<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/114712/kinnar-akhara" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>Kinnar Akhara - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/114712/rss</link>
                <description>Kinnar Akhara RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद में अहंकार काफी है और ज्ञान शून्य, माघ मेले में हुए विवाद पर बोलीं ममता कुलकर्णी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>माघ मेला इन दिनों अपने धार्मिक महत्व के साथ-साथ विवादों और बयानों को लेकर भी सुर्खियों में है। साधु-संतों के आचरण, परंपराओं और अधिकारों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी ने एक न्यूज एजेंसी से बात की। उन्होंने अपने आध्यात्मिक जीवन के साथ-साथ माघ मेले से जुड़े ताजा विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। </p>
<p style="text-align:justify;">ममता कुलकर्णी ने माघ मेले में शामिल न होने को लेकर कहा, ''मेरा जीवन अब पूरी तरह साधना और तप में समर्पित है। मैं पिछले 25 साल से तप कर रही हूं। रोजाना गंगा जल से स्नान करती हूं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569031/swami-avimukteshwaranand-has-a-lot-of-ego-and-zero-knowledge--said-mamta-kulkarni-on-the-controversy-at-the-magh-mela"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/mamta.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>माघ मेला इन दिनों अपने धार्मिक महत्व के साथ-साथ विवादों और बयानों को लेकर भी सुर्खियों में है। साधु-संतों के आचरण, परंपराओं और अधिकारों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी ने एक न्यूज एजेंसी से बात की। उन्होंने अपने आध्यात्मिक जीवन के साथ-साथ माघ मेले से जुड़े ताजा विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। </p>
<p style="text-align:justify;">ममता कुलकर्णी ने माघ मेले में शामिल न होने को लेकर कहा, ''मेरा जीवन अब पूरी तरह साधना और तप में समर्पित है। मैं पिछले 25 साल से तप कर रही हूं। रोजाना गंगा जल से स्नान करती हूं और उसके बाद ही पूजा-पाठ करती हूं। इस समय गुप्त नवरात्र चल रही हैं और नवरात्र के दौरान मैं कहीं भी बाहर नहीं जाती। इसी वजह से मैं माघ मेले में नहीं पहुंच सकी।'' </p>
<p style="text-align:justify;">इंटरव्यू के दौरान जब उनसे माघ मेले में पालकी रोके जाने के विरोध में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के धरने पर सवाल पूछा गया तो ममता कुलकर्णी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ''इस पूरे मामले में शंकराचार्य की वजह से उनके शिष्यों को लात-घूंसे खाने पड़े। अगर स्नान ही करना था, तो पालकी से उतरकर पैदल जाकर स्नान किया जा सकता था। गुरु होने का अर्थ जिम्मेदारी से भरा आचरण होता है, न कि ऐसी जिद, जिसकी कीमत शिष्यों को चुकानी पड़े।''</p>
<p style="text-align:justify;">ममता कुलकर्णी ने कहा, ''कानून सबके लिए समान है, चाहे वह राजा हो या रंक, गुरु हो या शिष्य। केवल चार वेद कंठस्थ कर लेने से कोई शंकराचार्य नहीं बन जाता। उनमें काफी अहंकार है और आत्मज्ञान शून्य है।'' 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी से संगम स्नान के लिए निकले थे। उनके साथ करीब 200 शिष्य मौजूद थे। मेला प्रशासन ने भारी भीड़ का हवाला देते हुए संगम स्नान पर रोक लगा दी और पैदल जाकर स्नान करने की बात कही।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन का कहना था कि पालकी के साथ आगे बढ़ने से भगदड़ की स्थिति बन सकती थी। हालांकि शंकराचार्य पालकी से ही संगम के पास तक जाना चाहते थे, इसी बात को लेकर प्रशासन और शंकराचार्य के बीच करीब तीन घंटे तक टकराव चला। तीन घंटे की बातचीत के बाद भी जब सहमति नहीं बनी, तो पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए शिष्यों को एक-एक कर वहां से हटाया। </p>
<p style="text-align:justify;">शंकराचार्य पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने साधु-संतों और बटुकों के साथ मारपीट और अभद्रता की। प्रशासन ने बैरिकेडिंग तोड़ने और अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया। इसके बाद से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले पांच दिनों से अपने शिविर के बाहर पालकी पर धरना दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569031/swami-avimukteshwaranand-has-a-lot-of-ego-and-zero-knowledge--said-mamta-kulkarni-on-the-controversy-at-the-magh-mela</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/569031/swami-avimukteshwaranand-has-a-lot-of-ego-and-zero-knowledge--said-mamta-kulkarni-on-the-controversy-at-the-magh-mela</guid>
                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 13:25:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/mamta.jpg"                         length="282444"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mamta Kulkarni: ममता कुलकर्णी की वो अनसुनी कहानियां जिसे जानकर रह जाएंगे हैरान, पढ़िये एक नजर में...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> 90 के दशक की मशहूर अदाकार ममता कुलकर्णी इन दिनों फिर से चर्चा में हैं। इसकी वजह है यूपी के प्रयागराज में 13 जनवरी से चल रहे महाकुंभ में उनका संन्यास लेना और किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया जाना व फिर हटाए जाना। बता दें कि प्रयागराज कुंभ में किन्नर अखाड़े द्वारा महामंडलेश्वर का पद दिए जाने के बाद से ममता कुलकर्णी यामाई ममता नंद गिरि बन गईं थी, लेकिन विरोध होने के बाद अखाड़े ने इन्हें निष्कासित करते हुए महामंडलेश्वर पद से हटा दिया।  </p>
<h5><strong>तो आइए जानते हैं उनके जीवन के इस दिलचस्प सफर...</strong></h5>
