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                <title>Guru Nanak Jayanti - Amrit Vichar</title>
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                <description>Guru Nanak Jayanti RSS Feed</description>
                
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                <title>पाकिस्तान ने गुरु नानक की 555वीं जयंती के अवसर पर जारी किया विशेष स्मारक सिक्का</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लाहौर। </strong>पाकिस्तान ने सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की 555वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक सिक्का जारी किया है। इस विशेष अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यहां आए 2,500 से अधिक भारतीय सिख तीर्थयात्री शनिवार को अपने घरों के लिए रवाना हो गए। </p>
<p>गुरुनानक देव जी की 555वीं जयंती मनाने के लिए समारोह का आयोजन 14 नवंबर को गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब में शुरू हुआ था, जहां सिख धर्म के संस्थापक का जन्म हुआ था। भारत सहित दुनियाभर से आये सिख तीर्थयात्रियों ने यहां से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित गुरुद्वारे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/507773/pakistan-releases-special-commemorative-coin-on-the-occasion-of-555th-birth-anniversary-of-guru-nanak"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/cats447.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लाहौर। </strong>पाकिस्तान ने सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की 555वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक सिक्का जारी किया है। इस विशेष अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यहां आए 2,500 से अधिक भारतीय सिख तीर्थयात्री शनिवार को अपने घरों के लिए रवाना हो गए। </p>
<p>गुरुनानक देव जी की 555वीं जयंती मनाने के लिए समारोह का आयोजन 14 नवंबर को गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब में शुरू हुआ था, जहां सिख धर्म के संस्थापक का जन्म हुआ था। भारत सहित दुनियाभर से आये सिख तीर्थयात्रियों ने यहां से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित गुरुद्वारे में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। </p>
<p>पाकिस्तानी रुपये का 55 मूल्यवर्ग के विशेष स्मारक सिक्के पर एक तरफ गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब का चित्र है और उसके ऊपर तथा नीचे क्रमशः '555वां जन्मोत्सव' और 'श्री गुरु नानक देव जी 1469-2024' लिखा हुआ है। सिक्के के अग्र भाग पर, बीच में उत्तर-पश्चिम दिशा में उगते हुए अर्धचन्द्र और पांच-कोण वाला तारा बना हुआ है। शीर्ष पर परिधि पर उर्दू में 'इस्लामी जम्हूरिया पाकिस्तान' (इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान) लिखा हुआ है तथा अर्धचंद्र के नीचे गेहूं के दो पौधे हैं जिनकी भुजाएं ऊपर की ओर मुड़ी हुई हैं। </p>
<p>पाकिस्तान स्टेट बैंक के अनुसार, शुक्रवार को जारी किए गए इस सिक्के में 79 प्रतिशत पीतल, 20 प्रतिशत जस्ता और एक प्रतिशत निकल धातु है; इसका व्यास 30 मिलीमीटर है और इसका वजन 13.5 ग्राम है। बैंक ने कहा कि यह स्मारक सिक्का पाकिस्तान स्टेट बैंक की सभी शाखाओं के विनिमय काउंटरों पर उपलब्ध होगा। </p>
<p>इस बीच, पंजाब के पहले सिख मंत्री और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान रमेश सिंह अरोड़ा और ‘इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड’ के अतिरिक्त सचिव सैफुल्लाह खोखर ने शनिवार को वाघा सीमा पर भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को विदाई दी। पाकिस्तान ने गुरुनानक की 550वीं जयंती के अवसर पर ऐसा ही एक सिक्का जारी किया था। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/507694/three-brothers-created-history-in-gonda-by-getting-selected-in-the-up-police-recruitment-exam#gsc.tab=0">UP Police की भर्ती परीक्षा में चयन होकर गोंडा में तीन सगे भाइयों ने रचा इतिहास, परिवार व गांव में हर्ष का माहौल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/507773/pakistan-releases-special-commemorative-coin-on-the-occasion-of-555th-birth-anniversary-of-guru-nanak</link>
