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                <title>Mata Sita - Amrit Vichar</title>
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                <description>Mata Sita RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमित शाह ने सीतामढ़ी में रखी जानकी मंदिर के पुनर्विकास की आधारशिला, सीएम नीतीश भी रहे मौजूद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सीतामढ़ी। </strong>गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी ज़िले के पुनौराधाम में जानकी मंदिर के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। पुनौराधाम को माता सीता का जन्मस्थान माना जाता है। इस परियोजना के शिलान्यास समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कई केंद्रीय मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। इस परियोजना की कुल लागत 882.87 करोड़ रुपये से अधिक है। </p>
<p>एक अधिकारी ने बताया कि शाह ने मंदिर के पुनर्विकास के लिए भूमि पूजन किया। इसके अलावा शाह ने सीतामढी-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई और जानकी मंदिर के डिजाइन का अनावरण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549308/amit-shah-laid-the-foundation-stone-for-the-redevelopment-of-janaki-temple-in-sitamarhi--cm-nitish-was-also-present"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/cats156.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सीतामढ़ी। </strong>गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के सीतामढ़ी ज़िले के पुनौराधाम में जानकी मंदिर के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। पुनौराधाम को माता सीता का जन्मस्थान माना जाता है। इस परियोजना के शिलान्यास समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कई केंद्रीय मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। इस परियोजना की कुल लागत 882.87 करोड़ रुपये से अधिक है। </p>
<p>एक अधिकारी ने बताया कि शाह ने मंदिर के पुनर्विकास के लिए भूमि पूजन किया। इसके अलावा शाह ने सीतामढी-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई और जानकी मंदिर के डिजाइन का अनावरण किया। राज्य मंत्रिमंडल ने एक जुलाई को मंदिर परिसर के एकीकृत विकास के लिए 882.87 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। </p>
<p>अधिकारी ने बताया कि कुल राशि में से 137 करोड़ रुपये पुराने मंदिर और उसके परिसर के विकास पर खर्च किए जायेंगे, जबकि 728 करोड़ रुपये पर्यटन संबंधी गतिविधियों पर खर्च किए जायेंगे। इसके अलावा, 10 वर्षों तक व्यापक रखरखाव पर 16 करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगे। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (बीएसटीडीसी) इस परियोजना का क्रियान्वयन करेगा। </p>
<p>राज्य सरकार ने हाल ही में मंदिर के निर्माण और पुनर्विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय ट्रस्ट का गठन किया है। भाजपा की बिहार इकाई के प्रवक्ता नीरज कुमार ने पहले ‘एक न्यूज एजेंसी’ को बताया था, ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या की तर्ज पर इसका व्यापक विकास किया जाएगा।" </p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पुनौराधाम आते हैं। राज्य मंत्रिमंडल ने परियोजना के लिए डिजाइन सलाहकार के रूप में नोएडा स्थित एक कंपनी की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। यह कंपनी राम जन्मभूमि न्यास के लिए मास्टर प्लानिंग और वास्तुकला सेवाओं में लगी हुई थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/549293/modi-became-pm-by-stealing-votes--rahul-gandhi-said-if-election-commission-gives-electronic-data--we-will-prove-it">वोटों की चोरी से PM बने हैं मोदी, बोले राहुल गांधी- चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक डेटा दे, साबित कर देंगे</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 15:39:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Hanuman Janmotsav 2025:आखिर क्यों चढ़ाते हैं हनुमान को लाल सिंदूर, क्या है इसके पीछे की वजह जाने </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार। </strong>हनुमान जयंती इसी शनिवार 12 अप्रैल को मनाई जाएगी। चैत्र माह की पूर्णिमा तिथ को हमारे बजरंगबली का जन्म हुआ था। इसीलिए हर साल इसी दिन हनुमान का जन्मदिन मनाया जाता है। इस दिन हनुमान की आराधना करने से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं। हनुमान जी की पूजा में अक्सर आपने देखा होगा सिंदूर चढ़ाने की प्रथा होती है। तो आखिर हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की मान्यता क्या है हम आज जानेगें।  </p>
<p style="text-align:justify;">बताते है कि एक बार माता सीता अपनी मांग में सिंदूर लगा रही थी। उसी समय वहां हनुमान जी आ जाते है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532867/why-do-we-offer-red-vermilion-to-hanuman--what-is-the-reason-behind-it"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/news-post--(11).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार। </strong>हनुमान जयंती इसी शनिवार 12 अप्रैल को मनाई जाएगी। चैत्र माह की पूर्णिमा तिथ को हमारे बजरंगबली का जन्म हुआ था। इसीलिए हर साल इसी दिन हनुमान का जन्मदिन मनाया जाता है। इस दिन हनुमान की आराधना करने से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं। हनुमान जी की पूजा में अक्सर आपने देखा होगा सिंदूर चढ़ाने की प्रथा होती है। तो आखिर हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने की मान्यता क्या है हम आज जानेगें।  </p>
