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                <title>सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल - Amrit Vichar</title>
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                <description>सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बेस में आयुष्मान से नहीं हो रहे आंख के ऑपरेशन    </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना से नहीं हो रहे हैं। हालांकि उपचार में मरीजों का खर्चा नहीं होता है। इसके बावजूद लोग आयुष्मान भारत योजना से ऑपरेशन करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। जिस वजह से अस्पताल में आंखों के ऑपरेशनों की संख्या लगातार कम हो रही है।</p>
<p><br />अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार बेस अस्पताल कुमाऊं का प्रमुख नेत्र रोगों का अस्पताल है। यहां बड़ी संख्या में आंखों के ऑपरेशन किए जाते हैं। गर्मियों की अपेक्षा ठंड के दिनों में ऑपरेशनों की संख्या बढ़ जाती है क्योंकि गर्मियों में ऑपरेशन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/525749/eye-operations-are-not-being-done-by-ayushmann-in-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/igims-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार:</strong> सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना से नहीं हो रहे हैं। हालांकि उपचार में मरीजों का खर्चा नहीं होता है। इसके बावजूद लोग आयुष्मान भारत योजना से ऑपरेशन करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। जिस वजह से अस्पताल में आंखों के ऑपरेशनों की संख्या लगातार कम हो रही है।</p>
<p><br />अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार बेस अस्पताल कुमाऊं का प्रमुख नेत्र रोगों का अस्पताल है। यहां बड़ी संख्या में आंखों के ऑपरेशन किए जाते हैं। गर्मियों की अपेक्षा ठंड के दिनों में ऑपरेशनों की संख्या बढ़ जाती है क्योंकि गर्मियों में ऑपरेशन के दौरान संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा रहा है। इसलिए आंखों के मरीज ऑपरेशन के लिए गर्मियों की अपेक्षा ठंड को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं।  साल 2024 के जनवरी माह में 214 ऑपरेशन हुए थे। फरवरी 2024 में 164 ऑपरेशन हुए थे। इसी तरह दिसंबर 2024 में 177 मरीजों ने आंखों के ऑपरेशन बेस अस्पताल में करवाए थे। जनवरी 2025 में 145 और फरवरी में 163 लोगों ने ही आंखों के ऑपरेशन करवाए थे। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार यह संख्या बढ़नी चाहिए थी और बढ़ने की जगह यह संख्या कम होने लगी है। इसका मुख्य कारण अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के लिए आयुष्मान भारत योजना का लागू नहीं होना है। हालांकि आंखों के ऑपरेशन निशुल्क किए जाते हैं। इसके बावजूद लोग आयुष्मान भारत योजना के लिए डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल जा रहे हैं। नेत्र विभाग की ओटी की एक कर्मचारी ने बताया कि लोग मांग भी करते हैं कि यहां पर आंखों के ऑपरेशन के लिए आयुष्मान भारत योजना लागू की जाए।<br /><br /><strong>डाइबटीज व असंतुलित भोजन बना रहा मोतियाबंद का शिकार</strong><br />हल्द्वानी। बेस अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. केएस दताल ने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ आंखों में समस्या होना आम बात है। साथ ही देखा जा रहा है कि अब लोगों को कम उम्र से ही डाइबटीज की समस्या हो रही है। डाइबटीज की समस्या से आंखों की परेशानी बढ़ती है। इसके साथ ही जो लोग असंतुलित तरीके से भोजन करते हैं, उनकी भी आंखों में समस्या होती है। यह सब कारण आंखों में मोतियाबंद की वजह बनते हैं।<br /><br /><strong>बेस अस्पताल की दीवारों पर होगी चित्रकारी</strong><br />हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना अस्पताल की नैनीताल रोड से सटी दीवार को तोड़कर नया बनाया गया है। दीवारों पर चित्रकारी का दौर चल रहा है। अभी तक सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय खेलों से संबंधित चित्रकारी की जा रही थी लेकिन अब राष्ट्रीय खेलों का समापन हो गया है। इसलिए बेस अस्पताल की दीवारों पर अब स्वास्थ्य संबंधित चित्रकारी की जाएगी। इसमें रोगों से बचाव थीम पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। पीएमएस डॉ. केके पांडे ने बताया कि संबंधित विभाग ने इस बारे में बातचीत की है। यह अच्छा है कि दीवारों पर चित्रकारी के जरिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग किया जाए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 10:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>हल्द्वानी: बेस अस्पताल में सीढ़ी पर चढ़ी बेकाबू कार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में एक कार अनियंत्रित होकर सीढ़ी पर चढ़ गई। जिसे क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार बेस अस्पताल में प्लंबिंग का काम करने वाले आजाद नगर निवासी कमाल उद्दीन ने अपनी कार को पार्किंग में खड़ा किया था। जैसे ही उन्होंने कार को स्टार्ट किया तो अचानक स्पीड़ बढ़ गई और कार अनियंत्रित हो गई। कमान उद्दीन ने बताया कि उन्होंने कार को रोकने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन कार नहीं रुकी और पर्ची काउंटर के पास सीढ़ी से टकराकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/318097/haldwani--uncontrollable-car-climbed-the-stairs-in-the-base-hospital"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-11/अनियंत्रित-कार.gif" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में एक कार अनियंत्रित होकर सीढ़ी पर चढ़ गई। जिसे क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार बेस अस्पताल में प्लंबिंग का काम करने वाले आजाद नगर निवासी कमाल उद्दीन ने अपनी कार को पार्किंग में खड़ा किया था। जैसे ही उन्होंने कार को स्टार्ट किया तो अचानक स्पीड़ बढ़ गई और कार अनियंत्रित हो गई। कमान उद्दीन ने बताया कि उन्होंने कार को रोकने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन कार नहीं रुकी और पर्ची काउंटर के पास सीढ़ी से टकराकर उसके ऊपर चढ़ गई। रविवार की छुट्टी होने के कारण अस्पताल में भीड़ नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा बच गया। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इधर, अस्पताल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Nov 2022 18:11:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हल्द्वानी: नौ साल बाद खुली लापरवाही की पोल, बांए पैर से दिव्यांग महिला के प्रमाण पत्र में दांया पैर खराब बता दिया</title>
                                    <description><![CDATA[लक्ष्मण मेहरा, हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के चिकित्सकों व स्टाफ की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां बांए पैर से दिव्यांग महिला जब प्रमाण पत्र बनाने पहुंची तो चिकित्सकों ने प्रमाण पत्र में दांया पैर दर्ज कर उसे रवाना कर दिया। नौ साल बाद लापरवाही का खुलासा हुआ है। ओखलकांडा ब्लाक के …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>लक्ष्मण मेहरा, हल्द्वानी।</strong> सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के चिकित्सकों व स्टाफ की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां बांए पैर से दिव्यांग महिला जब प्रमाण पत्र बनाने पहुंची तो चिकित्सकों ने प्रमाण पत्र में दांया पैर दर्ज कर उसे रवाना कर दिया। नौ साल बाद लापरवाही का खुलासा हुआ है।</p> <img class="wp-image-565931 size-full" src="https://amritvichar.com/wp-content/uploads/2022/09/19hldp18-Kalawati-devi-e1663666833391.jpg" alt="" width="480" height="496"></img>दिव्यांग महिला कलावती देवी। <p>ओखलकांडा ब्लाक के तुषराड़ गांव की रहने वाली कलावती देवी पत्नी मोहन सिंह कोहली ने बताया कि साल 2013 में वह बेस अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाते पहुंची थी। वह लगभग 75 प्रतिशत दिव्यांग है। सोमवार को वह प्रमाण पत्र के नवीनीकरण को लेकर अस्पताल आई, तो चिकित्सकों ने उसे प्रमाण पत्र में बाएं पैर की जगह दांया पैर दर्ज होने की बात बताई। यह सुनकर उसके होश उड़ गये।</p> <p>कलावती ने बताया कि दुर्गम क्षेत्र से आने के कारण उसे अस्पताल पहुंचने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। चिकित्सकों और स्टाफ की लापरवाही के कारण उसे प्रमाण पत्र में हुई गलती को सुधारने के लिए दोबारा कागजी कार्रवाई करनी होगी। महिला ने बताया कि चिकित्सकों ने अवकाश का हवाला देते हुए उसे मंगलवार को आने के लिए कहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Sep 2022 15:07:48 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>हल्द्वानी: बीमार बनकर बेस और सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री&amp;#8230; फिर जो हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी, अमृत विचार। सरकारी अस्पताल में आम आदमी को इलाज के दौरान किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इस बात का अंदाजा लगाने के लिए सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने कोशिश की। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हल्द्वानी में सरकारी अस्पतालों के हाल जानने के लिए गुपचुप तरीके से अस्पतालों में पहुंचे। उन्होंने …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/126825/health-minister-reached-hospital-know-what-are-the-problems-faced-by-common-man"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-10/25hldp36-e1635175277942.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>सरकारी अस्पताल में आम आदमी को इलाज के दौरान किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इस बात का अंदाजा लगाने के लिए सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने कोशिश की। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत हल्द्वानी में सरकारी अस्पतालों के हाल जानने के लिए गुपचुप तरीके से अस्पतालों में पहुंचे। उन्होंने मरीज बनकर एसटीएच और बेस अस्पताल में खुद का उपचार कराया और वापस आ गए।</p>
<p>विगत दिनों स्वास्थ्य मंत्री आपदा राहत के चलते कुमाऊं के दौरे पर थे। 23 अक्टूबर को इसी दौरान वह रात के समय सरकारी अस्पतालों के हाल जानने पहुंच गए। सबसे पहले वह सुशीला तिवारी अस्पताल गए। उन्होंने अपने चेहरे पर मास्क लगा लिया, जिस वजह से उनको कोई पहचान नहीं पाया। यहां उन्होंने पर्ची कटवाई और सिरदर्द की बात कहकर खुद का उपचार कराया। इस दौरान वह अस्पताल में करीब एक घंटा तक रहे।</p>
<p>इसके बाद वह बेस अस्पताल पहुंच गए। यहां भी करीब 18 मिनट तक रूके और खुद का इलाज कराया। उन्होंने अकेले की वार्डों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कोई भी नहीं पहचान नहीं पाया कि स्वास्थ्य मंत्री स्वयं ही अस्पतालों में इलाज के बहाने अस्पताल का निरीक्षण कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि अस्पतालों में जो भी कमियां मिली हैं, वह दूर की जाएंगी।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Oct 2021 20:47:02 +0530</pubDate>
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