<p>ममता कुलकर्णी की कुल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/520088/mamta-kulkarni--you-will-be-surprised-to-know-the-unheard-stories-of-mamta-kulkarni--read-at-a-glance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/ममता-कुलकर्णी2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> 90 के दशक की मशहूर अदाकार ममता कुलकर्णी इन दिनों फिर से चर्चा में हैं। इसकी वजह है यूपी के प्रयागराज में 13 जनवरी से चल रहे महाकुंभ में उनका संन्यास लेना और किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया जाना व फिर हटाए जाना। बता दें कि प्रयागराज कुंभ में किन्नर अखाड़े द्वारा महामंडलेश्वर का पद दिए जाने के बाद से ममता कुलकर्णी यामाई ममता नंद गिरि बन गईं थी, लेकिन विरोध होने के बाद अखाड़े ने इन्हें निष्कासित करते हुए महामंडलेश्वर पद से हटा दिया।  </p>
<h5><strong>तो आइए जानते हैं उनके जीवन के इस दिलचस्प सफर...</strong></h5>
<p>ममता कुलकर्णी की कुल संपत्ति लगभग 10 मिलियन डॉलर (करीब 85 करोड़ रुपये) के आसपास आंकी गई है। बॉलीवुड से दूरी बनाने के बावजूद उनकी संपत्ति ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखा। 2000 के दशक की शुरुआत में ममता ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को छोड़ दिया था और उसके बाद लाइमलाइट से दूर रहीं, लेकिन उनकी संपत्ति आज भी उनकी सफलता की कहानी बयान करती है।</p>
<h5><strong>विवादों और कानूनी चुनौतियों का सामना</strong></h5>
<p>ममता कुलकर्णी का जीवन हमेशा विवादों और कानूनी चुनौतियों से भरा रहा है। 2015 में ड्रग्स केस में उनका नाम आने के बाद वह कानूनी पचड़ों में फंस गई थीं। इन घटनाओं ने उनके जीवन को एक नया मोड़ दिया और वो अध्यात्म की ओर अग्रसर हो गईं।</p>
<h5><strong>90 के दशक की हिट अदाकारा</strong></h5>
<p>ममता कुलकर्णी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1992 में फिल्म ‘तिरंगा’ से की थी, जिसमें उन्होंने नाना पाटेकर के साथ अभिनय किया था। इसके बाद ‘अशांत’, ‘आशिक आवारा’ और ‘वक़्त हमारा है’ जैसी हिट फिल्मों में उनके अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड में खास पहचान दिलाई। 90 के दशक में ममता कुलकर्णी की लोकप्रियता चरम पर थी और उन्होंने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई।</p>
<h5><em><strong>आध्यात्मिकता की ओर रुझान</strong></em></h5>
<p>बॉलीवुड को अलविदा कहने के बाद ममता कुलकर्णी ने अध्यात्म को अपनाया। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान उनके सन्यास लेने और महामंडलेश्वर की उपाधि प्राप्त करने की खबर ने सभी को चौंका दिया। लेकिन विरोध के बाद किन्नर अखाड़े ने निष्कासित करते हुए पद हटा दिया। ममता कुलकर्णी की जिंदगी एक उदाहरण है कि कैसे जीवन की मुश्किलों से बाहर निकलकर एक नया रास्ता अपनाया जा सकता है। उनकी यात्रा ने यह साबित कर दिया कि हर चुनौती के बाद एक नई शुरुआत हो सकती है।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/DFXXWXFh-Lg/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==">https://www.instagram.com/reel/DFXXWXFh-Lg/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MzRlODBiNWFlZA==</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/520016/maha-kumbh-2025--amrit-bath-of-akharas-started-on-basant-panchami--flower-shower-was-done-from-helicopter#gsc.tab=0">महाकुंभ में बसं</a></strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/520016/maha-kumbh-2025--amrit-bath-of-akharas-started-on-basant-panchami--flower-shower-was-done-from-helicopter#gsc.tab=0">त पंचमी पर तीन अखाड़ों का 'अमृत स्नान' खत्म, जानिए अबतक कितने श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/520088/mamta-kulkarni--you-will-be-surprised-to-know-the-unheard-stories-of-mamta-kulkarni--read-at-a-glance</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/520088/mamta-kulkarni--you-will-be-surprised-to-know-the-unheard-stories-of-mamta-kulkarni--read-at-a-glance</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Feb 2025 12:29:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/%E0%A4%AE%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3%E0%A5%802.jpg"                         length="113711"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ममता कुलकर्णी और लक्ष्‍मी त्र‍िपाठी को किन्नर अखाड़े ने किया निष्कासित, महामंडलेश्वर के पद से भी हटाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज।</strong> अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को किन्नड़ अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया है। इसके अलावा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी आचार्य महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया गया है। इन दोनों को अखाड़े से भी निष्कासित कर दिया गया है। यह कार्रवाई किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने की है।</p>
<p>अजय दास ने शुक्रवार को कहा कि जल्द ही नए आचार्य महामंडलेश्वर की घोषणा की जाएगी। यह निर्णय अखाड़े के आंतरिक मतभेदों और अनुशासनात्मक कारणों के चलते लिया गया है। बताया जा रहा है कि मामता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद से अखाड़े में गुटबाजी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519490/mamta-kulkarni-and-laxmi-tripathi-expelled-by-kinnar-akhara--also-removed-from-the-post-of-mahamandaleshwar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/cats562.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज।</strong> अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को किन्नड़ अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया है। इसके अलावा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी आचार्य महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया गया है। इन दोनों को अखाड़े से भी निष्कासित कर दिया गया है। यह कार्रवाई किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने की है।</p>
