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                <title>President Donald Trump - Amrit Vichar</title>
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                <description>President Donald Trump RSS Feed</description>
                
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                <title>संपादकीय:प्रतिरोध से उठे प्रश्न</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका में वाइट हाउस कॉरेसपॉन्डेंट्स एशोसिएशन के वार्षिक डिनर जैसे अत्यंत सुरक्षित और प्रतिष्ठित आयोजन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हिंसक हमले की घटना कई स्तरों पर चिंताजनक प्रश्न खड़े करती है। यह मात्र सुरक्षा चूक का मामला नहीं, बल्कि आधुनिक लोकतंत्रों में बढ़ती राजनीतिक कटुता, सामाजिक ध्रुवीकरण और युवा मानस के उग्र होते प्रतिकार का संकेत भी है। यह घटना युवा शक्ति के हिंसक विरोध का नमूना है, हमलावर सुशिक्षित और राजनीतिक रूप से सजग था, इसलिए यह और भी गंभीर संकेत है। शिक्षा सामान्यतः विवेक और संवाद को बढ़ावा देती है, परंतु जब वही शिक्षित युवा हिंसा का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580143/editorial--questions-arising-from-resistance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/sampadkiy19.jpg" alt=""></a><br /><p>अमेरिका में वाइट हाउस कॉरेसपॉन्डेंट्स एशोसिएशन के वार्षिक डिनर जैसे अत्यंत सुरक्षित और प्रतिष्ठित आयोजन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हिंसक हमले की घटना कई स्तरों पर चिंताजनक प्रश्न खड़े करती है। यह मात्र सुरक्षा चूक का मामला नहीं, बल्कि आधुनिक लोकतंत्रों में बढ़ती राजनीतिक कटुता, सामाजिक ध्रुवीकरण और युवा मानस के उग्र होते प्रतिकार का संकेत भी है। यह घटना युवा शक्ति के हिंसक विरोध का नमूना है, हमलावर सुशिक्षित और राजनीतिक रूप से सजग था, इसलिए यह और भी गंभीर संकेत है। शिक्षा सामान्यतः विवेक और संवाद को बढ़ावा देती है, परंतु जब वही शिक्षित युवा हिंसा का मार्ग चुनता है, तो यह बताता है कि राजनीतिक विमर्श में असहिष्णुता कितनी गहरी हो चुकी है। </p>
<p>लोकतंत्र में विरोध का स्थान है, पर हिंसा का नहीं। यदि असहमति का समाधान गोली से होगा, तो संस्थाओं और संवाद की पूरी संरचना ध्वस्त हो जाएगी। कमला हैरिस के समर्थन और ट्रंप-विरोध की पृष्ठभूमि इस घटना को राजनीतिक रंग देती है, परंतु इसे केवल दलगत राजनीति तक सीमित करना समस्या को छोटा करके देखना होगा। एक महत्वपूर्ण पहलू सुरक्षा का है। जब सैकड़ों पत्रकार, गणमान्य अतिथि और सीक्रेट सर्विस एजेंट मौजूद हों, तब हथियार सहित किसी हमलावर का प्रवेश गंभीर संस्थागत विफलता को दर्शाता है। </p>
<p>अमेरिका, जो विश्व की सबसे उन्नत सुरक्षा प्रणालियों का दावा करता है, वहां ऐसी घटना यह संकेत देती है कि ‘ज़ीरो-रिस्क’ सुरक्षा एक मिथक है। यह प्रश्न स्वाभाविक है कि जब राष्ट्रपति ही पूरी तरह सुरक्षित नहीं, तो अन्य विदेशी नेताओं की सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है। अमेरिका का ‘गन कल्चर’ भी शोचनीय है, हथियारों की आसान उपलब्धता लंबे समय से वहां हिंसा की घटनाओं का प्रमुख कारण रही है। </p>
<p>बार-बार होने वाली गोलीबारी की घटनाएं यह सिद्ध करती हैं कि केवल कानून नहीं, बल्कि सामाजिक मानसिकता में परिवर्तन आवश्यक है। इस घटना को भी उसी व्यापक संदर्भ में देखना चाहिए। ट्रंप पर दोबारा हमले को देखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था में तकनीकी और मानव-आधारित दोनों स्तरों पर उन्नत स्कैनिंग, व्यवहार विश्लेषण और भीड़-नियंत्रण के नए मानक संबंधी सुधार आवश्यक है। ट्रंप का कहना कि इसमें ईरान का हाथ नहीं है, एक महत्वपूर्ण संकेत है। साफ है कि वे इस घटना को अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र के बजाय घरेलू असंतोष के रूप में देखना चाहते हैं। वहीं, इसे ‘साजिश’ बताने वाले दावे बिना ठोस प्रमाण के केवल भ्रम और अविश्वास को बढ़ाते हैं। </p>
<p>इतिहास में रोनाल्ड रीगन पर हुए हमले की याद दिलाती यह घटना बताती है कि लोकतंत्र में खतरे नए नहीं हैं, पर उनका स्वरूप बदल रहा है। आज का खतरा अधिक जटिल है, जहां वैचारिक ध्रुवीकरण, सोशल मीडिया और व्यक्तिगत आक्रोश मिलकर हिंसा को जन्म दे रहे हैं। यह घटना केवल अमेरिका की नहीं, बल्कि वैश्विक लोकतंत्रों के लिए चेतावनी है। असहमति को यदि संवाद में नहीं बदला गया, तो वह हिंसा में बदलती रहेगी। लोकतंत्र की असली परीक्षा यही है कि वह विरोध को कितनी परिपक्वता से संभाल पाता है। मुखर और विवादास्पद नेताओं को यह भी समझना होगा कि उनकी भाषा और शैली सामाजिक तनाव को किस हद तक प्रभावित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 08:11:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप की रणनीतिक विफलता और भविष्य के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:center;"><em><strong>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध विराम की अवधि बढ़ाने की घोषणा से ईरान से आमने-सामने की बातचीत का एक नया दौर आयोजित करने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा, लेकिन दोनों के बीच हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं।</strong></em></p>
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<strong>विवेक सक्सेना, अयोध्या</strong>

<p>  </p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल 2026 के भू-राजनीतिक परिदृश्य में, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ घोषित युद्ध विराम ने अमेरिकी विदेश नीति की एक बड़ी विफलता को उजागर किया है। ‘पूर्ण जीत’ और ईरान की सैन्य शक्ति को ‘पूरी तरह से नष्ट’ करने के शुरुआती बड़बोले दावों के बाद, यह युद्ध विराम ट्रंप प्रशासन के लिए एक शर्मनाक मोड़ के रूप में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579733/trump-s-strategic-failure-and-future-signals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(66)5.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:center;"><em><strong>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध विराम की अवधि बढ़ाने की घोषणा से ईरान से आमने-सामने की बातचीत का एक नया दौर आयोजित करने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा, लेकिन दोनों के बीच हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं।</strong></em></p>
<img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/cats180.jpg" alt="cats" width="115" height="134"></img>
<strong>विवेक सक्सेना, अयोध्या</strong>

