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                <title>जलस्तर बढ़ा - Amrit Vichar</title>
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                <description>जलस्तर बढ़ा RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गौला नदी का जलस्तर बढ़ा, शहर को मिलेगी पानी संकट से राहत </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>पहाड़ों में हुई तेज बारिश के चलते गौला नदी का जलस्तर बढ़कर 545 क्यूसेक तक पहुंच गया। हालांकि कुछ ही घंटों में जलस्तर घटकर 221 क्यूसेक पर स्थिर हो गया है। इससे शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति में राहत मिलने की उम्मीद जगी है। बारिश से पहले गौला का जल स्तर 90 से 95 क्यूसेक तक गिर गया था। नदी का जलस्तर कम होने के कारण शहर में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।</p>
<p>जल स्तर में यह बढ़ोतरी शहर के लिए राहतभरी खबर लेकर आई है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536650/the-water-level-of-gaula-river-increased-the-city-will"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/29_08_2022-gaula_23022859.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>पहाड़ों में हुई तेज बारिश के चलते गौला नदी का जलस्तर बढ़कर 545 क्यूसेक तक पहुंच गया। हालांकि कुछ ही घंटों में जलस्तर घटकर 221 क्यूसेक पर स्थिर हो गया है। इससे शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति में राहत मिलने की उम्मीद जगी है। बारिश से पहले गौला का जल स्तर 90 से 95 क्यूसेक तक गिर गया था। नदी का जलस्तर कम होने के कारण शहर में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।</p>
<p>जल स्तर में यह बढ़ोतरी शहर के लिए राहतभरी खबर लेकर आई है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि पानी की निकासी और फिल्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। अगले कुछ दिनों तक जलस्तर इसी तरह बना रहा, तो जल संकट की स्थिति में पूरी तरह सुधार हो सकता है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 May 2025 11:20:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ा, आश्रम में घुसा पानी, लोगों ने भागकर बचाई जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> गंगोत्री धाम पर भागीरथी नदी का जल स्तर बढ़ गया। नदी के तेज बहाव में शिवानन्द कुटीर आश्रम का गेट बह गया। इसके साथ ही सुरक्षा दीवार भी टूटने से आश्रम में पानी घुस गया। साधु संत और मजदूर आश्रम की यहां जान पर बन पाई।</p>
<p>आश्रम में पानी भरने की सूचना मिलते ही पुलिस व एसडीआरएफ जवानों द्वारा आश्रम के पीछे पहाड़ी से आश्रम में घुस कर दस साधु संतों व मजदूरो को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान गंगोत्री मन्दिर प्रांगण में पहुंचाया गया।</p>
<p>यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी में यमुना नदी तटीय क्षेत्र में कटाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/482590/dehradun-bhagirathi-river-water-level-increased-water-entered-the-ashram"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/navbharat-times.webp" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> गंगोत्री धाम पर भागीरथी नदी का जल स्तर बढ़ गया। नदी के तेज बहाव में शिवानन्द कुटीर आश्रम का गेट बह गया। इसके साथ ही सुरक्षा दीवार भी टूटने से आश्रम में पानी घुस गया। साधु संत और मजदूर आश्रम की यहां जान पर बन पाई।</p>
<p>आश्रम में पानी भरने की सूचना मिलते ही पुलिस व एसडीआरएफ जवानों द्वारा आश्रम के पीछे पहाड़ी से आश्रम में घुस कर दस साधु संतों व मजदूरो को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान गंगोत्री मन्दिर प्रांगण में पहुंचाया गया।</p>
<p>यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी में यमुना नदी तटीय क्षेत्र में कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। आधा दर्जन पक्के होटल सहित डेढ़ दर्जन ढाबे, कच्चे खोके खतरे की जद में आ गए हैं। यमुना नदी से सड़क का और कटाव होने से जानकीचट्टी में यमुनोत्री की ओर दो दर्जन से अधिक छोटे बड़े वाहन फंसे हैं। </p>
<p>घाट और गंगा आरती जल स्थल जलमग्नदूसरे दिन भी सुरक्षा इंतजाम न होने पर लोगों में नाराजगी है। और मौसम के रुख को देखते हुए दहशत भी। वहीं गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सुनगर के पास लगातार पत्थर आने के कारण मार्ग बाधित है। बीआरओ के द्वारा उक्त स्थान पर जेसीबी मशीन तैनात है। दोपहर एक बजे तक सभी घाट और गंगा आरती जल स्थल जलमग्न हो गए हैं। वहीं नदी के दूसरी और सटे आश्रमों सहित आवासीय भवनों के लिए खतरा बढ़ गया है। नदी का रौद्र रूप देखकर लोगों में भय व्याप्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 13:40:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रपुर: बारिश से सितारगंज में देहुवा नदी का जलस्तर बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने बताया कि बारिश से जनपद में देहुवा नदी (सितारगंज) का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जो अधिकतम जलस्तर निशान से 0.22 मीटर ऊपर बह रहा है। उन्होंने नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को आपस में समन्वय बनाते हुए कार्य करने के निर्देश दिए हैं।