<p>अजय दास ने शुक्रवार को कहा कि जल्द ही नए आचार्य महामंडलेश्वर की घोषणा की जाएगी। यह निर्णय अखाड़े के आंतरिक मतभेदों और अनुशासनात्मक कारणों के चलते लिया गया है। बताया जा रहा है कि मामता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद से अखाड़े में गुटबाजी और आंतरिक विवाद बढ़ रहे थे, जिसके चलते यह कठोर निर्णय लेना पड़ा।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">ममता कुलकर्णी को बड़ा झटका, अखाड़े से निष्कासित<br /><br />आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी को भी किया किन्नर अखाड़े से निष्कासित<br /><br />लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी | <a href="https://twitter.com/hashtag/mamtakulkarni?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#mamtakulkarni</a> | <a href="https://twitter.com/hashtag/KinnerAkhara?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#KinnerAkhara</a> <a href="https://t.co/vym9i9fPL9">pic.twitter.com/vym9i9fPL9</a></p>
— Amrit Vichar (@AmritVichar) <a href="https://twitter.com/AmritVichar/status/1885249285899325708?ref_src=twsrc%5Etfw">January 31, 2025</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>गौरतलब है कि लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ही अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाया था, लेकिन अब दोनों को अखाड़े से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इस फैसले के बाद किन्नर अखाड़े में नई रणनीति बनाई जा रही है और जल्द ही नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।</p>
<p>किन्नर अखाड़ा 2016 में स्थापित किया गया था और तब से यह लगातार धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अखाड़े के इस आंतरिक बदलाव को लेकर संत समाज और किन्नर अखाड़े के अनुयायियों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/519413/prayagraj-news--police-station-in-charge-mixed-ash-in-the-food-of-the-bhandara--dcp-suspended-him-after-the-video-went-viral#gsc.tab=0">Prayagraj News: थाना प्रभारी ने भंडारे के भोजन में मिलाया राख, वीडियो वायरल होने पर DCP ने किया निलंबित</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/519490/mamta-kulkarni-and-laxmi-tripathi-expelled-by-kinnar-akhara--also-removed-from-the-post-of-mahamandaleshwar</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/519490/mamta-kulkarni-and-laxmi-tripathi-expelled-by-kinnar-akhara--also-removed-from-the-post-of-mahamandaleshwar</guid>
                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 15:00:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/cats562.jpg"                         length="222030"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mahakumbh 2025: किन्नरों का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे श्रद्धालु, अखाड़े में उमड़ी भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महाकुंभ नगर, अमृत विचारः </strong>इस बार का महाकुंभ न सिर्फ एतिहासिक है बल्कि काफी खास भी है। महाकुंभ में किन्नर अखाड़े में लगातार भारी संख्या में श्रद्धालु आशीर्वाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। किन्नरों के लिए भी इस बार का महाकुंभ बहुत ही खास है क्योंकि किन्नर वर्ग के लिए दस साल पहले ‘अखाड़ा’ पंजीकृत कराने के दौरान समुदाय को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन उनका आशीर्वाद लेने पहुंची रही श्रद्धालुओं की भीड़ ने उम्मीद जगाई है कि आखिरकार समाज उन्हें स्वीकार करेगा। आपको बता दें कि इस बार तीन हजार से अधिक किन्नर इस समय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/517692/mahakumbh-2025-devotees-arriving-to-take-blessings-of-eunuchs-crowd"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/महाकुंभ-में-लगेगी-योगी-सरकार-की-कैबिनेट-बैठक,-पर्यटन-से-जुड़े-कई-प्रस्तावों-को-मिलेगी-मंजूरी-(1).png" alt=""></a><br /><p><strong>महाकुंभ नगर, अमृत विचारः </strong>इस बार का महाकुंभ न सिर्फ एतिहासिक है बल्कि काफी खास भी है। महाकुंभ में किन्नर अखाड़े में लगातार भारी संख्या में श्रद्धालु आशीर्वाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। किन्नरों के लिए भी इस बार का महाकुंभ बहुत ही खास है क्योंकि किन्नर वर्ग के लिए दस साल पहले ‘अखाड़ा’ पंजीकृत कराने के दौरान समुदाय को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन उनका आशीर्वाद लेने पहुंची रही श्रद्धालुओं की भीड़ ने उम्मीद जगाई है कि आखिरकार समाज उन्हें स्वीकार करेगा। आपको बता दें कि इस बार तीन हजार से अधिक किन्नर इस समय अखाड़े में रह रहे हैं और संगम में डुबकी लगा रहे हैं। इनमें अधिकांश ऐसे हैं जिनके परिवार वालों ने उनका साथ छोड़ दिया था। </p>
<p>किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर पवित्रा नंदन गिरि ने बताया कि समाज ने हमेशा किन्नरों का तिरस्कार किया है। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा से हीन भावना से देखा जाता रहा है। जब हमने अपने लिए अखाड़ा पंजीकृत कराना चाहा, तो हमारे धर्म को लेकर सवाल उठाए गए। हमसे पूछा गया कि हमें इसकी क्या जरूरत है? विरोध के बावजूद, हमने 10 साल पहले इसे पंजीकृत कराया और यह हमारा पहला महाकुम्भ है। अखाड़े ऐसी संस्थाएं हैं, जो विशिष्ट आध्यात्मिक परंपराओं और प्रथाओं के तहत संतों (तपस्वियों) को एक साथ लाती हैं। </p>
<p>"किन्नरों को मिल रही सामान इज्जत"<br />पवित्रा नंदन गिरि ने आगे कहा कि आज हम भी संगम में डुबकी लगा सकते हैं, अन्य अखाड़ों की तरह शोभा यात्रा निकाल सकते हैं और अनुष्ठान कर सकते हैं। अखाड़े में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और हमारा आशीर्वाद लेने के लिए लंबी कतार लग रही है। उम्मीद है कि समाज में भी हमें स्वीकारा जाएगा। नर्सिंग स्नातक कर चुकी गिरि ने कहा कि जैसा कि कई ट्रांसजेंडर लोगों के साथ होता है उसी तरह उनके परिवार ने भी उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए जीवन कठिन है। बचपन में मैं अपने भाई-बहनों के साथ खेलती थी, इस बात से अनजान कि मैं उनमें से नहीं हूं। एक बार जब मुझे पता चला तो सभी ने मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे मैं हीन या अछूत हूं। मैंने अपनी शिक्षा भी पूरी की, लेकिन फिर भी भेदभाव का दंश झेलना पड़ा। अखिल भारतीय किन्नर अखाड़ा महाकुम्भ में 14वां अखाड़ा है। </p>
<p>13 अखाड़ों को तीन समूहों में किया विभाजित </p>