<p style="text-align:justify;">बताते है कि एक बार माता सीता अपनी मांग में सिंदूर लगा रही थी। उसी समय वहां हनुमान जी आ जाते है और माता सीता को सिंदूर लगाता देख बड़ी ही हैरानी से उन्हें देखने लगते हैं। हनुमान माता सीता से सवाल करते हैं कि आखिर वो अपनी मांग में सिंदूर क्यों भर रही हैं। इसके जवाब में माता सीता मुस्कुराते हुए बोलती हैं कि सिंदूर लगाने से उनके पति यानि श्रीराम की उम्र लंबी होती है। </p>
<p style="text-align:justify;">भगवान हनुमान को ये बात बड़ी ही पसंद आती है और वे भी अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाने लग जाते हैं। जब श्रीराम बजरंगबली को पूरा सिंदूर में नहाया हुआ देखते हैं उनसे पूछने लगते हैं कि आखिर क्यों उन्होंने खुद को इस प्रकार सिंदूर में रंगा हुआ है। तब बजरंगबली कहते है कि 'हे प्रभु माता सीता आपकी दीर्घायु के लिए अपनी मांग में सिंदूर लगाया है। मैं भी आपकी दीर्घायु के लिए इसे अपने पूरे शरीर पर लगा लिया है।  </p>
<p style="text-align:justify;">हनुमान जी की इस भक्ति और समर्पण को देख प्रभु श्रीराम उनसे प्रसन्न होते है। और उनको ये आशीर्वाद देते हैं कि जो भी सच्चे मन से तुम्हें सिंदूर चढ़ाएगा उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होगी और मेरा आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। उसी दिन से हनुमान को लाल सिंदूर चढ़ाने की प्रथा चली आ रही है और हनुमान जी को जो भी सच्चे मन से सिंदूर अर्पित करता हैं उसे बजरंगबली का आशीर्वाद और श्रीराम जी की कृपा भी प्राप्त होती है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/532850/why-is-there-a-ruckus-over-this-bhojpuri-song--demand-for-action-against-the-singer-is-also-being-raised#gsc.tab=0">आखिर इस भोजपुरी गाने पर क्यों मचा बवाल? सिंगर पर भी उठ रही कार्यवाही की मांग</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532867/why-do-we-offer-red-vermilion-to-hanuman--what-is-the-reason-behind-it</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 18:40:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवान श्रीराम व माता सीता के व्यक्तित्व व कृतित्व को जीवन में उतारें: श्यामकरन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बहराइच, अमृत विचार।</strong> मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम-सीता लीला कमेटी के तत्वावधान में रविवार को शेखदहीर में साप्ताहिक राम सीता लीला मंचन का समापन धनुष यज्ञ एवं राम सीता विवाह, कलेवा आदि का सदृश्य मंचन के साथ हुआ।</p>
<p>एक सप्ताह से चल रहे राम सीता जीवन चरित्र से जुड़े प्रसंगों का सजीव मंचन अयोध्या से आये रामलीला कमेटी के कलाकारों ने बाल कलाकारों के साथ मिलकर अभिनीत किया। श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम एवं माता सीता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को अपने जीवन में उतार कर राम राज्य की कल्पना को साकार मूर्त देने का सामूहिक संकल्प दिलाया।</p>
<p>रामलीला कमेटी शेखदहीर द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/440786/bahraich-shyam-karn-should-bring-to-life-the-personality-and"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/untitled-12-copy3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बहराइच, अमृत विचार।</strong> मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम-सीता लीला कमेटी के तत्वावधान में रविवार को शेखदहीर में साप्ताहिक राम सीता लीला मंचन का समापन धनुष यज्ञ एवं राम सीता विवाह, कलेवा आदि का सदृश्य मंचन के साथ हुआ।</p>
<p>एक सप्ताह से चल रहे राम सीता जीवन चरित्र से जुड़े प्रसंगों का सजीव मंचन अयोध्या से आये रामलीला कमेटी के कलाकारों ने बाल कलाकारों के साथ मिलकर अभिनीत किया। श्रद्धालुओं से भगवान श्रीराम एवं माता सीता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को अपने जीवन में उतार कर राम राज्य की कल्पना को साकार मूर्त देने का सामूहिक संकल्प दिलाया।</p>
<p>रामलीला कमेटी शेखदहीर द्वारा आयोजित रामसीता विवाह मंचन समापन मौके पर आयोजित उत्सव को संबोधित करते हुए रामलीला कमेटी के अध्यक्ष समाजसेवी श्यामकरन टेकड़ीवाल ने कहा कि भगवान श्रीराम व माता सीता का जीवन चरित्र आदर्श मानव जीवन का पथ प्रदर्शन करता है एवं परिवार समाज व राष्ट्र के निर्माण का प्रभावी सुगम पथ दर्शाता है।</p>
<p>उन्होंने कार्यक्रम आयोजन के लिए रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों को साधुवाद दिया और समूचे नगरीय क्षेत्र के चहुमुखी विकास का अपना संकल्प दोहराया। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी पर्यावरणविद राकेश चंद्र श्रीवास्तव ने रामचरितमानस में वर्णित विचारों को परिभाषित करते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस को राष्ट्रीय पुस्तक एवँ 22 दिसंबर को राष्ट्रीय सनातन दिवस घोषित किए जाने की मांग की।</p>
<p>कार्यक्रम का संचालन करते हए महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि एक सप्ताह तक आयोजित कार्यक्रम में भगवान श्रीराम एवं माता सीता के आदर्शों को मंचन करते हुए राम राज्य की बहुआयामी कल्पना को साकार करने के लिए सामुहिक संकल्प दिलाया गया।</p>
<p>अवैध नशा कारोबार , उपभोग , उत्पादन व विक्रय पर प्रभावी अंकुश का भी संकल्प दोहराया गया एवं नशा न करने का रामलीला मंच से ही प्रतिज्ञा लिया गया। आयोजित कार्यक्रम में शिक्षाविद समाजसेवी पुण्डरीक पाण्डेय, वरिष्ठ भाजपा नेता राजन सिंह, रामलीला कलाकार मुकेश अमन अवस्थी, अरुण मिश्र , राकेश शुक्ल, राम सम्मोहन मिश्र , सोनू अमित डांसर, बाल कलाकार प्रियंका , खुसी , रचना व रामलीला कमेटी मण्डली प्रमुख छोटन अवस्थी आदि लोग उपस्थित रहे।</p>
