम नाकाफी हैं। न तो यहां जिले में कोई कॉर्डियोलॉजिस्ट है और न ही टीएमटी जांच का कोई इंतजाम है। ऐसे में लोगों को सही उपचार नहीं मिल पाता है उनकी जान चली जाती है। इसी सर्द मौसम में अब तक 3 जानें जा चुकी हैं। जिसमें शुक्रवार शाम की घटना भी शामिल है। सीएमओ डॉ. राजीव कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिले में कोई भी कॉर्डियोलॉजिस्ट नहीं है। हृदय रोगियों को प्राथमिक उपचार दिया जाता है और गंभीर समस्या होने पर रेफर कर दिया जाता है। शासन से पत्राचार किया जा रहा है जल्द ही कॉर्डियोलॉजिस्ट मिल जाएगा।</p>
<p><strong>यह हैं बीमारी की वजह</strong><br />चिकित्सकों के अनुसार दिनचर्या में परिवर्तन। जिसमें शारीरिक श्रम में कमी और फास्टफूड का ज्यादा सेवन बीमारी का प्रमुख कारण बन रहा है। युवाओं में भी हृदयाघात के मामले सामने आ रहे हैं। सर्दियों में धमनियां सिकुडऩे से हृदयाघात होता है।</p>
<p><strong>यह हैं लक्षण-</strong><br />- सीने में दर्द।<br />- रक्त और ऑक्सीजन की कमी।<br />- पसीना आना और बायीं बाजू में दर्द।<br />- जबड़े और गर्दन में दर्द होना।</p>
<p><strong>आधा घंटे की सैर सपाटा से हो सकता है बचाव</strong><br />हृदयाघात का मुख्यकारण लोगों की खराब लाइफ स्टाइल है। डायबिटीजी, ब्लडप्रेशर और हाईपर टेंशन इसकी मुख्य वजह हैं। आधा घंटे सैर सपाटा करके इसके खतरे काे टाला जा सकता है, लेकिन अधिक सर्दी में हृदय रोगी न टहलें। यह उनके स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/515678/kasganj-tragic-accident-after-the-fire-in-the-hut-the">कासगंज: दर्दनाक हादसा...झोपड़ी में आग के बाद गूंजती रहीं मासूम राधिका और नंदिनी की चीखें, जिंदा जलकर मौत</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/515822/kasganj-weather-becomes-deadly-for-heart-patients-caution-has-to</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 17:11:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आपके दिल को आपकी जरूरतः हृदय की पंपिंग क्षमता 50 प्रतिशत से कम, तो जल्द इलाज की जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>इको जांच में अगर हृदय की पंपिंग क्षमता 50 प्रतिशत से कम है तो सतर्क हो जाना चाहिए। तत्काल हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलकर इलाज शुरु करा देना चाहिए। लापरवाही घातक साबित हो सकती है। यह कहना है इटली के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. फिलिप्पो क्रिया का। वह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के वार्षिक सम्मेलन के दूसरे शुक्रवार को हार्ट फेलियर के विषय पर चर्चा की।</p>
<p>डॉ. फिलिप्पो ने बताया कि आधुनिक उपचार के कारण व्यक्ति की उम्र तो बढ़ी है पर साथ ही साथ हार्ट फेलियर के मामलों में भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/510017/your-heart-needs-you-if-the-pumping-capacity-of-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/untitled-design-(39)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>इको जांच में अगर हृदय की पंपिंग क्षमता 50 प्रतिशत से कम है तो सतर्क हो जाना चाहिए। तत्काल हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलकर इलाज शुरु करा देना चाहिए। लापरवाही घातक साबित हो सकती है। यह कहना है इटली के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. फिलिप्पो क्रिया का। वह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के वार्षिक सम्मेलन के दूसरे शुक्रवार को हार्ट फेलियर के विषय पर चर्चा की।</p>
