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                <title>Pran Pratishtha - Amrit Vichar</title>
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                <description>Pran Pratishtha RSS Feed</description>
                
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                <title>उत्तराखंड : पैतृक गांव पंचूर में सीएम योगी ने की 'हरि विष्णु पंचदेव मंदिर' की प्राण प्रतिष्ठा, &quot;जय विष्णु भगवान&quot; के जयघोष से गूंज उठा इलाका</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पौड़ी/यमकेश्वर। </strong>  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांव पंचूर में शुक्रवार को नव निर्मित विष्णु मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा एवं सांस्कृतिक समारोह का भव्य आयोजन श्रद्धा, वैदिक परंपराओं और आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। पूरे क्षेत्र में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह में देशभर से पहुंचे संतों, आध्यात्मिक गुरुओं और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम में योगगुरु स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानन्द सरस्वती, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत तथा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सहित अनेक विशिष्ट अतिथि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581319/uttarakhand--cm-yogi-performs-the-consecration-ceremony-of-the--hari-vishnu-panchdev-temple--in-his-ancestral-village--panchur--the-entire-area-reverberates-with-chants-of-%22jai-vishnu-bhagwan-%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats125.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पौड़ी/यमकेश्वर। </strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांव पंचूर में शुक्रवार को नव निर्मित विष्णु मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा एवं सांस्कृतिक समारोह का भव्य आयोजन श्रद्धा, वैदिक परंपराओं और आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। पूरे क्षेत्र में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">समारोह में देशभर से पहुंचे संतों, आध्यात्मिक गुरुओं और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम में योगगुरु स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानन्द सरस्वती, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत तथा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए महायज्ञ में सभी संतों एवं अतिथियों ने राष्ट्र की समृद्धि, शांति और विकास के लिए आहुतियां समर्पित कीं। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2052724687042662542">https://twitter.com/myogiadityanath/status/2052724687042662542</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">मंदिर परिसर में हुई दिव्य आरती के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया और पूरा क्षेत्र "हर-हर महादेव" तथा "जय विष्णु भगवान" के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को परमार्थ निकेतन की ओर से रुद्राक्ष का पौधा एवं भगवान शिव की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। इसे भारतीय संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक बताया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, शिक्षा, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्र निर्माण पर प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। </p>
<p style="text-align:justify;">वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक सौंदर्य का वैश्विक केंद्र है। समारोह के अंत में मंदिर निर्माण एवं आयोजन में विशेष योगदान देने वाले सहयोगियों, कर्मयोगियों और सेवाभाव से जुड़े लोगों को सम्मानित किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे पंचूर गांव आध्यात्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का केंद्र बन गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>पौड़ी गढ़वाल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 18:07:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवान राम को स्वर्ग से भी अधिक प्रिय अयोध्या नगरी... 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना के बाद बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या।</strong> राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार का उद्घाटन और धर्म ध्वज फहराना - ये सभी हमारे इतिहास के स्वर्णिम क्षण हैं। राष्ट्रपति मुर्मू बृहस्पतिवार को अयोध्या में राम मंदिर में विशेष धार्मिक समारोहों के तहत सोने से जड़ित 150 किलोग्राम का श्री राम यंत्र स्थापित करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रही थीं। </p>
<p>उन्होंने कहा, "इस पवित्र राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, यहां प्राण प्रतिष्ठा, भक्तों के लिए राम दरबार का उद्घाटन और मंदिर के शीर्ष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575733/ayodhya%E2%80%94the-city-%22dearer-even-than-heaven%22-to-lord-rama----president-murmu-speaks-following-the-installation-of-the--shri-ram-yantra"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/0121.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या।</strong> राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को अपनी अयोध्या यात्रा के दौरान भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार का उद्घाटन और धर्म ध्वज फहराना - ये सभी हमारे इतिहास के स्वर्णिम क्षण हैं। राष्ट्रपति मुर्मू बृहस्पतिवार को अयोध्या में राम मंदिर में विशेष धार्मिक समारोहों के तहत सोने से जड़ित 150 किलोग्राम का श्री राम यंत्र स्थापित करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रही थीं। </p>
<p>उन्होंने कहा, "इस पवित्र राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, यहां प्राण प्रतिष्ठा, भक्तों के लिए राम दरबार का उद्घाटन और मंदिर के शीर्ष पर धर्म ध्वज फहराना - ये सभी हमारे इतिहास के स्वर्णिम क्षण हैं।" उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ''जय श्री राम'' से की और अयोध्या को भगवान राम के लिए "स्वर्ग से भी अधिक प्रिय" बताया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम का जन्म इसी अयोध्या नगरी में हुआ था और यहां की पवित्र भूमि का स्पर्श करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। शास्त्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "भगवान श्री राम ने स्वयं अपने जन्म स्थान को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था। रामचरितमानस में भगवान श्रीराम सीता जी से कहते हैं कि यद्यपि सभी ने वैकुंठ का वर्णन किया है, लेकिन मुझे अवधपुरी सबसे अधिक प्रिय लगती है।" </p>
