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                <title>Sanatan Dharma - Amrit Vichar</title>
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                <title>उदयनिधि स्टालिन पर बाबा रामदेव का पलटवार, कहा- सनातन को गाली देने वालों का जल्द होगा तर्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> योग गुरु बाबा रामदेव ने मंगलवार को वाराणसी में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को लेकर कहा कि जिन्होंने सनातन को गालियां दीं, उनकी अंत्येष्टि तो हो ही गई है, श्राद्ध और तर्पण भी अब जल्दी हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित आध्यात्मिक संगोष्ठी में बाबा रामदेव ने कहा कि भगवान शिव सनातन शक्ति के केंद्र बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि शिव आदि देव, महादेव, आदि योगी और महायोगी हैं तथा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल शिव का गौरव पर्व नहीं बल्कि शिवत्व, रामत्व, कृष्णत्व और सनातन संस्कृति की आत्मा का उत्सव है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581768/baba-ramdev-hits-back-at-udhayanidhi-stalin--%22those-who-abuse-sanatan-will-soon-face-their-final-rites%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats212.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> योग गुरु बाबा रामदेव ने मंगलवार को वाराणसी में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को लेकर कहा कि जिन्होंने सनातन को गालियां दीं, उनकी अंत्येष्टि तो हो ही गई है, श्राद्ध और तर्पण भी अब जल्दी हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित आध्यात्मिक संगोष्ठी में बाबा रामदेव ने कहा कि भगवान शिव सनातन शक्ति के केंद्र बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि शिव आदि देव, महादेव, आदि योगी और महायोगी हैं तथा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल शिव का गौरव पर्व नहीं बल्कि शिवत्व, रामत्व, कृष्णत्व और सनातन संस्कृति की आत्मा का उत्सव है।</p>
<p style="text-align:justify;">तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने सनातन को अपमानित करने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने उन्हें जवाब दे दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपना अस्तित्व और वजूद बचाना चाहता है तो सनातन को गाली देना बंद कर दे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि युगों-युगों से सनातन संस्कृति निरंतर प्रवाहमान है और इसमें अद्भुत शक्ति निहित है। बाबा रामदेव ने दावा किया कि आने वाले समय में पूरी दुनिया सनातन की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक शक्ति को देखेगी। बाबा रामदेव ने कहा कि भारत का प्रत्येक व्यक्ति शिवत्व को जीता है और जब यह चेतना और मजबूत होगी तो भारत विश्वगुरु की भूमिका में स्थापित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय की धरती को नमन करते हुए कहा कि वह काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए भी जाएंगे। उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो सनातन को जीवन में उतारकर चलते हैं, जबकि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो शासन व्यवस्था को धर्म और सनातन के अनुरूप आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581768/baba-ramdev-hits-back-at-udhayanidhi-stalin--%22those-who-abuse-sanatan-will-soon-face-their-final-rites%22</link>
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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 19:32:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आस्था और शौर्य का महापर्व बैसाखी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अशोक सूरी.... : </strong>प्राचीन काल से भारत एक कृषि प्रधान देश तो है ही, लेकिन साथ-साथ भारत एक उत्सव प्रधान देश भी है। भारत एक विविध संस्कृतियों का देश है, जहां हर ऋ तु अपने साथ एक नया उत्साह और उमंग लेकर आती है। भारत में अधिकतर पर्व किसी न किसी फसल की तैयारी के समय मनाए जाते हैं, इसका कारण उत्सव के समय का कालखंड तो होता ही है, साथ में पर्व पर खर्च करने के लिए पर्याप्त मात्रा में संसाधन और धन भी परिवारों के पास उपलब्ध हो जाता है। गेहूं की फसल तैयार होते ही होली का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578653/baisakhi--the-grand-festival-of-faith-and-valor"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cats73.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अशोक सूरी.... : </strong>प्राचीन काल से भारत एक कृषि प्रधान देश तो है ही, लेकिन साथ-साथ भारत एक उत्सव प्रधान देश भी है। भारत एक विविध संस्कृतियों का देश है, जहां हर ऋ तु अपने साथ एक नया उत्साह और उमंग लेकर आती है। भारत में अधिकतर पर्व किसी न किसी फसल की तैयारी के समय मनाए जाते हैं, इसका कारण उत्सव के समय का कालखंड तो होता ही है, साथ में पर्व पर खर्च करने के लिए पर्याप्त मात्रा में संसाधन और धन भी परिवारों के पास उपलब्ध हो जाता है। गेहूं की फसल तैयार होते ही होली का पर्व आ जाता है और खरीफ की तैयारी पर दीपावली पर्व आ जाता है। पंजाब में वैसे तो रबी की फसल जल्दी तैयार हो जाती है, परन्तु गेहूं पूरी तरह कट कर चैत्र के अंत तक किसानों के घर पर पहुंच जाता है और उसकी कमाई घर पर आने लगती है। इसी ऋ तु के साथ जुड़ा है- पंजाब का प्रमुख पर्व बैसाखी। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जट्टा आई बैसाखी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">पंजाब का किसान जब अपनी गेहूं की फसल की सुनहरी बालियों को लहलहाते हुये देखता है तो उसका मन मयूर खुशी से भर जाता है, और फिर पंजाबियों को तो उत्सव मनाने का मौका चाहिए। ‘जट्टा आई बैसाखी’ के उद्धघोष के साथ ढ़ोल की थाप पर हर पंजाबी के कदम भांगड़ा और गिद्दा के बोल पर कदम ताल करने लगते हैं, जो इस पर्व की खुशी का जीवन चित्रण है। बैसाखी पर्व ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार करता है। पंजाब एवं हरियाणा में यह पर्व केवल एक तिथि मात्र नहीं है, अपितु किसान की मेहनत के फलने और विश्वास के पुर्नजन्म का उत्सव होता है। धार्मिक दृष्टि से बैसाखी का दिन प्रतिवर्श 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन हिन्दू नव वर्श की पहली संक्रांति भी होती है, और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है। परंतु पंजाब में बैसाखी का दिन भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। सन् 1699 में इसी दिवस को सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविन्द जी ने आनन्दपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सिख इस दिवस को ‘साजना’ दिवस के रूप में मनाते हैं। इसी दिन श्री गुरु गोविन्द सिंह जी ने ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर पंच प्यारों को अमृत छकाया और अन्याय के विरूद्ध लड़ने के लिये एक वीर समुदाय को जन्म दिया जिसे गुरु जी ने ‘खालसा’ नाम दिया और इसी के साथ ‘राज करेगा खालसा’ का अमर संदेश दिया। इसी दिवस को दशमेश पिता गुरु गोविन्द सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की। आज का सिख समुदाय इसी खालसा पंथ का विस्तृत रूप है। गुरु जी ने पंज प्यारों को अमृत छकाकर पंज प्यारों की पदवी और अमर सूत्र दिया। गुरु गोविन्द सिंह जी ने इस अवसर पर स्वयं भी पंज प्यारों से अमृत छककर यह सिद्ध किया कि गुरु और चेले में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा था- ‘आपे गुरु चेला’ अर्थात वह स्वयं गुरु भी हैं और स्वयं चेला भी। गुरु गोविन्द सिंह जी पंथ के दसवें एवं अंतिम मानव शरीर धारी गुरु थे। इसके पश्चात् गुरु ग्रंथ साहब को ही गुरु की पदवी पर रखा गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>वाहे गुरु जी का खालसा वाहे गुरु जी की फतह</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">इसका तात्पर्य है कि यह खालसा पंथ वाहे गुरु जी का है, अतः इसकी सदैव विजय निष्चित है। गुरु जी ने सभी खालसा अनुयायीओं को एक विषेश पहचान दी, जिसे पाँच ककार (कड़ा, किरपान, कछैरा, कंघा और केष) कहा गया। आज भी सिख पंथ के लोग गुरु जी के इन पांच आदेश को धारण करते हैं। गुरु जी ने सभी सिखों को सिंह बताया और अपने नाम के आगे सिंह लगाने तथा महिलाओं को कौर लगाने का आदेष दिया। यही आदेश पंथ में समानता और समरसता का प्रतीक बना। आज सिखों के उत्सवों के अवसर पर निकलने वाले नगर कीर्तन में पंज प्यारे केशरिया बाना पहने सबसे आगे आगे चलते हैं। आज हर गुरुद्वारे में कीर्तन, अरदास और लंगर का आयोजन नियमित रूप से होता है। पंजाब की लोक संस्कृति इस दिन अपने चरम पर होती है। ढोल की थाप पर झूमते युवक युवतियां रंग बिरंगे वस्त्रों और उत्साह से भरा वातावरण हर किसी को अपनी ओर आयोजित करता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>आशा और नवचेतना की प्रेरणा</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बैसाखी के अतिरिक्त भारतीय इतिहास में यह 13 अप्रैल का दिवस कुछ अन्य घटनाओं के लिए भी विशेष है। इसी दिन गौतम बुद्ध को निर्वाण प्राप्त हुआ था। इसी दिन स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की थी। बैसाखी का पर्व हमे अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहना सिखाता है और साथ ही एकता, भाईचारे और मानवता का संदेश देता है। गुरु के लंगर में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता सभी एक ही पंक्ति में गुरु का प्रसाद छकते हैं। आज के समय में जब समाज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। बैसाखी का पर्व हमें सकारात्मकता, आशा और नवचेतना की प्रेरणा देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>अंतस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 10:18:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पालकी में सवार होकर आ रही मां दुर्गा, 19 मार्च से शुरू होगा शक्ति साधना का महापर्व, जानें शुभ मुहूर्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचारः</strong> सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि को शक्ति साधना का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च (गुरुवार) से शुरु होकर 27 मार्च को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है। नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना (कलश स्थापना) से होता है, जिसे देवी शक्ति के आवाहन का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक ग्रंथ मार्कंडेय पुराण के देवी महात्म्य में बताया गया है कि देवी दुर्गा ही ब्रह्मांड की मूल शक्ति हैं और नवरात्रि उनकी आराधना का</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575022/goddess-durga-is-arriving-in-a-palanquin--the-grand-festival-of-shakti-sadhana-will-begin-on-march-19th--learn-the-auspicious-time"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(7)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचारः</strong> सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि को शक्ति साधना का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च (गुरुवार) से शुरु होकर 27 मार्च को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है। नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना (कलश स्थापना) से होता है, जिसे देवी शक्ति के आवाहन का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक ग्रंथ मार्कंडेय पुराण के देवी महात्म्य में बताया गया है कि देवी दुर्गा ही ब्रह्मांड की मूल शक्ति हैं और नवरात्रि उनकी आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है।</span></p>