<p>डॉ. फिलिप्पो ने बताया कि आधुनिक उपचार के कारण व्यक्ति की उम्र तो बढ़ी है पर साथ ही साथ हार्ट फेलियर के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। अगर किसी व्यक्ति की चलने-फिरने में सांस फूल रही है,जल्दी थकान हो जा रही है तो उसे अपने हार्ट की जांच जरूर करनी चाहिए। यह लक्षण हार्ट फेलियर का प्रारंभिक लक्षण हो सकता हैं। अमेरिका के चिकित्सक डॉ. नवीन सी नंदा ने इको से हार्ट फेलियर की जांच के बारे में अपनी जानकारी साझा की। दिल्ली के डॉ. विवेक कुमार ने हार्ट फेलियर के गुर्दे पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और उसके उपचार के बारे में जानकारी दी। अमेरिका के डॉ. नताशा पांडिया ने इस वर्ष की दस बड़ी रिसर्च के बारे में बताया। केजीएमयू के डॉ. ऋषि सेठी व ऑस्ट्रेलिया के डॉ. आंद्रे एन ने हार्ट की पंपिंग क्षमता कम होने पर कॉम्बो डिवाइस की उपयोगिता के बारे में बताया।</p>
<p><strong>शुगर के रोगियों में हार्ट अटैक की संभावना 4 गुना अधिक</strong><br />प्लेनरी सेशन में डॉ. प्रभाकरण ने बताया कि शुगर के रोगियों में हार्ट अटैक की संभावना 3 से 4 गुना अधिक होती है। देश की प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आईबी विजयलक्ष्मी ने हृदय रोगों के उपचार में रोगी की मानसिक स्थिति की सबलता व डिवाइन पॉवर पर अपने विचार साझा किए। डॉ. धीमान काहली ने बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के उपचार पर अपने विचार दिए। डॉ. अश्वनी मेहता ने एंजियोप्लास्टी के बाद रोगी को क्या एहतियात रखने चाहिए के विषय में बताया। डॉ. अनीता सक्सेना व डॉ. रूपाली खन्ना ने महिलाओं में होने वाले हृदय रोगों पर चर्चा की। डॉ. पीसी मंडल व डॉ. गणेशन ने रूमैटिक हार्ट डिजीस के बारे में बताया। इसके आलावा स्नातकोत्तर छात्रों ने अपनी नई शोधों पर पेपर प्रस्तुत किए। विभिन्न संस्थानों से आए टेक्नीशियन व नर्सेस ने हृदय रोगों से संबंधित विभिन्न कार्यशालाओं में प्रतिभाग किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a title="KGMU: प्रेगनेंसी के दौरान एनीमिया का खतरा सबसे अधिक, 2021 में 45.9 प्रतिशत पहुंचा मातृ एनीमिया का आंकड़ा" href="https://www.amritvichar.com/article/509960/kgmu-risk-of-anemia-highest-during-pregnancy-maternal-anemia-figure#gsc.tab=0">KGMU: प्रेगनेंसी के दौरान एनीमिया का खतरा सबसे अधिक, 2021 में 45.9 प्रतिशत पहुंचा मातृ एनीमिया का आंकड़ा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 14:17:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>World Heart Day 2024: ज्यादा उम्र में गर्भधारण करने से महिलाओं को दिल की बीमारी का खतरा अधिक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>ज्यादा उम्र में गर्भधारण करने वाली महिलाएं भी दिल बीमारी की चपेट में आ सकती हैं। बच्ची को भी खतरा रहता है। दिल संबंधी बीमारी और इससे बचाव के लिए महिलाओं के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के सहयोग से अध्ययन किया जा रहा है। इसके आधार पर गाइडलाइन तैयार की जाएगी। यह जानकारी केजीएमयू लारी कॉर्डियोलॉजी की डॉ. मोनिका भंडारी ने दी। वह शनिवार को हृदय दिवस की पूर्व संध्या लारी मेंआयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं।</p>
<p>उन्होंने बताया शोध में ऐसी महिलाओं को शामिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/495125/world-heart-day-2024-women-are-at-greater-risk-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/demo-image-v---2024-09-28t222852.633.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>ज्यादा उम्र में गर्भधारण करने वाली महिलाएं भी दिल बीमारी की चपेट में आ सकती हैं। बच्ची को भी खतरा रहता है। दिल संबंधी बीमारी और इससे बचाव के लिए महिलाओं के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के सहयोग से अध्ययन किया जा रहा है। इसके आधार पर गाइडलाइन तैयार की जाएगी। यह जानकारी केजीएमयू लारी कॉर्डियोलॉजी की डॉ. मोनिका भंडारी ने दी। वह शनिवार को हृदय दिवस की पूर्व संध्या लारी मेंआयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं।</p>