<p>उन्होंने कहा, ''यह अयोध्या नगरी सभी राम भक्तों को सबसे प्रिय है।'' भगवान राम की विरासत के सांस्कृतिक और संवैधानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुर्मू ने कहा, "राम-रावण युद्ध जीतने के बाद माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ भगवान श्री राम के अयोध्या आगमन का अत्यंत कलात्मक रेखाचित्र हमारे संविधान की मौलिक छवि में सुशोभित है। यह रेखाचित्र मौलिक अधिकारों के अत्यंत महत्वपूर्ण भाग तीन की शुरुआत में दिखाई देता है।" </p>
<p>उन्होंने कहा, "मुझे यह जानकर खुशी हुई कि यह पेंटिंग जागरूकता और ज्ञान फैला रही है और जनता को संवैधानिक आदर्शों और पवित्र सांस्कृतिक प्रतीकों से जोड़ रही है।" राष्ट्रपति ने कहा, "मैं भारत और विदेशों में रहने वाले सभी भारतीयों और राम भक्तों को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। रामनवमी पर, नवरात्रि के अंत में, हम सभी भगवान श्री राम की जयंती मनाते हैं। मैं सभी को राम नवमी की अग्रिम शुभकामनाएं देती हूं।"  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 15:34:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा जैसे उल्लास की तैयारी, विवाह पंचमी पर फहराई जाएगी 161 फीट ध्वज पताका </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या। </strong>अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य नवंबर पूरा होने की संभावना है। इस अवसर पर 161 फीट ऊंचे शिखर पर ध्वज पताका फहरायी जायेगी। सूत्रों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा की तरह शिखर पर ध्वज पताका लगाने का समारोह भी ऐतिहासिक होगा जिसकी भव्यता देखते ही बनेगी और प्राण प्रतिष्ठा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं श्रीराम मंदिर पर ध्वज पताका फहरा सकते हैं। यह समारोह 24 या 25 नवंबर को हो सकता है क्योंकि 25 नवंबर को विवाह पंचमी है। इसी दिन प्रभु श्री राम का विवाह संपन्न हुआ था और यह महोत्सव अयोध्या के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546655/preparations-for-celebration-like-pran-pratishtha-in-ayodhya--161-feet-flag-will-be-hoisted-on-vivah-panchami"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/spacial-(5).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या। </strong>अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य नवंबर पूरा होने की संभावना है। इस अवसर पर 161 फीट ऊंचे शिखर पर ध्वज पताका फहरायी जायेगी। सूत्रों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा की तरह शिखर पर ध्वज पताका लगाने का समारोह भी ऐतिहासिक होगा जिसकी भव्यता देखते ही बनेगी और प्राण प्रतिष्ठा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं श्रीराम मंदिर पर ध्वज पताका फहरा सकते हैं। यह समारोह 24 या 25 नवंबर को हो सकता है क्योंकि 25 नवंबर को विवाह पंचमी है। इसी दिन प्रभु श्री राम का विवाह संपन्न हुआ था और यह महोत्सव अयोध्या के सभी मंदिरों में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों की माने तो एक बार फिर अयोध्या ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को एक बार पुनः प्राण प्रतिष्ठा की याद दिलाई जाएगी। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई है। देश-विदेश के संत, धर्माचार्य भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखा जा रहा है। उनकी लिस्टिंग की जा रही है। ट्रस्ट के द्वारा प्राण प्रतिष्ठा की तर्ज पर मेहमानों की सूची बनाने की तैयारी चल रही है, ताकि कार्यक्रम में कोई कमी न रह जाए। श्रद्धालु घर बैठे इस कार्यक्रम का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए भी प्लान बनाया जा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान अयोध्या वासियों को भीड़ से कोई तकलीफ न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। ध्वज पूजन समारोह के पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र सभी सनातनी मंदिरों से अपील कर सकता है कि सभी लोग मंदिर के शिखर पर 25 नवंबर को नया ध्वज पताका फहराकर अपने-अपने मंदिरों में इस समारोह को पूरी उल्लास के साथ मनाएं और अपने आसपास के लोगों को भी समारोह में सम्मिलित करें। मंदिर की कुल ऊंचाई 203 फीट है। गत 29 अप्रैल को मंदिर के शिखर पर 42 फीट ऊंचा धर्म ध्वज दंड लगाया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर का शिखर 161 फीट ऊंचा है। ध्वज लगने के बाद मंदिर की ऊंचाई 203 फीट हो गई है। ध्वज दंड का वजन 5.5 टन है और यह पीतल ‘ब्रास’ से बना है तथा 60 कारीगरों ने सात महीने में इसे तैयार किया है। नवंबर 2019 में उच्चतम न्यायालय ने राम मंदिर पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया। पांच फरवरी 2020 को संसद ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया। महंत नृत्य गोपाल दास अध्यक्ष और चंपत राय महासचिव बने ट्रस्ट ने समर्पण निधि कार्यक्रम चलाया जिससे धन इकट्ठा हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूमि पूजन किया और मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। गत 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री मोदी ने श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की। पांच जून 2025 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की और अब नवंबर 2025 में PM मोदी मंदिर के शिखर पर ध्वज पताका फहरायेंगे और इसी के साथ श्री राम मंदिर के निर्माण का कार्य संपन्न हो जाएगा। मंदिर परिसर और परकोटे के बाहर अन्य कार्य भी चलते रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/546454/ssb-rescued-five-nepali-girls-from-india-nepal-border--told-a-false-story-of-going-to-lucknow--had-planned-to-go-to-kuwait-via-delhi">भारत-नेपाल सीमा पांच नेपाली किशोरियों का एसएसबी ने किया रेस्क्यू, लखनऊ जाने की बताई झूठी कहानी, दिल्ली के रास्ते कुवैत जाने का था प्लान </a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/546655/preparations-for-celebration-like-pran-pratishtha-in-ayodhya--161-feet-flag-will-be-hoisted-on-vivah-panchami</link>