<h3><strong>प्रतिपदा तिथि और शुभ योग</strong></h3>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च को प्रातः 06:52 बजे से होगा और यह 20 मार्च को प्रातः 04:52 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार घटस्थापना 19 मार्च को ही की जाएगी। इस दिन चन्द्रमा मीन राशि में उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में रहेगा और सवार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बनेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आ रही हैं। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार मां दुर्गा का पालकी पर आगमन यह संकेत देता है कि इस वर्ष लोगों की भावनाएं अधिक संवेदनशील हो सकती हैं। समाज में सहानुभूति, करुणा और आध्यात्मिक झुकाव बढ़ने की संभावना रहेगी।</span></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>घटस्थापना का शुभ मुहूर्त</strong></h3>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">19 मार्च (गुरुवार) को घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा—</span></p>
<p><strong>प्रातः</strong> मुहूर्त: सुबह 06:52 से 10:13 बजे तक</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अभिजित मुहूर्त: </strong>दोपहर 11:50 से 12:38 बजे तक</span></p>
<p>इन समयों में कलश स्थापना करना अत्यंत शुभ माना गया है।</p>
<h3><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">नवरात्रि में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा</span></strong></h3>
<p>नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के अलग-अलग रूपों की आराधना की जाती है।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>प्रथम दिन – </strong>मां शैलपुत्री</span></p>
<p><strong>द्वितीय दिन – </strong>मां ब्रह्मचारिणी</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>तृतीय दिन –</strong> मां चंद्रघंटा</span></p>
<p><strong>चतुर्थ दिन – </strong>मां कुष्मांडा</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>पंचम दिन –</strong> मां स्कंदमाता</span></p>
<p><strong>षष्ठी दिन –</strong> मां कात्यायनी</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>सप्तमी दिन – </strong>मां कालरात्रि</span></p>
<p><strong>अष्टमी दिन –</strong> मां महागौरी</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>नवमी दिन – </strong>मां सिद्धिदात्री</span></p>
<p>नौ दिनों तक व्रत, पूजा और साधना के बाद 27 मार्च को राम नवमी के दिन नवरात्रि का समापन होगा। इस दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के साथ देवी पूजा का यह पावन पर्व पूर्ण होता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575022/goddess-durga-is-arriving-in-a-palanquin--the-grand-festival-of-shakti-sadhana-will-begin-on-march-19th--learn-the-auspicious-time</link>
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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 09:54:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायबरेली में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- हमारी पीड़ा में जो साथ खड़ा हो वही हमारा पक्ष है</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रायबरेली। </strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रायबरेली में रविवार को कहा कि देश में अधिकांश लोग चाहते हैं कि गायों को मां का दर्जा दिया जाए और उनकी हत्या को अपराध घोषित किया जाए। देश की बहुसंख्यक जनता से वोट लेकर बनने वाली सरकारें ऐसा कभी नहीं करना चाहती थीं। जो वर्तमान की सरकारें हैं, उन्होंने भी हम सबका वोट लिया। ये कहकर वोट लिया कि हमें वोट दीजिए क्योंकि हम गौमाता की रक्षा का कानून लेकर आएंगे लेकिन इनके राज में भी गौमाता की हालत खराब है। </p>
<p style="text-align:justify;">स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि बीफ एक्सपोर्ट धड़ल्ले से जारी है। यहां तक कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574272/swami-avimukteshwarananda-said-in-raebareli-%E2%80%93-whoever-stands-with-us-in-our-pain-is-on-our-side"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/avimukteshwa01.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रायबरेली। </strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रायबरेली में रविवार को कहा कि देश में अधिकांश लोग चाहते हैं कि गायों को मां का दर्जा दिया जाए और उनकी हत्या को अपराध घोषित किया जाए। देश की बहुसंख्यक जनता से वोट लेकर बनने वाली सरकारें ऐसा कभी नहीं करना चाहती थीं। जो वर्तमान की सरकारें हैं, उन्होंने भी हम सबका वोट लिया। ये कहकर वोट लिया कि हमें वोट दीजिए क्योंकि हम गौमाता की रक्षा का कानून लेकर आएंगे लेकिन इनके राज में भी गौमाता की हालत खराब है। </p>
<p style="text-align:justify;">स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि बीफ एक्सपोर्ट धड़ल्ले से जारी है। यहां तक कि पिछली सरकारों को भी उन्होंने बहुत पीछे छोड़ दिया है। ऐसी स्थिति में देशभर की गौभक्त जनता सरकारों से मांग कर रही है कि बहुत हो चुका 78 साल का समय अपने बिता दिया। अब हम इसमें देरी नहीं चाहते हैं और आपको निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये (सरकार) आवाज उठाने वाली आवाज को बंद कर देना चाहते हैं। धमका दो, चमका दो और मुकदमे लगा दो, जो भी करना हो कर दो लेकिन इसकी आवाज को बंद करो। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ये आवाज किसी एक व्यक्ति की आवाज थोड़ी है बल्कि ये इस देश की संस्कृति, सभ्यता की आवाज है। इस देश के बहुसंख्यक लोगों की आवाज है। आप किसी एक-दो या कुछ व्यक्तियों के ऊपर मुकदमे लगाकर थोड़ी बंद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप लोग पक्ष और विपक्ष कहते हैं। विपक्ष और पक्ष राजनीतिक पार्टियां हो सकती हैं। जो सत्ता में है वो पक्ष हो जाती है, जो सत्ता में नहीं आ पाई वो विपक्ष हो जाती है। हम तो एक हिंदू हैं, एक हिंदू के लिए कौन पक्ष है और कौन विपक्ष है? उन्होंने कहा कि हमारी पीड़ा में जो साथ खड़ा हो वही हमारा पक्ष है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो हमारी पीड़ा में खड़ा नहीं हो सकता बल्कि जो पीड़ा देने का कारण है, वो हमारे लिए विपक्ष है। सवाल यह है कि हमारे साथ भाजपा क्यों नहीं आ रही है? भाजपा खुद को हिंदू पार्टी कहती है। हालांकि उसको चोटी उखाड़े जाने का, बटुकों को पीटे जाने का और सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान किए जाने का कोई दुख नहीं है। इससे पता चल रहा है कि कहने के लिए भले वो हिंदू हैं, लेकिन जब हिंदुओं के ऊपर अत्याचार हो रहा है तो उसको करने वाले भी वही सिद्ध होते हैं और चुप्पी साधने वाले भी वही सिद्ध होते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>रायबरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 15:49:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदायूं : आक्रांताओं ने लूटा, सही हाथ में है इसलिए देश है सुरक्षित - साध्वी डॉ. प्राची</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बदायूं, अमृत विचार।