</p><p class="MsoNormal">सोमवार को जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक स्तर पर सावधानी, सुरक्षा एवं आवागमन में नियंत्रण रखें। साथ ही किसी भी आपदा व दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्यवाही करें और सूचनाओं का तत्काल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/479105/water-level-of-dehuva-river-increased-in-sitarganj-due-to"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/etawah-floods-93618923.webp" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने बताया कि बारिश से जनपद में देहुवा नदी (सितारगंज) का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जो अधिकतम जलस्तर निशान से 0.22 मीटर ऊपर बह रहा है। उन्होंने नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए सभी विभागों के अधिकारियों को आपस में समन्वय बनाते हुए कार्य करने के निर्देश दिए हैं।</p><p class="MsoNormal">सोमवार को जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक स्तर पर सावधानी, सुरक्षा एवं आवागमन में नियंत्रण रखें। साथ ही किसी भी आपदा व दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्यवाही करें और सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान करें। उन्होंने सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अपने क्षेत्रों में बने रहेंगे एवं बाढ़ के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर भेजने के लिए पूर्व में आवश्यक प्रबंध एवं कार्यवाही करें। साथ ही खाद्य सामग्री व मेडिकल सुविधा की व्यवस्था करें।</p><p class="MsoNormal">उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों व कार्यालय अध्यक्षों को निर्देश दिए कि केंद्रीय जल आयोग के लिंक http//<a href="http://ffs.india-water.gov.in/">ffs.india-water.gov.in</a> से जलस्तर व खतरे की स्थिति की सतत मॉनिटरिंग करें। आदेशों का अनुपालन न करने की स्थिति में आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत विधिक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 17:57:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद : रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा, तेज बहाव में बह गया लकड़ी का पुल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण रामगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। रविवार सुबह कटघर रामगंगा नदी का जलस्तर 187.73 मीटर पहुंच गया। हालांकि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 3 मीटर नीचे है। जबकि खतरे का निशान 190.60 मीटर पर है। रामगंगा के तेज बहाव से जिगर कालोनी स्थित रामगंगा पर बना लकड़ी का अवैध पुल बह गया। शहर से पीपलसाना, भोजपुर समेत एक दर्जन गांवों के ग्रामीण इस अवैध पुल के बह जाने से प्रभावित हुए हैं।</p>
<p>रविवार को रामगंगा नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण जिगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/477505/water-level-of-ramganga-river-increased-wooden-bridge-washed-away"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/रामगंगा-नदी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण रामगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। रविवार सुबह कटघर रामगंगा नदी का जलस्तर 187.73 मीटर पहुंच गया। हालांकि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 3 मीटर नीचे है। जबकि खतरे का निशान 190.60 मीटर पर है। रामगंगा के तेज बहाव से जिगर कालोनी स्थित रामगंगा पर बना लकड़ी का अवैध पुल बह गया। शहर से पीपलसाना, भोजपुर समेत एक दर्जन गांवों के ग्रामीण इस अवैध पुल के बह जाने से प्रभावित हुए हैं।</p>
<p>रविवार को रामगंगा नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण जिगर कॉलोनी स्थित रामगंगा नदी पर बना अस्थायी लकड़ी का पुल नदी के तेज बहाव में बह गया। नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक लकड़ी के इस पुल से प्रतिदिन लगभग 700 से अधिक ग्रामीण गांव से शहर मजदूरी के लिए आते हैं। जबकि जिगर कॉलोनी, बंग्लागांव और उसके आसपास के किसान भी बड़ी संख्या में नदी पार खेती करने जाते हैं। इस पुल के पानी में बह जाने से भोजपुर, पीपलसना, अक्का शाहपुर, लालूवाला, भोकपुर, खईया, सेहल, दादूपुर, कोनी, रुपपुर, भादरपुर, मजरा, तिलोपुर समेत लगभग एक दर्जन गांव के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि आवागमन के लिए रामपुर रोड और जामा मस्जिद के पास मुख्य पुल बना हुआ है। लेकिन, उसके लिए ग्रामीणों को शहर में आने के लिए आठ से नौ किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। </p>
<p>स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से गांव के पास पक्का पुल बनवाने की मांग की। लेकिन, किसी ने कोई सुध नहीं ली। मजबूरन स्थानीय लोगों ने बांस बल्ली का पुल बना लिया था। जबकि इस पुल का बनाना खतरे से भरा है। बावजूद इसके मजबूर लोग इसी के सहारे गांव से शहर और शहर से गांव आवाजाही करने को मजबूर थे।</p>
<p><strong>जनपद में बनाई गईं 35 बाढ़ चौकियां</strong><br />बाढ़ की स्थिति निपटने के लिए जनपद में 35 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। सदर मुरादाबाद में सबसे अधिक 16 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जबकि तहसील कांठ में छह, बिलारी में तीन, ठाकुरद्वारा में 10 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बाढ़ चौकियां में तीन कर्मचारियों को तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई है। महानगर के सिविल लाइन स्थित सिंचाई खंड में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बाढ़ खंड, में कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां आप किसी भी आपात स्थिति में 0591-2435397 दूरभाष नंबर पर कॉल कर जानकारी ले सकते हैं। यह सेवा 24 घंटे जारी रहेगी। कंट्रोल रूम में कुल 3 कर्मी तैनात किए गए हैं। जिनकी तीन शिफ्ट में ड्यूटी रहेगी।</p>