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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 14:11:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कभी रामभक्तों पर गोलियां चलती थीं, आज पुष्पवर्षा होती है: विपक्ष पर बरसे सीएम योगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि कभी अयोध्या आने वाले रामभक्तों पर गोलियां चला करती थीं, श्रद्धालुओं पर लाठी डंडे बरसाकर प्रताड़ित किया जाता था, मगर आज श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा होती है और उन्हें आरओ का शुद्ध पानी पीने को मिलता है। </p>
<p>अपने एक दिवसीय अयोध्या दौरे में योगी ने राम कथा पार्क में आयोजित अयोध्या नगर निगम के वर्तमान बोर्ड के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि अयोध्या आज पूरी दुनिया के सामने 'अतिथि देवो भव:' की नई परिभाषा गढ़ रही है। आज अयोध्या की पहचान विश्व</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540893/once-bullets-were-fired-on-ram-bhakts--today-flowers-are-showered--cm-yogi-lashes-out-at-the-opposition"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/सीएम-योगी1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि कभी अयोध्या आने वाले रामभक्तों पर गोलियां चला करती थीं, श्रद्धालुओं पर लाठी डंडे बरसाकर प्रताड़ित किया जाता था, मगर आज श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा होती है और उन्हें आरओ का शुद्ध पानी पीने को मिलता है। </p>
<p>अपने एक दिवसीय अयोध्या दौरे में योगी ने राम कथा पार्क में आयोजित अयोध्या नगर निगम के वर्तमान बोर्ड के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि अयोध्या आज पूरी दुनिया के सामने 'अतिथि देवो भव:' की नई परिभाषा गढ़ रही है। आज अयोध्या की पहचान विश्व पटल पर बदल रही है। 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा ने 500 साल के लंबे इंतजार को समाप्त किया। यह भारत के पुनर्वैभव की स्थापना का प्रतीक है। </p>
<p>उन्होंने गुरुवार को श्रीरामलला मंदिर में हुए श्रीरामदरबार सहित सात अन्य मंदिरों में देव विग्रहों की स्थापना के लिए श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और सभी सनातन धर्मावलंबियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। </p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने गंगा दशहरा, सरयू महोत्सव और विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं, साथ ही अयोध्या के विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर निगम द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होने कहा कि मां सरयू और भगवान श्रीराम का गहरा संबंध है। अयोध्या की पहचान मां सरयू के बिना अधूरी है। </p>
<p>हजारों वर्षों से यह पवित्र नदी हमें दर्शन दे रही है। उन्होंने सरयू महोत्सव के आयोजन के लिए सभी को बधाई दी और कहा कि यह आयोजन अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को और समृद्ध करेगा। उन्होंने मां गंगा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज भगीरथ की तपस्या के फलस्वरूप मां गंगा धरती पर अवतरित हुईं। गंगा न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे भारत और विश्व का अन्न भंडार भरती हैं। यह दुनिया की सबसे उर्वर भूमि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधुनिक भारत का भगीरथ बताते हुये योगी ने कहा कि 2014 से पहले गंगा का जल प्रदूषित हो गया था। </p>
<p>पिछली सरकारों द्वारा विकास के नाम पर अनियोजित और अवैज्ञानिक ढंग से कार्य करने के चलते गंगा पूरी तरह से प्रदूषित हो गई थीं। लेकिन नमामी गंगे के माध्यम से गंगा की अविरलता और निर्मलता को पुनर्स्थापित किया गया। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने इसकी निर्मलता का साक्षात्कार किया है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का जिक्र किया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए यह अभियान शुरू किया है। अगर हर व्यक्ति एक पेड़ मां के नाम पर लगाए, तो पर्यावरण संकट कभी नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि सुबह लखनऊ में अपने आवास पर बेल और उसके बाद अयोध्या में सरयू तट पर पुष्प वाटिका में पीपल, पाकड़, नीम और नौग्रहों के पेड़ लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश वन विभाग के आगामी अभियानों की जानकारी दी। </p>
<p>उन्होंने कहा कि 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भारतीय जनता पार्टी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर जनपद की कम से कम एक नदी को पुनर्जनन का संकल्प लिया गया है। इसके अंतर्गत 1 से 7 जुलाई तक नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही हाईवे और एक्सप्रेसवे के किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। </p>
<p>उन्होंने सभी से अपील की कि वे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में हिस्सा लें। उन्होने अयोध्या नगर निगम के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, सभी पार्षदों और अधिकारियों को दो वर्ष के कार्यकाल की बधाई दी। उन्होंने कहा कि महापौर के नेतृत्व में नगर निगम शानदार कार्य कर रहा है। इस अवसर पर 30 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और 33 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। </p>
<p>उन्होंने अयोध्या के बदलते स्वरूप की चर्चा करते हुए कहा कि पहले यहां बिजली, पानी और साफ-सफाई की कमी थी, लेकिन आज अयोध्या स्वच्छ और सुंदर नगरी बन चुकी है। उन्होंने नगर निगम की तीन महिला सफाईकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किए जाने की सराहना की। </p>
<p>उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या में लाखों श्रद्धालु आते थे, लेकिन पिछले वर्ष 16 करोड़ श्रद्धालु आए। यह नगर निगम के बेहतर प्रबंधन का परिणाम है। योगी ने अयोध्या के विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में अब अपना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। मठ-मंदिरों का सौंदर्यीकरण हो रहा है। राम की पैड़ी का विस्तार हुआ है, जहां सरयू का जल अब स्वच्छ रहता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा वर्णित अयोध्या का दिव्य स्वरूप आज साकार हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि अयोध्या में मां जानकी, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान, सुग्रीव, जामवंत, माता शबरी और निषाद राज के नाम पर वाटिकाएं विकसित की जाएं। उन्होंने अयोध्या वासियों से जिला प्रशासन के साथ मिलकर किसी नदी को पुनर्जनन का संकल्प लेने का आह्वान किया। </p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने अयोध्या नगर निगम के दो वर्ष पूरे होने से संबंधित एक स्मारिका का भी विमोचन किया। साथ ही नगर निगम से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शित स्टालों का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अरुण कुमार सक्सेना, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, संतजन, पार्षदगण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 17:05:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उत्सव, 101 वैदिक मंत्रोच्चारण से संपन्न होगी राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा, यहां जानें पूरा शेड्यूल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या। </strong>उत्तर प्रदेश में रामनगरी अयोध्या में पांच जून को एक और प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी जोर शोर से की जा रही है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपत राय ने बुधवार को यहां पत्रकारों को बताया कि पांच जून को सुबह 11:25 से 11:40 के बीच राम दरबार समेत सभी आठ मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जायेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">गंगा दशहरा पर प्राण प्रतिष्ठा का यह भव्य कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में संपन्न होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वत महंत योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहेंगे। उन्होने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को काशी के विद्वान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539897/grand-ram-mandir-celebration-in-ayodhya--prana-pratishtha-will-be-completed-with-101-vedic-chants--know-the-full-schedule-here"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(25)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या। </strong>उत्तर प्रदेश में रामनगरी अयोध्या में पांच जून को एक और प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी जोर शोर से की जा रही है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपत राय ने बुधवार को यहां पत्रकारों को बताया कि पांच जून को सुबह 11:25 से 11:40 के बीच राम दरबार समेत सभी आठ मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जायेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">गंगा दशहरा पर प्राण प्रतिष्ठा का यह भव्य कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में संपन्न होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वत महंत योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहेंगे। उन्होने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को काशी के विद्वान पंडित जयप्रकाश की अगुवाई में 101 वैदिक आचार्य संपन्न कराएंगे। इससे पहले दो जून को शाम चार बजे मातृ शक्तियां जल कलश यात्रा लेकर निकलेंगी। </p>
<p style="text-align:justify;">यह कलश यात्रा पुराने आरती स्थल से शुरू होगी और श्रृंगरहाट हनुमानगढ़ी दशरथ महल होते हुए राम मंदिर के यज्ञ मंडप पर पहुंचेगी। तीन जून को यज्ञ मंडप पूजन अग्नि स्थापना का अनुष्ठान शुरु होगा जबकि चार जून को विभिन्न अधिवास पालकी यात्रा का आयोजन किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में विभिन्न परंपराओं के संत धर्म आचार्यों के अलावा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद व राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि 22 जनवरी 2024 को भव्य मंदिर में भगवान राम लला की प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में संपन्न हुयी थी। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/539518/virat-kohli-ramlala-and-bajrang-bali-visited-ayodhya-with-wife#gsc.tab=0">पत्नी अनुष्का संग अयोध्या पहुंचे विराट कोहली, रामलला और बजरंग बली के किए दर्शन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 May 2025 16:02:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर 1.22 लाख ने किए रामलला के दर्शन, दूसरे दिन भी उमड़ा रेला,  अनुराधा पौडवाल ने भजनों से किया आनंदित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ की धूम पूरी दुनियां में रही। इस मौके पर 1.22 लाख श्रद्धालुओं ने राम मंदिर में दर्शन किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे दिन रविवार को भी सुबह से ही दर्शन को श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत रामलला के श्रृंगार आरती के साथ हुई। सुबह पांच बजे मंगला आरती के बाद गुनगुने पानी से स्नान अभिषेक कराया गया और फिर तिथि के अनुसार गुलाबी रंग का वस्त्र पहनाया गया। स्वर्ण मुकुट धारण कराया गया। सुबह 6:30 बजे श्रृंगार आरती के साथ दूर-दूर से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/516214/on-the-anniversary-of-pran-pratishtha--1-22-lakh-people-visited-ramlala--the-crowd-swelled-on-the-second-day-as-well"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/cats176.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ की धूम पूरी दुनियां में रही। इस मौके पर 1.22 लाख श्रद्धालुओं ने राम मंदिर में दर्शन किया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे दिन रविवार को भी सुबह से ही दर्शन को श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत रामलला के श्रृंगार आरती के साथ हुई। सुबह पांच बजे मंगला आरती के बाद गुनगुने पानी से स्नान अभिषेक कराया गया और फिर तिथि के अनुसार गुलाबी रंग का वस्त्र पहनाया गया। स्वर्ण मुकुट धारण कराया गया। सुबह 6:30 बजे श्रृंगार आरती के साथ दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु रामलला का दर्शन कर रहे थे, जिसके बाद राम जन्मभूमि परिसर स्थित अनुष्ठान यज्ञशाला में पौष शुक्ल त्रयोदशी तिथि पर श्रीराम बीज मंत्रों का अनुष्ठान और छह लाख जाप 21 वैदिक आचार्य के द्वारा संपन्न किया गया।</p>
<p>इसी के साथ ही 11 वैदिक शुक्ल यजुर्वेद मध्यान्दिनी शाखा के 40 अध्याय से संबंधित 1975 मंत्र से अग्नि में आहुति डाली गई। इस दौरान अनुष्ठान में मुख्य यजमान के रूप में ट्रस्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर जगदीश शंकर आफले और टाटा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विनोद शुक्ला सपत्नी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त नित्य हनुमान चालीसा, श्री राम स्त्रोत, पुरुष सूक्त, आदित्य हृदय सूक्त, विष्णु सहस्त्रनाम का भी परायण किया गया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/untitled12.jpg" alt="Untitled" width="1280" height="720"></img></p>