<p>समापन अवसर पर स्थानीय क्षेत्रीय सभासद राजीव सिंह आभार जताया। आयोजक भानु प्रताप सिंह, बालानंद व एम एस चक्रवर्ती को मुख्य अतिथि ने माल्यार्पण व अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। समापन अवसर पर आयोजकों ने आगंतुक अतिथियों को अंगवस्त्रम व राम दरबार चित्र देकर सम्मानित किया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-02/untitled-13-copy4.jpg" alt="Untitled-13 copy"></img></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/440774/police-s-big-revelation-in-lucknow-triple-murder--accused-father-and-son-had-reached-moradabad-to-escape-to-poland-via-nepal#gsc.tab=0">लखनऊ ट्रिपल मर्डर में पुलिस का बड़ा खुलासा: नेपाल के रास्ते पोलैंड भागने की फिराक में मुरादाबाद पहुंचे थे आरोपी बाप-बेटे</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/440786/bahraich-shyam-karn-should-bring-to-life-the-personality-and</link>
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                <pubDate>Sun, 04 Feb 2024 17:20:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुलतानपुर: श्रीराम और अयोध्या से कुशभवनपुर का है गहरा नाता, प्रभु के वन गमन पथ का पहला पड़ाव था सीताकुंड घाट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सुलतानपुर। </strong>कुशभवनपुर या कुशपुर (अब सुलतानपुर) का मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और अयोध्या नगरी से गहरा नाता है। सिर्फ इसलिए नहीं कि श्रीराम के ज्येष्ठ पुत्र कुश महाराज ने कोशल राज्य के दक्षिण इस नगर को बसाया, बल्कि इसलिए भी क्योंकि श्रीराम के वन गमन पथ का यहां का गोमती तट प्रमुख पड़ाव था। अयोध्या में नव निर्मित राम मंदिर में श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कुशनगरी के लोग आतुर है। उत्सव को यादगार बनाने को हमारे धार्मिक व पौराणिक स्थल तैयार किए जा रहे हैं। </p>
<p>जिला मुख्यालय पर आदि गंगा गोमती के दक्षिणी तट पर स्थित रामायणकालीन सीताकुंड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/435440/kushbhavanpur-sultapur-has-a-deep-connection-with-shri-ram-and"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-01/untitled-50-copy4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सुलतानपुर। </strong>कुशभवनपुर या कुशपुर (अब सुलतानपुर) का मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और अयोध्या नगरी से गहरा नाता है। सिर्फ इसलिए नहीं कि श्रीराम के ज्येष्ठ पुत्र कुश महाराज ने कोशल राज्य के दक्षिण इस नगर को बसाया, बल्कि इसलिए भी क्योंकि श्रीराम के वन गमन पथ का यहां का गोमती तट प्रमुख पड़ाव था। अयोध्या में नव निर्मित राम मंदिर में श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कुशनगरी के लोग आतुर है। उत्सव को यादगार बनाने को हमारे धार्मिक व पौराणिक स्थल तैयार किए जा रहे हैं। </p>
<p>जिला मुख्यालय पर आदि गंगा गोमती के दक्षिणी तट पर स्थित रामायणकालीन सीताकुंड घाट ऐतिहासिक धरोहर है। हिंदू धर्मावलंबियों के लिए यह आस्था का केंद्र है। ये वह स्थल है जहां श्रीराम ने वनगमन के वक्त सीता एवं लक्ष्मण के साथ रात्रि विश्राम किया था। प्रदेश के पर्यटन महकमे ने इसे मान्यता प्रदान की है। आज भी हर साल अयोध्या से संतों की टोली शृंगवेरपुर के लिए निकलती है और सीताकुंड घाट पर रात्रि विश्राम करके उन स्मृतियों को जीवंत करती है। </p>
<p>सीताकुंड घाट का रामायण व रामचरित मानस में भी जिक्र है कि जब श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मिला तो वे अयोध्या से वनगमन के लिए सीता एवं लक्ष्मण के साथ निकल पड़े। उन्होंने तमसा तट पार किया और फिर दक्षिणी दिशा में आदिगंगा गोमती के तट पर पहुंचकर रात्रि विश्राम किया। विद्वानों की मानें तो यही वह स्थल है। सदियों से इसे सीताकुंड घाट के रूप में जाना जाता है।</p>
<p>ब्रिटिश कालीन ‘गजेटियर ऑफ अवध‘ में भी इसका जिक्र है। सिक्खों के प्रथम गुरु नानक देव व गुरुतेग बहादुर ने भी जब देशाटन के लिए निकले तो उन्होंने सीताकुंड घाट के महत्व को समझा और यहां रात्रि विश्राम किया। सिक्ख भी इसे तीर्थस्थल का दर्जा देते हैं। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने सीताकुंड घाट की सुधि तो ली, पर देर से। यहां श्रीराम के पुत्र कुश की विशालकाय भव्य प्रतिमा यहां स्थापित की गई है। ‘सुलतानपुर का इतिहास‘ पुस्तक में है कि हर्ष के शासनकाल में जब चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत आया तो उसने भी सीताकुंड घाट का अवलोकन किया था। उसने अपनी डायरी में इसके महत्व को अंकित किया। </p>
<h5>18 को पहुंचेगी चरण पादुका यात्रा </h5>
<p>संस्कृति विभाग उप्र के आयोजन में भरतकूप चित्रकूट 15 जनवरी को निकलने वाली रामोत्सव अयोध्या श्रीराम राम चरण पादुका यात्रा 18 जनवरी को जिले में रात्रि विश्राम है। श्रीराम वनगमन पथ मार्ग पर पड़ने वाले सुलतानपुर में इस दिन पादूका पूजन एवं दर्शन होंगे। गोमती नदी का कलश में जल संग्रह, स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुति, सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ रात्रि विश्राम कर अगले दिन यात्रा अयोध्या को निकलेगी। यह यात्रा 19 जनवरी को अयोध्या में पहुंचना है। </p>
<h5>22 को 5100 दीपों से जगमग होगा सीताकुंड धाम </h5>
<p>अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दिन 22 जनवरी को गोमती मित्र मंडल समिति की ओर से सीताकुंड धाम पर विविध आयोजन किए जाएंगे। पूरे परिसर में झालरों की सजावट, साढ़े 12 बजे से श्री सुंदरकांड पाठ का आयोजन, 2 बजे से भजन संध्या, 5 बजे 5100 दीपों से दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन व मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी ने बताया कि इस ऐतिहासिक दिन को अविस्मरणीय बनाने के लिए पूरे शहर के लोगों को आमंत्रित किया गया है। </p>