<p>रामगंगा में पानी के तेज बहाव को वजह से लकड़ी का अस्थायी पुल बह गया है। इस पुल के सहारे रामगंगा नदी के किनारे जंगलों में जाकर लोग सब्जी की खेती करते थे। अब नाव के सहारे ये लोग नदी के दूसरी पार जा रहे हैं। जो की काफी जोखिम भरा है। इसके अलावा कोई विकल्प भी नही है।<strong>-प्रेमपाल, जिगर कॉलोनी निवासी</strong></p>
<p>पहाड़ों पर हो रही बरसात की वजह से रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। सुबह के समय कटघर रामगंगा नदी का जलस्तर 187.73 मीटर रहा। रामगंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से लगभग 3 मीटर कम है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जनपद में कुल 35 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल डैम से पानी नहीं छोड़ा गया है।<strong>- राजेश कुमार गंगवार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड</strong></p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/477316/kidnapping-shooting-case-police-encounter-two-accused-arrested-one-shot-in">अपहरण-गोलीकांड केस : पुलिस मुठभेड़ दो आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली...चार आरोपी अभी भी फरार</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/477505/water-level-of-ramganga-river-increased-wooden-bridge-washed-away</link>
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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 11:17:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jalaun News : यमुना नदी का जल स्तर दिखाने लगा तेवर, लोग करने लगे सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[जालौन में यमुना नदी का जल स्तर दिखाने लगा तेवर। जबकि बेतवा अभी भी शांत है। यमुना नदी किनारे के गांव के लोग सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी करने लगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/387366/jalaun-news-yamuna-rivers-water-level-started-showing-attitude-people"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/jalaun-news--(11).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जालौन, अमृत विचार।</strong> एक ओर जहां लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं, तो वहीं बांध से भी पानी छोड़ा जाने लगा। इसका असर कालपी में यमुना नदी में साफ नजर आने लगा है। हथनीकुंड बांध से पानी छोड़े जाने के बाद शनिवार को अचानक यमुना का जल स्तर बढ़ गया। यह देख किनारे के गांव वाले बाढ़ आने की संभावना को देखते हुए तैयारियों में जुट गए है। माना जा रहा है कि पानी और न छोड़ा गया तो फिर कोई खतरा नहीं है। वहीं दूसरी तरफ बेतवा नदी का जल स्तर स्थिर बना हुआ है।</p>
<p>कालपी संवाददाता के अनुसार पिछले साल बाढ़ की विभीषिका झेल चुके नदी के किनारे गांव के बाशिंदे चौकन्ना है। हर किसी की नजर जलस्तर पर टिकी है। प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना है, लगातार अपडेट लिया जा रहा। बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया। लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर है। यहां पर युमना अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है।</p>
<p>ऐसे में अधिकारी प्रतिदिन के हिसाब से इसकी रिपोर्ट मांग रहे हैं। शनिवार को हथिनीकुंड बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। उम्मीद व्यक्त की जा रही है, कि दो से तीन मीटर तक जल स्तर और बढ़ेगा। यमुना का खतरे का निशान 108 मीटर पर है शनिवार को यमुना का जलस्तर 97.98 मीटर पर था लेकिन रविवार को यमुना का जलस्तर 98.50 मीटर पर पहुँच गया।  </p>
<p>केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि यमुना नदी के जल स्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है और प्रतिदिन के हिसाब से जल स्तर की रिपोर्ट दी जा रही है। कुसमिलिया संवाददाता के अनुसार बेतवा नदी के खतरे का निशान 122.66 मीटर है। मौजूदा समय में 109.02 मीटर जल स्तर बना हुआ है। बीते तीन दिनों से यही जल स्तर है।</p>
<p>बताया गया है कि माताटीला बांध से पानी छोड़ा गया है। यहां पर वर्ष 1983 में बाढ़ रौद्र रूप दिखाया था। उस समय 133.35 मीटर जल स्तर पहुंच गया था। इसके बाद खतरे निशान के पार तो बेतवा कई बार हुई। दो वर्ष पूर्व भी यहां पर बेतवा नदी की बाढ़ जिले के लिए जानलेवा साबित हुई थी।</p>
<p><strong>जान जोखिम में डाल मछली पकड़ रहे नगरवासी</strong></p>
<p>रविवार को यमुना नदी का जलस्तर 98.50 सेंटीमीटर पर पहुंच गया, यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ मछलियां भी बहकर आई होंगी इस उम्मीद के सहारे नगर के कुछ लोग जान जोखिम में डालकर नदी में मछली पकड़ने में जुटे हुए हैं। रविवार को बढ़ते जल स्तर के बीच किनारे पर मछली पकड़ने वालों की भीड़ रही। प्रशासन की ओर से लगातार अलर्ट किया जा रहा इसके बावजूद लोग अनदेखी कर रहे है।</p>
<p><strong>तटवर्ती ग्रामों का अधिकारियों ने किया दौरा</strong></p>
<p>यमुना तथा बेतवा नदी की संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए नवांगतुक तहसीलदार शेर बहादुर सिंह के नेतृत्व में राजस्व कर्मचारी की टीम के द्वारा तटवर्ती ग्रामों में सर्वे करते पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जानकारी देते हुए तहसीलदार शेर बहादुर सिंह ने बताया कि तहसील भवन में स्थापित बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 9454416362 है।</p>