<p>दूसरे दिन भी विराजमान रामलला को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आनंदित करने के लिए राग सेवा कार्यक्रम हुआ, जिसमें देश के विभिन्न नामी कलाकार शामिल रहे। सबसे पहले गायिका डॉ. शैलेश श्रीवास्तव ने बधवा, सोहर, सुहाग, गारी गायन से शुरुआत की। इसके बाद कलापिनी कोमलनी ने श्रीराम भजन, निर्गुण और शास्त्रीय गायन से लोगों का मन मोह लिया। अंत में राकेश चौरसिया ने बांसुरी की मधुर राग सुनाकर लोग आनंदित हुए।</p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक श्री राम राग सेवा का यह भक्तिमय आयोजन श्रीराम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महिमा का उत्सव मनाने के लिए समर्पित किया गया है। कलाकारों के द्वारा रामलला की महिमा में भजनों, रागों और कीर्तन की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जिससे वातावरण दिव्य आनंद और भक्ति से भर गया। </p>
<h5><em><strong>योगी ही उद्धार करेंगे: विद्या भास्कर</strong></em></h5>
<p>राम मंदिर परिसर स्थित अंगद टीला पर दूसरे दिन का कार्यक्रम प्रवचन सत्र के साथ प्रारंभ हुआ। सबसे पहले रामानुजाचार्य विद्या भास्कर स्वामी वासुदेवाचार्य ने श्रोताओं को रामकथा का रसपान कराते हुए कहा कि प्रोटेक्शन अनुभव हो रहा है क्योंकि हम लोग इस दरबार में बैठे हैं, जिस परिवार में हमारे राघवेंद्र सरकार बैठे हैं और उन्हीं की कृपा से सरकारें बन जाती हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां विकास करते हुए सौंदर्यीकरण कर रहे हैं। विकास कर रहे हैं। प्रमुख स्थलों को कब्जे में कर रखे हैं। आशा है कि योगी ही उद्धार करेंगे। उन तीर्थ का भी उद्धार करना है भले ही 15 साल लग जाएं। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य उडुप्पी पीठाधीश्वर विश्व तीर्थ प्रसन्नाचार्य, रमेश भाई ओझा ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। रामदिनेशाचार्य ने कहा कि राम के आचरण अगर धारण किए जाएं तो भारत में वृद्धाश्रम बंद ही हो जाएं।  </p>
<h5><em><strong>रामलला की ही कृपा है: अनुराधा पौडवाल </strong></em></h5>
<p>देर शाम मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल और कविता पौडवाल ने भजनों से पूरी अयोध्या को राममय कर दिया। इस दौरान उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अयोध्या पहुंचने पर अनुराधा पौडवाल ने बताया कि रामलला की ही कृपा रही कि एक वर्ष पूरा होने पर पूरी दुनिया से लोग आए हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/516112/external-affairs-minister-s-jaishankar-will-represent-india-at-donald">डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे विदेश मंत्री एस. जयशंकर</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/516214/on-the-anniversary-of-pran-pratishtha--1-22-lakh-people-visited-ramlala--the-crowd-swelled-on-the-second-day-as-well</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Jan 2025 19:58:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>500 वर्षों के संघर्ष के बाद सनातन समाज को बाद मिला यह अवसर: ऋषिकेश उपाध्याय </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>500 वर्षों के संघर्षों के बाद सनातन समाज को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाने का अवसर मिला है। "प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ हम सबके लिए गौरव और आनंद का विषय है। हम सभी को मंदिर आन्दोलन में शहीद हुए कार्य सेवकों को भी श्रध्दांजलि देनी चाहिए।" यह बात नगर निगम के प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने भरतकुंड नंदीग्राम में शनिवार शाम आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/untitled-design-(53)1.png" alt="Untitled design (53)" width="1200" height="720" /></p>
<p>प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर यहां आयोजित कार्यक्रम में जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों से कलाकारों ने अपनी श्रद्धा निवेदित की वहीं जरूरतमंद लोगों को कंबल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/516164/after-500-years-of-struggle-sanatan-samaj-got-this-opportunity"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design-(52)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>500 वर्षों के संघर्षों के बाद सनातन समाज को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाने का अवसर मिला है। "प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ हम सबके लिए गौरव और आनंद का विषय है। हम सभी को मंदिर आन्दोलन में शहीद हुए कार्य सेवकों को भी श्रध्दांजलि देनी चाहिए।" यह बात नगर निगम के प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने भरतकुंड नंदीग्राम में शनिवार शाम आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/untitled-design-(53)1.png" alt="Untitled design (53)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर यहां आयोजित कार्यक्रम में जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों से कलाकारों ने अपनी श्रद्धा निवेदित की वहीं जरूरतमंद लोगों को कंबल का वितरण भी किया गया। भारत कुंड महोत्सव न्यास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति विभाग से कई कलाकारों ने अपनी मोहक प्रस्तुतियां से उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया। नटराज कला संस्कृति मंच के अम्बरीष चंद्र पांडेय एवं उनकी टीम ने भगवान राम के जीवन पर विभिन्न लोक गायन और लोक नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। वहीं ओमप्रकाश निराला की टीम ने भी अवधी गायन व नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का दिल जीत लिया। देर शाम को सुरों के बेताज बादशाह मानस दास शरभ महाराज ने भगवान राम के मनमोहक भजन प्रस्तुत किए।</p>
<p>इस अवसर पर महोत्सव के अध्यक्ष डॉ अंजनी कुमार पांडेय और भारत कुंड सभासद रामकृष्ण पांडेय, भोलेंद्र गोस्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर राकेश तिवारी, डिंपल तिवारी, रीता तिवारी, प्रियंका शर्मा, साहब दीन गौड़, अंकित उपाध्याय, अर्चना द्विवेदी, बृजेंद्र दुबे, पंकज पाठक, शत्रुघ्न मोदनवाल, कौशल शुक्ला, अंशिका सिंह, रोली तिवारी, दिवाकर शर्मा, राजकिशोर पांडेय और राधेश्याम शुक्ल आदि उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/516100/2-arrested-for-hookah-bar-running-under-the-guise-of">Lucknow में कैफे की आड़ में रेस्त्रां चला रहे हुक्का बार, 2 गिरफ्तार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jan 2025 15:55:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पहली सालगिरह पर भक्ति में डूबे लोग, मंदिरों में हुआ भजन कीर्तन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर पूरे जिले का माहौल राममय रहा। श्रद्धालुओं ने भव्य उत्सव मनाया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक के मंदिरों में भजन कीर्तन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। प्रमुख चौराहों पर श्रीराम के मधुर भजन से वातावरण भक्तिमय रहा। </p>