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                <pubDate>Sat, 23 Nov 2024 19:15:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी: गुरुनानक जयंती पर सजा दीवान, शबद कीर्तन के साथ हुआ भंडारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>सिख धर्म के प्रवर्तक और प्रथम गुरु नानकदेव जी के 555वें प्रकाश पर्व की शुक्रवार को धूम रही। लाजपतनगर स्थित गुरुद्वारे में जहां शबद कीर्तन हुए और लंगर चला, वहीं धनोखर चौराहे पर आयोजित भंडारे में भी हर धर्म के लोग जुटे। प्रभातफेरी के साथ रात में आतिशबाजी भी हुई। इन कार्यक्रमों में सिख महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।</p>
<p>लाजपतनगर स्थित गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा में उल्लास के माहौल में सजाए गए दीवान में शुक्रवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं के माथा टेकने का सिलसिला जारी रहा। पिछले कई हफ्तों से लगातार गुरुद्वारे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/506259/on-the-occasion-of-barabanki-guru-nanak-jayanti-bhandara-was"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/whatsapp-image-2024-11-15-at-17.25.03_24ff0db4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>सिख धर्म के प्रवर्तक और प्रथम गुरु नानकदेव जी के 555वें प्रकाश पर्व की शुक्रवार को धूम रही। लाजपतनगर स्थित गुरुद्वारे में जहां शबद कीर्तन हुए और लंगर चला, वहीं धनोखर चौराहे पर आयोजित भंडारे में भी हर धर्म के लोग जुटे। प्रभातफेरी के साथ रात में आतिशबाजी भी हुई। इन कार्यक्रमों में सिख महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।</p>
<p>लाजपतनगर स्थित गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा में उल्लास के माहौल में सजाए गए दीवान में शुक्रवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं के माथा टेकने का सिलसिला जारी रहा। पिछले कई हफ्तों से लगातार गुरुद्वारे से प्रातःकाल प्रभात फेरी निकाली जा रही थी।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-11/whatsapp-image-2024-11-15-at-17.25.02_380c9ee7.jpg" alt="WhatsApp Image 2024-11-15 at 17.25.02_380c9ee7" width="1600" height="1066"></img></p>
<p>शुक्रवार को प्रकाशपर्व के दिन रामजानकी मंदिर में प्रभातफेरी में आयी साद संगत का भव्य स्वागत अनिल अग्रवाल द्वारा किया गया। सुबह 11:30 से 12:30 तक बच्चों द्वारा कीर्तन किया गया। इसके बाद हुजूरी रागी जत्था भाई तीरथ सिंह ने कीर्तन भजन से सभी को निहाल कर दिया। सतिगुरु नानक प्रगटिआ मिटी धुंधु जगि चानणु होआ कीर्तन हुआ। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-11/whatsapp-image-2024-11-15-at-17.25.02_380c9ee7.jpg" alt="WhatsApp Image 2024-11-15 at 17.25.02_380c9ee7" width="1600" height="1066"></img></p>
<p>उसके बाद दिल्ली से आये सहजदीप सिंह द्वारा गुरु नानकु जिन सुणिया पेखिआ से फिरी गरभासि न परिया रे, मैं मुरख के केतक बात है कोटि पराधी तरिआ रे, गुरु किरपा जेहि नर पै कीन्हीं, तिन्ह यह जुगुति पिछानी...गुरु नानक जग माहे पठाया, झिम झिम बरसे अमृत धार..भजन सुनाए गये जिसमें सभी लोग लीन हो गए। यहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सहज पाठ पूरा हुआ।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-11/whatsapp-image-2024-11-15-at-17.25.03_24ff0db4.jpg" alt="WhatsApp Image 2024-11-15 at 17.25.03_24ff0db4" width="1600" height="622"></img></p>