<p>किसी भी प्रकार की समस्या के बारे में जानकारी दी जा सकती है। इससे पहले तहसीलदार के नेतृत्व में यमुना नदी के किनारे बसे ग्रामों दहेलखंड, नबलपुरा, मंगरौल, द्वारकापुरी, शेखपुरा गुढ़ा, गुढ़ा खास, मैनूपुर, देवकली, मदारपुर समेत दर्जनभर ग्रामों का निरीक्षण किया। बाढ़ से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन तथा राजस्व विभाग के द्वारा तटवर्ती ग्रामों में पुख्ता इंतजाम रखे जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>जालौन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/387366/jalaun-news-yamuna-rivers-water-level-started-showing-attitude-people</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Jul 2023 19:06:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गरमपानी: शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा, नदी किनारे रहने वालों की बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[गरमपानी, अमृत विचार। लगातार बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ चुके हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन ने नदी नालों के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपदा से निपटने के लिए आपदा की टीम भी अलर्ट मोड़ पर है। शिप्रा नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ चुका …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>गरमपानी, अमृत विचार।</strong> लगातार बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ चुके हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन ने नदी नालों के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपदा से निपटने के लिए आपदा की टीम भी अलर्ट मोड़ पर है। शिप्रा नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ चुका है। इसको लेकर ग्रामीणों को नदी किनारे जाने से मना किया गया है।</p>
<p>छड़ा खैरना ग्राम प्रधान प्रेमनाथ गोस्वामी ने कहा है कि शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। इससे ग्रामीण चिंतित और भयभीत अपने घरों के छतों पर खड़े हैं। उधर, प्रशासन द्वारा अब तक ग्रामीणों के सुरक्षा का कोई भी इंतजाम नहीं किया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <guid>https://www.amritvichar.com/article/284169/garampani-the-water-level-of-the-river-shipra-increased-the-concern-of-the-people-living-on-the-banks-of-the-river-increased</guid>
                <pubDate>Sun, 18 Sep 2022 16:07:27 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंबल का जलस्तर बढ़ने से अनेक गांवों के लोग बाढ़ में फंसे, सेना का हेलीकॉटर से रेस्क्यू जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी का जलस्तर आज दोपहर के बाद और बढ़ता दिखाई दे रहा है। दोपहर चंबल खतरे के निशान 138 मीटर से बढ़कर आठ मीटर यानी 146 मीटर पर था, पर उसके बाद शाम को आधा मीटर ओर पानी बढ़ने से वह 146,50 मीटर ऊपर वह रही है, जिससे डेढ़ …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/270869/due-to-the-rise-in-water-level-of-chambal-people-of-many-villages-got-trapped-in-the-flood-the-rescue-of-the-army-from-helicopter-continues"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/capture-1142.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरैना।</strong> मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी का जलस्तर आज दोपहर के बाद और बढ़ता दिखाई दे रहा है। दोपहर चंबल खतरे के निशान 138 मीटर से बढ़कर आठ मीटर यानी 146 मीटर पर था, पर उसके बाद शाम को आधा मीटर ओर पानी बढ़ने से वह 146,50 मीटर ऊपर वह रही है, जिससे डेढ़ सैकड़ा गांव उसकी चपेट में हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने यहां दावा किया है कि शाम के बाद चंबल का जलस्तर कम होने लगेगा।</p>
<p>अधिकारियों के इस दावे के बाद जिले लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर घटने के बाद भी यहां चंबल की बाढ़ की तवाई का मंजर दिखाई देगा। बाढ़ में ग्रामीणों के घर ध्वस्त हो गए और फसल भी पूरी तरह नष्ठ ही गयी है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद महामारी का सामना भी करना पड़ेगा। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना है और उसके बाद बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे कार्य कराया जाएगा। जिला प्रशासन बाढ़ से प्रभावित लोगों को युद्धस्तर पर स्वास्थ सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा जिससे कि कोई भी ग्रामीण बीमारी की चपेट में न आये।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/explain-your-relationship-with-sukhbir-badal-dera-chief-ram-rahim-malvinder-singh-kang/">सुखबीर बादल डेरा प्रमुख राम रहीम से अपने संबंध स्पष्ट करें: मलविंदर सिंह कांग</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/270869/due-to-the-rise-in-water-level-of-chambal-people-of-many-villages-got-trapped-in-the-flood-the-rescue-of-the-army-from-helicopter-continues</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/270869/due-to-the-rise-in-water-level-of-chambal-people-of-many-villages-got-trapped-in-the-flood-the-rescue-of-the-army-from-helicopter-continues</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Aug 2022 18:47:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंबल का जलस्तर बढ़ने से राजघाट का पुराना पुल डूबा</title>