<p>महाकुम्भ में 13 अखाड़ों को तीन समूहों में विभाजित किया गया है, संन्यासी (शैव), बैरागी (वैष्णव) और उदासीन। प्रत्येक अखाड़े को कुछ अनुष्ठानों के लिए विशिष्ट समय दिया जाता है। जूना अखाड़ा 13 अखाड़ों में सबसे पुराना और सबसे बड़ा है। महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि महाकुम्भ में उनके साथ अन्य संतों जैसा ही व्यवहार किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रार्थना में भाग ले रहे है, भजन गा रहे हैं और यज्ञ कर रहे हैं। लोग हमसे एक रुपये के सिक्के लेने के लिए कतार में खड़े हैं। जब कोई किन्नर आशीर्वाद देता है तो इसे शुभ माना जाता है। हालांकि यह बात सभी लोग जानते हैं फिर भी समाज हमें स्वीकार करने से कतराता है। अखाड़े ने अब आध्यात्मिकता के हमारे अधिकार को पुख्ता कर दिया है।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/517692/mahakumbh-2025-devotees-arriving-to-take-blessings-of-eunuchs-crowd</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/517692/mahakumbh-2025-devotees-arriving-to-take-blessings-of-eunuchs-crowd</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 14:14:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AD-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95%2C-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%88-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%281%29.png"                         length="1325880"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज: किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान को नकारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने आज आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि अपने अस्तित्व को पाकर सभी को रहना चाहिए, क्योंकि अस्तित्व पर ही लोगों का भविष्य स्थिर होता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान सनातन धर्म से संबंधित जो साक्ष्य मिल रहे हैं उसे झुठलाया नहीं जा सकता है क्योंकि आक्रांताओं ने सनातन धर्म के मंदिर, मठ, घरों को सबसे ज्यादा क्षति पहुंचाई है। उसको भुलाया और झुठलाया नहीं जा सकता है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512996/acharya-mahamandaleshwar-of-prayagraj-kinnar-akhara-rejected-the-statement-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/demo-image-v---2024-12-24t182623.707.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने आज आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि अपने अस्तित्व को पाकर सभी को रहना चाहिए, क्योंकि अस्तित्व पर ही लोगों का भविष्य स्थिर होता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान सनातन धर्म से संबंधित जो साक्ष्य मिल रहे हैं उसे झुठलाया नहीं जा सकता है क्योंकि आक्रांताओं ने सनातन धर्म के मंदिर, मठ, घरों को सबसे ज्यादा क्षति पहुंचाई है। उसको भुलाया और झुठलाया नहीं जा सकता है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने कहा कि आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत को कुछ भी बोलने से पहले सोचना चाहिए क्योंकि जो उत्खनन हो रहा है उसे सरकार नहीं बल्कि न्यायालय के आदेश पर किया जा रहा है। ऐसे में इस तरह के मामलों में बोलने से बचना चाहिए। </p>
<p>आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि आज के परिवेश में सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन की जरूरत है क्योंकि सनातन धर्म आदि काल से चला आ रहा है। जो बहुत झंझावातों से गुजरा है, लेकिन वह आज भी पहले की ही तरह चल रहा है और चलता रहेगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/512911/swami-jitendrananda-defended-the-rss-chief--said--the-country-is-currently-not-in-a-position-to-bear-a-civil-war">स्वामी जितेंद्रानंद ने किया संघ प्रमुख का बचाव, कहा- देश फिलहाल गृह युद्ध झेलने की स्थिति में नहीं है</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/512996/acharya-mahamandaleshwar-of-prayagraj-kinnar-akhara-rejected-the-statement-of</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/512996/acharya-mahamandaleshwar-of-prayagraj-kinnar-akhara-rejected-the-statement-of</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Dec 2024 18:27:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/demo-image-v---2024-12-24t182623.707.jpg"                         length="150732"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prayagraj News : किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर पहुंचे प्रयागराज, हुआ भव्य स्वागत </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार</strong>: किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज दिल्ली से चलकर गुरूवार को प्रयागराज पहुंचे। उनका। भव्य स्वागत और अभिनन्दन किया गया। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि महाकुंभ में शिविर लगाने के लिए वह प्रयागराज पहुंची है। मेला प्रशासन के द्वारा जमीन आवंटित किए जाने के बाद से शिविर लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस बार महाकुंभ में देश के कोने-कोने और कई देशों के बड़ी संख्या में शिष्य आ रहे हैं जो दीक्षा लेकर अलग-अलग पद धारण करेंगे। उन्होंने बताया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/507413/prayagraj-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/किन्नर-अखाडा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार</strong>: किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज दिल्ली से चलकर गुरूवार को प्रयागराज पहुंचे। उनका। भव्य स्वागत और अभिनन्दन किया गया। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि महाकुंभ में शिविर लगाने के लिए वह प्रयागराज पहुंची है। मेला प्रशासन के द्वारा जमीन आवंटित किए जाने के बाद से शिविर लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस बार महाकुंभ में देश के कोने-कोने और कई देशों के बड़ी संख्या में शिष्य आ रहे हैं जो दीक्षा लेकर अलग-अलग पद धारण करेंगे। उन्होंने बताया कि महाकुंभ का जिस तरह से केन्द्र और प्रदेश सरकार देश और विदेश में प्रचार कर रही है और मेला क्षेत्र में सुविधाएं व्यापक स्तर पर मुहैया करा रही है उससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्नानार्थी तीर्थराज प्रयागराज आ रहे हैं।</p>