<p>दोपहर दो बजे से गुरुद्वारे में चले लंगर में हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा भव्य आयोजन में मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष अरविन्द मौर्य, प्रधान सरदार भूपेंद्र सिंह, पूर्व सांसद पी एल पुनिया, रामकुमारी मौर्य, अधिवक्ता संतोष सिंह, सरदार चरनजीत सिंह, सरदार जसबीर सिंह विक्की, संदीप गुप्ता ओर रोहित सिंह समेत अन्य लोग शामिल हुए।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/506082/cheating-game-one-and-a-half-lakh-cheated-in-the">धोखाधड़ी का खेल : सचिवालय में नौकरी व पीएम आवास के नाम पर ठगे डेढ़ लाख</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 18:19:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की जयंती पर शुक्रवार को देशवासियों को बधाई दी और कामना की कि उनकी शिक्षाएं सभी को करुणा, दया और विनम्रता की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में अविभाजित भारत के राय भोई दी तलवंडी में हुआ था, जिसे अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्री गुरु नानक जयंती के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं हमें करुणा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/506119/prime-minister-modi-wished-the-countrymen-on-guru-nanak-jayanti"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/पीएम-मोदी1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की जयंती पर शुक्रवार को देशवासियों को बधाई दी और कामना की कि उनकी शिक्षाएं सभी को करुणा, दया और विनम्रता की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में अविभाजित भारत के राय भोई दी तलवंडी में हुआ था, जिसे अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्री गुरु नानक जयंती के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं हमें करुणा, दया और विनम्रता की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। यह हमें समाज की सेवा करने और हमारी पृथ्वी को बेहतर बनाने के लिए भी प्रेरित करे।’’ हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। इसे प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है। इस वर्ष गुरु नानक देव जी की 555वीं जयंती मनायी जा रही है। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/506114/birsa-munda-jayanti--pm-modi-and-cm-yogi-paid-tribute-to-birsa-munda-on-his-birth-anniversary#gsc.tab=0">Birsa Munda Jayanti: PM मोदी और CM योगी ने बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें दी श्रद्धांजलि</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/506119/prime-minister-modi-wished-the-countrymen-on-guru-nanak-jayanti</link>
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                <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 10:31:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कल है यह खास दिन, रहेगा अवकाश, SGPGI, केजीएमयू और लोहिया संस्थान में बंद रहेगी ओपीडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> कल यानी शुक्रवार को गुरु नानक जयंती है। भारत समेत कई देशों में इस पर्व को बड़े ही धूमधाम और हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। गुरु नानक जयंती के अवसर पर अवकाश भी घोषित किया गया है। जिसके चलते राजधानी के तीन बड़े चिकित्सा  संस्थानों में ओपीडी का संचालन नहीं होगा, लेकिन इस दौरान पूर्व की भांति इमरजेंसी सेवायें संचालित रहेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को संजयगांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI), किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय(KGMU) और  डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में ओपीडी का संचालन नहीं किया जायेगा, केवल इमरजेंसी में पहुंचने वाले गंभीर  मरीजों को इलाज दिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/506083/tomorrow-is-a-special-day-it-will-be-a-holiday"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-01/इमेज-दो.