                                    <description><![CDATA[मुरैना। मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा को जोड़ने वाला मुरैना स्थित चंबल राजघाट पर बना पुराना पुल आज नदी का जलस्तर बढ़ जाने से पूरी तरह से डूब गया। हालांकि राजघाट पर नया पुल बन जाने के बाद इस पुराने पुल पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार पुराने बने पुल के …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/270005/rajghats-old-bridge-submerged-due-to-rise-in-water-level-of-chambal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/morena-baarish.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरैना।</strong> मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा को जोड़ने वाला मुरैना स्थित चंबल राजघाट पर बना पुराना पुल आज नदी का जलस्तर बढ़ जाने से पूरी तरह से डूब गया। हालांकि राजघाट पर नया पुल बन जाने के बाद इस पुराने पुल पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार पुराने बने पुल के आधार पर ही यहां 138 मीटर पर खतरे का निशान चिह्नित किया गया था। इस पुराने पुल की ऊंचाई 142 मीटर थी।</p>
<p>राजस्थान कोटा बैराज बांध से लगातार चंबल नदी में पानी छोड़े जाने के बाद आज चंबल खतरे के ही नहीं, बल्कि इस पुराने पुल के ऊपर 142 मीटर को भी पार कर गई है। लगातार तीव्र हो रही चंबल ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। चंबल राजघाट पर जब नया पुल नहीं बना था, तब नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुल पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाता था। ऐसे में आगरा-मुंबई राजमार्ग पर लंबी दूरी तक जाम लगा रहता था। नया पुल बन जाने के बाद अब उस स्थिति से लोगों को निजात मिल गई है, क्योंकि नए पुल की ऊंचाई काफी ज्यादा है।य</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/sisodia-kejriwal-both-involved-in-liquor-scam-congress/">सिसोदिया-केजरीवाल दोनों शराब घोटाले में शामिल: कांग्रेस</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/270005/rajghats-old-bridge-submerged-due-to-rise-in-water-level-of-chambal</link>
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                <pubDate>Wed, 24 Aug 2022 14:27:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद: चेतावनी बिंदु के करीब जा पहुंचा रामगंगा नदी का जलस्‍तर</title>
                                    <description><![CDATA[मुरादाबाद, अमृत विचार। पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। उत्तराखंड के पहाड़ों में हो रही बारिश और उसकी विभीषिका को देखते हुए मुरादाबाद में भी जिला प्रशासन अलर्ट पर है। रामगंगा नदी रेलवे पुल पर जलस्तर चढ़ाव की ओर है। सुबह यह 187.46 मीटर रिकॉर्ड किया …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/268297/moradabad-the-water-level-of-ramganga-river-reached-close-to-the-warning-point"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/untitled-3-7.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। उत्तराखंड के पहाड़ों में हो रही बारिश और उसकी विभीषिका को देखते हुए मुरादाबाद में भी जिला प्रशासन अलर्ट पर है। रामगंगा नदी रेलवे पुल पर जलस्तर चढ़ाव की ओर है। सुबह यह 187.46 मीटर रिकॉर्ड किया गया। रामगंगा नदी कालागढ़ में भी बढ़ते क्रम में है, इसका जलस्तर 348 मीटर पर है। इसमें 225 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। वहीं गांगन नदी का मुरादाबाद में जलस्तर 189.05 मीटर है जो फिलहाल स्थिर है। इसका चेतावनी स्तर 192 और अधिकतम जलस्तर 193.60 मीटर है।</p>
<p>जिला प्रशासन का संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी का दावा है। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के आपदा विशेषज्ञ पंकज मिश्र का कहना है कि 34 बाढ़ चौकी और 24 बाढ़ शरणालय सक्रिय हैं। राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ की एक और पीएसी की एक बाढ़ बचाव टीम तैनात है।</p>
<p>आकस्मिक स्थिति में मुरादाबाद के बाढ़ कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0591-2412728, मोबाइल नंबर 9454416867 और टोल फ्री नंबर 1077 पर मदद या सूचना के लिए संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा तहसील स्तर पर भी बाढ़ कंट्रोल रूम सक्रिय है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त को मौसम सामान्य रहेगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी संभावित है। दिन में गर्मी और उमस बरकरार रहने की संभावना है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a href="https://amritvichar.com/moradabad-forest-guard-examination-was-conducted-at-58-examination-centers-amidst-tight-security-16415-candidates-remained-absent/">मुरादाबाद : 58 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच हुई फारेस्ट गार्ड परीक्षा, 16415 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/268297/moradabad-the-water-level-of-ramganga-river-reached-close-to-the-warning-point</link>
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                <pubDate>Sun, 21 Aug 2022 14:45:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद : पहाड़ के पानी से मुरादाबाद में मची हलचल, रामगंगा उफान पर</title>