<p>आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि शिविर के लिए भूमि पूजन और ध्वजारोहण 23 नवंबर शनिवार को होगा। इस दौरान अखाड़े के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिष्य शामिल होंगे। इसके पूर्व किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज के प्रयागराज पहुंचने पर उप्र किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य और उप्र किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि (टीना मा)सहित बड़ी संख्या में शिष्यगण शामिल हुए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-<a href="https://www.amritvichar.com/article/507409/pratapgarh-news#gsc.tab=0">Pratapgarh News : फरियादी के सामने मालिश करा रहा थानेदार,शुरू हुई जांच</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/507413/prayagraj-news</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/507413/prayagraj-news</guid>
                <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 19:36:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-11/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BE.jpg"                         length="395699"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Maha Kumbh 2025 : मलेशिया, थाईलैंड व बैंकाक सहित अन्य देशों में होगा किन्नर अखाड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[महाकुंभ में होंगे दीक्षित : आचार्य महामंडलेश्वर डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/504282/there-will-be-kinnar-akhara-in-other-countries-including-malaysia"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/किन्नर-अखाड़ा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार:</strong> किन्नर अखाड़ा का अब विस्तार कई देशों में होने जा रहा है। इसकी व्यापक स्तर पर तैयारियां किन्नर अखाड़ा में शुरू कर दी गयी है। इन देशों के 200 से ज्यादा ट्रांसजेंडर महाकुंभ के दौरान किन्नर अखाड़ा में शामिल होकर दीक्षित होंगे और इसके बाद उनके देशो में किन्नर अखाड़ा का विस्तार शुरू होगा और पदाधिकारी बनाये जायेंगे। </p>
<p>यह जानकारी किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने आज सिविल लाइंस में दिया। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज महाकुंभ में जूना अखाड़ा के नगर प्रवेश के दौरान बड़ी संख्या में किन्नर अखाड़ा के पदाधिकारियों और शिष्यों सहित शामिल हुए थे। जूना अखाड़ा के जूनागढ़ के जगद्गुरु शंकराचार्य गुजरात पीठाधीश्वर स्वामी महेन्द्रनंद गिरि महराज और जूना अखाड़ा की जूनागढ़ की महामंडलेश्वर स्वामी जय अम्बे गिरि महराज के साथ सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर विस्तार से चर्चा किया। </p>
<p>किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि देश के करीब सभी प्रदेशों में किन्नर अखाड़ा का गठन हो चुका है। सभी प्रदेशों में जगदगुरू,महामंडलेश्वर, मण्डलेश्वर, महंत, पीठाधीश्वर, श्रीमहंत सहित अन्य पदाधिकारी बनाये जा चुके है। उन्होंने बताया कि मलेशिया, थाईलैंड, बैंकाक, सिंगापुर, यूएसए, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस सहित अन्य देशों के दो सौ से अधिक ट्रांसजेंडर संपर्क में हैं। वह चाहते हैं कि किन्नर अखाड़ा का गठन विदेश में हो। इस पर निर्णय लिया है कि तीर्थराज प्रयागराज के महाकुंभ में सभी ट्रांसजेंडरों को बुलाया जा रहा है उनको पहले किन्नर अखाड़ा में दीक्षित किया जा रहा है और महाकुम्भ के बाद सभी देशों में किन्नर अखाड़ा का गठन किया जाएगा।</p>
<p>आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किन्नर संत, महात्मा लगे हुए है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में जो लोग सनातन धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में चले गये थे वह लोग अब सनातन धर्म में फिर से वापस आ रहे हैं। उनका स्वागत किया जा रहा है जो जिस योग्य है उसको किन्नर अखाड़ा में पद सहित अन्य जिम्मेदारी भी दी जा रही है। इससे सनातन धर्म का प्रचार, प्रसार होगा और युवा पीढ़ी को सनातन धर्म के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी।</p>
<p>इस दौरान जूनागढ़ के जगद्गुरु शंकराचार्य गुजरात पीठाधीश्वर स्वामी महेन्द्रनंद गिरि महराज और जूना अखाड़ा की जूनागढ़ की महामंडलेश्वर स्वामी जय अम्बे गिरि महराज ने किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी द्वारा सनातन धर्म के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/504271/atms-full-of-notes-are-inviting-miscreants-there-are-no#gsc.tab=0">Barabanki News : लावारिश पड़े एटीएम बूथ, भगवान भरोसे सुरक्षा व्यवस्था</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/504282/there-will-be-kinnar-akhara-in-other-countries-including-malaysia</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/504282/there-will-be-kinnar-akhara-in-other-countries-including-malaysia</guid>
                <pubDate>Tue, 05 Nov 2024 19:40:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-11/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE.jpg"                         length="340195"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prayagraj News : यहूदी ईशा बेंजामिन किन्नर अखाड़ा में बनेगी महंत</title>
                                    <description><![CDATA[सनातन धर्म को मजबूत करना है : जगद्गुरु शांडिल्य महराज ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/504018/prayagraj-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/किन्रर-अखाड़ा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार: </strong>किन्नर अखाड़ा का घर वापसी अभियान व्यापक स्तर पर जारी है। मुम्बई की 45 वर्षीय यहूदी ट्रांसजेंडर ईशा बेंजामिन किन्नर अखाड़ा में शामिल हो गयी है। उनको तीर्थराज प्रयागराज के महाकुंभ में किन्नर अखाड़ा में महंत के पद पर पट्टाभिषेक कर महंत बनाया जाएगा। ईशा के पिता यहूदी और माता हिन्दू थी । ईशा पोस्ट ग्रेजुएट हैं। वह अमेरिकन बैंक एफआईएस कंपनी में कार्यरत हैं। ईश का कहना है कि माता के हिन्दू होने की वजह से सनातन धर्म की ओर शुरू से झुकाव था।</p>