<p><strong>यह भी पढे़ं: <a href="https://www.amritvichar.com/article/435437/government-should-provide-equal-pay-for-equal-work-state-president#gsc.tab=0">समान कार्य का समान वेतन दिलाए सरकार: प्रदेश अध्यक्ष </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>सुल्तानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/435440/kushbhavanpur-sultapur-has-a-deep-connection-with-shri-ram-and</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Jan 2024 17:56:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज: मनकामेश्वर की महिमा का स्वयं प्रभु श्रीराम ने किया था गुणगान, इसी अक्षयवट के नीचे किया था विश्राम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज।</strong> गोस्वामी तुलसीदास की रचित इस दोहे में प्रयागराज की महिमा का बखान किया गया है। उन्होंने कहा है कि को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ। कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ॥ अस तीरथपति देखि सुहावा। सुख सागर रघुबर सुखु पावा। अर्थात पापों के समूह रूपी हाथी के मारने के लिए सिंह रूपी प्रयागराज का प्रभाव (महत्व-माहात्म्य) कौन कह सकता है। ऐसे सुहावने तीर्थराज का दर्शन कर सुख के समुद्र रघुकुल श्रेष्ठ श्री रामजी ने भी सुख पाया। </p>
<p>वनवास के समय प्रयागराज में मनकामेश्वर की महिमा का गान स्वयं प्रभु श्री राम कर चुके हैं। पुराणों में उल्लेख है किया कि वन गमन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/432786/prayagraj-lord-ram-hielf-praised-the-glory-of-mankameshwar-and"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-01/untitled-24-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज।</strong> गोस्वामी तुलसीदास की रचित इस दोहे में प्रयागराज की महिमा का बखान किया गया है। उन्होंने कहा है कि को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ। कलुष पुंज कुंजर मृगराऊ॥ अस तीरथपति देखि सुहावा। सुख सागर रघुबर सुखु पावा। अर्थात पापों के समूह रूपी हाथी के मारने के लिए सिंह रूपी प्रयागराज का प्रभाव (महत्व-माहात्म्य) कौन कह सकता है। ऐसे सुहावने तीर्थराज का दर्शन कर सुख के समुद्र रघुकुल श्रेष्ठ श्री रामजी ने भी सुख पाया। </p>
<p>वनवास के समय प्रयागराज में मनकामेश्वर की महिमा का गान स्वयं प्रभु श्री राम कर चुके हैं। पुराणों में उल्लेख है किया कि वन गमन के दौरान प्रभु श्रीराम अक्षयवट से पहले मनकामेश्वर में रुके थे। जहां सीता माता के साथ भगवान राम ने मनकामेश्वर महादेव की पूजा अर्चना की। इसको लेकर महाकुंभ की तैयारी में इस मनकामेश्वर तीर्थ को संवारने की शासन की योजना है।</p>
<p>प्रभु श्रीराम द्वादश माधव की नगरी में विराजमान मनकामेश्वर महादेव की स्वयं आराधना कर चुके हैं। यमुना तट पर मनकामेश्वर में वनगमन के समय श्री राम स्वयं आये थे। मान्यता है कि संगमनगरी में मनकामेश्वर के दर्शन मात्र से मन की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। </p>
<p>पौराणिक मान्यता है कि यज्ञभूमि पर कामदेव को भस्म करने के बाद भगवान शिव ने यमुना तट पर प्रवास किया। तभी भगवान शिव यहां यमुना तट पर मनकामेश्वर के रूप में महादेव विराजमान हैं। स्कंद पुराण और प्रयाग महात्म्य में भी मनकामेश्वर महादेव का उल्लेख किया गया है।</p>
<p> पुराणों के अनुसार अक्षयवट के पश्चिम में पिशाच मोचन मंदिर के पास यह मनकामेश्वर तीर्थ बना हुआ है। यहां मंदिर में कामेश्वरी के रूप में मां पार्वती, भैरव, यक्ष और किन्नर भी विराजमान है। इन देवताओं और तीर्थों के दर्शन करने के बाद प्रभु श्रीराम वन गमन के लिए आगे बढ़े थे।</p>
<p>त्रेतायुग में जब भगवान श्रीराम को वनवास मिला। उसके बाद वह अयोध्या से वह माता सीता और लक्ष्मण के साथ संगमनगरी में अक्षयवट के नीचे विश्राम किया था । यहां से प्रस्थान से पहले उन्होंने मनकामेश्वर की पूजा और अर्चना की थी।</p>
<p>                                                      <strong>                               श्रीधरानंद ब्रह्मचारी, मंदिर व्यवस्थापक</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/432770/sant-kabir-nagar-administrative-staff-prepared-for-the-proposed-arrival#gsc.tab=0">संतकबीरनगर: सीएम योगी के प्रस्तावित आगमन को लेकर मुस्तैद हुआ प्रशासनिक अमला</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jan 2024 19:11:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज: उपेक्षा का शिकार है राम सागर तालाब, वन गमन के समय कभी यहां पड़े थे श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के चरण </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>राजीव जायसवाल, नैनी, प्रयागराज। </strong>नैनी स्थित राम सागर तालाब एवं राम जानकी मंदिर की उपेक्षा के चलते यहां कोई विकास नहीं हो सका है। यहां के इस मंदिर और तालाब का अपना पौराणिक महत्व है। वन गमन के समय भगवान राम, माता  सीता और लक्ष्मण यहां पर रुके थे। जहां एक और अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो रहा है। अगले माह प्राण प्रतिष्ठा भी हो जाएगा। ऐसे में स्थानीय लोगों को आस थी कि सरकार इस स्थल का भी कायाकल्प कराएगी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-12/untitled-8-copy21.jpg" alt="Untitled-8 copy" /></p>
<p>नैनी में स्थित राम सागर तालाब एवं श्री राम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/431140/ram-sagar-pond-is-a-vitim-of-neglect"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/untitled-7-copy22.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>राजीव जायसवाल, नैनी, प्रयागराज। </strong>नैनी स्थित राम सागर तालाब एवं राम जानकी मंदिर की उपेक्षा के चलते यहां कोई विकास नहीं हो सका है। यहां के इस मंदिर और तालाब का अपना पौराणिक महत्व है। वन गमन के समय भगवान राम, माता  सीता और लक्ष्मण यहां पर रुके थे। जहां एक और अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो रहा है। अगले माह प्राण प्रतिष्ठा भी हो जाएगा। ऐसे में स्थानीय लोगों को आस थी कि सरकार इस स्थल का भी कायाकल्प कराएगी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-12/untitled-8-copy21.jpg" alt="Untitled-8 copy"></img></p>