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> कल यानी शुक्रवार को गुरु नानक जयंती है। भारत समेत कई देशों में इस पर्व को बड़े ही धूमधाम और हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। गुरु नानक जयंती के अवसर पर अवकाश भी घोषित किया गया है। जिसके चलते राजधानी के तीन बड़े चिकित्सा  संस्थानों में ओपीडी का संचालन नहीं होगा, लेकिन इस दौरान पूर्व की भांति इमरजेंसी सेवायें संचालित रहेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को संजयगांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI), किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय(KGMU) और  डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में ओपीडी का संचालन नहीं किया जायेगा, केवल इमरजेंसी में पहुंचने वाले गंभीर  मरीजों को इलाज दिया जायेगा। एसजीपीजीआई,केजीएमयू और लोहिया संस्थान प्रशासन की तरफ से इस अवकाश की जानकारी पहले ही साझा कर दी गई थी। यही वजह है कि कल के दिन मरीजों को ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी नहीं दिया गया है</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि प्रत्येक वर्ष की शुरूआत से पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सार्वजनिक छुट्टियों का कैलेंडर जारी कर दिया जाता है। इसी के तहत सरकारी और निजी क्षेत्र के कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/506072/barabanki#gsc.tab=0">बाराबंकी : UPPSC Exam को लेकर छात्रों ने किया जोरदार प्रदर्शन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Nov 2024 20:26:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Guru Nanak Jayanti 203: कब है गुरु नानक जयंती ? सिख धर्म के लिए क्यों है खास, जानिए महत्व</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Guru Nanak Jayanti 2023:</strong> गुरु नानक जयंती सिख धर्म के लिए महत्वपूर्ण त्योहार है। गुरु नानक देव की जयंती को प्रकाश पर्व और गुरु पूरब के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। इस साल 27 नवंबर को गुरुनानक जयंती मनाई जाएगी। तो आइए जानते हैं कि कौन थे गुरुनानक देव और कैसे मनाई जाती है इनकी जयंती... </p>
<p><strong>गुरु नानक जयंती का महत्व</strong><br />कहा जाता है कि इसी दिन नानक जी का जन्म हुआ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/421330/guru-nanak-jayanti-203--when-is-guru-nanak-jayanti--why-is-it-special-for-sikh-religion--know-its-importance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/image-demo---2023-11-26t123218.406.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Guru Nanak Jayanti 2023:</strong> गुरु नानक जयंती सिख धर्म के लिए महत्वपूर्ण त्योहार है। गुरु नानक देव की जयंती को प्रकाश पर्व और गुरु पूरब के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। इस साल 27 नवंबर को गुरुनानक जयंती मनाई जाएगी। तो आइए जानते हैं कि कौन थे गुरुनानक देव और कैसे मनाई जाती है इनकी जयंती... </p>
<p><strong>गुरु नानक जयंती का महत्व</strong><br />कहा जाता है कि इसी दिन नानक जी का जन्म हुआ था। बता दें कि गुरु नानक जी ने ही सिख धर्म का नींव रखी थी, इसलिए उन्हें सिखों का पहला गुरु माना जाता है। इस दिन सिख लोग गुरुद्वारे जाकर गुरुग्रंथ साहिब का पाठ करते हैं। गुरु पर्व पर सभी गुरुद्वारों में भजन, कीर्तन होता है। गुरु नानक देव जी ने अपने पूरे जीवन में मानवता, समृद्धि और सामाजिक न्याय की निस्वार्थ सेवा का प्रचार किया। साथ ही यह भी माना जाता है कि गुरु नानक देव जी ने ही लंगर की प्रथा भी शुरू की थी। यही कारण है कि गुरु नानक जयंती, सिख धर्म के सबसे प्रमुख पर्व में से एक है।</p>
<p><strong>कैसे मनाई जाती है इनकी जयंती?</strong><br />गुरु नानक जयंती केवल एक दिन के लिए नहीं बल्कि यह पर्व तीन दिन चलता है। जिसमें गुरुद्वारों में अखंड पाठ का आयोजन किया जाता है। इस दौरान सिख समुदाय की आध्यात्मिक पुस्तक अर्थात श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का लगातार 48 घंटे तक पाठ किया जाता है। गुरु नानक के जन्मदिन से एक दिन पहले नगर कीर्तन जुलूस निकाला जाता है।</p>
