<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/113070/up-politics" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>UP Politics - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/113070/rss</link>
                <description>UP Politics RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Women's Reservation Bill पर सियासी घमासान तेज, सत्तारूढ़ दल का सपा-कांग्रेस पर तीखा प्रहार, विपक्ष भी लगातार हमलावर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः</strong> देश में 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमले तेज कर दिए हैं, जबकि विपक्षी दलों ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए उसे कटघरे में खड़ा किया है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा नेता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579137/women-s-reservation-bill--political-turmoil-intensifies-over-women-s-reservation-bill--ruling-party-launches-scathing-attack-on-sp-congress--opposition-continues-to-attack"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(94)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः</strong> देश में 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमले तेज कर दिए हैं, जबकि विपक्षी दलों ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए उसे कटघरे में खड़ा किया है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा नेता और राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार देर रात विधानभवन के सामने पहुंचकर सपा और कांग्रेस का झंडा जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। चूंकि अपर्णा समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मुलायम सिंह यादव की छोटी पुत्रवधू हैं, इसलिए भी उनके इस प्रतिरोध से सियासी पारा चढ़ गया। सपा ने उन पर तीखे तंज कसे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अपर्णा यादव ने विधानभवन के सामने 'पीटीआई-वीडियो' से बातचीत में कहा, ''विधेयक को लेकर विपक्ष ने जिस तरह का कृत्य किया है, नारी शक्ति इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।'' यादव ने कहा, ''2003 में भी यही हुआ और 2026 में भी यही हुआ, यह चाहते ही नहीं है कि विधेयक पारित हो और महिलाएं निकल कर आगे आएं।''</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा नेता ने कहा, ''इन दलों में जो लोग दुर्योधन और दु:शासन की तरह मानसिकता रखते हैं, इस काली रात में मैं इनके झंडे जलाकर नारी अस्मिता की ज्योति जलाने आई हूं।'' यादव ने कहा, ''अगर आज मैं चुप बैठ जाती तो मेरी अंतरात्मा मुझे कभी माफ नहीं करती, यह आधी आबादी की पीड़ा है। विपक्ष ने नारी शक्ति को कुचलने का काम किया है।''</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, सपा के पूर्व विधान परिषद सदस्य और प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में अपर्णा यादव का वीडियो साझा करते हुए कहा, ''कैकई, मंथरा और शकुनि की परंपरा के लोग कृष्ण वंशियों को ज्ञान ना दे। सब जानते-समझते हैं, इस नौटंकी और फ्रॉड गिरी को।''</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, समाजवादी पार्टी ने शनिवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के हवाले से कहा, ''हमारी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है। हमने कभी इसका विरोध नहीं किया बल्कि उन लोगों को रोका जो महिलाओं के अधिकार छीनना चाहते थे।''</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ''मोना'' ने पत्रकारों से संशोधन विधेयक गिरने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि महिला आरक्षण परिसीमन संविधान पर बहुत बड़ा प्रहार था, लेकिन इस जीत से संविधान की रक्षा हुई है। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, लेकिन ढाई साल पहले मंजूर हुए विधेयक की सरकार ने अधिसूचना तक जारी नहीं की।''</p>
<p style="text-align:justify;">मिश्रा ने सत्तारूढ़ दल की नीयत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सरकार अगर संसद में मौजूदा सीटों पर ही आरक्षण लागू कर दे तो पूरा विपक्ष इसके लिए तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''सदन में आज सिर्फ एक विधेयक नहीं गिरा…देश की आधी आबादी के सपनों, उम्मीदों और हक को कुचला गया है। नारी शक्ति इसका हिसाब जरूर लेगी।''</p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा में 'संविधान (131 वां) संशोधन विधेयक 2026' पर मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। विधेयक पर मत विभाजन में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विधेयक को पारित करने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत के हिसाब से 352 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579137/women-s-reservation-bill--political-turmoil-intensifies-over-women-s-reservation-bill--ruling-party-launches-scathing-attack-on-sp-congress--opposition-continues-to-attack</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/579137/women-s-reservation-bill--political-turmoil-intensifies-over-women-s-reservation-bill--ruling-party-launches-scathing-attack-on-sp-congress--opposition-continues-to-attack</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:01:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/muskan-dixit-%2894%291.png"                         length="1108684"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंद्रशेखर की पूर्व प्रेमिका सपा के साथ... 200 सभाओं की तैयारी, अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद छह मुद्दों पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, प्रदेश की राजनीति में उलट-पलट शुरू हो गया है। ताजा प्रकरण आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की पूर्व प्रेमिका डॉ. रोहिणी घावरी के समाजवादी पार्टी का दामन थामने का सामने आया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद प्रदेश की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, सपा से जुड़ने के बाद वह प्रदेश भर में करीब 200 जनसभाएं करने की तैयारी में हैं। इन सभाओं के जरिए पार्टी संगठन को मजबूत करने और खासतौर पर युवाओं व महिलाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578553/chandrashekhar-s-former-girlfriend-joins-sp----200-meetings-planned--consensus-reached-on-six-issues-after-meeting-akhilesh-yadav"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(14)5.