</strong> देशभर में हिंदू सनातन धर्म का जयघोष कर रहीं साध्वी डॉ. प्राची गुरुवार को इस्लामनगर क्षेत्र की नगर पंचायत करियामई में आयोजित हिंदू सम्मेलन में पहुंचीं। नगर पंचायत चेयरमैन सीमा चौधरी, भाजपा नेता मुरली मनोहर गुप्ता ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मनित किया। साध्वी ने हिंदुओं को एकजुट रहने का संदेश देते हुए कहा कि देश को लंबे समय तक आक्रांताओं ने लूटा है लेकिन देश सही हाथों में है इसलिए देश सुरक्षित है। </p>
<p>गुरुवार को नगर करियामई में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता साध्वी ने कहा कि लोग जब-जब बैठे हैं तब तब हिंदू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570204/badaun-was-looted-by-invaders-it-is-in-good-hands"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/278.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बदायूं, अमृत विचार।</strong> देशभर में हिंदू सनातन धर्म का जयघोष कर रहीं साध्वी डॉ. प्राची गुरुवार को इस्लामनगर क्षेत्र की नगर पंचायत करियामई में आयोजित हिंदू सम्मेलन में पहुंचीं। नगर पंचायत चेयरमैन सीमा चौधरी, भाजपा नेता मुरली मनोहर गुप्ता ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मनित किया। साध्वी ने हिंदुओं को एकजुट रहने का संदेश देते हुए कहा कि देश को लंबे समय तक आक्रांताओं ने लूटा है लेकिन देश सही हाथों में है इसलिए देश सुरक्षित है। </p>
<p>गुरुवार को नगर करियामई में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता साध्वी ने कहा कि लोग जब-जब बैठे हैं तब तब हिंदू समाज का नुकसान हुआ है। उन्होंने आरएसएस का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदू समाज को एकत्रित और समय-समय पर जगाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बहुत बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने लोगों से एकजुटता का आह्वान करते हुए संस्कृति संस्कारों से जुड़े रहने की भी अपील की। कहा कि देश में कोई और धर्म नहीं, अगर कोई धर्म है तो वह सनातन धर्म है। चेयरमैन, भाजपा नेता के अलावा ललितेश्वरानंद, कार्यक्रम अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने मुख्य वक्ता को नगर पंचायत की ओर से शॉल ओढ़ाई और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान विभाग प्रचारक सुधांशु, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजीव शर्मा, डॉ. अजीत मोहन गुप्ता, ठाकुर अनूप सिंह, रवि गुप्ता, संजीव, विद्या रतन चौधरी, मदन लाल गुप्ता, अशोक यादव फौजी, चंद्रपाल, अनुभव वार्ष्णेय, गोविंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बदायूं</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 20:00:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धार्मिक मामलों में सरकार का हस्तक्षेप गैरजरूरी : रामगोपाल यादव बोले- सनातन धर्म का कर रही अपमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा। </strong>समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार सनातन धर्म का अपमान कर रही है और धार्मिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है। प्रो. रामगोपल यादव यहां गोवर्धन स्थित हनुमानबाग आश्रम पहुंचे। </p>
<p style="text-align:justify;">यहां उन्होंने हनुमान जी के वार्षिक महोत्सव में भाग लिया, दर्शन-पूजन किया और संत सियाराम दास महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि वह लंबे समय से हनुमान जी के भक्त रहे हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने संत सियाराम दास की सराहना करते हुए उन्हें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569482/government-interference-in-religious-matters-is-unnecessary--%E2%80%8B%E2%80%8Bramgopal-yadav-says-it-is-insulting-sanatan-dharma"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-02/रामगोपाल.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा। </strong>समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार सनातन धर्म का अपमान कर रही है और धार्मिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है। प्रो. रामगोपल यादव यहां गोवर्धन स्थित हनुमानबाग आश्रम पहुंचे। </p>
<p style="text-align:justify;">यहां उन्होंने हनुमान जी के वार्षिक महोत्सव में भाग लिया, दर्शन-पूजन किया और संत सियाराम दास महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि वह लंबे समय से हनुमान जी के भक्त रहे हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने संत सियाराम दास की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा संत बताया। </p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही, बिना नाम लिए कुछ धर्मगुरुओं पर तंज कसते हुए कहा कि आज के समय में दिखावा ज्यादा है, जबकि संतों में सादगी और सेवा भाव होना चाहिए। प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान से रोके जाने के सवाल पर रामगोपाल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सनातन धर्म का अपमान कर रही है और धार्मिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने कहा कि आस्था और परंपराओं का सम्मान होना चाहिए। रामगोपाल यादव के इस बयान को राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 14:32:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री योगी का बड़ा बयान, कहा- सनातन धर्म को भीतर से खोखला कर रहे 'कालनेमि', सर्तक रहने की जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/सोनीपत।</strong> गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक योगी, संत और संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं होता। उन्होंने कहा कि संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती, उसका धर्म ही उसकी संपत्ति और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। </p>