                                    <description><![CDATA[मुरादाबाद, अमृत विचार। पहाड़ों का प्रलय और नदियों में पानी छोड़े जाने की वजह से मुरादाबाद और आसपास में हलचल बढ़ गई है। रामगंगा, ढेला और दमदमा नदी का जलस्तर देखकर लोग घबराए हुए हैं। कटघर गेज पर रामगंगा नदी का जलस्तर खतरा के निशान की ओर बढ़ता जा रहा है। जबकि इस्लामनगर, काफियाबाद, घोसीपुरा, …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/124913/moradabad-rail-operation-was-also-affected-due-to-rise-in-water-level"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-10/untitled-6-10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>पहाड़ों का प्रलय और नदियों में पानी छोड़े जाने की वजह से मुरादाबाद और आसपास में हलचल बढ़ गई है। रामगंगा, ढेला और दमदमा नदी का जलस्तर देखकर लोग घबराए हुए हैं। कटघर गेज पर रामगंगा नदी का जलस्तर खतरा के निशान की ओर बढ़ता जा रहा है। जबकि इस्लामनगर, काफियाबाद, घोसीपुरा, अक्का, शाहपुर, गन्नौर और खैय्या खद्दर गांव में पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। है।</p>
<p>बुधवार की शाम काफियाबाद गांव के सामने सड़क पर दो फिट पानी ओवरफ्लो करने लगा। जबकि गंगा सहित अन्य नदियों में कई चरण में पानी छोड़ा गया। खैया खद्दर गांव के सामने 500 मीटर सड़क डूब गई है। इस वजह से इस्लाम नगर- भोजपुर क्षेत्र का सड़क संपर्क टूट गया है। धान और गन्ने की फसलों में पानी बढ़ रहा है। दिन भर खेतों की ओर टकटकी लगाए ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस्लामनगर भोजपुर की ओर जाने वाले हजारों लोगों को खैय्या खद्दर गांव के नजदीक से वापस लौटना पड़ा। बाढ़ नियंत्रण विभाग का कहना है कि खो बैराज, हरेवली और कालागढ़ का पानी रामगंगा नदी का जल स्तर बढ़ाता है। उधर,कटघर क्षेत्र में रामगंगा नदी खतरा के निशान से 95 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।</p>
<p><strong>सुबह से शाम तक 10 सेमी बढ़ी रामगंगा</strong><br />
रामगंगा का जल स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। दो दिन की बारिश के बाद से नदी बढ़ रही है। बुधवार की शाम पानी का रंग बदला दिखा। बालू मिश्रित पानी में झाग दिख रहा है। जानकारों का कहना है कि यह पानी बालू क्षेत्र से होकर निकले पानी का है। माना जा रहा है कि नदियों में छोड़ा गया बाढ़ का पानी अब इस अंचल में पहुंच रहा है। वैसे तो शहर क्षेत्र में नदी का जल स्तर धीरे धीरे बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>बाढ़ में किसी को भूखा नहीं सोने देंगे: जिलाधिकारी</strong><br />
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में किसी को भूखा नहीं सोने दिया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा जिला सतर्कता समिति की बैठक में बुधवार को जिलाधिकारी ने मूढापांडे के पूर्ति निरीक्षक को क्षेत्र में राशन की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। जिलापूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में अन्त्योदय योजना के 30,090, पात्र गृहस्थी योजना के 5,23,053 सहित कुल 5,53,143 राशन कार्ड धारक हैं। बैठक में जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेश कुमार चौहान, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीएस मर्तोलिया, डॉ. दीपक वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्धप्रिय सिंह आदि उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>ट्राली में बैठ गांव पहुंचे जिलाधिकारी-एसएसपी</strong><br />
राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने और गांव में पानी भरने की जानकारी होते ही जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने रामपुर बार्डर पर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। गांवों में पानी भरने ही दशा में ट्रैक्टर-ट्राली की सवारी की। अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने रामपुर बार्डर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों ग्राम भीतखेडा, ग्राम मनकरा आदि सहित कई ग्रामों का टैªक्टर- ट्राली में बैठकर निरीक्षण किया और लोगों को सतर्क रहने की अपील की। जिलाधिकारी ने क्षेत्र के राशन डीलरों से वहीं पर वीडियों कालिंग कर बात की। जिलाधिकारी ने लोगों से कहा कि इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन आपके साथ है। बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी या हमें सीधे भी बता सकते हैं। इस दौरान बाढ़ के पानी की बजह से नेशनल हाईवे पर फंसे वाहनों को टैªक्टर की मदद से सकुशल निकलवाया और नेशनल हाईवे को सुचारु रूप से चालू करवाया।</p>
<p><strong>हाईवे पर दिन भर लगा रहा जाम, रूट डायवर्ट</strong><br />
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर कोसी का पानी आने के बाद मार्ग बंद कर दिया गया। वक्त के साथ बढ़ रहे पानी को देखते हुए बुधवार की सुबह करीब पांच बजे दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को पाकबड़ा व जीरो प्वाइंट के पास रोक दिया गया। जो चालक मौका पाकर अपने वाहन लेकर निकल गए तो उनको दलतपुर टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। इसी तरह बरेली के ओर से आने वाले वाहनों को रामपुर में कोसी पुल के पास रोक दिया गया। जिस कारण हाईवे पर भीषण जाम लग गया। बुधवार को आनन-फानन में बरेली व दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को बिलारी-शाहबाद और रामपुर होते हुए गुजारा गया।</p>
<p><strong>रझेड़ा पुल पर आया पानी, रेल संचालन बंद, यात्री हुए परेशान</strong><br />
बाढ़ की वजह से बरेली- मुरादाबाद रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बंद हो गया। कोसी नदी के पानी से रझेड़ा पुल क्षतिग्रस्त हो गया। जिसकी वजह से कुंभ एक्सप्रेस ट्रेन को बरेली व रामपुर की जगह बरेली कैंट तथा चंदौसी होते हुए मुरादाबाद लाया गया। इसके अलावा मुजफ्फरपुर संप्तक्रांति समेत पांच ट्रेनों को मुरादाबाद-लखनऊ की जगह गाजियाबाद-कानपुर होकर चलायाउगया। जबकि रेल प्रबंधन का कहना है कि मूंढापांडे-रामपुर के बीच पुल पर मरम्मत का कार्य शाम तक पूरा हुआ। बुधवार को दूसरे दिन भी मुरादाबाद रेल मंडल के लिए ट्रेनों का संचालन करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा।</p>