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, प्रदेश की राजनीति में उलट-पलट शुरू हो गया है। ताजा प्रकरण आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की पूर्व प्रेमिका डॉ. रोहिणी घावरी के समाजवादी पार्टी का दामन थामने का सामने आया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद प्रदेश की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, सपा से जुड़ने के बाद वह प्रदेश भर में करीब 200 जनसभाएं करने की तैयारी में हैं। इन सभाओं के जरिए पार्टी संगठन को मजबूत करने और खासतौर पर युवाओं व महिलाओं तक पहुंच बनाने की रणनीति तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि सपा नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत में छह प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी है। इनमें प्रमुख रूप से सामाजिक न्याय और दलित-पिछड़ा वर्ग के अधिकार, महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, कानून-व्यवस्था का मुद्दा अंत में संविधान और आरक्षण की रक्षा के मुद्दे पर सहमति बनी है। मुलाकात के बाद उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता परेशान है और अब बदलाव की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578553/chandrashekhar-s-former-girlfriend-joins-sp----200-meetings-planned--consensus-reached-on-six-issues-after-meeting-akhilesh-yadav</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/578553/chandrashekhar-s-former-girlfriend-joins-sp----200-meetings-planned--consensus-reached-on-six-issues-after-meeting-akhilesh-yadav</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 11:52:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/muskan-dixit-%2814%295.png"                         length="868926"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ और अमेठी में लगाए गए 'धुरंधर' से प्रेरित पोस्टर, सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/अमेठीः</strong> उत्तर प्रदेश में अगले साल के शुरू में होने वाले विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले लखनऊ और अमेठी में कई जगहों पर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए, बॉलीवुड फ़िल्म 'धुरंधर' से प्रेरित पोस्टर और होर्डिंग लगाये गये हैं। इससे एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक कथित संगठन द्वारा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ अमेठी रेलवे स्टेशन परिसर सहित विभिन्न चौराहों पर होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें लिखा है ''आप को क्या चाहिए? अखिलेश का ल्यारी राज।''</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577804/posters-inspired-by--dhurandhar--have-been-put-up-in-lucknow-and-amethi--targeting-sp-chief-akhilesh-yadav"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(21)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/अमेठीः</strong> उत्तर प्रदेश में अगले साल के शुरू में होने वाले विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले लखनऊ और अमेठी में कई जगहों पर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए, बॉलीवुड फ़िल्म 'धुरंधर' से प्रेरित पोस्टर और होर्डिंग लगाये गये हैं। इससे एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक कथित संगठन द्वारा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ अमेठी रेलवे स्टेशन परिसर सहित विभिन्न चौराहों पर होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें लिखा है ''आप को क्या चाहिए? अखिलेश का ल्यारी राज।'' यहां 'ल्यारी' का संदर्भ पाकिस्तान के कराची शहर के उस इलाके से जोड़ा गया है जो कभी गैंगवार और हिंसा के लिए कुख्यात रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर' में भी इस इलाके का उल्लेख किया गया है। होर्डिंग में एक ओर अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में हुई कथित हिंसा और दंगों का जिक्र किया गया है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में माफिया और अपराधियों पर हुई कार्रवाई का विवरण दिया गया है। होर्डिंग पर 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक संगठन का नाम भी प्रमुखता से अंकित है, साथ ही संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष, महामंत्री और प्रतापगढ़ प्रभारी के नाम व फोटो भी लगाए गए हैं। इस बीच, सपा ने ऐसे पोस्टर लगाये जाने की निंदा की है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा के जिला प्रवक्ता, अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी सरकार की हताशा और निराशा का प्रमाण है। उन्होंने कहा, ''दीपक बुझने से पहले कई रूपों में नजर आता है। भारतीय जनता पार्टी का दीपक बुझने वाला है। भाजपा की सरकार को इस बात का एहसास हो चुका है कि अब उनकी वापसी नहीं होने वाली है इसलिए उनके वह तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। जनता सब समझती है।'' उधर, अमेठी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रवि सिंह ने कहा कि ऐसे पोस्टर लगाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम को भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/7s4ziuwhxlprjrnn.mp4" controls=""></video>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मेरठ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577804/posters-inspired-by--dhurandhar--have-been-put-up-in-lucknow-and-amethi--targeting-sp-chief-akhilesh-yadav</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/577804/posters-inspired-by--dhurandhar--have-been-put-up-in-lucknow-and-amethi--targeting-sp-chief-akhilesh-yadav</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 13:10:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/muskan-dixit-%2821%291.png"                         length="801228"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद : अनगिनत उपलब्धियां, फिर भी सभी सीटें जीतने का अरमान अधूरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विनोद श्रीवास्तव, मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> प्रदेश में भाजपा सरकार के बुधवार 18 मार्च को नौ साल पूरे हो गए। राजधानी से लेकर जिला मुख्यालय तक डबल इंजन की सरकार के नौ साल बेमिसाल, नव निर्माण के नौ साल उपलब्धियों का गुणगान सरीखे कार्यक्रम हुए। इसके बावजूद भाजपाइयों में एक टीस जरूर है। वह यह कि उनका जिले में विधानसभा की सभी छह सीटें और लोकसभा सीट जीतने का अरमान अब तक अधूरा है।</p>