<p style="text-align:justify;">सोनीपत में आयोजित मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह एवं आठ महंतों के भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन धर्म की आड़ में उसे कमजोर करने की साजिशें रचने वाले कालनेमि तत्व समाज के लिए खतरा हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568691/chief-minister-yogi-adityanath-makes-a-strong-statement--says--kalanemi--figures-are-hollowing-out-sanatan-dharma-from-within--and-there-is-a-need-to-be-vigilant"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/योगी-गोरखपुर.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/सोनीपत।</strong> गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक योगी, संत और संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं होता। उन्होंने कहा कि संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती, उसका धर्म ही उसकी संपत्ति और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। </p>
<p style="text-align:justify;">सोनीपत में आयोजित मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह एवं आठ महंतों के भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन धर्म की आड़ में उसे कमजोर करने की साजिशें रचने वाले कालनेमि तत्व समाज के लिए खतरा हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि धर्म के विरुद्ध आचरण करने वाले तत्व न केवल सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक विरासत पर भी आघात करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने संत परंपरा को राष्ट्र और धर्म की रक्षा का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। गौरतलब है कि प्रयागराज माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या महास्नान पर्व के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के संगम स्नान से वंचित रहने का मामला गरमा गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568691/chief-minister-yogi-adityanath-makes-a-strong-statement--says--kalanemi--figures-are-hollowing-out-sanatan-dharma-from-within--and-there-is-a-need-to-be-vigilant</link>
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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 17:01:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सनातन विरोधियों को मुर्गा बनाओ : 'सनातन इन्फ्लुएंसर सम्मान' में बोले रेसलर खली</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा।</strong> देश के जानेमान रेसलर 'द ग्रेट खली' ने सनातन धर्म और इसे निशाना बनाने वालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। खली ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग सनातन धर्म के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें 'मुर्गा' बना देना चाहिए। वृंदावन में आयोजित 'सनातन इन्फ्लुएंसर सम्मान' कार्यक्रम के दौरान खली ने आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन महाराज के प्रयासों की जमकर तारीफ की। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "देवकीनंदन महाराज ने सनातन धर्मियों को एकजुट करने के लिए जो कदम उठाया है, वह सराहनीय है। हमें गर्व है कि हमारे देश में ऐसे संत हैं जो बिना किसी स्वार्थ के राष्ट्र हित और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568192/%22make-those-who-oppose-sanatan-dharma-into-chickens%22--wrestler-khali-speaks-at-the--sanatan-influencer-award--event"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats208.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मथुरा।</strong> देश के जानेमान रेसलर 'द ग्रेट खली' ने सनातन धर्म और इसे निशाना बनाने वालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। खली ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग सनातन धर्म के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें 'मुर्गा' बना देना चाहिए। वृंदावन में आयोजित 'सनातन इन्फ्लुएंसर सम्मान' कार्यक्रम के दौरान खली ने आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन महाराज के प्रयासों की जमकर तारीफ की। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "देवकीनंदन महाराज ने सनातन धर्मियों को एकजुट करने के लिए जो कदम उठाया है, वह सराहनीय है। हमें गर्व है कि हमारे देश में ऐसे संत हैं जो बिना किसी स्वार्थ के राष्ट्र हित और धर्म के लिए जी रहे हैं।" खली ने आगे कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत समझते हैं कि उन्हें अपने धर्म के काम आने का मौका मिल रहा है। दुनिया भर में सनातनियों पर हो रहे हमलों और बांग्लादेश जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए खली ने कहा कि ये सब बहुत गलत है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा, "हम सबको इकट्ठा होना होगा ताकि भविष्य में कोई हमें टारगेट न कर सके।" जब उनसे पूछा गया कि सनातन विरोधियों के लिए उनका क्या संदेश है, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित सख्त लहजे में कहा, "सारे सनातनी इकट्ठे हो जाएं और विरोधियों को मुर्गा बना दें, ताकि वे दोबारा आवाज न उठा सकें।" </p>