<p>इस दौरान सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब को पालकी में ले जाया जाता है। इस पर्व के दौरान लोग सुबह-सुबह आसा-दी-वार गाते हैं। दोपहर में लंगर तैयार की व्यवस्था की जाती है, जिसमें जरूरतमंदों को खाना खिलाया जाता है। इस तरह दूसरों की सेवा द्वारा ही गुरु नानक जयंती का पर्व मनाया जाता है।</p>
<p><strong>(नोट- यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। अमृत विचार इसकी पुष्टी नहीं करता है।) </strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(186,55,42);"><a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/421169/city-kirtan-taken-out-from-shri-akal-takht-sahib-on">प्रकाश पर्व पर श्री अकाल तख्त साहिब से निकाला गया नगर कीर्तन </a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/421330/guru-nanak-jayanti-203--when-is-guru-nanak-jayanti--why-is-it-special-for-sikh-religion--know-its-importance</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Nov 2023 12:44:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vishal Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायबरेली: बच्चों को बताया गया कार्तिक पूर्णिमा का धार्मिक महत्व</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महराजगंज/रायबरेली, अमृत विचार।</strong> कस्बा स्थित महावीर स्टडी स्टेट सीनियर सेकेंडरी कालेज में कार्तिक पूर्णिमा एवं गुरुनानक जयंती की पूर्व संध्या पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें गुरुनानक के जीवन और कार्तिक पूर्णिमा के महात्म के बारे में बच्चों को विस्तार से जानकारी दी गई।</p>
<p>विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमल बाजपेई ने कार्तिक मास का महत्व बताते हुए कहा कि यह माह तप साधना के लिए उपयुक्त व मोक्षदायक है। उन्होंने कार्तिकेय द्वारा आतताई राक्षस तारकासुर के वध की कथा सुनाई। माना जाता है कि भगवान विष्णु ने मतस्य अवतार जब लिया था तो उनका निवास स्थान जल में ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/421125/rae-bareli--religious-significance-of-kartik-purnima-told-to-children"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/cats00148.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महराजगंज/रायबरेली, अमृत विचार।</strong> कस्बा स्थित महावीर स्टडी स्टेट सीनियर सेकेंडरी कालेज में कार्तिक पूर्णिमा एवं गुरुनानक जयंती की पूर्व संध्या पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें गुरुनानक के जीवन और कार्तिक पूर्णिमा के महात्म के बारे में बच्चों को विस्तार से जानकारी दी गई।</p>
<p>विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमल बाजपेई ने कार्तिक मास का महत्व बताते हुए कहा कि यह माह तप साधना के लिए उपयुक्त व मोक्षदायक है। उन्होंने कार्तिकेय द्वारा आतताई राक्षस तारकासुर के वध की कथा सुनाई। माना जाता है कि भगवान विष्णु ने मतस्य अवतार जब लिया था तो उनका निवास स्थान जल में ही था। </p>
<p>इस मान्यता के अनुसार लोग कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि के दिन पवित्र तीर्थ नदियों में स्नान करते हैं। इस दिन स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बड़े-बड़े यज्ञ से जो फल प्राप्त होता है, वही फल कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र तीर्थ नदियों में स्नान करने से मिलता है। यह साल का सबसे बड़ा स्नान होता है। </p>
<p>इस स्नान से कई फल प्राप्त होते हैं। यदि आप जीवन में परेशान चल रहे हैं तो इस दिन तीर्थस्थान पर जाकर अवश्य स्नान करें। ऐसा करने से आपको भगवान विष्णु जी की कृपा प्राप्त होगी और आपके जन्मों-जन्मों के पाप मिट जाएंगे। इस दिन स्नान करने से जीवन में चल रही आर्थिक परेशानी भी दूर हो जाती है, क्योंकि पूर्णिमा का दिन मां लक्ष्मी को भी समर्पित होता है।</p>