<p>सनातन धर्म के बारे में मां से बहुत कुछ सीखा और जाना था। ईशा ने बताया कि वह करीब तीन वर्ष से किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज के संपर्क में आयी है तब से सनातन धर्म के बारे में बहुत कुछ जानकारी हुई है और सीख भी रही हूं। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में आकर उसको मजबूत करते हुए प्रचार प्रसार करना है। सभी नियमों को मानना है। किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज का कहना है कि ईशा शिक्षित हैं। वह सनातन धर्म के बारे में बहुत कुछ जानती है। ऐसे में   ईशा के सनातन धर्म में आने से सनातन धर्म को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में ईशा बेंजामिन को किन्नर अखाड़ा का महंत बनाया जाएगा।</p>
<p>जगद्गुरु स्वामी नारायणाचार्य शांडिल्य जी महराज श्रृंगवेरपुर धाम ने किन्नर अखाड़ा की पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि आज सनातन धर्म को मजबूती और प्रचार प्रसार की जरूरत है इसके लिए किन्नर अखाड़ा की पहल सराहनीय और प्रशंसनीय है। जगद्गुरु स्वामी शांडिल्य जी महराज ने बताया कि किन्नर अखाड़ा सनातन धर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है जो प्रशंसनीय है। इस दौरान उप्र किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य और उप्र किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि (टीना मां), महामंडलेश्वर स्वामी पवित्रा नंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी गायत्री नंद गिरि, समाजसेवी राजीव कुमार मिश्र, प्रधानाचार्य डा हरिप्रकाश यादव सहित अन्य प्रमुख लोग थे।</p>
<p><em><strong>यह भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/504016/barabanki-news#gsc.tab=0">Barabanki News : यातायात माह शुरु, निकाली गई जागरुकता रैली </a></span></strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/504018/prayagraj-news</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/504018/prayagraj-news</guid>
                <pubDate>Mon, 04 Nov 2024 18:25:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-11/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE.jpg"                         length="401453"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Maha Kumbh 2025 :जूना अखाड़ा, किन्नर अखाड़ा ने धूमधाम से किया नगर प्रवेश </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार</strong>:  संगमनगरी में जनवरी 2025 से शुरू होने वाले महाकुंभ महापर्व के लिए जूना अखाड़ा और किन्नर अखाड़ा ने रविवार को बड़े धूमधाम से नगर प्रवेश किया। इस दौरान देश और विदेश से आए बड़ी संख्या में संत, महात्मा और किन्नर संतों ने प्रयागराज में नगर प्रवेश किया। श्री दूधेश्वर पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाडा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व हिंदू यूनाइटिड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाकुंभ महापर्व तीन नवंबर से फरवरी तक चलेगा जिसमें देश - विदेश से लाखों संत व करोडों भक्त भाग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/503777/maha-kumbh-2025"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/अखाड़ा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार</strong>:  संगमनगरी में जनवरी 2025 से शुरू होने वाले महाकुंभ महापर्व के लिए जूना अखाड़ा और किन्नर अखाड़ा ने रविवार को बड़े धूमधाम से नगर प्रवेश किया। इस दौरान देश और विदेश से आए बड़ी संख्या में संत, महात्मा और किन्नर संतों ने प्रयागराज में नगर प्रवेश किया। श्री दूधेश्वर पीठाधीश्वर, श्री पंच दशनाम जूना अखाडा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व हिंदू यूनाइटिड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि महाकुंभ महापर्व तीन नवंबर से फरवरी तक चलेगा जिसमें देश - विदेश से लाखों संत व करोडों भक्त भाग लेंगे।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-11/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AD-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C-2025.jpg" alt="महाकुम्भ प्रयागराज 2025" width="1280" height="720"></img><br />जूना अखाड़ा के साथ किन्नर संतों ने रामपुर से धूमधाम से शहर में प्रवेश किया। इसके पूर्व महाकुंभ के एडीएम डा विवेक चतुर्वेदी ने सभी संत, महात्माओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कुंभ महापर्व के दौरान किसी प्रकार का कोई विघ्न न आए और किसी को कोई परेशानी ना हो, इसके लिए रविवार को श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संतों ने आश्रम में शनिदेव, यमुना व धर्मराज का पूजन विधि विधान से किया। नगर प्रवेश यात्रा रामापुर से धूमधाम से शुरू होकर श्री मौजगिरिश्री पंच दशनाम अखाडे तक देर शाम को पहुंची जहां पर संतों का पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत, अभिनंदन हुआ। </p>
<p>जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के दिशा निर्देशन में नगर प्रवेश यात्रा में शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती महराज काशी,<br /> रमता पंच, श्री पंच, श्री पंच दशनाम जूना अखाडा, जूना अखाडा, अखाडा परिषद समेत सभी अखाडों के संत शामिल हुए। जगदगुरू शंकराचार्य गुजरात पीठाधीश्वर महेंद्रानंद गिरि महाराज, श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज, पूर्व सभापति श्रीमहंत उमा भारती महाराज, श्रीमहंत पृथ्वी गिरि महाराज, श्रीमहंत केदारपुरी महाराज, श्रीमहत सिद्धेश्वर यति महाराज, श्रीमहंत प्रेम भारती महाराज, जगद्गुरु भुवनेश्वरी नंद गिरी पटियाला पंजाब, महामंडलेश्वर जय अम्बे गिरी जूनागढ,श्रीमहंत शांति गिरि महाराज, श्रीमहंत राम गिरि महराज, श्रीमहंत सिद्धेश्वर गिरि महाराज, श्रीमहंत धनंजय गिरि महाराज, श्रीमहंत मुकुंद पुरी महाराज, श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि महाराज, श्रीमहंत महेश पुरी महाराज, श्रीमहंत गणपत गिरि महाराज, थानापति धीरज गिरि महाराज, थानापति रवि गिरि महाराज, थानापति मनोज गिरि महाराज, थानापति मुन्ना गिरि महाराज, थानापति कुशपुरी महाराज, रमतापंच के श्रीमहंत निरजंन भारती, श्रीमहंत रामचंद्र गिरि महाराज, श्रीमहंत द्धिजपुरी महाराज, श्रीमहंत मोहन गिरि महाराज, महंत कमल भारती महाराज, महंत तीरथ गिरि महराज, महंत योगदानंद गिरि महाराज, महामंडलेश्वर विद्या चेतन सरस्वती महाराज और  मेले का पूरा प्रबंधन सचिव मोहन भारती महाराज की देखरेख में होगा।</p>