<p>वर्तमान में जिले के राजनीतिक परिदृश्य पर नजर डालें तो केवल दो सीटें मुरादाबाद नगर और कुंदरकी (उप चुनाव में जीत) में ही कमल खिला। शेष चार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575982/moradabad-countless-achievements-yet-the-desire-to-win-all-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/492.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विनोद श्रीवास्तव, मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> प्रदेश में भाजपा सरकार के बुधवार 18 मार्च को नौ साल पूरे हो गए। राजधानी से लेकर जिला मुख्यालय तक डबल इंजन की सरकार के नौ साल बेमिसाल, नव निर्माण के नौ साल उपलब्धियों का गुणगान सरीखे कार्यक्रम हुए। इसके बावजूद भाजपाइयों में एक टीस जरूर है। वह यह कि उनका जिले में विधानसभा की सभी छह सीटें और लोकसभा सीट जीतने का अरमान अब तक अधूरा है।</p>
<p>वर्तमान में जिले के राजनीतिक परिदृश्य पर नजर डालें तो केवल दो सीटें मुरादाबाद नगर और कुंदरकी (उप चुनाव में जीत) में ही कमल खिला। शेष चार विधानसभाओं में सपा के विधायक हैं। मुरादाबाद लोकसभा सीट पर भी सपा का कब्जा है। ऐसे में डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी जिले और मंडल में पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता न मिल पाने की टीस पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में कहीं न कहीं है, यह गाहे बगाहे झलक भी जाता है। यह सवाल उस समय भी और भी प्रासंगिक है जब 18 मार्च को प्रदेश सरकार के नौ साल के कार्यकाल पूरे होने पर योजनाओं, परियोजनाओं के माध्यम से 18 उपलब्धियां गिनाई जा रही हैं, केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का पारदर्शिता के साथ जिले की जनता को भी लाभ मिल रहा है। सरकार के कार्यकाल को अब एक साल बचा है। विधानसभा चुनाव अगले साल प्रस्तावित है इसलिए अब भाजपा को सभी छह सीटों पर जीत के लिए पूरा जोर लगाने की जरूरत है। उन सभी वजहों और समीकरणों की नये सिरे से समीक्षा कर पूरी ताकत और एकजुटता के साथ 2027 के विधानसभा की चुनावी रणभूमि में उतरने पर ही वह जिले में विरोधियों खासकर सपा के विजय रथ को रोकने में सौ फीसदी कामयाब हो सकेगी। क्योंकि विधानसभा की कई सीटों और लोकसभा की सीट पर हार की वजह केवल डेमोग्राफिकल (जनसांख्यिकीय) नहीं हो सकती है, भाजपा के रणनीतिकारों को इसके असल अन्य कारकों को भी समय रहते ढूंढना होगा, जिससे जिले में सपा की राजनीति को संजीवनी मिलती है।</p>
<p><strong>विधानसभा सीटें और उन पर निर्वाचित विधायक</strong><br />- मुरादाबाद नगर भाजपा रितेश गुप्ता<br />- मुरादाबाद ग्रामीण सपा नासिर कुरैशी</p>
<p>- कुंदरकी भाजपा रामवीर सिंह (उपचुनाव में जीते)</p>
<p>- बिलारी सपा मोहम्मद फहीम इरफान<br />- ठाकुरद्वारा सपा नवाब जान खां</p>
<p>- कांठ सपा कमाल अख्तर<br />- मुरादाबाद लोकसभा सीट- सपा- कुंवरानी रुचि वीरा</p>
<p><strong>जिले में प्रदेश सरकार द्वारा कराए महत्वपूर्ण विकास कार्य</strong></p>
<p>- विश्वविद्यालय- 169.58 करोड़ रुपये की लागत से गुरु जम्भेश्वर राज्य विवि का निर्माण<br />- मुरादाबाद एयरपोर्ट: जिले की देश व प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से एयर कनेक्टिविटी के लिए भदासना में एयरपोर्ट का निर्माण, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री ने 10 मार्च 2024 को किया<br />- अटल आवासीय विद्यालय:: पीपली बिलारी में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों, कोरोना काल में निराश्रि बच्चों और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के लिए पात्रों के लिए कक्षा 6 से 12 तक मंडलीय अटल आवासीय विद्यालय का लोकार्पण पिछले साल 6 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया<br />- संविधान साहित्य पार्क और हनुमान वाटिका- बुद्धि विहार में 16 करोड़ रुपये की लागत से संविधान साहित्य पार्क का निर्माण। यहीं पर 6 करोड़ रुपये की लागत से हनुमान वाटिका का निर्माण। इन दोनों का लोकार्पण 6 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री ने किया था।<br />- ड्राई पोर्ट/कार्गो टर्मिनल: शराफ ग्रुप ने प्रदेश में लाजिस्टिक सुविधाओं के लिए राज्य सरकार के साथ 1250 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए। पहले चरण में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से दो लाजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का विकास। इससे लगभग 400 को रोजगार मिलेगा।<br />- वार मेमोरियल: बुद्धि विहार में 31 करोड़ रुपये से वार मेमोरियल (त्रिशूल रक्षा संग्रहालय) निर्माणाधीनइसके अलावा भी विकास की अनगिनत जनकल्याणकारी योजनाओं और परियोजनाओं को लागू किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575982/moradabad-countless-achievements-yet-the-desire-to-win-all-the</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/575982/moradabad-countless-achievements-yet-the-desire-to-win-all-the</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 09:06:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/492.jpg"                         length="1443930"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सवर्णों के साथ सर्वजन समीकरण साधने की कवायद में बसपा, मायावती ने तैयार किया मिशन 2027</title>
                                    <description><![CDATA[2007 की तरह सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के नारे पर बढ़ रही बसपा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570532/bsp--mayawati--has-prepared-mission-2027-to-achieve-a-universal-equation-with-the-upper-castes"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/मायावती.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पद्माकर पांडेय, लखनऊ, अमृत विचार: </strong>वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी प्रमुख मायावती एक बार फिर 2007 के चुनाव में कारगर रहे “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के नारे के साथ मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रही हैं। इस क्रम में कोर वोट बैंक के साथ सवर्ण और अन्य वर्गों को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">मायावती ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव में अधिक समय शेष नहीं है, ऐसे में सभी जिम्मेदार नेता अपने-अपने जाति संवर्ग के मतदाताओं के बीच पहुंचें, बैठकें करें और बड़े स्तर पर रैलियों के जरिए पार्टी की विचारधारा को मजबूती से रखें।