<p style="text-align:justify;">धर्म के साथ-साथ खली ने युवाओं को खेलों से जुड़ने की प्रेरणा भी दी। उन्होंने फिटनेस पर जोर देते हुए कहा,युवाओं को ज्यादा से ज्यादा खेलों में हिस्सा लेना चाहिए।फिट रहना केवल व्यक्तिगत जरूरत नहीं, बल्कि देश के हित के लिए भी जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विश्वगुरु' बनने के सपने को पूरा करने के लिए युवाओं का स्वस्थ और सक्रिय होना अनिवार्य है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मथुरा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 18:02:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सनातन धर्म का वास्तविक अर्थ धर्म नहीं सत्य है </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सनातन शब्द को प्राचीन वैदिक संस्कृति से जोड़ कर देखा जाता है, जिसका संबंध भारत भूमि से है। वैदिक संस्कृति भारत की प्राचीन संस्कृति है और आस्था का मुख्य केंद्र भी है, इसी वैदिक संस्कृति के ज्ञान को सत्य ज्ञान कहा गया है, सत्य को ही सनातन कहा गया है ‘अर्थात’ वैदिक संस्कृति का वह ज्ञान जो संपूर्ण सत्य है, यह सत्य सदा के लिए है और जो सदा के लिए है वही सनातन है, इसीलिए वैदिक धर्म को ही सनातन धर्म भी कहा जाता है, सनातन शब्द का शाब्दिक अर्थ ‘सदा से रहा है, सदा के लिए है और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564651/the-true-meaning-of-sanatan-dharma-is-not-religion--but-truth"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/untitled-design-(11)12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सनातन शब्द को प्राचीन वैदिक संस्कृति से जोड़ कर देखा जाता है, जिसका संबंध भारत भूमि से है। वैदिक संस्कृति भारत की प्राचीन संस्कृति है और आस्था का मुख्य केंद्र भी है, इसी वैदिक संस्कृति के ज्ञान को सत्य ज्ञान कहा गया है, सत्य को ही सनातन कहा गया है ‘अर्थात’ वैदिक संस्कृति का वह ज्ञान जो संपूर्ण सत्य है, यह सत्य सदा के लिए है और जो सदा के लिए है वही सनातन है, इसीलिए वैदिक धर्म को ही सनातन धर्म भी कहा जाता है, सनातन शब्द का शाब्दिक अर्थ ‘सदा से रहा है, सदा के लिए है और सदा ही रहेगा’अर्थात जो सदा ही है कभी न मिटने वाला वह अनंत काल से अनंत काल तक शाश्वत है, वहीं सनातन है’।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व की सभी संस्कृतियों में अति प्राचीन भारतीय वैदिक संस्कृति, से उद्धृत विश्व का सबसे प्राचीन धर्म सनातन धर्म है जिसे मानने वाले हिन्दू धर्मावलंबी आज भी सनातन धर्मी कहलाते हैं। सनातन शब्द का अर्थ बड़ा ही व्यापक है। पूरे विश्व में मुख्य रूप से आस्तिक और नास्तिक दो विचारधारा हैं आस्तिक वे हैं, जिनका विश्वास ईश्वर में है, उनमें इस सृष्टि की रचना ईश्वर द्वारा किए जाने की मान्यता है तथा नास्तिक वे हैं, जिनकी मान्यता इस सृष्टि की स्थापना स्वतः से हुई वे ईश्वर को मानने से इंकार करते हैं, वहीं आस्तिक विचारधारा कई धर्मों संप्रदायों की अपनी अलग-अलग मान्यताओं और परंपराओं में विभक्त है, वे इस सृष्टि को बनाने वाले एक ईश्वर में आस्था और विश्वास समान रूप से रखते हैं, लेकिन उनकी आस्था और विश्वास एक दूसरे से भिन्न-भिन्न रहते हैं, परंतु इसके बावजूद भी पूरे विश्व के सभी धर्मों और विचारधाराओं के मूल में सनातन धर्म में उल्लिखित किसी न किसी मत अथवा विश्वास की ही प्रेरणा दिखाई देती है इसीलिए आज भी बहुसंख्य सनातन मतावलंबी सनातन को कभी न समाप्त होने वाले धर्म के रूप में अटूट आस्था रखते हैं तथा सनातन धर्म को साक्षात् ईश्वर द्वारा स्वयंम स्थापित मानते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में जो भी विश्व में संस्कृति या सभ्यताएं हैं। उन सभी धर्मों और सभ्यताओं का इतिहास लगभग 2 से 3000 साल के भीतर का ही है, अगर इन्हें इनके ऐतिहासिक क्रम में देखा जाए, तो आज भी भारतीय प्राचीन संस्कृति और सभ्यता सबसे प्राचीन है। भारत की सनातन संस्कृति ही एक ऐसी संस्कृति है, जिसका कोई एक ग्रंथ नहीं है और कोई एक पैगम्बर या ईश्वर का दूत नहीं है। इसके अलावा मुख्य कुछ ग्रंथों महाकाव्यों के अलावा सैकड़ों रचनाएं, पुस्तकें और पांडुलिपियां, जिनमें संपूर्ण सृष्टि की काल गणना से लेकर भूत, वर्तमान और भविष्य की काल गणनाएं वर्णित हैं, जिन्हें धार्मिक कर्म कांडों परंपराओं, जप तप व्रत, त्योहारों, उत्सवों कथा कहानियों स्मृतियों इत्यादि के माध्यम से जन-जन को लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रतिष्ठित किया गया है, जो पूर्ण रूप से सत्य है तथा उसके मूल में विज्ञान ही है सनातन संस्कृति का ज्ञान पूर्णतः विज्ञान पर आधारित विस्तृत विषय है।</p>
<p style="text-align:justify;">सनातन संस्कृति का मुख्य आधार 4 प्रमुख ग्रंथ वेद हैं, वेदों में इस संपूर्ण सृष्टि का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष ज्ञान अतुलनीय है। सृष्टि के उदय होने से लेकर उसके विस्मरण के तक का उल्लेख है। इसके अलावा अन्य सभी ग्रन्थ, श्रुतियां, स्मृतियां काव्य, महाकाव्य एवं धार्मिक पुस्तके संपूर्ण सृष्टि एवं मानव सभ्यता के विभिन्न काल खंडों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष घटित घटनाओं का इतिहास बताते हैं और एक आदर्श मानव जीवन को प्रतिष्ठित और संरक्षित करते हैं। ये सभी पूर्णतः वैज्ञानिक और पूर्ण रूप से  व्यवहारिक भी हैं। इन नियमों सिद्धांतों पर आज विभिन्न विषय के विद्वान, वैज्ञानिक अपने शोध करके उसके सत्य को सामने लाते रहते हैं, जिन्हें आज विभिन्न संचार के माध्यमों पुस्तकों, समाचार पत्रों और मैगजीनों में छपे लेखों और सोशल मीडिया प्लेट फार्मों के माध्यमों से हम अवगत होते रहते हैं, सनातन संस्कृति का ज्ञान सत्य ज्ञान है। </p>
<p style="text-align:justify;">सनातन संस्कृति कोई संस्कृति या धर्म नहीं, बल्कि सत्य संस्कृति और सत्य धर्म ही है, जो सरल और शाश्वत है, जिस प्रकार सत्य को आप जिस स्थिति से परखेंगे तो सत्य वास्तव में सत्य ही रहता है। देश काल पारिस्थितिकीय परिवर्तन से सत्य परिवर्तित नहीं होता है, उसी प्रकार सनातन संस्कृति का ज्ञान सृष्टि के सत्य स्वरूप में है, उसका सत्य का यह रूप ही उसे सनातन किए हुए है। सत्य ही सनातन से तात्पर्य, सत्य अपने मूल भाव को नहीं छोड़ता है। </p>