<p>जूना अखाड़ा के नगर आगमन के साथ किन्नर संतों ने भी नगर प्रवेश किया। इस दौरान किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी डा लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज, महाकुंभ प्रभारी किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष एवं उप्र किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि (टीना मां), महामंडलेश्वर पवित्रा नंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी गायत्री नंद, महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी अरकंटक महाराज, स्वामी दुर्गा दास महराज सहित बड़ी संख्या में संत, शिष्य शामिल हुए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/503768/wrestlers-showed-tricks-in-two-day-virat-dangal#gsc.tab=0">दो दिवसीय विराट दंगल में पहलवानों ने दिखाए दांव-पेंच : पहले दिन के मुकाबलें में कई जिलों से पहुंचे नामी पहलवान </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/503777/maha-kumbh-2025</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/503777/maha-kumbh-2025</guid>
                <pubDate>Sun, 03 Nov 2024 18:02:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-11/%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE.jpg"                         length="393287"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prayagraj News : कौशल्यानंद गिरि बनी किन्नर अखाड़ा की महाकुंभ प्रभारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, प्रयागराज : </strong>किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने तीर्थराज प्रयागराज में जनवरी -2025 में लगने वाले महाकुंभ की तैयारियों के लिए किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष और उप्र किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि (टीना) मां को प्रभारी मनोनीत किया है, जो तीर्थराज प्रयागराज में जनवरी - फरवरी में होने वाले महाकुंभ में अखाड़ा का सभी कार्य संभालेंगी।</p>
<p>आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि महाकुंभ में देश और विदेश के लाखों शिष्य और श्रद्धालु आ रहे हैं जो माहभर शिविर में रहकर कल्पवास, गंगा, संगम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/502614/prayagraj-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/किन्नर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, प्रयागराज : </strong>किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने तीर्थराज प्रयागराज में जनवरी -2025 में लगने वाले महाकुंभ की तैयारियों के लिए किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष और उप्र किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि (टीना) मां को प्रभारी मनोनीत किया है, जो तीर्थराज प्रयागराज में जनवरी - फरवरी में होने वाले महाकुंभ में अखाड़ा का सभी कार्य संभालेंगी।</p>
<p>आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि महाकुंभ में देश और विदेश के लाखों शिष्य और श्रद्धालु आ रहे हैं जो माहभर शिविर में रहकर कल्पवास, गंगा, संगम स्नान और पूजन करेंगे। उन्होंने कहा कि किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि के नेतृत्व में किन्नर अखाड़ा का विकास और संगठन मजबूत हुआ है।</p>
<p>आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि जूना अखाड़ा के साथ किन्नर अखाड़ा का नगर प्रवेश तीन नवंबर को है। इस दौरान किन्नर अखाड़ा के सभी महामंडलेश्वर, मण्डलेश्वर, महंत, पीठाधीश्वर, श्रीमहंत, सहित अन्य सभी पदाधिकारी शामिल होंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/502607/bhardwaj-ashram-will-become-the-center-of-attraction-for-mahakumbh#gsc.tab=0">Maha Kumbh 2025 : आकर्षण का केंद्र बनेगा भारद्वाज आश्रम, जहां खोजी गई विमान उड़ाने की 500 तकनीकी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/502614/prayagraj-news</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/502614/prayagraj-news</guid>
                <pubDate>Sun, 27 Oct 2024 19:24:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-10/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%B0.jpg"                         length="551611"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज: नरेंद्र मोदी को तीसरी बार पीएम बनाने के लिए किन्नरों ने किया विघ्नेश्वर महायज्ञ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से देश की कमान कंपनी के लिए लोगों ने अपने-अपने तरीके से  प्रार्थना शुरू करती है बुधवार को प्रयागराज में भी किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कौशल्या नंदन गिरी, टीना मां ने विघ्नेश्वर महायज्ञ का आयोजन किया।इस दौरान अग्नि कुंड में हवन की आहुति दी गयी।</p>
<p>पूरे विधि विधान और मन्त्रोउच्चार के बीच यज्ञ सपन्न हुआ। पूरा प्रयागराज स्वाहा की धुन से गुंजायमान हो उठा। हवन से वातावरण शुद्ध हो गया। लोकसभा चुनाव में नरेंद मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/462473/prayagraj--eunuchs-performed-vighneshwar-mahayagya-to-make-narendra-modi-pm-for-the-third-time"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/narenfra-modoi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार। </strong>देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से देश की कमान कंपनी के लिए लोगों ने अपने-अपने तरीके से  प्रार्थना शुरू करती है बुधवार को प्रयागराज में भी किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कौशल्या नंदन गिरी, टीना मां ने विघ्नेश्वर महायज्ञ का आयोजन किया।इस दौरान अग्नि कुंड में हवन की आहुति दी गयी।</p>