<p>नदियों में पानी बढ़ने से मूंढापांडे-रामपुर के बीच पुल संख्या 1126 पर पानी पहुंच गया। जिसके कारण रेलवे को ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। इसके साथ ही मुरादाबाद-बरेली मार्ग पर ट्रेनों का रूट भी बदला पड़ा। इसके साथ ही रेलवे ने अन्य ट्रेनों को रूट बदलकर चलाने के आदेश दिए है। आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली सप्तक्रांति (02558), आनंद विहार से दानापुर जनसाधारण एक्सप्रेस (03258) के अलावा सहरसा से आनंद विहार (01661), दरभंगा-नई दिल्ली (01669) व हावड़ा-अमृतसर पार्सल एक्सप्रेस (00469) शामिल है। इन सभी ट्रेनों को कानपुर-गाजियाबाद होकर चलाया गया। रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह ने बताया कि मूंढापांडे-रामपुर के बीच पुल पर मरम्मत का काम शुरू हो गया। देर रात तक काम पूरा होने पर पुल पर रेल संचालन शुरु कर दिया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पहले शार्ट टर्मिनेट की गई दो ट्रेनें अब प्रापर रूट से चलेंगी। बनारस से देहरादून जाने वाली 04265 जनता एक्सप्रेस व हावड़ा से योगनगरी जाने वाली दून 03009 को अब बरेली या रामपुर में शार्ट टर्मिनेट नहीं किया जाएगा।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Oct 2021 16:05:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>आफत की बारिश: बरेली में बाढ़ जैसी स्थिति, कई गांवों में लोग छतों पर रहने को मजबूर, खाने-पीने के भी लाले</title>
                                    <description><![CDATA[ बरेली, अमृत विचार। अक्टूबर माह की मूसलाधार बरसात से बरेली के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। घरों में पानी घुस गया है। घुटनों से उपर तक पानी में लोगों का रहना मुहाल होता जा रहा है। घरों में पानी भरे होने के कारण गांववासियों को अपने छोटे बच्चों को गोदी …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/124831/disaster-rain-flood-like-situation-in-bareilly-people-forced-to-live-on-roofs-in-many-villages-even-for-food-and-drink"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-10/flad-11.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong> बरेली, अमृत विचार। </strong>अक्टूबर माह की मूसलाधार बरसात से बरेली के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। घरों में पानी घुस गया है। घुटनों से उपर तक पानी में लोगों का रहना मुहाल होता जा रहा है। घरों में पानी भरे होने के कारण गांववासियों को अपने छोटे बच्चों को गोदी में लेकर जागकर रात गुजारनी पड़ रही है ताकि उनके बच्चे सुरक्षित रह सकें।</p> <p><img class="aligncenter wp-image-266005 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2021-10/flad2222.jpg" alt="" width="795" height="489"></img></p> <p>वहीं कई गांव में जलस्तर बढ़ने से घर तक डूब चुके हैं लोग छतों पर अपने परिवार के साथ बैठे हैं। उस पर से बारिश से धान की फसल नष्ट हो गई है और गन्ना पर संकट के बादल छा गए हैं। चारा न मिलने से पशुओं की जान पर बन आई है। गांववासियों को अपने पशुओं के लिए चारा तक नहीं मिल पा रहा है। बरेली के शेरगढ़ के नगरिया कला गांव, हाबूडा बस्ती,कस्बापुर, बरीपुरा, धर्मपुरा, कमालपुर, लखीमपुर और दुनका के कमालपुर, धरमपुरा, वसई, सुल्तानपुर, बिहारीपुर, भमोरा के गांव जलमग्न हो चुके हैं। शाही के किच्छा नदी का जलस्तर बढ़ने पर भमोरा-दुमका मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका है।</p> <p><img class="aligncenter wp-image-266007 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2021-10/flad-33.jpg" alt="" width="788" height="518"></img></p> <p>शेरगढ़  में बाढ़ जैसी स्थिति बन चुकी है। बाढ़ नवनिर्मित पंचायत सचिवालय नेहरू मंडल कार्यालय समेत सरकारी कार्यालयों में भी पानी घुस गया है। गांव में तेजी से जलस्तर बढ़ता जा रहा है। ज्यादातर परिवार घरों में कैद घर हैं क्योंकि बाहर निकलने जगह ही नहीं है।  नगरिया कला गांव के हाबूडा बस्ती में पानी में लोगों के घर डूब चुके हैं लोगों को अब सिर्फ छत का सहारा है। कस्बापुर, बरीपुरा, धर्मपुरा, कमालपुर, लखीमपुर में स्थितियां बद से बद्तर होती जा रही हैं। नगरिया कलां के 77 वर्षीय रिटायर्ड अध्यापक रघुवर दयाल गंगवार ने बताया कि हर जगह पानी ही पानी है। इस वक्त बेबस और लाचार महसूस कर रहे हैं। पानी के तेज बहाव से दुनका-नगरिया सोबरनी मार्ग भी कट गया है।</p> <p><img class="aligncenter wp-image-266008" src="https://www.amritvichar.com/media/2021-10/flad44.jpg" alt="" width="915" height="635"></img></p> <p>दुनका के कमालपुर, धरमपुरा, वसई, सुल्तानपुर, दुनका, बिहारीपुर, भमोरा आदि गांव बुरी तरीके से नदियों का पानी हर गांव में और घरों में हो घुस चुका है। बारिश से धान की फसल चली गई अब बचा हुआ धान पानी में बहा जा रहा है। जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है और गरीब लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट मंडरा रहा है। लोग दो वक्त का खाना भी नहीं खा पा रहे हैं। लगातार बारिश से गांव के कई घर भी धाराशाही हो चुके हैं। शाही के किच्छा नदी का जलस्तर बढ़ने पर भमोरा-दुमका मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका है। आवाजाही बाधित हो चुकी है और दर्जनों गांव में पानी घुस चुका है। कई गांव जलमग्न हो गए है।