<p style="text-align:justify;">वह जितना भी प्राचीन हो, आज सनातन को इसीलिए सभी धर्मों, संप्रदायों और परंपराओं की जननी भी कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। यह प्राचीन काल से ही सत्य सिद्धांतों पर आधारित है और अनंत काल तक इसके सिद्धांत सत्य ही रहेंगे, क्योंकि यह किसी धर्म सभ्यता और संप्रदाय पंथ के लिए न होकर संपूर्ण मानव के कल्याण एवं उन्हें बिना भेदभाव के सुंदर और व्यवस्थित जीवन जीने के लिए है। लेखक-मोहन सिंह बिष्ट  वरिष्ठ समाजसेवी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>अंतस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 10:01:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सनातन धर्म पर सबसे बड़ा प्रहार करने वाले 'राजनीतिक इस्लाम', सीएम योगी ने सपा-कांग्रेस को बताया रामद्रोही</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गोरखपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेशवाद की चर्चा तो अक्सर होती है, लेकिन सनातन धर्म पर सबसे बड़ा प्रहार करने वाले 'राजनीतिक इस्लाम' का जिक्र कम ही किया जाता है। </p>
<p>आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गोरखपुर संभाग द्वारा आयोजित 'विचार-परिवार कुटुंब स्नेह मिलन' और 'दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव' कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए यह बात कही। </p>
<p>उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, महाराणा प्रताप और राणा सांगा जैसे महान योद्धाओं ने 'राजनीतिक इस्लाम' के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556853/-political-islam--is-the-biggest-attack-on-sanatan-dharma--cm-yogi-calls-sp-congress-traitors-of-ram"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(3)9.png" alt=""></a><br /><p><strong>गोरखपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेशवाद की चर्चा तो अक्सर होती है, लेकिन सनातन धर्म पर सबसे बड़ा प्रहार करने वाले 'राजनीतिक इस्लाम' का जिक्र कम ही किया जाता है। </p>
<p>आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गोरखपुर संभाग द्वारा आयोजित 'विचार-परिवार कुटुंब स्नेह मिलन' और 'दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव' कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए यह बात कही। </p>
<p>उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, महाराणा प्रताप और राणा सांगा जैसे महान योद्धाओं ने 'राजनीतिक इस्लाम' के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे पूर्वजों ने राजनीतिक इस्लाम के खिलाफ बड़े संघर्ष किये फिर भी इतिहास के इस पहलू को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है।" आदित्यनाथ ने योगीराज बाबा गंभीरनाथ सभागार में अपने संबोधन में 500 साल के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए संघ की सराहना की। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे पूर्वजों ने न केवल अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के खिलाफ, बल्कि राजनीतिक इस्लाम के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी। वीर शिवाजी और महाराणा प्रताप जैसे नायक इसके प्रमाण हैं। ब्रिटिश उपनिवेशवाद की बात होती है, फ्रांसीसी उपनिवेशवाद की बात होती है, लेकिन कहीं भी उस राजनीतिक इस्लाम की बात नहीं होती जिसने आस्था को कमजोर किया।" </p>
<p>हालांकि उन्होंने 'राजनीतिक इस्लाम' की व्याख्या नहीं की और न ही उससे संबंधित किसी विशेष घटना का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ की 100 साल की यात्रा में असंभव को संभव बनाया गया है। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और विपक्षी खेमे के सदस्यों ने राम मंदिर पर सवाल उठाए लेकिन संघ के स्वयंसेवक मंदिर निर्माण के अपने संकल्प पर अडिग रहे। संघ ने प्रतिबंधों को सहन किया और उसके स्वयंसेवकों ने लाठीचार्ज और गोलियों का सामना किया, और आज, भव्य श्रीराम मंदिर उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।" उन्होंने आरोप लगाया कि 'राजनीतिक इस्लाम' को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां विभिन्न रूपों में जारी हैं। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 'हलाल-प्रमाणित' उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और दावा किया कि ऐसी बिक्री से होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद के लिए किया जा रहा है। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/556851/trump-celebrated-diwali-at-the-white-house--calling-pm-modi-a-great-man--and-recounting-their-conversation">ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मनाई दीपावली, पीएम मोदी को बताया महान व्यक्ति, कहा क्या हुई बातचीत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>गोरखपुर</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 09:54:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर परिस्थिति में सनातन धर्म के प्रति समर्पण का भाव श्रीमद्भागवत कथा का वास्तविक मर्म : सीएम योगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गोरखपुर, अमृत विचार।</strong> मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर परिस्थिति में सनातन धर्म के प्रति समर्पण का भाव बना रहे, यही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वास्तविक मर्म है। श्रीमद्भागवत कथा जीवन के ज्ञान का भान कराने वाली, भक्ति से जोड़ने वाली और मुक्ति का मार्ग दिखाने वाली कथा है। </p>
<p>सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि समारोह के उपलक्ष्य में बुधवार शाम श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के विराम सत्र पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/552886/in-every-situation-the-feeling-of-dedication-to-sanatan-dharma"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/443.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गोरखपुर, अमृत विचार।</strong> मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर परिस्थिति में सनातन धर्म के प्रति समर्पण का भाव बना रहे, यही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वास्तविक मर्म है। श्रीमद्भागवत कथा जीवन के ज्ञान का भान कराने वाली, भक्ति से जोड़ने वाली और मुक्ति का मार्ग दिखाने वाली कथा है। </p>