<p>शहर के लैय्यामंडी में श्री बर्फानीस्वर महादेव सेवा समिति के अध्यक्ष कैलाश नाथ शर्मा एवं समिति के सभी पदाधिकारियों की ओर से भंडारे एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बढ़ चढ़कर श्रद्धालुओं ने प्रसाद गृहण किया। इसी क्रम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/516021/barabanki--people-immersed-in-devotion-on-the-first-anniversary-of-ram-mandir-pran-pratishtha--bhajan-kirtan-took-place-in-temples"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/cats155.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर पूरे जिले का माहौल राममय रहा। श्रद्धालुओं ने भव्य उत्सव मनाया। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक के मंदिरों में भजन कीर्तन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। प्रमुख चौराहों पर श्रीराम के मधुर भजन से वातावरण भक्तिमय रहा। </p>
<p>शहर के लैय्यामंडी में श्री बर्फानीस्वर महादेव सेवा समिति के अध्यक्ष कैलाश नाथ शर्मा एवं समिति के सभी पदाधिकारियों की ओर से भंडारे एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बढ़ चढ़कर श्रद्धालुओं ने प्रसाद गृहण किया। इसी क्रम में बंकी बाजार स्थित हनुमान मंदिर में सुंदरकांड का पाठ के बाद भंडारे का आयोजन किया गया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/cats156.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<p>प्राण-प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर बदोसरांय कस्बे में भाजपा कार्यकर्ता रामनिवास लोधी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में श्री रामचरितमानस का पाठ और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी ने पहुंचकर कन्या भोज के साथ भंडारे का शुभारंभ किया। पूर्व विधायक अवस्थी ने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण को हिंदू समाज के लिए गौरव बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/610.jpg" alt="6" width="1280" height="720"></img></p>
<p>फतेहपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम शफीपुर की नरायनदास कुटी में श्रद्धालुओं ने पीत वस्त्र धारणकर शनिवार को परिसर से कलश शोभायात्रा निकाली गयी। शोभायात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। जहां पर भगवान श्रीराम माता सीता व लक्ष्मण के स्वरूपों की श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। इसके पश्चात् प्रसाद वितरण भी किया गया। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/9.jpg" alt="9" width="1280" height="720"></img></p>
<p>सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ पर सुंदरकांड के पाठ के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें पहुंचकर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। सुबह 9 बजे शुरू हुए सुंदरकांड के पाठ में चिकित्सा अधीक्षक डा. सौरभ शुक्ला, डा. उमंग वर्मा, डा. प्रियांश श्रीवास्तव, फार्मासिस्ट अंबरीश मिश्रा, राकेश तिवारी, डा. ऐश्वर्या, स्टाफ नर्स संदीप, विनोद कुमार सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/515994/priyanka-gandhi-said-on-the-falling-value-of-rupee-against-dollar--prime-minister-should-answer-the-people-of-the-country">डालर के मुकाबले रुपए की गिरती कीमत पर बोलीं प्रियंका गांधी- देश की जनता को जवाब दें प्रधानमंत्री</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/516021/barabanki--people-immersed-in-devotion-on-the-first-anniversary-of-ram-mandir-pran-pratishtha--bhajan-kirtan-took-place-in-temples</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Jan 2025 18:44:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: 22 के बजाय 11 जनवरी को मनाई जाएगी रामलला प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ, जानिए क्यों   </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या। </strong>उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ हिंदू पंचांग के अनुसार अगले वर्ष 11 जनवरी को मनाई जाएगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने संवाददाताओं को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ को अन्य हिंदू त्योहारों की तरह ही मनाया जाएगा। </p>
<p>उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी (22 जनवरी 2024) को की गई थी और 2025 में यह तिथि 11 जनवरी को पड़ेगी इसलिए उस दिन से राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। ट्रस्ट प्रतिष्ठा वर्षगांठ की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512619/ayodhya--the-first-anniversary-of-ramlala-pran-pratishtha-will-be-celebrated-on-january-11-instead-of-22--know-why"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/cats419.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या। </strong>उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ हिंदू पंचांग के अनुसार अगले वर्ष 11 जनवरी को मनाई जाएगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने संवाददाताओं को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ को अन्य हिंदू त्योहारों की तरह ही मनाया जाएगा। </p>
<p>उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी (22 जनवरी 2024) को की गई थी और 2025 में यह तिथि 11 जनवरी को पड़ेगी इसलिए उस दिन से राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। ट्रस्ट प्रतिष्ठा वर्षगांठ की तैयारियों में जुट गया है। </p>