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल 2026 के भू-राजनीतिक परिदृश्य में, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ घोषित युद्ध विराम ने अमेरिकी विदेश नीति की एक बड़ी विफलता को उजागर किया है। ‘पूर्ण जीत’ और ईरान की सैन्य शक्ति को ‘पूरी तरह से नष्ट’ करने के शुरुआती बड़बोले दावों के बाद, यह युद्ध विराम ट्रंप प्रशासन के लिए एक शर्मनाक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। यह संघर्ष न केवल मध्य पूर्व में स्थिरता लाने में विफल रहा, बल्कि इसने अमेरिकी कूटनीति की सीमाओं को भी उजागर किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध में युद्ध विराम की अवधि बढ़ाने की घोषणा से मध्यस्थों को अमेरिका और ईरान के बीच आमने-सामने की बातचीत का एक नया दौर आयोजित करने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा, लेकिन हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी को युद्ध शुरू किया, जिसके कारण तेल की कीमतें बढ़ गईं और वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई। इस युद्ध ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बाधित किया है, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ने और अन्य देशों में भी बिजली संयंत्रों पर हमले का खतरा पैदा हो गया। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु और मिसाइल ढांचे को नष्ट कर दिया है, लेकिन हकीकत यह रही कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और अमेरिकी धमकियों को नजरअंदाज करते हुए जवाबी हमले जारी रखे। 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद जब युद्ध विराम की घोषणा की गई, तो यह जीत से ज्यादा एक सामरिक वापसी और ईरान के सामने झुकने जैसा प्रतीत हुआ। ईरान ने स्पष्ट किया कि उसने कोई युद्ध विराम नहीं मांगा था, जिससे ट्रंप के दावों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इस घोषणा से अस्थायी रूप से लड़ाई फिर से शुरू होने से तो बच गई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच व्यापक मतभेद बने हुए हैं। ईरान, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच मौजूदा युद्ध विराम आठ अप्रैल को शुरू हुआ, जो ट्रंप द्वारा कई बार समय सीमा तय किए जाने के बाद हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता का पिछला दौर पाकिस्तान में आयोजित किया गया था। अमेरिकी वार्ता दल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच हुई उच्चतम स्तरीय वार्ता में भाग लिया, जो बिना किसी समझौते के समाप्त हुई। </p>
<p style="text-align:justify;">वैंस की पाकिस्तान यात्रा अभी भी स्थगित है और ईरान पर अमेरिका की नाकाबंदी जारी है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मौजूदा युद्ध विराम की समय सीमा समाप्त होने से कुछ ही घंटे पहले पाकिस्तान के अनुरोध पर यह कदम उठाया, क्योंकि वह ईरान से ‘एकीकृत प्रस्ताव’ की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अनिर्णय के लिए ईरान के ‘गंभीर रूप से विभाजित’ नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। इन सब के बीच दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने मंगलवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि अमेरिका और ईरान ने वार्ता के एक नए दौर के आयोजन के संकेत दिए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के नेतृत्व वाले मध्यस्थों को इस बात की पुष्टि मिली है कि शीर्ष वार्ताकार, वैंस और ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़, अपनी-अपनी टीमों का नेतृत्व करेंगे, लेकिन मंगलवार देर रात, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सम्मेलन में भाग लेने के बारे में कोई ‘अंतिम निर्णय’ नहीं लिया गया है। प्रवक्ता, इस्माइल बगाई ने सरकारी टीवी को बताया कि निर्णय न ले पाने का कारण अमेरिकियों की ओर से ‘विरोधाभासी संदेश’ और ‘अस्वीकार्य कार्रवाइयां’, विशेष रूप से ईरान की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी है। </p>
<p style="text-align:justify;">यदि पाकिस्तान बैठक आयोजित करने में सफल भी हो जाता है, तो भी होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और नाकाबंदी को लेकर गंभीर चुनौतियां बनी रहेंगी। सप्ताहांत में ईरान ने जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाया। अमेरिका ने भी जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी से बचने की कोशिश कर रहे एक ईरानी जहाज पर हमला किया और उसे अपने कब्जे में ले लिया, जिससे संकेत मिलता है कि स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है। ईरान का सारा उच्च संवर्धित यूरेनियम अभी भी देश में ही है, संभवतः उन संवर्धन स्थलों में दबा हुआ है, जिन पर पिछले साल जून में 12 दिनों के युद्ध के दौरान अमेरिका ने बमबारी की थी। </p>
<p style="text-align:justify;">ईरान का कहना है कि उसे शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ऐसा करने का अधिकार है और वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश से इनकार करता है, जबकि ट्रंप ने इज़राइल के साथ मिलकर ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से समाप्त करने और अपने भंडार को छोड़ने का आह्वान किया है। ईरान ने युद्ध समाप्त करने के अपने 10 सूत्री प्रस्ताव में इसे खारिज कर दिया। इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता होने वाली थी, लेकिन ईरान का प्रतिनिधिमंडल नहीं पहुंचा। अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को पाकिस्तान रवाना होने वाला था, ऐसा नहीं हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं युद्ध विराम ख़त्म होने से पहले ही ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इसकी समय सीमा बढ़ाने की घोषणा की। कहा कि यह फ़ैसला पाकिस्तान के अनुरोध पर लिया गया, ‘हमसे कहा गया है कि हम ईरान पर अपना हमला तब तक रोकें, जब तक उसके नेता और प्रतिनिधि एक साझा प्रस्ताव लेकर नहीं आते।’ इसके कुछ घंटे बाद ही, बुधवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने तीन कार्गो जहाज़ों पर हमला कर दो को सीज़ कर लिया। इनमें एक पर ग्रीस का और दूसरे पर पनामा का झंडा लगा था, जबकि तीसरा जहाज़ यूएई की एक कंपनी का है। फारस की खाड़ी का संकरा मुहाना, होर्मुज जलडमरूमध्य, जिससे होकर 20 फीसदी प्राकृतिक गैस और तेल का परिवहन होता है, जलमार्ग में ईरानी हमलों के कारण लगभग बंद है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 05:18:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज पर सख्त हुआ ईरान:  समुद्री मार्ग पर दोबारा बंद की जहाजों की आवाजाही, जानिए क्या बोला अमेरिका </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>काहिरा।