<p>पूरे विधि विधान और मन्त्रोउच्चार के बीच यज्ञ सपन्न हुआ। पूरा प्रयागराज स्वाहा की धुन से गुंजायमान हो उठा। हवन से वातावरण शुद्ध हो गया। लोकसभा चुनाव में नरेंद मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी उर्फ़ टीना मां ने बुधवार को विशाल विघ्नेश्वर महायज्ञ का आयोजन किया।</p>
<p>इस मौके पर किन्नर अखाड़े  के साथ तमाम लोगों ने भागीदारी की। अग्नि कुंड में हवन की आहुति दी गयी। पूरे विधि विधान और मन्त्रोच्चार के बीच यज्ञ सपन्न हुआ। यज्ञ के दौरान स्वाहा की धुन से पूरा प्रयागराज गुंजायमान हो उठा।</p>
<p>किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ने कहा कि अबकी बार मोदी सरकार 400 पार करने जा रही है। हवन यज्ञ के माध्यम से मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए किन्नरों ने उनको आशीर्वाद दिया है। इस बार नरेंद्र मोदी को फिर से जनता चाहती है कि वह प्रधानमंत्री बने और देश की कमान को संभालते हुए देश को विकास के पथ पर ले जाये।</p>
<p><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/462430/president-draupadi-murmu-will-reach-ayodhya-today-to-have-darshan-of-ramlala--security-arrangements-of-the-complex-tightened#gsc.tab=0">ये भी पढ़े :राष्ट्रपति मुर्मू का अयोध्या दौरा आज, रामलला का करेंगी दर्शन, सरयू आरती में भी होंगी शामिल, सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/462473/prayagraj--eunuchs-performed-vighneshwar-mahayagya-to-make-narendra-modi-pm-for-the-third-time</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/462473/prayagraj--eunuchs-performed-vighneshwar-mahayagya-to-make-narendra-modi-pm-for-the-third-time</guid>
                <pubDate>Wed, 01 May 2024 12:51:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-05/narenfra-modoi.jpg"                         length="343160"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज: किन्नर अखाड़े के शिविर में लगी भीषण आग, तीन लोग झुलसे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार।</strong> रेत की नगरी में बसे माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर -5 में बने किन्नर अखाड़ा के शिविर में गुरुवार देर रात हवन के दौरान पंडाल में भीषण आग लग गई। आग लगने से किन्नर अखाड़ा के शिविर में अफरा तफरी मच गयी। आग लगने के कारण तिन लोग झुलस गये। आनन फानन में पहुंची पुलिस ने झूलसे लोगो को इलाज के लिए  स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय भेज दिया।मैया की चपेट मेंशिविर के कई पंडाल जलकर राख हो गए।</p>
<p>मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर एक बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार को देर रात मेला क्षेत्र में किन्नर अखाड़ा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/441971/prayagraj--a-massive-fire-broke-out-in-the-camp-of-kinnar-akhara--three-people-got-burnt"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/cats056.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज, अमृत विचार।</strong> रेत की नगरी में बसे माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर -5 में बने किन्नर अखाड़ा के शिविर में गुरुवार देर रात हवन के दौरान पंडाल में भीषण आग लग गई। आग लगने से किन्नर अखाड़ा के शिविर में अफरा तफरी मच गयी। आग लगने के कारण तिन लोग झुलस गये। आनन फानन में पहुंची पुलिस ने झूलसे लोगो को इलाज के लिए  स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय भेज दिया।मैया की चपेट मेंशिविर के कई पंडाल जलकर राख हो गए।</p>
<p>मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर एक बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार को देर रात मेला क्षेत्र में किन्नर अखाड़ा के शिविर में रात करीब 2:30 बजे हवन का कार्यक्रम चल रहा था। उस दौरान किन्नर अखाड़ा के शिविर में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया।  </p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">प्रयागराज: <br />किन्नर अखाड़े के शिविर में लगी भीषण आग, तीन लोग झूलसे<br />महामंडलेश्वर भवानी मांदेर रात कर रही थी हवन <a href="https://t.co/1wEXPinSWY">pic.twitter.com/1wEXPinSWY</a></p>
— amrit vichar (@amritvicharlko) <a href="https://twitter.com/amritvicharlko/status/1755833823831494838?ref_src=twsrc%5Etfw">February 9, 2024</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>वहीं इस आग की चपेट में तीन लोग बुरी तरह से झुलस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने झुलाा लोगों को तत्काल स्वरूप रानी चिकित्सालय अस्पताल भेज दिया।वही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने काफी देर के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि किन्नर खड़े के शिविर में महामंडलेश्वर भवानी मां देर रात हवन कर रही थी। हवन स्थल के ठीक पीछे सिलेंडर रखा हुआ था। सिलेंडर गैस लीक होने के कारण आग लग गई।</p>
<p>इससे शिविर के अंदर चार कुटिया जलकर राख हो गई। इस कुटिया में रहे तीन लोग बुरी तरह झुलस गए। झुलसने वालो में<br />महामंडलेश्वर भवानी मां के भाई, भाभी और एक रिश्तेदार गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने उन्हें स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया है। शिविर में मौजूद जर्मनी से आई अनीशा गोमदीज का डिप्लोमैट, पासपोर्ट और रुपये जलकर राख हो गये।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/441957/hardoi--water-crisis-deepens-in-many-localities-due-to-power-failure-since-morning#gsc.tab=0">हरदोई: सुबह से बत्ती गुल होने के कारण कई मोहल्लों में गहराया पानी का संकट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/441971/prayagraj--a-massive-fire-broke-out-in-the-camp-of-kinnar-akhara--three-people-got-burnt</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/441971/prayagraj--a-massive-fire-broke-out-in-the-camp-of-kinnar-akhara--three-people-got-burnt</guid>
                <pubDate>Fri, 09 Feb 2024 11:32:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-02/cats056.jpg"                         length="90468"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        