<p>राय ने बताया, “सभी हिंदू त्यौहार विशिष्ट तिथियों के अनुसार मनाए जाते हैं इसलिए रामलला की प्रतिष्ठा की वर्षगांठ भी तिथि के अनुसार ही मनाई जाएगी। राम नवमी, कृष्ण जन्माष्टमी और विवाह पंचमी जैसे त्योहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार मनाए जाते हैं। इसी तरह, राम मंदिर की प्रतिष्ठा की वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाई जाएगी। यह तिथि अगले साल 11 जनवरी को पौष शुक्ल द्वादशी को पड़ेगी।”</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में उन संतों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिन्हें प्राण प्रतिष्ठा के लिए बुलाया नहीं जा सका या जो किन्हीं कारणों से नहीं आ सके थे। राय के मुताबिक, राम मंदिर परिसर के अंदर और बाहर वार्षिक उत्सव में आम जनता के भाग लेने की भी व्यवस्था की गई है। राय ने बताया कि 11 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर रामलला का अभिषेक और भव्य आरती की जाएगी। </p>
<p>उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में पांच अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और इसके अलावा दूसरा कार्यक्रम राम मंदिर परिसर के यज्ञ मंडप में होगा और तीसरा कार्यक्रम राम जन्मभूमि परिसर में तीर्थयात्री सुविधा केंद्र में होगा। </p>
<p>राय ने बताया कि राम जन्मभूमि परिसर के बाहर अंगद टीले पर आम जनता के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा लेकिन मंदिर परिसर के भीतर आयोजित कार्यक्रम में केवल आमंत्रित सदस्यों को ही भाग लेने की अनुमति होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में इस साल 22 जनवरी को अयोध्या स्थित नये मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-<a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/512554/registration-for-mahila-samman-yojana-in-delhi-will-start-from">दिल्ली में महिला सम्मान योजना के लिए कल से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, हर महीने मिलेंगे 2100 रुपये</a></strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/512619/ayodhya--the-first-anniversary-of-ramlala-pran-pratishtha-will-be-celebrated-on-january-11-instead-of-22--know-why</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Dec 2024 19:26:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या: जुग जुग जियसु ललनवा, अंगनवा के भाग जागल हो... रामोत्सव में गीत-संगीत और नृत्य से  मची धूम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> राम जन्मोत्सव के स्वागत में अयोध्या में तुलसी मंच पर संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित रामोत्सव में गीत संगीत नृत्य से धूम मची है। महोबा से आई आल्हा गायिका बहनों दीक्षा और प्रतीक्षा ने अपने गायन से सभी को मुग्ध कर दिया। बुंदेलखंड की सुनो कहानी से, वीरों और सतियों के शौर्य को सुनाकर सभी को रोमांचित कर दिया।</p>
<p>सर पर पगड़ी, हाथो में तलवार लेकर कलाकारों की जोड़ी ने पानीदार यहां का पानी, आग यहां के पानी में, जोशपूर्ण अंदाज में गाकर वातावरण में वीर रस का संचार कर दिया। लखनऊ से आई शास्त्रीय संगीत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/456283/ayodhya--jug-jug-jiyasu-llanwa--anganwa-ke-bhag-jagal-ho----ramotsav-created-a-stir-with-songs--music-and-dance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/cats011.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार।</strong> राम जन्मोत्सव के स्वागत में अयोध्या में तुलसी मंच पर संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित रामोत्सव में गीत संगीत नृत्य से धूम मची है। महोबा से आई आल्हा गायिका बहनों दीक्षा और प्रतीक्षा ने अपने गायन से सभी को मुग्ध कर दिया। बुंदेलखंड की सुनो कहानी से, वीरों और सतियों के शौर्य को सुनाकर सभी को रोमांचित कर दिया।</p>
<p>सर पर पगड़ी, हाथो में तलवार लेकर कलाकारों की जोड़ी ने पानीदार यहां का पानी, आग यहां के पानी में, जोशपूर्ण अंदाज में गाकर वातावरण में वीर रस का संचार कर दिया। लखनऊ से आई शास्त्रीय संगीत में पारंगत गायिका राधिका श्रीवास्तव ने अपने दल के साथ उपशास्त्रीय गायन, गाइए गजवदन से आरंभ किया।</p>
<p>इसके बाद, देखा राम बने,महाराजा राम, को लोकधुन में सुनाया तो सभी मंच से जुड़ गए। विनती करते हुए कलाकार ने दर पे तुम्हारे आया सुनाया और फिर राम जन्म के स्वागत में सोहर, राम जी के भईले जनमवा सुनाया तो दर्शक आनंदित हो गए। फुलवारी प्रसंग का वर्णन करते हुए, राम को देख कर जनक नंदनी सुनाने के बाद बजरंगबली की आराधना कर दो केसरी के लाल, मेरा छोटा सा ये काम गाया तो सभी उठकर अपनी जगह पर नृत्य करने लगे।</p>
<p>लखनऊ से आई स्वाति श्रीवास्तव के दल ने लोक भजनों के साथ लोक नृत्य भी प्रस्तुत किया। मेरे लाडले गणेश से गणपति वंदना के बाद पारंपरिक सोहर, जुग जुग जियसु ललनवा, अगनवा के भाग जागल हो, पर नृत्य करके कलाकारो ने त्रेता का दृश्य जीवंत कर दिया। संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने किया। कलाकारों का सम्मान समन्वयक अतुल कुमार सिंह ने किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/456239/lok-sabha-elections-2024--bahraich-seat-was-captured-by-outside-candidates-six-times--but-bjp#gsc.tab=0">Lok Sabha Elections 2024: बहराइच सीट पर छह बार बाहरी प्रत्याशियों ने जमाया कब्जा, लेकिन भाजपा ने...</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>राम मंदिर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/456283/ayodhya--jug-jug-jiyasu-llanwa--anganwa-ke-bhag-jagal-ho----ramotsav-created-a-stir-with-songs--music-and-dance</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/456283/ayodhya--jug-jug-jiyasu-llanwa--anganwa-ke-bhag-jagal-ho----ramotsav-created-a-stir-with-songs--music-and-dance</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Apr 2024 12:46:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला के अब तक एक करोड़ 12 लाख भक्तों ने किए दर्शन, लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या में योगी सरकार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए की जा रही सुगम दर्शन की व्यवस्था ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/452168/after-ayodhya-pra-pratihtha-till-now-1-crore-12-lakh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/untitled-22-copy15.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या।</strong> श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को दो माह पूरे हो रहे हैं। इसके साथ ही यहां दर्शन-पूजन के लिए आने वाले भक्तों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। 22 जनवरी से लेकर 20 मार्च तक 1 करोड़ 12 लाख श्रद्धालुओं को भगवान रामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो चुका है। अयोध्या में रामलला का दर्शन करने के लिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बीते वर्ष की अपेक्षा तेजी से बढ़ी है। प्रतिदिन मंदिर में एक से सवा लाख रामभक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं। वहीं अयोध्या में आयोजित होने वाले पर्वों और मंगलवार को यह संख्या और बढ़ जाती है।</p>