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">बसपा नेतृत्व का मानना है कि यदि दलित-पिछड़े वर्ग के साथ ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य वर्गों को साथ लाने में सफलता मिलती है तो 2027 में सत्ता की चाबी फिर बसपा के हाथ में आ सकती है। उक्त क्रम में ही पार्टी के अंदर संगठनात्मक जिम्मेदारियों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को एक बार फिर ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का आकलन है कि मौजूदा सरकार की नीतियों से ब्राह्मण समाज में असंतोष है, जिसे बसपा अपने पक्ष में ला सकती है, इसकी कोशिश करनी चाहिए।</span></p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को पिछड़ा वर्ग की सभी जातियों से संवाद स्थापित कर सपा के पीडीए फार्मूले को कमजोर करने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, पार्टी के एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह को क्षत्रिय समाज को पार्टी से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">मुस्लिम मतदाताओं को लेकर बसपा ने फिलहाल पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन सोशल इंजीनियरिंग के तहत कई जिलों में मुस्लिम नेताओं को पार्टी से जोड़े जाने का सिलसिला जारी है। माना जा रहा है जल्द ही मुस्लिम मतदाताओं के लिए कोई बड़ा चेहरा पार्टी में उतारा जाएगा। हालांकि कांग्रेस का दामन छोड़ चुके पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दकी के अलावा अन्य तमाम मुस्लिम नेताओं का स्पष्ट रूख बसपा की ओर फिलहाल नहीं है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570532/bsp--mayawati--has-prepared-mission-2027-to-achieve-a-universal-equation-with-the-upper-castes</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/570532/bsp--mayawati--has-prepared-mission-2027-to-achieve-a-universal-equation-with-the-upper-castes</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 09:52:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-04/%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A5%80.jpg"                         length="91211"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में कांग्रेस को बड़ा झटका : सीनियर लीडर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में सियासी जमीन मजबूत करने में जुटी कांग्रेस को शनिवार को बड़ा झटका लगा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को अपना इस्तीफा प्रेषित किया है।</p>
<p>इस्तीफे को उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य में कांग्रेस के लिए एक बड़े सियासी झटके के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568950/major-setback-for-congress-in-uttar-pradesh--senior-leader-naseemuddin-siddiqui-resigns-from-primary-membership"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats297.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में सियासी जमीन मजबूत करने में जुटी कांग्रेस को शनिवार को बड़ा झटका लगा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को अपना इस्तीफा प्रेषित किया है।</p>
<p>इस्तीफे को उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य में कांग्रेस के लिए एक बड़े सियासी झटके के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय उन्हें मनाने के लिए उनके आवास पर जा सकते हैं। फिलहाल पार्टी के वरिष्ठ नेता सिद्दीकी से संपर्क साधने और उन्हें मनाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।</p>
<p>नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपने इस्तीफे के पत्र में किसी स्पष्ट वजह का उल्लेख नहीं किया है। लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे लंबे समय से शीर्ष नेतृत्व से नाराज चल रहे थे और खुद को पार्टी में साइडलाइन महसूस कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने कई समर्थकों के साथ कांग्रेस से इस्तीफा दिया है।</p>
<p>अपने बयान में उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में अपने सभी साथियों के साथ इसलिए शामिल हुए थे कि जातिवाद और संप्रदायवाद के साथ हो रहे अन्याय की लड़ाई लड़ी जा सके लेकिन कांग्रेस में रह कर वह यह लड़ाई नहीं लड़ पा रहे हैं।</p>
<p>नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी से कोई शिकायत नहीं है लेकिन जिस काम के लिए वह पार्टी में आए थे वह नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके साथ इस्तीफा देने वाले सभी लोगों से मशविरा किया जा रहा है। जिस तरफ सहमति बनेगी उसी दल के साथ मिलकर आगे जनता की लड़ाई लड़ी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568950/major-setback-for-congress-in-uttar-pradesh--senior-leader-naseemuddin-siddiqui-resigns-from-primary-membership</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/568950/major-setback-for-congress-in-uttar-pradesh--senior-leader-naseemuddin-siddiqui-resigns-from-primary-membership</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 15:56:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/cats297.jpg"                         length="224849"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा ने आज के दिन ही ज्वॉइन की थी भाजपा... और आज ही तलाक का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी राजनीतिक फैमिली 'सैफई परिवार' से एक बार फिर रिश्तों में कड़वाहट की खबर आम है। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने पत्नी अपर्णा यादव से तलाक का ऐलान कर दिया है। अपर्णा यादव यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। ठीक चार साल पहले आज ही के दिन 19 जूनवरी 2022 को अपर्णा भाजपा में शामिल हुईं थी। भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ दिल्ली जाकर उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(83)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (83)" width="1200" height="720" /></p>