</strong> ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के फैसले को लेकर तुरंत पलटी मारते हुए शनिवार को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिये। उसने यह फैसला तब किया जब इससे पहले अमेरिका ने कहा कि इस कदम से उसकी नाकेबंदी समाप्त नहीं होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">देश की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि ''होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पहले की स्थिति में लौट आया है ... और अब यह सशस्त्र बलों के कड़े प्रबंधन और नियंत्रण में है।'' उसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक जलडमरूमध्य से आवागमन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579170/iran-became-strict-on-hormuz-again-closed-the-movement-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(6).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>काहिरा।</strong> ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के फैसले को लेकर तुरंत पलटी मारते हुए शनिवार को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिये। उसने यह फैसला तब किया जब इससे पहले अमेरिका ने कहा कि इस कदम से उसकी नाकेबंदी समाप्त नहीं होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">देश की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि ''होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पहले की स्थिति में लौट आया है ... और अब यह सशस्त्र बलों के कड़े प्रबंधन और नियंत्रण में है।'' उसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक जलडमरूमध्य से आवागमन भी बाधित रखा जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">यह घोषणा सुबह की गई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी नाकेबंदी तब तक ''पूरी तरह प्रभावी बनी रहेगी'' जब तक तेहरान अमेरिका के साथ समझौते पर नहीं पहुंचता, जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा भी शामिल है।</p>
<h5>आंशिक रूप से हवाई क्षेत्र खोलने की घोषणा </h5>
<p style="text-align:justify;">ईरान ने अमेरिका और इजराइल से संघर्ष की वजह से गत सात सप्ताह से बंद अपने हवाई क्षेत्र को शनिवार को आंशिक रूप से खोलने की घोषणा की। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। नागरिक उड्डयन संगठन ने बताया कि पूर्वी ईरान के ऊपर के हवाई मार्ग स्थानीय समयानुसार सुबह सात बजे (जीएमटी के अनुसार तड़के साढ़े तीन बजे) से दोबारा खोल दिए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी स्वामित्व वाले 'ईरान' अखबार के मुताबिक, देश के हवाई अड्डों पर उड़ानें धीरे-धीरे फिर से शुरू होंगी, हालांकि इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद से देश का हवाई क्षेत्र बंद था। अब इसे आंशिक रूप से फिर से खोलने का फैसला ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम लागू होने के एक हफ्ते से अधिक समय बाद लिया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/579166/india-nepal-trade-to-gain-new-momentum--work-on-dharchula-friendship-bridge-enters-final-phase--set-for-completion-in-may"><span class="t-red">भारत-नेपाल व्यापार को मिलेगी नई गति, </span>अंतिम चरण में धारचूला मैत्री पुल का कार्य, मई में होगा तैयार</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579170/iran-became-strict-on-hormuz-again-closed-the-movement-of</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 15:42:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> दिल्ली के उपराज्यपाल बनने पर ट्रंप ने तरनजीत संधू को दी बधाई, बोले- अमेरिका-भारत मजबूत संबंधों की भूमिका में की सराहना </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल का पदभार संभालने पर तरनजीत संधू को बधाई दी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, ''<em>दिल्ली के नए उपराज्यपाल बनने पर तरनजीत संधू को बधाई।'' उन्होंने कहा कि एक अनुभवी राजनयिक और अमेरिका में पूर्व राजदूत के रूप में तरनजीत संधू ने हमेशा अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने के लिए गहरी प्रतिबद्धता दिखाई है</em>।  </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने कहा, ''<em>दिल्ली की प्रगति का नेतृत्व करने और वैश्विक संबंधों को आगे बढ़ाने में उनकी सफलता की कामना करता हूं।'' तरनजीत सिंह संधू, जो दिल्ली के 21वें</em></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578972/trump-congratulates-taranjit-sandhu-on-becoming-india-s-ambassador-to-the-us--praises-his-role-in-strengthening-us-india-relations"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल का पदभार संभालने पर तरनजीत संधू को बधाई दी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, ''<em>दिल्ली के नए उपराज्यपाल बनने पर तरनजीत संधू को बधाई।'' उन्होंने कहा कि एक अनुभवी राजनयिक और अमेरिका में पूर्व राजदूत के रूप में तरनजीत संधू ने हमेशा अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने के लिए गहरी प्रतिबद्धता दिखाई है</em>।  </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने कहा, ''<em>दिल्ली की प्रगति का नेतृत्व करने और वैश्विक संबंधों को आगे बढ़ाने में उनकी सफलता की कामना करता हूं।'' तरनजीत सिंह संधू, जो दिल्ली के 21वें उपराज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं, फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत रहे। उन्होंने श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त के रूप में भी कार्य किया है</em>। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578926/south-korean-president-lee-jae-myung-visits-india-after-8-years--bilateral-talks-scheduled-with-pm-modi-%E2%80%94-see-the-full-schedule">8 साल बाद भारत आ रहे दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति Lee Jae Myung, पीएम मोदी के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता, जानें पूरा शेड्यूल</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578972/trump-congratulates-taranjit-sandhu-on-becoming-india-s-ambassador-to-the-us--praises-his-role-in-strengthening-us-india-relations</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:46:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'कट्टरपंथी वामपंथियों&quot; को बढ़ावा देना बंद करें और अपनी हरकतें सुधारें,' ईरान युद्ध की आलोचना के बाद ट्रंप का पोप लियो पर निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्कः</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो चौदहवें पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे धर्मगुरु की आवश्यकता नहीं है जो उनकी नीतियों का विरोध करते हों। पोप ने ईरान में अमेरिका के कदमों की आलोचना की है। विशेष रूप से, उन्होंने ईरानी लोगों के विरुद्ध अमेरिकी धमकियों को अस्वीकार्य बताया। अप्रैल की शुरुआत में अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने सैन्य कर्मियों के लिए प्रार्थना के आह्वान किया था, जिसके बाद पोप ने एक प्रवचन में कहा था कि प्रभुत्व जमाने की इच्छा ईसा मसीह के मार्ग के अनुरूप नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी नेता ने 'ट्रुथ सोशल'</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578521/%22stop-pandering-to-the--radical-left--and-clean-up-your-act-%22-trump-slams-pope-leo-after-he-criticizes-iran-war"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(1)5.