<p>उन्होंने बताया शोध में ऐसी महिलाओं को शामिल किया है, जिनमें गर्भ के दौरान हृदय रोग की समस्या है। क्योंकि इस दौरान दिल पर आतिरिक्त दबाव पड़ता है। अगर पहले से हार्ट समस्या होगी तो गर्भ के दौरान और समस्या बढ़ जाएगी। जो जच्चा-बच्चा दोनों के लिए खतरा है। इसी को लेकर प्रोटोकॉल तैयार करने की कोशिश कर रहे है। ताकि दिल की बीमारी से जूझ रही महिलाओं और बच्चों दोनों को बचाया जा सके। जिसमें मेडिसिन से लेकर सर्जरी तक शामिल है। डॉ. ऋषि सेठी ने बताया कि दिल की बीमारी से दुनियां में सबसे ज्यादा मौतें हो रही है। इसलिए राइट टाइम पर राइट एक्शन लेने से मरीज की आने वाले जिंदगी करीब-करीब सामान्य हो जाती है। नियमित चेकअप भी कराते रहना चाहिए।</p>
<p><strong>दिल की बीमारी से बचने के लिए अपनाएं ए, बी, सी, डी और ई फॉर्मूला</strong><br />लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अक्षय प्रधान ने बताया ए, बी, सी, डी और ई के फार्मूले को अपनाकर हम दिल की बीमारी का खतरा 40 से 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। यदि बीमारी हो गई है तो भी इस फॉर्मूले को अपनाकर सामान्य दवाओं से काबू आ सकती है। इसके तहत ए का मतलब एल्काहोल से किनारा। बी का अर्थ है ब्लड प्रेशर काबू में रखें। सी का तात्पर्य कोलेस्ट्रॉल कम रखें। सी का मतलब सिगरेट पीने से बचें। डी का अर्थ डायबिटीज और डायट पर नियंत्रण रखें। ई का मतलब एक्सरसाइज करें। डॉ. शरद चंद्रा ने बीमारी से बचने के लिए मोटापे पर काबू रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कार्डियक अरेस्ट में तत्काल सीपीआर देने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। सभी को सीपीआर देने का तरीका पता होना चाहिए।</p>
<p><strong>बच्चों में हार्ड अटैक-कार्डियक अरेस्ट</strong><br />अमूमन बच्चे की अचानक से मौत होने पर लोग हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का कयास लगाने लगते हैं। ऐसे में कयास लगाना सही नहीं है। इससे लोगों में डर फैलता है। ये बातें सिविल अस्पताल के सीएमएस एवं वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजेश कुमार श्रीवास्तव ने विश्व हृदय दिवस के अवसर पर कही। उन्होंने बताया कि लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 29 सितंबर को यह दिवस मनाया जाता है। डॉ. राजेश के मुताबिक अगर बच्चे को जन्मजात समस्या न हो तो बच्चों में आमतौर पर कार्डियक अरेस्ट या हार्ड अटैक नहीं आता है। जन्म से ही कुछ हृदय समस्याएं होती हैं, जिससे बच्चों में कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है। लंबे क्यूटी सिंड्रोम एक स्वास्थ्य समस्या है। जिससे दिल की धड़कन असामान्य हो जाती है। अगर इसका इलाज सही समय पर न हो, तो व्यक्ति की अचानक मौत हो सकती है।</p>
<p><strong>जानिए हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर</strong><br />डॉ. राजेश ने बताया हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में बहुत ही मामूली सा अंतर है। हार्ट अटैक तब होता है, जब हृदय में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है या अवरुद्ध हो जाता है। यह रुकावट आमतौर पर हृदय (कोरोनरी) धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के जमाव के कारण होती है। वहीं, कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है। यह दिल की इलेक्ट्रिकल प्रणाली में किसी समस्या की वजह से होता है।</p>
<p><strong>लक्षण</strong><br />- सांस लेने में दिक्कत होना।<br />- सीने में अचानक से तेज दर्द।<br />- चलते समय सीने में दर्द सा होना।- चक्कर आना।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/495124/lucknow-maximum-39-dengue-patients-found-in-one-day-warning">लखनऊ: एक दिन में डेंगू के मिले सर्वाधिक 39 मरीज, 6 घरों में मच्छरजनित स्थितियां मिलने पर नोटिस जारी कर दी चेतावनी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/495125/world-heart-day-2024-women-are-at-greater-risk-of</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Sep 2024 22:44:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>व्रत रखना हमारे शरीर के लिए भी होता है काफी फायदेमंद, यहां जानें इसके फायदे </title>