<p style="text-align:justify;">अपर्णा के भाजपा में शामिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568293/mulayam-singh-yadav-s-daughter-in-law-aparna-had-joined-bjp-on-this-day-and-today-also-announced-her-divorce"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(80)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी राजनीतिक फैमिली 'सैफई परिवार' से एक बार फिर रिश्तों में कड़वाहट की खबर आम है। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने पत्नी अपर्णा यादव से तलाक का ऐलान कर दिया है। अपर्णा यादव यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। ठीक चार साल पहले आज ही के दिन 19 जूनवरी 2022 को अपर्णा भाजपा में शामिल हुईं थी। भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के साथ दिल्ली जाकर उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(83)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (83)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अपर्णा के भाजपा में शामिल होने के चार साल पूरे होने के दिन, उनके पति प्रतीक यादव की एक एक पोस्ट ने सबको हैरान कर दिया है। प्रतीक ने अपर्णा पर अपने स्वार्थ के लिए परिवार में फूट डालने का आरोप लगाते हुए अलग होने का इरादा जाहिर किया है। प्रतीक की अलगाव वाली इस पोस्ट पर फिलहाल अभी तक अपर्णा की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इस खबर ने राज्य के सियासी हलके में हलचल जरूर बढ़ा दी है। </p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ में जिम चलाते हैं प्रतीक </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव राजनीति से दूर हैं। लखनऊ में 'आयरन कोर फिट' नाम से उनका जिम है। अपर्णा और प्रतीक स्कूल के दिनों से करीब हैं। चार दिसंबर 2011 को दोनों का विवाह हुआ था। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(81)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (81)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>19 जनवरी का संयोग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने 19 जनवरी 2022 को जब दिल्ली जाकर भाजपा ज्वॉइन की थी। तब इस खबर ने यूपी की राजनीति में हलचल मचा दी थी। प्रतीक यादव के बड़े भाई और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लेकर सैफई परिवार तक, सबके सब अपर्णा के इस कदम से अवाक रह गए थे। हालांकि तब से अपर्णा लगातार भाजपा के लिए काम कर रही हैं और पार्टी ने उन्हें राज्य महिला आयोग के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप रखी है। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(80)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (80)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>यूपी की सबसे हाईप्रोफाइल थी शादी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी उस साल यूपी की सबसे हाईप्रोफाइल शादी थी। मुलायम सिंह यादव ने सैफई में शानदार आयोजन कराया था। शादी में अमिताभ बच्चन, अनिल अंबानी जैसी हस्तियां पहुंची थीं। लखनऊ से लेकर सैफई तक जश्न का माहौल था। लेकिन अब इस शादी के 15 वर्ष बाद रिश्ते में दरार उभरकर सामने आ गई है। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(84)3.png" alt="MUSKAN DIXIT (84)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>हाई-प्रोफाइल थी शादी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अपर्णा यादव और प्रतीक की शादी एक हाई-प्रोफाइल शादी थी। इस शादी में मुलायम सिंह यादव ने जबर्दस्त शक्ति प्रदर्शन किया था। उस समय शादी समारोह में भाग लेने अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अनिल अंबानी जैसे वीवीआईपी पहुंचे थे। लखनऊ से सैफई तक इस शादी का जश्न मना था। प्रतीक यादव हमेशा से फिटनेस फ्रीक रहे हैं। बॉडी बिल्डिंग और रियल एस्टेट क्षेत्र में उन्होंने काम किया। इसको लेकर उन्होंने इसी क्षेत्र में कदम बढ़ाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568293/mulayam-singh-yadav-s-daughter-in-law-aparna-had-joined-bjp-on-this-day-and-today-also-announced-her-divorce</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/568293/mulayam-singh-yadav-s-daughter-in-law-aparna-had-joined-bjp-on-this-day-and-today-also-announced-her-divorce</guid>
                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 14:31:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-%2880%293.png"                         length="799969"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश यादव के भाई प्रतीक ने अपर्णा यादव से तलाक लेने का किया ऐलान, पोस्ट में कही ये बड़ी बात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया है। इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए प्रतीक ने कहा कि, ''मैं जल्द ही इस स्वार्थी महिला से तलाक लेने जा रहा हूं, जिसने अपने स्वार्थ के लिए मेरा परिवार तोड़ा।'' </p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/DTrkawQjE__/?igsh=MTU3cTJzNmVuMmpseQ==">https://www.instagram.com/p/DTrkawQjE__/?igsh=MTU3cTJzNmVuMmpseQ==</a></strong></blockquote>
<p>
//&gt;&lt;!--

//--&gt;&lt;!</p>
<p>प्रतीक यादव ने पोस्ट में लिखा कि "उसने मशहूर होने और प्रभाव के लिए ये सब किया। अभी मेरी मानसिक स्थिति काफी खराब है और इसका कारण वही हैं। मेरा दुर्भाग्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568266/span-classt-red-akhilesh-yadavs-brother-pratik-announced-divorce-from-aparna"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(73)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया है। इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए प्रतीक ने कहा कि, ''मैं जल्द ही इस स्वार्थी महिला से तलाक लेने जा रहा हूं, जिसने अपने स्वार्थ के लिए मेरा परिवार तोड़ा।'' </p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/DTrkawQjE__/?igsh=MTU3cTJzNmVuMmpseQ==">https://www.instagram.com/p/DTrkawQjE__/?igsh=MTU3cTJzNmVuMmpseQ==</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<p>प्रतीक यादव ने पोस्ट में लिखा कि "उसने मशहूर होने और प्रभाव के लिए ये सब किया। अभी मेरी मानसिक स्थिति काफी खराब है और इसका कारण वही हैं। मेरा दुर्भाग्य है कि मैंने इस महिला से विवाह किया।"</p>
<p>अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव कारोबारी हैं। वह फिटनेस क्षेत्र में काम करते हैं। उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ज्वॉइन कर ली थी। </p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपर्णा यादव के करीबी संबंध रहे हैं। अपर्णा के भाजपा में शामिल होने से सपा प्रमुख अखिलेश यादव असहज थे। </p>
<p>हालांकि प्रतीक और अपर्णा के रिश्तों में कोई फर्क सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया। लेकिन इतने समय बाद प्रतीक यादव की पोस्ट ने सनसनी फैला दी है। प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव पर उनके यानी मुलायम परिवार फूट डालने का आरोप लगाते हुए अलग होने का इरादा जाहिर कर दिया है। </p>