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्कः</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो चौदहवें पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे धर्मगुरु की आवश्यकता नहीं है जो उनकी नीतियों का विरोध करते हों। पोप ने ईरान में अमेरिका के कदमों की आलोचना की है। विशेष रूप से, उन्होंने ईरानी लोगों के विरुद्ध अमेरिकी धमकियों को अस्वीकार्य बताया। अप्रैल की शुरुआत में अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने सैन्य कर्मियों के लिए प्रार्थना के आह्वान किया था, जिसके बाद पोप ने एक प्रवचन में कहा था कि प्रभुत्व जमाने की इच्छा ईसा मसीह के मार्ग के अनुरूप नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी नेता ने 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, "मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिये जिसे लगता हो कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है। मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिये जिसे अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला करना भयानक लगता हो, जबकि वेनेजुएला संयुक्त राज्य अमेरिका में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भेज रहा था। इससे भी बुरा यह कि वेनेजुएला अपनी जेलों से हत्यारों और मादक पदार्थों के तस्करों को हमारे देश में भेज रहा था। मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिये जो संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति की आलोचना करे, जबकि मैं तो केवल वही कर रहा हूं, जिसके लिये मुझे भारी बहुमत से चुना गया है।"</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि यदि वह व्हाइट हाउस में न होते, तो "लियो वेटिकन में नहीं होते।" ट्रंप ने पोप से "कट्टरपंथी वामपंथियों" को बढ़ावा देना बंद करने और "एक राजनेता के बजाय एक महान धर्मगुरु बनने पर ध्यान केंद्रित करने" का भी आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578521/%22stop-pandering-to-the--radical-left--and-clean-up-your-act-%22-trump-slams-pope-leo-after-he-criticizes-iran-war</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 10:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'ईरान से तुरंत निकलें भारत...' युद्धविराम के बीच तेहरान में भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली/तेहरान: </strong>अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए नई चेतावनी जारी की है। दूतावास ने सख्ती से सलाह दी है कि सभी भारतीय जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से ईरान छोड़ दें।</p>
<p>यह दूसरी एडवाइजरी है। मंगलवार को जारी पहली एडवाइजरी के बाद बुधवार (8 अप्रैल 2026) को नई सलाह जारी की गई है।</p>
<h3><strong>दूतावास का सख्त निर्देश</strong></h3>
<p>एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय नागरिक दूतावास के साथ समन्वय करके और दूतावास द्वारा सुझाए गए तय रास्तों का इस्तेमाल करते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577940/indians-should-leave-iran-immediately----indian-embassy-in-tehran-issues-advisory-amid-ceasefire"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(28)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली/तेहरान: </strong>अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए नई चेतावनी जारी की है। दूतावास ने सख्ती से सलाह दी है कि सभी भारतीय जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से ईरान छोड़ दें।</p>
<p>यह दूसरी एडवाइजरी है। मंगलवार को जारी पहली एडवाइजरी के बाद बुधवार (8 अप्रैल 2026) को नई सलाह जारी की गई है।</p>
<h3><strong>दूतावास का सख्त निर्देश</strong></h3>
<p>एडवाइजरी में कहा गया है कि भारतीय नागरिक दूतावास के साथ समन्वय करके और दूतावास द्वारा सुझाए गए तय रास्तों का इस्तेमाल करते हुए जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकलें। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/India_in_Iran/status/2041756690047979944?s=20">https://twitter.com/India_in_Iran/status/2041756690047979944?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>दूतावास ने साफ चेतावनी दी है कि कोई भी भारतीय नागरिक बिना दूतावास से सलाह और समन्वय किए किसी भी अंतरराष्ट्रीय ज़मीनी सीमा की ओर न जाए। किसी भी हालत में स्वयं लैंड बॉर्डर की ओर बढ़ने की कोशिश न करें।</p>
<h3><strong>मदद के लिए जारी संपर्क नंबर</strong></h3>
<p>दूतावास ने आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:</p>
<p>- +98 912 810 9115  <br />- +98 912 810 9102  <br />- +98 912 810 9109  <br />- +98 993 217 9359  </p>
<p><strong>ईमेल:</strong> cons.tehran@mea.gov.in</p>
<h3><strong>जानें युद्धविराम की पूरी डिटेल</strong></h3>
<p>मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शाम 6:32 बजे (वाशिंगटन समय) ईरान के साथ दो सप्ताह के ceasefire की घोषणा की। ट्रंप ने इसे ‘दो-तरफा युद्धविराम’ बताया और कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलने पर सहमत हो गया है। </p>
<p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर चुका है और अब लंबे समय की शांति समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ेगी। पाकिस्तान की मध्यस्थता से यह समझौता हुआ है।</p>