<p>सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि समारोह के उपलक्ष्य में बुधवार शाम श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ के विराम सत्र पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में कथा श्रवण करने तथा व्यासपीठ के समक्ष श्रद्धावनत होने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा पांच हजार वर्ष पहले पहली बार स्वामी शुकदेव जी ने महाराजा परीक्षित को मृत्यु के भय से अभय करने के लिए सुनाई थी। तबसे यह कथा कोटि-कोटि सनातन धर्मावलंबियों की मुक्ति का माध्यम बन रही है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-09/440.jpg" alt="440" width="1920" height="1080"></img></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा उद्घोष करती है कि भारत में जन्म लेना दुर्लभ है। उसमें भी मनुष्य रूप में जन्म लेना और भी दुर्लभ है। सनातन भारत ने ही ज्ञान, भक्ति और मुक्ति की दाता, जीवन के रहस्यों का उद्घाटन करने वाली श्रीमद्भागवत कथा का उपहार दिया है। उन्होंने कहा कि कथा का वास्तविक मर्म यह है कि हम हरहाल में अपने धर्म और देश के प्रति अडिग रहें। किसी भी परिस्थिति में बिना झुके, बिना रुके, बिना डिगे सनातन और भारत के प्रति समर्पण का भाव बनाए रखें। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-09/442.jpg" alt="442" width="1920" height="1080"></img></p>
<p>व्यासपीठ पर विराजमान कथा व्यास, परिधान पीठ गोपाल मंदिर श्रीअयोध्याधाम से पधारे जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य जी महाराज की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि स्वामी रामदिनेशाचार्य जी ने अत्यंत सरलता और सहजता से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया। इसका आनंद यहां आए श्रद्धालुओं के साथ मीडिया के जरिये लाखों लोगों ने प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी रामदिनेशाचार्य जी रामानंदाचार्य परंपरा से आते हैं। अगले वर्ष उनके श्रीमुख से यहां श्रीराम कथा का भी श्रवण कराया जाएगा।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-09/443.jpg" alt="443" width="1920" height="1080"></img></p>
<p>कथा के विराम पर मुख्यमंत्री, संतजन व यजमानगण ने श्रीमद्भागवत महापुराण और व्यासपीठ की आरती उतारी। इस अवसर पर मस्तनाथ पीठ रोहतक हरियाणा के महंत राजस्थान विधानसभा के विधायक बालकनाथ, जूनागढ़ गुजरात से आए महंत शेरनाथ, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, काशी से आए जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा, नैमिषारण्य से आए स्वामी विद्या चैतन्य, हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए महंत राजूदास, यज्ञमान पूर्व विधायक अतुल सिंह, अजय सिंह, महेश पोद्दार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गोरखपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/552886/in-every-situation-the-feeling-of-dedication-to-sanatan-dharma</link>
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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 19:28:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
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                <title>Mahavatar Narsimha: यूपी में महावतार नरसिम्हा को टैक्स फ्री करने की मांग, सनातन धर्म में भगवान विष्णु के अवतार पर आधारित है फिल्म </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार, लखनऊः </strong>भगवा रक्षा युवा वाहिनी ने महावतार नरसिम्हा मूवी को प्रदेश में टैक्स फ्री करने की मांग की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यम त्रिपाठी ने कहा कि इस मूवी में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और ऐतिहासिक तथ्यों को रोचक और बाल-सुलभ रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म एनीमेटेड रूप में बनाई गई है, जिससे बच्चे भी इसे रुचि और उत्साह के साथ देख रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">यह मूवी न केवल हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती है, बल्कि आज की पीढ़ी को अपने धर्म और इतिहास की महत्ता से भी अवगत कराती है। इस मूवी को उत्तर प्रदेश में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548136/mahavatar-narsimha--demand-to-make-mahavatar-narsimha-tax-free-in-up--the-film-is-based-on-the-incarnation-of-lord-vishnu-in-sanatan-dharma"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/untitled-design-(6)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार, लखनऊः </strong>भगवा रक्षा युवा वाहिनी ने महावतार नरसिम्हा मूवी को प्रदेश में टैक्स फ्री करने की मांग की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यम त्रिपाठी ने कहा कि इस मूवी में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और ऐतिहासिक तथ्यों को रोचक और बाल-सुलभ रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म एनीमेटेड रूप में बनाई गई है, जिससे बच्चे भी इसे रुचि और उत्साह के साथ देख रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">यह मूवी न केवल हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती है, बल्कि आज की पीढ़ी को अपने धर्म और इतिहास की महत्ता से भी अवगत कराती है। इस मूवी को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री घोषित किया जाए जिससे अधिक से अधिक लोग प्रेरित होकर इसे देखने सिनेमा घरों तक पहुंचें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/548027/war-2-song--hrithik-kiara-s-romantic-track-to-be-released-on-july-31---brahmastra-s-kesariya-team-has-created-the-song">War 2 Song: 31 जुलाई को रिलीज होगा ऋतिक-कियारा का रोमांटिक ट्रैक, ‘ब्रह्मास्त्र’ की केसरिया टीम ने बनाया है सांग</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/548136/mahavatar-narsimha--demand-to-make-mahavatar-narsimha-tax-free-in-up--the-film-is-based-on-the-incarnation-of-lord-vishnu-in-sanatan-dharma</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 12:09:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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