<h3><strong>अपर्णा और प्रतीक यादव की शादी कब हुई थी? </strong></h3>
<p>प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी साल 2011 में हुई थी। उस समय मुलायम सिंह यादव परिवार पूरी तरह एकजुट था और समाजवादी पार्टी में कोई बड़ा टकराव नहीं दिखता था। मुलायम सिंह यादव स्वयं इस शादी के दौरान मौजूद थे और समारोह को काफी भव्य रूप दिया गया था।</p>
<p>यह शादी उस दौर की सबसे चर्चित शादियों में से एक थी, जिसमें बॉलीवुड के दिग्गज अमिताभ बच्चन समेत देश की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। सैफई और लखनऊ में आयोजित इस भव्य विवाह समारोह ने पूरे उत्तर प्रदेश में सुर्खियां बटोरी थीं।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/DR2b3goDFUd/?utm_source=ig_web_button_share_sheet">https://www.instagram.com/p/DR2b3goDFUd/?utm_source=ig_web_button_share_sheet</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<h3><strong>अब रिश्तों में आई दरार </strong></h3>
<p>बीते कुछ वर्षों से दोनों के बीच मतभेद की खबरें आती रही हैं। हाल ही में 4 दिसंबर 2025 को अपर्णा यादव के जन्मदिन पर प्रतीक उनके साथ नजर आए थे, लेकिन अब प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम पोस्ट में अपर्णा पर लगाए गए गंभीर आरोपों और तलाक का ऐलान कर दिया है। प्रतीक ने पोस्ट में अपर्णा को "स्वार्थी" और "परिवार बर्बाद करने वाली" करार देते हुए तलाक की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।</p>
<p>यह घटना मुलायम परिवार में राजनीतिक और निजी स्तर पर गहरी खाई को एक बार फिर उजागर कर रही है, जहां पहले एकता की मिसाल दी जाती थी। अभी तक अपर्णा यादव की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568266/span-classt-red-akhilesh-yadavs-brother-pratik-announced-divorce-from-aparna</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/568266/span-classt-red-akhilesh-yadavs-brother-pratik-announced-divorce-from-aparna</guid>
                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 12:01:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-%2873%293.png"                         length="944909"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा पर अखिलेश यादव का तीखा तंज, बोले- सरकार मनरेगा को खत्म करने की 'गोपनीय साजिश'  बना रही</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने की कोशिश इस प्रमुख ग्रामीण रोजगार योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की एक "गोपनीय साजिश" रची गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पिछले संसदीय सत्र में पारित नया कानून - विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन -ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) अधिनियम, 2025, मनरेगा की जगह ले रहा है। इस नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी दी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566698/akhilesh-yadav-takes-a-dig-at-bjp--says-government-is-hatching-a--secret-conspiracy--to-end-mnrega"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/अखिलेश-यादव-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने की कोशिश इस प्रमुख ग्रामीण रोजगार योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की एक "गोपनीय साजिश" रची गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पिछले संसदीय सत्र में पारित नया कानून - विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन -ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) अधिनियम, 2025, मनरेगा की जगह ले रहा है। इस नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई है। इसका ध्यान बुनियादी ढांचे और परिसंपत्तियों के निर्माण पर है, जिसमें तकनीक का उपयोग, मजदूरी के लिए केंद्र-राज्य के बीच 60:40 का नया वित्तीय अनुपात, पारदर्शिता (बायोमेट्रिक/जियो-टैगिंग) और पीएम गति शक्ति जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों से ग्रामीण कार्यों को जोड़ने का प्रावधान है।</p>
<p style="text-align:justify;">सपा अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा एक सरकारी योजना थी, जो ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों के अकुशल मजदूरी कार्य की कानूनी गारंटी देती थी। इसका उद्देश्य आजीविका सुरक्षा बढ़ाना और सड़कों, तालाबों और जल संरक्षण संरचनाओं जैसे ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण करना था। यह न्यूनतम मजदूरी, पुरुष-महिला को समान वेतन और 15 दिनों के भीतर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता सुनिश्चित करती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर एक बयान पोस्ट करते हुए कहा कि मनरेगा का नाम बदलने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि यह भाजपा की उस मंशा को दर्शाता है जिसके तहत इस योजना को गुपचुप तरीके से खत्म करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा, "मनरेगा का नाम बदलने से कुछ नहीं बदलेगा। असल में यह मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की भाजपा की गुप्त साजिश है।"</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कई तरीकों से इस योजना को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, "एक तरफ भाजपा सरकार लगातार मनरेगा का बजट घटा रही है, दूसरी तरफ उसने राज्यों पर ऐसा वित्तीय दबाव बना दिया है कि केंद्र से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे में देरी और कमी के कारण पहले से खाली खजाने वाले राज्य यह सोचने को मजबूर हैं कि अतिरिक्त धन कहां से लाएं।"</p>
<p style="text-align:justify;">यादव ने दावा किया कि इससे राज्य अंततः इस योजना को सीमित करने या छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने सैकड़ों ग्राम सभाओं को 'शहरी श्रेणी' में डालकर मनरेगा को एक और झटका दिया है, जिससे वे ग्रामीण रोजगार निधि से वंचित हो गई हैं। उन्होंने कहा, "कई ग्राम सभाओं को शहरी श्रेणी में डालकर भाजपा सरकार ने उनका मनरेगा बजट भी छीन लिया है।"</p>