<p>इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि  मानवता का पाठ पढ़ाने वाले नानकदेव का दिव्य ज्ञानदर्शन वर्षों से मानवता को आलोकित कर रहा है। वही क्षेत्राधिकारी इंद्रपाल सिंह व इंस्पेक्टर संतोष कुमारी ने स्कूल के बच्चों को सड़क सुरक्षा व नारी सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाया। इस मौके पर अनिल कुमार सिंह सहित स्कूल के सभी अध्यापक मौजूद रहे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें -<a href="https://www.amritvichar.com/article/421103/shine-city-scam-ed-arrests-woman-close-to-owner-from#gsc.tab=0">शाइन सिटी घोटाला: ED ने मालिक की करीबी महिला को हरदोई से किया Arrest</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>रायबरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/421125/rae-bareli--religious-significance-of-kartik-purnima-told-to-children</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/421125/rae-bareli--religious-significance-of-kartik-purnima-told-to-children</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Nov 2023 16:36:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांदा: गुरुद्वारे में धूमधाम से मनाया गया गुरुनानक जयंती, श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठ छका भंडारा</title>
                                    <description><![CDATA[बांदा, अमृत विचार। गुरुनानक की 553वें जयंती समारोह का आयोजन मंगलवार को गुरुद्वारा में हुआ। गुरुवाणी सत्संग से पहले कार्तिक महात्म्य की कथा का समापन हुआ और प्रभातफेरी निकाली गई। गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ का परायण होने के बाद श्रद्धालुओं ने रुमाल अर्पित किया। तकरीबन डेढ़ हजार श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर भंडारा छका। …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/312067/banda-guru-nanak-jayanti-was-celebrated-with-pomp-in-the-gurudwara"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-11/untitled13-5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बांदा, अमृत विचार।</strong> गुरुनानक की 553वें जयंती समारोह का आयोजन मंगलवार को गुरुद्वारा में हुआ। गुरुवाणी सत्संग से पहले कार्तिक महात्म्य की कथा का समापन हुआ और प्रभातफेरी निकाली गई। गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ का परायण होने के बाद श्रद्धालुओं ने रुमाल अर्पित किया। तकरीबन डेढ़ हजार श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर भंडारा छका। कार्तिक पूर्णिमा को गुरुनानक जयंती का समारोह गुरुद्वारे में आयोजित हुआ। गुरुवाणी सत्संग सुनने को श्रद्धालु सुबह से ही यहां जुट गये थे। गुरुद्वारा में कार्तिक महात्म्य की कथा सुनाई गई।</p>
<p>इससे पहले नगर में प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें सिख समुदाय समेत भारी तादाद में हिंदुओं ने भी भागीदारी की। पूर्वाह्न 11 बजे गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ का परायण हुआ। पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने आरती उतारी। गुरु ग्रंथ साहिब पर रुमाल अर्पित किया। गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी संत अमरलाल ने गुरु नानक जयंती पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरुनानक का जन्म 1469 में कार्तिक की पूर्णिमा को तिलवंडी नामक ग्राम में हुआ था। उनके पिता का नाम महिता कल्याण दास और माता का नाम तृपिदा था।</p>
<p>गुरुनानक के तीन उपदेश थे। पहला हक हलाल की कमाई करना। दूसरा बांट के खाना। तीसरा नाम जपना। उनके अनुयायी आज भी इन उपदेशों को पालन करते हैं। मुख्य ग्रन्थी ने शबद गाया ‘ऊंचा दर बाबे नानिक दा प्यारा दर बाबे नानिक दा’। बहन वैशाली दरियानी ने भजन गाया ‘धन गुरुनानक सारा जग तारिया’ इस धुन पर सभी महिलाओं पुरुषों के पैर थिरकने लगे। सभी श्रद्धालु खूब नाचे-झूमे और खुशियों का इजहार किया। 553 वे प्रकाशोत्सव का केक भी काटा गया। श्याम आरेजा ने बधाई गीत गाकर मौज मचा दी।</p>