                                    <description><![CDATA[<p>व्रत जिसे हम उपवास या फ़ास्ट के नाम से जानते हैं। भारत में सदियों से ही उपवास रखने की परंपरा रही है। क्यूोंकि इसके धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों फायदे हैं। </p>
<p>यही वजह है कि लोग व्रत चाहे नवरात्रि हो शिवरात्रि हो, सावन के सोमवार हो या फिर रमजान का पाक महीना या फिर हफ्ते में रखे जाने वाला एक दिन का उपवास उसे रखते हैं। इस तरह व्रत या उपवास कई मायनों में हमारे शरीर के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। तो चलिए जानते हैं किस तरह व्रत से हमारे शरीर को फायदा मिलता है। </p>
<p><strong>ब्लड प्रेशर रहता है</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/445415/keeping-fast-is-very-beneficial-for-our-body-know-its"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/पासत.jpg" alt=""></a><br /><p>व्रत जिसे हम उपवास या फ़ास्ट के नाम से जानते हैं। भारत में सदियों से ही उपवास रखने की परंपरा रही है। क्यूोंकि इसके धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों फायदे हैं। </p>
<p>यही वजह है कि लोग व्रत चाहे नवरात्रि हो शिवरात्रि हो, सावन के सोमवार हो या फिर रमजान का पाक महीना या फिर हफ्ते में रखे जाने वाला एक दिन का उपवास उसे रखते हैं। इस तरह व्रत या उपवास कई मायनों में हमारे शरीर के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। तो चलिए जानते हैं किस तरह व्रत से हमारे शरीर को फायदा मिलता है। </p>
<p><strong>ब्लड प्रेशर रहता है नियंत्रित  </strong><br />रिसर्च के दौरान ये पता चला है कि इससे हमारे शरीर का ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। ऐसे में ब्लड शुगर के पेशेंट के लिए भी असरदार हो सकता हैं। लेकिन ऐसे मरीज़ डॉक्टर की सलाह के बाद ही व्रत रखें। </p>
<p><strong>दिल भी बेहतर तरीके से करता है काम </strong><br />वहीं व्रत रखने से हमारा हार्ट भी बेहतर तरीके से काम करता है। व्रत से हार्ट डिजीज के रिस्क फैक्टर वाली बीमारियों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है।</p>
<p><strong>ब्रेन फंक्शन को इम्प्रूव करने में मिलती है मदद </strong><br />वही हेल्थ एक्सपर्ट्स का भी मानना है फास्टिंग से ब्रेन फंक्शन को इम्प्रूव करने में काफी मदद मिलती है ।</p>
<p><strong>लीवर भी ठीक ढंग से करता है काम </strong><br />साथ ही अगर हम हफ्ते में एक भी दिन का व्रत रखते हैं तो इससे लिवर को एक ब्रेक मिलता है। इस दौरान बॉडी का डिटॉक्सिफिकेशन प्रोसेस तेज़ हो जाता है। लिवर शरीर के प्राइमरी फिलट्रेशन सिस्टम के ज़रिए शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स को वेस्टेज में तब्दील कर देता है जिससे खून साफ होता है।</p>
<p><strong>वजन भी होता है कम </strong><br />इतना ही नहीं आपको जानकार हैरानी होगी कि व्रत शरीर में बढ़े वजन और शरीर की अतिरिक्त वसा को दूर करता है। एक रिसर्च के मुताबिक पूरे दिन का उपवास शरीर के वजन को 9% तक कम कर सकता है और 12-24 सप्ताह में बॉडी फैट को काफी हद तक कम करने में सहायक है। </p>
<p><strong>उपवास से त्वचा भी बनती है बेदाग </strong><br />व्रत हमारे शरीर के पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद है। उपवास से हमारी त्वचा भी बेदाग बनती है। क्यूंकि अकसर हम रोजमर्रा के भोजन में तेल मसालों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में व्रत करना हमारी स्किन के लिए काफी असरदार हो सकता है। उपवास रखने से शरीर डिटॉक्सीफाई होता है। जिससे त्वचा पहले से अधिक चमकदार दिखने लगती है। </p>