<p>हालांकि, युद्धविराम की घोषणा के बावजूद क्षेत्र में तनाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है। इसी कारण भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए यह सख्त एडवाइजरी जारी की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577940/indians-should-leave-iran-immediately----indian-embassy-in-tehran-issues-advisory-amid-ceasefire</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/577940/indians-should-leave-iran-immediately----indian-embassy-in-tehran-issues-advisory-amid-ceasefire</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:43:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेहरान में तबाही: रिहायशी इमारत पर हमले में 13 लोगों की मौत, शरीफ यूनिवर्सिटी क्षतिग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>दुबईः </strong>ईरान की राजधानी तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक शहर की एक रिहायशी इमारत पर हुए हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। ईरानी मीडिया ने यह जानकारी दी। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स और नूर न्यूज ने बताया कि यह हमला इस्लामशहर के पास हुआ। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इस इमारत को क्यों निशाना बनाया गया। सोमवार सुबह हुए इन हमलों की जिम्मेदारी न तो इजराइल और न ही अमेरिका ने ली है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577648/tehran-devastation--13-killed-in-attack-on-residential-building--sharif-university-damaged"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(94).png" alt=""></a><br /><p><strong>दुबईः </strong>ईरान की राजधानी तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक शहर की एक रिहायशी इमारत पर हुए हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। ईरानी मीडिया ने यह जानकारी दी। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स और नूर न्यूज ने बताया कि यह हमला इस्लामशहर के पास हुआ। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इस इमारत को क्यों निशाना बनाया गया। सोमवार सुबह हुए इन हमलों की जिम्मेदारी न तो इजराइल और न ही अमेरिका ने ली है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना होगा। </p>
<p>इस बीच, तेहरान में सोमवार तड़के हुए कई हवाई हमलों में शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने इन हमलों और वहां इमारतों को हुए नुकसान की जानकारी दी, साथ ही परिसर के पास स्थित प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र पर भी असर पड़ने की बात कही। यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया कि विश्वविद्यालय परिसर के अंदर किस चीज को निशाना बनाया गया। युद्ध के कारण ऑनलाइन कक्षाएं ली जा रही हैं, जिसकी वजह से विश्वविद्यालय खाली है। </p>
<p>इस विश्वविद्यालय पर वर्षों से कई देशों ने प्रतिबंध लगा रखे हैं क्योंकि इसका सैन्य कार्यों, खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से संबंध रहा है। यह मिसाइल कार्यक्रम अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के नियंत्रण में है। रिवोल्यूशनरी गार्ड और अन्य सुरक्षा बल अपने ठिकानों पर लगातार हमलों के कारण वैकल्पिक स्थानों का इस्तेमाल कर रहे हैं। रात भर धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं। कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज भी कई घंटों तक सुनाई देती रही। </p>
<p>इस बीच, सरकारी समाचार पत्र 'ईरान' ने एक ऑनलाइन खबर में बताया कि दक्षिण तेहरान में स्थित शहर कोम के एक रिहायशी इलाके में हुए हवाई हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कोम में हुए हमले में किस चीज को निशाना बनाया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577648/tehran-devastation--13-killed-in-attack-on-residential-building--sharif-university-damaged</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/577648/tehran-devastation--13-killed-in-attack-on-residential-building--sharif-university-damaged</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 09:49:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Share Market Today:  घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट; जानिए सेंसेक्स और निफ्टी का हाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> घरेलू शेयर बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी में बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करने की चेतावनी के बाद बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने भी घरेलू शेयर बाजारों की कमजोरी को और बढ़ा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">  बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,433.72 अंक या 1.96 प्रतिशत टूटकर 71,700.60 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 445.70 अंक या 1.97 प्रतिशत फिसलकर 22,233.70 अंक पर पहुंच गया।</p>
<p style="text-align:justify;">दक्षिण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577230/share-market-today--domestic-stock-markets-decline--check-the-status-of-the-sensex-and-nifty"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(8)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> घरेलू शेयर बाजारों सेंसेक्स और निफ्टी में बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करने की चेतावनी के बाद बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने भी घरेलू शेयर बाजारों की कमजोरी को और बढ़ा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"> बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,433.72 अंक या 1.96 प्रतिशत टूटकर 71,700.60 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 445.70 अंक या 1.97 प्रतिशत फिसलकर 22,233.70 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे। सन फार्मास्युटिकल्स, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स, इटर्नल, लार्सन एंड टुब्रो, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और पावरग्रिड के शेयर में सबसे अधिक गिरावट आई। एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट देखी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 4.31 प्रतिशत, जापान का निक्की 225 2.24 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 1.04 प्रतिशत और चीन का एसएसई कम्पोजिट 0.53 प्रतिशत टूटा। अमेरिकी बाजार बुधवार को काफी तेजी के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 105.65 डॉलर प्रति बैरल रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिवकाल रहे थे और उन्होंने 8,331.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 1,186.77 अंक की बढ़त और एनएसई निफ्टी 348 अंक चढ़कर बंद हुआ था।