<p>नैनी में स्थित राम सागर तालाब एवं श्री राम जानकी मंदिर का अपना पौराणिक महत्व है। वन गमन के समय भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण और यहां में रुके थे। रात में रुकने के कारण इस स्थल को शयनी गांव भी कहा जाता है। त्रेता युग की एक कथा प्रचलित है कि माता सीता के स्नान को लक्ष्मण ने बाण चलाकर यहां पानी निकाल दिया था। इससे यह तालाब बन गया। इसके बाद माता जानकी ने स्नान कर मंदिर में पूजन किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तालाब की गहराई का कोई अंदाज नहीं लगा पाया।</p>
<p> <img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-12/untitled-9-copy23.jpg" alt="Untitled-9 copy"></img></p>
<p>बताया जाता है कि इस मंदिर में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के चरण चिन्ह भी हैं। मान्यता है कि तालाब में महिलाओं को स्नान करने और पूजन करने से माता सीता द्वारा अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिलता है। राम सागर तालाब में बड़ी संख्या में मछलियां और कछुए हमेशा रहते हैं। आसपास के कुछ लोग अक्सर वहां जाकर सना हुआ आटा, ब्रेड आदि कछुओं को खिलाते हैं। इसमें आध्यात्मिक लोगों को आनंद का अनुभव प्राप्त होता है।</p>
<p>पौराणिक महत्व के कारण तालाब में नाली का गंदा पानी जा रहा है, जिसको बंद कराने की भी मांग किया जा रहा है, जिससे तालाब में रहने वाले जीवों को नुकसान होने से बचाया जा सके। मंदिर जाने वाली सड़क भी काफी खराब स्थिति में है। उसके नीचे की काफी मिट्टी हट गई है।लोगों का मानना है कि भाजपा सरकार इस स्थल पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर यहां का कायाकल्प कराए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/431116/%22ring-main-unit%22-system-will-be-installed-in-magh-mela#gsc.tab=0">माघ मेले में लगेगा "रिंग मेन यूनिट" सिस्टम, बिजली कटौती से मिलेगी निजात</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/431140/ram-sagar-pond-is-a-vitim-of-neglect</link>
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                <pubDate>Sun, 31 Dec 2023 11:44:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवान राम ने मां जानकी को पहनाई वरमाला, देवताओं ने की पुष्पवर्षा, गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से निकली राम बारात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रतापगढ़। </strong>अवध नगरी से भगवान श्रीराम की बारात मिथिला नगरी के लिए प्रस्थान की तो इस दृश्य देखने के लिए लोग उमड़ पड़े। घोड़ा-हाथी व मणियों की तरह चमकते रथों पर बैठे चारों भाइयों की झांकी देखते ही बन रही थी। भगवान श्रीराम व मां जानकी ने जैसे ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई तो जय सियाराम के जयकारे से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा। आसमान से देवताओं ने फूलों की बारिश की तो हैरतअंगेज आतिशबाजी से आसमान की सतरंगी छटा दिखी।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-10/untitled-25-copy3.jpg" alt="Untitled-25 copy" /></p>
<p>श्रीरामलीला समिति के कलाकारों ने भगवान श्रीराम व मां जानकी के विवाह का ऐतिहासिक झांकी मंचन कर हर किसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/412090/lord-ram-garlanded-mother-janaki-and-the-gods-showered-flowers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/untitled-24-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रतापगढ़। </strong>अवध नगरी से भगवान श्रीराम की बारात मिथिला नगरी के लिए प्रस्थान की तो इस दृश्य देखने के लिए लोग उमड़ पड़े। घोड़ा-हाथी व मणियों की तरह चमकते रथों पर बैठे चारों भाइयों की झांकी देखते ही बन रही थी। भगवान श्रीराम व मां जानकी ने जैसे ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई तो जय सियाराम के जयकारे से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा। आसमान से देवताओं ने फूलों की बारिश की तो हैरतअंगेज आतिशबाजी से आसमान की सतरंगी छटा दिखी।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2023-10/untitled-25-copy3.jpg" alt="Untitled-25 copy"></img></p>
<p>श्रीरामलीला समिति के कलाकारों ने भगवान श्रीराम व मां जानकी के विवाह का ऐतिहासिक झांकी मंचन कर हर किसी को सीता-राम की भक्ति में सराबोर कर दिया। प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर स्थित घंटाघर चौराहे पर हाइड्रोलिक मंचन से बहुत ही आकर्षक तरीके से विवाहोत्सव हुआ। मां जानकी व भगवान श्रीराम की झांकी देखने को हर कोई आतुर रहा। देर रात तक भक्ति और आस्था का विहंगम नजारा बना रहा।</p>
<p>शहर के गोपाल मंदिर में दोपहर दो बजे गाजे-बाजे, घोड़ा, हाथी व रथों के साथ भगवान श्रीराम की बारात सजकर तैयार हुई। नगर पालिका अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह, रामलीला समिति के संरक्षक रोशनलाल उमरवैश्य, रवि अग्रवाल, श्याम शंकर सिंह, अध्यक्ष संजय खंडेलवाल, संयोजक दिनेश सिंह 'दिन्नू', मंत्री विपिन गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनीष गुप्ता, राजू शर्मा, पंकज शुक्ल, राजेंद्र केसरवानी आदि ने आरती उतारी। इसके बाद बरात मिथिलानगरी को रवाना हुई।</p>
<p>चौक घंटाघर से स्टेशन होते हुए बारात लौटकर जेलरोड स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंची। यहां आरती पूजन के बाद बारात सीधे चिलबिला रवाना हुई। फूलों की बारिश के बीच जय श्रीराम के जयकारे से पूरा वातावरण राममय बना हुआ था। भ्रमण करते हुए रात में 10 बजे बरात घंटाघर चौराहे पर पहुंची। चौक घंटाघर पर हाईड्रोलिक सिस्टम से जयमाल हुआ।</p>