<p><strong>एकाग्रता में भी होता है सुधार</strong><br />व्रत का असर फिज़िकल हेल्थ के साथ-साथ मेंटल और इमोशनल हेल्थ पर भी पड़ता है। साथ ही हमारा मन एकाग्र होता है। व्रत का प्रभाव सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी होता है। इससे एकाग्रता में सुधार हो सकता है। साथ ही ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है। यहीं नहीं, चिंता-तनाव और अनिद्रा जैसी परेशानी दूर करने के लिए भी उपवास को जाना जाता है।</p>
<p>कुल मिलाकर देखा जाए तो उपवास करने से व्यक्ति को भावनात्मक रूप से शांत रहने और खुशी का एहसास करने में सहायता मिल सकती है।</p>
<p><strong>ये भी पढे़ं- <span style="color:rgb(224,62,45);">अब रुखे बालों को कहें अलविदा, इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर बनाएं चमकदार और मुलायम</span></strong></p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/445415/keeping-fast-is-very-beneficial-for-our-body-know-its</link>
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                <pubDate>Thu, 22 Feb 2024 13:34:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Moazzam Beg]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मामूली नहीं ये हरी पत्तियां, 6 बीमारियों को रखती हैं दूर...स्वस्थ्य रहने के लिए आज ही करें इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शरीर को स्वस्थ्य रखाने के लिए हम क्या कुछ नहीं करते लेकिन फिर भी हमें कोई ना कोई बीमारी घेर ही लेती है, फिर चाहें वह बड़ी हो या छोटी। तबीयत बिगड़ने पर हम कई रुपए दवाई खाने में खर्च भी कर देते हैं, लेकिन आपको पता है हमारी रसोई किचन में कई ऐसी चीजें मिल जाती हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होती हैं, उनमें से एक है हरी पत्तियों वाला धनिया। हरी पत्तियों का धनिया सब्जियों में स्वाद के लिए तो इस्तेमाल होता ही है, लेकिन कई बीमारियों से निपटने के लिए कारगार भी होती है।</p>
<p><strong>हरी पत्तियों</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/401863/these-green-leaves-are-not-trivial-they-keep-6-diseases"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/तकरचतपचतप5454.jpg" alt=""></a><br /><p>शरीर को स्वस्थ्य रखाने के लिए हम क्या कुछ नहीं करते लेकिन फिर भी हमें कोई ना कोई बीमारी घेर ही लेती है, फिर चाहें वह बड़ी हो या छोटी। तबीयत बिगड़ने पर हम कई रुपए दवाई खाने में खर्च भी कर देते हैं, लेकिन आपको पता है हमारी रसोई किचन में कई ऐसी चीजें मिल जाती हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होती हैं, उनमें से एक है हरी पत्तियों वाला धनिया। हरी पत्तियों का धनिया सब्जियों में स्वाद के लिए तो इस्तेमाल होता ही है, लेकिन कई बीमारियों से निपटने के लिए कारगार भी होती है।</p>
<p><strong>हरी पत्तियों के धनिया से आप छह बीमारियों को दूर कर सकते हैं-</strong><br />1- यह पौषक तत्वों से भरपूर होता है, हड्डियों को स्ट्रॉन्ग कर ऑस्टियोपोरोसिस रिस्क घटाता है।<br />2- हरी पत्तियों का धनिया फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मददगार होता है।<br />3- हाई ब्लड प्रेशर घटाकर हार्ट डिजीज से बचाव करता है।<br />4- ब्लड शुगर लेवल मैंटन करने में मददगार होता है हरी पत्तियों का धनिया।<br />5- शरीर में आ रही सूजन को कम करता है हरी पत्तियों का धनिया।<br />6- हरी पत्तियों का धनिया रोजाना खाने से शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत होती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/401802/cancer-cases-are-increasing-in-people-under-the-age-of">50 साल से कम उम्र में बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले, लेकिन कारण अज्ञात </a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Sep 2023 15:16:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
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