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/576387/share-market-today--positive-trends-in-asian-markets--sensex-and-nifty-rally--while-shares-of-these-companies-record-declines"><span class="t-red">Share Market Today: </span>एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुझान, सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, इन कंपनियों के शेयर्स में गिरावट दर्ज</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577230/share-market-today--domestic-stock-markets-decline--check-the-status-of-the-sensex-and-nifty</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 11:42:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप के आगे ईरान ने रखी शर्त... कहा- अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस हो मुख्य वार्ताकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान/वाशिंगटन: </strong>अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनावपूर्ण स्थिति में एक नया कूटनीतिक मोड़ आया है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर के साथ फिर से बातचीत नहीं करना चाहता। इसके बजाय तेहरान सीधे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ वार्ता करने की इच्छा जता रहा है, क्योंकि उसे वेंस का रुख अन्य नेताओं की तुलना में अपेक्षाकृत नरम और युद्ध-विरोधी लगते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विटकॉफ और कुश्नर के साथ कोई फायदा नहीं  </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ईरान का मानना है कि विटकॉफ और कुश्नर के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576401/iran-has-placed-a-condition-before-trump----saying-vice-president-jd-vance-should-be-the-chief-negotiator-in-talks-with-the-us"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(39)7.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान/वाशिंगटन: </strong>अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनावपूर्ण स्थिति में एक नया कूटनीतिक मोड़ आया है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर के साथ फिर से बातचीत नहीं करना चाहता। इसके बजाय तेहरान सीधे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ वार्ता करने की इच्छा जता रहा है, क्योंकि उसे वेंस का रुख अन्य नेताओं की तुलना में अपेक्षाकृत नरम और युद्ध-विरोधी लगते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विटकॉफ और कुश्नर के साथ कोई फायदा नहीं  </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ईरान का मानना है कि विटकॉफ और कुश्नर के साथ पुरानी बातचीत टूटने के बाद विश्वास की भारी कमी हो गई है। उसके बाद इजरायल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से स्थिति और बिगड़ गई। क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से CNN ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधियों ने बैक चैनल के जरिए यह संदेश भेजा है कि इन दोनों के साथ नई वार्ता बेकार साबित होगी।  </p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर, जेडी वेंस को ईरान विटकॉफ, कुश्नर और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से ज्यादा संतुलित नेता मान रहा है। तेहरान का ख्याल है कि वेंस युद्ध को जल्द खत्म करने के पक्ष में हैं और इस दिशा में गंभीर प्रयास कर सकते हैं। वेंस को आमतौर पर ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है जो बिना वजह युद्ध की वकालत नहीं करते।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप बोले- पूरी टीम शामिल है  </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया, “बातचीत में जेडी वेंस, मार्को रुबियो, जेरेड कुश्नर, स्टीव विटकॉफ और मैं खुद शामिल हैं।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने इस जंग को जीत लिया है और ईरान की नौसेना व वायुसेना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।  </p>
<p style="text-align:justify;">व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने CNN से कहा कि बातचीत कौन करेगा, यह फैसला सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप का है। उन्होंने जोर देकर कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप और सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप ही तय करते हैं कि अमेरिका की ओर से कौन बातचीत करेगा।”</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मसला?  </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यह घटनाक्रम 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव और पाकिस्तान की मध्यस्थता की पृष्ठभूमि में आया है। ईरान अभी भी विश्वास बहाली पर जोर दे रहा है, जबकि अमेरिका अपनी सैन्य तैयारियां तेज रखे हुए है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के रास्ते खुले हैं, लेकिन ईरान स्पष्ट रूप से वेंस को पसंदीदा चेहरा बता रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576401/iran-has-placed-a-condition-before-trump----saying-vice-president-jd-vance-should-be-the-chief-negotiator-in-talks-with-the-us</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576401/iran-has-placed-a-condition-before-trump----saying-vice-president-jd-vance-should-be-the-chief-negotiator-in-talks-with-the-us</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 12:21:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बातचीत के बीच मिसाइलों की बौछार:  इजरायल, कुवैत, जॉर्डन और बहरीन पर ईरान का अटैक, वार्ता से किया इनकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दुबई। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है वहीं ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत होने से इनकार किया है और इस बीच दोनों पक्ष एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। मंगलवार को इस्लामिक गणराज्य ईरान ने इजराइल पर एक दर्जन मिसाइलें दागीं वहीं लेबनान के आतंकवादियों के रॉकेट हमलों में इजराइल में एक महिला की मौत हो गई। युद्ध के दौरान लेबनान की ओर से किए गए हमले में इजराइल में मौत का यह पहला मामला है। </p>
<p style="text-align:justify;">इजराइल ने कहा कि उसने ईरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576381/barrage-of-missiles-amidst-talks--iran-attacks-israel--kuwait--jordan--and-bahrain--refuses-dialogue"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(35)12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दुबई। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान से बातचीत कर रहा है वहीं ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत होने से इनकार किया है और इस बीच दोनों पक्ष एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। मंगलवार को इस्लामिक गणराज्य ईरान ने इजराइल पर एक दर्जन मिसाइलें दागीं वहीं लेबनान के आतंकवादियों के रॉकेट हमलों में इजराइल में एक महिला की मौत हो गई। युद्ध के दौरान लेबनान की ओर से किए गए हमले में इजराइल में मौत का यह पहला मामला है। </p>