<p>जैसे ही भगवान राम व मां जानकी ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई, वैसे ही आतिशबाजी के साथ फूलों की बारिश शुरू हो गई। जय श्रीराम के जयकारे लगने लगे। इसके बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया। देर रात तक मंगलगीत गूंजते रहे। मंजीत सिंह छाबडा, लखन लाल बाबा, सुरेश अग्रवाल, संजय जैन, परमानंद मिश्र, शीतला सोनी, राकेश सादवानी, अमन गुप्ता, विवेक यादव आदि मौजूद रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/412070/lucknow-ajay-rai-said-on-akhilesh-yadavs-statement-sp-should">लखनऊ: अखिलेश यादव के बयान पर बोले अजय राय, कहा- सपा को कांग्रेस का सहयोग करना चाहिए</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रतापगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/412090/lord-ram-garlanded-mother-janaki-and-the-gods-showered-flowers</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Oct 2023 21:38:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: रामलला को चांदी की ईंट, माता सीता को मिली रेशमी साड़ी, कर्नाटक के मंत्री ने किया दर्शन-पूजन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार, अयोध्या।</strong> कर्नाटक के मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। दर्शन-पूजन कर उन्होंने रामलला को दो किलो की चांदी की ईंट समर्पित की। अश्वथ कर्नाटक से माता सीता के लिए रेशमी साड़ी और लक्ष्मण जी के लिए रेशमी शाल भी लाये थे। इस दौरान उन्होंने मन्दिर निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया। उनके साथ रामनगर जिले के तकरीबन 150 लोग भी आये थे, जिन्होंने जय श्रीराम के उद्घोष से आसमान गुंजायमान कर दिया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2022-12/image-amrit-vichar(19)12.jpg" alt="Image Amrit Vichar(19)" /></p>
<p>कर्नाटक सरकार के मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण ने दर्शन कर कहा कि राम जन्मभूमि हमारी प्रेरणा और पहचान है। हम लोग जिस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/324113/ayodhya--ramlala-got-silver-brick--mother-sita-got-silk-saree--karnataka-minister-worshiped"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-12/image-amrit-vichar(20)10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार, अयोध्या।</strong> कर्नाटक के मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। दर्शन-पूजन कर उन्होंने रामलला को दो किलो की चांदी की ईंट समर्पित की। अश्वथ कर्नाटक से माता सीता के लिए रेशमी साड़ी और लक्ष्मण जी के लिए रेशमी शाल भी लाये थे। इस दौरान उन्होंने मन्दिर निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया। उनके साथ रामनगर जिले के तकरीबन 150 लोग भी आये थे, जिन्होंने जय श्रीराम के उद्घोष से आसमान गुंजायमान कर दिया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2022-12/image-amrit-vichar(19)12.jpg" alt="Image Amrit Vichar(19)"></img></p>
<p>कर्नाटक सरकार के मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण ने दर्शन कर कहा कि राम जन्मभूमि हमारी प्रेरणा और पहचान है। हम लोग जिस जिले से आते हैं उसका नाम रामनगर है। भगवान राम जब वनवास में थे उस दौरान रामदेवरा बेट्टू जो अब रामनगर है वहां पर रुके हुए थे। उसी स्थान पर भगवान राम ने शिव की आराधना की थी। इसलिए भगवान राम से उस स्थान रामनगर से बहुत ही पुराना संबंध है।</p>
<p>कहा कि पूरे देश के लोगों की इच्छा थी कि अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। योगी राम काम का उत्तर प्रदेश में संचालन कर रहे हैं। जनवरी 2024 में मंदिर के लोकार्पण को लेकर हम लोग बेहद उत्साहित हैं। बता दें कि कर्नाटक के रामनगर जिला रेशम के लिए बहुत मशहूर है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/324105/tractor-going-to-hamirpur-straw-overturned-one-killed-two-injured#gsc.tab=0">हमीरपुर: भूसा लेने जा रहा ट्रैक्टर पलटा, एक की मौत, दो घायल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Dec 2022 15:02:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम भक्त हनुमान की मूर्ति पर क्यों लगाया जाता है सिंदूर? जानें इसके पीछे की कथा और महत्व</title>
                                    <description><![CDATA[Lord Hanuman: आपने हमेशा हनुमान जी की मूर्ति को सिंदूर में रंगा हुआ देखा होगा। वहीं भक्त भी जब मंदिर जाते हैं तो उन्हें बेसन-बूंदी के लड्डू और नारियल के अलावा सिंदूर भी जरूर चढ़ाते हैं। लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर क्यों केसरिया सिंदूर के रंग में पवनसुत मंदिरों में विराजमान रहते हैं। …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/297737/why-is-vermilion-applied-on-the-idol-of-hanuman"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/०२-12.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Lord Hanuman:</strong> आपने हमेशा हनुमान जी की मूर्ति को सिंदूर में रंगा हुआ देखा होगा। वहीं भक्त भी जब मंदिर जाते हैं तो उन्हें बेसन-बूंदी के लड्डू और नारियल के अलावा सिंदूर भी जरूर चढ़ाते हैं। लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर क्यों केसरिया सिंदूर के रंग में पवनसुत मंदिरों में विराजमान रहते हैं। दरअसल, अंजनी पुत्र हनुमान जी और सिंदूर का काफी गहरा और बड़ा रिश्ता है।</p>