<p>इसके बाद सभी ने मिलकर गुरु चरणों मे अरदास की। इसके साथ ही देश की एकता अखंड़ता सबके भले की कामनाओं से अरदास प्रार्थना की गयी। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने भी गुरु ग्रंथ साहिब पर रुमाल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। अंत मे तकरीबन डेढ़ हजार लोगों ने लंगर प्रसाद (भंडारा) का आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने रोटी, सब्जी, चावल, दाल, बूंदी, सलाद, कड़ाव आदि का प्रसाद छका। आयोजन में दादा प्रताप राय, नामामल, नूतनदास, जगदीश, प्रेम आहूजा, सुदामा आदि मौजूद रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://amritvichar.com/bjps-punjab-unit-leaders-leave-for-kartarpur-sahib-gurdwara/">भाजपा की पंजाब इकाई के नेता करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के लिए रवाना हुए</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बांदा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/312067/banda-guru-nanak-jayanti-was-celebrated-with-pomp-in-the-gurudwara</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/312067/banda-guru-nanak-jayanti-was-celebrated-with-pomp-in-the-gurudwara</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Nov 2022 19:01:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[गुरु नानक जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि सरकार तीन कृषि कानूनों को निरस्त करेगी। उन्होंने क्षमा मांगते हुए कहा कि हमारे प्रयासों में कुछ कमियां रही होंगी, जिसके कारण हम इन कानूनों के बारे में सच्चाई नहीं बता सके। बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि विरोध …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/135613/big-decision-3"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/modi-31.jpg" alt=""></a><br /><p>गुरु नानक जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि सरकार तीन कृषि कानूनों को निरस्त करेगी। उन्होंने क्षमा मांगते हुए कहा कि हमारे प्रयासों में कुछ कमियां रही होंगी, जिसके कारण हम इन कानूनों के बारे में सच्चाई नहीं बता सके। बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि विरोध तुरंत वापस नहीं लिया जाएगा, वे उस दिन का इंतजार करेंगे जब संसद में कृषि कानून निरस्त हो जाएंगे। एमएसपी के साथ-साथ सरकार को किसानों से अन्य मुद्दों पर भी बात करनी चाहिए।</p>
<p>बीकेयू के उग्राहन धड़े के नेता जोगिंदर सिंह उगराहन ने कहा किसान संघ एक साथ बैठेंगे और भविष्य की कार्रवाई तय करेंगे। देखना होगा कि एमएसपी की गांरटी की किसानों की मांग पर सरकार क्या रुख अपनाती है। इस ऐतिहासिक फैसले और सूझबूझ के लिए निश्चित ही प्रधानमंत्री सराहना के हक़दार है।</p>
<p>हालांकि यह काफी पहले हो जाना चाहिए था, जब उन्होंने आंदोलनकारियों और सरकार के बीच केवल एक फोन कॉल की दूरी की बात कही थी। परंतु 11 दौर की बातचीत बेनतीजा रही थी। जनवरी माह के बाद तो सरकार व किसान नेताओं के बीच कोई संपर्क नहीं हुआ। परंतु अब जब किसानों के धैर्य और उनकी मांगों की पक्षधरता के प्रति सरकार अपनी हठवादिता से पीछे हटी है, तब भी किसान नेता सरकार पर भरोसा क्यों नहीं कर पा रहे हैं, उन कारणों की पड़ताल की जानी चाहिए।</p>
<p>आंदोलनकारियों के विरुद्ध दुष्प्रचार अभियान चलाया गया। ढाई प्रदेश का आंदोलन बताया गया। उनके साथ प्रधानमंत्री ने दूरी बनाए रखी। किसानों को आतंकवादी, देशद्रोही, आंदोलनजीवी कहा गया तभी तो विरोधी कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री किस बात के लिए माफी मांग रहे हैं। आंदोलन के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में सैकड़ों किसानों की जान गई। संबोधन में उन किसानों के प्रति कोई संवेदना नहीं जताई गई।</p>
<p>अब पांच राज्यों के चुनाव नजदीक देखकर सरकार लोगों की नब्ज समझने का दावा कर रही है। सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों को गांवों में घुसने नहीं दिया जा रहा था। संदेश मिल रहे थे आगामी चुनाव में किसान आंदोलन एक बड़ा कारक बनकर परिणामों को प्रभावित करेगा। पिछले दिनों आए उप चुनाव परिणाम ने भी सरकार को सोचने के लिए विवश किया। हिमाचल में सेब के किसानों की जो दुर्दशा हुई उसके लिए कारपोरेट घराने को जिम्मेदार ठहराया गया।</p>