<p style="text-align:justify;">यादव ने कहा, "भाजपा का असली लक्ष्य सिर्फ मनरेगा का नाम बदलना नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह 'राम-राम' कह देना है।" भाजपा की प्राथमिकताओं पर तंज कसते हुए उन्होंने जोड़ा, "भाजपा अपने अलावा किसी और का पेट भरते देख नहीं सकती।" विपक्षी दल लंबे समय से केंद्र पर मनरेगा के लिए अपर्याप्त बजट आवंटन और मजदूरी भुगतान में देरी के आरोप लगाते रहे हैं, हालांकि सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है और कहती है कि आवंटन मांग-आधारित है तथा आवश्यकता के अनुसार धन जारी किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मुद्दे को गरीबों के अधिकारों से जुड़ी बड़ी लड़ाई बताते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा, "आज के गरीबों को भाजपा की जरूरत नहीं है।" उन्होंने संकेत दिया कि आगामी चुनावों से पहले मनरेगा और कल्याणकारी खर्च विपक्ष के हमलों का प्रमुख मुद्दा बने रहेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566698/akhilesh-yadav-takes-a-dig-at-bjp--says-government-is-hatching-a--secret-conspiracy--to-end-mnrega</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566698/akhilesh-yadav-takes-a-dig-at-bjp--says-government-is-hatching-a--secret-conspiracy--to-end-mnrega</guid>
                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 15:10:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-11/%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5-%282%29.jpg"                         length="117317"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अखिलेश का भाजपा पर तीखा हमला, बोले- एसआईआर के जरिए भाजपा करा रही एनआरसी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा का बुनियादी चरित्र लोकतंत्र विरोधी है। भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। ये जो एसआईआर हो रहा है, यही एनआरसी है। एनआरसी का कार्य गृहमंत्रालय से होता है, लेकिन सरकार निर्वाचन आयोग से एसआईआर के जरिए एनआरसी का कार्य करा रही है।</span></p>
<p>सपा प्रमुख सोमवार को पार्टी मुख्यालय में विभिन्न जिलों से नव वर्ष की बधाई देने आये कार्यकर्ताओं, नेताओं, नौजवानों, प्रबुद्ध समाज के लोगों, डॉक्टरों, प्रोफेसरों, साधु-संतों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा नकारात्मक विचारों का प्रतिनिधित्व करती है। भाजपा सरकार जनता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566464/akhilesh-launches-scathing-attack-on-bjp--says-bjp-is-conducting-nrc-through-sir"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/अखिलेश-यादव-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा का बुनियादी चरित्र लोकतंत्र विरोधी है। भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। ये जो एसआईआर हो रहा है, यही एनआरसी है। एनआरसी का कार्य गृहमंत्रालय से होता है, लेकिन सरकार निर्वाचन आयोग से एसआईआर के जरिए एनआरसी का कार्य करा रही है।</span></p>
<p>सपा प्रमुख सोमवार को पार्टी मुख्यालय में विभिन्न जिलों से नव वर्ष की बधाई देने आये कार्यकर्ताओं, नेताओं, नौजवानों, प्रबुद्ध समाज के लोगों, डॉक्टरों, प्रोफेसरों, साधु-संतों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा नकारात्मक विचारों का प्रतिनिधित्व करती है। भाजपा सरकार जनता को हमेशा परेशानी में बनाए रखना चाहती है। जब से भाजपा सरकार सत्ता में आयी है, जनता को लाइनों में लगा रखा है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने कहा कि सपा संविधान के मार्ग पर चलती है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण चुनाव है। कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों, नौजवानों, महिलाओं, व्यापारियों सभी को धोखा दिया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566464/akhilesh-launches-scathing-attack-on-bjp--says-bjp-is-conducting-nrc-through-sir</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566464/akhilesh-launches-scathing-attack-on-bjp--says-bjp-is-conducting-nrc-through-sir</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 08:59:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5-%281%29.jpg"                         length="68775"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत के लिए फिर भाजपा सरकार जरूरी: पंकज चौधरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ/गोरखपुर, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि वर्ष 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर वर्ष 2027 में प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। गोरखपुर पहुंचने पर सोमवार को पार्टी पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत पंकज चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ता मेरे लिए सर्वोपरि हैं और संगठन ही हमारी असली पहचान है।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर आयोजित स्वागत एवं अभिनंदन समारोह और गोरखपुर क्षेत्र</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566460/bjp-government-is-necessary-again-for-a-developed-india--pankaj-chaudhary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(2)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ/गोरखपुर, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि वर्ष 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर वर्ष 2027 में प्रदेश में फिर से भाजपा सरकार बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। गोरखपुर पहुंचने पर सोमवार को पार्टी पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत पंकज चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ता मेरे लिए सर्वोपरि हैं और संगठन ही हमारी असली पहचान है।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर आयोजित स्वागत एवं अभिनंदन समारोह और गोरखपुर क्षेत्र की बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे पूरा करने के लिए सशक्त और समृद्ध उत्तर प्रदेश जरूरी है, जो केवल भाजपा सरकार में ही संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 2017 से भी बड़ी जीत दिलाने के लिए अभी से जुट जाएं।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इससे पूर्व गुरु गोरखनाथ एयरपोर्ट से लेकर शहर के विभिन्न स्थानों तक ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और नारों के बीच प्रदेश अध्यक्ष का ऐतिहासिक स्वागत किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया।</span></p>
<h3><strong>बाबा गोरखनाथ का लिया आशीर्वाद</strong></h3>