<p>पौराणिक कथा के मुताबिक, लंका पर विजयी पाने के बाद भगवान राम और माता सीता अपने परम प्रिय भक्त हनुमान के साथ अयोध्या लौटे थे। अयोध्या में रहने के दौरान एक बार बजरंगबली जनक नंदिनी के महल पहुंचे। उन्होंने वहां देखा कि माता सीता अपने मांग में सिंदूर लगा रही हैं। इसके बाद हनुमान जी ने सीता मां से पूछा कि हे माता आप ये लाल रंग अपने मांग में क्यों भर रही हैं। तब माता सीता ने कहा कि इस लाल रंग को सिंदूर कहते हैं। इसे मांग में भरने से मेरे स्वामी दशरथ नंदन राम की आयु बढ़ती है, इसलिए मैं हर दिन सिंदूर से अपनी मांग भरती हूं। इसके बाद बजरंगबली ने सोचा कि चुटकी भर सिंदूर से मेरे प्रभु राम की आयु बढ़ती है तो क्यों न मैं पूरे शरीर में ही सिंदूर लगा लूं। फिर हनुमान जी ने पूरे शरीर में सिंदूर लगा लिया और सभा पहुंच गए। उनको सिंदूर में रंगा देख सभा में मौजूद सभी लोग हंसने लगे। हनुमान की भक्ति, समर्पण और प्यार को देखर भगवान राम अत्यंत खुश हुए। तभी से हनुमान जी की प्रतिमा पर सिंदूर चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें :  <a href="https://amritvichar.com/when-is-the-festival-of-karvachauth-on-13th-or-14th-october-know-date-auspicious-time-and-time-of-moon-rise/">कब है करवाचौथ का त्योहार 13 या 14 अक्टूबर? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और चांद निकलने का समय</a></strong></p>
<p>सभी जानते हैं कि हनुमान जी भगवान राम के प्रिय भक्त है। ऐसे में उनकी मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाना काफी लाभकारी और शुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, बजरंगबली को सिंदूर लगाने से उनकी कृपा तो प्राप्त होती है साथ ही भगवान राम का भी विशेष आशीर्वाद भी मिलता है। वायुपुत्र को सिंदूर चढ़ाने से सभी तरह की दुख तकलीफ दूर हो जाती और मन की हर मनोकामना पूर्ण होती है।</p>
<p>बजरंगबली को सिंदूर तो काफी पसंद है ही इसके अलावा उन्हें केसरिया वस्त्र भी अर्पित किया जाता है। वहीं भोग में हनुमान जी को लड्डू बेहद ही प्रिय है। इसके अलावा पान, फल, मेवा, काजू, इलायची, इमरती, तुलसी और चमेली का फूल भी चढ़ाया जाता है। मंगलवार और शनिवार को रामभक्त हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से जीवन की सारी बाधाएं और नकरात्मकता दूर हो जाती है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/karwa-chauth-2022-if-you-accidentally-eat-something-on-karwa-chauth-then-you-should-do-these-measures/">Karwa Chauth 2022: करवा चौथ में भूलवश कुछ खा लें तो करने चाहिए ये उपाय</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Oct 2022 09:02:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहले कब्रिस्तान पर खर्च होते थे पैसे, अब मंदिरों पर हो रहे हैं: CM योगी</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या। राम की नगरी अयोध्या में पांचवें दीपोत्सव के अवसर पर रामकथा पार्क में मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा करते हुए कहा कि मुफ्त राशन वितरण योजना के तहत अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को अब दाल, खाद्य तेल व नमक भी दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ लोग इस योजना …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/130201/earlier-money-was-spent-on-graveyards-now-it-is-being-spent-on-temples-cm-yogi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/6ff225a0-dbcb-40a9-9c33-91a55186.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या।</strong> राम की नगरी अयोध्या में पांचवें दीपोत्सव के अवसर पर रामकथा पार्क में मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा करते हुए कहा कि मुफ्त राशन वितरण योजना के तहत अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को अब दाल, खाद्य तेल व नमक भी दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ लोग इस योजना का होली तक लाभ उठा सकेंगे। वहीं, तीनों चीजें 1-1 किलो दी जाएंगी।</p> <p>इस दौरान योगी ने बिना नाम लिए विरोधी दलों पर भी जमकर निशाना साधा। सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि पहले कब्रिस्तान की बाउंड्री पर पैसे खर्च किए जाते थे, लेकिन अब मंदिरों पर पैसा खर्च किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से लेकर 2019 तक इसी दीपोत्सव में लोग नारा देते थे। “योगी जी एक काम करो, मंदिर का निर्माण करो। उन्होंने भीड़ से सवाल किया अब बताइये राम मंदिर बन रहा है या नहीं।</p> <p><img class="aligncenter wp-image-276069 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2021-11/03d4b102-a3e3-44e0-91a2-31420fd3.jpg" alt="" width="700" height="400"></img></p> <p>वहीं, 2023 में राम मंदिर का निर्माण होते ही अयोध्या विश्व की सबसे बड़ी पर्यटननगरी बनकर उभरेगी। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, साधु-संतों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 2017 में शुरू हुआ दीपोत्सव आज विशिष्ट आयोजन बन चुका है। पूरे प्रदेश में इसे भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। दीवाली अयोध्या की ही देन है, जो आज पूरा देश मना रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 से 19 तक दीपोत्सव में लोगों ने नारा दिया था।</p> <p>साथ ही कहा कि योगी काम करो, मंदिर का निर्माण करो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में ही मंदिर का शिलान्यास कर दिया है और राम मंदिर 2023 तक बन जाएगा। इसके बाद बताया कि 31 वर्ष पूर्व राम भक्तों पर गोलियां चलवार्इं गर्इं थी। लाठी चार्ज कराया गया। अब ऐसा नहीं होगा। रामभक्तों पर फूलों की वर्षा होगी। योगी ने कहा कि ये जनता जर्नादन का ही विश्वास था जो मुझे दीपोत्सव में भगवान राम का राज्याभिषेक करने का मौका मिल रहा है। मंदिरों के निर्माण व विकास कार्यों के बारे में बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में 500 तीर्थ स्थलों का विकास हो रहा है। वहीं, 300 का पूरा हो चुका है। अयोध्या में 650 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया है। मैं चाहता हूं कि सप्तपुरी की तर्ज पर अयोध्या का विकास हो। कोरोना काल के समय की बात करते हुए योगी ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री ने मुफ्त राशन वितरण योजना चलाई थी। जिसमें देश के 80 करोड़ व प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को दीवाली तक लाभ मिलना था, लेकिन मैं आज घोषणा करता हूं कि प्रदेश के अंत्योदय कार्ड धारकों को 35 किलो राशन होली तक फ्री दिया जाएगा।