</p> <p><img class="wp-image-266012 aligncenter" src="https://www.amritvichar.com/media/2021-10/flad44koo.jpg" alt="" width="829" height="603"></img></p> <p> </p> <p><strong>यह भी पढ़े-</strong></p> <p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/disaster-rain-ramgangas-water-level-rises-just-0-75-meters-below-alert-point-if-water-is-released-from-kalagarh-dam-then-the-danger-mark-is-crossed/">आफत की बारिश: रामगंगा का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट प्वाइंट से महज 0.75 मीटर नीचे, कालागढ़ बांध से पानी छूटा तो खतरे का निशान पार</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/124831/disaster-rain-flood-like-situation-in-bareilly-people-forced-to-live-on-roofs-in-many-villages-even-for-food-and-drink</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Oct 2021 12:47:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद: बारिश के बाद रामगंगा नदी में जलस्तर बढ़ा, बाढ़ चौकियों को किया सक्रिय</title>
                                    <description><![CDATA[मुरादाबाद, अमृत विचार। उत्तराखण्ड में बारिश के बाद ओवरफ्लो होने की कगार पर पहुंचे कालागढ़ डैम से पानी छोड़ने के संकेत मिलने के बाद मंडल के अफसरों सतर्क हो गए हैं। भले ही रामगंगा नदी का जलस्तर से अभी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे चल रहा है लेकिन डैम से पानी छोड़ा गया …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/109287/water-level-in-ramganga-river-increased-after-rain-flood-posts-activated"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-09/untitled-2-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> उत्तराखण्ड में बारिश के बाद ओवरफ्लो होने की कगार पर पहुंचे कालागढ़ डैम से पानी छोड़ने के संकेत मिलने के बाद मंडल के अफसरों सतर्क हो गए हैं। भले ही रामगंगा नदी का जलस्तर से अभी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे चल रहा है लेकिन डैम से पानी छोड़ा गया तो रामगंगा में पानी खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। बांध से पानी छोड़ने का संकेत मिलते ही अधिकारियों ने कवायद तेज कर दी है। जिले की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।</p>
<p>चौकी पर तैनात अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि पानी छोड़ने संबंधी हर सूचना को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र का निरीक्षण करें। जरूरत पड़ने पर जन-धन की हानि को रोकने के लिए नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को जागरुक भी किया जाएगा। हालांकि रामगंगा नदी में पानी छोड़ने को लेकर बाढ़ नियंत्रण आयोग के अफसर लगातार बांध प्रशासन के संपर्क में हैं।</p>
<p>रामगंगा नदी में आने वाली बाढ़ हर साल क्षेत्र में नुकसान करती है। खासतौर पर किनारे के गांवों में सबसे अधिक नुकसान होता है। खेतों में घुसने वाला पानी सैकड़ों एकड़ फसल को बर्बाद कर देता है। हालांकि इस बार मानसून काफी हल्का रहा। पांच साल की अपेक्षा इस बार सावन में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। जुलाई में दो दिन कुछ घंटे हुई मूसलाधार बारिश के कारण भोजपुर थाना क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया था। सड़क व खेतों में भरे पानी के कारण जहां लोगों का निकलना दुश्वार हो गया था तो वहीं धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। खेतों में भरे बाढ़ के पानी में डूबने से एक किशोर की मौत हो गई थी। इसके बाद मानसून की बेरुखी के कारण रामगंगा नदी का जलस्तर काफी घट गया था।</p>
<p><strong>बारिश से ओवरफ्लो होने लगा कालागढ़ डैम, अफसर अलर्ट</strong><br />
सावन के बाद मानसून ने उत्तराखण्ड में करवट बदली है। पहाड़ में होने वाली बारिश के कारण उत्तराखंड स्थित कालागढ़ बांध ओवरफ्लो होने की कगार पर है। इसी वजह से करीब एक सप्ताह पहले बांध प्रशासन ने मुरादाबाद व बरेली मंडल के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया था। स्पष्ट संकेत दिए थे कि बांध से पानी छोड़ने के बाद रामगंगा नदी में बाढ़ आना तय है। बीच में कई दिनों तक बारिश न होने पर नदी का जलस्तर कम हुआ था। फिर से बारिश हुई तो जिले के अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। बांध से पानी छोड़ने के संकेत मिलने के बाद तहसील अफसरों से लेकर बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। पानी छोड़ने से संबंधित हर सूचना को गंभीरता से लेने के आदेश दिए गए हैं। वहीं जरूरत पड़ने पर नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को पुलिस-प्रशासनिक अफसर जन-धन हानि को रोकने के लिए जागरुक करेंगे।</p>
<p><strong>कंट्रोल रूम के इन नंबरों पर दें बाढ़ की सूचना</strong><br />
जिला कंट्रोल रू         0591-2412728, 9454416867 या फिर टोल फ्री नंबर 1077<br />
मुरादाबाद                 0591 2971370, 9454416887<br />
ठाकुरद्वारा                0591-2241221<br />
बिलारी                     0591-270011<br />
कांठ                        0591-2220116</p>
<p>बाढ़ चौकियों के साथ ही तहसील अफसरों को अलर्ट कर दिया गया है। नदी के किनारे के गांवों की नियमित निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं। <strong>शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Sep 2021 12:54:42 +0530</pubDate>
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