<p>भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गोरखपुर प्रवास के दौरान सोमवार को बाबा गोरखनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा के दौरान उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, संगठन की मजबूती और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि की कामना की।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>गोरखपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566460/bjp-government-is-necessary-again-for-a-developed-india--pankaj-chaudhary</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566460/bjp-government-is-necessary-again-for-a-developed-india--pankaj-chaudhary</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 08:40:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-%282%293.png"                         length="1297754"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी की सियासत में अखिलेश का 'बाटी-चोखा' दांव: PDA फॉर्मूला पास होगा या फेल? मिशन 2027 से पहले ब्राह्मणों पर SP की नजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ: </strong>उत्तर प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां नए साल के साथ ही तेज हो गई हैं। भले ही 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर हों, लेकिन पार्टियां अभी से रणनीतियां बुनने में जुट गई हैं। हाल ही में भाजपा की ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने सुर्खियां बटोरीं, जिसे पार्टी ने साधारण सहभोज बताया था, लेकिन अब समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक अनोखे आयोजन से जवाबी हमला किया है, जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।</p>
<p>नए साल के पहले दिन लखनऊ में सपा मुख्यालय पर 'बाटी-चोखा' का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। ठंडी धूप में अलग-अलग वर्गों के लोग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566090/akhilesh-yadav-s--baati-chokha--bet-in-up-politics--will-the-pda-formula-succeed-or-fail--the-sp-is-eyeing-brahmins-ahead-of-mission-2027"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(43)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ: </strong>उत्तर प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां नए साल के साथ ही तेज हो गई हैं। भले ही 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर हों, लेकिन पार्टियां अभी से रणनीतियां बुनने में जुट गई हैं। हाल ही में भाजपा की ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने सुर्खियां बटोरीं, जिसे पार्टी ने साधारण सहभोज बताया था, लेकिन अब समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक अनोखे आयोजन से जवाबी हमला किया है, जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।</p>
<p>नए साल के पहले दिन लखनऊ में सपा मुख्यालय पर 'बाटी-चोखा' का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। ठंडी धूप में अलग-अलग वर्गों के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां कार्यकर्ताओं से लेकर आम नागरिकों तक को पारंपरिक व्यंजन परोसा गया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कार्यक्रम सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि भाजपा पर निशाना साधने का एक तरीका था। सपा लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि भाजपा में आंतरिक कलह है, खासकर ब्राह्मण नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से काफी नाराज हैं, जिसकी वजह से अलग-अलग बैठकें हो रही हैं।</p>
<h3><strong>शिवपाल यादव की भाजपा नेताओं से सीधी अपील</strong></h3>
<p>सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने तो भाजपा के नेताओं को सीधा न्योता दे दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा में जाति के नाम पर राजनीति हो रही है, इसलिए ब्राह्मण समाज एसपी में शामिल हो, जहां उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा।</p>
<h3><strong>क्या कहते हैं यूपी में जाति के आंकड़े?</strong></h3>
<p>यूपी की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा अहम रहे हैं। 2022 विधानसभा चुनावों के आंकड़ों से पता चलता है कि ब्राह्मणों के करीब 89% और ठाकुरों के 87% वोट भाजपा गठबंधन को मिले, जबकि यादवों के 83% और मुस्लिमों के 79% वोट एसपी गठबंधन के पक्ष में गए। भाजपा संगठन में ब्राह्मणों का अच्छा प्रतिनिधित्व है – 46 विधायक, 7 मंत्री, एक उप मुख्यमंत्री, दो उपाध्यक्ष और 19 जिलाध्यक्ष। राज्य की आबादी में ओबीसी 40-41%, दलित 20-21% और ब्राह्मण करीब 10% हैं, लेकिन 12 जिलों में उनकी हिस्सेदारी 15% से ज्यादा है और 60 से अधिक सीटों पर वे निर्णायक भूमिका निभाते हैं। आपको बता दें कि यूपी को अब तक 6 ब्राह्मण मुख्यमंत्री मिल चुके हैं।</p>
<p>2024 लोकसभा चुनावों में भी ऊपरी जातियों का 79% वोट एनडीए को गया, जबकि यादवों का 82% इंडिया गठबंधन को। ये आंकड़े बताते हैं कि 2027 में जातीय गणित फिर से चुनावी रणनीति का केंद्र बनेगा।</p>
<h3><strong>बयानबाजी का दौर</strong></h3>
<p>इस बीच, नेताओं के बयानों से माहौल और गर्म है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा यूपी में हार मान चुकी है और 2027 में सपा की सरकार बनेगी। जवाब में भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि अखिलेश को अपने विधायकों के टूटने का डर है। एसपी प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने भाजपा विधायकों पर तंज कसा कि वे हालात से त्रस्त होकर रोते फिर रहे हैं। मंत्री ओपी राजभर ने एनडीए का बचाव करते हुए कहा कि जनता अब भी उनके साथ है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा पर हमला बोला कि वह अपने विधायकों को नोटिस थमाती है, जबकि कांग्रेस ऐसी राजनीति से दूर है।</p>
<p>सपा का यह कदम उसके PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को मजबूत करने की कोशिश लगता है, लेकिन क्या यह ब्राह्मणों को लुभा पाएगा? मिशन 2027 से पहले की यह जंग दिलचस्प मोड़ ले रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566090/akhilesh-yadav-s--baati-chokha--bet-in-up-politics--will-the-pda-formula-succeed-or-fail--the-sp-is-eyeing-brahmins-ahead-of-mission-2027</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566090/akhilesh-yadav-s--baati-chokha--bet-in-up-politics--will-the-pda-formula-succeed-or-fail--the-sp-is-eyeing-brahmins-ahead-of-mission-2027</guid>
                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 13:01:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-%2843%291.png"                         length="893601"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        