</p> <p>अब गेहूं, चावल के अलावा दाल, तेल व नमक भी दिया जाएगा। पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को प्रति व्यक्ति राशन मिल ही रहा था। उन्हें भी अब एक किलो दाल, एक किलो खाद्य तेल व 1 किलो नमक दिया जाएगा। इसके पहले केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने सभा को संबोधित किया था। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अतिथियों व साधु संतों मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास, सुरेश दास महाराज, राजकुमार दास, अवधेश दास समेत हराज राघवाचार्य का अभिनंदन किया। साथ ही पांच देशों से आए राजदूतों का भी स्वागत किया।</p> <p><strong>हवाई अड्डा बनते ही मीलों की दूरी घंटों में तय होगी..</strong></p> <p>योगी ने कहा कि अयोध्या में विकास कार्य गति पकड़ रहे हैं। मंदिर निर्माण 2023 तक पूरा हो जाएगा। साथ ही यहांपर इंटरनेशनल हवाई अड्डा भी बन रहा है। इसके बनते ही मीलों की दूरी घंटों में तय हो जाएगी। यहां के साधु-संत देश-विदेश के किसी भी कोने में कुछ ही घंटों में जाकर प्रवचन कर सकेंगे। वासदेवाचार्य जी भी चेन्नई जाकर प्रवचन कर सकेंगे। साथ ही युवाओं को भी इसका खासा लाभ होगा। इस दौरान सांसद लल्लू सिंह, मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, नगर विधायक वेद गुप्ता, मिल्कीपुर विधायक गोरखनाथ बाबा, रूदौली विधायक रामचंद्र यादव समेत भाजपा के कई बड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Nov 2021 18:26:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या दीपोत्सव 2021: 12 लाख दीये से जगमग हुई राम की नगरी</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या। राम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम चल रहा है। आज 12 लाख दीयों से राम की नगरी सजाई जा रही है, जो कि वर्ल्ड रिकॉर्ड है। जिसमें से 9 लाख दीये राम की पैड़ी पर पर लगाई जा रही है। इस दीपोत्सव 9 लाख से अधिक दीयों से जमीन जगमगा उठी है, आसमान …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/130193/ayodhya-deepotsav-2021-the-city-of-ram-lit-up-with-12-lakh-diya"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/deep-sixteen_nine-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या।</strong> राम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम चल रहा है। आज 12 लाख दीयों से राम की नगरी सजाई जा रही है, जो कि वर्ल्ड रिकॉर्ड है। जिसमें से 9 लाख दीये राम की पैड़ी पर पर लगाई जा रही है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">इस दीपोत्सव 9 लाख से अधिक दीयों से जमीन जगमगा उठी है, आसमान रोशन हुआ है। दीपोत्सव के इस नए विश्व रिकॉर्ड के लिए समस्त प्रदेशवासियों को बधाई। </p>
<p>जय श्रीराम ?<a href="https://twitter.com/hashtag/DeepotsavInAyodhya?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#DeepotsavInAyodhya</a></p>
<p>— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) <a href="https://twitter.com/BJP4UP/status/1455889966014230530?ref_src=twsrc%5Etfw">November 3, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p>सके अलावा अयोध्या के बाकी हिस्सों में 3 लाख दीपक जलाए जाएंगे। वहीं, दीयों की गिनती के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी इस बार पहुंची है.</p>
<p>यूपी डिप्टी सीएम ने अयोध्या में भगवान राम की शोभा यात्रा को रवाना किया। उधर, कार्यक्रम स्थल पर भगवान राम और माता जानकी हेलिकॉप्टर से पहुंचें।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">LIVE: अयोध्या में भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम… <a href="https://twitter.com/hashtag/DeepotsavInAyodhya?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#DeepotsavInAyodhya</a> <a href="https://t.co/lByXeHxNoq">https://t.co/lByXeHxNoq</a></p>
<p>— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) <a href="https://twitter.com/BJP4UP/status/1455872494137602049?ref_src=twsrc%5Etfw">November 3, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p>इस दौरान यूपी सीएम योगी ने उनका स्वागत किया। वहीं, कार्यक्रम में सीएम योगी ने राम और सीता की आरती कर भगवान का राजतिलक किया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। <a href="https://twitter.com/hashtag/DeepotsavInAyodhya?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#DeepotsavInAyodhya</a> <a href="https://t.co/UQLH6H8fEz">pic.twitter.com/UQLH6H8fEz</a></p>
<p>— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) <a href="https://twitter.com/BJP4UP/status/1455833080980074497?ref_src=twsrc%5Etfw">November 3, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p>आज अयोध्या में 12 लाख दीए जलाए जाएंग। इसके अलावा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने गिनती शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार 12 लाख दीयों में राम की पैड़ी पर 9 लाख और अयोध्या के बाकी हिस्सों में 3 लाख दीपक जलाए जाएंगे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में 661 करोड़ रुपये की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। <a href="https://t.co/7UxKYu7aqt">pic.twitter.com/7UxKYu7aqt</a></p>
<p>— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1455843416697303046?ref_src=twsrc%5Etfw">November 3, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p>इसके अलावा सीएम योगी ने 661 करोड़ रुपए का लोकार्पण और शिलान्याश किया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Nov 2021 17:36:38 +0530</pubDate>
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