<p style="text-align:justify;">इजराइल ने कहा कि उसने ईरान के ''उत्पादन स्थलों'' पर व्यापक हमले किए, लेकिन उसने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। वहीं, ईरान इजराइल पर लगातार हमले कर रहा है जिससे लाखों इजराइली आश्रयस्थलों में शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं। हाल में ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं जब इजराइल ईरान की मिसाइलों को हवा में ही रोक कर नष्ट नहीं पाया और इससे उसके लोग हताहत हुए। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने के लिए ईरान को स्वयं दी गई समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस अहम जलमार्ग के लगभग पूरी तरह बंद होने से ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में है। युद्ध की अवधि को लेकर अनिश्चितता के कारण मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है, लेकिन ईरान अपने रुख पर कायम है और एक शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने ''पूरी तरह जीत हासिल'' होने तक लड़ाई जारी रखने का प्रण किया। ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस घटनाक्रम से अवगत एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सेना 82वीं 'एयरबोर्न डिवीजन' से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके। </p>
<p style="text-align:justify;">फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से फोन पर बातचीत की और ईरान से खाड़ी के देशों पर हो रहे "अस्वीकार्य हमलों" को रोकने, ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को संरक्षित करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने का आह्वान किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''मैंने ईरान से सद्भावनापूर्वक बातचीत में शामिल होने का आग्रह किया, ताकि तनाव कम करने का मार्ग प्रशस्त हो सके।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/576377/agreed-not-to-possess-nuclear-weapons----trump-speaks-amidst-west-asia-conflict--makes-major-claim-regarding-iran"><span class="t-red">परमाणु हथियार न रखने पर सहमत ....</span> पश्चिम एशिया युद्ध के बीच बोले ट्रंप, ईरान को लेकर किया बड़ा दावा</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576381/barrage-of-missiles-amidst-talks--iran-attacks-israel--kuwait--jordan--and-bahrain--refuses-dialogue</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576381/barrage-of-missiles-amidst-talks--iran-attacks-israel--kuwait--jordan--and-bahrain--refuses-dialogue</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 11:11:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परमाणु हथियार न रखने पर सहमत .... पश्चिम एशिया युद्ध के बीच बोले ट्रंप, ईरान को लेकर किया बड़ा दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में युद्ध में जीत का दावा करते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार कभी नहीं रखने पर सहमत हो गया है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी एक ''महत्वपूर्ण सौगात'' भेजी है। ट्रंप ने मंगलवार को 'ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि ईरान ''समझौता करने'' का इच्छुक है और उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, पश्चिम एशिया के मामलों के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576377/agreed-not-to-possess-nuclear-weapons----trump-speaks-amidst-west-asia-conflict--makes-major-claim-regarding-iran"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(34)11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में युद्ध में जीत का दावा करते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार कभी नहीं रखने पर सहमत हो गया है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी एक ''महत्वपूर्ण सौगात'' भेजी है। ट्रंप ने मंगलवार को 'ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि ईरान ''समझौता करने'' का इच्छुक है और उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, पश्चिम एशिया के मामलों के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के मौजूदा नेतृत्व में पहले ही बड़े बदलाव हो चुके हैं। उन्होंने कहा, ''असल में यह वही है, जिसे हम सत्ता परिवर्तन कह सकते हैं। आप जानते हैं कि यह सत्ता परिवर्तन है क्योंकि अब सत्ता में बैठे लोग उन लोगों से बिल्कुल अलग हैं, जिनके साथ हमने शुरुआत की थी और जिन्होंने वे सारी समस्याएं पैदा की थीं।''</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए मंगलवार को कहा था कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त कराने के लिए ''सार्थक और निर्णायक वार्ता'' की मध्यस्थता के लिए तैयार है। इसके कुछ घंटों बाद ट्रंप ने शरीफ की पोस्ट को अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर साझा किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने नए गृह मंत्री के रूप में मार्कवेन मुलिन के शपथ ग्रहण समारोह के बाद संवाददाताओं से कहा, ''मैं पहले से यह नहीं कहना चाहता लेकिन वे इस बात पर सहमत हो गए हैं कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं रखेंगे।'' ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेतृत्व ने होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल की आपूर्ति से जुड़ी एक ''महत्वपूर्ण सौगात'' अमेरिका को दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ''वे समझौता करने जा रहे हैं। उन्होंने कल कुछ ऐसा किया जो वास्तव में हैरान करने वाला था। उन्होंने हमें एक तोहफा दिया और वह तोहफा आज पहुंच गया। वह बहुत बड़ा तोहफा है जिसकी कीमत बहुत ज्यादा है।'' </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''मैं आपको यह नहीं बताऊंगा कि वह तोहफा क्या है, लेकिन वह बहुत बड़ी सौगात है।'' ट्रंप ने कहा, ''तो मेरे लिए उसका एक ही मतलब है कि हम सही लोगों से बातचीत कर रहे हैं। नहीं, यह (तोहफा) परमाणु हथियार से जुड़ा नहीं है। यह तेल और गैस से जुड़ा है।'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया गया है। ट्रंप ने कहा, ''हम इसे जीत चुके हैं। यह युद्ध जीता जा चुका है... ऐसा नहीं है कि हम कोई ऐसा युद्ध जीत रहे हैं जहां उनके पास नौसेना नहीं है और उनके पास वायुसेना नहीं है और उनके पास कुछ भी नहीं है। हमारे विमान वास्तव में तेहरान और देश के अन्य हिस्सों के ऊपर उड़ रहे हैं। वे इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते।'' </p>