<p>शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने किसानों को संदेश दिया कि आइये एक नई शुरुआत करते हैं और नए सिरे से आगे बढ़ते हैं। इससे पहले वे देश के नाम घोषणा करने के लिए रात्रि आठ बजे आते रहे हैं। सात साल में पहली बार वे सुबह नौ बजे आए और बड़े फैसले की घोषणा की। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा अच्छी बात है। इसे जीत-हार के नजरिए नहीं देखा जाना चाहिए और न ही तोहफा समझा जाना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/135613/big-decision-3</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Nov 2021 01:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन कृषि कानून: किसानों के प्रदर्शन स्थलों पर खुशी का माहौल, बांटी गईं मिठाइयां</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने के लिए केंद्र सरकार के फैसले की घोषणा के बाद दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों के पास किसानों के प्रदर्शन स्थलों पर कई लोगों ने शुक्रवार को सुबह मिठाइयां बांटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन कानूनों को निरस्त करने की घोषणा गुरु नानक जयंती के अवसर …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/135313/three-agricultural-laws-an-atmosphere-of-happiness-at-the-demonstration-sites-of-farmers-sweets-distributed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/mithai.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने के लिए केंद्र सरकार के फैसले की घोषणा के बाद दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों के पास किसानों के प्रदर्शन स्थलों पर कई लोगों ने शुक्रवार को सुबह मिठाइयां बांटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन कानूनों को निरस्त करने की घोषणा गुरु नानक जयंती के अवसर पर की है। मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है और उन्होंने प्रदर्शनकारी किसानों से घर लौटने की भी अपील की।</p>
<p>किसान इन कानूनों के खिलाफ पिछले करीब एक साल से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन कानूनों को निरस्त करने की संवैधानिक प्रक्रिया संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए सच्चे मन से और पवित्र हृदय से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में ही कोई कमी रही होगी, जिसके कारण दिये के प्रकाश जैसा सत्य कुछ किसान भाइयों को हम समझा नहीं पाए हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद दिल्ली-उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बॉर्डर और दिल्ली-हरियाणा सिंघु बॉर्डर पर लोगों को प्रदर्शनस्थलों पर जलेबी और अन्य मिठाइयां वितरित करते देखा गया। कई टीवी चैनल और समाचार पोर्टल पर भी वीडियो दिखाए गए, जिनमें लोग टोकरियों में मिठाइयां लेकर प्रदर्शन स्थलों पर लोगों को इन्हें बांटते दिख रहे हैं। सिखों के प्रथम गुरु नानक देव की जयंती को सिख समुदाय पूरी श्रद्धा और जोश से मनाता है। इस अवसर पर गुरुद्वारों, सार्वजनिक इमारतों और घरों को रोशन किया जाता है।</p>
<p>मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज गुरु नानक देव की जयंती है और यह किसी पर दोष लगाने का अवसर नहीं है। किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020, किसानों (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 के खिलाफ कई किसान नवंबर 2020 से प्रदर्शन कर रहे थे।</p>
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<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/government-will-have-to-bring-a-bill-to-repeal-three-agriculture-laws-experts/">तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए सरकार को विधेयक लाना होगा: विशेषज्ञ</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Nov 2021 14:31:06 +0530</pubDate>
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