<h5>साल दर साल बढ़ रही पर्यटकों की संख्या</h5>
<p>पर्यटन विभाग के आंकड़ों को देखा जाय तो 2017 में जबसे दीपोत्सव प्रारंभ हुआ है, उसके बाद से श्रीराम की नगरी में भक्तों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। 2017 में कुल 1,78,57,858 श्रद्धालुओं ने रामनगरी में दर्शन-पूजन किया। इनमें 1,78,32,717 भारतीय एवं 25,141 विदेशी शामिल हैं। वहीं 2018 में 1,95,34,824 भारतीय एवं 28,335 विदेशी नागरिकों ने रामनगरी में दर्शन किया। इस प्रकार कुल मिलाकर 1,95,63,159 श्रद्धालुओं ने वर्ष 2018 में अयोध्या में दर्शन-पूजन किया। ऐसे ही वर्ष 2019 में 2,04,63,403 भारतीय एवं 28,331 विदेशी को मिलाकर कुल 2,04,91,724 श्रद्धालुओं ने अयोध्या में दर्शन किया। </p>
<h5>कोरोना काल में घटे थे श्रद्धालु </h5>
<p>वर्ष 2020 में कोरोना के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखने को मिली और 61,93,537 भारतीय एवं 2,611 विदेशी मिलाकर कुल 61,96,148 श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। वहीं वर्ष 2021 में 1,57,43,359 भारतीय एवं 431 विदेशी पर्यटकों ने अयोध्या में दर्शन पूजन किया। 2021 में कुल 1,57,43,790 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए आए। इसी क्रम में वर्ष 2022 में 2,21,12,402 भारतीय एवं 26,403 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे। कुल मिलाकर 2,21,38,805 श्रद्धालु 2022 में अयोध्या दर्शन के लिए यहां पहुंचे। वर्ष 2023 में यह संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। </p>
<p>2023 में वर्ष भर में कुल 5,75,15,423 श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। इनमें 5,75,07,005 भारतीय श्रद्धालु व 8418 विदेशी श्रद्धालु शामिल रहे। ऐसा माना जा रहा है कि वर्ष 2024 में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी है कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद से 20 मार्च के बीच 1 करोड़ 12 लाख श्रद्धालु रामलला का दर्शन कर चुके हैं। ऐसा नहीं है कि अयोध्या आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं की ही संख्या में बढ़ोतरी हुई है। राम लला का दर्शन करने के लिए यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। </p>
<h5>श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ से बढ़े रोजगार के अवसर </h5>
<p>प्रभु श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से यहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ से अयोध्या में रोजी-रोजगार में भी तेजी से वृद्धि भी होने लगी है। पहले सूने रहने वाले दुकानों में अब ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। खान-पान, होटल-रेस्टोरेंट, सजावटी सामानों की दुकानों पर सैलानियों की भीड़ अब आम हो चली है। </p>
<p>लोगों का मानना है कि 22 जनवरी को जबसे रामलला विराजमान हुए हैं, यहां देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं व विदेशी पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है। इसे लेकर प्रदेश की योगी सरकार तेजी से अयोध्या का विकास करने में लगी है। अयोध्या को फोर लेन व सिक्स लेन सड़कों से जोड़ा जा रहा है। विश्वस्तरीय हवाई अड्डा व रेलवे स्टेशन का निर्माण किया गया है। इसके अलावा तमाम अन्य सुविधाएं भी अयोध्या में विकसित की जा रही हैं।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Mar 2024 18:46:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>गुजरात के सीएम ने मंत्रिमंडल के साथ किए भगवान रामलला के दर्शन, कहा- प्राण प्रतिष्ठा के साथ हुई नए युग की शुरुआत </title>
                                    <description><![CDATA[यूपी सरकार कर चुकी है भूमि आवंटित, 10 करोड़ की लागत से होगा तैयार ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/447682/yatri-niwas-for-gujaratis-will-be-built-in-ayodhya-ramnagari"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/untitled-21-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या। </strong>अयोध्या में 10 करोड़ रुपये की लागत से गुजरात यात्री निवासी का निर्माण कराया जाएगा। के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 10 करोड़ का बजट आवंटित किया है। ये बातें शनिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कही। वो अपने मंत्रीमंडल के साथ रामलला का दर्शन करने के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। भूमि उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार का आभार भी जताया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मुझे गुजरात के मंत्रियों के साथ रामलला के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह भावुक करने वाला क्षण है। विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के नए कालचक्र के उद्धव का उद्घोष है। रामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह राष्ट्रीय उत्सव के रूप में समग्र भारत में मनाया गया। यह एक नए युग की शुरुआत है। </p>
<p>गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल अपने कैबिनेट के 25 सदस्यों के साथ शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला राम जन्मभूमि परिसर पहुंचा। मंदिर में रामलला का दर्शन-पूजन के बाद देशवासियों व गुजरातवासियों के लिए कामना की।</p>
<h5>आस्था स्पेशल ट्रेनों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु </h5>
<p>मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा दोनों ही हर एक हिंदू का संकल्प था। इस पवित्र कार्य का सौभाग्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार ने रेल मंत्रालय के द्वारा आस्था स्पेशल ट्रेन के माध्यम से हजारों लोगों को अब तक रामलला के दर्शन कराए हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढे़ं: <a href="https://www.amritvichar.com/article/447671/lok-sabha-elecs-2024-pm-modi-will-contest-from-varanasi-bjp#gsc.tab=0">Lok Sabha Elections-2024: बीजेपी ने 51 उम्मीदवारों के नाम किए घोषित, चर्चित सीटों पर पुराने चेहरों को मिला मौका</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Mar 2024 19:27:33 +0530</pubDate>
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