<p style="text-align:justify;"><br />उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की उस परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया जिसका इस्तेमाल पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगियों के खिलाफ किया जा सकता था। ट्रंप ने कहा, ''हमने उसे तबाह कर दिया। उनकी परमाणु क्षमता को बिल्कुल तबाह कर दिया। अगर हमने (बी-2 बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल करते हुए) हमला नहीं किया होता तो उस हमले के दो हफ्ते बाद उनके पास परमाणु हथियार होता। वे निश्चित रूप से उसका इस्तेमाल करते और वे उसका इस्तेमाल इजराइल समेत पूरे पश्चिम एशिया में करते।'' </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि इतिहास में कभी भी किसी आधुनिक सेना को इतनी तेजी से और इस तरह पूरी तरह तबाह नहीं किया गया। हेगसेथ ने कहा, ''ईरान के पास आधुनिक सेना थी। उसके पास आधुनिक नौसेना, आधुनिक वायुसेना, आधुनिक हवाई रक्षा प्रणाली, नेतृत्व, विशाल बंकर था। इतिहास में पहले कभी किसी आधुनिक सेना को इतनी तेजी से और ऐतिहासिक तरीके से तबाह नहीं किया गया, किसी को पहले ही दिन भारी मारक क्षमता के साथ पराजित नहीं किया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/575858/no-fuel-shortage-in-thailand--imports-continue-normally-%E2%80%94-thai-pm-s-statement-amidst-west-asia-crisis"><span class="t-red">थाईलैंड में नहीं ईंधन की कोई कमी, </span>आयात सामान्य रूप से जारी; पश्चिम एशिया संकट के बीच थाई पीएम का बयान </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576377/agreed-not-to-possess-nuclear-weapons----trump-speaks-amidst-west-asia-conflict--makes-major-claim-regarding-iran</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 11:01:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Israel US Iran War: इजरायली पीएम नेतन्याहू का बड़ा बयान... &quot;ईरान दुनिया को ब्लैकमेल नहीं कर पाएगा, हम जीत रहे हैं!&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>Israel US Iran War: </strong>इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तीव्र जंग के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा और आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के महज 20 दिनों में ईरान की यूरेनियम संवर्धन और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।</p><p style="text-align:justify;">नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर ईरान के प्रमुख प्राकृतिक गैस फील्ड पर आगे के हमलों को रोकने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल ने हालिया गैस फील्ड हमले में अकेले ही कार्रवाई की थी।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>इजरायल के तीन</strong></h3>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575792/israel-us-iran-war--big-statement-by-israeli-pm-netanyahu----%22iran-will-not-be-able-to-blackmail-the-world--we-are-winning-%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(67)2.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Israel US Iran War: </strong>इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तीव्र जंग के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा और आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के महज 20 दिनों में ईरान की यूरेनियम संवर्धन और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।</p><p style="text-align:justify;">नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर ईरान के प्रमुख प्राकृतिक गैस फील्ड पर आगे के हमलों को रोकने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल ने हालिया गैस फील्ड हमले में अकेले ही कार्रवाई की थी।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>इजरायल के तीन बड़े लक्ष्य  </strong><br /></h3><p style="text-align:justify;">पीएम ने ऑपरेशन राइजिंग लायन (जिसे कुछ जगहों पर रोअरिंग लायन भी कहा जा रहा है) के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा:  <br />1. ईरान के परमाणु खतरे को जड़ से खत्म करना।  <br />2. बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरे को पूरी तरह समाप्त करना।  <br />3. ईरानी जनता के लिए ऐसे हालात बनाना, जिसमें वे अपनी आजादी हासिल कर सकें और अपना भविष्य खुद तय कर सकें।  </p><p style="text-align:justify;">उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान दशकों से बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम का इस्तेमाल दूर के ठिकानों पर हमले के लिए कर रहा है, और अगर इसे न रोका जाता तो यह सिर्फ शुरुआत होती।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>ईरान का ब्लैकमेलिंग का खेल नाकाम</strong></h3><p style="text-align:justify;">नेतन्याहू ने ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करके दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। यह कभी कामयाब नहीं होगा।" उन्होंने बताया कि इजरायल खुफिया जानकारी और अन्य तरीकों से अमेरिका के होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के प्रयासों में सहयोग कर रहा है।  </p><p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "कल्पना कीजिए, अगर अयातुल्ला शासन के पास परमाणु हथियारों से लैस बैलिस्टिक मिसाइलें होतीं, तो वे पूरी दुनिया को कैसे ब्लैकमेल करते!"</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>"मैं जिंदा हूं" – अफवाहों पर करारा जवाब</strong></h3><p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाहों के बीच नेतन्याहू ने मजाकिया अंदाज में कहा, "मैं जिंदा हूं और आप सब इसके गवाह हैं!" उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका और इजरायल की मजबूत साझेदारी की तारीफ की और कहा कि दोनों देश 'बेमिसाल ताकत' के साथ ईरान के खिलाफ काम कर रहे हैं।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>ईरान तबाह, इजरायल विजयी  </strong><br /></h3><p style="text-align:justify;">पीएम ने दावा किया, "हम जीत रहे हैं और ईरान तबाह हो रहा है।" उन्होंने बताया कि ईरान के मिसाइल-ड्रोन जखीरे, परमाणु ढांचे, हवाई रक्षा प्रणाली और नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है। "अभी भी बहुत कुछ बाकी है और हम उसे पूरा करेंगे," उन्होंने जोर देकर कहा।  </p><p style="text-align:justify;"><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 08:49:46 +0530</pubDate>
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